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Detailed Pathya Pustak पथ्य पुस्तक में दिए गए प्रश्न और उनके उत्तर UP Board Solutions for Class 9 Hindi
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Class 9 Hindi Pathya Pustak पथ्य पुस्तक में दिए गए प्रश्न और उनके उत्तर UP Board Solutions PDF
लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. 'रानी केतकी की कहानी' के लेखक का नाम बताइए ।
Answer: इंशा अल्ला खाँ ने ‘रानी केतकी की कहानी' की रचना की।
In simple words: 'रानी केतकी की कहानी' एक महत्वपूर्ण हिंदी रचना है जिसे इंशा अल्ला खाँ ने लिखा था।
🎯 Exam Tip: लेखक और उनकी रचनाओं के नाम याद रखना साहित्य से संबंधित प्रश्नों में अच्छे अंक दिलाने में मदद करता है।
Question 2. हिन्दी के प्रथम मौलिक उपन्यास का नाम बताइए ।
Answer: हिन्दी का प्रथम मौलिक उपन्यास लाला श्रीनिवासदास द्वारा लिखित परीक्षागुरु' है।
In simple words: हिंदी का पहला मौलिक उपन्यास 'परीक्षागुरु' है, जिसे लाला श्रीनिवासदास ने लिखा था।
🎯 Exam Tip: हिंदी साहित्य के प्रथम उपन्यासों और उनके लेखकों के बारे में जानना महत्वपूर्ण है।
Question 3. भारतेन्दु युग के दो निबन्धकारों के नाम लिखिए।
Answer: भारतेन्दु युग के दो निबन्धकार हैं-
• प्रतापनारायण मिश्र
• बालकृष्ण भट्ट ।
In simple words: भारतेन्दु युग के दो प्रमुख निबंध लेखक प्रतापनारायण मिश्र और बालकृष्ण भट्ट थे।
🎯 Exam Tip: विभिन्न साहित्यिक युगों के प्रमुख लेखकों और उनकी विधाओं को जानना परीक्षा के लिए आवश्यक है।
Question 4. द्विवेदी युग के दो निबन्धकारों के नाम लिखिए।
Answer: द्विवेदी युग के दो निबन्धकार हैं-
• श्यामसुन्दर दास
• अध्यापक पूर्णसिंह।
In simple words: द्विवेदी युग के दो मुख्य निबंधकार श्यामसुन्दर दास और अध्यापक पूर्णसिंह थे।
🎯 Exam Tip: साहित्यिक कालों और उनके संबंधित लेखकों को याद करना साहित्य के इतिहास को समझने में मदद करता है।
Question 5. भारतेन्दु युग के तीन नाटकों के नाम लिखिए।
Answer: भारतेन्दु युग के तीन नाटक हैं-
• भारत-दुर्दशा
• सत्य हरिश्चन्द्र
• चन्द्रावली ।
In simple words: भारतेन्दु युग के तीन प्रसिद्ध नाटक 'भारत-दुर्दशा', 'सत्य हरिश्चन्द्र' और 'चन्द्रावली' हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न युगों के प्रमुख नाट्य-रचनाओं और उनके शीर्षकों को याद रखें।
Question 6. संकलन त्रय का क्या अर्थ है?
Answer: किसी एक ही कार्य अथवा घटना का एक स्थान पर किसी निश्चित समय में पूरा होना संकलन त्रय कहलाता है। दूसरे शब्दों में एकांकी में स्थान, कार्य तथा समय की संगति को संकलन त्रय कहते हैं।
In simple words: संकलन त्रय का अर्थ है कि एक ही नाटक या घटना एक ही स्थान पर और एक ही समय में पूरी होती है, यानी स्थान, कार्य और समय की एकता।
🎯 Exam Tip: संकलन त्रय की अवधारणा और एकांकी में इसके महत्व को समझें।
Question 7. आत्मकथा से क्या आशय है?
Answer: लेखक जब स्वयं अपने जीवन की कथा को पाठकों के समक्ष पूर्ण आत्मीयता के साथ प्रस्तुत करता है तो उसे आत्मकथा कहते हैं।
In simple words: आत्मकथा वह रचना है जिसमें लेखक अपने जीवन की कहानी स्वयं ईमानदारी से लिखता है।
🎯 Exam Tip: आत्मकथा की परिभाषा और उसके प्रमुख तत्वों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 8. जीवनी का अर्थ बताइए ।
Answer: किसी महान् व्यक्ति के जीवन की आद्योपांत क्रमबद्ध घटनाओं के उल्लेख को जीवनी कहा जाता है।
In simple words: जीवनी किसी महान व्यक्ति के पूरे जीवन की घटनाओं का व्यवस्थित वर्णन है, जो किसी और के द्वारा लिखी जाती है।
🎯 Exam Tip: जीवनी और आत्मकथा के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 9. हिन्दी के प्रमुख तीन जीवनी लेखकों के नाम लिखिए ।
Answer: हिन्दी के तीन प्रमुख जीवनी लेखक हैं-
• नाथूराम शर्मा 'प्रेमी'
• पं० रामनरेश त्रिपाठी
• रामविलास शर्मा ।
In simple words: हिंदी के तीन मुख्य जीवनी लेखक नाथूराम शर्मा 'प्रेमी', पं० रामनरेश त्रिपाठी और रामविलास शर्मा हैं।
🎯 Exam Tip: प्रमुख जीवनी लेखकों और उनके योगदान को जानना परीक्षा के लिए उपयोगी है।
Question 10. जीवनी और आत्मकथा में अन्तर बताइए ।
Answer: जीवनी में किसी अन्य व्यक्ति के जीवन की घटनाओं का वर्णन होता है, जबकि आत्मकथा में लेखक स्वयं अपने जीवन की कथा पाठकों के समक्ष आत्मीयता के साथ प्रस्तुत करता है।
In simple words: जीवनी किसी और के जीवन के बारे में होती है, जबकि आत्मकथा खुद के जीवन के बारे में लेखक द्वारा लिखी जाती है।
🎯 Exam Tip: जीवनी और आत्मकथा के मौलिक अंतरों को उदाहरणों के साथ समझने का प्रयास करें।
Question 11. संस्मरण किसे कहते हैं?
