UP Board Solutions Class 6 Agricultural Science Chapter 3 Khad tatha Urvarak

NCERT Solutions for Class 6 Agricultural Science: Chapter 03 खड तथा उर्वरक

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Practice Class 6 Agricultural Science Solutions: Chapter 03 खड तथा उर्वरक

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अभ्यास

 

Question 1. सही उत्तर पर सही का (√) निशान लगाइए –
(i) जैविक खाद है -
(क) नाइट्रोजनी उर्वरक
(ख) फास्फेटी उर्वरक
(ग) पोटाश उर्वरक
(घ) गोबर की खाद √
Answer: (घ) गोबर की खाद
In simple words: गोबर की खाद एक प्राकृतिक खाद है जो जानवरों के गोबर और खेत में पड़ी हुई बेकार चीज़ों से बनती है। यह जमीन को उपजाऊ बनाती है।

🎯 Exam Tip: जैविक खाद हमेशा प्राकृतिक चीज़ों से बनती है, जबकि रासायनिक उर्वरक कारखानों में बनते हैं। इस अंतर को याद रखें।

 

(ii) उर्वरक तैयार किया जाता है -
(क) गड्ढे में
(ख) जमीन में
(ग) कारखाने में √
(घ) गाँव में
Answer: (ग) कारखाने में
In simple words: उर्वरक वे रासायनिक चीज़ें हैं जो पौधों को पोषण देने के लिए कारखानों में बनाई जाती हैं।

🎯 Exam Tip: उर्वरकों को फैक्ट्रियों में बनाया जाता है ताकि उनमें ज़रूरी पोषक तत्व सही मात्रा में मिल सकें।

 

(iii) मुख्य पोषक तत्त्व है -
(क) आयरन
(ख) मैग्नीज
(ग) कॉपर
(घ) नाइट्रोजन √
Answer: (घ) नाइट्रोजन
In simple words: पौधों को बढ़ने के लिए कुछ पोषक तत्वों की बहुत अधिक ज़रूरत होती है, जिनमें नाइट्रोजन सबसे खास है।

🎯 Exam Tip: मुख्य पोषक तत्वों में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटैशियम (NPK) शामिल हैं, जिनकी पौधों को सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है।

 

(iv) सूक्ष्म पोषक तत्त्व है -
(क) नाइट्रोजन
(ख) फॉस्फोरस
(ग) पोटाश
(घ) जिंक √
Answer: (घ) जिंक
In simple words: कुछ पोषक तत्व ऐसे होते हैं जिनकी पौधों को बहुत कम मात्रा में ज़रूरत पड़ती है, जैसे कि जिंक।

🎯 Exam Tip: सूक्ष्म पोषक तत्व भले ही कम मात्रा में चाहिए हों, पर वे पौधों के स्वस्थ विकास के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं।

 

(v) उर्वरक है -
(क) गोबर की खाद
(ख) कम्पोस्ट
(ग) हरी खाद
(घ) रासायनिक खाद √
Answer: (घ) रासायनिक खाद
In simple words: उर्वरक असल में रासायनिक खाद ही होते हैं जिन्हें कारखानों में खास पौधों के पोषण के लिए बनाया जाता है।

🎯 Exam Tip: रासायनिक खादें तुरंत पौधों को पोषण देती हैं, लेकिन जैविक खादें धीरे-धीरे मिट्टी की सेहत सुधारती हैं।

 

Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कोष्ठक में दिए गए शब्दों से कीजिए ।
(क) कार्बनिक पदार्थ की मात्रा खाद में अधिक पाई जाती है। (खाद, उर्वरक)
(ख) जैविक खाद को गड्ढे में तैयार किया जाता है। (गड्ढे, कारखाने)
(ग) जैविक खाद का प्रयोग बुआई से पूर्व किया जाता है। (से पूर्व, बाद में)
(घ) पशुओं के नीचे बिछायी जाने वाली वनस्पतिक सामग्री को बिछाली कहते हैं। (कूड़ा कचरा, बिछाली)
(ङ) तिलहनी फसलों के बीजों से तेल निकालने के बाद शेष भाग को खली कहते हैं। (छिलका, खली)
Answer:
(क) कार्बनिक पदार्थ की मात्रा **खाद** में अधिक पाई जाती है। खाद मिट्टी के लिए बहुत फायदेमंद होती है।
(ख) जैविक खाद को **गड्ढे** में तैयार किया जाता है। गड्ढों में कचरा डालकर उसे सड़ने दिया जाता है।
(ग) जैविक खाद का प्रयोग बुआई **से पूर्व** किया जाता है। इससे मिट्टी को बुआई से पहले ही पोषण मिल जाता है।
(घ) पशुओं के नीचे बिछायी जाने वाली वनस्पतिक सामग्री को **बिछाली** कहते हैं। यह पशुओं के नीचे कीचड़ बनने से रोकती है।
(ङ) तिलहनी फसलों के बीजों से तेल निकालने के बाद शेष भाग को **खली** कहते हैं। खली में भी पौधों के लिए ज़रूरी पोषक तत्व होते हैं।
In simple words: इन वाक्यों में खाली जगहों को सही शब्दों से भरना है, जिससे ये खेती और खाद से जुड़ी सही जानकारी दें।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और दिए गए विकल्पों पर ध्यान दें ताकि सही शब्द का चुनाव हो सके।

 

Question 3. निम्नलिखित कथनों में सही कथन पर सही (√) तथा गलत कथन पर गलत (X) का चिह्न लगाएँ –
(क) उर्वरक प्रायः गड्ढे में तैयार किए जाते हैं। (X)
(ख) जैविक खाद में पोषक तत्वों की मात्रा निश्चित होती है। (X)
(ग) ऐसे तत्त्वं जिनकी पौधों को बहुत कम मात्रा में आवश्यकता होती है, सूक्ष्म पोषक तत्त्व कहलाते हैं। (√)
(घ) हरी खाद, पौधों को मिट्टी में दबाकर तैयार की जाती है। (√)
(ङ) कैल्सियम को पोषक तत्वों का राजा कहा जाता है। (X)
Answer:
(क) उर्वरक प्रायः गड्ढे में तैयार किए जाते हैं। (**X**) – उर्वरक कारखानों में तैयार होते हैं।
(ख) जैविक खाद में पोषक तत्वों की मात्रा निश्चित होती है। (**X**) – जैविक खाद में पोषक तत्वों की मात्रा बदलती रहती है।
(ग) ऐसे तत्त्व जिनकी पौधों को बहुत कम मात्रा में आवश्यकता होती है, सूक्ष्म पोषक तत्त्व कहलाते हैं। (**√**) – ये तत्व पौधों के विकास के लिए ज़रूरी होते हैं, भले ही थोड़ी मात्रा में।
(घ) हरी खाद, पौधों को मिट्टी में दबाकर तैयार की जाती है। (**√**) – हरे पौधों को मिट्टी में मिलाकर खाद बनाई जाती है।
(ङ) कैल्सियम को पोषक तत्वों का राजा कहा जाता है। (**X**) – नाइट्रोजन को 'पोषक तत्वों का राजा' कहा जाता है।
In simple words: दिए गए कथन सही हैं या गलत, यह पहचान कर उन पर सही (√) या गलत (X) का निशान लगाना है।

🎯 Exam Tip: सही-गलत वाले प्रश्नों में हर कथन को ध्यान से पढ़ें और उसकी जानकारी को अपनी समझ से मिलाएं।

 

Question 4. निम्नलिखित में स्तम्भ 'क' को स्तम्भ 'ख' से सुमेल कीजिए । (सुमेल करके)
उत्तर :

स्तम्भ 'क'स्तंभ 'ख'
मुख्य पोषक तत्त्वफॉस्फोरस
सूक्ष्म पोषक तत्त्वआयरन
जल से प्राप्त तत्त्वहाइड्रोजन
जैविक खादमल-मूत्र की खाद
वर्मी कम्पोस्टकेंचुआ

Answer: सही मिलान ऊपर दी गई तालिका में दिखाया गया है। यह तालिका बताती है कि कौन सा तत्व किस श्रेणी में आता है या किससे जुड़ा है। पौधों को ये सभी पोषक तत्व स्वस्थ रहने के लिए चाहिए।
In simple words: इस सवाल में दो सूचियों (स्तंभ 'क' और स्तंभ 'ख') का सही मेल करना था। सही उत्तर ऊपर की तालिका में दिए गए हैं।

🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ों को मिलाएं जिनके बारे में आप निश्चित हैं, फिर बाकी बचे विकल्पों को मिलाएं।

 

