UP Board Solutions Class 6 Sanskrit Chapter 3 Asmakam Pariveshah

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Chapter Solutions: Class 6 Sanskrit (UP Board) - Chapter 3 अस्माकम परिवेशा

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Class 6 Sanskrit Chapter 3 अस्माकम परिवेशा UP Board Solutions PDF

शब्दार्थाः

क्रीडाक्षेत्रम् = खेल का मैदान,
वेगेन = तेज गति से,
सहचरैः सह = मित्रों के साथ,
उत्साहेन = खुशी से,
शिक्षायै = शिक्षा के लिए,
आपणम् = बाजार,
बहिः = बाहर,
पक्वानि = पके हुए,
कोकिलाः = कोयलें
पादपान् = पौधों को,
सिञ्चति = सींचती है,
तडागः = तालाब ।
अमराः = मँवरे ।
गुञ्जन्ति = गूंजते हैं।
सम्प्रति = इस समय ।
अश्वत्थः = पीपल का वृक्ष,
वट = बरगद,
निम्बः = नीम् ।

(क) तृतीया विभक्तिः

इदं क्रीडाक्षेत्रम्........... कीडन्ति ।

हिन्दी अनुवाद – यह खेल का मैदान है। बालक गेंद से खेलते हैं। कुछ बालक जोर से भागते हैं। हम दोनों नेत्रों से बालकों को देखते हैं। बालक साथियों सहित खेलते हैं। यहाँ लड़कियाँ भी उत्साह से खेलती हैं।

(ख) चतुर्थी विभक्तिः

विद्यालयाः................गच्छति ।

हिन्दी अनुवाद - विद्यालय शिक्षा के लिए होते हैं। छात्र पढ़ने के लिए विद्यालय में जाते हैं। हम भी पढ़ने के लिए विद्यालय जाते हैं। तुम भी शिक्षा के लिए वहाँ जाते हो । वे (लड़के) और वे सब (लड़कियाँ) भी शिक्षा के लिए विद्यालय जाते हैं। वह पुस्तिका के लिए पुस्तकालय जाती है।

(ग) पञ्चमी विभक्तिः

इदम् उपवनं..................नयन्ति ।

हिन्दी अनुवाद – यह उपवन गाँव से बाहर है। लोग घरों से यहाँ आते हैं। माली कुएँ से जल लाता है। वह जल से पेड़ों को सींचता है। जब फल पक जाते हैं, तब वे पेड़ों से गिरते हैं। उपवन का रक्षक उपवन से फलों को बाजार में लाता है। लोग उन्हें बाजार से घर ले जाते हैं।

(घ) षष्ठी विभक्तिः

इदम् एकम्............ सिञ्चति च ।।

हिन्दी अनुवाद – यह एक सुन्दर उद्यान है। जब सुबह सूर्य का प्रकाश होता है, तब प्रकाश से उद्यान की शोभा होती है। भंवरे फूलों पर मँडराते हैं। कोयलें वृक्षों पर कूकती हैं। संजीव की माता उद्यान की रक्षा करती हैं। और पौधों को सींचती है।

(ङ) सप्तमी विभक्तिः

प्रातःकाले.............आवश्यकम् ।

हिन्दी अनुवाद – सवेरे हम उद्यान जाते हैं। उद्यान में लोग घूमते हैं। वहाँ हम वृक्षों को देखते हैं। उद्यान में बरगद, आम, नींबू, पीपल और दूसरे पेड़ भी होते हैं। पक्षी पेड़ों पर निवास करते हैं। वृक्षों पर पके फल होते हैं। बेलों पर फूल खिलते हैं। उद्यान में एक तालाब भी है। जल में कमल खिलते हैं। कमलों पर भंवरे गूंजते हैं। तालाब में मछलियाँ भी हैं। शाम को बालक और बालिकाएँ उद्यान में खेलते हैं। आजकल वायु प्रदूषण दूर करने के लिए नगर में उद्यान आवश्यक है।

अभ्यासः

Question 1. उच्चारणं कुरुत

नोट – विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

 

