NCERT Solutions for Class 6 Environmental Studies: Chapter 08 परिस्थितिकी तंत्र
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Practice Class 6 Environmental Studies Solutions: Chapter 08 परिस्थितिकी तंत्र
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पारिस्थितिकी तन्त्र
अभ्यास
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(क) पारिस्थितिकी तंत्र किसे कहते हैं ? इसकी क्या उपयोगिता है?
Answer: एक जगह पर रहने वाले सभी जीव-जंतु, पेड़-पौधे और उनके आस-पास की सभी चीजें मिलकर जो सिस्टम बनाती हैं, उसे पारिस्थितिकी तंत्र कहते हैं। यह सिस्टम हमारे पर्यावरण को संतुलित रखता है, जो बहुत ज़रूरी है। यह प्रकृति में सभी चीज़ों के बीच एक जुड़ाव बनाता है।
In simple words: पारिस्थितिकी तंत्र में जीव-जंतु और उनका आस-पास का माहौल एक साथ मिलकर काम करते हैं। यह पर्यावरण का संतुलन बनाए रखता है।
🎯 Exam Tip: When defining a term, make sure to include its main components and its primary function.
Question 1. (ख) पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना किन-किन घटकों से मिलकर होती है ?
Answer: पारिस्थितिकी तंत्र दो मुख्य हिस्सों से बनता है: सजीव घटक (जो जीवित होते हैं, जैसे जानवर और पौधे) और निर्जीव घटक (जो जीवित नहीं होते, जैसे पानी, हवा और मिट्टी)। ये सभी घटक मिलकर काम करते हैं।
In simple words: पारिस्थितिकी तंत्र जीवित चीज़ों और निर्जीव चीज़ों से मिलकर बनता है।
🎯 Exam Tip: Remember the two main types of components: 'biotic' (सजीव) and 'abibotic' (निर्जीव).
Question 1. (ग) आहार जाल किसे कहते हैं ? उदाहरण सहित समझाइए।
Answer: एक पारिस्थितिकी तंत्र में कई भोजन की कड़ियाँ (आहार श्रृंखलाएँ) होती हैं। जब ये सभी कड़ियाँ एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं और एक बड़े जाल जैसा ढाँचा बनाती हैं, तो उसे आहार-जाल कहते हैं। यह दिखाता है कि कैसे अलग-अलग जीव एक-दूसरे पर भोजन के लिए निर्भर करते हैं।
In simple words: जब कई भोजन श्रृंखलाएँ एक साथ जुड़कर एक बड़ा जाल बनाती हैं, तो उसे आहार-जाल कहते हैं।
🎯 Exam Tip: Explain that an 'आहार जाल' is more complex and realistic than a single 'आहार श्रृंखला', showing multiple feeding relationships.
Question 1. (घ) अनुकूलन से आप क्या समझते हैं ? मरुस्थलीय पौधे अपने वातावरण में किसे प्रकार अनुकूलित रहते हैं ?
Answer: अनुकूलन वह प्रक्रिया है जिसमें जीव किसी खास जगह पर आसानी से रहने और अपने बच्चों को पैदा करने के लिए अपने शरीर में कुछ बदलाव करते हैं। उदाहरण के लिए, रेगिस्तानी पौधे पानी बचाने के लिए अपनी पत्तियों को कांटों में बदल लेते हैं। उनकी जड़ें बहुत नीचे तक जाती हैं ताकि पानी ढूंढ सकें और उनका तना मोटा और गूदेदार हो जाता है ताकि वह पानी जमा कर सके। ये बदलाव उन्हें मुश्किल माहौल में ज़िंदा रहने में मदद करते हैं।
In simple words: अनुकूलन का मतलब है कि जीव अपने माहौल में ढलने के लिए शरीर में बदलाव करते हैं। रेगिस्तानी पौधे पानी बचाने के लिए पत्तियां कांटों में बदल लेते हैं।
🎯 Exam Tip: When asked about adaptation, define it first, then give specific examples of how organisms change their structure (रचनात्मक) or function (क्रियात्मक) to survive.
Question 1. (ङ) प्रवासी पक्षी किसे कहते हैं?
