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Detailed Chapter 11 एकाकी और संयुक्त परिवार के संबंधों की मानसिकता UP Board Solutions for Class 12 Home Science
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Class 12 Home Science Chapter 11 एकाकी और संयुक्त परिवार के संबंधों की मानसिकता UP Board Solutions PDF
बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)
Question 1. परिवार का लक्षण है (2018)
(a) सदस्यों का एक सम्बन्ध से जुड़े होना
(b) सदस्यों का एक ही गाँव का होना
(c) सदस्यों को आपस में मित्र होना
(d) None of the options
Answer: (a) सदस्यों का एक सम्बन्ध से जुड़े होना
In simple words: A family is defined by the mutual relationships and emotional bonds that connect all its members together.
🎯 Exam Tip: Always remember that mutual relationships and emotional bonds are the core characteristics of a family, distinguishing it from other social groups.
Question 2. एकाकी परिवार में पाई जाती है (2013)
(a) दो पीढ़ियों
(b) three पीढ़ियों
(c) तीन से अधिक पीढ़ियाँ
(d) None of the options
Answer: (a) दो पीढ़ियों
In simple words: A nuclear family consists of only parents and their children, which makes up exactly two generations living together.
🎯 Exam Tip: Be sure to memorize the generation structure: nuclear families have two generations, while joint families have three or more generations.
Question 3. एकल (एकाकी) परिवार में (2008, 11, 17)
(a) केवल एक मत होता है।
(b) पति-पत्नी के रिश्तेदार भी होते हैं।
(c) केवल पति-पत्नी होते हैं।
(d) पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे होते हैं।
Answer: (d) पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे होते हैं।
In simple words: A nuclear family consists only of married parents and their unmarried children living together under one roof.
🎯 Exam Tip: Remember that a nuclear family (एकल परिवार) only includes parents and their unmarried children, not extended relatives.
Question 4. संयुक्त परिवार में
(a) यह एक व्यक्ति होता है।
(b) पति-पत्नी और उनके बच्चे होते हैं।
(c) कई पीढ़ियों के लोग एक साथ रहते हैं
(d) All of the options
Answer: (c) कई पीढ़ियों के लोग एक साथ रहते हैं
In simple words: A joint family is a large family where grandparents, parents, uncle-aunts, and cousins all live together in the same house.
🎯 Exam Tip: The key feature of a joint family (संयुक्त परिवार) is the co-residence of multiple generations sharing a common kitchen.
Question 5. “संयुक्त परिवार की भावना बड़ी मज़बूत है।” यह कथन है (2010)
(a) टी. बी. बॉटमोर
(b) के. एस. कपाड़िया
(c) डॉ. आई. पी. देसाई
(d) श्यामाचरण दुबे
Answer: (c) डॉ. आई. पी. देसाई
In simple words: Dr. I.P. Desai highlighted that the emotional bond and feeling of togetherness in a joint family is very strong.
🎯 Exam Tip: Memorize the definitions and statements of key sociologists like Dr. I.P. Desai, as they are frequently asked in exams.
Question 6. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता संयुक्त परिवार की नहीं है? (2010)
(a) सामान्य निवास तथा सामान्य रसोईघर
(b) व्यक्तिगत स्वतन्त्रता अथवा आत्मनिर्भरता के प्रोत्साहन के लिए अवसर है।
(c) परिवार के सभी सदस्यों का एक ही व्यवसाय होता है।
(d) पारस्परिक अधिकार और कर्तव्य
Answer: (b) व्यक्तिगत स्वतन्त्रता अथवा आत्मनिर्भरता के प्रोत्साहन के लिए अवसर है।
In simple words: In a joint family, decisions are made together, so there is less individual freedom compared to a nuclear family.
🎯 Exam Tip: Read the question carefully to see if it asks for a feature that is 'NOT' (नहीं) present in a joint family.
Question 7. पारिवारिक संरचना में होने वाले परिवर्तन हैं। (2018)
(a) संयुक्त परिवार का विघटन
(b) परिवार का आकार छोटा होना
(c) परिवार के पारस्परिक कार्यों में कमी
(d) All of the options
Answer: (d) All of the options
In simple words: Modern times have changed families by breaking down joint families, making family sizes smaller, and reducing traditional family duties.
🎯 Exam Tip: When all options represent valid changes in family structure over time, 'All of the options' is the correct choice.
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)
Question 1. एकाकी परिवार का क्या आशय है? (2007, 17)
Answer: पति-पत्नी तथा उनके अविवाहित बच्चों के योग से बनने वाले परिवार को एकाकी परिवार कहते हैं। लोवी के अनुसार, “एकाकी परिवार में प्रत्येक पति-पत्नी और अपरिपक्व आयु के बच्चे समुदाय के शेष लोगों से अलग एक इकाई का निर्माण करते हैं।” यह आधुनिक समाज की एक मुख्य विशेषता है।
In simple words: A nuclear family consists of only parents and their unmarried children living together as a single unit, separate from other relatives.
🎯 Exam Tip: Always include the definition by sociologist Lovie to secure full marks in this definition-based question.
Question 2. एकाकी परिवार की दो विशेषताएँ लिखिए। (2015)
Answer: एकाकी परिवार की दो विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. परिवार का छोटा आकार
2. निजी सम्पत्ति की अवधारणा। ये विशेषताएँ व्यक्ति को अधिक स्वतंत्र बनाती हैं।
In simple words: The two main features of a nuclear family are its small size and the focus on personal property ownership.
🎯 Exam Tip: Write the points clearly in a numbered list format as requested in the question to make it easy for the examiner to grade.
Question 3. एकाकी परिवार के पाँच दोष लिखिए (2014) अथवा धनी एकाकी परिवार से होने वाली दो हानियाँ लिखिए (2016)।
Answer: एकाकी परिवार की हानि एवं दोष निम्नलिखित हैं:
• कार्यक्षमता में कमी
• नन्हें शिशुओं की समस्या
• बच्चों में अनुशासनहीनता का विकास
• नौकरों पर निर्भरता का बढ़ना
• स्वयं की भावना का विकास। ये दोष पारिवारिक सामंजस्य को प्रभावित कर सकते हैं।
In simple words: Nuclear families face issues like lack of support for raising babies, children becoming undisciplined, and an increase in selfishness.
🎯 Exam Tip: Mentioning at least four to five distinct points ensures you get full marks for a long-answer question on disadvantages.
Question 4. संयुक्त परिवार प्रणाली से क्या अभिप्राय है? (2017) अथवा संयुक्त परिवार से क्या आशय है? (2006)
Answer: संयुक्त परिवार प्रणाली से तात्पर्य, एक ऐसी पारिवारिक व्यवस्था से है, जिसमें निकट के रिश्तेदारों को शामिल किया जाता है (दादा-दादी, चाचा-चाची इत्यादि) तथा जिसमें सम्पत्ति, वास, अधिकारों एवं कर्तव्यों का सम्मिलित रूप से समावेश होता है। यह भारतीय समाज की पारंपरिक पहचान है।
In simple words: A joint family is a large family system where close relatives like grandparents, uncles, and aunts live together, sharing property, home, and duties.
🎯 Exam Tip: Highlight key terms like "collective property" (सम्पत्ति) and "common residence" (वास) to make your definition precise.
Question 5. संयुक्त परिवार की चार प्रमुख विशेषताओं को बताइए। (2008)
Answer: संयुक्त परिवार की प्रमुख चार विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
• परिवार का बड़ा आकार
• सामान्य नियम
• सम्मिलित सम्पत्ति में आय
• कर्ता का सर्वोच्च स्थान। ये विशेषताएँ परिवार में एकता और अनुशासन बनाए रखती हैं।
In simple words: The main features of a joint family are its large size, common rules, shared income/property, and the supreme authority of the head of the family.
🎯 Exam Tip: Clearly list all four features as bullet points to make your answer structured and easy to read.
Question 6. संयुक्त परिवार के क्या लाभ है? (2004, 14)
Answer: संयुक्त परिवार में सभी सदस्यों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होती है। इसके अतिरिक्त अनेक प्रकार की सुविधाएं और सहयोग प्राप्त होता है जिससे जीवन सरल बनता है।
In simple words: A joint family provides social and financial security to all its members, along with mutual support in daily life.