Answer: जब लेखक किसी व्यक्ति या महापुरुष, वस्तु या घटना का अपनी स्मृति के आधार पर आत्मीयता व कलात्मकता के साथ विवरण प्रस्तुत करता है तो वह संस्मरण कहलाता है।
In simple words: संस्मरण एक ऐसी साहित्यिक विधा है जिसमें लेखक अपनी यादों के आधार पर किसी व्यक्ति, वस्तु या घटना का भावनात्मक और कलात्मक वर्णन करता है।
🎯 Exam Tip: संस्मरण की परिभाषा और उसकी मुख्य विशेषताओं को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 12. हिन्दी के दो संस्मरण लेखकों के नाम लिखिए।
Answer:
• आचार्य चतुरसेन शास्त्री
• रामवृक्ष बेनीपुरी ।
In simple words: हिंदी के दो प्रसिद्ध संस्मरण लेखक आचार्य चतुरसेन शास्त्री और रामवृक्ष बेनीपुरी हैं।
🎯 Exam Tip: संस्मरण लेखकों और उनकी प्रमुख कृतियों को याद रखना साहित्य के इतिहास में सहायक होता है।
Question 13. रेखाचित्र तथा संस्मरण में अन्तर स्पष्ट कीजिए ।
Answer: रेखाचित्र में कल्पना का महत्त्व होता है, जबकि संस्मरण में यथार्थ का
In simple words: रेखाचित्र में कल्पना का प्रयोग अधिक होता है, जबकि संस्मरण वास्तविक घटनाओं और स्मृतियों पर आधारित होता है।
🎯 Exam Tip: रेखाचित्र और संस्मरण के बीच के सूक्ष्म अंतर को समझें, विशेषकर कल्पना और यथार्थ के महत्व के संदर्भ में।
Question 14. हिन्दी के प्रमुख रेखाचित्रकारों के नाम लिखिए।
Answer: निराला, महादेवी वर्मा, रामवृक्ष बेनीपुरी, बनारसीदास चतुर्वेदी, विनयमोहन शर्मा, देवेन्द्र सत्यार्थी आदि प्रमुख रेखाचित्रकार हैं।
In simple words: हिंदी के कुछ प्रमुख रेखाचित्रकार निराला, महादेवी वर्मा, रामवृक्ष बेनीपुरी, बनारसीदास चतुर्वेदी, विनयमोहन शर्मा और देवेन्द्र सत्यार्थी हैं।
🎯 Exam Tip: प्रमुख रेखाचित्रकारों के नाम और उनके योगदान को याद रखें।
Question 15. यात्रावृत्त किसे कहते हैं?
Answer: वह रचना जिसमें लेखक किसी स्थान-विशेष की यात्रा के अनुभव का यथार्थ एवं कलात्मक वर्णन करता है तो उसे यात्रावृत्त कहते हैं।
In simple words: यात्रावृत्त एक साहित्यिक रचना है जिसमें लेखक अपनी यात्रा के अनुभवों का वास्तविक और कलात्मक तरीके से वर्णन करता है।
🎯 Exam Tip: यात्रावृत्त की परिभाषा और उसकी कलात्मकता को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 16. यात्रावृत्त की प्रमुख विशेषताएँ बताइए ।
Answer: यात्रावृत्त में स्थान, दृश्य एवं घटनाओं की चित्रमयता रहती है। यात्रावृत्त में आत्मकथा, संस्मरण और रिपोर्ताज तीनों के तत्त्व विद्यमान होते हैं।
In simple words: यात्रावृत्त में स्थान, दृश्य और घटनाओं का सजीव चित्रण होता है, और इसमें आत्मकथा, संस्मरण व रिपोर्ताज के तत्व भी मिल सकते हैं।
🎯 Exam Tip: यात्रावृत्त की मुख्य विशेषताओं और अन्य विधाओं से उसके संबंध को ध्यान में रखें।
Question 17. रिपोर्ताज से आप क्या समझते हैं?
Answer: रिपोर्ताज अंग्रेजी के रिपोर्ट शब्द का पर्यायवाची शब्द है। वास्तव में रिपोर्ताज रिपोर्ट को ही साहित्यिक एवं कलात्मक रूप है।
In simple words: रिपोर्ताज 'रिपोर्ट' का साहित्यिक और कलात्मक रूप है, जिसमें किसी घटना का सजीव और कलात्मक वर्णन किया जाता है।
🎯 Exam Tip: रिपोर्ताज की परिभाषा और इसके मूल शब्द 'रिपोर्ट' से संबंध को समझें।
Question 18. चार रिपोर्ताज लेखकों के नाम लिखिए।
Answer: चार रिपोर्ताज लेखक हैं-
• डॉ० प्रभाकर माचवे
• विष्णु प्रभाकर
• कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर'
• प्रकाशचन्द्र गुप्त ।
In simple words: डॉ० प्रभाकर माचवे, विष्णु प्रभाकर, कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर' और प्रकाशचन्द्र गुप्त हिंदी के प्रमुख रिपोर्ताज लेखक हैं।
🎯 Exam Tip: रिपोर्ताज विधा के प्रमुख लेखकों के नाम और उनके योगदान को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 19. गद्य काव्य से क्या तात्पर्य है?
Answer: गद्य के माध्यम से की गयी किसी विषय की भावपूर्ण काव्यात्मक अभिव्यक्ति गद्य काव्य कहलाती है।
In simple words: गद्य काव्य वह रचना है जिसमें गद्य के रूप में किसी विषय की भावनात्मक और काव्यात्मक अभिव्यक्ति होती है।
🎯 Exam Tip: गद्य काव्य की परिभाषा और उसकी विशिष्टता को समझें, जहाँ गद्य में भी काव्य का माधुर्य होता है।
Question 20. गद्य-काव्य के किन्हीं दो लेखकों का नाम लिखिए ।
Answer:
• रायकृष्ण दास
• चतुरसेन शास्त्री।
In simple words: रायकृष्ण दास और चतुरसेन शास्त्री गद्य काव्य के दो प्रमुख लेखक हैं।
🎯 Exam Tip: गद्य काव्य के प्रमुख लेखकों के नाम याद रखना साहित्य की विभिन्न विधाओं को समझने में मदद करता है।
Question 21. प्रेमचन्द के उपन्यासों के नाम बताइए ।
Answer: गबन, गोदान, कर्बला, कर्मभूमि, निर्मला आदि। खए।
In simple words: प्रेमचंद के कुछ प्रमुख उपन्यास 'गबन', 'गोदान', 'कर्बला', 'कर्मभूमि' और 'निर्मला' हैं।
🎯 Exam Tip: मुंशी प्रेमचंद के उपन्यासों के नाम और उनके विषयों को याद रखना साहित्य के महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है।
Question 22. प्रेमचन्द के उपन्यास किन विषयों पर आधारित हैं?
