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Class 9 Maths Chapter 6 रेखाएँ और कोण Textbook Solutions with Answers
प्रश्नावली 6.1
Question 1. दी गई आकृति में रेखाएँ AB और CD बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। यदि ∠AOC + ∠BOE = 70° है और ∠BOD = 40° है तो ∠BOE और प्रतिवर्ती ∠COE ज्ञात कीजिए।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक ज्यामितीय आकृति है जिसमें दो रेखाएँ AB और CD एक-दूसरे को बिन्दु O पर काट रही हैं। एक तीसरी किरण OE बिन्दु O से ऊपर की ओर निकल रही है, और ∠BOD 40° के रूप में चिन्हित है।
Answer: रेखाएँ AB तथा CD बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। ∠AOC = ∠BOD (शीर्षाभिमुख कोण) दिया है: ∠BOD = 40°
∠AOC = 40° ...(1) यह भी ज्ञात है कि ∠AOC + ∠BOE = 70°
∠BOE = 70° - ∠AOC
∠BOE = 70° - 40°
∠BOE = 30° AB एक ऋजु रेखा है और उस पर स्थित बिन्दु O से OC तथा OE मिलती हैं। ∠AOC + ∠COE + ∠BOE = 180° 40° + ∠COE + 30° = 180°
∠COE = 180° - 40° - 30°
∠COE = 110° तब प्रतिवर्ती ∠COE = 360° - 110° = 250° अतः ∠BOE = 30° तथा प्रतिवर्ती ∠COE = 250°
In simple words: हमने शीर्षाभिमुख कोणों (∠AOC = ∠BOD) का उपयोग करके ∠AOC ज्ञात किया। फिर, दिए गए समीकरण से ∠BOE निकाला। अंत में, एक सीधी रेखा के कोणों का योग 180° होता है, इस गुण का उपयोग करके ∠COE और उसका प्रतिवर्ती कोण ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: शीर्षाभिमुख कोण, रैखिक युग्म और एक सीधी रेखा पर कोणों के योग के गुणों को सही ढंग से पहचानना और लागू करना महत्वपूर्ण है। प्रतिवर्ती कोण की गणना \(360^\circ - \text{कोण}\) सूत्र से करें।
Question 2. दी गई आकृति में रेखाएँ XY और MN बिन्दुO पर प्रतिच्छेद करती हैं। यदि ∠POY = 90° और a : b = 2 : 3 हो तो c ज्ञात कीजिए ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक ज्यामितीय आकृति है जिसमें दो रेखाएँ XY और MN एक-दूसरे को बिन्दु O पर काट रही हैं। एक किरण OP, XY पर लम्बवत है, जिससे ∠POY = 90° बनता है। कोण ∠POX को a और ∠POM को b के रूप में चिन्हित किया गया है, जबकि ∠XON को c के रूप में चिन्हित किया गया है।
Answer: XY एक ऋजु रेखा है और ∠POY = 90° ∠POX + ∠POY = 180° (रेखीय युग्म) परन्तु ∠POY = 90° घटाने पर, ∠POX = 90° ∠POM + ∠MOX = a + b = 90° ...(1) दिया है: a : b = 2 : 3
\(\frac { a }{ b }\) = \(\frac { 2 }{ 3 }\)
2b = 3a
b = \(\frac { 3 }{ 2 }\)a समीकरण (1) से, a + b = 90°
a + \(\frac { 3 }{ 2 }\)a = 90° (b = \(\frac { 3 }{ 2 }\)a)
\(\frac { 2a + 3a }{ 2 }\) = 90°
5a = 180°
a = 36° ......(2) ऋजु रेखाएँ XY और MN बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। ∠XON = ∠YOM (शीर्षाभिमुख कोण) ∠XON = ∠MOP + ∠POY (आकृति से) c = b + 90° c = 36° + 90° = 126° अतः c = 126°
In simple words: हमने पहले रैखिक युग्म का उपयोग करके ∠POX को 90° पाया। फिर, दिए गए अनुपात a:b = 2:3 और ∠POX = a+b का उपयोग करके a का मान ज्ञात किया। अंत में, शीर्षाभिमुख कोणों के गुण और कोणों के योग से c का मान निकाला।
🎯 Exam Tip: रैखिक युग्म, शीर्षाभिमुख कोण और कोणों के अनुपातिक वितरण के सिद्धांतों का सही अनुप्रयोग इस प्रकार के प्रश्नों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है। सभी चरणों को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
Question 3. दी गई आकृति में, यदि ∠PQR = ∠PRQ है तो सिद्ध कीजिए कि ∠PQS = ∠PRT है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक त्रिभुज PQR है जिसकी भुजाओं को आगे बढ़ाया गया है। भुजा PQ को S तक बढ़ाया गया है, और भुजा PR को T तक बढ़ाया गया है। दिया गया है कि त्रिभुज के अंदर के कोण ∠PQR और ∠PRQ बराबर हैं, और हमें बाहरी कोणों ∠PQS और ∠PRT को बराबर सिद्ध करना है।
Answer: दी गई आकृति में SR एक ऋजु रेखा है और उसके बिन्दु Q पर रेखा PQ मिलती है। ∠PQS तथा ∠PQR एक रैखिक युग्म के कोण हैं। ∠PQS + ∠PQR = 180° .....(1) पुनः QT एक ऋजु रेखा है जिसके बिन्दु R पर रेखा PR मिलती है। अतः ∠PRT और ∠PRQ भी एक रैखिक युग्म के कोण हैं। ∠PRQ + ∠PRT = 180° .......(2) समीकरण (1) व समीकरण (2) से, ∠PQS + ∠PQR = ∠PRQ + ∠PRT ......(3) परन्तु दिया है कि ∠PQR = ∠PRQ .........(4) तब समीकरण (3) में से समीकरण (4) को घटाने पर, ∠PQS = ∠PRT Proved.