Answer: प्रवासी पक्षी वे होते हैं जो मौसम बदलने पर बहुत दूर-दूर से, जैसे हिमालय के ठंडे इलाकों, साइबेरिया या ऑस्ट्रेलिया से, हजारों किलोमीटर उड़कर हमारे देश आते हैं। वे ऐसा इसलिए करते हैं ताकि उन्हें खाने और रहने के लिए बेहतर जगह मिल सके और वे अपने मौसम के अनुकूल रह सकें।
In simple words: जो पक्षी मौसम बदलने पर बहुत दूर से उड़कर दूसरी जगह जाते हैं, उन्हें प्रवासी पक्षी कहते हैं।
🎯 Exam Tip: Mentioning the reason for migration (मौसम से अनुकूलन, food, breeding) and the long distances travelled adds value to the answer.
Question 2. सही कथन के सामने (√) तथा गलत कथन के सामने (X) का चिह्न लगाइए.
(क) सजीव और निर्जीव घटक एक दूसरे पर निर्भर नहीं होते हैं। \( \implies \) (X)
(ख) सभी प्राणी, पेड़-पौधे, जलवायु और पर्यावरण मिलकर पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं। \( \implies \) (√)
(ग) प्रथम चरण उपभोक्ता शेर, चीता, भेड़िया आदि हैं। \( \implies \) (X)
(घ) मृत जीवधारियों से भोजन प्राप्त करने वाले जीव मृतोपजीवी कहलाते हैं। \( \implies \) (√)
(ङ) हमें पारिस्थितिकी सन्तुलन को बनाए रखना चाहिए। \( \implies \) (√)
(च) हमारी पृथ्वी के चारों ओर वायुमण्डल है। \( \implies \) (√)
(छ) मनुष्य पर्यावरण का अंग नहीं है। \( \implies \) (X)
Answer:
(क) सजीव और निर्जीव घटक एक दूसरे पर निर्भर नहीं होते हैं। \( \implies \) (X)
(ख) सभी प्राणी, पेड़-पौधे, जलवायु और पर्यावरण मिलकर पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं। \( \implies \) (√)
(ग) प्रथम चरण उपभोक्ता शेर, चीता, भेड़िया आदि हैं। \( \implies \) (X)
(घ) मृत जीवधारियों से भोजन प्राप्त करने वाले जीव मृतोपजीवी कहलाते हैं। \( \implies \) (√)
(ङ) हमें पारिस्थितिकी सन्तुलन को बनाए रखना चाहिए। \( \implies \) (√)
(च) हमारी पृथ्वी के चारों ओर वायुमण्डल है। \( \implies \) (√)
(छ) मनुष्य पर्यावरण का अंग नहीं है। \( \implies \) (X)
In simple words: सजीव और निर्जीव घटक एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं। प्राणी, पौधे, जलवायु और पर्यावरण मिलकर पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं। प्रथम उपभोक्ता वे हैं जो पौधे खाते हैं। मरे हुए जीवों से भोजन पाने वाले जीव मृतोपजीवी होते हैं। हमें पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखना चाहिए। पृथ्वी के चारों ओर वायुमंडल है और मनुष्य पर्यावरण का एक हिस्सा है।
🎯 Exam Tip: For True/False questions, it's good practice to briefly explain why a false statement is false to show clear understanding.
