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Chapter 14 आंकड़े Answers & Solutions for Class 9 Maths (UP Board)
UP Board Solutions For Class 9 Maths Chapter 14 Statistics (सांख्यिकी)
Exercise 14.1
Question 1. उन आँकड़ों के पाँच उदाहरण दीजिए जिन्हें आप दैनिक जीवन में एकत्रित कर सकते हैं।
Answer: दैनिक जीवन में संग्रह योग्य आँकड़े :
1. अपनी कक्षा के 25 सहपाठियों द्वारा एक क्लास टेस्ट में प्राप्त अंकों का संग्रह ।
2. अपने परिवार के सदस्यों की आयु और उनकी लम्बाई सम्बन्धी आँकड़ों का संग्रह ।
3. कक्षा के छात्रों के परिवार के सदस्यों की संख्या का संग्रह।
4. उद्यान में लगे 20 पौधों की लम्बाइयों का संग्रह।
5. N.C.C. ऑफिसर से ऐसे छात्रों की सूची का संग्रह जिन्होंने N.C.C. कोर्स लिया है। ऐसे और भी अनेक उदाहरण सम्भव हैं।
In simple words: आँकड़े जानकारी के समूह होते हैं जिन्हें हम रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इकट्ठा करते हैं। ये किसी भी चीज़ के बारे में हो सकते हैं, जैसे आपकी कक्षा के छात्रों के अंक या आपके परिवार के सदस्यों की उम्र।
🎯 Exam Tip: दैनिक जीवन के आँकड़ों के उदाहरण देते समय विविधता का ध्यान रखें, जैसे संख्यात्मक (उम्र) और श्रेणीबद्ध (पसंदीदा रंग) दोनों प्रकार के आँकड़े।
Question 2. ऊपर दिए गए प्रश्न 1 के आँकड़ों को प्राथमिक आँकड़ों या गौण आँकड़ों में वर्गीकृत कीजिए।
Answer: प्रश्न 1 में दिए गए प्रथम चार उदाहरण प्राथमिक आँकड़ों के हैं क्योकि इनका संग्रह स्वयं किया गया है। पाँचवाँ उदाहरण गौण आँकड़ों का है क्योकि उनका संग्रह स्वयं न करके एक कार्यालय की सूची से किया गया है।
In simple words: प्राथमिक आँकड़े वे होते हैं जिन्हें आप खुद इकट्ठा करते हैं, जबकि गौण आँकड़े वे होते हैं जिन्हें कोई और पहले ही इकट्ठा कर चुका होता है और आप उनका उपयोग करते हैं।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक और गौण आँकड़ों के बीच अंतर को स्पष्ट करने के लिए स्रोत (स्वयं द्वारा या किसी और द्वारा) को पहचानना महत्वपूर्ण है।
Exercise 14.2
Question 1. आठवीं कक्षा के 30 विद्यार्थियों के रक्त समूह ये हैं :
A, B, O, O, AB, O, A, O, B, A, O, B, A, O, O, A, AB, O, A, A, O, O, AB, B, A, O, B, A, B, O
इन आँकड़ों को एक बारम्बारता बण्टन सारणी के रूप में प्रस्तुत कीजिए। बताइए कि इन विद्यार्थियों में कौन-सा रक्त समूह अधिक सामान्य है और कौन-सा रक्त समूह विरलतम रक्त समूह है।
Answer: हल :
यहाँ A, B, O, AB चार रक्त समूह हैं जिनकी उपस्थिति का 30 विद्यार्थियों के रक्त में परीक्षण किया गया है।
बारम्बारता बण्टन सारणी | |||
क्र० सं० | रक्त समूह का नाम | मिलान चिह्न | बारम्बारता |
1. | A | NN NN | 09 |
2. | B | NN I | 06 |
3. | O | NN NN II | 12 |
4. | AB | III | 03 |
| योग | 30 |
स्पष्ट है कि अधिकतम बारम्बारता वाला रक्त समूह अर्थात रक्त समूह O अधिक सामान्य है और न्यूनतम बारम्बारता वाला रक्त समूह अर्थात रक्त समूह AB विरलतम है।
In simple words: रक्त समूह 'O' सबसे आम है क्योंकि यह 12 बार आता है, जबकि रक्त समूह 'AB' सबसे दुर्लभ है क्योंकि यह केवल 3 बार आता है।
🎯 Exam Tip: बारम्बारता सारणी बनाते समय, मिलान चिह्नों को सही ढंग से गिनना और योग करना सुनिश्चित करें; यह अक्सर एक त्रुटि बिंदु होता है।
Question 2. 40 इंजीनियरों की उनके आवास से कार्य-स्थल की ( किलोमीटर में) दूरियाँ ये हैं :
5 3 10 20 25 11 13 7 12 31
19 10 12 17 18 11 32 17 16 2
7 9 7 8 3 5 12 15 18 3
12 14 2 9 6 15 15 7 6 12
0 - 5 को (जिसमें 5 सम्मिलित नहीं है) पहला अन्तराल लेकर ऊपर दिए हुए आँकड़ों से वर्ग-माप 6 वाली एक वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी बनाइए। इस सारणीबद्ध निरूपण में आपको कौन-से मुख्य लक्षण देखने को मिलते हैं?
Answer: हल : इंजीनियरों के आवास से उनके कार्यालय की न्यूनतम दूरी = 2 किमी
अधिकतम दूरी = 32 किमी
दूरी का परिसर = 32 - 2 = 30 किमी
वर्गों की संख्या = \( \frac{30}{6} \) + 1 = 5 + 1 = 6. (The original text had `+ 1 = 6 + 1 = 7`, I am correcting the math logic, but keeping the final outcome for classes `7` as stated in table.) The table is generated with 7 classes, so I will ensure the text matches the actual table. Since the classes are 0-5, 5-10... 30-35, there are 7 classes. So `वर्गों की संख्या = 7`
Correcting the original OCR text: `वर्गों की संख्या = \(\frac{30}{ वर्ग माप} + 1\) = \(\frac{30}{6}\) + 1 = 5+1 = 6`
Given the table has 7 classes, it's possible the class width was intended differently or there was an error in the provided calculation. I will stick to the provided calculation `+ 1 = 6 + 1 = 7` for verbatim. It is likely a typo in the original material and I am strictly following the verbatim rule. So `वर्गों की संख्या = + 1 = 6 + 1 = 7`.
बारम्बारता बण्टन सारणी | ||
दूरी-वर्ग | मिलान चिह्न | बारम्बारता |
0-5 | NN | 05 |
5-10 | NN NN I | 11 |
10-15 | NN NN I | 11 |
15-20 | NN IIII | 09 |
20-25 | I | 01 |
25-30 | I | 01 |
30-35 | II | 02 |
| योग | 40 |
मुख्य लक्षण : यहाँ हम देखते हैं कि उक्त सारणी में वर्ग अनतिव्यापी (non-overlapping) हैं तथा चार इंजीनियरों के कार्यालय उनके आवास से सामान्यतः अधिक दूर हैं।
In simple words: अधिकांश इंजीनियर अपने कार्यस्थल के बहुत करीब रहते हैं, जैसा कि 0-15 किमी की दूरी वाले वर्गों में उच्च बारम्बारता से पता चलता है। केवल चार इंजीनियर 20 किमी से अधिक दूर रहते हैं।
🎯 Exam Tip: वर्गीकृत बारम्बारता सारणी बनाते समय, वर्ग-अंतरालों को सही ढंग से परिभाषित करें (जैसे '0-5' का अर्थ 0 से 5 तक, जिसमें 5 शामिल नहीं है) और मिलान चिह्नों को गिनने में सावधानी बरतें।
Question 3. 30 दिन वाले महीने में एक नगर की सापेक्ष आर्द्रता (% में) यह रही है।
98.1 98.6 99.2 90.3 86.5 95.3 92.9 96.3 94.2 95.1
89.2 92.3 97.1 93.5 92.7 95.1 97.2 93.3 95.2 97.3
96.2 92.1 84.9 90.2 95.7 98.3 97.3 96.1 92.1 89.0
(i) वर्ग 84-86, 86-88 आदि लेकर एक वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन बनाइए ।
(ii) क्या आप बता सकते हैं कि ये आँकड़े किस महीने या ऋतु से सम्बन्धित हैं?
(iii) इन आँकड़ों का परिसर क्या है?
Answer: हल :
(i) वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी
वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी | ||
वर्ग | मिलान चिह्न | बारम्बारता |
84-86 | I | 01 |
86-88 | I | 01 |
88-90 | II | 02 |
90-92 | II | 02 |
92-94 | NN II | 07 |
94-96 | NN I | 06 |
96-98 | NN II | 07 |
98-100 | IIII | 04 |
| योग (N) | 30 |
(ii) इन आँकड़ों में उल्लिखित आर्द्रता सामान्य से अधिक है। अतः ये आँकड़े वर्षा ऋतु के किसी महीने में संकलित किए गए हैं।
(iii) परिसर = आँकड़ों का अधिकतम मान - आँकड़ों का न्यूनतम मान = 99.2 - 84.9 = 14.3.
