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Step-by-Step UP Board Solutions: Class 8 Science Chapter 15 Carbon evam uske yogik
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Class 8 Science Chapter 15 Carbon evam uske yogik Textbook Solutions with Answers
कार्बन एवं उसके यौगिक
• निम्न तालिका में अंकित कार्य के समक्ष उसमें प्रयुक्त ईंधन का नाम लिखिए –
| क्रम संख्या | कार्य/यन्त्र | प्रयुक्त ईंधन | क्रम संख्या | कार्य/यन्त्र | प्रयुक्त ईंधन |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. | खाना पकाना | एल०पी०जी० | 5. | कार | पेट्रोल/डीजल |
| 2. | पानी गर्म करना | बिजली, एल०पी०जी० | 6. | ट्रैक्टर | डीजल |
| 3. | चाय बनाना | एल०पी० जी० | 7. | पम्पिंग सेट | बिजली, डीजल |
| 4. | जनरेटर | डीजल | 8. | थ्रेसर | बिजली, डीजल |
• निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए (पूरा करके)-
| क्रमांक | पेट्रोलियम प्रभाज | पेट्रोलियम प्रभाज का प्रयोग करने वाली वस्तुएँ/मशीनें/वाहन के नाम |
|---|---|---|
| 1. | पेट्रोल | स्कूटर, मोटर साइकिल, मोटरकार |
| 2. | डीजल | ट्रक, बस, जनरेटर |
| 3. | मिट्टी का तेल | स्टोव |
| 4. | प्राकृतिक गैस | गैसीय ईंधन, उर्वरक कारखाना |
| 5. | द्रवित पेट्रोलियम गैस (L.P.G.) | गैस, स्टोव |
अभ्यास प्रश्न
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों में सही विकल्प छाँटकर अभ्यासपुस्तिका में लिखिए (लिखकर)-
(क) निम्नलिखित पदार्थों में से किसमें कार्बन नहीं पाया जाता है-
(अ) कोयला में ।
(ब) चीनी में
(स) रोटी में
(द) नमक में
Answer: (द) नमक में ।
In simple words: नमक, जिसे सोडियम क्लोराइड कहते हैं, एक अकार्बनिक यौगिक है जिसमें कार्बन तत्व नहीं होता है।
🎯 Exam Tip: अकार्बनिक यौगिकों और कार्बनिक यौगिकों के बीच अंतर को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर जब मूल तत्वों की पहचान कर रहे हों।
(ख) प्रकृति में कार्बन पाया जाता है।
(अ) केवल मुक्त अवस्था में
(ब) केवल यौगिकों में
(स) मुक्त एवं यौगिक दोनों अवस्थाओं में
(द) केवल अपने अपररूपों में
Answer: (स) मुक्त एवं यौगिक दोनों अवस्थाओं में ।
In simple words: कार्बन प्रकृति में स्वतंत्र रूप (जैसे हीरा और ग्रेफाइट) और विभिन्न यौगिकों (जैसे CO2) दोनों रूपों में पाया जाता है।
🎯 Exam Tip: कार्बन की बहुमुखी प्रकृति को समझें, क्योंकि यह विभिन्न रूपों में मौजूद होकर जीवन और कई पदार्थों का आधार बनता है।
(ग) कुकिंग गैस (L.P.G.) में किसकी मात्रा अधिक है-
(अ) मेथेन
(ब) एथेन
(स) एथिलीन
(द) ब्यूटेन
Answer: (द) ब्यूटेन ।
In simple words: कुकिंग गैस (LPG) मुख्य रूप से ब्यूटेन और प्रोपेन का मिश्रण है, जिसमें ब्यूटेन की मात्रा अधिक होती है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न ईंधनों के प्रमुख घटकों और उनके अनुप्रयोगों को याद रखना परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
