UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 3 Atoms and Molecules

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Detailed Chapter 3 परमाणु और अणु UP Board Solutions for Class 9 Science

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Class 9 Science Chapter 3 परमाणु और अणु UP Board Solutions PDF

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 36)

Question 1. एक अभिक्रिया में 5.3 g सोडियम कार्बोनेट एवं 6.0 g एथेनॉइक अम्ल अभिकृत होते हैं। 2.2 g कार्बन डाइऑक्साइड, 8.2 g सोडियम एथोनॉएट तथा 0.9 g जले उत्पाद के रूप में प्राप्त होते हैं। इस अभिक्रिया द्वारा दिखाइए कि यह परीक्षण द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुरूप है। सोडियम कार्बोनेट + एथेनॉइक अम्ल → सोडियम एथेनॉएट + कार्बन डाइऑक्साइड + जल
Answer: दी गई रासायनिक अभिक्रिया निम्न प्रकार से है सोडियम कार्बोनेट + एथेनॉइक अम्ल (जलीय विलयन) → सोडियम एथेनॉएट (जलीय विलयन) + कार्बन डाइऑक्साइड + जल (i) अभिकर्मकों की कुल द्रव्यमान = सोडियम कार्बोनेट का द्रव्यमान + एथेनॉइक अम्ल का द्रव्यमान = \( 5.3 \) g \( + \) \( 6.0 \) g \( = 11.3 \) g (ii) उत्पादों का कुल द्रव्यमान = (सोडियम एथेनोएट + कार्बन डाइऑक्साइड + जल का द्रव्यमान) = \( 8.2 \) g \( + \) \( 2.2 \) g \( + \) \( 0.9 \) g \( = 11.3 \) g अभिकर्मकों का कुल द्रव्यमान तथा उत्पादों का कुल द्रव्यमान समान है। अतः ये द्रव्यमान संरक्षण के नियम को प्रदर्शित करते हैं।
In simple words: इस अभिक्रिया में, अभिकारकों (सोडियम कार्बोनेट और एथेनॉइक अम्ल) का कुल द्रव्यमान और उत्पादों (सोडियम एथेनॉएट, कार्बन डाइऑक्साइड और जल) का कुल द्रव्यमान बराबर है। यह दिखाता है कि रासायनिक अभिक्रिया के दौरान द्रव्यमान में कोई परिवर्तन नहीं होता, जो द्रव्यमान संरक्षण के नियम की पुष्टि करता है।

🎯 Exam Tip: द्रव्यमान संरक्षण के नियम को दर्शाने के लिए अभिकारकों और उत्पादों के द्रव्यमानों की सही गणना करना महत्वपूर्ण है। रासायनिक समीकरण को संतुलित करना और प्रत्येक पदार्थ के द्रव्यमान को स्पष्ट रूप से लिखना सुनिश्चित करें।

 

Question 2. हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन द्रव्यमान के अनुसार 1 : 8 के अनुपात में संयोग करके जल बनाते हैं। 3g हाइड्रोजन गैस के साथ पूर्णतया संयोग करने के लिए कितने ऑक्सीजन गैस के द्रव्यमान की आवश्यकता होगी ?
Answer: जल में संहति के अनुसार हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन का अनुपात \( = 1 : 8 \) 1 ग्राम हाइड्रोजन पूर्णतया क्रिया करके जल बनाने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन \( = 8 \) ग्राम अतः \( 3 \) ग्राम हाइड्रोजन के पूर्णतया क्रिया करने के लिए आवश्यक ऑक्सीजन \( = 8 \times 3 = 24 \) ग्राम ।
In simple words: जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात 1:8 है, जिसका अर्थ है कि 1 ग्राम हाइड्रोजन को 8 ग्राम ऑक्सीजन चाहिए। इसलिए, 3 ग्राम हाइड्रोजन को 3 गुना अधिक ऑक्सीजन, यानी 24 ग्राम ऑक्सीजन की आवश्यकता होगी।

🎯 Exam Tip: स्थिर अनुपात के नियम का उपयोग करके ऐसे प्रश्नों को हल करने के लिए दिए गए अनुपात को सही ढंग से लागू करना महत्वपूर्ण है। गणना में स्पष्टता और इकाई (ग्राम) का सही उल्लेख सुनिश्चित करें।

 

Question 3. डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का कौन-सा अभिग्रहीत द्रव्यमान के संरक्षण के नियम का परिणाम है?
Answer: द्रव्यमान का की संरक्षण नियम डाल्टन के निम्नलिखित सिद्धान्त पर आधारित है - तत्त्व के परमाणुओं को किसी भी विधि द्वारा न तो नष्ट किया जा सकता है और न ही उत्पन्न किया जा सकता है।
In simple words: डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के अनुसार, परमाणु अविनाशी होते हैं, उन्हें न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। यही गुण द्रव्यमान संरक्षण के नियम का आधार है, क्योंकि रासायनिक अभिक्रियाओं में केवल परमाणुओं का पुनर्व्यवस्थापन होता है, कुल द्रव्यमान नहीं बदलता।

🎯 Exam Tip: डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के प्रमुख अभिगृहीतों को याद रखें, विशेष रूप से वह जो द्रव्यमान संरक्षण और स्थिर अनुपात के नियमों से संबंधित है। इससे मौलिक रासायनिक नियमों को समझने में मदद मिलेगी।

 

Question 4. डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का कौन-सा अभिग्रहीत निश्चित अनुपात के नियम की व्याख्या करता है?
Answer: डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का निम्नलिखित अभिग्रहीत निश्चित अनुपात के नियम की व्याख्या करता है : किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं प्रकार निश्चित होते हैं तथा भिन्न-भिन्न तत्त्वों के परमाणु परस्पर छोटी पूर्णसंख्या के अनुपात में संयोग कर यौगिक निर्मित करते हैं।
In simple words: डाल्टन के सिद्धांत के अनुसार, किसी भी यौगिक में परमाणुओं की संख्या और प्रकार हमेशा एक जैसे रहते हैं, और वे हमेशा एक सरल पूर्णांक अनुपात में जुड़ते हैं। यही बात निश्चित अनुपात के नियम को समझाती है, जहाँ यौगिकों में तत्वों का अनुपात हमेशा स्थिर रहता है।

🎯 Exam Tip: डाल्टन के सिद्धांत के उस अभिगृहीत पर ध्यान दें जो यौगिकों के निर्माण और परमाणुओं के निश्चित अनुपात में संयोजन से संबंधित है। यह स्थिर अनुपात के नियम की सीधी व्याख्या है।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 40)

Question 1. परमाणु द्रव्यमान इकाई को परिभाषित कीजिए।
Answer: परमाणु द्रव्यमान इकाई : कार्बन-12 समस्थानिक के एक परमाणु के द्रव्यमान के \( \frac { 1 }{ 12 } \) वें भाग को परमाणु द्रव्यमान इकाई के रूप में लिया जाता है।
In simple words: परमाणु द्रव्यमान इकाई (amu या u) एक मानक इकाई है जिसका उपयोग परमाणुओं और अणुओं के द्रव्यमान को मापने के लिए किया जाता है। इसे कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के बारहवें भाग के बराबर परिभाषित किया गया है।

🎯 Exam Tip: परमाणु द्रव्यमान इकाई की परिभाषा को सटीक रूप से याद रखें, विशेष रूप से 'कार्बन-12 समस्थानिक' और 'बारहवें भाग' जैसे प्रमुख शब्दों का सही उपयोग करें।

 

Question 2. एक परमाणु को आँखों द्वारा देखना क्यों संभव नहीं होता है ?
Answer: परमाणु बहुत सूक्ष्म होते हैं। ये किसी भी वस्तु जिसकी हम कल्पना या तुलना कर सकते हैं, से भी बहुत छोटे होते हैं। लाखों परमाणुओं को जब एक के ऊपर एक चट्टे के रूप में रखें, तो बड़ी कठिनाई से कागज की एक शीट जितनी मोटी परत बन पाएगी। परमाणु का आकार लगभग \( 10^{-10} \) m होता है अतः हम इसे नगण्य मान सकते हैं जिसे आँखों द्वारा नहीं देख सकते ।
In simple words: परमाणु इतने छोटे होते हैं (लगभग \( 10^{-10} \) मीटर) कि उन्हें हमारी नग्न आँखों से देखना असंभव है। वे किसी भी सामान्य वस्तु की तुलना में बहुत सूक्ष्म होते हैं, यहाँ तक कि कई लाख परमाणुओं को एक साथ रखने पर भी वे केवल कागज की एक पतली शीट के बराबर मोटे होते हैं।

🎯 Exam Tip: परमाणुओं के अत्यधिक छोटे आकार और \( 10^{-10} \) m के व्यास के संदर्भ में उनके अदर्शन की व्याख्या करें। यह एक मूलभूत वैज्ञानिक अवधारणा है।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 41)

Question 1. सारणी में दिए गए यौगिकों की संख्या से तत्त्वों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
Answer:

यौगिकजुड़ने वाले तत्त्वअणुसूत्रसंख्या द्वारा तत्त्वों का अनुपात
जलΗ, ΟH2O2:1
हाइड्रोजन परॉक्साइडΗ, ΟH2O21:1
अमोनियाΝ, ΗNH31:3
कार्बन डाइऑक्साइडC, OCO21:2

In simple words: दिए गए यौगिकों में, जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन 2:1 के अनुपात में होते हैं, हाइड्रोजन परॉक्साइड में 1:1, अमोनिया में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन 1:3 में, और कार्बन डाइऑक्साइड में कार्बन और ऑक्सीजन 1:2 के अनुपात में होते हैं। यह उनके रासायनिक सूत्रों से सीधे प्राप्त किया जा सकता है।

🎯 Exam Tip: रासायनिक सूत्र से तत्वों के संख्यात्मक अनुपात को सही ढंग से निकालने का अभ्यास करें। यह संयोजकता और यौगिक निर्माण की बुनियादी समझ को दर्शाता है।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 44)

Question 1. निम्न के सूत्र लिखिए (i) सोडियम ऑक्साइड (ii) ऐलुमिनियम क्लोराइड (iii) सोडियम सल्फाइड (iv) मैग्नीशियम इड्रॉक्साइड
Answer:(i) सोडियम ऑक्साइड का सूत्र
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र सोडियम (\( \text{Na}^{1+} \)) और ऑक्सीजन (\( \text{O}^{2-} \)) आयनों के बीच रासायनिक सूत्र लिखने की क्रॉस-क्रॉस विधि को दर्शाता है। सोडियम की संयोजकता 1 और ऑक्सीजन की संयोजकता 2 होती है। इन संयोजकताओं को विपरीत आयनों के नीचे क्रॉस करके लिखा जाता है, जिससे सोडियम ऑक्साइड का सूत्र \( \text{Na}_2\text{O} \) बनता है।
(ii) ऐलुमिनियम क्लोराइड का सूत्र
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र ऐलुमिनियम (\( \text{Al}^{3+} \)) और क्लोरीन (\( \text{Cl}^{1-} \)) आयनों के बीच रासायनिक सूत्र लिखने की क्रॉस-क्रॉस विधि को दर्शाता है। ऐलुमिनियम की संयोजकता 3 और क्लोरीन की संयोजकता 1 होती है। इन संयोजकताओं को विपरीत आयनों के नीचे क्रॉस करके लिखा जाता है, जिससे ऐलुमिनियम क्लोराइड का सूत्र \( \text{AlCl}_3 \) बनता है।
(iii) सोडियम सल्फाइड का सूत्र
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र सोडियम (\( \text{Na}^{1+} \)) और सल्फर (\( \text{S}^{2-} \)) आयनों के बीच रासायनिक सूत्र लिखने की क्रॉस-क्रॉस विधि को दर्शाता है। सोडियम की संयोजकता 1 और सल्फर की संयोजकता 2 होती है। इन संयोजकताओं को विपरीत आयनों के नीचे क्रॉस करके लिखा जाता है, जिससे सोडियम सल्फाइड का सूत्र \( \text{Na}_2\text{S} \) बनता है।
(iv) मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड का सूत्र
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र मैग्नीशियम (\( \text{Mg}^{2+} \)) और हाइड्रॉक्साइड (\( \text{OH}^{1-} \)) आयनों के बीच रासायनिक सूत्र लिखने की क्रॉस-क्रॉस विधि को दर्शाता है। मैग्नीशियम की संयोजकता 2 और हाइड्रॉक्साइड की संयोजकता 1 होती है। इन संयोजकताओं को विपरीत आयनों के नीचे क्रॉस करके लिखा जाता है, जिससे मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड का सूत्र \( \text{Mg(OH)}_2 \) बनता है।
In simple words: रासायनिक सूत्र लिखते समय, तत्वों के प्रतीक और उनकी संयोजकताओं का उपयोग किया जाता है। संयोजकताएँ एक-दूसरे को क्रॉस-ओवर करती हैं और subscript के रूप में लिखी जाती हैं, जैसे सोडियम ऑक्साइड के लिए \( \text{Na}_2\text{O} \), ऐलुमिनियम क्लोराइड के लिए \( \text{AlCl}_3 \), सोडियम सल्फाइड के लिए \( \text{Na}_2\text{S} \) और मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड के लिए \( \text{Mg(OH)}_2 \)।

🎯 Exam Tip: विभिन्न आयनों की संयोजकताओं को याद रखें और रासायनिक सूत्र लिखने के लिए क्रॉस-क्रॉस विधि का सही उपयोग करें। बहुपरमाणुक आयनों के लिए कोष्ठक लगाना न भूलें।

 

Question 2. निम्नलिखित सूत्रों द्वारा प्रदर्शित यौगिकों के नाम लिखिए (i) \( \text{Al}_2(\text{SO}_4)_3 \) (ii) \( \text{CaCl}_2 \) (iii) \( \text{K}_2\text{SO}_4 \) (iv) \( \text{KNO}_3 \) (v) \( \text{CaCO}_3 \)
Answer:(i) \( \text{Al}_2(\text{SO}_4)_3 \) – ऐलुमिनियम सल्फेट (ii) \( \text{CaCl}_2 \) – कैल्सियम क्लोराइड (iii) \( \text{K}_2\text{SO}_4 \) – पोटैसियम सल्फेट (iv) \( \text{KNO}_3 \) – पोटैसियम नाइट्रेट (v) \( \text{CaCO}_3 \) – कैल्सियम कार्बोनेट
In simple words: यौगिकों के सूत्र को पहचानकर उनके घटक तत्वों और आयनों के आधार पर उनके नाम लिखे जाते हैं। उदाहरण के लिए, \( \text{Al}_2(\text{SO}_4)_3 \) ऐलुमिनियम सल्फेट है क्योंकि इसमें ऐलुमिनियम और सल्फेट आयन होते हैं।

🎯 Exam Tip: सामान्य आयनों और उनके सूत्रों को याद रखना रासायनिक यौगिकों का सही नामकरण करने के लिए महत्वपूर्ण है। विभिन्न तत्वों की संयोजकताओं की भी समझ होनी चाहिए।

 

Question 3. रासायनिक सूत्र का क्या तात्पर्य है?
Answer: किसी यौगिक का रासायनिक सूत्र उसके संघटक का प्रतीकात्मक निरूपण होता है।
In simple words: रासायनिक सूत्र किसी यौगिक में मौजूद तत्वों और उनके परमाणुओं की संख्या को दर्शाने का एक छोटा तरीका है। यह एक यौगिक की पहचान और संरचना को प्रतीकात्मक रूप से बताता है।

🎯 Exam Tip: रासायनिक सूत्र की परिभाषा में 'प्रतीकात्मक निरूपण' और 'संघटक तत्व' जैसे मुख्य शब्दों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है। यह एक मौलिक अवधारणा है।

 

Question 4. निम्न में कितने परमाणु विद्यमान हैं? (i) \( \text{H}_2\text{S} \) अणु एवं (ii) \( { \text{PO} }_{ 4 }^{ 3- } \) आयन?
Answer:(i) \( \text{H}_2\text{S} \) में तीन परमाणु हैं। (ii) \( { \text{PO} }_{ 4 }^{ 3- } \) आयन में पाँच परमाणु हैं।
In simple words: \( \text{H}_2\text{S} \) अणु में 2 हाइड्रोजन परमाणु और 1 सल्फर परमाणु होते हैं, कुल 3 परमाणु। \( { \text{PO} }_{ 4 }^{ 3- } \) आयन में 1 फॉस्फोरस परमाणु और 4 ऑक्सीजन परमाणु होते हैं, कुल 5 परमाणु।

🎯 Exam Tip: किसी अणु या आयन में परमाणुओं की संख्या गिनते समय, subscripts को ध्यान से देखें। बहुपरमाणुक आयनों के लिए, कोष्ठकों के बाहर के subscripts को भी ध्यान में रखें।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 46)

