UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 1 Matter in Our Surroundings

Welcome! Access the best UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें right here. Designed for the 2026 27 term, these answers follow the newest UP Board curriculum guidelines for Class 9 Science. Get our expert-verified study solutions for Class 9 Science as free downloadable PDFs.

Step-by-Step UP Board Solutions: Class 9 Science Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें

Every Class 9 student should solve UP Board textbook questions to master core ideas. Our Class 9 Science solutions provide easy, step-by-step explanations to make logic clear for every problem. Reviewing these Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें solutions boosts your exam confidence and performance.

Download Solutions: Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें (Class 9 Science UP Board)

UP Board Solutions for Class 9 Science Chapter 1 Matter In Our Surroundings (हमारे आस-पास के पदार्थ)

पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या-4)

 

Question 1. निम्न में से पदार्थ छाँटो-कुर्सी, वायु, स्नेह, गन्ध, घृणा, बादाम, विचार, शीत, शीतल पेय, इत्र की सुगन्ध ।
Answer: पदार्थ निम्न हैं-कुर्सी, वायु, बादाम तथा शीतल पेय पदार्थ, यह सभी स्थान घेरते हैं तथा इन सभी का द्रव्यमान होता है।
In simple words: पदार्थ वह है जो स्थान घेरता है और जिसका द्रव्यमान होता है। दी गई सूची में कुर्सी, वायु, बादाम और शीतल पेय इन मानदंडों को पूरा करते हैं, जबकि स्नेह, गंध, घृणा, विचार, शीत और इत्र की सुगंध केवल भावनाएँ या संवेदन हैं।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की परिभाषा को याद रखें - जो स्थान घेरता है और जिसका द्रव्यमान होता है। उदाहरणों को पहचानना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. निम्नलिखित प्रेक्षण के कारण बताइए : गरमा-गरम खाने की गंध कई मीटर दूर से ही आपके पास पहुँच जाती है, लेकिन ठंडे खाने की महक लेने के लिए आपको उसके पास जाना पड़ता है।
Answer: किसी पदार्थ की गंध या महक हमें तब अनुभव होती है जब गंध के कण वायु में मिश्रित होकर हमारी नाक तक पहुँचते हैं। यह भी जानते हैं कि कणों का विसरण किसी माध्यम में (UPBoardSolutions.com) उच्च ताप पर अधिक तथा निम्न ताप पर कम होता है। इसलिए गरमा-गरम खाने की गंध तेजी के साथ कई मीटर दूर तक पहुँच जाती है। लेकिन ठंडे खाने की गंध लेने के लिए हमें उसके पास जाना पड़ता है।
In simple words: गर्म खाने के कणों में अधिक गतिज ऊर्जा होती है, जिससे वे तेजी से हवा में फैलते हैं और दूर तक पहुँचते हैं। ठंडे खाने के कणों में कम ऊर्जा होती है, इसलिए वे धीरे फैलते हैं और उनकी गंध महसूस करने के लिए पास जाना पड़ता है।

🎯 Exam Tip: विसरण की दर तापमान पर निर्भर करती है - उच्च तापमान पर कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ने से विसरण तेज होता है। इस सिद्धांत को उदाहरण के साथ समझाना सीखें।

 

Question 3. स्वीमिंग पूल में गोताखोर पानी काट पाता है। इससे पदार्थ का कौन-सा गुण प्रेक्षण होता है?
Answer: स्वीमिंग पूल में गोताखोर पानी काट पाता है। क्योंकि जल के कणों के मध्य आकर्षण बल होता है जो कणों को साथ-साथ रखता है।
In simple words: गोताखोर का पानी काटना यह दर्शाता है कि पानी के कणों के बीच लगने वाला आकर्षण बल कमजोर होता है। यह बल कणों को एक साथ रखता है, लेकिन इतना मजबूत नहीं होता कि उन्हें अलग न किया जा सके।

🎯 Exam Tip: द्रवों के कणों के बीच अंतराणुक बल की प्रकृति को समझना महत्वपूर्ण है। यह ठोसों से कमजोर लेकिन गैसों से मजबूत होता है, जिससे द्रव बह सकते हैं लेकिन उनके कण पूरी तरह से अलग नहीं होते।

 

Question 4. पदार्थ के कणों की क्या विशेषताएँ होती हैं?
Answer: पदार्थ के कणों की विशेषताएँ
1. पदार्थ के कणों के मध्य एक आकर्षण बल उपस्थित होता है।
2. पदार्थ के कणों के मध्य (UPBoardSolutions.com) पर्याप्त रिक्त स्थान होता है।
3. पदार्थ के कण निरन्तर गतिशील होते रहते हैं।
4. पदार्थ के तीन रूप ठोस, द्रव और गैस हैं। पदार्थ की ये अवस्थाएँ उसके कणों की विभिन्न विशेषताओं के कारण होती हैं।
In simple words: पदार्थ के कण बहुत छोटे होते हैं, लगातार हिलते रहते हैं, उनके बीच खाली जगह होती है, और वे एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं। इन गुणों के कारण ही पदार्थ ठोस, द्रव या गैस के रूप में मौजूद होता है।

🎯 Exam Tip: पदार्थ के कणों की मौलिक विशेषताओं को याद रखना और उन्हें उदाहरणों से जोड़ना परीक्षा में अच्छे अंक दिला सकता है। विशेष रूप से आकर्षण बल, रिक्त स्थान और गतिशीलता।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या - 6)

 

Question 1. किसी तत्त्व के द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन को घनत्व कहते हैं। (घनत्व = द्रव्यमान / आयतन) घनत्व बढ़ने के साथ निम्नलिखित को आरोही क्रम में लिखो - वायु, चिमनी का, शहद, पानी, चॉक, रूई और लोहा ।
Answer: घनत्व के बढ़ते क्रम में पदार्थ : वायु < चिमनी का धुआँ < रुई < पानी < शहद < चॉक < लोहा ।
In simple words: घनत्व बताता है कि कोई चीज़ कितनी घनी है (कितना द्रव्यमान प्रति इकाई आयतन)। दी गई वस्तुओं को उनके घनत्व के अनुसार सबसे हल्के से सबसे भारी तक व्यवस्थित करने पर, वायु सबसे हल्की और लोहा सबसे भारी होता है, क्योंकि लोहे के कण एक-दूसरे के सबसे करीब होते हैं।

🎯 Exam Tip: घनत्व की परिभाषा और विभिन्न पदार्थों के सापेक्ष घनत्व की समझ महत्वपूर्ण है। ठोसों का घनत्व आम तौर पर द्रवों और गैसों से अधिक होता है।

 

Question 2. (a) पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं के गुणों में होने वाले अंतर को तालिकाबद्ध कीजिये ।
Answer: (a) पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं में निम्नलिखित अन्तर पाये जाते हैं-

गुणठोसद्रवगैस
1. आकारठोसों का आकार निश्चित होता व स्थिर आकृति बनाए रखते हैं।द्रवों का आकार निश्चित नहीं होता परन्तु इन्हें जिस पात्र में डाला जाता है उसी की आकृति ग्रहण कर लेते हैं।गैसों का आकार निश्चित नहीं होता।
2. दृढ़ताठोस दृढ़ होते हैं।द्रव दृढ़ नहीं होते ये बह सकते हैं।गैसें दृढ़ नहीं होतीं।
3. आयतनठोसों का आयतन निश्चित होता है।द्रवों का भी आयतन निश्चित होता है।गैसों का कोई निश्चित आयतन नहीं होता वे तो जितना स्थान मिलता है सारा ही घेर लेते हैं।
4. संपीडनशीलताठोस असंपीडनीय होते हैं।द्रव बहुत कम संपीडित किए जाते हैं।गैसें बहुत अधिक संपीडनशील होती हैं।
5. कणों के बीच अन्तरा-ण्विक बलठोसों के कणों के बीच बहुत अधिक अन्तराण्विक बल पाया जाता है।द्रवों के कणों के मध्य ठोसों की अपेक्षा कम अन्तराण्विक बल पाया जाता है। परन्तु यह बल इनका आयतन स्थिर बनाने के लिए पूर्ण होता है।गैसों के कणों के बीच अन्तराण्विक बल बहुत कम होता है अर्थात् नगण्य होता है। प्रत्येक कण स्वतन्त्रतापूर्वक गति कर सकता है और अधिक-से-अधिक आयतन घेरता है।
6. कर्णो में गतिठोसों के कणों की गति कम्पन गति होती है और बहुत कम होती है।द्रवों के कणों की गति कम होती है परन्तु ठोसों से अधिक इनके कण एक-दूसरे से अलग नहीं होते।गैसों के कण तीव्र वेग से अनियमित गति करते रहते हैं।

