UP Board Solutions Class 7 Hindi Chapter 1 Jaago Jeevan Ke Prabhat

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UP Board Textbook Solutions for Class 7 Hindi Chapter 1 जागो जीवन के प्रभात

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Class 7 Hindi Chapter 1 जागो जीवन के प्रभात UP Board Solutions PDF

समस्त पद्यांशों की व्याख्या

अब जागो ................................... के प्रभात !

शब्दार्थ: प्रभात = सवेरा, वसुधा = पृथ्वी, हिम-कन = बर्फ के कण, ओस, क्षोभ = दुख, अरुणागात = लालिमायुक्त शरीर वाली।

संदर्भ: यह पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'मंजरी' की 'जागो जीवन के प्रभात' नामक कविता से लिया गया है। इस कविता के कवि जयशंकर प्रसाद जी हैं।

प्रसंग: कवि ने सुबह (प्रभात) के माध्यम से जीवन में नई आशा जगाने और जागृत होने का संदेश दिया है।

व्याख्या: कवि सबको नए जीवन के प्रभात में जागने के लिए बुला रहे हैं। इस सुबह, ओस और बर्फ जैसे जो दुख के कारण थे, वे अब खत्म हो गए हैं। लालिमा लिए हुए उषा (सुबह) आ चुकी है। इसलिए, सभी को इस प्रभात में उठकर नए जीवन में सक्रिय हो जाना चाहिए।

तम-नयनों.. ..................... के प्रभात!

शब्दार्थ: तम-नयनों = अंधेरे जैसी आँखें, ताराएँ = आँखों की पुतलियाँ, किरण-दल = किरणों का समूह, मलय-वात = ठंडी, धीमी और सुगंधित हवा।

संदर्भ: यह संदर्भ पहले के पद्यांश जैसा ही है।

प्रसंग: कवि ने रात बीत जाने के बाद, नए जीवन की सुबह का वर्णन किया है।

व्याख्या: रात के तारे जो आँखों को अंधेरे में छिपा देते थे, वे अब किरणों के समूह में बंद हो गए हैं (लुप्त हो गए हैं)। सुबह की ठंडी, धीमी और सुगंधित हवा चल रही है। इस सुबह की बेला में जाग जाना चाहिए और नए जीवन में सक्रिय हो जाना चाहिए।

रजनी की ............................ के प्रभात ।

शब्दार्थ: रजनी = रात, कलरव = पक्षियों का चहचहाना, अरुणांचल = पूर्व दिशा, चल रही बात = चर्चा हो रही है।

संदर्भ: यह संदर्भ पहले के पद्यांश जैसा ही है।

प्रसंग: कवि ने सुबह में पक्षियों के चहकने, ठंडी हवा के चलने और नए जीवन के प्रभात का वर्णन किया है।

व्याख्या: सुबह होने पर रात का अंधेरा अब खत्म हो गया है। सुबह में पक्षियों का जो मीठा चहचहाना (गान) हो रहा है, उससे मिलकर उनका स्वागत करना चाहिए। पूर्व दिशा से जागृति (जागरूकता) की हवा चलने लगी है। इसलिए, इस सुबह की बेला में जाग जाओ और नए जीवन में सक्रिय हो जाओ।

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को:

 

Question (i) सुबह सूर्योदय से थोड़ा पहले अपने घर के बाहर अथवा छत पर खड़े होकर पूर्व दिशा के एक-एक दृश्य को बारीकी से देखिए और
(क) देखे गये दृश्यों के बारे में अपनी पुस्तिका में लिखिए।
Answer: रात का अंधेरा अब हट चुका था। पूरब दिशा से लाल थाली जैसा सूरज धीरे-धीरे ऊपर आ रहा था। उसकी लालिमा चारों ओर फैल गई थी। कुछ तारे गायब हो गए थे, पर कुछ अभी भी दिख रहे थे। चिड़ियों की चहचहाहट से सभी दिशाएँ गूँज रही थीं। किसान अपने बैलों को लेकर खेतों की तरफ निकल पड़े थे, हल उनके कंधों पर था। बैलों के गले में बंधी घंटियों और मंदिर से आती शंख और घंटे की मधुर आवाज पूरे वातावरण में घुल रही थी। घास और पेड़-पौधों के पत्तों पर ओस की बूँदें मोतियों जैसी दिख रही थीं। प्रकृति सुबह के समय बहुत शांत और सुंदर लगती है।
In simple words: रात का अंधेरा खत्म हो गया था। पूरब से सूरज निकल रहा था और उसकी लालिमा फैल गई थी। चिड़ियाँ चहचहा रही थीं और किसान खेतों की ओर जा रहे थे। ओस की बूँदें पत्तों पर दिख रही थीं।

