UP Board Solutions Class 3 Hindi Chapter Hindi Vyakaran

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Step-by-Step UP Board Solutions: Class 3 Hindi हिंदी व्याकरण

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Class 3 Hindi हिंदी व्याकरण Textbook Solutions with Answers

प्रश्नः व्याकरण क्या है?
Answer: व्याकरण वह शास्त्र है जो हमें भाषा को सही और गलत तरीके से बोलना, लिखना और समझना सिखाता है। यह हमें भाषा के नियमों का ज्ञान देता है।

  • रानी स्कूल जाती है। (शुद्ध वाक्य)
  • रानी स्कूल जाता है। (अशुद्ध वाक्य)
इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि व्याकरण हमें बताता है कि कौन सा प्रयोग सही है।
In simple words: व्याकरण एक किताब की तरह है जो हमें सिखाती है कि किसी भाषा को बिल्कुल सही तरीके से कैसे इस्तेमाल करें। यह हमें भाषा के सही और गलत रूपों की पहचान कराता है।

🎯 Exam Tip: व्याकरण की परिभाषा लिखते समय यह ज़रूर बताएँ कि यह भाषा की शुद्धता और अशुद्धता का ज्ञान कराता है, और एक-दो छोटे उदाहरण भी दें।

 

प्रश्नः भाषा क्या है?
Answer: भाषा वह तरीका है जिससे हम अपने मन के भावों और विचारों को दूसरों तक पहुँचाते हैं और दूसरों के विचारों को समझते हैं। जैसे हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी, तेलुगू, मराठी, तमिल और मैथिली जैसी कई भाषाएँ हैं, जिनके माध्यम से लोग आपस में बातचीत करते हैं। हर भाषा की अपनी ध्वनियाँ और शब्द होते हैं जो संचार में मदद करते हैं।
In simple words: भाषा वह माध्यम है जिससे हम अपने मन की बात दूसरों को बताते हैं और दूसरों की बात समझते हैं। यह हमें एक-दूसरे से जुड़ने में मदद करती है।

🎯 Exam Tip: भाषा की परिभाषा में विचारों के आदान-प्रदान और विभिन्न भाषाओं के उदाहरणों को शामिल करना महत्वपूर्ण है।

 

प्रश्नः वर्ण या अक्षर किसे कहते हैं?
Answer: वर्ण या अक्षर भाषा की सबसे छोटी ध्वनि को कहते हैं, जिसके और टुकड़े नहीं किए जा सकते। यह भाषा की मूल इकाई होती है। जैसे- अ, इ, उ, ऋ, क्, च, ट्, त्, प् आदि सभी वर्ण या अक्षर हैं। जब हम 'आम' शब्द कहते हैं, तो हम 'आ' और 'म्+अ' जैसी दो ध्वनियों को एक साथ बोलते हैं, ये ध्वनियाँ ही वर्ण या अक्षर कहलाती हैं।
In simple words: वर्ण या अक्षर वह सबसे छोटी आवाज़ है जिसे हम बोलते हैं और जिसके टुकड़े नहीं कर सकते। ये भाषा के छोटे-छोटे हिस्से होते हैं।

🎯 Exam Tip: वर्ण की परिभाषा में 'सबसे छोटी ध्वनि जिसके टुकड़े न हो सकें' वाक्यांश का उपयोग करें और कुछ वर्णों के उदाहरण ज़रूर दें।

अक्षरों के भेद

 

प्रश्न: वर्ण के कितने भेद होते हैं?
Answer: वर्ण के मुख्य रूप से दो भेद होते हैं, जो भाषा की ध्वनियों को व्यवस्थित करने में सहायक होते हैं। ये भेद हैं:

  • स्वर
  • व्यंजन
स्वर और व्यंजन मिलकर ही किसी भी भाषा के शब्द और वाक्य बनाते हैं।
In simple words: वर्णों के दो प्रकार होते हैं - स्वर और व्यंजन।

