UP Board Solutions Class 12 Geography Chapter 1 Population Distribution Density Growth and Composition

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Detailed Chapter 1 जनसंख्या वितरण, घनत्व, वृद्धि और संरचना UP Board Solutions for Class 12 Geography

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Class 12 Geography Chapter 1 जनसंख्या वितरण, घनत्व, वृद्धि और संरचना UP Board Solutions PDF

 

Question 1. (i) सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या निम्नलिखित में से कौन-सी है?
(a) 102.8 करोड़
(b) 318.2 करोड़
(c) 328.7 करोड़
(d) 121 करोड़
Answer: (d) 121 करोड़
In simple words: According to the 2011 census, the total population of India was 121 crore (1.21 billion).

🎯 Exam Tip: Remember this exact figure as it is a frequently asked direct question about the 2011 Census of India.

 

Question 1. (ii) निम्नलिखित राज्यों में से किस एक में जनसंख्या का घनत्व सर्वाधिक है?
(a) पश्चिम बंगाल
(b) केरल
(c) उत्तर प्रदेश
(d) पंजाब
Answer: (a) पश्चिम बंगाल
In simple words: Among the options provided, West Bengal has the highest population density, meaning more people live per square kilometer here compared to the other listed states.

🎯 Exam Tip: While Bihar has the highest density overall in India, always choose the correct option from the given list, which is West Bengal here.

 

Question 1. (iii) सन् 2011 की जनगणना के अनुसार निम्नलिखित में से किस राज्य में नगरीय जनसंख्या का अनुपात सर्वाधिक है?
(a) तमिलनाडु
(b) महाराष्ट्र
(c) केरल
(d) गोवा
Answer: (b) महाराष्ट्र
In simple words: According to the textbook answer key, Maharashtra is highlighted for having a very high proportion of people living in cities and towns.

🎯 Exam Tip: Pay close attention to textbook-specific answers for urban population metrics to secure full marks in board exams.

 

Question 1. (iv) निम्नलिखित में से कौन-सा एक समूह भारत में विशालतम भाषाई समूह है?
(a) चीनी-तिब्बती
(b) भारतीय-आर्य
(c) आस्ट्रिक
(d) द्रविड़
Answer: (b) भारतीय-आर्य
In simple words: The Indo-Aryan (भारतीय-आर्य) language family is spoken by the largest group of people in India, mostly in the northern and central parts.

🎯 Exam Tip: Memorize the percentage share of major language families in India, with Indo-Aryan being the largest at around 74%.

 

Question 2. (i) भारत के अत्यन्त उष्ण एवं शुष्क तथा अत्यन्त शीत व आर्द्र प्रदेशों में जनसंख्या का घनत्व निम्न है। इस कथन के दृष्टिकोण से जनसंख्या के वितरण में जलवायु की भूमिका को स्पष्ट कीजिए।
Answer: जनसंख्या के वितरण पर जलवायु का गहरा प्रभाव पड़ता है। मानव बसाव के लिए सामान्य और सुहावनी जलवायु सबसे उपयुक्त मानी जाती है। राजस्थान के अत्यन्त उष्ण व शुष्क प्रदेश; जम्मू कश्मीर, उत्तराखण्ड, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश के अन्तर्गत शीत तथा मेघालय के अत्यन्त आर्द्र प्रदेशों में जलवायु के अनुकूल न होने के कारण जनसंख्या का घनत्व निम्न है।
In simple words: Climate plays a huge role in where people choose to live. Extremely hot, dry, freezing, or overly wet areas make daily life and farming very difficult, which is why very few people live in these regions.

🎯 Exam Tip: Highlight how extreme climate conditions act as a barrier to agriculture and human settlement to score full marks.

 

Question 2. (ii) भारत के किन राज्यों में विशाल ग्रामीण जनसंख्या है? इतनी विशाल ग्रामीण जनसंख्या के लिए उत्तरदायी एक कारण को लिखिए।
Answer: भारत के उत्तर प्रदेश, बिहार, आन्ध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान आदि राज्यों में विशाल ग्रामीण जनसंख्या है, क्योंकि इन राज्यों में उपजाऊ मिट्टी, अनुकूल जलवायु तथा सिंचाई की सुविधा के कारण कृषि व्यवसाय को ठोस आधार प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, इन क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से कृषि ही आजीविका का मुख्य साधन रही है।
In simple words: States like Uttar Pradesh and Bihar have huge rural populations because they have fertile soil and plenty of water, making farming highly successful and supporting many families.

🎯 Exam Tip: Always link the large rural population directly to the availability of fertile agricultural land and irrigation facilities.

 

Question 2. (iii) भारत के कुछ राज्यों में अन्य राज्यों की अपेक्षा श्रम-सहभागिता ऊँची क्यों है?
Answer: भारत के कुछ राज्यों में सहभागिता-दर अपेक्षाकृत ऊँची है, क्योंकि निर्वाह अथवा लगभग निर्वाह की आर्थिक क्रियाओं के निष्पादन के लिए अनेक कामगारों की आवश्यकता होती है। कम आय वाले क्षेत्रों में जीवनयापन के लिए परिवार के अधिक सदस्यों को काम करना पड़ता है।
In simple words: Some states have more working people because their economies rely on basic farming and manual labor, which require many hands just to earn a basic living.

🎯 Exam Tip: Explain the concept of 'subsistence economy' (निर्वाह अर्थव्यवस्था) to show why more workers are needed in these states.

 

Question (iv). “कृषि सेक्टर में भारतीय श्रमिकों का सर्वाधिक अंश संलग्न है।” स्पष्ट कीजिए।
Answer: सन् 2011 की जनगणना के अनुसार कुल श्रमजीवी जनसंख्या का लगभग 54.6 प्रतिशत कृषक और कृषि मजदूर हैं, अतः कृषि सेक्टर में भारतीय श्रमिकों का सर्वाधिक अंश संलग्न है। इसका मुख्य कारण यह है कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था का मूल आधार है और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक आजीविका का सबसे बड़ा स्रोत है।
In simple words: More than half of India's working population is engaged in farming because agriculture is the main foundation of the Indian economy and provides the most jobs.

🎯 Exam Tip: Always mention the census year (2011) and the exact percentage (54.6%) to make your answer highly accurate and score full marks.