(घ) कार्बन का क्रिस्टलीय रूप है-
(अ) जन्तु चारकोल
(ब) ग्रेफाइट
(स) कोयला
(द) लकड़ी का चारकोल
Answer: (ब) ग्रेफाइट ।
In simple words: ग्रेफाइट कार्बन का एक क्रिस्टलीय अपररूप है जिसमें परमाणु एक व्यवस्थित जाली संरचना में व्यवस्थित होते हैं, जो इसे एक चिकनी और परतदार बनावट देता है।
🎯 Exam Tip: कार्बन के क्रिस्टलीय और अक्रिस्टलीय रूपों के बीच अंतर को जानें और प्रत्येक के उदाहरणों को समझें।
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (पूर्ति करके)-
(क) कार्बन सभी सजीव तथा कुछ निर्जीवों में उपस्थित है।
(ख) मेथेन सरलतम हाड्रोकार्बन है।
(ग) हीरा सबसे कठोर 'दार्थ है।
(घ) पेट्रोल ज्वलनशील धन है।
(ङ) पेंसिल में उपस्थित ला पदार्थ ग्रेफाइट है।
Answer:
(क) कार्बन सभी सजीव तथा कुछ निर्जीवों में उपस्थित है।
(ख) मेथेन सरलतम हाड्रोकार्बन है।
(ग) हीरा सबसे कठोर पदार्थ है।
(घ) पेट्रोल ज्वलनशील धन है।
(ङ) पेंसिल में उपस्थित काला पदार्थ ग्रेफाइट है।
In simple words: कार्बन हर जीवित चीज़ में पाया जाता है, मेथेन सबसे छोटा हाइड्रोकार्बन है, हीरा सबसे मजबूत पदार्थ है, पेट्रोल आग पकड़ने वाला ईंधन है, और पेंसिल में काला ग्रेफाइट होता है।
🎯 Exam Tip: मूलभूत वैज्ञानिक तथ्यों को याद रखें, जैसे कि महत्वपूर्ण तत्वों की उपस्थिति, सरलतम यौगिक और पदार्थों के विशेष गुण।
Question 3. निम्नलिखित कथनों में सही कथन पर (✓) तथा गलत कथन पर (✗) का चिह्न लगाइए (लगाकर)-
(क) सभी हाइड्रोकार्बन कार्बनिक पदार्थ हैं।
(ख) हीरा कार्बन का अक्रिस्टलीय रूप है।
(ग) सुगर चारकोल कार्बन का शुद्धतम अक्रिस्टलीय अपरूप है।
(घ) लकड़ी के चूल्हे की दक्षता सबसे अधिक होती है।
Answer:
(क) सभी हाइड्रोकार्बन कार्बनिक पदार्थ हैं। ✓
(ख) हीरा कार्बन का अक्रिस्टलीय रूप है। ✗
(ग) सुगर चारकोल कार्बन का शुद्धतम अक्रिस्टलीय अपरूप है। ✓
(घ) लकड़ी के चूल्हे की दक्षता सबसे अधिक होती है। ✗
In simple words: सभी हाइड्रोकार्बन कार्बनिक होते हैं, हीरा क्रिस्टलीय है न कि अक्रिस्टलीय, सुगर चारकोल कार्बन का एक शुद्ध अक्रिस्टलीय रूप है, और लकड़ी के चूल्हे की दक्षता अन्य आधुनिक ईंधनों की तुलना में कम होती है।
🎯 Exam Tip: कार्बनिक रसायन के मूलभूत सिद्धांतों को समझें, विशेषकर हाइड्रोकार्बन और कार्बन के विभिन्न अपररूपों की विशेषताओं पर ध्यान दें।
Question 4. संक्षेप में उत्तर दीजिए-
(क) अपररूप क्या होते हैं? कार्बन के अपररूपों का उल्लेख कीजिए।
Answer: अपररूप- वे पदार्थ जो विभिन्न भौतिक गुण परन्तु समान रासायनिक गुण रखते हैं, अपरलैंप कहलाते हैं। कार्बन विभिन्न अपररूपों में मिलता है, जिन्हें निम्न दो भागों में बाँटा गया है-
1. क्रिस्टलीय -
2. अक्रिस्टलीय-
अक्रिस्टलीय रूप के उदाहरण:
1. लकड़ी का कोयला
2. हड्डी का कोयला
3. कोक
4. काजल तथा
5. गैस कार्बन ।