(b) निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए-दृढ़ता, संपीडयता, तरलता, बर्तन में गैस का भरना, आकार, गतिज ऊर्जा एवं घनत्व ।
Answer:
(i) दृढ़ता : दृढ़ता पदार्थों का वह गुण है। जिसके कारण बाह्य बल लगाने पर भी पदार्थ अपना आकार नहीं बदलते परन्तु बल लगाने पर वे टूट जाते हैं, जैसे ठोस पदार्थ दृढ़ होते हैं।
(ii) संपीडयता : संपीडयता का अर्थ है कि पदार्थ पर बल लगाने पर उसके कण एक-दूसरे के समीप आ जाएँ जिससे उसका आयतन कम हो जाये। ठोस पदार्थों को तथा द्रवों का संपीडन नहीं किया जा सकता। गैसों को आसानी से संपीडित किया जा सकता है।
(iii) तरलता : तरलता का अर्थ है बहाव । ऐसे पदार्थ जो बह सकते हैं तरल या द्रव पदार्थ कहलाते हैं। कुछ पदार्थ आसानी से बहते हैं जैसे जल, दूध आदि परन्तु कुछ पदार्थ धीरे बहते हैं जैसे शहद, ग्लिसरीन ।
(iv) बर्तन में गैस का भरना : गैसों को आसानी से संपीडित किया जा सकता है इसलिए गैसों के अत्यधिक आयतन को एक कम आयतन वाले सिलेण्डर में संपीडित करके (UPBoardSolutions.com) भरा जा सकता है जैसे द्रवित पैट्रोलियम गैस (L.P.G.), अस्पतालों में दिये जाने वाले ऑक्सीजन सिलेण्डरों में भी सपीडित करके गैस को भरा जाता है। इसी प्रकार संपीडित प्राकृतिक गैस (C.N.G.) को भी अधिक ताप पर गैस सिलेण्डरों में भरा जाता है।
(v) आकार : यदि पदार्थ के कणों के बीच आकर्षण बल बहुत अधिक हो तो उनका आकार निश्चित होता है, जैसे ठोस पदार्थों का आकार निश्चित होता है। परन्तु तरल पदार्थ के कणों के मध्य आकर्षण बल कम होने के कारण आकार निश्चित नहीं होता। वे उसी बर्तन का आकार ग्रहण कर लेते हैं जिसमें उन्हें रखा जाता है। इसी प्रकार गैसीय पदार्थों का आकार भी निश्चित नहीं होता है।
(vi) गतिज ऊर्जा एवं घनत्व : पदार्थ के कण सदैव गतिशील रहते हैं जिनके कारण उनमें गतिज ऊर्जा होती है। ठोस पदार्थों के कणों की गतिज ऊर्जा बहुत कम होती है तरल पदार्थों में ठोस पदार्थों से अधिक तथा गैसीय पदार्थ की गतिज ऊर्जा सबसे अधिक होती है। घनत्व किसी पदार्थ के एक इकाई आयतन का द्रव्यमान होता है। सामान्यतः येस पदार्थों का घनत्व अधिक होता है। गैसीय पदार्थों के कणों के मध्य खाली स्थान बहुत अधिक होता (UPBoardSolutions.com) है इनकी गतिज ऊर्जा भी बहुत अधिक होती है परन्तु इनका घनत्व ठोस तथा द्रवों की अपेक्षा बहुत कम होता है।
In simple words: पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं (ठोस, द्रव, गैस) के गुणों में कणों की व्यवस्था, उनके बीच आकर्षण बल और उनकी गतिज ऊर्जा में अंतर होता है। दृढ़ता पदार्थों का आकार बनाए रखने की क्षमता है, संपीड्यता सिकुड़ने की क्षमता, और तरलता बहने की क्षमता है। ये गुण पदार्थ की अवस्था को परिभाषित करते हैं।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की तीनों अवस्थाओं के गुणों का तुलनात्मक अध्ययन तालिका के माध्यम से करें। प्रत्येक गुण (जैसे आकार, आयतन, संपीड्यता, तरलता, अंतराणुक बल, गतिज ऊर्जा) को समझें और उन्हें वास्तविक जीवन के उदाहरणों से जोड़ें।

 

Question 3. कारण बताएँ
(a) गैस पूरी तरह उस बर्तन को भर देती है, जिसमें इसे रखते हैं।
(b) गैस बर्तन की दीवारों पर दबाव डालती है।
(c) लकड़ी की मेज ठोस कहलाती है।
(d) हवा में हमें आसानी से अपना हाथ चला सकते हैं, लेकिन एक ठोस लकड़ी के टुकड़े में हाथ चलाने के लिए हमें कराटे में दक्ष होना पड़ेगा।

Answer:
(a) गैस पूरी तरह उस बर्तन को भर देती है। जिसमें उसे हम रखते हैं क्योंकि उच्च गतिज ऊर्जा तथा नगण्य आकर्षण बलों के कारण, गैस के अणु उच्च वेग से सभी दिशाओं में गतिशील होते रहते हैं।
(b) तेजी से गति करते हुए, जब गैस के अणु बर्तन की दीवारों से टकराते हैं, वे दाब डालते रहते हैं। गैस द्वारा डाला गया दाब तेजी से गति करने वाले गैस-अणुओं की बर्तन की दीवारों से टक्करों के कारण होता है।
(c) लकड़ी की मेज ठोस कहलाती है, क्योंकि इसका (UPBoardSolutions.com) आकार तथा आयतन निश्चित होता है।
(d) हवा में हाथ आसानी से चला सकते हैं क्योंकि हवा के अणु आसानी से काटे जा सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कणों के बीच बहुत कम बल लगी होता है। जबकि लकड़ी के कणों के बीच बहुत कम स्थान होता है, अतः उनके बीच अत्यधिक बल लगा होता है। उसमें हाथ चलाने के लिए हमें कराटे में दक्ष होना पड़ेगा।
In simple words: गैसों के कणों की उच्च गति और कमजोर आकर्षण बल के कारण वे पूरे बर्तन को भर देते हैं और दीवारों पर दबाव डालते हैं। लकड़ी की मेज ठोस होती है क्योंकि उसके कण मजबूती से बंधे होते हैं, जिससे उसका आकार और आयतन निश्चित रहता है। हवा के कणों के बीच कमजोर बल के कारण हाथ आसानी से हिलता है, जबकि लकड़ी के मजबूत कणों को तोड़ने के लिए अधिक बल (जैसे कराटे) की आवश्यकता होती है।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की अवस्थाओं के गुणों को उनके कणों के व्यवहार (गतिज ऊर्जा, अंतराणुक बल) से जोड़कर समझें। ये सीधे कारण और परिणाम पर आधारित प्रश्न हैं।

 

Question 4. सामान्यतया ठोस पदार्थों की अपेक्षा द्रवों का घनत्व कम होता है। लेकिन आपने बर्फ के टुकड़े को पानी पर तैरते देखा होगा। पता लगाइए ऐसा क्यों होता है?
Answer: बर्फ का टुकड़ा पानी पर तैरता है क्योंकि यह अपने अधिक आयतन के कारण अपने द्रव्यमान से अधिक पानी हटा सकता है। इसीलिए बर्फ का टुकड़ा तैरता रहता है। बर्फ का आयतन अपने उस जल से जिससे वह बना होता है अधिक होता है।
In simple words: बर्फ पानी पर तैरती है क्योंकि यह पानी के जमने पर फैल जाती है, जिससे इसका आयतन बढ़ जाता है लेकिन द्रव्यमान वही रहता है। इस कारण बर्फ का घनत्व पानी से कम हो जाता है और वह पानी की सतह पर तैरने लगती है।

🎯 Exam Tip: पानी के अद्वितीय गुण को याद रखें कि यह जमने पर फैलता है, जिससे बर्फ का घनत्व कम हो जाता है। यह एक महत्वपूर्ण अपवाद है जो अक्सर पूछा जाता है।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या 9)

 

Question 1. निम्नलिखित तापमान को सेल्सियस में बदलें-
(a) 300 K
(b) 573 K

Answer:
(a) K = °C + 273 \( \implies \) °C = K - 273 = 300 - 273 = 27°C
(b) K = °C + 273 \( \implies \) °C = K - 273 = 573 - 273 = 200°C
In simple words: केल्विन को सेल्सियस में बदलने के लिए, दिए गए केल्विन तापमान में से 273 घटा दिया जाता है। इस सूत्र का उपयोग करके 300 K 27°C और 573 K 200°C के बराबर होता है।

🎯 Exam Tip: तापमान बदलने का सूत्र (°C = K - 273) याद रखें और गणना में सावधानी बरतें।

 

Question 2. निम्नलिखित ताप पर जल की भौतिक अवस्था क्या होगी ?
(a) 250°C
(b) 100°C

Answer:
(a) 250°C ताप पर जल गैसीय अवस्था में बदल जायेगा।
(b) 100°C ताप पर जल द्रव तथा गैसीय अवस्था में बदल जायेगा ।
In simple words: 0°C पर पानी जमना शुरू करता है, 100°C पर उबलना शुरू करता है। इसलिए 250°C पर यह पूरी तरह गैस (भाप) बन चुका होगा। 100°C पर यह उबल रहा होगा, इसलिए यह द्रव (पानी) और गैस (भाप) दोनों अवस्थाओं में मौजूद होगा।

🎯 Exam Tip: पानी के क्वथनांक (100°C) और गलनांक (0°C) को याद रखना महत्वपूर्ण है। क्वथनांक पर पदार्थ द्रव और गैस दोनों अवस्थाओं में सह-अस्तित्व में होते हैं।

 

Question 3. किसी भी पदार्थ की अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान स्थिर क्यों रहता है?
Answer: किसी पदार्थ का ताप बढ़ाने पर वह एक निश्चित ताप पर अवस्था में परिवर्तन करके दूसरी भौतिक अवस्था प्राप्त कर लेता है। अब इसका ताप स्थिर रहता है क्योंकि अब समस्त (UPBoardSolutions.com) ऊष्मा अवस्था परिवर्तन में काम आती है तथा यह तब तक रहता है जब तक पदार्थ एक अवस्था से दूसरी अवस्था में पूर्ण रूप से न बदल जाए, ऐसी ऊष्मा को पदार्थ की गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
In simple words: जब कोई पदार्थ अवस्था बदलता है (जैसे बर्फ से पानी), तो दी गई ऊष्मा तापमान बढ़ाने के बजाय कणों के बीच के आकर्षण बल को तोड़ने में लग जाती है। इस छिपी हुई ऊष्मा को गुप्त ऊष्मा कहते हैं, और इसी कारण अवस्था परिवर्तन के दौरान तापमान स्थिर रहता है।

🎯 Exam Tip: गुप्त ऊष्मा की अवधारणा को समझें - यह वह ऊष्मा है जो अवस्था परिवर्तन के लिए उपयोग की जाती है, न कि तापमान बढ़ाने के लिए। यह अक्सर पूछा जाने वाला महत्वपूर्ण प्रश्न है।

 

Question 4. वायुमंडलीय गैसों को द्रव में परिवर्तन करने के लिए कोई विधि सुझाइए ।
Answer: हम जानते हैं कि पदार्थ की अवस्थाएँ दाब व तापमान के द्वारा तय होती हैं। ताप कम करके व दाब बढ़ाकर पदार्थ की अवस्था परिवर्तन किया जा सकता है। वायुमण्डलीय गैस की ऊपर ऊँचाई पर ताप कम होने के कारण गैस संघनित होकर बादलों में बदल जाती है जो द्रव की छोटी-छोटी बूंदों से मिलकर बना होता है।
In simple words: वायुमंडलीय गैसों को द्रव में बदलने के लिए, हमें उनका तापमान कम करना होगा और उन पर दबाव बढ़ाना होगा। ये दो कारक गैस के कणों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं और उन्हें द्रव अवस्था में परिवर्तित कर देते हैं।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की अवस्थाओं पर तापमान और दाब के प्रभाव को याद रखें। गैसों को द्रवीकृत करने के लिए उच्च दाब और निम्न ताप की स्थितियाँ आवश्यक होती हैं।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या 11)

