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Detailed Chapter 10 भारत और उसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव UP Board Solutions for Class 11 Economics
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Class 11 Economics Chapter 10 भारत और उसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव UP Board Solutions PDF
UP Board Solutions for Class 11 Economics Indian Economic Development Chapter 10 Comparative Development Experiences of India and its Neighbours (भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनानात्मक विकास अनुभव)
पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर
Question 1. कुछ क्षेत्रीय और आर्थिक समूहों के उदाहरण दीजिए।
Answer: विश्व के लगभग सभी राष्ट्र 1960 के दशक से ही अपनी घरेलू अर्थव्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए अनेक क्षेत्रीय एवं वैश्विक आर्थिक समूहों का निर्माण करते रहे हैं जैसे सार्क (SAARC), यूरोपीय संघ (EU), आसियान (ASEAN), जी-8 (G-8) तथा जी-20 (G-20) आदि।
In simple words: क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक समूह ऐसे संगठन होते हैं जो देश अपनी अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए बनाते हैं, जैसे सार्क, यूरोपीय संघ, आसियान आदि।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक समूहों के नाम और उनके उद्देश्य को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 2. वे विभिन्न साधन कौन-से हैं जिनकी सहायता से देश अपनी घरेलू अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने का प्रयत्न कर रहे हैं ?
Answer: विभिन्न देश अपनी घरेलू अर्थव्यवस्थाओं को निम्न साधनों से मजबूत बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं
1. विभिन्न प्रकार के क्षेत्रीय एवं वैश्विक आर्थिक समूहों का निर्माण करके जैसे सार्क (SAARC), आसियान (ASEAN), जी-8 (G-8), यूरोपीय संघ (EU) आदि।
2. अपनी अर्थव्यवस्था में आर्थिक सुधारों को अपनाकर अर्थात् वैश्वीकरण की प्रक्रिया को अपनाकर।
3. अपने पड़ोसी राष्ट्रों द्वारा अपनाई गई विकासात्मक प्रक्रियाओं को समझकर।
4. अपने पड़ोसी देशों की शक्तियों एवं कमजोरियों को बेहतर ढंग से समझकर।
5. वैश्वीकरण के प्रभावों का आकलन करके।
In simple words: देश अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक समूह बनाते हैं, आर्थिक सुधार करते हैं, पड़ोसियों की विकास नीतियों से सीखते हैं, उनकी ताकत और कमजोरियों को समझते हैं, और वैश्वीकरण के प्रभावों का मूल्यांकन करते हैं।
🎯 Exam Tip: घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के विभिन्न उपायों को बिन्दुवार याद रखना परीक्षा के लिए उपयोगी है।
Question 3. वे समान विकासात्मक नीतियाँ कौन-सी हैं जिनका कि भारत और पाकिस्तान ने अपने-अपने विकासात्मक पथ के लिए पालन किया है?
Answer: भारत व पाकिस्तान द्वारा अपनाई गई समान विकासात्मक नीतियाँ जिनके द्वारा उन्होंने अपने विकासात्मक पथ के लिए पालन किया है, निम्नलिखित हैं।
1. भारत और पाकिस्तान ने अपने विकास पथ पर लगभग एक ही समय चलना प्रारम्भ किया है।
2. भारत ने 1951 ई० में अपनी प्रथम पंचवर्षीय योजना की घोषणा की जबकि पाकिस्तान ने 1956 में अपनी प्रथम पंचवर्षीय योजना की घोषणा की। इस प्रकार दोनों ही देशों ने विकास के लिए आर्थिक नियोजन का मार्ग अपनाया।
3. दोनों ही देशों ने प्रारम्भ में सार्वजनिक क्षेत्र के विस्तार पर बल दिया किन्तु निजी क्षेत्र की भी उपेक्षा नहीं की। इस प्रकार दोनों ही देशों ने 'मिश्रित अर्थव्यवस्था अपनाई।
4. दोनों ही देशों ने अपने व्यय का अधिकांश 'सामाजिक विकास पर किया अर्थात् दोनों ही देशों की प्राथमिकता सार्वजनिक विकास' रही।
5. दोनों ही देशों ने अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए लगभग एक ही समय पर आर्थिक सुधार कार्यक्रम लागू किए।
In simple words: भारत और पाकिस्तान ने लगभग एक ही समय में विकास शुरू किया, पंचवर्षीय योजनाएं अपनाईं, मिश्रित अर्थव्यवस्था मॉडल अपनाया, सामाजिक विकास पर जोर दिया, और लगभग एक साथ आर्थिक सुधार लागू किए।
🎯 Exam Tip: भारत और पाकिस्तान की समान विकास नीतियों को बिन्दुवार प्रस्तुत करना अच्छा स्कोर दिलाता है।
Question 4. 1958 में प्रारम्भ की गई चीन के 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' (महान प्रगति उछाल) अभियान की व्याख्या कीजिए।
Answer: 'महान् प्रगति उछाल' (Great Leap Forward: GLF) 1958 ई० में चीन में आरम्भ किया गया। इसका प्रमुख उद्देश्य बड़े पैमाने पर देश का औद्योगीकरण करना था। इस अभियान के अन्तर्गत सरकार ने एक ऐसी सामाजिक जागृति को प्रोत्साहित किया जिसके द्वारा लोग औद्योगीकरण (उद्योगों की स्थापना) की ओर आकर्षित हुए। इसके अन्तर्गत लोगों को अपने घरों के पिछवाड़े खाली स्थानों पर उद्योग लगाने को प्रोत्साहित किया गया। इस अभियान के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थे
1. समष्टि स्तर पर औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करना।
2. लोगों को अपने घरों के पिछवाड़े, खाली स्थानों पर उद्योग लगाने को प्रोत्साहित करना।
3. ग्रामीण क्षेत्रों में सामूहिक खेती' (commune) को प्रोत्साहित करना।
'लेप लीप फॉरवर्ड' अभियान को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा। इनमें प्रमुख समस्याएँ निम्नलिखित थीं
1. भयंकर सूखे ने चीन में तबाही मचा दी। इसमें लगभग 3 करोड़ लोग मारे गए।
2. रूस और चीन के मध्य संघर्ष हो गया और रूस ने अपने उन सभी विशेषज्ञों को वापस बुला लिया जिन्हें औद्योगीकरण की प्रक्रिया के लिए सहायता करने के लिए चीन भेजा गया था।
In simple words: 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' चीन का एक अभियान था जो 1958 में बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण और सामूहिक खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था, जिसमें लोगों को अपने घरों में उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। हालांकि, इसे सूखे और रूस से विशेषज्ञों के वापस जाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
🎯 Exam Tip: 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' के उद्देश्यों और उससे जुड़ी प्रमुख समस्याओं को स्पष्ट रूप से समझाना महत्वपूर्ण है।
Question 5. “चीन की तीव्र औद्योगिक संवृद्धि 1978 में उसके सुधारों के आधार पर हुई थी। क्या आप | इस कथन से सहमत हैं? स्पष्ट कीजिए ।
