UP Board Solutions Class 7 Maths Chapter 5 Tribhuj

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Detailed Chapter 5 त्रिभुज UP Board Solutions for Class 7 Maths

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Class 7 Maths Chapter 5 त्रिभुज UP Board Solutions PDF

अभ्यास 5 (a)

 

प्रश्न 1. आकृति 5.18 में ∠B समकोण है, भुजा CA की माप होगी?
(i) 5 सेमी
(ii) 10 सेमी
(iii) 8 सेमी
(iv) 6 सेमी
Answer: (ii) 10 सेमी
हल:
समकोण त्रिभुज ABC में, पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( CA^2 = AB^2 + BC^2 \)
\( CA^2 = 6^2 + 8^2 \)
\( CA^2 = 36 + 64 \)
\( CA^2 = 100 \)
\( CA^2 = 10^2 \)
\( CA = 10 \) सेमी
In simple words: एक समकोण त्रिभुज में, सबसे लंबी भुजा (कर्ण) का वर्ग अन्य दो छोटी भुजाओं के वर्गों के जोड़ के बराबर होता है। यहाँ, हमने 6 और 8 सेमी की भुजाओं का वर्ग करके जोड़ा और फिर उसका वर्गमूल निकाला, जिससे 10 सेमी आया।

🎯 Exam Tip: पाइथागोरस प्रमेय को याद रखें, जो कहता है कि एक समकोण त्रिभुज में कर्ण का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है (\( a^2 + b^2 = c^2 \)).

A C B 6 सेमी 8 सेमी आकृति 5.18

 

प्रश्न 2. आकृति 5.19 ∠A समकोण हो, तो AB की माप होगी?
(i) 25 सेमी
(ii) 13 सेमी
(iii) 5 सेमी
(iv) 12 सेमी
Answer: (iii) 5 सेमी
हल:
समकोण त्रिभुज ABC में, पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( BC^2 = AB^2 + CA^2 \)
हमें \( AB^2 \) ज्ञात करना है, इसलिए समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
\( AB^2 = BC^2 - CA^2 \)
\( AB^2 = 13^2 - 12^2 \)
\( AB^2 = 169 - 144 \)
\( AB^2 = 25 \)
\( AB^2 = 5^2 \)
\( AB = 5 \) सेमी
In simple words: इस समकोण त्रिभुज में, हमें एक भुजा की लंबाई ज्ञात करनी है। हमने सबसे लंबी भुजा (कर्ण) के वर्ग में से दूसरी दी गई भुजा का वर्ग घटाया और फिर उसका वर्गमूल निकाला। यह पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने का एक और तरीका है।

🎯 Exam Tip: ध्यान रखें कि कर्ण हमेशा समकोण के सामने होता है और यह त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा होती है।

A C B 12 सेमी 13 सेमी आकृति 5.19 90°

 

प्रश्न 3. निम्नलिखित आकृतियों में समकोण त्रिभुजों को देखकर अपनी अभ्यास पुस्तिका में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Answer:
हल:
(i) दी गई आकृति में, पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( 4^2 + 7^2 = x^2 \)
\( 16 + 49 = x^2 \)
\( 65 = x^2 \)
(ii) दी गई आकृति में, पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( 5^2 + 5^2 = a^2 \)
\( 25 + 25 = a^2 \)
\( 50 = a^2 \)
(iii) दी गई आकृति में, पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( P^2 + 7^2 = 13^2 \)
\( P^2 = 13^2 - 7^2 \)
\( P^2 = 169 - 49 \)
\( P^2 = 120 \)
(iv) दी गई आकृति में, पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( y^2 + 8^2 = 10^2 \)
\( y^2 = 10^2 - 8^2 \)
\( y^2 = 100 - 64 \)
\( y^2 = 36 \)
In simple words: इन सभी समकोण त्रिभुजों में, हमने पाइथागोरस के नियम का उपयोग किया है। नियम कहता है कि सबसे लंबी भुजा का वर्ग बाकी दो भुजाओं के वर्गों के जोड़ के बराबर होता है। हमने ज्ञात मानों का उपयोग करके अज्ञात भुजा की लंबाई के लिए समीकरण बनाए हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों को भरते समय, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सबसे लंबी भुजा (कर्ण) की पहचान करें, जो समकोण के सामने होती है।

x 4 7 (i) a 5 5 (ii) P 13 7 (iii) y 10 8 (iv)

 

प्रश्न 4. △ABC में ∠ABC समकोण है। यदि AB = 7 सेमी और BC = 24 सेमी, तो CA की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल:
समकोण त्रिभुज ABC में, पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( CA^2 = AB^2 + BC^2 \)

\( \implies CA^2 = 7^2 + 24^2 \)

\( \implies CA^2 = 49 + 576 \)

\( \implies CA^2 = 625 \)

\( \implies CA^2 = 25^2 \)

\( \implies CA = 25 \) सेमी
In simple words: हमने पाइथागोरस नियम का उपयोग करके त्रिभुज की तीसरी भुजा (कर्ण) की लंबाई ज्ञात की। यह तब लागू होता है जब एक त्रिभुज में एक कोण ठीक 90 डिग्री का होता है।

🎯 Exam Tip: यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपकी गणना सही है, हमेशा कर्ण की लंबाई को अन्य दो भुजाओं से अधिक लंबा पाएं।

A C B 7 24

 

प्रश्न 5. आयत ABCD में विकर्ण CA = 20 सेमी और AB = 16 सेमी। BC की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल:
आयत ABCD में, त्रिभुज ABC एक समकोण त्रिभुज बनाता है जिसमें ∠B समकोण है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( CA^2 = AB^2 + BC^2 \)
हमें BC की लम्बाई ज्ञात करनी है, इसलिए समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
\( BC^2 = CA^2 - AB^2 \)

\( \implies BC^2 = 20^2 - 16^2 \)

\( \implies BC^2 = 400 - 256 \)

\( \implies BC^2 = 144 \)

\( \implies BC^2 = 12^2 \)

\( \implies BC = 12 \) सेमी
In simple words: एक आयत में, विकर्ण और दो आसन्न भुजाएँ एक समकोण त्रिभुज बनाती हैं। हमने पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके आयत की चौड़ाई (BC) ज्ञात की, जिसमें विकर्ण (CA) कर्ण होता है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि एक आयत के सभी कोण 90° होते हैं, इसलिए कोई भी विकर्ण आयत को दो समकोण त्रिभुजों में विभाजित करता है।

D C A B 16 cm 20 cm

 

प्रश्न 6. 65 डेसीमी लम्बी सीढ़ी को दीवार से 25 डेसीमी हटाकर लगाया गया है, दीवार के आधार से सीढ़ी के ऊपरी सिरे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल:
माना दीवार के आधार से सीढ़ी के ऊपरी सिरे की ऊँचाई \( = h \) डेसीमी है।
एक समकोण त्रिभुज ABC की कल्पना करने पर, जहाँ:
सीढ़ी की लम्बाई (कर्ण) \( CA = 65 \) डेसीमी
दीवार से सीढ़ी के निचले सिरे की दूरी (आधार) \( BC = 25 \) डेसीमी
दीवार की ऊँचाई (लम्ब) \( AB = h \) डेसीमी
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( CA^2 = AB^2 + BC^2 \)

\( \implies 65^2 = h^2 + 25^2 \)

\( \implies h^2 = 65^2 - 25^2 \)

\( \implies h^2 = 4225 - 625 \)

\( \implies h^2 = 3600 \)

\( \implies h^2 = 60^2 \)

\( \implies h = 60 \) डेसीमी
अतः दीवार के आधार से सीढ़ी के ऊपरी सिरे की ऊँचाई \( = 60 \) डेसीमी है।
In simple words: हमने एक सीढ़ी, दीवार और जमीन के बीच बनने वाले एक समकोण त्रिभुज का उपयोग किया। सीढ़ी कर्ण थी, और जमीन पर उसकी दूरी आधार थी। हमने पाइथागोरस नियम का उपयोग करके दीवार की ऊँचाई ज्ञात की।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सुनिश्चित करें कि आप भौतिक वस्तुओं और उनके द्वारा बनाए गए समकोण त्रिभुज के बीच सही संबंध की पहचान करते हैं।

A C B 65 डेसीमी 25 डेसीमी

 

प्रश्न 7. 26 मीटर लम्बा एक तार है। उसका एक सिरा 24 मीटर ऊँचे खम्भे के ऊपरी सिरे से बँधा है। और दूसरा जमीन में गड़ा है। जमीन पर खम्भे और तार के निचले सिरे के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल:
माना जमीन पर खम्भे और तार के निचले सिरे के बीच की दूरी \( = x \) मी है।
एक समकोण त्रिभुज ABC की कल्पना करने पर, जहाँ:
तार की लम्बाई (कर्ण) \( AB = 26 \) मी
खम्भे की ऊँचाई (लम्ब) \( AC = 24 \) मी
खम्भे से तार के निचले सिरे की दूरी (आधार) \( BC = x \) मी
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( AB^2 = BC^2 + AC^2 \)

\( \implies 26^2 = x^2 + 24^2 \)

\( \implies x^2 = 26^2 - 24^2 \)

\( \implies x^2 = 676 - 576 \)

\( \implies x^2 = 100 \)

\( \implies x^2 = 10^2 \)

\( \implies x = 10 \) मी
अतः जमीन पर खम्भे और तार के निचले सिरे के बीच की दूरी \( = 10 \) मी है।
In simple words: हमने एक खम्भे, तार और जमीन के बीच बनने वाले एक समकोण त्रिभुज का उपयोग किया। तार कर्ण था, खम्भा लंब था, और हमने जमीन पर खम्भे से तार की दूरी ज्ञात की।

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप ज्ञात और अज्ञात मानों को सही ढंग से समकोण त्रिभुज की भुजाओं पर रखते हैं।

A C B 26 मी 24 मी x

 

प्रश्न 8. निम्नलिखित पाइथागोरियन त्रिक हैं। प्रत्येक से तीन-तीन पाइथागोरियन त्रिक बनाइए।
(i) 3,4,5
(ii) 5, 12, 13
(iii) 8, 15, 17
Answer:
हल:
(i) 3, 4, 5 एक पाइथागोरियन त्रिक है। हम इसे विभिन्न पूर्ण संख्याओं से गुणा करके और त्रिक बना सकते हैं:
1. इसे 2 से गुणा करने पर: \( (3 \times 2, 4 \times 2, 5 \times 2) = (6, 8, 10) \)
2. इसे 3 से गुणा करने पर: \( (3 \times 3, 4 \times 3, 5 \times 3) = (9, 12, 15) \)
3. इसे 4 से गुणा करने पर: \( (3 \times 4, 4 \times 4, 5 \times 4) = (12, 16, 20) \)

(ii) 5, 12, 13 एक पाइथागोरियन त्रिक है। हम इसे विभिन्न पूर्ण संख्याओं से गुणा करके और त्रिक बना सकते हैं:
1. इसे 2 से गुणा करने पर: \( (2 \times 5, 2 \times 12, 2 \times 13) = (10, 24, 26) \)
2. इसे 3 से गुणा करने पर: \( (3 \times 5, 3 \times 12, 3 \times 13) = (15, 36, 39) \)
3. इसे 4 से गुणा करने पर: \( (4 \times 5, 4 \times 12, 4 \times 13) = (20, 48, 52) \)

(iii) 8, 15, 17 एक पाइथागोरियन त्रिक है। हम इसे विभिन्न पूर्ण संख्याओं से गुणा करके और त्रिक बना सकते हैं:
1. इसे 2 से गुणा करने पर: \( (2 \times 8, 2 \times 15, 2 \times 17) = (16, 30, 34) \)
2. इसे 3 से गुणा करने पर: \( (3 \times 8, 3 \times 15, 3 \times 17) = (24, 45, 51) \)
3. इसे 4 से गुणा करने पर: \( (4 \times 8, 4 \times 15, 4 \times 17) = (32, 60, 68) \)
In simple words: पाइथागोरियन त्रिक संख्याओं का एक समूह है जो पाइथागोरस प्रमेय को संतुष्ट करता है। यदि आप एक मूल त्रिक की सभी संख्याओं को एक ही संख्या से गुणा करते हैं, तो आपको एक नया पाइथागोरियन त्रिक मिलता है।

🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण गुण है कि किसी भी पाइथागोरियन त्रिक के गुणज भी पाइथागोरियन त्रिक होते हैं।

 

प्रश्न 9. निम्नलिखित में पाइथागोरियन त्रिक छाँटकर लिखिएः
(i) 5, 12, 13
(ii) 7,8, 15
(iii) 6,7,8
(iv) 8, 15, 17
(v) 3,4,5
Answer:
हल:
पाइथागोरियन त्रिक की पहचान करने के लिए, हम जांचते हैं कि क्या सबसे बड़ी संख्या का वर्ग अन्य दो संख्याओं के वर्गों के योग के बराबर है।

(i) 5, 12, 13 में, सबसे बड़ी संख्या 13 है।
\( 13^2 = 169 \)
\( 5^2 + 12^2 = 25 + 144 = 169 \)
चूँकि \( 169 = 169 \), अतः (5, 12, 13) एक पाइथागोरियन त्रिक है।

(ii) 7, 8, 15 में, सबसे बड़ी संख्या 15 है।
\( 15^2 = 225 \)
\( 7^2 + 8^2 = 49 + 64 = 113 \)
चूँकि \( 225 \neq 113 \), अतः (7, 8, 15) पाइथागोरियन त्रिक नहीं है।

(iii) 6, 7, 8 में, सबसे बड़ी संख्या 8 है।
\( 8^2 = 64 \)
\( 6^2 + 7^2 = 36 + 49 = 85 \)
चूँकि \( 64 \neq 85 \), अतः (6, 7, 8) पाइथागोरियन त्रिक नहीं है।

(iv) 8, 15, 17 में, सबसे बड़ी संख्या 17 है।
\( 17^2 = 289 \)
\( 8^2 + 15^2 = 64 + 225 = 289 \)
चूँकि \( 289 = 289 \), अतः (8, 15, 17) पाइथागोरियन त्रिक है।

