UP Board Solutions Class 6 Agricultural Science Chapter 10 Phal Parirakshan

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Detailed Chapter 10 फल परिरक्षण UP Board Solutions for Class 6 Agricultural Science

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Class 6 Agricultural Science Chapter 10 फल परिरक्षण UP Board Solutions PDF

अभ्यास

 

प्रश्न 1. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Answer:
1. परिरक्षण में 10 से 15% नमक जीवाणुओं के लिए विष का काम करता है। यह नमक जीवाणुओं की वृद्धि को रोककर खाने की चीज़ों को सड़ने से बचाता है।
2. पेय पदार्थों को परिरक्षित करने में पोटैशियममेटाबाई सल्फाइड तथा सोडियम बेंजोएट रसायनों का प्रयोग किया जाता है। ये रसायन चीज़ों को सुरक्षित रखते हैं ताकि हम उन्हें बाद में भी खा सकें।
3. डिब्बा बन्दी में डिब्बे से हवा निकाल दी जाती है। हवा निकालने से ऑक्सीकरण नहीं होता और बैक्टीरिया भी नहीं पनप पाते।
In simple words: चीज़ों को बचाने के लिए नमक, रसायन और हवा निकालना मुख्य तरीके हैं, जो उन्हें खराब होने से रोकते हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, सुनिश्चित करें कि वाक्य का अर्थ सही रहे और वैज्ञानिक तथ्य सटीक हों।

 

प्रश्न 2. निम्नलिखित में सही के सामने सही (✓) तथा गलत के सामने गलत (X) का निशान लगाइए – अचार में तेल मिलाया जाता है -
(क) स्वाद बढ़ाने के लिए (X)
(ख) परिरक्षण के लिए (✓)
(ग) अचार की मात्रा बढ़ाने के लिए (X)
(घ) सुगन्ध बढ़ाने के लिए। (X)
Answer: अचार में तेल इसलिए मिलाया जाता है ताकि वह खराब न हो। तेल की एक परत चीज़ों को हवा और जीवाणुओं से बचाती है। यह स्वाद बढ़ाने, मात्रा बढ़ाने या खुशबू बढ़ाने के लिए नहीं होता, बल्कि उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए होता है। तेल एक प्राकृतिक संरक्षक का काम करता है, जो अचार को सड़ने से बचाता है।
In simple words: अचार में तेल मुख्य रूप से उसे खराब होने से बचाने के लिए डालते हैं, ताकि वह लंबे समय तक अच्छा रहे।

🎯 Exam Tip: सही या गलत उत्तर देते समय, मुख्य कारण को पहचानना ज़रूरी है कि किसी सामग्री का उपयोग क्यों किया गया है।

 

प्रश्न 3. परिरक्षण से आप क्या समझते हैं?
Answer: परिरक्षण का मतलब है फलों और सब्जियों को खराब होने से बचाना। इसमें ऐसे तरीके अपनाए जाते हैं जिससे उनकी अच्छी क्वालिटी लंबे समय तक बनी रहे। यह खाने को ताज़ा रखने का एक तरीका है। इस प्रक्रिया से हम मौसमी फलों और सब्जियों को पूरे साल उपयोग कर पाते हैं।
In simple words: परिरक्षण खाने की चीज़ों को खराब होने से बचाने का तरीका है, ताकि हम उन्हें ज़्यादा समय तक इस्तेमाल कर सकें।

🎯 Exam Tip: परिरक्षण की परिभाषा देते समय, 'खराब होने से बचाना' और 'गुणवत्ता बनाए रखना' जैसे मुख्य शब्द शामिल करना न भूलें।

 

प्रश्न 4. परिरक्षण की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
Answer: फल और सब्जियां बहुत जल्दी खराब हो जाती हैं, जिससे बहुत नुकसान होता है। इस नुकसान से बचने के लिए ही हमें परिरक्षण की ज़रूरत पड़ती है। यह खाने को बर्बाद होने से बचाता है। परिरक्षण से किसान और व्यापारी अपने उत्पादों को लंबे समय तक बेच पाते हैं, जिससे उनकी आय बढ़ती है।
In simple words: परिरक्षण इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह फलों और सब्जियों को खराब होने से बचाता है और आर्थिक नुकसान कम करता है।

🎯 Exam Tip: परिरक्षण की आवश्यकता बताते समय, भोजन की बर्बादी और आर्थिक नुकसान जैसे बिंदुओं पर ध्यान दें।

 

प्रश्न 5. परिरक्षण के कितने प्रकार हैं?
Answer: परिरक्षण के दो मुख्य प्रकार होते हैं। पहला है अस्थायी परिरक्षण, जिसमें चीज़ों को थोड़े समय के लिए जीवाणु रहित किया जाता है, नमी से दूर रखा जाता है या ठंडी जगह पर रखा जाता है। दूसरा है स्थायी परिरक्षण, जिसमें चीज़ों को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए गर्मी का इस्तेमाल, ज़्यादा नमक या चीनी मिलाना, रसायन डालना या चीज़ों को सुखाना जैसे तरीके अपनाए जाते हैं। दोनों ही तरीके भोजन को सुरक्षित रखते हैं। अस्थायी तरीके ज़्यादातर ताज़ा खाने को कुछ दिनों के लिए बचाने में मदद करते हैं, जबकि स्थायी तरीके भविष्य के लिए भोजन संग्रह करने के लिए आवश्यक होते हैं।
In simple words: परिरक्षण दो तरह का होता है- अस्थायी (थोड़े समय के लिए) और स्थायी (लंबे समय के लिए), दोनों ही खाने को बचाते हैं।