 

Question 3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें
(i) भारत में जनसंख्या के घनत्व के स्थानिक वितरण की विवेचना कीजिए।

Answer: भारत में जनसंख्या के घनत्व का स्थानिक वितरण 2011 की जनगणना के अनुसार भारत का जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है। 1951 ई० में जनसंख्या का घनत्व 117 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी से बढ़कर 2011 में 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी होने से पिछले 50 वर्षों में 200 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी से अधिक उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। यह तीव्र वृद्धि देश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और जीवन प्रत्याशा में सुधार को दर्शाती है।

भारत: जनसंख्या का घनत्व-2011 (व्यक्ति प्रति वर्ग किमी):
• 100 से कम
• 101-200
• 201-300
• 301-400
• 401-500
• 500 से ऊपर

राज्य स्तर पर जनसंख्या के घनत्व में बहुत अधिक विषमताएँ पायी जाती हैं। अरुणाचल प्रदेश में जनसंख्या का घनत्व केवल 17 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जबकि बिहार में यह घनत्व 1102 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (सर्वाधिक) है। केन्द्रशासित प्रदेशों में दिल्ली का जनसंख्या घनत्व सर्वाधिक 11,320 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जबकि अण्डमान तथा निकोबार द्वीप समूह में जनसंख्या का घनत्व केवल 46 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।
बिहार के बाद पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 1029 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी जनसंख्या घनत्व पाया जाता है। केरल (860), उत्तर प्रदेश (828), हरियाणा (573) तथा तमिलनाडु (555) अन्य अधिक घनत्व वाले राज्य हैं।
प्रायद्वीपीय भारत के राज्य केरल का घनत्व 860 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है, जो कि सर्वाधिक है। केरल के बाद तमिलनाडु का स्थान है जहाँ 555 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी जनसंख्या घनत्व पाया जाता है। पर्यावरण की विपरीत परिस्थितियों के कारण उत्तरी तथा उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों में जनसंख्या का घनत्व काफी कम है। उदाहरणतया, जनसंख्या का घनत्व...
In simple words: Population density in India varies greatly from place to place. While crowded states like Bihar and West Bengal have over 1,000 people per square kilometer, hilly and forested areas like Arunachal Pradesh have very few people due to difficult living conditions.

🎯 Exam Tip: Use contrasting examples like Bihar (highest density) and Arunachal Pradesh (lowest density) to clearly demonstrate the spatial variation in population density.

 

Question (ii) भारत की जनसंख्या के व्यावसायिक संगठन का विवरण दीजिए।
Answer: भारत की जनसंख्या का व्यावसायिक संगठन–आर्थिक दृष्टि से भारत की जनसंख्या को तीन वर्गों या स्तरों में विभक्त किया जाता है (1) मुख्य श्रमिक, (2) सीमान्त श्रमिक और (3) अश्रमिक। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में श्रमिकों (मुख्य और सीमान्त दोनों) का अनुपात 39.8 प्रतिशत है, जबकि 60 प्रतिशत विशाल संख्या अश्रमिकों की है। यह एक अश्रमिक स्तर को इंगित करता है जिसमें एक बड़ा अनुपात आश्रित जनसंख्या का है। राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में श्रमजीवी जनसंख्या का अनुपात गोवा में लगभग 39.6 प्रतिशत, दमन एवं दीव में लगभग 49.9 प्रतिशत सामान्य भिन्नता प्रदर्शित करता है। श्रमिकों की अपेक्षाकृत अधिक प्रतिशत वाले राज्य हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, छत्तीसगढ़, आन्ध्र प्रदेश, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मेघालय हैं। केन्द्रशासित प्रदेशों में दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव की सहभागिता दर उच्च है।तालिका: भारत में श्रम शक्ति का सेक्टरवार संगठन, 2011

संवर्गजनसंख्या
व्यक्तिकुल श्रमिकों का %पुरुषस्त्री
प्राथमिक26,30,22,47354.616,54,47,0759,75,75,398
द्वितीयक1,83,36,3073.897,75,63585,60,672
तृतीयक20,03,84,53141.615,66,43,2204,37,41,311
तालिका में द्वितीयक और तृतीयक सेक्टरों की तुलना में प्राथमिक सेक्टर के श्रमिकों के एक बड़े अनुपात को दर्शाया गया है। कुल श्रमजीवी जनसंख्या का लगभग 54.6 प्रतिशत कृषक और कृषि मजदूर हैं, जबकि 3.8 प्रतिशत श्रमिक घरेलू उद्योगों में लगे हैं और 41.6 प्रतिशत अन्य श्रमिक हैं। जहाँ तक देश की पुरुष और स्त्री जनसंख्या के व्यवसाय का प्रश्न है, पुरुष श्रमिकों की संख्या तीनों ही सेक्टरों में स्त्री श्रमिकों से अधिक है। पिछले कुछ दशकों में भारत के कृषि सेक्टर के श्रमिकों के अनुपात में उतार-चढ़ाव नजर आया है। परिणामस्वरूप द्वितीयक और तृतीयक सेक्टर में सहभागिता दर बढ़ी है। यह देश की अर्थव्यवस्था में सेक्टरीय स्थानान्तरण को दर्शाता है।
In simple words: भारत में काम करने वाले लोगों को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों (मुख्य, सीमांत और अश्रमिक) में बांटा गया है। देश की आधी से अधिक आबादी खेती-बाड़ी (प्राथमिक क्षेत्र) से जुड़ी है, और पुरुषों की भागीदारी महिलाओं की तुलना में सभी क्षेत्रों में अधिक है।

🎯 Exam Tip: To score full marks, clearly define the three categories of workers (main, marginal, and non-workers) and present the sector-wise percentage data in a neat table format.