 

Question 1. गर्म, शुष्क दिन में कूलर अधिक ठंडा क्यों करता है ?
Answer: कूलर के आधार में एक पानी भरने का बर्तन होता है। घनाकार बर्तन के एक फलक पर पंखा लगाया जाता है व अन्य तीन फलकों पर घास की चटाई। उन पर एक युक्ति का प्रयोग कर पानी गिराया जाता है, पंखा बाहरी हवा को अंदर खींचता है और पानी का वाष्पन होता है जिसके लिए वह (UPBoardSolutions.com) ऊष्मा अन्दर आने वाली हवा से ग्रहण करता है और हवा ठंडी हो जाती है।
In simple words: गर्म और शुष्क दिन में हवा में नमी कम होती है, जिससे कूलर में पानी का वाष्पीकरण तेजी से होता है। वाष्पीकरण के लिए आवश्यक ऊष्मा हवा से ली जाती है, जिससे हवा ठंडी हो जाती है और हमें अधिक ठंडक महसूस होती है।

🎯 Exam Tip: कूलर का सिद्धांत वाष्पीकरण पर आधारित है। वाष्पीकरण की दर को प्रभावित करने वाले कारकों (तापमान, आर्द्रता, वायु गति) को समझना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. गर्मियों में घड़े का जल ठंडा क्यों होता है?
Answer: मिट्टी से बने घड़े में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं। जिनसे घड़े में भरा पानी रिसकर बाहर आ जाता है तथा वायुमंडल की गर्म वायु के संपर्क में आकर वाष्पीकृत हो जाता है। जल के वाष्प में परिवर्तित होने के लिए आवश्यक ऊष्मीय ऊर्जा घड़े के भीतर वाले जल से प्राप्त होती है। इससे घड़े के भीतर उपस्थित जल ठंडा हो जाता है।
In simple words: मिट्टी के घड़े में छोटे छिद्र होते हैं जिनसे पानी लगातार रिसता रहता है और बाहर की हवा के संपर्क में आकर वाष्पीकृत होता रहता है। इस वाष्पीकरण के लिए आवश्यक गर्मी घड़े के अंदर के पानी से ली जाती है, जिससे अंदर का पानी ठंडा हो जाता है।

🎯 Exam Tip: घड़े का पानी ठंडा होने का कारण वाष्पीकरण की प्रक्रिया है। यह दर्शाता है कि वाष्पीकरण से शीतलन होता है, क्योंकि वाष्पीकरण के लिए गुप्त ऊष्मा द्रव से ली जाती है।

 

Question 3. ऐसीटोन/पेट्रोल या इत्र डालने पर हमारी हथेली ठंडी क्यों हो जाती है ?
Answer: ऐसीटोन/पेट्रोल या इत्र शीघ्रता से वाष्पीकृत हो जाते हैं। जब इन पदार्थों को हथेली पर डाला जाता है | तो यह हथेली से ऊर्जा प्राप्त कर लेते हैं तथा वाष्पीकृत हो जाते हैं। ऊर्जा (ताप) के रूस से हमारी हथेली ठंडी | हो जाती है।
In simple words: एसीटोन, पेट्रोल या इत्र जैसे वाष्पशील पदार्थ हमारी हथेली पर पड़ने पर तुरंत वाष्पीकृत हो जाते हैं। इस वाष्पीकरण के लिए वे हथेली से गर्मी (ऊष्मा) खींचते हैं, जिससे हथेली पर ठंडक महसूस होती है।

🎯 Exam Tip: वाष्पशील द्रवों के वाष्पीकरण की प्रक्रिया को समझें। ये द्रव अपने आसपास से गुप्त ऊष्मा लेकर तेजी से वाष्पीकृत होते हैं, जिससे शीतलन प्रभाव उत्पन्न होता है।

 

Question 4. कप की अपेक्षा प्लेट से हम गर्म दूध या चाय जल्दी क्यों पी लेते हैं ?
Answer: वाष्पीकरण या वाष्पन एक सतही प्रक्रिया है। प्लेट की खुली सतह का क्षेत्रफल कप के क्षेत्रफल से | अधिक होता है, अतः प्लेट में दूध या चाय का वाष्पीकरण कप की अपेक्षा तेजी से होता है, व वे जल्दी ठंडे हो जाते हैं।
In simple words: प्लेट का सतही क्षेत्रफल कप से ज्यादा होता है। बड़े सतही क्षेत्रफल से वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है, जिससे दूध या चाय जल्दी ठंडी होती है और उसे पीना आसान हो जाता है।

🎯 Exam Tip: वाष्पीकरण एक सतही परिघटना है, और इसका दर सतही क्षेत्रफल बढ़ने पर बढ़ जाता है। इस अवधारणा को समझना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. गर्मियों में हमें किस प्रकार के कपड़े पहनने चाहिए ?
Answer: गर्मियों में हमें सूती कपड़े पहनने चाहिए। पसीने के वाष्पीकरण के दौरान पसीना हमारे शरीर या आसपास से ऊर्जा प्राप्त करके वाष्प में बदल जाता है। वाष्पीकरण की (UPBoardSolutions.com) गुप्त ऊष्मा के बराबर ऊष्मीय ऊर्जा हमारे शरीर से अवशोषित हो जाती है जिससे शरीर ठंडा हो जाता है। चूंकि सूती कपड़ों में पसीने का अवशोषण अधिक होता है, इसलिए हमारा पसीना इसमें अवशोषित होकर वायुमंडल में आसानी से वाष्पीकृत हो जाता है।
In simple words: गर्मियों में सूती कपड़े पहनने चाहिए क्योंकि वे पसीने को अच्छी तरह सोखते हैं। यह पसीना फिर आसानी से वाष्पीकृत हो जाता है, और इस प्रक्रिया में हमारे शरीर से गर्मी निकलती है, जिससे हमें ठंडक महसूस होती है।

🎯 Exam Tip: सूती कपड़े पसीने के वाष्पीकरण को बढ़ावा देते हैं, जिससे शरीर ठंडा होता है। यह वाष्पीकरण और शीतलन के सिद्धांत का एक व्यावहारिक अनुप्रयोग है।

अभ्यास प्रश्न (पृष्ठ संख्या-13-14)

 

Question 1. निम्नलिखित तापमानों को सेल्सियस इकाई में परिवर्तित करें :
(a) 293 K
(b) 470 K

Answer:
(a) °C = K - 273 = 293 - 273 = 20°C
(b) °C = K - 273 = 470 - 273 = 197°C
In simple words: केल्विन को सेल्सियस में बदलने के लिए, हमें दिए गए केल्विन मान में से 273 घटाना होता है। इस नियम से, 293 K 20°C और 470 K 197°C के बराबर होते हैं।

🎯 Exam Tip: केल्विन और सेल्सियस पैमाने के बीच रूपांतरण सूत्र को याद रखें और इसे सही ढंग से लागू करें।

 

Question 2. निम्नलिखित तापमानों को केल्विन इकाई में परिवर्तित करें :
(a) 25°C
(b) 373°C

Answer:
(a) K = °C + 273 = 25 + 273 = 298 K
(b) K= °C + 273 = 373 + 273 = 646 K
In simple words: सेल्सियस को केल्विन में बदलने के लिए, हमें दिए गए सेल्सियस मान में 273 जोड़ना होता है। इस नियम से, 25°C 298 K और 373°C 646 K के बराबर होते हैं।

🎯 Exam Tip: सेल्सियस और केल्विन पैमाने के बीच रूपांतरण सूत्र को याद रखें और इसे सही ढंग से लागू करें।

 

Question 3. निम्नलिखित अवलोकनों हेतु कारण लिखें-
(a) नैफ्थलीन को रखा रहने देने पर यह समय के साथ कुछ भी ठोस पदार्थ छोड़े बिना अदृश्य हो जाती है।
(b) हमें इत्र की गन्ध बहुत दूर बैठे हुए भी पहुँच जाती है।

Answer:
(a) नैफ्थलीन एक ऊर्ध्वपातन पदार्थ है और वह ठोस अवस्था से सीधे गैस में (बिना द्रव बने) परिवर्तित हो जाता है। अतः कोई अवशेष नहीं बचता ।
(b) इत्र के कण वायु के कणों के साथ शीघ्रता से विसरित होकर वायुमण्डल में फैल जाते हैं। इसी प्रकार चारों ओर फैलने के कारण हमें कई मीटर दूर बैठे भी गन्ध पहुँच जाती है।
In simple words: नेफ़थलीन सीधे ठोस से गैस में बदल जाती है (ऊर्ध्वपातन), इसलिए कोई अवशेष नहीं बचता। इत्र के कण हवा में बहुत तेजी से फैलते हैं (विसरण), जिससे उसकी खुशबू दूर तक पहुँच जाती है।

🎯 Exam Tip: ऊर्ध्वपातन और विसरण की प्रक्रियाओं को उनके उदाहरणों के साथ समझें। ये पदार्थ के कणों की गतिज ऊर्जा और अंतराणुक बल के कारण होते हैं।

 

Question 4. निम्नलिखित पदार्थों को उनके कणों के बीच बढ़ते हुए आकर्षण के अनुसार व्यवस्थित करें –
(a) जल
(b) चीनी
(c) ऑक्सीजन

Answer: ऑक्सीजन < जल < चीनी ।
In simple words: कणों के बीच आकर्षण बल ठोस में सबसे मजबूत, द्रव में मध्यम, और गैस में सबसे कमजोर होता है। इसलिए, ऑक्सीजन (गैस) में सबसे कम आकर्षण बल होता है, जल (द्रव) में उससे अधिक, और चीनी (ठोस) में सबसे मजबूत आकर्षण बल होता है।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की अवस्थाओं में अंतराणुक आकर्षण बल के क्रम को याद रखें: गैस < द्रव < ठोस। इस सिद्धांत को विभिन्न पदार्थों पर लागू करना सीखें।

 

