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Detailed Chapter 7 Jantuon mein Poshan UP Board Solutions for Class 7 Science
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Class 7 Science Chapter 7 Jantuon mein Poshan UP Board Solutions PDF
अभ्यास-प्रश्न
Question 1. निम्नलिखित में से सही विकल्प चुन कर लिखिए।
(क) मुखगुहा में भोजन के किस अवयव का सरलीकरण होता है?
(a) प्रोटीन
(b) कार्बोहाइड्रेट
(c) वसा
(d) विटामिन्स
Answer: (b) कार्बोहाइड्रेट
In simple words: मुँह के अंदर खाने में से कार्बोहाइड्रेट नाम का हिस्सा सबसे पहले सरल रूप में बदलता है। यह पाचन की शुरुआत होती है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि मुखगुहा में पाचन की प्रक्रिया मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट से शुरू होती है, लार में मौजूद एंजाइमों के कारण।
Question 1. (ख) भोजन का पाचन पूर्ण हो जाता है-
(a) आमाशय में
(b) छोटी आँत में
(c) बड़ी आँत में
(d) मलाशय में
Answer: (b) छोटी आँत में
In simple words: खाने को पूरी तरह से पचाने का काम छोटी आँत में होता है। यहीं से ज़रूरी पोषक तत्व शरीर में सोख लिए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: छोटी आँत में अधिकांश पोषक तत्वों का अवशोषण भी होता है, जो इसे पाचन का मुख्य केंद्र बनाता है।
Question 1. (ग) कृन्तक दाँत का कार्य है-
(a) फाड़ने का
(b) काटने का
(c) पीसने का
(d) चबाने का
Answer: (b) काटने का
In simple words: कृन्तक दाँत हमें भोजन को छोटे टुकड़ों में काटने में मदद करते हैं, जैसे हम किसी चीज़ को सामने से काटते हैं।
🎯 Exam Tip: कृन्तक दाँत सामने के होते हैं और इनकी धार तेज होती है, जो काटने के लिए सबसे उपयुक्त होती है।
Question 1. (घ) लार में पाया जाने वाला एन्जाइम है-
(a) टाइलिन
(b) पेप्सीन
(c) रेनिन
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (a) टाइलिन
In simple words: हमारे मुँह में जो लार बनती है, उसमें टाइलिन नाम का एक खास एंजाइम होता है। यह एंजाइम खाने में मौजूद मंड को पचाने का काम शुरू करता है।
🎯 Exam Tip: टाइलिन को एमाइलेज भी कहते हैं, और यह कार्बोहाइड्रेट के पाचन की शुरुआत मुखगुहा में ही कर देता है।
Question 2. उचित शब्दों द्वारा रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
Answer:
(क) मंड का पाचन मुखगुहा में होता है।
(ख) कृन्तक, रदनक, अग्रचवर्णक, चवर्णक दाँतों के चार प्रकार हैं।
(ग) आमाशय में जठररस एवं हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का स्रावण होता है।
(घ) अमीबा अपने भोजन को पादाभों के द्वारा पकड़ता है।
In simple words: खाली जगहों में सही शब्द भरने से ये वाक्य पूरे हो जाते हैं। ये वाक्य पाचन तंत्र और अमीबा के बारे में ज़रूरी जानकारी देते हैं।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, सुनिश्चित करें कि आप संबंधित वैज्ञानिक शब्दों का उपयोग करें और उनकी सही वर्तनी पर ध्यान दें।
Question 3. कॉलम अ में दिये गये कथनों का मिलान कॉलम ब में दिये गये कथनों से कीजिए।