Detailed Answer Type Questions (विस्तृत उत्तरीय प्रश्नोत्तर)

 

Question 1. भारत में जनसंख्या के वितरण का वर्णन कीजिए।
Answer: भारत में जनसंख्या का वितरण अत्यंत असमान है। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में जनसंख्या के वितरण के सम्बन्ध में निम्नलिखित विशेषताएँ उभरती हैं:
(1) देश में सर्वाधिक जनसंख्या उत्तर प्रदेश (19.9 करोड़) में बसी हुई है। यहाँ पर भारत की 16 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या निवास करती है। इसके बाद क्रमशः महाराष्ट्र (11.23 करोड़), बिहार (10.40 करोड़), पश्चिम बंगाल (9.12 करोड़) तथा आन्ध्र प्रदेश एवं तेलंगाना (8.45 करोड़) का स्थान आता है। इन पाँच राज्यों में देश की लगभग आधी जनसंख्या (48.9%) रहती है।
(2) भारत की एक-चौथाई जनसंख्या दो राज्यों उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में रहती है।
(3) क्षेत्रफल की दृष्टि से देश के दो सबसे बड़े राज्य राजस्थान और मध्य प्रदेश हैं जिनका क्षेत्रफल देश के कुल क्षेत्रफल का क्रमशः 10.4 प्रतिशत और 9.37 प्रतिशत है, परन्तु इन राज्यों में भारत की केवल 5.6 प्रतिशत और 6.00 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।
(4) उत्तर प्रदेश, देश के कुल क्षेत्रफल के 7.26 प्रतिशत भाग पर स्थित है, जबकि इस राज्य में देश की 16.49 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।
(5) बिहार, देश के कुल क्षेत्रफल के 2.86 प्रतिशत भाग पर स्थित है, जबकि इस राज्य में देश की 8.58 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।
(6) देश के 11 राज्यों और 6 केन्द्रशासित प्रदेशों में जनसंख्या उनके क्षेत्रफल की तुलना में अधिक है। परिणामस्वरूप इन राज्यों में प्रति इकाई क्षेत्रफल पर जनसंख्या का दबाव राष्ट्रीय औसत से अधिक है। यह असमानता दर्शाती है कि मैदानी और तटीय क्षेत्रों में अनुकूल जलवायु और संसाधनों की उपलब्धता अधिक होने के कारण वहाँ सघन आबादी पाई जाती है।
(7) जम्मू-कश्मीर (1.04%), अरुणाचल प्रदेश (0.11%) और उत्तराखण्ड (0.84%) जैसे राज्यों की जनसंख्या का आकार इनके विशाल भौगोलिक क्षेत्र के बावजूद अत्यन्त छोटा है।
In simple words: India's population is not spread evenly across the country. Some states like Uttar Pradesh and Maharashtra have a very high population, while large states with difficult terrains like Rajasthan and Jammu & Kashmir have relatively fewer people.

🎯 Exam Tip: To score full marks, clearly highlight the contrast between a state's geographical area and its population percentage, using Rajasthan and Bihar as key examples.

(8) हिमालयाई लघु राज्य सिक्किम की जनसंख्या (6.07 लाख) भारत के सभी राज्यों की जनसंख्या से कम है जबकि दिल्ली की जनसंख्या (1.67 करोड़), जम्मू-कश्मीर की जनसंख्या या सभी केन्द्रशासित प्रदेशों की संयुक्त जनसंख्या से भी अधिक है।

 

Question 2. भारत में जनसंख्या की वृद्धि की प्रावस्थाओं का वर्णन कीजिए।
Answer: भारत में जनसंख्या वृद्धि की प्रावस्थाएँ भारत में जनसंख्या की वृद्धि वार्षिक जन्म-दर, मृत्यु-दर तथा प्रवास की दर के कारण हुई है और यह वृद्धि विभिन्न प्रवृत्तियों और प्रावस्थाओं को दर्शाती है। ये प्रावस्थाएँ देश के सामाजिक और आर्थिक विकास के विभिन्न चरणों को दर्शाती हैं। भारत के जनांकिकीय इतिहास को चार सुस्पष्ट प्रावस्थाओं में बाँटा जा सकता है:

प्रावस्था ‘क’ (1901-1921): 1901 से 1921 की अवधि को भारत की जनसंख्या की वृद्धि की रुद्ध अथवा स्थिर प्रावस्था कहा जाता है, क्योंकि इस अवधि में वृद्धि-दर अत्यन्त निम्न थी। 1911-21 के दौरान जनसंख्या बढ़ने के स्थान पर 0.31 प्रतिशत कम हो गई।

प्रावस्था ‘ख’ (1921-1951): 1921-1951 के दशकों को जनसंख्या की स्थिर वृद्धि की अवधि के रूप में जाना जाता है, क्योंकि 1921 के बाद भारत की जनसंख्या में सामान्य वृद्धि होने लगी।

प्रावस्था ‘ग’ (1951-1981): 1951-1981 के दशकों को भारत में जनसंख्या-विस्फोट की अवधि के रूप में जाना जाता है। यह देश में मृत्यु-दर में तीव्र ह्रास और जनसंख्या की उच्च प्रजनन-दर के कारण हुआ। इस दौरान जनसंख्या की औसत वार्षिक वृद्धि दर 2.2 प्रतिशत तक उच्च रही और जनसंख्या दुगुनी हो गई।
In simple words: India's population growth happened in different stages over the years. At first, the population grew very slowly, then it started increasing steadily, and later it grew extremely fast because healthcare improved and fewer people died.

🎯 Exam Tip: Clearly divide your answer into Phase A, B, and C with their respective time periods, and highlight key terms like 'stable growth' and 'population explosion' to score full marks.

 

Question 3. किशोर जनसंख्या की चुनौतियों और युवा नीति का उल्लेख कीजिए।
Answer: भारत में 10 से 19 आयु वर्ग ‘किशोर जनसंख्या’ कहलाती है। देश में किशोरों की जनसंख्या का बढ़ता अनुपात जनसंख्या वृद्धि का महत्त्वपूर्ण पक्ष है। किशोर जनसंख्या उच्च सम्भावनाओं से युक्त युवा जनसंख्या समझी जाती है। वे आने वाले कल के ‘उत्पादक’ हैं। किशोर जनसंख्या की चुनौतियाँ भारत में किशोर जनसंख्या की प्रमुख चुनौतियाँ निम्नलिखित हैं:
• विवाह की निम्न आयु
• निरक्षरता
• स्कूली शिक्षा का बीच में छूट जाना
• पोषक व सन्तुलित भोजन का न मिलना
• किशोरी माताओं में उच्च मातृ मृत्यु-दर
• एड्स संक्रमण की उच्च दरें
• शारीरिक व मानसिक अपंगता,
• मदिरापान व धूम्रपान आदि.