Answer: चीन में आर्थिक सुधार 1978 ई० से लागू किए गए। ये सुधार विभिन्न चरणों में शुरू किए गए। प्रारम्भिक चरण में कृषि, विदेशी व्यापार तथा निवेश क्षेत्रकों में सुधार किए गए। उदाहरण के लिए कृषि क्षेत्रक कम्यून (सामूहिक) भूमि को छोटे-छोटे भू-खण्डों में बाँट दिया गया जिन्हें कृषि प्रयोग के लिए अलग-अलग परिवारों को आवंटित किया गया। कर देने के बाद शेष आय के वे स्वयं स्वामी थे। दूसरे चरण में औद्योगिक क्षेत्र में सुधार किए गए। ग्रामीण उद्योगों की स्थापना के लिए निजी क्षेत्रक को प्रोत्साहित किया गया। इसके फलस्वरूप सार्वजनिक क्षेत्रक को निजी क्षेत्रक की प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। सुधार प्रक्रिया में 'दोहरी कीमत निर्धारण पद्धति' (Dual pricing policy) लागू की गई-
1. सरकार द्वारा निर्धारित कीमत,
2. बाजार द्वारा निर्धारित कीमत ।।
आगतों और निर्गतों की एक निर्धारित मात्रा का क्रय-विक्रय सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों पर किया जाता था जबकि शेष मात्रा का क्रय-विक्रय बाजार द्वारा निर्धारित कीमतों पर किया जाता था। विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र' (Special economic zones) स्थाषित किए गए। परिणामस्वरूप चीन की औद्योगिक संवृद्धि दर तेजी से बढ़ती गई ।
In simple words: हाँ, यह कथन सही है। 1978 में चीन द्वारा कृषि सुधारों (जैसे भूमि का निजीकरण) और औद्योगिक क्षेत्र में निजीकरण तथा दोहरी कीमत निर्धारण जैसी आर्थिक नीतियों को लागू करने के कारण ही तीव्र औद्योगिक वृद्धि हुई, जिससे विदेशी निवेश भी आकर्षित हुआ।
🎯 Exam Tip: चीन के 1978 के आर्थिक सुधारों की मुख्य विशेषताओं (कृषि सुधार, औद्योगिक सुधार, दोहरी कीमत निर्धारण, विशेष आर्थिक क्षेत्र) का उल्लेख करना आवश्यक है।
Question 6. पाकिस्तान द्वारा अपने आर्थिक विकास के लिए की गई विकासात्मक पहलों का उल्लेख कीजिए।
Answer: पाकिस्तान द्वारा अपने आर्थिक विकास के लिए की गई विभिन्न विकासात्मक पहले निम्नलिखित हैं
(1) पाकिस्तान ने 'मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाया जिसमें सार्वजनिक व निजी क्षेत्रक मिलकर काम करते हैं। दोनों एक-दूसरे के पूरक होते हैं।
(2) 1950 और 1960 के दशकों में अन्त में पाकिस्तान ने अनेक प्रकार के नियन्त्रण लगाए
• औद्योगिक विकास के लिए आयात प्रतिस्थापन की नीति को अफ्नाया।।
• उपभोक्ता वस्तुओं के विनिर्माण को संरक्षण देने के लिए प्रशुल्क लगाए।
• प्रतिस्पर्धा आयातों पर आयात-नियन्त्रण लगाए।
• चुनिन्दा क्षेत्रों की आधारिक संरचना में सार्वजनिक निवेश में वृद्धि की।
• 1970 ई० के दशक में प्रमुख पूँजीगत वस्तुओं के उद्योगों का राष्ट्रीयकरण किया।
• कृषि क्षेत्र में हरित क्रान्ति को प्रोत्साहन दिया।
• 1970 और 1980 के दशकों के अन्त में अ-राष्ट्रीयकरण की नीति अपनाई और निजी क्षेत्रक को प्रोत्साहित किया।
• 1988 ई० में देश में आर्थिक सुधार लागू किए गए।
In simple words: पाकिस्तान ने मिश्रित अर्थव्यवस्था अपनाई, 1950-60 के दशक में आयात प्रतिस्थापन, प्रशुल्क और आयात-नियंत्रण जैसे नियंत्रण लागू किए। 1970 के दशक में उद्योगों का राष्ट्रीयकरण किया और हरित क्रांति को बढ़ावा दिया, फिर बाद में निजीकरण और 1988 में आर्थिक सुधार लागू किए।
🎯 Exam Tip: पाकिस्तान की विकास नीतियों को कालक्रमानुसार और प्रमुख बिन्दुओं के रूप में प्रस्तुत करना अच्छे अंक दिलाएगा।
Question 7. चीन में 'एक सन्तान नीति का महत्त्वपूर्ण निहितार्थ क्या है?
Answer: 1970 ई० के दशक के अन्त में चीन में 'एक सन्तान नीति लागू की गई थी। इस नीति के निम्नलिखित परिणाम सामने आए
1. चीन में जनसंख्या वृद्धि की गति बहुत धीमी हो गई।
2. चीन में लिंगानुपात (प्रति एक हजार पुरुषों में महिलाओं को अनुपात) में गिरावट आई ।
3. यह अनुमान लगाया गया कि कुछ दशकों के बाद चीन में वयोवृद्ध लोगों की जनसंख्या का अनुपात युवा लोगों की अपेक्षा अधिक हो जाएगा।
4. चीन को सामाजिक सुरक्षा उपाय बढ़ाने होंगे।
In simple words: चीन की एक-सन्तान नीति ने जनसंख्या वृद्धि को धीमा किया, लेकिन लिंगानुपात में गिरावट आई और भविष्य में बुजुर्गों की जनसंख्या युवा लोगों से अधिक होने का अनुमान है, जिससे सामाजिक सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की आवश्यकता होगी।
🎯 Exam Tip: 'एक सन्तान नीति' के मुख्य सकारात्मक और नकारात्मक परिणामों को स्पष्ट रूप से उल्लेख करें।
Question 8. चीन, पाकिस्तान और १रत के मुख्य जनांकिकीय संकेतकों का उल्लेख कीजिए ।
Answer: चीन व भारत क्रमशः विश्व के सर्वाधिक जनसंख्या वाले देश हैं। विश्व में रहने वाले प्रत्येक छः व्यक्तियों में से एक व्यक्ति भारतीय है और दूसरा चीनी है। इसके विपरीत पाकिस्तान की जनसंख्या बहुत कम है और वह चीन या भारत की जनसंख्या का लगभग दसवाँ भाग है। जनसंख्या वृद्धि की दर पाकिस्तान में सबसे अधिक है, और उसके बाद भारत व चीन का स्थान है। चीन में प्रजनन दर भी बहुत कम है और पाकिस्तान में बहुत अधिक । इसे तालिका 10.1 में दर्शाया गया है
| चीन | भारत | पाकिस्तान |
|---|---|---|
| (i) एक सन्तान का नियम् | (vi) मिश्रित अर्थव्यवस्था | (ix) मिश्रित अर्थव्यवस्था |
| (ii) निम्न प्रजनन दर | (vii) जनसंख्या का अत्यधिक घनत्व | (x) अति उच्च प्रजनन दर |
| (iii) नगरीकरण का उच्च स्तर | (viii) सेवा क्षेत्रक के कारण संवृद्धि | |
| (iv) भारी जनसंख्या | ||
| (v) विनिर्माण क्षेत्रक के कारण संवृद्धि |
[* नोट-इन आँकड़ों में हाँगकाँग, मकाओ और ताइवान प्रान्तों के आँकड़े शामिल नहीं हैं ।] उपर्युक्त तालिका में निम्न बातें स्पष्ट होती है
1. जनसंख्या की दृष्टि से चीन का प्रथम, भारत का द्वितीय तथा पाकिस्तान का तृतीय है।
2. जनसंख्या की वार्षिक संवृद्धि दर पाकिस्तान में सर्वाधिक (2.5) है। इसके बाद भारत (1.7) का नम्बर आता है। चीन (1.0) में यह सबसे कम है।
3. भारत में जनसंख्या का घनत्व सर्वाधिक (358) है जबकि पाकिस्तान में 193 तथा चीन में 138 है।
4. लिंगानुपात की दृष्टि से चीन का प्रथम (937), भारत का द्वितीय (933) तथा पाकिस्तान का तृतीय (922) है।
5. प्रजनन दर पाकिस्तान में सर्वाधिक (5.1) है जबकि भारत में यह 3.0 तथा चीन में सबसे कम (1.8) है।
6. चीन (36.1) तथा पाकिस्तान (33.4) दोनों ही में नगरीकरण अधिक है। भारत में नगरीय क्षेत्रों में लगभग 28% लोग रहते हैं।
In simple words: चीन, भारत और पाकिस्तान की जनसंख्या के आकार, वृद्धि दर, घनत्व, लिंगानुपात, प्रजनन दर और नगरीकरण स्तर में महत्वपूर्ण अंतर हैं। चीन सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है, इसके बाद भारत और फिर पाकिस्तान है। पाकिस्तान में जनसंख्या वृद्धि दर और प्रजनन दर सर्वाधिक है, जबकि चीन में ये सबसे कम हैं, जो उसकी 'एक सन्तान नीति' का परिणाम है।
🎯 Exam Tip: तीनों देशों के जनांकिकीय संकेतकों की तुलना करते समय, प्रमुख बिन्दुओं को सारणीबद्ध रूप में प्रस्तुत करना और आंकड़ों के साथ समझाना प्रभावी होता है।
Question 9. मानव विकास के विभिन्न संकेतकों का उल्लेख कीजिए।
Answer: मानव विकास के विभिन्न संकेतक निम्नलिखित हैं
1. प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद ।