Question 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) जल, वायु, पोषक तत्व, सौर-ऊर्जा आदि निर्जीव घटक कहलाते हैं।
(ख) भोजन के लिए दूसरे जीवों पर निर्भर रहने वाले जीव परपोषी कहलाते हैं।
(ग) उत्पादक व उपभोक्ता के बीच प्रत्येक भोजन स्तर को पोषक तल कहते हैं।
(घ) आहार-श्रृंखला के एक सिरे पर उत्पादक तथा दूसरे सिरे पर सर्वोच्च उपभोक्ता होता
(ङ) प्रकृति में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत सूर्य है।
(च) प्रकृति जल, स्थल, वायु, पेड़-पौधों एवं जीव-जन्तुओं से मिलकर बनी है।
(छ) पृथ्वी के जल वाले भाग को जल-मण्डल कहते हैं।
(ज) जैविक, एवं अजैविक घटक एक दूसरे से परस्पर सम्बन्धित हैं।
Answer:
(क) जल, वायु, पोषक तत्व, सौर-ऊर्जा आदि **निर्जीव** घटक कहलाते हैं। ये जीवित नहीं होते पर जीवन के लिए ज़रूरी हैं।
(ख) भोजन के लिए दूसरे जीवों पर निर्भर रहने वाले जीव **परपोषी** कहलाते हैं। ये अपना भोजन खुद नहीं बना सकते।
(ग) उत्पादक व उपभोक्ता के बीच प्रत्येक भोजन स्तर को **पोषक तल** कहते हैं। यह दिखाता है कि ऊर्जा एक स्तर से दूसरे स्तर पर कैसे जाती है।
(घ) आहार-श्रृंखला के एक सिरे पर उत्पादक तथा दूसरे सिरे पर **सर्वोच्च उपभोक्ता** होता है। उत्पादक भोजन बनाते हैं और सर्वोच्च उपभोक्ता सबसे ऊपर होता है।
(ङ) प्रकृति में ऊर्जा का प्रमुख स्रोत **सूर्य** है। सूरज से ही पौधों को ऊर्जा मिलती है और फिर वही ऊर्जा भोजन श्रृंखला में आगे बढ़ती है।
(च) प्रकृति जल, स्थल, वायु, पेड़-पौधों एवं जीव-जन्तुओं से मिलकर बनी है। ये सभी प्रकृति के अलग-अलग हिस्से हैं।
(छ) पृथ्वी के जल वाले भाग को **जल-मण्डल** कहते हैं। इसमें समुद्र, नदियाँ, झीलें और भूमिगत जल शामिल हैं।
(ज) जैविक, एवं अजैविक घटक एक दूसरे से परस्पर **सम्बन्धित** हैं। इनका संबंध बहुत गहरा होता है और एक के बिना दूसरा काम नहीं कर सकता।
In simple words: जल, वायु और सूरज की रोशनी निर्जीव घटक हैं। जो जीव दूसरों पर निर्भर रहते हैं, वे परपोषी हैं। भोजन के हर स्तर को पोषक तल कहते हैं। खाद्य श्रृंखला में एक सिरे पर उत्पादक और दूसरे पर सर्वोच्च उपभोक्ता होता है। सूरज ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। प्रकृति पानी, जमीन, हवा, पौधे और जानवरों से बनी है। पृथ्वी के पानी वाले हिस्से को जल-मण्डल कहते हैं। जीवित और निर्जीव घटक एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
🎯 Exam Tip: For fill-in-the-blanks, always ensure the chosen word makes the sentence factually correct and completes the meaning perfectly.
Question 4. सही विकल्प चुनें-
(क) किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सबसे आवश्यक है-
(a) निरन्तर ऊर्जा प्रवाह होना
(b) जल प्रवाह होना
(c) वायु प्रवाह होना
(d) पर्वत
Answer: (a) निरन्तर ऊर्जा प्रवाह होना
In simple words: पारिस्थितिकी तंत्र के लिए ऊर्जा का लगातार बहना सबसे ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: For MCQs, carefully read all options before selecting the best one. Sometimes, multiple options may seem plausible, but only one is the most accurate.
Question 4. (ख) सूर्य से प्राप्त होने वाली अधिकांश ऊर्जा पृथ्वी पर पहुँचने से पूर्व ही नष्टं हो रही है-
(a) मरुस्थलों के कारण
(b) समुद्रों के कारण
(c) पर्वतों के कारण
(d) अत्यधिक प्रदूषण के कारण
Answer: (d) अत्यधिक प्रदूषण के कारण
In simple words: बहुत ज़्यादा प्रदूषण के कारण सूरज की ज़्यादातर ऊर्जा पृथ्वी पर पहुँचने से पहले ही खत्म हो जाती है।
🎯 Exam Tip: Air pollution, caused by various human activities, traps and reflects solar radiation, preventing it from reaching the Earth's surface.