राष्ट्रीय युवा नीति किशोरों की उपर्युक्त चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने 2003 में राष्ट्रीय युवा नीति को लागू किया। इस नीति के प्रमुख ध्येय निम्नलिखित हैं:
• भारत की विशाल युवा और किशोर जनसंख्या का समग्र विकास सुनिश्चित करना ताकि वे देश के रचनात्मक विकास में अपने उत्तरदायित्वों को निभा सकें।
• इस वर्ग की जनसंख्या को उपयुक्त शिक्षा प्रदान करना ताकि उनमें विवेक उत्पन्न हो।
• किशोरों व युवाओं के गुणों का बेहतर मार्गदर्शन और सही उपयोग किया जा सके।
• निर्णय लेने में युवाओं की प्रभावी सहभागिता हो और वे स्वयं भी सुयोग्य नेतृत्व दे सकें।
• पुरुषों और महिलाओं की स्थिति में समता लाने के लिए महिलाओं के सशक्तीकरण पर विशेष बल देना। यह नीति युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
In simple words: किशोर जनसंख्या का मतलब 10 से 19 साल के बच्चे हैं। सरकार ने 2003 में राष्ट्रीय युवा नीति बनाई ताकि युवाओं को अच्छी शिक्षा, सही मार्गदर्शन और स्वास्थ्य मिल सके और वे देश के विकास में योगदान दे सकें।

🎯 Exam Tip: किशोर जनसंख्या की प्रमुख चुनौतियों और राष्ट्रीय युवा नीति के मुख्य उद्देश्यों को बिंदुवार (bullet points) लिखने से पूरे अंक मिलते हैं।

 

Question 4. जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले भौतिक कारकों की व्याख्या कीजिए।
Answer: जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले भौतिक कारक उच्चावच, जलवायु, मृदा तथा खनिज संसाधनों की सुलभता जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले प्रमुख भौतिक कारक हैं। पर्याप्त वर्षा प्राप्त करने वाली अथवा सुविकसित सिंचाई की सुविधाओं वाली गहरी, उपजाऊ समतल भूमि पर प्रायः सघन जनसंख्या पायी जाती है। यह इन्हीं कारकों का असर है कि उत्तर भारत के मैदानों, डेल्टाओं और तटीय मैदानों में जनसंख्या का अनुपात दक्षिणी और मध्य भारत के राज्यों के आन्तरिक जिलों; हिमालय, उत्तर-पूर्वी और पश्चिमी कुछ राज्यों की अपेक्षा अधिक है। सामान्यतः ऊबड़-खाबड़ पर्वतीय क्षेत्र तथा जलविहीन रेतीली व पथरीली भूमि जनसंख्या के जमाव को प्रोत्साहित नहीं करती। फिर भी सिंचाई के विकास (राजस्थान) और खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता (झारखंड) और परिवहन तन्त्र के विकास (प्रायद्वीपीय राज्य) की वजह से उन क्षेत्रों में जहाँ कभी जनसंख्या कम पायी जाती थी, वहाँ अब मध्यम से उच्च जनसंख्या घनत्व पाया जाता है। भौगोलिक परिस्थितियाँ हमेशा से मानव बसाव को तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं।
In simple words: लोग वहाँ रहना पसंद करते हैं जहाँ समतल ज़मीन, अच्छा पानी, उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल मौसम हो। पहाड़ी या रेतीले इलाकों में कम लोग रहते हैं, लेकिन सिंचाई और खनिज मिलने पर वहाँ भी आबादी बढ़ जाती है।

🎯 Exam Tip: उत्तर लिखते समय मैदानी इलाकों (सघन जनसंख्या) और पर्वतीय/रेतीले इलाकों (विरल जनसंख्या) के उदाहरण (जैसे उत्तर भारत के मैदान और राजस्थान) अवश्य लिखें।

 

Question 5. 1951-1981 के दशकों में भारत में जनसंख्या-विस्फोट के कारणों का वर्णन कीजिए।
Answer: 1951-1981 के दशकों में भारत में जनसंख्या विस्फोट के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
(1) स्वतन्त्रता प्राप्ति के बाद यही वह अवधि थी, जिसमें केन्द्रीकृत नियोजन प्रक्रिया के माध्यम से विकासात्मक कार्यों को आरम्भ किया गया। कृषि और उद्योग खण्डों के विकास, रोजगार में वृद्धि, चिकित्सा सुविधाओं की प्रगति और विस्तार तथा जन्म और मृत्यु-दर पर नियन्त्रण जैसी उपलब्धियों के कारण जनसंख्या तेजी से बढ़ने लगी। इस अवधि में जीवन स्तर में सुधार होने से मृत्यु दर में भारी गिरावट आई।
In simple words: आजादी के बाद देश में विकास के काम शुरू हुए, जिससे लोगों को बेहतर इलाज, भोजन और नौकरियां मिलीं। बीमारियों पर काबू पाने से मौतें कम हुईं और जन्म दर अधिक रहने से जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ी।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या विस्फोट के कारणों में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और मृत्यु दर में कमी आने के मुख्य बिंदु को स्पष्ट रूप से रेखांकित करें।

(2) साठ के दशक में देश में आई हरित क्रान्ति से उपजी खाद्यान्नों में आत्म-निर्भरता से अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ। सुनिश्चित भोजन ने जीवन की दशाओं को उन्नत किया जिससे जनसंख्या की बेतहाशा वृद्धि हुई।
(3) इसी अवधि में तिब्बतियों, नेपालियों, बांग्लादेशियों और पाकिस्तान से आने वाले लोगों के बढ़ते अन्तर्राष्ट्रीय प्रवास के कारण भी भारत की जनसंख्या में वृद्धि हुई।
(4) सन् 1971 के बाद, शिक्षा के प्रचार-प्रसार के प्रभाव तथा चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से जनसंख्या की वृद्धि दर में कुछ-कुछ कमी आने लगी। सन् 1981 में जनसंख्या की वृद्धि-दर हल्की-सी घटकर 24.66 प्रतिशत रह गई। इसे ‘प्रजनन प्रेरित वृद्धि’ कहा गया है।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

 

Question 1. भारत में आर्थिक कारक किस प्रकार जनसंख्या वितरण के प्रतिरूप को निर्धारित करते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
Answer: आर्थिक कारकों में द्वितीयक तथा तृतीयक आर्थिक क्रियाएँ शामिल होती हैं। तकनीकी ज्ञान भी आर्थिक कारकों का एक प्रमुख अंग है; इसलिए जहाँ भी इस प्रकार की क्रियाओं पर विकास निर्भर होता है वहाँ अधिक जनसंख्या निवास करती है। औद्योगिक क्षेत्र और नगरीय क्षेत्र इसी कारण अधिक घने बसे होते हैं; जैसे—मुंबई, कोलकाता, दिल्ली आदि, लेकिन जहाँ कृषि जैसी प्राथमिक क्रियाएँ अधिक पायी जाती हैं और उत्पादन अधिक मात्रा में होता है, वे क्षेत्र भी अधिक घने बसे होते हैं; जैसे—पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब आदि। ये क्षेत्र रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करते हैं।
In simple words: People prefer to live in areas with good economic opportunities. Industrial cities like Mumbai and fertile agricultural regions like Punjab are densely populated because they offer plenty of jobs and livelihood options.