In simple words: हमने रैखिक युग्म के गुण का उपयोग करके दिखाया कि ∠PQS + ∠PQR = 180° और ∠PRQ + ∠PRT = 180°। चूँकि ∠PQR = ∠PRQ दिया गया है, इसलिए इन समीकरणों को बराबर करने और घटाने पर, हमें ∠PQS = ∠PRT प्राप्त होता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में रैखिक युग्म के कोणों के गुणधर्म का उपयोग किया जाता है। दिए गए और सिद्ध किए जाने वाले भागों को स्पष्ट रूप से समझें और तार्किक चरणों का पालन करें।
Question 4. दी गई आकृति में यदि x + y = w + z है तो सिद्ध कीजिए कि AOB एक ऋजु रेखा है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक आकृति है जिसमें चार कोण x, y, w, और z एक बिन्दु O के चारों ओर बने हैं। कोण x और y एक रेखा AOB बनाते हैं, और कोण w और z दूसरी रेखा COD बनाते हैं, जहाँ O प्रतिच्छेद बिन्दु है।
Answer: ∠x, ∠y, ∠w व ∠z एक ही बिन्दु O पर बने हैं। x + y + w + z = 360° .......(1) (एक बिन्दु के चारों ओर के कोणों का योग 360° होता है) परन्तु दिया है कि x + y = w + z
x + y - w - z = 0 ........(2) समीकरण (1) व समीकरण (2) को जोड़ने पर, 2x + 2y = 360°
x + y = 180° ...(3) समीकरण (3) से ∠x व ∠y दो आसन्न कोण हैं जिनका योग 180° है तथा रेखा OC दोनों कोणों की उभयनिष्ठ रेखा है, तब इन कोणों की शेष भुजाएँ AO तथा OB एक सरल रेखा बनाएँगी। अतः AOB एक ऋजु रेखा है। Proved.
In simple words: हमने देखा कि एक बिन्दु के चारों ओर के सभी कोणों का योग 360° होता है। दिए गए संबंध x+y = w+z का उपयोग करके, हमने यह सिद्ध किया कि x+y का योग 180° है, जिसका अर्थ है कि AO और OB एक सीधी रेखा बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: एक बिन्दु के चारों ओर के कोणों का योग 360° होता है, यह प्रमेय इस प्रश्न का आधार है। दिए गए संबंध का उपयोग करके सरल रेखा के गुणधर्म (कोणों का योग 180°) को सिद्ध करें।
Question 5. दी गई आकृति में, POQ एक रेखा है। किरण OR रेखा PQ पर लम्ब है। किरणों OP और OR के बीच में Os एक अन्य किरण है। सिद्ध कीजिए : ∠ROS = \(\frac { 1 }{ 2 }\) (∠QOS - ∠POS)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक सीधी रेखा POQ है, जिस पर एक किरण OR लम्बवत है, अर्थात ∠POR = ∠QOR = 90°। एक अन्य किरण OS, OP और OR के बीच स्थित है। हमें ∠ROS को ∠QOS और ∠POS के अंतर के आधे के बराबर सिद्ध करना है।
Answer: POQ एक ऋजु रेखा है और किरण OR, रेखा PQ पर लम्ब है। ∠QOR = 90° और ∠POR = 90° ∠POR = 90°
∠POS + ∠ROS = 90° (आकृति से)
∠POS = 90° - ∠ROS ...(1) ∠QOS = ∠ROS + ∠QOR (आकृति से) ∠QOS = ∠ROS + 90° .....(2) समीकरण (2) में से समीकरण (1) को घटाने पर, ∠QOS - ∠POS = (∠ROS + 90°) - (90° - ∠ROS) ∠QOS - ∠POS = ∠ROS + 90° - 90° + ∠ROS (∠QOS - ∠POS) = 2 ∠ROS
\(\frac { 1 }{ 2 }\) (∠QOS - ∠POS) = ∠ROS अतः ∠ROS = \(\frac { 1 }{ 2 }\) (∠QOS - ∠POS) Proved.
