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Detailed Chapter 13 विकसित तथा विकासशील देश एवं उनकी विशेषातें UP Board Solutions for Class 10 Social Science
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Class 10 Social Science Chapter 13 विकसित तथा विकासशील देश एवं उनकी विशेषातें UP Board Solutions PDF
विस्तृत उत्तरीय प्रश्न
Question 1. विकसित देशों की प्रमुख विशेषताओं (लक्षणों) का वर्णन कीजिए।
Answer: जो देश अपने प्राकृतिक साधनों और अच्छी तकनीक का उपयोग करके खूब आर्थिक विकास कर चुके हैं, उन्हें विकसित देश कहते हैं। जैसे, ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और जर्मनी। विकसित देशों की खास बातें नीचे दी गई हैं:
1. **उन्नत विज्ञान और तकनीक से संसाधनों का उपयोग:** किसी भी देश के विकास के लिए प्राकृतिक संसाधन बहुत ज़रूरी होते हैं। विकसित देश नए विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल करके अपने प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करते हैं, जिससे उनका विकास तेज़ी से होता है। जापान और इंग्लैंड जैसे देशों ने कच्चा माल आयात करके भी अपनी उन्नत तकनीक से बहुत तेज़ी से तरक्की की है। यह दिखाता है कि सही तकनीक से संसाधन कम होने पर भी विकास संभव है।
2. **बड़े पैमाने पर उद्योग-धंधे:** सभी विकसित देशों ने बड़े उद्योग स्थापित किए हैं ताकि उनका आर्थिक स्तर ऊँचा हो सके। ब्रिटेन, अमेरिका, जापान और जर्मनी जैसे देशों ने उद्योगों पर खास ध्यान दिया है। इन देशों में लोहा-इस्पात, रसायन, इंजीनियरिंग, मोटरगाड़ी, जहाज़ और हवाई जहाज़ बनाने जैसे उद्योग बहुत तेज़ी से बढ़े हैं। उद्योग-धंधे देश की आर्थिक शक्ति का आधार होते हैं।
3. **खेती में मशीनों का इस्तेमाल:** विकसित देशों ने उद्योगों के लिए कच्चा माल जुटाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए खेती में मशीनों का उपयोग करना शुरू कर दिया है। यहाँ बड़े-बड़े खेतों में मशीनों से खेती की जाती है। अमेरिका, रूस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और हॉलैण्ड जैसे देशों में खेती पूरी तरह से मशीनों पर आधारित हो गई है। इससे बड़े पैमाने पर सघन खेती होती है, व्यापार के लिए भी खेती की जाती है, और बहुत सारा कृषि उत्पाद दूसरे देशों को बेचा जाता है।
4. **व्यापार के लिए बागानों का विकास:** विकसित देशों के बड़े शहरों में रहने वाले लोगों के लिए फल और सब्ज़ियाँ उगाने के लिए बड़े-बड़े बागान बनाए गए हैं। इस तरह की खेती को बागवानी या फल कृषि कहते हैं, जहाँ बाज़ार में बेचने के लिए फसलें उगाई जाती हैं। अमेरिका और यूरोप के बड़े शहरों के पास ऐसे कई बागान देखने को मिलते हैं। इससे शहरों के लोगों को ताज़े फल और सब्ज़ियाँ आसानी से मिल जाते हैं।
5. **उन्नत पशुपालन और डेयरी उद्योग:** ठंडी जलवायु, अच्छे चारागाह और अच्छी नस्ल के पशुओं के कारण विकसित देशों में पशुपालन और दूध से जुड़े काम बहुत आगे बढ़ गए हैं। पशुओं से दूध, माँस, चमड़ा और ऊन जैसे उत्पाद मिलते हैं; अतः डेनमार्क, हॉलैण्ड, अमेरिका, न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका के कई देशों में पशुपालन बहुत विकसित है। दूध से मक्खन, पनीर और दूध का पाउडर जैसी चीज़ें बनाई जाती हैं, और कई देश इन्हें बड़ी मात्रा में दूसरे देशों को बेचते हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती मिलती है।
6. **बहुत अच्छी यातायात और संचार व्यवस्था:** विकसित देशों में आने-जाने और बात करने की व्यवस्था बहुत विकसित है। इन देशों में सड़कों और बड़े रेलमार्गों का बहुत बड़ा जाल बिछा हुआ है। ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग दुनिया का सबसे लंबा रेलमार्ग है। इन देशों में ट्रेन और हवाई जहाज़ से भी आसानी से यात्रा की जा सकती है। पानी के रास्ते यात्रा नदियों, झीलों और नहरों से होती है। इसके अलावा, यहाँ स्वचालित मोटरगाड़ियाँ, बिजली से चलने वाली रेलगाड़ियाँ, पनडुब्बियाँ, नए जहाज़ और तेज़ हवाई जहाज़ हैं, जिन्होंने इन देशों को एक-दूसरे के करीब ला दिया है। संचार के साधन भी बहुत आधुनिक हैं। अच्छी परिवहन व्यवस्था उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा देती है।
7. **ज़्यादा प्रति व्यक्ति आय और राष्ट्रीय आय:** विकसित देशों में खेती, उद्योग और व्यापार बहुत बढ़े हुए हैं। इसी वजह से यहाँ हर व्यक्ति की कमाई (प्रति व्यक्ति आय) और पूरे देश की कमाई (राष्ट्रीय आय) ज़्यादा होती है। यह इन देशों की समृद्धि का मुख्य संकेत है। ज़्यादा आय होने से इन देशों के लोगों का जीवन-स्तर भी ऊँचा होता है और वे बेहतर सुविधाएं पा सकते हैं।
8. **महिलाओं की अच्छी स्थिति:** विकसित देशों में महिलाएँ पढ़ी-लिखी होती हैं और काम करती हैं। वे पैसे के मामले में आत्मनिर्भर होती हैं। इन देशों में महिलाओं को पुरुषों के बराबर माना जाता है। यहाँ महिला साक्षरता दर बहुत ऊँची है। ज़्यादातर महिलाएँ स्वस्थ होती हैं और देश के विकास में पूरा योगदान देती हैं। यह सामाजिक समानता और प्रगति का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
9. **अन्य खास बातें:**
(i) बड़े पैमाने पर उद्योगों के कारण विकसित देशों में शहरों और शहरी आबादी ज़्यादा होती है।
(ii) विकसित देशों में ज़्यादा लोग पढ़े-लिखे होते हैं।
(iii) जनसंख्या की वृद्धि नियंत्रित होती है।
(iv) सभी आर्थिक कामों में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। विकसित देश हमेशा नई खोजों और सुधारों पर ध्यान देते हैं।
In simple words: विकसित देश वे हैं जिन्होंने प्राकृतिक संसाधनों और तकनीक का बेहतर उपयोग करके आर्थिक विकास किया है। उनकी मुख्य विशेषताएँ हैं उन्नत उद्योग, मशीनीकृत खेती, अच्छी परिवहन व्यवस्था, ज़्यादा प्रति व्यक्ति आय और महिलाओं की बेहतर स्थिति।
🎯 Exam Tip: विकसित देशों की विशेषताओं को समझाते समय, हमेशा संसाधनों के कुशल उपयोग, तकनीकी प्रगति और उच्च जीवन-स्तर पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 2. विकासशील देशों की प्रमुख समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके समाधान के उपाय लिखिए।
Answer: विकासशील देशों को अपने विकास के रास्ते में बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। जब तक इन समस्याओं का हल नहीं निकाला जाता, तब तक इनका आर्थिक विकास पूरी तरह से नहीं हो पाता। विकासशील देशों की मुख्य समस्याएँ इस प्रकार हैं:
1. **पूँजी की कमी:** विकास के कामों को पूरा करने के लिए बहुत ज़्यादा पैसे (पूँजी) की ज़रूरत होती है। लेकिन विकासशील देशों में लोगों की आय कम होती है, इसलिए वे ज़्यादा बचत नहीं कर पाते। इससे नया पैसा नहीं बन पाता। ये देश कम आय, कम बचत और कम पूँजी के एक बुरे चक्र में फँस जाते हैं। अपने देश में पैसा कम होने के कारण इन्हें विकसित देशों से कर्ज़ लेना पड़ता है, जो हमेशा नहीं मिलता और उसकी शर्तें भी देश के लिए अच्छी नहीं होतीं। देश को अपना विकास करने के लिए खुद के पास पर्याप्त धन होना बहुत ज़रूरी है।
2. **जनसंख्या की समस्या:** ज़्यादातर विकासशील देशों की एक बड़ी समस्या जनसंख्या का तेज़ी से बढ़ना है। इस कारण कई देशों में 'जनसंख्या विस्फोट' जैसी स्थिति आ गई है। तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या के कारण विकासशील देशों में कई समस्याएँ पैदा हो गई हैं, जैसे:
(i) गरीबी और भूख की समस्या,
(ii) बेरोज़गारी का बढ़ना,
(iii) खेती की ज़मीन पर ज़्यादा लोगों का बोझ,
(iv) विकास के कामों के लिए पैसे की कमी।
इसलिए, देश को सबसे पहले अपनी बढ़ती जनसंख्या की ज़रूरतों को पूरा करना पड़ता है। इससे विकास के अन्य महत्वपूर्ण काम पीछे छूट जाते हैं। जनसंख्या नियंत्रण हर विकासशील देश के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
3. **कमज़ोर यातायात और संचार व्यवस्था:** विकासशील देशों में उनके बड़े आकार और ज़्यादा जनसंख्या के हिसाब से आने-जाने के साधन कम हैं। इन देशों में परिवहन के साधनों का पूरा विकास नहीं हो पाया है। कई जगहों पर सड़कें और रेलमार्ग अभी भी नहीं हैं। लोग एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए पैदल चलते हैं या पशुओं का इस्तेमाल करते हैं। चीन, मनीला, फिलीपींस जैसे देशों में आज भी कई पहाड़ी और जंगली इलाके परिवहन से दूर हैं। इस वजह से मज़दूर आसानी से एक जगह से दूसरी जगह नहीं जा पाते, और खेती, उद्योग और व्यापार भी ज़्यादा नहीं बढ़ पाते। आधुनिक विज्ञान और तकनीक की कमी के कारण इन देशों में अच्छी संचार व्यवस्था भी नहीं है। बेहतर कनेक्टिविटी विकास की गति को तेज़ करती है।