Question 1. निम्न यौगिकों के आणविक द्रव्यमान को परिकलन कीजिए : \( \text{H}_2 \), \( \text{O}_2 \), \( \text{Cl}_2 \), \( \text{CO}_2 \), \( \text{CH}_4 \), \( \text{C}_2\text{H}_6 \), \( \text{C}_2\text{H}_4 \), \( \text{NH}_3 \) एवं \( \text{CH}_3\text{OH} \)
Answer:(i) \( \text{H}_2 \) का आणविक द्रव्यमान \( = 2 \times 1 = 2 \)u. (ii) \( \text{O}_2 \) को आणविक द्रव्यमाने \( = 2 \times 16 = 32 \)u. (iii) \( \text{Cl}_2 \) का आणविक द्रव्यमान \( 2 \times 35.5 = 71 \)u. (iv) \( \text{CO}_2 \) को आणविक द्रव्यमान \( = 12 + 2 \times 16 = 12 + 32 = 44 \)u. (v) \( \text{CH}_4 \) को आणविक द्रव्यमान \( = 12 + 4 \times 1 = 12 + 4 = 16 \)u. (vi) \( \text{C}_2\text{H}_6 \) को द्रव्यमान \( = 2 \times 12 + 6 \times 1 = 24 + 6 = 30 \)u. (vii) \( \text{C}_2\text{H}_4 \) का आणविक द्रव्यमान \( = 2 \times 12 + 4 \times 1 = 24 + 4 = 28 \)u. (viii) \( \text{NH}_3 \) को आणविक द्रव्यमान \( = 14 + 3 \times 1 = 14 + 3 = 17 \)u. (ix) \( \text{CH}_3\text{OH} \) का आणविक द्रव्यमान \( = 12 + 3 \times 1 + 16 + 1 = 12 + 3 + 16 + 1 = 32 \)u.
In simple words: आणविक द्रव्यमान की गणना करने के लिए, यौगिक में प्रत्येक परमाणु के परमाणु द्रव्यमानों को जोड़ते हैं, जहाँ प्रत्येक परमाणु के परमाणु द्रव्यमान को उसकी संख्या से गुणा किया जाता है। जैसे, \( \text{H}_2 \) का द्रव्यमान \( 2 \times 1 = 2 \)u और \( \text{CO}_2 \) का द्रव्यमान \( 12 + (2 \times 16) = 44 \)u होता है।

🎯 Exam Tip: आणविक द्रव्यमान की गणना करते समय, प्रत्येक तत्व के परमाणु द्रव्यमान और अणु में उसकी संख्या को सही ढंग से गुणा करके जोड़ना सुनिश्चित करें। इकाइयाँ ('u' या 'g') सही होनी चाहिए।

 

Question 2. निम्नलिखित यौगिकों के सूत्र इकाई द्रव्यमान का परिकलन कीजिए- \( \text{ZnO} \), \( \text{Na}_2\text{O} \), \( \text{K}_2\text{CO}_3 \). दिया गया है। Zn का परमाणु द्रव्यमान \( = 65 \)u Na का परमाणु द्रव्यमान \( = 23 \)u K का परमाणु द्रव्यमान \( = 39 \)u C का परमाणु द्रव्यमान \( = 12 \)u O का परमाणु द्रव्यमान \( = 16 \)u
Answer:(i) \( \text{ZnO} \) का सूत्र इकाई द्रव्यमान \( = 65 + 16 = 81 \)u. (ii) \( \text{Na}_2\text{O} \) का सूत्र इकाई द्रव्यमान \( = 2 \times 23 + 16 = 46 + 16 = 62 \)u. (iii) \( \text{K}_2\text{SO}_3 \) का सूत्र इकाई द्रव्यमान \( = 2 \times 39 + 12 + 3 \times 16 = 78 + 12 + 48 = 138 \)u.
In simple words: सूत्र इकाई द्रव्यमान की गणना आणविक द्रव्यमान के समान ही की जाती है, जहाँ यौगिक में मौजूद सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों को जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए, \( \text{ZnO} \) का सूत्र इकाई द्रव्यमान \( 65 + 16 = 81 \)u है, और \( \text{Na}_2\text{O} \) का \( (2 \times 23) + 16 = 62 \)u है।

🎯 Exam Tip: सूत्र इकाई द्रव्यमान की गणना के लिए, प्रत्येक तत्व के परमाणु द्रव्यमान को सही ढंग से पहचानें और उन्हें सूत्र में उनकी संख्या के अनुसार जोड़ें। यह आणविक द्रव्यमान की गणना के समान है।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 48)

Question 1. यदि कार्बन परमाणुओं के एक मोल का द्रव्यमान \( 12 \) g है तो कार्बन के एक परमाणु का द्रव्यमान क्या होगा ?
Answer: हल-1 मोल में परमाणुओं की संख्या \( = 6.022 \times 10^{23} \) \( 6.022 \times 10^{23} \) परमाणुओं का द्रव्यमान \( = 12 \) g 1 परमाणु का द्रव्यमान \( = \frac{12}{6.022 \times 10^{23}} \) \( = \frac{12000 \times 10^{-23}}{6022} \) \( = 1.99 \times 10^{-23} \) g
In simple words: यदि कार्बन के एक मोल (यानी \( 6.022 \times 10^{23} \) परमाणु) का द्रव्यमान 12 ग्राम है, तो एक कार्बन परमाणु का द्रव्यमान 12 ग्राम को आवोगाद्रो संख्या से विभाजित करके निकाला जा सकता है, जो लगभग \( 1.99 \times 10^{-23} \) ग्राम आता है।

🎯 Exam Tip: एक मोल की अवधारणा और आवोगाद्रो संख्या को समझें। किसी एक परमाणु या अणु का द्रव्यमान निकालने के लिए मोलर द्रव्यमान को आवोगाद्रो संख्या से विभाजित करें।

 

Question 2. किसमें अधिक परमाणु होंगे : \( 100 \) g सोडियम अथवा \( 100 \) g लोहा (Fe) ? (Na का परमाणु द्रव्यमान \( = 23 \) u, Fe का परमाणु द्रव्यमान \( = 56 \) u)
Answer: हल- \( 1 \) मोल सोडियम का द्रव्यमान \( = 23 \) g \( 100 \) g सोडियम में मोलों की संख्या \( = \frac { 100 }{ 23 } \) \( = 4.35 \) मोल । \( 1 \) मोल लोहे की द्रव्यमान \( = 56 \) g \( 100 \) g लोहे में मोलों की संख्या \( = \frac { 100 }{ 56 } \) \( = 1.8 \) मोल क्योंकि \( 100 \) g सोडियम में मोलों की संख्या \( 100 \) g लोहे में मोलों की संख्या से अधिक है अतः \( 100 \) g सोडियम में अधिक परमाणु होंगे ।
In simple words: परमाणु संख्या की तुलना करने के लिए, हम प्रत्येक पदार्थ के मोलों की संख्या की गणना करते हैं। क्योंकि सोडियम का परमाणु द्रव्यमान लोहे से कम है, समान द्रव्यमान (100 ग्राम) होने पर सोडियम में लोहे की तुलना में अधिक मोल होते हैं, जिसका अर्थ है कि सोडियम में अधिक परमाणु होंगे।

🎯 Exam Tip: परमाणुओं की संख्या की तुलना करने के लिए, दिए गए द्रव्यमान को मोलों में परिवर्तित करें (मोल = द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान)। जिस पदार्थ के मोल अधिक होंगे, उसमें परमाणुओं की संख्या भी अधिक होगी।

अभ्यास प्रश्न (पृष्ठ संख्या 50 - 51)

Question 1. \( 0.24 \) g ऑक्सीजन एवं बोरॉन युक्त यौगिक के नमूने में विश्लेषण द्वारा यह पाया गया कि उसमें \( 0.096 \) g बोरॉन एवं \( 0.144 \) g ऑक्सीजन है। उस यौगिक के प्रतिशत संघटन का भारात्मक रूप में परिकलन कीजिए ।
Answer: उत्तर- यौगिक का कुल द्रव्यमान \( = 0.24 \) g (i) बोरॉन की प्रतिशतता \( = \frac{\text{बोरॉन का द्रव्यमान}}{\text{यौगिक का द्रव्यमान}} \times 100 \) \( = \frac{0.096}{0.24} \times 100 = 40\% \) (ii) ऑक्सीजन की प्रतिशतता \( = \frac{\text{ऑक्सीजन का द्रव्यमान}}{\text{यौगिक का द्रव्यमान}} \times 100 \) \( = \frac{0.144}{0.24} \times 100 = 60\% \)
In simple words: किसी यौगिक में प्रत्येक तत्व का प्रतिशत संघटन उसके द्रव्यमान को यौगिक के कुल द्रव्यमान से विभाजित करके और फिर 100 से गुणा करके निकाला जाता है। दिए गए नमूने में, 0.096g बोरॉन का प्रतिशत 40% है और 0.144g ऑक्सीजन का प्रतिशत 60% है।

🎯 Exam Tip: प्रतिशत संघटन की गणना के लिए, प्रत्येक तत्व के द्रव्यमान को कुल यौगिक के द्रव्यमान से विभाजित करें और 100 से गुणा करें। गणना में दशमलव स्थानों की सटीकता बनाए रखें।

 

Question 2. \( 3.0 \)g कार्बन \( 8.00 \)g ऑक्सीजन में जलकर \( 11.00 \)g कार्बन डाइऑक्साइड निर्मित करता है। जब \( 3.00 \)g कार्बन को \( 50.0 \)g ऑक्सीजन में जलाया जाता है तो कितने ग्राम कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण होगा। आपका उत्तर रासायनिक संयोजन के किस नियम पर आधरित होगा ?
Answer: उत्तर- क्योंकि \( 3.0 \)g कार्बन \( 8.0 \)g ऑक्सीजन में जलाया जाता है तो \( 11.0 \)g कार्बन डाइऑक्साइड प्राप्त होती है इसलिए \( 3.0 \)g कार्बन को जब \( 50.0 \)g ऑक्सीजन में जलाया जाएगा तो वह केवल \( 8.0 \)g ऑक्सीजन के साथ संयोग करके \( 11.0 \)g कार्बन डाइऑक्साइड बनाएगा। शेष \( (50 - 8 = 42) \)g ऑक्सीजन बिना अभिक्रिया करे बची रहेगी। यह संहति के स्थिर अनुपात के नियम के अनुरूप है।
In simple words: स्थिर अनुपात के नियम के अनुसार, कार्बन डाइऑक्साइड हमेशा 3:8 के द्रव्यमान अनुपात में कार्बन और ऑक्सीजन से बनती है। इसलिए, जब 3g कार्बन को अत्यधिक ऑक्सीजन (50g) के साथ जलाया जाता है, तब भी केवल 8g ऑक्सीजन ही कार्बन से प्रतिक्रिया करके 11g कार्बन डाइऑक्साइड बनाएगी, और अतिरिक्त ऑक्सीजन अप्रयुक्त रहेगी।

🎯 Exam Tip: स्थिर अनुपात के नियम (Law of Constant Proportion) को समझने और लागू करने पर ध्यान दें। यह बताता है कि किसी रासायनिक यौगिक में तत्व हमेशा निश्चित द्रव्यमान अनुपात में मौजूद होते हैं, भले ही उनकी प्रारंभिक मात्रा कुछ भी हो।

 

Question 3. बहुपरमाणुक आयन क्या होते हैं? उदाहरण दीजिए।
Answer: उत्तर- बहुपरमाणुक आयन-जब एक से अधिक तत्त्वों के परमाणु आपस में जुडकर एक सामान्य धनावेशित या ऋणावेशित आयन बनाते हैं तो उन्हें बहुपरमाणुक आयन कहते हैं। सामान्यतः बहुपरमाण्विक आयन ऋणआवेशित। अधिक संख्या में पाए जाते हैं। उदाहरण - धनावेशित अमोनियम आयन \( \text{NH}_4^{+} \) ऋणावेशित हाइड्रॉक्साइड \( \text{OH}^{-} \) नाइट्रेट \( \text{NO}_3^{-} \) सल्फेट \( \text{SO}_4^{2-} \) कार्बोनेट \( \text{CO}_3^{2-} \)
In simple words: बहुपरमाणुक आयन परमाणुओं का एक समूह होते हैं जो एक इकाई के रूप में व्यवहार करते हैं और उन पर शुद्ध आवेश होता है। ये आवेशित समूह एक साथ मिलकर आयन बनाते हैं, जैसे धनात्मक अमोनियम आयन \( (\text{NH}_4^{+}) \) या ऋणात्मक हाइड्रॉक्साइड \( (\text{OH}^{-}) \) आयन।

🎯 Exam Tip: बहुपरमाणुक आयन की परिभाषा और कुछ सामान्य उदाहरणों को याद रखें। यह समझें कि ये आयन एक इकाई के रूप में कार्य करते हैं, भले ही उनमें कई परमाणु हों। उनके सही रासायनिक सूत्र और आवेश को जानना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. निम्नलिखित के रासायनिक सूत्र लिखिए :
(a) मैग्नीशियम क्लोराइड
(b) कैल्शियम क्लोराइड
(c) कॉपर नाइट्रेट
(d) ऐलुमिनियम क्लोराइड (e) कैल्शियम कार्बोनेट ।
Answer: उत्तर - (a) मैग्नीशियम क्लोराइड का सूत्र :
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र मैग्नीशियम (\( \text{Mg}^{2+} \)) और क्लोरीन (\( \text{Cl}^{1-} \)) आयनों के बीच रासायनिक सूत्र लिखने की क्रॉस-क्रॉस विधि को दर्शाता है। मैग्नीशियम की संयोजकता 2 और क्लोरीन की संयोजकता 1 होती है। इन संयोजकताओं को विपरीत आयनों के नीचे क्रॉस करके लिखा जाता है, जिससे मैग्नीशियम क्लोराइड का सूत्र \( \text{MgCl}_2 \) बनता है।
(b) कैल्सियम क्लोराइड का सूत्र
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र कैल्शियम (\( \text{Ca}^{2+} \)) और क्लोरीन (\( \text{Cl}^{1-} \)) आयनों के बीच रासायनिक सूत्र लिखने की क्रॉस-क्रॉस विधि को दर्शाता है। कैल्शियम की संयोजकता 2 और क्लोरीन की संयोजकता 1 होती है। इन संयोजकताओं को विपरीत आयनों के नीचे क्रॉस करके लिखा जाता है, जिससे कैल्शियम क्लोराइड का सूत्र \( \text{CaCl}_2 \) बनता है।
(c) कॉपर नाइट्रेट का सूत्र :
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र कॉपर (\( \text{Cu}^{1+} \)) और नाइट्रेट (\( \text{NO}_3^{1-} \)) आयनों के बीच रासायनिक सूत्र लिखने की क्रॉस-क्रॉस विधि को दर्शाता है। कॉपर की संयोजकता 1 और नाइट्रेट की संयोजकता 1 होती है। इन संयोजकताओं को विपरीत आयनों के नीचे क्रॉस करके लिखा जाता है, जिससे कॉपर नाइट्रेट का सूत्र \( \text{CuNO}_3 \) बनता है।
(d) ऐलुमिनियम क्लोराइड का सूत्र :
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र ऐलुमिनियम (\( \text{Al}^{3+} \)) और क्लोरीन (\( \text{Cl}^{1-} \)) आयनों के बीच रासायनिक सूत्र लिखने की क्रॉस-क्रॉस विधि को दर्शाता है। ऐलुमिनियम की संयोजकता 3 और क्लोरीन की संयोजकता 1 होती है। इन संयोजकताओं को विपरीत आयनों के नीचे क्रॉस करके लिखा जाता है, जिससे ऐलुमिनियम क्लोराइड का सूत्र \( \text{AlCl}_3 \) बनता है।
(e) कैल्सियम कार्बोनेट का सूत्र :
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र कैल्शियम (\( \text{Ca}^{2+} \)) और कार्बोनेट (\( \text{CO}_3^{2-} \)) आयनों के बीच रासायनिक सूत्र लिखने की क्रॉस-क्रॉस विधि को दर्शाता है। कैल्शियम की संयोजकता 2 और कार्बोनेट की संयोजकता 2 होती है। इन संयोजकताओं को विपरीत आयनों के नीचे क्रॉस करके लिखा जाता है। चूंकि दोनों की संयोजकताएँ 2 हैं, सूत्र सरल होकर \( \text{CaCO}_3 \) बनता है।
In simple words: रासायनिक सूत्र लिखते समय, तत्वों के प्रतीकों को उनकी संयोजकताओं के साथ लिखा जाता है, फिर संयोजकताओं को क्रॉस-ओवर करके subscript के रूप में दर्शाया जाता है। इस विधि से मैग्नीशियम क्लोराइड \( (\text{MgCl}_2) \), कैल्शियम क्लोराइड \( (\text{CaCl}_2) \), कॉपर नाइट्रेट \( (\text{CuNO}_3) \), ऐलुमिनियम क्लोराइड \( (\text{AlCl}_3) \), और कैल्शियम कार्बोनेट \( (\text{CaCO}_3) \) के सूत्र प्राप्त होते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न तत्वों और बहुपरमाणुक आयनों की संयोजकताओं को याद रखें। क्रॉस-क्रॉस विधि का उपयोग करके सूत्रों को सही ढंग से लिखने का अभ्यास करें, और यदि आवश्यक हो तो बहुपरमाणुक आयनों के लिए कोष्ठक का उपयोग करें।

 