(v) 3, 4, 5 में, सबसे बड़ी संख्या 5 है।
\( 5^2 = 25 \)
\( 3^2 + 4^2 = 9 + 16 = 25 \)
चूँकि \( 25 = 25 \), अतः (3, 4, 5) पाइथागोरियन त्रिक है।
In simple words: हमने हर समूह में सबसे बड़ी संख्या का वर्ग किया और फिर दो छोटी संख्याओं के वर्गों को जोड़ा। यदि दोनों परिणाम समान थे, तो वह समूह एक पाइथागोरियन त्रिक था।

🎯 Exam Tip: यह जांचने के लिए कि तीन संख्याएं एक पाइथागोरियन त्रिक हैं या नहीं, हमेशा सबसे बड़ी संख्या को कर्ण मानें और पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके जांच करें।

 

प्रश्न 10. सत्यापन कीजिए यदि कोई n विषम संख्या है तो n, \( \frac{n^2-1}{2} \), \( \frac{n^2+1}{2} \) पाइथागोरियन त्रिक हैं।
Answer:
हल:
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार: \( (\text{कर्ण})^2 = (\text{लम्ब})^2 + (\text{आधार})^2 \)
हमें यह सत्यापित करना है कि \( n \), \( \frac{n^2-1}{2} \), \( \frac{n^2+1}{2} \) एक पाइथागोरियन त्रिक हैं।
यहाँ, सबसे बड़ी संख्या \( \frac{n^2+1}{2} \) है (क्योंकि \( n \) विषम है, \( n^2-1 \) और \( n^2+1 \) सम होंगे, इसलिए \( \frac{n^2-1}{2} \) और \( \frac{n^2+1}{2} \) पूर्ण संख्याएँ होंगी)।
हमें दिखाना है कि: \( \left(\frac{n^2+1}{2}\right)^2 = n^2 + \left(\frac{n^2-1}{2}\right)^2 \)
दायाँ पक्ष (RHS):
\( n^2 + \left(\frac{n^2-1}{2}\right)^2 \)
\( = n^2 + \frac{(n^2-1)^2}{4} \)
\( = \frac{4n^2 + (n^2-1)^2}{4} \)
\( = \frac{4n^2 + (n^4 - 2n^2 + 1)}{4} \)
\( = \frac{n^4 + 2n^2 + 1}{4} \)
\( = \frac{(n^2+1)^2}{4} \)
\( = \left(\frac{n^2+1}{2}\right)^2 \)
यह बाएँ पक्ष (LHS) के बराबर है।
अतः, बायाँ पक्ष = दायाँ पक्ष।
इसलिए, \( n \), \( \frac{n^2-1}{2} \), \( \frac{n^2+1}{2} \) एक पाइथागोरियन त्रिक हैं। यह विषम संख्याओं के लिए पाइथागोरियन त्रिक बनाने का एक सामान्य सूत्र है।
In simple words: हमने एक सूत्र का उपयोग करके दिखाया कि यदि आप एक विषम संख्या लेते हैं, तो आप उससे पाइथागोरियन त्रिक बना सकते हैं। हमने यह साबित करने के लिए गणित के नियमों का पालन किया कि सबसे बड़ी संख्या का वर्ग अन्य दो संख्याओं के वर्गों के जोड़ के बराबर होता है।

🎯 Exam Tip: इस सूत्र को याद रखना पाइथागोरियन त्रिक को जल्दी पहचानने और बनाने में सहायक होता है, खासकर जब आधार संख्या विषम हो।

अभ्यास 5 (b)

 

प्रश्न 1. त्रिभुज ABC की रचना कीजिए जिसकी भुजा BC=6.0 सेमी ∠B=50° तथा CA+AB=8.0 सेमी
Answer:
हल:
दिया गया है कि त्रिभुज ABC में, रेखाखंड BC = 6 सेमी, ∠B = 50°, और CA + AB = 8 सेमी। हमें त्रिभुज ABC की रचना करनी है।
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, एक रेखाखंड BC = 6 सेमी खींचिए।
2. बिंदु B पर, एक किरण BY खींचिए जो BC के साथ 50° का कोण बनाती हो।
3. किरण BY पर एक बिंदु D इस प्रकार अंकित कीजिए कि BD = CA + AB = 8 सेमी हो।
4. बिंदु D को C से मिलाइए।
5. रेखाखंड CD का लंब समद्विभाजक खींचिए जो BD को बिंदु A पर प्रतिच्छेद करे।
6. बिंदु A को C से मिलाइए।
इस प्रकार, त्रिभुज ABC अभीष्ट त्रिभुज है।
In simple words: हमने एक भुजा, एक कोण और अन्य दो भुजाओं के योग का उपयोग करके एक त्रिभुज बनाया। हमने एक रेखा खींची, फिर कोण बनाया, और फिर भुजाओं के योग के बराबर एक चाप काटा। अंत में, हमने कुछ रेखाएँ जोड़कर त्रिभुज को पूरा किया।

🎯 Exam Tip: जब दो भुजाओं का योग दिया गया हो, तो हमेशा उस योग के बराबर एक चाप काटें और फिर उस चाप के अंतिम बिंदु को तीसरी भुजा के दूसरे बिंदु से जोड़ें।

B C 6 सेमी A Y D 50°

 

प्रश्न 2. △ABC की रचना कीजिए जिसमें BC = 7.5 सेमी, ∠B = 45° तथा AB – CA = 2.0 सेमी
Answer:
हल:
दिया गया है कि त्रिभुज ABC में, रेखाखंड BC = 7.5 सेमी, ∠B = 45°, और AB - CA = 2 सेमी। हमें त्रिभुज ABC की रचना करनी है।
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, एक रेखाखंड BC = 7.5 सेमी खींचिए।
2. बिंदु B पर, परकार और पटरी की सहायता से 45° का कोण बनाती हुई किरण BX खींचिए।
3. किरण BX पर एक बिंदु D इस प्रकार अंकित कीजिए कि BD = AB - CA = 2 सेमी हो।
4. बिंदु D को C से मिलाइए।
5. रेखाखंड CD का लंब समद्विभाजक खींचिए जो BX को बिंदु A पर काटता है।
6. बिंदु A को C से मिलाइए।
इस प्रकार, त्रिभुज ABC अभीष्ट त्रिभुज है।
In simple words: इस प्रकार के त्रिभुज बनाने के लिए, हमने पहले एक आधार रेखा बनाई, फिर एक कोण बनाया और भुजाओं के अंतर के बराबर एक रेखा खंड मापा। फिर हमने एक और रेखाखंड का लंब समद्विभाजक बनाया ताकि हमें तीसरा बिंदु मिल सके।

🎯 Exam Tip: जब दो भुजाओं का अंतर दिया गया हो, तो हमेशा ध्यान दें कि बड़ी भुजा में से छोटी भुजा का अंतर दिया गया है या नहीं, और उसी दिशा में रेखाखंड काटें।

B C 7.5 सेमी X 45° D 2 सेमी A

 

प्रश्न 3. △ABC की रचना कीजिए जिसमें BC = 5 सेमी, ∠B = 50° तथा AC – AB = 2 सेमी
Answer:
हल:
दिया गया है कि त्रिभुज ABC में, रेखाखंड BC = 5 सेमी, ∠B = 50°, और AC - AB = 2 सेमी। हमें त्रिभुज ABC की रचना करनी है।
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, एक रेखाखंड BC = 5 सेमी खींचिए।
2. बिंदु B पर, 50° का कोण बनाती हुई एक किरण BX खींचिए और इसे B की ओर नीचे बढ़ाते हुए एक किरण BY खींचिए।
3. किरण BY पर एक बिंदु D इस प्रकार अंकित कीजिए कि BD = AC - AB = 2 सेमी हो। (चूँकि AC > AB है, बिंदु D को BX के विपरीत दिशा में, अर्थात BY पर लिया जाएगा।)
4. बिंदु D को C से मिलाइए।
5. रेखाखंड CD का लंब समद्विभाजक खींचिए जो किरण BX को बिंदु A पर काटता है।
6. बिंदु A को C से मिलाइए।
इस प्रकार, त्रिभुज ABC अभीष्ट त्रिभुज है।
In simple words: जब हमें एक त्रिभुज में एक कोण और दो भुजाओं का अंतर दिया जाता है, तो हमें उस किरण को आगे बढ़ाना पड़ सकता है जिस पर कोण बनाया गया है। यह हमें सही बिंदु खोजने में मदद करता है ताकि भुजाओं का अंतर सही हो।

🎯 Exam Tip: यदि भुजाओं का अंतर \( AC - AB \) दिया गया है और \( AC > AB \) है, तो किरण BX को विपरीत दिशा में बढ़ाएँ और अंतर के बराबर रेखाखंड उसी दिशा में काटें।

B C 5 सेमी X 50° Y D A

अभ्यास 5 (c)

 

प्रश्न 1. नीचे दी गई भुजाओं और कोणों से त्रिभुज खींचकर उनके शीर्षलम्ब खीचिए तथा जाँच कीजिए कि प्रत्येक त्रिभुज के शीर्षलम्ब संगामी हैं। (i) 3.4 सेमी. 5.4 सेमी. 4.5 सेमी; (ii) दो भुजाएँ 6 सेमी और 4.5 सेमी तथा इनके बीच का कोण 120°; (iii) दो भुजाएँ 5 सेमी और 4 सेमी तथा इनके बीच की कोण 90°; (iv) दो कोण 65° तथा 80° और बीच की भुजा 5 सेमी ।।
Answer:
हल:
(i) 3.4 सेमी, 5.4 सेमी, 4.5 सेमी भुजाओं वाले त्रिभुज की रचना और शीर्षलम्ब खींचना:
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, दी गई भुजाओं की माप से एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए। उदाहरण के लिए, BC = 5.4 सेमी, AB = 3.4 सेमी, AC = 4.5 सेमी।
2. शीर्ष A से भुजा BC पर एक शीर्षलम्ब AL खींचिए। (AL \( \perp \) BC)
3. शीर्ष B से भुजा AC पर एक शीर्षलम्ब BM खींचिए। (BM \( \perp \) AC)
4. शीर्ष C से भुजा AB पर एक शीर्षलम्ब CN खींचिए। (CN \( \perp \) AB)
5. तीनों शीर्षलम्ब AL, BM और CN को एक ही बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हुए देखें।
अतः, प्रत्येक त्रिभुज के शीर्षलम्ब संगामी होते हैं। (यह बिंदु त्रिभुज का लंबकेंद्र कहलाता है)।
(ii) तथा (iii) और (iv) खंड की रचना खंड (i) की तरह ही की जाएगी। विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से स्वयं करें।
In simple words: हमने एक त्रिभुज बनाया और फिर हर कोने से सामने वाली भुजा पर एक सीधी रेखा खींची जो उस भुजा से 90 डिग्री का कोण बनाती थी। हमने देखा कि ये सभी रेखाएँ एक ही बिंदु पर मिलती हैं, जिसका मतलब है कि वे संगामी हैं। अन्य भागों के लिए भी ऐसी ही प्रक्रिया अपनानी है।

🎯 Exam Tip: त्रिभुज के शीर्षलम्ब हमेशा एक ही बिंदु पर मिलते हैं। यदि यह बिंदु त्रिभुज के अंदर है, तो त्रिभुज न्यूनकोण है। यदि यह बाहर है, तो त्रिभुज अधिककोण है।

A C B 3.4 cm 5.4 cm 4.5 cm L M N O

 

प्रश्न 2. एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC खीचिए, जिसमें AB=AC, शीर्ष A से शीर्षलम्ब AL खीचिए। मापकर बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या नहीं।
(i) BL = LC
(ii) ∠B = ∠C
(iii) ∠BAL = ∠CAL
(iv) शीर्षलम्ब AL ने समद्विबाहु △ ABC को दो सर्वांगसम त्रिभुजों में बाँट दिया है।
Answer:
हल:
समद्विबाहु त्रिभुज ABC की रचना करने पर, जहाँ AB = AC है, और शीर्ष A से शीर्षलम्ब AL खींचने पर:
(i) BL = LC: सत्य
(ii) ∠B = ∠C: सत्य
(iii) ∠BAL = ∠CAL: सत्य
(iv) शीर्षलम्ब AL ने समद्विबाहु △ ABC को दो सर्वांगसम त्रिभुजों में बाँट दिया है: सत्य
एक समद्विबाहु त्रिभुज में, बराबर भुजाओं के सम्मुख कोण भी बराबर होते हैं। साथ ही, शीर्ष कोण से विपरीत भुजा पर खींचा गया शीर्षलम्ब उस भुजा को समद्विभाजित करता है और शीर्ष कोण को भी समद्विभाजित करता है। इससे दो सर्वांगसम त्रिभुज बनते हैं।
In simple words: एक विशेष त्रिभुज में जिसकी दो भुजाएँ बराबर होती हैं, यदि हम शीर्ष से एक सीधी रेखा खींचते हैं जो आधार से लंबवत हो, तो वह आधार को दो बराबर भागों में बांटती है। साथ ही, यह रेखा शीर्ष कोण को भी दो बराबर हिस्सों में बांटती है, और त्रिभुज के दो आधे हिस्से बिल्कुल एक जैसे होते हैं।

🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज में शीर्षलम्ब, माध्यिका और कोण समद्विभाजक एक ही रेखा होते हैं। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुण है।

A C B L

 

प्रश्न 3. AABC में ∠C समकोण है। इस त्रिभुज का बिना शीर्षलम्ब खींचे तथा केन्द्र बताइए।
Answer:
हल:
त्रिभुज ABC में, यदि ∠C समकोण है, तो त्रिभुज का लंबकेंद्र (orthocenter) बिंदु C होगा।
ऐसा इसलिए है क्योंकि समकोण त्रिभुज में दो भुजाएँ (AC और BC) स्वयं शीर्षलम्ब के रूप में कार्य करती हैं और वे समकोण पर मिलती हैं, जो कि बिंदु C है। इस बिंदु पर त्रिभुज के तीन शीर्षलम्ब एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करते हैं।
In simple words: एक समकोण त्रिभुज में, लंबकेंद्र हमेशा उस कोने पर होता है जहाँ 90 डिग्री का कोण बनता है। क्योंकि वहाँ की दो भुजाएँ पहले से ही एक-दूसरे पर लंबवत होती हैं।

🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज का लंबकेंद्र हमेशा समकोण वाले शीर्ष पर स्थित होता है। इसे याद रखने से समय बचता है।

A B C

अभ्यास 5(d)

 