2. निर्धनता रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले लोग।
3. जन्म के समय जीवन प्रत्याशा ।
4. प्रौढ़ साक्षरता दरें (15 वर्ष और अधिक आयु) ।
5. सामान्य साक्षरता दर :
6. शिशु मृत्यु-दर ।
7. मातृत्व मृत्यु-दर ।
8. उत्तम स्वच्छता तक धारणीय पहुँच वाली जनसंख्या।
9. उत्तम जलस्रोतों तक धारणीय पहुँच वाली जनसंख्या ।
10. अल्पपोषित जनसंख्या।
In simple words: मानव विकास के संकेतकों में प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद, गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या, जीवन प्रत्याशा, साक्षरता दर, शिशु और मातृत्व मृत्यु-दर, स्वच्छता, जलस्रोतों तक पहुंच और अल्पपोषित जनसंख्या जैसे कारक शामिल होते हैं।
🎯 Exam Tip: मानव विकास के संकेतकों की सूची याद रखना और प्रत्येक संकेतक का संक्षिप्त अर्थ समझना महत्वपूर्ण है।
Question 10. स्वतन्त्रता संकेतक की परिभाषा दीजिए। स्वतन्त्रता संकेतकों के कुछ उदाहरण दीजिए।
Answer: स्वतन्त्रता संकेतक की परिभाषा स्वतन्त्रता संकेतक को 'सामाजिक व राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में लोकतान्त्रिक भागीदारी के रूप में परिभाषित किया जाता है। प्रमुख स्वतन्त्रता संकेतांकों के उदाहरण निम्नलिखित हैं
1. नागरिक अधिकारों की संवैधानिक संरक्षण की सीमा ।
2. न्यायपालिका की स्वतन्त्रता को संरक्षण देने की संवैधानिक सीमा ।
3. विधिसम्मत शासन ।
In simple words: स्वतन्त्रता संकेतक सामाजिक और राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में लोगों की लोकतांत्रिक भागीदारी को मापता है, जिसमें नागरिक अधिकारों का संवैधानिक संरक्षण, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और विधिसम्मत शासन जैसे कारक शामिल होते हैं।
🎯 Exam Tip: स्वतन्त्रता संकेतक की परिभाषा और उसके मुख्य उदाहरणों को याद रखना आवश्यक है।
Question 11. उन विभिन्न कारकों का मूल्यांकन कीजिए जिनके आधार पर चीन में आर्थिक विकास में तीव्र वृद्धि (तीव्र आर्थिक विकास) हुई । उत्तर
Answer: चीन में तीव्र आर्थिक विकास के लिए उत्तरदायी प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं
1. विश्व बैंक और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के दिशा-निर्देशों के बिना ही चीन ने 1978 ई० में आर्थिक सुधारों को आरम्भ किया।
2. व्यापक भूमि सुधार, सामुदायिकीकरण और ग्रेट लीप फॉरवर्ड जैसी पहले (Initiatives) ली गईं।
3. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में आधारिक संरचना का निर्माण किया गया, योजनाओं को विकेन्द्रीकरण किया गया, भू-सुधार कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया गया तथा लघु उद्योगों के विकास पर पर्याप्त बल दिया गया।
4. ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं का बड़े व्यापक स्तर पर प्रसारण किया गया।
5. प्रत्येक सुधार को पहले छोटे स्तर पर लागू किया गया और बाद में उसे बड़े पैमाने पर लागू किया गया। उपर्युक्त सुधारों के कारण चीन की वार्षिक संवृद्धि दर में तेजी से वृद्धि हुई।
In simple words: चीन की तीव्र आर्थिक वृद्धि 1978 के आर्थिक सुधारों से संभव हुई, जिसमें भूमि सुधार, विकेंद्रीकरण, बुनियादी स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार, लघु उद्योगों को बढ़ावा देना और चरणबद्ध तरीके से सुधारों को लागू करना शामिल था।
🎯 Exam Tip: चीन के तीव्र आर्थिक विकास के कारणों को बिन्दुवार और विश्लेषण के साथ प्रस्तुत करें।
Question 12. भारत, चीन और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्थाओं से सम्बन्धित विशेषताओं को तीन शीर्षकों के अन्तर्गत समूहित कीजिए
1. एक सन्तान का नियम
2. निम्न प्रजनन दर
3. नगरीकरण का उच्च स्तर
4. मिश्रित अर्थव्यवस्था
5. अति उच्च प्रजनन पर
6. भारी जनसंख्या
7. जनसंख्या का अत्यधिक घनत्व
8. विनिर्माण क्षेत्रक के कारण संवृद्धि
9. सेवा क्षेत्रक के कारण संवृद्धि ।
Answer:
**चीन से संबंधित विशेषताएँ:**
(1) एक सन्तान का नियम
(2) निम्न प्रजनन दर
(3) नगरीकरण का उच्च स्तर
(6) भारी जनसंख्या
(8) विनिर्माण क्षेत्रक के कारण संवृद्धि
**भारत से संबंधित विशेषताएँ:**
(4) मिश्रित अर्थव्यवस्था
(7) जनसंख्या का अत्यधिक घनत्व
(9) सेवा क्षेत्रक के कारण संवृद्धि
**पाकिस्तान से संबंधित विशेषताएँ:**
(4) मिश्रित अर्थव्यवस्था
(5) अति उच्च प्रजनन दर
(6) भारी जनसंख्या
In simple words: चीन की मुख्य विशेषताओं में एक-सन्तान नीति, निम्न प्रजनन दर, उच्च नगरीकरण, भारी जनसंख्या और विनिर्माण क्षेत्रक से संवृद्धि शामिल है। भारत की विशेषताएँ मिश्रित अर्थव्यवस्था, अत्यधिक जनसंख्या घनत्व और सेवा क्षेत्रक से संवृद्धि हैं। पाकिस्तान की विशेषताएँ मिश्रित अर्थव्यवस्था, अति उच्च प्रजनन दर और भारी जनसंख्या हैं।
🎯 Exam Tip: तीनों देशों की विशिष्ट आर्थिक और जनांकिकीय विशेषताओं को सही शीर्षकों के अंतर्गत वर्गीकृत करना महत्वपूर्ण है।
Question 13. पाकिस्तान में धीमी संवृद्धि दर तथा पुनःनिर्धनता के कारण बताइए।
Answer: पाकिस्तान में संवृद्धि दर धीमी रही है। यह 1980-90 के दशक में 6.3% थी जो 1990-2003 की अवधि के दौरान घटकर 3.6% रह गई। यह गिरावट कृषि, विनिर्माण व सेवा-तीनों ही क्षेत्रकों में देखी गई। संवृद्धि दर में गिरावट के साथ-साथ निर्धनता का स्तर भी कम होने के बाद 1990 के दशक में पुनः बढ़ने लगा है। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं
1. कृषि संवृद्धि और खाद्य पूर्ति, तकनीकी परिवर्तन संस्थागत प्रक्रिया पर आधारित न होकर अच्छी फसल पर आधारित था। फसल के अच्छा होने पर अर्थव्यवस्था ठीक रहती थी और फसल के अच्छी न होने पर संवृद्धि दर गिर जाती थी।
2. विदेशी मुद्रा का अर्जन विनिर्मित उत्पादों के निर्यात पर आधारित न होकर, मध्य-पूर्व में काम करने वाले पाकिस्तानी श्रमिकों की आय प्रेषण तथा अति अस्थिर कृषि उत्पादों के निर्यातों पर आधारित था।
3. पाकिस्तान में विदेशी ऋणों पर निर्भर रहने की प्रवृत्ति बढ़ रही थी और दूसरी ओर पुराने ऋणों को चुकाने की कठिनाई बढ़ती जा रही थी। इस प्रकार पाकिस्तान विदेशी ऋण-जाल में फँसता जा रहा था।
4. पाकिस्तान विनिर्माण क्षेत्र के लिए आवश्यक आधारिक संरचना का निर्माण नहीं कर पाया।
5. आतंकवाद के चलते विदेशी निवेशकों ने पाकिस्तान में निवेश के प्रति रुचि नहीं दिखाई।
In simple words: पाकिस्तान में धीमी आर्थिक वृद्धि और बढ़ती गरीबी के मुख्य कारण कृषि का अस्थिर होना, विनिर्मित उत्पादों के बजाय श्रमिकों के प्रेषण और अस्थिर कृषि उत्पादों पर विदेशी मुद्रा की निर्भरता, बढ़ते विदेशी ऋण, विनिर्माण के लिए आधारिक संरचना की कमी, और आतंकवाद के कारण विदेशी निवेश की कमी थे।
🎯 Exam Tip: पाकिस्तान की आर्थिक समस्याओं के कारणों को स्पष्ट रूप से बिन्दुवार सूचीबद्ध करना और प्रत्येक कारण को संक्षिप्त रूप से समझाना महत्वपूर्ण है।
