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UP Board Textbook Solutions for Class 7 History Chapter 8 मुगल साम्राज्य
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मुगल साम्राज्य
अभ्यास
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) बाबर के चरित्र की कोई चार विशेषताएँ लिखिए।
Answer: बाबर के चरित्र की चार मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. बाबर एक बहुत होशियार शासक और बड़ा लक्ष्य रखने वाला इंसान था। उसने एक छोटी सी जगह से शुरुआत करके कई लड़ाइयां जीतीं और भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखी।
2. बाबर बहुत बहादुर और एक मजबूत सिपाही था। वह मुश्किल समय में भी डरता नहीं था और हमेशा शांति से काम करता था।
3. बाबर को लिखने का भी बहुत शौक था। उसने तुर्की भाषा में अपनी कहानी 'तुजुक-ए-बाबरी' लिखी थी, जिससे हमें उसके जीवन के बारे में पता चलता है।
4. बाबर को बाग-बगीचे बहुत पसंद थे। उसने आगरा और लाहौर जैसे शहरों में सुंदर बगीचे बनवाए, जिससे उन जगहों की सुंदरता बढ़ गई। बाबर को कला और संस्कृति से भी गहरा लगाव था, जो उसके लिखे हुए साहित्य और बनवाए गए बगीचों से साफ झलकता है।
In simple words: बाबर एक समझदार, बहादुर, लेखक और बागों का शौकीन शासक था। उसने मुगल साम्राज्य की शुरुआत की।
🎯 Exam Tip: जब चरित्र विशेषताओं का वर्णन करें, तो हर विशेषता को एक उदाहरण के साथ स्पष्ट करें ताकि उत्तर अधिक प्रभावशाली लगे।
Question 1.
(ख) भारत के इतिहास में 1526 ई० में हुए पानीपत के युद्ध का महत्त्व बताइए।
Answer: भारत के इतिहास में 1526 ईस्वी में हुए पानीपत के पहले युद्ध का बहुत महत्व है। इस युद्ध के बाद, बाबर ने भारत में एक बड़े मुगल साम्राज्य की नींव रखी। आने वाले सालों में उसके वंशजों ने इस साम्राज्य को बहुत फैलाया। इस युद्ध से पहले, भारत में छोटी-छोटी रियासतें थीं, लेकिन इसके बाद एक बड़ा केंद्रीय शासन शुरू हुआ। इस समय हिंदू और मुस्लिम लोग अपनी अलग-अलग परंपराओं के बावजूद एक साथ मिलकर रहने लगे थे, जिससे एक नई सामाजिक व्यवस्था बनी। पानीपत का युद्ध भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था क्योंकि इसने एक नए युग की शुरुआत की।
In simple words: पानीपत के युद्ध से भारत में मुगल शासन शुरू हुआ। इससे एक बड़ा साम्राज्य बना और लोग मिलकर रहने लगे।
🎯 Exam Tip: युद्ध के महत्व को बताते समय, उसके तात्कालिक और दीर्घकालिक प्रभावों (राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक) का उल्लेख करें।
Question 1.
(ग) पानीपत के युद्ध में बाबर की विजय के क्या कारण थे ?
Answer: पानीपत के युद्ध में बाबर की जीत के कई मुख्य कारण थे:
1. बाबर के पास बारूद वाली तोपें थीं, जो उस समय दूसरे राजाओं के पास नहीं थीं। इन तोपों ने युद्ध में बहुत बड़ा फर्क पैदा किया।
2. उसके पास बहुत अच्छे घोड़े पर लड़ने वाले सैनिक थे, जो तेजी से हमला कर सकते थे।
3. उसकी सेना को अच्छी तरह से ट्रेनिंग मिली हुई थी और वे अनुशासन में रहते थे।
4. उसे कई लड़ाइयों का अनुभव था, जिससे वह सही समय पर सही फैसले ले सकता था।
5. वह एक कुशल युद्ध-संचालक था, जो अपनी सेना को कुशलता से निर्देशित करता था। बाबर ने अपनी सैन्य रणनीति और नए हथियारों के सही इस्तेमाल से दुश्मनों को चौंका दिया।
In simple words: बाबर जीता क्योंकि उसके पास तोपें, अच्छे घुड़सवार, ट्रेनिंग वाली सेना, लड़ाई का अनुभव और बढ़िया युद्ध-कौशल था।
🎯 Exam Tip: जब किसी शासक की विजय के कारण बताएं, तो सैन्य ताकत, रणनीति, और नेतृत्व गुणों पर ध्यान दें।
Question 1.