🎯 Exam Tip: वर्ण के भेद बताते समय स्वर और व्यंजन दोनों का उल्लेख करना ज़रूरी है।

 

प्रश्नः स्वर किसे कहते हैं?
Answer: स्वर वे वर्ण या अक्षर होते हैं जिन्हें बोलते समय हमें किसी और वर्ण की मदद नहीं लेनी पड़ती है। इन्हें बोलते समय हवा बिना किसी रुकावट के सीधे मुँह से बाहर आती है। हिंदी भाषा में कुल ग्यारह (11) स्वर होते हैं: अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ। 'अं' और 'अः' को अयोगवाह कहा जाता है, क्योंकि वे न तो पूरी तरह स्वर होते हैं और न ही व्यंजन। स्वर के दो रूप होते हैं:

  • ह्रस्व स्वर: इन स्वरों को बोलने में बहुत कम समय लगता है। इन्हें लघु स्वर भी कहते हैं। जैसे- अ, इ, उ और ऋ।
  • दीर्घ स्वर: इन स्वरों को बोलने में ह्रस्व स्वर से ज़्यादा समय लगता है। इन्हें गुरु स्वर भी कहते हैं। जैसे- आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ और औ।

In simple words: स्वर वे अक्षर होते हैं जिन्हें बोलने के लिए किसी और अक्षर की मदद नहीं लेनी पड़ती। हिंदी में 11 स्वर होते हैं और उनके दो तरह के बोलने के समय होते हैं - कम समय वाले (ह्रस्व) और ज़्यादा समय वाले (दीर्घ)।

🎯 Exam Tip: स्वर की परिभाषा देते समय 'बिना दूसरे वर्ण की सहायता' और हिंदी के सभी 11 स्वरों के उदाहरण देना आवश्यक है। ह्रस्व और दीर्घ स्वरों का भी उल्लेख करें।

 

प्रश्नः व्यंजन किसे कहते हैं?
Answer: व्यंजन वे वर्ण या अक्षर होते हैं जिन्हें बोलते समय हमें स्वरों की मदद लेनी पड़ती है। इन्हें अकेले नहीं बोला जा सकता, बल्कि हर व्यंजन में कोई-न-कोई स्वर जुड़ा होता है। हिंदी में कुल तैंतीस (33) व्यंजन होते हैं। जैसे- क, ख, च, छ, ट, ठ, त, थ, प, फ, य, र, स, ह आदि। व्यंजन हमेशा स्वरों के साथ मिलकर ही पूर्ण ध्वनि बनाते हैं।
In simple words: व्यंजन वे अक्षर हैं जिन्हें बोलने के लिए स्वरों की आवाज़ की मदद लेनी पड़ती है। ये स्वरों के बिना पूरे नहीं होते।

🎯 Exam Tip: व्यंजन की परिभाषा में 'स्वरों की सहायता' और कुछ व्यंजन के उदाहरणों का उल्लेख करना न भूलें।

 

हिन्दी भाषा में तैंतीस (33) व्यंजन होते हैं-

  • क वर्ग – क, ख, ग, घ, ङ
  • च वर्ग – च, छ, ज, झ, ञ
  • ट वर्ग – ट, ठ, ड, ढ, ण
  • त वर्ग – त, थ, द, ध, न
  • प वर्ग – प, फ, ब, भ, म
  • अंतस्थ – य, र, ल, व
  • ऊष्म – श, ष, स, ह

संयुक्त व्यंजन: जो व्यंजन दो अलग-अलग व्यंजनों के मेल से बनते हैं, उन्हें संयुक्त व्यंजन कहते हैं। ये विशेष ध्वनियाँ बनाते हैं। जैसे-

  • क्ष = क् + ष् + अ
  • त्र = त् + र् + अ
  • ज्ञ = ज् + ञ् + अ
  • श्र= श् + र् + आ

अतिरिक्त व्यंजन: कुछ विशेष ध्वनियाँ भी होती हैं जो हिंदी में उपयोग की जाती हैं। जैसे – ड़, ढ़.