Question 14. कुछ विशेष मानव विकास संकेतांकों के सन्दर्भ में भारत, चीन और पाकिस्तान के विकास की तुलना कीजिए और उसका वैषम्य बताइए ।
Answer: तालिका 10.2 में भारत, चीन और पाकिस्तान में मानव विकास के कुछ विशेष मानव विकास संकेतांकों की निष्पादन प्रवृत्ति को दर्शाया गया है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह तालिका भारत, चीन और पाकिस्तान के मानव विकास से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण संकेतकों को 2003 ई. के आंकड़ों के आधार पर प्रस्तुत करती है, जिसमें मानव विकास सूचकांक, पद, जन्म के समय जीवन प्रत्याशा, प्रौढ़ साक्षरता दरें, प्रति व्यक्ति जी०डी०पी०, और निर्धनता रेखा से नीचे रहने वाले लोगों का प्रतिशत शामिल है।
| क्रम | मद | भारत | चीन | पाकिस्तान |
|---|---|---|---|---|
| 1. | मानव विकास सूचक (मान) | 0.602 | 0.755 | 0.527 |
| 2. | पद | 127 | 85 | 135 |
| 3. | जन्म के समय जीवन प्रत्याशा (वर्षो में) | 63.3 | 71.6 | 63.0 |
| 4. | प्रौढ़ साक्षरता दरें (15 वर्ष और अधिक आयु) | 61.0 | 90.0 | 48.7 |
| 5. | प्रति व्यक्ति जी०डी०पी० (पी०पी०पी० अमेरिकी डॉलर) | 2,892 | 5,003 | 2,097 |
| 6. | निर्धनता रेखा से नीचे लोग | 34.7 | 16.6 | 13.4 |
| 7. | शिशु मृत्यु-दर | 63 | 30 | 81 |
| 8. | मातृत्व मृत्यु-दर | 540 | 56 | 500 |
| 9. | उत्तम स्वच्छता तक धारणीय पहुँच वाली जनसंख्या (%) | 30 | 44 | 54 |
| 10. | उत्तम जलस्रोतों तक धारणीय पहुँच वाली जनसंख्या (%) | 86 | 77 | 90 |
| 11. | अल्पपोषित जनसंख्या (कुल का %) | 21 | 11 | 20 |
उपर्युक्त तालिका के प्रमुख निष्कर्ष निम्नलिखित हैं
1. प्रति व्यक्ति जी०डी०पी० की दृष्टि से चीन भारत व पाकिस्तान से आगे है। इसमें पाकिस्तान का स्थान सबसे नीचे है।
2. निर्धनता रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या पाकिस्तान में सबसे कम है। भारत में सबसे अधिक लोग निर्धनता रेखा से नीचे जीवन-यापन कर रहे हैं। यदि इस संख्या को प्रतिशत में अभिव्यक्त करें, तो यह प्रतिशत चीन में सबसे कम है।
3. जीवन प्रत्याशा चीन में सर्वाधिक है। इसके बाद क्रमशः भारत व पाकिस्तान का स्थान है।
4. प्रौढ़ साक्षरता दर में चीन का स्थान सर्वोपरि है। इसके बाद भारत और पाकिस्तान का स्थान आता
5. शिशु मृत्यु-दर एवं मातृत्व मृत्यु-दर भी चीन में ही सबसे कम है। इसके बाद शिशु मृत्यु-दर में भारत तथा मातृत्व मृत्यु दर में पाकिस्तान का स्थान है।
6. स्वच्छता व जलस्रोतों तक धारणीय पहुँच वाली जनसंख्या का प्रतिशत भी पाकिस्तान में सर्वाधिक
7. सबसे कम अल्पोषित जनसंख्या का प्रतिशत चीन में है। इसके बाद क्रमशः भारत और पाकिस्तान का स्थान है।
संक्षेप में, अनेक सूचकों में चीन, अनेक सूचकों में भारत तो अनेक सूचकों में पाकिस्तान आगे है, किन्तु समग्र रूप में चीन का सर्वोपर (85वाँ) स्थान है जबकि भारत और पाकिस्ताने का स्थान क्रमशः 127वाँ व 135वाँ है।
In simple words: मानव विकास संकेतकों के संदर्भ में, चीन अधिकांश मापदंडों जैसे प्रति व्यक्ति जीडीपी, जीवन प्रत्याशा, साक्षरता दर, शिशु और मातृत्व मृत्यु-दर, और अल्पपोषित जनसंख्या में भारत और पाकिस्तान से बेहतर प्रदर्शन करता है। हालांकि, पाकिस्तान में स्वच्छता और जलस्रोतों तक पहुंच सर्वाधिक है, और गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की संख्या भारत में सबसे अधिक है।
🎯 Exam Tip: तालिका के आंकड़ों का उपयोग करते हुए, प्रत्येक संकेतक पर तीनों देशों के प्रदर्शन की तुलनात्मक व्याख्या करें और प्रमुख निष्कर्षों को हाइलाइट करें।
Question 15. पिछले दो दशकों में चीन और भारत में देखी गई संवृद्धि दर की प्रवृत्तियों पर टिप्पणी| कीजिए ।
Answer: पिछले दो दशकों में चीन और भारत की संवृद्धि की प्रवृत्तियों को तालिका 10.3 में दर्शाया गया है
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह तालिका भारत और चीन के विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों-कृषि, उद्योग और सेवा-में 1980-90 और 1990-2002/03 के दो दशकों के दौरान संवृद्धि की प्रवृत्तियों को प्रतिशत में दर्शाती है। यह तुलनात्मक डेटा दोनों देशों के क्षेत्रीय विकास पैटर्न को समझने में मदद करता है।
| देश | 1980-90 | 1990-2002/03 | ||||
|---|---|---|---|---|---|---|
| कृषि | उद्योग | सेवा | कृषि | उद्योग | सेवा | |
| 1. भारत | 3.1 | 7.4 | 6.9 | 2.7 | 6.6 | 7.9 |
| 2. चीन | 5.9 | 10.8 | 13.5 | 3.9 | 11.8 | 8.8 |
उपर्युक्त तालिका में निम्न बातें स्पष्ट होती हैं
1. दोनों देशों में कृषि संवृद्धि की दर घटी है। भारत में यह 3.1% से घटकर 2.7% रह गई है जबकि चीन में यह 5.9% से घटकर 3.9% रह गई। स्पष्ट है कि गिरावट की यह दर चीन में अधिक रही
2. चीन में उद्योग की संवृद्धि दर बढ़ी है। (10.8% से बढ़कर 11.8%) जबकि भारत में औद्योगिक | संवृद्धि दर घटी है (7.4% से घटकर 6.6%)।
3. भारत में सेवा क्षेत्रक में संवृद्धि दर बढ़ी है (6.9% से बढ़कर 7.9%) जबकि चीन में यह घटी है ।। (13.5% से घटकर 8.8%)। इस प्रकार भारत में सेवा क्षेत्रक और चीन में विनिर्माण क्षेत्रक में जी०डी०पी० योगदान अधिक रहा है।
In simple words: पिछले दो दशकों में भारत और चीन दोनों में कृषि संवृद्धि धीमी हुई है, लेकिन चीन में गिरावट की दर अधिक थी। चीन में औद्योगिक वृद्धि दर बढ़ी, जबकि भारत में घटी। सेवा क्षेत्रक में भारत की वृद्धि दर बढ़ी, जबकि चीन की घटी। कुल मिलाकर, भारत में सेवा क्षेत्रक और चीन में विनिर्माण क्षेत्रक का जीडीपी में योगदान अधिक रहा है।
🎯 Exam Tip: भारत और चीन के कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों की संवृद्धि दरों की तुलना करते हुए, प्रमुख प्रवृत्तियों और उनके प्रभावों को स्पष्ट करें।
Question 16. निम्नलिखित रिक्त स्थानों को भरिए
(क) 1956 ई० में ........” की प्रथम पंचवर्षीय योजना शुरू हुई थी पाकिस्तान/चीन)
(ख) मातृत्व मृत्यु-दर ........ में अधिक है। (चीन/पाकिस्तान)
(ग) निर्धनता रेखा से नीचे रहने वाले लोगों का अनुपात ............' में अधिक है। (भारत/पाकिस्तान)
(घ) ............. में आर्थिक सुधार 1978 ई० में शुरू किए गए थे। (चीन/पाकिस्तान)
Answer:
(क) पाकिस्तान,
(ख) पाकिस्तान,
(ग) भारत,
(घ) चीन ।
In simple words: रिक्त स्थानों को भरने के लिए, दी गई जानकारी के आधार पर सही देश का चयन करना होता है, जैसे कि पाकिस्तान ने 1956 में प्रथम पंचवर्षीय योजना शुरू की, पाकिस्तान में मातृत्व मृत्यु-दर अधिक है, भारत में निर्धनता रेखा से नीचे रहने वाले लोग अधिक हैं, और चीन में आर्थिक सुधार 1978 में शुरू हुए थे।
🎯 Exam Tip: इन रिक्त स्थानों को भरने के लिए तीनों देशों से संबंधित प्रमुख आर्थिक और सामाजिक तथ्यों का सटीक ज्ञान आवश्यक है।
परीक्षोपयोगी प्रश्नोत्तर
बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. महान प्रगति उछाल (ग्रेट लीप फॉरवर्ड) का आरम्भ कहाँ किया गया?
