UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 9 Sarkas

Get the most accurate UP Board Solutions for Class 4 Hindi Chapter 9 सरकास here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 4 Hindi. Our expert-created answers for Class 4 Hindi are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 9 सरकास UP Board Solutions for Class 4 Hindi

For Class 4 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 4 Hindi solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 9 सरकास solutions will improve your exam performance.

Class 4 Hindi Chapter 9 सरकास UP Board Solutions PDF

सरकस शब्दार्थ

कौतूहल - जिज्ञासा
स्वच्छंद - स्वतंत्र
नाहर - सिंह
मनुज - मनुष्य
भय-विस्मय - डर और आश्चर्य
सिंही का जना हुआ है - शेरनी ने जन्म दिया है।
होकर - अनोखे।

संदर्भ – यह गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'कलरव' के ‘सरकस' नामक पाठ से लिया गया है। इसके रचयिता 'राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त' हैं। इसमें कवि ने सरकस के दृश्यों का वर्णन किया है।

भावार्थ – अपनी जिज्ञासा को शांत करने के उद्देश्य से मैं एक दिन सरकस देखने चला गया। सरकस में अनेक करतब और व्यायाम क्रीड़ाएँ देखीं।

एक बड़ा-सा - बोली।

भावार्थ – थोड़ी देर में एक बड़ा-सा बंदर घेरे में आया। उसने फुर्ती से लैंप जलाया। फिर उसने कुर्सी पर बैठकर किताब खोली और पढ़ने लगा। इतनी देर में मैना ने आकर निम्न प्रकार कहा।

हाजिर है - उसको फेरा।

भावार्थ – मैना आकर बंदर से बोली कि हुजूर आपका घोड़ा आ गया। बंदर ने चौंककर एक कोड़ा उठा लिया। इतनी देर में एक छोटा घोड़ा आया। बंदर ने उस पर चढ़कर उसे दूसरी तरफ मोड़ दिया।

एक मनुष्य - बड़ाई।

भावार्थ – अंत में सरकस के घेरे में एक आदमी आया, जो एक शेर को पकड़े हुए था। मैंने मनुष्य और शेर की लड़ाई देखी और मनुष्य की निम्न प्रकार से प्रशंसा की।

कहीं साहसी - भोला।

भावार्थ – मनुष्य और शेर की लड़ाई के विषय में कवि प्रशंसा करते हुए कहता है, "साहसी मनुष्य भी कहीं किसी से डरता है भला! वह तो शेर को भी अपने वश में कर लेता है। तब मेरा एक मित्र बोला कि तुम नादान हो। फिर उसने असली तथ्य की तरफ ध्यान दिलाया।"

यह सिंही - रहा है।

भावार्थ – इस शेर को जन्म तो शेरनी ने दिया है, परंतु बाहरी माहौल में इसका लालन-पालन पिंजरे में हुआ है। इस कारण वह अभी गीदड़ बना हुआ है। वह शेर की तरह स्वतंत्र जीवन जीकर बड़ा नहीं हुआ।

छोटे से - दया है।

भावार्थ – मनुष्य ने शेर को जंगल में एक छोटे बच्चे के रूप में पकड़ा। उसे मार-पीटकर प्रशिक्षण दिया और अनेक कार्य/करतब सिखाए। गुलामी का जीवन जीते-जीते वह अपने अस्तित्व को भूल गया है और मनुष्य से डरने लगा हैं। शेर के इस दयनीय रूप को देखकर मुझे इस पर दया आती है।

सरकस अभ्यास प्रश्न

भाव बोध

 