(घ) खानवा युद्ध का क्या परिणाम हुआ ?
Answer: 1527 ईस्वी में राजा सांगा और बाबर के बीच खानवा का युद्ध हुआ था, जिसमें बाबर जीत गया था। इस युद्ध के मुख्य परिणाम ये थे:
* राजपूतों की ताकत और सम्मान कम हो गया।
* मुगल वंश की नींव और मजबूत हो गई।
* राजपूतों का दिल्ली पर राज करने का सपना अधूरा रह गया। खानवा का युद्ध भारत में मुगल साम्राज्य की पकड़ को और मजबूत करने में सहायक रहा, जिससे बाबर की सत्ता को चुनौती देना कठिन हो गया।
In simple words: खानवा युद्ध में बाबर ने राजा सांगा को हराया। इससे राजपूतों की ताकत घटी, मुगलों की नींव मजबूत हुई और राजपूतों का दिल्ली पर राज करने का सपना टूट गया।
🎯 Exam Tip: किसी भी युद्ध के परिणाम बताते समय, उसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभावों पर जोर दें, खासकर सत्ता परिवर्तन और क्षेत्रीय शक्तियों के संबंध में।
Question 1.
(ङ) हुमायूँ तथा शेरशाह के मध्य हुए युद्धों का वर्णन कीजिए ।
Answer: हुमायूँ और शेरशाह सूरी के बीच कई महत्वपूर्ण युद्ध हुए थे, जिन्होंने मुगल साम्राज्य के शुरुआती दौर को प्रभावित किया:
* **हुमायूँ और शेरशाह के बीच पहला युद्ध (चुनार):** सन् 1538 ईस्वी में हुमायूँ ने शेरशाह से चुनार का किला जीत लिया। इसके बाद, शेरशाह ने गौड़ पर जीत हासिल की और बंगाल पर कब्जा कर लिया, जिससे उसकी शक्ति बढ़ गई।
* **चौसा का युद्ध (1539 ई०):** सन् 1539 ईस्वी में हुमायूँ मुंगेर के पास गंगा नदी को पार करके शेरशाह की ओर बढ़ा। चौसा में दोनों सेनाओं के बीच एक भयानक युद्ध हुआ। इस लड़ाई में हुमायूँ हार गया और बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई।
* **कन्नौज का युद्ध (1540 ई०):** सन् 1540 ईस्वी में शेरशाह ने आगरा पर हमला किया। हुमायूँ ने अपनी सेना के साथ कन्नौज में शेरशाह का सामना किया। इस युद्ध में भी हुमायूँ हार गया और शेरशाह ने आगरा और दिल्ली पर कब्जा कर लिया। इसके बाद शेरशाह सूरी के नाम से भारत का राजा बना, और हुमायूँ सिंध के रास्ते फारस चला गया। शेरशाह सूरी ने अपनी सैन्य ताकत और प्रशासनिक क्षमता से हुमायूँ को कई बार हराया, जिससे मुगल साम्राज्य को शुरुआती दौर में बड़ी चुनौती मिली।
In simple words: हुमायूँ और शेरशाह के बीच चुनार, चौसा और कन्नौज में युद्ध हुए। चौसा और कन्नौज के युद्ध में हुमायूँ हार गया, जिससे उसे भारत छोड़कर जाना पड़ा और शेरशाह शासक बन गया।
🎯 Exam Tip: जब दो शासकों के बीच हुए युद्धों का वर्णन करें, तो हर युद्ध की तारीख, स्थान, परिणाम, और उसके प्रमुख प्रभावों को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 1.