(क) भारत में
(ख) चीन में
(ग) नेपाल में
(घ) अमेरिका में
Answer: (ख) चीन में
In simple words: 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' अभियान चीन में शुरू किया गया था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण आर्थिक अभियानों और उनके देशों को याद रखना बहुविकल्पीय प्रश्नों में सहायक होता है।
Question 2. चीन में आर्थिक सुधार लागू किए गए
(क) सन् 1958 में
(ख) सन् 1988 में
(ग) सन् 1950 में
(घ) सन् 1978 में
Answer: (घ) सन् 1978 में
In simple words: चीन ने अपने आर्थिक सुधार सन् 1978 में लागू किए थे।
🎯 Exam Tip: प्रमुख देशों द्वारा आर्थिक सुधारों के प्रारम्भ के वर्ष याद रखें।
Question 3. पाकिस्तान में कब आर्थिक सुधार लागू किए गए?
(क) सन् 1988 में
(ख) सन् 1990 में
(ग) सन् 2000 में
(घ) सन् 1900 में
Answer: (क) सन् 1988 में
In simple words: पाकिस्तान में आर्थिक सुधार सन् 1988 में लागू किए गए थे।
🎯 Exam Tip: पाकिस्तान के आर्थिक सुधारों के वर्ष को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 4. चीन में एक सन्तान नीति कब लागू की गई?
(क) सन् 1980 में
(ख) सन् 1900 में
(ग) सन् 1970 में
(घ) सन् 1950 में
Answer: (ग) सन् 1970 में
In simple words: चीन में 'एक सन्तान नीति' 1970 के दशक में लागू की गई थी।
🎯 Exam Tip: चीन की जनसंख्या नीति से संबंधित वर्ष को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 5. भारत सरकार ने कब आर्थिक सुधार लागू किए?
(क) 1990 के दशक में ।
(ख) 1980 के दशक में
(ग) 2000 के दशक में ।
(घ) 2010 के दशक में
Answer: (क) 1990 के दशक में
In simple words: भारत में आर्थिक सुधार 1990 के दशक में लागू किए गए थे।
🎯 Exam Tip: भारत में आर्थिक सुधारों की शुरुआत का दशक याद रखना एक महत्वपूर्ण तथ्य है।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. किन्हीं दो क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूहों के नाम बताइए ।
Answer: क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह हैं-
(1) सार्क
(2) आसियान ।
In simple words: सार्क और आसियान दो क्षेत्रीय आर्थिक समूह हैं।
🎯 Exam Tip: प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक संगठनों के नाम याद रखें।
Question 2. भारत की प्रथम पंचवर्षीय योजना की अवधि क्या थी?
Answer: भारत की प्रथम पंववर्षीय योजना की अवधि 1951-56 ई० थी ।
In simple words: भारत की पहली पंचवर्षीय योजना 1951 से 1956 तक चली थी।
🎯 Exam Tip: भारत की पहली पंचवर्षीय योजना की अवधि को ठीक से याद रखें।
Question 3. पाकिस्तान ने अपनी प्रथम पंचवर्षीय योजना की घोषणा कब की?
Answer: पाकिस्तान ने सन् 1956 में अपनी प्रथम पंचवर्षीय योजना की घोषणा की। इसे मध्यकालिक योजना भी कहा गया।
In simple words: पाकिस्तान ने अपनी पहली पंचवर्षीय योजना 1956 में घोषित की, जिसे मध्यकालिक योजना भी कहते हैं।
🎯 Exam Tip: पाकिस्तान की प्रथम पंचवर्षीय योजना की घोषणा का वर्ष याद रखें।
Question 4. चीन ने अपनी प्रथम पंचवर्षीय योजना की घोषणा कब की?
Answer: चीन ने अपनी प्रथम पंचवर्षीय योजना की घोषणा 1953 ई० में की।
In simple words: चीन ने अपनी पहली पंचवर्षीय योजना 1953 में घोषित की।
🎯 Exam Tip: चीन की प्रथम पंचवर्षीय योजना की घोषणा के वर्ष को याद रखें।
Question 5. भारत व पाकिस्तान की दो समान नीतियाँ बताइए ।
Answer: भारत व पाकिस्तान की दो समान नीतियाँ थीं
(1) वृहत् सार्वजनिक क्षेत्र का सृजन
(2) सामाजिक विकास पर अधिक सार्वजनिक व्यय ।
In simple words: भारत और पाकिस्तान दोनों ने बड़े सार्वजनिक क्षेत्र का निर्माण किया और सामाजिक विकास पर अधिक सार्वजनिक व्यय किया।
🎯 Exam Tip: भारत और पाकिस्तान की साझा विकास नीतियों के मुख्य बिन्दुओं को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 6. 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड क्या है?
Answer: 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' 1958 ई० में चलाया चीन का एक मुख्य अभियान था जिसका मुख्य बिन्दु देश के औद्योगीकरण को उच्च पैमाने पर ले जाना था।
In simple words: 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' चीन का 1958 का अभियान था जिसका लक्ष्य बड़े पैमाने पर देश का औद्योगीकरण करना था।
🎯 Exam Tip: 'ग्रेट लीप फॉरवर्ड' की संक्षिप्त परिभाषा और मुख्य उद्देश्य को याद रखें।
Question 7. कम्यून क्या था?
Answer: केम्यून एक ऐसी पद्धति थी जिसके अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सामूहिक रूप से खेती करते थे। 1958 ई० में लगभग 26,000 कम्यून थे।
In simple words: कम्यून चीन में एक सामूहिक खेती की पद्धति थी, जिसमें ग्रामीण लोग मिलकर खेती करते थे।
🎯 Exam Tip: 'कम्यून' की परिभाषा और उसके संदर्भ को समझें।
Question 8. जी०एल०एफ० अभियान में कौन-कौन-सी प्रमुख समस्याएँ आई?
Answer: जी०एल०एफ० अभियान में दो प्रमुख समस्याएँ सामने आईं- (1) भयंकर सूखा, (2) रूस और चीन के मध्य संघर्ष ।
In simple words: ग्रेट लीप फॉरवर्ड अभियान को भारी सूखा और रूस-चीन संघर्ष जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
🎯 Exam Tip: ग्रेट लीप फॉरवर्ड की मुख्य असफलताओं या समस्याओं को याद रखें।
Question 9. माओ ने चीन में किस क्रान्ति का आरम्भ किया?
