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Detailed Chapter 18 क्षेत्रमिति (माप) UP Board Solutions for Class 8 Maths
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Class 8 Maths Chapter 18 क्षेत्रमिति (माप) UP Board Solutions PDF
क्षेत्रमिति (मेंसुरेशन)
Exercise 18 (A)
Question 1. एक समलम्ब की समांतर भुजाएँ 3 सेमी और 4 सेमी है। इनके बीच की दूरी 3 सेमी है। क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
उत्तर
b₁ = 3 सेमी, b₂ = 4 सेमी, h = 3 सेमी
अतः समलम्ब का क्षेत्रफल = \( \frac{1}{2} \) × (समान्तर भुजाओं का योग) × ऊँचाई
\( \implies = \frac{1}{2} (b_1 + b_2) h \)
\( \implies = \frac{1}{2} \times (3+4) \times 3 = \frac{1}{2} \times 7 \times 3 \)
\( \implies = \frac{21}{2} = 10.5 \) वर्ग सेमी
In simple words: हमने समलम्ब की समांतर भुजाओं और उनके बीच की दूरी का उपयोग करके समलम्ब का क्षेत्रफल ज्ञात करने के सूत्र \( \frac{1}{2} \times (\text{भुजाओं का योग}) \times \text{ऊँचाई} \) का प्रयोग किया। सभी मानों को सूत्र में रखने पर, हमें 10.5 वर्ग सेमी का क्षेत्रफल प्राप्त हुआ।
🎯 Exam Tip: समलम्ब का क्षेत्रफल ज्ञात करते समय समांतर भुजाओं की पहचान करना और ऊँचाई को सही ढंग से प्रयोग करना महत्वपूर्ण है। इकाइयों (जैसे सेमी, वर्ग सेमी) का सही उल्लेख करें।
Question 2. 3 सेमी ऊँचाई के समलम्ब का क्षेत्रफल 36 वर्ग सेमी है। इसकी समांतर भुजाओं में से एक भुजा की लम्बाई 9 सेमी सेमी है। दूसरी समांतर भुजा की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer:
उत्तर
b₁ = 9 सेमी, h = 3 सेमी तथा समलम्ब का क्षेत्रफल = 36 वर्ग सेमी
अतः समलम्ब का क्षेत्रफल = \( \frac{1}{2} \) × (समान्तर भुजाओं का योग) × ऊँचाई
\( \implies = \frac{1}{2} (b_1 + b_2) h \)
\( \implies 36 = \frac{1}{2} \times (9 + b_2) \times 3 \)
\( \implies 72 = (9 + b_2) \times 3 \)
\( \implies 72 = 27 + 3b_2 \)
\( \implies 72 - 27 = 3b_2 \)
\( \implies 45 = 3b_2 \)
\( \implies b_2 = \frac{45}{3} = 15 \) सेमी
अतः दूसरी समान्तर भुजा की लम्बाई = 15 सेमी
In simple words: हमने समलम्ब के दिए गए क्षेत्रफल, ऊँचाई और एक समांतर भुजा का उपयोग करके दूसरी समांतर भुजा की लंबाई ज्ञात की। क्षेत्रफल के सूत्र में ज्ञात मानों को रखकर हमने समीकरण को हल किया और दूसरी भुजा की लंबाई 15 सेमी प्राप्त की।
🎯 Exam Tip: जब अज्ञात भुजा ज्ञात करनी हो, तो सूत्र को सही ढंग से व्यवस्थित करें और बीजगणितीय चरणों को सावधानी से करें। गुणा और भाग के क्रम का ध्यान रखें।
Question 3. निम्नांकित चतुर्भुज ABCD में AB || CD और AD - AB, AB = 8 सेमी, BC = DC=5 सेमी । समलम्ब ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक समलम्ब ABCD का चित्र है जिसमें AB और CD समांतर भुजाएँ हैं, तथा AD, AB पर लम्ब है। D से AB पर एक लम्ब CE खींचा गया है। भुजाओं की लंबाइयाँ दी गई हैं: AB = 8 सेमी, BC = 5 सेमी, CD = 5 सेमी। बिंदु E, AB पर इस प्रकार है कि AE = CD. एक समकोण त्रिभुज CBE भी दर्शाया गया है।
उत्तर
AB = 8 सेमी, BC = CD = AE = 5 सेमी
BE = AB - AE = 8 - 5 = 3 सेमी
△ CBE में, पाइथागोरस प्रमेय से,
\( \implies BC^2 = CE^2 + EB^2 \)
\( \implies 5^2 = CE^2 + 3^2 \)
\( \implies CE^2 = 25 - 9 = 16 \)
\( \implies CE = \sqrt{16} = 4 \) सेमी
अतः समलम्ब का क्षेत्रफल = \( \frac{1}{2} \) × (समान्तर भुजाओं का योग) × ऊँचाई
\( \implies = \frac{1}{2} \times (b_1 + b_2) h = \frac{1}{2} \times (5 + 8) \times 4 \)
\( \implies = 13 \times 2 = 26 \) वर्ग सेमी
In simple words: हमने पहले पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके समलम्ब की ऊँचाई (CE) ज्ञात की। फिर, समांतर भुजाओं (AB और CD) और ज्ञात ऊँचाई का उपयोग करके समलम्ब के क्षेत्रफल के सूत्र को लागू किया, जिससे हमें 26 वर्ग सेमी का क्षेत्रफल प्राप्त हुआ।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, दिए गए चतुर्भुज को पहचानना और यदि आवश्यक हो, तो ऊँचाई ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। सभी भुजाओं की पहचान सावधानी से करें।
Question 4. एक समलम्ब की समांतर भुजाएँ 8 मी० और 6 मी० हैं और इसकी ऊँचाई 4 मी० है । समलम्ब का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
उत्तर
b₁ = 8 मीटर, b₂ = 6 मीटर तथा h = 4 मीटर
अतः समलम्ब का क्षेत्रफल = \( \frac{1}{2} \) × (b₁+b₂) × h
\( \implies = \frac{1}{2} \times (8 + 6) \times 4 \)
\( \implies = 14 \times 2 = 28 \) वर्ग सेमी
In simple words: हमने समलम्ब की दी गई समांतर भुजाओं (8 मीटर और 6 मीटर) और ऊँचाई (4 मीटर) का उपयोग करके सीधे समलम्ब के क्षेत्रफल का सूत्र लगाया, जिससे हमें 28 वर्ग सेमी का क्षेत्रफल मिला।
🎯 Exam Tip: समलम्ब के क्षेत्रफल का सूत्र \( \frac{1}{2} \times (\text{समांतर भुजाओं का योग}) \times \text{ऊँचाई} \) को याद रखें। सभी मानों को सही इकाइयों के साथ प्रतिस्थापित करें।
Question 5. एक समलम्बाकार क्षेत्र का क्षेत्रफल 270 मी' है और उसकी ऊँचाई 15 मीटर है। यदि समान्तर भुजाओं में से एक, दूसरी की दो गुनी हो, तो दोनों समान्तर भुजाओं की लम्बाई ज्ञात कीजिए ।
Answer:
उत्तर
समलम्बाकार क्षेत्र के लिए क्षेत्रफल = \( \frac{1}{2} (b_1 + b_2) \times h \)
यहाँ क्षेत्रफल = 270 मी०²
ऊँचाई (h) = 15 मी०²
अतः माना समलम्बाकार की
पहली भुजा (b₁) = x मी०
दूसरी भुजा (b₂) = 2x मी०
प्रश्नानुसार,
\( \implies 270 = \frac{1}{2} \times (x + 2x) \times 15 \)
\( \implies 270 = \frac{1}{2} (3x) \times 15 \)
\( \implies (3x) \times 15 = 270 \times 2 \)
\( \implies x = \frac{270 \times 2}{3 \times 15} \)
\( \implies x = 12 \)
अतः समलम्बाकार की पहली भुजा = 12 मी० तथा दूसरी भुजा = 24 मी०
In simple words: हमने समलम्ब के क्षेत्रफल, ऊँचाई और समांतर भुजाओं के बीच के संबंध (एक भुजा दूसरी की दोगुनी) का उपयोग किया। अज्ञात भुजा 'x' को प्रतिस्थापित करके, हमने समीकरण हल किया और पाया कि भुजाएँ 12 मीटर और 24 मीटर लंबी हैं।
🎯 Exam Tip: जब भुजाओं के बीच संबंध दिया गया हो, तो चर (जैसे x) का उपयोग करें और समीकरण को सही ढंग से सेट करें। बीजगणितीय गणनाओं में सावधानी बरतें।
Exercise 18 (B)
Question 1. लोहे के पतले तार से समान व्यास वाले 8 छल्ले बनाए जाते हैं। यदि एक छल्ले का व्यास 22.75 सेमी हो, तो छल्लों को बनाने में कितना मीटर तार लगेगा?
Answer:
उत्तर
एक छल्ले का व्यास = 22.75 सेमी
एक छल्ले की त्रिज्या = \( \frac{22.75}{2} \) = 11.375 सेमी
\( \therefore \) परिधि = \( 2\pi r = 2 \times \frac{22}{7} \times 11.375 = 71.5 \) सेमी
\( \therefore \) 8 छल्लों के लिए तार की आवश्यकता = \( 71.5 \times 8 \) सेमी
\( \implies = 572 \) सेमी = 5.72 मीटर
In simple words: हमने पहले एक छल्ले का व्यास दिया होने पर उसकी परिधि ज्ञात की। चूंकि 8 समान छल्ले बनाने हैं, हमने एक छल्ले की परिधि को 8 से गुणा किया, जिससे हमें आवश्यक कुल तार की लंबाई 572 सेमी, या 5.72 मीटर प्राप्त हुई।
🎯 Exam Tip: व्यास से त्रिज्या ज्ञात करने में सावधानी बरतें (\( r = d/2 \))। परिधि का सूत्र (\( 2\pi r \)) याद रखें और अंतिम उत्तर को उचित इकाई (मीटर) में बदलना न भूलें।
Question 2. हॉकी के डंडे (स्टिक) पर पतली डोरी लपेटनी है। यदि डंडे का व्यास 4.9 सेमी हो और 250 फेरे लगाने हों, तो कितनी लम्बी डोरी की आवश्यकता होगी?