प्रश्न 1. निम्नलिखित कथनों को अपनी अभ्यास-पुस्तिका में लिखकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: (पूर्ति करके)
Answer:
उत्तर:

  • त्रिभुज की माध्यिका वह रेखाखंड है जो इसके किसी शीर्ष को सम्मुख भुजा के मध्यबिंदु से मिलाती है।
  • किसी त्रिभुज की माध्यिकाएँ संगामी होती हैं।
  • त्रिभुज की माध्यिकाएँ जिस बिंदु पर मिलती हैं उसे केन्द्रक कहते हैं।
माध्यिकाएँ त्रिभुज के शीर्ष को विपरीत भुजा के मध्यबिंदु से जोड़ती हैं, और वे हमेशा एक ही बिंदु पर प्रतिच्छेद करती हैं जिसे केन्द्रक कहा जाता है।
In simple words: माध्यिका त्रिभुज के एक कोने से सामने वाली भुजा के बीच तक जाने वाली रेखा है। सभी माध्यिकाएँ एक ही जगह पर मिलती हैं, जिसे केन्द्रक कहते हैं।

🎯 Exam Tip: केन्द्रक हमेशा त्रिभुज के अंदर स्थित होता है, चाहे त्रिभुज किसी भी प्रकार का हो।

A C B D

 

प्रश्न 2. एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC खीचिए, जिसमें AB = AC माध्यिका AD खीचिए। नापकर बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं या नहीं।
Answer:
उत्तर:
एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC की रचना करने पर, जहाँ AB = AC है, और माध्यिका AD खींचने पर:

  • AD, BC पर लम्ब है। (सत्य)
  • AD, ∠A को समद्विभाजित करता है। (सत्य)
  • AD, BC का लंब समद्विभाजक है। (सत्य)
समद्विबाहु त्रिभुज में, शीर्ष से असमान भुजा पर खींची गई माध्यिका हमेशा उस भुजा पर लंब होती है और शीर्ष कोण को भी समद्विभाजित करती है। इसलिए, यह लंब समद्विभाजक के रूप में कार्य करती है।
In simple words: यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ बराबर हैं, तो ऊपर वाले कोने से नीचे वाली भुजा के बीच तक खींची गई रेखा (माध्यिका) न केवल उस भुजा को दो बराबर भागों में बांटती है, बल्कि वह उस भुजा से सीधी (लंबवत) भी मिलती है और ऊपर वाले कोण को भी आधा करती है।

🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के ये गुण बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्हें याद रखें क्योंकि वे कई ज्यामितीय समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं।

 

प्रश्न 3. AD, BE और CF किसी △ABC की माध्यिकाएँ हैं और G इसका केन्द्रक है। यदि BE=CF, तो △GBC किस प्रकार का त्रिभुज है? आकृति बनाकर देखिए।
(i) विषमबाहु
(ii) समद्विबाहु
(iii) समबाहु
Answer: (ii) समद्विबाहु
हल:
हम जानते हैं कि केन्द्रक (G) माध्यिकाओं को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है।
यदि \( BE = CF \) (दी गई माध्यिकाएँ बराबर हैं), तो यह एक विशेष प्रकार का त्रिभुज है जिसे समद्विबाहु त्रिभुज कहते हैं।
तब, \( BG = \frac{2}{3} BE \) और \( CG = \frac{2}{3} CF \)
चूंकि \( BE = CF \), तो \( BG = CG \) होगा।
त्रिभुज GBC में, यदि \( BG = CG \) है, तो यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
अतः, त्रिभुज GBC एक समद्विबाहु त्रिभुज है।
In simple words: त्रिभुज के केन्द्रक पर माध्यिकाएँ एक-दूसरे को 2:1 के अनुपात में काटती हैं। यदि दो माध्यिकाएँ बराबर हैं, तो केन्द्रक से बनी निचली भुजाओं वाले त्रिभुज की दो भुजाएँ भी बराबर होंगी, जिससे वह एक समद्विबाहु त्रिभुज बन जाएगा।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि यदि किसी त्रिभुज की दो माध्यिकाएँ बराबर होती हैं, तो त्रिभुज समद्विबाहु होता है। यह केन्द्रक के गुणों का सीधा परिणाम है।

A C B D E F G

अभ्यास 5 (e)

 

प्रश्न 1. एक रेखाखण्ड AB लेकर उसकी लम्ब समद्विभाजक रेखा खीचिए। पर कोई बिन्दु P लेकर PA और PB को नापिए। क्या PA और PB बराबर हैं?
Answer:
हल:
हाँ, PA और PB बराबर हैं।
लंब समद्विभाजक पर स्थित कोई भी बिंदु रेखाखंड के दोनों अंतिम बिंदुओं से समान दूरी पर होता है। यह लंब समद्विभाजक की एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुण है।
In simple words: जब आप एक रेखा को बिल्कुल बीच से दो बराबर भागों में बांटते हैं और उस पर एक सीधी रेखा (लंबवत) खींचते हैं, तो उस सीधी रेखा पर कोई भी बिंदु मूल रेखा के दोनों सिरों से बराबर दूरी पर होता है।

🎯 Exam Tip: यह अवधारणा ज्यामिति में बहुत महत्वपूर्ण है और इसका उपयोग सर्वांगसम त्रिभुजों को सिद्ध करने और अन्य ज्यामितीय निर्माणों में किया जाता है।

A B P l

 

प्रश्न 2. एक समकोण त्रिभुज ABC खीचिए, जिसमें ∠C समकोण हो। AB का मध्य बिन्दु O ज्ञात कीजिए। केन्द्र O और त्रिज्या OA वाला एक वृत्त खीचिए। क्या यह C से होकर जाता है? △ABC के संदर्भ में, बिन्दु O को क्या कहते हैं?
Answer:
हल:
हाँ, केंद्र O और त्रिज्या OA वाला वृत्त बिंदु C से होकर जाता है।
त्रिभुज ABC के संदर्भ में, बिंदु O को परिकेन्द्र कहते हैं।
एक समकोण त्रिभुज में, कर्ण का मध्यबिंदु हमेशा त्रिभुज का परिकेन्द्र होता है। परिकेन्द्र वह बिंदु है जहाँ से त्रिभुज के सभी शीर्षों तक की दूरी समान होती है, जिससे एक पर वृत्त खींचा जा सकता है जो सभी शीर्षों से होकर गुजरता है।
In simple words: जब आप एक समकोण त्रिभुज बनाते हैं, तो सबसे लंबी भुजा (कर्ण) का ठीक बीच का बिंदु उस त्रिभुज के लिए बहुत खास होता है। उस बिंदु से, आप एक घेरा खींच सकते हैं जो त्रिभुज के तीनों कोनों को छूता है। इस खास बीच के बिंदु को परिकेन्द्र कहते हैं।

🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण प्रमेय है: एक समकोण त्रिभुज का परिकेन्द्र हमेशा उसके कर्ण का मध्यबिंदु होता है।

A B C O 90°

 

प्रश्न 3. नीचे दी गई भुजाओं और कोणों से त्रिभुज बनाइए और उनकी भुजाओं के लम्ब समद्विभाजक खीचिए और जाँच कीजिए कि वे संगामी हैं।
(i) 7 सेमी, 5 सेमी और 4 सेमी
(ii) 6 सेमी तथा भुजा पर बने कोण 90° और 30°
(iii) 4.5 सेमी, 2.5 सेमी, बीच कोण 105°
Answer:
हल:
(i) 7 सेमी, 5 सेमी और 4 सेमी भुजाओं वाले त्रिभुज की रचना और लंब समद्विभाजक खींचना:
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, दी गई भुजाओं की माप से एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए। उदाहरण के लिए, AB = 7 सेमी, BC = 5 सेमी, AC = 4 सेमी।
2. भुजा AB का लंब समद्विभाजक \( l \) खींचिए।
3. भुजा BC का लंब समद्विभाजक \( m \) खींचिए।
4. भुजा AC का लंब समद्विभाजक \( n \) खींचिए।
5. तीनों लंब समद्विभाजक \( l, m \) और \( n \) को एक ही बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हुए देखें।
अतः, ये संगामी हैं। (यह बिंदु त्रिभुज का परिकेन्द्र कहलाता है)।

(ii) 6 सेमी भुजा तथा 90° और 30° कोणों वाले त्रिभुज की रचना और लंब समद्विभाजक खींचना:
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, एक रेखाखंड AB = 6 सेमी खींचिए।
2. बिंदु A पर 90° का कोण और बिंदु B पर 30° का कोण बनाइए। इन कोणों की किरणें एक-दूसरे को बिंदु C पर काटेंगी।
3. भुजा AB का लंब समद्विभाजक खींचिए।
4. भुजा BC का लंब समद्विभाजक खींचिए।
5. भुजा AC का लंब समद्विभाजक खींचिए।
6. तीनों लंब समद्विभाजक को एक ही बिंदु पर प्रतिच्छेद करते हुए देखें।
अतः, ये संगामी हैं। (यह बिंदु त्रिभुज का परिकेन्द्र है)।

(iii) 4.5 सेमी, 2.5 सेमी भुजाओं तथा बीच कोण 105° वाले त्रिभुज की रचना और लंब समद्विभाजक खींचना:
इस खंड की रचना खंड (ii) की भाँति ही की जाएगी। विद्यार्थी अपने अध्यापक की सहायता से स्वयं करें।
In simple words: हमने अलग-अलग तरीकों से त्रिभुज बनाए (कभी भुजाओं से, कभी भुजा और कोणों से)। फिर हमने हर भुजा के ठीक बीच से एक सीधी रेखा खींची। हमने देखा कि ये सभी रेखाएँ हमेशा एक ही बिंदु पर मिलती हैं।

🎯 Exam Tip: सभी त्रिभुजों में लंब समद्विभाजक हमेशा एक ही बिंदु पर मिलते हैं। समकोण त्रिभुज में यह कर्ण के मध्यबिंदु पर होता है।

A C B n m l Q A B C 90° 30° O

अभ्यास 5 (f)

 

प्रश्न 1. नीचे दी गई भुजाओं तथा कोणों से त्रिभुज बनाइए और उनके कोणों के समद्विभाजक खींचकर जाँच कीजिए कि क्या वे संगामी हैं।
(i) 3.4 सेमी, 4 सेमी तथा 2.5 सेमी
(ii) 4.6 सेमी, 3.5 सेमी तथा बीच का कोण 120°
(iii) 5 सेमी, 4 सेमी तथा 2.5 सेमी।
Answer:
हल:
(i) 3.4 सेमी, 4 सेमी तथा 2.5 सेमी भुजाओं वाले त्रिभुज की रचना और कोणों के समद्विभाजक खींचना:
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, दी गई भुजाओं की माप से एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए। उदाहरण के लिए, BC = 4 सेमी, AB = 3.4 सेमी, AC = 2.5 सेमी।
2. कोण ∠A का समद्विभाजक खींचिए।
3. कोण ∠B का समद्विभाजक खींचिए।
4. कोण ∠C का समद्विभाजक खींचिए।
5. तीनों कोण समद्विभाजक को एक ही बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हुए देखें।
अतः, ये संगामी हैं। (यह बिंदु त्रिभुज का अंतःकेंद्र कहलाता है)।

(ii) 4.6 सेमी, 3.5 सेमी भुजाओं तथा बीच का कोण 120° वाले त्रिभुज की रचना और कोणों के समद्विभाजक खींचना:
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, दी गई भुजाओं और कोणों की माप से एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए। उदाहरण के लिए, AB = 4.6 सेमी, BC = 3.5 सेमी, और ∠B = 120°।
2. कोण ∠A का समद्विभाजक खींचिए।
3. कोण ∠B का समद्विभाजक खींचिए।
4. कोण ∠C का समद्विभाजक खींचिए।
5. तीनों कोण समद्विभाजक को एक ही बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हुए देखें।
अतः, ये संगामी हैं।

(iii) 5 सेमी, 4 सेमी तथा 2.5 सेमी भुजाओं वाले त्रिभुज की रचना और कोणों के समद्विभाजक खींचना:
इस खंड की रचना खंड (i) की भाँति ही की जाएगी। विद्यार्थी स्वयं करें।
In simple words: हमने अलग-अलग त्रिभुज बनाए और फिर हर कोने के कोण को दो बराबर हिस्सों में बांटने वाली रेखाएँ खींचीं। हमने देखा कि ये सभी रेखाएँ हमेशा एक ही बिंदु पर मिलती हैं, चाहे त्रिभुज किसी भी तरह का हो।

🎯 Exam Tip: त्रिभुज के सभी कोण समद्विभाजक हमेशा एक ही बिंदु पर मिलते हैं। यह बिंदु त्रिभुज के अंतःवृत्त का केंद्र होता है।

A C B 3.4 cm 4 cm 2.5 cm O A C B 4.6 cm 3.5 cm 120° O

 

प्रश्न 2. एक समबाहु △ABC खीचिए और उसका केन्द्र ज्ञात कीजिए। यह भी ज्ञात कीजिए कि इसके परिकेन्द्र, लम्बकेन्द्र व केन्द्रक इसके अन्तः केन्द्र पर संपाती हैं।
Answer:
हल:
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, एक समबाहु त्रिभुज ABC खींचिए (अर्थात, जिसकी सभी भुजाएँ बराबर हों)।
2. कोण ∠A, ∠B तथा ∠C के समद्विभाजक खींचिए। ये समद्विभाजक त्रिभुज के अंदर एक बिंदु O पर मिलेंगे।
बिंदु O समबाहु त्रिभुज का अंतःकेंद्र है।
चूँकि एक समबाहु त्रिभुज में, अंतःकेंद्र, परिकेन्द्र, लंबकेंद्र और केन्द्रक सभी एक ही बिंदु पर संपाती होते हैं।
अतः, समबाहु त्रिभुज के परिकेन्द्र, लंबकेंद्र व केन्द्रक इसके अंतःकेंद्र पर संपाती हैं।
In simple words: एक समबाहु त्रिभुज वह होता है जिसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं। इस खास त्रिभुज में, सभी महत्वपूर्ण बिंदु (जैसे परिकेन्द्र, लंबकेंद्र, केन्द्रक और अंतःकेंद्र) एक ही जगह पर होते हैं। हमने त्रिभुज बनाकर यह दिखाया कि सभी कोणों को आधा करने वाली रेखाएँ एक ही बिंदु पर मिलती हैं, जो सभी केंद्रों को दर्शाता है।

🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज के लिए यह अद्वितीय गुण है कि उसके सभी महत्वपूर्ण केंद्र (अंतःकेंद्र, परिकेन्द्र, लंबकेंद्र, केन्द्रक) एक ही बिंदु पर स्थित होते हैं।

 

प्रश्न 3. पाश्र्व चित्र में △ABC समद्विबाहु त्रिभुज है, इसमें AB= AC है, AP, ∠A का अर्धक है। यह रेखाखण्ड AP, BC का लम्बार्धक है या नहीं। चित्र खींचकर और नापकर बताइए।
Answer:
हल:
हाँ, रेखाखंड AP, BC का लंब समद्विभाजक है।
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC खींचिए, जिसमें AB = AC हो।
2. कोण ∠A का कोण समद्विभाजक AP खींचिए।
3. भुजा BC का लंब समद्विभाजक खींचिए।
4. हम देखेंगे कि कोण समद्विभाजक AP भुजा BC के लंब समद्विभाजक के साथ संपाती है (अर्थात, वे एक ही रेखा हैं)।
यह समद्विबाहु त्रिभुज का एक गुण है कि शीर्ष कोण का समद्विभाजक विपरीत भुजा का लंब समद्विभाजक भी होता है।
In simple words: एक विशेष त्रिभुज में जिसकी दो भुजाएँ बराबर होती हैं, यदि हम ऊपर वाले कोने के कोण को आधा करते हुए एक रेखा खींचते हैं, तो वह रेखा नीचे वाली भुजा को दो बराबर भागों में बांटती है और उससे सीधी (लंबवत) भी मिलती है।

🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज में, शीर्ष कोण का समद्विभाजक, विपरीत भुजा की माध्यिका, और उस भुजा का लंब समद्विभाजक सभी एक ही रेखा होते हैं।

A C B P

अभ्यास 5 (g)

 

प्रश्न 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (पूर्ति करके)
Answer:
हल:

  • समकोण त्रिभुज का परिकेन्द्र कर्ण पर स्थित होता है।
  • अधिक कोण त्रिभुज का परिकेन्द्र त्रिभुज के बाह्य क्षेत्र में स्थित होता है।
  • न्यूनकोण त्रिभुज का परिकेन्द्र त्रिभुज अंतः क्षेत्र में स्थित होता है।
परिकेन्द्र वह बिंदु होता है जो त्रिभुज के सभी शीर्षों से समान दूरी पर होता है। इसकी स्थिति त्रिभुज के कोणों के प्रकार पर निर्भर करती है।
In simple words: परिकेन्द्र एक खास बिंदु है जो त्रिभुज के तीनों कोनों से बराबर दूर होता है। यह बिंदु समकोण त्रिभुज में सबसे लंबी भुजा पर, अधिककोण त्रिभुज में त्रिभुज के बाहर, और न्यूनकोण त्रिभुज में त्रिभुज के अंदर होता है।

🎯 Exam Tip: परिकेन्द्र की स्थिति त्रिभुज के प्रकार का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। इसे हमेशा याद रखें।

 

प्रश्न 2. एक त्रिभुज ABC खीचिए जिसमें AB=3 सेमी, BC=4 सेमी और AC=5 सेमी। इस त्रिभुज का परिकेन्द्र ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल:
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, दी गई माप के अनुसार एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए। (चूंकि \( 3^2 + 4^2 = 9 + 16 = 25 = 5^2 \), यह एक समकोण त्रिभुज है जिसका समकोण B पर है)।
2. भुजा AB का लंब समद्विभाजक खींचिए।
3. भुजा BC का लंब समद्विभाजक खींचिए।
4. भुजा AC का लंब समद्विभाजक खींचिए।
5. तीनों लंब समद्विभाजक एक-दूसरे को एक बिंदु O पर काटते हैं।
अतः, बिंदु O त्रिभुज का परिकेन्द्र है। यह त्रिभुज के कर्ण (AC) पर स्थित है, क्योंकि यह एक समकोण त्रिभुज है।
In simple words: हमने तीन भुजाओं से एक त्रिभुज बनाया। फिर हमने हर भुजा के बीच से एक सीधी रेखा खींची। ये सभी सीधी रेखाएँ एक ही बिंदु पर मिलीं, जिसे परिकेन्द्र कहते हैं। इस त्रिभुज में, यह बिंदु सबसे लंबी भुजा के बीच में था।

🎯 Exam Tip: यह पहचानने में सक्षम होना महत्वपूर्ण है कि दी गई भुजाओं वाला त्रिभुज समकोण त्रिभुज है या नहीं, क्योंकि परिकेन्द्र की स्थिति इस पर निर्भर करती है।

A C B 3 cm 4 cm 5 cm P Q R O

 

प्रश्न 3. एक अधिक कोण त्रिभुज ABC बनाइए जिसका कोण B अधिक कोण हो, इस त्रिभुज का परिकेन्द्र ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल:
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, किसी भी माप का एक अधिक कोण त्रिभुज ABC बनाइए, जिसका कोण B अधिक कोण हो (अर्थात, 90° से अधिक)।
2. भुजा AB का लंब समद्विभाजक खींचिए।
3. भुजा BC का लंब समद्विभाजक खींचिए।
4. हम देखेंगे कि ये लंब समद्विभाजक एक-दूसरे को त्रिभुज के बाहर एक बिंदु O पर काटते हैं।
अतः, बिंदु O त्रिभुज ABC का परिकेन्द्र है, और यह त्रिभुज के बाहर स्थित है।
In simple words: जब एक त्रिभुज में एक कोण 90 डिग्री से बड़ा होता है, तो उसका परिकेन्द्र त्रिभुज के बाहर होता है। हमने एक ऐसा त्रिभुज बनाया और उसकी भुजाओं के बीच से सीधी रेखाएँ खींचीं। ये रेखाएँ त्रिभुज के बाहर मिलीं, जो उस त्रिभुज का परिकेन्द्र है।

🎯 Exam Tip: अधिक कोण त्रिभुज में परिकेन्द्र हमेशा त्रिभुज के बाहर स्थित होता है। यह परिकेन्द्र की स्थिति के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी है।

A B C N P Q O

अभ्यास 5 (h)

 

प्रश्न 1. एक△ABC बनाइए, जिसका ∠B अधिक कोण हो। इस त्रिभुज का लंबकेन्द्र ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल:
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, एक त्रिभुज ABC बनाइए, जिसमें कोण B अधिक कोण हो (जैसे 120°)।
2. शीर्ष A से विपरीत भुजा BC पर एक शीर्षलम्ब खींचिए, इसे बढ़ाने पर यह त्रिभुज के बाहर कटेगा।
3. शीर्ष C से विपरीत भुजा AB पर एक शीर्षलम्ब खींचिए, इसे बढ़ाने पर यह त्रिभुज के बाहर कटेगा।
4. ये दोनों शीर्षलम्ब एक-दूसरे को त्रिभुज के बाहर एक बिंदु O पर काटेंगे।
अतः, बिंदु O त्रिभुज का लंबकेंद्र है, जो त्रिभुज के बाह्य क्षेत्र में स्थित है।
In simple words: जब त्रिभुज में एक कोण 90 डिग्री से अधिक होता है, तो उसका लंबकेंद्र त्रिभुज के बाहर होता है। हमने एक ऐसा त्रिभुज बनाया और उसके दो कोनों से सीधी रेखाएँ खींचीं जो सामने वाली भुजाओं से सीधी मिलती हैं। ये रेखाएँ त्रिभुज के बाहर मिलीं, जो उसका लंबकेंद्र है।

🎯 Exam Tip: अधिक कोण त्रिभुज का लंबकेंद्र हमेशा त्रिभुज के बाहर स्थित होता है। इसे आसानी से याद रखने के लिए, कल्पना करें कि लंबवत रेखाएँ अंदर मिलने के बजाय बाहर मिलती हैं।

A B C O

 

प्रश्न 2. न्यूनकोण त्रिभुज ABC बनाइए तथा इसका लम्बकेन्द्र ज्ञात कीजिए। यह भी बताइए कि इस त्रिभुज का लम्बकेन्द्र त्रिभुज के अन्तः क्षेत्र में स्थित है अथवा बाह्य क्षेत्र में।
Answer:
हल:
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, एक न्यूनकोण त्रिभुज ABC बनाइए (अर्थात, जिसके सभी कोण 90° से कम हों)।
2. शीर्ष A से विपरीत भुजा BC पर एक शीर्षलम्ब खींचिए।
3. शीर्ष B से विपरीत भुजा AC पर एक शीर्षलम्ब खींचिए।
4. शीर्ष C से विपरीत भुजा AB पर एक शीर्षलम्ब खींचिए।
5. तीनों शीर्षलम्ब एक-दूसरे को त्रिभुज के अंदर एक बिंदु O पर काटते हैं।
अतः, बिंदु O त्रिभुज का लंबकेंद्र है, और यह त्रिभुज के अंतः क्षेत्र में स्थित है।
In simple words: एक न्यूनकोण त्रिभुज में (जहाँ सभी कोण 90 डिग्री से कम होते हैं), लंबकेंद्र हमेशा त्रिभुज के अंदर होता है। हमने त्रिभुज बनाया और उसके तीनों कोनों से सीधी रेखाएँ खींचीं जो सामने वाली भुजाओं से सीधी मिलती हैं। ये रेखाएँ त्रिभुज के अंदर एक ही बिंदु पर मिलीं।

🎯 Exam Tip: न्यूनकोण त्रिभुज का लंबकेंद्र हमेशा त्रिभुज के अंदर स्थित होता है। यह लंबकेंद्र की स्थिति के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी है।

C B A O

अभ्यास 5 (i)

 

प्रश्न 1. समकोण त्रिभुज ABC में ∠B समकोण है। AB = 3 सेमी, BC=4 सेमी। इस त्रिभुज की रचना कर इसका केन्द्रक ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल:
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, दी गई माप के अनुसार एक समकोण त्रिभुज ABC की रचना कीजिए। (AB = 3 सेमी, BC = 4 सेमी, और ∠B = 90°)।
2. भुजा AB, BC और AC के मध्यबिंदु क्रमशः F, D और E ज्ञात कीजिए।
3. त्रिभुज की माध्यिकाएँ AD, BE और CF खींचिए। (माध्यिकाएँ शीर्ष को विपरीत भुजा के मध्यबिंदु से जोड़ती हैं)।
4. तीनों माध्यिकाएँ एक-दूसरे को बिंदु G पर काटती हैं।
अतः, बिंदु G त्रिभुज का केन्द्रक है।
In simple words: हमने एक समकोण त्रिभुज बनाया और फिर उसकी हर भुजा के बीच के बिंदु को सामने वाले कोने से जोड़ा। ये तीनों रेखाएँ (माध्यिकाएँ) एक ही बिंदु पर मिलीं, जिसे केन्द्रक कहते हैं।

🎯 Exam Tip: केन्द्रक हमेशा त्रिभुज के अंदर स्थित होता है और माध्यिकाओं को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है। यह गुण केन्द्रक के लिए महत्वपूर्ण है।

A C B 3 cm 4 cm F D E G

 

प्रश्न 2. एक त्रिभुज की माध्यिकाएँ क्रमशः 6 सेमी, 9 सेमी और 12 सेमी लम्बी है। इस त्रिभुज के केन्द्रक द्वारा माध्यिकाओं के विभाजित भाग ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल:
दिया गया है कि त्रिभुज की माध्यिकाएँ AD = 6 सेमी, BE = 9 सेमी, CF = 12 सेमी हैं।
हम जानते हैं कि त्रिभुज का केन्द्रक (G) माध्यिकाओं को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है।
आनुपातिक योग \( = 2+1=3 \)

माध्यिका AD के लिए:
\( AG = \frac{2}{3} \times AD = \frac{2}{3} \times 6 = 4 \) सेमी
\( GD = \frac{1}{3} \times AD = \frac{1}{3} \times 6 = 2 \) सेमी

माध्यिका BE के लिए:
\( BG = \frac{2}{3} \times BE = \frac{2}{3} \times 9 = 6 \) सेमी
\( GE = \frac{1}{3} \times BE = \frac{1}{3} \times 9 = 3 \) सेमी

माध्यिका CF के लिए:
\( CG = \frac{2}{3} \times CF = \frac{2}{3} \times 12 = 8 \) सेमी
\( GF = \frac{1}{3} \times CF = \frac{1}{3} \times 12 = 4 \) सेमी
In simple words: केन्द्रक वह बिंदु होता है जहाँ त्रिभुज की सभी माध्यिकाएँ मिलती हैं। यह बिंदु हर माध्यिका को 2 और 1 के अनुपात में बांटता है। हमने हर माध्यिका की लंबाई को इस अनुपात में बांटकर उसके दो हिस्से ज्ञात किए।

🎯 Exam Tip: केन्द्रक का माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करने का गुण त्रिभुजों से संबंधित समस्याओं में बहुत उपयोगी होता है। यह अनुपात हमेशा समान रहता है।

A C B D E F G

अभ्यास 5 (j)

 

प्रश्न 1. आकृति 5.50 में दो त्रिभुज ABC और PQR समरूप हैं। इनकी भुजाओं की लम्बाइयाँ सेमी में अंकित है। x और y ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल:
दिया गया है कि △ABC और △PQR समरूप त्रिभुज हैं।
समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है:
\( \frac{AC}{PR} = \frac{BC}{QR} = \frac{AB}{PQ} \)

दी गई भुजाएँ:
\( AC = y \), \( AB = 3 \) सेमी, \( BC = x \)
\( PR = 3 \) सेमी, \( QR = 2 \) सेमी, \( PQ = 3 \) सेमी

अनुपात को लागू करने पर:
\( \frac{y}{3} = \frac{x}{2} = \frac{3}{3} \)

\( \implies \frac{y}{3} = 1 \)

\( \implies y = 3 \) सेमी

\( \implies \frac{x}{2} = 1 \)

\( \implies x = 2 \) सेमी
In simple words: जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी सभी संगत भुजाओं की लंबाइयों का अनुपात हमेशा समान होता है। हमने इस नियम का उपयोग करके अज्ञात भुजाओं x और y की लंबाइयों को ज्ञात किया।

🎯 Exam Tip: समरूप त्रिभुजों में, संगत भुजाएँ और कोण समान अनुपात में होते हैं। हमेशा संगत भुजाओं का सही जोड़ा बनाएं।

