Get the most accurate UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 10 Social Science. Our expert-created answers for Class 10 Social Science are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस UP Board Solutions for Class 10 Social Science
For Class 10 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 10 Social Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस solutions will improve your exam performance.
Class 10 Social Science Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस UP Board Solutions PDF
विस्तृत उत्तरीय प्रश्न
Question 1. भारत के पड़ोसी देशों के साथ सम्बन्धों का वर्णन कीजिए।
Answer: भारत के उत्तर में चीन, नेपाल और भूटान जैसे देश स्थित हैं। इसके पश्चिमोत्तर सीमा पर अफगानिस्तान और पाकिस्तान हैं, जबकि म्यांमार और बांग्लादेश पूर्वी सीमा पर हैं। भारत एक विशाल देश है, इसलिए इसकी सीमाएँ कई संप्रभु पड़ोसी देशों से मिलती हैं। पंचशील के सिद्धांतों पर अटल विश्वास होने के कारण भारत हमेशा यह सुनिश्चित करता है कि उसके पड़ोसी राज्यों के साथ संबंध अच्छे रहें। भारत ने उनके साथ मित्रतापूर्ण संबंध बनाए रखे हैं और आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी विकास में भी सहयोग किया है। दक्षेस (SAARC) इस बात का एक जीता-जागता प्रमाण है। हमें हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए। भारत के पड़ोसी देशों से संबंध को कुछ खास बातों में समझा जा सकता है:
**नेपाल:** भारत और नेपाल के बीच बहुत पुराने संबंध हैं। नेपाल के लोगों को भारत में कई सुविधाएँ मिलती हैं। भारत ने नेपाल की कई विकास परियोजनाओं को पूरा करने में बहुत मदद की है। 13 अगस्त, 1971 को दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता हुआ था। नेपाल इस समय आंतरिक समस्याओं और राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रहा है। 27 नवंबर, 2011 को भारत के तत्कालीन वित्तमंत्री श्री प्रणब मुखर्जी ने नेपाल का दौरा किया और राष्ट्रपति डॉ० रामबरन यादव तथा प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई से मुलाकात की। उन्होंने नेपाली समकक्ष श्री बरसामन पुन के साथ आर्थिक सहयोग को बढ़ाने और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर बात की। वित्तमंत्री ने नेपाल के प्रधानमंत्री की उपस्थिति में डबल टैक्सेशन एवायडेंस एग्रीमेंट (डीटीएए) पर भी हस्ताक्षर किए। भारत और नेपाल के सांसदों के बीच बेहतर समझ और दोस्ती बढ़ाने के लिए 26-29 मार्च, 2011 को 6 युवा भारतीय सांसदों का एक दल नेपाल गया। 7-13 अगस्त, 2011 के दौरान नेपाल के 15 महिला संविधान सभा सदस्यों/सांसदों ने भारत का दौरा किया। भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और विदेशी निवेश तथा पर्यटन का एक प्रमुख स्रोत है। इस समय, भारत-नेपाल आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के तहत लगभग 400 छोटे और बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। भारत नेपाल के आर्थिक विकास में सहायता कर रहा है, खासकर नेपाल के तराई क्षेत्र में। इसमें भारत से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों में एकीकृत चेक पोस्ट, क्रॉस-बॉर्डर रेल लिंक, तराई क्षेत्र में फीडर रोड और ग्रामीण सड़कों का विकास शामिल है, जो बुनियादी ढाँचे को मजबूत बनाने में मदद करता है।
**श्रीलंका:** श्रीलंका और भारत के संबंध बहुत पुराने और मजबूत हैं। 1984 में तमिलों की समस्या के कारण श्रीलंका सरकार का दृष्टिकोण दोनों देशों के संबंधों पर बुरा असर डाल रहा था, लेकिन 1988 में कोलंबो समझौते के बाद संबंध अब फिर से अच्छे हो गए हैं।
**म्यांमार (बर्मा):** म्यांमार और भारत के संबंध भी दोस्ताना हैं। दोनों देशों ने अपनी जमीनी सीमा तय करने के लिए एक समझौता किया है और वे गुट-निरपेक्षता का समर्थन करते हैं। दोनों देशों के बीच सभ्यता, भूगोल, संस्कृति, इतिहास और धर्म के कारण बहुत करीबी संबंध हैं। भारत और म्यांमार की थल सीमा 1600 किलोमीटर से अधिक लंबी है और वे बंगाल की खाड़ी की समुद्री सीमा भी साझा करते हैं। लगभग 2.5 मिलियन भारतीय मूल के लोग म्यांमार में रहते हैं। भारत और म्यांमार के संबंधों में अच्छी वृद्धि हुई है और पिछले वर्ष इसमें तेजी आई है। इस दौरान, अक्टूबर 2011 में म्यांमार के राष्ट्रपति की भारत यात्रा, जून 2011 में विदेश मंत्री की म्यांमार यात्रा और जनवरी 2012 में म्यांमार के विदेश मंत्री की भारत यात्रा हुई। वर्ष 2011-12 को म्यांमार में राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा गया, जब वहाँ संसदीय लोकतंत्र अपनाया गया। म्यांमार के लोकतंत्र की ओर बढ़ने के प्रयासों में भारत लगातार सहयोग दे रहा है। एक देश के रूप में, लोकतंत्र का विकास महत्वपूर्ण होता है।