4. **कमजोर उद्योग:** विकासशील देशों में उद्योगों का पूरी तरह से विकास नहीं हो पाया है। यहाँ बड़े और आधुनिक उद्योगों की कमी है। इन देशों में ज़्यादातर छोटे और कुटीर उद्योग होते हैं, जहाँ मज़दूरों का ज़्यादा इस्तेमाल होता है, जिससे उत्पादन कम होता है। ज़्यादातर उद्योग ऐसी चीज़ें बनाते हैं जो लोग रोज़मर्रा में इस्तेमाल करते हैं या खेती से जुड़ी होती हैं। इसका नतीजा यह है कि दुनिया की 67% आबादी वाले विकासशील देश, दुनिया के कुल औद्योगिक उत्पादन में सिर्फ 20% का ही योगदान दे पाते हैं। उद्योगों का विकास देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूती देता है।
5. **महिलाओं की स्थिति:** विकासशील देशों में महिलाओं की हालत चिंताजनक है। पुराने विचारों वाला समाज पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कम महत्व देता है। ज़्यादातर विकासशील देशों में पर्दा-प्रथा, अशिक्षा, बाल-विवाह, एक से ज़्यादा शादियाँ और दहेज जैसी सामाजिक बुराइयों ने महिलाओं का जीवन बहुत मुश्किल बना दिया है। हालाँकि, इन देशों में पुरुषों और महिलाओं की संख्या लगभग बराबर है, फिर भी काम करने वाली महिलाओं का प्रतिशत बहुत कम है। महिलाओं की भागीदारी के बिना किसी भी देश का पूर्ण विकास संभव नहीं है।
6. **पुराना औद्योगिक ढाँचा:** ज़्यादातर विकासशील देशों में आधुनिक और बड़े उद्योगों की कमी है। इस वजह से औद्योगिक उत्पादन बहुत कम होता है। देश की कुल आय में उद्योगों का योगदान भी बहुत कम है। उद्योगों की कमी के कारण यहाँ मशीनें और पूँजी से जुड़े सामान का उत्पादन भी कम होता है। अपनी ज़रूरतों की मशीनें प्राप्त करने के लिए इन देशों को दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। यह निर्भरता आर्थिक स्वतंत्रता में बाधा डालती है।
7. **खराब परिवहन व्यवस्था:** विकासशील देशों में उनके बड़े आकार और जनसंख्या की ज़रूरतों के हिसाब से परिवहन के साधन पूरी तरह विकसित नहीं हुए हैं। तेज़ गति से चलने वाले परिवहन साधनों की कमी के कारण, कच्चे माल, मशीनरी और मज़दूरों को उत्पादन वाली जगहों तक पहुँचाने में बहुत समय और पैसा बर्बाद होता है। इससे विकास की प्रक्रिया पर बुरा असर पड़ता है। कुशल परिवहन व्यवस्था उद्योगों के लिए जीवन रेखा के समान है।
8. **कम साक्षरता और तकनीकी शिक्षा की कमी:** ज़्यादातर विकासशील देश लंबे समय तक दूसरे विकसित देशों के अधीन रहे हैं। इस कारण इन देशों में शिक्षा का विकास बहुत धीमा हुआ है, और तकनीकी शिक्षा की तो बहुत कमी रही है। नतीजतन, इन देशों में कुशल और प्रशिक्षित मज़दूरों, प्रबंधकों और विशेषज्ञों की कमी है। शिक्षा और कौशल विकास किसी भी देश की प्रगति के लिए बेहद ज़रूरी हैं।
9. **प्राकृतिक संसाधनों का कम उपयोग:** ज़्यादातर विकासशील देशों में भरपूर प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं। लेकिन, पैसे और तकनीकी ज्ञान की कमी, कुशल और प्रशिक्षित मज़दूरों की कमी, विशेषज्ञों का अभाव, और परिवहन के साधनों की कमी के कारण ये देश अपने प्राकृतिक संसाधनों का सही ढंग से उपयोग नहीं कर पाते। संसाधनों का सही उपयोग आर्थिक विकास की कुंजी है।
10. **सामाजिक पिछड़ापन:** कई विकासशील देशों में सामाजिक परंपराएँ और अंधविश्वास लोगों पर इस तरह हावी हैं कि वे नई परिस्थितियों, आधुनिक तकनीक और नए उत्पादन तरीकों को अपना नहीं पाते। अशिक्षा और गरीबी के कारण उत्पादन का काम आज भी पुराने तरीकों से ही किया जा रहा है। सामाजिक पिछड़ेपन के कारण इन देशों में मज़दूरों की गतिशीलता भी कम है। समाज में बदलाव आने से ही नई प्रगति की राह खुलती है।
11. **खेती का पिछड़ापन:** ज़्यादातर विकासशील देशों का मुख्य काम खेती है, लेकिन यहाँ की खेती बहुत पुरानी है। ज़मीन पर ज़्यादा आबादी का दबाव, खेतों का छोटा होते जाना, खेती के पुराने तरीके, पैसे की कमी, किसानों की पुरानी सोच और अंधविश्वास, तथा बाज़ार तक पहुँचने की मुश्किलों जैसी समस्याओं के कारण यहाँ की खेती पिछड़ी हुई है। आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाना इस समस्या का समाधान कर सकता है।
12. **अन्य समस्याएँ:**
(i) बैंक सुविधाओं की कमी,
(ii) अच्छे व्यापारी (उद्यमियों) की कमी,
(iii) कई देशों में राजनीतिक अस्थिरता,
(iv) जनता में राजनीतिक समझ की कमी,
(v) ईमानदार और कुशल कर्मचारियों की कमी,
(vi) विदेशी व्यापार में विकसित देशों से प्रतिस्पर्धा।
ये सभी कारक विकासशील देशों की प्रगति में बाधा डालते हैं।
समस्याओं के समाधान के लिए उपाय (सुझाव)
इन समस्याओं को हल करने के लिए विकासशील देश नीचे दिए गए तरीकों को अपना सकते हैं:
(i) ज़्यादा पैसे बनाने के लिए लोगों को ज़्यादा बचत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
(ii) तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या को रोकना चाहिए।
(iii) समाज में फैली बुरी रीतियों को खत्म किया जाना चाहिए।
(iv) शिक्षा को ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँचाया जाना चाहिए।
(v) विज्ञान और नई तकनीक को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
(vi) आने-जाने और बात करने के साधनों का विकास और विस्तार करना चाहिए।
(vii) खेती के अच्छे विकास के लिए अच्छे बीज, रासायनिक खाद, आधुनिक मशीनें और सिंचाई की सुविधाएँ दी जानी चाहिए।
(viii) छोटे और कुटीर उद्योगों के साथ-साथ गाँव की दस्तकारी को बढ़ावा देना चाहिए।
(ix) ज़्यादा से ज़्यादा बैंक और कर्ज़ देने वाली संस्थाएँ खोली जानी चाहिए।
(x) महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाकर उन्हें काम करने योग्य बनाना चाहिए, ताकि वे आर्थिक विकास में हिस्सा ले सकें।
(xi) प्राकृतिक और मानव संसाधनों का सबसे अच्छा और ज़्यादा इस्तेमाल करने पर ज़ोर देना चाहिए।
(xii) योजना बनाकर आर्थिक विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाना चाहिए।
(xiii) लोगों के कमाने के साधनों को ज़्यादा से ज़्यादा बढ़ाना चाहिए।
(xiv) दूसरे देशों को सामान बेचने (निर्यात) को बढ़ावा देना चाहिए, खासकर उन चीज़ों को जो तैयार करके बेची जाती हैं।
(xv) सभी क्षेत्रों का संतुलित और निश्चित विकास किया जाना चाहिए।
In simple words: विकासशील देशों को जनसंख्या वृद्धि, पूँजी की कमी, और कमज़ोर बुनियादी ढाँचे जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं को हल करने के लिए बचत बढ़ाना, शिक्षा को बढ़ावा देना, तकनीक का उपयोग करना और सामाजिक कुरीतियों को दूर करना ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: विकासशील देशों की समस्याओं को समझाते समय, गरीबी, ज़्यादा आबादी और बुनियादी ढाँचे की कमी जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दें। समाधानों में शिक्षा, तकनीक और आर्थिक नीति को शामिल करें।
Question 3. 'विकासशील देशों में आर्थिक विकास की पर्याप्त सम्भावनाएँ हैं।' इस कथन की व्याख्या कीजिए ।
Answer: विकासशील देशों में आर्थिक विकास की बहुत संभावनाएँ हैं। आज की दुनिया में, इन देशों के लिए तेज़ी से आर्थिक विकास करना पहले से कहीं ज़्यादा आसान हो गया है। मौजूदा अच्छी अंतरराष्ट्रीय स्थितियों को देखते हुए, अब इन देशों के लिए विकास के रास्ते में आने वाली मुश्किलों को हटाना ज़्यादा मुश्किल नहीं है। नीचे दिए गए कुछ तथ्य बताते हैं कि इन देशों में विकास की बड़ी संभावनाएँ हैं:
1. **खेती के विकास की संभावना:** विकासशील देशों में खेती को बेहतर बनाने की पूरी संभावनाएँ हैं, क्योंकि इन देशों में:
(i) बहुत बड़े इलाके में उपजाऊ ज़मीन उपलब्ध है।
(ii) खेती के लिए अनुकूल मौसम की स्थितियाँ हैं।
(iii) मैदानी इलाकों में सिंचाई की सुविधाएँ बढ़ाने के लिए पानी के पर्याप्त स्रोत मौजूद हैं।
(iv) खेती के लिए पर्याप्त मज़दूर उपलब्ध हैं।
इसके अलावा, विकासशील देशों में अभी भी बहुत सारी ऐसी ज़मीन है जिसका खेती के लिए उपयोग नहीं हुआ है। लाखों एकड़ ज़मीन जंगलों और दलदलों से ढकी है या बेकार पड़ी है, जिसे सही तरीके से इस्तेमाल करके खेती योग्य बनाया जा सकता है। उन्नत बीज, रासायनिक खाद, बेहतर सिंचाई, आसान कर्ज़ और आधुनिक मशीनों के उपयोग से ये देश खेती के क्षेत्र में तेज़ी से विकास कर सकते हैं। खेती देश की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है।
2. **उद्योगों के विकास की संभावना:** उद्योगों का विकास मुख्य रूप से खनिज, ऊर्जा के साधन, मज़दूर और पूँजी की उपलब्धता पर निर्भर करता है। ज़्यादातर विकासशील देशों में प्राकृतिक संसाधन भरपूर मात्रा में हैं। चीन, भारत, मिस्र और ब्राजील में कोयले और लोहे के बड़े भंडार हैं। इराक, ईरान, तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र, नाइजीरिया और चीन में खनिज तेल भी बड़ी मात्रा में मिलता है। यदि ये देश बुनियादी और अन्य उद्योगों का विकास कर लें, तो उनकी विकास की गति बहुत तेज़ हो सकती है। अब अंतरराष्ट्रीय हालात भी बदल गए हैं, जिससे ये देश अपने संसाधनों का योजना बनाकर तेज़ी से औद्योगिक विकास कर सकते हैं। औद्योगिक विकास रोज़गार और राष्ट्रीय आय दोनों बढ़ाता है।