अनुस्वार (अं): इसे शिरोरेखा (अक्षर के ऊपर की रेखा) के ऊपर एक बिंदु (.) के रूप में लगाया जाता है। इसे बोलते समय हवा नाक से बाहर निकलती है, जैसे- गंगा, मंगल, कलंक आदि। अनुस्वार शब्द में ध्वनि नासिका से निकलती है।

विसर्ग (अः): यदि 'अ' स्वर के बाद दो बिंदु (:) लगे हों, तो उन्हें विसर्ग कहते हैं। इसे बोलते समय 'ह' जैसी हल्की ध्वनि निकलती है, जैसे- प्रातः, अतः, स्वतः आदि। विसर्ग का प्रयोग संस्कृत के शब्दों में अधिक होता है।

 

प्रश्नः मात्रा किसे कहते हैं?
Answer: मात्राएँ स्वरों के वे खास चिह्न होते हैं जिन्हें व्यंजनों के साथ लगाया जाता है ताकि व्यंजन की आवाज़ बदल जाए। हर स्वर का अपना एक निश्चित चिह्न होता है, जिसे मात्रा कहते हैं। लेकिन 'अ' स्वर की अपनी कोई अलग मात्रा नहीं होती है, क्योंकि यह हर व्यंजन में पहले से ही मिला होता है। जब हम कोई व्यंजन लिखते हैं, तो उसमें 'अ' की ध्वनि छिपी होती है।
In simple words: मात्राएँ स्वरों के छोटे-छोटे निशान होते हैं जिन्हें हम व्यंजनों के साथ लगाते हैं ताकि उनकी आवाज़ बदल सके। 'अ' की कोई मात्रा नहीं होती।

🎯 Exam Tip: मात्रा की परिभाषा में 'स्वरों के चिह्न' और 'व्यंजनों पर लगाए जाते हैं' शब्दों का प्रयोग करें। 'अ' की मात्रा न होने का उल्लेख भी महत्वपूर्ण है।

प्रमुख विराम चिह्न- हिन्दी में लिखते समय निम्नलिखित चिह्न प्रमुख रूपों में प्रयुक्त किए जाते हैं

  • 1. अल्पविराम (,)
  • 2. अर्धविराम (;)
  • 3. पूर्णविराम (।)
  • 4. प्रश्नवाचक चिह्न (?)
  • 5. विस्मयादिबोधक चिह्न (!)
  • 6. लाघव चिह्न (०)
  • 7. विवरण (विसर्ग) चिह्न (:)
  • 8. संयोजक चिह्न (-)
  • 9. निर्देशक चिह्न (-)
  • 10. उद्धरण या अवतरण चिह्नः (” “) (‘‘)

 

प्रश्नः शब्द किसे कहते हैं?
Answer: शब्द वर्णों या अक्षरों का एक ऐसा समूह होता है जिसका कोई पूरा और सही अर्थ निकलता हो। बिना अर्थ के वर्णों का समूह शब्द नहीं कहलाता। जैसे- 'रेखा', 'पानी', 'आगरा' आदि सभी शब्द हैं, क्योंकि इनके कुछ अर्थ हैं। लेकिन अगर हम 'कपा' कहें, तो इसका कोई अर्थ नहीं निकलता, इसलिए यह शब्द नहीं है।
In simple words: शब्द अक्षरों का वह समूह होता है जिसका कोई मतलब निकलता हो।

🎯 Exam Tip: शब्द की परिभाषा में 'वर्णों का सार्थक समूह' पर ज़ोर दें और कुछ सरल उदाहरणों के साथ समझाएँ।

