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Detailed Chapter 10 सत्सहास UP Board Solutions for Class 7 Hindi
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महत्त्वपूर्ण गद्यांश की व्याख्या
सत्साहसी ... नहीं देता है।
संदर्भ: यह गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'मंजरी' के 'सत्साहस' पाठ से लिया गया है। इस निबंध के लेखक गणेश शंकर विद्यार्थी हैं।
प्रसंग: लेखक ने सत्साहस के लिए हृदय की पवित्रता, उदारता, चारित्रिक दृढ़ता और कर्तव्यपरायणता जैसे गुणों का होना बहुत जरूरी बताया है।
व्याख्या: सत्साहसी व्यक्ति के अंदर एक छिपी हुई ताकत होती है। इस ताकत के कारण वह दुखी लोगों को बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा देता है। इसी ताकत से वह अपने देश, धर्म, जाति और परिवार की रक्षा भी करता है। जब कोई अनजान व्यक्ति मुसीबत में होता है, तो वह बिना किसी स्वार्थ के उसकी मदद करता है। ऐसे मदद के कामों में वह मुश्किलों का सामना खुशी-खुशी करता है और स्वार्थी नहीं रहता।
पाठ का सार (सारांश)
दुनिया के सभी महान लोग साहसी हुए हैं। अर्जुन, भीष्म और अभिमन्यु को हम उनके साहस के कारण ही याद करते हैं। आल्प्स पहाड़ों को पार करने वाले हनीवल और नेपोलियन बहुत साहसी थे। तैमूर, बाबर, शिवाजी और रणजीत सिंह जैसे राजाओं ने भी अपने साहस से बहुत कुछ कर दिखाया। गुस्सा होकर या अपने फायदे के लिए साहस दिखाना अच्छी बात नहीं है। यह निम्न श्रेणी का साहस कहलाता है। मध्यम श्रेणी का साहस उन शूरवीरों में होता है जो बहुत बहादुर दिखते हैं, लेकिन ज्ञान की कमी के कारण उनकी बहादुरी कभी-कभी बेकार लगती है। सर्वोच्च श्रेणी के साहस के लिए सिर्फ ताकत या पैसा होना काफी नहीं है। इसके लिए मन की पवित्रता, दयालुता और अच्छे चरित्र के साथ-साथ अपने कर्तव्यों को पूरा करना बहुत जरूरी है। जो इंसान अपने कर्तव्य नहीं जानता, वह पशु के समान है। मारवाड़ के बुद्धन सिंह जयपुर में बस गए थे। जब मराठों ने मारवाड़ पर हमला किया, तो अपनी मातृभूमि को खतरे में देखकर बुद्धन सिंह गुस्से में आ गए। उन्होंने अपने राजपूत साथियों के साथ मारवाड़ आकर सही समय पर अपने देश और राजा की सेवा की। आज भी राजपूत महिलाएँ बुद्धन सिंह और उनके दोस्तों की बहादुरी के गीत गाती हैं। सच्चे साहसी व्यक्ति को स्वार्थ छोड़ना पड़ता है। हमें हमेशा अपने देश, समय और कर्तव्य के बारे में सोचना चाहिए। हमें स्वार्थरहित होकर साहस दिखाना चाहिए और अपने कर्तव्यों को पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।
प्रश्न-अभ्यास
कुछ करने को नोट- विद्यार्थी प्रश्न 1 व प्रश्न 2 पाठ्य पुस्तक में देखकर स्वयं हल करें।
Question 3. हमारे देश में हर वर्ष 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर बहादुर बच्चों को 'राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार' दिए जाते हैं। इन पुरस्कारों के बारे में विस्तार से जानकारी कीजिए तथा सभी को बताइए।