🎯 Exam Tip: To score full marks, always provide examples of both industrial regions (like Mumbai, Delhi) and agricultural regions (like Punjab, Haryana) when explaining economic factors.

 

Question 2. जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले जनांकिकीय कारक को समझाइए।
Answer: जनांकिकीय कारक – जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले जनांकिकीय कारक तीन हैं- प्रजनन दर, मृत्यु-दर और प्रवास। प्रजनन दर अधिक और मृत्यु-दर कम होने पर जनसंख्या की वृद्धि होती है। आप्रवासन महानगरों व औद्योगिक क्षेत्रों में विशाल जनसंख्या के संकेन्द्रण का मुख्य कारक है। यह प्रवास लोगों को बेहतर जीवन स्तर की तलाश में आकर्षित करता है।
In simple words: Demographic factors like birth rates, death rates, and migration determine how population is distributed. High birth rates combined with people moving into big cities lead to high population density in urban areas.

🎯 Exam Tip: Clearly list the three demographic factors—birth rate, death rate, and migration—using bullet points or bold text to make your answer stand out.

 

Question 3. जनसंख्या घनत्व और जनसंख्या वितरण के अध्ययन के महत्त्व को समझाइए।
Answer: भारत एक विकासशील देश है जो जनांकिकीय संक्रमण के विस्फोटक दौर से गुजर रहा है। देश में नई आर्थिक नीति के लागू होने के कारण रोजगार के अवसरों में क्षेत्रीय पुनर्वितरण की प्रवृत्ति चल रही है, इस कारण जनसंख्या का घनत्व और वितरण प्रारूप भी गुणात्मक ढंग से परिवर्तित हो रहा है, अत: देश के योजनाबद्ध विकास के लिए जनसंख्या के वितरण और घनत्व का समुचित अध्ययन आवश्यक है। इससे भविष्य की नीतियों को बेहतर ढंग से तैयार करने में मदद मिलती है।
In simple words: Studying population density and distribution helps the government plan resources like schools, hospitals, and jobs effectively, ensuring that development benefits reach every region.

🎯 Exam Tip: Highlight the term 'योजनाबद्ध विकास' (planned development) as the primary reason why studying population distribution is essential for a developing nation like India.

 

Question 4. जनसंख्या की धनात्मक एवं ऋणात्मक वृद्धि को समझाइए।
Answer: धनात्मक वृद्धि – धनात्मक वृद्धि तब होती है जब दो समय बिन्दुओं के बीच जन्म-दर, मृत्यु-दर से अधिक हो या किसी अन्य देश से लोग आकर बस जाएँ। ऋणात्मक वृद्धि – यदि दो समय बिन्दुओं के बीच जनसंख्या कम हो जाए तो ऋणात्मक वृद्धि कहते हैं। यह तब होती है जब जन्म-दर, मृत्यु-दर से कम हो या लोग विदेश में जा बसें। यह बदलाव किसी भी देश की आर्थिक स्थिति को गहराई से प्रभावित करता है।
In simple words: Positive growth happens when the population increases due to more births or people moving in. Negative growth happens when the population decreases because of more deaths or people leaving the country.

🎯 Exam Tip: Use clear subheadings for 'धनात्मक वृद्धि' and 'ऋणात्मक वृद्धि' and write their conditions in separate points to make the answer easy to read.

 

Question 5. जनसंख्या वृद्धि के घटक बताइए।
Answer: जनसंख्या वृद्धि के दो घटक निम्नलिखित हैं:
1. प्राकृतिक वृद्धि – दो समय बिन्दुओं में जन्म-दर और मृत्यु-दर के अन्तर से बढ़ने वाली जनसंख्या को उस क्षेत्र की प्राकृतिक वृद्धि कहते हैं।
प्राकृतिक वृद्धि = जन्म – मृत्यु
2. अभिप्रेरित वृद्धि – जनसंख्या वृद्धि के अभिप्रेरित घटकों जैसे प्रवास को किसी दिए गए क्षेत्र में लोगों के अन्तर्वर्ती और बहिर्वर्ती संचालन की प्रबलता द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है। ये दोनों घटक मिलकर किसी भी क्षेत्र की कुल जनसंख्या वृद्धि को निर्धारित करते हैं।
In simple words: Population changes in two ways: naturally through the difference between births and deaths, and through induced factors like migration where people move in or out of a region.

🎯 Exam Tip: Do not forget to write the formula 'प्राकृतिक वृद्धि = जन्म – मृत्यु' as it helps you secure full marks instantly.

 

Question 6. 1901 से 1921 की अवधि को भारत की जनसंख्या की वृद्धि की स्थिर प्रावस्था क्यों कहा जाता है? स्पष्ट कीजिए।
Answer: 1901 से 1921 की अवधि को भारत की जनसंख्या की वृद्धि की स्थिर प्रावस्था कहे जाने के कारण इस अवधि में वृद्धि दर अत्यंत निम्न थी, यहाँ तक कि 1911-1921 के दशक के दौरान ऋणात्मक वृद्धि दर दर्ज की गई थी। इसका मुख्य कारण स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं का अभाव, निरक्षरता, अकाल और महामारियाँ थीं जिससे मृत्यु दर बहुत अधिक बनी रही। इस अवधि में स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधाओं का अत्यंत अभाव था।
In simple words: Between 1901 and 1921, India's population growth was stagnant because poor medical facilities, famines, and epidemics caused very high death rates, which balanced out the high birth rates.