3. **विकसित देशों के अनुभवों से सीख:** अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस और जापान जैसे देश जो आज बहुत विकसित हैं, वे पहले पिछड़े हुए थे या उनके सामने भी अनगिनत समस्याएँ थीं। उन्होंने अपनी समस्याओं को मज़बूती से हल किया, और अब जापान भी विकसित देशों में शामिल हो गया है। जापान की इस असाधारण सफलता से सीख लेकर विकासशील देश भी विकास की राह पर तेज़ी से आगे बढ़ सकते हैं। दूसरे देशों के अनुभवों से सीखना हमेशा फायदेमंद होता है।
4. **प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग:** आज के समय में संसाधनों का ज़्यादा होना उतना ज़रूरी नहीं है, जितना उनका सही इस्तेमाल करना। दुनिया के कुछ देश ऐसे हैं, जिनके पास प्राकृतिक संसाधन कम हैं, फिर भी उन्होंने तेज़ी से आर्थिक विकास किया है। जापान और इज़राइल इसके अच्छे उदाहरण हैं। ज़्यादातर विकासशील देशों में प्राकृतिक संसाधन तो बहुत हैं, लेकिन वे उनका सही उपयोग नहीं कर पाते, जिससे वे ठीक से विकास नहीं कर पाए हैं। ये देश मज़दूरों की काम करने की क्षमता बढ़ाकर, परिवहन और बैंक सुविधाओं को बढ़ाकर और तकनीकी ज्ञान में वृद्धि करके प्राकृतिक संसाधनों का समुचित दोहन कर सकते हैं। संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन ही दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करता है।
5. **विदेशी मदद:** आजकल विकसित देश, विकासशील देशों को उनके विकास के लिए पैसे, तकनीकी जानकारी और विशेषज्ञों की मदद दे रहे हैं। इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ भी विकासशील देशों को बड़ी मात्रा में कर्ज़ दे रही हैं। इस अंतरराष्ट्रीय मदद से विकासशील देशों में विकास की संभावनाएँ काफी बढ़ गई हैं। यह सहयोग वैश्विक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: विकासशील देशों में आर्थिक विकास की बहुत संभावनाएँ हैं क्योंकि उनके पास उपजाऊ ज़मीन, प्राकृतिक संसाधन और मज़दूरों की शक्ति है। विकसित देशों के अनुभव से सीख लेकर और अंतरराष्ट्रीय मदद के साथ, ये देश खेती और उद्योगों का विकास कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: विकासशील देशों में आर्थिक विकास की संभावनाओं को समझाते समय, उनके प्राकृतिक संसाधनों, मानव शक्ति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग जैसे कारकों पर ज़ोर दें।
Question 4. विकासशील देशों में जनसंख्या की समस्या पर एक टिप्पणी लिखिए।
Answer: विकासशील देशों में जनसंख्या की समस्या एक बड़ी चुनौती है। दुनिया में चीन पहले और भारत दूसरे नंबर पर हैं जनसंख्या के मामले में। विकासशील देशों में जनसंख्या बढ़ने की दर 2 से 3% सालाना है, जबकि विकसित देशों में यह सिर्फ़ 1% है। विकासशील देशों में जनसंख्या से जुड़ी मुख्य समस्याएँ नीचे दी गई हैं:
1. **ज़्यादा आबादी (जनाधिक्य):** दुनिया की लगभग 67% आबादी विकासशील देशों में रहती है। कई देशों में जनसंख्या बहुत तेज़ी से बढ़ने के कारण अत्यधिक आबादी की स्थिति बन गई है। इन देशों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है, जिससे लोगों की मृत्यु दर कम हुई है और औसत आयु भी बढ़ गई है। लेकिन जन्म-दर में कोई खास कमी नहीं आई है। नतीजतन, जनसंख्या बढ़ने की दर लगातार ज़्यादा बनी हुई है। इससे संसाधनों पर दबाव बढ़ता है।
2. **कामकाजी आबादी की कमी:** ज़्यादातर विकासशील देशों की कुल जनसंख्या में 35-40% बच्चे होते हैं, जबकि विकसित देशों में यह संख्या 20-25% ही होती है। इसका मतलब है कि विकासशील देशों में जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा उस आबादी पर निर्भर करता है जो काम करती है। यह कामकाजी आबादी पर एक बड़ा बोझ डालता है, जिससे देश की आर्थिक उत्पादकता पर असर पड़ता है।
3. **ज़मीन पर बढ़ता बोझ:** जनसंख्या की तेज़ी से वृद्धि के कारण खेती की ज़मीन पर लोगों का बोझ बढ़ गया है। परिवार के सदस्य बढ़ने से ज़मीन के टुकड़े होते जा रहे हैं और खेत छोटे होते जा रहे हैं, जिससे उनमें खेती करना आर्थिक रूप से फायदेमंद नहीं रहता। इससे कृषि उत्पादकता प्रभावित होती है।
4. **ज़रूरी सेवाओं पर ज़्यादा खर्च:** जनसंख्या की तेज़ी से वृद्धि के कारण इन देशों की सरकारों को परिवहन, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, मकान बनाने और पानी की आपूर्ति जैसी बुनियादी सेवाओं पर लगातार बहुत ज़्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है। इस वजह से पैसे की कमी हो जाती है और विकास की योजनाओं को पूरा करने में दिक्कतें आती हैं। बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं, लेकिन बढ़ती आबादी इन्हें पूरा करने में चुनौती पैदा करती है।
5. **बेरोज़गारी:** ज़्यादा आबादी होने के कारण कई विकासशील देशों में बेरोज़गारी और अधूरी बेरोज़गारी की समस्या बहुत गंभीर हो गई है। खेती में 'छिपी हुई बेरोज़गारी' (जहाँ ज़रूरत से ज़्यादा लोग काम करते हैं) की समस्या हर दिन बढ़ रही है। यह देश की युवा शक्ति का सही उपयोग नहीं होने देती।
6. **कम औसत आयु:** ज़्यादातर विकासशील देशों में लोगों की औसत आयु 35 से 45 साल है, जबकि विकसित देशों में यह 65 से 75 साल तक होती है। इसका मतलब है कि विकासशील देशों में युवा आबादी ज़्यादा है, लेकिन उनके पास अनुभव और कौशल की कमी हो सकती है।
7. **शहरी आबादी और समस्याओं में वृद्धि:** जनसंख्या की तेज़ी से वृद्धि के कारण लोग काम की तलाश में गाँव छोड़कर शहरों की ओर बढ़ रहे हैं। इससे शहरों की जनसंख्या भी तेज़ी से बढ़ी है। नतीजतन, शहरों में भीड़-भाड़, मकानों की कमी, गंदगी और प्रदूषण, गंदी बस्तियों का बढ़ना, अपराधों का बढ़ना जैसी समस्याएँ और बुराइयाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। शहरीकरण के साथ-साथ इन समस्याओं का समाधान भी ज़रूरी है।
In simple words: विकासशील देशों में तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या एक बड़ी समस्या है। इससे ज़्यादा आबादी, कम काम करने वाले लोग, खेती की ज़मीन पर बढ़ता बोझ, ज़रूरी सेवाओं पर ज़्यादा खर्च और शहरों में बढ़ती समस्याएँ पैदा होती हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या समस्याओं का वर्णन करते समय, मृत्यु दर में कमी और जन्म दर में वृद्धि के कारण होने वाले प्रभावों पर ध्यान दें, जैसे संसाधनों पर दबाव, बेरोज़गारी और बुनियादी ढाँचे की समस्याएँ।
Question 5. विकासशील देशों में उन्नत कृषि की सम्भावनाओं पर विचार प्रकट कीजिए।
Answer: विकासशील देशों में उन्नत खेती की बहुत संभावनाएँ हैं। दुनिया के लगभग सभी विकासशील देशों का मुख्य काम खेती है। इन देशों की लगभग 60% आबादी खेती से जुड़ी है, फिर भी यहाँ की खेती पिछड़ी हुई है। लेकिन इन देशों में खेती को बेहतर बनाने की पूरी संभावनाएँ हैं, जो नीचे दिए गए तथ्यों से साफ़ पता चलता है:
(i) इन देशों में बहुत सारी उपजाऊ ज़मीन है।
(ii) खेती के लिए अनुकूल मौसम की स्थितियाँ हैं।
(iii) मैदानी इलाकों में सिंचाई की सुविधाएँ बढ़ाने की बहुत संभावनाएँ हैं, क्योंकि इन देशों ने अपने जल स्रोतों का अभी तक सही उपयोग नहीं किया है।
(iv) इन देशों में खेती के लिए पर्याप्त मज़दूर उपलब्ध हैं।
(v) कई देशों में लाखों एकड़ ज़मीन जंगलों और दलदलों से ढकी है। आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से इस ज़मीन को खेती के लिए तैयार किया जा सकता है। बेकार पड़ी ज़मीन को उपजाऊ बनाना एक बड़ी संभावना है।
(vi) विकसित देशों में खेती मशीनों से होती है और इसका उत्पादन बेचने के लिए किया जाता है। इसके उलट, विकासशील देशों में खेती सिर्फ़ अपने खाने के लिए की जाती है। बाज़ार-आधारित खेती से किसानों की आय बढ़ सकती है।
(vii) कई विकासशील देशों में आज भी पुराने तरीकों और औज़ारों से खेती की जा रही है, जिससे ज़मीन की पूरी उपजाऊ शक्ति का इस्तेमाल नहीं हो पाता है। आधुनिक तरीकों को अपनाने से मिट्टी की सेहत भी सुधर सकती है।
विकासशील देश नीचे दिए गए उपायों को अपनाकर अपनी खेती को बेहतर बना सकते हैं:
1. सिंचाई की सुविधाएँ विकसित और बढ़ाई जानी चाहिए।
2. अच्छे बीज और रासायनिक खाद का उपयोग किया जाना चाहिए।
3. खेती में मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाना चाहिए।
4. किसानों को खेती के नए तरीकों के बारे में सिखाना चाहिए।
5. सरकार और बैंक किसानों को ज़रूरी आर्थिक मदद दें।
6. ज़मीन के सुधार से जुड़े नियमों को ठीक से लागू करना चाहिए।
7. ज़मीन को कटने से रोकने के लिए गंभीर कोशिशें करनी चाहिए।