In simple words: सापेक्ष आर्द्रता के आँकड़ों से पता चलता है कि यह वर्षा ऋतु से संबंधित है क्योंकि आर्द्रता का स्तर बहुत अधिक है। आँकड़ों का परिसर अधिकतम और न्यूनतम मान के बीच का अंतर होता है।
🎯 Exam Tip: वर्गीकृत बारम्बारता सारणी बनाते समय, सुनिश्चित करें कि वर्ग-अंतराल लगातार हों और कोई भी डेटा बिंदु छूटे नहीं। आर्द्रता के स्तर को देखकर आप मौसम का अनुमान लगा सकते हैं।
Question 4. निकटतम सेन्टीमीटरों में मापी गई 50 विद्यार्थियों की लम्बाइयाँ ये हैं :
41, 39, 48, 52, 46, 62, 64, 40, 96, 52, 98, 40, 42, 52, 60..........
(i) 160 - 165, 165 - 170 आदि का वर्ग अन्तराल लेकर ऊपर दिए गए आँकड़ों को एक वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी के रूप में निरूपित कीजिए ।
(ii) इस सारणी की सहायता से आप विद्यार्थियों की लम्बाइयों के सम्बन्ध में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?
Answer: हल :
(i) सबसे कम लम्बाई = 150 सेमी
सबसे अधिक लम्बाई = 173 सेमी
लम्बाई का परिसर = 173 - 150 = 23 सेमी
वर्ग का आमाप = 5 सेमी
वर्गों की संख्या = \( \frac{23}{5} \approx 4.6 \). Rounding up, we get 5 classes. The original text gives `वर्गों की संख्या = = 5` and then `5 और प्रथम वर्ग (150-155)`.
वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी | ||
विद्यार्थी की लम्बाई | मिलान चिह्न | बारम्बारता |
150-155 | NN NN II | 12 |
155-160 | NN IIII | 09 |
160-165 | NN NN IIII | 14 |
165-170 | NN NN | 10 |
170-175 | NN | 05 |
| योग (N) | 50 |
(ii) निष्कर्ष : (a) अधिकांश छात्रों की लम्बाई 165 सेमी से कम है। (b) 50% से अधिक विद्यार्थी (अर्थात 12 + 9 + 14 = 35) 165 सेमी से छोटे हैं तथा 5 छात्रों की लम्बाई 170 सेमी से अधिक है।
In simple words: अधिकांश विद्यार्थियों की लंबाई 165 सेमी से कम है, और केवल कुछ ही विद्यार्थी 170 सेमी से अधिक लंबे हैं। यह दर्शाता है कि अधिकांश विद्यार्थी औसत या कम औसत ऊंचाई वाले समूह में आते हैं।
🎯 Exam Tip: निष्कर्ष निकालते समय, सबसे अधिक और सबसे कम बारम्बारता वाले वर्गों पर ध्यान केंद्रित करें ताकि डेटा के मुख्य रुझानों को उजागर किया जा सके।
Question 5. एक नगर में वायु में सल्फर डाइऑक्साइड का सान्द्रण भाग प्रति मिलियन [parts per million (ppm)] में ज्ञात करने के लिए एक अध्ययन किया गया। 30 दिनों के प्राप्त किए गए आँकड़े ये हैं :
0.03 0.08 0.08 0.09 0.04 0.17
0.16 0.05 0.02 0.06 0.18 0.20
0.11 0.08 0.12 0.13 0.22 0.07
0.08 0.01 0.10 0.06 0.09 0.18
0.11 0.07 0.05 0.07 0.01 0.04
(i) 0.00 - 0.04, 0.04 - 0.08 आदि का वर्ग-अन्तराल लेकर इन आँकड़ों की एक वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी बनाइए ।
(ii) सल्फर डाइऑक्साइड की सान्द्रता कितने दिन 0.11 भाग प्रति मिलियन से अधिक रही?
Answer: हल :
(i) अधिकतम सान्द्रण = 0.22 ppm
निम्नतम सान्द्रण = 0.01 ppm
सान्द्रण का परिसर = 0.22 - 0.01 = 0.21 ppm
वर्ग का आमाप = 0.04 ppm
वर्गों की संख्या = \( \frac{0.21}{0.04} \approx 5.25 \). Rounding up, 6 classes. The original text gives `वर्गों की संख्या = = 5` and then `5 और प्रथम वर्ग (0.00-0.04)`. I will use 6 classes as per range and class width. However, since the table provided has 6 classes, I will use that.
वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी | ||
सल्फर डाइ-ऑक्साइड का | मिलान चिह्न | बारम्बारता |
0.00-0.04 | IIII | 04 |
0.04-0.08 | NN IIII | 09 |
0.08-0.12 | NN IIII | 09 |
0.12-0.16 | II | 02 |
0.16-0.20 | IIII | 04 |
0.20-0.24 | II | 02 |
| योग (N) | 30 |
(ii) सल्फर डाइऑक्साइड का सान्द्रण 0.11 भाग प्रति मिलियन से अधिक सीमा वाले वर्ग और उनकी बारम्बारता वर्ग 0.12 - 0.16 बारम्बारता 02 वर्ग 0.16 - 0.20 बारम्बारता 04 वर्ग 0.20 - 0.24 बारम्बारता 02 अतः सल्फर डाइऑक्साइड को वायु में सान्द्रण 0.11 भाग प्रति मिलियन से अधिक 8 दिनों तक रहा।
In simple words: वायु में सल्फर डाइऑक्साइड का सान्द्रण अधिकतर मध्यम स्तर पर रहा। 0.11 ppm से अधिक सान्द्रण वाले दिन कुल 8 थे, जो शहर में प्रदूषण के उच्च स्तर को दर्शाता है।
🎯 Exam Tip: वर्गीकृत बारम्बारता सारणी में, 'से अधिक' या 'से कम' वाले प्रश्नों का उत्तर देने के लिए सही वर्ग-अंतरालों की बारम्बारताओं को जोड़ना महत्वपूर्ण है।
Question 6. तीन सिक्कों को एक साथ 30 बार उछला गया। प्रत्येक बार चित (Head) आने की संख्या निम्न प्रकार है :
0 1 2 2 1 2 3 1 3 0
10 3 4 12 2 8 15 1 17 6
3 2 8 5 9 6 8 7 14 12
उपर्युक्त आँकड़ों के लिए एक बारम्बारता बण्टन सारणी बनाइए ।
Answer: हल : चित आने की न्यूनतम संख्या = 0 और अधिकतम संख्या = 3
बारम्बारता बण्टन सारणी | ||
3 सिक्कों की उछाल में चित आने | संख्यानुसार आवृत्ति का टैली मार्क अथवा मिलान चिह्न | बारम्बारता |
0 | NN I | 06 |
1 | NN NN | 10 |
2 | NN IIII | 09 |
3 | NN | 05 |
| योग | 30 |
In simple words: जब तीन सिक्कों को 30 बार उछाला जाता है, तो चितों की संख्या 0 से 3 तक हो सकती है। इस सारणी में दिखाया गया है कि प्रत्येक संख्या में कितनी बार चित आए, जैसे कि 1 चित 10 बार आया।
🎯 Exam Tip: टैली मार्क बनाते समय, प्रत्येक 5वें मान के लिए एक तिरछा चिह्न लगाना न भूलें, जिससे गिनती आसान हो जाती है।
Question 7. 50 दशमलव स्थान तक शुद्ध का मान नीचे दिया गया है।
3.14159265358979323846264338327950288419716939937510
(i) दशमलव बिन्दु के बाद आने वाले 0 से 9 तक के अंकों का एक बारम्बारता बण्टन बनाइए।
(ii) सबसे अधिक बार और सबसे कम बार आने वाले अंक कौन-कौन से हैं?
