UP Board Solutions Class 6 Environment Chapter 7 Van evam vanya jeev

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वन एवं वन्य जीव

अभ्यास

 

Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(क) वनों से प्राप्त होने वाले औषधीय पेड़-पौधों के नाम और उनका उपयोग लिखिए ।
(ख) वन क्षेत्र में मिट्टी का कटाव क्यों कम होता है ?
(ग) किन्हीं चार इमारती लकड़ियों के नाम लिखिए ?
(घ) विलुप्त तथा संकटग्रस्त प्रजातियों में उदाहरण सहित अन्तर स्पष्ट कीजिए।
(ङ) उत्तर प्रदेश में स्थित राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभ्यारण्य के नाम लिखिए।
(च) वनों की संख्या कम होने के क्या कारण हैं ?
(छ) राष्ट्रीय उद्याने तथा वन्य जीव अभ्यारण्य क्यों बनाए गए हैं ?
(ज) वन जानवरों को किस प्रकार लाभ पहुँचाते हैं ?
Answer:
(क) वनों से प्राप्त होने वाले औषधीय पेड़-पौधों के नाम और उनका उपयोग निम्नानुसार हैं:

पौधे का नामउपयोगी भागऔषधीय गुण
नीमपत्तीरक्त शोधक, त्वचा रोग
ईसबगोल बीजभूसीपेचिश व कब्ज ठीक करने में
सिनकोनाछालमलेरिया की दवा
जामुनबीजों का चूर्णमधुमेह में लाभदायक
यूकेलिप्टसतेलजुकाम की औषधि
मुलेठीजड़गले की खराश
यह सारणी दिखाती है कि प्राकृतिक पेड़-पौधे हमारे स्वास्थ्य के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं और विभिन्न बीमारियों में हमारी मदद करते हैं।
(ख) वन क्षेत्रों में पेड़-पौधे मिट्टी के कटाव को कम करते हैं। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को कसकर पकड़े रहती हैं, जिससे तेज बारिश या हवा से मिट्टी बह नहीं पाती। इस तरह, पेड़-पौधे पानी और हवा की रफ्तार को भी धीमा करके मिट्टी को अपनी जगह बनाए रखने में मदद करते हैं। यह मिट्टी के उपजाऊपन को बनाए रखने और नदियों को गाद से बचाने में बहुत महत्वपूर्ण है।
(ग) चार मुख्य इमारती लकड़ियाँ शीशम, साखू, सागौन और देवदार हैं। इन लकड़ियों का उपयोग घर बनाने और फर्नीचर बनाने जैसे कामों में होता है क्योंकि ये बहुत मजबूत होती हैं। ये लकड़ियाँ अपनी मजबूती और सुंदरता के कारण निर्माण और फर्नीचर उद्योग में बहुत पसंद की जाती हैं।
(घ) विलुप्त प्रजातियाँ वे होती हैं जिनकी पूरी प्रजाति पृथ्वी से खत्म हो चुकी है और अब उनका कोई भी सदस्य जीवित नहीं बचा है। उदाहरण के लिए, डायनासोर और डोडो पक्षी अब विलुप्त हो चुके हैं। इसके विपरीत, संकटग्रस्त प्रजातियाँ वे होती हैं जिनकी संख्या बहुत कम बची है और यदि उन्हें बचाया नहीं गया तो वे भविष्य में विलुप्त हो सकती हैं। जैसे शेर, हाथी, बाघ, चीता और मोर संकटग्रस्त हैं, क्योंकि मनुष्य के शिकार और उनके आवास के नुकसान के कारण उनकी संख्या तेजी से घट रही है। इन प्रजातियों को बचाना प्रकृति के संतुलन और जैव विविधता के लिए बहुत जरूरी है।
(ङ) उत्तर प्रदेश में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान स्थित है, जो वन्यजीवों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में चन्द्रप्रभा अभ्यारण्य भी है, जहाँ विभिन्न प्रकार के जंगली जानवर पाए जाते हैं। ये स्थान जानवरों को सुरक्षित रहने में मदद करते हैं। ये राष्ट्रीय उद्यान और अभ्यारण्य वन्यजीवों की आबादी को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
(च) वनों की संख्या कम होने के कई कारण हैं। मनुष्य अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पेड़ों को बड़ी संख्या में काट रहा है। शहरों के विस्तार और नए उद्योग लगाने के लिए भी जंगल काटे जा रहे हैं। इन सब गतिविधियों के कारण वनों की संख्या लगातार घटती जा रही है। वनोन्मूलन से पर्यावरण संतुलन बिगड़ता है और कई जीव-जंतु अपना घर खो देते हैं।
(छ) राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य भारत सरकार द्वारा बनाए गए हैं ताकि वनों और जंगली जानवरों को सुरक्षित रखा जा सके। इनका मुख्य उद्देश्य जानवरों को शिकारियों से बचाना और उनके प्राकृतिक घरों को नष्ट होने से रोकना है। ये स्थान प्रकृति और जीव-जंतुओं के लिए सुरक्षित आश्रय प्रदान करते हैं। ये संरक्षित क्षेत्र जैव विविधता को बनाए रखने और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
(ज) वन जंगली जानवरों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। जंगल जानवरों को खाने के लिए भोजन देते हैं, जैसे फल, पत्तियाँ और छोटे जीव। वे उन्हें रहने के लिए सुरक्षित जगह (आश्रय) भी प्रदान करते हैं, जैसे पेड़ या गुफाएँ। जंगल जानवरों को बढ़ने और जीने के लिए सही माहौल देते हैं। जंगल जानवरों के जीवन चक्र और उनके प्रजनन के लिए आदर्श परिस्थितियाँ प्रदान करते हैं।
In simple words: वन हमें औषधीय पेड़-पौधे, इमारती लकड़ी देते हैं और मिट्टी के कटाव को रोकते हैं। विलुप्त प्रजातियाँ खत्म हो चुकी हैं जबकि संकटग्रस्त खत्म होने वाली हैं। उत्तर प्रदेश में दुधवा और चन्द्रप्रभा अभ्यारण्य हैं। वनों की कटाई से उनकी संख्या घट रही है, पर वे जानवरों को भोजन और घर देते हैं, और पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं।