Answer: हमारे देश में हर साल 26 जनवरी की शाम को बहादुर बच्चों को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिए जाते हैं। भारतीय बाल कल्याण परिषद ने ये पुरस्कार 1957 में शुरू किए थे। इन पुरस्कारों में एक पदक, एक प्रमाण-पत्र और नकद राशि दी जाती है। इन बच्चों को उनकी पढ़ाई पूरी होने तक आर्थिक मदद भी मिलती है। 26 जनवरी को ये बहादुर बच्चे गणतंत्र दिवस परेड में हाथी पर सवारी करते हुए शामिल होते हैं। यह सम्मान बच्चों को बहादुरी और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करता है। इन पुरस्कारों में पाँच मुख्य पुरस्कार शामिल हैं:
1. भारत पुरस्कार (1987 से)
2. गीता चोपड़ा पुरस्कार (1978 से)
3. संजय चोपड़ा पुरस्कार (1978 से)
4. बापू गैधानी पुरस्कार (1988 से)
5. सामान्य राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार (1957 से)
In simple words: भारत में हर साल 26 जनवरी को बहादुर बच्चों को वीरता पुरस्कार मिलते हैं। ये पुरस्कार उन्हें उनकी बहादुरी के लिए दिए जाते हैं और इसमें पैसा व सम्मान शामिल होता है।
🎯 Exam Tip: जब आप किसी पुरस्कार के बारे में जानकारी दें, तो उसके इतिहास, मिलने वाली चीजों और महत्व को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 4. प्रत्येक पाठ के साथ ही लेखकों व उनकी कृतियों का परिचय संक्षेप में दिया गया है, नीचे दिये गये समूह 'क' के लेखकों के सम्मुख उनकी कृतियाँ समूह 'ख' से चुनकर अपनी पुस्तिका में लिखिए
Answer: यहाँ समूह 'क' के लेखकों को उनकी कृतियों (रचनाओं) से मिलाया गया है:
जयशंकर प्रसाद - कामायनी
रामावतार त्यागी - नया खून
तेत्सुको कुरोयानागी - तोत्तो-चान
रसखान - प्रेम वाटिका
रमेश उपाध्याय - नदी के साथ
नागार्जुन - युगधारा
भारतेन्दु हरिश्चन्द्र - प्रेम-माधुरी
In simple words: लेखकों को उनकी सही किताबों या कविताओं से मिलाना था। यहाँ हर लेखक के नाम के सामने उनकी लिखी हुई रचना का नाम दिया गया है।
🎯 Exam Tip: लेखकों और उनकी कृतियों को याद करने के लिए फ्लैशकार्ड या छोटी सूचियाँ बनाएं, खासकर साहित्य के प्रश्नों के लिए।
विचार और कल्पना
Question 1. चित्र को देखकर आपके मन में जो विचार आ रहे हैं, उन्हें लिखिए।
Answer: इस चित्र में एक लड़का एक लड़की को पानी में डूबने से बचा रहा है। यह दृश्य दिखाता है कि लड़का कितना साहसी, दूसरों की मदद करने वाला और अपने कर्तव्य को निभाने वाला है। ऐसे समय में तुरंत मदद करना सच्चा साहस दिखाता है।
In simple words: चित्र में एक लड़का एक लड़की को पानी से बचा रहा है। यह लड़के की बहादुरी और दूसरों की मदद करने की भावना को दिखाता है।
🎯 Exam Tip: चित्र-आधारित प्रश्नों में, हमेशा मुख्य क्रिया (यहां, बचाना) और चरित्र के गुणों (साहसी, परोपकारी) को बताएं।
Question 2. आपके विचार से किसी डूबते हुए को बचाना किस प्रकार का साहस है ?
Answer: हमारे विचार में, किसी डूबते हुए व्यक्ति को बचाना सर्वोच्च साहस माना जाता है। इसमें अपनी जान खतरे में डालकर दूसरे की जान बचाई जाती है। यह निस्वार्थ सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण है।
In simple words: डूबते हुए को बचाना सबसे बड़ी बहादुरी है क्योंकि इसमें अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरे की मदद की जाती है।
🎯 Exam Tip: अपने विचार व्यक्त करते समय, अपने जवाब को स्पष्ट और तर्कसंगत रखें, जैसा कि इस मामले में 'सर्वोच्च साहस' की बात है।
निबन्ध से
Question 1. लेखक ने साहस की कितनी श्रेणियाँ बतायी हैं तथा उनकी क्या विशेषताएँ हैं ?