**भूटान:** भारत-भूटान संबंध शुरू से ही दोस्ताना रहे हैं। भारत हर साल भूटान को आर्थिक सहायता देता है। अगस्त 2011 में नई दिल्ली में हुई भारत-भूटान द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में भारत ने भूटान के अनुरोध पर डालू और घासूपारा लैंड कस्टम स्टेशनों का उपयोग भूटानी कामों के लिए तथा चार अतिरिक्त प्रवेश/निकास बिंदुओं को अधिसूचित करने की सहमति दी। भारत भूटान में 68 प्रमुख सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं में सहायता दे रहा है, जैसे कृषि, सूचना और संचार तकनीक (आईसीटी), मीडिया, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, संस्कृति और बुनियादी ढाँचा। लघु विकास प्रोजेक्ट (एसडीपी) के तहत देश के 20 जिलों और 205 ब्लॉकों में 1900 परियोजनाओं के लिए भूटान को अनुदान दिया जा रहा है। पुनतसांगचू-1 हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (एचईपी) तेजी से चल रहा है और पुनतसांगचू-2 तथा मांगदेचू हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट भी बेहतर तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। इस प्रकार, दोनों देश 2020 तक लगभग 10,000 मेगावाट बिजली का संयुक्त उत्पादन करने के लक्ष्य के करीब हैं, जिसका निर्यात भारत को किया जा सकेगा।
**पाकिस्तान:** पिछली सदी में भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध काफी खराब रहे हैं, और कई गंभीर मुद्दों के कारण दोनों देशों को आपसी टकराव का सामना करना पड़ा। इक्कीसवीं सदी की शुरुआत में दोनों देशों के नेताओं और आम जनता ने सुधार लाने की कोशिश की। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में वाजपेयी और मुशर्रफ के बीच कई बातचीत दोस्ताना माहौल में हुईं। श्री मनमोहन सिंह की सरकार में विदेश मंत्रालय के स्तर पर भी विदेश सेवा के उच्च अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वीजा की शर्तें अब कुछ आसान कर दी गई हैं। दोनों देशों को उच्चायोगों के कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की भी छूट दी गई है। पाकिस्तान की जेलों में कैद कई भारतीय मछुआरों को उच्च हस्तक्षेप के बाद रिहा किया गया है। सार्क सम्मेलन में भारत-पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई। इन सभी बातों को देखते हुए कहा जा सकता है कि भविष्य में दोनों देशों के बीच विवादित मुद्दे खत्म हो जाएंगे और सहयोग तथा दोस्ती का एक नया आयाम विकसित होगा।
**बांग्लादेश:** बांग्लादेश के बनने में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 1972 में 'शांति व मैत्री संधि' होने से दोनों देशों के संबंध दोस्ताना दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को दिए गए बांग्लादेश फ्रीडम अवार्ड को स्वीकार करने के लिए यूपीए अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी ने 24-25 जुलाई, 2011 को ढाका की यात्रा की। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 11-12 जनवरी, 2012 को सेंट्रल त्रिपुरा विश्वविद्यालय द्वारा दिए गए मानद डी० लिट् पुरस्कार को लेने के लिए त्रिपुरा की यात्रा की। भारतीय प्रधानमंत्री की बांग्लादेश यात्रा के दौरान मित्रतापूर्ण और तेज द्विपक्षीय सहयोग के रूप में दो ऐतिहासिक समझौते और आठ अन्य द्विपक्षीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें सहयोग और विकास पर एक महत्वपूर्ण तथा दूरदर्शी समझौता शामिल है, जो शांति, समृद्धि और स्थिरता के लिए स्थायी और दीर्घकालिक सहयोग की साझा दृष्टि को रेखांकित करता है। इसमें 1974 के समझौते के प्रोटोकॉल को भी रेखांकित किया गया है, जो भारत-बांग्लादेश की थल सीमा के निर्धारण से संबंधित है। प्रोटोकॉल 1974 के बल सीमा समझौते के तीन लंबित मुद्दों को हल करने का रास्ता दिखाता है: (i) अनिर्धारित थल सीमा सेगमेंट, (ii) एन्क्लेव का आदान-प्रदान और (iii) प्रतिकूल कब्जे का निपटारा। भारत और बांग्लादेश ने मिलकर रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती मनाई, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को दर्शाता है। संयुक्त समारोह के उद्घाटन के लिए भारत के उपराष्ट्रपति श्री एम० हामिद अंसारी ने 5-6 मई, 2011 को ढाका की यात्रा की। पूरे वर्ष कलाकारों और सांस्कृतिक दलों का आदान-प्रदान जारी रहा।