Answer: मुंशी प्रेमचन्द के उपन्यास दीन-हीन किसान-मजदूरों, नारी-उद्धार, समाज-सुधार, राष्ट्रीय चेतना आदि विषयों पर आधारित हैं।
In simple words: प्रेमचंद के उपन्यास मुख्य रूप से गरीब किसानों, मजदूरों, महिला सशक्तिकरण, समाज सुधार और राष्ट्रीय भावना जैसे सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित हैं।
🎯 Exam Tip: प्रेमचंद के उपन्यासों के मुख्य विषयों को समझना उनके साहित्यिक योगदान को बेहतर ढंग से जानने में मदद करता है।
Question 23. हिन्दी के सर्वप्रथम यात्रावृत्त के लेखक एवं उनकी रचना का नाम बताइए ।
Answer: हिन्दी के प्रथम यात्रावृत्त-लेखक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र थे और उनकी रचना का नाम 'सरयू पार की यात्रा' था।
In simple words: हिंदी का पहला यात्रावृत्त 'सरयू पार की यात्रा' था, जिसे भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने लिखा था।
🎯 Exam Tip: हिंदी साहित्य में प्रथम रचनाओं और उनके लेखकों के नाम जानना परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Question 24. पाश्चात्य दृष्टि से नाटक के तत्त्व बताइए।
Answer: पाश्चात्य विद्वानों ने नाटक के 6 तत्त्व स्वीकार किये हैं-
• कथावस्तु
• चरित्र-चित्रण
• कथोपकथन
• देश-काल
• भाषा-शैली
• उद्देश्य
In simple words: पाश्चात्य दृष्टिकोण से नाटक के छह तत्व हैं- कथावस्तु, चरित्र-चित्रण, संवाद, देश-काल, भाषा-शैली और उद्देश्य।
🎯 Exam Tip: नाटक के तत्वों को भारतीय और पाश्चात्य दोनों दृष्टियों से समझें और उनके बीच के अंतर को भी जानें।
Question 25. जयशंकर प्रसाद के नाटकों के नाम लिखिए।
Answer: जयशंकर प्रसाद के नाटकों के नाम हैं-राज्यश्री, अजातशत्रु, चन्द्रगुप्त, स्कन्दगुप्त, जनमेजय का नागयज्ञ, ध्रुवस्वामिनी, कामना आदि ।
In simple words: जयशंकर प्रसाद के प्रमुख नाटक 'राज्यश्री', 'अजातशत्रु', 'चन्द्रगुप्त', 'स्कन्दगुप्त', 'जनमेजय का नागयज्ञ', 'ध्रुवस्वामिनी' और 'कामना' हैं।
🎯 Exam Tip: जयशंकर प्रसाद हिंदी नाट्य साहित्य के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, उनके नाटकों के नाम और उनकी मुख्य कथावस्तु याद रखें।
Question 26. आधुनिक साहित्य की सबसे अधिक लोकप्रिय विधा का नाम बताइए।
Answer: कहानी ।
In simple words: आधुनिक साहित्य में कहानी सबसे लोकप्रिय साहित्यिक विधा है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न साहित्यिक विधाओं की लोकप्रियता और उनके कारणों पर ध्यान दें।
Question 27. अच्छी जीवनी की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए ।
Answer: अच्छी जीवनी की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं
• प्रामाणिकता
• तथ्यपूर्ण साहित्यिक विवरण
• आत्मीयता
• प्रेरणादायक स्थलों पर बल
• रोचकता ।
In simple words: एक अच्छी जीवनी प्रामाणिक, तथ्यों से भरपूर, आत्मीयता से लिखी गई, प्रेरणादायक और रोचक होनी चाहिए।
🎯 Exam Tip: जीवनी की विशेषताओं को याद रखें ताकि आप एक अच्छी जीवनी की पहचान कर सकें और उसका मूल्यांकन कर सकें।
Question 28. द्विवेदी युग के दो समीक्षकों के नाम लिखिए।
Answer: द्विवेदी युग के दो समीक्षक हैं-
• आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी,
• बाबू श्यामसुन्दरदास
In simple words: द्विवेदी युग के दो प्रमुख समीक्षक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी और बाबू श्यामसुन्दरदास हैं।
🎯 Exam Tip: द्विवेदी युग के प्रमुख साहित्यकारों और उनके आलोचनात्मक योगदान को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 29. विषय एवं शैली की दृष्टि से निबन्ध के भेद बताइए ।
Answer: विषय एवं शैली की दृष्टि से निबन्ध के चार भेद हैं
• (i) विचारात्मक निबन्ध
• (i) भावात्मक निबन्ध
• (i) वर्णनात्मक निबन्ध
• विवरणात्मक निबन्ध ।
In simple words: विषय और शैली के आधार पर निबंध को चार मुख्य प्रकारों में बांटा जा सकता है: विचारात्मक, भावात्मक, वर्णनात्मक और विवरणात्मक।
🎯 Exam Tip: निबंध के विभिन्न प्रकारों को उनकी विशेषताओं के साथ समझें, क्योंकि यह लेखन कौशल में मदद करता है।
Question 30. अध्यापक पूर्णसिंह किस युग के निबन्धकार हैं?
Answer: अध्यापक पूर्णसिंह द्विवेदी युग के निबन्धकार हैं।
In simple words: अध्यापक पूर्णसिंह द्विवेदी युग के एक प्रमुख निबंध लेखक थे।
🎯 Exam Tip: विभिन्न साहित्यिक युगों के प्रमुख लेखकों और उनके योगदान को याद रखें।
Question 31. भारतेन्दु युग का नाम कैसे पड़ा?