🎯 Exam Tip: जब भी किसी दृश्य का वर्णन करें, तो उसे देखकर महसूस की गई सभी छोटी-छोटी बातों को क्रम से लिखें, जैसे रंग, आवाज़ और गतिविधियाँ।

 

Question (ख) देखे गये दृश्यों का चित्र बनाइए ।
Answer: विद्यार्थी इस चित्र को स्वयं बनाएँ।
In simple words: Students should draw this picture themselves.

🎯 Exam Tip: चित्र बनाते समय रंगों का सही चुनाव करें और सुबह के प्राकृतिक दृश्यों को उजागर करें।

 

Question (ii) प्रातः काल वर्णन संबंधी कम से कम दो कविताओं का संकलन कीजिए।
Answer:
1. रात बिदाई पर सूरज ने
किरणों को बिखराया,
प्रातःकाल ने उठने का
घर-घर में बिगुल बजाया।
दौड़ भाग लग जाती घर में,
बड़े हो या फिर छोटे,
जाते दफ्तर, जाते शाला
हों चाहे वो खोटे।
भ्रमण को जाता, कोई व्यायाम,
कोई योगा करता,
स्फूर्ति और जोश से तन को,
दिनभर को ये भरता।
मंदिर, मस्जिद,
गुरुद्वारे के पट हैं सब खुल जाते,
पूजा-पाठ इबादत से
जीवन के दर्शन पाते।
उछल कूद यूँ जल्दी से
कट जाता प्रातः काल,
बाल्यावस्था लगता है ये
दिन के प्रातःकाल।

2. सुप्रभात बतलाता तालाब को
अलविदा करता रात को
खिले कमल और
सूरज की किरणों की लालिमा
लगती चुनर पहनी
फिजाओं ने गुलाबी
खिलते कमल लगते
तालाब के नीर ने
लगाई हो जैसे
पैरों में महावर
भोर का तारा
छुप गया उषा के आँचल में
पंछी कलरव,
माँ की मीठी पुकार
सच अब तो सुबह हो गई
श्रम के पाँव चलने लगे
अपने निर्धारित लक्ष्य की ओर
और हर दिन की तरह सूरज देता गया
धरा पर ऊर्जा।
In simple words: सुबह के बारे में दो कविताएँ ऊपर दी गई हैं। ये कविताएँ बताती हैं कि सुबह कैसे एक नया दिन लाती है, जिसमें लोग काम करते हैं और प्रकृति सुंदर दिखती है।

🎯 Exam Tip: कविताओं का संकलन करते समय यह ध्यान दें कि वे प्रातःकाल की शांति, ऊर्जा और गतिविधियों को दर्शाती हों।

विचार और कल्पना

 

Question 1. यह कविता उस समय लिखी गई थी जब देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था। हम गुलामी के अंधकार से आजादी के सुनहरे सवेरे की ओर बढ़ रहे थे। बताइए, उस समय देश की स्थिति क्या रही होगी?
Answer: उस समय पूरे देश के लोगों में आजादी पाने की एक लहर दौड़ रही थी। सभी बड़े-बूढ़े, युवा और बच्चे, महिलाएँ और पुरुष- हर कोई आजादी के आंदोलन में शामिल था। अंग्रेजों की लाठियाँ और गोलियाँ भी उन्हें रोक नहीं पाईं। हर जगह 'भारत छोड़ो' के नारे गूँज रहे थे। लोग आए दिन जुलूस निकालते थे और बड़े नेताओं की अगुवाई में अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाते थे। बेगुनाह लोगों और बड़े नेताओं को गिरफ्तार किया जा रहा था, और क्रांतिकारियों को फाँसी की सज़ा भी दी जा रही थी। भारत के लोग स्वतंत्रता पाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे और अंग्रेज उन्हें गुलाम बनाए रखने के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। इस समय देश में देशभक्ति की भावना चरम पर थी।
In simple words: जब यह कविता लिखी गई थी, तब भारत अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई लड़ रहा था। लोग देशभक्ति से भरे थे और आजादी के लिए आंदोलन कर रहे थे, चाहे उन्हें कितनी भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक संदर्भों से जुड़े सवालों के जवाब देते समय, उस समय की सामाजिक, राजनीतिक और भावनात्मक स्थिति का सटीक वर्णन करें।

 

Question 2. प्रातः काल पशुपालक अपने पशुओं को चारा खिलाते हैं। इसी तरह निम्नांकित के द्वारा प्रातः काल किये जाने वाले कार्यों के विषय में लिखिए
(क) विदयार्थी – Answer: विद्यार्थी विद्यालय जाने की तैयारी करते हैं।
In simple words: Students prepare for school.