**अफगानिस्तान:** अफगानिस्तान और भारत के बीच व्यापारिक, सांस्कृतिक और तकनीकी संबंध मजबूत हुए हैं। हामिद करज़ई अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हैं, और उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए भारत में कुछ साल बिताए हैं। भारत के अफगानिस्तान से बहुत अच्छे संबंध हैं। भारत नवनिर्माण के लिए अफगानिस्तान को प्राथमिकता के आधार पर आर्थिक सहायता दे रहा है। पुलों आदि के निर्माण में भी भारत ने अफगानिस्तान को तकनीकी विशेषज्ञ और इंजीनियर उपलब्ध कराए हैं। अक्टूबर 2011 में राष्ट्रपति करज़ई की यात्रा के दौरान भारत और अफगानिस्तान ने सामरिक साझेदारी पर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते में दोनों देशों के बीच एक मजबूत, ऊर्जावान और बहुमुखी संबंध पर जोर दिया गया है।
**चीन:** भारत-चीन संबंध अभी सामान्य और अच्छे हैं, लेकिन इन्हें बहुत अधिक मधुर और मित्रतापूर्ण नहीं कहा जा सकता, क्योंकि भारत-चीन सीमा विवाद बहुत पुराना है और इसे सुलझाने में चीन की ओर से कभी गंभीर प्रयास नहीं किए गए। भारत के सीमावर्ती राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी चीन ने कुछ क्षेत्रों पर अपना दावा करके कब्जा कर लिया है। भारत द्वारा बार-बार विरोध जताने के बाद भी चीन की ओर से कोई निर्णायक सहयोग नहीं मिल पा रहा है। 2010 में भारत गणराज्य और चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 60 वर्ष पूरे हुए। 2011 को भारत-चीन आदान-प्रदान वर्ष के रूप में मनाया गया और इस दौरान खासकर राज्य/प्रांत स्तर पर दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान बढ़े। दोनों देशों के मध्य नियमित उच्च स्तरीय राजनीतिक संपर्क की गति देखी गई। बीआरआईसीएस सम्मेलन के दौरान अप्रैल 2011 में, चीन के सान्या में भारतीय प्रधानमंत्री डॉ० मनमोहन सिंह ने चीन के राष्ट्रपति श्री हू जिन्ताओ से मुलाकात की। नवंबर 2011 में बाली, इंडोनेशिया में पूर्वी एशिया सम्मेलन के दौरान उन्होंने चीनी प्रमुख श्री वेन जिआबाओ से मुलाकात की। गहन बातचीत के तहत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर दोनों पक्षों ने परस्पर आदान-प्रदान किया। दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंध में व्यापार विस्तार हुआ और एक सामरिक आर्थिक संवाद (एसईडी) शुरू करके इस संबंध को और गहरा किया गया। एसईडी की पहली बैठक चीन में सितंबर 2011 में हुई। दोनों पक्षों ने सभी लंबित मुद्दों, जिसमें भारत-चीन सीमा प्रश्न भी शामिल है, को शांतिपूर्ण बातचीत से हल करने की प्रतिबद्धता जताई। जनवरी 2012 में नई दिल्ली में भारत-चीन सीमा प्रश्न पर विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता का 15वाँ चक्र संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारत-चीन सीमा मामले पर सलाह और समन्वय हेतु एक कार्यकारी तंत्र की स्थापना पर समझौता हुआ। इन सभी विवरणों के आधार पर कहा जा सकता है कि भारत ने हमेशा अपने पड़ोसी देशों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान किया है और किसी भी राज्य के आंतरिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं किया है। अपनी मजबूत और शक्तिशाली सैन्य शक्ति होने पर भी भारत ने कभी अपने पड़ोसी राज्यों पर हमला नहीं किया, बल्कि उनके साथ मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करने का प्रयास किया है। भारत ने अपने पड़ोसी राज्यों की विकास योजनाओं में भी आर्थिक सहायता दी है।
In simple words: भारत के अपने पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, भूटान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और चीन के साथ संबंध हैं। भारत इन देशों के विकास में सहायता करता है और अच्छे संबंध बनाए रखने का प्रयास करता है। कुछ मुद्दों पर विवाद भी हैं, जिन्हें बातचीत से सुलझाया जा रहा है।
🎯 Exam Tip: जब पड़ोसी देशों के संबंधों पर प्रश्न आए, तो प्रत्येक देश के साथ भारत के मुख्य संबंधों, महत्वपूर्ण समझौतों और किसी भी वर्तमान मुद्दे का उल्लेख करें।
Question 2. सार्क क्या है? इसके कितने सदस्य देश हैं? इसका सचिवालय कहाँ है? इसके गठन के उद्देश्य और किन्हीं तीन सिद्धान्तों का उल्लेख कीजिए।
Answer: सार्क (SAARC: South Asian Association for Regional Co-operation) दक्षिण एशिया का सबसे नया अंतर्राष्ट्रीय संगठन है। इसे हिंदी में 'दक्षेस' (दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन) कहा जाता है। इस संगठन की स्थापना 8 दिसंबर, 1985 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में दो दिनों के अधिवेशन में हुई थी। यह दक्षिण एशिया के आठ देशों का एक क्षेत्रीय समूह है। इसमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव और अफगानिस्तान शामिल हैं। सार्क का उद्देश्य इस क्षेत्र में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को तेज करना तथा आपसी सहयोग से सामूहिक आत्मनिर्भरता को बढ़ाना है। सार्क संगठन का मुख्य सचिवालय नेपाल की राजधानी काठमांडू में है। सार्क के चार्टर के अनुच्छेद 2 में इसके तीन मुख्य सिद्धांत बताए गए हैं:
• सदस्य राष्ट्र एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
• संगठन के ढाँचे के अंतर्गत सहयोग, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता, दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना तथा आपसी हित के सिद्धांतों का आदर करना।
• यह सहयोग द्विपक्षीय या बहुपक्षीय सहयोग की अन्य किसी स्थिति का स्थान नहीं लेगा, बल्कि परस्पर पूरक होगा।
सार्क के चार्टर में कुल 10 अनुच्छेद हैं, जिनमें इसके उद्देश्य, सिद्धांत और वित्तीय व्यवस्थाएँ बताई गई हैं। चार्टर के अनुच्छेद 1 में सार्क के निम्नलिखित उद्देश्य दिए गए हैं:
• दक्षिण एशियाई क्षेत्र के लोगों का कल्याण करना और उनके जीवन-स्तर को ऊँचा उठाना।
• दक्षिण एशियाई राष्ट्रों की सामूहिक आत्मनिर्भरता को बढ़ाना।
• दक्षिण एशियाई क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देना।
• दक्षिण एशियाई राष्ट्रों में आपसी विश्वास, दूरदर्शिता और एक-दूसरे की समस्याओं के प्रति सहानुभूति की भावना पैदा करना।
• सदस्य राष्ट्रों में आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, तकनीकी और वैज्ञानिक क्षेत्र में सक्रिय सहयोग और आपसी सहायता को बढ़ाना।
• अन्य विकासशील देशों के साथ सहयोग को बढ़ाना।
• सामान्य हित के मामलों पर अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर आपसी सहयोग को दिखाना।
In simple words: सार्क दक्षिण एशियाई देशों का एक समूह है, जिसकी स्थापना 1985 में ढाका में हुई थी। इसके आठ सदस्य देश हैं, और मुख्यालय काठमांडू में है। इसका मुख्य काम क्षेत्र के देशों के बीच आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाना है, साथ ही एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल न देना भी इसका एक सिद्धांत है।
🎯 Exam Tip: सार्क से जुड़े प्रश्नों में इसके नाम (SAARC और दक्षेस), स्थापना की तिथि व स्थान, सदस्य देशों के नाम और मुख्य उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 3. दक्षेस की उपलब्धियों का वर्णन कीजिए।
Answer: दक्षिण एशियाई क्षेत्र में दक्षेस का बहुत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। इस क्षेत्र के इतिहास में इसे 'एक नई सुबह की शुरुआत' कहा जा सकता है। भूटान नरेश ने इसे सामूहिक बुद्धिमत्ता और राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम बताया है। हालाँकि, व्यवहार में इस संगठन की सार्थकता कुछ कम होती जा रही है। सार्क ने पिछले दस वर्षों में केवल एक ठोस काम किया है, वह है खाद्य कोष बनाना। कृषि, शिक्षा, संस्कृति, पर्यावरण जैसे 12 क्षेत्रों में सहयोग के लिए सार्क के देश सिद्धांत रूप में सहमत हैं। सार्क, सदस्य राष्ट्रों के आपसी सहयोग को बढ़ाने की दिशा में पहला मजबूत प्रयास है। सार्क की स्थापना का मूल उद्देश्य इन राष्ट्रों के आपसी संबंधों को सामान्य बनाना है, जिसके लिए आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग बहुत जरूरी है। सार्क ने नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने, आतंकवाद का विरोध करने, जनसंख्या पर नियंत्रण और निरस्त्रीकरण जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण काम किया है। इसने सदस्य राष्ट्रों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक वृद्धि में भी सहायता दी है। गरीबी उन्मूलन, पर्यावरण, गुट-निरपेक्षता जैसे मुद्दों पर भी सार्क के सदस्य राष्ट्रों ने गंभीरता से विचार-विमर्श किया है। सार्क देशों में भारत प्रमुख और सबसे शक्तिशाली देश है। इसलिए कुछ सार्क देश यह महसूस करने लगे हैं कि भारत इस क्षेत्र में अपनी दादागिरी स्थापित करना चाहता है, जबकि भारत का उद्देश्य तो दोस्ताना संबंध बनाना है। इसके बावजूद, भारत के बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के साथ संबंधों में दरार आ गई है। पाकिस्तान तो भारत के खिलाफ हमेशा जहर उगलता रहा है। इसके अलावा, सदस्य देशों की शासन-प्रणालियों और नीतियों में अंतर तथा द्विपक्षीय व विवादास्पद मामलों ने भी इस संगठन को कमजोर बनाए रखा है। इन कारणों और आपसी अविश्वास के आधार पर यह संगठन केवल सैद्धांतिक ढाँचा मात्र रह गया है, और इसका कोई व्यावहारिक महत्व नहीं रह गया है। हमें यह याद रखना चाहिए कि क्षेत्रीय संगठन तभी सफल होते हैं जब सदस्य देश पूरी निष्ठा से सहयोग करें।