Question 5. (क) सूक्ष्म पोषक तत्त्व क्या हैं? उनके नाम लिखिए।
Answer: जिन तत्वों की पौधों को बहुत कम ज़रूरत होती है, उन्हें सूक्ष्म पोषक तत्त्व कहते हैं। ये तत्व पौधों के विकास के लिए थोड़ी मात्रा में ही ज़रूरी होते हैं। सूक्ष्म पोषक तत्वों में आयरन, मैंगनीज, कॉपर, जिंक, बोरॉन आदि शामिल हैं।
In simple words: सूक्ष्म पोषक तत्व वे होते हैं जिनकी पौधों को बहुत कम मात्रा में ज़रूरत होती है। इनके नाम हैं आयरन, मैंगनीज, कॉपर, जिंक और बोरॉन।

🎯 Exam Tip: सूक्ष्म पोषक तत्वों के नाम और उनकी ज़रूरत की कम मात्रा को याद रखना ज़रूरी है।

 

Question 5. (ख) पौधों में नाइट्रोजन के महत्त्व को लिखिए।
Answer: नाइट्रोजन को पोषक तत्वों का राजा कहते हैं। यह पौधों का एक बहुत ज़रूरी हिस्सा है। नाइट्रोजन पौधों में हरा रंग क्लोरोफिल बनाने में मदद करता है। क्लोरोफिल के कारण ही पौधे अपना भोजन बना पाते हैं। यह पौधों को तेज़ी से बढ़ने में भी सहायक होता है।
In simple words: नाइट्रोजन पौधों के लिए सबसे ज़रूरी पोषक तत्व है। यह उन्हें हरा रखता है और बढ़ने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: नाइट्रोजन के महत्व को समझाते समय क्लोरोफिल निर्माण और वृद्धि में उसकी भूमिका का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. (ग) हरी खाद को परिभाषित कीजिए।
Answer: हरी खाद वह खाद है जो सनई, ढेंचा, लोबिया आदि जैसे हरे पौधों को खेत में उगाकर, फिर उन्हें मिट्टी में दबाकर बनाई जाती है। ये हरे पौधे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मदद करते हैं। इस तरह से मिट्टी में प्राकृतिक पोषण वापस आता है।
In simple words: हरी खाद बनाने के लिए हरे पौधों को खेत में उगाकर फिर उन्हें मिट्टी में ही मिला दिया जाता है, जिससे मिट्टी उपजाऊ बनती है।

🎯 Exam Tip: हरी खाद की परिभाषा में 'हरे पौधे' और 'मिट्टी में दबाना' जैसे मुख्य शब्दों को शामिल करें।

 

Question 5. (घ) कार्बनिक पदार्थ का मृदा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Answer: कार्बनिक पदार्थ का मिट्टी पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है। यह मिट्टी को अधिक उपजाऊ बनाता है। इससे मिट्टी में हवा और पानी का संचार अच्छा होता है, जिससे पौधों की जड़ें बेहतर तरीके से बढ़ पाती हैं। यह मिट्टी की संरचना को सुधारता है और उसे भुरभुरा बनाता है।
In simple words: कार्बनिक पदार्थ मिट्टी को और उपजाऊ बनाता है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता और संरचना सुधरती है।

🎯 Exam Tip: कार्बनिक पदार्थ के प्रभावों में मिट्टी की उर्वरता और संरचना में सुधार दोनों को बताएं।

 

Question 5. (ङ) खाद के रूप में प्रयोग की जाने वाली तीन खलियों के नाम लिखिए ।
Answer: खाद के रूप में प्रयोग की जाने वाली तीन प्रमुख खलियों के नाम हैं – नीम की खली, महुआ की खली और अलसी की खली। इन खलियों में पौधों के लिए ज़रूरी पोषक तत्व होते हैं।
In simple words: नीम, महुआ और अलसी की खली का उपयोग खाद के रूप में किया जाता है।

🎯 Exam Tip: खलियों के नाम याद रखें क्योंकि ये जैविक खाद के अच्छे स्रोत होते हैं।

 