🎯 Exam Tip: यह ध्यान रखें कि प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति की सुबह की दिनचर्या उसकी जिम्मेदारियों के अनुसार अलग होती है।

 

(ख) माँ – Answer: माँ घरवालों के लिए नाश्ता और लंच तैयार करने में जुट जाती है।
In simple words: Mothers prepare breakfast and lunch for the family.

🎯 Exam Tip: यह ध्यान रखें कि प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति की सुबह की दिनचर्या उसकी जिम्मेदारियों के अनुसार अलग होती है।

 

(ग) दुकानदार – Answer: दुकानदार अपनी दुकान खोलता है।
In simple words: Shopkeepers open their shops.

🎯 Exam Tip: यह ध्यान रखें कि प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति की सुबह की दिनचर्या उसकी जिम्मेदारियों के अनुसार अलग होती है।

 

(घ) पक्षी – Answer: पक्षी अपना घोंसला छोड़कर भोजन की तलाश में निकल पड़ते हैं।
In simple words: Birds leave their nests to search for food.

🎯 Exam Tip: यह ध्यान रखें कि प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति की सुबह की दिनचर्या उसकी जिम्मेदारियों के अनुसार अलग होती है।

 

(ङ) आप – Answer: मैं भी विद्यालय जाने की तैयारी में लग जाती हूँ।
In simple words: I also start preparing for school.

🎯 Exam Tip: यह ध्यान रखें कि प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति की सुबह की दिनचर्या उसकी जिम्मेदारियों के अनुसार अलग होती है।

कविता से

 

Question 1. कविता में जीवन का जो सन्देश छिपा हुआ है, दिये गये विकल्पों में से उसे छाँटिए
(क) सूर्योदय के लिए।
(ख) जीवन में नयी आशा का संचार करने के लिए।
(ग) मलय-वात का आनन्द लेने के लिए।
Answer: (ख) जीवन में नयी आशा का संचार करने के लिए।
In simple words: कविता हमें यह सिखाती है कि हमें अपने जीवन में नई उम्मीद और जोश भरना चाहिए।

🎯 Exam Tip: कविता के मुख्य भाव या संदेश को समझने के लिए, पूरी कविता को ध्यान से पढ़ें और कवि के उद्देश्य पर विचार करें।

 

Question 2. कवि ने प्रातःकाल पृथ्वी पर फैले ओसकणों को क्या कहा है?
Answer: कवि ने सुबह के समय पृथ्वी पर फैले ओसकणों को दुख भरे आँसू कहा है। वे दुख का प्रतीक हैं जो सुबह के साथ खत्म हो जाते हैं।
In simple words: कवि ने सुबह की ओस की बूँदों को दुख के आँसू कहा है।

🎯 Exam Tip: प्रतीकात्मक शब्दों का अर्थ समझते समय, उनके संदर्भ और कवि के भाव को ध्यान में रखें।

 

Question 3. उषा द्वारा ओस बटोरने का क्या आशय है?
Answer: उषा द्वारा ओस बटोरने का मतलब है कि जब सुबह होती है, तो सूरज की गर्मी से ओस की बूँदें सूख जाती हैं। इसी तरह, जीवन में जागृति और सक्रियता आने से सारे दुख और परेशानियाँ दूर हो जाते हैं। सुबह नई शुरुआत का प्रतीक है।
In simple words: इसका मतलब है कि सुबह होने पर सूरज की गर्मी से ओस सूख जाती है, और इसी तरह जीवन में नई ऊर्जा आने से दुख खत्म हो जाते हैं।

🎯 Exam Tip: जब भी किसी भाव या आशय को स्पष्ट करें, तो उसका शाब्दिक अर्थ बताने के साथ-साथ उसका गहरा या प्रतीकात्मक अर्थ भी समझाएँ।

 