Answer: भारतेन्दु जी की अद्वितीय गद्य सेवाओं के कारण तथा अपने समकालीन गद्य लेखकों में उनके सर्वाधिक सक्रिय होने के कारण 1868 ई० से 1900 ई० तक की काल अवधि को 'भारतेन्दु युग' नाम दिया गया।
In simple words: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के महत्वपूर्ण गद्य लेखन और उनके समकालीन लेखकों में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण इस कालखंड को 'भारतेन्दु युग' कहा गया।
🎯 Exam Tip: विभिन्न साहित्यिक युगों के नामकरण के पीछे के कारणों को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 32. द्विवेदी युग नाम कैसे पड़ा?
Answer: 1900 ई० से 1922 ई० तक के काल में हिन्दी गद्य निर्माता तथा सर्वाधिक प्रसारकर्ता आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी थे इसीलिए इस कालखण्ड को द्विवेदी युग का नाम दिया गया।
In simple words: आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी के हिंदी गद्य के निर्माण और प्रचार में महत्वपूर्ण योगदान के कारण 1900 से 1922 ई० तक के काल को 'द्विवेदी युग' कहा जाता है।
🎯 Exam Tip: साहित्यिक युगों के प्रमुख प्रवर्तकों और उनके योगदान को याद रखना परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 33. नाटक के तत्त्वों के नाम लिखिए।
Answer: भारतीय आचार्यों ने नाटक के पाँच तत्त्व बताये हैं
• कथावस्तु
• नायक
• रस
• अभिनय
• वृत्ति ।
In simple words: भारतीय आचार्यों के अनुसार नाटक के पाँच प्रमुख तत्व कथावस्तु, नायक, रस, अभिनय और वृत्ति हैं।
🎯 Exam Tip: भारतीय नाट्यशास्त्र के अनुसार नाटक के तत्वों को विस्तार से समझें और याद रखें।
Question 34. हिन्दी में रेखाचित्र का सूत्रपात कब हुआ?
Answer: हिन्दी में रेखाचित्र का सूत्रपात 1929 ई० में प्रकाशित पं० पद्मसिंह शर्मा के 'पद्मपुराण' निबन्धों से होता है ।
In simple words: हिंदी में रेखाचित्र लेखन की शुरुआत 1929 ई० में पं० पद्मसिंह शर्मा के 'पद्मपुराण' निबंधों के साथ हुई थी।
🎯 Exam Tip: किसी भी साहित्यिक विधा के उद्भव और उसके प्रथम उदाहरण को जानना महत्वपूर्ण है।
Question 35. भारतेन्दु युग के दो जीवनी लेखकों के नाम बताइए।
Answer:
• गोपालशर्मा शास्त्री
• कार्तिक प्रसाद खत्री।।
In simple words: भारतेन्दु युग के दो जीवनी लेखक गोपालशर्मा शास्त्री और कार्तिक प्रसाद खत्री हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न साहित्यिक युगों के प्रमुख जीवनी लेखकों और उनके योगदान को याद रखें।
Question 36. द्विवेदी युग के दो जीवनी लेखकों का नामोल्लेख करते हुए उनकी एक-एक कृति का नाम लिखिए ।
Answer:
• डॉ० सम्पूर्णानन्द-सम्राट् अशोक की जीवनी ।
• महादेव भट्ट-लाला लाजपतराय की जीवनी।।
In simple words: द्विवेदी युग के जीवनी लेखकों में डॉ० सम्पूर्णानन्द की 'सम्राट् अशोक की जीवनी' और महादेव भट्ट की 'लाला लाजपतराय की जीवनी' प्रमुख हैं।
🎯 Exam Tip: जीवनी लेखकों के नाम के साथ-साथ उनकी प्रमुख कृतियों को याद करना परीक्षा में अच्छे अंक दिलाता है।
Question 37. किन्हीं दो आत्मकथा लेखकों एवं उनकी एक-एक कृति का नाम लिखिए।
Answer:
• वियोगी हरि-मेरा जीवन प्रवाह
• डॉ० वृन्दावनलाल वर्मा-अपनी कहानी ।
In simple words: वियोगी हरि की आत्मकथा 'मेरा जीवन प्रवाह' और डॉ० वृन्दावनलाल वर्मा की 'अपनी कहानी' प्रमुख हैं।
🎯 Exam Tip: आत्मकथा लेखकों और उनकी महत्वपूर्ण कृतियों को याद रखना हिंदी साहित्य के इतिहास के लिए उपयोगी है।
Question 38. किन्हीं चार गद्य विधाओं के नाम लिखिए ।
Answer: निबन्ध, कहानी, नाटक, उपन्यास ।
In simple words: हिंदी गद्य की चार प्रमुख विधाएँ निबंध, कहानी, नाटक और उपन्यास हैं।
🎯 Exam Tip: हिंदी गद्य की विभिन्न विधाओं के नाम और उनकी सामान्य विशेषताओं को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 39. पद्मसिंह शर्मा किस युग के लेखक हैं?
Answer: पद्मसिंह शर्मा 'द्विवेदी युग' के लेखक हैं।
In simple words: पद्मसिंह शर्मा द्विवेदी युग के एक महत्वपूर्ण लेखक थे।
🎯 Exam Tip: विभिन्न साहित्यिक युगों के प्रमुख लेखकों को उनके कालखंड के साथ जोड़कर याद रखें।
Question 40. हिन्दी साहित्य के दो विचारात्मक निबन्धकारों के नाम लिखिए ।
Answer:
• बाबू श्यामसुन्दर दास
• आचार्य विनोबा भावे ।
In simple words: बाबू श्यामसुन्दर दास और आचार्य विनोबा भावे हिंदी साहित्य के दो प्रमुख विचारात्मक निबंधकार हैं।
🎯 Exam Tip: विचारात्मक निबंधकारों के नाम और उनके लेखन शैली की विशेषताओं को जानें।
Question 41. शिकार साहित्य के प्रसिद्ध लेखक का नाम बताइए।
Answer: श्रीराम शर्मा ।
In simple words: श्रीराम शर्मा शिकार साहित्य के एक प्रसिद्ध लेखक हैं।
🎯 Exam Tip: विशिष्ट साहित्यिक विधाओं और उनके अग्रणी लेखकों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 42. हिन्दी साहित्य का प्रचार-प्रसार करनेवाली दो संस्थाओं के नाम लिखिए।
Answer:
• नागरी प्रचारिणी सभा
• फोर्ट विलियम कालेज ।
In simple words: हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार में नागरी प्रचारिणी सभा और फोर्ट विलियम कालेज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
🎯 Exam Tip: हिंदी भाषा और साहित्य के विकास में योगदान देने वाली संस्थाओं के बारे में जानें।
Question 43. गा किसे कहते हैं?
