UP Board Solutions Class 7 Civics Chapter 2 Vyavasthapika Kanoon Banana

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Detailed Chapter 2 व्यवस्थित कानून बनाना UP Board Solutions for Class 7 Civics

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Class 7 Civics Chapter 2 व्यवस्थित कानून बनाना UP Board Solutions PDF

व्यवस्थापिका-कानून बनाना

अभ्यास

 

Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों में दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर वाले विकल्प के सामने वाले गोले को काला कीजिए -
(क) लोकसभा का कार्यकाल है -
(a) 5 वर्ष
(b) 6 वर्ष
(c) 7 वर्ष
(d) 8 वर्ष
Answer: (a) 5 वर्ष
In simple words: लोकसभा के सदस्यों को 5 साल के लिए चुना जाता है, जिसके बाद नए चुनाव होते हैं। यह एक तय समय होता है जब तक वे अपनी जगह पर काम करते हैं।

🎯 Exam Tip: संवैधानिक निकायों के कार्यकाल और सदस्य संख्या जैसे तथ्यों को सीधे याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

(ख) उत्तर प्रदेश विधान परिषद् की सदस्य संख्या है -
(a) 95
(b) 99
(c) 100
(d) 104
Answer: (c) 100
In simple words: उत्तर प्रदेश की विधान परिषद में 100 सदस्य हैं। ये सदस्य अलग-अलग तरीकों से चुने जाते हैं, जैसे विधानसभा के सदस्यों द्वारा या राज्यपाल द्वारा।

🎯 Exam Tip: अलग-अलग राज्यों के विधानमंडलों की सदस्य संख्याएं थोड़ी भिन्न हो सकती हैं, इसलिए अपने राज्य की जानकारी को ध्यान से याद रखें।

 

Question 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(क) भारतीय संघीय व्यवस्था का प्रमुख लक्षण क्या है?
Answer: भारतीय संघीय व्यवस्था का मुख्य लक्षण यह है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच काम और शक्तियों को बांटा गया है। यह बँटवारा तीन सूचियों में किया गया है ताकि सरकारें अपने-अपने क्षेत्र में काम कर सकें। ये तीनों सूचियाँ इस प्रकार हैं:

  • संघ सूची (Union list)
  • राज्य सूची (State list)
  • समवर्ती सूची (Concurrent list)

संघ सूची: इस सूची में ऐसे विषय हैं जिन पर कानून बनाने का अधिकार सिर्फ संसद (केंद्र सरकार) को है। इसमें कुछ बड़े और राष्ट्रीय महत्व के विषय शामिल हैं, जैसे रेल, जल परिवहन, हवाई जहाज, राष्ट्रीय राजमार्ग, बैंक, विदेशी मामले, स्मारक, रक्षा, संचार साधन और डाक विभाग। इन सभी पर केंद्र ही कानून बनाता है।
राज्य सूची: इस सूची में ऐसे विषय हैं जिन पर कानून बनाने का अधिकार सिर्फ राज्य विधानमंडल (राज्य सरकार) को है। इसमें कुछ राज्य स्तर के विषय आते हैं, जैसे पुलिस, स्वच्छता, मत्स्य पालन, स्थानीय स्वशासन, कृषि, सिंचाई, पशुधन, निचली अदालत, कारागार और सड़क। राज्य सरकारें इन पर अपने नियम बनाती हैं।
समवर्ती सूची: इस सूची में ऐसे विषय हैं जिन पर संसद और राज्य विधानमंडल दोनों ही कानून बना सकते हैं। यदि एक ही विषय पर केंद्र और राज्य के कानूनों में कोई मतभेद होता है, तो केंद्र सरकार का कानून ही मान्य माना जाता है। इस सूची में चिकित्सा, वन, विवाह, समाचार पत्र, पुस्तकें, शिक्षा, उद्योग, बिजली, परिवार और धार्मिक संस्थाएँ जैसे विषय आते हैं। यह व्यवस्था देश में केंद्र और राज्यों के बीच सही तालमेल बिठाने में मदद करती है।
In simple words: भारत में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का बँटवारा तीन सूचियों (संघ, राज्य और समवर्ती) में किया गया है। यह संघीय व्यवस्था का सबसे खास लक्षण है, जिससे दोनों स्तर की सरकारें अपने अधिकार क्षेत्र में काम करती हैं और देश का विकास होता है।