In simple words: अपररूप वे पदार्थ होते हैं जिनके रासायनिक गुण समान होते हैं लेकिन भौतिक गुण भिन्न होते हैं। कार्बन के प्रमुख अपररूपों में क्रिस्टलीय (जैसे हीरा और ग्रेफाइट) और अक्रिस्टलीय (जैसे कोयला और चारकोल) रूप शामिल हैं।
🎯 Exam Tip: अपररूपता की अवधारणा को स्पष्ट रूप से समझें और कार्बन के प्रत्येक अपररूप के विशिष्ट उदाहरणों को याद रखें।
(ख) हीरा तथा ग्रेफाइट के गुणों की तुलना कीजिए।
Answer: ग्रेफाइट तथा हीरे के निम्न गुण स्पष्ट रूप से भिन्न हैं -
1. रंग
2. कार्य
3. पारदर्शिता
4. कठोरता
ग्रेफाइट तथा हीरा दोनों ही अपने गुणों में अधिकांशतः भिन्न हैं। ग्रेफाइट धूसर रंग का काला पदार्थ है। यह स्पर्श करने पर चिकना तथा फिसलने वाला पदार्थ है। जबकि, हीरा पारदर्शक तथा कठोर है। अब तक ज्ञात सबसे अधिक कठोर पदार्थ होने के बावजूद हीरा सरलता से टूट जाता है। बहुत से फलकों वाला क्रिस्टल बनाने के लिए इसे विभिन्न तलों के साथ-साथ काफी सफाई से तोड़ा जाता है। इस पर पड़ने वाली प्रकाश की किरण-पुंज तेजी से बिखर कर अर्थात् परिशोषित होकर एक सजीव इन्द्रधनुष बनाती है। अतः इसको इसके स्थान से थोड़ा-सा हटाने पर यह चमकता है और सुन्दर रंगों के रूप में चिंगारी निकालता हुआ प्रतीत होता है।
ग्रेफाइट तथा हीरों में कार्बन परमाणु विभिन्न तरीकों (पैटर्नो) में परस्पर जुड़े अथवा आबन्धित होते हैं। परमाणुओं के इन्हीं विभिन्न पैट्रनें के कारण ही ये दोनों गुणों में भिन्न-भिन्न होते हैं। ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन परमाणु एक ही तल में अपने पास के अन्य तीन कार्बन परमाणुओं के साथ जुड़ा रहता है। और षट्कोणीय जाल बनाता है। अनेक ऐसे तल एक-दूसरे के ऊपर ढीले-ढाले अथवा आबद्ध रूप में रखे होते हैं। इसी कारण ये तल सरलता से फिसल जाते हैं। इसी गुण के कारण ग्रेफाइट स्पर्श करने पर चिकना और फिसलने वाला पदार्थ लगता है और एक उत्तम स्नेहक के रूप में उपयोग होता है।
हीरे में कार्बन परमाणुओं की व्यवस्था पूर्णतया भिन्न है। प्रत्येक कार्बन परमाणु, अन्य चार कार्बन परमाणुओं के साथ जुड़कर त्रिविमीय (Three dimensions) दृढ़ क्रिस्टल की संरचना बनाता है। इसी अत्यधिक स्थायी संरचना के कारण ही हीरा अब तक ज्ञात पदार्थों में सबसे अधिक कठोर पदार्थ है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र हीरे की क्रिस्टलीय संरचना को दर्शाता है, जिसमें प्रत्येक कार्बन परमाणु चतुष्फलकीय रूप से चार अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है। यह त्रिविमीय नेटवर्क हीरे को अत्यधिक कठोर और स्थिर बनाता है।
In simple words: हीरा बहुत कठोर, पारदर्शी और त्रिविमीय संरचना वाला होता है, जबकि ग्रेफाइट नरम, काला, अपारदर्शी और परतदार षट्कोणीय संरचना वाला होता है। इन भिन्नताओं का कारण कार्बन परमाणुओं की अलग-अलग व्यवस्था है।
🎯 Exam Tip: हीरा और ग्रेफाइट के बीच के संरचनात्मक और गुणगत अंतरों को विस्तार से समझें, क्योंकि ये कार्बन के अपररूपों के सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।
(ग) मेथेन को "मार्श” गैस क्यों कहते हैं?