(च) हुमायूँ ने पुनः अपने साम्राज्य को किस प्रकार प्राप्त किया ?
Answer: शेरशाह सूरी की मौत के बाद उसका साम्राज्य धीरे-धीरे कमजोर होता गया। यह देखकर हुमायूँ ने अपने राज्य को फिर से पाने की कोशिशें तेज कर दीं। उसने फारस (ईरान) के शासक की मदद ली, जिसने उसे सैन्य सहायता दी। इस मदद से हुमायूँ ने कंधार, पंजाब, आगरा और दिल्ली पर दोबारा कब्जा कर लिया। इस तरह वह फिर से मुगल साम्राज्य का शासक बन गया और अपनी खोई हुई सत्ता वापस पाई। हुमायूँ की यह वापसी उसकी दृढ़ता और सही समय पर रणनीति का परिणाम थी, जिसने मुगल साम्राज्य को फिर से स्थापित किया।
In simple words: शेरशाह की मौत के बाद, हुमायूँ ने फारस की मदद से कंधार, पंजाब, आगरा और दिल्ली पर फिर से कब्जा करके अपना साम्राज्य वापस पा लिया।
🎯 Exam Tip: किसी भी शासक की वापसी या विजय के कारणों में अक्सर बाहरी सहायता, आंतरिक कमजोरियाँ, और व्यक्तिगत दृढ़ संकल्प जैसे कारक शामिल होते हैं।
Question 2. निम्नलिखित कथनों में सही कथन के सामने सही (√) तथा गलत कथन के सामने गलत (X) का निशान लगाइए-
(क) बहादुरशाह हुमायूँ का मित्र था। (X)
Answer: बहादुरशाह हुमायूँ का मित्र नहीं था। असल में, बहादुरशाह गुजरात का शासक था और वह हुमायूँ का प्रतिद्वंद्वी था, जिससे उनके बीच कई बार संघर्ष हुए। बहादुरशाह ने गुजरात और मालवा में अपनी शक्ति को बढ़ाया था, जिससे वह हुमायूँ के लिए एक खतरा बन गया था।
In simple words: बहादुरशाह हुमायूँ का दोस्त नहीं था, बल्कि उसका दुश्मन था।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक संबंधों को याद करते समय, शासकों के बीच दोस्ती और दुश्मनी को स्पष्ट रूप से जानें, क्योंकि यह युद्धों और संधियों को समझने में मदद करता है।
Question 2.
(ख) हुमायूँ की मृत्यु चौसा के मैदान में हुई । (X)
Answer: हुमायूँ की मृत्यु चौसा के मैदान में नहीं हुई थी। चौसा के युद्ध में वह शेरशाह सूरी से हारा था और बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर भागा था। हुमायूँ की मौत दिल्ली में अपने पुस्तकालय की सीढ़ियों से गिरकर हुई थी। चौसा का युद्ध हुमायूँ के जीवन का एक कठिन दौर था, लेकिन उसकी मृत्यु एक अलग घटना थी।
In simple words: हुमायूँ की मौत चौसा में नहीं हुई थी, वह सीढ़ियों से गिरकर मरा था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं और व्यक्तियों की मृत्यु के कारणों और स्थानों को सही ढंग से याद रखना चाहिए।
Question 2.