Answer:
उत्तर
\( \therefore \) डंडे का व्यास = 4.9 सेमी, त्रिज्या = \( \frac{4.9}{2} = 2.45 \) सेमी
\( \therefore \) डंडे की परिधि = \( 2\pi r = 2 \times \frac{22}{7} \times 2.45 = 15.4 \) सेमी
अतः 250 फेरों के लिए डोरी की आवश्यकता = \( 15.4 \times 250 = 3850 \) सेमी
\( \implies = \frac{3850}{100} \) मीटर = 38.50 मीटर
In simple words: हमने पहले हॉकी स्टिक के व्यास से उसकी त्रिज्या और फिर एक फेरे की परिधि ज्ञात की। चूंकि 250 फेरे लगाने हैं, हमने एक फेरे की परिधि को 250 से गुणा करके कुल आवश्यक डोरी की लंबाई 3850 सेमी, या 38.50 मीटर, प्राप्त की।
🎯 Exam Tip: इस तरह के सवालों में, एक चक्कर (या एक फेरे) में तय की गई दूरी वृत्त की परिधि के बराबर होती है। कुल दूरी ज्ञात करने के लिए फेरों की संख्या से गुणा करें और इकाइयों का सही रूपांतरण सुनिश्चित करें।
Question 3. एक साइकिल के पहिए का व्यास 77 सेमी है। 2.42 किमी० चलने में पहिया कितने चक्कर लगाएगा?
Answer:
उत्तर
\( \therefore \) साइकिल के पहिए का व्यास = 77 सेमी, त्रिज्या = \( \frac{77}{2} = 38.5 \) सेमी
पहिए की परिधि = \( 2\pi r = 2 \times \frac{22}{7} \times 38.5 = 242 \) सेमी
कुल चली दूरी = 2.42 किमी
\( \implies = 2.42 \times 1000 \times 100 \) सेमी = 242000 सेमी
242 सेमी चलने में पहिया लगाता है = 1 चक्कर
\( \therefore \) 242000 सेमी चलने में पहिया लगाएगा = \( \frac{242000}{242} = 1000 \) चक्कर
In simple words: हमने पहले पहिए की परिधि ज्ञात की, जो एक चक्कर में तय की गई दूरी है। फिर, कुल चली गई दूरी को सेमी में बदला और उसे एक चक्कर में तय की गई दूरी से विभाजित करके कुल चक्करों की संख्या 1000 प्राप्त की।
🎯 Exam Tip: दूरी और परिधि की इकाइयों को संगत रखना महत्वपूर्ण है (सभी को सेमी में बदलें)। "कितने चक्कर लगाएगा" का अर्थ है कुल दूरी को एक चक्कर की दूरी से विभाजित करना।
Question 4. दौड़ के लिए एक वृत्ताकार पथ बनाना है, जिससे कि 8 चक्कर में एक किलोमीटर पूरा हो जाए। निकटतम डेसीमी तक पथ का व्यास ज्ञात कीजिए।
Answer:
उत्तर
\( \therefore \) 8 चक्कर में चली गई दूरी = 1 किमी = 1000 मी = 10000 डेसीमी
\( \implies \) 1 चक्कर में चली गई दूरी = \( \frac{10000}{8} \) डेसीमी = 1250 डेसीमी
\( \implies \) वृत्ताकार पथ की परिधि = 1250 डेसीमी
\( \implies \pi \times \text{व्यास} = 1250 \) डेसीमी
\( \implies \frac{22}{7} \times \text{व्यास} = 1250 \) डेसीमी
व्यास = \( \frac{1250 \times 7}{22} = 397.7 \) डेसीमी
In simple words: हमने पहले कुल दूरी को डेसीमी में बदलकर और 8 से विभाजित करके एक चक्कर में तय की गई दूरी निकाली, जो पथ की परिधि है। फिर, परिधि के सूत्र (\( \pi \times \text{व्यास} \)) का उपयोग करके, हमने पथ का व्यास लगभग 397.7 डेसीमी ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: इकाइयों के रूपांतरण (किमी से डेसीमी) में सावधानी बरतें। परिधि से व्यास ज्ञात करते समय \( \pi \) के मान का सही उपयोग करें और उत्तर को निकटतम डेसीमी तक पूर्णांकित करें।
Question 5. 66 सेमी चाँदी के तार से बराबर नाप के 10 छल्ले बनाता है। प्रत्येक छल्ले का व्यास क्या होगा?
Answer:
उत्तर
चाँदी के तार की कुल लम्बाई = 66 सेमी
बराबर नाप के 10 छल्लों में लगा चाँदी का तार = \( 10 \times 2\pi r = 20\pi r \)
प्रश्नानुसार,
\( \implies 20\pi r = 66 \)
\( \implies r = \frac{66}{20\pi} = \frac{66 \times 7}{20 \times 22} = 1.05 \)
अतः प्रत्येक छल्ले का व्यास = \( 2r = 2 \times 1.05 = 2.1 \) सेमी
In simple words: हमने कुल तार की लंबाई को 10 छल्लों में समान रूप से विभाजित किया, जिससे प्रत्येक छल्ले की परिधि ज्ञात हुई। फिर, परिधि के सूत्र (\( 2\pi r \)) का उपयोग करके हमने त्रिज्या (r) निकाली और अंत में व्यास (2r) 2.1 सेमी प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक छल्ले की परिधि कुल तार की लंबाई को छल्लों की संख्या से विभाजित करने पर प्राप्त होती है। त्रिज्या से व्यास पर स्विच करते समय \( \times 2 \) करना न भूलें।
Question 6. पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी लगभग 384000 किमी है। यदि पृथ्वी के चारों ओर इसका पथ वृत्ताकार हो, तो चंद्रमा के पथ की परिधि ज्ञात कीजिए।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा के वृत्ताकार पथ को दर्शाता है। पृथ्वी केंद्र में है और चंद्रमा एक वृत्ताकार कक्षा में चक्कर लगा रहा है। पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी को त्रिज्या के रूप में दिखाया गया है, जिस पर चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है।
उत्तर
\( \therefore \) चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी = 384000 किमी
\( \implies \) चंद्रमा के वृत्ताकार पथ की त्रिज्या = 384000 किमी
अतः चंद्रमा के पथ की परिधि = \( 2\pi r = 2 \times \frac{22}{7} \times 384000 \)
\( \implies = 2413714.29 \) किमी
In simple words: हमने पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी को वृत्ताकार पथ की त्रिज्या मानकर, वृत्त की परिधि के सूत्र \( 2\pi r \) का उपयोग किया। मानों को सूत्र में रखने पर, हमें चंद्रमा के पथ की कुल परिधि लगभग 2413714.29 किमी प्राप्त हुई।
🎯 Exam Tip: प्रश्न में दी गई दूरी को त्रिज्या के रूप में पहचानना महत्वपूर्ण है। परिधि के सूत्र का सही उपयोग करें और गणना में सटीकता सुनिश्चित करें।
Question 7. दो वृत्तों की त्रिज्याओं का अनुपात 2:3 है। इनके परिधियों का अनुपात ज्ञात कीजिए ।
Answer:
उत्तर
माना वृत्त की त्रिज्याएँ \( r_1 \) और \( r_2 \) है ।
प्रश्नानुसार, \( \frac{r_1}{r_2} = \frac{2}{3} \)
अतः वृत्त की परिधि का अनुपात = \( \frac{2\pi r_1}{2\pi r_2} = \frac{r_1}{r_2} = \frac{2}{3} = 2:3 \)
In simple words: चूंकि वृत्त की परिधि का सूत्र (\( 2\pi r \)) त्रिज्या के सीधे आनुपातिक होता है, इसलिए यदि त्रिज्याओं का अनुपात 2:3 है, तो उनकी परिधियों का अनुपात भी 2:3 होगा।
🎯 Exam Tip: परिधि और त्रिज्या के बीच सीधा संबंध समझें। \( 2\pi \) एक स्थिरांक है, इसलिए अनुपात ज्ञात करते समय यह कट जाता है, जिससे केवल त्रिज्याओं का अनुपात बचता है।
Question 8. एक वृत्ताकार घास के मैदान के आर पार जाने के दो रास्ते हैं। एक व्यास से होकर और दूसरा परिधि से होकर । यदि इन दोनों रास्तों में 16.4 मीटर का अंतर हो, तो घास के मैदान का व्यास और परिधि ज्ञात कीजिए।
Answer:
उत्तर
\( \therefore \) वृत्त के व्यास और परिधि में अन्तर = 16.4 मीटर
\( \implies 2\pi r - 2r = 16.4 \)
\( \implies 2r (\pi - 1) = 16.4 \)
\( \implies r (3.14-1) = \frac{16.4}{2} \)
\( \implies r (2.14) = 8.2 \)
\( \implies r = \frac{8.2}{2.14} \implies r = 3.83 \)
अतः मैदान का व्यास = \( 2r = 2 \times 3.83 = 7.66 \) मीटर
तथा मैदान की परिधि = \( 2\pi r = 2 \times \frac{22}{7} \times 3.83 = 24.07 \) मीटर
In simple words: हमने व्यास और परिधि के बीच का अंतर (\( 2\pi r - 2r \)) दिया होने पर त्रिज्या (r) के लिए एक समीकरण बनाया। इसे हल करके हमने त्रिज्या 3.83 मीटर पाई, जिससे व्यास 7.66 मीटर और परिधि 24.07 मीटर ज्ञात हुई।
🎯 Exam Tip: वृत्त के आर-पार व्यास के रास्ते और परिधि के रास्ते के बीच का अंतर (\( 2\pi r - 2r \)) के बराबर होता है। \( \pi \) का मान 3.14 या \( \frac{22}{7} \) का उपयोग करके गणनाओं में सटीकता सुनिश्चित करें।
Question 9. पृथ्वी की भूमध्य रेखा की लम्बाई (परिधि) 40040 किमी है। यदि इस रेखा के ऊपर 7000 किमी की ऊँचाई पर एक स्पुतनिक लगातार उड़े तो पृथ्वी का एक चक्कर करने में उसे कितनी दूरी तय करनी पड़ेगी?