Question 1. उत्तर दो
(क) कवि सरकस में क्यों गया?
(ख) कवि ने सरकस में क्या-क्या देखा?
(ग) सरकस के शेर को देखकर कवि के मन में क्या भाव उत्पन्न हुआ?
(घ) पिंजड़े में बंद जानवरों-पक्षियों के मन में क्या-क्या विचार उठते होंगे?
Answer:
(क) कवि सरकस में अपनी जिज्ञासा को शांत करने गया। वह जानना चाहता था कि सरकस में क्या होता है।
(ख) कवि ने सरकस में कलाबाजों के अनेक करतब और व्यायाम आदि क्रियाएँ देखीं। उसने बंदर, मैना, घोड़ा (बछेड़ा) और शेर आदि के करतब भी देखे।
(ग) सरकस के शेर को देखकर कवि के मन में यह विचार आया कि गुलामी में पलने-बढ़ने से शेर गीदड़ बन गया है। उसमें शेर जैसे गुण विकसित नहीं हो पाए हैं क्योंकि उसे पिंजरे में रखा गया था।
(घ) पिंजड़ों में बंद जानवरों/पक्षियों के मन में स्वतंत्र जीवन जीने के विचार उठते होंगे। वे सोचते होंगे कि कब उन्हें आज़ादी मिलेगी।
In simple words: कवि अपनी उत्सुकता मिटाने सरकस गया। उसने वहाँ कलाबाजों, बंदरों, मैना, घोड़ों और शेरों के करतब देखे। उसे लगा कि गुलामी में रहकर शेर डरपोक बन गया है और जानवरों को आज़ादी चाहिए।

🎯 Exam Tip: जब किसी प्रश्न के कई भाग हों, तो हर भाग का उत्तर अलग-अलग और स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 2. नीचे लिखी पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो
(क) 'होकर कौतूहल के बस में, गया एक दिन मैं सरकस में ।'
(ख) ‘कहीं साहसी जन डरता है, नर नाहर को वश करता है।'
(ग) ‘यह सिंही का जना हुआ है, किंतु स्यार यह बना हुआ है।'
Answer: विद्यार्थी इन पंक्तियों के भाव समझने के लिए इसी पाठ में दिए गए भावार्थ को पढ़ें। कविता के सारांश में इन पंक्तियों का अर्थ समझाया गया है।
In simple words: इन पंक्तियों का मतलब समझने के लिए, आपको कविता का सारांश ध्यान से पढ़ना चाहिए, जहाँ इन सभी बातों का मतलब दिया गया है।

🎯 Exam Tip: भावार्थ लिखते समय, कवि के मुख्य विचारों और भावनाओं को सरल शब्दों में व्यक्त करें।

 

Question 3. इनके समानार्थी शब्द लिखो (समानार्थी शब्द लिखकर )
बन्दर
शेर
तोता
स्वच्छन्द
मित्र
लड़ाई
स्यार
जन
Answer:
बन्दर - वानर
शेर - सिंह
तोता - शुक
स्वच्छन्द - स्वतन्त्र
मित्र - दोस्त
लड़ाई - युद्ध
स्यार - गीदड़
जन - लोग
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों के मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द लिखे गए हैं। जैसे, बंदर को वानर भी कहते हैं।

🎯 Exam Tip: समानार्थी शब्द याद करने से आपकी हिंदी भाषा की शब्दावली मजबूत होती है, जिससे आप बेहतर ढंग से लिख और बोल सकते हैं।

 

Question 4. विलोम शब्द लिखो (विलोम शब्द लिखकर)-
साहसी
स्वतन्त्र
प्रसन्नता
दयालु
Answer:
साहसी - कायर
स्वतन्त्र - परतन्त्र
प्रसन्नता - अप्रसन्नता
दयालु - निर्दय
In simple words: दिए गए शब्दों का उल्टा अर्थ बताया गया है। साहसी का उल्टा कायर होता है।

🎯 Exam Tip: विलोम शब्द याद करते समय, उनके अर्थ को भी समझने का प्रयास करें ताकि आप उन्हें सही जगह पर उपयोग कर सकें।

 