A C B y x 3 P R Q 3 सेमी 2 सेमी 3 सेमी आकृति 5.50

 

प्रश्न 2. यदि किसी त्रिभुज ABC और त्रिभुज PQR में उनकी भुजाएँ क्रमशः AB = 3 सेमी, BC=5 सेमी, CA=4 सेमी तथा PQ=7 सेमी, PR=6 सेमी, QR=8 सेमी है, तो त्रिभुज समरूप हैं या नहीं?
Answer:
हल:
दो त्रिभुज समरूप होंगे यदि उनकी संगत भुजाओं का अनुपात समान हो।
हमें जांचना है कि \( \frac{AB}{PQ} = \frac{BC}{QR} = \frac{CA}{PR} \) है या नहीं।

दी गई भुजाएँ:
त्रिभुज ABC: \( AB = 3 \) सेमी, \( BC = 5 \) सेमी, \( CA = 4 \) सेमी
त्रिभुज PQR: \( PQ = 7 \) सेमी, \( QR = 8 \) सेमी, \( PR = 6 \) सेमी

अनुपात की गणना करने पर:
\( \frac{AB}{PQ} = \frac{3}{7} \)
\( \frac{BC}{QR} = \frac{5}{8} \)
\( \frac{CA}{PR} = \frac{4}{6} = \frac{2}{3} \)

चूंकि \( \frac{3}{7} \neq \frac{5}{8} \neq \frac{2}{3} \) है, अतः संगत भुजाओं का अनुपात समान नहीं है।
इसलिए, त्रिभुज ABC और त्रिभुज PQR समरूप नहीं हैं।
In simple words: दो त्रिभुजों को समरूप तब कहते हैं जब उनकी भुजाएँ एक ही अनुपात में होती हैं। हमने दोनों त्रिभुजों की संगत भुजाओं के अनुपात की जाँच की, और पाया कि वे समान नहीं थे। इसका मतलब है कि त्रिभुज समरूप नहीं हैं।

🎯 Exam Tip: समरूप त्रिभुजों को सिद्ध करने के लिए, भुजाओं के अनुपात (\( SSS \) समरूपता) या कोणों की समानता (\( AAA \) समरूपता) की जांच करना महत्वपूर्ण है।

 

प्रश्न 3. आकृति 5.51 में त्रिभुज ABC और त्रिभुज PQR समरूप हैं। त्रिभुज PQR की शेष भुजाओं को ज्ञात कीजिए।
Answer:
हल:
दिया गया है कि △ABC और △PQR समरूप त्रिभुज हैं।
समरूप त्रिभुजों की संगत भुजाओं का अनुपात समान होता है:
\( \frac{AB}{PQ} = \frac{BC}{QR} = \frac{AC}{PR} \)

दी गई भुजाएँ:
त्रिभुज ABC: \( AB = 2 \) सेमी, \( BC = 3 \) सेमी, \( AC = 2.8 \) सेमी
त्रिभुज PQR: \( PQ = ? \), \( QR = ? \), \( PR = ? \) (एक भुजा का मान 1.5 दिया गया है, लेकिन चित्र में यह स्पष्ट नहीं है कि यह PQ, QR या PR है। मान लेते हैं कि \( PQ = 1.5 \) सेमी है जैसा कि हल में दर्शाया गया है।)

अनुपात का उपयोग करने पर:
\( \frac{AB}{PQ} = \frac{BC}{QR} = \frac{AC}{PR} \)
\( \frac{2}{1.5} = \frac{3}{QR} = \frac{2.8}{PR} \)

पहले \( QR \) ज्ञात करते हैं:
\( \frac{2}{1.5} = \frac{3}{QR} \)
\( 2 \times QR = 3 \times 1.5 \)
\( 2 \times QR = 4.5 \)
\( QR = \frac{4.5}{2} = 2.25 \) सेमी

अब \( PR \) ज्ञात करते हैं:
\( \frac{2}{1.5} = \frac{2.8}{PR} \)
\( 2 \times PR = 2.8 \times 1.5 \)
\( 2 \times PR = 4.2 \)
\( PR = \frac{4.2}{2} = 2.1 \) सेमी
अतः, त्रिभुज PQR की शेष भुजाएँ \( QR = 2.25 \) सेमी और \( PR = 2.1 \) सेमी हैं।
In simple words: क्योंकि त्रिभुज समरूप हैं, उनकी भुजाएँ एक निश्चित अनुपात में बढ़ती या घटती हैं। हमने एक ज्ञात भुजा के अनुपात का उपयोग करके अन्य दो अज्ञात भुजाओं की लंबाई ज्ञात की। यह अनुपात सभी संगत भुजाओं के लिए समान होता है।

🎯 Exam Tip: यह सुनिश्चित करें कि आप समानुपातिक संबंध बनाने के लिए संगत भुजाओं का सही क्रम चुनते हैं। यदि \( \triangle ABC \sim \triangle PQR \) है, तो \( A \) का संगत \( P \), \( B \) का संगत \( Q \), और \( C \) का संगत \( R \) है।

A C B 2 सेमी 3 सेमी 2.8 सेमी P R Q 1.5 सेमी QR PR आकृति 5.51

 

प्रश्न 2. यदि किसी त्रिभुज ABC और त्रिभुज PQR में उनकी भुजाएँ क्रमशः AB = 3 सेमी, BC=5 सेमी, CA=4 सेमी तथा PQ=7 सेमी, PR=6 सेमी, QR=8 सेमी है, तो त्रिभुज समरूप हैं या नहीं?
Answer: दिए गए त्रिभुज समरूप नहीं हैं।
हमें भुजाओं का अनुपात ज्ञात करना होगा:
\( \frac{ AB }{ PQ } = \frac{ 3 \text{ सेमी} }{ 7 \text{ सेमी} } = \frac{ 3 }{ 7 } \)
\( \frac{ BC }{ QR } = \frac{ 5 \text{ सेमी} }{ 8 \text{ सेमी} } = \frac{ 5 }{ 8 } \)
\( \frac{ CA }{ PR } = \frac{ 4 \text{ सेमी} }{ 6 \text{ सेमी} } = \frac{ 2 }{ 3 } \)
क्योंकि \( \frac { 3 }{ 7 } \neq \frac { 5 }{ 8 } \neq \frac { 2 }{ 3 } \), भुजाओं का अनुपात बराबर नहीं है। अतः, दिए गए त्रिभुज समरूप नहीं हैं। समरूप त्रिभुजों में संगत भुजाओं का अनुपात हमेशा बराबर होता है।
In simple words: त्रिभुज समरूप तब होते हैं जब उनकी संगत भुजाओं का अनुपात एक बराबर हो। यहाँ अनुपात अलग-अलग हैं (3/7, 5/8, 2/3), इसलिए त्रिभुज समरूप नहीं हैं।

🎯 Exam Tip: त्रिभुजों की समरूपता की जाँच करने के लिए, हमेशा उनकी संगत भुजाओं के अनुपातों की तुलना करें। यदि सभी अनुपात बराबर हों, तभी त्रिभुज समरूप होते हैं।

 

प्रश्न 3. आकृति 5.51 में त्रिभुज ABC और त्रिभुज PQR समरूप हैं। त्रिभुज PQR की शेष भुजाओं को ज्ञात कीजिए ।
Answer: क्योंकि \( \triangle ABC \) और \( \triangle PQR \) समरूप हैं, उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होगा।
दिए गए मान हैं: AB = 2 सेमी, BC = 3 सेमी, AC = 2.8 सेमी, और QR = 1.5 सेमी।
पहले भुजा PQ ज्ञात करते हैं:
\( \frac{ PQ }{ AB } = \frac{ QR }{ BC } \)
\( \implies \frac{ PQ }{ 2 } = \frac{ 1.5 }{ 3 } \)
\( \implies PQ = \frac{ 2 \times 1.5 }{ 3 } \)
\( \implies PQ = \frac{ 3 }{ 3 } \)
\( \implies PQ = 1 \text{ सेमी} \)
अब, दूसरी अज्ञात भुजा PR ज्ञात करते हैं:
\( \frac{ PR }{ AC } = \frac{ QR }{ BC } \)
\( \implies \frac{ PR }{ 2.8 } = \frac{ 1.5 }{ 3 } \)
\( \implies PR = \frac{ 2.8 \times 1.5 }{ 3 } \)
\( \implies PR = \frac{ 4.2 }{ 3 } \)
\( \implies PR = 1.4 \text{ सेमी} \)
अतः, त्रिभुज PQR की शेष भुजाएँ PQ = 1 सेमी और PR = 1.4 सेमी हैं। समरूप त्रिभुजों का उपयोग करके, हम अज्ञात भुजाओं की लंबाई आसानी से ज्ञात कर सकते हैं, क्योंकि उनके आकार एक जैसे होते हैं, बस माप में अंतर होता है।
In simple words: जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी भुजाओं का अनुपात हमेशा एक जैसा रहता है। इस नियम का उपयोग करके, हम त्रिभुज PQR की बाकी बची हुई भुजाओं की लंबाई (PQ = 1 सेमी और PR = 1.4 सेमी) ज्ञात कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: समरूप त्रिभुजों के लिए भुजाओं के सही संगत युग्मों को पहचानना महत्वपूर्ण है। आकृतियों या नामकरण के क्रम से संगतता का पता लगाएँ।

 

प्रश्न 4. त्रिभुज ABC में MN, BC के समान्तर \( \triangle ABC \) के शेष कोणों की माप बताइए। क्या त्रिभुज ABC और त्रिभुज AMN समरूप हैं?
Answer: हाँ, MN भुजा BC के समानांतर है।
\( \implies \angle B = \angle AMN = 30^\circ \) (ये संगत कोण हैं, इसलिए बराबर हैं)
त्रिभुज AMN में, \( \angle MAN = 88^\circ \) (आकृति से)।
\( \implies \angle ANM = 180^\circ - ( \angle AMN + \angle MAN ) \)
\( \implies \angle ANM = 180^\circ - ( 30^\circ + 88^\circ ) \)
\( \implies \angle ANM = 180^\circ - 118^\circ \)
\( \implies \angle ANM = 62^\circ \)
क्योंकि MN || BC, तो \( \angle C = \angle ANM = 62^\circ \) (ये भी संगत कोण हैं)।
हाँ, त्रिभुज ABC और त्रिभुज AMN समरूप हैं।
कारण:
1. \( \angle A \) दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ कोण है।
2. \( \angle AMN = \angle ABC = 30^\circ \) (संगत कोण)
3. \( \angle ANM = \angle ACB = 62^\circ \) (संगत कोण)
जब दो त्रिभुजों के सभी संगत कोण बराबर होते हैं, तो वे समरूप त्रिभुज होते हैं। समानांतर रेखाओं द्वारा बनाए गए संगत कोणों का यह गुण ज्यामिति में त्रिभुजों की समरूपता सिद्ध करने के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है।
In simple words: MN और BC समानांतर हैं, इसलिए \( \angle B \) और \( \angle M \) बराबर हैं (30°)। इसी तरह, \( \angle C \) और \( \angle N \) भी बराबर हैं (62°)। \( \angle A \) दोनों त्रिभुजों में एक ही कोण है। क्योंकि सभी कोण बराबर हैं, इसलिए दोनों त्रिभुज समरूप हैं।

🎯 Exam Tip: संगत कोण और एकांतर कोण के गुणों को याद रखें, क्योंकि ये समांतर रेखाओं और त्रिभुजों की समरूपता से संबंधित प्रश्नों को हल करने में महत्वपूर्ण हैं।

 

प्रश्न 5. उपर्युक्त आकृति 5.53 में, यदि M तथा N क्रमशः AB और AC भुजाओं के मध्य बिन्दु हों, तो भुजा BC और MN का अनुपात ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए चित्र में, M भुजा AB का मध्यबिंदु है और N भुजा AC का मध्यबिंदु है।
हम जानते हैं कि यदि किसी त्रिभुज में दो भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़ा जाता है, तो यह रेखा तीसरी भुजा के समानांतर होती है और उसकी आधी होती है। इसे मध्यबिंदु प्रमेय (Midpoint Theorem) कहते हैं।
इस नियम के अनुसार, MN भुजा BC के समानांतर है, और MN की लंबाई BC की लंबाई की आधी है।
\( \implies MN = \frac { 1 }{ 2 } BC \)
दोनों पक्षों को 2 से गुणा करने पर:
\( \implies 2 \times MN = BC \)
अतः, भुजा BC और MN का अनुपात है:
\( \frac{ BC }{ MN } = \frac { 2 }{ 1 } \)
\( \implies BC : MN = 2 : 1 \)
मध्यबिंदु प्रमेय त्रिभुजों के गुणों को समझने में बहुत उपयोगी है और यह साबित करता है कि मध्यबिंदुओं को जोड़ने वाली रेखाएँ हमेशा तीसरी भुजा के साथ एक विशेष संबंध रखती हैं।
In simple words: जब M और N, AB और AC के बीच के बिंदु होते हैं, तो रेखा MN, BC की आधी होती है। इसका मतलब है कि BC, MN से दुगुनी लंबी है। इसलिए, BC और MN का अनुपात 2:1 है।

🎯 Exam Tip: मध्यबिंदु प्रमेय का कथन और उसका अनुप्रयोग याद रखें। यह त्रिभुज के क्षेत्रफल और भुजाओं के अनुपात से संबंधित प्रश्नों में अक्सर उपयोग होता है।

 