Question 2. एकपदेन उत्तरत
(क) बालकाः केन क्रीडन्ति ? ।
(ख) छात्राः किमर्थं विद्यालयं गच्छन्ति?
(ग) फलानि केभ्यः पतन्ति ।
(घ) प्रातः कस्य प्रकाशः भवति?
(ङ) भ्रमराः कुत्र गुञ्जन्ति?
Answer:
(क) कन्दुकेन (गेंद से)
(ख) पठनाय (पढ़ने के लिए)
(ग) वृक्षेभ्यः (वृक्षों से) । फल वृक्षों से गिरते हैं, क्योंकि वृक्ष ही फलों को धारण करते हैं।
(घ) सूर्यस्य (सूर्य का) । सुबह के समय सूर्य का ही प्रकाश होता है।
(ङ) कमलेषु (कमलों में) । भंवरे फूलों पर गुंजार करते हैं, खासकर कमलों पर।
In simple words: (क) गेंद से, (ख) पढ़ने के लिए, (ग) पेड़ों से, (घ) सूर्य का, (ङ) कमलों में। यह सभी एक शब्द में दिए गए उत्तर हैं।

🎯 Exam Tip: एक शब्द में उत्तर देते समय केवल मुख्य शब्द लिखें, पूरा वाक्य लिखने से बचें।

 

Question 3. मजूषातः पदानि चित्वा वाक्यानि पूरयत (पूर्ति करके)
(क) वयं बालकान् नेत्राभ्याम् पश्यामः ।
(ख) विद्यालयाः शिक्षायै भवन्ति ।
(ग) उपवनरक्षकः कूपात जलम् आनयति ।
(घ) भ्रमराः कुसुमानां उपरि गुजन्ति ।
(ङ) खगाः वृक्षेषु निवसन्ति ।
Answer:
(क) वयं बालकान् नेत्राभ्याम् पश्यामः । (हम आँखों से लड़कों को देखते हैं।) हमारे शरीर में आँखें देखने का काम करती हैं।
(ख) विद्यालयाः शिक्षायै भवन्ति । (विद्यालय शिक्षा के लिए होते हैं।) विद्यालय ज्ञान का मंदिर होता है।
(ग) उपवनरक्षकः कूपात जलम् आनयति । (बगीचे का रक्षक कुएँ से पानी लाता है।) कुआँ पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
(घ) भ्रमराः कुसुमानां उपरि गुञ्जन्ति । (भंवरे फूलों के ऊपर गूंजते हैं।) फूलों पर भंवरों का गुंजार सुनना बहुत मधुर होता है।
(ङ) खगाः वृक्षेषु निवसन्ति । (पक्षी वृक्षों पर रहते हैं।) पेड़ पक्षियों को आश्रय प्रदान करते हैं।
In simple words: हमें दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर खाली जगह भरनी थी। हर वाक्य में एक सही शब्द लगाकर हमने उसे पूरा किया, जैसे 'नेत्राभ्याम्' (आँखों से), 'शिक्षायै' (शिक्षा के लिए), 'कूपात' (कुएँ से), 'कुसुमानां' (फूलों के), और 'वृक्षेषु' (पेड़ों पर)।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और व्याकरण के अनुसार सबसे उपयुक्त शब्द चुनें।

 

Question 4. विभक्ति वचनं च लिखत

यथा- शिक्षायैविभक्तिम्वचनम्
शिक्षायैचतुर्थीएकवचनम्
(क) पुस्तिकाभ्यःचतुर्थीबहुवचनम्
(ख) वृक्षेषुसप्तमीबहुवचनम्
(ग) कुसुमानाम्षष्ठीबहुवचनम्
(घ) कन्दुकेनतृतीयाएकवचनम्
(ङ) सहचरैःतृतीयाबहुवचनम्

🎯 Exam Tip: विभक्ति और वचन पहचानते समय, शब्द के मूल रूप और उसके अंत में लगे प्रत्यय (suffix) पर ध्यान दें। यह संस्कृत व्याकरण का आधार है।

 

Question 5. कोष्ठकातृ उचित पदानि चित्वा वाक्यानि पूरयत
Answer:
(क) वयं नेत्राभ्याम् चित्राणि पश्यामः (नेत्राभ्याम्/नेत्रेण) । हम दोनों आँखों से चित्र देखते हैं।
(ख) ते शिक्षायै विद्यालयं गच्छन्ति । (शिक्षाभ्यः/शिक्षायै) । वे शिक्षा के लिए विद्यालय जाते हैं।
(ग) जनाः गृहात् आपणं आगच्छन्ति (गृहेण/गृहात्) । लोग घर से बाजार आते हैं।
(घ) भ्रमराः पुष्पाणाम् उपरि गुञ्जन्ति । (पुष्पेभ्यः/पुष्पाणाम्) । भंवरे फूलों के ऊपर गूंजते हैं।
(ङ) वृक्षेषु पक्वानि फलानि सन्ति । (वृक्षेषु/वृक्षेण) । वृक्षों पर पके हुए फल हैं।
In simple words: हमें कोष्ठक में से सही शब्द चुनकर वाक्य पूरे करने थे। जैसे 'नेत्राभ्याम्' दो आँखों के लिए, 'शिक्षायै' शिक्षा के लिए, 'गृहात्' घर से, 'पुष्पाणाम्' फूलों के, और 'वृक्षेषु' पेड़ों पर।

