UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 8 Bharat Ke Mahan Chikitsak (Sushrut, Charak)

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 6 Hindi Chapter 08 भारत के महान चिकित्सक (सुश्रुत, चरक)

Review structured textbook solutions for Class 6 Hindi Chapter 08 भारत के महान चिकित्सक (सुश्रुत, चरक). Built according to UP Board guidelines for the 2026 27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.

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पाठ का सारांश

आयु सम्बन्धी ज्ञान (वेद) को आयुर्वेद कहते हैं। आयुर्वेद सम्बन्धी सिद्धांतों का संकलन ऋषियों द्वारा संहिताओं में हुआ है। सुश्रुत संहिता शल्य तंत्र प्रधान तथा चरक संहिता काय चिकित्सा प्रधान ग्रंथ है। इनके लेखक सुश्रुत और चरक हैं।

सुश्रुत - छह सौ वर्ष ईसा पूर्व में जन्मे सुश्रुत आज भी 'प्लास्टिक सर्जरी' के जनक माने जाते हैं। इन्होंने वैद्यक और शल्य चिकित्सा का ज्ञान वाराणसी में दिवोदास धन्वंतरि के आश्रम में प्राप्त किया। ये मूत्र नलिका से पत्थर निकालने, टूटी हड्डी को जोड़ने और मोतियाबिंद की शल्यचिकित्सा में दक्ष थे। ऑपरेशन से पहले कीटाणु मारने के लिए उपकरण गर्म करना और बीमार को नशीला द्रव पिलाना आज भी मान्य है। सुश्रुत ने अपने शिष्यों से कहा था, “अच्छा वैद्य वही है, जो सिद्धांत और अभ्यास दोनों में पारंगत हो ।” सुश्रुत ने अपनी सुश्रुत संहिता में 101 उपकरणों की सूची दी है। आज भी उनके समान यंत्र वर्तमान चिकित्सक प्रयोग में लाते हैं।

चरक – चरक ने आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में शरीर विज्ञान, निदान शास्त्र और भ्रूण विज्ञान पर चरक संहिता लिखी, जो आज भी चिकित्सा जगत् में सम्मानित है। ये सम्भवतः नागवंश में पैदा हुए और पश्चिमोत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। चरके पहले चिकित्सक थे, जिन्होंने पाचन प्रक्रिया और शरीर प्रतिरक्षा की अवधारणा दी। इनके अनुसार शरीर में वात, पित्त और कफ के कारण दोष उत्पन्न हो जाता है। इन्होंने स्पष्ट किया कि एक शरीर दूसरे से भिन्न होता है। शरीर के तीनों दोष असन्तुलित होने से बीमारी पैदा हो जाती है। इन दोषों के सन्तुलन के लिए इन्होंने दवाइयाँ बनाईं।

चरक को शरीर में जीवाणुओं की उपस्थिति का ज्ञान था। चरक ने आनुवंशिकी के सम्बन्ध में मान्यता दी कि बच्चों में आनुवंशिक दोष जैसे- अन्धेपन, लँगड़ेपन जैसी विकलांगता माता-पिता की कमी के कारण नहीं, बल्कि डिंबाणु या शुक्राणु की त्रुटि के कारण होती है। यह मान्यता आज भी मान्य है। चरक ने दाँतों सहित शरीर में तीन सौ साठ हड्डियों का होना बताया। इन्होंने शरीर रचना और भिन्न अंगों का अध्ययन किया और धमनियों में विकार आना बीमारी का कारण बताया।

अभ्यास

 

