UP Board Solutions Class 7 Sanskrit Chapter 4 Atilobho Na Kartavyah

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Chapter Solutions: Class 7 Sanskrit (UP Board) - Chapter 4 अतिलोभो न कर्तव्यः

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Class 7 Sanskrit Chapter 4 अतिलोभो न कर्तव्यः Textbook Solutions with Answers

शब्दार्थाः

कश्चिद् = कोई, प्रासादम् = राजमहल, अतोषयत् = सन्तुष्ट किया, सत्कृतः = सत्कार किया गया, अभीष्टम् = मनोवांछित, मनचाहा, वरय = वरदान माँगो, स्पृश्यमानाः = छुए गएँ, भवतु = हो जाए, तथास्तु = ऐसा ही हो, अन्तर्हितः = अन्तर्धान हो गया, प्रविष्टः = घुसा हुआ, सद्यः = तुरन्त, अस्पृशत् = स्पर्श किया, स्पृष्टानि = छुए हुए, जातानि = हो गया, नितराम् = पूरी तरह से, अतुष्यत् = सन्तुष्ट हो गया, महती = बहुत बड़ी, पिपासा = पीने की इच्छा, जाता = उत्पन्न हुई, पातुम् = पीने के लिए, उद्यतः = तैयार हुआ, स्पृष्टम् = छुआ हुआ या स्पर्श किया गया। सुवर्णपिण्डम् = सोने का गोला, उक्तम् = कहा गया, मृषा = झूठा, आगताः = आयी, समाश्वासयितुम = आश्वस्त करने के लिए, भरोसा दिलाने के लिए अङ्के उपवेशयति स्म = गोद में बैठाया, प्रवृत्तः = लग गया, हन्त = हाय!, प्रतिमा = मूर्ति सञ्जाता = हो गई, व्यलपत् = विलाप किया, निवर्तयतु = लौटा लें, वापस ले लें।

एकस्मिन् देशे ........................................................................................................ अन्तर्हितः ।

हिन्दी अनुवाद – एक देश में एक राजा रहता था। उसका नाम मायादास था। वह बहुत लालची होने के कारण गरीब जैसा जीवन बिताता था। एक बार एक मुनि मायादास के महल में आए। राजा ने उनका सत्कार किया, जिससे मुनि खुश हुए। राजा के सत्कार से खुश होकर मुनि बोले, “राजा, तुम्हारा भला हो। तुम अपनी इच्छा का वरदान माँगो।” जब मुनि ने यह कहा, तो राजा ने लालच में आकर बोला, “मेरे छुए हुए सभी पदार्थ सोने के हो जाएँ।” “ऐसा ही हो” कहकर मुनि अचानक गायब हो गए।

मुनेः वरं ................................................................................................................. भवति ।

हिन्दी अनुवाद – मुनि से वरदान पाकर, घर में घुसकर मायादास ने वहाँ रखी चीजों को छुआ। उसके छूने से सभी चीजें तुरंत सोने की हो गईं। यह देखकर वह बहुत खुश हुआ। इसके बाद उसे प्यास लगी। वह पानी पीने के लिए तैयार हुआ। उसके छूने से पानी भी सोने का गोला बन गया। संत का वचन कभी झूठ नहीं होता।

तस्मिन् ................................................................................................................. व्यलपत् ।

हिन्दी अनुवाद – तभी राजकुमारी फूलों का गुच्छा लेकर वहाँ आई। वह बोली, “पिताजी! ये फूल बहुत सुंदर हैं।” राजा ने गुच्छे को हाथ से छुआ। उसके छूने से गुच्छा सोने का बन गया। यह देखकर राजकुमारी दुखी हुई। बेटी को दिलासा देने के लिए मायादास ने उसे गोद में बिठा लिया; लेकिन हाय! राजकुमारी सोने की मूर्ति बन गई। मायादास दुख के कारण जोर-जोर से रोने लगा।

तदा भाग्यात् ........................................................................................................ कारणम् ।