Question 5. निम्नलिखित यौगिकों में विद्यमान तत्त्वों का नाम दीजिए ।
(a) बुझा हुआ चूना
(b) हाइड्रोजन ब्रोमाइड
(c) बेकिंग पाउडर (खाने वाला सोडा)
(d) पोटैशियम सल्फेट
Answer:

यौगिक का नामरासायनिक सूत्रउपस्थित तत्त्व
(a) बुझा हुआ चूनाCaOकैल्सियम, ऑक्सीजन
(b) हाइड्रोजन ब्रोमाइडHBrहाइड्रोजन, ब्रोमीन
(c) बेकिंग पाउडरNaHCO₃सोडियम, हाइड्रोजन, कार्बन, ऑक्सीजन
(d) पोटैशियम सल्फेटK2SO4पोटैशियम, सल्फर, ऑक्सीजन

In simple words: यौगिकों के रासायनिक सूत्र में उनके घटक तत्व निहित होते हैं। उदाहरण के लिए, बुझा हुआ चूना (CaO) में कैल्शियम और ऑक्सीजन होते हैं; हाइड्रोजन ब्रोमाइड (HBr) में हाइड्रोजन और ब्रोमीन होते हैं; बेकिंग पाउडर \( (\text{NaHCO}_3) \) में सोडियम, हाइड्रोजन, कार्बन और ऑक्सीजन होते हैं; और पोटैशियम सल्फेट \( (\text{K}_2\text{SO}_4) \) में पोटैशियम, सल्फर और ऑक्सीजन होते हैं।

🎯 Exam Tip: सामान्य यौगिकों के रासायनिक सूत्र और उनमें मौजूद तत्वों को याद रखें। यह रासायनिक नामकरण और सूत्र लेखन की बुनियादी समझ को मजबूत करता है।

 

Question 6. निम्नलिखित पदार्थों के मोलर द्रव्यमान का परिकलन कीजिए :
(a) एथाइन \( (\text{C}_2\text{H}_2) \)
(b) सल्फर अणु \( (\text{S}_8) \)
(c) फॉस्फोरस अणु \( (\text{P}_4) \) (फॉस्फोरस का परमाणु द्रव्यमान \( = 31 \))
(d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल \( (\text{HCl}) \) (e) नाइट्रिक अम्ल \( (\text{HNO}_3) \).
Answer:(a) एथाइन \( (\text{C}_2\text{H}_2) \) का मोलर द्रव्यमान \( = (12 \times 2) + (1 \times 2) = 24 + 2 = 26 \) g (b) सल्फर \( (\text{S}_8) \) अणु का मोलर द्रव्यमान \( = 32 \times 8 = 256 \) g (c) फॉस्फोरस अणु \( (\text{P}_4) \) का मोलर द्रव्यमान \( = 31 \times 4 = 124 \) g (d) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल \( (\text{HCl}) \) का मोलर द्रव्यमान \( = 1 + 35.5 = 36.5 \) g (e) नाइट्रिक अम्ल \( (\text{HNO}_3) \) का भोलर द्रव्यमान \( = 1 + 14 + (3 \times 16) = 1 + 14 + 48 = 63 \) g.
In simple words: मोलर द्रव्यमान किसी पदार्थ के एक मोल का द्रव्यमान होता है, जिसकी गणना उसके आणविक सूत्र में प्रत्येक परमाणु के द्रव्यमान को जोड़कर की जाती है। जैसे, एथाइन \( (\text{C}_2\text{H}_2) \) का मोलर द्रव्यमान 26 g है, और सल्फर \( (\text{S}_8) \) का 256 g है।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक तत्व के परमाणु द्रव्यमानों को सही ढंग से जोड़कर मोलर द्रव्यमान की गणना करना सीखें। आणविक द्रव्यमान की गणना के समान ही मोलर द्रव्यमान की गणना की जाती है, बस इकाई 'u' के बजाय 'g' होती है।

 

Question 7. निम्नलिखित का द्रव्यमान क्या होगा :
(a) एक मोल नाइट्रोजन परमाणु?
(b) 4 मोल ऐलुमिनियम परमाणु (ऐलुमिनियम का परमाणु द्रव्यमान \( = 27 \))?
(c) 10 मोल सोडियम सल्फाइट \( (\text{Na}_2\text{SO}_3) \)?
Answer: हल- (a) एक मोल नाइट्रोजन परमाणु \( = \) नाइट्रोजन परमाणु का मोलर द्रव्यमान \( = 14 \)g (b) एक मोल ऐलुमिनियम परमाणु \( = \) ऐलुमिनियम परमाणु का मोलर द्रव्यमान \( = 27 \)g 4 मोल ऐलुमिनियम परमाणु का मोलर द्रव्यमान \( = 27 \times 4 = 108 \)g (c) एक मोल \( \text{Na}_2\text{SO}_3 \) का द्रव्यमान \( = (23 \times 2) + (1 \times 32) + (16 \times 3) = 46 + 32 + 48 = 126 \)g
In simple words: किसी पदार्थ के एक मोल का द्रव्यमान उसके मोलर द्रव्यमान के बराबर होता है। यदि पदार्थ के एक से अधिक मोल दिए गए हों, तो कुल द्रव्यमान निकालने के लिए मोलर द्रव्यमान को मोलों की संख्या से गुणा किया जाता है।

🎯 Exam Tip: मोलर द्रव्यमान और मोलों की संख्या के बीच के संबंध को समझें (द्रव्यमान = मोल की संख्या \( \times \) मोलर द्रव्यमान)। यह गणनाओं को आसान बनाता है।

 

Question 8. निम्न को मोल में परिवर्तित करो
(a) \( 12 \) g ऑक्सीजन गैस
(b) \( 20 \) g पानी
(c) \( 22 \) g कार्बन डाइऑक्साइडे ।
Answer: हल - (a) ऑक्सीजन गैस का द्रव्यमान \( = 12 \) g \( \text{O}_2 \) का मोलर द्रव्यमान \( = 16 \times 2 = 32 \) g मोल की संख्या \( = \frac{\text{ग्राम में द्रव्यमान}}{\text{मोलर द्रव्यमान}} = \frac{12}{32} = \frac{3}{8} = 0.375 \) मोल (b) \( \text{H}_2\text{O} \) का द्रव्यमान \( = 20 \) g \( \text{H}_2\text{O} \) का मोलर द्रव्यमान \( = 2 + 16 = 18 \) g मोल की संख्या \( = \frac{20}{18} = \frac{10}{9} = 1.11 \) मोल (c) \( \text{CO}_2 \) का द्रव्यमान \( = 22 \) g कार्बन डाइऑक्साइड \( (\text{CO}_2) \) का मोलर द्रव्यमान \( = (12) + (2 \times 16) \) \( = 12 + 32 = 44 \) g कार्बन डाइऑक्साइड के मोल की संख्या \( = \frac{22}{44} = 0.5 \) मोल।
In simple words: किसी पदार्थ के दिए गए द्रव्यमान को मोलों में बदलने के लिए, द्रव्यमान को उस पदार्थ के मोलर द्रव्यमान से विभाजित किया जाता है। ऑक्सीजन गैस (\( \text{O}_2 \)), पानी \( (\text{H}_2\text{O}) \) और कार्बन डाइऑक्साइड \( (\text{CO}_2) \) के लिए यह प्रक्रिया उनके संबंधित मोलर द्रव्यमान का उपयोग करके की जाती है।

🎯 Exam Tip: मोलों की संख्या की गणना के लिए सूत्र (मोल = दिया गया द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान) को याद रखें और प्रत्येक पदार्थ के लिए मोलर द्रव्यमान की सही गणना करें।

 

Question 9. निम्न को द्रव्यमान क्या होगा :
(a) \( 0.2 \) मोल ऑक्सीजन परमाणु ?
(b) \( 0.5 \) मोल जल के अणु ?
Answer: उत्तर- (a) ऑक्सीजन के परमाणु मोल की संख्या \( = 0.2 \) ऑक्सीजन के परमाणु का मोलर द्रव्यमान \( = 16 \) g ऑक्सीजन के परमाणु के \( 0.2 \) मोल का द्रव्यमान \( = 16 \times 0.2 = 3.2 \) g (b) जल के मोलों की संख्या \( = 0.5 \) जल का मोलर द्रव्यमान \( = 2 + 16 = 18 \) g \( 0.5 \) मोल पानी का द्रव्यमान \( = 18 \times 0.5 = 9.0 \) g.
In simple words: किसी पदार्थ का द्रव्यमान ज्ञात करने के लिए जब मोल दिए गए हों, तो मोलों की संख्या को उस पदार्थ के मोलर द्रव्यमान से गुणा किया जाता है। 0.2 मोल ऑक्सीजन परमाणु का द्रव्यमान \( (0.2 \times 16) = 3.2 \) ग्राम होगा, और 0.5 मोल जल के अणुओं का द्रव्यमान \( (0.5 \times 18) = 9.0 \) ग्राम होगा।

🎯 Exam Tip: मोलों की संख्या से द्रव्यमान की गणना के लिए सूत्र (द्रव्यमान = मोलों की संख्या \( \times \) मोलर द्रव्यमान) का प्रयोग करें। परमाणुओं और अणुओं के मोलर द्रव्यमान के बीच अंतर को समझें।

 

Question 10. \( 16 \) g ठोस सल्फर में सल्फर \( (\text{S}_8) \) के अणुओं की संख्या की परिकलन कीजिए।
Answer: हल- सल्फर की संहति \( = 16 \) g \( (\text{S}_8) \) सल्फर का मोलर द्रव्यमान \( = 32 \times 8 = 256 \) g \( \text{S}_8 \) में मोलों की संख्या \( = \frac{16}{256} = \frac{1}{16} \) सल्फर \( (\text{S}_8) \) के एक मोल में अणुओं की संख्या \( = 6.022 \times 10^{23} \) सल्फर \( (\text{S}_8) \) के \( \frac{1}{16} \) मोल में अणुओं की संख्या \( = 6.022 \times 10^{23} \times \frac{1}{16} = 3.76 \times 10^{22} \)
In simple words: 16 ग्राम ठोस सल्फर \( (\text{S}_8) \) में अणुओं की संख्या ज्ञात करने के लिए, पहले सल्फर के मोलों की संख्या की गणना करें, जो \( \frac{16}{256} = \frac{1}{16} \) मोल है। फिर, इस मोल संख्या को आवोगाद्रो संख्या \( (6.022 \times 10^{23}) \) से गुणा करके अणुओं की कुल संख्या \( (3.76 \times 10^{22}) \) प्राप्त की जाती है।

🎯 Exam Tip: मोलों की संख्या की गणना करके और उसे आवोगाद्रो संख्या से गुणा करके अणुओं की संख्या ज्ञात करें। आणविक सूत्र \( (\text{S}_8) \) से मोलर द्रव्यमान की सही गणना सुनिश्चित करें।

 

Question 11. \( 0.051 \) g ऐलुमिनियम ऑक्साइड \( (\text{Al}_2\text{O}_3) \) में ऐलुमिनियम ऑयन की संख्या का परिकलने कीजिए।
Answer: हल-ऐलुमिनियम ऑक्साइड \( (\text{Al}_2\text{O}_3) \) का अणु द्रव्यमान \( = 2 \times 27 + 3 \times 16 \) \( = 54 + 48 = 102 \) u \( \text{Al}_2\text{O}_3 \) का मोलर द्रव्यमान \( (\text{M}) = 102 \) g \( \text{Al}_2\text{O}_3 \) का प्रदत्त द्रव्यमान \( (\text{m}) = 0.051 \) g आवोगाद्रो स्थिरांक \( (\text{N}_\text{A}) = 6.022 \times 10^{23} \) कणों (आयनों) की संख्या \( (\text{N}) = \frac{\text{प्रदत्त द्रव्यमान}}{\text{मोलर द्रव्यमान}} \times \text{आवोगाद्रो स्थिरांक} \) \( \implies \text{N} = \frac{m}{M} \times \text{N}_\text{A} \) \( \implies \text{N} = \frac{0.051}{102} \times 6.022 \times 10^{23} \) \( \implies \text{N} = 0.003011 \times 10^{23} \) चूँकि \( \text{Al}_2\text{O}_3 \) का प्रत्येक अणु दो ऐलुमिनियम आयन धारण किए हुए है, अतः ऐलुमिनियम आयनों की संख्या \( = 2 \times 0.003011 \times 10^{23} \) \( = 0.006022 \times 10^{23} \) \( = 6.022 \times 10^{20} \)
In simple words: \( 0.051 \) ग्राम ऐलुमिनियम ऑक्साइड में ऐलुमिनियम आयनों की संख्या ज्ञात करने के लिए, पहले यौगिक के मोलों की संख्या ज्ञात करें, फिर आवोगाद्रो संख्या से गुणा करके कुल अणुओं की संख्या निकालें। चूँकि प्रत्येक \( \text{Al}_2\text{O}_3 \) अणु में दो ऐलुमिनियम आयन होते हैं, इसलिए कुल आयनों की संख्या प्राप्त करने के लिए अणुओं की संख्या को दो से गुणा करें।

🎯 Exam Tip: मोलों की संख्या, आवोगाद्रो स्थिरांक, और अणु सूत्र में परमाणुओं की संख्या के बीच संबंध को समझें। ऐलुमिनियम आयनों की संख्या की गणना के लिए अंतिम चरण में '2' से गुणा करना न भूलें, क्योंकि प्रत्येक अणु में दो ऐलुमिनियम आयन होते हैं।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

Question 1. आवोगाद्रो स्थिरांक से क्या समझते हो ?
Answer: एक मोल कणों की संख्या \( 6.022 \times 10^{23} \) को आवोगाद्रो स्थिरांक कहते हैं।
In simple words: आवोगाद्रो स्थिरांक एक निश्चित संख्या है \( (6.022 \times 10^{23}) \) जो बताती है कि किसी भी पदार्थ के एक मोल में कितने कण (जैसे परमाणु, अणु या आयन) मौजूद होते हैं।

🎯 Exam Tip: आवोगाद्रो स्थिरांक के मान \( 6.022 \times 10^{23} \) को याद रखें और इसे मोल की अवधारणा से कैसे संबंधित है, यह समझें।

 

Question 2. रासायनिक संयोजन के नियमों को सर्वप्रथम किसने प्रतिपादित किया ?
Answer: एन्टोनी एल. लेवॉशिये एवं जोसेफ एल. प्राउस्ट ने प्रतिपादित किया था।
In simple words: रासायनिक संयोजन के नियमों, जिनमें द्रव्यमान संरक्षण और निश्चित अनुपात का नियम शामिल हैं, को एंटोनी लेवोज़ियर और जोसेफ प्राउस्ट नामक वैज्ञानिकों ने पहली बार प्रस्तुत किया था।

🎯 Exam Tip: रासायनिक संयोजन के मौलिक नियमों को प्रतिपादित करने वाले वैज्ञानिकों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह रसायन विज्ञान के इतिहास का एक बुनियादी तथ्य है।

 

Question 3. \( 2\text{H} \) तथा \( \text{H}_2 \) में क्या अन्तर है ?
Answer: \( 2\text{H} \), हाइड्रोजन के \( 2 \) परमाणु प्रदर्शित करती है तथा \( \text{H}_2 \) हाइड्रोजन का एक अणु प्रदर्शित करती है।
In simple words: \( 2\text{H} \) का अर्थ है हाइड्रोजन के दो अलग-अलग परमाणु, जबकि \( \text{H}_2 \) का अर्थ है हाइड्रोजन का एक अणु, जिसमें दो हाइड्रोजन परमाणु रासायनिक रूप से एक साथ जुड़े होते हैं।

🎯 Exam Tip: \( 2\text{H} \) (दो अलग-अलग परमाणु) और \( \text{H}_2 \) (एक अणु) के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें। यह रासायनिक सूत्रों की सही व्याख्या के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. एक amu या 'u' क्या है ?
Answer: कार्बन \( (\text{C}-12) \) का \( \frac { 1 }{ 12 } \) वाँ द्रव्यमान amu या (unified mass) कहलाता है।
In simple words: amu (परमाणु द्रव्यमान इकाई) या 'u' (एकीकृत द्रव्यमान) परमाणुओं और अणुओं के द्रव्यमान को मापने के लिए एक मानक इकाई है। इसे कार्बन-12 समस्थानिक के एक परमाणु के द्रव्यमान के बारहवें भाग के रूप में परिभाषित किया गया है।

🎯 Exam Tip: परमाणु द्रव्यमान इकाई (amu या u) की सटीक परिभाषा और कार्बन-12 परमाणु के संदर्भ में इसे कैसे परिभाषित किया जाता है, याद रखें।

 

Question 5. किस भारतीय दार्शनिक ने पदार्थ के अविभाज्य कण को 'परमाणु' कहा?
Answer: महर्षि कणाद ने।
In simple words: प्राचीन भारतीय दार्शनिक महर्षि कणाद ने पदार्थ के सबसे छोटे, अविभाज्य कण को 'परमाणु' नाम दिया था, जो डाल्टन के आधुनिक परमाणु सिद्धांत से बहुत पहले की बात है।