Answer:
उत्तर
पृथ्वी की परिधि = 40040 किमी
\( \implies 2\pi r = 40040 \)
\( \implies r = \frac{40040}{2\pi} = \frac{40040 \times 7}{2 \times 22} = 6370 \) किमी
स्पुतनिक की उड़ान के लिए मार्ग की त्रिज्या (\( r_1 \)) = \( 6370 + 7000 = 13370 \) किमी
अतः पृथ्वी का एक चक्कर लगाने के लिए कुल दूरी तय करनी होगी = \( 2\pi r_1 \)
\( \implies = 2 \times \frac{22}{7} \times 13370 = 84040 \) किमी।
In simple words: हमने पृथ्वी की परिधि से उसकी त्रिज्या ज्ञात की। फिर, इस त्रिज्या में स्पुतनिक की ऊँचाई को जोड़कर स्पुतनिक के पथ की नई त्रिज्या निकाली। अंत में, इस नई त्रिज्या का उपयोग करके स्पुतनिक द्वारा एक चक्कर में तय की गई कुल दूरी (परिधि) 84040 किमी ज्ञात की।
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि स्पुतनिक की उड़ान की त्रिज्या पृथ्वी की त्रिज्या और उड़ान की ऊँचाई का योग है। परिधि सूत्र (\( 2\pi r \)) का उपयोग करें और सभी दूरियों को किलोमीटर में रखें।
Exercise 18 (C)
Question 1. उस वृत्त का क्षेत्रफल बताइए जिसको व्यास 14 डेसीमी० है।
Answer:
उत्तर
वृत्त का व्यास = 14 डेसीमी०, त्रिज्या = \( \frac{14}{2} = 7 \) डेसीमी०
वृत्त का क्षेत्रफल = \( \pi r^2 = \frac{22}{7} \times 7 \times 7 = 154 \) वर्ग डेसीमी०
In simple words: हमने वृत्त के व्यास से उसकी त्रिज्या ज्ञात की, जो 7 डेसीमी है। फिर, वृत्त के क्षेत्रफल के सूत्र (\( \pi r^2 \)) का उपयोग करके, हमने वृत्त का क्षेत्रफल 154 वर्ग डेसीमी प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: वृत्त के क्षेत्रफल के लिए सही सूत्र (\( \pi r^2 \)) का उपयोग करें। व्यास से त्रिज्या निकालते समय \( r = d/2 \) का ध्यान रखें और इकाइयों को वर्ग डेसीमी में दें।
Question 2. एक वृत्ताकार दफ्ती का क्षेत्रफल \( 9\frac{5}{8} \) वर्ग डेसीमी० है। उनका व्यास बताइए ।
Answer:
उत्तर
वृत्ताकार दफ्ती का क्षेत्रफल = \( 9\frac{5}{8} \) वर्ग डेसीमी० = \( \frac{77}{8} \) वर्ग डेसीमी०
\( \implies \pi r^2 = \frac{77}{8} \)
\( \implies \frac{22}{7} \times r^2 = \frac{77}{8} \)
\( \implies r^2 = \frac{77 \times 7}{8 \times 22} = \frac{539}{176} = 3.0625 \)
\( \implies r = \sqrt{3.0625} = 1.75 \)
अतः वृत्ताकार दफ्ती का व्यास = \( 2 \times 1.75 = 3.5 \) डेसीमी०
In simple words: हमने दिए गए क्षेत्रफल से त्रिज्या (r) ज्ञात करने के लिए वृत्त के क्षेत्रफल के सूत्र (\( \pi r^2 \)) का उपयोग किया। समीकरण को हल करके हमने r = 1.75 डेसीमी पाया, और फिर व्यास (2r) 3.5 डेसीमी प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: मिश्रित भिन्न को अनुचित भिन्न में बदलना सुनिश्चित करें। \( r^2 \) का मान ज्ञात करने के बाद वर्गमूल लेना न भूलें और अंत में व्यास (\( 2r \)) ज्ञात करें।
Question 3. 28 सेमी भुजा की लोहे की वर्गाकार चादर से दयाराम लोहार बड़े से बड़ा वृत्ताकार संमतलीय तवा तैयार करता है। तवे का क्षेत्रफल बताइए। कितनी चादर बची रहेगी?
Answer:
उत्तर
प्रश्नानुसार, काटे गए महत्तम वृत्ताकार समतलीय तवा का व्यास = 28 सेमी
वृत्ताकार तवे की त्रिज्या = \( \frac{28}{2} = 14 \) सेमी
तवे का क्षेत्रफल = \( \pi (14)^2 = \frac{22}{7} \times 14 \times 14 = 616 \) वर्ग सेमी
लोहे की वर्गाकार चादर का क्षेत्रफल = भुजा² = \( (28)^2 = 28 \times 28 = 784 \) वर्ग सेमी
शेष बची चादर का क्षेत्रफल = वर्ग का क्षेत्रफल - तवे का क्षेत्रफल
\( \implies = 784 - 616 = 168 \) वर्ग सेमी
In simple words: हमने पहले वर्गाकार चादर की भुजा को अधिकतम वृत्ताकार तवे के व्यास के रूप में मानकर तवे की त्रिज्या निकाली। फिर, तवे का क्षेत्रफल और वर्गाकार चादर का क्षेत्रफल ज्ञात किया। अंत में, चादर के क्षेत्रफल से तवे का क्षेत्रफल घटाकर शेष बची चादर का क्षेत्रफल 168 वर्ग सेमी प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि सबसे बड़ा वृत्त जो एक वर्ग से काटा जा सकता है, उसका व्यास वर्ग की भुजा के बराबर होगा। वर्ग और वृत्त दोनों के क्षेत्रफल के सूत्रों का सही उपयोग करें।
Question 4. एक अर्द्ध वृत्ताकार साइनबोर्ड की रंगाई का खर्च 15 पैसा प्रति वर्ग सेमी की दर से Rs. 49.50 है। यदि भीतरी अर्द्धवृत्त का व्यास 28 सेमी हो, तो बोर्ड की चौड़ाई बताइए ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक अर्द्धवृत्ताकार बोर्ड को दर्शाता है जिसके भीतर एक छोटा अर्द्धवृत्त है। बाहरी और भीतरी अर्द्धवृत्त के बीच का क्षेत्र रंगीन है। भीतरी अर्द्धवृत्त का व्यास 28 सेमी है और बाहरी अर्द्धवृत्त की त्रिज्या R है। दोनों अर्द्धवृत्त एक ही केंद्र पर हैं।
उत्तर
\( \therefore \) भीतरी अर्द्धवृत्त का व्यास = 28 सेमी
भीतरी अर्द्धवृत्त की त्रिज्या r = 14 सेमी
भीतरी अर्द्धवृत्त का क्षेत्रफल = \( \frac{1}{2} \pi r^2 = \frac{1}{2} \times \frac{22}{7} \times 14 \times 14 = 308 \) वर्ग सेमी
माना बाहरी अर्द्धवृत्त की त्रिज्या = R सेमी
तब बाहरी अर्द्धवृत्त का क्षेत्रफल = \( \frac{1}{2} \pi R^2 \) सेमी²
रँगाई का कुल खर्च = Rs. 49.50 = 4950 पैसे
रँगाई का कुल क्षेत्रफल = \( \frac{4950}{15} = 330 \) वर्ग सेमी०
प्रश्नानुसार,
\( \implies \frac{1}{2} \pi R^2 - 308 = 330 \)
\( \implies \frac{1}{2} \pi R^2 = 330 + 308 \)
\( \implies \frac{1}{2} \pi R^2 = 638 \)
\( \implies \frac{1}{2} \times \frac{22}{7} \times R^2 = 638 \)
\( \implies R^2 = \frac{638 \times 7 \times 2}{22} \)
\( \implies R^2 = 406 \)
\( \implies R = \sqrt{406} \approx 20.15 \) सेमी
अतः बोर्ड की चौड़ाई = \( R - r = 20.15 - 14 = 6.15 \) सेमी
In simple words: हमने पहले कुल रंगाई के खर्च से रंगाई का कुल क्षेत्रफल ज्ञात किया। फिर, भीतरी अर्द्धवृत्त का क्षेत्रफल निकाला। बाहरी अर्द्धवृत्त और भीतरी अर्द्धवृत्त के क्षेत्रफल के अंतर को रंगाई के कुल क्षेत्रफल के बराबर रखकर, हमने बाहरी अर्द्धवृत्त की त्रिज्या (R) ज्ञात की। अंत में, बाहरी और भीतरी त्रिज्याओं का अंतर लेकर बोर्ड की चौड़ाई 6.15 सेमी प्राप्त की।
🎯 Exam Tip: खर्च को पैसे में बदलें और क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए रंगाई की दर से विभाजित करें। अर्द्धवृत्त का क्षेत्रफल \( \frac{1}{2} \pi r^2 \) होता है। बोर्ड की चौड़ाई दो त्रिज्याओं का अंतर होती है।
Question 5. एक वर्ग और एक वृत्त के परिमाप, समान हैं। यदि दोनों के परिमाप 44 सेमी हों, तो किसका क्षेत्रफल अधिक होगा और कितना?