Answer: 1965 ई० में माओ ने 'महान् सर्वहारा सांस्कृतिक क्रान्ति' का आरम्भ किया जिसके अन्तर्गत छात्रों और विशेषज्ञों को ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने और अध्ययन करने के लिए भेजा गया।
In simple words: माओ ने 1965 में 'महान् सर्वहारा सांस्कृतिक क्रान्ति' की शुरुआत की थी।
🎯 Exam Tip: चीन में माओ द्वारा शुरू की गई 'सांस्कृतिक क्रान्ति' के वर्ष और उद्देश्य को याद रखें।
Question 10. चीन में तीव्र औद्योगिक संवृद्धि दर का मुख्य कारण क्या था?
Answer: चीन में तीव्र औद्योगिक संवृद्धि दर का मुख्य कारण 1978 ई० में लागू किए गए 'सुधार कार्यक्रम
In simple words: चीन की तीव्र औद्योगिक संवृद्धि दर का मुख्य कारण 1978 में शुरू किए गए आर्थिक सुधार कार्यक्रम थे।
🎯 Exam Tip: चीन की औद्योगिक वृद्धि के प्रमुख कारण के रूप में आर्थिक सुधारों को याद रखें।
Question 11. चीन में आर्थिक सुधारों को किस प्रकार लागू किया गया?
Answer: चीन में आर्थिक सुधार विभिन्न चरणों में लागू किए गए। प्रथम चरण में कृषि, विदेशी व्यापार तथा निवेश क्षेत्रों में सुधार किए गए तथा द्वितीय चरण में औद्योगिक क्षेत्र में सुधार आरम्भ किए गए ।
In simple words: चीन में आर्थिक सुधारों को चरणों में लागू किया गया, पहले कृषि और विदेशी व्यापार में, फिर औद्योगिक क्षेत्र में।
🎯 Exam Tip: चीन के आर्थिक सुधारों के चरणबद्ध क्रियान्वयन को संक्षेप में बताएं।
Question 12. चीन में दोहरी कीमत निर्धारण पद्धति क्या थी?
Answer: चीन में कीमत का निर्धारण दो प्रकार से किया जाता था
(1) निर्धारित मात्रा का क्रय-विक्रय सरकार द्वारा निर्धारित कीमत पर तथा
(2) शेष वस्तुओं का क्रय-विक्रय बाजार कीमतों पर।
In simple words: चीन की दोहरी कीमत निर्धारण पद्धति में, वस्तुओं की एक निश्चित मात्रा सरकार द्वारा निर्धारित कीमत पर बेची जाती थी, जबकि शेष मात्रा बाजार कीमतों पर बिकती थी।
🎯 Exam Tip: चीन की 'दोहरी कीमत निर्धारण पद्धति' के दोनों पहलुओं को स्पष्ट रूप से समझाएं।
Question 13. चीन में विशेष आर्थिक क्षेत्र क्यों स्थापित किए गए?
Answer: चीन में विशेष आर्थिक क्षेत्र विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए स्थापित किए गए।
In simple words: चीन में विशेष आर्थिक क्षेत्र विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बनाए गए थे।
🎯 Exam Tip: विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) की स्थापना के मुख्य उद्देश्य को याद रखें।
Question 14. 1950 व 1960 ई० के दशकों के अन्त में पाकिस्तान की नीतियाँ कैसी थीं?
Answer: 1950 व 1960 के दशकों के अन्त में पाकिस्तान ने अनेक प्रकार की नियन्त्रित नीतियों का प्रारूप लागू किया। इनमें से प्रमुख थीं-आयात-प्रतिस्थापन नीति, प्रशुल्क संरक्षण, प्रतिस्पर्धी आयातों पर प्रत्यक्ष नियन्त्रण आदि ।
In simple words: 1950 और 1960 के दशकों में पाकिस्तान ने आयात-प्रतिस्थापन, प्रशुल्क संरक्षण और आयात नियंत्रण जैसी नियंत्रित नीतियां अपनाई थीं।
🎯 Exam Tip: पाकिस्तान की शुरुआती विकास नीतियों की मुख्य विशेषताओं को याद रखें।
Question 15. पाकिस्तान में हरित क्रान्ति के क्या परिणाम हुए? "
Answer: पाकिस्तान में हरित क्रान्ति के परिणाम हुए-कृषि यन्त्रीकरण में वृद्धि, खाद्यान्नों के उत्पादन में तीव्र वृद्धि, कृषि-भू-संरचना में परिवर्तन आदि ।
In simple words: पाकिस्तान में हरित क्रांति से कृषि यंत्रीकरण बढ़ा, खाद्यान्न उत्पादन में तेजी आई और कृषि-भूमि संरचना में बदलाव आया।
🎯 Exam Tip: हरित क्रांति के मुख्य प्रभावों को पाकिस्तान के संदर्भ में उल्लेख करें।
Question 16. चीन में जनसंख्या वृद्धि की धीमी दर का क्या कारण रहा है?
Answer: 1970 ई० के दशक के अन्त में चीन में केवल एक सन्तान नीति' को लागू करना।
In simple words: चीन में जनसंख्या वृद्धि की धीमी दर का मुख्य कारण 1970 के दशक के अंत में लागू की गई 'एक सन्तान नीति' थी।
🎯 Exam Tip: चीन की जनसंख्या वृद्धि दर पर 'एक सन्तान नीति' के प्रभाव को याद रखें।
Question 17. 1980 ई० के दशक में पाकिस्तान की संवृद्धि दर में भारी गिरावट के क्या कारण थे?
Answer: ये कारण थे— (1) 1988 ई० में प्रारम्भ की गई सुधार प्रक्रिया तथा (2) राजनीतिक अस्थिरता ।
In simple words: 1980 के दशक में पाकिस्तान की आर्थिक वृद्धि दर में गिरावट के मुख्य कारण 1988 में शुरू हुई सुधार प्रक्रिया और देश में राजनीतिक अस्थिरता थे।
🎯 Exam Tip: पाकिस्तान की संवृद्धि दर में गिरावट के कारणों को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 18. चीन, भारत व पाकिस्तान के जी०डी०पी० में किस क्षेत्र का योगदान सर्वाधिक है?
Answer: चीन में विनिर्माण क्षेत्रक का तथा भारत व पाकिस्तान में सेवा क्षेत्रक का योगदान सर्वाधिक है।
In simple words: चीन के जीडीपी में विनिर्माण क्षेत्रक का, जबकि भारत और पाकिस्तान के जीडीपी में सेवा क्षेत्रक का योगदान सर्वाधिक है।
🎯 Exam Tip: तीनों देशों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में प्रमुख योगदानकर्ता क्षेत्रों को याद रखें।
Question 19. कोई दो मानव विकास संकेतांकञताइए।
Answer: ये हैं -
(1) प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद तथा
(2) जीवन प्रत्याशा ।
In simple words: प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद और जीवन प्रत्याशा मानव विकास के दो महत्वपूर्ण संकेतक हैं।
🎯 Exam Tip: मानव विकास के किन्हीं दो महत्वपूर्ण संकेतकों के नाम याद रखें।
Question 20. कोई दो स्वतन्त्रता संकेतांक बताइए ।
Answer: ऐसे संकेतांक हैं— (1) सामाजिक व राजनीतिक निर्णय-प्रक्रिया में लोकतान्त्रिक भागीदारी तथा (2) न्यायपालिका की स्वतन्त्रता को संरक्षण देने की संवैधानिक सीमा।
In simple words: सामाजिक-राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में लोकतांत्रिक भागीदारी और न्यायपालिका की संवैधानिक स्वतंत्रता की सुरक्षा, स्वतंत्रता के दो प्रमुख संकेतक हैं।
🎯 Exam Tip: स्वतंत्रता के दो मुख्य संकेतकों के नाम याद रखें।
Question 21. चीन, पाकिस्तान और भारत ने कब-कब आर्थिक सुधार आरम्भ किए?
Answer: चीन ने 1978 ई० में, पाकिस्तान में 1988 ई० में तथा भारत ने 1991 ई० में आर्थिक सुधार प्रारम्भ किए।
In simple words: चीन ने 1978 में, पाकिस्तान ने 1988 में और भारत ने 1991 में अपने आर्थिक सुधार शुरू किए।
🎯 Exam Tip: तीनों देशों द्वारा आर्थिक सुधारों को शुरू करने के वर्षों को सही क्रम में याद रखें।
Question 22. चीन, पाकिस्तान और भारत में आर्थिक सुधारों का प्रेरणा-स्रोत क्या था?