8. खाली पड़ी ज़मीन को खेती के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
9. फसलों को बीमारियों और कीटों से बचाने पर पूरा ध्यान देना चाहिए।
10. खेती से पैदा हुए सामान को बेचने की व्यवस्था को बेहतर बनाना चाहिए।
11. व्यापारिक मकसद से बागवानी खेती को बढ़ावा देना चाहिए। यह किसानों को बेहतर आय प्रदान कर सकता है।
In simple words: विकासशील देशों में उपजाऊ ज़मीन, अच्छा मौसम और पर्याप्त मज़दूरों के कारण उन्नत खेती की बहुत संभावनाएँ हैं। सिंचाई बढ़ाना, आधुनिक बीज उपयोग करना, मशीनों का प्रयोग करना और किसानों को शिक्षित करना खेती को बेहतर बनाने के मुख्य उपाय हैं।
🎯 Exam Tip: खेती में सुधार के लिए प्राकृतिक संसाधनों, मज़दूरों की उपलब्धता और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की संभावनाओं पर ध्यान दें।
Question 6. विकासशील देशों की विशेषताएँ क्या हैं? भारत को छोड़कर विश्व के किसी एक विकासशील देश का वर्णन निम्नलिखित शीर्षकों के अन्तर्गत कीजिए (क) स्थिति तथा (ख) कृषि-विकास ।
Answer: जो देश आर्थिक विकास के मामले में विकसित देशों से पीछे हैं, उन्हें विकासशील देश कहा जाता है। इन देशों में विकास की बहुत संभावनाएँ होती हैं, लेकिन उनकी प्रगति की गति धीमी होती है। विकासशील देशों की मुख्य विशेषताएँ नीचे दी गई हैं:
1. **खेती के विकास की संभावनाएँ:** दुनिया के लगभग सभी विकासशील देशों का मुख्य काम खेती है। इन देशों में खेती के विकास की अच्छी संभावनाएँ हैं, क्योंकि यहाँ उपजाऊ ज़मीन और खेती के लिए अच्छी जलवायु है। मैदानी इलाकों में सिंचाई की सुविधाएँ बढ़ाने की भी बहुत गुंजाइश है। लेकिन इन देशों ने अपने जल-संसाधनों का सही उपयोग नहीं किया है, जिससे विकास धीमा है। कई विकासशील देशों में आज भी पुराने तरीकों से खेती होती है, जिससे ज़मीन की पूरी उपजाऊ शक्ति का इस्तेमाल नहीं हो पाता। आधुनिक कृषि से देश की अर्थव्यवस्था मज़बूत होती है।
2. **उद्योगों में कम उत्पादन:** विकासशील देशों में औद्योगिक उत्पादन भी कम होता है। इसकी वजह पैसे की कमी, पुराने उत्पादन तरीके, खराब मशीनें और छोटे स्तर के उद्योग हैं। अशिक्षा, राजनीतिक अस्थिरता और सही आर्थिक योजना की कमी भी कम उत्पादन के मुख्य कारण हैं। इससे देश की कुल आय कम रहती है।
3. **कमज़ोर यातायात और संचार व्यवस्था:** किसी भी देश का आर्थिक विकास उसकी परिवहन व्यवस्था पर निर्भर करता है। विकासशील देशों में परिवहन का सही विकास नहीं हो पाया है। इसी कारण कमज़ोर यातायात और संचार व्यवस्था इन देशों की एक बड़ी कमज़ोरी है। इनकी कमी के कारण खेती और प्राकृतिक संसाधनों का ठीक से इस्तेमाल नहीं हो पाता है। अच्छी कनेक्टिविटी विकास को गति देती है।
4. **प्राकृतिक संसाधनों का अधूरा विकास:** विकासशील देशों की एक बड़ी समस्या उनके प्राकृतिक संसाधनों का अधूरा विकास है। पैसे, तकनीक और परिवहन के साधनों की कमी के कारण यहाँ प्राकृतिक संसाधन पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाए हैं। बेकार पड़े ये प्राकृतिक संसाधन देश के आर्थिक विकास में मदद नहीं कर पाते। संसाधनों का सही उपयोग आर्थिक प्रगति का आधार है।
5. **जनसंख्या की तेज़ी से वृद्धि:** सभी विकासशील देश जनसंख्या की तेज़ी से बढ़ती संख्या की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। बढ़ती जनसंख्या का दबाव इतना ज़्यादा होता है कि सरकार को हर साल उसे खिलाने-पिलाने के लिए ज़्यादा व्यवस्था करनी पड़ती है। जनसंख्या का तेज़ी से बढ़ना विकासशील देशों की एक मुख्य पहचान है। नियंत्रित जनसंख्या विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
6. **कम साक्षरता और तकनीकी स्तर:** विकासशील देशों में लोगों के पढ़े-लिखे होने (साक्षरता) का स्तर और तकनीकी ज्ञान भी कम होता है। हालांकि, ये देश इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। शिक्षा और तकनीकी ज्ञान देश की प्रगति के लिए आवश्यक हैं।
7. **महिलाओं की कमज़ोर स्थिति:** विकासशील देशों में महिलाओं की हालत अच्छी नहीं होती। अशिक्षा, अज्ञानता, पुरानी सोच और ज़्यादा बच्चे पैदा करने की वजह से यहाँ महिलाओं की स्थिति खराब है। पुरुष-प्रधान समाज और आर्थिक गुलामी ने उनकी हालत को और भी बदतर बना दिया है। हालांकि, धीरे-धीरे महिलाओं को आर्थिक विकास में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। भारत और ब्राजील जैसे देश अपने विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। महिलाओं की सशक्तिकरण से सामाजिक उन्नति होती है।
In simple words: विकासशील देशों की पहचान धीमी आर्थिक प्रगति, कमज़ोर उद्योग, पुरानी कृषि व्यवस्था, बढ़ती जनसंख्या और कम साक्षरता से होती है। इन देशों में महिलाओं की स्थिति भी अक्सर पिछड़ी हुई होती है।
🎯 Exam Tip: विकासशील देशों की विशेषताओं को बताते समय, आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी पिछड़ेपन को मुख्य बिंदुओं के रूप में शामिल करें।
Question 7. ब्राजील को विकासशील देश क्यों कहा जाता है ? किन्हीं पाँच कारणों द्वारा अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए ।
Answer: जो देश विकास की प्रक्रिया में विकसित देशों की तुलना में पीछे हैं, उन्हें विकासशील देश कहते हैं। इन देशों में विकास की अच्छी संभावनाएँ होती हैं, लेकिन उनकी प्रगति की गति धीमी होती है। ब्राजील, भारत की तरह ही एक विकासशील देश है। ब्राजील को विकासशील देश कहने के पाँच मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
1. **उद्योगों का धीमा विकास:** ब्राजील में औद्योगिक विकास हो रहा है, लेकिन इसकी गति धीमी है। औद्योगिक विकास की धीमी गति इस बात से पता चलती है कि 1960 तक ब्राजील स्टील, भारी मशीनरी, पेट्रो-केमिकल्स और हथियार जैसी कई चीज़ें बाहर से मँगाता था, जबकि अब ये सब अपने देश में ही बनाता है। आज ब्राजील में बने हवाई जहाज़ अमेरिका में उड़ते हैं और यहाँ बने कंप्यूटर चीन में इस्तेमाल हो रहे हैं। एक समय था जब ब्राजील की अर्थव्यवस्था खेती से जुड़े उत्पादों को बाहर भेजने पर निर्भर थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं और उद्योगों ने मुख्य जगह ले ली है। औद्योगिक आत्मनिर्भरता किसी भी देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
2. **पूँजी की कमी तथा विदेशी कर्ज़:** ज़्यादातर विकासशील देशों की तरह ब्राजील को भी अपने औद्योगिक विकास के लिए दुनिया के दूसरे देशों, खासकर अमेरिका से, आर्थिक कर्ज़ लेना पड़ा है। आज ब्राजील दुनिया के सबसे ज़्यादा कर्ज़दार देशों में से एक है। उस पर कर्ज़ की राशि इतनी ज़्यादा है कि ब्राजील की निर्यात से होने वाली आय सिर्फ़ इस कर्ज़ का ब्याज चुकाने में ही खर्च हो जाती है। ब्राजील के धीमे विकास का यह मुख्य कारण है। बाहरी कर्ज़ देश की आर्थिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकता है।
3. **कम विकसित प्राकृतिक संसाधन:** ब्राजील में खनिज पर्याप्त मात्रा में हैं, जिनमें अभ्रक, मैंगनीज़, सोना, टिन, गैस और खनिज तेल मुख्य हैं। ब्राजील अपनी प्राकृतिक खनिज संपदा के बल पर विकास की ओर बढ़ रहा है। प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग आर्थिक प्रगति का आधार होता है।
4. **खेती पर आधारित अर्थव्यवस्था:** ब्राजील की अर्थव्यवस्था अभी भी खेती पर बहुत ज़्यादा निर्भर करती है। यहाँ से कॉफ़ी, सोयाबीन, संतरा, चीनी और संतरे का जूस बड़ी मात्रा में निर्यात किया जाता है। खेती की विविधता से आय बढ़ती है।
5. **साक्षरता एवं तकनीकी का निम्न स्तर:** ब्राजील में साक्षरता की दर अभी भी उतनी नहीं है जितनी होनी चाहिए। इसी तरह तकनीकी रूप से भी यह देश उन्नत स्थिति में नहीं आ पाया है। यह मानना पड़ेगा कि ब्राजील दोनों क्षेत्रों में विकास के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। साक्षरता दर 82% से ज़्यादा हो चुकी है। तकनीकी ज्ञान भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है, जिसके कारण हवाई जहाज़ और कंप्यूटर जैसी चीज़ें अब यहाँ भी बन रही हैं। शिक्षा और तकनीक ही देश के भविष्य का निर्माण करती है।
In simple words: ब्राजील को विकासशील देश कहा जाता है क्योंकि वहाँ उद्योगों का विकास धीमा है, पूँजी की कमी और विदेशी कर्ज़ ज़्यादा है, अर्थव्यवस्था खेती पर निर्भर करती है, और साक्षरता व तकनीकी ज्ञान का स्तर कम है।
🎯 Exam Tip: किसी देश को विकासशील कहने के कारणों में हमेशा औद्योगिक प्रगति की गति, पूँजी की उपलब्धता, कृषि पर निर्भरता और शिक्षा व तकनीक के स्तर को शामिल करें।
लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. विकासशील देशों में उद्योग-धन्धों के पिछड़ेपन के क्या कारण हैं ?