In simple words: दक्षेस दक्षिण एशिया में सहयोग बढ़ाने के लिए बना था, और इसने खाद्य कोष बनाने जैसे कुछ काम किए हैं। लेकिन सदस्य देशों के बीच मतभेद और अविश्वास के कारण यह संगठन पूरी तरह सफल नहीं हो पाया है, खासकर भारत के बड़े होने की वजह से।
🎯 Exam Tip: दक्षेस की उपलब्धियों या चुनौतियों पर लिखते समय, उसके मूल उद्देश्यों और वर्तमान समस्याओं का संतुलन दिखाते हुए एक स्पष्ट उत्तर दें।
लघ उतरीय प्रश्न
Question 1. भारत-मालदीव के पारस्परिक सम्बन्धों पर एक टिप्पणी लिखिए।
Answer: भारत और मालदीव ने 1976 में आधिकारिक और मैत्रीपूर्ण तरीके से अपनी समुद्री सीमा का फैसला किया था। हालाँकि, 1982 में मालदीव के राष्ट्रपति मॉमून अब्दुल गयूम के भाई ने पड़ोसी मिनीकॉय द्वीप को मालदीव का हिस्सा बताया था, जो भारत के अधिकार क्षेत्र में आता है। लेकिन मालदीव ने तुरंत और आधिकारिक तौर पर इस दावे से इनकार कर दिया। भारत और मालदीव ने 1981 में एक व्यापक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। दोनों देश क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के संस्थापक सदस्य हैं। इन दोनों देशों ने दक्षिण एशियाई आर्थिक संघ और दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं। भारत और मालदीव के नेताओं ने क्षेत्रीय मुद्दों पर उच्चस्तरीय संपर्क और विचार-विमर्श बनाए रखा है। यह दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी संबंधों का संकेत है।
In simple words: भारत और मालदीव के बीच पुराने और मजबूत संबंध हैं। उन्होंने समुद्री सीमा तय की है और व्यापार समझौते किए हैं। दोनों देश सार्क के संस्थापक सदस्य भी हैं, और वे क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करते रहते हैं।
🎯 Exam Tip: भारत और किसी पड़ोसी देश के संबंध पर टिप्पणी करते समय, प्रमुख समझौतों, विवादों (यदि कोई हों) और दोनों देशों के बीच सहयोग के क्षेत्रों का उल्लेख करें।
Question 2. अब तक आयोजित दक्षेस शिखर सम्मेलनों की सूची प्रस्तुत कीजिए।
Answer:
In simple words: इस प्रश्न में सार्क के शिखर सम्मेलनों की सूची पूछी गई है।
🎯 Exam Tip: यदि किसी प्रश्न का उत्तर सीधे स्रोत में उपलब्ध नहीं है, तो जानकारी के अभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाएं, न कि कोई गलत जानकारी लिखें।
Question 3. भारत की पूर्वी सीमा पर स्थित चार पड़ोसी देशों के नाम लिखिए। भारत का उनसे सम्बन्ध समझाकर लिखिए।
Answer: भारत की पूर्वी सीमा पर चीन, म्यांमार, भूटान और बांग्लादेश स्थित हैं। भारत के इन देशों से संबंध इस प्रकार हैं:
**चीन:** भारत-चीन संबंध अभी सामान्य और अच्छे हैं, लेकिन सीमा विवाद एक पुराना मुद्दा है। चीन ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर दावा किया है। फिर भी, दोनों देश राजनयिक संबंधों को मजबूत करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
**म्यांमार:** भारत और म्यांमार के संबंध दोस्ताना हैं। दोनों देशों ने जमीनी सीमा तय की है और गुट-निरपेक्षता का समर्थन करते हैं। सभ्यता, भूगोल, संस्कृति, इतिहास और धर्म के कारण दोनों के बीच घनिष्ठ संबंध हैं। भारत म्यांमार के आर्थिक विकास में भी सहयोग करता है।
**भूटान:** भारत-भूटान संबंध शुरू से ही दोस्ताना रहे हैं। भारत हर साल भूटान को आर्थिक सहायता प्रदान करता है और कई विकास परियोजनाओं में सहयोग करता है, जिससे भूटान की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। दोनों देश 2020 तक लगभग 10,000 मेगावाट बिजली का संयुक्त उत्पादन करने के लक्ष्य के करीब हैं।
**बांग्लादेश:** बांग्लादेश के गठन में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की महत्वपूर्ण भूमिका थी। 1972 में 'शांति व मैत्री संधि' के बाद दोनों देशों के संबंध दोस्ताना बने हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सीमा विवादों को सुलझाने पर समझौते हुए हैं।
In simple words: भारत की पूर्वी सीमा पर चीन, म्यांमार, भूटान और बांग्लादेश हैं। भारत इन देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश करता है, व्यापार और विकास में सहयोग देता है, लेकिन चीन के साथ सीमा विवाद अभी भी एक चुनौती है।
🎯 Exam Tip: जब पूर्वी सीमा के देशों के बारे में पूछा जाए, तो चीन, म्यांमार, भूटान और बांग्लादेश के नामों का उल्लेख करें और संक्षेप में हर देश के साथ भारत के संबंधों को बताएं।
Question 4. सार्क के सदस्य देश कितने हैं? उसका मुख्यालय कहाँ पर है?