Question 4. (ग) आहार-जाल में-
(a) आहार-श्रृंखलाएँ एक सीध में चलती हैं
(b) आहार-शृंखलाएँ नहीं होती हैं
(c) कई आहार- श्रृंखलाएँ आपस में उलझ जाती हैं
(d) ऊर्जा का प्रवाह नहीं होता है
Answer: (c) कई आहार- श्रृंखलाएँ आपस में उलझ जाती हैं
In simple words: आहार-जाल में बहुत सारी भोजन श्रृंखलाएँ एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं।
🎯 Exam Tip: An 'आहार जाल' represents more realistic feeding relationships in an ecosystem compared to a simple linear 'आहार श्रृंखला'.
Question 4. (घ) पृथ्वी पर किसी निर्जीव घटक के संतुलित मात्रा से कम या ज्यादा होने पर-
(a) पारिस्थितिकी तंत्र बनता है
(b) पारिस्थितिकी तंत्र असंतुलित होता है
(c) मानव सुखी जीवन व्यतीत करता है
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं
Answer: (b) पारिस्थितिकी तंत्र असंतुलित होता है
In simple words: अगर पृथ्वी पर निर्जीव चीज़ों की मात्रा में संतुलन बिगड़ता है, तो पारिस्थितिकी तंत्र असंतुलित हो जाता है।
🎯 Exam Tip: Maintaining the balance of abiotic factors like water, air, and soil nutrients is crucial for a healthy ecosystem.
Question 5. आपने आस-पास देखे और लिखिए –
(अ) पौधों को उचित मात्रा में धूप न मिलने से क्या होगा?
Answer: (अ) पौधों को उचित मात्रा में धूप न मिलने से **पौधे सूख जाएँगे**। धूप पौधों के लिए खाना बनाने (प्रकाश संश्लेषण) के लिए बहुत ज़रूरी है, बिना इसके वे जीवित नहीं रह सकते।
In simple words: अगर पौधों को सही धूप नहीं मिलेगी, तो वे सूख जाएंगे।
🎯 Exam Tip: Always remember that sunlight is essential for plants to perform photosynthesis and produce their food.
Question 5. (ब) अपने आस-पास के जीव-जन्तुओं एवं पेड़-पौधों को देखकर एक खाद्य श्रृंखला का रेखांकित चित्र बनाइए।
Answer: (ब) अपने आस-पास के जीव-जन्तुओं एवं पेड़-पौधों को देखकर एक खाद्य श्रृंखला का रेखांकित चित्र बनाइए। इसका उत्तर **विद्यार्थी स्वयं करें**। एक साधारण खाद्य श्रृंखला में घास \( \rightarrow \) हिरण \( \rightarrow \) शेर हो सकता है।
In simple words: इस प्रश्न का उत्तर छात्र खुद से बना सकते हैं, अपने आस-पास के जानवरों और पौधों को देखकर।
🎯 Exam Tip: When creating a food chain, ensure the arrows point from the organism being eaten to the organism that eats it, showing the flow of energy.
Question 5. (स) पशुओं के मृत शरीर को कौन-कौन से जीव खाते हैं?
Answer: (स) पशुओं के मृत शरीर को **कुत्ता, बिल्ली, गिद्ध, बाज, कौआ, चील, लोमड़ी** आदि जीव खाते हैं। इन जीवों को अपमार्जक या स्कैवेंजर भी कहते हैं, जो प्रकृति को साफ रखने में मदद करते हैं।
In simple words: मरे हुए जानवरों को कुत्ता, बिल्ली, गिद्ध, बाज, कौआ, चील, लोमड़ी जैसे जीव खाते हैं।
🎯 Exam Tip: These organisms are called scavengers or decomposers, and they play a vital role in cleaning up the environment and recycling nutrients.
प्रोजेक्ट वर्क- विद्यार्थी स्वयं करें।
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Environmental Studies Class 6 Curriculum Solutions: Chapter 08 परिस्थितिकी तंत्र
Textbook Solutions for Class 6 Environmental Studies Chapter 08 परिस्थितिकी तंत्र
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