Answer: वह रचना जो छन्द के बन्धन से मुक्त हो, गद्य कहलाती है, जैसे-निबन्ध, कहानी, उपन्यास आदि
In simple words: गद्य वह रचना है जो छंद के नियमों से मुक्त होती है, जैसे निबंध, कहानी या उपन्यास।
🎯 Exam Tip: गद्य की परिभाषा और काव्य से उसके अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 44. हिन्दी गद्य का आविर्भाव किस शताब्दी में हुआ?
Answer: हिन्दी गद्य का आविर्भाव 13वीं शताब्दी में हुआ ।
In simple words: हिंदी गद्य की शुरुआत 13वीं शताब्दी में हुई थी।
🎯 Exam Tip: हिंदी साहित्य के इतिहास में गद्य के उद्भव का समय जानना महत्वपूर्ण है।
Question 45. गद्य की उपयोगिता क्या है?
Answer: गद्य में हम विचारों या भावों को सरलतापूर्वक सहज भाषा में व्यक्त करते हैं। ज्ञान-विज्ञान आदि भी 7 !! सफल एवं सरल अभिव्यक्ति का माध्यम गद्य ही है।
In simple words: गद्य का उपयोग विचारों और भावनाओं को सरल और सहज भाषा में व्यक्त करने के लिए किया जाता है, और यह ज्ञान-विज्ञान की अभिव्यक्ति का भी मुख्य माध्यम है।
🎯 Exam Tip: गद्य की उपयोगिता और उसके महत्व को समझें, विशेषकर विचारों की स्पष्ट अभिव्यक्ति में।
Question 46. हिन्दी गद्य के प्राचीनतम प्रयोग किस भाषा में मिलते हैं?
Answer: हिन्दी गद्य के प्राचीनतम प्रयोग राजस्थानी और ब्रजभाषा में मिलते हैं।
In simple words: हिंदी गद्य के सबसे पुराने उदाहरण राजस्थानी और ब्रजभाषा में मिलते हैं।
🎯 Exam Tip: हिंदी गद्य के शुरुआती रूपों और उनके क्षेत्रीय प्रभावों को जानें।
Question 47. ब्रजभाषा गद्य का सूत्रपात कब हुआ?
Answer: ब्रजभाषा गट्य का सूत्रपात सन् 1343 ई० के लगभग हुआ
In simple words: ब्रजभाषा गद्य की शुरुआत लगभग 1343 ईस्वी में हुई थी।
🎯 Exam Tip: ब्रजभाषा गद्य के उद्भव का समय जानना और हिंदी साहित्य में उसके योगदान को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 48. ब्रजभाषा गद्य के दो प्रसिद्ध लेखकों के नाम बताइए ।
Answer:
• गोस्वामी विट्ठलनाथ
• गोकुलनाथ ।
In simple words: गोस्वामी विट्ठलनाथ और गोकुलनाथ ब्रजभाषा गद्य के दो प्रसिद्ध लेखक हैं।
🎯 Exam Tip: ब्रजभाषा गद्य के प्रमुख लेखकों और उनकी रचनाओं को याद रखें।
Question 49. खड़ीबोली गद्य का जनक किसे माना जाता है?
Answer: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को हिन्दी खड़ीबोली गद्य का जनक माना जाता है।
In simple words: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को हिंदी खड़ीबोली गद्य का जनक माना जाता है क्योंकि उन्होंने इसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🎯 Exam Tip: हिंदी खड़ीबोली के जनक का नाम और उनके योगदान को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 50. खड़ीबोली गद्य के प्रथम लेखक और उनकी प्रथम रचना का नाम लिखिए।
Answer: कवि गंग-'चन्द छन्द बरनन की महिमा' ।
In simple words: खड़ीबोली गद्य के पहले लेखक कवि गंग थे और उनकी पहली रचना 'चन्द छन्द बरनन की महिमा' थी।
🎯 Exam Tip: खड़ीबोली गद्य के प्रथम लेखक और उनकी पहली रचना का नाम याद रखना परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 51. खड़ीबोली गद्य के चार उन्नायकों के नाम लिखिए।
Answer:
• मुंशी सदासुखलाल
• इंशा अल्ला खाँ
• लल्लूलाल
• सदल मिश्र ।
In simple words: मुंशी सदासुखलाल, इंशा अल्ला खाँ, लल्लूलाल और सदल मिश्र खड़ीबोली गद्य के चार प्रमुख उन्नायक थे।
🎯 Exam Tip: खड़ीबोली गद्य के विकास में योगदान देने वाले प्रमुख लेखकों के नाम याद रखें।
Question 52. हिन्दी खड़ीबोली का आविर्भाव कब हुआ?
Answer: हिन्दी खड़ीबोली का आविर्भाव 19वीं शताब्दी के जागरण काल में हुआ।
In simple words: हिंदी खड़ीबोली का विकास 19वीं शताब्दी में जागरण काल के दौरान हुआ।
🎯 Exam Tip: हिंदी खड़ीबोली के विकास का समय और उसके ऐतिहासिक संदर्भ को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 53. हिन्दी गद्य के प्रसार में ईसाई पादरियों का क्या योगदान रहा?
Answer: ईसाई पादरियों ने अपने धर्म प्रचार के लिए 'बाइबिल' का खड़ीबोली में अनुवाद कराया और उसे भारत के विभिन्न स्थानों पर वितरित कराया। इस प्रकार ईसाई धर्म के साथ-साथ हिन्दी का भी प्रचार-प्रसार होता रहा।
In simple words: ईसाई पादरियों ने धर्म प्रचार के लिए बाइबिल का खड़ीबोली में अनुवाद करके हिंदी गद्य के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🎯 Exam Tip: हिंदी गद्य के विकास में गैर-साहित्यिक कारकों, जैसे धार्मिक प्रचारकों के योगदान को भी समझें।
Question 54. भारतेन्दु से पूर्व हिन्दी गदा के प्रमुख चार लेखकों के नाम बताइए ।
Answer:
• मुंशी सदासुखलाल
• इंशा अल्ला खाँ
• सदल मिश्र
• लल्लूलाल ।
In simple words: भारतेन्दु युग से पहले हिंदी गद्य के चार प्रमुख लेखक मुंशी सदासुखलाल, इंशा अल्ला खाँ, सदल मिश्र और लल्लूलाल थे।
🎯 Exam Tip: भारतेन्दु युग से पहले के हिंदी गद्य के प्रमुख लेखकों के योगदान को समझना हिंदी साहित्य के इतिहास को बेहतर ढंग से जानने में मदद करता है।
Question 55. भारतेन्दु से पूर्व किन दो राजाओं ने हिन्दी गद्य के विकास में योगदान दिया?