🎯 Exam Tip: जब एक मुख्य प्रश्न के कई उप-भाग हों, तो प्रत्येक उप-भाग का उत्तर स्पष्ट रूप से लेबल करके लिखें ताकि कोई भी जानकारी छूटे नहीं और उत्तर व्यवस्थित लगे।

 

Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
Answer:
(क) वनों से हमें उद्योगों के लिए **कच्चा माल** प्राप्त होता है।
(ख) वन जीव-जन्तुओं और पक्षियों के **रहने का स्थान** हैं।
(ग) वन को **प्राकृतिक संसाधन** कहते हैं।
(घ) **21 मार्च** को विश्व वन दिवस मनाया जाता है।
(ङ) चन्द्रप्रभा अभ्यारण्य **चन्दौली**, उत्तर प्रदेश में स्थित है।
(च) कुकरैल वन **लखनऊ**, उत्तर प्रदेश में स्थित है।
ये रिक्त स्थान वनों और वन्यजीवों के बारे में हमारी जानकारी को बढ़ाते हैं।
In simple words: हमें वनों से कच्चा माल मिलता है। वन जानवरों और पक्षियों का घर हैं। वन प्राकृतिक संसाधन हैं। 21 मार्च को विश्व वन दिवस होता है। चन्द्रप्रभा अभ्यारण्य चन्दौली में और कुकरैल वन लखनऊ में हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, सुनिश्चित करें कि भरा गया शब्द वाक्य के अर्थ को सही ढंग से पूरा करता हो और व्याकरण की दृष्टि से भी सही हो।

 

Question 3. सही कथन के सामने (√) और गलत कथन के सामने (X) का चिह्न लगाइए-
Answer:
(क) वन केवल जन्तुओं को लाभ पहुँचाते हैं। (X) - यह कथन गलत है क्योंकि वन मनुष्यों और पर्यावरण को भी लाभ पहुँचाते हैं।
(ख) मनुष्य आदिकाल से ही वनों पर निर्भर था। (√) - यह कथन सही है, क्योंकि मानव भोजन, आश्रय और औजारों के लिए वनों पर निर्भर था।
(ग) सिनकोना से मलेरिया की दवा प्राप्त होती है। (√) - यह कथन सही है, सिनकोना की छाल से कुनैन नामक दवा बनती है जो मलेरिया के इलाज में प्रभावी है।
(घ) गिद्ध एक विलुप्त प्रजाति है। (X) - यह कथन गलत है, गिद्ध संकटग्रस्त प्रजाति है, विलुप्त नहीं।
(ङ) सागौन इमारती लकड़ी है। (√) - यह कथन सही है, सागौन अपनी मजबूती और टिकाऊपन के लिए प्रसिद्ध है।
(च) पशु-पक्षियों की प्रजातियाँ जो खत्म होने की कगार पर है, विलुप्त प्रजातियाँ कहलाती हैं। (X) - यह कथन गलत है, इन्हें संकटग्रस्त प्रजातियाँ कहते हैं, विलुप्त नहीं।
(छ) पेड़-पौधे वायु की गति बढ़ाने में सहायक होते हैं। (X) - यह कथन गलत है, पेड़-पौधे वायु की गति को कम करते हैं।
(ज) वन पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में सहायक होते हैं। (√) - यह कथन सही है, वन जलवायु को नियंत्रित करते हैं और जैव विविधता को बनाए रखते हैं।
(झ) मानव के हस्तक्षेप से वनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। (√) - यह कथन सही है, वनों की कटाई और प्रदूषण से वनों को नुकसान होता है।
ये सत्य-असत्य कथन हमें वनों और पर्यावरण के बारे में सही जानकारी देते हैं।
In simple words: वन सबको फायदा देते हैं (X)। इंसान हमेशा वनों पर निर्भर रहा (√)। सिनकोना से मलेरिया की दवा बनती है (√)। गिद्ध विलुप्त नहीं है (X)। सागौन अच्छी लकड़ी है (√)। खत्म होने वाली प्रजातियाँ विलुप्त नहीं होतीं (X)। पेड़ हवा की गति नहीं बढ़ाते (X)। वन संतुलन बनाए रखते हैं (√)। इंसान के दखल से वन खराब होते हैं (√)।

🎯 Exam Tip: सही या गलत कथन चुनते समय, प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और उसकी सत्यता की जाँच करें। जहाँ संभव हो, गलत कथन के लिए सही जानकारी भी सोचें।

Step-by-Step Textbook Answers: Class 6 Environmental Studies Chapter 07 Van evam vanya jeev

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