In simple words: हमने ∠POS और ∠QOS को ∠ROS और 90° के पदों में व्यक्त किया। फिर, ∠QOS में से ∠POS को घटाकर समीकरणों को सरल किया, जिससे हमें ∠ROS का मान अन्य दो कोणों के अंतर के आधे के रूप में प्राप्त हुआ।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए कोणों के योग और घटाव के बुनियादी नियमों का उपयोग करें। ध्यान दें कि OR, PQ पर लम्बवत है, जिसका अर्थ है कि ∠QOR और ∠POR दोनों 90° हैं।
Question 6. यह दिया है कि ∠XYZ = 64° है और XY को बिन्दु P तक बढ़ाया गया है। दी। हुई सूचना से एक आकृति खीचिए । यदि किरण YQ, ∠ZYP को समद्विभाजित करती है तो ∠XYQ और प्रतिवर्ती ∠QYP के मान ज्ञात कीजिए।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह दो भाग वाली ज्यामितीय आकृति है। पहली आकृति में, एक कोण ∠XYZ = 64° दिखाया गया है और रेखा XY को P तक बढ़ाया गया है। दूसरी आकृति में, किरण YQ को ∠ZYP को समद्विभाजित करते हुए दर्शाया गया है।
Answer: हल : दी गई सूचना से आकृति खींचना :
(i) एक किरण YZ खींची।
(ii) किरण YZ के बिन्दु Y पर ∠XYZ = 64° खींचा।
(iii) XY को बिन्दु P तक बढ़ाकर रेखा XYP खींची। तत्पश्चात् दूसरी आकृति बनाकर बिन्दु Y से किरण YQ इस प्रकार खींची कि किरण YQ, ∠ZYP को समद्विभाजित करे । निर्दिष्ट कोणों की माप की गणना :
(i) ∠XYQ ZXYZ की कोण-रेखा XY को बिन्दु P तक बढ़ाया गया है। XYP एक ऋजु रेखा है। तब, ∠XYZ और ∠ZYP कोणों का युग्म एक रैखिक युग्म है। ∠XYZ + ∠ZYP = 180° 64° + ∠ZYP = 180° (दिया है ∠XYZ = 64°)
∠ZYP = 180° - 64° = 116° किरण YQ, ∠ZYP को समद्विभाजित करती है। ∠ZYQ = ∠QYP और ∠ZYQ + ∠QYP = 116° हल करने पर, ∠ZYQ = 58° और ∠QYP = 58° ...(1) अब चूँकि ∠XYQ = ∠XYZ + ∠ZYQ (आकृति से) = 64° + 58° = 122° अतः ∠XYQ = 122°
(ii) प्रतिवर्ती ∠QYP समीकरण (1) से, ∠QYP = 58° प्रतिवर्ती ∠QYP = 360° - 58° = 302° अतः प्रतिवर्ती ∠QYP = 302°
In simple words: हमने पहले रेखा XY को P तक बढ़ाकर रैखिक युग्म का उपयोग करके ∠ZYP का मान ज्ञात किया। चूँकि YQ, ∠ZYP को समद्विभाजित करती है, हमने ∠ZYQ और ∠QYP के मान निकाले। फिर, ∠XYQ का मान ∠XYZ + ∠ZYQ करके ज्ञात किया, और अंत में ∠QYP का प्रतिवर्ती कोण \(360^\circ\) में से घटाकर निकाला।
🎯 Exam Tip: रैखिक युग्म के कोण, कोणों के समद्विभाजन, और प्रतिवर्ती कोण की परिभाषा इस प्रश्न के मुख्य बिंदु हैं। आकृति को ध्यान से बनाना और सभी दिए गए मानों को सही ढंग से अंकित करना महत्वपूर्ण है।
प्रश्नावली 6.2
Question 1. दी गई आकृति में, x और y के मान ज्ञात कीजिए और फिर दर्शाइए कि AB || CD है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक ज्यामितीय आकृति है जिसमें दो रेखाएँ AB और CD को एक तिर्यक रेखा द्वारा काटा गया है। रेखा AB पर एक कोण 50° और x दिया गया है, जो एक रैखिक युग्म बनाते हैं। रेखा CD पर एक कोण 130° और y दिया गया है, जहाँ 130° और y शीर्षाभिमुख कोण हैं।
Answer: दी गई आकृति में ऋजु रेखा AB पर एक तिर्यक (तिरछी) रेखा 50° के कोण पर झुकी है। तब, यह 50° का कोण और ∠x एक रैखिक (कोण) युग्म बनाते हैं। 50° + ∠x = 180°
∠x = 180° - 50° = 130° पुनः ऋजु रेखा CD को एक अन्य तिर्यक ऋजु रेखा काटती है। ∠y और चित्र में बना 130° के कोण शीर्षाभिमुख कोण युग्म के कोण हैं जिससे ∠y = 130° ∠x और ∠y एकान्तर अन्तःकोण हैं और परस्पर बराबर भी हैं। यह समान्तर रेखाओं को तिर्यक रेखा के काटने से बनेंगे अतः ऋजु रेखा AB || CD
In simple words: हमने रैखिक युग्म के नियम का उपयोग करके x का मान 130° प्राप्त किया। फिर, शीर्षाभिमुख कोणों के नियम से y का मान 130° ज्ञात किया। चूँकि x और y एकांतर अंतःकोण हैं और वे बराबर हैं, इसलिए हमने निष्कर्ष निकाला कि रेखाएँ AB और CD समानांतर हैं।
🎯 Exam Tip: रैखिक युग्म, शीर्षाभिमुख कोण और एकांतर अंतःकोण के गुणों को पहचानें। यदि एकांतर अंतःकोण बराबर होते हैं, तो रेखाएँ समानांतर होती हैं। यह ज्यामिति का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है।
