UP Board Solutions Class 7 History Chapter 9 Sher Shah 1540 AD 1545 AD

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शेरशाह (1540 ई० - 1545 ई०)

अभ्यास

 

प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) शेरशाह दिल्ली का शासक कैसे बना?
Answer: शेरशाह सन् 1540 ई० में कन्नौज के युद्ध में हुमायूँ को हराकर दिल्ली का शासक बना। इस जीत ने उसे भारत का महत्वपूर्ण शासक बना दिया।
In simple words: शेरशाह ने 1540 में कन्नौज के युद्ध में हुमायूँ को हरा दिया, जिसके बाद वह दिल्ली का शासक बन गया।

🎯 Exam Tip: युद्ध का नाम और वर्ष (कन्नौज का युद्ध, 1540 ईस्वी) तथा प्रतिद्वंद्वी (हुमायूँ) को स्पष्ट रूप से याद रखें।

 

(ख) शेरशाह द्वारा किये गए राजस्व सम्बन्धी सुधारों का वर्णन कीजिए।
Answer: शेरशाह ने राजस्व से जुड़े ये खास सुधार किए:
1. उसने जमीन की अलग-अलग किस्मों के हिसाब से टैक्स (लगान) तय किया।
2. फसलों की पैदावार के आधार पर टैक्स लिया जाता था।
3. पटवारी ने रस्सी से जमीन की नाप कराई, जिसकी इकाई 'गज' थी। इससे जमीन का सही माप पता चलता था।
4. उसके राज्य में यह आदेश था कि टैक्स नकद पैसे में ही दिया जाए।
5. अगर अकाल या किसी संकट के कारण फसल खराब होती थी, तो सरकार उसकी भरपाई करती थी।
6. उसने किसानों और सरकार के बीच सीधा संबंध बनाया, जिसे रैयतवाड़ी व्यवस्था कहते थे।
7. किसानों की जमीन की जानकारी सरकार को लिखकर दी जाती थी, जिसे कबूलियत कहा जाता था।
In simple words: शेरशाह ने जमीन के हिसाब से टैक्स तय किया, फसल खराब होने पर सरकार मुआवजा देती थी, और किसानों से सीधा संबंध बनाया था, जिसे रैयतवाड़ी कहते थे।

🎯 Exam Tip: 'रैयतवाड़ी व्यवस्था' और 'कबूलियत' जैसे महत्वपूर्ण शब्दों को याद रखें, क्योंकि ये शेरशाह के राजस्व सुधारों के खास बिंदु हैं।

 

(ग) प्रजा की भलाई के लिए शेरशाह ने क्या किया?
Answer: प्रजा की भलाई के लिए शेरशाह ने ये मुख्य काम किए:
1. उसने पेशावर (पंजाब) से सोनार गाँव (बंगाल) तक एक सड़क बनवाई, जिसे ग्रांड-ट्रंक रोड (GT रोड) कहते हैं। इस सड़क से व्यापार और यात्रा बहुत तेज हो गई।
2. उसने जौनपुर और बुरहानपुर को दिल्ली से जोड़ा, जिससे व्यापार के रास्ते और आसान हो गए।
3. उसने सड़कों के दोनों ओर पेड़ लगवाए, लोगों के आराम के लिए सराय बनवाई और पीने के लिए कुएँ भी खुदवाए।
4. उसने शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई मदरसे और मखतब (स्कूल) खुलवाए।
5. उसने दिल्ली में किला (पुराना किला) बनवाया, जो उसकी वास्तुकला की समझ को दर्शाता है।
In simple words: शेरशाह ने लोगों के लिए सड़कें बनवाईं, सराय और कुएँ बनवाए, शिक्षा के स्कूल खोले, और दिल्ली में एक किला भी बनवाया।

🎯 Exam Tip: ग्रांड-ट्रंक रोड (GT रोड) शेरशाह के सबसे बड़े कामों में से एक थी, इसे विशेष रूप से याद रखें।

 

(घ) शेरशाह की प्रशासनिक व्यवस्था के बारे में आप क्या जानते हैं?
Answer: शेरशाह की प्रशासनिक व्यवस्था बहुत अच्छी और मजबूत थी। उसने अपनी सेना को ताकतवर बनाने के लिए उसका फिर से गठन किया। अधिकारियों को उनकी तनख्वाह समय पर मिलती थी, जिससे वे अच्छे से काम करते थे। कोई भी व्यक्ति सीधे शेरशाह से मिलकर अपनी बात रख सकता था। उसने पूरे प्रशासन को चार हिस्सों में बांटा था, ताकि हर काम ठीक से हो सके और कोई समस्या न आए।
In simple words: शेरशाह का प्रशासन बहुत मजबूत था। उसने सेना को सुधारा, अधिकारियों को समय पर वेतन दिया, और कोई भी व्यक्ति सीधे राजा से मिल सकता था।

