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Class 6 Agricultural Science Chapter 1 मृदा UP Board Solutions PDF
अभ्यास
Question 1. सही उत्तर पर सही (✓) का निशान लगायें
(i) मिट्टी है -
(क) पृथ्वी की ऊपरी सतह
(ख) कच्चे मकान का फर्श
(ग) नदी का निचला भाग
(घ) कुएँ का फर्श
Answer: (क) पृथ्वी की ऊपरी सतह
In simple words: मिट्टी हमारे ग्रह पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत है। यह वह हिस्सा है जिस पर हम चलते हैं और जहाँ पौधे उगते हैं।
🎯 Exam Tip: मिट्टी की परिभाषा हमेशा उसकी ऊपरी सतह और जीवन के लिए महत्व से संबंधित होती है।
Question 1. (ii) फसलें खड़ी रहती हैं -
(क) हवा में
(ख) पानी में
(ग) पत्थर पर
(घ) मिट्टी में ✓
Answer: (घ) मिट्टी में
In simple words: फसलें मिट्टी में अपनी जड़ों को जमाकर खड़ी रहती हैं। मिट्टी उन्हें सहारा देती है और बढ़ने के लिए जरूरी पोषक तत्व भी देती है।
🎯 Exam Tip: पौधों को सीधा खड़ा रखने और पोषण देने के लिए मिट्टी का महत्व समझें।
Question 1. (iii) मृदा माध्यम है -
(क) मनुष्यों के रहने का
(ख) पशुओं के ठहरने का
(ग) पौधों के उगने का ✓
(घ) यंत्रों के बनने का
Answer: (ग) पौधों के उगने का
In simple words: मृदा वह स्थान है जहाँ पौधे अपनी जड़ों को फैलाकर उगते हैं। यह पौधों के विकास के लिए आवश्यक वातावरण प्रदान करती है।
🎯 Exam Tip: मृदा का प्राथमिक कार्य पौधों को सहारा देना और पोषण देना है, जो कृषि का आधार है।
Question 1. (iv) चट्टानों एवं खनिजों के टूटने से बनती है -
(क) बालू ✓
(ख) सिल्ट
(ग) मृत्तिका
(घ) कार्बनिक पदार्थ
Answer: (क) बालू
In simple words: जब चट्टानें और खनिज छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटते हैं, तो उनसे बालू बनती है। यह प्रक्रिया लाखों सालों तक चलती रहती है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि मिट्टी का निर्माण चट्टानों के भौतिक और रासायनिक टूटने की प्रक्रिया से होता है।
Question 1. (v) नालों की निचली सतह में जमा होता है -
(क) चट्टानें
(ख) बालू
(ग) सिल्ट ✓
(घ) मृत्तिका
Answer: (ग) सिल्ट
In simple words: सिल्ट एक तरह की बारीक मिट्टी होती है जो पानी के बहाव से निचले इलाकों, खासकर नालों की तलछट में जमा हो जाती है। यह बालू और मृत्तिका के बीच का आकार है।
🎯 Exam Tip: नदियों और नालों के तल में जमा होने वाले अवसादों के प्रकारों को जानें, जैसे सिल्ट और बालू।
Question 1. (vi) बोलू का आकार होता है -
(क) 4.00-3.00 मिमी 0
(ख) 3.0-2.0 मिमी 0
(ग) 2.0-1.0 मिमी 0
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं ✓
Answer: (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
In simple words: बोलू या रेत के कणों का आकार आमतौर पर 0.05 मिमी से 2 मिमी के बीच होता है। दिए गए विकल्प इस सीमा में नहीं आते, इसलिए कोई भी विकल्प सही नहीं है।
🎯 Exam Tip: मिट्टी के कणों के आकार की सही श्रेणियों को याद रखें (जैसे बालू, सिल्ट, क्ले)।