🎯 Exam Tip: Focus on the dual benefits of "social security" and "economic security" as these are the core advantages of a joint family.
Question 7. संयुक्त परिवार में स्त्रियों की स्थिति का उल्लेख कीजिए। (2009)
Answer: संयुक्त परिवार में स्त्रियों की दशा बहुत दयनीय होती है। इस व्यवस्था में स्त्रियों को अपने व्यक्तित्व के विकास का कोई अवसर नहीं मिलता तथा उनके जीवन का प्रमुख लक्ष्य सन्तानोत्पत्ति एवं पूरे दिन रसोई में व्यतीत करना हो जाता है। इसमें स्त्रियों को अपनी इच्छाओं का दमन करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त, उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में भी बहुत कम भागीदारी मिलती है। इस प्रकार इस व्यवस्था में उनका जीवन लगभग नीरस हो जाता है।
In simple words: In a joint family, women often face a difficult life with limited personal freedom. Their daily routine is mostly restricted to household chores and raising children, leaving little room for their own dreams and personal growth.
🎯 Exam Tip: Mention the key challenges faced by women in joint families, such as lack of personal growth and suppression of desires, to score full marks.
Question 8. संयुक्त परिवार में वृद्धजनों (दादा-दादी) के मनोवैज्ञानिक सम्बन्धों पर टिप्पणी कीजिए।
Answer: संयुक्त परिवार में वृद्ध जन अपनी उपयोगिता को सुनिश्चित करते हुए अपनी सत्ता को सुरक्षित रखना चाहते हैं। दूसरी ओर ये परिवार के अन्य सदस्यों से स्नेह एवं सम्मान प्राप्ति की आकांक्षा भी रखते हैं। परिवार के छोटे बच्चे दादा-दादी के संरक्षण में समाजीकरण की प्रक्रिया से गुजरते हैं यद्यपि दादा-दादी का अधिक लाड-प्यार उनके विकास को प्रभावित भी करता है। यह पारस्परिक संबंध परिवार में सांस्कृतिक मूल्यों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित करने में मदद करता है।
In simple words: Elderly members in a joint family seek respect and authority while sharing deep affection with younger members. Grandparents play a vital role in teaching values to children, though excessive pampering can sometimes affect their growth.
🎯 Exam Tip: Highlight both aspects of the relationship—the elders' desire for respect and authority, and their role in the socialization of grandchildren.
Question 9. संयुक्त परिवार में प्राचीन एवं नवीन मूल्यों में संघर्ष की संभावना विद्यमान रहती है, स्पष्ट कीजिए।
Answer: संयुक्त परिवार में सामान्यतः तीन अथवा तीन से अधिक पीढ़ियों के सदस्य एकसाथ वास करते हैं। ऐसी स्थिति में पीढ़ी-अन्तराल के कारण प्राचीन एवं नवीन मूल्यों में संघर्ष विकसित होना स्वाभाविक परिणाम है। आवश्यक है कि पुरानी एवं नवीन दोनों पीढ़ी के सदस्य परस्पर बातचीत करें एवं आपस के पीढ़ी अंतराल को समझने की कोशिश करें। खुले संवाद और आपसी आदर से इस वैचारिक मतभेद को आसानी से सुलझाया जा सकता है।
In simple words: Since multiple generations live together in a joint family, differences in old and new thoughts are natural. To avoid conflicts, both young and old members need to talk openly and respect each other's viewpoints.
🎯 Exam Tip: Clearly explain how the generation gap leads to conflict and suggest open communication as the key solution.
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
Question 1. परिवार की चार विशेषताएँ लिखिए (2018)
Answer: मैकाइवर एवं पेज ने परिवार की निम्नलिखित विशेषताओं का उल्लेख किया है:
1. सार्वभौमिकता - परिवार की उपस्थिति सार्वभौमिक होती है, चाहे शहर हों या गाँव; यह सभी जगह उपस्थित होता है और प्रत्येक व्यक्ति किसी-न-किसी परिवार का सदस्य होता है।
2. सीमित और बड़ा आकार - परिवार सीमित आकार या बड़े आकार का भी हो सकता है अर्थात् परिवार में दो पीढ़ियों के सदस्य भी हो सकते हैं और तीन या तीन से अधिक पीढ़ियों के सदस्य भी हो सकते हैं।
3. भावात्मक आधार - परिवार के सदस्य परस्पर भावात्मक बन्धनों से बँधे होते हैं। परिवार में प्रेम, त्याग, सहयोग, दया तथा बलिदान आदि की भावनाएँ विद्यमान रहती हैं।
4. सदस्यों का उत्तरदायित्व - प्रत्येक परिवार अपने-अपने सदस्यों से कुछ उत्तरदायित्व निभाने की अपेक्षा रखता है। संकट के समय प्रत्येक सदस्य परिवार के लिए बड़े से बड़ा त्याग करने को तत्पर रहता है। ये विशेषताएँ परिवार को समाज की सबसे महत्वपूर्ण और प्राथमिक इकाई बनाती हैं।
In simple words: A family is found everywhere in the world and can be small or large. Its members are bound by love and emotions, and everyone shares responsibilities to support each other during tough times.
🎯 Exam Tip: List all four characteristics clearly with headings like Universality, Emotional Basis, etc., to secure full marks.
Question 2. एकाकी परिवार के क्या लाभ हैं? (2005, 06, 13, 13, 18)
Answer: एकाकी परिवार के निम्नलिखित लाभ हैं:
1. व्यक्तित्व का स्वतंत्र विकास: एकाकी परिवार में बच्चों और सदस्यों को अपने व्यक्तित्व के विकास के स्वतंत्र अवसर मिलते हैं।
2. कम कलह और शांति: कम सदस्य होने के कारण पारिवारिक कलह की संभावना कम होती है और शांति बनी रहती है।
3. आर्थिक स्वतंत्रता: इस व्यवस्था में कमाने वाले सदस्य को अपने धन का उपयोग अपनी इच्छानुसार करने की स्वतंत्रता होती है।
4. आत्मनिर्भरता: एकाकी परिवार के सदस्य अधिक आत्मनिर्भर और जिम्मेदार बनते हैं। यह आधुनिक जीवनशैली के अनुकूल होता है और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बढ़ावा देता है।
In simple words: A nuclear family offers more freedom for personal growth and has fewer conflicts due to fewer members. It also helps individuals become more independent and financially self-reliant.
🎯 Exam Tip: List at least three to four distinct benefits of a nuclear family, such as personal freedom and financial independence, to get full marks.