हिन्दी अनुवाद – तभी भाग्य से वही मुनि राजा के सामने प्रकट हुए। मायादास ने उनसे प्रार्थना की, “महर्षि! कृपया, दिया गया वरदान वापस ले लें। मेरी बेटी ही मेरा जीवन है।”

अभ्यासः

 

Question 1. उच्चारणं कुरुत पुस्तिकायां च लिखत
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें ।

🎯 Exam Tip: संस्कृत में शब्दों का सही उच्चारण करना और उन्हें अभ्यास पुस्तिका में लिखना भाषा सीखने के लिए बहुत जरूरी है।

 

Question 2. एकवाक्येन उत्तरत
(क) मायादासः कः आसीत्?
Answer: मायादास एक राजा था। वह एक राज्य का शासक था, जिसे 'नृपः' भी कहा जाता है।
In simple words: मायादास एक राजा था।

🎯 Exam Tip: जब कोई 'कौन' या 'क्या' पूछता है, तो सीधे तौर पर व्यक्ति का नाम या पद बताकर उत्तर दें।

 

(ख) मायादासः किं अयाचत?
Answer: मायादास ने वरदान माँगा कि मेरे द्वारा छुई गई सभी चीजें सोने की बन जाएँ। उसे सोने से बहुत प्यार था और इसलिए उसने यही इच्छा व्यक्त की।
In simple words: मायादास ने माँगा कि जो भी वह छूए, वह सोना बन जाए।

🎯 Exam Tip: 'क्या माँगा' जैसे प्रश्न का उत्तर देते समय, सीधे और स्पष्ट रूप से उसकी माँग को बताएँ।

 

(ग) “अभीष्टं वरं वरय!” इति कः अवदत्?
Answer: "अभीष्टं वरं वरय!" यह वाक्य एक मुनि ने कहा था। उन्होंने राजा मायादास को अपनी पसंद का वरदान चुनने का अवसर दिया था।
In simple words: "अपनी इच्छा का वरदान माँगो!" यह मुनि ने कहा था।

🎯 Exam Tip: उद्धरण वाले प्रश्नों में, उद्धरण कहने वाले व्यक्ति का नाम सटीक रूप से बताना महत्वपूर्ण है।

 

(घ) “हन्त! कुमारी सुवर्णप्रतिमा सञ्जाता!” इदं वाक्यं कः अवदत् ।
Answer: "हाय! राजकुमारी सोने की मूर्ति बन गई!" यह वाक्य मायादास ने कहा था। उसे अपनी बेटी को छूने के बाद बहुत दुख हुआ था, क्योंकि वह सोने की मूर्ति में बदल गई थी।
In simple words: "हाय! राजकुमारी सोने की मूर्ति बन गई!" मायादास ने यह कहा था।

🎯 Exam Tip: भावनाओं को व्यक्त करने वाले वाक्यों में, यह पहचानना महत्वपूर्ण है कि किस पात्र ने दुख या आश्चर्य के साथ ऐसा कहा।

 

(ङ) किं दुःखस्य कारणम्?
Answer: दुख का कारण लोभ है। जब व्यक्ति बहुत लालची हो जाता है, तो उसे अक्सर परेशानियों और दुख का सामना करना पड़ता है।
In simple words: लालच ही दुख का कारण है।

🎯 Exam Tip: नैतिक शिक्षा वाले पाठों में, दुख या समस्याओं के मूल कारण को हमेशा स्पष्ट रूप से पहचानें और बताएँ।

 

Question 3. उदाहरणानुसारं सन्धि विच्छेदं कुरुत (सन्धि-विच्छेद करके)

सन्धिपदसन्धिविच्छेदःपूर्वपदस्य अन्तिमः वर्णःअन्तिमपदेस्य पूर्व वर्णःद्वयोः योगेन सन्धियुक्त वर्णः
साधूक्तम्साधु + उक्तम्
सुन्दराणीमानिसुन्दराणि + इमानि
चावदत्च + अवदत्
शोकेनौच्चैःशोकेन + उच्चैः
सत्कारेणातोषयत्सत्कारेण + अतोषयत्