Question 2. दी गई आकृति में, यदि AB || CD; CD || EF और y : z = 3 : 7 है। तो x का मान ज्ञात कीजिए।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक ज्यामितीय आकृति है जिसमें तीन समानांतर रेखाएँ AB, CD और EF हैं, जिन्हें एक तिर्यक रेखा काट रही है। कोण x, y और z विभिन्न प्रतिच्छेद बिन्दुओं पर बने हैं। x और y एकांतर अंतःकोण हैं, और y और z एक ही तरफ के अंतःकोण हैं।
Answer: दी गई आकृति में AB || CD और CD || EF
AB || EF अब चूँकि AB || EF को एक तिर्यक ऋजु रेखा । काटती है जिससे एकान्तर कोण ∠x और ∠y बनते हैं।
∠x = ∠y ......(1) AB || CD और एक तिर्यक रेखा। इन्हें काटती है जिससे ∠x और ∠y, तिर्यक रेखा । के एक ही ओर बने अन्तःकोण हैं।
∠x + ∠y = 180° ... (2) तब समीकरण (1) व समीकरण (2) से,
∠y + ∠z = 180° ........(3) y : z = 3 : 7 तब माना y = 3k तथा z = 7k y और z के ये मान समीकरण (3) में रखने पर, 3k + 7k = 180°
10k = 180°
k = 18°
z = 7k = 7 x 18° = 126° समीकरण (1) से, ∠x = ∠z और z = 126° . ∠x = 126° अतः x = 126°
In simple words: हमने समानांतर रेखाओं के गुणों का उपयोग किया। चूँकि AB || EF, इसलिए x = y (एकांतर अंतःकोण)। चूँकि AB || CD, इसलिए x + y = 180° (एक ही तरफ के अंतःकोण)। फिर, y और z के अनुपात का उपयोग करके y और z के मान निकाले, और अंत में x का मान ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: एकांतर अंतःकोणों, संगत कोणों और एक ही तरफ के अंतःकोणों के गुणों को अच्छी तरह समझें। अनुपातों का उपयोग करके कोणों के मान ज्ञात करते समय सावधानी बरतें।
Question 3. दी गई आकृति में, यदि AB || CD, EF \(\perp\) CD और ∠GED = 126° हो तो ∠AGE, ∠GEF और ∠FGE ज्ञात कीजिए ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक ज्यामितीय आकृति जिसमें दो समानांतर रेखाएँ AB और CD हैं। एक तिर्यक रेखा GE इन रेखाओं को काटती है। EF, CD पर लम्बवत है, जिसका अर्थ है ∠FED = 90°। ∠GED = 126° दिया गया है। हमें ∠AGE, ∠GEF और ∠FGE के मान ज्ञात करने हैं।
Answer: AB || CD और GE एक तिर्यक रेखा है। ∠AGE = ∠GED (एकान्तर कोण)
∠AGE = 126° (∠GED = 126°)
∠GED = 126°
∠GEF + ∠FED = 126°
∠GEF + 90° = 126° (∠FED = 90°)
∠GEF = 126° - 90° = 36°
∠GEF = 36° पुनः AB एक ऋजु रेखा है और GE, उससे बिन्दु G पर मिलती है। ∠AGE और ∠FGE एक रैखिक कोण-युग्म बनाते हैं। ∠AGE + ∠FGE = 180°
126° + ∠FGE = 180° (∠AGE = 126° अभी ऊपर ज्ञात किया है।)
∠FGE = 180° - 126°
∠FGE = 54° अतः ∠AGE = 126°, ∠GEF = 36° और ∠FGE = 54°
In simple words: हमने एकांतर अंतःकोणों के गुण का उपयोग करके ∠AGE का मान ज्ञात किया। फिर, ∠GED को दो भागों (∠GEF + ∠FED) में विभाजित करके और लम्बवतता (∠FED = 90°) का उपयोग करके ∠GEF का मान निकाला। अंत में, रैखिक युग्म के गुण का उपयोग करके ∠FGE का मान ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: एकांतर अंतःकोण, लम्बवत रेखाएँ (जो 90° का कोण बनाती हैं) और रैखिक युग्म के गुण इस समस्या को हल करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रत्येक चरण को व्यवस्थित रूप से हल करें।
Question 4. दी गई आकृति में, यदि PQ || ST, ∠PQR = 110° और ∠RST = 130° हो तो ∠QRS ज्ञात कीजिए।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक ज्यामितीय आकृति है जिसमें दो समानांतर रेखाएँ PQ और ST हैं। एक बिन्दु R इन दोनों रेखाओं के बीच स्थित है। ∠PQR = 110° और ∠RST = 130° दिया गया है। हमें ∠QRS का मान ज्ञात करना है। एक अतिरिक्त निर्माण के रूप में, R से होकर एक समानांतर रेखा XY खींची जाती है।
Answer: दिया है: दी गई आकृति में PQ || ST, ∠PQR = 110° तथा ∠RST = 130° ज्ञात करना है: ∠QRS की माप । रचना : बिन्दु R से PQ के समान्तर एक ऋजु रेखा XY खींची । विश्लेषण : PQ || XY (रचना से) और QR तिर्यक रेखा है जो इन्हें Q तथा R पर काटती है। ∠PQR और ∠QRX, QR के एक ही ओर बने अन्तः कोण हैं। ∠PQR + ∠QRX = 180°
∠QRX = 180° - ∠PQR = 180° - 110° (∠PQR = 110°)
∠QRX = 70° अब :: PQ || XY (रचना से) और PQ || ST (दिया है)