Answer: विकासशील देशों में उद्योगों के पिछड़े होने के मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
(i) लंबे समय तक दूसरे देशों के शासन में रहने की वजह से ज़्यादातर विकासशील देशों में बड़े उद्योग स्थापित नहीं हो पाए हैं। यह विदेशी शासन की विरासत है।
(ii) पैसों की कमी और तकनीकी ज्ञान न होने के कारण इन देशों में उद्योगीकरण की रफ्तार बहुत धीमी रही है। पैसों और तकनीक के बिना कोई भी देश औद्योगिक रूप से मजबूत नहीं बन सकता।
(iii) इन देशों में ज़्यादातर उद्योग खेती पर निर्भर करते हैं। इसलिए यहाँ बड़े उद्योगों की बजाय छोटे और कुटीर उद्योग ज़्यादा विकसित हुए हैं। ये उद्योग रोज़गार तो देते हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर उत्पादन नहीं कर पाते।
(iv) सही आर्थिक योजना न होने की वजह से भी विकासशील देशों में उद्योगों का विकास धीमा रहा है और उत्पादन कम होता है। योजनाबद्ध तरीके से ही औद्योगिक विकास संभव है।
In simple words: विकासशील देशों में उद्योग इसलिए पिछड़े हैं क्योंकि विदेशी शासन, पूँजी और तकनीकी ज्ञान की कमी, खेती पर ज़्यादा निर्भरता और खराब आर्थिक योजनाएँ रही हैं।
🎯 Exam Tip: औद्योगिक पिछड़ेपन के कारणों में ऐतिहासिक, आर्थिक और तकनीकी बाधाओं को शामिल करें, जैसे औपनिवेशिक विरासत, पूँजी का अभाव और तकनीकी शिक्षा की कमी।
Question 2. विकासशील एवं विकसित देशों में नारी की दशा का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत कीजिए।
Answer: विकासशील एवं विकसित देशों में महिलाओं की स्थिति का तुलनात्मक विवरण नीचे दिया गया है-
| क्र० सं० | विकासशील देश | विकसित देश |
|---|---|---|
| 1. | विकासशील देशों में महिलाएँ कम पढ़ी-लिखी होती हैं (साक्षरता दर कम है)। | विकसित देशों में ज़्यादा महिलाएँ पढ़ी-लिखी होती हैं (साक्षरता दर ऊँची है)। |
| 2. | ज़्यादातर महिलाएँ बेरोज़गार होती हैं और पैसों के लिए पुरुषों पर निर्भर रहती हैं। | ज़्यादातर महिलाएँ काम करती हैं और पैसों के मामले में आत्मनिर्भर होती हैं। |
| 3. | पुराने विचारों वाले समाज में महिलाओं को कम सम्मान मिलता है। | आधुनिक विकसित समाज में महिलाओं को पुरुषों के बराबर माना जाता है। |
| 4. | ज़्यादातर महिलाएँ बीमार रहती हैं और कुपोषण का शिकार होती हैं। | ज़्यादातर महिलाएँ स्वस्थ होती हैं और देश के विकास में पूरा योगदान देती हैं। |
In simple words: विकसित देशों में महिलाएँ ज़्यादा शिक्षित, आत्मनिर्भर और पुरुषों के बराबर होती हैं, जबकि विकासशील देशों में महिलाएँ अक्सर कम शिक्षित, आर्थिक रूप से निर्भर और सामाजिक रूप से पिछड़ी होती हैं।
🎯 Exam Tip: तुलना करते समय, महिला साक्षरता, आर्थिक स्वतंत्रता, सामाजिक सम्मान और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख संकेतकों का उपयोग करके दोनों प्रकार के देशों के बीच अंतर को स्पष्ट करें।
Question 3. विकसित देशों में कृषि के यन्त्रीकरण के लाभों का वर्णन कीजिए।
Answer: विकसित देशों ने हरित क्रांति के समय खेती में मशीनों का इस्तेमाल करना शुरू किया था। खेती में मशीनों का इस्तेमाल करने का मतलब है पशुओं और इंसानों की मेहनत की जगह मशीनों का उपयोग करना। विकसित देशों में बड़े पैमाने पर खेती में मशीनें लगाई गई हैं। इससे इन देशों को नीचे दिए गए फायदे हुए हैं:
(i) खेती में मशीनों के इस्तेमाल से विकसित देशों में कृषि उत्पादन बहुत बढ़ गया है। कम समय में ज़्यादा काम होने लगा।
(ii) खेती में मशीनों के इस्तेमाल से उद्योगों को कच्चा माल आसानी से और ज़्यादा मात्रा में मिलने लगा। यह औद्योगिक विकास के लिए ज़रूरी है।
(iii) खेती का उत्पादन बढ़ने से इन देशों में हर व्यक्ति की कमाई (प्रति व्यक्ति आय) और पूरे देश की कमाई (राष्ट्रीय आय) बहुत बढ़ गई है। यह देश की समृद्धि का प्रतीक है।
(iv) खेती में मशीनों के इस्तेमाल से विकसित देशों का कृषि उत्पादों का निर्यात बहुत बढ़ गया है। दूसरे देशों को अनाज, फल और सब्ज़ियाँ बेचने से विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है।
In simple words: खेती में मशीनों के इस्तेमाल से विकसित देशों में उत्पादन बहुत बढ़ा है, उद्योगों को कच्चा माल मिला है, प्रति व्यक्ति आय और राष्ट्रीय आय बढ़ी है, और कृषि उत्पादों का निर्यात भी बढ़ा है।
🎯 Exam Tip: मशीनीकृत खेती के लाभों को बताते समय, उत्पादकता वृद्धि, औद्योगिक कच्चे माल की आपूर्ति, राष्ट्रीय आय में वृद्धि और निर्यात क्षमता जैसे पहलुओं पर ज़ोर दें।
Question 4. विकासशील देश किसे कहते हैं ? स्पष्ट कीजिए ।
Answer: जो देश आर्थिक विकास के ऊँचे स्तर तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें विकासशील देश कहते हैं। ये देश पुराने विकास के तरीकों को छोड़कर तेज़ी से उद्योग और खेती का उत्पादन बढ़ाते हैं, जिससे ये विकासशील देशों की श्रेणी में आते हैं। इन देशों में अक्सर जनसंख्या का घनत्व ज़्यादा होता है, जिससे उनका सही विकास दिखाई नहीं देता। चीन, भारत, मिस्र, ब्राजील, श्रीलंका, बांग्लादेश जैसे देश विकासशील देश हैं, जबकि जापान एक विकसित देश है। विकासशील देश लगातार अपनी अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करते हैं।
In simple words: विकासशील देश वे हैं जो आर्थिक रूप से आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, तेज़ी से उद्योग और खेती बढ़ा रहे हैं, लेकिन अक्सर ज़्यादा जनसंख्या और कमज़ोर बुनियादी ढाँचे जैसी चुनौतियों का सामना करते हैं।
🎯 Exam Tip: विकासशील देशों की परिभाषा में उनके आर्थिक विकास की दिशा में चल रहे प्रयासों और उनके सामने आने वाली चुनौतियों, जैसे जनसंख्या घनत्व, दोनों को शामिल करें।
Question 5. 'जायरे को विकासशील देश कहा जाता है। क्यों ? कोई दो कारण दीजिए ।
Answer: जो देश आर्थिक विकास के ऊँचे स्तर तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें विकासशील देश कहते हैं। जायरे अफ्रीका महाद्वीप का एक देश है और यह विकासशील देशों में आता है। जायरे को विकासशील देश मानने के दो मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
1. **जल-विद्युत उत्पादन की असीमित क्षमता:** जायरे नदी और उसकी सहायक नदियाँ जायरे को जल-विद्युत बनाने की असीमित क्षमता देती हैं। इतनी क्षमता दुनिया के किसी और देश में नहीं है। यह ऊर्जा का एक बहुत बड़ा और स्वच्छ स्रोत है।
2. **खनिजों के असीमित भंडार:** जायरे तांबा, कोबाल्ट और औद्योगिक हीरे के उत्पादन में दुनिया का सबसे आगे वाला देश है। दक्षिणी जायरे में लिथियम, चाँदी, सोना, टिन और मैंगनीज़ जैसे खनिजों के भी बहुत बड़े भंडार हैं। ये सभी संसाधन किसी भी देश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने के लिए बेहद ज़रूरी और मददगार होते हैं। खनिजों का सही इस्तेमाल आर्थिक समृद्धि ला सकता है।
In simple words: जायरे एक विकासशील देश है क्योंकि इसके पास जल-विद्युत बनाने की असीमित क्षमता है और तांबा, कोबाल्ट जैसे खनिजों के बहुत बड़े भंडार हैं, जो इसके भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
🎯 Exam Tip: किसी देश को विकासशील मानने के कारणों में उसके प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और अप्रयुक्त क्षमता को उजागर करें, जो भविष्य के आर्थिक विकास का आधार बन सकते हैं।
Question 6. क्या कारण है कि जापान को पूर्व का ब्रिटेन कहते हैं ?