Answer:
उत्तर
माना वर्ग की प्रत्येक भुजा = x सेमी
तथा वृत्त की त्रिज्या = r सेमी
वर्ग का परिमाप = वृत्त का परिमाप = 44 सेमी
वर्ग का परिमाप = 44 तथा वृत्त का परिमाप = 44
\( \implies 4 \times \text{भुजा} = 44 \)
\( \implies 2\pi r = 44 \)
\( \implies 4 \times x = 44 \)
\( \implies 2 \times \frac{22}{7} \times r = 44 \)
\( \implies x = \frac{44}{4} = 11 \) सेमी
\( \implies \frac{44}{7} \times r = 44 \)
वर्ग का क्षेत्रफल = (भुजा)²
\( \implies r = \frac{44 \times 7}{2 \times 22} = 7 \) सेमी
\( \implies = 11 \times 11 \)
वृत्त का क्षेत्रफल = \( \frac{22}{7} \times 7 \times 7 = 154 \) वर्ग सेमी
\( \implies = 121 \) वर्ग सेमी
अतः वृत्त का क्षेत्रफल अधिक होगा = \( 154 - 121 = 33 \) वर्ग सेमी
In simple words: हमने वर्ग के परिमाप से उसकी भुजा (11 सेमी) और वृत्त के परिमाप से उसकी त्रिज्या (7 सेमी) ज्ञात की। फिर, वर्ग का क्षेत्रफल (121 वर्ग सेमी) और वृत्त का क्षेत्रफल (154 वर्ग सेमी) निकाला। वृत्त का क्षेत्रफल वर्ग के क्षेत्रफल से 33 वर्ग सेमी अधिक है।
🎯 Exam Tip: वर्ग और वृत्त के परिमाप तथा क्षेत्रफल के सूत्र याद रखें। प्रत्येक आकृति के लिए भुजा या त्रिज्या की गणना सावधानी से करें और फिर क्षेत्रफल की तुलना करें।
Question 6. एक वृत्त का क्षेत्रफल दूसरे वृत्त के क्षेत्रफल का 100 गुना है। उनकी परिधियों का अनुपात ज्ञात कीजिए।
Answer:
उत्तर
एक वृत्त का क्षेत्रफल = \( \pi r_1^2 \)
और दूसरे वृत्त का क्षेत्रफल = \( \pi r_2^2 \)
प्रश्नानुसार, \( \pi r_1^2 = 100 \pi r_2^2 \)
\( \implies r_1^2 = 100 r_2^2 \)
\( \implies \frac{r_1^2}{r_2^2} = 100 \)
\( \implies \frac{r_1}{r_2} = \sqrt{100} = 10 \)
पहले वृत्त का परिधि = \( 2\pi r_1 \), दूसरे वृत्त की परिधि = \( 2\pi r_2 \)
अतः वृत्त की परिधियों का अनुपात = \( \frac{2\pi r_1}{2\pi r_2} = \frac{r_1}{r_2} = \frac{10}{1} = 10:1 \)
In simple words: हमने पहले दो वृत्तों के क्षेत्रफल के बीच दिए गए संबंध से उनकी त्रिज्याओं का अनुपात (\( r_1:r_2 = 10:1 \)) ज्ञात किया। चूंकि परिधि का अनुपात भी त्रिज्याओं के अनुपात के समान होता है, इसलिए परिधियों का अनुपात भी 10:1 होगा।
🎯 Exam Tip: क्षेत्रफल के अनुपात से त्रिज्याओं का अनुपात ज्ञात करने के लिए वर्गमूल का उपयोग करें। यह याद रखें कि परिधियों का अनुपात त्रिज्याओं के अनुपात के समान होता है।
Question 7. एक प्लास्टिक की आयताकार शीट 36 सेमी x 24 सेमी माप की है। इसमें से 1 सेमी व्यास के 864 वृत्ताकार बटन काट कर निकाल लिए गए है। बची शीट का क्षेत्रफल बताइए ।
Answer:
उत्तर
आयताकार शीट का क्षेत्रफल = \( 36 \times 24 = 864 \) वर्ग सेमी
\( \therefore \) वृत्ताकार बटन का व्यास = 1 सेमी
\( \implies \) त्रिज्या = \( \frac{1}{2} \) सेमी
\( \therefore \) वृत्ताकार बटन का क्षेत्रफल = \( \pi \times (\text{त्रिज्या})^2 = \frac{22}{7} \times \frac{1}{2} \times \frac{1}{2} = \frac{22}{28} \) वर्ग सेमी
864 वृत्ताकार बटनों का क्षेत्रफल = \( \frac{864 \times 22}{28} \approx 678.86 \) वर्ग सेमी
अतः बची शीट का क्षेत्रफल = आयताकार शीट का क्षेत्रफल - 864 वृत्ताकार बटनों का क्षेत्रफल
\( \implies = 864 - 678.86 = 185.14 \) वर्ग सेमी
In simple words: हमने पहले आयताकार शीट का कुल क्षेत्रफल ज्ञात किया। फिर, एक वृत्ताकार बटन का क्षेत्रफल निकाला और उसे 864 से गुणा करके सभी बटनों का कुल क्षेत्रफल प्राप्त किया। अंत में, आयताकार शीट के क्षेत्रफल से सभी बटनों का क्षेत्रफल घटाकर शेष बची शीट का क्षेत्रफल 185.14 वर्ग सेमी पाया।
🎯 Exam Tip: सभी इकाइयों को संगत रखें (सेमी)। वृत्ताकार बटन के क्षेत्रफल की गणना सावधानी से करें, खासकर जब त्रिज्या एक भिन्न हो। अंत में घटाव करने में सटीकता सुनिश्चित करें।
Question 8. एक वृत्ताकार थाली का व्यास 28 सेमी है। उस वृत्ताकार तश्तरी का व्यास बताइए जिसको क्षेत्रफल इसका आधा हो ।
Answer:
उत्तर
वृत्ताकार थाली का व्यास = 28 सेमी
त्रिज्या = \( \frac{28}{2} = 14 \) सेमी
वृत्ताकार थाली का क्षेत्रफल = \( \pi \times (\text{त्रिज्या})^2 = \frac{22}{7} \times 14 \times 14 = 616 \) वर्ग सेमी
माना वृत्ताकार तश्तरी व्यास = R सेमी हो
तश्तरी की त्रिज्या = \( \frac{R}{2} \) सेमी
तश्तरी का क्षेत्रफल = \( \frac{1}{2} \) (वृत्ताकार थाली का क्षेत्रफल)
\( \implies \frac{22}{7} \times \frac{R}{2} \times \frac{R}{2} = \frac{1}{2} \times 616 \)
\( \implies R^2 = \frac{616 \times 7 \times 2 \times 2}{22 \times 2} \)
\( \implies R^2 = 28 \times 7 \times 2 \)
\( \implies R = \sqrt{7 \times 2 \times 2 \times 7 \times 2} \)
\( \implies = 7 \times 2 \sqrt{2} = 14\sqrt{2} \) सेमी
In simple words: हमने पहले वृत्ताकार थाली का क्षेत्रफल ज्ञात किया। फिर, एक तश्तरी का क्षेत्रफल जो थाली के क्षेत्रफल का आधा है, उसे ज्ञात किया। तश्तरी के क्षेत्रफल के सूत्र (\( \pi r^2 \)) का उपयोग करके, हमने तश्तरी की त्रिज्या और अंत में उसका व्यास \( 14\sqrt{2} \) सेमी प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: व्यास से त्रिज्या और क्षेत्रफल से व्यास की गणना में सावधानी बरतें। समीकरण को हल करते समय \( \pi \) के मान का सही उपयोग करें और वर्गमूल के साथ सटीक उत्तर दें।
Exercise 18 (D)
Question 1. एक लम्ब वृत्तीय बेलन के आधार का क्षेत्रफल 100 वर्ग सेमी है। यदि बेलन की ऊँचाई 10 सेमी है, तो आयतन ज्ञात कीजिए ।
Answer:
उत्तर
लम्बवृत्तीय बेलन के आधार का क्षेत्रफल = \( \pi r^2 = 100 \) वर्ग सेमी
बेलन की ऊँचाई h = 10 सेमी
बेलन का आयतन = \( \pi r^2 h = 100 \times 10 = 1000 \) घन सेमी
In simple words: बेलन का आयतन उसके आधार के क्षेत्रफल और ऊँचाई का गुणनफल होता है। चूंकि आधार का क्षेत्रफल और ऊँचाई दोनों दिए गए हैं, हमने उन्हें गुणा करके सीधे 1000 घन सेमी का आयतन प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: बेलन के आयतन का सूत्र (\( \pi r^2 h \)) याद रखें। यदि आधार का क्षेत्रफल (\( \pi r^2 \)) सीधे दिया गया हो, तो आपको त्रिज्या अलग से ज्ञात करने की आवश्यकता नहीं होती।
Question 2. एक वर्गाकार कागज जिसकी भुजा 25 सेमी है, उसको मोड़ कर बेलन बनाया गया है। बने बेलन का वक्र पृष्ठ ज्ञात कीजिए ।
Answer:
उत्तर
वर्गाकार कागज, जिसकी भुजा 25 सेमी है, को मोड़कर बेलन बनाने पर बने
बेलन का वक्रपृष्ठ = वर्गाकार कागज का क्षेत्रफल
\( \implies = 25 \times 25 = 625 \) वर्ग सेमी
In simple words: जब एक वर्गाकार कागज को मोड़कर बेलन बनाया जाता है, तो बेलन का वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल मूल वर्गाकार कागज के क्षेत्रफल के बराबर होता है। इसलिए, हमने वर्ग की भुजा का वर्ग करके 625 वर्ग सेमी का वक्र पृष्ठ प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: इस अवधारणा को समझें कि एक वर्ग को मोड़कर बेलन बनाने पर, वर्ग का क्षेत्रफल ही बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल बन जाता है। गणना सरल है, केवल वर्ग की भुजा का वर्ग करें।
Question 3. एक लम्ब वृत्तीय बेलनकार ड्रम का व्यास 55 सेमी तथा लम्बाई 120 सेमी है। उस ड्रम में कितने लीटर पानी आएगा?