🎯 Exam Tip: Mentioning the negative growth rate of the 1911-1921 decade is a key point that examiners look for in this answer.

 

Question 7. 1921 से 1951 के दशकों को भारत में जनसंख्या की स्थिर वृद्धि की अवधि के रूप में क्यों जाना जाता है? स्पष्ट कीजिए।
Answer: 1921 से 1951 के दशकों को भारत में जनसंख्या की स्थिर वृद्धि की अवधि के रूप में जाने के कारण निम्नलिखित हैं:

  • इस अवधि में चिकित्सा विज्ञान में हुई उन्नति से अनेक महामारियों पर काफी हद तक काबू पा लिया गया।
  • परिवहन के साधनों के विकास ने अकाल-ग्रस्त क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुँचाने का कार्य आसान कर दिया।
  • कृषीय अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
  • जनसंख्या की वृद्धि दर 1941 में 1.42 प्रतिशत से घटकर सन् 1951 में 1.33 प्रतिशत रह गई।
इस स्थिरता ने देश के जनसांख्यिकीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ अंकित किया।
In simple words: Between 1921 and 1951, India's population grew at a stable and moderate rate because of better medical facilities, improved transport for food relief, and better farming, which reduced deaths from epidemics and famines.

🎯 Exam Tip: इस उत्तर में चिकित्सा सुधार, परिवहन विकास और कृषि में सुधार जैसे मुख्य बिंदुओं को अवश्य शामिल करें ताकि पूरे अंक मिल सकें।

 

Question 8. आर्थिक दृष्टि से भारत की जनसंख्या को कितने वर्गों में बाँटा जाता है?
Answer: आर्थिक दृष्टि से भारत की जनसंख्या को तीन वर्गों या स्तरों में बाँटा जाता है:

  • मुख्य श्रमिक: वह व्यक्ति है जो एक वर्ष में कम-से-कम 183 दिन कार्य करता है। देश की जनसंख्या में 30.5 प्रतिशत मुख्य श्रमिक हैं।
  • सीमांत श्रमिक: वह व्यक्ति है, जो एक वर्ष में 183 दिनों से कम कार्य करता है। देश की जनसंख्या में 8.7 प्रतिशत लोग सीमांत श्रमिक हैं।
  • अश्रमिक: अश्रमिक या गैर-कामगार वह व्यक्ति है जो वर्ष-भर अपनी आजीविका के लिए कोई कार्य नहीं करता।
यह वर्गीकरण देश की आर्थिक सक्रियता और कार्यबल की भागीदारी को समझने में मदद करता है।
In simple words: Based on work, India's population is divided into three groups: main workers (who work at least 183 days a year), marginal workers (who work less than 183 days), and non-workers (who do not work for a living).

🎯 Exam Tip: मुख्य श्रमिक और सीमांत श्रमिक के बीच अंतर स्पष्ट करने के लिए '183 दिन' की समय-सीमा का उल्लेख करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 

Question 9. स्त्रियों की निम्न सहभागिता के प्रमुख कारणों को समझाइए।
Answer: स्त्रियों की निम्न सहभागिता के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  • संयुक्त परिवार का दायित्व और समय की कमी
  • स्त्रियों में शिक्षा का निम्न स्तर
  • बारम्बार शिशु जन्म
  • बढ़ती जनसंख्या के कारण रोजगार के सीमित अवसर
  • महिलाओं को घर से बाहर न निकलने देने व उनकी कमाई न खाने जैसे रूढ़िवादी विचार।
इन सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाओं के कारण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के अवसर कम मिलते हैं।
In simple words: Fewer women participate in the workforce due to family responsibilities, lack of education, frequent childbirths, and old traditional beliefs that restrict them from working outside.

🎯 Exam Tip: सामाजिक और आर्थिक दोनों कारणों (जैसे रूढ़िवादी विचार और शिक्षा का निम्न स्तर) को अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 10. भारत के उत्तर-पूर्वी और उत्तरी राज्यों में ग्रामीण जनसंख्या का कृषि पर दबाव अधिक क्यों है?
Answer: उत्तरी तथा उत्तर-पूर्वी भारत में कृषि पर जनसंख्या का अधिक दबाव है। इसके निम्नलिखित कारण हैं:

  • भारत के उत्तरी तथा उत्तर-पूर्वी राज्यों में ग्रामीण जनसंख्या आज भी लगभग 80 प्रतिशत है।
  • इन राज्यों में कृषि योग्य उपजाऊ भूमि है तथा पर्याप्त जलापूर्ति के कारण कृषि सम्भव है।
  • इन राज्यों में कृषि पर निरन्तर दबाव बढ़ता जा रहा है क्योंकि कृषि के अतिरिक्त इन भागों में रोजगार के अवसर कम हैं।
औद्योगिक विकास की कमी भी इस अत्यधिक कृषि निर्भरता का एक मुख्य कारण है।
In simple words: In northern and north-eastern India, a huge portion of the population lives in villages and depends on farming because the land is very fertile with plenty of water, and there are very few other jobs available.

🎯 Exam Tip: उपजाऊ भूमि, प्रचुर जल संसाधन और वैकल्पिक रोजगार के अवसरों की कमी जैसे भौगोलिक और आर्थिक कारकों को जोड़कर उत्तर लिखें।

 

अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

Question 1. भारत में नियमित रूप से हर 10 वर्ष के बाद जनगणना कब से की जा रही है?
Answer: भारत में नियमित रूप से हर 10 वर्ष के बाद जनगणना सन् 1881 से की जा रही है। यह प्रक्रिया देश की जनसंख्या के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करती है।
In simple words: Regular population counting in India started in the year 1881 and has been done every 10 years since then.

🎯 Exam Tip: Mention the exact year 1881 clearly to get full marks.

 

Question 2. जनसंख्या को प्रभावित करने वाले भौतिक कारक बताइए।
Answer: जनसंख्या को प्रभावित करने वाले भौतिक कारक हैं-उच्चावच, जलवायु, मृदा तथा खनिज संसाधन आदि। ये कारक तय करते हैं कि लोग किस क्षेत्र में रहना पसंद करेंगे।
In simple words: Physical factors like land shape, climate, soil quality, and minerals decide where more or fewer people will live.