Answer:
• राजा शिवप्रसाद सितारेहिन्द
• राजा लक्ष्मण सिंह ।
In simple words: भारतेन्दु युग से पहले राजा शिवप्रसाद सितारेहिन्द और राजा लक्ष्मण सिंह ने हिंदी गद्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
🎯 Exam Tip: राजाओं और अन्य संरक्षकों के हिंदी साहित्य के विकास में योगदान को याद रखें।
Question 56. गद्य और पद्म में क्या अन्तर है?
Answer: गद्य मस्तिष्क के तर्कप्रधान चिन्तन की उपज है। व्यावहारिक होने के कारण इसमें विचारों और भावों को अभिव्यक्त करना सरल होता है, जबकि काव्य बहुत कुछ काल्पनिक होता है तथा इसमें संवेदनशीलता की प्रधानता होती है।
In simple words: गद्य तार्किक होता है और विचारों को सीधे व्यक्त करता है, जबकि काव्य भावनात्मक और कल्पना पर आधारित होता है।
🎯 Exam Tip: गद्य और पद्य के बीच के मौलिक अंतर को उनकी संरचना और अभिव्यक्ति के संदर्भ में समझें।
Question 57. भारतेन्दु युग की कालावधि लिखिए।
Answer: भारतेन्दु युग-1868 ई० से 1900 ई० तक।
In simple words: भारतेन्दु युग का समय 1868 ईस्वी से 1900 ईस्वी तक था।
🎯 Exam Tip: विभिन्न साहित्यिक युगों की समय-अवधि को याद रखना हिंदी साहित्य के काल-विभाजन के लिए आवश्यक है।
Question 58. भारतेन्दु युग के दो गद्य लेखकों तथा उनकी एक-एक रचना का नाम लिखिए।
Answer:
• बालकृष्ण भट्ट-नूतन ब्रह्मचारी ।
• प्रतापनारायण मिश्र-हठी हम्मीर ।
In simple words: भारतेन्दु युग के दो गद्य लेखक बालकृष्ण भट्ट ('नूतन ब्रह्मचारी') और प्रतापनारायण मिश्र ('हठी हम्मीर') थे।
🎯 Exam Tip: भारतेन्दु युग के प्रमुख गद्य लेखकों और उनकी एक-एक महत्वपूर्ण रचना को याद रखें।
Question 59. भारतेन्दु युग की प्रमुख पत्रिकाओं के नाम लिखिए।
Answer: भारतेन्दु युग की प्रमुख पत्रिकाएँ निम्नलिखित हैं
• कविवचन सुधा
• हरिश्चन्द्र मैगजीन
• हिन्दी प्रदीप
• ब्राह्मण
• आनन्द कादम्बिनी ।
In simple words: भारतेन्दु युग की कुछ महत्वपूर्ण पत्रिकाएँ 'कविवचन सुधा', 'हरिश्चन्द्र मैगजीन', 'हिन्दी प्रदीप', 'ब्राह्मण' और 'आनन्द कादम्बिनी' थीं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न साहित्यिक युगों की प्रमुख पत्रिकाओं और उनके संपादकों को जानना महत्वपूर्ण है।
Question 60. भारतेन्दु युग की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए ।
Answer:
• भारतेन्दु युग में हिन्दी गद्य को एक निश्चित स्वरूप प्राप्त हुआ।
• इस युग के लेखकों में अपनी भाषा, जाति और राष्ट्र के उत्थान के लिए अकुलाहट थी ।
In simple words: भारतेन्दु युग की दो मुख्य विशेषताएँ हैं कि इस काल में हिंदी गद्य को एक निश्चित रूप मिला और लेखकों में भाषा, जाति व राष्ट्र के उत्थान की तीव्र इच्छा थी।
🎯 Exam Tip: भारतेन्दु युग की साहित्यिक और सामाजिक विशेषताओं को समझें।
Question 61. 'चन्द्रकान्ता' उपन्यास के लेखक का नामोल्लेख करते हुए युग का नाम लिखिए ।
Answer: चन्द्रकान्ता उपन्यास के लेखक-देवकीनन्दन खत्री, युग-भारतेन्दु
In simple words: 'चन्द्रकान्ता' उपन्यास के लेखक देवकीनन्दन खत्री हैं, और यह उपन्यास भारतेन्दु युग से संबंधित है।
🎯 Exam Tip: प्रसिद्ध उपन्यासों के लेखक और उनके संबंधित साहित्यिक युगों को याद रखें।
Question 62. हिन्दी गदा के विकास में भारतेन्दु युग का महत्त्व बताइए।
Answer: हिन्दी गद्य के विकास की दृष्टि से भारतेन्दु युग (1868 से 1900 ई०) अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। इस युग में न केवल खड़ीबोली का विकास हुआ, अपितु हिन्दी गद्य साहित्य की भी उन्नति हुई । वास्तव में भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी गदा के जनक थे।
In simple words: भारतेन्दु युग (1868-1900 ई०) हिंदी गद्य के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसमें खड़ीबोली के साथ-साथ पूरे हिंदी गद्य साहित्य का विकास हुआ, और भारतेन्दु हरिश्चन्द्र को इसका जनक माना जाता है।
🎯 Exam Tip: भारतेन्दु युग के महत्व को हिंदी गद्य के विकास और खड़ीबोली के उत्थान के संदर्भ में जानें।
Question 63. भारतेन्दु द्वारा सम्पादित दो पत्रिकाओं के नाम लिखिए।
Answer:
• हरिश्चन्द्र मैगजीन
• कविवचन सुधा ।
In simple words: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र द्वारा संपादित दो प्रमुख पत्रिकाएँ 'हरिश्चन्द्र मैगजीन' और 'कविवचन सुधा' थीं।
🎯 Exam Tip: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के साहित्यिक योगदान में उनकी पत्रकारिता की भूमिका को याद रखें।
Question 64. 'कविवचन सुधा' पत्रिका का सम्पादन काल लिखिए।
Answer: कविवचन सुधा को सम्पादन भारतेन्दु युग में हुआ ।
In simple words: 'कविवचन सुधा' पत्रिका का संपादन भारतेन्दु युग में हुआ था।
🎯 Exam Tip: प्रमुख साहित्यिक पत्रिकाओं और उनके संबंधित युगों को याद रखें।