सामान्य रूप से एकाकी परिवार में केवल दो पीढ़ियों के सदस्य पाए जाते हैं अर्थात् पति-पत्नी एवं उनके अविवाहित बच्चे ही एकाकी परिवार का निर्माण करते हैं। एकाकी परिवार के लाभ या विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- 1. पति-पत्नी संयुक्त रूप से परिवार का संचालन करते हैं। इसमें पति-पत्नी को अपनी गृहस्थी को संचालित करने की पूर्ण स्वतन्त्रता रहती है।
- 2. सभी प्रकार के रिश्तेदारों व सम्बन्धियों में एकाकी परिवार के प्रति सहानुभूति का व्यवहार रहता है। सम्बन्धियों के साथ प्रेमपूर्ण सम्बन्ध होता है।
- 3. एकाकी परिवार में पति-पत्नी अपनी सन्तान को समुचित शिक्षा का प्रबन्ध करते हैं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु सदैव प्रयासरत रहते हैं। अतः बच्चों के व्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास होता है।
- 4. एकाकी परिवार में स्त्रियों की स्थिति मजबूत होती है। एक ही स्त्री होने के कारण कोई भी एकाकी परिवार में इसकी अवहेलना नहीं कर सकता। पत्नी द्वारा आर्थिक सहायता करना भी सम्भव होता है।
- 5. एकाकी परिवार में पारिवारिक गोपनीयता बनी रहती है।
- 6. एकाकी परिवार में प्रत्येक व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास सही प्रकार से होता है। परिवार का आकार छोटा होने के कारण शोषण व कलह का पूर्णतः अभाव होता है।
- 7. एकाकी परिवार का प्रत्येक सदस्य अपने-अपने कार्य को पूर्ण उत्तरदायित्व के अनुसार करता है, जिससे आलस्य और कामचोरी की भावना विकसित नहीं हो पाती।
Question 3. एकाकी परिवार में कौन-कौन सी व्यावहारिक कठिनाइयाँ उपस्थित होती हैं? (2006, 17)
Answer: एकाकी परिवार की कुछ व्यावहारिक कठिनाइयाँ निम्नलिखित हैं:
1. नन्हें शिशुओं की समस्या: ज्यादातर एकाकी परिवार में पति-पत्नी दोनों नौकरी करते हैं, ऐसे में नन्हें शिशुओं को कहाँ छोड़ा जाए, यह एक बहुत बड़ी समस्या होती है।
2. कार्यक्षमता में कमी: एकाकी परिवार में सदस्यों की संख्या कम होती है। यदि पत्नी नौकरी करती है, तो घर का सारा कार्य भी स्वयं करना पड़ता है। अतः उसकी कार्यक्षमता में कमी आ जाती है।
3. नौकरों पर निर्भरता: पति-पत्नी दोनों को नौकरी करने के कारण प्रायः उन्हें नौकरों पर निर्भर रहना पड़ता है। नौकर पर विश्वास करना कभी-कभी घातक भी हो जाता है। अतः पति-पत्नी दोनों मानसिक परेशानी में रहते हैं।
4. बच्चों में अनुशासनहीनता: पति-पत्नी दोनों के नौकरी पर चले जाने के कारण बच्चों के क्रियाकलापों की देखभाल करने के लिए घर पर कोई नहीं होता, इसलिए कभी-कभी उनमें बुरी आदतें भी जन्म ले लेती हैं। अतः बच्चे अनुशासनहीन हो जाते हैं और एकाकीपन की भावना से ग्रसित हो जाते हैं।
5. स्वार्थ की भावना का विकास: एकाकी परिवार में पति-पत्नी केवल अपने बारे में सोचते हैं। अतः उनमें स्वार्थ की भावना बढ़ती जाती है। वृद्ध माता-पिता तथा भाई-बहन के लिए कार्य करने का उन्हें अक्सर अवसर ही नहीं मिल पाता। अतः ये स्वार्थी व निष्ठुर हो जाते हैं।
6. उचित निर्देशन एवं परामर्श का अभाव: एकाकी परिवार के सदस्यों को दादा-दादी एवं अन्य बुजुर्ग सदस्यों का उचित निर्देशन एवं परामर्श उपलब्ध नहीं हो पाता है। इस प्रकार वे बुजुर्ग सदस्यों के जीवन के अनुभवों का लाभ नहीं उठा पाते हैं।
7. व्यय साध्य: एकाकी परिवार के आय के स्रोत सीमित होते हैं, जबकि उन्हें समस्त संसाधनों का व्यय प्रबन्धन बिना किसी सहायता के स्वयं करना पड़ता है।
In simple words: In a nuclear family, since only parents and children live together, they face challenges like managing childcare when both parents work, lack of guidance from grandparents, and feeling lonely or selfish.
🎯 Exam Tip: Mention at least 4-5 key difficulties like childcare issues, lack of elder guidance, and financial management to score full marks.
Question 4. संयुक्त परिवार के विघटन के दो मुख्य कार्य लिखिए। (2018)
Answer: संयुक्त परिवार के विघटन के दो मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. औद्योगीकरण और नगरीकरण: नए उद्योगों और शहरों के विकास के कारण लोग काम की तलाश में शहरों की ओर पलायन करते हैं, जिससे संयुक्त परिवार टूट जाते हैं।
2. व्यक्तिगत स्वतंत्रता की इच्छा: आधुनिक पीढ़ी में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपने तरीके से जीने की इच्छा बढ़ रही है, जिससे वे अलग रहना पसंद करते हैं।
In simple words: Joint families break down mainly because people move to cities for jobs and prefer to live independently with more personal freedom.
🎯 Exam Tip: Clearly state 'Industrialization' and 'Desire for Independence' as the two primary reasons for the breakdown of joint families.
1. स्त्रियों में आन्तरिक कलह: संयुक्त परिवार की स्त्रियों में आपस में कलह परिवार के लिए हानिकारक होता है। संयुक्त परिवार में झगड़े तथा मानसिक तनाव एवं संघर्ष छोटी-छोटी बातों पर चलते रहते हैं, जो आगे चलकर एक समस्या का रूप धारण कर लेते हैं। जिससे पूरे परिवार तथा बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ता है, इससे बचने के लिए अनेक दम्पति अपना एक अलग एकाकी परिवार बसा लेते हैं।
2. व्यावसायिक विजातीयता: 20वीं शताब्दी में भारतीय समाज को परिवर्तित करने वाले अनेक सामाजिक आर्थिक क्रियाओं के फलस्वरूप नए-नए व्यवसाय व रोजगारों के अवसर आने से लोग इन नए अवसरों की ओर आकर्षित हुए हैं। संयुक्त परिवार के सदस्य भी परम्परागत व्यवसाय को छोड़कर नए व्यवसाय अपनाने लगे हैं। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त परिवारों के विघटन की प्रक्रिया तेज हुई है।
Question 5. “आधुनिक युग में संयुक्त परिवार लुप्त होता जा रहा है।” इस कथन की पुष्टि कीजिए। (2016)
Answer: औद्योगिकीकरण के इस युग में संयुक्त परिवार व्यक्ति या समाज की माँगों को पूर्ण रूप से पूरा नहीं कर पा रहा है, इसलिए क्रमशः संयुक्त परिवार का या तो विघटन ही होता जा रहा है या फिर इसके स्वरूप में अत्यधिक परिवर्तन स्वीकार किए जा रहे हैं। संयुक्त परिवार के लुप्त होते जाने की पुष्टि के समर्थन में निम्नलिखित कारणों को प्रस्तुत किया जा सकता है:
प्रथमतः, औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण की प्रक्रियाओं के कारण रोजगार की तलाश में गाँवों के लोगों में नगरों की ओर प्रवसन करने की प्रवृत्ति में वृद्धि हुई है। अतः क्षेत्रीय गतिशीलता में वृद्धि के परिणामस्वरूप संयुक्त परिवार का विघटन स्वाभाविक हो जाता है। यह प्रवास अक्सर बेहतर जीवन स्तर की खोज में होता है।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त परिवार समष्टिवादिता की धारणा पर आधारित होते हैं, परन्तु आधुनिक भौतिकवादी युग में सामूहिकता के स्थान पर व्यक्तिवादिता का अधिक बोलबाला हो गया है। इसके अतिरिक्त पाश्चात्य सभ्यता एवं संस्कृति के प्रभाव से लोगों का झुकाव कर्तव्यों की ओर न होकर अधिकारों की ओर अधिक हो गया है। इन नवीन मूल्यों के प्रभाव से संयुक्त परिवार का महत्त्व कम हो रहा है।
इसके अतिरिक्त वर्तमान आधुनिक तकनीकी युग में नए-नए व्यवसायों व रोजगारों के अवसरों का विस्तार भी हुआ है। संयुक्त परिवार के सदस्य भी परम्परागत व्यवसाय को छोड़कर नए व्यवसाय अपनाने लगे हैं। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त परिवारों में विघटन की प्रक्रिया तेज हुई है। संयुक्त परिवार में अधिक सदस्यों के निर्वहन का बोझ भी छोटे या बड़े सदस्यों को जीविकोपार्जन के लिए नए व्यवसाय खोजने हेतु प्रेरित करता है। फलतः परम्परागत व्यवसाय की भिन्नता बाधित होती है।
इसके अतिरिक्त वर्तमान आधुनिक युग में नए कानूनों; जैसे हिन्दू स्त्रियों का सम्पत्ति अधिकार अधिनियम आदि के प्रभाव के कारण भी संयुक्त परिवार के विघटन की प्रक्रिया तेज हुई है। दूसरी ओर वर्तमान आधुनिक समाज में उद्भूत नवीन सामाजिक संस्थाओं ने संयुक्त परिवार द्वारा सम्पादित कार्यों के लिए नए विकल्प प्रस्तुत किए हैं। अतः संयुक्त परिवार का महत्त्व एवं आवश्यकता दिन-प्रतिदिन घटती जा रही है।
In simple words: Modern changes like moving to cities for jobs, focusing more on individual freedom than family duties, and new laws have led to the decline of joint families. People now prefer living in smaller, nuclear families to suit their modern lifestyles.