🎯 Exam Tip: List all four physical factors (relief, climate, soil, minerals) to score full marks.

 

Question 3. जनसंख्या का घनत्व क्या है?
Answer: जनसंख्या का घनत्व वह माप है जो किसी क्षेत्र की जनसंख्या व वहाँ के क्षेत्रफल के बीच आनुपातिक सम्बन्ध को व्यक्त करता है। इससे हमें पता चलता है कि किसी जगह पर कितनी भीड़ है।
In simple words: Population density shows how many people live in a specific area of land, like per square kilometer.

🎯 Exam Tip: Define it as the ratio between the total population and the total land area of a region.

 

Question 4. जनसंख्या घनत्व ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
Answer: जनसंख्या घनत्व ज्ञात करने का सूत्र निम्नलिखित है:
\[ \text{जनसंख्या घनत्व} = \frac{\text{कुल जनसंख्या}}{\text{कुल क्षेत्रफल}} \]
यह सूत्र प्रति इकाई क्षेत्र में रहने वाले लोगों की संख्या को दर्शाता है।
In simple words: To find population density, divide the total number of people by the total land area.

🎯 Exam Tip: Write the formula clearly using a division format to avoid any confusion.

 

Question 5. कायिक घनत्व ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
Answer: कायिक घनत्व ज्ञात करने का सूत्र निम्नलिखित है:
\[ \text{कायिक घनत्व} = \frac{\text{कुल जनसंख्या}}{\text{निवल कृषित क्षेत्र}} \]
यह सूत्र कृषि योग्य भूमि पर जनसंख्या के वास्तविक दबाव को मापने में मदद करता है।
In simple words: Physiological density is calculated by dividing the total population by the actual cultivated land area.

🎯 Exam Tip: Remember to use "Net Cultivated Area" (निवल कृषित क्षेत्र) in the denominator, not the total area.

 

Question 6. कृषीय घनत्व ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
Answer: कृषीय घनत्व ज्ञात करने का सूत्र निम्नलिखित है:
\[ \text{कृषीय घनत्व} = \frac{\text{कुल कृषक जनसंख्या}}{\text{निवल कृषित क्षेत्र}} \]
यहाँ कृषक जनसंख्या में कृषक, कृषि मजदूर और उनके परिवार के सदस्य शामिल होते हैं।
In simple words: Agricultural density is the total number of farming people divided by the total farming land.

🎯 Exam Tip: Clearly define what "agricultural population" includes if asked in detail.

 

Question 7. जनसंख्या की धनात्मक वृद्धि से क्या आशय है?
Answer: यदि समय के दो बिन्दुओं के बीच जनसंख्या में वृद्धि होती है, तो इसे ‘जनसंख्या की धनात्मक वृद्धि’ कहते हैं। यह तब होता है जब जन्म दर मृत्यु दर से अधिक हो जाती है या लोग बाहर से आकर बस जाते हैं।
In simple words: Positive population growth means the number of people living in an area has increased over a period of time.

🎯 Exam Tip: Mention that positive growth occurs when births and immigration exceed deaths and emigration.

 

Question 8. जनसंख्या की ऋणात्मक वृद्धि से क्या आशय है?
Answer: यदि समय के दो बिन्दुओं के बीच जनसंख्या में कमी होती है, तो इसे ‘जनसंख्या की ऋणात्मक वृद्धि’ कहते हैं। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब मृत्यु दर जन्म दर से अधिक हो जाती है।
In simple words: Negative population growth means the total number of people in a place has decreased over time.

🎯 Exam Tip: Use the keyword 'कमी' (decrease) to define negative growth clearly.

 

Question 9. जनसंख्या की वृद्धि दर से क्या आशय है?
Answer: दो समय बिन्दुओं के मध्य जनसंख्या में होने वाले शुद्ध परिवर्तन को ‘जनसंख्या की वृद्धि दर’ कहते हैं। इसे आमतौर पर प्रतिशत (%) में व्यक्त किया जाता है।
In simple words: Population growth rate is the percentage change in the number of people living in an area over a specific time.

🎯 Exam Tip: Mentioning that it is expressed in percentage is a great way to secure extra marks.

 

Question 10. जनसंख्या वृद्धि के प्रकार बताइए।
Answer: जनसंख्या वृद्धि के दो प्रकार निम्नलिखित हैं:
1. धनात्मक वृद्धि
2. ऋणात्मक वृद्धि
ये दोनों प्रकार जनसंख्या में होने वाले बदलाव की दिशा को दर्शाते हैं।
In simple words: Population growth can be of two types: positive (increase in people) or negative (decrease in people).

🎯 Exam Tip: List both types clearly using numbers or bullet points for better presentation.

 

Question 11. किशोर जनसंख्या से जुड़ी प्रमुख समस्याएँ क्या हैं?
Answer: किशोर जनसंख्या से जुड़ी प्रमुख समस्याएँ निम्नलिखित हैं:
1. विवाह की निम्न आयु
2. निरक्षरता
3. स्कूली शिक्षा का बीच में छूट जाना
4. सन्तुलित भोजन न मिलना
5. शारीरिक व मानसिक अपंगता
6. मदिरापान व धूम्रपान आदि
इन समस्याओं के समाधान के लिए उचित शिक्षा और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।
In simple words: Teenagers face major issues like early marriage, lack of education, dropping out of school, poor nutrition, and bad habits like smoking or drinking.

🎯 Exam Tip: List at least 4-5 points clearly to score full marks in this descriptive question.

 

Question 12. जनसंख्या संगठन क्या है?
Answer: जनसंख्या संगठन, जनसंख्या भूगोल में अध्ययन का एक सुस्पष्ट क्षेत्र है जिसमें आयु व लिंग का विश्लेषण, निवास का स्थान, मानव जातीय लक्षण, जनजातियाँ, भाषा, धर्म, वैवाहिक स्थिति, साक्षरता और शिक्षा, व्यावसायिक विशेषताएँ आदि का अध्ययन किया जाता है। यह किसी देश की जनसंख्या की विशेषताओं को गहराई से समझने में मदद करता है।
In simple words: Population composition (or organization) is the study of different characteristics of people in a region, like their age, gender, language, religion, and job.

🎯 Exam Tip: Include key terms like age-sex analysis, literacy, and occupation to make your answer comprehensive.