Question 6. आवश्यक पोषक तत्वों का वर्गीकरण कीजिए ।
Answer: पौधों को बढ़ने के लिए कुछ खास पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है। इन पोषक तत्वों को उनकी ज़रूरत के हिसाब से तीन मुख्य वर्गों में बांटा गया है:
1. **मुख्य पोषक तत्त्व:** ये वे तत्व हैं जिनकी पौधों को बहुत अधिक मात्रा में ज़रूरत होती है, जैसे- कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम।
2. **गौण पोषक तत्त्व:** ये वे तत्व हैं जिनकी पौधों को मुख्य पोषक तत्वों से कम, लेकिन फिर भी अच्छी मात्रा में ज़रूरत होती है, जैसे- कैल्सियम, मैग्नीशियम और सल्फर।
3. **सूक्ष्म पोषक तत्त्व:** ये वे तत्व हैं जिनकी पौधों को बहुत कम मात्रा में ज़रूरत होती है, लेकिन इनकी कमी से पौधों का विकास रुक सकता है, जैसे- आयरन, मैंगनीज, कॉपर और जिंक।
In simple words: पौधों को चाहिए पोषक तत्वों को उनकी ज़रूरत के हिसाब से तीन हिस्सों में बांटते हैं- मुख्य, गौण और सूक्ष्म पोषक तत्व।

🎯 Exam Tip: तीनों श्रेणियों के पोषक तत्वों के नाम और उनकी पौधों में ज़रूरत की मात्रा को याद रखें।

 

Question 7. खाद किसे कहते हैं? समझाकर लिखिए।
Answer: खाद उसे कहते हैं जो जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के बचे हुए हिस्सों के सड़ने-गलने से बनती है। जब गोबर, पत्तियां, फसल के बचे हुए हिस्से और घर का कचरा सड़ता है, तो वह खाद बन जाता है। यह एक प्राकृतिक उर्वरक है जो मिट्टी को पोषण देता है।
In simple words: खाद जानवरों और पौधों के सड़े-गले हिस्सों से बनती है। यह मिट्टी के लिए बहुत अच्छी होती है।

🎯 Exam Tip: खाद की परिभाषा में 'जीव-जंतुओं' और 'पेड़-पौधों के अवशेषों' के 'विघटित अंश' का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 8. मुख्य पोषक तत्वों को पौधों की वृद्धि में क्या महत्त्व है?
Answer: मुख्य पोषक तत्व पौधों के विकास में बहुत ज़रूरी होते हैं क्योंकि कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन पौधों के शरीर का लगभग 95% हिस्सा बनाते हैं। पौधों के सूखे भाग में लगभग 44% कार्बन, 40% ऑक्सीजन और 8% हाइड्रोजन होता है। प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में, कार्बन डाइऑक्साइड और पानी मिलकर पौधों में चीनी और स्टार्च बनाते हैं। ये तत्व हरे पौधों के जीवन का आधार हैं।
In simple words: मुख्य पोषक तत्व पौधों को बनाने में सबसे ज़्यादा काम आते हैं। कार्बन, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन पौधों का ज़्यादातर वजन बनाते हैं और प्रकाश संश्लेषण में मदद करते हैं।

🎯 Exam Tip: मुख्य पोषक तत्वों के महत्व को समझाते हुए, उनके द्वारा पौधे के निर्माण और प्रकाश संश्लेषण में भूमिका को बताएं।

 

Question 9. खाद को वर्गीकृत करते हुए हरी खाद बनाने की विधि का वर्णन कीजिए।
Answer: खाद मुख्यतः दो प्रकार की होती है –
(i) **जैविक खाद**
(क) गोबर की खाद
(ख) कम्पोस्ट की खाद
(ग) हरी खाद
(घ) खली की खाद
(ङ) मल-मूत्र की खाद
(ii) **उर्वरक या रासायनिक खाद**
(क) नाइट्रोजन उर्वरक
(ख) फॉस्फेटिक उर्वरक
(ग) पोटाश उर्वरक
(घ) उर्वरक मिश्रण
**हरी खाद बनाने की विधि –** इस तरीके में, जिस खेत में खाद देनी होती है, उसी खेत में हरी खाद की फसल को लगभग एक महीने के लिए उगाया जाता है। फसल पकने पर उसे खेत में ही पाटा लगाकर मिट्टी में मिला दिया जाता है। फिर मिट्टी पलटने वाले हल से खेत की जुताई की जाती है, जिससे सभी हरे पौधे मिट्टी में दब जाते हैं। कुछ दिनों में ये पौधे सड़कर खाद बन जाते हैं और मिट्टी को उपजाऊ बना देते हैं।
In simple words: खाद दो तरह की होती है: जैविक और रासायनिक। हरी खाद बनाने के लिए हरे पौधों को खेत में उगाकर मिट्टी में ही मिला दिया जाता है, जिससे मिट्टी उपजाऊ हो जाती है।