🎯 Exam Tip: To score full marks, clearly list key factors like industrialization, individualism, and legal changes as separate points, and use sociological terms like 'individualism' and 'urbanization'.
Question 6. संयुक्त परिवार के अस्तित्व को बचाने के लिए सुझाव दीजिए। (2013)
Answer: वर्तमान परिस्थितियों में संयुक्त परिवार के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए व्यावहारिक सुझाव निम्नलिखित हैं:
1. संयुक्त परिवार में सभी स्त्रियों को विशेष रूप से पुत्र-वधुओं को समुचित सम्मान प्रदान किया जाना चाहिए। आपसी आदर और प्रेम से ही परिवार एकजुट रह सकता है।
2. परिवार के मुखिया को अधिक उदार तथा न्यायप्रिय होना चाहिए।
3. संयुक्त परिवार में कमाने वाले एवं योग्य व्यक्तियों को अधिक सम्मान एवं सुविधा प्रदान की जानी चाहिए।
In simple words: To keep joint families together, we should respect all members (especially daughters-in-law), the family head should be fair and kind, and those who earn should get proper appreciation.
🎯 Exam Tip: Present the suggestions in a clear, numbered list format and highlight the role of mutual respect and the head of the family's behavior.
Question 7. एकाकी परिवार के सम्बन्धों के मनोविज्ञान पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।
Answer: एकाकी परिवार में सदस्यों के मनोवैज्ञानिक सम्बन्धों की दृष्टि से निम्नलिखित तथ्य महत्त्वपूर्ण हैं:
1. बच्चों का मनोवैज्ञानिक सम्बन्ध: एकाकी परिवार में बच्चे अपनी मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं, जैसे—स्नेह, ममता, सुरक्षा आदि की पूर्ति हेतु पूर्णतः माता-पिता पर निर्भर रहते हैं। माता-पिता की व्यस्तता अथवा अन्य किसी कारण इन आवश्यकताओं की पूर्ति न होने पर बच्चों के व्यक्तित्व का उचित विकास नहीं हो पाता है।
2. पति-पत्नी का मनोवैज्ञानिक सम्बन्ध: एकाकी परिवार में पति-पत्नी की भूमिका गाड़ी के दो पहियों के समान होती है। अतः जीवन के सुचारु संचालन के लिए इनमें परस्पर सामंजस्य एवं समन्वय स्थापित होना अति आवश्यक है। किसी एक में भी सर्वोच्चता का भाव, परिवार को विघटित करने की क्षमता रखता है। आवश्यक है कि पति-पत्नी में परस्पर विश्वास हो, दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा एवं प्रतिष्ठा के प्रति संवेदनशील हों और दोनों एक-दूसरे की भूमिका के महत्त्व को समझें।
3. माता-पिता एवं पुत्र/पुत्री का मनोवैज्ञानिक सम्बन्ध: बाल्यावस्था तक सन्तान माता के संरक्षण में अधिक रहती है, किन्तु इसके पश्चात् की अवस्था में पुत्र, पिता के मार्गदर्शन में स्वयं को अधिक सुरक्षित महसूस करता है। पिता भी पुत्र को अपना सहयोगी मानते हैं एवं उसके भावी जीवन को निर्देशित करते हैं। दूसरी ओर पुत्रियाँ माता के अधिक निकट होती हैं एवं माता के साथ स्नेह, कोमल व ममतापूर्ण सम्बन्ध विकसित करती हैं। पुत्रियों के पराया धन होने की भावना भी माता में उनके प्रति विशेष लगाव उत्पन्न करती है। वस्तुतः माता एवं पुत्री के मध्य मैत्रीपूर्ण सम्बन्ध एक आदर्श स्थिति को इंगित करते हैं। एकाकी परिवार का अस्तित्व उपरोक्त वर्णित मनोवैज्ञानिक सम्बन्धों की गहन समझ पर निर्भर करता है। इनकी समझ के अभाव में पारिवारिक सम्बन्धों में तनाव उत्पन्न होने की सम्भावना बनी रहती है। पारिवारिक सदस्यों के बीच का यह मानसिक जुड़ाव ही पूरे घर को एक सूत्र में बांधे रखता है।
In simple words: In a nuclear family, the emotional bond between parents, children, and spouses is very strong because they rely closely on each other. Mutual trust, love, and understanding among all members are essential to keep the family happy and united.
🎯 Exam Tip: To score full marks, clearly categorize the relationships into three distinct subheadings: children, spouse, and parent-child, explaining each briefly.
Question 8. सास-बहू के सम्बन्ध में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। अथवा बहू के सुखद वैवाहिक जीवन में सास की क्या भूमिका है?
Answer: बहू के सुखद वैवाहिक जीवन में सास की भूमिका अत्यन्त निर्णायक होती है, क्योंकि पति के घर में आने पर बहू का सर्वाधिक काम सास से ही पड़ता है, इसलिए इन दोनों के संबंधों में सौहार्द्र होना अति आवश्यक है। चूंकि सास घर में बड़ी और ज्यादा अनुभवी होती है, इसलिए उन्हें बड़ी सूझ-बूझ व दायित्वपूर्ण ढंग से व्यवहार करना चाहिए तथा बहू को भी बात समझाते हुए मधुर एवं स्नेहपूर्ण ढंग से व्यवहार करना चाहिए। इससे बहू को नए परिवार में अनुकूलन करने या ढलने में मदद मिलती है। दूसरी ओर बहू को सास के प्रति माता का भाव रखना चाहिए, उन्हें आदर-सम्मान तथा स्नेह देना चाहिए, इससे सास-बहू के रिश्तों में मधुरता आएगी और बहू का वैवाहिक जीवन सुखद होने के साथ ही परिवार का वातावरण भी शान्तिपूर्ण व खुशहाल होगा, साथ ही सास-बहू के मधुर संबंध होने से बहू का अपने पति से भी रिश्ता मजबूत होगा। एक दूसरे के प्रति सम्मान और समझदारी ही इस रिश्ते की असली नींव होती है।
In simple words: The relationship between a mother-in-law and a daughter-in-law is very important for a happy home. When the mother-in-law guides with love and the daughter-in-law respects her like a mother, the entire family lives in peace and harmony.
🎯 Exam Tip: Emphasize the role of mutual respect and adjustment from both sides (mother-in-law and daughter-in-law) as key factors for a happy family.
Question 9. संयुक्त परिवार तथा एकाकी परिवार में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: संयुक्त परिवार एवं एकाकी परिवार में अन्तर निम्नलिखित हैं:
| अन्तर का आधार | संयुक्त परिवार | एकाकी परिवार |
|---|---|---|
| आकार | इसका आकार बड़ा होता है क्योंकि इसमें कई पीढ़ियों के सदस्य साथ रहते हैं। | इसका आकार छोटा होता है क्योंकि इसमें केवल माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चे होते हैं। |
| सदस्य | इसमें माता-पिता, बच्चे, दादा-दादी, चाचा-चाची और उनके बच्चे शामिल होते हैं। | इसमें केवल पति-पत्नी और उनके बच्चे शामिल होते हैं। |
| निर्णय प्रक्रिया | परिवार के मुख्य निर्णय आमतौर पर परिवार के मुखिया (सबसे बुजुर्ग सदस्य) द्वारा लिए जाते हैं। | निर्णय मुख्य रूप से पति-पत्नी द्वारा आपसी सहमति से लिए जाते हैं। |
| उत्तरदायित्व | कार्य और जिम्मेदारियां सभी सदस्यों में विभाजित होती हैं, जिससे बोझ कम होता है। | सभी जिम्मेदारियां केवल माता-पिता पर होती हैं, जिससे कार्यभार अधिक हो सकता है। |
In simple words: A joint family is a large family where grandparents, parents, uncles, aunts, and cousins live together under one roof. A nuclear family is a small family consisting of only parents and their children, offering more privacy and independent decision-making.