Question 4. भाव स्पष्ट कीजिए
(क) चल रहा सुखद यह मलय-वात ।
Answer: कवि कहना चाहते हैं कि दुख भरी रात में जो बर्फ के कण दुख के आँसू जैसे लगते थे, वे अब खत्म हो गए हैं। सुबह हो चुकी है और अब ठंडी, धीमी और सुगंधित हवा चल रही है, जिससे मन को शांति मिलती है। यह हवा प्रकृति को भी ताजगी देती है।
In simple words: सुबह होने पर दुख खत्म हो गए हैं और ठंडी, खुशबूदार हवा चल रही है, जो मन को सुख देती है।

🎯 Exam Tip: कविताओं की पंक्तियों का भाव स्पष्ट करते समय, पहले उसका सीधा अर्थ बताएँ और फिर उसके गहरे अर्थ या प्रतीकात्मकता को समझाएँ।

 

(ख) कलरव से उठकर भेंटो तो ।
Answer: कवि कहते हैं कि दुख भरी रात अब बीत चुकी है और सुबह आ गई है। इसलिए, हमें पक्षियों के मधुर चहचहाने की आवाज के साथ उठकर सुबह का स्वागत करना चाहिए। इसका मतलब है कि हमें आलस्य छोड़कर नई शुरुआत के लिए तैयार रहना चाहिए।
In simple words: दुख भरी रात खत्म हो गई है, सुबह हो गई है, इसलिए पक्षियों की आवाज के साथ उठो और नए दिन की शुरुआत करो।

🎯 Exam Tip: जब भी किसी भाव या आशय को स्पष्ट करें, तो उसका शाब्दिक अर्थ बताने के साथ-साथ उसका गहरा या प्रतीकात्मक अर्थ भी समझाएँ।

 

Question 5. 'रजनी की लाज' को स्पष्ट करने के लिए नीचे चार अर्थ दिए गए हैं, इनमें से सही उत्तर छाँटकर लिखिए
(क) अन्धकार
(ख) शर्म
(ग) अज्ञान
(घ) आलस्य
Answer: (क) अन्धकार
In simple words: 'रजनी की लाज' का सही अर्थ 'अंधेरा' है, जो रात के साथ जुड़ा होता है।

🎯 Exam Tip: किसी शब्द या वाक्यांश का सही अर्थ जानने के लिए, कविता में उसके प्रयोग के संदर्भ को ध्यान से समझें।

भाषा की बात

 

Question 1. कविता की दो पंक्तियों को पढ़िए
(क) चल रहा सुखद यह मलय-वात
(ख) अरुणांचल में चल रही बात
उपर्युक्त पंक्तियों में आए शब्द 'वात' और 'बात' का अर्थ वाक्य प्रयोग द्वारा स्पष्ट कीजिए ।
Answer:

शब्दअर्थवाक्य प्रयोग
वातहवाआज पूर्व दिशा से शीतल वात चल रही है।
बातबातचीत, चर्चाआज विद्यालय में 15 अगस्त के बारे में बात हो रही है।
In simple words: 'वात' का मतलब 'हवा' होता है, जैसे 'सुबह की ठंडी हवा'। 'बात' का मतलब 'चर्चा' या 'बातचीत' होता है, जैसे 'दो लोगों के बीच की बात'।

🎯 Exam Tip: समान ध्वनि वाले लेकिन भिन्न अर्थ वाले शब्दों (युग्म-शब्दों) को समझने के लिए, उनके अर्थ और वाक्य प्रयोग पर विशेष ध्यान दें।

 

Question (ग) अरुण+अंचल के योग से 'अरुणांचल' शब्द बना है। इसी तरह नीचे लिखे गये शब्दों में 'अंचल' शब्द जोड़कर लिखिए
Answer:
हिम + अंचल - हिमांचल
उत्तर + अंचल - उत्तरांचल
पूर्व + अंचल - पूर्वांचल
सोन + अंचल - सोनांचल
कोयला + अंचल - कोयलांचल
नीला + अंचल - नीलांचल
In simple words: जब 'अंचल' शब्द को दूसरे शब्दों के साथ जोड़ते हैं, तो नए शब्द बनते हैं जो दिशा या क्षेत्र को दिखाते हैं, जैसे 'हिमांचल' का मतलब हिमालय का क्षेत्र।

🎯 Exam Tip: संधि विच्छेद और नए शब्द बनाने के नियमों को ध्यान से समझें, खासकर जब एक ही प्रत्यय (जैसे 'अंचल') अलग-अलग शब्दों के साथ जुड़ता है।

पढ़ने के लिए विद्यार्थी स्वयं करें।

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