🎯 Exam Tip: खाद के वर्गीकरण को स्पष्ट करें और हरी खाद बनाने की विधि के हर कदम को ठीक से बताएं।

 

Question 10. गोबर गैस संयंत्र से होने वाले लाभों का वर्णन कीजिए ।
Answer: गोबर गैस संयंत्र से कई फायदे होते हैं, जो इस प्रकार हैं:
1. यह खाना पकाने के लिए ईंधन के रूप में गैस देता है।
2. इस गैस का उपयोग गैस लैंप में रोशनी के लिए भी किया जा सकता है।
3. संयंत्र से गोबर की खाद (गाद) मिलती है, जो खेत के लिए बहुत अच्छी होती है।
4. इस खाद (गाद) में सामान्य गोबर की खाद से कई गुना अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।
In simple words: गोबर गैस संयंत्र हमें खाना पकाने और रोशनी के लिए गैस देता है, और इससे मिलने वाली खाद में बहुत पोषक तत्व होते हैं।

🎯 Exam Tip: गोबर गैस संयंत्र के लाभों को बताते समय, ऊर्जा (गैस) और खाद दोनों के महत्व पर ध्यान दें।

 

Question 11. पौधों में नत्रजन की कमी के लक्षण लिखिए।
Answer: पौधों में नाइट्रोजन की कमी के लक्षण नीचे दिए गए हैं:
1. नाइट्रोजन की कमी सबसे पहले पौधों की पुरानी पत्तियों पर दिखती है।
2. पूरी पत्ती, नसों समेत, पीली पड़ जाती है।
3. पत्ती पर किसी भी रंग के धब्बे नहीं दिखते हैं।
4. पत्तियां सख्त हो जाती हैं और मोड़ने पर आसानी से टूट जाती हैं।
5. पौधा छोटा रह जाता है, यानी उसकी वृद्धि रुक जाती है।
In simple words: जब पौधों में नाइट्रोजन कम होती है, तो उनकी पुरानी पत्तियां पीली पड़ जाती हैं, वे छोटे रह जाते हैं और उनकी पत्तियां आसानी से टूट जाती हैं।

🎯 Exam Tip: नाइट्रोजन की कमी के लक्षणों को क्रमवार और स्पष्ट रूप से बताएं, खासकर पुरानी पत्तियों पर दिखने वाले प्रभावों को।

 

Question 12. निम्नलिखित में संकेतों के अनुसार शब्द पूराँ करें –
ऊपर से नीचे
1. उर्वरक बनाने का स्थान
2. जल से प्राप्त होने वाला तत्त्व
3. मल-मूत्र की खाद
4. रासायनिक खाद-सामग्री
बाएँ से दाएँ
5. पोषक तत्त्वों का राजा
6. गौण पोषक तत्त्व
7. पशुओं के नीचे बिछायी जाने वाली वानस्पतिक
Answer:
**ऊपर से नीचे:**
1. कारखाना (उर्वरक बनाने का स्थान)
2. हाइड्रोजन (जल से प्राप्त होने वाला तत्त्व)
3. विष्टाचूर्ण (मल-मूत्र की खाद)
4. फर्टिलाइजर (रासायनिक खाद-सामग्री)
**बाएँ से दाएँ:**
5. नाइट्रोजन (पोषक तत्त्वों का राजा)
6. सल्फर (गौण पोषक तत्त्व)
7. बिछाली (पशुओं के नीचे बिछायी जाने वाली वानस्पतिक सामग्री)
In simple words: इस पहेली में, कुछ संकेत दिए गए थे। ऊपर से नीचे और बाएं से दाएं के संकेतों के अनुसार सही शब्दों को भरना था।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, दिए गए संकेतों को ध्यान से समझें और सुनिश्चित करें कि आपका उत्तर संकेत के अनुसार 'ऊपर से नीचे' या 'बाएं से दाएं' दोनों में सही बैठता हो।

प्रोजेक्ट कार्य

नोट – छात्र स्वयं करें ।

UP Board Solutions for Class 6 Agricultural Science Chapter 03 खड तथा उर्वरक

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