UP Board Solutions Class 7 Sanskrit Chapter 14 Virangana Vishpala

Get the most accurate UP Board Solutions for Class 7 Sanskrit Chapter 14 वीरंगना विशपाला here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 7 Sanskrit. Our expert-created answers for Class 7 Sanskrit are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 14 वीरंगना विशपाला UP Board Solutions for Class 7 Sanskrit

For Class 7 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 7 Sanskrit solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 14 वीरंगना विशपाला solutions will improve your exam performance.

Class 7 Sanskrit Chapter 14 वीरंगना विशपाला UP Board Solutions PDF

शब्दार्थाः

वीराङ्गना = वीर स्त्री,
कुर्वती = करती हुई,
परिवेष्टिता जाता = घेर ली गई,
छिन्नौ = कट गए,
हतोत्साहा = उत्साह रहित,
आहूतवान् = बुलाया,
अकल्पयताम् = जोड़ दिया, बना दिया,
निहितम् = जमा किया हुआ,
इत्थम् = इस प्रकार,
आहृतवती = ले ली,
अत एवोक्तम् = इसलिए कहा गया है,
सत्तवे = पराक्रम में,
उपकरणे = साधन में ।

वैदिकयुगेः

हिन्दी अनुवाद

वैदिक युग में खेल नामक कोई राजा था। वह खेल में अत्यन्त कुशल और विशेषज्ञ था; इसलिए उसका नाम खेल था। उसकी पत्नी युद्ध में निपुण और वीर नारी थी। उसका नाम 'विश्पला' था। एक युद्ध में वह युद्ध करती हुई शत्रु द्वारा घेर ली गई, उसके दोनों पैर भी कट गए, वह विकलांग हो गई परन्तु वीर नारी विश्पला निरुत्साहित नहीं हुई। उसके साहस, वीरता और उत्साह को देखकर खेलराज के मार्गनिर्देशक अगस्त्य ने उसी रात में देवचिकित्सक अश्विनी कुमार को बुलाया। उसने विश्पला के दोनों पैर लोहे के लगा दिए और उस वीर नारी ने इसके बाद बहुत उत्साह से शत्रुओं का धन जीत लिया। इस प्रकार, पहले से विकलांग होते हुए भी वीर नारी विश्पला ने लोहे के पैरों की सहायता से शत्रुओं को जीतकर उनका धन प्राप्त किया। अतः कहा गया है- बहुत साधन न होने पर भी पराक्रम से कार्य सिद्ध होता है।

अभ्यासः

 

Question 1. उच्चारणं कुरुत पुस्तिकायां च लिखत
Answer: विद्यार्थी इस प्रश्न को स्वयं करें। यह अभ्यास उच्चारण और लिखने से संबंधित है, जिससे बच्चे अपनी पाठ्यपुस्तक से शब्दों का सही उच्चारण करना सीखते हैं।
In simple words: छात्रों को यह अभ्यास खुद करना है। इसमें पाठ के शब्दों का सही उच्चारण और लिखने का अभ्यास करना होता है।

🎯 Exam Tip: उच्चारण और लिखने का अभ्यास करने से नए शब्दों को याद रखना आसान होता है। इसे नियमित रूप से करने से भाषा पर पकड़ मजबूत होती है।

 

Question 2. एकपदेन उत्तरत

 

Question 2. (क) विश्पली का आसीत्?
Answer: विश्पला एक वीर स्त्री थी। वह युद्ध में कुशल थी और उसने बहुत पराक्रम दिखाया।
In simple words: विश्पला एक बहादुर महिला थी। वह युद्ध लड़ने में बहुत निपुण थी।

🎯 Exam Tip: जब 'का' शब्द प्रश्न में आता है, तो उत्तर में व्यक्ति के नाम के साथ उसकी पहचान या पद का उल्लेख करें।

 

Question 2. (ख) सा कस्य पत्नी आसीत्?
Answer: वह खेलराज की पत्नी थी। खेलराज वैदिक युग का एक राजा था जो खेल में निपुण था।
In simple words: वह खेलराज की पत्नी थी। खेलराज एक कुशल राजा था।