 

Question 13. निवास स्थान के आधार पर जनसंख्या कितने वर्गों में संयोजित होती है?
Answer: निवास स्थान के आधार पर जनसंख्या दो वर्गों में संयोजित होती है:
1. ग्रामीण जनसंख्या
2. नगरीय जनसंख्या
यह वर्गीकरण लोगों के रहन-सहन और उनके व्यवसायों के अंतर को दर्शाता है।
In simple words: Based on where people live, the population is divided into two groups: rural (village) and urban (city) population.

🎯 Exam Tip: Clearly state the two categories: rural and urban.

Question 14. किशोर जनसंख्या किसे कहते हैं?
Answer: भारत में 10 से 19 वर्ष का आयु वर्ग किशोर जनसंख्या कहलाता है। यह आयु वर्ग देश के भविष्य के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
In simple words: The group of young people aged between 10 and 19 years is called the adolescent or teenage population.

🎯 Exam Tip: Clearly mention the age group of 10 to 19 years to get full marks in this definition.

 

Question 15. नगरीकरण से क्या आशय है?
Answer: ग्रामीण जनसंख्या से नगरीय जनसंख्या में समाज के बदलने की प्रक्रिया को 'नगरीकरण' कहते हैं। इसके कारण शहरों का आकार और वहाँ की जनसंख्या तेजी से बढ़ती है।
In simple words: Urbanization is the process where people move from villages to cities, changing the society from rural to urban.

🎯 Exam Tip: Define urbanization as a transition process from rural to urban living to secure maximum marks.

 

Multiple Choice Questions

 

Question 1. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत का जनसंख्या घनत्व कितना है?
(a) 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
(b) 360 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
(c) 344 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
(d) 316 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
Answer: (a) 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी
In simple words: On average, 382 people lived in every square kilometer of land in India according to the 2011 census.

🎯 Exam Tip: Remember the number 382 as it is a frequently asked direct statistic from the 2011 census.

 

Question 2. जनगणना-2011 के अनुसार भारत में न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है:
(a) आन्ध्र प्रदेश
(b) अरुणाचल प्रदेश
(c) हरियाणा
(d) ओडिशा
Answer: (b) अरुणाचल प्रदेश
In simple words: Arunachal Pradesh has the lowest population density, meaning very few people live per square kilometer because of its hilly terrain.

🎯 Exam Tip: Arunachal Pradesh has a density of only 17 people per square kilometer, which is the lowest in India.

 

Question 3. जनगणना-2011 के अनुसार जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि दर है:
(a) 1.64 प्रतिशत
(b) 1.18 प्रतिशत
(c) 0.92 प्रतिशत
(d) 2.22 प्रतिशत
Answer: (a) 1.64 प्रतिशत
In simple words: This means India's population grew at a rate of 1.64% every year during the decade leading up to 2011.

🎯 Exam Tip: Do not confuse the annual growth rate (1.64%) with the decadal growth rate (17.64%).

 

Question 4. जनगणना-2011 के अनुसार किशोरों अर्थात् 10-19 वर्ष की आयु वर्ग का अंश है:
(a) 20.9 प्रतिशत
(b) 18.4 प्रतिशत
(c) 24.8 प्रतिशत
(d) 28.2 प्रतिशत
Answer: (a) 20.9 प्रतिशत
In simple words: About one-fifth (20.9%) of India's total population consists of teenagers aged 10 to 19.

🎯 Exam Tip: Memorize this percentage as it highlights India's large youthful demographic dividend.

 

Question 5. किशोरों के समक्ष प्रमुख चुनौती/समस्या है:
(a) विवाह की निम्न आयु
(b) शारीरिक व मानसिक अपंगता
(c) औषध दुरुपयोग व मदिरा सेवन
(d) उपर्युक्त सभी विकल्प
Answer: (d) उपर्युक्त सभी विकल्प
In simple words: Teenagers face multiple challenges including early marriage, health issues, and substance abuse.

🎯 Exam Tip: When all options represent genuine societal challenges faced by youth, 'All of the options' is usually the correct choice.

 

Question 6. भारत सरकार द्वारा युवा नीति कब प्रायोजित की गई?
(a) सन् 2003
(b) सन् 2006
(c) सन् 2005
(d) सन् 2008
Answer: (a) सन् 2003
In simple words: The Indian government launched the National Youth Policy in the year 2003 to help young people grow and succeed.

🎯 Exam Tip: Note that the National Youth Policy was launched in 2003, though it was later updated in 2014.

 

Question 7. जनसंख्या संगठन में अध्ययन किया जाता है:
(a) निवास स्थान का
(b) जनजातियों का
(c) भाषा व धर्म का
(d) उपर्युक्त सभी विकल्प
Answer: (d) उपर्युक्त सभी विकल्प
In simple words: Population composition studies everything about people, including where they live, their tribe, language, and religion.

🎯 Exam Tip: Population composition is a broad term that covers all demographic characteristics of a population.

 

Question 8. आधुनिक भारत के सन्दर्भ में कितनी भाषाएँ हैं?
(a) 22
(b) 24
(c) 20
(d) 26
Answer: (a) 22
In simple words: There are 22 officially recognized languages scheduled in the Constitution of modern India.

🎯 Exam Tip: These 22 languages are listed in the Eighth Schedule of the Indian Constitution.

 

Question 9. जनगणना-2011 के अनुसार भारत में श्रमिकों का अनुपात है:
(a) 39.8 प्रतिशत
(b) 34.2 प्रतिशत
(c) 30.8 प्रतिशत
(d) 27.3 प्रतिशत
Answer: (a) 39.8 प्रतिशत
In simple words: Out of the total population, about 39.8% are working individuals (workers), while the rest are non-workers.

🎯 Exam Tip: Remember that nearly 39.8% of India's population is classified as workers, leaving a large dependent population.

 

Question 10. कुल श्रमजीवी जनसंख्या का लगभग कितना भाग कृषक और कृषि मजदूर है?
(a) 54.6 प्रतिशत
(b) 56.2 प्रतिशत
(c) 52.6 प्रतिशत
(d) 50.5 प्रतिशत
Answer: (a) 54.6 प्रतिशत
In simple words: More than half of India's working population (54.6%) is still engaged in farming and agricultural labor.

🎯 Exam Tip: This high percentage (54.6%) shows that agriculture remains the largest employer in India.

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