Answer:
उत्तर
ड्रम का व्यास = 55 सेमी, त्रिज्या = \( \frac{55}{2} \) सेमी तथा h = 120 सेमी
ड्रम का आयतन = \( \pi r^2 h \)
\( \implies = \frac{22}{7} \times \frac{55}{2} \times \frac{55}{2} \times 120 \)
\( \implies = \frac{1996500}{7} \approx 285214.28 \) घन सेमी
\( \implies = \frac{285214.28}{1000} = 285.21 \) लीटर
In simple words: हमने ड्रम के व्यास से त्रिज्या और उसकी लंबाई को ऊँचाई मानकर बेलन के आयतन का सूत्र (\( \pi r^2 h \)) लगाया। प्राप्त आयतन घन सेमी में था, जिसे फिर 1000 से विभाजित करके लीटर में बदला गया, जिससे 285.21 लीटर पानी मिला।
🎯 Exam Tip: व्यास से त्रिज्या निकालते समय \( r = d/2 \) का ध्यान रखें। आयतन की गणना में \( \pi \) का मान सही ढंग से उपयोग करें और घन सेमी को लीटर में बदलने के लिए 1000 से भाग देना न भूलें।
Question 4. यदि एक रोलर का व्यास 70 सेमी तथा लम्बाई 2 मीटर है, तो बताइए कि 50 चक्कर में रोलर कितने वर्ग मीटर चलेगा?
Answer:
उत्तर
रोलर का व्यास = 70 सेमी \( \implies \) त्रिज्या \( r = 35 \) सेमी = .35 मीटर
लम्बाई h = 2 मी
रोलर का वक्रपृष्ठ = \( 2\pi rh = 2 \times \frac{22}{7} \times .35 \times 2 = 4.4 \) वर्ग मीटर
50 चक्कर में रोलर चलेगा = \( 4.4 \times 50 = 220 \) वर्ग मीटर
In simple words: हमने रोलर के व्यास को मीटर में बदलकर त्रिज्या ज्ञात की और फिर बेलन के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (\( 2\pi rh \)) का उपयोग करके एक चक्कर में तय किया गया क्षेत्रफल निकाला। इसे 50 से गुणा करके कुल 220 वर्ग मीटर का क्षेत्रफल प्राप्त हुआ।
🎯 Exam Tip: सभी इकाइयों को संगत रखें (सेमी को मीटर में बदलें)। रोलर एक चक्कर में अपने वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल के बराबर क्षेत्र को कवर करता है।
Question 5. 3 मीटर व्यास का 14 मीटर गहरा कुआँ 30 रुपया प्रति घन मीटर की दर से खोदने में कितना रुपया खर्च होगा?
Answer:
उत्तर
\( \therefore \) कुएँ की गहराई h = 14 मीटर और कुएँ का व्यास = 3 मीटर,
कुएँ की त्रिज्या r = \( \frac{3}{2} \) मीटर
कुएँ का आयतन = \( \pi r^2 h \)
\( \implies = \frac{22}{7} \times \frac{3}{2} \times \frac{3}{2} \times 14 = 99 \) घन मीटर
\( \therefore \) 1 घन मीटर कुआँ खोदने का खर्च = Rs. 30
अतः 99 घन मीटर कुआँ खोदने का खर्च = \( 99 \times 30 = 2970 \) रु०
In simple words: हमने कुएँ के व्यास और गहराई का उपयोग करके बेलनाकार कुएँ का आयतन (\( \pi r^2 h \)) ज्ञात किया। फिर, इस आयतन को प्रति घन मीटर खुदाई की दर (Rs. 30) से गुणा करके कुल खुदाई का खर्च Rs. 2970 प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: व्यास को त्रिज्या में बदलना न भूलें। कुएँ के आयतन की गणना में सटीकता सुनिश्चित करें। कुल लागत के लिए आयतन को दर से गुणा करें।
Question 6. एक 11 सेमी व्यास वाले बेलनाकार बरतन में कुछ पानी भरा है। यदि 5.5 सेमी भुजा का एक घनाकार ठोस पूरी तरह पानी में डुबो दिया जाए, तो बर्तन में पानी की सतह कितनी ऊपर उठ जाएगी?
Answer:
उत्तर
घनाकार ठोस की भुजा = 5.5 सेमी
घनाकार ठोस का आयतन = \( (5.5)^3 \) घन सेमी
बर्तन की त्रिज्या = \( \frac{11}{2} = 5.5 \) सेमी
यदि पानी का तल h सेमी ऊपर उठ जाता है तो बढ़े हुए
पानी का आयतन = \( \pi (5.5)^2 \times h \) घन सेमी
प्रश्नानुसार, पानी का आयतन = घनाकार ठोस का आयतन
\( \implies \pi (5.5)^2 h = (5.5)^3 \)
\( \implies h = \frac{5.5 \times 5.5 \times 5.5}{\pi \times 5.5 \times 5.5} = 5.5 \times \frac{7}{22} \)
\( \implies h = 1.75 \) सेमी
अतः पानी की सतह 1.75 सेमी ऊपर उठ जाएगी।
In simple words: हमने घनाकार ठोस का आयतन ज्ञात किया। जब यह ठोस पानी में डुबोया जाता है, तो यह अपने आयतन के बराबर पानी विस्थापित करता है, जिससे पानी का स्तर ऊपर उठ जाता है। हमने इस विस्थापित पानी के आयतन को बेलनाकार बर्तन में बढ़े हुए पानी के आयतन के बराबर रखकर, बढ़ी हुई ऊँचाई (h) 1.75 सेमी ज्ञात की।
🎯 Exam Tip: यह सिद्धांत याद रखें कि डूबे हुए ठोस का आयतन विस्थापित द्रव के आयतन के बराबर होता है। बेलन और घन दोनों के आयतन के सूत्रों का सही उपयोग करें और समीकरण को सावधानी से हल करें।
Question 7. एक 17 सेमी लम्बे और 7 सेमी चौड़े आयत को चौड़ाई के परितः घुमाने पर बने बेलन का आयतन और वक्र पृष्ठ ज्ञात कीजिए ।
Answer:
उत्तर
चौड़ाई (7 सेमी) के परितः घुमाने पर जो बने बेलन की आधार त्रिज्या (r) = 17 सेमी तथा
बेलन की ऊँचाई (h) = 7 सेमी
बेलन का आयतन = \( \pi r^2 h = \frac{22}{7} \times 17 \times 17 \times 7 = 6358 \) घन सेमी
अतः तथा बेलन का वक्रपृष्ठ = \( 2\pi rh \) वर्ग सेमी
\( \implies = 2 \times \frac{22}{7} \times 17 \times 7 = 748 \) वर्ग सेमी
In simple words: जब आयत को उसकी चौड़ाई के परितः घुमाया जाता है, तो आयत की लंबाई बेलन की त्रिज्या (17 सेमी) और आयत की चौड़ाई बेलन की ऊँचाई (7 सेमी) बन जाती है। फिर हमने इन मानों का उपयोग करके बेलन का आयतन (6358 घन सेमी) और वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (748 वर्ग सेमी) ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: आयत को घुमाने की दिशा को समझें - "चौड़ाई के परितः" का मतलब है कि चौड़ाई ऊँचाई बनती है, और लंबाई त्रिज्या बनती है। बेलन के आयतन (\( \pi r^2 h \)) और वक्र पृष्ठ (\( 2\pi rh \)) के सूत्रों का सही उपयोग करें।
Question 8. यदि एक लम्बवृत्तीय बेलन के आधार की त्रिज्या 7 सेमी तथा ऊँचाई 14 सेमी हो, तो बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठ ज्ञात कीजिए।
Answer:
उत्तर
त्रिज्या (r) = 7 सेमी
ऊँचाई (h) = 14 सेमी
बेलन का वक्रपृष्ठ = \( 2\pi rh \)
\( \implies = 2 \times \frac{22}{7} \times 7 \times 14 \)
\( \implies = 616 \) सेमी²
आधार का क्षेत्रफल = \( \pi r^2 \)
\( \implies = \frac{22}{7} \times 7 \times 7 \)
\( \implies = 154 \) सेमी²
बेलन का सम्पूर्ण पृष्ठ = वक्रपृष्ठ \( + 2 \times \) आधार का क्षेत्रफल
\( \implies = 616 + 2 \times (154) \)
\( \implies = 616 + 308 \)
\( \implies = 924 \) सेमी²
In simple words: हमने बेलन की त्रिज्या और ऊँचाई का उपयोग करके पहले वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (\( 2\pi rh \)) और आधार का क्षेत्रफल (\( \pi r^2 \)) ज्ञात किया। फिर, इन दोनों को जोड़कर (आधार के क्षेत्रफल को दोगुना करके) बेलन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 924 वर्ग सेमी प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: बेलन के सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल का सूत्र (\( 2\pi rh + 2\pi r^2 \) या \( 2\pi r(h+r) \)) याद रखें। गणना करते समय वक्र पृष्ठ और दो आधारों के क्षेत्रफल को अलग-अलग निकालना उपयोगी हो सकता है।
Question 9. एक लम्बवृत्तीय बेलन का वक्रपृष्ठ 1320 वर्ग सेमी है। यदि बेलन की ऊँचाई 15 सेमी. हो, तो बेलन के आधार की त्रिज्या ज्ञात कीजिए ।
Answer:
उत्तर
बेलन का वक्रपृष्ठ = 1320 सेमी²
बेलन की ऊँचाई (h) = 15 सेमी
प्रश्नानुसार, बेलन का वक्रपृष्ठ = \( 2\pi rh \)
\( \implies 1320 = 2 \times \frac{22}{7} \times (r) \times 15 \)
\( \implies r = \frac{1320 \times 7}{2 \times 22 \times 15} \)