Answer: लेखक ने साहस की तीन श्रेणियाँ बताई हैं: निम्न, मध्यम और सर्वोच्च। साहस के प्रकार व्यक्ति की सोच और उसके इरादे को दर्शाते हैं।
निम्न श्रेणी की विशेषता: यह वह साहस है जो क्रोध में आकर या अपने स्वार्थ के लिए दिखाया जाता है। ऐसे साहस की प्रशंसा नहीं की जाती है।
मध्यम श्रेणी की विशेषता: यह साहस शूरवीरों में पाया जाता है। उनके विचार बहुत ऊँचे होते हैं और वे निडरता से अपने काम करते हैं। यह साहस निश्चित रूप से सराहनीय है, लेकिन ज्ञान की कमी के कारण यह कभी-कभी प्रभावशाली नहीं दिखता।
सर्वोच्च श्रेणी की विशेषता: सर्वोच्च श्रेणी के साहस के लिए व्यक्ति का हृदय पवित्र, उदार, चरित्र में दृढ़ और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित होना जरूरी है। सच्चे साहसी व्यक्ति को किसी भी तरह का स्वार्थ नहीं रखना चाहिए।
In simple words: लेखक ने साहस को तीन भागों में बांटा है: निम्न (गुस्से या स्वार्थ वाला), मध्यम (बहादुर लेकिन बिना ज्ञान वाला), और सर्वोच्च (पवित्र हृदय और कर्तव्यपरायणता वाला)।
🎯 Exam Tip: जब किसी वर्गीकरण के बारे में पूछा जाए, तो प्रत्येक श्रेणी का नाम बताएं और उसकी मुख्य विशेषताओं को अलग-अलग स्पष्ट करें।
Question 2. बुद्धन सिंह द्वारा सत्साहस का कौन-सा कार्य किया गया?
Answer: बुद्धन सिंह ने स्वार्थरहित होकर और अपने कर्तव्य की भावना से प्रेरित होकर अपनी मातृभूमि की रक्षा की। उन्होंने मुश्किलों की परवाह किए बिना सही समय पर जाकर देश की सेवा की। यह उनका सत्साहस का कार्य था।
In simple words: बुद्धन सिंह ने बिना स्वार्थ के अपने देश की रक्षा की और अपना कर्तव्य पूरा किया।
🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति द्वारा किए गए कार्य का वर्णन करते समय, उस कार्य के पीछे के भाव (जैसे निस्वार्थता, कर्तव्यपरायणता) पर जोर दें।
Question 3. सत्साहसी व्यक्ति में कौन-सी गुप्तशक्ति रहती है, जिसके बल पर वह दूसरों को दुःख से बचाने के लिए प्राण तक दे सकता है?
Answer: सत्साहसी व्यक्ति में हृदय की पवित्रता और चरित्र की दृढ़ता की गुप्त शक्ति रहती है। इसी शक्ति के बल पर वह दूसरों को दुख से बचाने के लिए अपनी जान तक दे सकता है। यह शक्ति उसे निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करने के लिए प्रेरित करती है।
In simple words: एक सच्चे साहसी व्यक्ति में मन की पवित्रता और मज़बूत चरित्र की छिपी हुई ताकत होती है, जिससे वह दूसरों को बचाने के लिए अपनी जान भी दे सकता है।
🎯 Exam Tip: 'गुप्तशक्ति' जैसे शब्दों का अर्थ बताते समय, उसके भावनात्मक और नैतिक गुणों को स्पष्ट करें।
Question 4. लेखक के अनुसार सत्साहस के लिए अवसर की राह देखने की आवश्यकता नहीं है, क्यों?