🎯 Exam Tip: Always present differences in a neat tabular format with clear bases of comparison (like size, members, and decision-making) to make your answer highly readable.
| क्र.सं. | संयुक्त परिवार | एकाकी परिवार |
|---|---|---|
| 1. | संयुक्त परिवार में तीन या तीन से अधिक पीढ़ियों के स्त्री-पुरुष अपने विवाहित एवं अविवाहित बच्चों सहित मिलकर रहते हैं। | एकाकी परिवार में पति-पत्नी एवं उनके अविवाहित बच्चे एकसाथ मिलकर रहते हैं। |
| 2. | संयुक्त परिवार समष्टिवादी विचारधारा पर आधारित होता है। | एकाकी परिवार की स्थापना का आधार व्यक्तिवाद है। |
| 3. | संयुक्त परिवारों में कर्ता या मुखिया की प्रधानता होती है, जोकि सामान्यतः परिवार के सबसे बड़े पुरुष सदस्य होते हैं। | एकाकी परिवारों में माता-पिता (पति-पत्नी) दोनों की प्रधानता होती है। |
| 4. | संयुक्त परिवार के सभी कार्यों के लिए कर्ता या मुखिया ही उत्तरदायी होता है। | एकाकी परिवारों में प्रत्येक कार्य का उत्तरदायित्व पूर्णरूपेण माता-पिता पर होता है। |
| 5. | संयुक्त परिवारों में सामाजिक गतिशीलता नाममात्र के लिए ही होती है। | एकाकी परिवारों में अपेक्षाकृत अधिक गतिशीलता पाई जाती है। |
| 6. | संयुक्त परिवारों में स्त्रियों का उपयुक्त स्थान एवं सम्मान न होने के कारण उनकी दुर्दशा रहती है। | एकाकी परिवारों में स्त्रियों की स्थिति अपेक्षाकृत ठीक रहती है, उनका स्थान ऊँचा एवं सम्मानजनक रहता है। |
| 7. | संयुक्त परिवारों में परिवार के सदस्यों के बीच द्वेष, कलह एवं एक प्रकार का मानसिक तनाव हर समय बना रहता है। | एकाकी परिवार के सदस्यों के बीच मित्रता की भावना रहती है। |
Question 10. समाज व परिवार को छोटे परिवार से क्या लाभ हैं? (2017)
Answer: भारतीय विचारधारा के अनुसार प्राचीनकाल से पारिवारिक संस्था का अत्यधिक महत्त्व रहा है। यह समाज की एक महत्वपूर्ण इकाई मानी जाती है, जो समाज के स्थायित्व, वृद्धि और उन्नति का प्रमुख आधार है। मैकाइवर और पेज ने परिवार को समाज की सबसे महत्वपूर्ण संस्था माना। बड़ा परिवार होने पर इसमें कई प्रकार की कठिनाई व्याप्त रहती है। यहाँ आमदनी कम तथा खर्च अधिक होते हैं। इसके विपरीत छोटा परिवार सीमित आवश्यकताओं वाला होता है तथा इसके सदस्य भी सीमित होते हैं।
इनकी आवश्यकताएँ छोटी एवं कम खर्च वाली होती हैं, क्योंकि इस परिवार की आय भी कम होती है। संख्या के सीमित रहने पर एक-एक आवश्यकताओं को ठीक से पूर्ण किया जाता है। इस तरह के परिवारों में एकता रहती है, जिसका कारण आपस में एक-दूसरे के सुख-दुःख बाँटना, उसे समझना और उसमें हाथ बँटाना शामिल होता है। छोटे परिवारों में जीवन की मूल आवश्यकताएँ रोटी, कपड़ा और मकान की समस्याएँ इतनी जटिल नहीं होती हैं, जितनी बड़े परिवारों में। अतः समाज व परिवार की दृष्टि से बड़े परिवार की तुलना में छोटा परिवार श्रेष्ठ है। छोटा परिवार सुखी परिवार की अवधारणा को चरितार्थ करता है।
In simple words: छोटे परिवार में सदस्य कम होने के कारण सभी की जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती हैं और परिवार में शांति व खुशहाली बनी रहती है।
🎯 Exam Tip: उत्तर लिखते समय छोटे परिवार के लाभों को स्पष्ट रूप से समझाएं और 'सीमित आवश्यकताएं' तथा 'कम खर्च' जैसे मुख्य बिंदुओं को अवश्य शामिल करें।
विस्तृत उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
Question 1. संयुक्त परिवार की विशेषताएँ लिखिए। (2014, 17)
Answer: संयुक्त परिवार की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. संयुक्त परिवार में तीन या तीन से अधिक पीढ़ियों के सदस्य एक साथ मिलकर रहते हैं।
2. यह परिवार समष्टिवादी विचारधारा पर आधारित होता है।
3. इसमें परिवार के सबसे बड़े पुरुष सदस्य (कर्ता या मुखिया) की प्रधानता होती है।
4. परिवार के सभी कार्यों के लिए कर्ता ही मुख्य रूप से उत्तरदायी होता है। संयुक्त परिवार भारतीय समाज की एक पारंपरिक और मजबूत आधारशिला है।
In simple words: संयुक्त परिवार वह बड़ा परिवार होता है जहाँ दादा-दादी, माता-पिता, चाचा-चाची और बच्चे सब एक साथ रहते हैं और परिवार का सबसे बड़ा सदस्य घर का मुखिया होता है।
🎯 Exam Tip: संयुक्त परिवार की विशेषताओं को लिखते समय पीढ़ियों की संख्या, मुखिया की भूमिका और समष्टिवादी विचारधारा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को अवश्य लिखें।
संयुक्त परिवार का तात्पर्य
भारतीय समाज में पारंपरिक रूप से पाए जाने वाले परिवारों को समाजशास्त्रीय भाषा में ‘संयुक्त परिवार’ कहा जाता है। संयुक्त परिवार प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से परस्पर सम्बन्धित विभिन्न पीढ़ियों (सामान्य रूप से तीन या उससे अधिक) के सदस्यों का एक प्राथमिक समूह है, जिसके सदस्य सामान्य आय-व्यय में योगदान देते हैं। एक धर्म के अनुयायी बनकर सामान्यतः एकसाथ निवास करना संयुक्त परिवार की विशेषता है। संयुक्त परिवार की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. परिवार का बड़ा आकार: संयुक्त परिवार में सामान्यतः तीन या तीन से अधिक जोड़ों के सदस्य एकसाथ रहते हैं, फलस्वरूप संयुक्त परिवार का आकार वृहद होना इसकी आधारभूत विशेषता है। इस परिवार में सामान्यतः 20 से 25 सदस्य होते हैं.