🎯 Exam Tip: भारतीय संघीय व्यवस्था के तीन सूचियों और उनमें शामिल प्रमुख विषयों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर संघ और राज्य सूची के मुख्य अंतरों को।

 

(ख) केन्द्र सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची के दो-दो विषय लिखिए ।
Answer: केंद्र सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची के दो-दो विषय नीचे दिए गए हैं:

केंद्र सूचीराज्य सूचीसमवर्ती सूची
दूरसंचारखेतीशिक्षा
बैंकमवेशीपरिवार
यह विभाजन सुनिश्चित करता है कि अलग-अलग सरकारें अपने अधिकार क्षेत्र में सही से काम कर सकें।
In simple words: केंद्र सूची में देश के लिए जरूरी विषय होते हैं (जैसे बैंक), राज्य सूची में राज्यों के अपने विषय (जैसे खेती) और समवर्ती सूची में वे विषय होते हैं जिन पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं (जैसे शिक्षा)।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक सूची के कम से कम दो से तीन उदाहरण याद रखना महत्वपूर्ण है, ताकि आप उनके बीच के अंतर को स्पष्ट कर सकें।

 

(ग) लोकसभा के कार्यों को लिखिए ।
Answer: लोकसभा के मुख्य कार्य इस प्रकार हैं:

  1. कानून बनाना: लोकसभा देश के लिए नए कानून बनाती है और पुराने कानूनों में बदलाव करती है।
  2. मंत्रिपरिषद के कामों पर नियंत्रण रखना: यह सुनिश्चित करती है कि मंत्रिपरिषद (सरकार) ठीक से काम करे और अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करे।
  3. कानूनों में संशोधन करना: यदि किसी कानून में सुधार की जरूरत हो, तो लोकसभा उसमें बदलाव करती है।
  4. जनता पर कर लगाने और खर्च करने का निर्णय लेना: लोकसभा यह तय करती है कि सरकार जनता से कितना कर लेगी और उस पैसे को कहाँ खर्च करेगी।
ये कार्य देश के शासन को चलाने और जनता के हितों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: लोकसभा कानून बनाती है, सरकार के कामों पर नजर रखती है, टैक्स लगाने और पैसे खर्च करने का फैसला करती है।

🎯 Exam Tip: लोकसभा को "लोगों का सदन" भी कहा जाता है, और इसके कार्य सीधे जनता के हितों से जुड़े होते हैं, इसलिए मुख्य 4-5 कार्यों को याद रखें।

 

(घ) लोकसभा तथा राज्यसभा की शक्तियों में कोई एक अन्तर लिखिए।
Answer: लोकसभा और राज्यसभा की शक्तियों में एक मुख्य अंतर धन विधेयक को लेकर है। धन विधेयक केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत किए जा सकते हैं। राज्यसभा को धन विधेयक के संबंध में बहुत कम अधिकार प्राप्त हैं; वह केवल इस पर चर्चा कर सकती है और कुछ सुझाव दे सकती है, लेकिन इसे रोक नहीं सकती या बदल नहीं सकती। लोकसभा में धन विधेयक पारित होने के बाद राज्यसभा को इसे 14 दिनों के भीतर पास करना होता है।
In simple words: धन विधेयक (पैसे से जुड़े कानून) केवल लोकसभा में ही शुरू हो सकते हैं। राज्यसभा ऐसे बिलों पर सिर्फ बात कर सकती है, उन्हें बदल या रोक नहीं सकती।

🎯 Exam Tip: धन विधेयक से संबंधित अंतर सबसे महत्वपूर्ण है। याद रखें कि लोकसभा को धन विधेयकों पर अधिक शक्ति प्राप्त है।

 

(ङ) विधेयक के कानून बनने के तीन चरणों को प्रस्तुत कीजिए।
Answer: किसी भी विधेयक के कानून बनने के तीन मुख्य चरण इस प्रकार हैं:

  1. विधेयक पेश करना: एक साधारण विधेयक संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) में पेश किया जा सकता है। इसे पहले सदन में पेश किया जाता है जहाँ इस पर चर्चा और मतदान होता है।
  2. दोनों सदनों से पारित होना: विधेयक को कानून बनने से पहले संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) से पारित होना अनिवार्य है। यदि एक सदन में विधेयक पास हो जाता है, तो उसे दूसरे सदन में भेजा जाता है।
  3. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर: जब विधेयक दोनों सदनों से पास हो जाता है, तो उसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही वह विधेयक कानून बनता है।
यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि कोई भी कानून बनने से पहले सभी स्तरों पर विचार-विमर्श और सहमति से गुजरे।
In simple words: पहले विधेयक संसद के किसी भी सदन में पेश होता है। फिर उसे दोनों सदनों से पास होना होता है। आखिर में, राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही वह एक असली कानून बनता है।