Answer: लेखक के अनुसार सत्साहस दिखाने के लिए किसी खास मौके का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सच्चा साहस दिखाने के अवसर हर इंसान के जीवन में हर पल आते रहते हैं। हमें बस उन अवसरों को पहचानना और उन पर कार्रवाई करनी होती है।
In simple words: लेखक कहते हैं कि साहस दिखाने के लिए मौके का इंतजार नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसे मौके जीवन में हमेशा आते रहते हैं।
🎯 Exam Tip: जब 'क्यों' वाले प्रश्न का उत्तर दें, तो कारण को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से बताएं, जैसा कि 'अवसर हर पल आते रहते हैं' में बताया गया है।
Question 5. निम्नलिखित पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए ।
(क) बिना किसी प्रकार का साहस दिखलाये किसी जाति या किसी देश का इतिहास ही नहीं बन सकता ।
(ख) कर्तव्य का विचार प्रत्येक साहसी मनुष्य में होना चाहिए ।
(ग) कर्तव्य-ज्ञान-शून्य मनुष्य को मनुष्य नहीं, पशु समझना चाहिए।
Answer:
(क) इस पंक्ति का मतलब है कि किसी भी जाति या देश का इतिहास साहस भरी घटनाओं के बिना पूरा नहीं हो सकता। इतिहास में बहादुर लोगों की कहानियाँ बहुत महत्वपूर्ण होती हैं।
(ख) इसका आशय यह है कि हर साहसी व्यक्ति को अपने कर्तव्यों के बारे में सोचना चाहिए और उन्हें पूरा करना चाहिए। साहस और कर्तव्यपरायणता साथ-साथ चलते हैं।
(ग) इस पंक्ति का अर्थ है कि जो व्यक्ति अपने कर्तव्यों को नहीं जानता, उसे मनुष्य के बजाय पशु के समान माना जाना चाहिए। कर्तव्य-ज्ञान मनुष्य के लिए बहुत जरूरी है।
In simple words: (क) बिना साहस के किसी भी देश का इतिहास पूरा नहीं होता। (ख) हर साहसी इंसान को अपने कर्तव्यों के बारे में पता होना चाहिए। (ग) जो इंसान अपने कर्तव्य नहीं जानता, वह पशु जैसा होता है।
🎯 Exam Tip: आशय स्पष्ट करते समय, पहले पंक्ति का सीधा अर्थ बताएं और फिर एक अतिरिक्त वाक्य में उसके गहरे निहितार्थ को समझाएं।
भाषा की बात
Question 1. 'बलिष्ठता' शब्द बलिष्ठ+'ता' (प्रत्यय) से बना है। 'बलिष्ठ' शब्द विशेषण और 'बलिष्ठता' शब्द भाववाचक संज्ञा है। इसी प्रकार निम्नलिखित विशेषण शब्दों के साथ 'ता' प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञा बनाइए पवित्र, उदार, दृढ़, अनभिज्ञ, कायर, कठोर, कोमल, मधुर ।
Answer: विशेषण शब्दों में 'ता' प्रत्यय जोड़कर भाववाचक संज्ञाएँ इस प्रकार बनती हैं। यह प्रत्यय शब्द के अंत में लगकर उसके भाव को प्रकट करता है।
| शब्द | भाववाचक संज्ञा | शब्द | भाववाचक संज्ञा |
|---|---|---|---|
| पवित्र | पवित्रता | उदार | उदारता |
| दृढ़ | दृढ़ता | अनभिज्ञ | अनभिज्ञता |
| कायर | कायरता | कठोर | कठोरता |
| कोमल | कोमलता | मधुर | मधुरता |
In simple words: 'ता' प्रत्यय लगाने से विशेषण शब्द भाववाचक संज्ञा बन जाते हैं, जो किसी गुण या अवस्था को दिखाते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रत्यय जोड़कर शब्द बनाते समय, मूल शब्द के अर्थ और नए शब्द के भाववाचक रूप पर ध्यान दें।
Question 2. निम्नलिखित मुहावरों के अर्थ लिखकर अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए
(क) रक्त उबल पड़ना
(ख) मस्तक झुकाना
(ग) जान पर खेल जाना
(घ) फटकने न देना
(ङ) अवसर की राह देखना
Answer: यहाँ मुहावरों के अर्थ और वाक्यों में उनके प्रयोग को स्पष्ट किया गया है। मुहावरे भाषा को अधिक प्रभावशाली बनाते हैं।
(क) रक्त उबल पड़ना (क्रोधित हो उठना)- मातृभूमि पर हमले की खबर सुनकर राजपूतों का रक्त उबल पड़ा।