ST || XY और RS तिर्यक रेखा है। ∠SRY और ∠RST तिर्यक रेखा के एक ही ओर बने अन्तः कोण हैं। ∠SRY + ∠RST = 180°
∠SRY + 130° = 180° (∠RST = 130°)
∠SRY = 180° - 130°
∠SRY = 50° पुनः ∠QRX, ∠QRS और ∠SRY एक ही ऋजु रेखा के बिन्दु R पर रेखा XY के एक ही ओर बने हैं। ∠QRX + ∠QRS + ∠SRY = 180° (आकृति से)
70° + ∠QRS + 50° = 180°
∠QRS = 180° - 70° - 50° = 60° अतः ∠QRS = 60°
In simple words: हमने बिन्दु R से PQ के समानांतर एक रेखा XY खींची। फिर, समांतर रेखाओं और तिर्यक रेखाओं के गुणों का उपयोग करके ∠QRX और ∠SRY के मान ज्ञात किए। अंत में, एक सीधी रेखा पर बने कोणों का योग 180° होता है, इस नियम का उपयोग करके ∠QRS का मान निकाला।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में अक्सर एक सहायक निर्माण (जैसे समानांतर रेखा खींचना) की आवश्यकता होती है। एक ही तरफ के अंतःकोणों के गुणधर्म का प्रभावी ढंग से उपयोग करें और सीधी रेखा पर कोणों के योग को याद रखें।
Question 5. दी गई आकृति में, यदि AB || CD, ∠APQ = 50° और ∠PRD = 127° है तो x और y ज्ञात कीजिए।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक ज्यामितीय आकृति है जिसमें दो समानांतर रेखाएँ AB और CD हैं। एक तिर्यक रेखा PQ उन्हें P और Q पर काटती है, और दूसरी तिर्यक रेखा PR उन्हें P और R पर काटती है। ∠APQ = 50° और ∠PRD = 127° दिया गया है। हमें कोण x (जो ∠PQR है) और कोण y (जो ∠QPR है) का मान ज्ञात करना है।
Answer: दिया है: ऋजु रेखा AB || CD, ∠APQ = 50° और ∠PRD = 127° ज्ञात करना है: x तथा y विश्लेषण : AB|| CD और PQ एक तिर्यक रेखा है। ∠APQ = ∠PQR (एकान्तर कोण युग्म) 50° = x
x = 50° पुनः AB || CD और PR एक तिर्यक रेखा है। ∠APR = ∠PRD (एकान्तर कोण युग्म) ∠APQ + ∠QPR = ∠PRD (∠APR = ∠APQ + ∠QPR, चित्र से) 50° + y = 127°
y = 127° - 50° = 77° अतः x = 50° और y = 77°
In simple words: हमने एकांतर अंतःकोणों के गुण का उपयोग करके x का मान (∠APQ के बराबर) 50° ज्ञात किया। फिर, ∠APR को ∠APQ और ∠QPR के योग के रूप में व्यक्त किया, और इसे ∠PRD के बराबर सेट करके (जो फिर से एकांतर अंतःकोण हैं) y का मान 77° प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: समानांतर रेखाओं और तिर्यक रेखा द्वारा बनने वाले एकांतर अंतःकोणों के गुण को याद रखें। एक बड़े कोण को दो छोटे कोणों के योग के रूप में कैसे व्यक्त किया जाता है, इसका सही अनुप्रयोग महत्वपूर्ण है।
Question 6. दी गई आकृति में P और RS दो दर्पण हैं जो एक-दूसरे के समान्तर रखे गए हैं। एक आपतन किरण (Incident Ray) AB, दर्पण PQ से B पर टकराती है और परावर्तित किरण (Reflected Ray) पथ BC पर चलकर दर्पण RS से C पर टकराती है तथा पुनः CD के अनुदिश परावर्तित हो जाती है। सिद्ध कीजिए कि AB || CD है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक ज्यामितीय आरेख है जिसमें दो समानांतर दर्पण PQ और RS दिखाए गए हैं। एक आपतित किरण AB दर्पण PQ से टकराती है, BC परावर्तित किरण है जो दर्पण RS से टकराती है, और CD RS से परावर्तित होकर निकलती है। बिन्दु B और C पर लम्बवत रेखाएँ भी दिखाई गई हैं।
Answer: दिया है: दर्पण PQ || दर्पण RS तथा AB और BC दर्पण PQ के लिए क्रमश: आपतित और परावर्तित किरणें हैं। दर्पण RS के लिए आपतित किरण BC तथा परावर्तित किरण CD है। BP' दर्पण PQ के बिन्दु B पर तथा CQ' दर्पण RS के बिन्दु C पर अभिलम्ब हैं। सिद्ध करना है: AB || CD उपपत्ति : BP', बिन्दु B पर अभिलम्ब है; अतः BP' \(\perp\) PQ और CQ', बिन्दु C पर अभिलम्ब है; अतः CQ' \(\perp\) RS PQ || RS उक्त तीनों तथ्यों से BP' || CQ' और BC तिर्यक रेखा है। ∠P'BC = ∠Q'CB (एकान्तर कोण)
∠r₁ = ∠i₂ .....(1) परावर्तन के नियमों से, ∠i₁ = ∠r₁ .....(2) ∠i₂ = ∠r₂ ......(3) समीकरण (1), (2) व (3) से, ∠i₁ = ∠r₂ समीकरण (1) व समीकरण (4) को जोड़ने पर, ∠(i₁ + r₁) = ∠(i₂ + r₂) ∠ABC = ∠BCD परन्तु ये AB तथा CD को BC द्वारा प्रतिच्छेद करने से निर्मित समान एकान्तर कोण हैं। अतः AB || CD Proved.