Question 1. सुश्रुत ने पीड़ित यात्री की किस प्रकार चिकित्सा की?
Answer: सुश्रुत ने घायल यात्री का इलाज इन तरीकों से किया:
1. सबसे पहले, उन्होंने यात्री को एक साफ़-सुथरे कमरे में लिटाया और मुंह धोने के लिए दवा मिला पानी दिया।
2. फिर, उन्होंने यात्री को पीने के लिए एक गिलास तरल पदार्थ दिया और सर्जरी की तैयारी शुरू की।
3. उन्होंने एक बड़े पत्ते से यात्री की नाक का नाप लिया। यह तैयारी सर्जरी की सटीकता के लिए बहुत ज़रूरी थी।
4. इसके बाद, उन्होंने एक चाकू और चिमटी को आग की लौ पर गरम किया और फिर उसी गरम चाकू से यात्री के गाल से कुछ मांस निकाला।
5. अंत में, उन्होंने गाल पर पट्टी बांधी और बहुत ध्यान से यात्री की नाक में दो नलिकाएं डालीं। गाल से निकाले गए मांस और दवाइयों को नाक पर लगाकर उसे फिर से सही आकार दिया। फिर नाक पर मुंगची और लाल चंदन का बारीक पाउडर छिड़का, हल्दी का रस लगाया और पट्टी बांधी।
In simple words: सुश्रुत ने घायल यात्री को साफ़ किया, उसे दवा दी, नाक का नाप लिया, गाल से मांस निकालकर नाक को फिर से बनाया और पट्टी बांधी।

🎯 Exam Tip: जब इलाज के चरणों का वर्णन करें, तो उन्हें क्रमबद्ध तरीके से और स्पष्ट भाषा में लिखें ताकि प्रक्रिया आसानी से समझ में आ सके।

 

Question 2. सुश्रुत किस प्रकार की शल्य चिकित्सा में दक्ष थे?
Answer: सुश्रुत को प्लास्टिक सर्जरी का जनक माना जाता है। वे मूत्र नलिका से पथरी निकालने, टूटी हड्डियों को जोड़ने और मोतियाबिंद की सर्जरी करने में बहुत कुशल थे। उनकी निपुणता ने प्राचीन चिकित्सा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
In simple words: सुश्रुत प्लास्टिक सर्जरी, पथरी निकालने, हड्डियाँ जोड़ने और मोतियाबिंद के इलाज में बहुत माहिर थे।

🎯 Exam Tip: सुश्रुत की मुख्य चिकित्सा उपलब्धियों को याद रखें, खासकर प्लास्टिक सर्जरी में उनके योगदान को।

 

Question 3. सुश्रुत ने अपने शिष्यों से क्या कहा?
Answer: सुश्रुत ने अपने शिष्यों से कहा था कि "अच्छा वैद्य वही है, जो सिद्धांत और अभ्यास दोनों में माहिर हो।" इसका मतलब है कि एक अच्छा चिकित्सक सिर्फ किताबों का ज्ञान ही नहीं रखता, बल्कि उसे उस ज्ञान को असल में लागू करना भी आना चाहिए।
In simple words: सुश्रुत ने कहा कि एक अच्छा डॉक्टर वही है जिसे थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों आते हों।

🎯 Exam Tip: सुश्रुत के इस कथन को सटीक रूप से उद्धृत करें, क्योंकि यह उनके चिकित्सा दर्शन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

Question 4. 'आयुर्वेद' किसे कहते हैं?
Answer: आयु सम्बन्धी ज्ञान (वेद) को आयुर्वेद कहते हैं। यह प्राचीन भारतीय चिकित्सा प्रणाली है जो जीवन और स्वास्थ्य को समझने पर जोर देती है।
In simple words: जीवन के ज्ञान से जुड़ा वेद ही आयुर्वेद कहलाता है।

🎯 Exam Tip: आयुर्वेद की परिभाषा बताते समय उसके "ज्ञान" और "वेद" शब्दों पर विशेष ध्यान दें।

 

Question 5. चरक ने आनुवंशिकी के सम्बन्ध में क्या मान्यता दी थी?
Answer: चरक ने आनुवंशिकी के सम्बन्ध में यह माना था कि "बच्चों में आनुवंशिक दोष जैसे अंधेपन या लंगड़ेपन जैसी विकलांगता माता-पिता की कमी से नहीं, बल्कि अंडाणु या शुक्राणु की गलतियों के कारण होती है।" यह एक बहुत ही आधुनिक विचार था जो उनके समय से बहुत आगे था।
In simple words: चरक ने कहा कि बच्चों में कुछ बीमारियाँ माता-पिता की गलती से नहीं, बल्कि अंडाणु या शुक्राणु में समस्या के कारण होती हैं।

🎯 Exam Tip: चरक के आनुवंशिकी से संबंधित विचार को स्पष्ट रूप से बताएं और यह भी उल्लेख करें कि यह आज भी मान्य है।