🎯 Exam Tip: महर्षि कणाद का नाम और परमाणु की अवधारणा में उनके योगदान को याद रखना सामान्य ज्ञान और विज्ञान के इतिहास के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 6. द्रव्यमान संरक्षण का नियम क्या है ?
Answer: किसी भी अभिक्रिया में, अभिकारकों और उत्पादों के द्रव्यमानों का योग अपरिवर्तनीय रहता है। यह द्रव्यमान संरक्षण का नियम है।
In simple words: द्रव्यमान संरक्षण का नियम कहता है कि किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में, कुल द्रव्यमान न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। इसका मतलब है कि अभिक्रिया से पहले अभिकारकों का कुल द्रव्यमान अभिक्रिया के बाद उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है।

🎯 Exam Tip: द्रव्यमान संरक्षण के नियम की परिभाषा को याद रखें जिसमें 'अभिकारकों और उत्पादों के द्रव्यमानों का योग अपरिवर्तनीय रहता है' जैसे प्रमुख वाक्यांश शामिल हैं।

 

Question 7. किसी पदार्थ का आणविक द्रव्यमान क्या
Answer: किसी पदार्थ का आणविक द्रव्यमान उसके सभी संघटक परमाणुओं के द्रव्यमान का योग होता है।
In simple words: आणविक द्रव्यमान किसी अणु में मौजूद सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का कुल योग होता है। यह उस अणु का सापेक्ष द्रव्यमान बताता है।

🎯 Exam Tip: आणविक द्रव्यमान की परिभाषा को 'संघटक परमाणुओं के द्रव्यमान का योग' के रूप में याद रखें। यह द्रव्यमान गणनाओं के लिए एक बुनियादी अवधारणा है।

 

Question 8. 'सूत्र इकाई द्रव्यमान' क्या है ?
Answer: किसी पदार्थ का सूत्र इकाई द्रव्यमान' उसके सभी संघटक परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग होता है ।
In simple words: सूत्र इकाई द्रव्यमान एक आयनिक यौगिक के सबसे सरल अनुपात इकाई के सभी परमाणुओं के द्रव्यमानों का कुल योग होता है, जो आणविक द्रव्यमान के समान ही गणना की जाती है लेकिन आयनिक यौगिकों के लिए उपयोग होती है।

🎯 Exam Tip: 'सूत्र इकाई द्रव्यमान' और 'आणविक द्रव्यमान' की परिभाषाएँ समान हैं, लेकिन सूत्र इकाई द्रव्यमान का उपयोग मुख्य रूप से आयनिक यौगिकों के लिए किया जाता है। इस अंतर को ध्यान में रखें।

 

Question 9. एक आयन क्या है ?
Answer: एक परमाणु या परमाणुओं का समूह, जो आवेशित हो, आयन कहलाता है।
In simple words: आयन एक परमाणु या परमाणुओं का समूह होता है जिस पर धनात्मक या ऋणात्मक विद्युत आवेश होता है। यह तब बनता है जब कोई परमाणु इलेक्ट्रॉन प्राप्त करता है या खो देता है।

🎯 Exam Tip: आयन की परिभाषा को 'आवेशित परमाणु या परमाणुओं का समूह' के रूप में याद रखें। यह समझें कि आवेश इलेक्ट्रॉनों के लाभ या हानि के कारण होता है।

 

Question 10. \( \text{Na} \) तथा \( \text{Na}^{+} \) में क्या अन्तर है ?
Answer: \( \text{Na} \) सोडियम का परमाणु तथा \( \text{Na}^{+} \) सोडियम का आयन है।
In simple words: \( \text{Na} \) एक उदासीन सोडियम परमाणु है, जिसका अर्थ है कि इसमें इलेक्ट्रॉनों और प्रोटॉनों की संख्या बराबर होती है। इसके विपरीत, \( \text{Na}^{+} \) एक सोडियम आयन है, जिसने एक इलेक्ट्रॉन खो दिया है, जिससे उस पर धनात्मक आवेश आ गया है।

🎯 Exam Tip: एक उदासीन परमाणु और उसके संगत आयन के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझाएं। आवेश में अंतर को इलेक्ट्रॉनों की संख्या में परिवर्तन से जोड़ें।

 

Question 11. \( \text{He} \) तथा \( \text{P}_4 \) की परमाणुकता क्या है ?
Answer: \( \text{He} \) की परमाणुकता 1 तथा \( \text{P}_4 \) की परमाणुकता 4 है।
In simple words: परमाणुकता यह बताती है कि एक अणु में कितने परमाणु होते हैं। हीलियम (\( \text{He} \)) एक एकल-परमाणुक तत्व है (परमाणुकता 1), जबकि फॉस्फोरस (\( \text{P}_4 \)) एक चतुर्-परमाणुक तत्व है (परमाणुकता 4)।

🎯 Exam Tip: परमाणुकता की अवधारणा को समझें और विभिन्न तत्वों के लिए परमाणुकता की सही पहचान करें। यह अणु में परमाणुओं की संख्या से निर्धारित होती है।

 

Question 12. \( 1 \) नैनोमीटर को मीटर में व्यक्त कीजिए।
Answer: \( 1 \) नैनोमीटर \( = 10^{-9} \) मीटर
In simple words: एक नैनोमीटर मीटर का एक अरबवाँ हिस्सा होता है। इसे \( 10^{-9} \) मीटर के रूप में व्यक्त किया जाता है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न इकाइयों के बीच रूपांतरण कारकों को याद रखें, विशेष रूप से नैनोमीटर और मीटर के बीच का संबंध \( (1 \text{ nm} = 10^{-9} \text{ m}) \)।

 

Question 13. अमोनियम क्लोराइड का सूत्र लिखिए।
Answer: अमोनियम क्लोराइड का सूत्र \( \text{NH}_4\text{Cl} \) है।
In simple words: अमोनियम क्लोराइड एक रासायनिक यौगिक है जिसका सूत्र \( \text{NH}_4\text{Cl} \) है। यह अमोनियम आयन \( (\text{NH}_4^{+}) \) और क्लोराइड आयन \( (\text{Cl}^{-}) \) से मिलकर बनता है।

🎯 Exam Tip: अमोनियम जैसे सामान्य बहुपरमाणुक आयनों के सूत्र और उनके आवेश को याद रखें ताकि रासायनिक सूत्र सही ढंग से लिख सकें।

 

Question 14. मोलर द्रव्यमान से क्या समझते हो?
Answer: किसी पदार्थ के एक मोल के ग्राम में व्यक्त द्रव्यमान को मोलर द्रव्यमान कहते हैं।
In simple words: मोलर द्रव्यमान वह द्रव्यमान होता है जो किसी पदार्थ के एक मोल में होता है, और इसे ग्राम प्रति मोल (g/mol) में व्यक्त किया जाता है। संख्यात्मक रूप से यह आणविक द्रव्यमान के बराबर होता है लेकिन इकाई 'ग्राम' होती है।

🎯 Exam Tip: मोलर द्रव्यमान की परिभाषा को 'एक मोल के ग्राम में व्यक्त द्रव्यमान' के रूप में याद रखें। यह आणविक द्रव्यमान से केवल इकाई में भिन्न होता है।

 

Question 15. संयोजकता से क्या समझते हो?
Answer: किसी परमाणु या मूलक की संयोजन क्षमता को संयोजकता कहते हैं।
In simple words: संयोजकता एक परमाणु या आयन की अन्य परमाणुओं या आयनों के साथ रासायनिक रूप से जुड़ने की क्षमता होती है। यह उस परमाणु द्वारा बनाए जा सकने वाले बंधों की संख्या को दर्शाती है।

🎯 Exam Tip: संयोजकता की परिभाषा को 'संयोजन क्षमता' के रूप में याद रखें। यह रासायनिक बंधों के निर्माण की मूलभूत अवधारणा है।

 

Question 16. प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए (i) त्रिपरमाणुक अणु (ii) बहुपरमाणुक अणु
Answer:(i) \( \text{O}_3 \) (ii) \( \text{S}_8 \)
In simple words: त्रिपरमाणुक अणु में तीन परमाणु होते हैं, जैसे ओजोन \( (\text{O}_3) \)। बहुपरमाणुक अणु में दो से अधिक परमाणु होते हैं, और इसमें त्रिपरमाणुक अणु भी शामिल हैं, जैसे सल्फर का अणु \( (\text{S}_8) \)।

🎯 Exam Tip: त्रिपरमाणुक (तीन परमाणु) और बहुपरमाणुक (दो से अधिक परमाणु) अणुओं की परिभाषा को याद रखें और उनके संबंधित उदाहरणों को स्पष्ट रूप से जानें।

 

Question 17. हाइड्रोजन गैस के \( 1 \) मोल में कितने \( \text{H}_2\text{O} \) अणु होते हैं ?
Answer: हाइड्रोजन गैस के \( 1 \) मोल में \( 6.022 \times 10^{23} \text{ H}_2\text{O} \) अणु होते हैं।
In simple words: यह प्रश्न थोड़ा भ्रामक है क्योंकि हाइड्रोजन गैस \( (\text{H}_2) \) के 1 मोल में \( \text{H}_2 \) के \( 6.022 \times 10^{23} \) अणु होते हैं, न कि \( \text{H}_2\text{O} \) (पानी) के अणु। हालाँकि, किसी भी पदार्थ के 1 मोल में आवोगाद्रो संख्या के बराबर कण होते हैं।

🎯 Exam Tip: आवोगाद्रो संख्या (\( 6.022 \times 10^{23} \)) का मान याद रखें और समझें कि यह किसी भी पदार्थ के एक मोल में कणों की संख्या है। प्रश्न में 'हाइड्रोजन गैस' के बजाय 'जल' होना चाहिए था।

 

Question 18. निम्नलिखित यौगिकों के रासायनिक सूत्र लिखिए (i) सल्फ्यूरिक अम्ल (ii) कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड ।
Answer:(i) \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) (ii) \( \text{Ca(OH)}_2 \)
In simple words: सल्फ्यूरिक अम्ल का रासायनिक सूत्र \( \text{H}_2\text{SO}_4 \) है, जिसमें दो हाइड्रोजन, एक सल्फर और चार ऑक्सीजन परमाणु होते हैं। कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड का सूत्र \( \text{Ca(OH)}_2 \) है, जिसमें एक कैल्शियम परमाणु और दो हाइड्रॉक्साइड समूह होते हैं।

🎯 Exam Tip: सामान्य अम्ल और क्षार के रासायनिक सूत्रों को याद रखें। बहुपरमाणुक आयनों (जैसे सल्फेट और हाइड्रॉक्साइड) के सूत्रों और आवेश को जानना सही सूत्र लिखने के लिए आवश्यक है।

 

Question 19. ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान \( 16 \)u है, \( \text{O}_2 \) का मोलर द्रव्यमान क्या है?
Answer: \( \text{O}_2 \) का आणविक द्रव्यमान \( = 16 \times 2 = 32 \)u अतः \( \text{O}_2 \) का मोलर द्रव्यमान \( = 32 \) g.
In simple words: ऑक्सीजन के एक परमाणु का द्रव्यमान 16u है। चूंकि ऑक्सीजन गैस (\( \text{O}_2 \)) दो ऑक्सीजन परमाणुओं से बनी होती है, इसका आणविक द्रव्यमान \( (2 \times 16) = 32 \)u होता है। इसलिए, \( \text{O}_2 \) का मोलर द्रव्यमान 32 ग्राम प्रति मोल होता है।

🎯 Exam Tip: आणविक द्रव्यमान (u में) और मोलर द्रव्यमान (g में) के बीच के संबंध को स्पष्ट रूप से समझें। ऑक्सीजन जैसी द्विपरमाणुक गैसों के लिए मोलर द्रव्यमान की गणना करते समय परमाणु की संख्या को ध्यान में रखें।

 

Question 20. \( \text{A}^{2+} \) तथा \( \text{Y}^{-} \) के संयोग से बने यौगिक का सूत्र लिखिए।
Answer: \( \text{AY}_2 \).
In simple words: जब \( \text{A}^{2+} \) आयन (धनात्मक 2 आवेश) \( \text{Y}^{-} \) आयन (ऋणात्मक 1 आवेश) के साथ जुड़ता है, तो आवेशों को संतुलित करने के लिए दो \( \text{Y}^{-} \) आयनों की आवश्यकता होगी। इसलिए, उनसे बनने वाले यौगिक का सूत्र \( \text{AY}_2 \) होगा।

🎯 Exam Tip: रासायनिक सूत्र लिखते समय, यह सुनिश्चित करने के लिए कि कुल धनात्मक और ऋणात्मक आवेश एक दूसरे को संतुलित करते हैं, आयनों के आवेशों को क्रॉस-क्रॉस विधि का उपयोग करके सही ढंग से मिलाएं।

 

Question 21. निम्नलिखित द्वारा उत्पन्न यौगिकों का सूत्र और नाम लिखिए (i) \( \text{Fe}^{3+} \) और \( { \text{SO} }_{ 4 }^{ 2- } \) (ii) \( \text{NH}_4^{+} \) और \( { \text{CO} }_{ 3 }^{ 2- } \)
Answer:(i) \( \text{Fe}_2(\text{SO}_4)_3 \) आयन (III) सल्फेट (ii) \( (\text{NH}_4)_2\text{CO}_3 \) अमोनियम कार्बोनेट ।
In simple words: (i) \( \text{Fe}^{3+} \) और \( { \text{SO} }_{ 4 }^{ 2- } \) आयन मिलकर आयरन (III) सल्फेट बनाते हैं, जिसका सूत्र \( \text{Fe}_2(\text{SO}_4)_3 \) होता है, जहाँ आवेशों को संतुलित करने के लिए आयरन के 2 आयन और सल्फेट के 3 आयन होते हैं। (ii) \( \text{NH}_4^{+} \) और \( { \text{CO} }_{ 3 }^{ 2- } \) आयन मिलकर अमोनियम कार्बोनेट बनाते हैं, जिसका सूत्र \( (\text{NH}_4)_2\text{CO}_3 \) होता है, जहाँ दो अमोनियम आयन एक कार्बोनेट आयन को संतुलित करते हैं।

🎯 Exam Tip: बहुपरमाणुक आयनों के साथ यौगिकों के सूत्र लिखते समय, आयनों के आवेशों को संतुलित करना सुनिश्चित करें। बहुपरमाणुक आयन के एक से अधिक होने पर कोष्ठक का उपयोग करना आवश्यक है। रोमन अंकों का उपयोग करके संक्रमण धातुओं की संयोजकता (जैसे आयरन (III)) को दर्शाना भी याद रखें।

लघु उत्तरीय प्रश्न

Question 1.
(a) परिभाषित कीजिए : (i) एक मोल (ii) आवोगाद्रो स्थिरांक
(b) \( \text{S}_8 \) अणु का मोलर द्रव्यमान ज्ञात कीजिए। (परमाणु द्रव्यमान \( \text{S} = 32 \) u)
Answer: उत्तर- (a) (i) एक मोल : किसी पदार्थ का एक मोल उसकी वह मात्रा है जिसमें उतने ही कण उपस्थित होते हैं, जितने कार्बन -12 समस्थानिक के ठीक \( 12 \) ग्राम (या \( 0.012 \) kg) में परमाणुओं की संख्या होती है। (ii) आवोगादो स्थिरांक : कार्बन-12 के ठीक \( 12 \) g में परमाणुओं की संख्या \( 6.023 \times 10^{23} \) है। यह \( 6.023 \times 10^{23} \) संख्या आवोगाद्रो स्थिरांक कहलाती है। (b) सल्फर \( (\text{S}_8) \) अणु का मोलर द्रव्यमान \( = 8 \times 32 = 256 \) u
In simple words:
(a) एक मोल किसी पदार्थ की वह मात्रा है जिसमें कार्बन-12 के 12 ग्राम में परमाणुओं की संख्या होती है, और यह संख्या आवोगाद्रो स्थिरांक \( (6.023 \times 10^{23}) \) कहलाती है।
(b) सल्फर \( (\text{S}_8) \) अणु का मोलर द्रव्यमान 256u है, क्योंकि इसमें 8 सल्फर परमाणु होते हैं और प्रत्येक का द्रव्यमान 32u होता है।

🎯 Exam Tip: मोल और आवोगाद्रो स्थिरांक की परिभाषाओं को सटीक रूप से याद रखें, क्योंकि ये मोल अवधारणा के आधार हैं। मोलर द्रव्यमान की गणना के लिए अणु सूत्र में परमाणुओं की संख्या से परमाणु द्रव्यमान को गुणा करना सुनिश्चित करें।

 

Question 3. डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का कौन-सा अभिग्रहीत द्रव्यमान के संरक्षण के नियम का परिणाम है?
Answer: द्रव्यमान का की संरक्षण नियम डाल्टन के निम्नलिखित सिद्धान्त पर आधारित है – तत्त्व के परमाणुओं को किसी भी विधि द्वारा न तो नष्ट किया जा सकता है और न ही उत्पन्न किया जा सकता है।
In simple words: डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के अनुसार, परमाणु न तो बनाए जा सकते हैं और न ही नष्ट किए जा सकते हैं, जिससे रासायनिक अभिक्रियाओं में कुल द्रव्यमान संरक्षित रहता है।