Question 5. निम्नलिखित तापमानों पर जल की भौतिक अवस्थाएँ क्या हैं ?
(a) 25°C
(b) 0°C
(c) 100°C

Answer:
(a) 25°C पर पानी द्रव अवस्था में होगा।
(b) 0°C पर पानी ठोस अवस्था में होगा क्योंकि पानी 0°C पर जम जाता है।
(c) 100°C पर पानी गैसीय अवस्था में होगा क्योंकि 100°C पर पानी वाष्प अवस्था में बदल जाता है।
In simple words: 25°C पर पानी तरल रहता है। 0°C पर यह बर्फ (ठोस) के रूप में जम जाता है। 100°C पर यह भाप (गैस) में बदल जाता है, हालांकि इस तापमान पर यह तरल और गैस दोनों अवस्थाओं में मौजूद हो सकता है।

🎯 Exam Tip: पानी के गलनांक (0°C) और क्वथनांक (100°C) पर उसकी अवस्था को समझना महत्वपूर्ण है। इन विशिष्ट बिंदुओं पर दो अवस्थाएं सह-अस्तित्व में हो सकती हैं।

 

Question 6. पुष्टि हेतु कारण दें (a) जल कमरे के ताप पर द्रव है (b) लोहे की अलमारी कमरे के ताप पर ठोस होती है।
Answer:
(a) पानी कक्ष-ताप पर द्रव होता है क्योंकि इसका कोई निश्चित आकार नहीं होता, इसे जिस बर्तन में डाला जाता है उसी की आकृति जैसा बन जाता है। इसका निश्चित आयतन होता है, इसे फर्श पर डालने से ढलान की ओर रहता है| अतः हम कह सकते हैं कि कक्ष -ताप (UPBoardSolutions.com) पर पानी द्रव है।
(b) लोहे की अलमारी कठोर व असंपीडय है, इसका आकार निश्चित है इसीलिए यह ठोस है।
In simple words: पानी कमरे के तापमान पर तरल होता है क्योंकि इसका आयतन निश्चित होता है लेकिन आकार उस बर्तन का ले लेता है जिसमें इसे रखा जाता है। लोहे की अलमारी ठोस होती है क्योंकि यह कठोर है, असंपीड्य है, और इसका एक निश्चित आकार व आयतन होता है।

🎯 Exam Tip: ठोस और द्रव के मौलिक गुणों (आकार, आयतन, कठोरता, संपीड्यता) को याद रखें और उन्हें दिए गए उदाहरणों से जोड़कर स्पष्टीकरण दें।

 

Question 7. 273 K पर बर्फ को ठंडा करने पर तथा जल को इसी तापमान पर ठंडा करने पर शीतलता का प्रभाव अधिक क्यों होता है ?
Answer: 273 K पर पानी के कणों की अपेक्षा बर्फ के कणों की ऊर्जा कम होती है। फलतः, बर्फ वातावरण से अधिक ऊष्मा अवशोषित कर सकता है। यही कारण है कि समान ताप पर होते हुए भी बर्फ पानी की अपेक्षा अधिक ठंडक पहुँचाता है।
In simple words: 273 K (0°C) पर बर्फ में पानी की तुलना में कम ऊर्जा होती है, क्योंकि पानी बनने के लिए बर्फ को गुप्त ऊष्मा की आवश्यकता होती है। इसलिए, बर्फ अधिक गर्मी सोख सकती है और समान तापमान पर पानी की तुलना में अधिक ठंडा महसूस कराती है।

🎯 Exam Tip: गुप्त ऊष्मा की अवधारणा को समझें। 0°C पर बर्फ में 0°C पर पानी की तुलना में कम ऊर्जा होती है, जिससे बर्फ अधिक प्रभावी शीतलक होती है।

 

Question 8. उबलते हुए जल अथवा भाप में से जलने की तीव्रता किसमें अधिक महसूस होती है ?
Answer: 373 K पर वाष्प के कणों की ऊर्जा समान ताप पर पानी के कणों की ऊर्जा से अधिक होती है। ऐसा वाष्प के कणों द्वारा वाष्पन की गुप्त ऊष्मा के रूप में अतिरिक्त ऊर्जा अवशोषित किए जाने के कारण होता है। अतः जब वाष्प त्वचा के संपर्क में आता है तो समान ताप पर उबलते पानी की अपेक्षा अधिक ऊर्जा मुक्त करता है। फलतः 373 K पर वाष्प द्वारा समान ताप पर उबलते पानी की अपेक्षा अधिक जलन पैदा होती है।
In simple words: समान तापमान (373 K या 100°C) पर भाप में उबलते पानी की तुलना में अधिक ऊर्जा होती है, क्योंकि भाप में वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा भी शामिल होती है। इसलिए, भाप से जलने पर अधिक गंभीर जलन महसूस होती है।

🎯 Exam Tip: वाष्पन की गुप्त ऊष्मा के महत्व को समझें। भाप में उबलते पानी की तुलना में अधिक ऊर्जा होती है, जिसके कारण यह अधिक गंभीर जलन पैदा करती है।

 

Question 9. निम्नलिखित चित्र के लिए A, B, C, D, E तथा F की अवस्था परिवर्तन को नामांकित करें-
Answer:


ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह आरेख पदार्थ की तीन अवस्थाओं (ठोस, द्रव, गैस) और उनके बीच होने वाले अवस्था परिवर्तनों को दर्शाता है। ऊष्मा में वृद्धि और दाब में कमी से ठोस द्रव में (A: गलन), द्रव गैस में (B: वाष्पीकरण) और ठोस सीधे गैस में (C: ऊर्ध्वपातन) बदल सकता है। इसके विपरीत, ऊष्मा में कमी और दाब में वृद्धि से गैस द्रव में (D: संघनन), द्रव ठोस में (E: जमना), और गैस सीधे ठोस में (F: निक्षेपण/ऊर्ध्वपातन) बदल सकती है।
In simple words: यह आरेख दिखाता है कि पदार्थ अपनी अवस्था कैसे बदलते हैं। A गलन (ठोस से द्रव), B वाष्पीकरण (द्रव से गैस), C ऊर्ध्वपातन (ठोस से गैस), D संघनन (गैस से द्रव), E जमना (द्रव से ठोस) और F निक्षेपण (गैस से ठोस) को दर्शाता है। ये परिवर्तन तापमान और दाब पर निर्भर करते हैं।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की अवस्थाओं के बीच के सभी छह परिवर्तनों (गलन, वाष्पीकरण, संघनन, जमना, ऊर्ध्वपातन, निक्षेपण) के नाम और उन्हें प्रभावित करने वाले कारकों (तापमान, दाब) को याद रखें।

अति महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. पदार्थ के कणों के आकार के विषय में आप क्या जानते हैं ?
Answer: पदार्थ के कणों के आकार अत्यन्त सूक्ष्म हैं।
In simple words: पदार्थ के कण बहुत छोटे होते हैं, जिन्हें हम अपनी नग्न आँखों से नहीं देख सकते।

🎯 Exam Tip: पदार्थ के कणों की सूक्ष्मता को उदाहरणों के साथ समझाएं।

 

Question 2. दो पदार्थों के नाम लिखिए जो ऊर्ध्वपातन करते हैं।
Answer: अमोनियम क्लोराइड, कपुर ।
In simple words: अमोनियम क्लोराइड और कपूर ऐसे पदार्थ हैं जो गर्म करने पर सीधे ठोस से गैस में बदल जाते हैं, बिना द्रव अवस्था में आए।

🎯 Exam Tip: ऊर्ध्वपातन की परिभाषा और उसके उदाहरण याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. दो गैसों के नाम बताइए जिन्हें घरों तथा अस्पतालों में संपीडित रूप में आपूर्ति की जाती है।
Answer: LPG तथा ऑक्सीजन ।
In simple words: घरों में खाना पकाने के लिए एलपीजी (LPG) और अस्पतालों में मरीजों के लिए ऑक्सीजन को सिलेंडर में संपीड़ित करके आपूर्ति की जाती है।

🎯 Exam Tip: संपीडित गैसों के व्यावहारिक उपयोगों को समझें।

 

Question 4. केल्विन पैमाने पर जल का क्वथनांक तथा हिमांक लिखिए।
Answer: क्वथनांक = 373K, हिमांक = 273K
In simple words: केल्विन पैमाने पर पानी 273 K पर जमता है (हिमांक) और 373 K पर उबलता है (क्वथनांक)।

🎯 Exam Tip: जल के हिमांक और क्वथनांक को सेल्सियस और केल्विन दोनों पैमानों पर याद रखें।

 

Question 5. निम्न में से कौन-से पदार्थों का निश्चित आयतन है लेकिन निश्चित आकार नहीं ?
ऑक्सीजन, शर्करा, क्रिस्टल, लकड़ी, जल, वायु ।

Answer: जल
In simple words: पानी एक द्रव है, जिसका आयतन निश्चित होता है (जैसे 1 लीटर पानी हमेशा 1 लीटर ही रहेगा), लेकिन उसका आकार उस बर्तन जैसा हो जाता है जिसमें उसे रखा जाता है।

🎯 Exam Tip: द्रवों के गुणों (निश्चित आयतन, अनिश्चित आकार) को समझें।

 

Question 6. निम्न में से कौन-से पदार्थों को आकार व आयतन निश्चित नहीं है ?
ऑक्सीजन, शर्करा क्रिस्टल, लकड़ी, जल, वायु

Answer: ऑक्सीजन तथा वायु ।
In simple words: ऑक्सीजन और वायु गैसें हैं, जिनका न तो कोई निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित आयतन। वे जिस बर्तन में होती हैं, उसी का पूरा आकार और आयतन ले लेती हैं।

🎯 Exam Tip: गैसों के गुणों (अनिश्चित आकार, अनिश्चित आयतन) को समझें।

 

Question 7. प्राचीन भारतीय दार्शनिकों के अनुसार 'पंचतत्त्व' कौन-से हैं ?
Answer: प्राचीन भारतीय दार्शनिकों के अनुसार 'पंचतत्त्व' हैं, पृथ्वी, वायु, अग्नि, जल और आकाश ।
In simple words: पुराने भारतीय विचारकों का मानना था कि हर चीज़ पाँच मूल तत्वों से बनी है: पृथ्वी, वायु, अग्नि, जल और आकाश।