🎯 Exam Tip: शेरशाह की प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता (कोई भी व्यक्ति सीधे राजा से मिल सकता था) और अधिकारियों को नियमित वेतन उसके प्रशासन की मुख्य विशेषताएं थीं।

 

प्रश्न 2. नीचे कुछ कथन दिये गये हैं जो सही हों उन पर सही (√) तथा गलत पर गलत (X) का निशान लगाइए-
(क) शेरशाह ने पत्र ले जाने के लिए डाक चौकियों की स्थापना की थी।
Answer: (✔) यह कथन सही है। शेरशाह ने पूरे साम्राज्य में तेजी से संदेश भेजने के लिए डाक चौकियों की व्यवस्था की थी।
In simple words: हाँ, शेरशाह ने चिट्ठियां भेजने के लिए डाक चौकियां बनाई थीं।

🎯 Exam Tip: शेरशाह के संचार सुधारों में डाक चौकियां एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं, जो उसके मजबूत प्रशासन को दिखाती हैं।

 

(ख) सरकार की तरफ से किसानों को कबूलियत दिया जाता था।
Answer: (X) यह कथन गलत है। किसानों के द्वारा भूमि का विवरण सरकार को लिखित रूप में दिया जाता था, जिसे कबूलियत कहते थे। सरकार की ओर से उन्हें 'पट्टा' दिया जाता था।
In simple words: नहीं, किसान सरकार को कबूलियत देते थे, सरकार किसानों को कबूलियत नहीं देती थी।

🎯 Exam Tip: 'कबूलियत' और 'पट्टा' के बीच का अंतर याद रखें: कबूलियत किसान सरकार को देता था, और पट्टा सरकार किसान को देती थी।

 

(ग) परगने का सबसे बड़ा अधिकारी शिकदार-ए-शिकदारान होता था।
Answer: (X) यह कथन गलत है। परगने का सबसे बड़ा अधिकारी शिकदार था। शिकदार-ए-शिकदारान कई परगनों का प्रमुख अधिकारी होता था।
In simple words: नहीं, शिकदार परगने का मुख्य अधिकारी था, शिकदार-ए-शिकदारान इससे बड़ा अधिकारी था।

🎯 Exam Tip: प्रशासनिक पदनामों को ध्यान से समझें; 'शिकदार' एक परगने का प्रमुख होता था, जबकि 'शिकदार-ए-शिकदारान' कई परगनों का निरीक्षण करता था।

 

(घ) भूमि के नाप की इकाई मीटर थी।
Answer: (X) यह कथन गलत है। शेरशाह के समय भूमि की नाप की इकाई 'गज' थी, न कि मीटर।
In simple words: नहीं, जमीन नापने के लिए 'गज' का इस्तेमाल होता था, मीटर का नहीं।

🎯 Exam Tip: शेरशाह के समय जमीन मापने की इकाई 'गज' थी, जो उसकी राजस्व प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।

 

प्रश्न 3. निम्नलिखित के बारे में नीचे दिए गए स्थान में एक वाक्य में लिखिए (वाक्य लिखकर )
(क) चौसा का युद्ध
Answer: चौसा का युद्ध सन् 1539 में हुआ था, जिसमें शेरशाह ने मुग़ल बादशाह हुमायूँ को हराया और हुमायूँ को बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। यह शेरशाह के लिए एक बड़ी जीत थी।
In simple words: चौसा का युद्ध 1539 में हुआ था, जिसमें शेरशाह ने हुमायूँ को हराकर एक बड़ी जीत हासिल की थी।

🎯 Exam Tip: चौसा का युद्ध शेरशाह के लिए निर्णायक साबित हुआ, जिसने उसे उत्तरी भारत में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद की।

 

(ख) शेर-ए-मंडल
Answer: शेर-ए-मंडल दिल्ली के पुराने किले में स्थित एक इमारत है, जिसे शेरशाह ने बनवाया था और यह उसकी वास्तुकला के प्रति रुचि को दिखाता है।
In simple words: शेर-ए-मंडल दिल्ली के पुराने किले में शेरशाह द्वारा बनवाई गई एक खूबसूरत इमारत है।

🎯 Exam Tip: शेर-ए-मंडल शेरशाह की वास्तुकला संबंधी उपलब्धियों का एक प्रतीक है।

 

(ग) सासाराम
Answer: सासाराम बिहार में स्थित एक जगह है जहाँ शेरशाह का मकबरा बना हुआ है, जो भारतीय स्थापत्य कला का एक बेहतरीन और सुंदर उदाहरण है।
In simple words: सासाराम वह जगह है जहाँ शेरशाह का मकबरा है, जो देखने में बहुत सुंदर है।

🎯 Exam Tip: शेरशाह का मकबरा उसकी कला और स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट नमूना है, इसे भारतीय मुस्लिम वास्तुकला में एक मील का पत्थर माना जाता है।

प्रोजेक्ट कार्य - नोट - विद्यार्थी स्वयं करें।

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