Answer: मेथेन गैस (CH4) वायु की अनुपस्थिति में दलदली स्थानों पर, पेड़-पौधों और कार्बनिक पदार्थों (मार्श) के गलने-सड़ने से बनती है, इसलिए इसे मार्श गैस कहते हैं।
In simple words: मेथेन गैस दलदली (मार्श) इलाकों में कार्बनिक पदार्थों के सड़ने से बनती है, इसीलिए इसे मार्श गैस कहते हैं।
🎯 Exam Tip: मेथेन के प्राकृतिक स्रोतों और उसके निर्माण की प्रक्रिया को याद रखना, खासकर दलदली स्थानों से इसके संबंध को समझना आवश्यक है।
(घ) पेट्रोल को जीवाश्म ईंधन क्यों कहते हैं?
Answer: पेट्रोल, करोड़ों वर्ष पहले दबे मृत जीव-जन्तु एवं वनस्पति के अपघटन से बने पेट्रोलियम से प्राप्त होता है। इसलिए पेट्रोल को जीवाश्म ईंधन कहते हैं।
In simple words: पेट्रोल मृत जीवों और पौधों के लाखों साल के अपघटन से बनता है, जो इसे जीवाश्म ईंधन बनाता है।
🎯 Exam Tip: जीवाश्म ईंधन की परिभाषा और उनके निर्माण की प्रक्रिया को समझें, जो प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को उजागर करता है।
(ङ) पेट्रोल को तरल सोना क्यों कहते हैं?
Answer: वर्तमान युग में पेट्रोलियम किसी राष्ट्र के लिए सोने से भी अधिक कीमती है, क्योंकि किसी भी राष्ट्र की उन्नति पेट्रोलियम की मात्रा पर निर्भर करती है। कृषि, उद्योग, यातायात एवं संचार आदि विभिन्न कार्यों में इसका उपयोग अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है, इसलिए पेट्रोलियम को तरल सोना कहा जाता है।
In simple words: पेट्रोलियम को 'तरल सोना' कहा जाता है क्योंकि यह आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं में कृषि, उद्योग और परिवहन जैसे क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, और किसी भी देश की आर्थिक प्रगति में इसका अत्यधिक महत्व है।
🎯 Exam Tip: पेट्रोलियम के आर्थिक और वैश्विक महत्व को समझें, विशेष रूप से इसके बहुमुखी उपयोग और राष्ट्रीय विकास पर इसके प्रभाव को।
(च) प्रकृति में कार्बन किन पदार्थों में पाया जाता है?