🎯 Exam Tip: 'कस्य' प्रश्न का उत्तर देते समय, व्यक्ति के नाम के साथ उसके संबंध को सही विभक्ति में प्रयोग करें।

 

Question 2. (ग) अगस्त्यः किम् अकरोत्?
Answer: अगस्त्य ऋषि ने देव चिकित्सक अश्विनी कुमार को बुलाया था। उन्होंने विश्पला के इलाज में मदद की।
In simple words: ऋषि अगस्त्य ने अश्विनी कुमार नाम के डॉक्टरों को बुलाया। उन्होंने विश्पला का इलाज करने में मदद की।

🎯 Exam Tip: 'किम् अकरोत्' जैसे प्रश्न में क्रिया के साथ-साथ यह भी बताएं कि किसने क्या किया।

 

Question 2. (घ) युद्धे तस्याः किम् अभवत्?
Answer: युद्ध में उसके दोनों पैर कट गए थे। हालाँकि, वह फिर भी निरुत्साहित नहीं हुई।
In simple words: लड़ाई में उसके दोनों पैर कट गए थे। फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी।

🎯 Exam Tip: घटना-आधारित प्रश्नों में मुख्य घटना का स्पष्ट रूप से उल्लेख करें।

 

Question 2. (ङ) उत्साहयुक्ता विश्पला किम अकरोत्?
Answer: उत्साह से भरी विश्पला ने शत्रुओं का जमा किया हुआ धन जीत लिया। उसने लोहे के पैरों की सहायता से यह कार्य किया।
In simple words: विश्पला ने दुश्मनों का सारा धन जीत लिया। उसने लोहे के पैरों का इस्तेमाल किया।

🎯 Exam Tip: जब किसी कार्य के बारे में पूछा जाए, तो कार्य के परिणाम और कैसे किया गया, दोनों बताएं।

 

Question 3. सन्धि-विच्छेदं कुरुत (सन्धि-विच्छेद करके)
Answer:

पदम्सन्धि-विच्छेदः
वीराङ्गनावीर + अङ्गना
विकलाङ्गीविकल + अङ्गी
नोपकरणेन + उपकरणे
सन्धि-विच्छेद शब्दों को उनके मूल भागों में तोड़ने की प्रक्रिया है, जिससे उनका अर्थ स्पष्ट होता है।
In simple words: सन्धि-विच्छेद का मतलब है शब्द को उसके छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ना। इससे उसका अर्थ समझना आसान हो जाता है।

🎯 Exam Tip: सन्धि-विच्छेद करते समय स्वरों और व्यंजनों के नियमों को ध्यान में रखें, खासकर जब स्वर सन्धि या व्यंजन सन्धि हो।

 

Question 4. पाठस्य आधारे रिक्तस्थानानि पूरयत (पूरे करके)
Answer:
(क) वैदिक युगे कश्चित् खेल राजा आसीत् ।
(ख) तस्य पत्नी विश्पला वीराङ्गना आसीत्।
(ग) एकस्मिन् युद्धे सा युद्धं कुर्वन्ती शत्रुभिः परिवेष्टिता जाता।
(घ) वीराङ्गना विश्पला हतोत्साही न जाता ।।
पाठ के आधार पर रिक्त स्थानों को भरने से कहानी की सही जानकारी की पुष्टि होती है।
In simple words: पाठ से जानकारी लेकर खाली जगह भरो। इससे पता चलता है कि आपको कहानी याद है।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और व्याकरणिक शुद्धता पर ध्यान दें। उत्तर पाठ से ही होना चाहिए।

 

Question 5. निम्नलिखितपदानां विभक्तिं वचनं च लिखत (लिखकर)
Answer:

यथा - वैदिकयुगेविभक्तिःवचनम्
(क) क्रीडायाम्सप्तमीएकवचनम्
(ख) तस्यषष्ठीएकवचनम्
(ग) शत्रुभिःतृतीयाबहुवचनम्
(घ) पादौप्रथमाद्विवचनम्
विभक्ति और वचन से संस्कृत शब्दों का वाक्य में सही प्रयोग समझा जा सकता है।
In simple words: विभक्ति और वचन से पता चलता है कि संस्कृत शब्दों का वाक्य में सही इस्तेमाल कैसे करें।

🎯 Exam Tip: शब्दों के रूप याद रखना महत्वपूर्ण है। इससे आप विभक्ति और वचन को सही ढंग से पहचान पाएंगे और वाक्यों को ठीक से बना पाएंगे।

 

Question 6. संस्कृतभाषायाम् अनुवादं कुरुत (अनुवाद करके)
Answer:
(क) विश्पला एक बार युद्ध में शत्रुओं के द्वारा घेर ली गई।
अनुवाद : एकदा विश्पला युद्धे शत्रुभिः परिवेष्टिता जाता।
(ख) अश्विनीकुमारों ने लोहे के पैर लगा दिए।
अनुवाद : अश्विनीकुमारौ लौहनिर्मितौ पादौ अकल्पयताम् ।
(ग) उसने पुनः युद्ध किया तथा शत्रुओं को जीत लिया।
अनुवाद : सा पुनः युद्धं अकरोत् तथा शत्रून् जितवती ।
सही अनुवाद के लिए मूल भाषा के अर्थ और व्याकरण को समझना आवश्यक है।
In simple words: सही अनुवाद करने के लिए आपको मूल भाषा का मतलब और व्याकरण समझना ज़रूरी है।

🎯 Exam Tip: अनुवाद करते समय, हिन्दी वाक्य के कर्ता, कर्म और क्रिया को पहचानें और संस्कृत में उनके सही रूपों का प्रयोग करें।

 

Question 7. कर्तुः पुरुष-वचनानुसारं क्रियापदं चित्वा वाक्यं रचयत (वाक्य रचकर)-
Answer: विद्यार्थी इस प्रश्न को शिक्षण-संकेतों के अनुसार स्वयं करें। इसमें कर्ता के पुरुष और वचन के हिसाब से सही क्रियापद चुनकर वाक्य बनाने का अभ्यास करना है।
In simple words: छात्रों को यह प्रश्न शिक्षक के बताए अनुसार खुद करना है। इसमें कर्ता के पुरुष और वचन के अनुसार सही क्रिया चुनकर वाक्य बनाना सीखना है।

🎯 Exam Tip: कर्ता और क्रिया के बीच सही मेल बहुत महत्वपूर्ण है। हमेशा कर्ता के पुरुष (प्रथम, मध्यम, उत्तम) और वचन (एकवचन, द्विवचन, बहुवचन) के अनुसार क्रियापद का प्रयोग करें।

UP Board Solutions Class 7 Sanskrit Chapter 14 वीरंगना विशपाला

Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 14 वीरंगना विशपाला prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 7 Sanskrit textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 14 वीरंगना विशपाला

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 7 Sanskrit chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 7 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Sanskrit Class 7 Solved Papers

Using our Sanskrit solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 7 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 14 वीरंगना विशपाला to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 7 Sanskrit Chapter 14 वीरंगना विशपाला for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 7 Sanskrit Chapter 14 वीरंगना विशपाला is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 7 Sanskrit are as per latest UP Board curriculum.

Are the Sanskrit UP Board solutions for Class 7 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 7 Sanskrit Chapter 14 वीरंगना विशपाला as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Sanskrit concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 7 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 7 Sanskrit Chapter 14 वीरंगना विशपाला will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 7 Sanskrit Chapter 14 वीरंगना विशपाला in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 7 Sanskrit. You can access UP Board Solutions Class 7 Sanskrit Chapter 14 वीरंगना विशपाला in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Sanskrit UP Board solutions for Class 7 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 7 Sanskrit Chapter 14 वीरंगना विशपाला in printable PDF format for offline study on any device.