Answer: उद्योगों के मामले में जापान दुनिया का एक बहुत आगे वाला देश है, और एशिया में तो यह पहले नंबर पर है। इसने इस क्षेत्र में यूरोप के देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। केवल ब्रिटेन ही इसका समकक्ष प्रतीत होता है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद सिर्फ़ पच्चीस सालों में जापान ने इतनी तरक्की की कि पूरी दुनिया हैरान रह गई। इसका मुख्य कारण यहाँ के लोगों की कड़ी मेहनत, ईमानदारी और लगन से काम करना है। तकनीकी प्रगति के कारण इसके उत्पाद बहुत अच्छी गुणवत्ता वाले और सस्ते होते हैं, जिनका कोई मुकाबला नहीं कर पाता। जापान ने दुनिया के कार और इलेक्ट्रॉनिक बाज़ार पर कब्ज़ा कर लिया है। यहाँ के प्रसिद्ध उद्योग इलेक्ट्रॉनिक सामान, रसायन, कपड़ा और लोहा-इस्पात हैं। अपनी औद्योगिक प्रगति के कारण ही यह एक विकसित देश कहलाता है। याकोहामा, ओसाका, नगोया और नागासाकी जैसे शहर औद्योगिक रूप से बहुत विकसित हैं, जहाँ जाकर लगता है कि हम किसी और दुनिया में आ गए हैं। पश्चिमी देश ब्रिटेन जैसी तरक्की करने के कारण ही जापान को 'पूर्व का ब्रिटेन' भी कहा जाता है। इसके कुछ मुख्य कारण/पहचानें नीचे दी गई हैं:
(i) जापान में बहुत उच्च स्तर के उद्योग हैं। यह देश की आर्थिक नींव है।
(ii) जापान की यातायात और संचार व्यवस्था बहुत मज़बूत और आधुनिक है। इससे व्यापार और उद्योग को तेज़ी मिलती है।
(iii) जापान में व्यापार के क्षेत्र में कई तरह के काम बहुत तेज़ी से विकसित हुए हैं। यह देश की वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करता है।
(iv) जापान आर्थिक रूप से बहुत समृद्ध और आत्मनिर्भर है। इसका मतलब है कि वह अपनी ज़रूरतों के लिए दूसरों पर कम निर्भर रहता है।
(v) जापान में हर व्यक्ति की कमाई (प्रति व्यक्ति आय) बहुत अच्छी है। यह लोगों के उच्च जीवन-स्तर को दर्शाता है।
In simple words: जापान को 'पूर्व का ब्रिटेन' इसलिए कहते हैं क्योंकि इसने तेज़ी से औद्योगिक विकास किया है, इसके उत्पाद उच्च गुणवत्ता वाले और सस्ते हैं, और यहाँ की यातायात व संचार व्यवस्था बहुत मज़बूत है, जिससे यह आर्थिक रूप से समृद्ध और आत्मनिर्भर देश बन गया है।
🎯 Exam Tip: जापान की विकास यात्रा को बताते समय, उसके औद्योगिक विकास, तकनीकी कौशल और लोगों की कार्य संस्कृति पर ध्यान केंद्रित करें, जिन्होंने उसे एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाया है।
Question 7. विकासशील देश प्राकृतिक साधनों के होते हुए भी गरीब हैं। क्यों ?
Answer: ज़्यादातर विकासशील देशों में प्राकृतिक और मानव संसाधन भरपूर मात्रा में हैं, फिर भी इन देशों में गरीबी फैली हुई है। इन देशों की गरीबी के लिए मुख्य रूप से नीचे दिए गए कारण ज़िम्मेदार हैं:
(i) जनसंख्या का तेज़ी से बढ़ना।
(ii) पैसे (पूँजी) की कमी।
(iii) सामान्य और तकनीकी शिक्षा की कमी।
(iv) कुशल मज़दूरों, प्रबंधकों और व्यापारियों (उद्यमियों) की कमी।
(v) आधुनिक तकनीकी ज्ञान की कमी।
(vi) आने-जाने और बात करने के साधनों का अधूरा विकास।
(vii) खेती की ज़मीन का छोटे-छोटे टुकड़ों में बँटना।
(viii) गलत आर्थिक योजनाएँ बनाना।
(ix) सामाजिक पिछड़ापन (जैसे जाति-प्रथा, पुरानी रीतियाँ और अंधविश्वास)।
(x) लंबे समय तक दूसरे देशों के अधीन रहना।
(xi) सरकारी कामकाज में कमज़ोरी।
In simple words: विकासशील देश प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर होने पर भी गरीब हैं क्योंकि वहाँ ज़्यादा जनसंख्या है, पैसे की कमी है, शिक्षा और तकनीकी ज्ञान का स्तर कम है, सामाजिक पिछड़ापन है और शासन में कमज़ोरी है।
🎯 Exam Tip: प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के बावजूद गरीबी के कारणों में जनसंख्या वृद्धि, पूँजी और तकनीकी ज्ञान की कमी, और ऐतिहासिक-सामाजिक बाधाओं को मुख्य बिंदुओं के रूप में प्रस्तुत करें।
Question 8. संयुक्त राज्य अमेरिका को विकसित देश क्यों कहा जाता है ? इसके चार कारण लिखिए।
Answer: संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) को विकसित देश कहा जाता है। इसके चार मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
1. **बड़े पैमाने पर उद्योग-धंधे:** सभी विकसित देशों ने बड़े उद्योग स्थापित किए हैं, लेकिन अमेरिका ने उद्योगों पर खास ध्यान दिया है। यहाँ लोहा-इस्पात, रसायन (दुनिया में पहले नंबर पर), इंजीनियरिंग, मोटरगाड़ी निर्माण (दुनिया में पहले नंबर पर), जहाज़ और हवाई जहाज़ बनाने वाले उद्योग बहुत तेज़ी से विकसित हुए हैं। ये उद्योग अमेरिका को आर्थिक रूप से मज़बूत बनाते हैं।
2. **खेती में मशीनों का इस्तेमाल:** अमेरिका में खेती पूरी तरह से मशीनों पर आधारित हो चुकी है। यहाँ बड़े-बड़े खेतों में मशीनों से बड़े पैमाने पर और सघन खेती की जाती है। व्यापार के लिए भी खेती होती है, और बहुत सारा कृषि उत्पाद दूसरे देशों को बेचा जाता है। इससे खाद्य सुरक्षा और निर्यात दोनों में वृद्धि होती है।
3. **विकसित यातायात के साधन:** अमेरिका में ज़मीन, पानी और हवा, तीनों तरह के यातायात साधनों का तेज़ी से विकास हुआ है। यहाँ सड़कों और रेलमार्गों का एक बड़ा नेटवर्क है। पानी के रास्ते यात्रा नदियों, नहरों और झीलों से होती है। अमेरिका और कनाडा के बीच सुपीरियर, मिशिगन, ह्यूरोन और ओंटारियो जैसी बड़ी झीलों से भी पानी का यातायात होता है। इसके अलावा, यहाँ स्वचालित गाड़ियाँ, बिजली से चलने वाली ट्रेनें, पनडुब्बियाँ, तेज़ हवाई जहाज़ और आधुनिक जहाज़ बनाए गए हैं। बेहतर परिवहन आर्थिक गतिविधियों को सुगम बनाता है।
4. **विकसित संचार व्यवस्था:** अमेरिका में संचार के साधनों का भी बहुत ज़्यादा विकास हुआ है। दुनिया में सबसे ज़्यादा टेलीफोन और तार सेवाओं का इस्तेमाल अमेरिका में होता है। यहाँ टेलीविजन व्यवस्था भी बहुत ज़्यादा विकसित है। संचार क्रांति ने सूचना के प्रवाह और व्यापार को बदल दिया है।
In simple words: संयुक्त राज्य अमेरिका एक विकसित देश है क्योंकि वहाँ बड़े उद्योग, मशीनीकृत खेती, आधुनिक यातायात और संचार व्यवस्था बहुत अच्छी है, जो उसकी आर्थिक शक्ति और समृद्धि का आधार हैं।
🎯 Exam Tip: अमेरिका के विकसित होने के कारणों में उसके बड़े औद्योगिक और कृषि उत्पादन, आधुनिक परिवहन, और उन्नत संचार प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख कारकों पर ध्यान दें।
Question 9. विकसित एवं विकासशील देशों के अन्तर को स्पष्ट कीजिए।
Answer: विकसित और विकासशील देशों के बीच अंतर नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट किया गया है:
| क्र० सं० | विकास के क्षेत्र | विकसित देश | विकासशील देश |
|---|---|---|---|
| 1. | कृषि | विकसित देशों में कम लोग खेती करते हैं, फिर भी पूरे देश की ज़रूरत के लिए पर्याप्त अनाज पैदा हो जाता है। | विकासशील देशों में ज़्यादातर लोग खेती करते हैं, फिर भी देश की ज़रूरत से कम उत्पादन होता है। |
| 2. | उद्योग | विकसित देशों में बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। यहाँ उत्पादन की लागत कम आती है और हर मज़दूर ज़्यादा काम करता है। | विकासशील देशों में उत्पादन छोटे पैमाने पर होता है। यहाँ उत्पादन की लागत ज़्यादा आती है और हर मज़दूर कम काम करता है। |