Answer: प्रकृति में कार्बन - कार्बन एक तत्व है जिसका परमाणु भार 12 है तथा यह स्वतन्त्र अवस्था में प्रकृति में शुद्ध रूप में (हीरे तथा ग्रेफाइट के रूप में) मिलता है। इसके अतिरिक्त संयुक्त अवस्था में पेट्रोलियम, खड़िया तथा चूने के पत्थर में पाया जाता है।
In simple words: कार्बन प्रकृति में अकेले (जैसे हीरा और ग्रेफाइट) और अन्य तत्वों के साथ मिलकर (जैसे पेट्रोलियम, खड़िया और चूना पत्थर) दोनों रूपों में पाया जाता है।
🎯 Exam Tip: कार्बन की बहुमुखी उपस्थिति को जानें, यह समझना महत्वपूर्ण है कि यह कैसे मुक्त अवस्था में और विभिन्न यौगिकों में पाया जाता है।
(छ) लैम्प ब्लैक क्या होता है?
Answer: लैम्प ब्लैक मोम अथवा तेल को वायु की सीमित मात्रा में जलाने पर प्राप्त कालिख को कहते हैं।
In simple words: लैम्प ब्लैक एक प्रकार की कालिख है जो मोम या तेल को कम हवा में जलाने पर बनती है।
🎯 Exam Tip: लैम्प ब्लैक के निर्माण की प्रक्रिया और उसके सामान्य अनुप्रयोगों को याद रखना उपयोगी है।
(ज) हाइड्रोकार्बन यौगिक कितने प्रकार के होते हैं?
Answer: हाइड्रोकार्बन यौगिक दो प्रकार के होते हैं –
1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन
2. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन
In simple words: हाइड्रोकार्बन दो प्रकार के होते हैं - संतृप्त, जिनमें एकल बंध होते हैं, और असंतृप्त, जिनमें दोहरा या तिहरा बंध होता है।
🎯 Exam Tip: संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें, जिसमें उनके बंधन प्रकार शामिल हैं।
(झ) रॉकेट ईंधन के दो उदाहरण दीजिए ।
Answer: मेथिल हाइड्रोजन तथा द्रवित हाइड्रोजन।
In simple words: रॉकेट ईंधन के दो मुख्य उदाहरण मेथिल हाइड्रोजन और द्रवित हाइड्रोजन हैं, जिनका उपयोग अंतरिक्ष यानों को शक्ति देने के लिए किया जाता है।
🎯 Exam Tip: रॉकेट ईंधन के विशिष्ट उदाहरणों को जानें और उनके उच्च ऊर्जा घनत्व के महत्व को समझें।
(ट) पेट्रोलियम गैस किन गैसों का मिश्रण है?
Answer: पेट्रोलियम गैस ब्यूटेन एवं प्रोपेन गैसों का मिश्रण है।
In simple words: पेट्रोलियम गैस, जिसे LPG भी कहते हैं, मुख्य रूप से ब्यूटेन और प्रोपेन गैसों का मिश्रण होती है।
🎯 Exam Tip: पेट्रोलियम गैस (LPG) के प्राथमिक घटकों को याद रखें, जो घरों में ईंधन के रूप में इसके उपयोग के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Question 5. लकड़ी, कण्डे, खेतों में धान व गेहूँ के पुआल जलाने से होने वाले प्रदूषण के कारण पर्यावरण पर होने वाले प्रभाव का वर्णन कीजिए ।
Answer: लकड़ी, कण्डे, गेहूँ व धान के पुआल (पराली), कोयला, पेट्रोल, एल.पी.जी. के जलने से कार्बन डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न होती है। खेतों में धान व गेहूँ के पुआल (पराली जलाने से वायुमण्डल में धुएँ का कोहरा छा जाता है। जिससे आँखों में जलन व साँस लेने में तकलीफ होती है तथा वायुमण्डल में कार्बन डाईऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है।
In simple words: लकड़ी, कंडे और पराली जलाने से भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है, जो हवा को प्रदूषित करती है, धुआँ और कोहरा पैदा करती है, जिससे आँखों में जलन, साँस लेने में कठिनाई होती है, और पर्यावरण में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ती है।