In simple words: हमने पहले बिन्दु B और C पर लम्बवत रेखाएँ खींचीं। चूंकि दर्पण समानांतर हैं और लम्बवत रेखाएँ भी समानांतर होती हैं, हमने एकांतर कोणों के नियम से ∠r₁ = ∠i₂ सिद्ध किया। परावर्तन के नियमों (∠i₁ = ∠r₁ और ∠i₂ = ∠r₂) को लागू करते हुए, हमने पाया कि ∠ABC = ∠BCD। चूँकि ये एकांतर कोण हैं, इसलिए AB || CD सिद्ध हो जाता है।
🎯 Exam Tip: परावर्तन के नियम (आपतन कोण = परावर्तन कोण) और समानांतर रेखाओं के लिए एकांतर अंतःकोणों के गुणधर्मों का सही अनुप्रयोग इस प्रमेय को सिद्ध करने की कुंजी है। सहायक रेखाओं के निर्माण का उचित उपयोग महत्वपूर्ण है।
प्रश्नावली 6.3
Question 1. दी गई आकृति में APQR की भुजाओं QP और RQ को क्रमशः बिन्दुओं S और T तक बढ़ाया गया है। यदि ∠SPR = 135° है और ∠PQT = 110° है तो ∠PRQ ज्ञात कीजिए।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक त्रिभुज PQR है जिसकी भुजा QP को S तक और भुजा RQ को T तक बढ़ाया गया है। बाहरी कोण ∠SPR = 135° और ∠PQT = 110° दिए गए हैं। हमें त्रिभुज के अंदर का कोण ∠PRQ ज्ञात करना है।
Answer: APQR की भुजा QP को बिन्दु S तक बढ़ाया गया है जिससे बहिष्कोण ∠SPR = ∠PQR + ∠PRQ . (किसी त्रिभुज का एक बहिष्कोण उसके अन्तः अभिमुख कोणों के योगफल के बराबर होता है ।) परन्तु दिया है : ∠SPR = 135°
135° = ∠PQR + ∠PRQ .......(1) पुनः APQR की भुजा RQ को बिन्दु T तक बढ़ाया गया है जिससे बहिष्कोण ∠PQT = ∠QPR + ∠PRQ (किसी त्रिभुज का एक बहिष्कोण उसके अन्तः अभिमुख कोणों के योगफल के बराबर होता है।) परन्तु ज्ञात है कि ∠PQT = 110°
110° = ∠QPR + ∠PRQ .......(2) समीकरण (1) व समीकरण (2) को जोड़ने पर, ∠PQR + ∠QPR + ∠PRQ + ∠PRQ = 135° + 110° ∠PQR + ∠QPR + ∠PRQ + ∠PRQ = 245° ...(3) परन्तु APQR में, ∠PQR + ∠QPR +∠PRQ = 180° (त्रिभुज के अन्तःकोणों का योग 180° होता है ।) समीकरण (3) से (4) को घटाने पर, ∠PRQ = 245° - 180° ∠PRQ = 65° अतः ∠PRQ = 65°
In simple words: हमने त्रिभुज के बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके ∠SPR को ∠PQR + ∠PRQ और ∠PQT को ∠QPR + ∠PRQ के बराबर लिखा। इन समीकरणों को जोड़कर और त्रिभुज के कोणों के योग (180°) के नियम का उपयोग करके, हमने ∠PRQ का मान 65° प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के बहिष्कोण प्रमेय (बहिष्कोण = दो सुदूर अंतःकोणों का योग) और त्रिभुज के तीनों कोणों के योग का प्रमेय (180°) इस प्रश्न के समाधान के लिए महत्वपूर्ण हैं। गणना करते समय सावधानी बरतें।
Question 2. दी गई आकृति में, ∠X = 62° और ∠XYZ = 54° है। यदि YO और ZO क्रमशः ∆XYZ के ∠XYZ और ∠XZY के समद्विभाजक हैं तो ∠OZY और ∠YOZ ज्ञात कीजिए।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक त्रिभुज XYZ है। कोण ∠X = 62° और ∠XYZ = 54° दिए गए हैं। किरण YO, ∠XYZ को समद्विभाजित करती है, और किरण ZO, ∠XZY को समद्विभाजित करती है। हमें ∠OZY और ∠YOZ के मान ज्ञात करने हैं।
Answer: ∆XYZ में, ∠X + ∠XYZ + ∠XZY = 180° (त्रिभुज के अन्तःकोणों का योग 180° होता है) 62° + 54° + ∠XZY = 180°
∠XZY = 180° - (62° + 54°) = 180° - 116°
∠XZY = 64° YO, ∠XYZ का और ZO, ∠XZY का समद्विभाजक है। ∠OYZ = \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∠XYZ और ∠OZY = \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∠XZY
∠OYZ = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 54° और ∠OZY = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 64°
∠OYZ = 27° और ∠OZY = 32° तब, ∆OYZ में, ∠OYZ + ∠OZY + ∠YOZ = 180° (त्रिभुज के अन्तःकोणों का योग 180° होता है ।) 27° + 32° + ∠YOZ = 180°
∠YOZ = 180° - (27° + 32°) = 180° - 59°
∠YOZ = 121° अतः ∠OZY = 32° तथा ∠YOZ = 121°