Question 65. हिन्दी साहित्य में भारतेन्दु जी के योगदान का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
Answer: भारतेन्दु ने पूर्ववर्ती लेखकों के भाषा सम्बन्धी एकांगी दृष्टिकोणों को छोड़कर हिन्दी गद्य की एक स्वच्छ, संतुलित और शिष्ट रूप सामने रखा जिससे हिन्दी साहित्य की सम्पन्नता में वृद्धि हुई
In simple words: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने हिंदी गद्य को एक स्वच्छ, संतुलित और शिष्ट रूप प्रदान करके हिंदी साहित्य को समृद्ध किया, जिससे पहले के लेखकों की भाषाई सीमाओं को दूर किया गया।
🎯 Exam Tip: भारतेन्दु हरिश्चन्द्र के हिंदी साहित्य में योगदान को उनकी भाषाई सुधारों और गद्य के मानकीकरण के संदर्भ में समझें।
Question 66. भारतेन्दुयुगीन भाषा की मुख्य विशेषता एक वाक्य में लिखिए।
Answer: भारतेन्दुयुगीन भाषा में लोक प्रचलित शब्दावली का प्रयोग हुआ ।
In simple words: भारतेन्दु युग की भाषा की मुख्य विशेषता यह थी कि इसमें आम बोलचाल की भाषा और शब्दावली का प्रयोग किया गया।
🎯 Exam Tip: भारतेन्दु युग की भाषा शैली की विशिष्टता को एक वाक्य में याद रखना परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 67. द्विवेदी युग का समय बताइए ।
Answer: द्विवेदी युग-1900 ई० से 1922 ई० तक ।
In simple words: द्विवेदी युग का कालखंड 1900 ईस्वी से 1922 ईस्वी तक माना जाता है।
🎯 Exam Tip: साहित्यिक युगों की समय-सीमाएँ याद रखना हिंदी साहित्य के इतिहास को क्रमबद्ध रूप से समझने में सहायक होता है।
Question 68. द्विवेदी युग के तीन प्रमुख गद्य लेखकों और उनकी रचनाओं के नाम लिखिए ।
Answer:
• बाबू श्यामसुन्दर दास-साहित्यालोचन, रूपक रहस्य, भाषा रहस्य, वैज्ञानिक कोष आदि ।
• आचार्य रामचन्द्र शुक्ल-चिन्तामणि, रसमीमांसा, हिन्दी साहित्य का इतिहास ।
• मुंशी प्रेमचन्द-सेवासदन, कर्बला, संग्राम, प्रेम की वेदी, मानसरोवर ।
In simple words: द्विवेदी युग के तीन प्रमुख गद्य लेखक बाबू श्यामसुन्दर दास (साहित्यालोचन), आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (चिन्तामणि) और मुंशी प्रेमचन्द (सेवासदन) थे।
🎯 Exam Tip: द्विवेदी युग के महत्वपूर्ण गद्य लेखकों और उनकी प्रमुख कृतियों को याद रखना परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Question 69. हिन्दी गद्य को आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी की सबसे बड़ी देन क्या है?
Answer: आचार्य द्विवेदी जी ने 'सरस्वती' पत्रिका के माध्यम से भाषा का परिमार्जन करके उसे व्याकरणसम्मत बनाया तथा नवीन विषयों पर गद्य रचना के लिए लेखकों को प्रोत्साहित किया।
In simple words: आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी की सबसे बड़ी देन 'सरस्वती' पत्रिका के माध्यम से हिंदी गद्य को व्याकरणसम्मत और परिष्कृत करना तथा नए विषयों पर लेखन को बढ़ावा देना था।
🎯 Exam Tip: आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी के हिंदी भाषा और साहित्य के मानकीकरण में योगदान को समझें।
Question 70. द्विवेदी युग की दो प्रमुख विशेषताएँ लिखिए ।
Answer: द्विवेदी युग की दो प्रमुख विशेषताएँ हैं-
• भाषा परिमार्जन एवं संस्कार
• गद्य के विविध रूपों और शैलियों का विकास ।
In simple words: द्विवेदी युग की दो मुख्य विशेषताएँ थीं - भाषा का परिमार्जन और संस्कार करना, और गद्य की विभिन्न शैलियों और रूपों का विकास करना।
🎯 Exam Tip: द्विवेदी युग की साहित्यिक विशेषताओं को याद रखें, विशेषकर भाषा सुधार और गद्य विकास के संदर्भ में।
Question 71. 'सरस्वती' पत्रिका के प्रमुख सम्पादक का नाम लिखिए।
Answer: आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी 'सरस्वती' पत्रिका के प्रमुख सम्पादक थे।
In simple words: 'सरस्वती' पत्रिका के मुख्य संपादक आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी थे।
🎯 Exam Tip: प्रमुख साहित्यिक पत्रिकाओं और उनके संपादकों के नाम याद रखना परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 72. द्विवेदी युग के दो प्रतिनिधि कहानीकारों के नाम लिखिए।
Answer:
• मुंशी प्रेमचन्द
• चन्द्रधरशर्मा गुलेरी ।
In simple words: द्विवेदी युग के दो प्रमुख कहानीकार मुंशी प्रेमचन्द और चन्द्रधरशर्मा गुलेरी थे।
🎯 Exam Tip: द्विवेदी युग के महत्वपूर्ण कहानीकारों और उनके योगदान को जानें।
Question 73. द्विवेदी युग की चार प्रसिद्ध पत्रिकाओं के नाम लिखिए।
Answer:
• माधुरी
• सरस्वती
• जागरण
• प्रभा ।
In simple words: द्विवेदी युग की चार प्रसिद्ध पत्रिकाएँ 'माधुरी', 'सरस्वती', 'जागरण' और 'प्रभा' थीं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न साहित्यिक युगों की प्रमुख पत्रिकाओं और उनके संपादकों को जानना हिंदी साहित्य के इतिहास को समझने में मदद करता है।
Question 74. नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना किसने की?