🎯 Exam Tip: कानून बनाने की प्रक्रिया के इन तीन चरणों को क्रम में याद रखें, खासकर राष्ट्रपति की भूमिका को, जो अंतिम चरण है।

 

(च) धन विधेयक क्या है? इसको पारित करने की प्रक्रिया साधारण विधेयक से किस प्रकार अलग है?
Answer: धन विधेयक वह विधेयक होता है जो मुख्य रूप से सरकार के खर्चों या आमदनी (जैसे टैक्स) से संबंधित होता है। यह विधेयक केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है।
धन विधेयक को पारित करने की प्रक्रिया साधारण विधेयक से अलग होती है:
\( \implies \) धन विधेयक राष्ट्रपति की पहले से ही मंजूरी के बाद लोकसभा में प्रस्तुत किया जाता है।
\( \implies \) इसे केवल एक मंत्री द्वारा लोकसभा में पेश किया जाता है।
\( \implies \) लोकसभा इसे पारित करती है, जिसके बाद इसे राज्यसभा में भेजा जाता है।
\( \implies \) राज्यसभा इस पर केवल चर्चा कर सकती है और सुझाव दे सकती है, लेकिन इसे रोक नहीं सकती।
\( \implies \) यदि राज्यसभा 14 दिनों के भीतर इसे पास नहीं करती, तो इसे दोनों सदनों से पारित मान लिया जाता है। जबकि साधारण विधेयक किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है और उसे दोनों सदनों से पूर्ण बहुमत से पारित होना अनिवार्य है। धन विधेयक की प्रक्रिया तेजी से और केवल लोकसभा के अधिकार क्षेत्र में आती है।
In simple words: धन विधेयक पैसे से जुड़े होते हैं और सिर्फ लोकसभा में आते हैं, जबकि साधारण विधेयक किसी भी सदन में पेश हो सकते हैं। धन विधेयक पर राष्ट्रपति तुरंत हस्ताक्षर कर देते हैं और राज्यसभा इसे रोक नहीं सकती।

🎯 Exam Tip: धन विधेयक और साधारण विधेयक के बीच के अंतरों को स्पष्ट रूप से समझें, खासकर उनके प्रस्तुति के स्थान और राज्यसभा की शक्तियों के संबंध में।

 

(छ) अपने प्रदेश के विधानमंडल के बारे में लिखिए ।
Answer: उत्तर प्रदेश के विधानमंडल के बारे में कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • उत्तर प्रदेश में व्यवस्थापिका को 'विधानमंडल' कहा जाता है।
  • यह विधानमंडल राज्यपाल, विधानसभा और विधान परिषद् से मिलकर बनता है।
  • विधानसभा में 403 सदस्य होते हैं, जिन्हें जनता सीधे चुनती है। राज्यपाल एक आंग्ल भारतीय सदस्य को मनोनीत कर सकते हैं।
  • विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए व्यक्ति की आयु कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए। विधानसभा के सदस्यों को विधायक या एम.एल.ए. (Member of Legislative Assembly) कहते हैं।
  • विधानसभा के सदस्य अपने बीच में से एक अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष चुनते हैं।
  • विधानसभा का गठन आमतौर पर 5 साल के लिए होता है, लेकिन मंत्रिपरिषद की सलाह पर राज्यपाल इसे समय से पहले भी भंग कर सकते हैं।
  • उत्तर प्रदेश विधान परिषद् में 100 सदस्य होते हैं, जो विधानसभा सदस्यों, स्थानीय संस्थाओं, शिक्षकों, स्नातकों और राज्यपाल द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।
  • विधान परिषद् का सदस्य बनने के लिए कम से कम 30 वर्ष की आयु होनी चाहिए। विधान परिषद् के सदस्यों को विधायक या एम.एल.सी. (Member of Legislative Council) कहते हैं।
  • विधान परिषद् एक स्थायी सदन है, जिसके सदस्यों का चुनाव 6 वर्ष के लिए होता है और हर दूसरे साल एक-तिहाई सदस्य अवकाश ग्रहण करते हैं।
  • विधानमंडल का मुख्य काम कानून बनाना है। विधानसभा और विधान परिषद् द्वारा पारित विधेयक राज्यपाल की सहमति के बाद ही कानून बनता है।
  • हमारे प्रदेश का विधानसभा भवन लखनऊ शहर में स्थित है।
यह विधानमंडल राज्य के लिए कानून बनाने और शासन चलाने का काम करता है।
In simple words: उत्तर प्रदेश का विधानमंडल राज्यपाल, विधानसभा और विधान परिषद से बनता है। विधानसभा के सदस्य 5 साल के लिए चुने जाते हैं (न्यूनतम आयु 25 साल) और विधान परिषद के सदस्य 6 साल के लिए (न्यूनतम आयु 30 साल)। यह राज्य के लिए कानून बनाता है और लखनऊ में है।