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(क) पृथ्वी के ऊपरी सतह को मृदा कहते हैं।
(ख) आदिमानव ने मृदा की जानकारी भोजन के अभाव में कीं।
(ग) मृदा में मुख्य रूप से चार घटक पाए जाते हैं।
(घ) बलुई मृदा में बालू अधिक मात्रा में होती है।
(ङ) काली मृदा में मृत्तिका की मात्रा अधिक होती है।
(च) कृषि के आधार पर मृदा को चार वर्गों में बाँटते हैं।
Answer:
(क) पृथ्वी के ऊपरी सतह को **मृदा** कहते हैं।
(ख) आदिमानव ने मृदा की जानकारी **भोजन** के अभाव में कीं।
(ग) मृदा में मुख्य रूप से **चार** घटक पाए जाते हैं।
(घ) बलुई मृदा में **बालू** अधिक मात्रा में होती है।
(ङ) काली मृदा में **मृत्तिका** की मात्रा अधिक होती है।
(च) कृषि के आधार पर मृदा को **चार** वर्गों में बाँटते हैं।
In simple words: इस प्रश्न में, आपको मिट्टी से जुड़े अलग-अलग तथ्यों को सही शब्दों से भरकर पूरा करना है। यह बताता है कि मिट्टी क्या है, इसके घटक क्या हैं और यह खेती के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, आपको पूरे वाक्य को ध्यान से पढ़ना चाहिए और सही शब्द चुनना चाहिए जो वाक्य के अर्थ को पूरा करता हो।
Question 3. निम्नलिखित कथनों में सही के सामने सही (✓) और गलत के सामने गलत (X) का निशान लगाएँ –
(क) पशु अपना भोजन प्रायः पेड़-पौधों से लेता है। ✓
(ख) दोमट मृदा कृषि के लिए सर्वोत्तम नहीं होती है। X
(ग) चिकनी मिट्टी के सूखने पर दरारें नहीं पड़तीं। X
(घ) रेतील मृदा अधिक उपजाऊ होती है। X
(ङ) ऊबड़-खाबड़ मृदा कृषि के लिए अयोग्य होती है। ✓
Answer:
(क) पशु अपना भोजन प्रायः पेड़-पौधों से लेता है। **(✓)**
(ख) दोमट मृदा कृषि के लिए सर्वोत्तम नहीं होती है। **(X)** (यह कथन गलत है, दोमट मृदा सर्वोत्तम होती है।)
(ग) चिकनी मिट्टी के सूखने पर दरारें नहीं पड़तीं। **(X)** (यह कथन गलत है, चिकनी मिट्टी सूखने पर दरारें पड़ती हैं।)
(घ) रेतील मृदा अधिक उपजाऊ होती है। **(X)** (यह कथन गलत है, रेतीली मृदा कम उपजाऊ होती है।)
(ङ) ऊबड़-खाबड़ मृदा कृषि के लिए अयोग्य होती है। **(✓)**
In simple words: इस प्रश्न में आपको यह बताना है कि दिए गए वाक्य सही हैं या गलत। यह मिट्टी और कृषि से जुड़े सामान्य तथ्यों को परखता है।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और सोचें कि क्या वह मिट्टी और खेती के बारे में आपके ज्ञान से मेल खाता है, फिर सही या गलत का निशान लगाएँ।
Question 4. निम्नलिखित में स्तम्भ 'क' को स्तम्भ 'ख' से सुमेल कीजिए – (सुमेल करके)
Answer:
| स्तम्भ (क) | स्तम्भ (ख) |
|---|---|
| मृदा घटक | खनिज पदार्थ |
| कणों के आधार पर मृदा वर्गीकरण | बलुई दोमट |
| कृषि के आधार पर मृदा वर्गीकरण | अधिक उपजाऊ |
| पेड़-पौधे अपना भोजन लेते हैं | मृदा से |
| मृत्तिका कण | 0.002 मिमी |
| गाद | सिल्ट |
🎯 Exam Tip: मिलान करते समय, पहले उन जोड़ियों को मिलाएँ जिनके बारे में आप निश्चित हैं, फिर बाकी बची जोड़ियों पर ध्यान दें।
Question 5.