Question 5. कविता की पंक्तियाँ पूरी करो (पंक्तियाँ पूरी करके)
यह पिंजड़े में बंद रहा है, कभी नहीं स्वच्छन्द रहा है।
छोटे से यह पकड़ा आया, मार-मारकर गया सिखाया।
Answer:
यह पिंजड़े में बंद रहा है, कभी नहीं स्वच्छन्द रहा है।
छोटे से यह पकड़ा आया, मार-मारकर गया सिखाया।
In simple words: ये कविता की अधूरी पंक्तियाँ हैं जिन्हें पाठ से देखकर पूरा किया गया है।

🎯 Exam Tip: कविता की पंक्तियाँ पूरी करते समय, कविता के मूल अर्थ और लय को बनाए रखें।

 

Question 6. कविता की दो पंक्तियों का अर्थ दिया जा रहा है। कविता की उन पंक्तियों को ढूंढकर लिखो गुलामी की रोटियाँ खा-खाकर यह अपनी वीरता तथा पराक्रम की बात भूल गया है। इसे नहीं पता कि मैं शेर हूँ। इसकी दशा पर मुझे दया आ रही है।
Answer: कविता की वे पंक्तियाँ हैं:
अपने को भी भूल गया है,
आती इस पर मुझे दया है।
In simple words: यहाँ कविता की उन पंक्तियों को बताया गया है जो शेर की गुलामी और दयनीय स्थिति के बारे में बताती हैं।

🎯 Exam Tip: अर्थ से पंक्तियाँ पहचानते समय, मुख्य शब्दों और भावों पर ध्यान दें जो अर्थ में स्पष्ट रूप से बताए गए हैं।

 

Question 7. दिए गए उदाहरण को पढ़ो और ऐसे तीन वाक्य तुम भी बनाओ जिनमें 'सा' का प्रयोग हो ।
उदाहरण:
• अभिमन्यु-सा वीर बालक बनो।
• लड़का बन्दर-सा चंचल है।
Answer:
(१) कालिदास-सा महान कवि बनो ।
(२) बीरबल-सा बुद्धिमान बनो ।
(३) श्री कृष्ण-सा नीतिपरक बनो।
In simple words: यहाँ 'सा' शब्द का उपयोग करके कुछ वाक्य बनाए गए हैं, जैसे 'कालिदास-सा' महान कवि बनो, जिसका मतलब है कालिदास जैसा महान कवि।

🎯 Exam Tip: 'सा' का प्रयोग करते समय, हमेशा तुलना या समानता को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ, जैसे 'उसके जैसा' या 'उसके समान'।

तुम्हारी कलम से

 

Question 8. इस कविता में आए तुकांत शब्दों की गिनती करो।
(ख) ऐसे दस तुकांत शब्द लिखो, जो तुम्हें अच्छे लगते हों।
Answer:
कविता में आए तुकांत शब्द हैं: बस में-सरकस में, आया-जलाया, घोड़ा-कोड़ा, बछेरा-फेरा, आया-लाया-सिखाया, लड़ाई-बड़ाई, डरता है-करता है, बोला-भोला, गया है-दया है।
(ख) विद्यार्थी अपनी इच्छानुसार दस तुकांत शब्द लिखें।
In simple words: हमने कविता में आए तुकांत शब्दों को ढूंढा है। आपको अपनी पसंद के दस तुकांत शब्द लिखने हैं।

🎯 Exam Tip: तुकांत शब्द वे होते हैं जिनकी अंतिम ध्वनि मिलती-जुलती हो, जैसे 'पानी' और 'नानी'।

 

Question 9. तमने भी कभी सरकस देखा होगा। सरकस देखने का अपना अनुभव लिखो ।
Answer: विद्यार्थी सरकस देखने का अपना अनुभव स्वयं लिखें। इसमें आप सरकस में देखी गई चीजें, अपनी भावनाएँ और कौन सा करतब सबसे अच्छा लगा, ये सब बता सकते हैं।
In simple words: आपको सरकस देखने का अपना अनुभव खुद लिखना है।

🎯 Exam Tip: अपना अनुभव लिखते समय, अपनी यादों को विस्तार से और क्रमबद्ध तरीके से बताएँ ताकि पाठक भी उसे महसूस कर सकें।