In simple words: हमने पहले त्रिभुज XYZ के कोणों के योग का उपयोग करके ∠XZY का मान ज्ञात किया। फिर, चूँकि YO और ZO कोण समद्विभाजक हैं, हमने ∠OYZ और ∠OZY के मान निकाले। अंत में, त्रिभुज OYZ के कोणों के योग का उपयोग करके ∠YOZ का मान प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोणों के योग का गुणधर्म (180°) और कोण समद्विभाजक की परिभाषा इस प्रश्न को हल करने के लिए महत्वपूर्ण है। एक कोण के आधे भाग की गणना करते समय सटीक रहें।
Question 3. दी गई आकृति में, यदि AB || DE, ∠BAC = 35° और ∠CDE = 53° है तो ∠DCE ज्ञात कीजिए ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक ज्यामितीय आकृति जिसमें दो समानांतर रेखाएँ AB और DE हैं। एक तिर्यक रेखा AE इन्हें काटती है। ∠BAC = 35° और ∠CDE = 53° दिए गए हैं। हमें ∠DCE का मान ज्ञात करना है।
Answer: AB || DE और ऋजु रेखा AE इन्हें काटती है। तब, ∠BAE = ∠AED (एकान्तर कोण) परन्तु ∠BAE = ∠BAC और ∠AED = ∠CED
∠BAC = ∠CED
35° = ∠CED
∠CED = 35° तब, ∆CDE में, ∠CDE + ∠CED + ∠DCE = 180° (त्रिभुज के अन्तःकोणों का योग 180° होता है ।)
53° + 35° + ∠DCE = 180°
∠DCE = 180° - (53° + 35°) = 180° - 88° = 92° अतः ∠DCE = 92°
In simple words: हमने समानांतर रेखाओं AB और DE के लिए एकांतर कोणों के गुण का उपयोग करके ∠CED का मान ∠BAC के बराबर 35° ज्ञात किया। फिर, त्रिभुज CDE में, कोणों के योग (180°) के नियम का उपयोग करके, हमने ∠DCE का मान 92° प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: समानांतर रेखाओं द्वारा बनने वाले एकांतर अंतःकोणों और त्रिभुज के कोणों के योग के गुणों को पहचानें और लागू करें। ध्यान दें कि ∠BAE, ∠BAC के समान है, जो एकांतर कोण के रूप में ∠AED के बराबर है।
Question 4. दी गई आकृति में यदि रेखाएँ PQ और RS बिन्दु T पर इस प्रकार प्रतिच्छेद करती हैं कि ∠PRT = 40°, ∠RPT = 95° और ∠TSQ = 75° है तो ∠SQT ज्ञात कीजिए।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक ज्यामितीय आकृति है जिसमें दो रेखाएँ PQ और RS बिन्दु T पर प्रतिच्छेद करती हैं। एक त्रिभुज PRT बन रहा है जिसमें ∠PRT = 40° और ∠RPT = 95° दिया गया है। एक और त्रिभुज QTS बन रहा है जिसमें ∠TSQ = 75° दिया गया है। हमें ∠SQT का मान ज्ञात करना है।
Answer: ∆PRT में, ∠PRT + ∠RPT + ∠PTR = 180° (त्रिभुज के अन्तःकोणों का योग 180° होता है ।)
40° + 95° + ∠PTR = 180°
∠PTR = 180° - (95° + 40°) = 180° - 135°
∠PTR = 45° ऋजु रेखाएँ PQ और RS परस्पर बिन्दु T पर प्रतिच्छेद करती हैं। ∠QTS = ∠PTR (शीर्षाभिमुख कोण)
∠QTS = 45° ∠PTR = 45° अब, ∆QTS में, ∠QTS + ∠TSQ + ∠SQT = 180° (त्रिभुज के अन्तःकोणों का योग 180° होता है ।) 45° + 75° + ∠SQT = 180°
∠SQT = 180° - (45° + 75°) = 180° - 120° = 60° अतः ∠SQT = 60°
In simple words: हमने पहले त्रिभुज PRT के कोणों के योग का उपयोग करके ∠PTR का मान ज्ञात किया। चूँकि ∠QTS और ∠PTR शीर्षाभिमुख कोण हैं, इसलिए ∠QTS का मान भी 45° है। अंत में, त्रिभुज QTS के कोणों के योग का उपयोग करके ∠SQT का मान 60° प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोणों के योग का प्रमेय और शीर्षाभिमुख कोणों के गुणधर्म इस प्रश्न के समाधान के लिए महत्वपूर्ण हैं। गणना करते समय सटीकता बनाए रखें, खासकर जब कोणों को एक त्रिभुज से दूसरे त्रिभुज में स्थानांतरित कर रहे हों।
Question 5. दी गई आकृति में, यदि PQ \(\perp\) PS, PQ || SR, ∠SQR = 28° और ∠QRT = 65° है तो x और y का मान ज्ञात कीजिए ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): एक ज्यामितीय आकृति है जिसमें PQ एक रेखा PS पर लम्बवत है, अर्थात ∠P = 90°। PQ, SR के समानांतर है। ∠SQR = 28° और ∠QRT = 65° दिए गए हैं। कोण x और y को दर्शाया गया है (x = ∠PQS, y = ∠PSQ)। हमें x और y के मान ज्ञात करने हैं।
