Get the most accurate UP Board Solutions for Class 6 Agricultural Science Chapter 9 फालों की खेती here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 6 Agricultural Science. Our expert-created answers for Class 6 Agricultural Science are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 9 फालों की खेती UP Board Solutions for Class 6 Agricultural Science
For Class 6 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 6 Agricultural Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 9 फालों की खेती solutions will improve your exam performance.
Class 6 Agricultural Science Chapter 9 फालों की खेती UP Board Solutions PDF
अभ्यास
Question 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
(क) आम में विटामिन विटामिन (ए, बी, सी) प्रचुर मात्रा में पायी जाती है।
(ख) सब्जीवाला/पका खाने वाले केला की किस्म है।
(ग) इलाहाबादी सुख अमरूद की किस्म है।
(घ) भेट कलम तथा वीनियर आम की व्यावसायिक प्रसारण विधि है।
Answer:
(क) आम में विटामिन **ए, बी, सी** प्रचुर मात्रा में पायी जाती है।
(ख) **सब्जीवाला/पका** खाने वाले केला की किस्म है।
(ग) **इलाहाबादी सुख** अमरूद की किस्म है।
(घ) **भेट कलम** तथा **वीनियर** आम की व्यावसायिक प्रसारण विधि है। ये विधियाँ पौधों को जल्दी बढ़ाने में मदद करती हैं।
In simple words: आम में विटामिन ए, बी, सी होते हैं। सब्जीवाला/पका केला की एक किस्म है। इलाहाबादी सुख अमरूद की किस्म है। भेट कलम और वीनियर आम को उगाने की विधियाँ हैं।
🎯 Exam Tip: फलों और पौधों के प्रकार, किस्मों और उगाने की विधियों के नाम याद रखें।
Question 2. निम्नलिखित कथनों में सही कथन पर (√) तथा गलत कथन पर (X) का निशान लगाइए –
(क) लखनऊ-49 अमरूद की किस्म है। (√)
(ख) इलाहाबादी-सफेदा अमरूद की प्रजाति है। (√)
(ग) चौसा आम की प्रजाति है। (√)
(घ) अमरूद पौधों की आपसी दूरी 8 मी0 x 8 मी0 होती है। (√)
Answer:
(क) लखनऊ-49 अमरूद की एक मशहूर किस्म है। यह कथन सही है।
(ख) इलाहाबादी-सफेदा अमरूद की एक अच्छी प्रजाति है। यह कथन सही है।
(ग) चौसा आम की एक प्रसिद्ध प्रजाति है। यह कथन सही है।
(घ) अमरूद के पौधों को आमतौर पर 8 मीटर x 8 मीटर की दूरी पर लगाया जाता है। यह कथन भी सही है, ताकि पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
In simple words: सभी दिए गए कथन सही हैं। लखनऊ-49, इलाहाबादी-सफेदा और चौसा फलों की प्रसिद्ध किस्में हैं, और अमरूद के पौधों की दूरी भी 8x8 मीटर रखी जाती है।
🎯 Exam Tip: फलों की प्रमुख किस्मों और खेती से जुड़े सामान्य तथ्यों को ध्यान से पढ़ें और याद रखें।
Question 3. निम्नलिखित में स्तम्भ 'क' को स्तम्भ 'ख' से सुमेल कीजिए – (सुमेल करके)
Answer:
स्तम्भ 'क' को स्तम्भ 'ख' से सुमेलित करने पर सही जोड़ियाँ इस प्रकार हैं:
(i) बेदाना - अमरूद की प्रजाति
(ii) गूटी - अमरूद की प्रसारण विधि
(iii) उकठा - अमरूद का रोग
(iv) हरी छली - केला की प्रजाति
सही मिलान से हमें हर आइटम की सही पहचान करने में मदद मिलती है।
In simple words: बेदाना एक अमरूद की किस्म है। गूटी अमरूद को उगाने का एक तरीका है। उकठा अमरूद को लगने वाली एक बीमारी है। हरी छली केला की एक किस्म है।
🎯 Exam Tip: खेती से संबंधित शब्दों और उनके सही वर्गीकरण (जैसे प्रजाति, रोग, विधि) को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 4.
1. आम के फल का चित्र बनाइए ।
2. अमरूद के पौधों के बीच खाली जगह में कौन-2 से फल के पौधे लगाए जाते हैं?
3. केला के प्रवर्धन विधि का वर्णन कीजिए ।
4. अमरूद में तना छेदक कीट की रोकथाम कैसे की जाती है?
