UP Board Solutions Class 4 Environmental Studies Chapter 2 Uttar Pradesh Prakritik banawat va rahan sahan

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UP Board Textbook Solutions for Class 4 Environmental Studies Chapter 2 उत्तर प्रदेश प्राकृतिक बनावत व रहन सहन

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Question. तुम्हारे इलाके में किन-किन साधनों से सिंचाई होती है?
Answer: हमारे इलाके में खेतों की सिंचाई मुख्य रूप से नलकूपों और नहरों से की जाती है। ये दोनों तरीके किसानों को पानी पहुंचाने में मदद करते हैं ताकि उनकी फसलें अच्छे से उग सकें।
In simple words: हमारे क्षेत्र में खेतों को नलकूपों और नहरों से पानी दिया जाता है।

🎯 Exam Tip: प्रश्न का उत्तर देते समय, अपने क्षेत्र के प्रमुख सिंचाई साधनों का स्पष्ट उल्लेख करें।

उत्तर प्रदेश-प्राकृतिक बनावट व रहन-सहन पता करो और लिखो अभ्यास

 

Question 1. भाबर की विशेषताएँ लिखो।
Answer: भाबर वह क्षेत्र है जो हिमालय के नीचे और मैदानों के ऊपर पाया जाता है। इस जगह पर नदियाँ धीरे बहती हैं और अपने साथ लाए हुए कंकड़, पत्थर तथा रेत को जमा कर देती हैं। इन कंकड़-पत्थरों और मोटे कणों से बनी मिट्टी वाले इलाके को ही भाबर कहते हैं। भाबर के ठीक नीचे वाला हिस्सा तराई कहलाता है, जहाँ पानी फिर से सतह पर आ जाता है।
In simple words: भाबर हिमालय के नीचे का पथरीला इलाका है, जहाँ नदियाँ कंकड़-पत्थर जमा करती हैं और धीरे बहती हैं।

🎯 Exam Tip: भाबर क्षेत्र की पहचान उसके कंकड़-पत्थर वाली मिट्टी और धीमे नदी बहाव से होती है; तराई क्षेत्र इसकी निचली, दलदली पट्टी है।

 

Question 2. भाबर-तराई में पाए जाने वाले वृक्षों एवं पशुओं की सूची बनाओ।
Answer: भाबर और तराई क्षेत्रों में घने जंगल मिलते हैं। यहाँ शीशम, साल, साखू और खैर जैसे चौड़ी पत्तियों वाले पेड़ पाए जाते हैं। इन जंगलों में कई तरह के जानवर भी रहते हैं, जैसे हाथी, बाघ, तेंदुआ, सूअर, नीलगाय और हिरन। यह क्षेत्र जैव विविधता से भरपूर है।
In simple words: भाबर-तराई में घने जंगल होते हैं जहाँ शीशम, साल जैसे पेड़ और हाथी, बाघ जैसे जानवर मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: वृक्षों और पशुओं के नाम लिखते समय कम से कम तीन-तीन उदाहरण अवश्य दें ताकि आपका उत्तर पूरा लगे।

 

Question 3. निम्नलिखित की सूची बनाओ-
Answer:
(क) तराई भाग में बोयी जाने वाली प्रमुख फसलें ।
तराई क्षेत्र में गन्ना, धान और गेहूँ मुख्य फसलें हैं जिनकी खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। यह क्षेत्र इन फसलों के उत्पादन के लिए बहुत उपजाऊ है।
(ख) तराई भाग के लोगों का प्रमुख व्यवसाय ।
तराई क्षेत्र के लोगों का मुख्य काम खेती करना है। यहाँ की सिंचाई व्यवस्था बहुत अच्छी है क्योंकि नलकूपों और नहरों से भरपूर पानी मिलता है। इसके अलावा, लोग कागज, फर्नीचर, चीनी और दस्तकारी उद्योगों में भी काम करते हैं। इन उद्योगों से क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलता है।
(ग) तराई क्षेत्र में रहने वाले पुराने निवासी ।
तराई क्षेत्र के सबसे पुराने निवासी 'थारु' और 'बोक्सा' जनजाति के लोग हैं। हालांकि, आजकल पंजाब, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से भी लोग यहाँ आकर बस गए हैं, जिससे क्षेत्र की जनसंख्या में विविधता आई है।
(घ) तराई क्षेत्र में बोली जाने वाली बोलियाँ।
तराई क्षेत्र में कई अलग-अलग बोलियाँ बोली जाती हैं, जिनमें कुमाऊँनी, गढ़वाली, भोजपुरी, पंजाबी और बांग्ला शामिल हैं। यह भाषाई विविधता क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
(ङ) तराई क्षेत्र के लोगों का प्रमुख भोजन ।
तराई क्षेत्र के लोगों का मुख्य भोजन चावल, गेहूँ, हरी सब्जियाँ और पशुओं से मिलने वाला दूध है। यहाँ का भोजन मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों के भोजन जैसा ही होता है, जो स्थानीय कृषि उत्पादों पर आधारित होता है।
In simple words:
(क) तराई में गन्ना, धान और गेहूँ मुख्य रूप से उगाए जाते हैं।
(ख) तराई के लोग खेती करते हैं और कागज, फर्नीचर तथा चीनी जैसे उद्योगों में भी काम करते हैं।
(ग) थारु और बोक्सा लोग तराई के पुराने निवासी हैं; अब पंजाब, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से भी लोग यहाँ रहने आए हैं।
(घ) तराई में कुमाऊँनी, गढ़वाली, भोजपुरी, पंजाबी और बांग्ला जैसी बोलियाँ बोली जाती हैं।
(ङ) तराई के लोग चावल, गेहूँ, सब्जियाँ और दूध से बनी चीजें खाते हैं।