\( \implies r = 14 \) सेमी
अतः आधार की त्रिज्या = 14 सेमी
In simple words: हमने बेलन के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (\( 2\pi rh \)) के सूत्र का उपयोग किया, जहाँ वक्र पृष्ठ और ऊँचाई दी गई थी। इस समीकरण को हल करके हमने बेलन के आधार की त्रिज्या 14 सेमी प्राप्त की।
🎯 Exam Tip: वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र में अज्ञात त्रिज्या (r) के लिए हल करते समय बीजगणितीय चरणों को सही ढंग से लागू करें। सभी मानों को सावधानी से प्रतिस्थापित करें।
Exercise 18 (E)
Question 1. पाश्र्वांकित चित्र में दिए गये शंकु का वक्र पृष्ठ ज्ञात कीजिए, जबकि v0 = 15 सेमी और OB = 8 सेमी है।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक शंकु का चित्र है। V शंकु का शीर्ष है और O शंकु के आधार का केंद्र है। VO शंकु की ऊँचाई (h) है, और OB आधार की त्रिज्या (r) है। VB शंकु की तिरछी ऊँचाई (l) है। दिए गए मान हैं: VO = 15 सेमी और OB = 8 सेमी।
उत्तर
शंकु की त्रिज्या (r) = 8 सेमी (OCR error, should be 8 not 3, based on diagram and solution)
शंकु की ऊँचाई (h) = 15 सेमी
शंकु की तिरछी ऊँचाई (l) = \( \sqrt{h^2 + r^2} \)
\( \implies = \sqrt{15^2 + 8^2} \)
\( \implies = \sqrt{225 + 64} \)
\( \implies = \sqrt{289} = 17 \) सेमी
अतः शंकु का वक्रपृष्ठ = \( \pi rl \)
\( \implies = \pi \times 8 \times 17 = 136\pi \) वर्ग सेमी
In simple words: हमने शंकु की ऊँचाई (h) और त्रिज्या (r) का उपयोग करके पहले तिरछी ऊँचाई (l) को पाइथागोरस प्रमेय से ज्ञात किया। फिर, शंकु के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र (\( \pi rl \)) को लागू करके 136\( \pi \) वर्ग सेमी का क्षेत्रफल प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: शंकु की ऊँचाई, त्रिज्या और तिरछी ऊँचाई के बीच संबंध (\( l^2 = h^2 + r^2 \)) को याद रखें। वक्र पृष्ठ का सूत्र (\( \pi rl \)) का सही उपयोग करें। (ध्यान दें: OCR में 'त्रिज्या = 3 सेमी' गलत है, चित्र और गणना के अनुसार यह 8 सेमी होना चाहिए)।
Question 2. एक शंकु का आयतन 100 घन सेमी है। यदि आधार की त्रिज्या 5 सेमी हो, तो उसका वक्रपृष्ठ ज्ञात कीजिए ।
Answer:
उत्तर
शंकु के आधार की त्रिज्या (r) = 5 सेमी
शंकु का आयतन = \( \frac{1}{3} \pi r^2 h \)
प्रश्नानुसार,
\( \implies 100\pi = \frac{1}{3} \pi \times (5)^2 \times h \)
\( \implies 100 = \frac{1}{3} \times 25 \times h \)
\( \implies 300 = 25h \)
\( \implies h = \frac{300}{25} = 12 \) सेमी
शंकु की तिरछी ऊँचाई (l) = \( \sqrt{h^2 + r^2} = \sqrt{12^2 + 5^2} \)
\( \implies = \sqrt{144 + 25} = \sqrt{169} = 13 \) सेमी
अतः शंकु का वक्रपृष्ठ = \( \pi rl = \pi \times 5 \times 13 \)
\( \implies = 65\pi \) वर्ग सेमी
In simple words: हमने शंकु के आयतन और त्रिज्या का उपयोग करके पहले उसकी ऊँचाई (h) ज्ञात की। फिर, ऊँचाई और त्रिज्या से तिरछी ऊँचाई (l) निकाली। अंत में, त्रिज्या और तिरछी ऊँचाई का उपयोग करके शंकु का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (\( \pi rl \)) 65\( \pi \) वर्ग सेमी प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: शंकु के आयतन का सूत्र (\( \frac{1}{3} \pi r^2 h \)) और वक्र पृष्ठ का सूत्र (\( \pi rl \)) याद रखें। ऊँचाई, त्रिज्या और तिरछी ऊँचाई के बीच पाइथागोरस संबंध (\( l^2 = h^2 + r^2 \)) का सही उपयोग करें।
Question 3. किसी शंक्वाकार तंबू के निर्माण के लिए 264 वर्ग मी किरमिच की आवश्यकता पड़ती है। यदि शंकु की तिरछी ऊँचाई 12 मी हो, तो उसकी ऊँचाई ज्ञात कीजिए ।
Answer:
उत्तर
शंकु की तिरछी ऊँचाई (l) = 12 मीटर
शंकु का वक्रपृष्ठ = \( \pi rl \)
प्रश्नानुसार, \( 264 = \frac{22}{7} \times r \times 12 \)
\( \implies r = \frac{264 \times 7}{22 \times 12} = 7 \) मीटर
\( \therefore \) शंकु की ऊँचाई (h) = \( \sqrt{l^2 - r^2} = \sqrt{12^2 - 7^2} \)
\( \implies = \sqrt{144 - 49} = \sqrt{95} \)
अतः शंकु की ऊँचाई h = \( \sqrt{95} \) मीटर \( \approx 9.75 \) मीटर
In simple words: हमने तंबू के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (जो किरमिच का क्षेत्रफल है) और तिरछी ऊँचाई का उपयोग करके पहले शंकु की त्रिज्या (r) ज्ञात की। फिर, इस त्रिज्या और तिरछी ऊँचाई का उपयोग करके पाइथागोरस प्रमेय से शंकु की ऊँचाई (h) लगभग 9.75 मीटर प्राप्त की।
🎯 Exam Tip: शंक्वाकार तंबू के लिए आवश्यक किरमिच उसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल होता है। त्रिज्या ज्ञात करने के लिए वक्र पृष्ठ के सूत्र (\( \pi rl \)) का उपयोग करें, फिर ऊँचाई (\( h = \sqrt{l^2 - r^2} \)) ज्ञात करें।
Question 4. एक जोकर की टोपी शंक्वाकार है। यदि उसमें 840 वर्ग सेमी कपड़ा लगा हो और उसके गोल सिर का परिमाप 56 सेमी हो, तो टोपी की तिरछी ऊँचाई ज्ञात कीजिए ।
Answer:
उत्तर
\( \therefore \) गोल सिर का परिमाप = 56 सेमी
\( \implies 2\pi r = 56 \implies \pi r = \frac{56}{2} = 28 \)
\( \therefore \) शंकु का वक्रपृष्ठ = टोपी में लगा कपड़ा = 840 वर्ग सेमी
\( \therefore \pi rl = 840 \)
\( \implies 28l = 840 \implies l = \frac{840}{28} = 30 \) सेमी
अतः टोपी की तिरछी ऊँचाई = 30 सेमी
In simple words: हमने गोल सिर के परिमाप से (\( 2\pi r \)) \(\pi r\) का मान ज्ञात किया। चूंकि टोपी में लगा कपड़ा उसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (\( \pi rl \)) होता है, हमने इस मान को 840 वर्ग सेमी के बराबर रखकर तिरछी ऊँचाई (l) के लिए हल किया, जिससे हमें 30 सेमी प्राप्त हुआ।
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि "गोल सिर का परिमाप" शंकु के आधार की परिधि है, जिससे \( \pi r \) का मान प्राप्त होता है। टोपी में लगा कपड़ा वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (\( \pi rl \)) के बराबर होता है।
Question 5. उस बड़े से बड़े शंकु का आयतन ज्ञात कीजिए, जो उस घन से काटा जाए जिसकी प्रत्येक कोर 12 सेमी सेमी लम्बी हो ।
Answer:
उत्तर
घन से काटे गए बड़े-से-बड़े शंकु का व्यास तथा शंकु की ऊँचाई, घन की कोर के बराबर होगी।
शंकु की त्रिज्या (r) = \( \frac{\text{व्यास}}{2} = \frac{12}{2} = 6 \) सेमी
शंकु की ऊँचाई (h) = 12 सेमी
अतः शंकु की आयतन = \( \frac{1}{3} \pi r^2 h \)
\( \implies = \frac{1}{3} \pi \times (6)^2 \times 12 \)
\( \implies = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 6 \times 6 \times 12 \)
\( \implies = \frac{3168}{7} \approx 452.57 \) घन सेमी
In simple words: सबसे बड़े शंकु को एक घन से काटने के लिए, शंकु का व्यास और ऊँचाई घन की भुजा के बराबर होगी। हमने घन की भुजा (12 सेमी) से शंकु की त्रिज्या (6 सेमी) और ऊँचाई (12 सेमी) प्राप्त की। फिर, शंकु के आयतन के सूत्र (\( \frac{1}{3} \pi r^2 h \)) का उपयोग करके 452.57 घन सेमी आयतन ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: यह अवधारणा महत्वपूर्ण है कि सबसे बड़ा शंकु जो एक घन से काटा जा सकता है, उसका व्यास और ऊँचाई घन की भुजा के बराबर होगी। शंकु के आयतन के सूत्र का सही उपयोग करें।
Question 6. यदि एक लम्बवृत्तीय शंकु के आधार की त्रिज्या 3 सेमी तथा ऊँचाई 4 सेमी है, तो उसका सम्पूर्ण पृष्ठ ज्ञात कीजिए ।