| 3. | तकनीकी स्तर | विकसित देशों में तकनीक का स्तर ऊँचा होता है और ज़्यादा पूँजी वाली तकनीक का इस्तेमाल होता है। | विकासशील देशों में तकनीक का स्तर पुराना होता है और ज़्यादातर मज़दूरों से काम कराया जाता है। |
| 4. | आर्थिक स्तर | विकसित देशों में हर व्यक्ति की आय ज़्यादा होती है। देश की कुल आय का बड़ा हिस्सा बचाया और निवेश किया जाता है। | विकासशील देशों में हर व्यक्ति की आय कम होती है। देश की कुल आय का छोटा हिस्सा ही बचाया और निवेश किया जाता है। |
| 5. | प्राकृतिक संसाधन | विकसित देशों में प्राकृतिक संसाधन भरपूर होते हैं और उनका पूरा इस्तेमाल होता है। | विकासशील देशों में प्राकृतिक संसाधन तो भरपूर होते हैं, लेकिन उनका पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता। |
| 6. | जनसंख्या | विकसित देशों में जनसंख्या कम होती है और लोग काम करने में कुशल होते हैं। | विकासशील देशों में जनसंख्या ज़्यादा होती है, लेकिन लोग काम करने में कम कुशल होते हैं। |
| 7. | निर्यात | विकसित देश ज़्यादातर बना हुआ सामान बेचते हैं और निर्यात के लिए दूसरों पर कम निर्भर रहते हैं। | विकासशील देश ज़्यादातर कच्चा माल बेचते हैं और निर्यात के लिए दूसरों पर ज़्यादा निर्भर रहते हैं। |
| 8. | पूँजी-निर्माण | विकसित देशों में नई पूँजी बनाने की दर ज़्यादा होती है। | विकासशील देशों में नई पूँजी बनाने की दर कम होती है। |
| 9. | आयात | विकसित देशों में बाहर से सामान मँगाने की मात्रा कम होती है। ज़्यादातर कच्चा माल मँगाया जाता है। | विकासशील देशों में बाहर से सामान मँगाने की मात्रा ज़्यादा होती है। |
| 10. | पूँजी एवं तकनीकी | विकसित देश पूँजी और तकनीक दूसरे देशों को देते हैं। | विकासशील देश पूँजी और तकनीक दूसरे देशों से मँगाते हैं। |
| 11. | निर्भरता | विकसित देश कई मामलों में आत्मनिर्भर होते हैं। | विकासशील देश कई चीज़ों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहते हैं। |
| 12. | जीवन-स्तर | विकसित देशों में लोगों का जीवन-स्तर ऊँचा और आरामदायक होता है। | विकासशील देशों में लोगों का जीवन-स्तर नीचा और मुश्किल भरा होता है। |
In simple words: विकसित देश आर्थिक रूप से मज़बूत, तकनीकी रूप से उन्नत, कम जनसंख्या वाले और उच्च जीवन-स्तर वाले होते हैं। जबकि विकासशील देश आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे होते हैं, कम तकनीक वाले, ज़्यादा जनसंख्या वाले और कम जीवन-स्तर वाले होते हैं।
🎯 Exam Tip: विकसित और विकासशील देशों के बीच अंतर को स्पष्ट करते समय, प्रति व्यक्ति आय, औद्योगीकरण, तकनीकी प्रगति, साक्षरता और जीवन-स्तर जैसे आर्थिक और सामाजिक संकेतकों पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 10. कनाडा को विकसित देश कहा जाता है ? इसके दो प्रमुख कारण लिखिए।
Answer: कनाडा को एक विकसित देश कहा जाता है क्योंकि इसकी प्रति व्यक्ति आय ज़्यादा है, उद्योगों का स्तर ऊँचा है, और विज्ञान व तकनीकी ज्ञान बहुत विकसित है। कनाडा को विकसित देश कहने के दो मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
1. **खेती में मशीनों का इस्तेमाल (यन्त्रीकरण):** कनाडा में खेती पूरी तरह से मशीनों पर आधारित हो गई है। यहाँ के प्रेयरी इलाकों में बहुत बड़े-बड़े खेत हैं, जहाँ बड़ी-बड़ी मशीनों की मदद से बड़े पैमाने पर और सघन खेती की जाती है। यहाँ व्यापार के लिए खेती की जाती है और बड़ी मात्रा में कृषि उत्पादों को दूसरे देशों में बेचा जाता है। आधुनिक मशीनों का उपयोग उत्पादन क्षमता को बढ़ाता है।
2. **प्रति व्यक्ति आय:** कनाडा में हर व्यक्ति की सालाना कमाई लगभग 34,000 डॉलर है। सिर्फ़ अमेरिका की प्रति व्यक्ति आय ही इससे ज़्यादा है। एशिया के एक विकसित देश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 31,500 डॉलर है। ज़्यादा प्रति व्यक्ति आय देश के उच्च जीवन-स्तर और आर्थिक समृद्धि का संकेत है।
In simple words: कनाडा को विकसित देश कहा जाता है क्योंकि वहाँ खेती में मशीनों का पूरा इस्तेमाल होता है जिससे उत्पादन और निर्यात ज़्यादा होता है, और लोगों की प्रति व्यक्ति आय भी बहुत ज़्यादा है।
🎯 Exam Tip: कनाडा के विकसित होने का कारण बताते समय, उसके मशीनीकृत कृषि क्षेत्र और उच्च प्रति व्यक्ति आय पर विशेष ध्यान दें, जो उसकी आर्थिक स्थिरता और समृद्धि को दर्शाते हैं।
Question 11. इंग्लैण्ड को विकसित देश क्यों कहा जाता है ? दो कारण लिखिए।
Answer: इंग्लैण्ड को विकसित देश कहने के दो मुख्य कारण ये हैं कि:
- इंग्लैण्ड ने विज्ञान और तकनीक का बहुत अच्छे से इस्तेमाल किया है. उन्होंने नए तरीकों और मशीनों का उपयोग करके अपने प्राकृतिक संसाधनों का पूरा फायदा उठाया है, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से बढ़ी है. इंग्लैण्ड ने कपास और लोहे जैसे कच्चे माल को बाहर से मंगाकर, अपनी अच्छी श्रम शक्ति से उन्हें इस्तेमाल किया और तेजी से विकास किया.
- इंग्लैण्ड ने बड़े पैमाने पर उद्योग-धंधे विकसित किए हैं और पूरी दुनिया को एक नई दिशा दिखाई है. यहाँ लोहा-इस्पात, हवाई जहाज बनाने, कपड़ा और रसायन जैसे उद्योग बहुत मजबूत हैं. यही उद्योग इंग्लैण्ड की मजबूत आर्थिक नींव बनाते हैं, जिससे वह एक विकसित देश बन गया है.
In simple words: इंग्लैण्ड ने विज्ञान और तकनीक का इस्तेमाल करके अपने प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग किया है. उन्होंने बड़े उद्योग स्थापित किए हैं, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और वह एक विकसित देश बन गया है.
🎯 Exam Tip: विकसित देशों की पहचान में उन्नत तकनीक, कुशल संसाधन उपयोग और मजबूत औद्योगिक आधार जैसे मुख्य बिंदुओं को हमेशा शामिल करें.
Question 12. मिस्र को नील नदी का वरदान क्यों कहा जाता है ? कारण लिखिए। [2010]
या
किस देश को नील नदी का उपहार कहा जाता है ?
Answer: मिस्र को नील नदी का वरदान कहा जाता है क्योंकि नील नदी का मिस्र की अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा महत्व है. इसके मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
- मिस्र का ज़्यादातर हिस्सा रेगिस्तानी और पठारी है, जहाँ खेती और लोगों का रहना मुश्किल है. लेकिन नील नदी यहाँ सिंचाई में बहुत मदद करती है, यह खेती के लिए पानी का एकमात्र स्रोत है.
- नील नदी मिस्र के बीच से बहती है. इस पर कई बाँध बनाए गए हैं, जिनसे बिजली पैदा की जाती है. इस तरह नील नदी मिस्र को जलविद्युत की सुविधा देती है.
- नील नदी में पूरे साल पानी रहता है, इसलिए यह परिवहन के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है. यह मिस्र के पूरे आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में एक बड़ी भूमिका निभाती है. नील नदी के बिना मिस्र का अस्तित्व ही नहीं होता.
In simple words: नील नदी मिस्र की जान है क्योंकि यह रेगिस्तानी इलाकों में खेती के लिए पानी देती है, बिजली बनाती है, और सामान ढोने में मदद करती है. इसके बिना मिस्र का विकास संभव नहीं था, इसलिए इसे नील नदी का वरदान कहते हैं.
🎯 Exam Tip: नदी बेसिनों पर निर्भर देशों के बारे में बताते समय, उनकी कृषि, ऊर्जा और परिवहन में नदी की भूमिका पर जोर देना महत्वपूर्ण है.