 

Question 6. सुश्रुत और चरक ने किन ग्रन्थों की रचना की? ये किस क्षेत्र में उपयोगी हैं?
Answer: सुश्रुत ने 'सुश्रुत संहिता' की रचना की, जो मुख्य रूप से शल्य चिकित्सा (सर्जरी) से संबंधित है। चरक ने 'चरक संहिता' की रचना की, जो काय चिकित्सा (आंतरिक रोगों का इलाज) से संबंधित है। ये दोनों ग्रंथ आयुर्वेद के महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हैं।
In simple words: सुश्रुत ने 'सुश्रुत संहिता' (सर्जरी) और चरक ने 'चरक संहिता' (आंतरिक चिकित्सा) नामक किताबें लिखीं।

🎯 Exam Tip: दोनों चिकित्सकों के ग्रंथों के नाम और उनके मुख्य विषयों को सही-सही याद रखें।

 

Question 7. सुश्रुत को प्लास्टिक सर्जरी का जनक क्यों कहा जाता है?
Answer: सुश्रुत को प्लास्टिक सर्जरी का जनक इसलिए कहा जाता है क्योंकि आज से लगभग ढाई हजार साल पहले उन्होंने जो शल्य चिकित्सा प्रक्रियाएं की थीं, वे आधुनिक प्लास्टिक सर्जरी का ही एक विकसित रूप हैं। उनके तरीके और उपकरण उस समय के लिए बहुत उन्नत थे।
In simple words: सुश्रुत को प्लास्टिक सर्जरी का जनक कहते हैं क्योंकि उनकी पुरानी सर्जरी के तरीके ही आज की प्लास्टिक सर्जरी का आधार हैं।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय समय-सीमा (ढाई हजार वर्ष पूर्व) और आधुनिक प्लास्टिक सर्जरी से संबंध का उल्लेख करें।

 

Question 8. नीचे लिखे वाक्यों पर सही (✓) अथवा गलत (X) का चिह्न लगाइए (चिह्न लगाकर) –
Answer:
(क) सुश्रुत एक सफल राजनीतिज्ञ थे। (X)
(ख) सुश्रुत को प्लास्टिक सर्जरी का जनक कहा जाता है। (✓)
(ग) चरक को शरीर में जीवाणुओं की उपस्थिति का ज्ञान था। (✓)
(घ) चरक जादू से मरीजों की चिकित्सा किया करते थे। (X)
In simple words: सही जानकारी के लिए 'सही' (✓) और गलत जानकारी के लिए 'गलत' (X) का निशान लगाएँ।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आप सुश्रुत और चरक के बारे में सही तथ्यों से परिचित हैं।

 

Question 9. चरक ने शरीर में दाँतों सहित हड्डियों की कितनी संख्या बताई?
Answer: चरक ने शरीर में दाँतों सहित हड्डियों की संख्या तीन सौ साठ बताई थी। यह संख्या उनके शरीर रचना विज्ञान के अध्ययन पर आधारित थी।
In simple words: चरक के अनुसार, दाँतों के साथ शरीर में कुल 360 हड्डियाँ होती हैं।

🎯 Exam Tip: संख्यात्मक तथ्यों को सटीक रूप से याद रखें, जैसे कि चरक द्वारा बताई गई हड्डियों की संख्या।

 

Question 9. सुश्रुत ने ऑपरेशन के पहले उपकरण को गर्म करने को क्यों कहा?
Answer: सुश्रुत ने ऑपरेशन के पहले उपकरण को गर्म करने को कहा था ताकि कीटाणु समाप्त हो जाएँ। यह तरीका संक्रमण को रोकने और रोगी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण था, जो आधुनिक चिकित्सा सिद्धांतों के समान है।
In simple words: सुश्रुत ने ऑपरेशन से पहले औजारों को गर्म करने को कहा ताकि उनसे सारे कीटाणु मर जाएँ।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में 'क्यों' पर ध्यान दें और यह बताएं कि गर्म करने का उद्देश्य कीटाणुओं को खत्म करना था।

नोट – प्रश्न 10, 11, 12 तथा 13 विद्यार्थी अपने शिक्षक/शिक्षिका की सहायता से स्वयं करें ।

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