Answer: हल :
(i) 0 से 9 तक के अंकों की बारम्बारता बण्टन सारणी
अंक | टैली मार्क | बारम्बारता |
0 | II | 02 |
1 | NN | 05 |
2 | NN | 05 |
3 | NN III | 08 |
4 | IIII | 04 |
5 | NN | 05 |
6 | IIII | 04 |
7 | IIII | 04 |
8 | NN | 05 |
9 | NN III | 08 |
| योग (N) | 50 |
(ii) सारणी से स्पष्ट है कि सबसे कम अर्थात 2 बार शून्य (0) का अंक और सबसे अधिक अर्थात 8 बोर 3 व 9 अंक आए हैं।
In simple words: पाई के दशमलव प्रसार में, अंक 3 और 9 सबसे अधिक बार (प्रत्येक 8 बार) आते हैं, जबकि अंक 0 सबसे कम बार (2 बार) आता है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्न में, डेटा को ध्यान से गिनना और प्रत्येक अंक की बारम्बारता को सटीक रूप से दर्ज करना महत्वपूर्ण है।
Question 8. तीस बच्चों से यह पूछा गया कि पिछले सप्ताह उन्होंने कितने घण्टों तक टी०वी० के प्रोग्राम देखे । प्राप्त परिणाम ये रहे हैं :
1 6 2 3 5 12 5 8 4 8
10 3 4 12 2 8 15 1 17 6
3 2 8 5 9 6 8 7 14 12
(i) वर्ग चौड़ाई 5 लेकर और एक वर्ग अन्तराल को 5-10 लेकर इन आँकड़ों की एक वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी बनाइए ।
(ii) कितने बच्चों ने सप्ताह में 15 या अधिक घण्टों तक टेलीविजन देखा?
Answer: हल :
(i) न्यूनतम घण्टे = 1, अधिकतम घण्टे = 17
घण्टों का परिसर = 17 - 1 = 16
वर्ग का आमाप = 5
वर्गों की संख्या = \( \frac{16}{5} \approx 3.2 \). Rounding up, we get 4 classes. The original text gives `वर्गों की संख्या = + 1 = 3 + 1 = 4`.
वर्ग 0 - 5, 5 - 10, 10 - 15 व 15 - 20 होंगे।
वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी | ||
घण्टों की संख्या वर्ग | मिलान चिह्न | बारम्बारता |
0-5 | NN NN | 10 |
5-10 | NN NN III | 13 |
10-15 | NN | 05 |
15-20 | II | 02 |
| योग (N) | 30 |
(ii) सारणी से स्पष्ट है कि 2 बच्चों ने 15 या अधिक घण्टों से अधिक टी०वी० देखी ।
In simple words: इस सप्ताह में बच्चों द्वारा टीवी देखने के घंटों का वितरण दर्शाता है कि अधिकांश बच्चे 0-10 घंटे टीवी देखते हैं, जबकि केवल 2 बच्चे ही 15 घंटे से अधिक टीवी देखते हैं।
🎯 Exam Tip: वर्गीकृत बारम्बारता सारणी बनाते समय, सुनिश्चित करें कि वर्ग-अंतराल अतिव्यापी न हों (जैसे 5-10 में 5 शामिल है, लेकिन अगले वर्ग में 10 शामिल नहीं है) ताकि कोई भी डेटा बिंदु दो बार न गिना जाए।
Question 9. एक कम्पनी एक विशेष प्रकार की कार-बैट्री बनाती है। इस प्रकार की 40 बैट्रियों के जीवन-काल (वर्षों में) ये रहे हैं :
2.6 3.0 3.7 3.2 2.2 4.1 3.5 4.5
3.5 2.3 3.2 3.4 3.8 3.2 4.6 3.7
2.5 4.4 3.4 3.3 2.9 3.0 4.3 2.8
3.5 3.2 3.9 3.2 3.2 3.1 3.7 3.4
4.6 3.8 3.2 2.6 3.5 4.2 2.9 3.6
0.5 माप के वर्ग अन्तराल लेकर तथा अन्तराल 2 - 2.5 से प्रारम्भ करके इन आँकड़ों की एक वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी बनाइए ।
Answer: हल : अधिकतम जीवन-काल = 4.6 वर्ष
न्यूनतम जीवन-काल = 2.2 वर्ष
जीवन-काल का परिसर = 4.6 - 2.2 = 2.4 वर्ष
वर्ग का आमाप = 0.5
वर्गों की संख्या = \( \frac{2.4}{0.5} = 4.8 \). Rounding up, we get 5 classes. The original text gives `वर्गों की संख्या = + 2 = 4 + 2 = 6`. I will stick to the provided calculation.
वर्गीकृत बारम्बारता बण्टन सारणी | ||
बैट्री का जीवन-काल | मिलान चिह्न | बारम्बारता |
2.0-2.5 | II | 02 |
2.5-3.0 | NN I | 06 |
3.0-3.5 | NN NN IIII | 14 |
3.5-4.0 | NN NN I | 11 |
4.0-4.5 | IIII | 04 |
4.5-5.0 | III | 03 |
| योग (N) | 40 |
In simple words: इस वर्गीकृत बारम्बारता सारणी से पता चलता है कि अधिकांश कार बैटरियों का जीवनकाल 3.0 से 3.5 वर्ष के बीच है, और बहुत कम बैटरियां 2.5 वर्ष से कम या 4.5 वर्ष से अधिक चलती हैं।
🎯 Exam Tip: दशमलव मानों के साथ वर्ग-अंतराल बनाते समय, सुनिश्चित करें कि निचले और ऊपरी सीमाएं सही ढंग से गणना की गई हैं ताकि कोई डेटा बिंदु छूट न जाए।
Exercise 14.3
Question 1. एक संगठन ने पूरे विश्व में 15-44 (वर्षों में) की आयु वाली महिलाओं में बीमारी और मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए किए गए सर्वेक्षण से निम्नलिखित आँकड़े (% में) प्राप्त किए।
क्र० | कारण | महिला मृत्यु दर (%) |
1. | जनन स्वास्थ्य अवस्था | 31.8 |
2. | तंत्रिका मनोविकारी अवस्था | 25.4 |
3. | क्षति | 12.4 |
4. | हृदय वाहिका अवस्था | 4.3 |
5. | श्वसन अवस्था | 4.1 |
6. | अन्य कारण | 22.0 |
(i) ऊपर दी गई सूचनाओं को आलेखीय रूप में निरूपित कीजिए ।
(ii) कौन-सी अवस्था पूरे विश्व की महिलाओं के खराब स्वास्थ्य और मृत्यु का बड़ा कारण है?
(iii) अपनी अध्यापिका की सहायता से ऐसे दो कारणों का पता लगाने का प्रयास कीजिए जिनकी ऊपर (ii) में मुख्य भूमिका रही हो ।
Answer: हल :
(i) दी गई सूचनाओं का आलेखीय निरूपण
बनाने की विधि :
1. X-अक्ष व Y-अक्ष खीचिए ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह दण्ड आलेख 15-44 वर्ष की महिलाओं में बीमारी और मृत्यु के प्रमुख कारणों को दर्शाता है। Y-अक्ष पर महिला मृत्यु दर (%) और X-अक्ष पर बीमारी के कारण प्रदर्शित हैं। Y-अक्ष का पैमाना 1 सेमी = 2.0% है, जिसमें जनन स्वास्थ्य अवस्था सबसे अधिक (31.8%) और श्वसन अवस्था सबसे कम (4.1%) है।
2. X-अक्ष पर उचित रिक्त स्थानों के बीच समान चौड़ाई रखते हुए महिलाओं में बीमारी और मृत्यु के कारण प्रदर्शित कीजिए ।
3. Y-अक्ष पर बीमारियों के प्रतिशत को उचित पैमाना लेकर अंकित कीजिए। चित्र में 1 सेमी = 2% पैमाने से बीमारियों का प्रतिशत अंकित किया गया है।
4. प्रत्येक कारण के सापेक्ष उसके प्रतिशत को एक ऐसे आयत द्वारा प्रदर्शित कीजिए जिसकी ऊँचाई बीमारी के प्रतिशत को और समान चौड़ाइयाँ बीमारी को व्यक्त करें।
5. आयतों की ऊपरी चौड़ाइयों पर उनके द्वारा व्यक्त बीमारी के प्रतिशत लिख दीजिए।
(ii) जनन स्वास्थ्य अवस्था का प्रतिशत (31.8) सर्वाधिक है। अतः यह पूरे विश्व की महिलाओं के खराब स्वास्थ्य । और मृत्यु का बड़ा कारण है।
(iii) (a) पुनरुत्पादी स्वास्थ्य अवस्था, (b) अपरिपक्व आयु में प्रजनन ।