🎯 Exam Tip: जब किसी प्रश्न में कई उप-भाग हों, तो हर उप-भाग का उत्तर स्पष्ट और अलग-अलग बिंदुओं में दें।

 

Question 4. खाली स्थान भरो (भरकर)
Answer: दुधवा नेशनल पार्क लखीमपुर खीरी जिले में है। यहाँ हिरन, बाघ, बारहसिंगा आदि जानवर पाए जाते हैं। यह एक महत्वपूर्ण वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र है।
In simple words: दुधवा नेशनल पार्क लखीमपुर खीरी में है। यहाँ हिरन, बाघ और बारहसिंगा जैसे जानवर मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: खाली स्थान भरने वाले प्रश्नों में सटीक जानकारी दें और सुनिश्चित करें कि सभी रिक्त स्थान भरे गए हैं।

 

Question 5. यदि वनों की कटान अधिक होती है, तो आस-पास के क्षेत्र में उसका क्या प्रभाव पड़ेगा? लिखो ।
Answer: अगर वनों की कटाई बहुत ज़्यादा होती है, तो आसपास की ज़मीन कट जाएगी। इससे भूमि अपरदन होगा और वह क्षेत्र तराई के मैदान में बदल सकता है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को पकड़े रहती हैं, इसलिए उनकी अनुपस्थिति में मिट्टी आसानी से बह जाती है।
In simple words: ज़्यादा पेड़ काटने से आसपास की ज़मीन कट जाएगी और वह तराई का मैदान बन सकता है।

🎯 Exam Tip: वनों की कटाई के प्रभावों को समझाते समय, भूमि कटाव और पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक परिणामों का उल्लेख करें।

 

Question 6. तुम्हारे अनुसार यहाँ के लोगों की क्या समस्याएँ होंगी?
Answer: तराई जैसे क्षेत्रों में लोगों को शिक्षा, सिंचाई, यात्रा और परिवहन के साथ-साथ रोज़गार से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की कमी अक्सर जीवन को कठिन बना देती है।
In simple words: तराई के लोगों को पढ़ाई, पानी (सिंचाई), आने-जाने और काम-धंधे से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।

🎯 Exam Tip: समस्याओं का उल्लेख करते समय, जीवन के मुख्य पहलुओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 7. पता करो-शीशम, बेंत और खैर से क्या-क्या बनता है?
Answer: शीशम की लकड़ी से तख्ते, शहतीर और दरवाज़े बनाए जाते हैं। बेंत का उपयोग डलिया और फर्नीचर बनाने के लिए होता है। वहीं, खैर के पेड़ से कत्था निकाला जाता है, जिसका इस्तेमाल पान में होता है। ये सभी पेड़ स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: शीशम से तख्ते और दरवाज़े, बेंत से डलिया और फर्नीचर, और खैर से कत्था बनता है।

🎯 Exam Tip: विभिन्न पेड़ों से बनने वाले उत्पादों को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें।

Step-by-Step Textbook Answers: Class 4 Environmental Studies Chapter 2 उत्तर प्रदेश प्राकृतिक बनावत व रहन सहन

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