शब्द के प्रकार- अर्थ के आधार पर शब्द दो प्रकार के होते हैं-

  • सार्थक शब्द: ऐसे शब्द जिनका कोई निश्चित अर्थ होता है और जिन्हें हम अपनी बातचीत में प्रयोग करते हैं, सार्थक शब्द कहलाते हैं। जैसे- राम, आम, आगरा, कमल आदि।
  • निरर्थक शब्द: ऐसे शब्द जिनका कोई अर्थ नहीं होता और जो सामान्यतः अकेले प्रयोग नहीं किए जाते, निरर्थक शब्द कहलाते हैं। जैसे- मआ, रागआ, लमक आदि। ये शब्द कभी-कभी सार्थक शब्दों के साथ बोले जाते हैं, जैसे 'पानी-वानी', जहाँ 'वानी' निरर्थक है।

 

प्रश्नः वाक्य किसे कहते हैं?
Answer: वाक्य शब्दों का एक ऐसा सार्थक समूह होता है जो किसी विचार या भाव को पूरी तरह से व्यक्त करता है। शब्दों को सही क्रम में रखने से ही एक अर्थपूर्ण वाक्य बनता है। जैसे- 'सोनम पढ़ रही है' एक पूरा वाक्य है क्योंकि यह एक क्रिया और कर्ता के साथ पूरा अर्थ व्यक्त करता है।
In simple words: वाक्य शब्दों का वह समूह है जो मिलकर कोई पूरी बात या विचार बताते हैं।

🎯 Exam Tip: वाक्य की परिभाषा में 'शब्दों का सार्थक समूह' और 'पूरी तरह से व्यक्त करना' जैसे शब्दों का उपयोग करें, साथ ही एक सरल उदाहरण भी दें।

 

प्रश्नः शब्द और वाक्य में क्या अन्तर है?
Answer: शब्द और वाक्य में मुख्य अंतर उनके निर्माण और अर्थ को लेकर होता है। शब्द वर्णों या अक्षरों के सार्थक समूह को कहते हैं, जिसका एक निश्चित अर्थ होता है, जैसे 'पानी'। वहीं, वाक्य शब्दों के सार्थक समूह को कहते हैं, जो एक पूरा विचार या भाव व्यक्त करता है। सरल शब्दों में, वर्णों से शब्द बनते हैं और शब्दों से वाक्य बनते हैं। वाक्य हमेशा पूर्ण अर्थ देते हैं, जबकि शब्द एक अर्थ का टुकड़ा होते हैं।
In simple words: शब्द अक्षरों से बनते हैं और उनका अपना अर्थ होता है। वाक्य कई शब्दों से मिलकर बनते हैं और वे एक पूरी बात बताते हैं।

🎯 Exam Tip: शब्द को वर्णों के समूह और वाक्य को शब्दों के समूह के रूप में परिभाषित करके अंतर स्पष्ट करें, दोनों के 'सार्थक' होने पर ज़ोर दें।

 

प्रश्नः व्याकरण के अनुसार शब्द के कितने भेद हैं?
Answer: व्याकरण के नियमों के अनुसार शब्दों को मुख्य रूप से दो भेदों में बाँटा गया है। यह वर्गीकरण शब्दों में होने वाले परिवर्तन के आधार पर किया जाता है:

  • विकारी शब्द
  • अविकारी शब्द
यह विभाजन हमें शब्दों के व्यवहार को समझने में मदद करता है।
In simple words: व्याकरण के हिसाब से शब्द दो तरह के होते हैं - विकारी और अविकारी।

🎯 Exam Tip: व्याकरण के अनुसार शब्दों के भेदों को बताते समय विकारी और अविकारी दोनों का उल्लेख करना ज़रूरी है।

विकारी शब्द: वे शब्द जिनमें लिंग, वचन, कारक आदि के कारण बदलाव आता है, विकारी शब्द कहलाते हैं। इन शब्दों का रूप वाक्यों में प्रयोग के अनुसार बदल जाता है। ये चार प्रकार के होते हैं:

  • संज्ञा
  • सर्वनाम
  • विशेषण
  • क्रिया

अविकारी शब्द (अव्यय): वह शब्द, जिसका रूप हमेशा एक-सा रहता है और लिंग, वचन, कारक या काल के कारण उसमें कोई बदलाव नहीं आता, उसे 'अविकारी शब्द' या 'अव्यय' कहते हैं। जैसे- इधर-उधर, नित्य, धीरे-धीरे आदि। इन शब्दों का प्रयोग किसी भी स्थिति में एक जैसा ही रहता है।

 

प्रश्नः संज्ञा किसे कहते हैं?
Answer: संज्ञा वह शब्द है जो किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव के नाम को बताता है। यह हमें किसी भी चीज़ की पहचान करने में मदद करता है। जैसे- राम (व्यक्ति), सीता (व्यक्ति), दिल्ली (स्थान), दया (भाव), सभा (समूह) और चावल (वस्तु) आदि सभी संज्ञाएँ हैं। हर नाम एक संज्ञा होता है।
In simple words: संज्ञा किसी भी इंसान, चीज़, जगह या भावना के नाम को कहते हैं।

🎯 Exam Tip: संज्ञा की परिभाषा में 'किसी वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव के नाम' को शामिल करना और विभिन्न प्रकार के उदाहरण देना आवश्यक है।

संज्ञा के पाँच भेद होते हैं

  • 1. व्यक्तिवाचक संज्ञा: जिस शब्द से किसी एक खास व्यक्ति, वस्तु या स्थान का पता चले, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे- भारत (देश), यमुना (नदी), अंकित (व्यक्ति), लखनऊ (शहर) आदि।
  • 2. जातिवाचक संज्ञा: जिस शब्द से किसी एक जाति या प्रकार की सभी वस्तुओं, व्यक्तियों या स्थानों का पता चले, उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे- मनुष्य (पूरी मानव जाति), घर (सभी घर), शहर (सभी शहर), पशु (सभी पशु), पक्षी (सभी पक्षी) आदि।
  • 3. समूहवाचक संज्ञा: वह शब्द जिससे व्यक्तियों, प्राणियों या वस्तुओं के समूह या झुंड का पता चले, उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे- सभा (लोगों का समूह), कक्षा (विद्यार्थियों का समूह), झुंड (जानवरों का समूह), दल (लोगों का दल), गुच्छा (फूलों या चाबियों का गुच्छा) आदि।
  • 4. द्रव्यवाचक संज्ञा: वह शब्द जिससे मापे या तौले जाने वाले पदार्थों का ज्ञान हो, उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे- चावल, आटा, चीनी, दाल, दूध, कपड़ा, नमक, तेल आदि।
  • 5. भाववाचक संज्ञा: जो शब्द किसी के गुण, दोष, दशा या भाव को प्रकट करें, उन्हें भाववाचक संज्ञा कहते हैं। इन्हें छुआ नहीं जा सकता, केवल महसूस किया जा सकता है। जैसे- अच्छाई, बुराई, भलाई, सुन्दरता आदि।

 

प्रश्नः सर्वनाम किसे कहते हैं?
Answer: सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो संज्ञा के स्थान पर उपयोग किए जाते हैं, ताकि बार-बार एक ही संज्ञा का प्रयोग न करना पड़े। ये भाषा को सरल और सुंदर बनाते हैं। जैसे- मैं, हम, तुम, वह, वे आदि। उदाहरण के लिए, 'राहुल अमेरिका में रहता है। वह वहाँ इंजीनियर है।' इस वाक्य में 'राहुल' (संज्ञा) के स्थान पर 'वह' (सर्वनाम) शब्द का प्रयोग हुआ है। अन्य सर्वनामों में तू, आप, कोई, कौन, कुछ, जो, सो आदि शामिल हैं।
In simple words: सर्वनाम वे शब्द हैं जो नाम (संज्ञा) की जगह इस्तेमाल होते हैं, जैसे 'वह', 'तुम' या 'मैं'।

🎯 Exam Tip: सर्वनाम की परिभाषा में 'संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले' शब्दों पर ज़ोर दें और उदाहरण के साथ स्पष्ट करें कि यह कैसे काम करता है।

 