Answer:
1. आम के फल का चित्र आपको स्वयं बनाना होगा। इसमें आम के रंग, आकार और पत्तियों को दर्शाया जा सकता है।
2. अमरूद के पौधों के बीच खाली जगह में पपीता, फालसा तथा मटर आदि के छोटे पौधे लगाए जा सकते हैं। यह भूमि के बेहतर उपयोग में मदद करता है।
3. केला का प्रवर्धन अधेभूस्तारी (सकर) विधि से किया जाता है। तलवार के समान पत्तियों वाले मजबूत भूस्तारी प्रवर्धन के लिए सबसे अच्छे होते हैं। चौड़ी पत्ती वाली पुत्ती (सकर) का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि ये कमज़ोर होती हैं।
4. अमरूद में तना छेदक कीट को रोकने के लिए, रुई को मिट्टी के तेल में भिगोकर कीट द्वारा बनाए गए छिद्रों में डाल देते हैं। फिर इन छिद्रों को गीली मिट्टी से बंद कर दिया जाता है, जिससे कीट मर जाते हैं।
In simple words: 1. आपको आम का चित्र बनाना है। 2. अमरूद के बीच में पपीता, फालसा या मटर लगा सकते हैं। 3. केला नए पौधे उगाने के लिए अधेभूस्तारी (सकर) का उपयोग करते हैं। 4. तना छेदक कीट को रोकने के लिए, मिट्टी के तेल में भिगोई रुई को छेद में डालकर मिट्टी से बंद करते हैं।
🎯 Exam Tip: कृषि प्रक्रियाओं में उपयोग की जाने वाली विभिन्न विधियों और कीट नियंत्रण उपायों को स्पष्ट रूप से समझने और याद रखने का अभ्यास करें।
Question 5. अमरूद की खेती का वर्णन कीजिए
Answer: अमरूद का पौधा 3 से 4 साल बाद फल देना शुरू कर देता है और लगभग 30 साल तक फल देता रहता है। इसे किसी भी तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है, लेकिन दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है। अमरूद के लिए सूखी जलवायु सबसे उपयुक्त होती है। इसके पौधे बीज से या पौधे के वानस्पतिक भागों (जैसे गूटी) दोनों तरह से तैयार किए जा सकते हैं। अच्छी नर्सरी से पौधे लेकर 8 x 8 मीटर की दूरी पर लगाए जाते हैं। पौधा लगाने का सही समय जुलाई-अगस्त का होता है। हर साल गोबर की खाद, रासायनिक खाद, राख और हड्डी का चूर्ण पौधों को देना चाहिए। सिंचाई थाला विधि से करनी चाहिए और समय-समय पर निराई करके खरपतवार निकालते रहना चाहिए। इलाहाबादी-सफेदा, बेदाना, सेबिया और संगम इसकी कुछ प्रमुख किस्में हैं।
In simple words: अमरूद 3-4 साल में फल देने लगता है और 30 साल तक देता है। यह दोमट मिट्टी और सूखी जलवायु में अच्छा उगता है। इसे बीज या गूटी से उगाते हैं। जुलाई-अगस्त में 8x8 मीटर की दूरी पर पौधे लगाते हैं। खाद और पानी नियमित रूप से देते हैं और खरपतवार निकालते हैं।
🎯 Exam Tip: फसल की खेती का वर्णन करते समय सभी मुख्य बिन्दुओं (जैसे मिट्टी, जलवायु, किस्म, बुवाई, खाद, सिंचाई) को शामिल करना सुनिश्चित करें।
Question 6. केला की फसल में खाद एवं उर्वरक की मात्रा बताइए ।
Answer: केले की अच्छी फसल के लिए पौधे लगाने से पहले, दूसरे और तीसरे महीने में हर पौधे को 3 किलोग्राम अंडी की खली और 8 किलोग्राम गोबर की खाद देनी चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि पौधों को शुरुआती विकास के लिए पर्याप्त पोषक तत्व मिलें। इसके अलावा, प्रति पौधे 2 किलोग्राम अंडी की खली, डेढ़ किलोग्राम अमोनियम सल्फेट, 250 ग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश और 400 ग्राम सुपर फॉस्फेट भी देना चाहिए। यह सभी उर्वरक केले के पौधों को स्वस्थ रखने और अच्छी पैदावार देने में मदद करते हैं।
In simple words: केले के पौधों को लगाने के बाद पहले तीन महीने तक अंडी की खली और गोबर की खाद देनी चाहिए। इसके साथ ही, अंडी की खली, अमोनियम सल्फेट, म्यूरेट ऑफ पोटाश और सुपर फॉस्फेट भी निश्चित मात्रा में देने चाहिए।
🎯 Exam Tip: उर्वरकों की सही मात्रा और देने के समय को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह फसल की उपज पर सीधा असर डालता है।
Question 7. अमरूद एवं आम के लिए उचित भूमि एवं जलवायु का वर्णन कीजिए ।
Answer: अमरूद के लिए सूखी और गर्म जलवायु सबसे अच्छी मानी जाती है। जबकि आम के लिए गर्म और थोड़ी नम जलवायु उपयुक्त होती है। दोनों ही फलों के लिए दोमट भूमि सबसे उत्तम होती है, क्योंकि यह पानी को अच्छी तरह सोख लेती है और पोषक तत्वों को बनाए रखती है। अच्छी मिट्टी और जलवायु दोनों ही फलों के उत्पादन और गुणवत्ता के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
In simple words: अमरूद के लिए सूखी जलवायु अच्छी है, जबकि आम के लिए गर्म और नम जलवायु अच्छी रहती है। दोनों ही फलों के लिए दोमट मिट्टी सबसे बढ़िया होती है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न फसलों के लिए मिट्टी और जलवायु की आवश्यकताओं की तुलना और विपरीतता को समझने से आपको प्रश्नों का बेहतर उत्तर देने में मदद मिलेगी।
Free study material for Agricultural Science
UP Board Solutions Class 6 Agricultural Science Chapter 9 फालों की खेती
Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 9 फालों की खेती prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 6 Agricultural Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 9 फालों की खेती
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 6 Agricultural Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 6 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Agricultural Science Class 6 Solved Papers
Using our Agricultural Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 6 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 9 फालों की खेती to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 6 Agricultural Science Chapter 9 फालों की खेती is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 6 Agricultural Science are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 6 Agricultural Science Chapter 9 फालों की खेती as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Agricultural Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 6 Agricultural Science Chapter 9 फालों की खेती will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 6 Agricultural Science. You can access UP Board Solutions Class 6 Agricultural Science Chapter 9 फालों की खेती in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 6 Agricultural Science Chapter 9 फालों की खेती in printable PDF format for offline study on any device.