Answer: चीन ने संरचनात्मक सुधारों का निर्णय स्वयं लिया था जबकि भारत और पाकिस्तान को अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं ने ऐसे सुधार करने के लिए बाध्य किया था।
In simple words: चीन ने अपने आर्थिक सुधार स्वयं शुरू किए, जबकि भारत और पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के दबाव के कारण सुधार करने पड़े।
🎯 Exam Tip: तीनों देशों के आर्थिक सुधारों के प्रेरणा-स्रोत में अंतर को स्पष्ट करें।
Question 23. चीन ने जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए किस नीति का अनुसरण किया?
Answer: चीन ने जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए केवल एक सन्तान नीति' का अनुसरण किया।
In simple words: चीन ने जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिए 'एक सन्तान नीति' अपनाई थी।
🎯 Exam Tip: चीन की जनसंख्या नियंत्रण नीति का नाम याद रखें।
Question 24. चीन, पाकिस्तान व भारत में से किस देश में कृषि निर्भरता सबसे अधिक है?
Answer: चीन, पाकिस्तान व भारत में से भारत में कृषि निर्भरता सबसे अधिक है।
In simple words: भारत में कृषि पर निर्भरता चीन और पाकिस्तान की तुलना में सबसे अधिक है।
🎯 Exam Tip: तीनों देशों में कृषि पर निर्भरता के स्तर को याद रखें।
Question 25. चीन, पाकिस्तान व भारत की विकास नीति क्या रही?
Answer: चीन ने फ्रम्परागत विकास नीति को अपनाया जिसमें क्रमशः कृषि से विनिर्माण तथा उसके बाद सेवा की ओर अग्रसर होने की प्रवृत्ति थी। भारत तथा पाकिस्तान सीधे कृषि से सेवा क्षेत्रक की ओर चले गए ।
In simple words: चीन ने कृषि से विनिर्माण और फिर सेवा तक के पारंपरिक विकास मॉडल का पालन किया, जबकि भारत और पाकिस्तान सीधे कृषि से सेवा क्षेत्रक की ओर बढ़ गए।
🎯 Exam Tip: तीनों देशों के विकास पथ में प्रमुख अंतर को स्पष्ट करें।
लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. भारत के मुख्य आयात और निर्यात कौन-से हैं?
Answer: भारत की मुख्य आयातक वस्तुएँ हैं-उर्वरक, खाद्य तेल, अखबारी कागज, पेट्रोलियम उत्पाद, मशीनरी, परियोजना का सामान, औषधि और फार्मास्युटिकल उत्पाद, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, कोयला, कुकिंग कोल व कृत्रिम रेजिन आदि ।। भारत की मुख्य निर्यातक वस्तुएँ हैं- समुद्री उत्पाद, अयस्क और खनिज, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, जवाहराते और आभूषण, रसायन और सह-उत्पाद, इन्जीनियरिंग का सामना, कपड़ा और दस्तकारी का सामान, चीनी, दुग्ध उत्पाद व इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि ।
In simple words: भारत मुख्य रूप से उर्वरक, पेट्रोलियम उत्पाद और मशीनरी का आयात करता है, जबकि समुद्री उत्पाद, खनिज, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, जवाहरात, कपड़ा और इंजीनियरिंग सामान का निर्यात करता है।
🎯 Exam Tip: भारत के प्रमुख आयात और निर्यात मदों की सूची याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 2. भारत की आर्थिक स्थिति पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer: भारत एक विकासशील देश है। भारतीय जनसंख्या का लगभग 70% भाग कृषि कार्य में संलग्न है। जबकि सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान लगभग 19.7% है। 1970 के दशक के हरित क्रान्ति के फलस्वरूप कृषि क्षेत्र ने महत्त्वपूर्ण प्रगति की है। इसके बावजूद लगभग 26% भारतीय आज भी निर्धन ही हैं। गत वर्षों में औद्योगि उत्पाद में विस्तार एवं विविधीकरण हुआ है। कार्य-बल का लगभग 15% भाग उद्योग क्षेत्र में कार्यरत है। 1990 के दशक में सरकार ने आर्थिक सुधार लागू किए जिसके अन्तर्गत भारतीय उद्योग को सभी प्रकार के नियन्त्रणों से मुक्त कर दिया गया, व्यापार के लिए भारतीय द्वार खोल दिए गए, विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए उचित कदम उठाए गए। तब से सेवा क्षेत्रक को तेजी से विस्तार हुआ है, आधारिक संरचना का निर्माण हुआ है और रोजगार के नए-नए अवसर सृजित हुए हैं। फलस्वरूप आज भारत विकासशील देशों में अधिकतम विकसित देश है।
In simple words: भारत एक विकासशील अर्थव्यवस्था है, जहाँ अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है, हालांकि कृषि का जीडीपी योगदान कम हो रहा है। 1990 के दशक के आर्थिक सुधारों के बाद से औद्योगिक विविधीकरण और सेवा क्षेत्रक का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे भारत एक विकसित देश के रूप में उभरा है, पर गरीबी अभी भी एक चुनौती है।
🎯 Exam Tip: भारत की आर्थिक स्थिति का वर्णन करते समय कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र के योगदान, हरित क्रांति और आर्थिक सुधारों के प्रभावों को संक्षेप में बताएं।
Question 3. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। जनसंख्या का लगभग 50% भाग इस कार्य में लगा है। खाद्यान्नों के उत्पादन में देश आत्मनिर्भर है। पाकिस्तान का उद्योग देश की अधिकांश उपभोक्ता वस्तुओं की जरूरतों को पूरा करता है। तेलशोधन, धातु प्रक्रमण तथा ताप बिजली संयन्त्रों के प्रयोग के फलस्वरूप बिजली के उत्पादन में बहुत अधिक वृद्धि हुई है। इसके बावजूद आर्थिक दृष्टि से पाकिस्तान एक पिछड़ा देश है। यहाँ प्रति व्यक्ति आय कम है, आर्थिक निष्पादन अकुशल है और राजनीतिक अस्थिरता के कारण विकास की गति रुकी हुई है। विभिन्न आर्थिक एवं सामाजिक विकास की दृष्टि से पाकिस्तान पिछड़ता ही जा रहा है।
In simple words: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है और खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है। औद्योगिक क्षेत्र उपभोक्ता वस्तुओं की मांग पूरी करता है और बिजली उत्पादन में वृद्धि हुई है। हालांकि, कम प्रति व्यक्ति आय, अक्षम आर्थिक प्रदर्शन और राजनीतिक अस्थिरता के कारण पाकिस्तान अभी भी एक पिछड़ा देश है।
🎯 Exam Tip: पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की मुख्य विशेषताओं, उसकी ताकत और कमजोरियों को संक्षेप में बताएं।
Question 4. चीन की अर्थव्यवस्था पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer: चीन एक विकासशील देश है। 1970 के दशक के पश्चात् इसका बड़ी तेजी से आर्थिक विकास हुआ है। कृषि अभी भी इसका मुख्य व्यवसाय है और 50% से भी अधिक जनसंख्या यहाँ कृषि कार्यों में संलग्न है। यहाँ पशुपालन व्यवसाय भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। यहाँ बड़ी मात्रा में खनिज पदार्थ पाए जाते हैं तथा बड़ी मात्रा में खनिज तेल का उत्पादन किया जाता है। 1970 के अन्तिम वर्षों में आर्थिक नीतियों में परिवर्तन किए गए जिसके अन्तर्गत उद्योगों का विकेन्द्रीकरण किया गया । विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना की गई तथा विदेशी पूँजी को आकर्षित करने के लिए प्रयास किए गए जिसके फलस्वरूप औद्योगिक विकास को गति मिली।
In simple words: चीन एक तेजी से विकसित होता देश है, जहाँ 1970 के दशक के बाद आर्थिक विकास में तेजी आई है। कृषि अभी भी एक प्रमुख व्यवसाय है, साथ ही पशुपालन, खनिज और तेल उत्पादन भी महत्वपूर्ण हैं। 1970 के दशक के अंत में विकेंद्रीकरण और विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना से औद्योगिक विकास और विदेशी पूंजी प्रवाह को बढ़ावा मिला।
🎯 Exam Tip: चीन की अर्थव्यवस्था की मुख्य विशेषताओं, विशेषकर 1970 के दशक के बाद के परिवर्तनों को संक्षेप में बताएं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Question 1. भारत और पाकिस्तान की एकसमान सफलताएँ और विफलताएँ क्या हैं? किन क्षेत्रों में पाकिस्तान का निष्पादन भारत से बेहतर है और किन क्षेत्रों में भारत का निष्पादन पाकिस्तान से बेहतर है?