🎯 Exam Tip: प्राचीन भारतीय दर्शन में पंचतत्त्व की अवधारणा को याद रखें।

 

Question 8. तरल क्या है? दो उदाहरण दीजिए।
Answer: कोई भी पदार्थ जो बह सकता है और अपना आकार बदल सकता है, तरल कहलाता है, जैसे-द्रव तथा गैस ।
In simple words: तरल वे पदार्थ होते हैं जो बह सकते हैं और उनका कोई निश्चित आकार नहीं होता, वे बर्तन का आकार ले लेते हैं। द्रव और गैस दोनों तरल होते हैं।

🎯 Exam Tip: तरल की परिभाषा और उदाहरणों को याद रखें। यह समझना महत्वपूर्ण है कि तरल में द्रव और गैस दोनों शामिल हैं।

 

Question 9. जल में घुली ऑक्सीजन का एक उपयोग लिखिए।
Answer: जलीय जीव जल में घुली ऑक्सीजन का उपयोग श्वसन के लिए करते हैं।
In simple words: पानी में घुली ऑक्सीजन पानी में रहने वाले जीवों को साँस लेने में मदद करती है।

🎯 Exam Tip: जल में गैसों की घुलनशीलता के पर्यावरणीय महत्व को पहचानें।

 

Question 10. ठोस, द्रव एवं गैसों में किसकी संपीडयता सबसे अधिक और किसकी सबसे कम है?
Answer: गैसों की संपीडयता सबसे अधिक और ठोसों की सबसे कम है।
In simple words: गैसों को सबसे आसानी से दबाया जा सकता है (अधिक संपीड्य), क्योंकि उनके कणों के बीच बहुत खाली जगह होती है। ठोसों को दबाना सबसे मुश्किल होता है (कम संपीड्य), क्योंकि उनके कण एक-दूसरे के बहुत करीब होते हैं।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की अवस्थाओं में संपीड्यता के क्रम को याद रखें: गैस > द्रव > ठोस।

 

Question 11. ठोस, द्रव और गैस की दृढ़ता के घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
Answer: ठोस > द्रव > गैस
In simple words: ठोस सबसे दृढ़ होते हैं, द्रव मध्यम दृढ़ होते हैं, और गैसें सबसे कम दृढ़ होती हैं।

🎯 Exam Tip: दृढ़ता (कठोरता) के मामले में पदार्थ की अवस्थाओं का सही क्रम याद रखें।

 

Question 12. ठोस, द्रव व गैस में से किसको खुरची - जा सकता है ?
Answer: ठोस को खुरचा जा सकता है।
In simple words: केवल ठोस पदार्थों को ही खुरचा जा सकता है, क्योंकि उनके कण मजबूती से बंधे होते हैं और एक निश्चित संरचना होती है।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की दृढ़ता और खुरचने की क्षमता को ठोसों के गुण के रूप में समझें।

 

Question 13. पदार्थ के कणों में गतिज ऊर्जा क्यों होती - है ?
Answer: पदार्थ के कण निरन्तर गतिशील होते हैं. इसीलिए उनमें गतिज ऊर्जा उत्पन्न होती रहती है।
In simple words: पदार्थ के कण हमेशा कंपन करते रहते हैं या गतिमान रहते हैं, और इसी गति के कारण उनमें गतिज ऊर्जा होती है।

🎯 Exam Tip: पदार्थ के कणों में गतिज ऊर्जा हमेशा मौजूद रहती है और तापमान बढ़ने पर यह बढ़ती है।

 

Question 14. आप जल की धार को क्यों नहीं काट - पाते?
Answer: जल के कणों के मध्य एक बल कार्य करता है जो उन्हें एक साथ बाँधे रखता है।
In simple words: पानी के कणों के बीच एक हल्का लेकिन लगातार आकर्षण बल होता है जो उन्हें एक साथ रखता है, इसलिए हम पानी की धार को आसानी से "काट" नहीं पाते हैं।

🎯 Exam Tip: द्रवों में अंतराणुक आकर्षण बल की उपस्थिति को समझें।

 

Question 15. दो गैसों के उदाहरण लिखिए।
Answer: ऑक्सीजन एवं हाइड्रोजन
In simple words: ऑक्सीजन और हाइड्रोजन दो आम गैसें हैं जो हमारे आसपास मौजूद हैं।

🎯 Exam Tip: गैसों के कुछ सामान्य उदाहरण याद रखें।

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. पसीना आने पर हमें पंखे के पास बैठने पर ठंडक क्यों अनुभव होती है ?
Answer: पसीने के वाष्पन के लिए ऊष्मा शरीर से ली जाती है। पंखे में बैठने से वाष्पन की दर बढ़ जाती है और हमें ठंडक अनुभव होती है।
In simple words: जब हमें पसीना आता है और हम पंखे के पास बैठते हैं, तो पंखे की हवा पसीने को तेजी से वाष्पीकृत करती है। इस वाष्पीकरण के लिए शरीर से गर्मी ली जाती है, जिससे हमें ठंडक महसूस होती है।

🎯 Exam Tip: वाष्पीकरण से शीतलन का सिद्धांत समझें और यह कैसे वायु की गति से प्रभावित होता है।

 

Question 2. आर्द्रता से आप क्या समझते हैं ?
Answer: वायु के प्रति घन मीटर में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा आर्द्रता कहलाती है।
In simple words: आर्द्रता का मतलब है हवा में कितनी नमी या पानी की भाप मौजूद है।

🎯 Exam Tip: आर्द्रता की परिभाषा को याद रखें और यह कैसे वाष्पीकरण की दर को प्रभावित करती है।

 

Question 3. ऊर्ध्वपातन की परिभाषा दीजिए ।
Answer: किसी पदार्थ का ठोस अवस्था से सीधा गैसीय अवस्था में बदलना ऊर्ध्वपातन कहलाता है।
In simple words: ऊर्ध्वपातन वह प्रक्रिया है जिसमें कोई ठोस पदार्थ गर्म करने पर सीधे गैस बन जाता है, बिना द्रव अवस्था में बदले।

🎯 Exam Tip: ऊर्ध्वपातन की परिभाषा और उदाहरणों को याद रखें।

 

Question 4. किन्हीं दो ऊर्ध्वपातन पदार्थों के नाम लिखिए।
Answer: कपूर, अमोनियम क्लोराइड, नैफ्थलीन एवं शुष्क बर्फ ।
In simple words: कपूर और शुष्क बर्फ (ठोस कार्बन डाइऑक्साइड) ऐसे पदार्थ हैं जो ऊर्ध्वपातन दिखाते हैं।

🎯 Exam Tip: ऊर्ध्वपातन करने वाले पदार्थों के उदाहरण याद रखें।

 

Question 5. उन कारकों को लिखिएँ जो किसी गैस को द्रवित करने में सहायक हैं।
Answer: उच्च दाब व निम्न ताप दो ऐसे कारक हैं। जो किसी गैस को द्रवित करने में सहायक हैं।
In simple words: गैस को द्रव में बदलने के लिए, हमें उस पर बहुत अधिक दबाव डालना होगा और उसका तापमान बहुत कम करना होगा।

🎯 Exam Tip: गैसों के द्रवीकरण के लिए उच्च दाब और निम्न ताप की आवश्यकता होती है, इसे अच्छी तरह समझें।

 

Question 6. फैला देने पर गीले कपड़े क्यों जल्दी सूखते हैं ?
Answer: फैला देने पर गीले कपड़े जल्दी सूखते हैं। क्योंकि फैलाने से उनकी सतह का क्षेत्रफल बढ़ जाता है। और जल के वाष्पन की दर बढ़ जाती है।
In simple words: गीले कपड़े फैलाने पर उनका सतही क्षेत्रफल बढ़ जाता है, जिससे पानी का वाष्पीकरण तेजी से होता है और कपड़े जल्दी सूख जाते हैं।

🎯 Exam Tip: वाष्पीकरण की दर पर सतही क्षेत्रफल के प्रभाव को समझें।

 

Question 7. गलन की गुप्त ऊष्मा क्या है ?
Answer: किसी पदार्थ के 1 किग्रा को उसके गलनांक पर ठोस अवस्था से द्रव अवस्था में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा, गलन की गुप्त ऊष्मा कहलाती है।
In simple words: गलन की गुप्त ऊष्मा वह गर्मी है जो 1 किलोग्राम ठोस को उसके पिघलने वाले तापमान पर पूरी तरह से द्रव में बदलने के लिए चाहिए होती है, जबकि तापमान नहीं बदलता।

🎯 Exam Tip: गलन की गुप्त ऊष्मा की सटीक परिभाषा और इसकी इकाई याद रखें।

 

Question 8. वाष्पन की गुप्त ऊष्मा क्या है ?
Answer: किसी पदार्थ के 1 किग्रा को उसके क्वथनांक पर द्रव अवस्था से गैसीय अवस्था में बदलने के लिए आवश्यक ऊष्मा, वाष्पन की गुप्त ऊष्मा कहलाती है।
In simple words: वाष्पन की गुप्त ऊष्मा वह गर्मी है जो 1 किलोग्राम द्रव को उसके उबलने वाले तापमान पर पूरी तरह से गैस में बदलने के लिए चाहिए होती है, जबकि तापमान नहीं बदलता।

🎯 Exam Tip: वाष्पन की गुप्त ऊष्मा की सटीक परिभाषा और इसकी इकाई याद रखें।

 

Question 9. गुप्त ऊष्मा का मात्रक क्या है ?
Answer: गुप्त ऊष्मा का मात्रक है कैलोरी प्रति ग्राम या जूल प्रति किग्रा ।
In simple words: गुप्त ऊष्मा को कैलोरी प्रति ग्राम या जूल प्रति किलोग्राम में मापा जाता है।

🎯 Exam Tip: गुप्त ऊष्मा की इकाइयों को याद रखें।

 

Question 10. बर्फ के गलन की गुप्त ऊष्मा क्या है?
Answer: बर्फ के गलन की गुप्त ऊष्मा 80 कैलोरी/ग्राम या 335 जूल/ग्राम या 335 x 103 जूल/किग्रा है।
In simple words: बर्फ को पानी में बदलने के लिए प्रति ग्राम 80 कैलोरी या 335 जूल ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

🎯 Exam Tip: बर्फ के गलन की गुप्त ऊष्मा का मान याद रखें।

 