| कॉलम अ | कॉलम ब |
|---|---|
| (क) कार्बोहाइड्रेट | (ब) शर्करा |
| (ख) प्रोटीन | (स) ऐमीनो अम्ल |
| (ग) वसा | (अ) वसा अम्ल एवं ग्लिसरॉल |
(क) कार्बोहाइड्रेट - शर्करा
(ख) प्रोटीन - ऐमीनो अम्ल
(ग) वसा - वसा अम्ल एवं ग्लिसरॉल
In simple words: इस सवाल में हमें अलग-अलग पोषक तत्वों को उनके सबसे छोटे रूप से मिलाना था। कार्बोहाइड्रेट शर्करा में, प्रोटीन ऐमीनो अम्ल में और वसा, वसा अम्ल और ग्लिसरॉल में टूटते हैं।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि पाचन की प्रक्रिया में बड़े पोषक तत्व छोटे, सरल रूपों में टूट जाते हैं ताकि शरीर उन्हें अवशोषित कर सके।
Question 4. निम्नलिखित कथनों में सही कथन पर सही का (√) तथा गलत कथन पर गलत का चिह्न (X) लगायें।
Answer:
(क) चवर्णक भोजन को काटने का कार्य करती है। (X)
(ख) आमाशय की दीवार से जठर रस का स्रावण होता है। (√)
(ग) पेप्सीन द्वारा कार्बोहाइड्रेट का पाचन होता है। (X)
(घ) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल भोजन के माध्यम को क्षारीय बनाता है। (X)
(ङ) रेनिन दूध को दही में बदलता है। (√)
In simple words: इस सवाल में हमें कुछ बातों के सही या गलत होने का पता लगाना था। चबाने वाले दाँत भोजन को काटते नहीं, बल्कि पीसते हैं। आमाशय में जठर रस बनता है। पेप्सीन प्रोटीन पचाता है, कार्बोहाइड्रेट नहीं। हाइड्रोक्लोरिक अम्ल माध्यम को अम्लीय बनाता है, क्षारीय नहीं। रेनिन दूध को दही में बदलता है।
🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में, प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आप पाचन तंत्र के विभिन्न अंगों और उनके कार्यों को समझते हैं।
Question 5. निम्नलिखित पाचन अंगों को सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए- छोटी आँत, मुख, ग्रासनली, बड़ी आँत, गुदा, मलाशय, मुखगुहा, आमाशय
Answer: मुख → मुखगुहा → ग्रासनली → आमाशय → छोटी आँत → बड़ी आँत → मलाशय → गुदा
In simple words: भोजन हमारे शरीर में मुँह से शुरू होकर गुदा तक एक खास रास्ते से होकर गुजरता है। यह रास्ता पाचन तंत्र का सही क्रम है।
🎯 Exam Tip: पाचन अंगों के सही क्रम को याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भोजन के शरीर में यात्रा के मार्ग को दर्शाता है।
Question 6. आहार नाल के कौन से भाग द्वारा निम्नलिखित क्रियाएँ सम्पादित होती हैं-
Answer:
(क) भोजन को चबाना - दाँतों के द्वारा
(ख) जीवाणु नष्ट करना - आमाशय द्वारा
(ग) पचे हुये भोजन का अवशोषण - छोटी आँत के अंतिम भाग द्वारा
(घ) सेलूलोज का पाचन - सीकम या अंधनाल द्वारा
In simple words: यह सवाल पाचन तंत्र के अलग-अलग हिस्सों के कामों के बारे में है। हर काम एक खास अंग में होता है।
🎯 Exam Tip: पाचन क्रियाओं को संबंधित अंगों से जोड़ना याद रखें, क्योंकि यह पाचन प्रक्रिया को समझने में मदद करता है।
Question 7. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) पित्त रस कहाँ बनता है? यह भोजन के किस घटक के पाचन में सहायक है?