🎯 Exam Tip: अपने राज्य के विधानमंडल की संरचना (सदस्यों की संख्या, कार्यकाल, योग्यता) और राजधानी को याद रखें।

 

Question 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) संघ कई राज्यों से मिलकर बना है।
Answer: संघ कई राज्यों से मिलकर बना है।
In simple words: भारत एक देश है जो बहुत सारे राज्यों को मिलाकर बना है।

🎯 Exam Tip: 'संघ' शब्द का अर्थ है कई इकाइयों का एक साथ आना। यह देश की एकता को दर्शाता है।

 

(ख) संविधान में शिक्षा से सम्बन्ध रखने वाले विषय समवर्ती सूची में दिया गया है।
Answer: संविधान में शिक्षा से सम्बन्ध रखने वाले विषय समवर्ती सूची में दिया गया है।
In simple words: शिक्षा ऐसा विषय है जिस पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों ही कानून बना सकती हैं, इसलिए इसे समवर्ती सूची में रखा गया है।

🎯 Exam Tip: समवर्ती सूची में उन विषयों को रखा जाता है जिन पर केंद्र और राज्य दोनों का हित होता है, जैसे शिक्षा और वन।

 

(ग) लोकसभा, राज्यसभा तथा राष्ट्रपति को मिलाकर भारतीय संसद बनती है।
Answer: लोकसभा, राज्यसभा तथा राष्ट्रपति को मिलाकर भारतीय संसद बनती है।
In simple words: हमारे देश की संसद तीन मुख्य हिस्सों से मिलकर बनती है: लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति।

🎯 Exam Tip: संसद के तीनों अंगों को याद रखना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये तीनों मिलकर ही देश के लिए कानून बनाते हैं।

 

(घ) राज्य सभा में सदस्यों की संख्या अधिक से अधिक 250 हो सकती है।
Answer: राज्य सभा में सदस्यों की संख्या अधिक से अधिक 250 हो सकती है।
In simple words: राज्यसभा में सबसे ज्यादा 250 सदस्य हो सकते हैं, जिसमें से कुछ राष्ट्रपति चुनते हैं और बाकी राज्यों से आते हैं।

🎯 Exam Tip: राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या और लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या में अंतर याद रखें।

 

Question 4. सही मिलान कीजिए (सही मिलान करके)-
Answer: सही मिलान इस प्रकार है:

कॉलम 'अ'कॉलम 'ब'
केंद्र सूची का विषयडाक तथा तार
लोकसभा के बैठक की कार्यवाहीअध्यक्ष
राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल6 वर्ष
लोकसभा की सदस्यता हेतु न्यूनतम आयुकम से कम 25 वर्ष
यह मिलान भारतीय शासन व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करता है।
In simple words: इस मिलान में बताया गया है कि केंद्र सूची में डाक और तार जैसे विषय आते हैं, लोकसभा के अध्यक्ष बैठकें संभालते हैं, राज्यसभा के सदस्य 6 साल तक काम करते हैं और लोकसभा का सदस्य बनने के लिए कम से कम 25 साल का होना चाहिए।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के मिलान वाले प्रश्नों के लिए, दोनों स्तंभों के तत्वों और उनके बीच के संबंधों को ठीक से समझना महत्वपूर्ण है।

 

प्रोजेक्ट कार्य – नोट – विद्यार्थी स्वयं करें ।

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