Answer: बाबू श्यामसुन्दर दास ने नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना की।
In simple words: नागरी प्रचारिणी सभा की स्थापना बाबू श्यामसुन्दर दास ने की थी।
🎯 Exam Tip: हिंदी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण संस्थाओं और उनके संस्थापकों के नाम याद रखें।
Question 75. द्विवेदी युग के तीन उपन्यासकारों के नाम लिखिए।
Answer:
• मुंशी प्रेमचन्द
• किशोरीलाल गोस्वामी
• डॉ० वृन्दावनलाल वर्मा
In simple words: द्विवेदी युग के तीन प्रमुख उपन्यासकार मुंशी प्रेमचन्द, किशोरीलाल गोस्वामी और डॉ० वृन्दावनलाल वर्मा थे।
🎯 Exam Tip: द्विवेदी युग के महत्वपूर्ण उपन्यासकारों और उनके योगदान को जानें।
Question 76. द्विवेदी युग के तीन प्रसिद्ध आलोचकों के नाम लिखिए।
Answer: द्विवेदी युग के तीन आलोचक हैं-
• पद्मसिंह शर्मा
• बाबू श्यामसुन्दर दास
• आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
In simple words: द्विवेदी युग के तीन प्रसिद्ध आलोचक पद्मसिंह शर्मा, बाबू श्यामसुन्दर दास और आचार्य रामचन्द्र शुक्ल थे।
🎯 Exam Tip: द्विवेदी युग के प्रमुख आलोचकों और उनके आलोचनात्मक योगदान को याद रखें।
Question 77. द्विवेदी युग के निबन्धों के विषय क्या थे?
Answer: द्विवेदी युग में कला, इतिहास, राजनीति, अर्थशास्त्र, पुरातत्त्व आदि पर श्रेष्ठ निबन्ध लिखे गये ।
In simple words: द्विवेदी युग के निबंध कला, इतिहास, राजनीति, अर्थशास्त्र और पुरातत्व जैसे विभिन्न गंभीर विषयों पर केंद्रित थे।
🎯 Exam Tip: द्विवेदी युग के निबंधों के मुख्य विषयों को समझना उनके साहित्यिक महत्व को जानने में मदद करता है।
Question 78. हिन्दी साहित्य का प्रचार एवं प्रसार करनेवाली दो संस्थाओं के नाम लिखिए ।
Answer:
• नागरी प्रचारिणी सभा
• हिन्दी साहित्य सम्मेलन
In simple words: हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार में नागरी प्रचारिणी सभा और हिन्दी साहित्य सम्मेलन नामक दो संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
🎯 Exam Tip: हिंदी भाषा और साहित्य के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली संस्थाओं को याद रखें।
Question 79. हिन्दी गदा की किन्हीं तीन नवीन विधाओं के नाम लिखिए।'
Answer: हिन्दी गदा की तीन नवीन विधाएँ हैं-
• जीवनी
• आत्मकथा
• संस्मरण
In simple words: हिंदी गद्य की तीन नई विधाएँ जीवनी, आत्मकथा और संस्मरण हैं।
🎯 Exam Tip: हिंदी साहित्य में विकसित हुई नई गद्य विधाओं और उनकी विशेषताओं को जानें।
Question 80. हिन्दी गद्य की दो प्रमुख विधाओं के नाम लिखिए।
Answer: हिन्दी गद्य की दो प्रमुख विधाएँ हैं
• निबन्ध
• कहानी।
In simple words: हिंदी गद्य की दो मुख्य विधाएँ निबंध और कहानी हैं।
🎯 Exam Tip: हिंदी गद्य की मूलभूत और सबसे प्रचलित विधाओं को याद रखना आवश्यक है।
Question 81. विचारात्मक और भावात्मक निबन्ध में क्या अन्तर है?
Answer: विचारात्मक निबन्ध में बुद्धि एवं तर्क की प्रधानता होती है, जबकि भावात्मक निबन्ध में भाव तत्त्व (हृदय तत्त्व) की प्रधानता होती है।
In simple words: विचारात्मक निबंध तर्क और बुद्धि पर आधारित होता है, जबकि भावात्मक निबंध भावनाओं और हृदय के तत्वों पर केंद्रित होता है।
🎯 Exam Tip: निबंध के विचारात्मक और भावात्मक प्रकारों के बीच के अंतर को उनकी मुख्य विशेषताओं के साथ समझें।
Question 82. हिन्दी गद्य-काव्य लेखकों में से किन्हीं दो लेखकों के नाम बताइए ।
Answer: हिन्दी गद्य-काव्य के दो लेखक हैं
• वियोगी हरि
• राय कृष्णदास ।
In simple words: हिंदी गद्य-काव्य के दो प्रमुख लेखक वियोगी हरि और राय कृष्णदास हैं।
🎯 Exam Tip: गद्य-काव्य के प्रमुख लेखकों और उनके योगदान को याद रखें।
Question 83. विचारात्मक और वर्णनात्मक निबन्ध में अन्तर बताइए।
Answer: विचारात्मक निबन्ध में चिन्तन या मनन के आधार पर किसी भाव या वस्तु का वर्णन किया जाता है, जबकि वर्णनात्मक निबन्ध में किसी घटना या वस्तु का विचार के साथ वर्णन किया जाता है।
In simple words: विचारात्मक निबंध में किसी विषय पर चिंतन और मनन करके लिखा जाता है, जबकि वर्णनात्मक निबंध किसी घटना या वस्तु का विस्तृत वर्णन करता है।
🎯 Exam Tip: निबंध के विचारात्मक और वर्णनात्मक प्रकारों के बीच के अंतर को उनकी लेखन शैली और उद्देश्य के संदर्भ में स्पष्ट करें।
Question 84. हिन्दी की प्रथम कहानी का नाम बताइए ।
Answer: किशोरीलाल गोस्वामी की 'इन्दुमती' हिन्दी की प्रथम कहानी है।
In simple words: हिंदी की पहली कहानी किशोरीलाल गोस्वामी द्वारा लिखी गई 'इन्दुमती' है।
🎯 Exam Tip: हिंदी साहित्य की प्रथम कहानी और उसके लेखक का नाम याद रखना परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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