प्रश्न 6. हो समान्तर रेखाखण्ड AB और CD खीचिए। A को D से और B को C से मिलाइए। मान लीजिए कि वे एक-दूसरे को बिन्दु 0 पर काटती हैं। क्या त्रिभुज OAB और त्रिभुज OCD समरूप होंगे?
Answer: हाँ, त्रिभुज OAB और त्रिभुज OCD समरूप होंगे।
दो समानांतर रेखाखंड AB और CD खींचे गए हैं। रेखाएँ AD और BC एक-दूसरे को बिंदु O पर काटती हैं।
त्रिभुज OAB और त्रिभुज OCD में, हम देख सकते हैं:
1. \( \angle AOB = \angle COD \) (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं, इसलिए वे हमेशा बराबर होते हैं।)
2. \( \angle OAB = \angle ODC \) (ये एकांतर अंतः कोण हैं, क्योंकि AB और CD समानांतर रेखाएँ हैं और AD उन्हें काट रही है।)
3. \( \angle OBA = \angle OCD \) (ये भी एकांतर अंतः कोण हैं, क्योंकि AB और CD समानांतर रेखाएँ हैं और BC उन्हें काट रही है।)
चूँकि दोनों त्रिभुजों के सभी संगत कोण बराबर हैं, इसलिए त्रिभुज OAB और त्रिभुज OCD समरूप हैं। समानांतर रेखाओं और प्रतिच्छेदी रेखाओं के गुण त्रिभुजों की समरूपता के लिए मजबूत प्रमाण प्रदान करते हैं, जिससे हम बिना भुजाओं की लंबाई जाने भी समानता सिद्ध कर सकते हैं।
In simple words: हाँ, ये त्रिभुज समरूप हैं। क्योंकि AB और CD समानांतर हैं, इसलिए एकांतर कोण और शीर्षाभिमुख कोण आपस में बराबर होंगे। जब सभी संगत कोण बराबर होते हैं, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।

🎯 Exam Tip: जब दो रेखाएँ समानांतर होती हैं और उन्हें कोई तिर्यक रेखा काटती है, तो एकांतर अंतः कोण, संगत कोण और शीर्षाभिमुख कोण के गुणों को याद रखें। ये अक्सर समरूपता के प्रमाण में सहायक होते हैं।

 

प्रश्न 7. क्या आकृति 5.54 में ABC त्रिभुज और त्रिभुज PRQ समरूप हैं? यदि हाँ, तो कारण बताइए।
Answer: हाँ, आकृति 5.54 में त्रिभुज ABC और त्रिभुज PRQ समरूप हैं।
कारण:
त्रिभुज ABC और त्रिभुज PRQ को देखने पर, हम पाते हैं:
1. \( \angle A = \angle P = z \) (दोनों कोण z के बराबर हैं, आकृति से)
2. \( \angle B = \angle R = x \) (दोनों कोण x के बराबर हैं, आकृति से)
3. तीसरे कोण के लिए, हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
त्रिभुज ABC में, \( \angle C = 180^\circ - ( \angle A + \angle B ) = 180^\circ - ( z + x ) \)
त्रिभुज PRQ में, \( \angle Q = 180^\circ - ( \angle P + \angle R ) = 180^\circ - ( z + x ) \)
\( \implies \angle C = \angle Q \)
चूंकि दोनों त्रिभुजों के संगत कोण आपस में बराबर हैं, इसलिए त्रिभुज ABC और त्रिभुज PRQ समरूप हैं। त्रिभुजों की समरूपता का सबसे सीधा तरीका यह जांचना है कि उनके सभी संगत कोण बराबर हैं या नहीं; यदि हाँ, तो वे निश्चित रूप से समरूप होंगे।
In simple words: हाँ, ये त्रिभुज समरूप हैं। त्रिभुज ABC में कोण A, B, C हैं और त्रिभुज PRQ में कोण P, R, Q हैं। आकृति के अनुसार, कोण A, P के बराबर है और कोण B, R के बराबर है। इसलिए, तीसरा कोण C भी Q के बराबर होगा। जब सभी संगत कोण बराबर होते हैं, तो त्रिभुज समरूप होते हैं।

🎯 Exam Tip: दो त्रिभुजों की समरूपता सिद्ध करने के लिए 'कोण-कोण-कोण' (AAA) समरूपता कसौटी का उपयोग करें, जहाँ यदि दो कोण समान हों, तो तीसरा कोण स्वतः समान हो जाता है।

 

प्रश्न 8. 20 मी = 1 सेमी मानकर एक खेत का आकार आकृति 5.55 में दर्शाया गया है। 40 मी = 1 सेमी मानकर खेत का नया आकार अपनी अभ्यास पुस्तिका पर दर्शाइए ।
Answer: चित्र में खेत का आकार 20 मीटर = 1 सेमी के पैमाने पर दिखाया गया है।
अब, यदि हम नया पैमाना 40 मीटर = 1 सेमी मानते हैं, तो इसका मतलब है कि नया पैमाना पुराने पैमाने की तुलना में दोगुना छोटा है (क्योंकि 40 मीटर को 1 सेमी में दिखाने के लिए, हमें वास्तविक खेत के आकार को पुराने पैमाने से आधा करना होगा)।
इसलिए, खेत के नए आकार में प्रत्येक भुजा की लंबाई पहली भुजाओं की आधी हो जाएगी।
उदाहरण के लिए:
1. 5 सेमी की भुजा 2.5 सेमी हो जाएगी।
2. 12 सेमी की भुजा 6 सेमी हो जाएगी।
3. 13 सेमी की भुजा 6.5 सेमी हो जाएगी।
आपको यह नया आकार अपनी अभ्यास पुस्तिका में बनाना होगा, जिसमें सभी भुजाओं की लंबाई आधी हो जाएगी। पैमाना बदलने से किसी भी मानचित्र या चित्र का आकार बदल जाता है, जहाँ एक बड़ा पैमाना (कम मीटर प्रति सेमी) अधिक विवरण दिखाता है और एक छोटा पैमाना (अधिक मीटर प्रति सेमी) बड़े क्षेत्र को छोटे में दिखाता है।
In simple words: पुराने चित्र में 20 मीटर को 1 सेमी से दिखाया गया था। नए चित्र में 40 मीटर को 1 सेमी से दिखाया जाएगा। इसका मतलब है कि नया चित्र पुराने वाले से आधा छोटा बनेगा। सभी भुजाओं की लंबाई आधी कर देनी होगी।

🎯 Exam Tip: पैमाने के प्रश्नों में, हमेशा ध्यान दें कि नया पैमाना मूल पैमाने से कितना गुना छोटा या बड़ा है। इससे अनुपात सही से निर्धारित होता है।

अभ्यास 5(K)

 

प्रश्न 1. यदि किसी त्रिभुज ABC की भुजाओं में 4:4:5 का अनुपात हो, तो उनके समरूप एक त्रिभुज की रचना कीजिए। जिसका आधार 7 सेमी हो।।
Answer: दिया है- \( \triangle ABC \) की भुजाओं में 4:4:5 का अनुपात है।
हमें एक ऐसे त्रिभुज PQR की रचना करनी है जो \( \triangle ABC \) के समरूप हो और जिसका आधार 7 सेमी हो।
यदि आधार 7 सेमी है और यह अनुपात का 5वाँ भाग दर्शाता है, तो अनुपात कारक (k) होगा:
\( 5k = 7 \text{ सेमी} \)
\( k = \frac{ 7 }{ 5 } = 1.4 \text{ सेमी} \)
तो, त्रिभुज PQR की भुजाएँ होंगी:
\( 4 \times 1.4 = 5.6 \text{ सेमी} \)
\( 4 \times 1.4 = 5.6 \text{ सेमी} \)
\( 5 \times 1.4 = 7.0 \text{ सेमी} \)
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, आधार PQ = 7 सेमी का एक रेखाखंड खींचिए।
2. बिंदु P को केंद्र मानकर 5.6 सेमी त्रिज्या का एक चाप लगाइए।
3. बिंदु Q को केंद्र मानकर 5.6 सेमी त्रिज्या का दूसरा चाप लगाइए जो पहले चाप को बिंदु R पर काटे।
4. P को R से और Q को R से मिलाइए।
5. इस प्रकार, \( \triangle PQR \) एक ऐसा अभीष्ट त्रिभुज है जो \( \triangle ABC \) के समरूप है और जिसका आधार 7 सेमी है। समरूप त्रिभुज वे होते हैं जिनके कोण समान हों और भुजाओं का अनुपात समान हो; यह गुण हमें किसी भी दिए गए पैमाने पर एक बड़े या छोटे त्रिभुज को बनाने में मदद करता है।
In simple words: हमें एक ऐसा त्रिभुज बनाना है जिसकी भुजाएँ 4:4:5 के अनुपात में हों और सबसे लंबी भुजा (आधार) 7 सेमी हो। इसके लिए, हम पहले 7 सेमी की रेखा खींचेंगे। फिर, बाकी दोनों भुजाओं को 5.6 सेमी का बनाकर त्रिभुज पूरा करेंगे।

🎯 Exam Tip: समरूप त्रिभुज बनाते समय, दिए गए अनुपात को सही ढंग से स्केल करना और प्रत्येक भुजा की लंबाई को सटीक रूप से मापना महत्वपूर्ण है।

 

प्रश्न 2. यदि किसी त्रिभुज ABCकी भुजाओं में 3:4:5 का अनुपात हो, तो उनके समरूप एक त्रिभुज की रचना कीजिए। जिसका आधार 7 सेमी हो ।
Answer: दिया है- \( \triangle ABC \) की भुजाओं में 3:4:5 का अनुपात है।
हमें एक ऐसे त्रिभुज PQR की रचना करनी है जो \( \triangle ABC \) के समरूप हो और जिसका आधार 7 सेमी हो।
यह एक समकोण त्रिभुज भी है (क्योंकि \( 3^2 + 4^2 = 9 + 16 = 25 = 5^2 \))।
यदि आधार 7 सेमी है और यह अनुपात का 5वाँ भाग (सबसे बड़ी भुजा) दर्शाता है, तो अनुपात कारक (k) होगा:
\( 5k = 7 \text{ सेमी} \)
\( k = \frac{ 7 }{ 5 } = 1.4 \text{ सेमी} \)
तो, त्रिभुज PQR की भुजाएँ होंगी:
\( 3 \times 1.4 = 4.2 \text{ सेमी} \)
\( 4 \times 1.4 = 5.6 \text{ सेमी} \)
\( 5 \times 1.4 = 7.0 \text{ सेमी} \)
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, आधार PQ = 7 सेमी का एक रेखाखंड खींचिए।
2. बिंदु Q पर 90° का कोण बनाते हुए एक किरण खींचिए (क्योंकि 3:4:5 अनुपात एक समकोण त्रिभुज होता है)।
3. बिंदु Q को केंद्र मानकर 4.2 सेमी (या 5.6 सेमी) त्रिज्या का एक चाप इस किरण पर लगाइए, जो इसे बिंदु R पर काटे।
4. बिंदु P को केंद्र मानकर 5.6 सेमी (या 4.2 सेमी) त्रिज्या का एक चाप लगाइए जो बिंदु R से गुजरे।
5. P को R से मिलाइए।
6. इस प्रकार, \( \triangle PQR \) एक ऐसा अभीष्ट त्रिभुज है जो \( \triangle ABC \) के समरूप है और जिसका आधार 7 सेमी है। पाइथागोरियन त्रिक (जैसे 3:4:5) वाले त्रिभुज हमेशा समकोण त्रिभुज होते हैं, और समरूपता का अर्थ है कि उनके संगत कोण समान रहेंगे, चाहे भुजाओं की लंबाई कितनी भी हो।
In simple words: हमें एक त्रिभुज बनाना है जिसकी भुजाएँ 3:4:5 के अनुपात में हों और आधार 7 सेमी हो। क्योंकि यह 3:4:5 का अनुपात है, यह एक समकोण त्रिभुज होगा। हम 7 सेमी का आधार बनाकर और फिर 90 डिग्री का कोण और बाकी भुजाएँ (4.2 सेमी और 5.6 सेमी) खींचकर इसे बना सकते हैं।

🎯 Exam Tip: पाइथागोरियन त्रिक को पहचानना रचना को सरल बना सकता है, क्योंकि यह एक कोण को 90° पर निर्धारित करता है, जिससे भुजाओं को सही ढंग से बनाना आसान हो जाता है।

 

प्रश्न 3. यदि किसी त्रिभुज ABC की भुजाओं में 2:4:5 को अनुपात हो तो, उनके समरूप एक त्रिभुज की रचना कीजिए। जिसको आधार 3 सेमी हो।।
Answer: दिया है- \( \triangle ABC \) की भुजाओं में 2:4:5 का अनुपात है।
हमें एक ऐसे त्रिभुज PQR की रचना करनी है जो \( \triangle ABC \) के समरूप हो और जिसका आधार 3 सेमी हो।
यदि आधार 3 सेमी है और यह अनुपात का 5वाँ भाग (सबसे लंबी भुजा) दर्शाता है, तो अनुपात कारक (k) होगा:
\( 5k = 3 \text{ सेमी} \)
\( k = \frac{ 3 }{ 5 } = 0.6 \text{ सेमी} \)
तो, त्रिभुज PQR की भुजाएँ होंगी:
\( 2 \times 0.6 = 1.2 \text{ सेमी} \)
\( 4 \times 0.6 = 2.4 \text{ सेमी} \)
\( 5 \times 0.6 = 3.0 \text{ सेमी} \)
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, आधार PQ = 3 सेमी का एक रेखाखंड खींचिए।
2. बिंदु P को केंद्र मानकर 1.2 सेमी त्रिज्या का एक चाप लगाइए।
3. बिंदु Q को केंद्र मानकर 2.4 सेमी त्रिज्या का दूसरा चाप लगाइए जो पहले चाप को बिंदु R पर काटे।
4. P को R से और Q को R से मिलाइए।
5. इस प्रकार, \( \triangle PQR \) एक ऐसा अभीष्ट त्रिभुज है जो \( \triangle ABC \) के समरूप है और जिसका आधार 3 सेमी है। समरूप त्रिभुजों का निर्माण करते समय, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सभी संगत भुजाएँ समान अनुपात में हों, ताकि नया त्रिभुज मूल त्रिभुज का सटीक छोटा या बड़ा संस्करण हो।
In simple words: हमें एक त्रिभुज बनाना है जिसकी भुजाएँ 2:4:5 के अनुपात में हों और सबसे लंबी भुजा (आधार) 3 सेमी हो। हम 3 सेमी का आधार खींचेंगे, और फिर बाकी भुजाओं को 1.2 सेमी और 2.4 सेमी का बनाकर त्रिभुज पूरा करेंगे।

🎯 Exam Tip: भुजा-भुजा-भुजा (SSS) समरूपता कसौटी का उपयोग करते हुए, सुनिश्चित करें कि सभी तीन भुजाओं का अनुपात समान है और माप सटीकता से किए गए हैं।

दक्षता अभ्यास 5

 