🎯 Exam Tip: द्रव्यमान संरक्षण के नियम को स्पष्ट करने के लिए डाल्टन के परमाणु सिद्धांत का सही अभिग्रहीत बताना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का कौन-सा अभिग्रहीत निश्चित अनुपात के नियम की व्याख्या करता है?
Answer: डाल्टन के परमाणु सिद्धान्त का निम्नलिखित अभिग्रहीत निश्चित अनुपात के नियम की व्याख्या करता है : किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं प्रकार निश्चित होते हैं तथा भिन्न-भिन्न तत्त्वों के परमाणु परस्पर छोटी पूर्णसंख्या के अनुपात में संयोग कर यौगिक निर्मित करते हैं।
In simple words: डाल्टन के सिद्धांत के अनुसार, एक यौगिक में परमाणुओं की संख्या और प्रकार निश्चित होते हैं, और विभिन्न तत्व हमेशा एक सरल पूर्ण संख्या अनुपात में जुड़कर यौगिक बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: निश्चित अनुपात के नियम की व्याख्या करते समय, यौगिकों में परमाणुओं की निश्चित संख्या और सरल पूर्ण संख्या अनुपात में संयोजन पर जोर दें।

 

Question 5. निम्न को मोल में प्रदर्शित कीजिए
Answer:
(a) परमाणुकता : किसी पदार्थ के सरल अणु में प्रयुक्त होने वाले परमाणुओं की संख्या, अणु की परमाणुकता कहलाती है।

अणुपरमाणुकता
(i) ऑक्सीजनद्विपरमाणुक
(ii) फॉस्फोरसचतुर्परमाणुक
(iii) सल्फरअष्ट परमाणुक
(iv) आर्गनएकल परमाणुक

In simple words: परमाणुकता यह बताती है कि एक अणु कितने परमाणुओं से मिलकर बना है, जैसे ऑक्सीजन द्विपरमाणुक (\(O_2\)) होती है, जबकि आर्गन एकल परमाणुक (\(Ar\)) होती है।

🎯 Exam Tip: परमाणुकता की परिभाषा और विभिन्न तत्वों के लिए उसके उदाहरणों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. डॉल्टन के परमाणु सिद्धान्त की उन दो अवधारणाओं को लिखिए जो कि :
(i) द्रव्यमान संरक्षण के नियम, तथा
(ii) स्थिर अनुपात के नियम की व्याख्या करती हों।
Answer: (i) परमाणु अविभाज्य सूक्ष्मतम कण होते हैं। जो रासायनिक अभिक्रिया में न तो सृजित होते हैं, न ही उनका विनाश होता है। (ii) किसी भी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या एवं प्रकार निश्चित होते हैं।
In simple words: डाल्टन के सिद्धांत की पहली अवधारणा (परमाणु अविनाशी हैं) द्रव्यमान संरक्षण की व्याख्या करती है, जबकि दूसरी (यौगिकों में निश्चित परमाणु अनुपात) स्थिर अनुपात के नियम की व्याख्या करती है।

🎯 Exam Tip: डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के उन अभिग्रहीतों को याद रखें जो द्रव्यमान संरक्षण और स्थिर अनुपात के नियमों का आधार बनाते हैं।

 

Question 4. द्रव्यमान संरक्षण के नियम का वर्णन कीजिए। यदि कार्बन के 12 g का ऑक्सीजन में 32 g की उपस्थिति में दहन किया जाए, कितनी कार्बन डाइऑक्साइड का निर्माण होगा ?
Answer: द्रव्यमान संरक्षण को नियम : रासायनिक अभिक्रिया में, उत्पादों का कुल द्रव्यमान, अभिकारकों के कुले द्रव्यमान के बराबर होता है। रासायनिक अभिक्रिया के दौरान द्रव्यमान में कोई परिवर्तन नहीं होता है। \[ \text{C} + \text{O}_2 \implies \text{CO}_2 \] \[ 12 \text{ g} + 32 \text{ g} = (12 + 2 \times 16) = 12 + 32 = 44 \text{ g} \] अभिकारकों का द्रव्यमान = \((12 + 32)\) g = \(44\) g
उत्पादों (\(\text{CO}_2\)) का द्रव्यमान = \(44\) g
In simple words: द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार, किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों का कुल द्रव्यमान उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है; इसलिए, 12 g कार्बन और 32 g ऑक्सीजन के दहन से 44 g कार्बन डाइऑक्साइड बनेगी।

🎯 Exam Tip: द्रव्यमान संरक्षण के नियम को परिभाषित करते समय, सुनिश्चित करें कि आप अभिकारकों और उत्पादों के द्रव्यमान की समानता पर जोर दें, और गणना में इसे लागू करना सीखें।

 

Question 5. आवोगाद्रो स्थिरांक को परिभाषित कीजिए। यह मोल से कैसे सम्बन्धित है ?
Answer: आवोगाद्रो स्थिरांक, किसी भी पदार्थ के एक ग्राम अणु में अणुओं की वास्तविक संख्या को कहते हैं। इसका मान \(6.022 \times 10^{23}\) कण हैं।
1 मोल = \(6.022 \times 10^{23}\) संख्या
In simple words: आवोगाद्रो स्थिरांक बताता है कि एक मोल पदार्थ में \(6.022 \times 10^{23}\) कण (परमाणु, अणु या आयन) होते हैं, जो पदार्थों की मात्रा मापने का एक मानक तरीका है।

🎯 Exam Tip: आवोगाद्रो स्थिरांक का मान (\(6.022 \times 10^{23}\)) और उसकी मोल से संबंध को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें।

 

Question 6.
(a) बहुपरमाणुक आयन क्या हैं ?
(b) (i) \(\text{Fe}^{3+}\) तथा \(\text{SO}_4^{2-}\)
(ii) \(\text{NH}_4^{+}\) तथा \(\text{CO}_3^{2-}\) के संयोग से बने यौगिकों के नाम तथा सूत्र लिखिए।
Answer: (a) परमाणुओं का समूह जिस पर आवेश होता है, बहुपरमाणु आयन कहलाते हैं।
उदाहरण : कार्बनिक आयन, \(\text{CO}_3^{2-}\)
(b)
(i) \(\text{Fe}_2(\text{SO}_4)_3\) आयरन सल्फेट,
(ii) \((\text{NH}_4)_2 \text{CO}_3\) अमोनियम कार्बोनेट ।
In simple words: बहुपरमाणुक आयन परमाणुओं का एक समूह होते हैं जिन पर कुल आवेश होता है, और ये आयन निश्चित संयोजकता के साथ मिलकर यौगिक बनाते हैं, जैसे आयरन सल्फेट (\(\text{Fe}_2(\text{SO}_4)_3\)) और अमोनियम कार्बोनेट \((\text{NH}_4)_2 \text{CO}_3\)।

🎯 Exam Tip: बहुपरमाणुक आयनों की परिभाषा और उनके सूत्र लिखने के नियमों को याद रखें, विशेषकर उनके आवेशों का संतुलन।

 

Question 7.
(a) उस संस्था का नाम बताइए जो तत्त्वों के नामों को स्वीकृति प्रदान करती है।
(b) सोडियम का प्रतीक \(\text{Na}\) लिखा जाता है और \(\text{S}\) नहीं। कारण दीजिए।
(c) एक तत्त्व का नाम बताइए जो द्विपरमाणुक अणु तथा एक तत्त्व जो चतुर्परमाणुक अणु बनाता है।
Answer: (a) आजकल इंटरनेशनल यूनियन ऑफ प्योर एंड एप्लाइड कैमिस्ट्री (IUPAC) तत्त्वों के नामों को स्वीकृति प्रदान करती है।
(b) सोडियम का प्रतीक लैटिन नाम नैट्रियम से व्युत्पन्न किया गया है। इसलिए सोडियम को \(\text{Na}\) लिखा गया है।
(c)
(i) तत्त्व जो द्वि-परमाणुक अणु बनाता है-हाइड्रोजन (\(\text{H}_2\))।
(ii) तत्त्व जो चतुर्परमाणुक अणु बनाता है- फास्फोरस (\(\text{P}_4\))।
In simple words: IUPAC तत्वों के नामों को मानकीकृत करती है, प्रतीक अक्सर उनके लैटिन नामों से आते हैं (जैसे सोडियम के लिए Na), और तत्व अलग-अलग परमाणुकता वाले अणु बनाते हैं जैसे हाइड्रोजन द्विपरमाणुक और फास्फोरस चतुर्परमाणुक।

🎯 Exam Tip: IUPAC का पूरा नाम और इसके कार्य, तत्वों के प्रतीकों के स्रोत (विशेषकर लैटिन नाम) और परमाणुकता के उदाहरणों को जानें।

 

Question 8. एक किग्रा जल में मोल की संख्या क्या होगी ?
Answer:हल-जल (\(\text{H}_2\text{O}\)) का अणु द्रव्यमान
= \(1 \times 2 + 16 = 18 \text{ u}\)
अतः जल (\(\text{H}_2\text{O}\)) का एक मोल = \(18\) ग्राम
या
\(18\) ग्राम \(\text{H}_2\text{O}\) = \(1\) मोल
\(1\) ग्राम \(\text{H}_2\text{O}\) = \(1/18\) मोल
अतः
\(1000\) ग्राम \(\text{H}_2\text{O}\) = \(\frac{1 \times 1000}{18}\)
= \(55.55\) मोल
In simple words: एक किलोग्राम (1000 ग्राम) जल में लगभग 55.55 मोल होते हैं क्योंकि जल का मोलर द्रव्यमान 18 ग्राम/मोल होता है।

🎯 Exam Tip: मोल की गणना करते समय, पदार्थ के अणु द्रव्यमान और दिए गए द्रव्यमान को सही ढंग से प्रयोग करें। 1 किग्रा को 1000 ग्राम में बदलना न भूलें।

 

Question 9. परमाणु क्या है ? परमाणु आकार में कितने बड़े हैं ? उसका महत्व बताइए ।
Answer: परमाणु किसी तत्त्व का सूक्ष्मतम कण है, जिसका अपना अस्तित्त्व है और यह तत्त्वे के सभी गुणधर्म प्रदर्शित करता है। यह द्रव्य की रचनात्मक इकाई है।
परमाणु बहुत सूक्ष्म होता है। हाइड्रोजन के एक परमाणु की त्रिज्या \(10^{-10}\) m या \(0.1\) nm है- 'nm' को हम नैनोमीटर बोलते हैं।
\(1\) nm = \(10^{-9}\) मीटर परमाणु का महत्त्व : निश्चय ही परमाणु अत्यंत सूक्ष्म हैं, फिर भी महत्त्वहीन नहीं हैं। वे द्रव्य की रचनात्मक इकाई हैं और विभिन्न द्रव्य अलग-अलग तरह के परमाणुओं से निर्मित होते हैं।
In simple words: परमाणु किसी तत्व का सबसे छोटा कण है जो उसके सभी गुणधर्म दर्शाता है और सभी पदार्थों की मूलभूत संरचनात्मक इकाई है, जिसका आकार अत्यधिक छोटा (लगभग \(10^{-10}\) मीटर) होने के बावजूद यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।

🎯 Exam Tip: परमाणु की परिभाषा, उसके आकार का परिमाण (नैनोमीटर में), और पदार्थ की रचनात्मक इकाई के रूप में उसके महत्व को स्पष्ट करें।

 

Question 10. किसी यौगिक का प्रतिशत संघटन क्या है ? किसी तत्व की यौगिक में प्रतिशत मात्रा कैसे ज्ञात करते हैं ?
Answer: किसी यौगिक में उपस्थित तत्त्वों की मात्रा प्रति \(100\) भाग में प्रदर्शित करना, यौगिक का प्रतिशत संघटन कहलाता है।
किसी यौगिक में उपस्थित तत्त्वों की प्रतिशत मात्रा निम्न प्रकार ज्ञात करते हैं.
1. यौगिक का अणु द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
2. यौगिक के संघटन में उपस्थित विभिन्न तत्त्वों की प्रतिशत मात्रा निम्न प्रकार ज्ञात कीजिए- \[ \text{तत्त्व की प्रतिशत मात्रा} = \frac{\text{परमाणुओं का द्रव्यमान} \times 100}{\text{यौगिक का अणु द्रव्यमान}} \]
In simple words: प्रतिशत संघटन किसी यौगिक में प्रत्येक तत्व के द्रव्यमान का कुल यौगिक के द्रव्यमान के प्रतिशत के रूप में बताता है, जिसे तत्व के कुल द्रव्यमान को यौगिक के अणु द्रव्यमान से भाग देकर और 100 से गुणा करके ज्ञात किया जाता है।

🎯 Exam Tip: प्रतिशत संघटन की परिभाषा और उसे ज्ञात करने के सूत्र को अच्छी तरह समझें, क्योंकि यह रसायन विज्ञान में एक बुनियादी गणना है।

 

Question 11. ग्लूकोज (\(\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6\)) का प्रतिशत संघटन ज्ञात कीजिए।
Answer: \(\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6\) का अणु द्रव्यमान
= \(12 \times 6 + 1 \times 12 + 16 \times 6\)
= \(72 + 12 + 96 = 180\) \[ \text{C की प्रतिशत मात्रा} = \frac{72 \times 100}{180} = 40\% \] \[ \text{H की प्रतिशत मात्रा} = \frac{12 \times 100}{180} = 6.66\% \] \[ \text{O की प्रतिशत मात्रा} = \frac{96 \times 100}{180} = 53.33\% \]
In simple words: ग्लूकोज में कार्बन का प्रतिशत 40%, हाइड्रोजन का 6.66% और ऑक्सीजन का 53.33% होता है, जो प्रत्येक तत्व के द्रव्यमान को ग्लूकोज के कुल अणु द्रव्यमान से विभाजित करके निकाला जाता है।

🎯 Exam Tip: प्रतिशत संघटन की गणना करते समय, प्रत्येक तत्व के कुल परमाणु द्रव्यमान को अणु के कुल द्रव्यमान से भाग देना और 100 से गुणा करना याद रखें।

 

Question 12. सोडियम-हाइड्रॉक्साइड (\(\text{NaOH}\)) का प्रतिशत संघटन लिखिए।
Answer: \(\text{NaOH}\) का अणु द्रव्यमान
= \(23 + 16 + 1 = 40 \text{ u}\) \[ \text{Na की प्रतिशत मात्रा} = \frac{23 \times 100}{40} = 57.5\% \] \[ \text{O की प्रतिशत मात्रा} = \frac{16 \times 100}{40} = 40\% \] \[ \text{H की प्रतिशत मात्रा} = \frac{1 \times 100}{40} = 2.5\% \]
In simple words: सोडियम हाइड्रॉक्साइड में सोडियम 57.5%, ऑक्सीजन 40% और हाइड्रोजन 2.5% होता है, जो प्रत्येक तत्व के द्रव्यमान को कुल अणु द्रव्यमान से विभाजित करके प्रतिशत में निकाला जाता है।

🎯 Exam Tip: किसी भी यौगिक के प्रतिशत संघटन की गणना करने के लिए सबसे पहले उसका अणु द्रव्यमान ज्ञात करें, फिर प्रत्येक तत्व के योगदान को कुल द्रव्यमान से प्रतिशत में निकालें।

 

Question 13. अमोनियम नाइट्रेट (\(\text{NH}_4\text{NO}_3\)) व यूरिया (\(\text{NH}_2\text{CONH}_2\)) दो सामान्य उर्वरक हैं। ज्ञात कीजिए कि कौन-सा उर्वरक नाइट्रोजन की अधिक प्रतिशत मात्रा देता है। (\(\text{N} = 14\text{u}, \text{H} = 1\text{u}, \text{O} = 16\text{u}, \text{C} = 12\text{u}\))
Answer: हल- (a) \(\text{NH}_4\text{NO}_3\) का अणु द्रव्यमान
= \(14 + 1 \times 4 + 14 + 16 \times 3\)
= \(14+4+14 + 48 = 80 \text{ u}\) \[ \text{NH}_4\text{NO}_3 \text{ में N की मात्रा} = \frac{28 \times 100}{80} = 35\% \] (b) यूरिया (\(\text{NH}_2\text{CONH}_2\)) का अणु द्रव्यमान
= \(14 + 1 \times 2 + 12 + 16 + 14 + 1 \times 2\)
= \(14 + 2 + 12 + 16 + 14 + 2 = 60 \text{ u}\) \[ \text{यूरिया में N का प्रतिशत मात्रा} = \frac{28 \times 100}{60} = 46.66\% \] अतः यूरिया अमोनियम नाइट्रेट की अपेक्षा नाइट्रोजन की अधिक प्रतिशत मात्रा उपलब्ध कराता है।
In simple words: यूरिया (\(46.66\%\) नाइट्रोजन) अमोनियम नाइट्रेट (\(35\%\) नाइट्रोजन) की तुलना में अधिक नाइट्रोजन प्रतिशत प्रदान करता है, इसलिए यह किसानों के लिए अधिक प्रभावी नाइट्रोजन उर्वरक है।

🎯 Exam Tip: प्रतिशत संघटन की तुलना करते समय, प्रत्येक यौगिक का अणु द्रव्यमान और उसमें मौजूद तत्व का कुल द्रव्यमान सही ढंग से परिकलित करें।