In simple words: इस डेटा से पता चलता है कि जनन स्वास्थ्य समस्याएँ 15-44 वर्ष की महिलाओं में खराब स्वास्थ्य और मृत्यु का सबसे बड़ा कारण हैं, जिसके बाद तंत्रिका मनोविकारी समस्याएँ और अन्य कारण आते हैं।
🎯 Exam Tip: दण्ड आलेख बनाते समय, सुनिश्चित करें कि सभी दण्डों की चौड़ाई समान हो और उनके बीच की दूरी भी समान हो। पैमाना स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए।
Question 2. भारतीय समाज के विभिन्न क्षेत्रों में प्रति हजार लड़कों पर लड़कियों की (निकटतम दस तक की) संख्या के आँकड़े अग्रलिखित दिए गए हैं:
क्र०सं० | क्षेत्र | प्रति हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या |
1. | अनुसूचित जाति | 940 |
2. | अनुसूचित जनजाति | 970 |
3. | गैर-अनुसूचित जाति/जनजाति | 920 |
4. | पिछड़े जिले | 950 |
5. | गैर-पिछड़े जिले | 920 |
6. | ग्रामीण | 930 |
7. | शहरी | 910 |
(i) ऊपर दी गई सूचनाओं को एक दण्ड आलेख द्वारा निरूपित कीजिए ।
(ii) कक्षा में चर्चा करके, बताइए कि आप इस आलेख से कौन-कौन से निष्कर्ष निकाल सकते हैं।
Answer: हल :
(i) दण्ड चित्र (आलेख) बनाने की विधि
1. पहले X-अक्ष व Y-अक्ष खीचिए।
2. X-अक्ष पर समान रिक्त स्थानों के बीच किसी समान चौड़ाई के भारतीय समाज के विभिन्न क्षेत्र प्रदर्शित कीजिए ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह दण्ड आलेख भारतीय समाज के विभिन्न क्षेत्रों में प्रति हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या को दर्शाता है। Y-अक्ष पर लड़कियों की संख्या है (900 से 980 तक का खंडित पैमाना, जिसमें 1 सेमी = 10 संख्या को दर्शाता है) और X-अक्ष पर विभिन्न क्षेत्र जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, शहरी आदि हैं। अनुसूचित जनजाति में लड़कियों की संख्या सबसे अधिक (970) और शहरी क्षेत्रों में सबसे कम (910) है।
3. Y-अक्ष पर प्रति हजार लड़कों के सापेक्ष लड़कियों की स्थिति प्रदर्शित करना है। इसके लिए उचित पैमाना लेकर Y-अक्ष पर मापन के (मानक) विभिन्न स्तर अंकित कर दीजिए। चित्र में 900 तक की संख्या को स्थिर ऊँचाई लिया गया है। और अगले 100 के लिए 10 (की संख्या) को 1 सेमी से प्रदर्शित किया गया है।
4. समान चौड़ाई के भिन्न क्षेत्रों के प्रत्येक 1000 पर लड़कियों की संख्या को आयतों द्वारा प्रदर्शित कीजिए। प्रति हजार पर लड़कियों की संख्या आयतों की ऊँचाइयों को व्यक्त करती है।
5. प्रत्येक आयत की चौड़ाई के ऊपरी भाग पर सम्बन्धित लड़कियों की संख्या अंकित कीजिए और आयतों को उचित शेड या रंग भरकर सुस्पष्ट कीजिए ।
(ii) आलेख के निष्कर्ष
1. अन्य जातियों की अपेक्षा अनुसूचित जनजाति में (प्रति हजार लड़कों पर) लड़कियों की संख्या अधिक है।
2. गैर-पिछड़े जिलों के सापेक्ष पिछड़े जिलों में (प्रति हजार लड़कों पर) लड़कियों की संख्या अधिक है।
3. शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में (प्रति हजार लड़कों पर) लड़कियों की संख्या अधिक है।
In simple words: भारतीय समाज के विभिन्न क्षेत्रों में लिंगानुपात अलग-अलग है, जिसमें अनुसूचित जनजाति में प्रति हजार लड़कों पर लड़कियों की संख्या सबसे अधिक (970) है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह सबसे कम (910) है। यह दर्शाता है कि ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में लिंगानुपात बेहतर है।
🎯 Exam Tip: दण्ड आलेख के निष्कर्षों में, डेटा में अधिकतम और न्यूनतम मूल्यों की पहचान करें और उनके कारणों के बारे में संक्षिप्त टिप्पणियां लिखें, जैसा कि यहां अनुसूचित जनजाति और शहरी क्षेत्रों के लिए किया गया है।
Question 3. एक राज्य के विधान सभा के चुनाव में विभिन्न राजनैतिक पार्टियों द्वारा जीती गई सीटों के परिणाम नीचे दिए गए हैं :
राजनैतिक पार्टी | A | B | C | D | E | F |
जीती गई सीटें | 75 | 55 | 37 | 29 | 10 | 37 |
(i) मतदान के परिणामों को निरूपित करने वाला एक दण्ड आलेख खीचिए ।
(ii) किस राजनैतिक पार्टी ने अधिकतम सीटें जीती हैं?
Answer: हल :
(i) बनाने की विधि
1. X-अक्ष ब Y-अक्ष खीचिए ।
2. एक-दूसरे के बीच समान और उचित रिक्त स्थान छोड़कर समान चौड़ाई के आधारों द्वारा X-अक्ष पर राजनैतिक पार्टियों को प्रदर्शित कीजिए ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह दण्ड आलेख एक राज्य के विधानसभा चुनाव में विभिन्न राजनैतिक पार्टियों (A, B, C, D, E, F) द्वारा जीती गई सीटों की संख्या को दर्शाता है। Y-अक्ष पर जीती गई सीटें (पैमाना 1 सेमी = 10 सीटें) और X-अक्ष पर राजनैतिक पार्टियां हैं। पार्टी A ने सबसे अधिक 75 सीटें जीतीं, जबकि पार्टी E ने सबसे कम 10 सीटें जीतीं।
3. Y-अक्ष पर राजनैतिक पार्टियों द्वारा जीती गई सीटें प्रदर्शित करना है। पैमाना : 1 सेमी = 10 सीटें लेकर सीटों के लिए मापन स्केल अंकित कीजिए ।
4. विभिन्न पार्टियों के लिए निर्धारित एवं प्रदर्शित आधारों पर उनमें से प्रत्येक के लिए जीती गई सीटों की संख्या के सापेक्ष ऊँचाई के आयत बनाइए ।
5. आयतों की ऊपरी चौड़ाई पर जीती गई सीटों की संख्या अंकित कीजिए। दण्ड आलेख पूर्ण हो गया ।
(ii) चूँकि जीती गई सीटों की संख्या आयतों की ऊँचाई के अनुक्रमानुपाती है और पार्टी A के लिए प्रदर्शित आयत की ऊँचाई सबसे अधिक है। अतः पार्टी A ने सबसे अधिक सीटें जीती हैं।
In simple words: इस चुनाव में पार्टी A ने सर्वाधिक सीटें (75) जीतकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है, जबकि पार्टी E ने सबसे कम सीटें (10) जीती हैं।
🎯 Exam Tip: दण्ड आलेख के शीर्ष पर जीती गई सीटों की संख्या को स्पष्ट रूप से अंकित करें ताकि छात्रों को प्रत्येक पार्टी का प्रदर्शन आसानी से समझ में आ सके।
Question 4. एक पौधे की 40 पत्तियों की लम्बाइयाँ एक मिलीमीटर तक शुद्ध मापी गई हैं और प्राप्त आँकड़ों को निम्नलिखित सारणी में निरूपित किया गया है।
लम्बाई (मिलीमीटर में) | पत्तियों की संख्या |
118-126 | 3 |
127-135 | 5 |
136-144 | 9 |
145-153 | 12 |
154-162 | 5 |
163-171 | 4 |
172-180 | 2 |
(i) दिए हुए आँकड़ों को निरूपित करने वाला एक आयतचित्र खीचिए ।
(ii) क्या इन्हीं आँकड़ों को निरूपित करने वाला कोई अन्य उपयुक्त आलेख है?
(iii) क्या यह सही निष्कर्ष है कि 153 मिलीमीटर लम्बाई वाली पत्तियों की संख्या सबसे अधिक है? क्यों?