प्रश्न 1. समकोण त्रिभुज ABC में \( \angle B = 90^\circ \), AB = 6.0 सेमी, AC= 10 सेमी, तो BC की माप होगीः
(i) 6 सेमी
(ii) 10 सेमी
(iii) 8 सेमी
(iv) इनमें से कोई नहीं
Answer: (iii) 8 सेमी
दिए गए समकोण त्रिभुज ABC में, \( \angle B = 90^\circ \)।
कर्ण (सबसे लंबी भुजा) AC = 10 सेमी है, और एक भुजा AB = 6 सेमी है।
हमें तीसरी भुजा BC की लंबाई ज्ञात करनी है।
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार: \( (\text{कर्ण})^2 = (\text{लम्ब})^2 + (\text{आधार})^2 \)
\( AC^2 = AB^2 + BC^2 \)
मान रखने पर:
\( 10^2 = 6^2 + BC^2 \)
\( 100 = 36 + BC^2 \)
अब, \( BC^2 \) ज्ञात करने के लिए:
\( BC^2 = 100 - 36 \)
\( BC^2 = 64 \)
\( BC \) का मान ज्ञात करने के लिए वर्गमूल लेने पर:
\( BC = \sqrt{64} \)
\( BC = 8 \text{ सेमी} \)
अतः, सही विकल्प (iii) 8 सेमी है। समकोण त्रिभुजों में भुजाओं का संबंध हमेशा पाइथागोरस प्रमेय का पालन करता है।
In simple words: यह एक समकोण त्रिभुज है। हमें पता है कि कर्ण 10 सेमी है और एक भुजा 6 सेमी है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके, हम बची हुई भुजा BC को 8 सेमी पाते हैं।

🎯 Exam Tip: पाइथागोरस प्रमेय (Hypotenuse\(^2\) = Perpendicular\(^2\) + Base\(^2\)) को हमेशा सही ढंग से लागू करें, विशेषकर जब कर्ण या किसी एक भुजा का मान ज्ञात करना हो।

 

प्रश्न 2. एक आयताकार मैदान की लम्बाई 24 मीटर, चौड़ाई 10 मीटर है। इस आयताकार मैदान का विकर्ण होगा
(i) 26 मी
(ii) 29 मी
(iii) 20 मी
(iv) 24 मी
Answer: (i) 26 मी
दिए गए आयताकार मैदान की लंबाई 24 मीटर और चौड़ाई 10 मीटर है।
आयताकार मैदान का विकर्ण (diagonal) ज्ञात करने के लिए, हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि विकर्ण, लंबाई और चौड़ाई के साथ मिलकर एक समकोण त्रिभुज बनाता है।
\( (\text{विकर्ण})^2 = (\text{लम्बाई})^2 + (\text{चौड़ाई})^2 \)
मान रखने पर:
\( (\text{विकर्ण})^2 = 24^2 + 10^2 \)
\( (\text{विकर्ण})^2 = 576 + 100 \)
\( (\text{विकर्ण})^2 = 676 \)
विकर्ण का मान ज्ञात करने के लिए वर्गमूल लेने पर:
\( \text{विकर्ण} = \sqrt{676} \)
\( \text{विकर्ण} = 26 \text{ मी} \)
अतः, सही विकल्प (i) 26 मी है। विकर्ण हमेशा आयत की सबसे लंबी सीधी दूरी होती है।
In simple words: मैदान की लंबाई 24 मीटर और चौड़ाई 10 मीटर है। विकर्ण निकालने के लिए, हम पाइथागोरस का नियम लगाते हैं। इससे विकर्ण की लंबाई 26 मीटर आती है।

🎯 Exam Tip: आयत का विकर्ण हमेशा उसकी लंबाई और चौड़ाई के साथ एक समकोण त्रिभुज बनाता है। विकर्ण की गणना के लिए पाइथागोरस प्रमेय का ही उपयोग करें।

 

प्रश्न 3. एक सर्वेक्षक (Surveyor) बिन्दु A और B के बीच की दूरी ज्ञात करना चाहता है किन्तु वह A से B तक सीधा नहीं पहुँच सकता, अतः वह चित्रानुसार एक समकोण त्रिभुज बनाता है जिसमें AC=21 मी, BC=35 मी, AB कितना लम्बा है?
Answer: सर्वेक्षक बिंदु A और B के बीच की दूरी ज्ञात करना चाहता है।
उसने एक समकोण त्रिभुज ABC बनाया है, जहाँ कर्ण BC = 35 मी और एक भुजा AC = 21 मी है।
हमें भुजा AB की लंबाई ज्ञात करनी है।
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( AB^2 + AC^2 = BC^2 \)
मान रखने पर:
\( AB^2 + 21^2 = 35^2 \)
\( AB^2 + 441 = 1225 \)
\( AB^2 \) ज्ञात करने के लिए:
\( AB^2 = 1225 - 441 \)
\( AB^2 = 784 \)
AB का मान ज्ञात करने के लिए वर्गमूल लेने पर:
\( AB = \sqrt{784} \)
\( AB = 28 \text{ मी} \)
अतः, बिंदु A और B के बीच की दूरी 28 मीटर है। इस तरह के अप्रत्यक्ष मापन तकनीक सर्वेक्षण में बहुत उपयोगी होते हैं।
In simple words: सर्वेक्षक A और B के बीच की दूरी ढूंढना चाहता है। उसने एक समकोण त्रिभुज बनाया जहाँ सबसे लंबी भुजा (कर्ण) 35 मीटर है और एक भुजा 21 मीटर है। पाइथागोरस का नियम लगाकर, AB की लंबाई 28 मीटर निकलती है।

🎯 Exam Tip: अप्रत्यक्ष मापन के प्रश्नों में, अज्ञात दूरी को ज्ञात करने के लिए दिए गए समकोण त्रिभुज में पाइथागोरस प्रमेय को सही ढंग से लागू करें।

 

प्रश्न 4. बिन्दु A और B एक झील के विपरीत किनारे हैं। एक सर्वेक्षक A और B के बीच की दूरी ज्ञात करने के लिए आकृति 2.46 के अनुसार एक समकोण त्रिभुज ADC बनाता है। A से बिन्दु B के बीच की दूरी कितनी है, जबकि BC = 12 मीटर है।
Answer: सर्वेक्षक को झील के विपरीत किनारों, बिंदु A और B के बीच की दूरी ज्ञात करनी है।
उसने एक समकोण त्रिभुज ADC बनाया, जिसमें \( \angle D = 90^\circ \), AD = 30 मीटर और DC = 40 मीटर है।
सबसे पहले, हम त्रिभुज ADC में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके AC की लंबाई ज्ञात करेंगे:
\( AC^2 = AD^2 + DC^2 \)
मान रखने पर:
\( AC^2 = 30^2 + 40^2 \)
\( AC^2 = 900 + 1600 \)
\( AC^2 = 2500 \)
AC का मान ज्ञात करने के लिए वर्गमूल लेने पर:
\( AC = \sqrt{2500} \)
\( AC = 50 \text{ मी} \)
अब, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है, बिंदु B रेखाखंड AC पर स्थित है, और BC = 12 मीटर दिया गया है।
तो, बिंदु A से बिंदु B के बीच की दूरी (AB) होगी:
\( AB = AC - BC \)
\( AB = 50 - 12 \)
\( AB = 38 \text{ मी} \)
झील की चौड़ाई या दो बिंदुओं के बीच की सीधी दूरी को मापने के लिए यह एक प्रभावी तरीका है जब सीधा रास्ता उपलब्ध न हो।
In simple words: झील के दो किनारों A और B के बीच की दूरी निकालने के लिए, सर्वेक्षक ने एक समकोण त्रिभुज ADC बनाया। इसमें AD 30 मीटर और DC 40 मीटर है। पहले, AC की लंबाई 50 मीटर निकाली जाती है। फिर, चूंकि BC 12 मीटर है, तो AB की दूरी 50 - 12 = 38 मीटर होगी।

🎯 Exam Tip: एक सीधी रेखा पर बिंदुओं की दूरी ज्ञात करते समय, यह सुनिश्चित करें कि आप सही खंडों को जोड़ या घटा रहे हैं, खासकर जब बिंदुओं का क्रम दिया गया हो।

 

प्रश्न 5. एक सड़क के दोनों किनारों पर दो मकान आमने-सामने हैं। 50 मी लम्बी सीढ़ी का एक सिरा सड़क के एक ओर स्थित मकान की दीवार पर 48 मी ऊँचाई तक पहुँचता है तथा दूसरे किनारे वाले मकान की दीवार पर यह केवल 14 मी ऊँचाई तक पहुँचता है। सड़क की चौड़ाई ज्ञात कीजिए। (संकेत : चित्रानुसार सड़क की चौड़ाई BD = BC + CD)
Answer: सड़क के दोनों किनारों पर दो मकान हैं और उनके बीच 50 मीटर लंबी सीढ़ी लगाई गई है।
पहला भाग (मकान 1):
सीढ़ी मकान की दीवार पर 48 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचती है। यह एक समकोण त्रिभुज (ABC) बनाता है, जहाँ सीढ़ी कर्ण है, दीवार की ऊँचाई एक भुजा है, और सड़क पर सीढ़ी का आधार (BC) दूसरी भुजा है।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( BC^2 = (\text{सीढ़ी की लंबाई})^2 - (\text{मकान की ऊँचाई})^2 \)
\( BC^2 = 50^2 - 48^2 \)
\( BC^2 = 2500 - 2304 \)
\( BC^2 = 196 \)
\( BC = \sqrt{196} \)
\( BC = 14 \text{ मी} \)
दूसरा भाग (मकान 2):
वही सीढ़ी दूसरे मकान की दीवार पर 14 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचती है। यह एक और समकोण त्रिभुज (CDE) बनाता है।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( CD^2 = (\text{सीढ़ी की लंबाई})^2 - (\text{मकान की ऊँचाई})^2 \)
\( CD^2 = 50^2 - 14^2 \)
\( CD^2 = 2500 - 196 \)
\( CD^2 = 2304 \)
\( CD = \sqrt{2304} \)
\( CD = 48 \text{ मी} \)
सड़क की कुल चौड़ाई (BD) दोनों दूरियों BC और CD का योग होगी:
\( \text{सड़क की चौड़ाई (BD)} = BC + CD \)
\( \text{सड़क की चौड़ाई (BD)} = 14 + 48 \)
\( \text{सड़क की चौड़ाई (BD)} = 62 \text{ मी} \)
इस प्रकार, एक ही उपकरण (सीढ़ी) का उपयोग करके सड़क की कुल चौड़ाई ज्ञात की जा सकती है।
In simple words: एक 50 मीटर की सीढ़ी एक तरफ 48 मीटर ऊँचे मकान पर लगती है और दूसरी तरफ 14 मीटर ऊँचे मकान पर। पहले मकान के लिए, सीढ़ी का आधार सड़क पर 14 मीटर दूर है। दूसरे मकान के लिए, सीढ़ी का आधार सड़क पर 48 मीटर दूर है। सड़क की कुल चौड़ाई इन दोनों दूरियों को जोड़कर 14 + 48 = 62 मीटर होगी।

🎯 Exam Tip: ऐसे संयुक्त समस्याओं को हल करते समय, प्रत्येक समकोण त्रिभुज को अलग-अलग मानें और पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके अज्ञात भुजाओं को ज्ञात करें, फिर अंतिम परिणाम के लिए उन्हें जोड़ दें।

 

प्रश्न 6. उस त्रिभुज का नाम बताइए जिसके परिकेन्द्र और अन्तः बिन्दु एक ही होते हैं।
Answer: जिस त्रिभुज का परिकेन्द्र (circumcenter) और अंतःकेंद्र (incenter) एक ही बिंदु पर होता है, वह एक समबाहु त्रिभुज (equilateral triangle) कहलाता है।
समबाहु त्रिभुज एक विशेष प्रकार का त्रिभुज होता है जिसमें सभी भुजाएँ बराबर होती हैं और सभी कोण (प्रत्येक 60°) भी बराबर होते हैं। इस अद्वितीय गुण के कारण, इसके कई महत्वपूर्ण बिंदु (जैसे परिकेन्द्र, अंतःकेंद्र, लंबकेंद्र और केंद्रक) एक ही बिंदु पर संपाती होते हैं।
In simple words: समबाहु त्रिभुज वह त्रिभुज होता है जिसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं। इसमें परिकेन्द्र और अंतःकेंद्र एक ही जगह पर होते हैं।

🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज के सभी प्रमुख केंद्र (परिकेन्द्र, अंतःकेंद्र, लंबकेंद्र, केंद्रक) एक ही बिंदु पर होते हैं। यह एक महत्वपूर्ण गुण है जिसे याद रखना चाहिए।

 

प्रश्न 7. 3,4,5 पाइथागोरियन त्रिक है। दिखाइए कि 15, 20, 25 भी पाइथागोरियन त्रिक है।
Answer: पाइथागोरियन त्रिक (Pythagorean triplet) संख्याओं का एक समूह होता है जिसमें सबसे बड़ी संख्या का वर्ग, अन्य दो संख्याओं के वर्गों के योग के बराबर होता है।
हमें दिखाना है कि 15, 20, 25 भी एक पाइथागोरियन त्रिक है।
इन संख्याओं में, सबसे बड़ी संख्या 25 है।
सबसे बड़ी संख्या का वर्ग:
\( 25^2 = 25 \times 25 = 625 \)
अन्य दो संख्याओं के वर्गों का योग:
\( 15^2 + 20^2 = (15 \times 15) + (20 \times 20) \)
\( = 225 + 400 \)
\( = 625 \)
चूँकि सबसे बड़ी संख्या का वर्ग (625) अन्य दो संख्याओं के वर्गों के योग (625) के बराबर है, अतः 15, 20, 25 एक पाइथागोरियन त्रिक है। यह 3, 4, 5 त्रिक का एक गुणज (multiples) भी है।
In simple words: पाइथागोरियन त्रिक वह होता है जिसमें सबसे बड़ी संख्या का वर्ग, बाकी दो छोटी संख्याओं के वर्गों को जोड़कर मिलता है। 15, 20, 25 को जाँचने पर, 25 का वर्ग 625 है, और 15 व 20 के वर्गों का योग भी 625 है। इसलिए, यह एक पाइथागोरियन त्रिक है।

🎯 Exam Tip: पाइथागोरियन त्रिक की पहचान करने के लिए हमेशा सबसे बड़ी संख्या का वर्ग और अन्य दो संख्याओं के वर्गों के योग की गणना करें। यदि वे समान हैं, तो वह एक त्रिक है।