अब करने की बारी

प्रत्येक खाने में दिए गए अक्षरों से प्रारंभ होने वाले तुम कितने शब्द सोच सकते हो? उनकी सूची बनाओ। यदि प्रत्येक खाने में दस शब्द लिखते हो तो 'अच्छा' यदि बीस शब्द तो 'बहुत अच्छा' यदि बीस से ज्यादा तो 'उत्कृष्ट' । उदाहरण देखो (उत्तर लिखकर)

सुवि
आम, आलूसुपारी, सुगम, सुलहविशाल, विकास
आज, आकारसुराही, सुयोग्यविवरण, विचार
आधार, आघातसुजान, सुधाविस्तृत, विशेषण
आलोक, आखेटसुमति, सुखविक्रेता, विक्रय
आराम, आचार्यसुनो, सुबहविशेष, विराम
आतंक, आहटसुचारु, सुंदरविस्मयादिबोधक, विजय
आदेश, आशयसुनैना, सुनकरविकास, विदा
आवरण, आचरणसुहावना, सुनविद्यालय, विद्या
आतिथ्य, आनन्दसुश्री, सुस्वागतविकल, विषय
आलेख, आरोह, आचमनसुलेख, सुलभ, सुधारविवाद, विरोध, विनम्र

कितना सीखा - २

 

Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों का मौखिक उत्तर दो
(क) वनदेवी ने अंत में राजा से क्या अनुरोध किया और क्यों?
(ख) अभिमन्यु ने चक्रव्यूह तोड़ने की कला सीखने के विषय में युधिष्ठिर को क्या बताया?
(ग) किस आधार पर कह सकते हो कि अभिमन्यु सच्चा वीरपुत्र और साहसी था?
(घ) तेनालीराम एक बुद्धिमान व्यक्ति था, यह किस घटना से पता चलता है?
(ङ) 'हाँ में हाँ' लोक-कथा से क्या संदेश मिलता है?
(च) सरकस के शेर को देखकर कवि और उसके दोस्त के बीच क्या बातचीत हुई?
Answer:
(क) वनदेवी ने राजा से कहा कि वह उसके शरीर को तीन हिस्सों में काटे। उसने ऐसा इसलिए कहा ताकि उसकी छाया में उगे छोटे देवदार के पौधे बच सकें।
(ख) अभिमन्यु ने युधिष्ठिर को बताया कि उसने चक्रव्यूह तोड़ने की कला माँ के पेट में ही सीख ली थी। उसे केवल आखिरी द्वार तोड़ना नहीं आता था।
(ग) अभिमन्यु के युद्धकौशल को देखकर हम कह सकते हैं कि वह सच्चा वीरपुत्र और साहसी था। उसने युद्ध में अपनी बहादुरी दिखाई।
(घ) तेनालीराम ने मुरझाए फूल तोड़ दिए। जब राजा ने कम फूलों के बारे में पूछा, तो तेनालीराम ने कहा कि वह राजा के आदेश का पालन कर रहा है। इस घटना से पता चलता है कि वह बहुत बुद्धिमान व्यक्ति था। वह अपने शब्दों से राजा को समझा पाया।
(ङ) 'हाँ में हाँ' लोक-कथा से यह संदेश मिलता है कि हमें चापलूस नहीं बनना चाहिए। हमें हमेशा अपनी राय देनी चाहिए और इस गलत आदत से बचना चाहिए।
(च) सरकस के शेर को देखकर कवि ने शेर को भी वश में करने वाले मनुष्य की प्रशंसा की। तब उसके दोस्त ने कहा कि शेर पिंजरे में पलने और सताए जाने के कारण डरपोक और कायर बन गया है।
In simple words: वनदेवी ने अपने पेड़ को तीन हिस्सों में काटने को कहा ताकि छोटे पेड़ बच सकें। अभिमन्यु ने चक्रव्यूह की कला माँ के पेट में सीखी थी पर अंतिम द्वार नहीं तोड़ पाया। उसका युद्ध कौशल उसकी वीरता दिखाता है। तेनालीराम की बुद्धिमानता उसके फूल तोड़ने वाली घटना से पता चलती है। 'हाँ में हाँ' कथा कहती है कि चापलूस नहीं बनना चाहिए। कवि और दोस्त ने सरकस के शेर के बारे में बात की, दोस्त ने कहा कि पिंजरे में रहने से शेर कमजोर हो गया है।