(क) मृदा की परिभाषा लिखिए ।
(ख) मृदा में पाए जाने वाले घटक व उनकी प्रतिशत मात्रा लिखिए।
(ग) मृदा कणों के आकार तालिका में लिखिए ।
(घ) चिकनी मृदा के प्रमुख गुण लिखिए ।
(ङ) उत्तर प्रदेश की प्रमुख मृदाओं के नाम लिखिए।
Answer:
(क) मृदा पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत है। यह चट्टानों और खनिजों के टूटने-फूटने और एक जगह से दूसरी जगह जाने के बाद जमा होने से बनती है। यह जीवन के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यह पौधों को पोषण देती है।
(ख) मृदा में मुख्य रूप से चार घटक होते हैं:
1. खनिज: 45 प्रतिशत
2. जैविक पदार्थ: 5 प्रतिशत
3. मृदा जल: 25 प्रतिशत
4. मृदा वायु: 25 प्रतिशत
(ग) मृदा कणों के आकार की तालिका इस प्रकार है:
1. मोटी बालू: 2.0-0.2 मिमी
2. महीन बालू: 0.2-0.02 मिमी
3. सिल्ट: 0.02-0.002 मिमी
4. मृत्तिका (क्ले): 0.002 मिमी से कम
(घ) चिकनी मिट्टी में मृत्तिका की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, इसलिए इसे धनखर मिट्टी भी कहते हैं। इस मिट्टी में धान जैसी फसलें बहुत अच्छी होती हैं। यह मिट्टी पानी को अच्छी तरह सोख लेती है।
(ङ) उत्तर प्रदेश की मिट्टी को दो मुख्य भागों में बांटा गया है:
1. कार्य मिट्टी
2. मिश्रित लाल और काली मिट्टी
In simple words: इस प्रश्न में मिट्टी की परिभाषा, उसके हिस्सों, कणों के आकार, चिकनी मिट्टी की खास बातें और उत्तर प्रदेश की मुख्य मिट्टियों के बारे में बताया गया है। मिट्टी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह खेती का आधार है।
🎯 Exam Tip: मिट्टी के घटकों और कणों के आकार को प्रतिशत और माप के साथ याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये अक्सर सीधे पूछे जाते हैं।
Question 6.
(क) मृदा घटक का वर्णन चित्र सहित कीजिए।
(ख) कणों के आधार पर मृदा का वर्गीकरण कीजिए।
(ग) मुख्य कणाकार गठन के आधार पर मृदा का वर्गीकरण कीजिए एवं उनका वर्णन कीजिए ।
(घ) कृषि के दृष्टिकोण से मृदा का वर्गीकरण एवं विभिन्न मृदाओं का वर्णन कीजिए।
Answer:
(क) मृदा घटक - मृदा मुख्य रूप से चार घटकों से मिलकर बनी होती है, जो पौधों के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
1. मृदा खनिज: 45%
2. जैविक पदार्थ: 5%
3. मृदा जल: 25%
4. मृदा वायु: 25%
(ख) कणों के आधार पर मृदा का वर्गीकरण कणों के व्यास (आकार) के अनुसार किया जाता है। इससे मिट्टी के गुण जैसे पानी सोखने की क्षमता और हवा का संचार तय होता है।
| मृदा वर्ग कण | आकार (व्यास मिलीमीटर में) |
|---|---|
| (i) मोटी बालू | 2.0-0.2 |
| (ii) महीन बालू | 0.2-0.02 |
| (iii) सिल्ट | 0.02-0.002 |
| (iv) मृत्तिका (क्ले) | 0.002 से कम |
(ग) मुख्य कणाकार गठन के आधार पर मृदा को उसके कणों के आकार और अनुपात के अनुसार अलग-अलग वर्गों में बांटा जाता है। यह मिट्टी की बनावट को दिखाता है।
| क्रम संख्या | मिट्टी का नाम |
|---|---|
| (I) | बलुई |
| (II) | बलुई-दोमट |
| (III) | दोमट |
| (IV) | सिल्ट |
| (V) | चिकनी मिट्टी (मृत्तिका) |