 

Question 14. डाल्टन का परमाणु सिद्धान्त लिखिए ।
Answer: जॉन डाल्टन (John Dalton) ने अनेक यौगिकों के संघटन का अध्ययन किया और 1803 में निम्न - सिद्धान्त का प्रतिपादन किया जो डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के नाम से जाना जाता है (i) सभी द्रव्य अतिसूक्ष्म कणों से मिलकर बने हैं, जिन्हें परमाणु (Atom) कहते हैं। परमाणु अविभाज्य है, अर्थात् इसे अन्य छोटे कणों में विभाजित नहीं किया जा सकता। (ii) किसी तत्त्व विशेष के सभी परमाणु, भार (द्रव्यमान) व रासायनिक गुणधर्म में समान होते हैं, लेकिन विभिन्न तत्त्वों के परमाणु, भार (द्रव्यमान) व रासायनिक गुणधर्म में अलग-अलग होते हैं। (iii) तत्त्वों के परमाणुओं के विभिन्न प्रकार से संयोग करने से विभिन्न प्रकार के सरल व जटिल पदार्थ बनते हैं। (iv) किसी रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप न तो परमाणुओं का सृजन किया जा सकता है न विनाश । (v) किसी यौगिक में संयोग करने वाले परमाणुओं की संख्या निश्चित रहती है।
In simple words: डाल्टन का परमाणु सिद्धांत बताता है कि सभी पदार्थ अविभाज्य परमाणुओं से बने हैं जो न तो बनाए जा सकते हैं और न ही नष्ट किए जा सकते हैं, और किसी यौगिक में परमाणु हमेशा निश्चित अनुपात में संयोजित होते हैं।

🎯 Exam Tip: डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के सभी पाँच मुख्य अभिग्रहीतों को याद रखें, क्योंकि यह रसायन विज्ञान के मौलिक सिद्धांतों में से एक है।

 

Question 15. कार्बन डाइऑक्साइड का सूत्र प्राप्त कीजिए।
Answer: हल- हम कार्बन डाइऑक्साइड के सूत्र को निम्न प्रकार प्राप्त कर सकते हैं :
1. कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन और ऑक्सीजन से बना एक यौगिक है। इसलिए, पहले हम कार्बन (\(\text{C}\)) और ऑक्सीजन (\(\text{O}\)) के प्रतीकों को लिखते हैं।
2. कार्बन की संयोजकता 4 है और ऑक्सीजन की संयोजकता 2 है। इसलिए, प्रतीक \(\text{C}\) के नीचे हम 4 लिखते हैं और प्रतीक \(\text{O}\) के नीचे हम 2 लिखते हैं-
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह आरेख कार्बन (\(\text{C}\)) और ऑक्सीजन (\(\text{O}\)) के रासायनिक संयोजन को दर्शाता है। कार्बन की संयोजकता 4 है और ऑक्सीजन की 2 है, जो उनके प्रतीकों के नीचे लिखी गई हैं। एक क्रॉस-ओवर विधि का उपयोग करके, ये संयोजकताएँ एक-दूसरे के विपरीत तत्व के साथ गुणा होती हैं, जिससे सूत्र \(\text{C}_2\text{O}_4\) बनता है, जिसे सरल करके \(\text{CO}_2\) प्राप्त होता है।
3. \(\text{C}\) और \(\text{O}\) परमाणुओं की संयोजकताओं का विनिमय करते हैं। सूत्र \(\text{C}_2\text{O}_4\) हो जाता है। इस सूत्र में 2 के सामान्य गुणक वाले 2 कार्बन परमाणु गुणक से भाग देने पर, हम सरलतम सूत्र \(\text{CO}_2\) पाते हैं। अतः कार्बन डाइऑक्साइड का सूत्र \(\text{CO}_2\) है।
In simple words: कार्बन डाइऑक्साइड का सूत्र बनाने के लिए, कार्बन की संयोजकता 4 और ऑक्सीजन की संयोजकता 2 का उपयोग करके उन्हें क्रॉस-विनिमय किया जाता है, फिर सूत्र \(\text{C}_2\text{O}_4\) को सरल करके \(\text{CO}_2\) प्राप्त किया जाता है।

🎯 Exam Tip: रासायनिक सूत्र बनाने के लिए संयोजकता के क्रॉस-विनिमय विधि का अभ्यास करें और सुनिश्चित करें कि अंतिम सूत्र सरलतम पूर्ण संख्या अनुपात में हो।

 

Question 16. हाइड्रोजन क्लोराइड का सूत्र प्राप्त कीजिए।
Answer: हल-
हाइड्रोजन क्लोराइड, हाइड्रोजन और क्लोरीन तत्त्व का बना है। हाइड्रोजन का प्रतीक \(\text{H}\) है और क्लोरीन का प्रतीक \(\text{Cl}\) है। हाइड्रोजन की संयोजकता 1 है और क्लोरीन की संयोजकता भी 1 है। हाइड्रोजन क्लोराइड के सूत्र को निम्न प्रकार प्राप्त किया जा सकता है-
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह आरेख हाइड्रोजन (\(\text{H}\)) और क्लोरीन (\(\text{Cl}\)) के रासायनिक संयोजन को दर्शाता है। हाइड्रोजन की संयोजकता 1 है और क्लोरीन की भी 1 है, जो उनके प्रतीकों के नीचे लिखी गई हैं। क्रॉस-विनिमय विधि का उपयोग करके, ये संयोजकताएँ एक-दूसरे के विपरीत तत्व के साथ गुणा होती हैं, जिससे सूत्र \(\text{H}_1\text{Cl}_1\) बनता है, जिसे सरल करके \(\text{HCl}\) प्राप्त होता है।
अतः हाइड्रोजन क्लोराइड यौगिक का सूत्र \(\text{HCl}\) है।
In simple words: हाइड्रोजन क्लोराइड का सूत्र \(\text{HCl}\) है क्योंकि हाइड्रोजन और क्लोरीन दोनों की संयोजकता 1 होती है, और वे एक सरल 1:1 अनुपात में संयोजित होते हैं।

🎯 Exam Tip: सरल यौगिकों के सूत्र बनाते समय, तत्वों की संयोजकताओं को सही ढंग से पहचानें और उन्हें क्रॉस-विनिमय करके सूत्र को सरलतम रूप में लिखें।

 

Question 17. कार्बन की संयोजकतो 4 है और क्लोरीन की संयोजकता 1 है। कार्बन टेट्राक्लोराइड का सूत्र क्या होगा?
Answer: हल-हम कार्बन टेट्राक्लोराइड के सूत्र को निम्न प्रकार कर सकते हैं :
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह आरेख कार्बन (\(\text{C}\)) और क्लोरीन (\(\text{Cl}\)) के रासायनिक संयोजन को दर्शाता है। कार्बन की संयोजकता 4 है और क्लोरीन की 1 है, जो उनके प्रतीकों के नीचे लिखी गई हैं। क्रॉस-विनिमय विधि का उपयोग करके, ये संयोजकताएँ एक-दूसरे के विपरीत तत्व के साथ गुणा होती हैं, जिससे सूत्र \(\text{C}_1\text{Cl}_4\) बनता है, जिसे सरल करके \(\text{CCl}_4\) प्राप्त होता है।
अतः कार्बन टेट्राक्लोराइड का सूत्र \(\text{CCl}_4\) है।
In simple words: कार्बन टेट्राक्लोराइड का सूत्र \(\text{CCl}_4\) है क्योंकि कार्बन की संयोजकता 4 और क्लोरीन की 1 होती है, जिसके क्रॉस-विनिमय से यह सूत्र बनता है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न संयोजकताओं वाले तत्वों के यौगिकों के सूत्र लिखते समय, क्रॉस-विनिमय विधि का उपयोग करें और सुनिश्चित करें कि संयोजकताएँ सही तत्व के साथ जोड़ी गई हैं।

 

Question 18. निम्न के अणु द्रव्यमान एवं एक मोल की गणना कीजिए-
(i) \(\text{NaOH}\)
(ii) \(\text{CaCO}_3\)
(iii) \((\text{NH}_4)_2\text{SO}_4\)
Answer:(i) \(\text{NaOH}\) का अणु द्रव्यमान = \(\text{Na}\) का परमाणु द्रव्यमान \(\times 1 + \text{O}\) का परमाणु द्रव्यमान \(\times 1 + \text{H}\) का परमाणु द्रव्यमान \(\times 1\)
= \(23 \times 1 + 16 \times 1 + 1 \times 1 = 23 + 16 + 1 = 40 \text{ u}\)
\(\text{NaOH}\) का एक मोल = \(40\) ग्राम
(ii) \(\text{CaCO}_3\) का अणु द्रव्यमान = \(\text{Ca}\) का परमाणु द्रव्यमान \(\times 1 + \text{C}\) का परमाणु द्रव्यमान \(\times 1 + \text{O}\) का परमाणु द्रव्यमान \(\times 3\)
= \(40 \times 1 + 12 \times 1 + 16 \times 3 = 40 + 12 + 48 = 100 \text{ u}\)
\(\text{CaCO}_3\) का एक मोल = \(100\) ग्राम
(iii) \((\text{NH}_4)_2 \text{SO}_4\) का अणु द्रव्यमान = (\(\text{N}\) का परमाणु द्रव्यमान \(\times 1 + \text{H}\) का परमाणु द्रव्यमान \(\times 4) \times 2 + \text{S}\) का परमाणु द्रव्यमान \(\times 1 + \text{O}\) का परमाणु द्रव्यमान \(\times 4\)
= \((14 \times 1 + 1 \times 4) \times 2 + 32 \times 1 + 16 \times 4\)
= \((14 + 4) \times 2 + 32 + 64\)
= \(18 \times 2 + 32 + 64\)
= \(36 + 32 + 64\)
= \(132 \text{ u}\)
\((\text{NH}_4)_2\text{SO}_4\) को एक मोल = \(132\) ग्राम
In simple words: किसी भी यौगिक का अणु द्रव्यमान उसके घटक परमाणुओं के द्रव्यमानों के योग से परिकलित किया जाता है, और उसका एक मोल उस यौगिक के ग्राम में व्यक्त अणु द्रव्यमान के बराबर होता है।

🎯 Exam Tip: अणु द्रव्यमान की गणना करते समय, प्रत्येक तत्व के परमाणु द्रव्यमान को उसके परमाणुओं की संख्या से गुणा करें और फिर सभी तत्वों के योग को निकालें।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. मोल संकल्पना क्या है? इसकी आवश्यकता पर प्रभाव डालते हुए मोलर द्रव्यमान को परिभाषित कीजिए ।
Answer: किसी पदार्थ का एक मोल उसकी वह मात्रा है जिसमें उतने ही कण उपस्थित होते हैं, जितने कार्बन-12 समस्थानिक के ठीक \(12\) g (या \(0.012\) kg) में परमाणु की संख्या होती है।
किसी पदार्थ के एक मोल में कणों की संख्या सदैव समान होगी भले ही वह कोई भी पदार्थ हो। इस संख्या के सही निर्धारण के लिए कार्बन-12 परमाणु का द्रव्यमान, द्रव्यमान स्पेक्ट्रममापी द्वारा ज्ञात किया गया जिसका मान \(1.992648 \times 10^{-23}\) g प्राप्त हुआ। कार्बन के \(1\) मोल का द्रव्यमान \(12\) g होता है, अतः कार्बन के \(1\) मोल में परमाणुओं की संख्या निम्न प्रकार होगी : \[ = \frac{12 \text{ ग्राम/मोल} - \text{C}12}{1.992648 \times 10^{-23} \text{ ग्राम/C}12 \text{ परमाणु}} \] \[ = 6.022 \times 10^{23} \text{ परमाणु/मोल} \] इसे आवोगाद्रो संख्या कहते हैं तथा \(\text{N}\) या \(\text{N}_{\text{A}}\) से व्यक्त करते हैं।
मोलर संकल्पना की आवश्यकता : मोल संकल्पना के अनुसार \(12\) ग्राम कार्बन में \(6.022 \times 10^{23}\) (आवोगाद्रो संख्या) कार्बन-परमाणु होते हैं। चूँकि इन कणों को गिनना सम्भव नहीं है, अतः इनकी संख्या को मोल में व्यक्त करके कार्य करना सरल हो जाता है।
उदाहरण-\(1\) मोल में ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या = \(6.022 \times 10^{23}\)
इसलिए \(3\) मोल में ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या = \(3 \times 6.022 \times 10^{23} = 1.81 \times 10^{24}\) परमाणु
उदाहरण से स्पष्ट है कि ऑक्सीजन परमाणुओं की संख्या \(1.81 \times 10^{24}\) में व्यक्त करना अपेक्षाकृत कठिन कार्य है, जबकि इन्हें \(3\) मोल ऑक्सीजन परमाणु के रूप में व्यक्त करना अत्यन्त सरल है। इसके अनुसार- मोलर द्रव्यमान – किसी पदार्थ के एक मोल के ग्राम में व्यक्त द्रव्यमान को उसका 'मोलर द्रव्यमान' कहते हैं। उदाहरणार्थ, सोडियम क्लोराइड का मोलर द्रव्यमान = \(58.5\) g
In simple words: मोल संकल्पना पदार्थ की मात्रा को मापने का एक तरीका है, जिसमें एक मोल में आवोगाद्रो संख्या (\(6.022 \times 10^{23}\)) के बराबर कण होते हैं। इसकी आवश्यकता बहुत बड़ी संख्या में कणों को सरल तरीके से व्यक्त करने के लिए होती है, और मोलर द्रव्यमान एक मोल पदार्थ का ग्राम में द्रव्यमान होता है।

🎯 Exam Tip: मोल संकल्पना, आवोगाद्रो संख्या और मोलर द्रव्यमान की परिभाषाओं को स्पष्ट रूप से समझें और इनके बीच के संबंध को उदाहरणों के साथ समझाएं।

 

Question 2. स्थिर अनुपात का नियम क्या है ? उदाहरण सहित समझायें ।
Answer: स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportion) : प्राउस्ट (Proust 1779 के अनुसार, “किसी यौगिक में दो या अधिक तत्त्व एक निश्चित अनुपात में संयोजन करते हैं।” अथवा “किसी रासायनिक यौगिक में तत्त्व हमेशा द्रव्यमानों के निश्चित अनुपात में विद्यमान होते हैं।” उदाहरण के लिए अगर हम जल किसी भी स्रोत नदी, तालाब, झरना आदि से लें। शुद्ध जल में 1 ग्राम हाइड्रोजन सदैव 8 ग्राम ऑक्सीजन से संयोग करती है या हम कह सकते हैं कि हाइड्रोजन व ऑक्सीजन के द्रव्यमानों में 1 : 8 अनुपात होता है। इसी प्रकार, कार्बन डाइऑक्साइड हम किसी भी तरह उत्पादित करें जैसे :
(i) किसी ईंधन या कोयले के दहन से
(ii) चूना पत्थर को गर्म करके
(iii) संगमरमर पर तनु अम्ल की अभिक्रिया से
(iv) श्वसन द्वारा। कार्बन डाइऑक्साइड में कार्बन और ऑक्सीजन के द्रव्यमानों में 3 : 8 का अनुपात होगा।
In simple words: स्थिर अनुपात का नियम कहता है कि किसी भी यौगिक में उसके घटक तत्व हमेशा निश्चित द्रव्यमान अनुपात में मौजूद होते हैं, चाहे वह किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो, जैसे जल में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का अनुपात हमेशा 1:8 होता है।

🎯 Exam Tip: स्थिर अनुपात के नियम की परिभाषा को सटीक रूप से लिखें और जल या कार्बन डाइऑक्साइड के उदाहरण के साथ द्रव्यमान अनुपात को स्पष्ट करें।

 

Question 3. एक प्रयोग में 1.5 g हाइड्रोजन जलने पर 13.5 g जल उत्पन्न करती है और दूसरे प्रयोग में 3.6 g जल का विद्युत अपघटन करने पर 0.4g हाइड्रोजन व 3.2 g ऑक्सीजन प्राप्त होती है। दिखाइए कि उपर्युक्त आँकड़े स्थिर अनुपात के नियम का अनुमोदन करते हैं।
Answer: ।. हाइड्रोजन का द्रव्यमान = \(1.5\) g जल का द्रव्यमान = \(13.5\) g ऑक्सीजन का द्रव्यमान = \(13.5 - 1.5 = 12.0\) g अतः \(1.5\) g हाइड्रोजन अभिक्रिया करती है \(12.0\) g ऑक्सीजन से \(1.0\) g हाइड्रोजन अभिक्रिया करती है। = \(\frac{12.0 \times 1.0}{1.5}\) = \(8.0\) g ऑक्सीजन से
II. हाइड्रोजन का द्रव्यमान = \(0.4\) g ऑक्सीजन का द्रव्यमान = \(3.2\) g अतः \(0.4\) g हाइड्रोजन अभिक्रिया करती है \(3.2\) g ऑक्सीजन से \(1.0\) g हाइड्रोजन अभिक्रिया करती है = \(\frac{3.2 \times 1.0}{0.4}\) = \(8.0\) g ऑक्सीजन से अतः दोनों ही प्रेक्षणों में \(1\) g हाइड्रोजन \(8\) g ऑक्सीजन से संयोग करती है। उपर्युक्त आँकड़े स्थिर अनुपात के नियम का अनुमोदन करते हैं।
In simple words: दोनों प्रयोगों में, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात हमेशा 1:8 पाया गया, जिससे यह सिद्ध होता है कि वे स्थिर अनुपात के नियम का पालन करते हैं, जहाँ तत्व निश्चित अनुपात में संयोजित होते हैं।