Question 11. जल के वाष्पन की गुप्त ऊष्मी क्या है?
Answer: जल के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा 2260 जूल/ग्राम या 2260 x 103 जूल/किग्रा है।
In simple words: पानी को भाप में बदलने के लिए प्रति ग्राम 2260 जूल ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

🎯 Exam Tip: जल के वाष्पन की गुप्त ऊष्मा का मान याद रखें।

 

Question 12. अन्तराणुक बलों के आधार पर ठोस, दुव तथा गैसों का वर्णन कीजिए।
Answer: ठोसों में अन्तराणुक बल अत्यधिक प्रबल होते हैं ताकि इसे बनाने वाले अवयव कण इस प्रकार व्यवस्थित होते हैं कि उनके मध्य स्थान नगण्य होता है। इसी कारण ठोसों को संपीडित नहीं किया जा सकता तथा इनका घनत्व अधिक होता है। द्रवों में अन्तराणुक बल इतने प्रबल होते हैं कि वे (UPBoardSolutions.com) अवयव कणों को एक साथ बाँधे रख सकें, लेकिन उतने प्रबल नहीं होते कि अवयव कणों की स्थिति निश्चित रख सकें। इसी कारण द्रवों का आकार निश्चित नहीं होता तथा द्रव बहते हैं। गैसों में अन्तराणुक बल नगण्य (अत्यधिक निर्बल) होते हैं। इसलिए गैसों के अवयव कण स्वतंत्र रूप से गतिशील होते हैं तथा उपलब्ध स्थान को घेर लेते हैं।
In simple words: ठोसों में कणों के बीच सबसे मजबूत बल होते हैं, द्रव में मध्यम बल होते हैं, और गैसों में बल नगण्य होते हैं। यही कारण है कि ठोसों का आकार निश्चित होता है, द्रव बहते हैं और गैसें पूरी जगह फैल जाती हैं।

🎯 Exam Tip: अंतराणुक बल की शक्ति के आधार पर ठोस, द्रव और गैस के गुणों को समझाना सीखें।

 

Question 13. भौतिक अवस्था के आधार पर पदार्थ की विभिन्न अवस्थाएँ क्या हैं ? उनमें अन्तर कीजिए।
Answer: भौतिक अवस्था के आधार पर पदार्थ की निम्नलिखित तीन अवस्थाएँ हैं-
(i) ठोस अवस्था
(ii) द्रव अवस्था
(iii) गैसीय अवस्था ।

ठोस, द्रव तथा गैसीय अवस्था में अन्तर

ठोसद्रवगैस
1. ठोस कठोर होते हैं तथा उन्हें दबाया नहीं जा सकता।द्रव कठोर नहीं होते तथा बहुत कम दबाये जा सकते हैं।गैस कठोर नहीं होते तथा उन्हें आसानी से दबाया जा सकता है।
2. इनका निश्चित आयतन व आकार होता है।इनका निश्चित आयतन तो होता है लेकिन उसी बर्तन का आकार ले लेते हैं, जिसमें उन्हें रखा जाता है।इनका आयतन व आकार दोनों ही निश्चित नहीं होते।
3. वे बहते नहीं हैं।वे उच्च तल से निम्न तल की ओर बहते हैं।वे सभी तरफ बहते हैं।
4. उदाहरण-लोहा, गन्धक ।उदाहरण-जल, पेट्रोल ।उदाहरण-वायु, हाइड्रोजन ।

In simple words: पदार्थ मुख्य रूप से तीन अवस्थाओं में होता है: ठोस, द्रव और गैस। ठोसों का निश्चित आकार और आयतन होता है; द्रवों का निश्चित आयतन लेकिन आकार अनिश्चित होता है; और गैसों का न तो निश्चित आकार होता है और न ही आयतन।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की तीनों अवस्थाओं के गुणों का तुलनात्मक अध्ययन तालिका के माध्यम से करें। प्रत्येक गुण (जैसे आकार, आयतन, कठोरता, तरलता, संपीड्यता) को समझना महत्वपूर्ण है।

 

Question 14. वायुमण्डलीय गैसों का विसरण जलीय जीवों के लिए किस प्रकार उपयोगी है?
Answer: वायुमण्डलीय गैसें, विशेषकर, ऑक्सीजन एवं कार्बन डाइऑक्साइड, विसरण द्वारा जल में घुल जाती हैं। घुलीं हुई ऑक्सीजन का उपयोग जलीय जन्तु श्वसन के लिए करते हैं। जलीय पादप जल में घुली हुई कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग प्रकाश संश्लेषण द्वारा खाद्य निर्माण में करते हैं।
In simple words: हवा में मौजूद ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड पानी में घुल जाती हैं। पानी में घुली ऑक्सीजन का उपयोग जलीय जीव साँस लेने के लिए करते हैं, और घुली हुई कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग जलीय पौधे अपना भोजन बनाने के लिए करते हैं।

🎯 Exam Tip: गैसों की पानी में घुलनशीलता का पारिस्थितिक महत्व, विशेष रूप से जलीय जीवन के लिए, याद रखना महत्वपूर्ण है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. क्या होता है जब एक ठोस पदार्थ को गर्म किया जाता है ?
Answer: जब एक ठोस पदार्थ को गर्म किया जाता है, तब उसका तापमान बढ़ता जाता है या उसके कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती जाती है जिसके कारण पदार्थ के कण अधिक तेजी से कम्पन करने लगते हैं और कणों के मध्य की दूरी बढ़ती जाती है और एक स्थिति ऐसी आती है जब ऊष्मा (UPBoardSolutions.com) द्वारा प्रदत्त ऊर्जा कणों के आकर्षण बल के बराबर हो जाती है और ठोस पिघलकर द्रव में परिवर्तित हो जाता है। यह तापमान पदार्थ का गलनांक कहलाता है। अतः “किसी पदार्थ का गलनांक वह तापमान है। जिस पर कोई पदार्थ पिघलकर सामान्य वायुमंडलीय दाब पर द्रव में परिवर्तित हो जाता है।” उदाहरण के लिए, बर्फ का गलनांक 273.16 K है। (सुविधा के लिए इसे हम 273 K लेते हैं।) K को 'केल्विन' कहते हैं।
In simple words: जब किसी ठोस को गर्म किया जाता है, तो उसके कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है और वे तेजी से कंपन करते हैं। एक निश्चित तापमान पर (गलनांक), कणों के बीच का आकर्षण बल कमजोर हो जाता है, और ठोस द्रव में पिघल जाता है।

🎯 Exam Tip: ठोसों के गलन की प्रक्रिया को कणों की गतिज ऊर्जा और अंतराणुक बल के संदर्भ में समझाएं। गलनांक की परिभाषा महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. वाष्पीकरण या वाष्पन क्या है ? उन कारकों का उल्लेख कीजिए जिन पर वाष्पीकरण की दर निर्भर करती है।
Answer: वाष्पीकरण या वाष्पन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई द्रव अपने क्वथनांक से भी कम ताप पर वाष्प में परिवर्तित हो जाता है।
वायुमण्डल से ऊष्मा लेकर द्रव की खुली सतह के कण वाष्प में बदल जाते हैं। वाष्पीकरण की दर निम्न कारकों पर निर्भर करती है :
(i) द्रव की खुली सतह : द्रव को छोटे या कम खुली सतह वाले बर्तन में रखने पर वाष्पन की दर कम और चौड़े या अधिक खुली सतह वाले बर्तन में अधिक होती है।
(ii) वायु का ताप : वायुमण्डल का ताप अधिक होने पर वाष्पीकरण की दर अधिक होती है।
(iii) वायुमण्डल में उपस्थित आर्द्रता : वायुमण्डल में उपस्थित आर्द्रता या नमी कम होने पर वाष्पीकरण की दर अधिक और अधिक होने पर कम होती है।
(iv) वायु की गति में वृद्धि : जब वायु की गति बढ़ जाती है तो जलवाष्प तेजी से दूर ले जायी जाती है जिससे आस-पास के स्थान में जलवाष्प की मात्रा कम हो जाती है और वाष्पन की दर बढ़ जाती है। यह सामान्य अनुभव की बात है कि तेज वायु में कपड़े जल्दी सूखते हैं।
In simple words: वाष्पीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें द्रव अपने क्वथनांक से नीचे के तापमान पर गैस में बदलता है। इसकी दर सतह के क्षेत्रफल, तापमान, आर्द्रता (हवा में नमी) और वायु की गति जैसे कारकों पर निर्भर करती है।

🎯 Exam Tip: वाष्पीकरण की परिभाषा को याद रखें और उन चार मुख्य कारकों को समझें जो इसकी दर को प्रभावित करते हैं। उदाहरणों के साथ प्रत्येक कारक का वर्णन करें।

 

Question 3. कुछ मापने योग्य राशियों के S.I. मात्रक व प्रतीक लिखिए।
Answer: कुछ मापने योग्य राशियाँ, उनके S.I. मात्रक एवं प्रतीक-

राशिमात्रक (Unit)प्रतीक
तापमानकेल्विन (Kelvin)K
लंबाईमीटर (metre)m
संहतिकिलोग्राम (kilogram)kg
भारन्यूटन (newton)N
आयतनघन मीटर (cubic metre)
घनत्वकिलोग्राम प्रति घन मीटर
(kilogram percubic metre)
kg m-3
दाबपास्कल (Pascal)Pa

In simple words: भौतिक राशियों को मापने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानक इकाइयाँ (SI मात्रक) होती हैं। जैसे, तापमान को केल्विन (K) में, लंबाई को मीटर (m) में, द्रव्यमान को किलोग्राम (kg) में और दाब को पास्कल (Pa) में मापा जाता है।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण भौतिक राशियों के SI मात्रक और उनके प्रतीक याद रखें। यह विज्ञान के बुनियादी तथ्यों में से एक है।

 