प्रश्नः विशेषण किसे कहते हैं?
Answer: विशेषण वे शब्द होते हैं जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, यानी उनके गुण, दोष, संख्या या मात्रा के बारे में जानकारी देते हैं। विशेषण हमें बताते हैं कि कोई चीज़ कैसी है। जैसे- 'सफेद' (रंग), 'काला' (रंग), 'सुन्दर' (गुण), 'मोटा' (आकार) आदि। ये शब्द वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम के बारे में अतिरिक्त जानकारी जोड़ते हैं।
In simple words: विशेषण वे शब्द हैं जो किसी नाम या सर्वनाम की खासियत बताते हैं, जैसे 'सुन्दर' या 'काला'।

🎯 Exam Tip: विशेषण की परिभाषा में 'संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता' बताने वाले शब्दों का उल्लेख करें और कुछ उदाहरण भी दें।

लिंग

 

प्रश्नः लिंग किसे कहते हैं? इसके भेद बताओ ।
Answer: लिंग संज्ञा के उस रूप को कहते हैं जिससे हमें यह पता चलता है कि वह कोई स्त्री जाति का है या पुरुष जाति का है। हिंदी में लिंग के दो भेद होते हैं:
(1) पुल्लिंग: जिस शब्द से पुरुष जाति का बोध हो, उसे पुल्लिंग कहते हैं; जैसे- राम, घोड़ा, लोटा आदि। यह नर वर्ग के शब्दों को दर्शाता है।
(2) स्त्रीलिंग: जिस शब्द से स्त्री जाति का बोध हो, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं; जैसे- सीता, घोड़ी, लुटिया, रोटी आदि। यह मादा वर्ग के शब्दों को दर्शाता है।
In simple words: लिंग हमें बताता है कि कोई नाम (संज्ञा) स्त्री है या पुरुष। इसके दो प्रकार होते हैं - पुल्लिंग और स्त्रीलिंग।

🎯 Exam Tip: लिंग की परिभाषा में स्त्री या पुरुष जाति के बोध का उल्लेख करें और दोनों भेदों (पुल्लिंग, स्त्रीलिंग) को उदाहरणों के साथ स्पष्ट करें।

कुछ अन्य उदाहरण-

पुल्लिगस्त्रीलिंगपुल्लिगस्त्रीलिंग
बेटाबेटीपुत्रपुत्री
घोड़ाघोड़ीपितामाता
चाचाचाचीदेवदेवी
दादादादीबकराबकरी
लड़कालड़कीशेरशेरनी
राजारानीसाँपसाँपिन
लोटालुटियाऊँटऊँटनी

वचन

 

प्रश्न: वचन किसे कहते हैं? इसके भेद बताओ।
Answer: वचन शब्द के उस रूप को कहते हैं जिससे हमें यह पता चलता है कि वह वस्तु एक है या एक से ज़्यादा है। यह हमें संज्ञा और सर्वनाम की संख्या के बारे में बताता है। वचन के दो भेद होते हैं:
(1) एकवचन: जिस शब्द से किसी एक वस्तु या प्राणी का बोध होता है, उसे एकवचन कहते हैं। जैसे- राम, लड़का, पेंसिल, पुस्तक आदि।
(2) बहुवचन: जिस शब्द से एक से ज़्यादा वस्तुओं या प्राणियों का बोध होता है, उसे बहुवचन कहते हैं। जैसे- लड़के, पेंसिलें, पुस्तकें, लड़कियाँ आदि। वचन बदलने से वाक्य का अर्थ स्पष्ट होता है।
In simple words: वचन हमें बताता है कि कोई चीज़ एक है या एक से ज़्यादा। इसके दो प्रकार होते हैं - एकवचन (एक चीज़) और बहुवचन (बहुत सी चीज़ें)।

🎯 Exam Tip: वचन की परिभाषा में संख्या (एक या अनेक) का बोध होने पर ज़ोर दें और दोनों भेदों (एकवचन, बहुवचन) को उदाहरणों के साथ समझाएँ।