Answer: सार्क के कुल आठ सदस्य देश हैं। इन देशों के नाम हैं: भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव और अफगानिस्तान। सार्क का मुख्यालय नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित है। यह मुख्यालय संगठन के दैनिक कार्यों का प्रबंधन करता है।
In simple words: सार्क में आठ देश हैं, जिनमें भारत भी शामिल है। इसका मुख्य दफ्तर नेपाल की राजधानी काठमांडू में है।
🎯 Exam Tip: सार्क के सदस्य देशों के नाम और मुख्यालय को सटीक रूप से याद रखें, क्योंकि यह अक्सर सीधे पूछे जाने वाले तथ्य हैं।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. भारत और पाकिस्तान के मध्य तनाव का मुख्य कारण क्या है ?
Answer: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का मुख्य कारण 'कश्मीर-समस्या' है। यह मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में बहुत समय से एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
In simple words: भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर का मामला सबसे बड़ी समस्या है, जिससे तनाव रहता है।
🎯 Exam Tip: भारत-पाकिस्तान संबंधों से जुड़े प्रश्नों में कश्मीर विवाद का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह मुख्य जड़ है।
Question 2. बांग्लादेश की स्थापना में किस देश का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा ?
Answer: बांग्लादेश की स्थापना में भारत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारत ने बांग्लादेश को पाकिस्तान से मुक्ति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
In simple words: बांग्लादेश को बनाने में भारत ने बहुत मदद की थी।
🎯 Exam Tip: बांग्लादेश के गठन में भारत की भूमिका पर प्रश्न आने पर सीधे भारत के योगदान का उल्लेख करें।
Question 3. भारत-पाकिस्तान के बीच ताशकन्द समझौता कब हुआ ?
Answer: भारत-पाकिस्तान के बीच ताशकंद समझौता सन् 1966 में हुआ था। यह समझौता 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद शांति स्थापित करने के लिए किया गया था।
In simple words: भारत और पाकिस्तान के बीच ताशकंद समझौता 1966 में हुआ था।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक समझौतों की तारीखें याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे सीधे तौर पर पूछी जाती हैं।
Question 4. भारत-पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता कब हुआ ?
Answer: भारत-पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता सन् 1971 में हुआ था। यह समझौता 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद हुआ था, जिसका उद्देश्य शांति और स्थायी संबंध स्थापित करना था।
In simple words: भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता 1971 में हुआ था।
🎯 Exam Tip: शिमला समझौता और ताशकंद समझौते की तारीखों को भ्रमित न करें; दोनों अलग-अलग वर्षों में हुए थे।
Question 5. दक्षेस का पूरा नाम लिखिए।
Answer: दक्षेस का पूरा नाम दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC: South Asian Association for Regional Co-operation) है। यह एक क्षेत्रीय संगठन है जो दक्षिण एशिया के देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।
In simple words: दक्षेस का पूरा नाम 'दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन' है, जिसे अंग्रेजी में SAARC कहते हैं।
🎯 Exam Tip: संगठनों के पूरे नाम और उनके संक्षिप्त रूप दोनों को याद रखें।
Question 6. दक्षेस का पन्द्रहवाँ शिखर सम्मेलन कहाँ हुआ ?
Answer: दक्षेस का पन्द्रहवाँ शिखर सम्मेलन अप्रैल, 2008 में कोलंबो (श्रीलंका) में हुआ था। ऐसे सम्मेलन सदस्य देशों के बीच बातचीत और सहयोग को बढ़ावा देते हैं।
In simple words: दक्षेस का 15वाँ सम्मेलन 2008 में श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में हुआ था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलनों के स्थान और वर्ष को ध्यान में रखें, क्योंकि यह सामान्य ज्ञान के प्रश्न हो सकते हैं।
Question 7. दक्षेस (सार्क) संगठन के सदस्य देश कौन-कौन से हैं ?