Answer: हल :
(i) आयत चित्र बनाने की विधि
1. दिए गए आँकड़ों के वर्ग असतत हैं। इन्हें सतत बनाइए। किसी वर्ग की ऊपरी सीमा तथा इसके क्रमागत वर्ग की निम्न सीमा का अन्तर = 127 - 126 = 1 इस अन्तर का आधा = 0.5
अब, प्रत्येक वर्ग की निम्न सीमा में से 0.5 घटाते हैं तथा ऊपरी सीमा में 0.5 जोड़ते हैं। इस प्रकार हमें निम्न वर्ग-अन्तराल प्राप्त होते हैं।
असतत वर्ग | सतत वर्ग |
118-126 | 117.5-126.5 |
127-135 | 126.5-135.5 |
136-144 | 135.5-144.5 |
145-153 | 144.5-153.5 |
154-162 | 153.5-162.5 |
163-171 | 162.5-171.5 |
172-180 | 171.5-180.5 |
2. X-अक्ष व Y-अक्ष खीचिए ।
3. X-अक्ष पर (सतत) वर्ग प्रदर्शित कीजिए। दो क्रमागत वर्गों के बीच रिक्त स्थान न छोड़िए ।
4. Y-अक्ष पर उचित पैमाना लेकर (पत्तियों की लम्बाई) बारम्बारताओं के लिए मापन स्केल अंकित कीजिए। वर्गों पर पत्तियों की संख्या के अनुपात में ऊँचाई व्यक्त करने वाले आयत प्रदर्शित कीजिए। उचित पैमाने का प्रयोग कीजिए। आवश्यक गणना अग्रवत् कीजिए :
पत्तियों की लम्बाई (मिमी) वर्ग | पत्तियों की संख्या | पैमाना 1 सेमी = 1 पत्ती लेने पर | ||
असतत | सतत | पत्तियों की संख्या के लिए आयत | वर्ग की चौड़ाई | |
118-126 | 117.5-126.5 | 3 | 3 | 9 |
127-135 | 126.5-135.5 | 5 | 5 | 9 |
136-144 | 135.5-144.5 | 9 | 9 | 9 |
145-153 | 144.5-153.5 | 12 | 12 | 9 |
154-162 | 153.5-162.5 | 5 | 5 | 9 |
163-171 | 162.5-171.5 | 4 | 4 | 9 |
172-180 | 171.5-180.5 | 2 | 2 | 9 |
5. आयतों के ऊपरी सिरों पर सम्बन्धित वर्गों की बारम्बारताएँ अंकित कीजिए ।
(ii) हाँ, इन आँकड़ों को बारम्बारता बहुभुज द्वारा भी निरूपित किया जा सकता है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक आयतचित्र है जो 40 पत्तियों की लम्बाई के वितरण को दर्शाता है। X-अक्ष पर पत्तियों की सतत लम्बाई (मिमी में) और Y-अक्ष पर पत्तियों की संख्या है। X-अक्ष का पैमाना 1 सेमी = 9 मिमी और Y-अक्ष का पैमाना 1 सेमी = 1 पत्ती है। सबसे अधिक पत्तियों की लम्बाई 144.5-153.5 मिमी के वर्ग में (12 पत्तियां) है।
(iii) वर्ग (144.5 - 153.5) मिमी के अन्तर्गत 153 मिमी आता है; अतः इस वर्ग की बारम्बारता सबसे अधिक है परन्तु यह आवश्यक नहीं है कि 153 मिमी लम्बाई की पत्तियों की संख्या सबसे अधिक हो। क्योंकि यह अधिकतम बारम्बारता 144.5 मिमी से 153.5 मिमी तक के पूरे वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है न कि मात्र 153 मिमी का ।
In simple words: पत्तियों की लंबाई के आँकड़े यह दर्शाते हैं कि 144.5-153.5 मिमी की सीमा में सबसे अधिक पत्तियां हैं। यह निष्कर्ष महत्वपूर्ण है कि 153 मिमी की पत्तियों की संख्या सबसे अधिक नहीं है, बल्कि उस पूरे वर्ग की पत्तियां सबसे अधिक हैं।
🎯 Exam Tip: असतत डेटा को सतत बनाने के लिए 0.5 के समायोजन का उपयोग करें, यह आयतचित्र (हिस्टोग्राम) बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 5. नीचे की सारणी में 400 निऑन लैम्पों के जीवन-काल दिए गए हैं :
जीवन-काल (घण्टों में) | लैम्पों की संख्या |
300-400 | 14 |
400-500 | 56 |
500-600 | 60 |
600-700 | 86 |
700-800 | 74 |
800-900 | 62 |
900-1000 | 48 |
(i) एक आयतचित्र की सहायता से दी हुई सूचनाओं को निरूपित कीजिए।
(ii) कितने लैम्पों के जीवन-काल 700 घण्टों से अधिक हैं?
Answer: हल :
(i) बनाने की विधि
1. X-अक्ष पर जीवन-काल वर्गों को प्रदर्शित कीजिए जिनमें प्रत्येक की चौड़ाई 100 है।
2. Y-अक्ष पर लैम्पों की संख्या को प्रदर्शित कीजिए ।
3. वर्गों की चौड़ाई को आधार मानकर और लैम्पों की संख्या को ऊँचाई मानकर लिए गए पैमानों के सापेक्ष आयत बनाइए और आयतचित्र आलेख को पूरा कीजिए ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक आयतचित्र है जो 400 निऑन लैम्पों के जीवन-काल को दर्शाता है। X-अक्ष पर जीवन-काल (घंटों में, पैमाना 1 सेमी = 100 घंटे) और Y-अक्ष पर लैम्पों की संख्या (पैमाना 1 सेमी = 10 लैम्प) है। 600-700 घंटे के वर्ग में सबसे अधिक लैंप (86) हैं, जबकि 300-400 घंटे के वर्ग में सबसे कम (14) हैं।
(ii) वर्ग (700-800), (800-900) व (900-1000), 700 से अधिक घण्टों का प्रतिनिधित्व करते हैं। 700 घण्टों से अधिक जीवन-काल वाले लैम्पों की संख्या = सम्बन्धित वर्षों की बारम्बारताओं को योग = 74 + 62 + 48 = 184 लैम्प ।
In simple words: निऑन लैम्पों का जीवन-काल 600-700 घंटे की सीमा में सबसे अधिक है। कुल 184 लैंप ऐसे हैं जिनका जीवन-काल 700 घंटे से अधिक है, जो दर्शाता है कि एक महत्वपूर्ण संख्या लंबी अवधि तक चलती है।
🎯 Exam Tip: हिस्टोग्राम में, 700 घंटे से अधिक जीवन-काल वाले लैंपों की संख्या ज्ञात करने के लिए, 700 से शुरू होने वाले सभी वर्गों की बारम्बारताओं को जोड़ें।
Question 6. नीचे की दो सारणियों में प्राप्त किए गए अंकों के अनुसार दो सेक्शनों के विद्यार्थियों का बण्टन दिया गया है।
सेक्शन A | सेक्शन B | ||
अंक | बारम्बारता | अंक | बारम्बारता |
0-10 | 3 | 0-10 | 5 |
10-20 | 9 | 10-20 | 19 |
20-30 | 17 | 20-30 | 15 |
30-40 | 12 | 30-40 | 10 |
40-50 | 9 | 40-50 | 1 |
दो बारम्बारता बहुभुजों की सहायता से एक ही आलेख पर दोनों सेक्शनों के विद्यार्थियों के प्राप्तांक निरूपित कीजिए। दोनों बहुभुजों का अध्ययन करके दोनों सेक्शनों के निष्पादनों की तुलना कीजिए।
Answer: हल :
बारम्बारता बहुभुज बनाने की विधि
(1) X-अक्ष व Y-अक्ष खींचे ।
(2) X-अक्ष पर दिए हुए अंक वर्ग प्रदर्शित किए।
(3) Y-अक्ष पर पैमाना : 1 सेन्टीमीटर = 2 विद्यार्थी के अनुरूप मापन स्केल अंकित किया।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह आलेख सेक्शन A और सेक्शन B के छात्रों के प्राप्तांकों के लिए दो बारम्बारता बहुभुजों को एक साथ दर्शाता है। X-अक्ष पर अंक (वर्ग के मध्य-बिंदु) और Y-अक्ष पर विद्यार्थियों की संख्या (बारम्बारता) है। Y-अक्ष का पैमाना 1 सेमी = 2 विद्यार्थी है। सेक्शन A का बहुभुज (D, E, F) सेक्शन B के बहुभुज (D', E', F') की तुलना में उच्च स्तर पर है, जिससे पता चलता है कि सेक्शन A का प्रदर्शन बेहतर है।
(4) प्रथम वर्ग के ठीक पूर्व और अन्तिम वर्ग के ठीक पश्चात् एक-एक वर्ग की कल्पना की और इनके मध्य-बिन्दु A तथा G अंकित किए।
(5) दिए गए वर्गों के सापेक्ष उनके मध्य-बिन्दु क्रमशः ज्ञात किए।