Question 4. गैसें बर्तन की दीवारों पर दाब क्यों डालती हैं ? संपीडित गैसों के सामान्य उदाहरण दीजिए व उनके उपयोग लिखिए ।
Answer: गैसीय अवस्था में, कण सभी दिशाओं में गतिशील रहते हैं और बर्तन की दीवारों से टकराते रहते हैं। और बर्तन की दीवारों पर दाब आरोपित करते हैं। सिलिंडर में गैस उच्च दाब (Pressure) पर भरी जाती है और वह अत्यधिक संपीडित होती है। वह गैस संपीडित गैस (Compressed gas) कहलाती है। अत्यन्त उच्च दाब पर संपीडित गैस द्रवित हो जाती है, इसे द्रवीकृत गैस (Liquefied gas) (UPBoardSolutions.com) कहते हैं। उदाहरणार्थ, (i) घरों में खाना बनाने के लिए उपयोग किये जाने वाले सिलिंडर में उच्च दाब पर पेट्रोलियम गैस भरी जाती है जिसे द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (Liquefied Petroleum Gas : LPG) कहते हैं । (ii) संपीडित ऑक्सीजन (Compressed oxygen) अस्पतालों में प्रयोग की जाती है और मरीजों को दी जाती है जो सामान्य रूप से श्वसन नहीं कर पाते हैं । (iii) संपीडित प्राकृतिक गैस (Compressed Natural Gas : CNG) का उपयोग आजकल एक स्वच्छ ईंधन (Clean fuel) के रूप में वाहन चलाने में किया जाता है।
In simple words: गैस के कण लगातार तेजी से सभी दिशाओं में चलते रहते हैं और बर्तन की दीवारों से टकराते हैं, जिससे दबाव बनता है। संपीडित गैसों के उदाहरणों में खाना पकाने के लिए एलपीजी, अस्पतालों में ऑक्सीजन, और वाहनों में सीएनजी शामिल हैं, जो गैसों को छोटे आयतन में उच्च दबाव पर स्टोर करने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: गैसों द्वारा दीवारों पर दाब डालने के कारण को कणों की गतिज ऊर्जा और टक्करों से जोड़कर समझाएं। संपीडित गैसों के उदाहरण और उनके उपयोग महत्वपूर्ण हैं।

 

Question 5. विसरण क्या है ? जल में मिलाने पर किसका विसरण तेजी से होगा ठोस का या द्रव का ?
Answer: विसरण : जब एक क्रिस्टल या द्रव की बूंद को जल में मिलाया जाता है, तो उसके कण धीरे-धीरे, समान रूप में जल में फैल जाते हैं। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि जब दो अलग प्रकार के कणों वाले पदार्थ : सम्पर्क में होते हैं, तो उन पदार्थों के कणों का स्वतः मिश्रित । (intermixing) होना विसरण कहलाता है। अतः “सम्पर्क में होने पर दो या अधिक प्रकार के कणों का स्वतः मिश्रित होना, विसरण कहलाता है।” एक ठोस का दूसरे ठोस में विसरण संभव नहीं है या अत्यन्त कम है। एक ठोस का या एक द्रव का किसी द्रव में विसरण सामान्य प्रक्रिया है और किसी द्रव का अन्य द्रव में विसरण की दर ठोस की अपेक्षा अधिक होती है। ताप के साथ भी विसरण की दर बढ़ जाती है।
In simple words: विसरण वह प्रक्रिया है जिसमें पदार्थ के कण एक-दूसरे में अपने आप मिल जाते हैं। पानी में मिलाने पर, ठोस की तुलना में द्रव का विसरण तेजी से होगा क्योंकि द्रव के कणों में अधिक गतिज ऊर्जा होती है और वे अधिक स्वतंत्र रूप से हिल सकते हैं।

🎯 Exam Tip: विसरण की परिभाषा और इसके कारकों (जैसे तापमान, कणों की गतिज ऊर्जा) को समझें। यह भी याद रखें कि द्रवों का विसरण ठोसों से तेज होता है।

 

Question 6. बताइये क्यों गरमा-गरम खाने की गंध कई मीटर दूर से ही आपके पास पहुँच जाती है लेकिन ठंडे खाने की महक लेने के लिए आपको उसके पास जाना पड़ता है?
Answer: किसी पदार्थ की गंध या महक हमें तभी अनुभव होती है जब महक के कण वायु में मिश्रित होकर हमारी नाक तक पहुँचते हैं। हम यह भी जानते हैं कि कणों को विसरण किसी माध्यम में उच्च ताप पर अधिक व निम्न ताप पर कम होता है। इसीलिए गरमा-गरम (उच्च ताप वाले) खाने की गंध तेजी के साथ कई मीटर दूर तक पहुँच जाती है लेकिन ठंडे (कम ताप वाले) खाने की गंध लेने के लिए हमें उसके पास जाना पड़ता है।
In simple words: गर्म खाने के कणों में अधिक ऊर्जा होती है, जिससे वे तेजी से हवा में फैलते हैं और दूर तक पहुँचते हैं। ठंडे खाने के कणों में ऊर्जा कम होती है, इसलिए वे धीरे फैलते हैं और उनकी गंध महसूस करने के लिए पास जाना पड़ता है।

🎯 Exam Tip: विसरण की दर तापमान पर निर्भर करती है - उच्च तापमान पर कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ने से विसरण तेज होता है। इस सिद्धांत को उदाहरण के साथ समझाना सीखें।

 

Question 7. निम्न की परिभाषा दीजिए :
गुप्त ऊष्मा (Latent Heat), गलन की गुप्त ऊष्मा, वाष्पन की गुप्त ऊष्मा ।

Answer:
गुप्त-ऊष्मा : किसी निश्चित ताप पर दी गयी ऊष्मा की वह मात्रा जो पदार्थ की भौतिक अवस्था में परिवर्तन करने के लिए दी जाती है, गुप्त ऊष्मा कहलाती है।
गलन की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Fusion or Melting) : ऊष्मा की वह मात्रा जो किसी पदार्थ के 1 किग्रा को उसके गलनांक पर ठोस अवस्था से द्रव अवस्था में बदलने के लिए दी जाती है, गलन की गुप्त ऊष्मा कहलाती है। बर्फ के गलन की गुप्त ऊष्मा 80 कैलोरी/ग्राम या 335 जूल/ग्राम है।
वाष्पन की गुप्त ऊष्मा (Latent Heat of Vaporisation) : ऊष्मा की वह मात्रा जो किसी पदार्थ के 1 किग्रा को उसके क्वथनांक पर द्रव अवस्था से गैसीय | अवस्था में बदलने के लिये दी जाती है, वाष्पन की गुप्त ऊष्मा कहलाती है। भाप या वाष्पन की गुप्त ऊष्मा 540 कैलोरी/ग्राम या 2260 जूल/ग्राम है।
In simple words: गुप्त ऊष्मा वह ऊर्जा है जो पदार्थ की अवस्था बदलने (जैसे पिघलने या उबलने) में उपयोग होती है, तापमान बढ़ाने में नहीं। गलन की गुप्त ऊष्मा ठोस को द्रव में बदलने के लिए होती है, और वाष्पन की गुप्त ऊष्मा द्रव को गैस में बदलने के लिए होती है।

🎯 Exam Tip: गुप्त ऊष्मा, गलन की गुप्त ऊष्मा और वाष्पन की गुप्त ऊष्मा की सटीक परिभाषाओं को याद रखें, साथ ही उनके मान (जैसे बर्फ के लिए)।

 

Question 8. पदार्थ की अवस्था पर ताप और दाब का क्या प्रभाव पड़ता है? स्पष्ट कीजिए।
Answer: ताप और दाब का पदार्थ की अवस्था पर प्रभाव पड़ता है। जब किसी ठोस को गर्म किया जाता है तो उसके कगों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है। वे तेजी से कंपन करते हैं और अधिक स्थान ग्रहण करते हैं और वे फैलने लगते हैं। एक निश्चित तापमान पर वे आकर्षण के बंधन से मुक्त हो स्वतंत्रतापूर्वक घूमने लगते हैं। तब उसके अणुओं की गति नहीं बढ़ती और उनकी व्यवस्था और क्रम में परिवर्तन होने लगता है तब वे तरल अवस्था में बदल जाते हैं। तरल को गर्म करने से अणुओं का वेग बढ़ जाता है। उनकी गतिज ऊर्जा बढ़ (UPBoardSolutions.com) जाती है। तेज गति वाले अणुओं का संवेग जब उन पर भीतर की तरफ लग रहे बल से अधिक बढ़ जाता है तो वे वाष्प अवस्था में बदल जाते हैं और तरल की सतह से बाहर निकल आते हैं।
In simple words: तापमान बढ़ाने से पदार्थ के कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ती है, जिससे ठोस द्रव में और द्रव गैस में बदल सकते हैं। दबाव बढ़ाने से कण करीब आते हैं, जिससे गैस द्रव में और द्रव ठोस में बदल सकते हैं।

🎯 Exam Tip: तापमान और दाब के संयुक्त प्रभाव को समझें कि वे पदार्थ की अवस्थाओं को कैसे बदलते हैं। यह अवधारणा चरण संक्रमण आरेखों (फेज डायग्राम) के लिए आधार है।

अभ्यास प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. कणों के बीच सबसे कम आकर्षण बल है (a) ठोसों में (b) द्रवों में (c) गैसों में (d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (c) गैसों में
In simple words: गैसों में कण बहुत दूर-दूर होते हैं और उनके बीच बहुत कम आकर्षण बल होता है, जिससे वे आसानी से फैलते हैं।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की अवस्थाओं में अंतराणुक बल के क्रम को याद रखें: गैस < द्रव < ठोस।

 

Question 2. किसी ठोस का सीधे ही गैसीय अवस्था में बदलना कहलाता है (a) वाष्पन । (b) ऊर्ध्वपातन (c) संघनन (d) संगलन ।
Answer: (b) ऊर्ध्वपातन
In simple words: जब कोई ठोस बिना पिघले सीधे गैस बन जाता है, तो इस प्रक्रिया को ऊर्ध्वपातन कहते हैं।

🎯 Exam Tip: ऊर्ध्वपातन की परिभाषा और उदाहरण याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. ऊर्ध्वपातन पदार्थ हैं (a) अमोनियम क्लोराइड (b) नैफ्थेलीन (c) (a) एवं (b) दोनों (d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (c) (a) एवं (b) दोनों
In simple words: अमोनियम क्लोराइड और नेफ़थलीन दोनों ही ऐसे पदार्थ हैं जो गर्म करने पर ठोस से सीधे गैस में बदल जाते हैं।