🎯 Exam Tip: लंबे उत्तरों को छोटे-छोटे वाक्यों में तोड़कर लिखें और मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट करें।

 

Question 2. अधूरी पंक्तियाँ पूरी करो (पंक्तियाँ पूरी करके)
Answer:
एक बड़ा-सा बंदर आया, उसने झटपट लैंप जलाया।
डट कुर्सी पर पुस्तक खोली, आ तब तक मैना यों बोली।
In simple words: यहाँ कविता की कुछ पंक्तियाँ पूरी की गई हैं, जिसमें बंदर द्वारा लैंप जलाने और मैना के बोलने का वर्णन है।

🎯 Exam Tip: कविता की पंक्तियाँ पूरी करते समय, कविता के संदर्भ और भाषा शैली का ध्यान रखें ताकि वाक्य सही और सुंदर बनें।

 

Question 3. नीचे दी गई पंक्तियों का भाव स्पष्ट करो
(क) कहीं साहसी जन डरता है, नर नाहर को वश करता है।
(ख) यह सिंही का जना हुआ है, किंतु स्यार यह बना हुआ है।
Answer: इन पंक्तियों का भाव स्पष्ट करने के लिए विद्यार्थी पाठ 6 का भावार्थ पढ़ें। इस अध्याय में कवि ने सरकस के शेरों की स्थिति और उनके जीवन पर टिप्पणी की है।
In simple words: इन वाक्यों का मतलब समझने के लिए आपको पाठ 6 का सारांश पढ़ना होगा।

🎯 Exam Tip: जब पाठ के किसी हिस्से का भावार्थ लिखने को कहा जाए, तो उस हिस्से के मुख्य विचारों और उसके गहरे अर्थों पर ध्यान दें।

 

Question 4. नीचे दिए गए शब्दों का अपने वाक्यों में प्रयोग करो (प्रयोग करके)
मेजबान
पर्यावरण
वीरपुत्र
प्रतीक्षा
Answer:
मेजबान – कोलंबो में आयोजित खेलों में मेजबान श्रीलंका विजयी बना ।
पर्यावरण – पर्यावरण प्रदूषण आज की विकट समस्या है।
वीरपुत्र – वीरपुत्र युद्ध से नहीं भागते ।
प्रतीक्षा – किसी की प्रतीक्षा करना बहुत अखरता है।
In simple words: यहाँ कुछ शब्दों का उपयोग करके वाक्य बनाए गए हैं, जैसे 'मेजबान' का उपयोग करके श्रीलंका के बारे में बताया गया है।

🎯 Exam Tip: वाक्य प्रयोग करते समय, शब्द का अर्थ स्पष्ट होना चाहिए और वाक्य व्याकरण की दृष्टि से सही होना चाहिए।

 

Question 5. कोष्ठक में दिए गए सर्वनामों में से चुनकर वाक्य पूरा करो (पूरा करके) (वह, उसका, तुम, तुम्हारे)
(क) _______ घर मेरे घर के पास है।
(ख) _______ प्रतिदिन व्यायाम करता है।
(ग) _______ पिता जी का क्या नाम है?
(घ) मुझे विश्वास है कि _______ जरूर आओगे।
Answer:
(क) उसका घर मेरे घर के पास है।
(ख) वह प्रतिदिन व्यायाम करता है।
(ग) तुम्हारे पिता जी का क्या नाम है?
(घ) मुझे विश्वास है कि तुम जरूर आओगे।
In simple words: कोष्ठक में दिए गए सही सर्वनाम (जैसे वह, उसका, तुम, तुम्हारे) का चुनाव करके खाली जगहें भरी गई हैं ताकि वाक्य सही बनें।