🎯 Exam Tip: स्थिर अनुपात के नियम को सिद्ध करने के लिए, दोनों प्रयोगों से प्राप्त तत्वों के द्रव्यमान अनुपात की गणना करें और दिखाएं कि यह अनुपात स्थिर है।

 

Question 4. कुछ सामान्य तत्त्वों के नाम दीजिए और उनके प्रतीक लिखिए।
Answer: जैसे-जैसे वैज्ञानिक अन्य तत्त्वों से परिचित होते गए, तत्त्वों की संख्या में वृद्धि होती गयी और उन्हें सामान्य प्रतीकों से प्रदर्शित करना मुश्किल होता गया।
डाल्टन (Dalton) पहले वैज्ञानिक थे जिन्होंने तत्त्वों के प्रतीकों का प्रयोग अत्यंत विशिष्ट अर्थ में किया। डाल्टन द्वारा प्रयोग किए प्रतीक (symbols) निम्न प्रकार थे :
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह डाल्टन द्वारा सुझाये गए कुछ प्रारंभिक तत्वों के प्रतीकों को दर्शाता है, जिसमें हाइड्रोजन को एक बिंदु वाले वृत्त, कार्बन को एक ठोस वृत्त, ऑक्सीजन को एक खाली वृत्त, फॉस्फोरस को वृत्त के अंदर चार बिंदुओं, सल्फर को वृत्त के अंदर क्रॉस, आयरन को वृत्त के अंदर I, कॉपर को वृत्त के अंदर C, सिल्वर को वृत्त के अंदर S, गोल्ड को वृत्त के अंदर G, सीसा को वृत्त के अंदर L, और प्लैटिना को वृत्त के अंदर P से दर्शाया गया है।
इसके पश्चात् स्वीडन के वैज्ञानिक जे. जे. वर्जीलियस ने यह सुझाव दिया कि तत्त्व के नाम का प्रथम अक्षर उसको प्रदर्शित करने के लिए प्रतीक के रूप में प्रयोग किया जाए। उदाहरण के लिए, हाइड्रोजन (Hydrogen) के लिए \(\text{H}\), कार्बन (Carbon) के लिए \(\text{C}\), नाइट्रोजन (Nitrogen) के लिए \(\text{N}\), आदि का प्रयोग तत्त्व के संकेत के रूप में किया गया। यह पद्धति कुछ संशोधनों के साथ आज भी प्रचलित है।
इस पद्धति में, कुछ समस्याएँ आयीं जैसे कई ऐसे तत्त्व हैं जिनका नाम एक ही अक्षर से आरम्भ होता है, जैसे :
कार्बन Carbon
क्रोमियम Chromium
कैल्सियम Calcium
कोबाल्ट Cobalt
क्लोरीन Chlorine
कॉपर Copper
जब दो या अधिक तत्त्वों का नाम एक ही अक्षर से आरम्भ हो तब केवल एक ही तत्त्व एक अक्षर द्वारा प्रदर्शित किया जाता है, अन्य तत्त्व को प्रदर्शित करने के लिए दो अक्षरों का प्रयोग करते हैं, इनमें पहला अक्षर अँग्रेजी का बड़ा अक्षर (Block letter of English alphabet) व दूसरा अक्षर छोटा प्रयोग करते हैं। इस प्रकार उपर्युक्त स्थिति में प्रतीक निम्न प्रकार होंगे।
कार्बन Carbon \(\text{C}\)
क्रोमियम Chromium \(\text{Cr}\)
कैल्सियम Calcium \(\text{Ca}\)
कोबाल्ट Cobalt \(\text{Co}\)
क्लोरीन Chlorine \(\text{Cl}\)
कॉपर Copper \(\text{Cu}\)

अंग्रेजी नामों से लिए गए प्रतीक
हाइड्रोजन (Hydrogen)H
हीलियम (Helium)He
लीथियम (Lithium)Li
कार्बन (Carbon)C
नाइट्रोजन (Nitrogen)N
ऑक्सीजन (Oxygen)O
फ्लोरीन (Fluorine)F
मैग्नीशियम (Magnesium)Mg
एल्यूमीनियम (Aluminium)Al
फॉस्फोरस (Phosphorus)P
क्रिप्टोन (Krypton)Kr
सल्फर (Sulphur)S
क्लोरीन (Chlorine)Cl
निओन (Neon)Ne
आर्गन (Argon)Ar
कैल्सियम (Calcium)Ca
बेरियम (Barium)Ba
मैंगनीज (Manganese)Mn
निकिल (Nickel)Ni
जिंक (Zinc)Zn
बोरोन (Boron)B
ब्रोमीन (Bromine)Br

तत्त्व का अंग्रेजी नामतत्त्व का लैटिन नामप्रतीक
सोडियम (Sodium)नेट्रियम (Natrium)Na
पोटैशियम (Potassium)केलियम (Kalium)K
लोहा (Iron)फेरम (Ferrum)Fe
ताँबा (Copper)कुप्रम (Cuprum)Cu
चाँदी (Silver)अर्जेन्टम (Argentum)Ag
सोना (Gold)अरम (Aurum)Au
पारा (Mercury)हाइड्रोजिरम (Hydrogyrum)Hg
लैड (Lead)प्लम्बम (Plumbum)Pb
टिन (Tin)स्टेनम (Stanum)Sn

नियम 1. तत्त्व का प्रतीक सदैव अंग्रेजी वर्णमाला के बड़े अक्षर द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। 2. यदि तत्त्व का प्रतीक दो अक्षरों द्वारा प्रदर्शित हो तो पहला अक्षर बड़ा व दूसरा अक्षर छोटा होगा। 3. कुछ तत्त्वों के प्रतीक सीधे इनके अंग्रेजी नामों से लिए गए हैं। अन्य कुछ तत्त्वों के प्रतीक इनके लैटिन नामों से लिए गये हैं जो नाम से एकदम भिन्न दिखाई देते हैं जैसे- सोडियम का प्रतीक है Na व पोटैशियम का प्रतीक K जो उनके लैटिन नामों नेट्रियम (Natrium) व केलियम (Kalium) से लिए गये।
In simple words: तत्वों के प्रतीक या तो उनके अंग्रेजी नाम के पहले अक्षर से (जैसे C फॉर कार्बन) या पहले दो अक्षरों से (जैसे Ca फॉर कैल्शियम) बनाए जाते हैं। कुछ प्रतीकों का स्रोत उनके लैटिन नाम होते हैं (जैसे Na फॉर सोडियम), जो IUPAC द्वारा मानकीकृत किए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: डाल्टन के प्रतीकों को ऐतिहासिक संदर्भ में समझें, और IUPAC द्वारा उपयोग किए जाने वाले आधुनिक प्रतीकों के नियमों (एक या दो अक्षर, लैटिन नाम) को याद रखें।

 

Question 5. निम्न को मोल में प्रदर्शित कीजिए
(i) 14.7 ग्राम \(\text{H}_2\text{SO}_4\)
(ii) 2.2 ग्राम \(\text{CO}_2\)
(iii) 3.15 ग्राम \(\text{HNO}_3\)
(iv) 64.4 ग्राम \(\text{NaOH}\)
(\(\text{H} = 1\text{u}, \text{S} = 32\text{u}, \text{O} = 16\text{u}, \text{C} = 12\text{u}, \text{N} = 14\text{u}, \text{Na} = 23\text{u}\))
Answer: हल- (i) \(\text{H}_2\text{SO}_4\) का अणु द्रव्यमान
= \(1 \times 2 + 32 + 16 \times 4\)
= \(2+32+ 64 = 98 \text{ u}\)
अतः \(\text{H}_2\text{SO}_4\) का एक मोल = \(98\) ग्राम
या
\(98\) ग्राम \(\text{H}_2\text{SO}_4\) = \(1\) मोल
या
\(1\) ग्राम \(\text{H}_2\text{SO}_4\) = \(1/98\) मोल
अतः
\(14.7\) ग्राम \(\text{H}_2\text{SO}_4 = \frac{1 \times 14.7}{98} \times \text{ मोल}\)
= \(0.15\) मोल
(ii) \(\text{CO}_2\) का अणु द्रव्यमान
= \((12 + 16 \times 2)\) u
= \((12 + 32)\) u = \(44\) u
अतः \(\text{CO}_2\) का एक मोल = \(44\) ग्राम
या
\(44\) ग्राम \(\text{CO}_2 = 1\) मोल
या \(1\) ग्राम \(\text{CO}_2 = 1/44\) मोल
अतः
\(2.2\) ग्राम \(\text{CO}_2 = \frac{1 \times 2.2}{44} \text{ मोल}\)
= \(0.05\) मोल
(iii) \(\text{HNO}_3\) का अणु द्रव्यमान
= \(1+14+3 \times 16\)
= \(1+14+ 48\)
= \(63\) u
अतः \(\text{HNO}_3\) का एक मोल = \(63\) ग्राम
या
\(63\) ग्राम \(\text{HNO}_3 = 1\) मोल
या
\(1\) ग्राम \(\text{HNO}_3 = 1/63\) मोल
अतः
\(3.15\) ग्राम \(\text{HNO}_3 = \frac{1 \times 3.15}{63} \text{ मोल}\)
= \(0.05\) मोल
(iv) \(\text{NaOH}\) का अणु द्रव्यमान
= \(23 + 16 + 1 = 40 \text{ u}\)
अतः \(\text{NaOH}\) का एक मोल = \(40\) ग्राम
या
\(40\) ग्राम \(\text{NaOH} = 1\) मोल
या
\(1\) ग्राम \(\text{NaOH} = 1/40\) मोल
अतः
\(64.4\) ग्राम \(\text{NaOH} = \frac{1 \times 64.4}{40} \text{ मोल}\)
= \(1.61\) मोल
In simple words: किसी पदार्थ के मोलों की संख्या ज्ञात करने के लिए, दिए गए द्रव्यमान को उस पदार्थ के अणु द्रव्यमान से विभाजित किया जाता है; उदाहरण के लिए, 14.7 ग्राम \(\text{H}_2\text{SO}_4\) में 0.15 मोल और 64.4 ग्राम \(\text{NaOH}\) में 1.61 मोल होते हैं।

🎯 Exam Tip: मोल की गणना करते समय, यौगिक का अणु द्रव्यमान सही ढंग से परिकलित करें और फिर दिए गए द्रव्यमान को मोलर द्रव्यमान से भाग दें।

 

Question 6. आयन क्या हैं? ये कितने प्रकार के हैं? कुछ सामान्य बहुपरमाणुक आयन लिखिए।
Answer: आयन (Ion) : आवेशित परमाणु या परमाणुओं का समूह आयन कहलाता है। आवेशित परमाणुओं के समूह मूलक (radicals) भी कहे जाते हैं। आवेश के आधार पर आयन दो प्रकार के हैं :
(i) धनायन (Positive ion or cation)
(ii) ऋणायन (Negative ion or anion)
(i) धनायन : धन आवेशित आयन धनायन (Cation) कहलाते हैं।
(ii) ऋणायन : ऋण आवेशित आयन ऋणायन (Anion) कहलाते हैं।
आयन पर उपस्थित आवेश संयोजकता (Valency) कहलाता है।
बहुपरमाणुक आयन : दो या अधिक परमाणुओं का समूह जिस पर नेट आवेश विद्यमान रहता है, बहुपरमाणुक आयन कहलाता है।
उदाहरण-
(i) बहुपरमाणुक धनायन – \(\text{NH}_4^{+}\) (अमोनियम आयन)।
(ii) बहुपरमाणुक ऋणायन \(\text{OH}^{-}\) (हाइड्रॉक्साइड आयन), \(\text{CO}_3^{2-}\) (कार्बोनेट आयन) \(\text{SO}_4^{2-}\) (सल्फेट आयन), \(\text{PO}_4^{3-}\) (फॉस्फेट आयन)।

एक संयोजी धनायन या मूलकद्विसंयोजी धनायन या मूलक
हाइड्रोजन (Hydrogen)H+कैल्सियम (Calcium)Ca++
सोडियम (Sodium)Na+बेरियम (Barium)Ba++
पोटैशियम (Potassium)K+मैग्नेशियम (Magnesium)Mg++
सिल्वर (Silver)Ag+जिंक (Zinc)Zn++
क्यूप्रस (Cuprous)Cu+निकिल (Nickel)Ni++
मरक्यूरस (Mercurous)Hg+मैंगनीज (Manganese)Mn++
अमोनियम (Ammonium)NH4+क्यूप्रिक (Cupric)Cu++
फैरस (Ferous)Fe++
प्लम्बस (Plumbous)Pb++

त्रिसंयोजी मूलक (Trivalent)चतुष्संयोजी मूलक (Tetravalent)
एल्यूमीनियम (Aluminium)Al+++स्टेनिक (Stennic)Sn++++
क्रोमियम (Chromium)Cr+++प्लम्बिक (Plumbic)Pb++++
फैरिक (Ferric)Fe+++कार्बन (Carbon)C++++
[नोट : जब कोई आयन दो या दो से अधिक संयोजकताएँ प्रदर्शित करता है, तो कम संयोजकता के लिए अस (us) व अधिक संयोजकता के लिए इक (ic) तत्त्व के नाम के साथ लगा देते हैं जैसे कॉपर एक संयोजी क्यूप्प्रस या द्विसंयोजी क्यूप्रिंक कहलाता है। इसे कॉपर (I) आयन व कॉपर (II) आयन द्वारा भी प्रदर्शित करते हैं। \(\text{Hg}^{+}\) (मरक्यूरस) को मरकरी (I) आयन व मरक्यूरिक (\(\text{Hg}^{++}\)) को मरकरी (II) आयन, फेरस (\(\text{Fe}^{++}\)) को आयरन (II) आयन व फेरिक (\(\text{Fe}^{+++}\)) को आयरन (III) आयन द्वारा भी प्रदर्शित करते हैं ।]

एक संयोजी ऋणायन या मूलकद्विसंयोजी ऋणायन या मूलक
फ्लोराइड (Fluoride)F-ऑक्साइड (Oxide)O-
क्लोराइड (Chloride)Cl-कार्बोनेट (Carbonate)CO3-
ब्रोमाइड (Bromide)Br-सल्फेट (Sulphate)SO4--
आयोडाइड (Iodide)I-सल्फाइड (Sulphide)S--
हाइड्रॉक्साइड (Hydroxide)OH-सल्फाइट (Sulphite)SO3--
नाइट्राइट (Nitrite)NO2-
नाइट्रेट (Nitrate)NO3-
बाइकार्बोनेट (Bicarbonate)HCO3-

त्रिसंयोजी मूलक (Trivalent)चतुष्संयोजी मूलक (Tetravalent)
फॉस्फेट (Phosphate)PO4---कार्बाइड (Carbide)C----
नाइट्राइड (Nitride)N---

In simple words: आयन आवेशित परमाणु या परमाणुओं के समूह होते हैं और दो प्रकार के होते हैं: धनायन (धनात्मक आवेशित) और ऋणायन (ऋणात्मक आवेशित)। बहुपरमाणुक आयन परमाणुओं के समूह होते हैं जिन पर कुल आवेश होता है, जैसे अमोनियम (\(\text{NH}_4^{+}\)) और कार्बोनेट (\(\text{CO}_3^{2-}\))।

🎯 Exam Tip: आयनों की परिभाषा, उनके प्रकार (धनायन, ऋणायन) और बहुपरमाणुक आयनों के उदाहरणों को उनके सूत्र और आवेश के साथ याद रखना आवश्यक है।

 