🎯 Exam Tip: वायु प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों और उनके पर्यावरणीय और स्वास्थ्य प्रभावों को विस्तार से जानें, विशेष रूप से कृषि अपशिष्ट जलाने के संदर्भ में।
Question 6. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
(क) ईंधन क्या है? ईंधन का वर्गीकरण उदाहरण सहित कीजिए।
Answer: ईंधन से दहन क्रिया द्वारा ऊर्जा प्राप्त होती है। ईंधन करोड़ों वर्ष पूर्व पृथ्वी के अन्दर दबे मृत जीव-जन्तु, वनस्पतियों के अपघटन द्वारा प्राप्त पेट्रोलियम के शोधन से प्राप्त किया जाता है। ईंधन तीन अवस्थाओं में पाया जाता है
1. ठोस ईंधन - चारकोल, कोयला आदि ।
2. द्रव ईंधन - डीजल, पेट्रोल आदि ।
3. गैस ईंधन - गोबर गैस, एल०पी०जी० आदि ।
ईंधन का वर्गीकरण पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से प्राप्त प्रभाजों के क्वथनांक के आधार पर किया गया है।
| प्रभाज का नाम | क्वथनांक | उपयोग |
|---|---|---|
| 1. असंघनित गैसें (पेट्रोलियम गैस) | 40°C तक | सिलेंडर, गैस स्टोव में |
| 2. पेट्रोल (गैसोलिन गैस) | 40°C से 170°C तक | ऑटोमोबाइल इंजन में |
| 3. केरोसिन (मिट्टी का तेल) | 170°C से 250°C तक | जेट ईंधन, घरेलू ईंधन में |
| 4. ईंधन तेल | 250°C से 350°C तक | शक्ति संयत्र ईंधन के रूप में |
| 5. डीजल | 350°C से 400°C तक | मोटर तथा इंजन में |
| 6. अपशिष्ट तेल | 400° से ऊपर |
In simple words: ईंधन वे पदार्थ होते हैं जिनसे दहन द्वारा ऊर्जा मिलती है। इन्हें ठोस (कोयला), द्रव (पेट्रोल) और गैस (LPG) अवस्थाओं में वर्गीकृत किया जाता है, और पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन से विभिन्न ईंधनों को उनके क्वथनांक के आधार पर अलग किया जाता है।
🎯 Exam Tip: ईंधन के प्रकार, उनके भौतिक अवस्था के अनुसार वर्गीकरण, और पेट्रोलियम के प्रभाजी आसवन की प्रक्रिया को याद रखना महत्वपूर्ण है।
(ख) हीरा में कार्बन परमाणु किस प्रकार व्यवस्थित रहते हैं? चित्र की सहायता से समझाइए ।
Answer: हीरा कार्बन का एक पारदर्शी क्रिस्टलीय अपरूप है। इसमें कार्बन का एक परमाणु चार परमाणुओं से जुड़ा होता है। कार्बन परमाणुओं की चतुष्फलकीय व्यवस्था के कारण यह पूर्णतः आबद्ध कठोर तथा त्रिविमीय, संरचना चित्रानुसार होती है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र हीरे की परमाणु संरचना को दर्शाता है, जहाँ प्रत्येक कार्बन परमाणु चतुष्फलकीय रूप से चार अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है। यह व्यवस्था एक अत्यंत दृढ़, त्रिविमीय जाली का निर्माण करती है, जो हीरे को उसकी असाधारण कठोरता प्रदान करती है।
In simple words: हीरे में, प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य कार्बन परमाणुओं से एक मजबूत त्रिविमीय चतुष्फलकीय संरचना में जुड़ा होता है, जिससे यह अत्यंत कठोर और स्थिर बनता है।
🎯 Exam Tip: हीरे की अद्वितीय त्रिविमीय संरचना और उसके कठोरता से संबंध को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उसके गुणों का आधार है।
(ग) हीरा का उपयोग आभूषण बनाने में क्यों किया जाता है?