🎯 Exam Tip: ऊर्ध्वपातन करने वाले पदार्थों के उदाहरण याद रखें।

 

Question 4. किसी गैस को दृवित करने के लिए चाहिए (a) उच्च ताप व दाब (b) निम्न ताप व उच्च दाब (c) निम्न ताप व दाब (d) उच्च ताप व निम्न दाब
Answer: (b) निम्न ताप व उच्च दाब
In simple words: गैस को द्रव में बदलने के लिए, हमें उसका तापमान कम करना होगा और उस पर दबाव बढ़ाना होगा।

🎯 Exam Tip: गैसों के द्रवीकरण के लिए आवश्यक परिस्थितियों (उच्च दाब, निम्न ताप) को याद रखें।

 

Question 5. वाष्पीकरण वह प्रक्रम है जिसमें जल वाष्प में बदलता है (a) 100°C पर (b) अपने क्वथनांक पर (c) अपने क्वथनांक से कम ताप पर (d) कमरे के ताप परे
Answer: (c) अपने क्वथनांक से कम ताप पर
In simple words: वाष्पीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें पानी या कोई द्रव अपने उबलने के बिंदु से कम तापमान पर भी भाप बन जाता है।

🎯 Exam Tip: वाष्पीकरण और क्वथन के बीच के अंतर को समझें - वाष्पीकरण किसी भी तापमान पर होता है जबकि क्वथन एक निश्चित तापमान पर।

 

Question 6. शुष्क बर्फ है (a) बिना पानी वाली बर्फ (b) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड (c) ठोस कार्बन मोनोक्साइड (d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (b) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड
In simple words: शुष्क बर्फ दरअसल जमी हुई कार्बन डाइऑक्साइड होती है, न कि पानी से बनी बर्फ।

🎯 Exam Tip: शुष्क बर्फ के रासायनिक नाम (ठोस कार्बन डाइऑक्साइड) को याद रखें।

 

Question 7. कणों के मध्य सबसे कम स्थान होता है (a) गैसों में (b) द्रवों में (c) ठोसों में । (d) इनमें से कोई भी नहीं
Answer: (c) ठोसों में
In simple words: ठोस पदार्थों में कण एक-दूसरे के बहुत करीब और कसकर बंधे होते हैं, इसलिए उनके बीच सबसे कम खाली जगह होती है।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की अवस्थाओं में कणों के बीच के रिक्त स्थान के क्रम को याद रखें: ठोस < द्रव < गैस।

 

Question 8. पदार्थ के कणों । (a) के मध्य स्थान होता है। (b) के मध्य आकर्षण बल होता हैं । (c) में गतिज ऊर्जा होती है। (d) उपर्युक्त सभी
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
In simple words: पदार्थ के कणों के बीच खाली जगह, आकर्षण बल और गतिज ऊर्जा - ये सभी पदार्थ के कणों की मूलभूत विशेषताएँ हैं।

🎯 Exam Tip: पदार्थ के कणों की सभी मूलभूत विशेषताओं को याद रखें: उनके बीच खाली स्थान, आकर्षण बल और गतिज ऊर्जा।

 

Question 9. निम्न में पदार्थ नहीं है (a) हवा (b) गंध (c) सर्दी (d) शीतल पेय ।
Answer: (c) सर्दी
In simple words: सर्दी एक भावना है, न कि कोई ऐसी चीज जो स्थान घेरती हो या जिसका द्रव्यमान हो, इसलिए यह पदार्थ नहीं है।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की परिभाषा को समझें - जो स्थान घेरता है और जिसका द्रव्यमान होता है। भावनाओं या संवेदनाओं को पदार्थ नहीं माना जाता।

 

Question 10. ........ तरल कहलाते हैं। (a) स व द्रव (b) द्रव व गैस (c) ठोस व गैस (d) ठोस, द्रव व गैस ।
Answer: (b) द्रव व गैस
In simple words: द्रव और गैस दोनों को तरल कहा जाता है क्योंकि वे बह सकते हैं और उनका कोई निश्चित आकार नहीं होता।

🎯 Exam Tip: तरल की परिभाषा को याद रखें जिसमें द्रव और गैस दोनों शामिल हैं।

 

Question 11. हम खुरच सकते हैं (a) ठोस को (b) द्रव को (c) गैस को (d) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (a) ठोस को
In simple words: हम केवल ठोस पदार्थों को ही खुरच सकते हैं क्योंकि उनमें दृढ़ता और निश्चित आकार होता है।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की दृढ़ता और खुरचने की क्षमता को ठोसों के गुण के रूप में समझें।

 

Question 12. हम बहुत अधिक संपीडित कर सकते हैं (a) ठोस को (b) द्रव को (c) गैस को (d) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (c) गैस को
In simple words: गैसों को सबसे ज्यादा दबाया जा सकता है क्योंकि उनके कणों के बीच बहुत खाली जगह होती है।

🎯 Exam Tip: पदार्थ की अवस्थाओं में संपीड्यता के क्रम को याद रखें: गैस > द्रव > ठोस।

 

Question 13. .... का आयतन निश्चित होता है, आकार नहीं। (a) ठोस (b) द्रव (c) गैस (d) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (b) द्रव
In simple words: द्रव का आयतन तो निश्चित होता है, लेकिन वे जिस भी बर्तन में रखे जाते हैं, उसका आकार ले लेते हैं।

🎯 Exam Tip: द्रवों के गुणों (निश्चित आयतन, अनिश्चित आकार) को समझें।

 

Question 14. बर्फ का गलनांक 0° लिया गया है (a) फारेनहाइट पैमाने में (b) केल्विन पैमाने में (c) सेल्सियस पैमाने में (d) गैलीलियो पैमाने में।
Answer: (c) सेल्सियस पैमाने में
In simple words: पानी के जमने का तापमान, जिसे बर्फ का गलनांक भी कहते हैं, सेल्सियस पैमाने पर 0°C होता है।

🎯 Exam Tip: सेल्सियस पैमाने पर जल के गलनांक (0°C) और क्वथनांक (100°C) को याद रखें।

 

Question 15. आकार व आयतन निश्चित नहीं होता (a) ठोसों में । (b) द्रव में (c) गैसों में (d) इन सभी में
Answer: (c) गैसों में
In simple words: गैसों का न तो कोई निश्चित आकार होता है और न ही निश्चित आयतन; वे पूरी तरह से उस बर्तन को भर देती हैं जिसमें उन्हें रखा जाता है।

🎯 Exam Tip: गैसों के गुणों (अनिश्चित आकार और आयतन) को समझें।

 

Question 16. रसोईघर में प्रयोग करते हैं (a) LPG (b) MIC (c) CNG (d) ये सभी ।
Answer: (a) LPG
In simple words: घरों में खाना पकाने के लिए मुख्य रूप से एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) का उपयोग किया जाता है।

🎯 Exam Tip: घरेलू ईंधन के रूप में एलपीजी के उपयोग को याद रखें।

 

Question 17. वाहनों में प्रयोग की जाती है (a) LPG (b) MIC (c) CNG (d) ये सभी ।
Answer: (c) CNG
In simple words: वाहनों में ईंधन के रूप में मुख्य रूप से सीएनजी (संपीडित प्राकृतिक गैस) का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह एक स्वच्छ ईंधन है।

🎯 Exam Tip: वाहनों के लिए स्वच्छ ईंधन के रूप में सीएनजी के उपयोग को याद रखें।

 

Question 18. बर्फ का गलनांक है (a) 100°C (b) 273 K (c) 273°C (d) 373 K
Answer: (b) 273 K
In simple words: बर्फ 273 केल्विन (जो 0 डिग्री सेल्सियस के बराबर है) पर पिघलना शुरू करती है।

🎯 Exam Tip: केल्विन पैमाने पर बर्फ के गलनांक (273 K) को याद रखें।

 

Question 19. जल का क्वथनांक है (a) 0°C (b) 273 K (c) 273°C (d) 373 K
Answer: (d) 373 K
In simple words: पानी 373 केल्विन (जो 100 डिग्री सेल्सियस के बराबर है) पर उबलना शुरू करता है।

🎯 Exam Tip: केल्विन पैमाने पर जल के क्वथनांक (373 K) को याद रखें।

 

Question 20. गर्मियों में घड़े का जल निम्नलिखित प्रक्रमों में से किसके कारण ठंडा हो सकता है (a) परासरण (b) विसरण (c) वाष्पोत्सर्जन (d) वाष्पन ।
Answer: (d) वाष्पन
In simple words: घड़े में से पानी रिसकर बाहर आता है और हवा के संपर्क में आकर वाष्पीकृत हो जाता है, जिससे घड़े के अंदर का पानी ठंडा हो जाता है।

🎯 Exam Tip: घड़े के पानी के ठंडा होने का मुख्य कारण वाष्पीकरण है, जो शीतलन प्रभाव पैदा करता है।

उत्तरमाला

1. (c)
2. (b)
3. (c)
4. (b)
5. (c)
6. (b)
7. (c)
8. (d)
9. (c)
10. (b)
11. (a)
12. (c)
13. (b)
14. (c)
15. (c)
16. (a)
17. (c)
18. (b)
19. (d)
20. (d)

Science Class 9 Curriculum Solutions: Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें

Exercise Answers & Explanations: Class 9 Science

Review complete, accurate UP Board Solutions for Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें curated specifically for students. Spanning all end-of-chapter exercises in your Class 9 Science textbook, these guides reflect the most recent updates issued under the official UP Board syllabus.

Concept-Driven Answers for Better Clarity

Benefit from expertly drafted, step-by-step explanations tackling the hardest items in the Class 9 Science curriculum. These breakdowns ensure Class 9 students grasp the core principles governing both theory and calculations, making our UP Board Questions and Answers an invaluable asset for foundational growth.

Effective Self-Study and Homework Assistance

Practicing consistently with our Science resources cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. Designed to facilitate independent study for Class 9 pupils, these answers work best when combined with our accompanying Revision Notes and Sample Papers for Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें for total academic readiness.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 9 Science are as per latest UP Board curriculum.

Are the Science UP Board solutions for Class 9 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 9 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 9 Science. You can access UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Science UP Board solutions for Class 9 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 9 Science Chapter 1 हमारे आस-पास की चीज़ें in printable PDF format for offline study on any device.