Answer: पित्त रस छोटी आँत में बनता है। यह भोजन के वसा, प्रोटीन, पॉलीपेप्टाइड्स स्टार्च तथा माल्टोज के पाचन में मदद करता है। पित्त रस एक महत्वपूर्ण पाचक तरल है जो यकृत द्वारा निर्मित होता है, लेकिन छोटी आँत में कार्य करता है।
In simple words: पित्त रस छोटी आँत में बनता है और यह वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट जैसे भोजन के हिस्सों को पचाने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि पित्त रस का मुख्य कार्य वसा का पायसीकरण (छोटे टुकड़ों में तोड़ना) है, जिससे वसा का पाचन आसान हो जाता है।
Question 7. (ख) आमाशय में स्रावित अम्ल का कार्य बताइए।
Answer: आमाशय की दीवारों से जठर रस निकलता है, जिसमें हाइड्रोक्लोरिक अम्ल होता है। यह अम्ल भोजन के माध्यम को अम्लीय बनाता है। यह भोजन में मौजूद छोटे जीवाणुओं को मार देता है और भोजन को खराब होने से बचाता है। इस अम्लीय वातावरण से पेप्सीन जैसे एंजाइमों को भी काम करने में मदद मिलती है।
In simple words: पेट में एक तेज़ाब (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल) निकलता है जो खाने को खट्टा बनाता है, कीटाणुओं को मारता है और खाने को खराब होने से बचाता है।
🎯 Exam Tip: आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का अम्लीय वातावरण पेप्सीन जैसे पाचक एंजाइमों को सक्रिय करने के लिए आवश्यक है।
Question 7. (ग) शाकाहारी जन्तु की आहार नाल की विशेषता बताइए।
Answer: शाकाहारी जन्तु भोजन को निगलकर आमाशय के एक हिस्से में जमा कर लेते हैं। इस हिस्से को रूमन कहते हैं। रूमन में भोजन का थोड़ा पाचन होता है, जिसे जुगाली कहा जाता है। शाकाहारी जन्तुओं का मुख्य भोजन घास होता है, जिसमें बहुत अधिक सेलुलोज होता है। सेलुलोज को पचाना मुश्किल होता है, इसलिए शाकाहारी जन्तुओं में छोटी आँत और बड़ी आँत के बीच एक लंबी संरचना होती है, जिसे अंधनाल या सीकम कहते हैं। सेलुलोज का पाचन इसी जगह पर होता है। रूमनेंट जानवरों में यह विशेष अनुकूलन उन्हें पौधे-आधारित आहार से अधिकतम पोषक तत्वों को निकालने में मदद करता है।
In simple words: शाकाहारी जानवरों के पाचन तंत्र में रूमन और एक लंबी अंधनाल होती है। रूमन में वे घास को थोड़ा पचाते हैं, जिसे वे बाद में जुगाली करते हैं, और अंधनाल सेलुलोज को पचाने में मदद करती है, जो घास में होता है।
🎯 Exam Tip: शाकाहारी जानवरों की आहार नाल की लंबाई और विशेष संरचनाएं (जैसे रूमन और सीकम) उनके सेलुलोज युक्त भोजन को प्रभावी ढंग से पचाने के लिए अनुकूलित होती हैं।
Question 7. (घ) सूक्ष्मजीव अमीबा में भोजन का अन्तर्ग्रहण और पाचन चित्र द्वारा स्पष्ट कीजिए।
Answer: अमीबा एक बहुत छोटा, एककोशिकीय जीव है जो निरंतर अपना आकार बदलता रहता है। यह भोजन ग्रहण करने के लिए अपने शरीर से अस्थायी उंगलियों जैसी संरचनाएँ निकालता है, जिन्हें पादाभ (नकली पैर) कहते हैं। जब भोजन का कोई कण अमीबा के पास आता है, तो पादाभ भोजन को चारों ओर से घेर लेते हैं और उसे अंदर खींच लेते हैं, जिससे एक खाद्य धानी (food vacuole) बन जाती है। इस खाद्य धानी के अंदर ही भोजन का पाचन होता है, और पचे हुए पोषक तत्व अमीबा के शरीर में अवशोषित हो जाते हैं। शेष अपचित भोजन को बाद में शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है।
In simple words: अमीबा अपने आकार को बदलकर भोजन को पकड़ता है। यह अपनी उंगलियों जैसी संरचनाओं (पादाभ) से भोजन को घेर लेता है और फिर उसे अपने अंदर ले लेता है, जहाँ भोजन पचता है।
🎯 Exam Tip: अमीबा में पादाभ का बनना और भोजन धानी में पाचन की प्रक्रिया को 'फेगोसाइटोसिस' या 'कोशिका भक्षण' के रूप में जाना जाता है, जो एक महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया है।
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UP Board Solutions Class 7 Science Chapter 7 Jantuon mein Poshan
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