2. सामान्य निवास स्थान: संयुक्त परिवार में तीन या तीन से अधिक निरंतर पीढ़ी के लोगों का एक घर होता है। यदि कोई सदस्य या परिवार भ्रमण, नौकरी, शिक्षा या अन्य किसी कारण से दूर रहता है, तो भी उसे उसी सामान्य निवास का सदस्य माना जाता है। इस परिवार के सदस्य एक ही मकान में रहते हैं।
3. निश्चित संरचना: भारतीय संयुक्त परिवारों में परिवार के सभी सदस्यों की एक प्रकार से निश्चित संरचना होती है। इस संरचना के अंतर्गत परिवार के मुखिया का स्थान निश्चित होता है। कर्ता को उसकी स्थिति के अनुसार ही अधिकारों का प्रयोग एवं कर्तव्यों का पालन करना पड़ता है। दूसरे स्थान पर उसकी स्त्री होती है, तीसरे स्थान पर परिवार के सभी भाई एवं लड़के होते हैं, चौथे स्थान पर परिवार की सभी स्त्रियाँ आती हैं।
4. धार्मिक आधार: संयुक्त परिवार में सभी कार्य धार्मिक विचारों को ध्यान में रखकर किए जाते हैं; जैसे- कर्मकांडों से सम्बन्ध रखने वाले कार्य, त्योहारों को मनाना एवं व्रत इत्यादि रखना। सामूहिक पूजा-पाठ करना भी संयुक्त परिवार की एक प्रमुख विशेषता है।
5. आर्थिक स्थिरता: संयुक्त परिवार में सभी सदस्यों द्वारा अर्जित धन एक ही कोष में एकत्र होने और सभी सदस्यों के लिए सामान्य रूप से आवश्यकतानुसार व्यय होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय नहीं होती, क्योंकि कर्ता या गृहपति अधिक आयु वाला अनुभवी व्यक्ति होता है। अतः यह पैसा सोच-समझकर ही खर्च करता है।
6. सामान्य सम्पत्ति: संयुक्त परिवार के अंतर्गत परिवार की सम्पत्ति का व्यक्तिगत उपभोग या लाभ न होकर परिवार के सभी सदस्यों के लिए उपभोग एवं लाभ होता है। परिवार की सम्पूर्ण सम्पत्ति पर संयुक्त अधिकार होता है।
7. सदस्यों की सुरक्षा: ऐसा देखा जाता है कि एकाकी परिवार में कम सदस्य होते हैं। यदि उनमें से कोई सदस्य बीमार हो जाता है अथवा कहीं चला जाता है, तो परिवार के कार्यों में बाधा ही हो जाती है, परंतु यदि परिवार संयुक्त है, तो उसके अंदर हर प्रकार की छोटी-छोटी समस्याओं के कारण परिवार के कार्यों में कोई विशेष बाधा नहीं होती है।
8. सांस्कृतिक निरंतरता: संयुक्त परिवार में तीन या इससे अधिक पीढ़ी के लोग रहते हैं। पुरानी पीढ़ी के लोगों द्वारा नई पीढ़ी के लोगों को सांस्कृतिक परंपराओं को हस्तांतरित किया जाता है। घर के बुजुर्ग छोटे बच्चों को कहानियाँ सुनाकर, अपने अनुभवों को बताकर इस कार्य को पूरा करते हैं। परिणामस्वरूप नई पीढ़ी पुरानी पीढ़ी के आचार-विचार, प्रथा, परंपराएँ, धर्म और कर्म इत्यादि को ग्रहण करके अपने में आत्मसात् करती है, इससे सांस्कृतिक निरंतरता बनी रहती है।
Question 2. संयुक्त परिवार के मुख्य गुणों का उल्लेख कीजिए।
Answer: संयुक्त परिवार के मुख्य गुण निम्नलिखित हैं:
1. आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता: सभी सदस्यों की आय एक ही स्थान पर जमा होने से आर्थिक संकट का सामना आसानी से किया जा सकता है।
2. बच्चों का उचित समाजीकरण: परिवार के बुजुर्ग बच्चों को अच्छे संस्कार और नैतिक कहानियाँ सिखाते हैं।
3. श्रम का सरल विभाजन: कार्यों का बँटवारा होने से किसी एक व्यक्ति पर काम का अत्यधिक बोझ नहीं पड़ता।
4. संकट काल में सुरक्षा: बीमारी, बुढ़ापे या दुर्घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य पूरा सहयोग देते हैं।
5. सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण: परिवार की परंपराएँ और रीति-रिवाज एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में आसानी से हस्तांतरित होते हैं। संयुक्त परिवार में रहने से व्यक्ति में सहयोग, सहिष्णुता और अनुशासन जैसे सामाजिक गुणों का विकास होता है।
In simple words: संयुक्त परिवार के कई फायदे हैं जैसे सभी सदस्य मिलकर काम करते हैं, बच्चों और बुजुर्गों की अच्छी देखभाल होती है, और मुसीबत के समय पूरा परिवार एक साथ खड़ा रहता है।
🎯 Exam Tip: संयुक्त परिवार के गुणों को लिखते समय आर्थिक सुरक्षा, बच्चों का समाजीकरण और सांस्कृतिक निरंतरता जैसे मुख्य बिंदुओं को रेखांकित (underline) अवश्य करें।
संयुक्त परिवार के गुण
संयुक्त परिवार के गुण निम्नलिखित हैं:
- 1. बच्चों का उचित पालन-पोषण: संयुक्त परिवार में छोटे-बड़े सभी प्रकार के सदस्य रहते हैं। वृद्ध व्यक्तियों को छोटे बच्चों के पालन-पोषण का अधिक ध्यान रहता है। यदि परिवार के अन्य सदस्य विभिन्न कार्यों में व्यस्त रहते हैं, तो वृद्ध लोग बच्चों की देखभाल का कार्य संभाल लेते हैं।
- 2. सुरक्षा की भावना: संयुक्त परिवार के सदस्य आपस में प्रेम एवं सहयोग के वातावरण में रहते हैं, जिसके कारण सभी सदस्य शारीरिक, मानसिक, आर्थिक तथा सामाजिक सुरक्षा का अनुभव करते हैं। बीमारी, वृद्धावस्था, दुर्घटना, विपत्ति एवं विधवाओं की स्थिति में भरण-पोषण तथा सुरक्षा की समस्या का हल स्वयं परिवार में ही मिल जाने के कारण सुरक्षा का अनुभव प्राप्त करने का साधन हो जाता है।
- 3. मनोरंजन का साधन: संयुक्त परिवार में छोटे-बड़े सभी तरह के सदस्य होते हैं। ये सभी सदस्य जब आपस में बैठकर विचार विनिमय तथा हँसी-मजाक करते हैं, तो एक प्रकार से सभी लोगों का मनोरंजन होता है।
- 4. सामूहिकता की भावना: संयुक्त परिवार में सभी सदस्यों के साथ में रहने, आपस में विचार-विमर्श करने, उठने-बैठने इत्यादि कार्यों से उनमें सामूहिक भावना का विकास होता है। इससे व्यक्ति में सुरक्षा की भावना तथा धैर्य का विकास होता है। यही सामूहिकता की भावना परिवारवाद को बढ़ावा देती है।
- 5. सामाजिक नियन्त्रण: संयुक्त परिवार में सामाजिक नियन्त्रण का कार्य परिवार के सदस्यों द्वारा ही किया जाता है। परिवार के सभी सदस्य एक-दूसरे से पारस्परिक कर्तव्य से बंधे रहते हैं, यही कारण है कि सभी सदस्य एक प्रकार से नियन्त्रित जीवन व्यतीत करते हैं।
- 6. पारिवारिक खर्च में बचत: संयुक्त परिवार में पारिवारिक खर्च भी संयुक्त होता है। पूरे परिवार के लिए आवश्यक वस्तुएँ एक साथ ही खरीदी जाती हैं। एकसाथ काफी मात्रा में वस्तुएँ खरीदने पर अपेक्षाकृत सस्ती मिलती हैं। इसके अतिरिक्त एकसाथ संयुक्त परिवार बसाकर रहने की स्थिति में बहुत-से खर्च एक ही जगह होते हैं, जबकि एकाकी परिवारों में उतने ही खर्च अलग-अलग जगह होते हैं।
- 7. श्रम-विभाजन: संयुक्त परिवार के सभी सदस्य कार्य को आपस में बाँटकर करते हैं। संयुक्त परिवार का मुखिया या गृहस्वामी परिवार के सभी सदस्यों को उनकी योग्यता एवं क्षमताओं के अनुसार अलग-अलग कार्य सौंपता है। विभिन्न अनुभव करने का स्थान संयुक्त परिवार में व्यक्ति विभिन्न आयु के सदस्यों के मध्य रहता है। इसके अतिरिक्त उसे विभिन्न आयु के लोगों के अनुभवों एवं विचारों को जानने का अवसर मिलता है। इस रूप में संयुक्त परिवार व्यक्ति को उसके आगामी जीवन के लिए तैयार करता है।