(ख) मस्तक झुकाना (हार मानना)- राणा प्रताप ने अकबर के सामने मस्तक झुकाने से इनकार कर दिया।
(ग) जान पर खेल जाना (अपूर्व वीरता दिखाना)- हमारे सैनिकों ने जान पर खेलकर भीषण युद्ध में शत्रु को हराया।
(घ) फटकने न देना (पास न आने देना)- सत्साहसी व्यक्ति स्वार्थपरता को अपने पास नहीं फटकने देता।
(ङ) अवसर की राह देखना (उचित मौका ढूँढ़ना)- हुमायूँ अवसर की राह देख रहा था। उसने शेरशाह सूरी के मरने पर भारत में फिर से अपना राज्य स्थापित किया।
In simple words: मुहावरे खास तरह के वाक्य होते हैं जिनका अपना अलग अर्थ होता है। उनका इस्तेमाल अपनी बात को और अच्छे से कहने के लिए किया जाता है।
🎯 Exam Tip: मुहावरों का अर्थ स्पष्ट रूप से लिखें और फिर अपने वाक्यों में उनका सही प्रयोग करें ताकि उनका मतलब साफ हो।
Question 3. 'अग्निकुंड' तथा 'स्वदेश-भक्ति' सामासिक पद हैं। इनका विग्रह होगा- 'अग्नि का कुंड' तथा 'स्वदेश के लिए भक्ति' । इनमें क्रमशः- सम्बन्ध कारक तथा सम्प्रदान कारक का चिह्न लगा हुआ है। समास होने पर उनका लोप हो जाता है। नीचे लिखे शब्दों का समास-विग्रह कीजिए
देश-प्रेम, क्रोधान्ध, इतिहास-वेत्ता, समाज-हित-चिन्तक, कर्तव्य-ज्ञान-शून्य
Answer: यहाँ दिए गए शब्दों का समास-विग्रह किया गया है। समास वह प्रक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक शब्दों को मिलाकर एक नया शब्द बनाया जाता है।
| शब्द | समास-विग्रह |
|---|---|
| देश-प्रेम | देश के लिए प्रेम |
| क्रोधान्ध | क्रोध में अन्धा |
| इतिहास-वेत्ता | इतिहास का वेत्ता |
| समाज-हित-चिन्तक | समाज के हित का चिन्तक |
| कर्तव्य-ज्ञान-शून्य | कर्तव्य के ज्ञान से शून्य |
In simple words: समास-विग्रह का मतलब है कि एक बड़े शब्द को उसके मूल शब्दों में तोड़कर उसका अर्थ बताना।
🎯 Exam Tip: समास-विग्रह करते समय, सामासिक पद में छिपे कारक चिह्नों को पहचानें और उन्हें स्पष्ट करें।
Question 4. निम्नलिखित संज्ञा शब्दों को बहुवचन में बदलकर अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए
माला, झरना, रोटी, आँख, कपड़ा, बालिका ।
Answer: यहाँ दिए गए एकवचन संज्ञा शब्दों को बहुवचन में बदलकर वाक्यों में प्रयोग किया गया है। बहुवचन किसी चीज की संख्या एक से ज्यादा होने को दर्शाता है।
| शब्द | बहुवचन | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| माला | मालाएँ | लोग फूलों की मालाएँ पहने हुए थे। |
| झरना | झरने | पहाड़ों पर झरनों की शोभा देखने को मिलती है। |
| रोटी | रोटियाँ | राणा प्रताप ने घास की रोटियाँ खाईं। |
| आँख | आँखें | काजल लगाने से आँखें सुंदर लगती हैं। |
| कपड़ा | कपड़े | स्वास्थ्य रक्षा के लिए कपड़े पहनना जरूरी है। |
| बालिका | बालिकाएँ | कक्षा में सभी बालिकाएँ उपस्थित थीं। |
In simple words: एकवचन शब्दों को बहुवचन में बदलकर हमें यह दिखाना होता है कि वे एक से ज्यादा हैं, और फिर उन बहुवचन शब्दों का सही वाक्य में प्रयोग करना होता है।
🎯 Exam Tip: बहुवचन बनाते समय, शब्दों के लिंग और अंत के स्वरों का ध्यान रखें ताकि सही रूप बन सके, और फिर वाक्य में उनका सही प्रयोग करें।
इस निबंध पाठ के आधार पर आप भी दो प्रश्न बनाइए। प्र०1. सर्वोच्च श्रेणी के साहस की क्या विशेषता है? प्र०2. सर्वोच्च कोटि के साहस, उच्चकोटि के साहस और मध्यम कोटि के साहस में क्या अंतर है?
इस निबन्ध पाठ से मैंने सीखा उत्तर: विद्यार्थी स्वयं करें।
अब मैं करूँगा/करूंगी...........। उत्तरः विद्यार्थी स्वयं करें ।
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