Answer: यह तालिका संस्कृत के नियमों के अनुसार शब्दों को तोड़कर और फिर उन्हें जोड़कर कैसे नए शब्द बनते हैं, यह दिखाती है। संस्कृत में वर्णों के मिलने से नए वर्ण बनते हैं, जिन्हें संधि कहते हैं।
In simple words: इस तालिका में दिखाया गया है कि कैसे संस्कृत के शब्द दो भागों में टूटते हैं और फिर मिलकर एक नया शब्द बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: संधि विच्छेद करते समय, मूल शब्दों को पहचानना और उनके अंतिम व प्रारंभिक वर्णों के मेल से होने वाले परिवर्तन को समझना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. संस्कृत भाषायाम् अनुवादं कुरुत (अनुवाद करके)
(क) उसका नाम केशव था
Answer: तस्य नाम केशवः आसीत् ।
In simple words: उसका नाम केशव था।

🎯 Exam Tip: 'उसका नाम ... था' का संस्कृत अनुवाद करते समय, 'तस्य नाम ... आसीत्' का उपयोग करें।

 

Question 4. उसके पिता का नाम रामदास था।
Answer: तस्य पितुः नाम रामदासः आसीत् । पिता के लिए 'पितुः' शब्द का प्रयोग होता है और यह संबंध दर्शाता है।
In simple words: उसके पिता का नाम रामदास था।

🎯 Exam Tip: संबंध कारक (जैसे 'का', 'के', 'की') का अनुवाद करते समय, संस्कृत में षष्ठी विभक्ति का प्रयोग करें, जैसे 'पितुः'।

 

Question 4. उसकी माता का नाम माया देवी था।
Answer: तस्य मातुः नाम मायादेवी आसीत् । माता के लिए 'मातुः' शब्द का उपयोग होता है, जो 'माँ' के साथ संबंध को दर्शाता है।
In simple words: उसकी माँ का नाम माया देवी था।

🎯 Exam Tip: 'उसकी माता' के लिए 'तस्य मातुः' का प्रयोग करें, यह सुनिश्चित करता है कि स्त्रीलिंग शब्द का सही रूप प्रयोग हो।

 

Question 4. एक बार वह बाजार गया ।
Answer: एकदा सः आपणं गतः । 'एकदा' का अर्थ 'एक बार' और 'आपणं गतः' का अर्थ 'बाजार गया' होता है, जिससे वाक्य पूरा होता है।
In simple words: वह एक बार बाजार गया।

🎯 Exam Tip: भूतकाल की क्रियाओं का अनुवाद करते समय, 'गतः' जैसे भूतकालिक कृदंत रूपों का प्रयोग करना उचित है।

 

Question 4. वहाँ वह अपने मित्र से मिला।
Answer: तत्र सः स्वमित्रेण सह अमिलत् । 'तत्र' का अर्थ 'वहाँ', 'स्वमित्रेण' का अर्थ 'अपने मित्र से' और 'अमिलत्' का अर्थ 'मिला' है, जो वाक्य को सही बनाता है।
In simple words: वह वहाँ अपने दोस्त से मिला।

🎯 Exam Tip: 'साथ' के अर्थ में 'सह' का प्रयोग करते समय, जिसके साथ की बात हो, उसमें तृतीया विभक्ति (जैसे 'मित्रेण') का प्रयोग करें।

 

Question 5. मजूषातः क्रियापदानि चित्वा वाक्यानि पूरयत (पूरा करके)
(क) मुनिः अवदत् अभीष्टं वरं वरय।
Answer: मुनिः अवदत् अभीष्टं वरं वरय। यहाँ 'वरय' क्रियापद का अर्थ 'माँगो' है, जो मुनि के कहने को पूरा करता है।
In simple words: मुनि ने कहा, अपनी इच्छा का वरदान माँगो।

🎯 Exam Tip: क्रियापदों का चुनाव करते समय, वाक्य के अर्थ और काल के अनुसार सबसे उपयुक्त शब्द चुनें।