🎯 Exam Tip: शब्दों कोष्ठक से चुनते समय, वाक्य के वचन (number) और विभक्ति (case) के साथ उनका सही मेल सुनिश्चित करें।

 

Question 6. रेखांकितशबदानाम् विलोमं मंजूषायां लिखत
यथा – अत्र बालकाः दुःखेन धावन्ति ।। सुखेन
Answer:
(क) बालिकाः अपि उत्साहेन क्रीडन्ति । अनुत्साहेन । (लड़कियाँ भी उत्साह से खेलती हैं। इसका विलोम 'अनुत्साहेन' (बिना उत्साह के) होगा।)
(ख) बालकः मुन्दस्वरेण गीतं गायति । तीव्र स्वरेण । (बालक धीमी आवाज में गीत गाता है। इसका विलोम 'तीव्र स्वरेण' (तेज आवाज में) होगा।)
(ग) प्रातःकाले वयं उद्यानं गच्छामः । सायंकाले । (सुबह हम बगीचे जाते हैं। इसका विलोम 'सायंकाले' (शाम को) होगा।)
In simple words: हमें हर वाक्य में रेखांकित शब्द का उल्टा अर्थ (विलोम) लिखना था। जैसे 'उत्साहेन' का 'अनुत्साहेन', 'मुन्दस्वरेण' का 'तीव्र स्वरेण', और 'प्रातःकाले' का 'सायंकाले' होगा।

🎯 Exam Tip: विलोम शब्द पहचानते समय, दिए गए शब्द के विपरीत अर्थ वाले शब्द पर ध्यान दें, जो संदर्भ में भी सही बैठे।

 

Question 7. चक्रात पदानि आदाय पठ्द्धातोः उचित प्रयोगं कृत्वा वाक्यानि रचयत

पठ् आवाम वयम् ते यूयम् त्वम् जहीरः अहम् मित्रैः प्रतिदिनम् गीताम् ज्ञानाध्य विद्यालय किन् श्लोक सहAnswer:
यथा – त्वं किं पठसि ? (तुम क्या पढ़ते हो?)
(क) अहम् प्रतिदिन पठामि । (मैं प्रतिदिन पढ़ता हूँ।) पढ़ाई हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
(ख) वयम् गीताम् पठामः । (हम सब गीता पढ़ते हैं।) गीता एक पवित्र ग्रंथ है।
(ग) जहीरः मित्रैः सह पठति । (जहीर मित्रों के साथ पढ़ता है।) दोस्तों के साथ पढ़ना हमेशा मजेदार होता है।
(घ) त्वम् किम् पठसि । (तुम क्या पढ़ते हो?) यह एक साधारण प्रश्न है।
(ङ) यूयं विद्यालये पठथ । (तुम सब विद्यालय में पढ़ते हो।) विद्यालय ज्ञान प्राप्त करने का स्थान है।
(च) ते श्लोकस्य अर्थ पठन्ति । (वे सब श्लोक का अर्थ पढ़ते हैं।) श्लोकों का अर्थ जानना बहुत ज्ञानवर्धक होता है।
(छ) वयम् अध्यापकात् पठामः ।। (हम सब अध्यापक से पढ़ते हैं।) अध्यापक हमारे ज्ञान के स्रोत होते हैं।
(ज) आवाम् ज्ञानाय पठावः । (हम दोनों ज्ञान के लिए पढ़ते हैं।) ज्ञान प्राप्त करना हमेशा महत्वपूर्ण होता है।
In simple words: हमें दिए गए चक्र से शब्द चुनकर 'पठ्' धातु के सही रूप का उपयोग करके वाक्य बनाने थे। हमने अलग-अलग सर्वनामों (जैसे मैं, हम, तुम) और अन्य शब्दों (जैसे प्रतिदिन, गीता, मित्रैः) का उपयोग करके वाक्य बनाए और 'पठ्' (पढ़ना) क्रिया को उनके अनुसार बदला।

🎯 Exam Tip: धातु के उचित प्रयोग के लिए, वाक्य के कर्ता (subject) के पुरुष (person) और वचन (number) के अनुसार धातु रूप का चुनाव करें।

• विशेष – नोट – विद्यार्थी ध्यान से पढ़ें।

• शिक्षण-सङ्केतः - नौट - विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

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