Question 7. ऑक्सीजन गैस के कितने ग्रामों में अणुओं की वही संख्या होती है जितनी कि सल्फर डाइऑक्साइड के 16 ग्रामों में होती है? (\(\text{O} = 16\text{u}, \text{S} = 32\text{u}\))।
Answer: हल-
यह समस्या इस तथ्य के प्रयोग से हल होगी कि सभी गैसों के समान मोलों में अणुओं की समान संख्या होती है। पहले हम सल्फर डाइऑक्साइड के \(16\) ग्रामों को मोलों में परिवर्तित करते हैं।
सल्फर डाइऑक्साइड, \(\text{SO}_2\) का \(1\) मोल । = \(\text{S}\) का द्रव्यमान + \(2\) ‘\(\text{O}\)’ का द्रव्यमान = \(32 + 2 \times 16 = 64\) ग्राम
अब, सल्फर डाइऑक्साइड के \(64\) g = \(1\) मोल
इसलिए, सल्फर डाइऑक्साइड के \(16\) g = \(\frac{1}{64} \times 16\) मोल = \(\frac{1}{4}\) मोल
अब, सल्फर डाइऑक्साइड के \(\frac{1}{4}\) मोल में अणुओं की वही संख्या होगी जो ऑक्सीजन के \(\frac{1}{4}\) मोल में होगी ।
इसलिए, हमें अब ऑक्सीजन के \(\frac{1}{4}\) मोल को ग्रामों में द्रव्यमान में परिवर्तित करना चाहिए।
ऑक्सीजन, \(\text{O}_2\) का एक मोल = \(2\) ‘\(\text{O}\)’ परमाणुओं का द्रव्यमान = \(2 \times 16 = 32\) ग्राम । अब, ऑक्सीजन का \(1\) मोल = \(32\) ग्राम इसलिए, ऑक्सीजन का मोल = \(32 \times \frac{1}{4}\) ग्राम = \(8\) ग्राम । अतः ऑक्सीजन के \(8\) ग्रामों में अणुओं की वही संख्या होगी जितनी कि सल्फर डाइऑक्साइड के \(16\) ग्रामों में होगी।
In simple words: सल्फर डाइऑक्साइड के 16 ग्राम में अणुओं की संख्या उतनी ही ऑक्सीजन गैस के 8 ग्राम में होती है, क्योंकि दोनों पदार्थों के समान मोल होने पर उनमें अणुओं की संख्या समान होती है, और यह गणना उनके मोलर द्रव्यमान पर आधारित है।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों को हल करने के लिए, दिए गए द्रव्यमान को मोल में परिवर्तित करें, यह मानते हुए कि समान मोल में समान संख्या में अणु होते हैं, और फिर वांछित तत्व के द्रव्यमान की गणना करें।

बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. नाइट्रोजन का रासायनिक संकेत है
(a) Ni
(b) N2
(c) N⁺
(d) N
Answer: (d) N
In simple words: नाइट्रोजन का रासायनिक प्रतीक 'N' है, जो इसके अंग्रेजी नाम के पहले अक्षर से लिया गया है।

🎯 Exam Tip: तत्वों के प्रतीकों को याद करना रासायनिक सूत्रों को समझने और लिखने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. सोडियम का रासायनिक संकेत है
(a) SO
(b) Sd
(c) NA
(d) Na
Answer: (d) Na
In simple words: सोडियम का प्रतीक 'Na' है, जो इसके लैटिन नाम 'Natrium' से लिया गया है।

🎯 Exam Tip: कुछ तत्वों के प्रतीक उनके लैटिन नामों पर आधारित होते हैं, जिन्हें विशेष रूप से याद रखना चाहिए।

 

Question 3. निम्नलिखित में से कौन सबसे अधिक भारी है?
(a) सूक्रोस (C12H22O11) के 0.2 मोल
(b) CO) के 2 मोल
(c) CaCO3 के 2 मोल
(d) H2O के 10 मोल
Answer: (c) CaCO3 के 2 मोल
In simple words: प्रत्येक विकल्प के द्रव्यमान की गणना करने पर, सूक्रोस के 0.2 मोल का द्रव्यमान 68.4 g, CO के 2 मोल का 56 g, CaCO3 के 2 मोल का 200 g और H2O के 10 मोल का 180 g होता है। अतः CaCO3 के 2 मोल सबसे भारी हैं।

🎯 Exam Tip: मोल संकल्पना का उपयोग करके दिए गए पदार्थ की मात्रा को द्रव्यमान में बदलना सीखें; द्रव्यमान = मोलों की संख्या × मोलर द्रव्यमान।

 

Question 4. निम्नलिखित में से किसमें परमाणुओं की संख्या अधिकतम होती है?
(a) H2O के 18 g
(b) O2 के 18 g
(c) CO2 के 18 g
(d) CH4 के 18 g
Answer: (d) CH4 के 18 g
In simple words: परमाणुओं की संख्या निकालने के लिए, पहले प्रत्येक पदार्थ के मोलों की संख्या ज्ञात करें, फिर अणुओं की संख्या (मोल x आवोगाद्रो संख्या) और अंत में प्रति अणु परमाणुओं की संख्या से गुणा करें। 18 g CH4 में सबसे अधिक परमाणु होते हैं क्योंकि इसका मोलर द्रव्यमान सबसे कम (16 g/mol) है, जिससे मोलों की संख्या अधिक होती है, और प्रति अणु परमाणुओं की संख्या भी अधिक (5) है।

🎯 Exam Tip: परमाणुओं की संख्या की तुलना करते समय मोलों की संख्या और प्रति अणु परमाणुओं की संख्या दोनों पर विचार करें। कम मोलर द्रव्यमान वाले यौगिक की समान मात्रा में आमतौर पर अधिक मोल होते हैं।

 

Question 5. डाल्टन ने प्रतिपादित किया कि
(a) द्रव्य सूक्ष्म कणों का बना है जिन्हें परमाणु कहते हैं।
(b) परमाणु अविभाज्य है जिनका सृजन व विनाश संभव नहीं है।
(c) किसी तत्त्व के सभी परमाणु समान रासायनिक प्रकृति के होते हैं।
(d) उपर्युक्त सभी ।
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
In simple words: डाल्टन के परमाणु सिद्धांत ने प्रस्तावित किया कि सभी पदार्थ परमाणुओं से बने हैं, परमाणु अविभाज्य हैं, और एक ही तत्व के परमाणु समान होते हैं। ये सभी कथन डाल्टन के सिद्धांत का हिस्सा हैं।

🎯 Exam Tip: डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की मुख्य अभिधारणाओं को समझना परमाणु संरचना की मूलभूत अवधारणाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 6. हाइड्रोजन परमाणु की त्रिज्या है
(a) 10-6 m
(b) 10-10 m
(c) 1 mm
(d) 1010 m.
Answer: (b) 10-10 m
In simple words: हाइड्रोजन परमाणु अत्यंत सूक्ष्म होता है, जिसकी त्रिज्या लगभग 10-10 मीटर होती है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न कणों के आकार की कोटि (ऑर्डर ऑफ मैग्नीट्यूड) को याद रखना महत्वपूर्ण है, विशेषकर परमाणुओं और नैनोमीटर पैमाने के संदर्भ में।

 

Question 7. 1 nm बराबर है
(a) 10-6 m के
(b) 10-10 m
(c) 10-9 m के
(d) 1010 m के
Answer: (c) 10-9 m के
In simple words: एक नैनोमीटर (nm) 10-9 मीटर के बराबर होता है, जिसका उपयोग बहुत छोटी दूरियों, जैसे परमाणु के आकार को मापने के लिए किया जाता है।

🎯 Exam Tip: नैनोमीटर और मीटर के बीच रूपांतरण (1 nm = 10-9 m) विभिन्न वैज्ञानिक गणनाओं में उपयोगी है।

 

Question 8. कैल्सियम का प्रतीक है
(a) Cu
(b) Cl
(c) Ca
(d) Cm
Answer: (c) Ca
In simple words: कैल्सियम का रासायनिक प्रतीक 'Ca' है, जो इसके अंग्रेजी नाम के पहले दो अक्षरों से लिया गया है।

🎯 Exam Tip: तत्वों के प्रतीकों को याद करने से रासायनिक समीकरणों और सूत्रों को समझने में मदद मिलती है।

 

Question 9. यदि ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान 16 है तो ऑक्सीजन गैस के 1 मोल का द्रव्यमान होगा
(a) 44u
(b) 32 ग्राम
(c) 16 u
(d) 16 ग्राम
Answer: (b) 32 ग्राम
In simple words: ऑक्सीजन गैस द्विपरमाणुक (\(O_2\)) होती है। यदि एक ऑक्सीजन परमाणु का द्रव्यमान 16 u है, तो \(O_2\) अणु का आणविक द्रव्यमान \(2 \times 16 = 32\) u होगा। एक मोल \(O_2\) का द्रव्यमान इसके आणविक द्रव्यमान के संख्यात्मक मान के बराबर ग्राम में होता है, जो 32 ग्राम है।

🎯 Exam Tip: आणविक द्रव्यमान को 'u' में और मोलर द्रव्यमान को 'ग्राम प्रति मोल' में व्यक्त किया जाता है। गैसों के लिए उनकी परमाणुकता पर ध्यान दें।

 

Question 10. पानी का ग्राम अणु द्रव्यमान है
(a) 18 u
(b) 18 ग्राम
(c) 32 u
(d) 32 ग्राम
Answer: (b) 18 ग्राम
In simple words: पानी (\(H_2O\)) का आणविक द्रव्यमान \( (2 \times 1) + 16 = 18 \) u होता है। इसका ग्राम अणु द्रव्यमान या मोलर द्रव्यमान संख्यात्मक रूप से 18 ग्राम होता है।

🎯 Exam Tip: 'ग्राम अणु द्रव्यमान' शब्द 'मोलर द्रव्यमान' के समान है और इसे ग्राम प्रति मोल में व्यक्त किया जाता है।

 

Question 11. 1.6 g CH4 का STP पर आयतन होगा
(a) 2.24 L
(b) 4.48 L
(c) 11.2 L
(d) 1.12 L
Answer: (a) 2.24 L
In simple words: मीथेन (\(CH_4\)) का मोलर द्रव्यमान 16 g/mol है। 1.6 g \(CH_4\) 0.1 मोल के बराबर है। मानक तापमान और दबाव (STP) पर, किसी भी गैस के एक मोल का आयतन 22.4 लीटर होता है, इसलिए 0.1 मोल का आयतन 2.24 लीटर होगा।

🎯 Exam Tip: STP पर किसी भी आदर्श गैस के 1 मोल का आयतन 22.4 लीटर होता है। द्रव्यमान को मोल में बदलने और फिर आयतन में बदलने के लिए मोलर द्रव्यमान का उपयोग करें।

 

Question 12. A2+ व B¯ के संयोजन से बने यौगिक का सूत्र है
(a) A2B
(b) A2B2
(c) AB
(d) AB2
Answer: (d) AB2
In simple words: जब एक आयन \(A^{2+}\) (जिसकी संयोजकता 2 है) और एक आयन \(B^{-}\) (जिसकी संयोजकता 1 है) संयोग करते हैं, तो आवेशों को संतुलित करने के लिए \(A\) के एक परमाणु के लिए \(B\) के दो परमाणुओं की आवश्यकता होती है। इस प्रकार, यौगिक का सूत्र \(AB_2\) होगा।

🎯 Exam Tip: रासायनिक सूत्र लिखते समय, आयनों की संयोजकता का 'क्रॉस-ओवर' नियम लागू करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यौगिक में कुल धनात्मक और ऋणात्मक आवेश संतुलित हों।

 

Question 13. Al3+ व \( SO_{4}^{2-} \) से बने यौगिक का सूत्र है
(a) Al2(SO4)3
(b) Al(SO4)3
(c) Al3(SO4)2
(d) AlSO4
Answer: (a) Al2(SO4)3
In simple words: ऐलुमिनियम आयन पर \(3+\) आवेश होता है और सल्फेट आयन पर \(2-\) आवेश होता है। आवेशों को संतुलित करने के लिए, ऐलुमिनियम के 2 आयन (\(2 \times 3+ = 6+\)) और सल्फेट के 3 आयन (\(3 \times 2- = 6-\)) की आवश्यकता होगी, जिससे सूत्र \(Al_2(SO_4)_3\) बनता है।

🎯 Exam Tip: बहुपरमाणुक आयनों के रासायनिक सूत्र लिखते समय, आयन को कोष्ठक में रखें और subscript को कोष्ठक के बाहर लिखें, यदि एक से अधिक आयन की आवश्यकता हो।

 

Question 14. O2 की परमाणुकता है|
(a) 4
(b) 3
(c) 2
(d) 1
Answer: (c) 2
In simple words: परमाणुकता एक अणु में मौजूद परमाणुओं की संख्या को दर्शाती है। ऑक्सीजन गैस (\(O_2\)) में दो ऑक्सीजन परमाणु होते हैं, इसलिए इसकी परमाणुकता 2 है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न तत्वों की सामान्य परमाणुकताओं को जानें (जैसे हीलियम 1, ऑक्सीजन 2, ओजोन 3, फास्फोरस 4, सल्फर 8)।

 

Question 15. कॉपर की परमाणुकता है|
(a) 4
(b) 3
(d) 1
Answer: (d) 1
In simple words: कॉपर एक धातु है, और धातुओं के अणु आमतौर पर एकल परमाणु होते हैं, अर्थात उनमें एक ही परमाणु होता है। अतः कॉपर की परमाणुकता 1 है।

🎯 Exam Tip: धातुओं की परमाणुकता अक्सर 1 होती है, जबकि कुछ गैर-धातुएं द्विपरमाणुक या बहुपरमाणुक होती हैं।

 

Question 16. आयरन का प्रतीक है
(a) I
(b) Ir
(c) Fe
(d) Fn
Answer: (c) Fe
In simple words: आयरन का रासायनिक प्रतीक 'Fe' है, जो इसके लैटिन नाम 'Ferrum' से लिया गया है।

🎯 Exam Tip: तत्वों के प्रतीकों को याद करना रासायनिक सूत्रों और समीकरणों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 17. C प्रतीक है
(a) कार्बन का
(b) कॉपर का
(c) कैल्सियम का
(d) क्लोरीन का
Answer: (a) कार्बन का
In simple words: 'C' प्रतीक कार्बन तत्व को दर्शाता है, जो इसके अंग्रेजी नाम के पहले अक्षर से लिया गया है।

🎯 Exam Tip: आवर्त सारणी के पहले 20 तत्वों के नाम और प्रतीक याद रखना रसायन विज्ञान के लिए एक मूलभूत आवश्यकता है।

 

Question 18. किसी यौगिक के 1 मोल में अणुओं की संख्या होगी
(a) 6.022 x 1024
(b) 6.022 x 1022
(c) 6.022 x 1021
(d) 6.022 x 1023
Answer: (d) 6.022 x 1023
In simple words: किसी भी पदार्थ के 1 मोल में उपस्थित कणों (अणुओं, परमाणुओं, आयनों) की संख्या आवोगाद्रो संख्या कहलाती है, जिसका मान 6.022 x 1023 होता है।

🎯 Exam Tip: आवोगाद्रो संख्या रसायन विज्ञान में एक केंद्रीय अवधारणा है और मोल संकल्पना से संबंधित सभी गणनाओं का आधार है।

 

Question 19. यदि जल का अणु द्रव्यमान 18 u है तो 1.8 ग्राम जल में अणुओं की संख्या होगी
(a) 6.022 x 1024
(b) 6.022 x 1022
(c) 6.022 x 1021
(d) 6.022 x 1023
Answer: (b) 6.022 x 1022
In simple words: जल का मोलर द्रव्यमान 18 g/mol होता है। 1.8 ग्राम जल 0.1 मोल जल के बराबर है (\(1.8 \, \text{g} / 18 \, \text{g/mol} = 0.1 \, \text{mol}\))। अणुओं की संख्या ज्ञात करने के लिए मोलों की संख्या को आवोगाद्रो संख्या से गुणा करें: \(0.1 \times 6.022 \times 10^{23} = 6.022 \times 10^{22}\) अणु।

🎯 Exam Tip: मोलों की संख्या, द्रव्यमान और अणुओं की संख्या के बीच संबंध को समझें। \( \text{अणुओं की संख्या} = \text{मोल} \times \text{आवोगाद्रो संख्या} \) और \( \text{मोल} = \text{द्रव्यमान} / \text{मोलर द्रव्यमान} \)।

 

Question 20. H2 गैस के 2 मोलों का द्रव्यमान होगा
(a) 2 ग्राम
(b) 1 ग्राम
(c) 4 ग्राम
(d) 4 u
Answer: (c) 4 ग्राम
In simple words: हाइड्रोजन गैस (\(H_2\)) का मोलर द्रव्यमान \(2 \times 1 = 2\) g/mol है। 2 मोल \(H_2\) का द्रव्यमान \(2 \, \text{mol} \times 2 \, \text{g/mol} = 4\) ग्राम होगा।

🎯 Exam Tip: मोलर द्रव्यमान की गणना करते समय तत्व की परमाणुकता पर ध्यान दें। द्रव्यमान = मोलों की संख्या × मोलर द्रव्यमान।

 

Question 21. CO2 का ग्राम अणु द्रव्यमान है
(a) 44
(b) 44u
(c) 44 ग्राम
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (b) 44u
In simple words: कार्बन डाइऑक्साइड (\(CO_2\)) का आणविक द्रव्यमान कार्बन (12 u) और दो ऑक्सीजन परमाणुओं (\(2 \times 16 \, \text{u} = 32 \, \text{u}\)) के द्रव्यमानों का योग है, जो \(12 \, \text{u} + 32 \, \text{u} = 44 \, \text{u}\) है। हालांकि 'ग्राम अणु द्रव्यमान' आमतौर पर ग्राम में व्यक्त मोलर द्रव्यमान को संदर्भित करता है (जो 44 ग्राम होगा), दिए गए विकल्पों और उत्तर कुंजी के अनुसार, '44u' आणविक द्रव्यमान को सबसे सटीक रूप से दर्शाता है।

🎯 Exam Tip: आणविक द्रव्यमान को 'u' में और मोलर द्रव्यमान को 'ग्राम प्रति मोल' में व्यक्त किया जाता है। प्रश्न की शब्दावली और विकल्पों पर ध्यान दें।

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