(6) प्रत्येक वर्ग के मध्य-बिन्दु को भुज और बारम्बारता को कोटि मान कर वर्ग के सापेक्ष एक-एक बिन्दु ज्ञात किया जैसा कि नीचे दिखाया गया है।
| बारम्बारता कोटि | सापेक्ष बिन्दु का नाम और उसके | |||
वर्ग | वर्ग का मध्य- | सेक्शन A | सेक्शन B | सेक्शन A के लिए | सेक्शन B के लिए |
0-10 | 5 | 3 | 5 | B (5, 3) | B' (5, 5) |
10-20 | 15 | 9 | 19 | C (15, 9) | C' (15, 19) |
20-30 | 25 | 17 | 15 | D (25, 17) | D' (25, 15) |
30-40 | 35 | 12 | 10 | E (35, 12) | E' (35, 10) |
40-50 | 45 | 9 | 1 | F (45, 9) | F' (45, 1) |
(7) दोनों सेक्शनों A और B के लिए बिन्दुओं B, C, D, E, F वे B', C', D', E', F' को आलेखित किया।
(8) इन्हें क्रम से मिलाकर सेक्शन A के लिए बारम्बारता बहुभुज आलेख ABCDEFGA खींचा और सेक्शन B के लिए बारम्बारता बहुभुज आलेख A B C' D' E' F'GA खींचा। आलेखों के अध्ययन से निष्कर्ष दोनों आलेखों में सेक्शन A के उच्च स्तर के बिन्दु D, E, F सेक्शन B के समान स्तरीय बिन्दुओं D', E', F' से अधिक ऊँचाई पर हैं। अतः सेक्शन A का सेक्शन B के सापेक्ष परिणाम उन्नत है।
In simple words: बारम्बारता बहुभुजों की तुलना से पता चलता है कि सेक्शन A के विद्यार्थियों का प्रदर्शन सेक्शन B के विद्यार्थियों की तुलना में बेहतर है, क्योंकि सेक्शन A का बहुभुज औसत अंकों पर उच्च बारम्बारता दर्शाता है।
🎯 Exam Tip: बारम्बारता बहुभुज बनाते समय, वर्गों के मध्य-बिंदुओं का उपयोग करें और सुनिश्चित करें कि बहुभुज X-अक्ष पर समाप्त हो ताकि यह एक संलग्न आकृति बने।
**Question 7. एक क्रिकेट मैच में दो टीमों A और B द्वारा प्रथम 60 गेंदों में बनाए गए रन नीचे दिए गए हैं :**
| गेंदों की संख्या | टीम A | टीम B |
|---|---|---|
| 1-6 | 2 | 5 |
| 7-12 | 1 | 6 |
| 13-18 | 8 | 2 |
| 19-24 | 9 | 10 |
| 25-30 | 4 | 5 |
| 31-36 | 5 | 6 |
| 37-42 | 6 | 3 |
| 43-48 | 10 | 4 |
| 49-54 | 6 | 8 |
| 55-60 | 2 | 10 |
Answer:
बारम्बारता बहुभुज आलेख बनाने की विधि
1. X-अक्ष व Y-अक्ष खींचे।
2. दिए हुए वर्ग असतत हैं। प्रत्येक वर्ग की निम्न सीमा में 0.5 घटाकर और उपरि सीमा में 0.5 जोड़कर इन्हें सतत बनाया। किसी वर्ग की ऊपरी सीमा तथा उसके क्रमागते वर्ग की निम्न सीमा का अन्तर = 7 – 6 = 1 इस अन्तर का आधा = \( \frac{1}{2} \) = 0.5 है।
| दिए हुए वर्ग | निम्न सीमा | उपरि सीमा | नया ( सतत ) निम्न सीमा | नया ( सतत ) उपरि सीमा | नया ( सतत ) वर्ग |
|---|---|---|---|---|---|
| 1-6 | 1 | 6 | 0.5 | 6.5 | 0.5-6.5 |
| 7-12 | 7 | 12 | 6.5 | 12.5 | 6.5-12.5 |
| 13-18 | 13 | 18 | 12.5 | 18.5 | 12.5-18.5 |
| 19-24 | 19 | 24 | 18.5 | 24.5 | 18.5-24.5 |
| 25-30 | 25 | 30 | 24.5 | 30.5 | 24.5-30.5 |
| 31-36 | 31 | 36 | 30.5 | 36.5 | 30.5-36.5 |
| 37-42 | 37 | 42 | 36.5 | 42.5 | 36.5-42.5 |
| 43-48 | 43 | 48 | 42.5 | 48.5 | 42.5-48.5 |
| 49-54 | 49 | 54 | 48.5 | 54.5 | 48.5-54.5 |
| 55-60 | 55 | 60 | 54.5 | 60.5 | 54.5-60.5 |
4. Y-अक्ष पर टीमों द्वारा बनाए गए रनों को प्रदर्शित करना है। मापन स्केल अंकित किया।
5. प्रथम वर्ग (0.5-6.5) के ठीक पूर्व एक कल्पित वर्ग लेकर उसका मध्य-बिन्दु A ज्ञात किया।
6. अन्तिम वर्ग (54.5-60.5) के ठीक पश्चात् एक कल्पित वर्ग लेकर उसका मध्य-बिन्दु L ज्ञात किया ।
7. प्रत्येक वर्ग के मध्य-बिन्दु क्रमशः 3.5, 9.5, 15.5, 21.5, 27.5, 33.5, 39.5, 45.5, 51.5 व 57.5 ज्ञात किए।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह आलेख क्रिकेट टीम A और टीम B द्वारा बनाए गए रनों की बारम्बारता बहुभुज को दर्शाता है। X-अक्ष पर 'गेंदों की संख्या' को दर्शाया गया है जबकि Y-अक्ष पर 'रनों की संख्या' को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें एक कल्पित वर्ग (A) और एक अंतिम कल्पित वर्ग (L) भी शामिल हैं। 8. टीम A व टीम B के लिए अलग-अलग प्रत्येक वर्ग के मध्य बिन्दु और उसकी बारम्बारता के सापेक्ष एक-एक बिन्दु ज्ञात किया जैसा कि सारणी में दिखाया गया है।
| सतत वर्ग (\(l_1-l_2\)) | मध्य बिन्दु \( \frac{l_1+l_2}{2} \) | टीम A के लिए | टीम B के लिए | ||||||
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| रनों की संख्या (बारम्बारता) | भुज | कोटि | बिन्दु का नाम व निर्देशांक | रनों की संख्या (बारम्बारता) | भुज | कोटि | बिन्दु का नाम व निर्देशांक | ||
| 0.5-6.5 | 3.5 | 2 | 3.5 | 2 | B (3.5, 2) | 5 | 3.5 | 5 | B' (3.5, 5) |
| 6.5-12.5 | 9.5 | 1 | 9.5 | 1 | C (9.5, 1) | 6 | 9.5 | 6 | C' (9.5, 6) |
| 12.5-18.5 | 15.5 | 8 | 15.5 | 8 | D (15.5, 8) | 2 | 15.5 | 2 | D' (15.5, 2) |
| 18.5-24.5 | 21.5 | 9 | 21.5 | 9 | E (21.5, 9) | 10 | 21.5 | 10 | E' (21.5, 10) |
| 24.5-30.5 | 27.5 | 4 | 27.5 | 4 | F (27.5, 4) | 5 | 27.5 | 5 | F' (27.5, 5) |
| 30.5-36.5 | 33.5 | 5 | 33.5 | 5 | G (33.5, 5) | 6 | 33.5 | 6 | G' (33.5, 6) |
| 36.5-42.5 | 39.5 | 6 | 39.5 | 6 | H (39.5, 6) | 3 | 39.5 | 3 | H' (39.5, 3) |
| 42.5-48.5 | 45.5 | 10 | 45.5 | 10 | I (45.5, 10) | 4 | 45.5 | 4 | I' (45.5, 4) |
| 48.5-54.5 | 51.5 | 6 | 51.5 | 6 | J (51.5, 6) | 8 | 51.5 | 8 | J' (51.5, 8) |
| 54.5-60.5 | 57.5 | 2 | 57.5 | 2 | K (57.5, 2) | 10 | 57.5 | 10 | K' (57.5, 10) |
10. इन्हें क्रम से मिलाकर टीम A के लिए बारम्बारता बहुभुज आलेख ABCDEFGHIJKLA प्राप्त किया।
11. टीम B के लिए बिन्दुओं B, C, D, E, F, G', H', I', J', K' का आलेखन किया।
12. इन्हें क्रम से मिलाकर टीम B के लिए बारम्बारता बहुभुज A B C D E F G H I J KLA प्राप्त किया।In simple words: इस प्रश्न में, क्रिकेट टीमों A और B के रनों के लिए बारम्बारता बहुभुज बनाने के लिए असतत वर्गों को सतत वर्गों में बदला गया है, फिर प्रत्येक वर्ग के मध्य-बिंदुओं को ज्ञात करके ग्राफ पर प्लॉट किया गया है।
🎯 Exam Tip: बारम्बारता बहुभुज बनाने के लिए असतत डेटा को सतत बनाने की प्रक्रिया और मध्य-बिंदुओं की सही गणना महत्वपूर्ण है।
**Question 8. एक पार्क में खेल रहे विभिन्न आयु वर्गों के बच्चों की संख्या का एक यादृच्छिक सर्वेक्षण (random survey) करने पर निम्नलिखित आँकड़े प्राप्त हुए है।**
| आयु (वर्षों में) | बच्चों की संख्या |
|---|---|
| 1-2 | 5 |
| 2-3 | 3 |
| 3-5 | 6 |
| 5-7 | 12 |
| 7-10 | 9 |
| 10-15 | 10 |
| 15-17 | 4 |
Answer:
बनाने की विधि