Answer: दक्षेस (सार्क) संगठन के सदस्य देश भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मालदीव हैं। वर्तमान में अफगानिस्तान भी इसका सदस्य है। इस प्रकार, इसके सदस्य देशों की कुल संख्या आठ है। ये सभी देश दक्षिण एशिया क्षेत्र में आते हैं।
In simple words: सार्क के आठ सदस्य देश हैं: भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव और अफगानिस्तान।
🎯 Exam Tip: सार्क के सभी सदस्य देशों के नाम सही क्रम में याद रखने से आपको उत्तर देने में आसानी होगी।
Question 8. उन दो देशों के नाम लिखिए जिनकी सीमाएँ भारत की उत्तरी सीमा को स्पर्श करती हैं।
Answer: भारत की उत्तरी सीमा को स्पर्श करने वाले दो देश नेपाल और चीन हैं। इन देशों के साथ भारत की लंबी सीमाएँ लगती हैं और ऐतिहासिक संबंध भी हैं।
In simple words: भारत की उत्तरी सीमा नेपाल और चीन से लगती है।
🎯 Exam Tip: भारत के पड़ोसी देशों की भौगोलिक स्थिति और सीमा साझा करने वाले राज्यों को याद रखें।
Question 9. सार्क का सचिवालय कहाँ और किस देश में स्थित है ?
Answer: सार्क का सचिवालय नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित है। यह सचिवालय संगठन के प्रशासनिक कार्यों और सदस्य देशों के बीच समन्वय का केंद्र है।
In simple words: सार्क का मुख्य दफ्तर नेपाल की राजधानी काठमांडू में है।
🎯 Exam Tip: प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के मुख्यालय के स्थान हमेशा सीधे पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 10. भारत और श्रीलंका के मध्य मुख्य विवाद किस बिन्दु पर है?
Answer: भारत और श्रीलंका के मध्य मुख्य विवाद का कारण मछुआरों द्वारा समुद्री सीमा का उल्लंघन करना है। दोनों देशों के मछुआरे अक्सर एक-दूसरे की समुद्री सीमा में चले जाते हैं, जिस पर दोनों ही देश कार्रवाई करते हैं और मछुआरों को गिरफ्तार कर लेते हैं। इससे दोनों देशों के बीच तनाव पैदा होता है।
In simple words: भारत और श्रीलंका के बीच मुख्य समस्या मछुआरों द्वारा एक-दूसरे की समुद्री सीमा पार करना है।
🎯 Exam Tip: सीमा-पार गतिविधियों, खासकर मछुआरों से संबंधित मुद्दों को द्विपक्षीय संबंधों में एक संवेदनशील बिंदु के रूप में पहचानें।
बहुविकल्पीय
Question 1. कश्मीर समस्या किन दो देशों के बीच में है?
(a) भारत-चीन में
(b) चीन-नेपाल में
(c) भारत-पाकिस्तान में
(d) भारत-मालदीव में
Answer: (c) भारत-पाकिस्तान में
In simple words: कश्मीर की समस्या भारत और पाकिस्तान के बीच एक बड़ा मुद्दा है।
🎯 Exam Tip: यह एक सीधा प्रश्न है; कश्मीर मुद्दे के दोनों पक्षों को पहचानना महत्वपूर्ण है।
Question 2. भारत और बांग्लादेश के बीच शान्ति और मैत्री सन्धि पर हस्ताक्षर हुए|
(a) 1972 ई० में
(b) 1971 ई० में
(c) 1950 ई० में
(d) 1973 ई० में
Answer: (a) 1972 ई० में
In simple words: भारत और बांग्लादेश ने 1972 में शांति और दोस्ती का समझौता किया था।
🎯 Exam Tip: भारत के पड़ोसी देशों के साथ महत्वपूर्ण समझौतों के वर्ष और उद्देश्य को याद रखें।
Question 3. भारत-भूटान मैत्री सन्धि कब हुई?
(a) 1977 ई० में
(b) 1949 ई० में
(c) 1950 ई० में
(d) 1955 ई० में
Answer: (b) 1949 ई० में
In simple words: भारत और भूटान के बीच दोस्ती की संधि 1949 में हुई थी।
🎯 Exam Tip: द्विपक्षीय संधियों की तारीखों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर मैत्री संधियों की।
Question 4. भारत-पाक के बीच शिमला समझौता हुआ
(a) 1972 ई० में
(b) 1971 ई० में
(c) 1973 ई० में
(d) 1970 ई० में
Answer: (b) 1971 ई० में
In simple words: भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता 1971 में हुआ था।
🎯 Exam Tip: भारत-पाकिस्तान के ऐतिहासिक समझौतों की तारीखें अक्सर पूछी जाती हैं, इसलिए इन्हें ध्यान से याद करें।
Question 5. 'सार्क' का प्रथम शिखर सम्मेलन सम्पन्न हुआ था
(a) बंगलुरु में
(b) काठमाण्डू में
(c) इस्लामाबाद में
(d) ढाका में
Answer: (d) ढाका में
In simple words: सार्क का पहला बड़ा सम्मेलन बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुआ था।
🎯 Exam Tip: प्रमुख संगठनों के पहले शिखर सम्मेलन का स्थान याद रखें, क्योंकि यह उनके गठन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तथ्य है।
Question 6. बांग्लादेश का जन्म हुआ
(a) 1971 ई० में ।
(b) 1972 ई० में
(c) 1973 ई० में
(d) 1970 ई० में
Answer: (a) 1971 ई० में ।
In simple words: बांग्लादेश देश 1971 में बना था।
🎯 Exam Tip: देशों के गठन के वर्ष उनके इतिहास और भूगोल से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य होते हैं।
Question 7. दक्षेस की स्थापना हुई
(a) 1985 ई० में ।