Question 3. संयुक्त परिवार के मुख्य दोषों का उल्लेख कीजिए। (2006, 14)
Answer: संयुक्त परिवार के दोष या हानियाँ निम्नलिखित हैं:
1. द्वेष तथा कलह का केन्द्र: संयुक्त परिवार कलह एवं द्वेष का केन्द्र होता है। यदि संयुक्त परिवार में कर्ता अपने हित पर ध्यान देना प्रारम्भ कर दे, तब स्थिति और भी बिगड़ जाती है। यह पारिवारिक कलह बच्चों के मानसिक विकास पर भी बुरा प्रभाव डालती है।
2. स्त्रियों की खराब स्थिति: संयुक्त परिवार का एक दोष यह भी है कि संयुक्त परिवार में स्त्रियों की दशा बहुत निम्न एवं दयनीय होती है। सामान्यतः पति विशेषकर बहुओं को बहुत अधिक कार्य या श्रम करना पड़ता है। अधिक जनोत्पत्ति, अकर्मण्यता एवं पुरुषों के कोप का पात्र बनना पड़ता है। संयुक्त परिवार के वातावरण में आत्मनिर्भरता के अभाव के कारण स्त्रियाँ सदैव दूसरों पर निर्भर रहती हैं।
3. बुद्धि का अनुपयोग: संयुक्त परिवार में सभी सदस्य कर्ता की आज्ञानुसार कार्य करते हैं। इस स्थिति में उन्हें अपनी बुद्धि का प्रयोग करने का अवसर प्राप्त नहीं होता, जब कोई व्यक्ति अपनी बुद्धि का प्रयोग नहीं करता, तो उसकी बुद्धि का कुण्ठित हो जाना स्वाभाविक है।
In simple words: संयुक्त परिवार में कभी-कभी आपसी झगड़े बढ़ जाते हैं, महिलाओं को अधिक काम करना पड़ता है और लोगों को खुद के फैसले लेने की आज़ादी नहीं मिल पाती।
🎯 Exam Tip: मुख्य दोषों के बिंदुओं को लिखते समय उन्हें हेडिंग बनाकर लिखें और महत्वपूर्ण शब्दों को रेखांकित करें ताकि पूरे अंक मिल सकें।
संयुक्त परिवार के दोष एवं सीमाएँ
- 4. अधिक सन्तानोत्पत्ति: संयुक्त परिवार में जहाँ बाल विवाह को प्रोत्साहन मिलता है एवं विवाहित जोड़ों को वर्चस्व प्राप्त होता है, वहीं पुत्र संतान की कामना को विशेष महत्व प्राप्त होता है। संयुक्त परिवार में परिवार की स्त्रियाँ भी यह सोचने लगती हैं कि जितने अधिक बच्चे पैदा किए जाएंगे, उतना ही अधिक उनको परिवार की सामान्य संपत्ति का भाग बँटवारे के समय मिलेगा।
- 5. अकर्मण्य व्यक्तियों की वृद्धि: संयुक्त परिवार में परिवार के सभी सदस्यों के भरण-पोषण का दायित्व पूरे परिवार पर ही होता है। इस सुविधा का लाभ उठाकर कुछ सदस्य अकर्मण्य, आलसी या निकम्मे हो जाते हैं। ये सदस्य बिना कुछ कार्य किए खाते-पीते तथा मौज करते हैं, जिससे पूरे परिवार का जीवन-स्तर निम्न हो जाता है। साथ ही इससे धन अर्जन करने वालों में असंतोष उत्पन्न होता है।
- 6. गोपनीयता का अभाव: संयुक्त परिवार में अधिक सदस्य होने के कारण नव-विवाहितों अथवा पति-पत्नी को एकांत यानी निजी स्वतंत्रता उपलब्ध नहीं हो पाती है। अनेक अवसरों पर यह स्थिति उनके मन में कुंठा को जन्म देती है एवं उनके वैवाहिक जीवन को प्रभावित करती है।
- 7. भय का वातावरण: संयुक्त परिवारों में परिवार के वृद्धजनों के निर्णयों को ही प्रमुखता प्राप्त होती है। उनकी सहमति के बिना किसी नए विचार का अनुपालन परिवार में संपन्न नहीं होता है। अतः नई पीढ़ी के सदस्यों में अपने नए रचनात्मक विचारों को आगे रखने का संकोच सदैव विद्यमान रहता है।
- 8. आर्थिक निर्भरता: उल्लेखनीय है कि संयुक्त परिवारों में प्रायः सभी वयस्क सदस्य जीविकोपार्जन में संलग्न रहते हैं, किन्तु परिवार के आय-व्यय का लेखा-जोखा परिवार के मुखिया के हाथों में रहता है। फलतः सभी सदस्यों को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक व्यक्ति पर निर्भर रहना पड़ता है।
Question 4. संयुक्त परिवार टूटने के क्या कारण है? (2006, 10)
अथवा
भारतीय समाज में संयुक्त परिवार के निरंतर विघटन के कारणों को स्पष्ट कीजिए। (2003, 04, 06, 11, 12)
अथवा
“संयुक्त परिवार का भविष्य उज्ज्वल नहीं है।” क्यों? (2016)
Answer: संयुक्त परिवार के विघटन के कारण औद्योगिकीकरण के इस युग में संयुक्त परिवार व्यक्ति एवं समाज की माँगों को पूर्ण रूप से संतुष्ट नहीं कर पा रहा है, इसलिए क्रमशः संयुक्त परिवार का या तो विघटन ही होता जा रहा है या फिर इसके स्वरूप में अत्यधिक परिवर्तन स्वीकार किए जा रहे हैं। संयुक्त परिवार के विघटन के निम्नलिखित मुख्य कारण हैं:
1. औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण: संयुक्त परिवार के विघटन पर औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण की प्रक्रियाओं का गहरा प्रभाव पड़ा है। औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण के कारण गाँव के लोगों का नगरों की ओर प्रवास करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। अब आत्मनिर्भरता एवं आत्मत्याग की कमी तथा गाँव के लोगों में नए रोजगार एवं बेहतर व्यावसायिक अवसरों के लिए आकर्षण बढ़ा है। इन लोगों ने गाँव के संयुक्त परिवार से आकर नगरों में अपने लिए मकान बना लिए हैं तथा नए व्यवसाय भी अपना लिए हैं, परिणामस्वरूप संयुक्त परिवारों में अब पहले जैसी बात नहीं रह गई है। अनेक व्यक्ति अपने पारिवारिक व्यवसाय को छोड़कर अन्य व्यवसायों को अपनाने लगे हैं। अतः क्षेत्रीय गतिशीलता में वृद्धि हुई है, जिससे संयुक्त परिवार का विघटन स्वाभाविक हो जाता है।
2. पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव: भारतीय संस्कृति के अनुसार, संयुक्त परिवारों में परिवार के सदस्यों के कर्तव्यों पर विशेष बल दिया जाता था, परन्तु वर्तमान स्थिति ठीक इसके विपरीत है। पश्चिमी सभ्यता एवं संस्कृति के प्रभाव से अब लोगों का झुकाव कर्तव्यों की ओर न होकर अधिकारों की ओर अधिक हो गया है। पाश्चात्य दृष्टिकोण मुख्य रूप से व्यक्तिवादी है। अतः इस दृष्टिकोण के प्रबल होने की स्थिति में संयुक्त परिवार का महत्त्व निरंतर घट रहा है।
In simple words: संयुक्त परिवार के टूटने के मुख्य कारण औद्योगिकीकरण, शहरों की ओर पलायन और पश्चिमी सभ्यता का प्रभाव हैं, जिससे लोग अपने कर्तव्यों के बजाय व्यक्तिगत अधिकारों और स्वतंत्रता को अधिक महत्व देने लगे हैं।
🎯 Exam Tip: परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए 'औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण' तथा 'पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव' जैसे मुख्य शीर्षकों को रेखांकित (underline) करें और उनके प्रभावों को स्पष्ट रूप से लिखें।
3. आत्मसंयम एवं आत्मत्याग की कमी: वर्तमान समय में लोगों में आत्मसंयम एवं आत्मत्याग की कमी आई है या उनका एकदम से लोप ही होता चला जा रहा है। दूसरी ओर लोगों के निजी स्वार्थ एवं भौतिकवाद तथा गतिशीलता की भावनाएँ बढ़ती जा रही हैं। इस कारण वे थोड़ी-सी परेशानी में संकट का अनुभव करते हैं। अब लोग संयुक्त परिवार को छोड़कर एकाकी परिवार बसाने को तत्पर हो जाते हैं।