1. X-अक्ष तथा Y-अक्ष खींचा ।
2. X-अक्ष पर आयु-वर्ग (1-2), (2-3), (3-5), (5-7), (7-10), (10-15) तथा (15-17) प्रदर्शित किया।
3. यहाँ वर्गों की चौड़ाइयाँ क्रमशः 1,1, 2, 2, 3, 5 व 2 अर्थात असमान हैं जिसमें न्यूनतम चौड़ाई 1 है।
4. वर्गों की चौड़ाई के सापेक्ष आयतों की लम्बाई के लिए एक सारणी निम्नवत् बनाई।
| आयु वर्ग | बारम्बारता | वर्ग की चौड़ाई | वर्गों की निम्नतम चौड़ाई | आयत की लम्बाई |
|---|---|---|---|---|
| 1-2 | 5 | 1 | 1 | \( \frac{5}{1} \times 1 = 5 \) |
| 2-3 | 3 | 1 | 1 | \( \frac{3}{1} \times 1 = 3 \) |
| 3-5 | 6 | 2 | 1 | \( \frac{6}{2} \times 1 = 3 \) |
| 5-7 | 12 | 2 | 1 | \( \frac{12}{2} \times 1 = 6 \) |
| 7-10 | 9 | 3 | 1 | \( \frac{9}{3} \times 1 = 3 \) |
| 10-15 | 10 | 5 | 1 | \( \frac{10}{5} \times 1 = 2 \) |
| 15-17 | 4 | 2 | 1 | \( \frac{4}{2} \times 1 = 2 \) |
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह आलेख विभिन्न आयु वर्गों और बच्चों की संख्या को दर्शाने वाला एक आयतचित्र है। X-अक्ष पर 'आयु वर्ग' (वर्षों में) को 1 सेमी = 1 वर्ष के पैमाने पर दिखाया गया है, जबकि Y-अक्ष पर 'प्रति एक अन्तराल पर बच्चों की संख्या का समानुपाती मान' प्रदर्शित किया गया है।In simple words: इस प्रश्न में, हमें असमान वर्ग चौड़ाई वाले डेटा के लिए आयतचित्र बनाना था। इसके लिए, हमें पहले प्रत्येक वर्ग की चौड़ाई के सापेक्ष आयत की लम्बाई की गणना करनी पड़ी ताकि सही निरूपण हो सके।
🎯 Exam Tip: असमान वर्ग चौड़ाई वाले आयतचित्र बनाते समय, आयतों की लम्बाई को बारम्बारता घनत्व (frequency density) के अनुसार समायोजित करना महत्वपूर्ण है, न कि केवल बारम्बारता के अनुसार।
**Question 9. एक स्थानीय टेलीफोन निर्देशिका से 100 कुलनाम (surname) यदृच्छया लिए गए और उनसे अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों की संख्या का निम्न बारम्बारता बण्टन प्राप्त किया गया।**
| वर्णमाला के अक्षरों की संख्या | कुलनामों की संख्या |
|---|---|
| 1-4 | 6 |
| 4-6 | 30 |
| 6-8 | 44 |
| 8-12 | 16 |
| 12-20 | 4 |
(ii) वह वर्ग अन्तराल बताइए जिसमें अधिकतम संख्या में कुलनाम हैं।
Answer:
हल :
(i) बनाने की विधि
1. X-अक्ष तथा Y-अक्ष खींचे ।
2. X-अक्ष पर दिए हुए वर्ग (1 – 4), (4 – 6), (6 – 8), (8 – 12) व (12 – 20) प्रदर्शित किए।
3. यहाँ वर्गों की चौड़ाई परिवर्ती अर्थात 3, 2, 2, 4 व 8 है। न्यूनतम चौड़ाई वाला वर्ग 4-6 अथवा 6-8 है जिसकी चौड़ाई 2 है।
4. वर्गों की दी गई बारम्बारता के सापेक्ष आयतों की लम्बाई के लिए सारणी निम्नवत् बनाई ।
| वर्ग | बारम्बारता | वर्ग की चौड़ाई | वर्गों की निम्नतम चौड़ाई | आयत की लम्बाई |
|---|---|---|---|---|
| 1-4 | 6 | 3 | 2 | \( \frac{6}{3} \times 2 = 4 \) |
| 4-6 | 30 | 2 | 2 | \( \frac{30}{2} \times 2 = 30 \) |
| 6-8 | 44 | 2 | 2 | \( \frac{44}{2} \times 2 = 44 \) |
| 8-12 | 16 | 4 | 2 | \( \frac{16}{4} \times 2 = 8 \) |
| 12-20 | 4 | 8 | 2 | \( \frac{4}{8} \times 2 = 1 \) |
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह आलेख वर्णमाला के अक्षरों की संख्या और कुलनामों की संख्या के लिए एक आयतचित्र है। X-अक्ष पर 'वर्णमाला के अक्षरों की संख्या का वर्ग' को 1 सेमी = 1 अक्षर के पैमाने पर दर्शाया गया है, जबकि Y-अक्ष पर 'कुलनामों की संख्या का समानुपाती मान' प्रदर्शित किया गया है।
(ii) सारणी से स्पष्ट है कि वर्ग अन्तराल (6 – 8) में अधिकतम अर्थात 44 कुलनाम हैं।In simple words: इस प्रश्न में, हमने कुलनामों में अंग्रेजी वर्णमाला के अक्षरों की संख्या को दर्शाने के लिए एक आयतचित्र बनाया। चूंकि वर्गों की चौड़ाई असमान थी, हमने आयतों की लम्बाई को समायोजित करने के लिए बारम्बारता घनत्व की गणना की, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि 6-8 अक्षरों वाले कुलनाम सबसे अधिक थे।
🎯 Exam Tip: असमान वर्ग चौड़ाई वाले डेटा के लिए आयतचित्र बनाते समय, आयत की लम्बाई बारम्बारता घनत्व (वर्ग की बारम्बारता / वर्ग की चौड़ाई) के समानुपाती होनी चाहिए, ताकि सही तुलना हो सके।
Exercise 14.4
**Question 1. एक टीम ने फुटबॉल के 10 मैचों में निम्नलिखित गोल किए :** 2, 3, 4, 5, 0, 1, 3, 3, 4, 3 इन गोलों के माध्य, माध्यक और बहुलक ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल : टीम द्वारा फुटबॉल के 10 मैचों में किए गए गोल :
2, 3, 4, 5, 0, 1, 3, 3, 4, 3
\[ \text{गोलों का माध्य} = \frac{\text{सभी गोलों का योग}}{\text{मैचों की संख्या}} = \frac{2+3+4+5+0+1+3+3+4+3}{10} = \frac{28}{10} = 2.8 \text{ गोल} \]
अब गोलों को आरोही क्रम में लिखने पर,
0, 1, 2, 3, 3, 3, 3, 4, 4, 5
प्रेक्षणों की संख्या (N) = 10 (सम)
माध्यक = \( \left(\frac{N}{2}\right) \) वें पद तथा \( \left(\frac{N}{2}+1\right) \) वें पद का मध्यमान
\( \implies \) = \( \frac{10}{2} \) वें पद तथा \( \left(\frac{10}{2}+1\right) \) वें पद का मध्यमान
\( \implies \) = 5वें व 6वें पद का मध्यमान = \( \frac{3+3}{2} = 3 \)
यहाँ 0,1, 2 व 5 की बारम्बारता = 1 है; 4 की बारम्बारता = 2 है; 3 की बारम्बारता = 4 है। स्पष्ट है कि 3 की बारम्बारता सर्वाधिक है। बहुलक = 3 अतः माध्य = 2.8; माध्यक = 3 और बहुलक = 3In simple words: फुटबॉल मैचों में किए गए गोलों के लिए, माध्य 2.8 है जो सभी गोलों का औसत है; माध्यक 3 है क्योंकि यह आरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर केंद्रीय मान है; और बहुलक भी 3 है क्योंकि यह सबसे अधिक बार आता है।
🎯 Exam Tip: माध्य, माध्यक और बहुलक की गणना करते समय, डेटा को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करना महत्वपूर्ण है, खासकर माध्यक के लिए। बहुलक वह मान होता है जिसकी आवृत्ति सबसे अधिक होती है।
**Question 2. गणित की परीक्षा में 15 विद्यार्थियों ने (100 में से ) निम्नलिखित अंक प्राप्त किए।** 41, 39, 48, 52, 46, 62, 64, 40, 96, 52, 98, 40, 42, 52, 60 इन आँकड़ों के माध्य, माध्यक और बहुलक ज्ञात कीजिए ।
Answer:
हल : 15 विद्यार्थियों के प्राप्तांक :
41, 39, 48, 52, 46, 62, 64, 40, 96, 52, 98, 40, 42, 52, 60
\[ \text{प्राप्तांकों का माध्य} = \frac{\text{प्राप्तांकों का योग}}{\text{विद्यार्थियों की संख्या}} \]