(ग) चौसा के युद्ध में हुमायूँ की विजय हुई । (X)
Answer: चौसा के युद्ध में हुमायूँ की विजय नहीं हुई थी, बल्कि उसे शेरशाह सूरी से हार का सामना करना पड़ा था। इस युद्ध के बाद हुमायूँ को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा था और शेरशाह सूरी की शक्ति काफी बढ़ गई थी। चौसा का युद्ध शेरशाह सूरी के लिए एक बड़ी जीत थी जिसने उसकी शक्ति को मजबूत किया।
In simple words: चौसा के युद्ध में हुमायूँ नहीं जीता था, बल्कि शेरशाह सूरी ने उसे हराया था।
🎯 Exam Tip: युद्ध के परिणाम हमेशा विजेता और हारने वाले के संदर्भ में स्पष्ट होने चाहिए।
Question 3. स्तम्भ 'क' तथा स्तम्भ 'ख' में दिये हुए तथ्यों को सुमेलित कीजिए-
Answer:
| स्तम्भ 'क' | स्तम्भ 'ख' |
|---|---|
| हुमायूँ की मृत्यु | 1556 ई० |
| चौसा का युद्ध | 1539 ई० |
| गुजरात का शासक | बहादुरशाह |
| कन्नौज का युद्ध | हुमायूँ तथा शेरशाह |
In simple words: सही मिलान करने के लिए, हर घटना को उसके सही समय या व्यक्ति से जोड़ें।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, प्रत्येक स्तंभ की जानकारी को ध्यान से पढ़ें और फिर सही जोड़ी बनाने के लिए तार्किक संबंध स्थापित करें।
Question 4. खाली स्थान भरिए (भरकर )-
(क) भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने की थी।
Answer: भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना **बाबर** ने की थी। बाबर ने 1526 ईस्वी में पानीपत के पहले युद्ध में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी।
In simple words: भारत में मुगलों का राज बाबर ने शुरू किया था।
🎯 Exam Tip: खाली स्थान भरने वाले प्रश्नों में, आपको सटीक ऐतिहासिक तथ्यों और नामों की जानकारी होनी चाहिए।
Question 4.
(ख) बाबर और राणा साँगा के बीच खानवा नामक स्थान पर युद्ध हुआ ।
Answer: बाबर और राणा साँगा के बीच **खानवा** नामक स्थान पर युद्ध हुआ । खानवा का युद्ध मुगल शक्ति को भारत में मजबूत करने में एक और महत्वपूर्ण कदम था।
In simple words: बाबर और राणा साँगा के बीच खानवा में लड़ाई हुई थी।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण युद्धों के स्थानों और उसमें शामिल प्रमुख व्यक्तियों को याद रखना ऐतिहासिक घटनाओं को क्रमबद्ध करने में मदद करता है।
Question 4.
(ग) बाबर ने अपनी आत्मकथा तुर्की भाषा में लिखी ।
Answer: बाबर ने अपनी आत्मकथा **तुर्की** भाषा में लिखी । बाबर की आत्मकथा 'तुजुक-ए-बाबरी' उस समय के इतिहास और संस्कृति को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
In simple words: बाबर ने अपनी किताब तुर्की भाषा में लिखी थी।
🎯 Exam Tip: शासकों के साहित्यिक कार्यों और उनकी भाषा को जानना उनके व्यक्तित्व और उस काल की सांस्कृतिक जानकारी देता है।
Question 5. पाठ के आधार पर निम्नलिखित तालिका पूर्ण कीजिए (पूर्ण करके)-
Answer:
| सन् | युद्ध |
|---|---|
| 1526 ई० | पानीपत का प्रथम |
| 1527 ई० | खानवा |
| 1529 ई० | चन्देरी |
| 1529 ई० | घाघरा |
In simple words: यह तालिका अलग-अलग सालों में हुए बड़े युद्धों को दिखाती है, जो मुगल इतिहास के लिए जरूरी हैं।
🎯 Exam Tip: ऐसी तालिकाओं को याद करने के लिए, आप तिथियों और घटनाओं को एक साथ जोड़कर कहानी के रूप में याद कर सकते हैं।
प्रोजेक्ट कार्य - नोट - विद्यार्थी स्वयं करें ।
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