(b) 1987 ई० में
(c) 1988 ई० में ।
(d) 1986 ई० में
Answer: (a) 1985 ई० में ।
In simple words: दक्षेस संगठन की शुरुआत 1985 में हुई थी।
🎯 Exam Tip: अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की स्थापना के वर्ष अक्सर पूछे जाते हैं, इन्हें याद रखें।
Question 8. दक्षेस का 17वाँ शिखर सम्मेलन सम्पन्न हुआ ।
(a) भारत में
(b) अर्दू में
(c) नेपाल में
(d) बांग्लादेश में
Answer: (b) अर्दू में
In simple words: दक्षेस का 17वां बड़ा सम्मेलन अर्दू में हुआ था।
🎯 Exam Tip: सार्क के प्रमुख सम्मेलनों के स्थान और वर्ष को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जो हाल ही में हुए हों।
Question 9. दक्षेस का 15वाँ शिखर सम्मेलन सम्पन्न हुआ
(a) कोलम्बो में
(b) माले में
(c) दिल्ली में
(d) ढाका में
Answer: (a) कोलम्बो में
In simple words: दक्षेस का 15वां बड़ा सम्मेलन श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में हुआ था।
🎯 Exam Tip: शिखर सम्मेलनों के स्थान को उनके वर्ष के साथ जोड़कर याद रखें, ताकि भ्रम न हो।
Question 10. दक्षेस का मुख्यालय स्थित है
(a) काठमाण्डू में
(b) ढाका में
(c) नई दिल्ली में
(d) कोलम्बो में
Answer: (a) काठमाण्डू में
In simple words: दक्षेस का मुख्य दफ्तर नेपाल की राजधानी काठमांडू में है।
🎯 Exam Tip: मुख्यालय का स्थान एक निश्चित तथ्य है जिसे याद रखना आसान है।
Question 11. भारत-पाकिस्तान के बीच दूसरा युद्ध हुआ था
(a) 1965 ई० में
(b) 1970 ई० में
(c) 1971 ई० में
(d) 1972 ई० में
Answer: (c) 1971 ई० में
In simple words: भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरा बड़ा युद्ध 1971 में हुआ था, जिससे बांग्लादेश बना।
🎯 Exam Tip: भारत-पाकिस्तान युद्धों के वर्षों को याद रखें, क्योंकि ये इतिहास में महत्वपूर्ण घटनाएं हैं।
Question 12. दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) की स्थापना किस वर्ष हुई थी ?
(a) 1984
(b) 1985
(c) 1986
(d) 1987
Answer: (b) 1985
In simple words: दक्षेस की स्थापना 1985 में हुई थी।
🎯 Exam Tip: यह प्रश्न दक्षेस की स्थापना के वर्ष के बारे में है, जो एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य है।
Question 13. भारत-पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता पर हस्ताक्षर हुए थे
(a) 1962 ई० में
(b) 1965 ई० में
(c) 1972 ई० में
(d) 1999 ई० में
Answer: (c) 1972 ई० में
In simple words: भारत और पाकिस्तान ने 1972 में शिमला समझौते पर दस्तखत किए थे।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण समझौतों की तारीखें याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अक्सर सीधे तौर पर पूछी जाती हैं।
Question 14. दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) की स्थापन करने में निम्नलिखित में से .. किसने पहल की थी?
(a) जिया-उर-रहमान (बांग्लादेश),
(b) मोहम्मद नशीद (मालद्वीप)
(c) राजीव गाँधी (भारत)
(d) महिन्द्रा राजपक्षे (श्रीलंका)
Answer: (a) जिया-उर-रहमान (बांग्लादेश),
In simple words: बांग्लादेश के जिया-उर-रहमान ने दक्षेस बनाने की शुरुआत की थी।
🎯 Exam Tip: संगठनों के संस्थापक सदस्यों या प्रमुख पहल करने वालों के नाम याद रखना फायदेमंद होता है।
Question 15. निम्नलिखित में से कौन राज्य म्यांमार की सीमा रेखा पर स्थित नहीं है?
(a) नागालैण्ड
(b) मिजोरम
(c) मेघालय
(d) अरुणाचल प्रदेश
Answer: (a) नागालैण्ड
In simple words: मेघालय भारत का वह राज्य नहीं है जिसकी सीमा म्यांमार से लगती है।
🎯 Exam Tip: भारत के राज्यों और उनके पड़ोसी देशों की सीमाओं का ज्ञान भूगोल के प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।
Free study material for Social Science
UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस
Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 10 Social Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 10 Social Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 10 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Social Science Class 10 Solved Papers
Using our Social Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 10 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Social Science are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Social Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 10 Social Science. You can access UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 8 भारत के पड़ोसि देशो से संबंध तथा दक्षेस in printable PDF format for offline study on any device.