 

प्रश्न 8. एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए, जिसका आधार 7 सेमी, \( \angle B = 60^\circ \) तथा दो भुजाओं का योग 9 सेमी है।
Answer: हमें एक त्रिभुज ABC की रचना करनी है जिसके लिए आधार BC = 7 सेमी, कोण \( \angle B = 60^\circ \) और अन्य दो भुजाओं AB तथा AC का योग = 9 सेमी दिया गया है।
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, 7 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड BC खींचिए।
2. बिंदु B पर परकार और पटरी की सहायता से \( 60^\circ \) का कोण बनाती हुई एक किरण BY खींचिए।
3. किरण BY पर बिंदु B से 9 सेमी की दूरी पर एक बिंदु D अंकित कीजिए (क्योंकि AB + AC = 9 सेमी है)।
4. बिंदु D को बिंदु C से मिलाइए।
5. रेखाखंड DC का लंब समद्विभाजक (perpendicular bisector) खींचिए। यह लंब समद्विभाजक किरण BD को एक बिंदु A पर काटेगा।
6. बिंदु A को बिंदु C से मिलाइए।
7. इस प्रकार, \( \triangle ABC \) अभीष्ट त्रिभुज है। इस रचना में, AD = AC होता है क्योंकि A, DC के लंब समद्विभाजक पर स्थित है।
In simple words: पहले 7 सेमी लंबी रेखा BC खींचें। फिर बिंदु B पर 60° का कोण बनाएं। इस कोण वाली रेखा पर B से 9 सेमी दूर एक बिंदु D लगाएं। D को C से जोड़ें। अब DC का बीच वाला लंब खींचें जो कोण वाली रेखा को A पर काटेगा। A को C से जोड़ दें। ABC आपका त्रिभुज है।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार की रचना में, 'AB + AC' को एक रेखाखंड BD के रूप में लेना और फिर DC के लंब समद्विभाजक का उपयोग करके बिंदु A का पता लगाना मुख्य विचार है।

 

प्रश्न 9. एक \( \triangle ABC \) की रचना कीजिए, जिसका एक कोण 120° तथा दो भुजाएँ क्रमशः 5 सेमी तथा 6 सेमी है, तो त्रिभुज का परिकेन्द्र ज्ञात करें।
Answer: हमें एक त्रिभुज ABC की रचना करनी है जिसमें एक कोण \( 120^\circ \) है और दो भुजाएँ 5 सेमी तथा 6 सेमी हैं। हमें इस त्रिभुज का परिकेन्द्र ज्ञात करना है।
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, आधार BC = 6 सेमी का एक रेखाखंड खींचिए।
2. बिंदु B पर परकार और पटरी की सहायता से \( 120^\circ \) का कोण बनाती हुई एक किरण BY खींचिए।
3. किरण BY पर बिंदु B से 5 सेमी की दूरी पर एक बिंदु A अंकित कीजिए।
4. बिंदु A को बिंदु C से मिलाइए। इस प्रकार, \( \triangle ABC \) अभीष्ट त्रिभुज है।
5. अब, त्रिभुज ABC की भुजाओं AB, BC और AC के लंब समद्विभाजक खींचिए। ये लंब समद्विभाजक एक-दूसरे को एक बिंदु O पर काटेंगे।
6. चूंकि \( \angle B = 120^\circ \) एक अधिक कोण है, त्रिभुज का परिकेन्द्र (O) त्रिभुज के बाहर स्थित होगा।
7. बिंदु O ही त्रिभुज ABC का परिकेन्द्र है। परिकेन्द्र त्रिभुज के शीर्षों से समान दूरी पर होता है।
In simple words: पहले एक त्रिभुज ABC बनाएं जिसमें एक कोण 120° हो और दो भुजाएँ 5 सेमी व 6 सेमी हों। इसके लिए, 6 सेमी का आधार BC खींचें। बिंदु B पर 120° का कोण बनाएं और इस रेखा पर 5 सेमी पर बिंदु A लगाएं। A को C से जोड़ें। अब तीनों भुजाओं के लंब समद्विभाजक खींचें। वे जहाँ मिलेंगे, वही बिंदु (O) त्रिभुज का परिकेन्द्र होगा, और यह त्रिभुज के बाहर होगा क्योंकि यह एक अधिक कोण त्रिभुज है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि अधिक कोण त्रिभुज का परिकेन्द्र हमेशा त्रिभुज के बाहर स्थित होता है, जबकि न्यूनकोण त्रिभुज का परिकेन्द्र अंदर और समकोण त्रिभुज का परिकेन्द्र कर्ण के मध्यबिंदु पर होता है।

 

प्रश्न 10. समबाहु त्रिभुज की रचना कीजिए, जिसकी भुजा 6 सेमी हो, तो त्रिभुज का केन्द्रक तथा शीर्ष से केन्द्रक तक की दूरी ज्ञात करें।
Answer: हमें एक समबाहु त्रिभुज की रचना करनी है जिसकी प्रत्येक भुजा 6 सेमी हो, और फिर उसका केन्द्रक ज्ञात करके शीर्ष से केन्द्रक तक की दूरी बतानी है।
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, 6 सेमी लंबाई का एक रेखाखंड BC खींचिए।
2. बिंदु B और C को केंद्र मानकर, 6 सेमी त्रिज्या के दो चाप लगाइए जो एक-दूसरे को बिंदु A पर काटें।
3. बिंदु A को B से और A को C से मिलाइए। इस प्रकार, \( \triangle ABC \) एक समबाहु त्रिभुज है।
4. समबाहु त्रिभुज में, कोण समद्विभाजक, माध्यिकाएँ और शीर्षलम्ब सभी एक ही होते हैं और एक ही बिंदु (केन्द्रक) पर मिलते हैं।
5. त्रिभुज के तीनों कोणों (\( \angle A, \angle B, \angle C \)) के समद्विभाजक खींचिए। ये सभी समद्विभाजक एक-दूसरे को बिंदु O पर काटेंगे। बिंदु O ही त्रिभुज का केन्द्रक है।
केन्द्रक (O) से शीर्षों (A, B, C) तक की दूरी ज्ञात करना:
समबाहु त्रिभुज की ऊँचाई (जो माध्यिका भी होती है) का सूत्र है: \( h = \frac{\sqrt{3}}{2} \times \text{भुजा} \)
\( h = \frac{\sqrt{3}}{2} \times 6 = 3\sqrt{3} \text{ सेमी} \)
केन्द्रक माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है। अतः, शीर्ष से केन्द्रक तक की दूरी माध्यिका का \( \frac{2}{3} \) होगी।
दूरी \( OA = OB = OC = \frac{2}{3} \times (3\sqrt{3}) = 2\sqrt{3} \text{ सेमी} \)
\( 2\sqrt{3} \) का मान लगभग 3.464 सेमी होता है। (मापकर, यह दूरी लगभग 3.5 सेमी आती है, जैसा कि स्रोत में बताया गया है)।
समबाहु त्रिभुज की समरूपता और समरूपता के अक्षों के कारण, इसके सभी महत्वपूर्ण केंद्र – जैसे केन्द्रक, परिकेन्द्र, अंतःकेंद्र और लंबकेंद्र – एक ही बिंदु पर स्थित होते हैं, जो इसे ज्यामिति में एक अनूठा आकार बनाता है।
In simple words: पहले 6 सेमी भुजा वाला एक समबाहु त्रिभुज बनाएं। फिर इसके कोणों को आधा करने वाली रेखाएँ खींचें। ये रेखाएँ जहाँ मिलेंगी, वह बिंदु त्रिभुज का केन्द्रक होगा। शीर्ष से केन्द्रक तक की दूरी लगभग 3.46 सेमी (या मापकर 3.5 सेमी) होगी।

🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज में, केन्द्रक, लंबकेंद्र, परिकेन्द्र और अंतःकेंद्र एक ही बिंदु पर होते हैं। माध्यिका की लंबाई ज्ञात करके, केन्द्रक से शीर्ष तक की दूरी \( \frac{2}{3} \) माध्यिका होती है।

 

प्रश्न 11. एक त्रिभुज PQR की भुजाओं में 4:5:6 का अनुपात है। इस त्रिभुज के समरूप एक त्रिभुज ABC की रचना कीजिए। जिसको आधार 8 सेमी हो ।
Answer: दिया है- \( \triangle PQR \) की भुजाओं में 4:5:6 का अनुपात है।
हमें एक ऐसे त्रिभुज ABC की रचना करनी है जो \( \triangle PQR \) के समरूप हो और जिसका आधार 8 सेमी हो।
यदि आधार 8 सेमी है और यह अनुपात का 6वाँ भाग (सबसे लंबी भुजा) दर्शाता है, तो अनुपात कारक (k) होगा:
\( 6k = 8 \text{ सेमी} \)
\( k = \frac{ 8 }{ 6 } = \frac{ 4 }{ 3 } \text{ सेमी} \)
तो, त्रिभुज ABC की भुजाएँ होंगी:
\( 4 \times \frac{ 4 }{ 3 } = \frac{ 16 }{ 3 } \approx 5.33 \text{ सेमी} \)
\( 5 \times \frac{ 4 }{ 3 } = \frac{ 20 }{ 3 } \approx 6.67 \text{ सेमी} \)
\( 6 \times \frac{ 4 }{ 3 } = 8.00 \text{ सेमी} \)
रचना के चरण:
1. सर्वप्रथम, आधार AB = 8 सेमी का एक रेखाखंड खींचिए।
2. बिंदु A को केंद्र मानकर \( \frac{16}{3} \) सेमी (लगभग 5.33 सेमी) त्रिज्या का एक चाप लगाइए।
3. बिंदु B को केंद्र मानकर \( \frac{20}{3} \) सेमी (लगभग 6.67 सेमी) त्रिज्या का दूसरा चाप लगाइए जो पहले चाप को बिंदु C पर काटे।
4. A को C से और B को C से मिलाइए।
5. इस प्रकार, \( \triangle ABC \) एक ऐसा अभीष्ट त्रिभुज है जो \( \triangle PQR \) के समरूप है और जिसका आधार 8 सेमी है। समरूप त्रिभुजों की रचना करते समय, मूल त्रिभुज की सभी भुजाओं को एक समान अनुपात में बढ़ाना या घटाना आवश्यक है ताकि नए त्रिभुज का आकार और कोण मूल त्रिभुज के समान रहें।
In simple words: हमें एक त्रिभुज बनाना है जिसकी भुजाएँ 4:5:6 के अनुपात में हों और सबसे लंबी भुजा (आधार) 8 सेमी हो। हम 8 सेमी का आधार खींचेंगे, और फिर बाकी भुजाओं को लगभग 5.33 सेमी और 6.67 सेमी का बनाकर त्रिभुज पूरा करेंगे।

🎯 Exam Tip: समान अनुपात में भुजाएँ स्केल करते समय, सुनिश्चित करें कि सभी गणनाएँ और माप सटीक हों ताकि अंतिम त्रिभुज वास्तव में मूल के समरूप हो।

एम.एस.ई. प्रश्न

 

प्रश्न 12. किसी त्रिभुज के तल पर स्थित बिन्दु जो त्रिभुज की भुजाओं के बराबर लम्बवत दूरी पर है, वह बिन्दु त्रिभुज का
(i) अन्तः केन्द्र होता है।
(ii) परिकेन्द्र होता है।
(iii) लम्बकेन्द्र होता है।
(iv) केन्द्रक होता है।
Answer: (i) अन्तः केन्द्र होता है।
किसी त्रिभुज के तल पर स्थित वह बिंदु जो त्रिभुज की सभी भुजाओं से बराबर लंबवत दूरी पर होता है, वह त्रिभुज का अंतःकेंद्र (incenter) कहलाता है। अंतःकेंद्र त्रिभुज के तीनों कोणों के समद्विभाजकों का प्रतिच्छेदन बिंदु होता है। यह बिंदु त्रिभुज के अंदर एक वृत्त (अंतःवृत्त) का केंद्र भी होता है जो त्रिभुज की तीनों भुजाओं को स्पर्श करता है।
In simple words: एक त्रिभुज में, जो बिंदु उसकी सभी भुजाओं से बराबर दूरी पर होता है, उसे अंतःकेंद्र कहते हैं। यह बिंदु त्रिभुज के अंदर होता है।

🎯 Exam Tip: अंतःकेंद्र, परिकेन्द्र, लंबकेंद्र और केंद्रक की परिभाषाओं और उनके गुणों को स्पष्ट रूप से याद रखें ताकि भ्रम से बचा जा सके।

 

प्रश्न 13. संलग्न चित्र में DEF का क्षेत्रफल होगा D, E, F भुजाओं के मध्य बिन्दु हैं।
(i) \( \frac { 1 }{ 2 } \triangle ABC \)
(ii) \( \frac { 1 }{ 3 } \triangle ABC \)
(iii) \( \frac { 1 }{ 4 } \triangle ABC \)
(iv) \( \triangle ABC \)
Answer: (iii) \( \frac { 1 }{ 4 } \triangle ABC \)
दिए गए चित्र में, D, E और F त्रिभुज ABC की भुजाओं के मध्यबिंदु हैं।
जब किसी त्रिभुज की भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़कर एक नया त्रिभुज बनाया जाता है (जैसे यहाँ \( \triangle DEF \)), तो इस नए त्रिभुज का क्षेत्रफल मूल त्रिभुज के क्षेत्रफल का एक-चौथाई होता है। यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुण है।
इसलिए, \( \text{क्षेत्रफल}(\triangle DEF) = \frac{1}{4} \times \text{क्षेत्रफल}(\triangle ABC) \)
In simple words: जब त्रिभुज ABC की भुजाओं के बीच वाले बिंदुओं (D, E, F) को मिलाकर एक नया त्रिभुज (DEF) बनाते हैं, तो इस नए त्रिभुज का क्षेत्रफल, बड़े त्रिभुज ABC के क्षेत्रफल का एक चौथाई (1/4) होता है।

🎯 Exam Tip: मध्यबिंदुओं को जोड़ने वाले त्रिभुज के क्षेत्रफल का गुणधर्म याद रखें: यह हमेशा मूल त्रिभुज के क्षेत्रफल का एक चौथाई होता है, क्योंकि यह मूल त्रिभुज के चार सर्वांगसम त्रिभुजों में से एक होता है।

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