Answer:
**भारत और पाकिस्तान की एकसमान सफलताएँ**
1. भारत तथा पाकिस्तान दोनों ही देश प्रति व्यक्ति आय को दुगुना करने में सफल रहे हैं।
2. दोनों ही देशों पर निर्धनता का भार कम हुआ है।
3. दोनों ही देश खाद्यान्नों के उत्पादन में आत्मनिर्भर हैं (प्राकृतिक विपदाओं के वर्षों को छोड़कर)।
4. दोनों ही देशों में 'पोषण स्थिति में सुधार हुआ है।
5. दोनों ही अर्थव्यवस्थाओं की प्रकृति दोहरी है-एक सुविकसित आधुनिक क्षेत्र तथा एक पिछड़ा हुआ रूढ़िवादी क्षेछ ।
**भारत और पाकिस्तान की एकसमान विफलताएँ**
1. दोनों ही देश एक 'सकुशल अर्थव्यवस्था' का निर्माण कर पाने में विफल रहे हैं।
2. दोनों ही देशों में प्रशासनिक शिथिलता पाई जाती है। व्यापक भ्रष्टाचार, अधिकारों एवं अनुबन्धों का दोषपूर्ण प्रयोग और पारदर्शिता का अभाव दोनों ही देशों में विद्यमान है। इससे 'जन भागीदारी हतोत्साहित हुई है।
3. दोनों ही देशों के राजकोषीय प्रबन्धन में अकुशलता पाई जाती है। राजकोषीय घाटा उच्च है, अनुत्पादक व्यय अधिक है, ऋण और ऋणों पर ब्याज का भार बढ़ता ही जा रहा है तथा मूल सामाजिक सेवाओं तक जनता की पहुँच निम्न है।
4. वित्तीय क्षेत्र की स्थिति चिन्ताजनक है। साख गुणवत्ता की उपेक्षा की गई है, बैंकों की | गैर-निष्पादक सम्पत्तियाँ बढ़ी हैं तथा वित्तीय क्षेत्र कमजोर हो गया है।
**पाकिस्तान के बेतहर निष्पादन वाले क्षेत्र**
वे क्षेत्र जिनमें भारत का निष्पादन पाकिस्तान से बेहतर है, निम्नलिखित हैं
1. सॉफ्टवेयर के निर्यात में भारत ने आशा से अधिक प्रगति की है।
2. भारत में मानव संसाधन की कुशलता में अधिक तेजी से वृद्धि हुई है।”
3. प्रतिरक्षा, प्रौद्योगिकी, अन्तरिक्ष अनुसन्धान, इलेक्ट्रॉनिक्स, एवियोनिक्स तणि जेनेटिक्स व दूरसंचार आदि क्षेत्रों में भारत की प्रगति अधिक सराहनीय रही है।
4. प्रौढ़ शिक्षा दर, महिला शिक्षा दर, सभी स्तरों पर नामांकन अनुपात तथा शिक्षा सूचकांक भारत में पाकिस्तान की तुलना में बहुत आगे हैं।
In simple words: भारत और पाकिस्तान दोनों ने प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने, गरीबी कम करने, खाद्यान्न आत्मनिर्भरता और पोषण में सुधार जैसी सफलताएं हासिल की हैं, लेकिन कुशल अर्थव्यवस्था बनाने, भ्रष्टाचार रोकने, राजकोषीय प्रबंधन और वित्तीय क्षेत्र को मजबूत करने में विफल रहे हैं। पाकिस्तान की तुलना में भारत ने सॉफ्टवेयर निर्यात, मानव संसाधन कौशल, उच्च-तकनीकी क्षेत्रों और शिक्षा संकेतकों में बेहतर प्रदर्शन किया है।
🎯 Exam Tip: भारत और पाकिस्तान की समान सफलताओं और विफलताओं को बिन्दुवार स्पष्ट करें। फिर, उन क्षेत्रों को अलग-अलग बताएं जहाँ एक देश ने दूसरे से बेहतर प्रदर्शन किया है।
Question 2. आर्थिक व सामाजिक प्रगति की दृष्टि से चीन व भारत की तुलना कीजिए ।
Answer: चीन व भारत की तुलनात्मक प्रगति चीन में भारत का मुख्य बिन्दुओं को विवेचन निम्न प्रकार है
1. यद्यपि दोनो ही देश आकार व जनसंख्या की दृष्टि से विशाल हैं, भारत की वृद्धि दर चीन की वृद्धि | दर से कम है तथा इसमें व्यापक उतार-चढ़ाव की प्रवृत्ति भी पाई जाती है।
2. चीन में सुधार की प्रक्रिया अस्सी के दशक में प्रारम्भ हुई जबकि भारत में सुधार की प्रक्रिया 1990 के दशक में प्रारम्भ हुई ।
3. चीन में आर्थिक सुधार कार्यक्रमों का उद्देश्य देश में प्रतियोगी वातावरण का सृजन करना था जबकिभारत में आर्थिक सुधार कार्यक्रमों का प्रारम्भिक उद्देश्य भुगतान शेष के असाधारण संकट से निपटनी था।
4. भारत की तुलना में चीन में सुधारों का ढाँचा निर्धन वर्ग के अधिक अनुकूल था।
5. चीन में व्यापक पैमाने पर कृषि सम्बन्धी सुधार किए गए जबकि भारत में कृषि सम्बन्धी सुधार अभी शैशव अवस्था में ही हैं।
6. भारत की तुलना में चीनी अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर मुक्त कर दिया गया है। चीन में विदेशी निवेशकों को पूर्ण स्वतन्त्रता प्राप्त है। उन्हें उत्कृष्ट आधारिक संरचना प्रदान की गई है। इसके विपरीत भारत में व्यापक निर्धनता, अस्थिर सरकार, बढ़ रही वित्तीय समस्याएँ तथा घटिया भौतिक आधारिक संरचना विदेशी निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण नहीं बना पाई है।
7. चीन में विदेशी निवेश भूमि, भवनों, प्लाण्ट तथा मशीनरी में पाया जाता है जबकि भारत में तुलनात्मक लघु विदेशी निवेश का अधिक अनुपात पोर्टफोलियो तथा विद्यमान उत्पादन क्षमता को खरीदने में पाया जाता है।
8. मानवीय विकास सूचकांक के सम्बन्ध में चीन का स्थान भारत से ऊँचा है।
9. निर्धनता घटाने में चीन की सफलता भारत से कहीं अधिक रही है। (चीन में 10% और भारत में 26%)।
10. चीन में सकल घरेलू उत्पाद में उद्योगों का योगदान सर्वाधिक है जबकि भारत में सेवा क्षेत्रक का योगदान सर्वाधिक है। यद्यपि दोनों ही देशों में सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान घटा है। किन्तु भारत की तुलना में चीन में यह अधिक तेजी से घटा है।
11. चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को और अधिक औद्योगिक तथा विविध बना लिया है जबकि भारत में औद्योगिक विकास की गति अत्यधिक धीमी है।
In simple words: आर्थिक और सामाजिक प्रगति में चीन ने भारत से बेहतर प्रदर्शन किया है। चीन ने 1980 के दशक में सुधार शुरू किए जो गरीबों के लिए अधिक अनुकूल थे, बड़े पैमाने पर कृषि सुधार किए, और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए एक मजबूत आधारिक संरचना बनाई। इसके परिणामस्वरूप, चीन का मानव विकास सूचकांक उच्च है, गरीबी कम हुई है, औद्योगिक योगदान अधिक है, और इसकी अर्थव्यवस्था अधिक विविध है। भारत ने 1990 के दशक में सुधार शुरू किए, लेकिन व्यापक गरीबी, राजनीतिक अस्थिरता और कमजोर आधारिक संरचना जैसी चुनौतियों का सामना किया है, जिससे सेवा क्षेत्र पर अधिक निर्भरता है।
🎯 Exam Tip: भारत और चीन की तुलना करते समय, आर्थिक सुधारों के समय, रणनीति, गरीबी उन्मूलन, औद्योगिक संरचना, और मानव विकास संकेतकों में अंतर को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
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