🎯 Exam Tip: परिरक्षण के प्रकारों का वर्णन करते समय, प्रत्येक प्रकार के मुख्य तरीकों और उनकी अवधि को स्पष्ट करें।

 

प्रश्न 6. ऊष्मा द्वारा परिरक्षण कैसे किया जाता है?
Answer: खाने की चीज़ों को गर्मी से बचाने के लिए, उनमें मौजूद जीवाणुओं को 65 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करके खत्म कर दिया जाता है। इस तरह, भोजन लंबे समय तक खराब नहीं होता। यह प्रक्रिया भोजन को पास्चुरीकृत करने के समान है, जिससे उसमें मौजूद हानिकारक सूक्ष्मजीव मर जाते हैं।
In simple words: खाने को 65 डिग्री सेल्सियस पर गर्म करने से उसमें मौजूद जीवाणु मर जाते हैं, जिससे वह खराब नहीं होता।

🎯 Exam Tip: ऊष्मा द्वारा परिरक्षण समझाते समय, तापमान और जीवाणुनाशक प्रभाव का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

 

प्रश्न 7. स्थायी एवं अस्थाई परिरक्षण में अन्तर बताइए।
Answer: स्थायी और अस्थायी परिरक्षण में अंतर होता है। **अस्थायी परिरक्षण:** इसमें भोजन को थोड़े समय के लिए सुरक्षित रखा जाता है। जैसे, चीज़ों को जीवाणु रहित करना, नमी से दूर रखना या उन्हें ठंडी जगह पर रखना। इसका असर ज़्यादा देर तक नहीं रहता। **स्थायी परिरक्षण:** इसमें भोजन को लंबे समय तक खराब होने से बचाया जाता है। इसके लिए गर्मी का इस्तेमाल, ज़्यादा नमक या चीनी मिलाना, रसायन डालना या चीज़ों को सुखाना जैसे तरीके अपनाए जाते हैं। यह तरीका भोजन को कई महीनों या सालों तक सुरक्षित रख सकता है। इस तरह, दोनों का मुख्य अंतर उनकी सुरक्षा अवधि में होता है। अस्थायी तरीके ज़्यादातर ताज़ा खाने को कुछ दिनों के लिए बचाने में मदद करते हैं, जबकि स्थायी तरीके भविष्य के लिए भोजन संग्रह करने के लिए आवश्यक होते हैं।
In simple words: अस्थायी परिरक्षण थोड़े समय के लिए होता है, जबकि स्थायी परिरक्षण भोजन को लंबे समय तक बचाता है, जैसे कि सुखाने या रसायन मिलाने से।

🎯 Exam Tip: अंतर बताते समय, दोनों प्रकारों की अवधि (थोड़े समय/लंबे समय) और उपयोग किए जाने वाले प्रमुख तरीकों पर ज़ोर दें।

 

प्रश्न 8. आम का अचार सिरके में कैसे तैयार किया जाता है?
Answer: आम का अचार सिरके में बनाने के लिए, पहले कच्चे आमों को चार टुकड़ों में काट लेते हैं। फिर उनमें नमक मिलाकर एक शीशे के बर्तन में रखते हैं। इसके बाद, अदरक, लहसुन और लाल मिर्च को सिरके में पीस लेते हैं। मेथी, राई, सौंफ, जीरा और मंगरैल को भी मोटा-मोटा कूट लेते हैं। आम से जो पानी निकलता है, उसमें ये सारे मसाले मिलाए जाते हैं और फिर आम के टुकड़ों पर लपेट दिए जाते हैं। अब, इन आम के टुकड़ों को सरसों के तेल या सिरके से भरे बर्तन में डाल देते हैं। इसे लगभग एक सप्ताह तक धूप में रखा जाता है, जिसके बाद अचार खाने के लिए तैयार हो जाता है। सिरका अपने अम्लीय गुणों के कारण एक बेहतरीन प्राकृतिक परिरक्षक है, जो हानिकारक जीवाणुओं को बढ़ने से रोकता है।
In simple words: सिरके वाला आम का अचार बनाने के लिए, आम को मसालों और सिरके के साथ मिला कर धूप में रखते हैं, जिससे वह लंबे समय तक खराब नहीं होता।

🎯 Exam Tip: विधि बताते समय, सामग्री तैयार करने, मसालों को मिलाने और धूप में रखने जैसे महत्वपूर्ण चरणों को क्रम से लिखें।

 