4. स्त्री-शिक्षा का प्रभाव: आज की शिक्षित स्त्री अपने चारों ओर के वातावरण की जानकारी रखती है। वह संयुक्त परिवार के घुटन भरे जीवन को, जिसमें उसे कर्ता के निरंकुश शासन में रहना पड़ता है, अपने अधिकारों का हनन समझती है। ऐसी स्थिति में वह आधुनिक वातावरण की चाह में संयुक्त परिवार की अपेक्षा एकाकी परिवार को अधिक पसंद करती है।
5. जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव: जनसंख्या में वृद्धि न केवल संयुक्त परिवारों के लिए ही भयानक परिणाम पैदा करने वाली है, अपितु कभी-कभी संपूर्ण समाज के लिए भी ऐसी समस्या बन जाती है, जिसका समाधान खोजना कठिन हो जाता है।
संयुक्त परिवार का भविष्य
उपरोक्त कारणों के विश्लेषण के आधार पर कहा जा सकता है कि संयुक्त परिवार की अवधारणा वर्तमान आधुनिक युग में संक्रमण के दौर से गुजर रही है। संयुक्त परिवार की मूलभूत विशेषताओं; जैसे—सामूहिक, सांस्कृतिक निरंतरता आदि को आधुनिक युग की संकल्पनाएँ प्रभावित कर रही हैं।
अतः संयुक्त परिवारों में विघटन की संभावनाएँ दृष्टिगोचर हो रही हैं। समकालीन सामाजिक संरचना में संयुक्त परिवार छिन्न-भिन्न होकर एकाकी परिवारों का रूप ले रहे हैं। यद्यपि संयुक्त परिवार के भविष्य के विषय में दो विचारधाराएँ सामने आती हैं:
1. प्रथम विचारधारा: संयुक्त परिवार के उज्ज्वल भविष्य के प्रति आशान्वित है। इसके समर्थक के. एम. कपाड़िया हैं। उनके अनुसार, संयुक्त परिवार ने अभी तक जिस समय को पार किया है, उसका भविष्य बुरा नहीं है। इसके अतिरिक्त हिन्दू मनोवृत्तियाँ आज भी संयुक्त परिवार के पक्ष में हैं।
2. दूसरी विचारधारा: संयुक्त परिवार के भविष्य को अंधकारमय मानती है। इस विचारधारा के समर्थक कोलाण्डा के अनुसार अधिकांश भारत में संयुक्त परिवारों की संख्या प्रतिदिन कम होती जा रही है अर्थात् उनका विघटन हो रहा है। निष्कर्ष जो भी हो, इतना तो हम कह सकते हैं कि वर्तमान परिस्थितियों में संयुक्त परिवार के स्वरूप में परिवर्तन हो रहा है।
Question 5. “परिवार समाजीकरण की प्रथम पाठशाला है” इस कथन को स्पष्ट कीजिए। (2018)
Answer: समाजीकरण की प्रक्रिया बहुत जटिल प्रक्रिया है, जो बालक के विकास को प्रभावित करती है जिसका वर्णन निम्न प्रकार से है। परिवार का योगदान समाजीकरण की सबसे महत्वपूर्ण संस्था है, वहीं से बालक सर्वप्रथम समाजीकरण आरम्भ करता है। इसी कारण से परिवार को बालक की 'प्रथम पाठशाला' कहा गया है। परिवार ही वह स्थान है जहाँ बालक आदर्श नागरिकता का पाठ सीखता है। बालक के समाजीकरण को प्रभावित करने वाले तत्व निम्नलिखित हैं:
1. माँ की भूमिका: बालक का परिवार में सबसे घनिष्ठ सम्बन्ध माँ से होता है। माँ उसे दूध पिलाती है और उसकी देखभाल भी करती है। यदि माँ बालक की देखभाल अच्छे से न करे तो उसका प्रभाव यह होता है कि बालक का समाजीकरण उचित प्रकार से नहीं होता। माँ का स्नेह बालक के मानसिक विकास की नींव रखता है।
2. अधिक लाड़-प्यार: बालक को परिवार द्वारा आवश्यकता से अधिक प्रेम करने या कोई कार्य न करने देने पर, आम कारण से उनका समाजीकरण रुक जाता है या ठीक ढंग से नहीं हो पाता है, जिसके परिणामस्वरूप बालक बिगड़ जाता है।
3. माता-पिता का आपसी सम्बन्ध: बालक के समाजीकरण में माता-पिता का विशेष महत्त्व होता है। जिन परिवारों में माता-पिता के आपसी सम्बन्ध अच्छे होते हैं, उन परिवारों में बालक का समाजीकरण उचित ढंग से होता है। इसके विपरीत, जिन परिवारों में माता-पिता के सम्बन्ध तनावपूर्ण होते हैं, वहाँ बालक का विकास बाधित होता है।
In simple words: A family is the very first place where a child learns how to behave, speak, and live in society. The love of a mother, proper discipline without over-pampering, and a peaceful relationship between parents help the child grow into a good citizen.
🎯 Exam Tip: To score full marks, clearly define why the family is called the 'first school' and list all three key factors (mother's role, over-pampering, and parental relations) with clear headings.
Question. बालक के सामाजीकरण को प्रभावित करने वाले पारिवारिक कारकों का उल्लेख कीजिए।
Answer: बालक के सामाजीकरण को प्रभावित करने वाले प्रमुख पारिवारिक कारक निम्नलिखित हैं:
3. पारिवारिक वातावरण: माता-पिता आपस में झगड़ते हैं तो उन परिवार के बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है और इससे उनका सामाजीकरण विकृत हो जाता है, क्योंकि आपसी लड़ाई-झगड़े के कारण माता-पिता बच्चों पर अधिक ध्यान नहीं दे पाते हैं।
4. माता-पिता के बच्चे के साथ सम्बन्ध: माता-पिता जब बच्चों को उचित स्नेह देते हैं तो उनमें अच्छे सामाजिक गुण पैदा हो जाते हैं और यदि बच्चों को माता-पिता का उचित प्यार और सुरक्षा नहीं मिलती है, तो उनका सामाजिक विकास अच्छे ढंग से नहीं होता। वे पूर्ण रूप से माता-पिता पर निर्भर हो जाते हैं। इसके विपरीत यदि बच्चों को कम स्नेह या प्यार मिलता है, तो उनमें बदला लेने की भावना विकसित हो जाती है। इस कारण से बालक कई बार बाल-अपराधी भी बन जाते हैं।
5. बच्चों का अन्य सम्बन्धियों के साथ सम्बन्ध: परिवार के अन्य सम्बन्धियों का भी बच्चे के ऊपर गहरा प्रभाव पड़ता है। जैसे—परिवार के दादा-दादी, चाचा-चाची, मौसा-मौसी तथा अन्य सगे सम्बन्धियों के साथ सम्बन्ध कैसा है? ये भी बालक के सामाजीकरण में मुख्य भूमिका निभाते हैं।
6. परिवार की आर्थिक स्थिति: यह भी देखा गया है कि यदि पारिवारिक आर्थिक स्थिति ठीक न हो तो यह भी बालक के सामाजीकरण में बाधा पहुँचाती है, क्योंकि बालक के पालन-पोषण में बच्चों को वे सभी आर्थिक सुख-सुविधाएँ नहीं मिल पातीं, जो एक अच्छे परिवार के बच्चों को मिलती हैं। अतः इनसे बालक में सहनशीलता और परिश्रम करने वाले गुण विकसित होते हैं।
7. परिवार की बनावट: परिवार की बनावट के आधार पर परिवार मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
• एकाकी परिवार
• संयुक्त परिवार
In simple words: A child's social development is deeply shaped by their family's love, peace at home, relations with relatives, financial conditions, and family structure.
🎯 Exam Tip: सामाजीकरण को प्रभावित करने वाले कारकों को लिखते समय माता-पिता के सम्बन्ध, आर्थिक स्थिति और परिवार के प्रकार (एकाकी व संयुक्त) जैसे मुख्य बिन्दुओं को रेखांकित (underline) अवश्य करें।
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