Answer: ∆QRS में ∠QRT बहिष्कोण है । ∠SQR + ∠QSR = ∠QRT (किसी त्रिभुज का एक बहिष्कोण उसके अन्तः अभिमुख कोणों के योगफल के बराबर होता है ।) 28° + ∠QSR = 65°
∠QSR = 65° - 28° = 37° अब, PQ || SR और QS एक तिर्यक प्रतिच्छेदी रेखा है, ∠PQS = ∠QSR (एकान्तर कोण)
x = 37° PQ \(\perp\) PS ∠P = 90° ∆PQS में ∠P + ∠PQS + ∠PSQ = 180° (त्रिभुज के अन्तः कोणों का योग 180° होता है ।) 90° + x + y = 180°
x + y = 90°
37° + y = 90°
y = 90° - 37° = 53° x = 37° तथा y = 53°
In simple words: हमने पहले त्रिभुज QRS में बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके ∠QSR का मान ज्ञात किया। फिर, एकांतर कोणों के गुण का उपयोग करके x (∠PQS) का मान ∠QSR के बराबर पाया। अंत में, त्रिभुज PQS में कोणों के योग के नियम का उपयोग करके, और यह जानते हुए कि PQ \(\perp\) PS (इसलिए ∠P = 90°), हमने y का मान ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: बहिष्कोण प्रमेय, एकांतर अंतःकोणों के गुण और त्रिभुज के कोणों के योग का प्रमेय इस प्रश्न के समाधान के लिए महत्वपूर्ण हैं। लम्बवतता का अर्थ 90° का कोण है, इसे ध्यान में रखें।
Question 6. दी गई आकृति में APQR की भुजा QR को बिन्दु S तक बढ़ाया P गया है। यदि ∠PQR और ∠PRS के समद्विभाजक बिन्दु T पर मिलते हैं तो सिद्ध कीजिए कि ∠QTR = \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∠QPR
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक त्रिभुज PQR है जिसकी भुजा QR को S तक बढ़ाया गया है। ∠PQR का समद्विभाजक QT है और बहिष्कोण ∠PRS का समद्विभाजक RT है। QT और RT बिन्दु T पर मिलते हैं। हमें यह सिद्ध करना है कि ∠QTR, ∠QPR का आधा है।
Answer: ∆PQR में, ∠PQR + ∠PRQ + ∠QPR = 180° तथा ∆TQR में, ∠TQR + ∠QRT + ∠QTR = 180° (त्रिभुज के अन्तःकोणों का योग 180° होता है ।)
∠TQR + ∠QRT + ∠QTR = ∠PQR + ∠PRQ + ∠QPR
∠TQR + (∠PRQ + ∠PRT) + ∠QTR = ∠PQR + ∠PRQ + ∠QPR [∴ ∠QRT = ∠PRQ + ∠PRT]
∠TQR + ∠PRQ + ∠PRT + ∠QTR = ∠PQR + ∠PRQ + ∠QPR
∠TQR + ∠PRT + ∠QTR = ∠PQR + ∠QPR .......(1) QT, ∠PQR का समद्विभाजक है। ∠TQR = \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∠PQR
∠PQR = 2 ∠TQR ........(2) समीकरण (1) वे समीकरण (2) से, ∠TQR + ∠PRT + ∠QTR = 2 ∠TQR + ∠QPR
∠PRT + ∠QTR = ∠TQR + ∠QPR RT, ∠PRS का समद्विभाजक है। ∠PRT = \(\frac {1}{2 }\) ∠PRS और ∠PRS, ∆PQR का बहिष्कोण है। ∠PRS = ∠PQR + ∠QPR (किसी त्रिभुज का एक बहिष्कोण उसके अन्तः अभिमुख कोणों के योगफल के बराबर होता है ।) ∠PRS = 2 ∠TQR + ∠QPR [समीकरण (2) से] ...(4) ∠PRT = \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∠PRS = \(\frac { 1 }{ 2 }\) (2 ∠TQR + ∠QPR) [समीकरण (4) से] ∠PRT = ∠TQR + \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∠QPR ... (5) समीकरण (3) में से समीकरण (5) को घटाने पर, ∠QTR = ∠QPR - \(\frac { 1 }{ 2 }\) ∠QPR ∠QTR = \(\frac {1}{2}\) ∠QPR Proved.
In simple words: हमने त्रिभुज TQR और PQR के कोणों के योग के नियम का उपयोग किया। फिर, कोण समद्विभाजकों की परिभाषा और बहिष्कोण प्रमेय का उपयोग करके ∠PRS को ∠PQR और ∠QPR के पदों में व्यक्त किया। सभी समीकरणों को मिलाकर और घटाकर, हमने ∠QTR को ∠QPR के आधे के बराबर सिद्ध किया।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए त्रिभुज के कोणों के योग, बहिष्कोण प्रमेय और कोण समद्विभाजकों के गुणों का एक साथ उपयोग करना होता है। समीकरणों को सावधानीपूर्वक स्थापित करना और सरल बनाना महत्वपूर्ण है।
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