Answer:
उत्तर
शंकु के आधार की त्रिज्या (r) = 3 सेमी
ऊँचाई (h) = 4 सेमी
शंकु की तिरछी ऊँचाई (l) = \( \sqrt{h^2 + r^2} = \sqrt{(4)^2 + (3)^2} \)
\( \implies = \sqrt{16 + 9} = \sqrt{25} = 5 \) सेमी
शंकु का सम्पूर्ण पृष्ठ = \( \pi r (l+r) \)
\( \implies = \pi \times 3 \times (5 + 3) \)
\( \implies = \pi \times 3 \times 8 \)
\( \implies = 24\pi \) सेमी²
In simple words: हमने पहले शंकु की त्रिज्या और ऊँचाई का उपयोग करके पाइथागोरस प्रमेय से तिरछी ऊँचाई (l) ज्ञात की। फिर, शंकु के कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र (\( \pi r (l+r) \)) का उपयोग करके 24\( \pi \) वर्ग सेमी का क्षेत्रफल प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: शंकु की तिरछी ऊँचाई (l) ज्ञात करने के लिए (\( l = \sqrt{h^2 + r^2} \)) का उपयोग करें। सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र (\( \pi r (l+r) \)) को याद रखें, जिसमें वक्र पृष्ठ और आधार का क्षेत्रफल दोनों शामिल होते हैं।
Question 7. एक लम्बवृत्तीय शंकु का सम्पूर्ण पृष्ठ \( 301\frac{5}{7} \) वर्ग मीटर तथा उसके आधर की त्रिज्या 6 मीटर है। शंकु की ऊँचाई ज्ञात कीजिए ।
Answer:
उत्तर
शंकु का सम्पूर्ण पृष्ठ = \( 301\frac{5}{7} \) वर्ग मीटर
\( \implies = \frac{2112}{7} \) वर्ग मीटर
आधार की त्रिज्या (r) = 6 मीटर
शंकु का सम्पूर्ण पृष्ठ = \( \pi r (l+r) \)
प्रश्नानुसार,
\( \implies \frac{2112}{7} = \pi \times 6 \times (l + 6) \)
या \( \frac{2112}{7} = \frac{22}{7} \times 6 \times (l + 6) \)
या \( (l + 6) = \frac{2112 \times 7}{7 \times 22 \times 6} \)
\( \implies l + 6 = 16 \)
\( \implies l = 16 - 6 = 10 \) सेमी
\( \implies l^2 = h^2 + r^2 \)
\( \implies (10)^2 = h^2 + (6)^2 \)
\( \implies 100 = h^2 + 36 \)
\( \implies h^2 = 100 - 36 = 64 \)
\( \implies h = \sqrt{64} = 8 \)
\( \implies h = 8 \) सेमी
अतः शंकु की ऊँचाई (h) = 8 सेमी
In simple words: हमने शंकु के दिए गए सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल और त्रिज्या का उपयोग करके पहले तिरछी ऊँचाई (l) ज्ञात की। फिर, इस तिरछी ऊँचाई और त्रिज्या का उपयोग करके पाइथागोरस प्रमेय से शंकु की ऊँचाई (h) 8 सेमी प्राप्त की।
🎯 Exam Tip: सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र (\( \pi r (l+r) \)) को सही ढंग से लागू करें। पहले तिरछी ऊँचाई (l) के लिए हल करें, फिर ऊँचाई, त्रिज्या और तिरछी ऊँचाई के बीच के संबंध (\( h = \sqrt{l^2 - r^2} \)) का उपयोग करें।
दक्षता अभ्यास -18
Question 1. निम्नांकित कथनों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
Answer:
1. समलम्ब का क्षेत्रफल का सूत्र = ½ x (समान्तर भुजाओं का योग) x उनके बीच की दूरी |
2. एक वृत्त की त्रिज्या r सेमी है । इस वृत्त की परिधि = 2\( \pi \)r तथा क्षेत्रफल = \( \pi \)r²।
3. एक बेलन के आधार की त्रिज्या r सेमी तथा ऊँचाई h सेमी है। इस बेलन का आयतन = \( \pi \)r²h तथा वक्र पृष्ठ = 2\( \pi \)rh
4. एक शंकु की त्रिज्या r सेमी, ऊँचाई h सेमी और तिरछी ऊँचाई l सेमी है। इस शंकु का आयतन = \(\frac{1}{3}\) \( \pi \)r²h, वक्रपृष्ठ = \( \pi \)rl तथा संपूर्ण पृष्ठ = \( \pi \) r (l+r)
In simple words: This question tests your knowledge of fundamental formulas for areas, perimeters, and volumes of basic 2D and 3D geometric shapes like trapezoids, circles, cylinders, and cones.
🎯 Exam Tip: Memorizing all geometric formulas is critical. Pay attention to the correct variables (radius r, height h, slant height l) for each shape and what each formula calculates (area, perimeter, volume, curved surface area, total surface area).
Question 2. निम्नांकित चित्र में बनी आकृति का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक मिश्रित ज्यामितीय आकृति है जो तीन भागों से बनी है: 4 सेमी भुजा वाला एक वर्ग, वर्ग की एक भुजा पर बना 4 सेमी आधार और 5 सेमी ऊँचाई वाला एक समद्विबाहु त्रिभुज, और वर्ग की एक भुजा के विपरीत तरफ बना 4 सेमी व्यास वाला एक अर्धवृत्त। इस मिश्रित आकृति का कुल क्षेत्रफल ज्ञात करना है।
Answer:वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा² = (4)² = 16 वर्ग सेमी समद्विबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2}\) x आधार x ऊँचाई = \(\frac{1}{2}\) x 4 x 5 = 10 वर्ग सेमी अर्द्धवृत्त का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2}\) \( \pi \)r² = \(\frac{1}{2}\) x \(\frac{22}{7}\) x 2² = \(\frac{22}{7}\) x 2 = 6.28 वर्ग सेमी अतः संपूर्ण आकृति का क्षेत्रफल = 16 + 10 + 6.28 = 32.28 वर्ग सेमी
In simple words: To find the total area of the composite shape, we calculate the area of the square, the triangle, and the semicircle separately, and then sum them up.
🎯 Exam Tip: When dealing with composite figures, break them down into simpler, recognizable geometric shapes. Calculate each part's area and then add them together. Be careful with shared sides or diameters to avoid double-counting or miscalculating dimensions.
Question 3. 5 सेमी आधार त्रिज्या के शंकु के संपूर्ण पृष्ठ और वक्रपृष्ठ का अंतर ज्ञात कीजिए ।
Answer:शंकु के संपूर्ण पृष्ठ = \( \pi \)r (l + r) = \( \pi \)rl + \( \pi \)r² शंकु के वक्रपृष्ठ = \( \pi \)rl शंकु की त्रिज्या = 5 सेमी शंकु के संपूर्ण पृष्ठ और वक्रपृष्ठ का अन्तर = \( \pi \)rl + \( \pi \)r² – \( \pi \)rl = \( \pi \)r² = \(\frac{22}{7}\) x 5 x 5 = \(\frac{550}{7}\) = 78.57 वर्ग सेमी
In simple words: The difference between the total surface area and the curved surface area of a cone is simply the area of its base, which is a circle. We calculate this base area using the given radius.
🎯 Exam Tip: Understand the definitions of curved surface area and total surface area for a cone. The difference is always the area of the circular base. This shortcut can save time in calculations.
Question 4. एक शंकु की ऊँचाई 48 सेमी और आधार का व्यास 28 सेमी है। इस शंकु का आयतन, वक्र पृष्ठ और संपूर्ण पृष्ठ ज्ञात कीजिए ।
Answer:शंकु की ऊँचाई (h) = 48 सेमी, आधार का व्यास = 28 सेमी शंकु की त्रिज्या r = \(\frac{28}{2}\) = 14 सेमी तिरछी ऊँचाई l = \( \sqrt{h² + r²} \) = \( \sqrt{48² + 14²} \) = \( \sqrt{2304+196} \) = \( \sqrt{2500} \) = 50 सेमी शंकु का आयतन = \(\frac{1}{3}\) \( \pi \)r²h = \(\frac{1}{3}\) x \(\frac{22}{7}\) x 14 x 14 x 48 = 9856 घन सेमी शंकु का वक्र पृष्ठ = \( \pi \)rl = \(\frac{22}{7}\) x 14 x 50 = 2200 वर्ग सेमी शंकु का सम्पूर्ण पृष्ठ = \( \pi \)r (l + r) = \(\frac{22}{7}\) x 14 x (50 + 14) = 22 x 2 x 64 = 2816 वर्ग सेमी
In simple words: For a cone, we first find the slant height using the given height and radius. Then, we apply the specific formulas to calculate its volume, curved surface area, and total surface area.