Answer: हीरे को सरलता से भिन्न-भिन्न तल में तोड़कर कई फलक वाले क्रिस्टल बनाए जा सकते हैं, जिससे इस पर पड़ने वाला प्रकाश पूँज विभक्त होकर शीघ्रता से इन्द्रधनुषी रंग बनाता है। यह थोड़ी-सी भी हलचल से झिलमिलाता है और सुन्दर रंगों वाला स्फुलिंग उत्पन्न करता है। अतः हीरे के उपयोग से आभूषण की सुन्दरता बढ़ जाती है। इसी कारण हीरे का उपयोग आभूषण बनाने में किया जाता है।
In simple words: हीरा अपनी कठोरता, चमक और प्रकाश को इंद्रधनुषी रंगों में बिखेरने की क्षमता के कारण आभूषणों में उपयोग किया जाता है, जो इसे अत्यंत सुंदर और आकर्षक बनाता है।
🎯 Exam Tip: हीरे के ऑप्टिकल गुणों को जानें, जैसे कि प्रकाश का अपवर्तन और प्रकीर्णन, जो आभूषणों में इसकी सुंदरता का कारण बनते हैं।
(घ) सुगर चारकोल का उपयोग लिखिए।
Answer: सुगर चारकोल का उपयोग अपचायक के रूप में होता है। यह धातु ऑक्साइड को धातु के रूप में अपचयित करता है।
In simple words: सुगर चारकोल का उपयोग मुख्य रूप से एक अपचायक के रूप में होता है, जो धातु ऑक्साइड से धातुओं को अलग करने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: अपचायक के रूप में सुगर चारकोल की भूमिका और इसके रासायनिक अनुप्रयोगों को याद रखें।
Question 7. निम्नलिखित प्रश्नों में चार-चार पद हैं। प्रत्येक प्रश्न में तीन पद किसी-न-किसी रूप में एक से हैं और एक पद अन्य तीनों से भिन्न है। अन्य से भिन्न पद की पहचान कर अभ्यास-पुस्तिका में लिखिए (लिखकर) –
(क) हीरा, कोयला, जन्तु चारकोल, काजल
Answer: (क) काजल,
In simple words: हीरा, कोयला और जन्तु चारकोल कार्बन के प्राकृतिक या अक्रिस्टलीय अपररूप हैं, जबकि काजल एक कृत्रिम उत्पाद है।
🎯 Exam Tip: कार्बन के विभिन्न अपररूपों और उनके प्राकृतिक या मानव निर्मित स्रोतों को पहचानना सीखें।
(ख) मेथेन, इथेन, प्रोपेन, इथलीन
Answer: (ख) इथलीन
In simple words: मेथेन, इथेन और प्रोपेन संतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्केन) हैं, जबकि इथलीन एक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्कीन) है जिसमें एक दोहरा बंधन होता है।
🎯 Exam Tip: संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन के बीच अंतर को जानें और उनके सामान्य उदाहरणों को याद रखें।
(ग) एल०पी०जी० गैस, पेट्रोल, डीजल, लकड़ी
Answer: (ग) लकड़ी
In simple words: एल०पी०जी० गैस, पेट्रोल और डीजल पेट्रोलियम उत्पाद हैं, जबकि लकड़ी एक बायोमास ईंधन है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के ईंधनों और उनके स्रोतों को समझें, विशेषकर जीवाश्म ईंधन और बायोमास ईंधन के बीच का अंतर।
(घ) खाने का सोडा, चीनी, रोटी, नमक
Answer: (घ) रोटी
In simple words: खाने का सोडा, चीनी और नमक रासायनिक यौगिक या तत्व हैं, जबकि रोटी एक जटिल खाद्य पदार्थ है जिसमें कई यौगिक शामिल होते हैं।
🎯 Exam Tip: सामान्य घरेलू वस्तुओं की रासायनिक प्रकृति को पहचानें और उन्हें उनके मूल घटकों के आधार पर वर्गीकृत करें।
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