प्रश्न 9. आपके घर में गाजर, फूलगोभी आदि का मिश्रित अचार कब और कैसे बनाया जाता है?
Answer: घर पर गाजर, फूलगोभी और शलगम का मिला-जुला अचार बनाने के लिए, सबसे पहले इन सब्जियों को अच्छी तरह धोते हैं। फिर इनके टुकड़े काटकर 5 मिनट के लिए उबलते पानी में डालते हैं और बाद में पानी सुखा लेते हैं। इसके बाद, तेल में मसाले (जैसे प्याज, लहसुन, अदरक) भूनते हैं। जब मसाला तैयार हो जाए, तो इसे एक जार में डालते हैं और उसमें गुड़ का घोल या एसिटिक एसिड मिला देते हैं। इस अचार को 3-4 दिन तक धूप में रखना होता है। मसाला अच्छी तरह मिल जाए, इसके लिए जार को बीच-बीच में हिलाते रहना चाहिए। यह अचार भारतीय घरों में सर्दियों का एक लोकप्रिय व्यंजन है, जो भोजन में स्वाद और पौष्टिकता जोड़ता है।
आवश्यक सामग्री:गाजर के टुकड़े: 500 ग्राम, गोभी के टुकड़े: 250 ग्राम, शलगम: 250 ग्राम, लहसुन: 20 ग्राम, लाल मिर्च: 20 ग्राम, गरम मसाला: 30 ग्राम, नमक: 75 ग्राम, सरसों का तेल: 250 ग्राम, एसिटिक एसिड: 10 ग्राम।
In simple words: मिला-जुला अचार बनाने के लिए सब्जियों को उबालकर सुखाते हैं, फिर मसालों और सिरके के साथ मिलाकर धूप में रखते हैं।

🎯 Exam Tip: मिश्रित अचार की विधि में सब्जियों को तैयार करने, मसालों का उपयोग और परिरक्षक डालने के चरणों पर ध्यान दें।

 

प्रश्न 10. पपीते का अचार बनाने की विधि का वर्णन कीजिए।
Answer: पपीते का अचार बनाने के लिए, पहले कच्चे पपीते को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटते हैं। फिर 100 ग्राम नमक मिलाकर इन टुकड़ों को 4 घंटे के लिए धूप में रखते हैं। अब एक शीशे के जार में इतना सिरका डालते हैं कि पपीते के टुकड़े उसमें पूरी तरह डूब जाएँ। इसके बाद, एक किलो पपीते के लिए दो चम्मच राई, लाल मिर्च, बड़ी इलायची, जीरा, काली मिर्च का पाउडर और 10 ग्राम हल्दी मिलाकर मसालों को पपीते के टुकड़ों में अच्छी तरह से मिला देते हैं। बर्तन को समय-समय पर हिलाते रहना चाहिए ताकि मसाले अच्छी तरह मिल जाएँ। लगभग तीन सप्ताह बाद यह अचार खाने के लिए तैयार हो जाता है। पपीते का अचार पाचन में भी सहायक हो सकता है क्योंकि इसमें पपैन नामक एंजाइम होता है।
In simple words: पपीते का अचार बनाने के लिए पपीते को नमक, सिरका और मसालों के साथ मिलाकर धूप में रखते हैं, जिससे वह स्वादिष्ट और सुरक्षित हो जाता है।

🎯 Exam Tip: पपीते के अचार की विधि में, नमक लगाने, सिरके का सही उपयोग और मसालों के सही अनुपात को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

प्रश्न 11. आम का मीठा अचार कैसे तैयार किया जाता है?
Answer: मीठा आम का अचार बनाने के लिए:
आवश्यक सामग्री:आम की फाँके: 1 किलोग्राम, नमक: 200 ग्राम, चीनी: 600 ग्राम, पिसी लाल मिर्च: 20 ग्राम, गरम मसाला: 20 ग्राम, सोंठ: 15 ग्राम, सौंफ: 20 ग्राम, हींग: थोड़ा-सा।
बनाने की विधि:सबसे पहले आमों को ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें। फिर उनके छिलके उतारकर, उन्हें लंबाई में बड़े टुकड़ों में काट लें। इन आम के टुकड़ों को स्टील के काँटों से छेदते हैं ताकि वे चीनी की चाशनी को अच्छी तरह सोख सकें। चीनी की चाशनी अचार को खराब होने से बचाती है। अब, एक काँच के बर्तन में आम के टुकड़े, सभी मसाले और चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस अचार को 4-5 दिनों के लिए धूप में रखें। धूप से यह पक जाता है और खाने के लिए तैयार हो जाता है। मीठा अचार खाने में बहुत स्वादिष्ट लगता है और लंबे समय तक चलता है।
In simple words: मीठा आम का अचार बनाने के लिए, आम को धोकर, काटकर, छेदकर, चीनी और मसालों के साथ मिलाकर धूप में रखते हैं।

🎯 Exam Tip: मीठे अचार की विधि में, आम को छेदना, चीनी की चाशनी का उपयोग और धूप में रखने की अवधि मुख्य बिंदु हैं।

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