🎯 Exam Tip: सर्वनाम का सही उपयोग वाक्य को स्पष्ट और सटीक बनाता है, इसलिए संज्ञा के स्थान पर सही सर्वनाम चुनें।

 

Question 6. (क) दिए गए शब्दों का विशेषण/क्रिया विशेषण के रूप में प्रयोग करते हुए एक-एक वाक्य बनाओ (वाक्य बनाकर )
वीर
धीरे-धीरे
सुंदर
फूट-फूटकर
(ख) एक-एक वाक्य की रचना करो जिसमें, अल्प विराम, पूर्ण विराम तथा प्रश्नवाचक चिह्न का प्रयोग हुआ हो।
Answer:
(क)
वीर – वीर पुरुष युद्ध में पीठ नहीं दिखाते ।
धीरे-धीरे – धीरे-धीरे बाढ़ का पानी घटने लगा।
सुंदर – विद्यार्थी के लिए सुंदर लेख जरूरी है।
फूट-फूटकर – श्रवण के माता-पिता फूट-फूटकर रोने लगे।
(ख) चोर आया, छत पर चढ़ा और फिर भाग गया।
मुझे शोरगुल सुनना पसंद नहीं है।
क्या वह अच्छा लड़का नहीं है?
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों (जैसे वीर, धीरे-धीरे) का उपयोग करके वाक्य बनाए गए हैं और साथ ही कुछ ऐसे वाक्य भी लिखे गए हैं जिनमें सही विराम चिह्नों का प्रयोग किया गया है।

🎯 Exam Tip: विराम चिह्नों का सही उपयोग वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करता है, इसलिए उन्हें हमेशा सही जगह पर लगाएँ।

 

Question 7. क्या होता यदि
(क) पिता की अनुपस्थिति में अभिमन्यु युद्धभूमि में न जाता?
(ख) राजा अपने महल के चारों ओर पेड़-पौधे न लगवाता?
Answer:
(क) यदि अभिमन्यु युद्धभूमि में न जाता, तो पांडव युद्ध में हारे हुए माने जाते। उसकी अनुपस्थिति से युद्ध का परिणाम बदल सकता था।
(ख) यदि राजा अपने महल के चारों ओर पेड़-पौधे न लगवाता, तो वायु-प्रदूषण बहुत बढ़ जाता। पेड़-पौधे हवा को साफ रखने में मदद करते हैं।
In simple words: अगर अभिमन्यु युद्ध में नहीं जाता, तो पांडव हार जाते। अगर राजा पेड़ नहीं लगाता, तो हवा गंदी हो जाती।

🎯 Exam Tip: 'क्या होता यदि' वाले प्रश्नों में, आपको दिए गए परिदृश्य के संभावित परिणामों के बारे में तार्किक रूप से सोचना चाहिए।

 

Question 8. अपने क्षेत्र में प्रचलित कोई लोककथा सुनाओ ।
Answer: विद्यार्थी अपने क्षेत्र में प्रचलित कोई लोककथा स्वयं सुनाएँ। आप कहानी में पात्रों, घटनाक्रम और कहानी से मिलने वाली सीख को शामिल कर सकते हैं।
In simple words: आपको अपने इलाके की कोई पुरानी कहानी सुनानी है।

🎯 Exam Tip: लोककथा सुनाते समय, कहानी के मुख्य पात्रों और उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं का वर्णन रोचक तरीके से करें।

 

Question 9. शब्दों में लगे उपसर्ग को उनके सामने लिखो
शब्द – उपसर्ग
प्रहार
विहार
आहार
अनुपस्थित
निरुत्साहित
Answer:
प्रहार – प्र
विहार – वि
आहार – आ
अनुपस्थित – अन्
निरुत्साहित – निः
In simple words: यहाँ शब्दों में लगे उपसर्गों को अलग किया गया है। उपसर्ग वे छोटे शब्द होते हैं जो किसी शब्द के आगे लगकर उसका अर्थ बदल देते हैं।