(घ) कृषि के आधार पर मृदा को उसकी उपजाऊपन की क्षमता के अनुसार चार मुख्य भागों में बांटा जाता है, जो खेती के लिए उसकी उपयुक्तता बताती है। 1. अधिक उपजाऊ: यह मिट्टी बहुत अच्छी होती है और काली, काली-भूरी या भूरी रंग की होती है। इसमें पानी और हवा का संचार बहुत अच्छा होता है, जिससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं। 2. सामान्य उपजाऊ: बलुई दोमट मिट्टी इस श्रेणी में आती है। यह अच्छी फसलें दे सकती है, लेकिन बहुत उपजाऊ नहीं होती। 3. कम उपजाऊ: बलुई, रेतीली और ऊबड़-खाबड़ मिट्टी इस वर्ग में आती हैं। इनमें फसलें उगाने के लिए ज्यादा मेहनत और सुधार की जरूरत होती है। 4. अनुपजाऊ: ऊसर, बंजर और जलमग्न मिट्टी खेती के लायक नहीं होती हैं। इनमें पौधे नहीं उग पाते या बहुत मुश्किल से उगते हैं।In simple words: यह प्रश्न मिट्टी के घटकों, उसके कणों के आकार के हिसाब से वर्गीकरण, उसकी बनावट और खेती के लिए उसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी देता है। मिट्टी हमारे पर्यावरण और कृषि के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
🎯 Exam Tip: मिट्टी के घटकों का पाई चार्ट बनाना सीखें और विभिन्न प्रकार की मिट्टी के गुणों को याद रखें, खासकर कृषि के संदर्भ में उनका महत्व।
Question 7. मृदा में रंधावकाश की जानकारी कैसे प्राप्त करेंगे लिखिए ।
(क) काली मृदा के गुण-दोष लिखिए ।
(ख) खादर या कछारीय मृदा का वर्णन कीजिए।
(ग) तराई मृदा के गुण-दोष लिखिए ।
Answer:
(क) काली मृदा के गुण व दोष:
1. यह गहरे भूरे या काले रंग की होती है।
2. इस मिट्टी में लोहा, चूना, कैल्सियम, मैग्नीशियम और मृत्तिका (क्ले) भरपूर मात्रा में होते हैं।
3. इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और कार्बनिक पदार्थों की कमी पाई जाती है।
4. यह मिट्टी स्वभाव से चिपचिपी और आसानी से आकार बदलने वाली होती है।
5. इस मिट्टी में सिकुड़ने और फूलने का गुण होता है, और सूखने पर इसमें बड़ी दरारें पड़ जाती हैं।
6. इसे काली, कपासी मृदा और रेगुर के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें कपास की खेती अच्छी होती है।
(ख) खादर या कछारीय मृदा: ये नई जलोढ़ मिट्टी होती हैं। इनका रंग हल्का भूरा होता है और ये छिद्रयुक्त महीन कणों वाली होती हैं। इनमें चूना, पोटाश और मैग्नीशियम पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे ये उपजाऊ होती हैं। ये नदियाँ अपने साथ बहाकर लाई गई नई मिट्टी से बनती हैं, जिससे हर साल मिट्टी में नए पोषक तत्व जुड़ते रहते हैं।
(ग) तराई मृदा के गुण-दोष:
ये मिट्टी हिमालयी नदियों द्वारा लाए गए भारी निक्षेपों (जमाव) से बनी होती हैं। इसलिए इनमें कंकड़, पत्थर और बालू की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। ये मिट्टी उथली होती हैं और इनमें पानी रोकने की क्षमता कम होती है। गन्ना और धान इस मिट्टी वाले क्षेत्रों की मुख्य फसलें हैं, लेकिन पानी की कमी के कारण कभी-कभी खेती मुश्किल हो जाती है।
In simple words: इस प्रश्न में काली मिट्टी, खादर मिट्टी और तराई मिट्टी के गुणों और दोषों के बारे में बताया गया है। हर मिट्टी की अपनी खास बातें होती हैं जो उसकी बनावट और खेती के लिए उसकी उपयुक्तता तय करती हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार की मिट्टी की विशेषताओं को याद रखें, जैसे उनका रंग, रासायनिक संरचना और प्रमुख फसलें, क्योंकि ये उनकी पहचान के मुख्य बिंदु हैं।
प्रोजेक्ट कार्य
नोट – विद्यार्थी स्वयं करें ।
Answer: विद्यार्थी को इस कार्य को स्वयं पूरा करना है। यह प्रोजेक्ट-आधारित कार्य छात्रों को स्वयं खोज करने और सीखने का अवसर देता है।
In simple words: यह काम छात्रों को खुद से करने के लिए है। उन्हें दिए गए विषय पर खुद से रिसर्च करके प्रोजेक्ट पूरा करना होगा।
🎯 Exam Tip: प्रोजेक्ट कार्य में हमेशा अपनी रचनात्मकता और समझ का प्रयोग करें। दिए गए विषय पर पूरी जानकारी इकट्ठा करें और उसे सही तरीके से प्रस्तुत करें।
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