🎯 Exam Tip: Always calculate the slant height (l) first if it's not given, as it's required for surface area calculations. Ensure you use the correct formula for each quantity (volume, CSA, TSA) and maintain consistency in units.
Question 5. एक वृत्ताकार पार्क का व्यास 84 मीटर है। 3.5 मीटर चौड़ी सड़क, पार्क से बाहर चारों ओर बनी हुई है। सड़क का 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मरम्मत कराने का व्यय ज्ञात कीजिए।
Answer:पार्क का व्यास = 84 मी, त्रिज्या = \(\frac{84}{2}\) = 42 मी, सड़क की चौड़ाई = 3.5 मी पार्क का क्षेत्रफल = \( \pi \)r² = \(\frac{22}{7}\) x 42 x 42 = 5544 वर्ग मीटर सड़क सहित पार्क की त्रिज्या = 42 + 3.5 = 45.5 मीटर सड़क सहित पार्क का क्षेत्रफल = \( \pi \)r² = \(\frac{22}{7}\) x 45.5 x 45.5 = 6506.5 वर्ग मीटर सड़क का क्षेत्रफल = 6506.5 - 5544 = 962.5 वर्ग मीटर मरम्मत कराने का व्यय = 962.5 x 20 = 19250 Rs.
In simple words: To find the cost of repairing the road, we first calculate the area of the road by subtracting the park's area from the total area of the park including the road. Then, we multiply this road area by the cost per square meter.
🎯 Exam Tip: Problems involving concentric circles (like a park with a surrounding road) require calculating two areas: the inner circle and the outer circle. The difference between these two gives the area of the ring (the road). Always be precise with radius calculations.
Question 6. चित्र में 28 सेमी भुजा का एक वर्ग है। इसमें भुजाओं को स्पर्श करता हुआ वृत्त बना है। वृत्त का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह एक वर्ग को दर्शाता है जिसकी प्रत्येक भुजा 28 सेमी है। वर्ग के अंदर एक वृत्त बनाया गया है जो वर्ग की सभी चारों भुजाओं को स्पर्श कर रहा है। हमें इस अंतर्निहित वृत्त का क्षेत्रफल ज्ञात करना है।
Answer:वर्ग की भुजा = वृत्त का व्यास = 28 सेमी वृत्त की त्रिज्या = \(\frac{28}{2}\) = 14 सेमी वृत्त का क्षेत्रफल = \( \pi \)r² = \(\frac{22}{7}\) x 14 x 14 = 616 वर्ग सेमी
In simple words: When a circle is inscribed within a square such that it touches all sides, the diameter of the circle is equal to the side length of the square. We use this to find the radius and then calculate the circle's area.
🎯 Exam Tip: Recognize the relationship between an inscribed circle and its square: the diameter of the circle is always equal to the side of the square. This insight simplifies finding the radius for area calculations.
Question 7. 3.5 मीटर त्रिज्या तथा 20 मीटर गहराई के कुएँ से निकाली गई मिट्टी को 25 मीटर लम्बे और 16 मीटर चौड़े आयताकार मैदार में फैला दिया जाता है। बताइए मैदान कितनी ऊँचाई तक पट जाएगा, जबकि मिट्टी के आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
Answer:कुएँ की त्रिज्या (r) = 3.5 मीटर, कुएँ की ऊँचाई (h) = 20 मीटर, आयताकार मैदान की लम्बाई = 25 मीटर, आयताकार मैदान की चौड़ाई = 16 मीटर कुएँ का आयतन = \( \pi \)r²h = \(\frac{22}{7}\) x (3.5)² x 20 = \(\frac{22}{7}\) x 3.5 x 3.5 x 20 = \(\frac{5390}{7}\) = 770 घन सेमी आयताकार मैदान में डाली गयी मिट्टी का आयतन = कुएँ की मिट्टी का आयतन
लम्बाई × चौड़ाई × ऊँचाई = 770
\( \implies \) 25 x 16 x h = 770
\( \implies \) 400 x h = 770
\( \implies \) h = \(\frac{770}{400}\) = 1.925 मीटर अतः मैदान 1.925 मीटर ऊँचाई तक पट जाएगा ।
In simple words: The volume of soil excavated from the well is equal to the volume of soil spread on the rectangular field. By calculating the well's volume (cylinder) and equating it to the field's volume (cuboid), we can find the height to which the soil spreads.
🎯 Exam Tip: The principle of conservation of volume is key here. The volume of excavated material equals the volume of the spread material. Ensure consistent units throughout the calculations (all in meters in this case).
Question 8. एक रोलर का व्यास 2.4 मी तथा लम्बाई 1.68 मी है। यदि किसी मैदान को समतल कराने के लिए उस को 1000 पूर्ण चक्कर लगाने पड़ते हैं, तो मैदान का क्षेत्रफल होगा –
(क) 126720 वर्ग मी
(ख) 12672 वर्ग मी
(ग) 1267.2 वर्ग मी
(घ) 12.672 हेक्टेयर
Answer: (ख) 12672 वर्ग मीरोलर का व्यास = 2.4 मी
त्रिज्या r = \(\frac{2.4}{2}\) = 1.2 मी रोलर की लम्बाई h = 1.68 मी रोलर के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल = 2\( \pi \)rh = 2 x \(\frac{22}{7}\) x 1.2 x 1.68 = 12.672 वर्ग मी चूँकि रोलर मैदान को समतल करने के लिए 1000 चक्कर लगाता है। इसलिए मैदान का क्षेत्रफल = 12.672 x 1000 वर्ग मी = 12672 वर्ग मी
In simple words: The area covered by the roller in one revolution is equal to its curved surface area. To find the total area of the field, we multiply the curved surface area by the number of revolutions.
🎯 Exam Tip: For roller problems, remember that the area covered in one revolution is its curved surface area. Pay attention to unit conversions, especially if options are given in different units like hectares.
Question 9. वर्षा जल संग्रह के लिए एक लम्बवृत्तीय पक्की टंकी बनायी गयी है, जिसके आधार का व्यास 14 मीटर तथा गहराई 9 मीटर है। इस टंकी में कितना लीटर वर्षा का जल एकत्रित होगा?
Answer:लम्ब वृत्तीय टंकी के आधार का व्यास = 14 मी त्रिज्या r = \(\frac{14}{2}\) = 7 मी = 700 सेमी टंकी की गहराई h = 9 मी = 900 सेमी लम्ब वृत्तीय टंकी का आयतन = \( \pi \)r²h = \(\frac{22}{7}\) x 700 x 700 x 900 = 1386000000 घन सेमी टंकी में पानी = \(\frac{1386000000}{1000}\) = 1386000 लीटर
In simple words: To find the water capacity of the cylindrical tank in liters, we first calculate its volume in cubic centimeters using the given dimensions (converted to cm) and then convert the cubic centimeters to liters.
🎯 Exam Tip: Always remember the conversion factor: 1000 cubic centimeters = 1 liter. Be careful with unit consistency; convert all dimensions to centimeters before calculating volume if the final answer needs to be in liters from cm³.
Question 10. एक शंक्वाकार तम्बू के आधार की त्रिज्या 3.5 मीटर तथा ऊँचाई 12 मीटर है। कपड़े की दीवार की मोटाई को नगण्य मानते हुए ज्ञात कीजिए कि तम्बू के बाहरी एवं भीतरी दीवारों का फर्श पर कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव कराने पर कुल कितना व्यय होगा यदि प्रति वर्ग मीटर Rs. 2.5 खर्च होते हैं।
Answer:शंक्वाकार तम्बू के आधार की त्रिज्या r = 3.5 मी = \(\frac{7}{2}\) मी ऊँचाई h = 12 मी तिरछी ऊँचाई l = \( \sqrt{h² + r²} \) = \( \sqrt{12² + (\frac{7}{2})²} \) = \( \sqrt{144+\frac{49}{4}} \) = \( \sqrt{\frac{576+49}{4}} \) = \( \sqrt{\frac{625}{4}} \) = \(\frac{25}{2}\) मीटर शंक्वाकार तम्बू का भीतरी सम्पूर्ण पृष्ठ = \( \pi \)r (l + r) = \(\frac{22}{7}\) x \(\frac{7}{2}\) x (\(\frac{25}{2}\) + \(\frac{7}{2}\)) = \(\frac{22}{7}\) x \(\frac{7}{2}\) x \(\frac{32}{2}\) = 176 वर्ग मीटर शंक्वाकार तम्बू का बाहरी वक्र पृष्ठ = \( \pi \)rl = \(\frac{22}{7}\) x \(\frac{7}{2}\) x \(\frac{25}{2}\) = \(\frac{275}{2}\) = 137.5 वर्ग मीटर शंक्वाकार तम्बू का समस्त वक्रपृष्ठ जिस पर कीटनाशक दवा का छिड़काव करना है = 176 + 137.5 = 313.5 वर्ग मीटर 313.5 वर्ग मीटर वक्रपृष्ठ दवाई छिड़कने का खर्च = 313.5 x 2.50 Rs. = 783.75 Rs.
In simple words: To find the total cost of spraying, we first calculate the slant height of the conical tent. Then, we find the total surface area that needs spraying, which includes both the inner total surface area (base + curved surface) and the outer curved surface area. Finally, we multiply this total area by the cost per square meter.
🎯 Exam Tip: For spraying costs, ensure you correctly identify *all* surfaces that need treatment. In this case, it's the inner total surface area and the outer curved surface area. Don't forget to calculate the slant height for conical shapes.
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