वचन के दो भेद होते हैं-

एकवचनबहुवचनएकवचनबहुवचन
लड़कालड़केसभासभाएँ
बेटाबेटेबाधाबाधाएँ
स्त्रीस्त्रियाँघटनाघटनाएँ
मातामाताएँमहिलामहिलाएँ
ऋतुऋतुएँचिड़ियाचिड़ियाँ

विलोम शब्द (विपरीतार्थक शब्द)

विलोम शब्द (विपरीतार्थक शब्द): वे शब्द जो एक-दूसरे का बिलकुल उल्टा अर्थ बताते हैं, वे विलोम शब्द या विपरीतार्थी शब्द कहलाते हैं। ये शब्द किसी चीज़ के विपरीत स्थिति या गुण को दर्शाते हैं। जैसे- 'बड़ा' का विलोम 'छोटा', 'आगे' का 'पीछे' आदि। इनका उपयोग भाषा को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाने के लिए किया जाता है।

शब्दविलोम शब्दशब्दविलोम शब्द
अंधकारप्रकाशकोमलकठोर
अच्छाबुरारातदिन
आदरअनादरमूकवाचाल
आकाशपातालसुबहशाम
आवश्यकअनावश्यकस्वर्गनरक

तत्सम तथा तद्भव शब्द

तत्सम शब्द: वे शब्द जो संस्कृत भाषा से बिना किसी बदलाव के हिंदी में जैसे के तैसे आए हैं, उन्हें 'तत्सम शब्द' कहते हैं। ये शब्द अपने मूल रूप में ही हिंदी में प्रयोग होते हैं। तद्भव शब्द: वे शब्द जो संस्कृत से आए तो हैं, लेकिन समय के साथ उनके रूप में कुछ बदलाव आ गया है, उन्हें 'तद्भव शब्द' कहते हैं। ये संस्कृत शब्दों के थोड़े बदले हुए रूप होते हैं।

तत्समतद्भवतत्समतद्भव
निद्रानींदकोकिलकोयल
स्वर्णसोनाकृषककिसान
अश्रुआँसूपत्रपत्ता
अग्निआगदुग्धदूध
रात्रिरातदधिदही

पर्यायवाची शब्द

  • 1. आकाश = गगन, नभ, अम्बर, शून्य, व्योम
  • 2. कमल = पंकज, नीरज, अरविन्द, सरोज, जलज
  • 3. चन्द्रमा = शशि, राकेश, इन्द्र, सुधाकर
  • 4. राजा = नरेश, नृप, भूप, महीप, नरेन्द्र
  • 5. सूर्य = भास्कर, रवि, भानु, दिनकर, सूरज
  • 6. पर्वत = गिरि, शैल, भूधर, पहाड़

मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग

  • दंग रह जाना = चकित रह जाना – राम अपना परीक्षा-परिणाम देखकर दंग रह गया।
  • हाथ-पाँव मारना = प्रयास करना – रमेश ने बहुत हाथ-पाँव मारे; किन्तु वह नदी में डूब ही गया।
  • आँखें फेरना = साथ न देना – मुसीबत के समय मित्र भी आँखें फेर लेते हैं।
  • आँखें दिखाना = डराना – तुम मुझे आँखें मत दिखाओ, अपना काम करो।

अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

  • जो सदा सत्य बोले – सत्यवादी
  • जो सबका कहना माने – आज्ञाकारी
  • जो सबको प्यारा लगे – सर्वप्रिय
  • प्रतिदिन होने वाला – दैनिक
  • प्रतिमाह होने वाला – मासिक
  • वर्ष में एक बार होने वाला – वार्षिक
  • अपनी हत्या अपने आप करना – आत्महत्या
  • परमात्मा को मानने वाला – आस्तिक
  • परमात्मा को न मानने वाला – नास्तिक

Step-by-Step Textbook Answers: Class 3 Hindi हिंदी व्याकरण

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