 

(ख) सः भूपतिः वरम् अयाचत्।
Answer: सः भूपतिः वरम् अयाचत्। 'अयाचत्' का अर्थ 'माँगा' है, जो राजा के वरदान माँगने की क्रिया को दर्शाता है।
In simple words: उस राजा ने वर माँगा।

🎯 Exam Tip: वाक्य के कर्ता (भूपतिः) के अनुसार सही पुरुष और वचन की क्रिया (अयाचत्) का प्रयोग करें।

 

(ग) तेन स्पृष्टानि वस्तूनि सद्यः एवं सौवर्णानि जातानि ।
Answer: तेन स्पृष्टानि वस्तूनि सद्यः एवं सौवर्णानि जातानि । यहाँ 'जातानि' का अर्थ 'हो गईं' है, जो वस्तुओं के सोने में बदलने की क्रिया को पूरा करता है।
In simple words: उसके द्वारा छुई गई चीजें तुरंत सोने की बन गईं।

🎯 Exam Tip: बहुवचन कर्ता (वस्तूनि) के साथ बहुवचन क्रिया (जातानि) का प्रयोग सुनिश्चित करें।

 

(घ) तेन स्पृष्टा मञ्जरी सुवर्णमयी जाता।
Answer: तेन स्पृष्टा मञ्जरी सुवर्णमयी जाता। 'जाता' का अर्थ 'हो गई' है, जो एकवचन स्त्रीलिंग कर्ता 'मञ्जरी' के साथ सही बैठता है।
In simple words: उसके द्वारा छुई गई फूलों की मंजरी सोने की हो गई।

🎯 Exam Tip: स्त्रीलिंग एकवचन कर्ता (मञ्जरी) के साथ स्त्रीलिंग एकवचन क्रिया (जाता) का उपयोग करें।

 

(ङ) मायादासः उद्यानात् जलम् आनयत्।
Answer: मायादासः उद्यानात् जलम् आनयत्। 'आनयत्' का अर्थ 'लाया' है, जो मायादास द्वारा जल लाने की क्रिया को दर्शाता है।
In simple words: मायादास बगीचे से पानी लाया।

🎯 Exam Tip: पंचमी विभक्ति (उद्यानात्) का प्रयोग करें जब किसी स्थान से कुछ लाने की बात हो ('से' के अर्थ में)।

 

Question 6. नोट – विद्यार्थी हिन्दी अनुवाद वाला भाग पढ़ें ।
Answer: विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे पाठ के हिंदी अनुवाद वाले हिस्से को ध्यान से पढ़ें। यह उन्हें कहानी और उसके संदेश को अच्छी तरह से समझने में मदद करेगा।
In simple words: छात्रों को कहानी समझने के लिए हिंदी अनुवाद वाला हिस्सा पढ़ना चाहिए।

🎯 Exam Tip: हिंदी अनुवाद को पढ़ने से संस्कृत पाठ का अर्थ स्पष्ट होता है और कठिन शब्दों को समझने में आसानी होती है।

 

Question 7. चित्रं दृष्ट्वा मञ्जूषाताः पदानि चे प्रयुज्य वाक्यानि रचयत (चित्र पाठ्यपुस्तक से देखकर )
Answer: शिक्षक श्यामपट्ट पर लिख रहा है। छात्र प्रश्न पूछ रहे हैं। छात्राएँ अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिख रही हैं। यह सब एक कक्षा के माहौल को दर्शाता है जहाँ पढ़ाई हो रही है।
नोट – विद्यार्थी शिक्षण-संकेत स्वयं करें ।
In simple words: अध्यापक श्यामपट्ट पर लिख रहा है। छात्र सवाल पूछ रहे हैं और छात्राएँ कॉपी में लिख रही हैं।

🎯 Exam Tip: चित्र वर्णन करते समय, चित्र में दिख रही सभी प्रमुख क्रियाओं और पात्रों का स्पष्ट रूप से उल्लेख करें।

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