🎯 Exam Tip: उपसर्ग को पहचानते समय, ध्यान दें कि मूल शब्द का भी एक स्वतंत्र अर्थ होना चाहिए।

 

Question 10. पेड़-पौधे हमारे लिए उपयोगी हैं, विषय पर एक अनुच्छेद में अपने विचार लिखो।
Answer: पेड़-पौधे सभी जीवधारियों के लिए जीवनरक्षक हैं। वे हमें फल-फूल, चारा, लकड़ी और ईंधन देते हैं। वृक्ष वर्षा लाने में भी सहायक होते हैं। वे पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। वृक्ष भूमि के कटाव को रोकते हैं। पेड़ों से प्राकृतिक सौंदर्य में बढ़ोतरी होती है। इस प्रकार, हम कह सकते हैं कि पेड़-पौधे हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं।
In simple words: पेड़-पौधे हमारे लिए बहुत ज़रूरी हैं। वे हमें खाना, लकड़ी और साफ हवा देते हैं। वे बारिश लाने और मिट्टी को बहने से रोकने में भी मदद करते हैं।

🎯 Exam Tip: अनुच्छेद लिखते समय, अपने विचारों को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें और हर वाक्य में एक नया विचार जोड़ें।

अपने आप - २

सत्यवादी हरिश्चन्द्र

सत्यवादी हरिश्चन्द्र पाठ का सारांश

प्राचीनकाल में सत्यवादी, दानी और परोपकारी राजा हरिश्चन्द्र हुए। मुनि विश्वामित्र ने उनकी दानशीलता की परीक्षा लेनी चाही। उन्होंने सपने में उनका सारा राज-पाट माँग लिया। अगले दिन उन्होंने दक्षिणा में एक हजार स्वर्ण-मुद्राएँ माँगीं। हरिश्चन्द्र ने दक्षिणा चुकाने के लिए स्वयं को बेचने का निर्णय लिया।

एक ब्राह्मण ने पाँच सौ मुद्राओं में तारामती और रोहित को खरीद लिया। कालू ने पाँच सौ मुद्राओं में हरिश्चन्द्र को खरीद लिया। तारामती घरेलू काम करती थी। रोहित फूल-पत्तियाँ और लकड़ी लाता था। हरिश्चन्द्र श्मशान में शव दाह के लिए कर वसूलते थे। एक दिन साँप के डसने से रोहित की मृत्यु हो गई। तारामती अंत्येष्टि के लिए उसे श्मशान ले गई। हरिश्चन्द्र ने सत्य और धैर्य न छोड़ते हुए शवदाह हेतु तारामती से कर माँगा। रानी के पास कुछ भी नहीं था। विवश होकर उसने आधी साड़ी फाड़कर कर देने की तत्परता दिखाई। तभी विश्वामित्र और देवतागण प्रकट हो गए। उन्होंने हरिश्चन्द्र और तारामती के धैर्य, दानशीलता और न्याय की प्रशंसा करते हुए उन पर पुष्पवर्षा की। रोहित जी उठा और हरिश्चन्द्र का राज्य वापस मिल गया। सत्यवादी हरिश्चन्द्र दानी राजा के रूप में सदा अमर हो गए।

UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 9 सरकास

Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 9 सरकास prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 4 Hindi textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 9 सरकास

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 4 Hindi chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 4 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Hindi Class 4 Solved Papers

Using our Hindi solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 4 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 9 सरकास to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 9 सरकास for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 9 सरकास is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 4 Hindi are as per latest UP Board curriculum.

Are the Hindi UP Board solutions for Class 4 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 9 सरकास as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 4 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 9 सरकास will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 9 सरकास in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 4 Hindi. You can access UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 9 सरकास in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi UP Board solutions for Class 4 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 9 सरकास in printable PDF format for offline study on any device.