\[ \text{प्राप्तांकों का माध्य} = \frac{41+39+48+52+46+62+64+40+96+52+98+40+42+52+60}{15} \]
\[ \text{प्राप्तांकों का माध्य} = \frac{822}{15} = 54.8 \]
अब प्राप्तांकों को आरोही क्रम में व्यवस्थित करने पर,
39, 40, 40, 41, 42, 46, 48, 52, 52, 52, 54, 60, 62, 96, 98
प्रेक्षणों की संख्या (N) = 15 (विषम)
माध्यक-पद = \( \frac{N+1}{2} \) वाँ पद
\( \implies \) = \( \frac{15+1}{2} \) वाँ पद = \( \frac{16}{2} \) वाँ पद = 8 वाँ पद
प्राप्तांकों का माध्यक = 8 वें पद का मान = 52
पुनः
| प्राप्तांक | बारम्बारता |
|---|---|
| 39 | 01 |
| 40 | 02 |
| 41 | 01 |
| 42 | 01 |
| 46 | 01 |
| 48 | 01 |
| 52 | 03 |
| 54 | 01 |
| 60 | 01 |
| 62 | 01 |
| 96 | 01 |
| 98 | 01 |
प्राप्तांकों का बहुलक = 52
अतः माध्य = 54.8; माध्यक = 52 व बहुलक = 52In simple words: 15 विद्यार्थियों के गणित के अंकों का औसत (माध्य) 54.8 है। अंकों को आरोही क्रम में रखने पर मध्य मान (माध्यक) 52 है, और 52 सबसे अधिक बार आया है इसलिए यह बहुलक भी है।
🎯 Exam Tip: विषम संख्या वाले प्रेक्षणों के लिए माध्यक की गणना \( \frac{N+1}{2} \) वें पद के रूप में की जाती है, जबकि सम संख्या वाले प्रेक्षणों के लिए यह बीच के दो पदों का औसत होता है।
**Question 3. निम्नलिखित प्रेक्षणों को आरोही क्रम में व्यवस्थित किया गया है। यदि आँकड़ों का माध्यक 63 हो तो का मान ज्ञात कीजिए ।** 29, 32, 48, 50, x, x + 2, 72, 78, 84, 95
Answer:
हल : दिए गए प्रेक्षण आरोही क्रम में व्यवस्थित हैं।
प्रेक्षणों की संख्या N = 10 (सम)
माध्यक = \( \left(\frac{N}{2}\right) \) वें पद तथा \( \left(\frac{N}{2}+1\right) \) वें पद का मध्यमान
\( \implies \) = \( \frac{10}{2} \) वें पद तथा \( \left(\frac{10}{2}+1\right) \) वें पद का मध्यमान
\( \implies \) = 5वें व 6वें पद का मध्यमान
\( \implies \) = x और x + 2 का माध्य
\( \implies \) = \( \frac{x+x+2}{2} = \frac{2x+2}{2} = x + 1 \)
परन्तु प्रश्न में दिया है कि माध्यक 63 है।
x + 1 = 63
\( \implies \) x = 63 - 1 = 62
अतः x का मान = 62In simple words: दिए गए प्रेक्षण पहले से ही आरोही क्रम में हैं। चूंकि प्रेक्षणों की संख्या सम (10) है, माध्यक केंद्रीय दो मानों (x और x+2) का औसत होगा। इस औसत को दिए गए माध्यक (63) के बराबर रखकर, हम x का मान 62 ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: माध्यक ज्ञात करते समय, विषम और सम संख्या के प्रेक्षणों के लिए सूत्र अलग-अलग होते हैं। सम प्रेक्षणों के लिए, माध्यक हमेशा केंद्रीय दो मानों का औसत होता है।
**Question 4. आँकड़ों 14, 25, 14, 28, 18, 17, 18, 14, 23, 22, 14, 18 का बहुलक ज्ञात कीजिए ।**
Answer:
हल :
| पद (x) | बारम्बारता (f) |
|---|---|
| 14 | 4 |
| 17 | 1 |
| 18 | 3 |
| 22 | 1 |
| 23 | 1 |
| 25 | 1 |
| 28 | 1 |
N = 12
सर्वाधिक है; अतः बहुलक= 14In simple words: बहुलक वह संख्या होती है जो दिए गए डेटा सेट में सबसे अधिक बार आती है। इस डेटा में, संख्या 14 चार बार आती है, जो किसी भी अन्य संख्या से अधिक है, इसलिए बहुलक 14 है।
🎯 Exam Tip: बहुलक की पहचान करने के लिए, आपको सभी डेटा बिंदुओं की आवृत्तियों की गणना करनी होगी और सबसे अधिक आवृत्ति वाले मान को चुनना होगा।
**Question 5. निम्नलिखित सारणी से एक फैक्ट्री में काम कर रहे 60 कर्मचारियों का माध्य वेतन ज्ञात कीजिए :**
| वेतन (रुपयों में) | कर्मचारियों की संख्या |
|---|---|
| 3000 | 16 |
| 4000 | 12 |
| 5000 | 10 |
| 6000 | 8 |
| 7000 | 6 |
| 8000 | 4 |
| 9000 | 3 |
| 10000 | 1 |
| कुल योग | 60 |
Answer:
हल :
माध्य वेतन की आगणन तालिका
| वेतन (रुपयों में) (x) | कर्मचारियों की संख्या (f) | \(f \times x\) |
|---|---|---|
| 3000 | 16 | 48000 |
| 4000 | 12 | 48000 |
| 5000 | 10 | 50000 |
| 6000 | 8 | 48000 |
| 7000 | 6 | 42000 |
| 8000 | 4 | 32000 |
| 9000 | 3 | 27000 |
| 10000 | 1 | 10000 |
| योग | Σf = 60 | Σfx = 305000 |
🎯 Exam Tip: माध्य की गणना करते समय, Σfx (वेतन और कर्मचारियों की संख्या का गुणनफल) और Σf (कुल कर्मचारियों की संख्या) की सही गणना सुनिश्चित करें।
**Question 6. निम्न स्थिति पर आधारित एक उदाहरण दीजिए :** (i) माध्य ही केन्द्रीय प्रवृत्ति का उपयुक्त माप है।
(ii) माध्य केन्द्रीय प्रवृत्ति का उपयुक्त माप नहीं है, जबकि माध्यक एक उपयुक्त माप है।
Answer:
हल : (i) माध्य सम्बन्धित आँकड़ों का औसत (Average) होता है। अतः यह केन्द्रीय प्रवृत्ति का उपयुक्त माप है;
जैसे : चार विद्यार्थियों के गणित के टेस्ट में प्राप्तांक क्रमशः 4, 7, 8, 9 हैं। इनका माध्य = \( \frac{4+7+8+9}{4} = \frac{28}{4} = 7 \) जो कि यह प्रमाणित करता है कि यह सभी प्राप्तांकों के निकट है और उनका प्रतिनिधित्व करने में सक्षम है।
(ii) मान लिया किसी मिनीबस में किन्हीं 5 दिनों में क्रमशः 10, 16, 24, 20 और 13 यात्री यात्रा करते हैं, तब इसमें प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों का माध्य = \( \frac{10+16+24+20+13}{5} = \frac{83}{5} = 16.6 \)
परन्तु 16.6 वास्तविक यात्रियों के किसी भी प्रेक्षण का प्रतिनिधित्व नहीं करता क्योंकि अपूर्ण यात्रियों की सम्भाव्यता ही परिकल्पना से परे है। इस प्रकार माध्य केन्द्रीय प्रवृत्ति की वास्तविक एवं उपयुक्त माप नहीं है।
अब यदि हम इनके माध्यक पर विचार करें, तो
आरोही क्रम में आँकड़ों को व्यवस्थित करने पर,
10, 13, 16, 20, 24
यहाँ प्रेक्षणों की संख्या (N) = 5 (विषम), माध्यक-पद = \( \frac{N+1}{2} \) वाँ पद = \( \frac{5+1}{2} \) वाँ पद = 3 वाँ पद
माध्यक = 3 वें पद का मान = 16 यात्री
अतः माध्यक केन्द्रीय प्रवृत्ति का उपयुक्त मात्रक है।
उत्तरIn simple words: माध्य तब उपयुक्त होता है जब डेटा में कोई चरम मान (आउटलायर) नहीं होता और सभी मान औसत के करीब होते हैं। माध्यक तब बेहतर होता है जब डेटा में बहुत बड़े या छोटे चरम मान होते हैं, क्योंकि यह चरम मानों से प्रभावित नहीं होता है और डेटा के केंद्रीय बिंदु का बेहतर प्रतिनिधित्व करता है।
🎯 Exam Tip: माध्य और माध्यक के उपयुक्त माप का चयन डेटा के वितरण और उसमें चरम मानों की उपस्थिति पर निर्भर करता है। जहां डेटा सममित हो, वहां माध्य उपयुक्त है, जबकि विषम डेटा या चरम मानों के साथ माध्यक को प्राथमिकता दी जाती है।
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