Question 13. भारत को विकासशील देश क्यों कहा जाता है ? कोई चार कारण लिखिए। [2014]
Answer: भारत को विकासशील देश इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह अभी भी आर्थिक विकास की प्रक्रिया में है और कुछ मुख्य समस्याओं का सामना कर रहा है. यहाँ चार प्रमुख कारण दिए गए हैं:
- भारत में जन्म दर और मृत्यु दर दोनों ही विकसित देशों की तुलना में अधिक हैं, जिससे जनसंख्या वृद्धि दर ज़्यादा है. यह संसाधनों पर दबाव डालता है और विकास की गति को धीमा करता है.
- भारत की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर करती है. हालांकि औद्योगिक क्षेत्र का विकास हो रहा है, लेकिन कृषि का योगदान अभी भी बहुत अधिक है और यह आधुनिक तकनीकों से पिछड़ी हुई है.
- भारत में औद्योगिक विकास का स्तर अभी भी विकसित देशों जितना ऊँचा नहीं है. यहाँ बड़े उद्योगों के बजाय छोटे और कुटीर उद्योगों का अधिक विकास हुआ है, जिससे कुल औद्योगिक उत्पादन कम है.
- भारत में प्रति व्यक्ति आय विकसित देशों जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ब्रिटेन या कनाडा की तुलना में कम है. लोगों का जीवन-स्तर भी इन देशों के मुकाबले अभी नीचा है, जो विकासशील देश की पहचान है.
In simple words: भारत को विकासशील देश कहते हैं क्योंकि यहाँ जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, अर्थव्यवस्था अभी भी खेती पर ज़्यादा निर्भर है, उद्योगों का विकास उतना तेज नहीं है, और लोगों की आय विकसित देशों से कम है.
🎯 Exam Tip: विकासशील देश की विशेषताओं को बताते समय, जनसंख्या, आर्थिक संरचना (कृषि बनाम उद्योग), प्रति व्यक्ति आय और विकास दर जैसे प्रमुख संकेतकों का उल्लेख करें.
Question 14. विकासशील देशों में कृषि की नीची उत्पादकता के किन्हीं दो कारणों का उल्लेख कीजिए ।
Answer: विकासशील देशों में खेती की पैदावार कम होने के दो मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
- विकासशील देशों में जनसंख्या आमतौर पर बहुत ज़्यादा होती है. इस वजह से खेत लगातार छोटे टुकड़ों में बँटते रहते हैं. खेतों के छोटे होने के कारण उनमें आधुनिक मशीनें या तकनीक इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि खेती की पैदावार कम बनी रहती है.
- इन देशों के ज़्यादातर किसान गरीब होते हैं. पैसों की कमी और कर्ज की सुविधा न होने के कारण वे अच्छे बीज, खाद, और सिंचाई के बेहतर तरीके इस्तेमाल नहीं कर पाते. इन ज़रूरी चीजों की कमी से भी खेती की पैदावार बहुत कम रह जाती है. अच्छी पैदावार के लिए निवेश ज़रूरी होता है.
In simple words: विकासशील देशों में कम पैदावार के दो बड़े कारण हैं - एक तो जनसंख्या बढ़ने से खेत छोटे होते जा रहे हैं, और दूसरा किसानों के पास पैसे और साधनों की कमी है, जिससे वे अच्छी खेती नहीं कर पाते.
🎯 Exam Tip: कृषि उत्पादकता के कारणों को बताते समय, भूमि जोत के आकार, तकनीकी उपयोग और किसानों की आर्थिक स्थिति जैसे कारकों पर ध्यान दें.
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. विश्व के किन्हीं चार विकसित देशों के नाम लिखिए।
Answer: विश्व के चार विकसित देश कनाडा, फ्रांस, संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान हैं.
In simple words: कनाडा, फ्रांस, अमेरिका और जापान दुनिया के चार विकसित देश हैं.
🎯 Exam Tip: विकसित देशों के नाम याद रखने के लिए विभिन्न महाद्वीपों से उदाहरण चुनना सहायक होता है.
Question 2. विश्व के पाँच विकासशील देशों के नाम लिखिए। [2018]
Answer: विश्व के पाँच विकासशील देश भारत, चीन, मिस्र, ब्राजील और जायरे हैं.
In simple words: भारत, चीन, मिस्र, ब्राजील और जायरे दुनिया के पाँच विकासशील देश हैं.
🎯 Exam Tip: विकासशील देशों के नाम याद रखने के लिए एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका से उदाहरण शामिल करें.
Question 3. विकासशील देशों की आजीविका का साधन लिखिए।
Answer: विकासशील देशों में ज़्यादातर लोगों की आजीविका का मुख्य साधन कृषि है. खेती से ही उन्हें भोजन और आय मिलती है.
In simple words: विकासशील देशों में लोग मुख्य रूप से खेती करके अपना जीवन चलाते हैं.
🎯 Exam Tip: विकासशील देशों की आर्थिक संरचना में कृषि का महत्व हमेशा ध्यान में रखें, भले ही अन्य क्षेत्रों का विकास हो रहा हो.
Question 4. विकासशील देश किसे कहते हैं? विश्व के किन्हीं दो विकासशील देशों के नाम लिखिए। [2010, 11]
Answer: विकासशील देश उन देशों को कहते हैं जो आर्थिक विकास के ऊँचे स्तर तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं. ये देश अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुए हैं, लेकिन तेजी से उद्योग और कृषि उत्पादन बढ़ाकर विकास की राह पर हैं. आमतौर पर, इन देशों में जनसंख्या ज़्यादा होती है, जिससे विकास को पूरी तरह महसूस करना मुश्किल होता है. भारत और ब्राजील ऐसे दो प्रमुख विकासशील देश हैं. ये देश अभी भी अपने आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में लगे हैं.
In simple words: विकासशील देश वे होते हैं जो अभी गरीब हैं लेकिन तेजी से विकास कर रहे हैं. भारत और ब्राजील इसके अच्छे उदाहरण हैं.
🎯 Exam Tip: विकासशील देश की परिभाषा देते समय, 'प्रयत्नशील' और 'निम्न आर्थिक स्तर' जैसे कीवर्ड्स का उपयोग करें और उदाहरण देना न भूलें.
Question 5. विकासशील देशों की प्रमुख खाद्य फसलों के नाम लिखिए।
Answer: विकासशील देशों की मुख्य खाद्य फसलें गेहूँ, चावल, मक्का, ज्वार और बाजरा हैं. ये फसलें वहाँ की बड़ी आबादी का मुख्य भोजन हैं.
In simple words: गेहूँ, चावल, मक्का, ज्वार और बाजरा विकासशील देशों में खाने की मुख्य फसलें हैं.
🎯 Exam Tip: खाद्य फसलों का उल्लेख करते समय, उन अनाजों पर ध्यान दें जो बड़ी आबादी का पेट भरते हैं और व्यापक रूप से उगाए जाते हैं.
Question 6. विकासशील देशों की प्रमुख व्यापारिक फसलों के नाम लिखिए।
Answer: विकासशील देशों की प्रमुख व्यापारिक फसलें चाय, कपास, कहवा (कॉफी), जूट, तम्बाकू, रबड़ और काजू हैं. इन फसलों को बेचकर विदेशी मुद्रा कमाई जाती है.
In simple words: चाय, कपास, कॉफी, जूट, तम्बाकू, रबड़ और काजू विकासशील देशों की मुख्य फसलें हैं जिन्हें व्यापार के लिए उगाया जाता है.
🎯 Exam Tip: व्यापारिक फसलों को याद करते समय, उन फसलों पर विचार करें जिनका निर्यात किया जाता है और जो नकदी फसलें होती हैं.
Question 7. विकासशील देशों में पेट्रोलियम किन-किन देशों में प्राप्त होता है ?
Answer: विकासशील देशों में पेट्रोलियम ईरान, इराक, अरब (सऊदी अरब), कुवैत, ब्राजील और चीन जैसे देशों में पाया जाता है. ये देश पेट्रोलियम उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
In simple words: ईरान, इराक, सऊदी अरब, कुवैत, ब्राजील और चीन जैसे विकासशील देशों में पेट्रोलियम मिलता है.
🎯 Exam Tip: तेल उत्पादक देशों के नाम याद करते समय, मध्य पूर्व और कुछ अन्य विकासशील क्षेत्रों के बड़े उत्पादकों को शामिल करें.
Question 8. विश्व की सर्वाधिक आबादी वाला देश कौन-सा है ?
Answer: विश्व में सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश चीन है. यह दुनिया में सबसे ज़्यादा लोगों का घर है.
In simple words: दुनिया में सबसे ज़्यादा लोग चीन में रहते हैं.
🎯 Exam Tip: सामान्य ज्ञान के ऐसे प्रश्नों के लिए, सबसे ताज़ा जानकारी के अनुसार सटीक उत्तर दें.
Question 9. चार विकसित देशों के नाम उस महाद्वीप के नाम सहित लिखिए जिसमें वे स्थित हैं।
Answer: चार विकसित देश और उनके महाद्वीप इस प्रकार हैं:
- जापान (एशिया)
- संयुक्त राज्य अमेरिका (उत्तरी अमेरिका)
- ब्रिटेन (यूरोप)
- ऑस्ट्रेलिया (ऑस्ट्रेलिया)
In simple words: जापान एशिया में है, अमेरिका उत्तरी अमेरिका में है, ब्रिटेन यूरोप में है, और ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में है.
🎯 Exam Tip: विकसित देशों के उदाहरण देते समय, महाद्वीप का उल्लेख करना आपके उत्तर को अधिक सटीक बनाता है.
बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. विकसित देशों में नारी की स्थिति कैसी है?
(क) पुरुषों से उत्तम
(ख) पुरुषों से निम्न
(ग) पुरुषों के समान
(घ) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ग) पुरुषों के समान
In simple words: विकसित देशों में महिलाओं को पुरुषों के बराबर समझा जाता है.
🎯 Exam Tip: विकसित देशों में लैंगिक समानता एक महत्वपूर्ण विशेषता है, इसे हमेशा ध्यान में रखें.
Question 2. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता विकासशील देशों की नहीं है?
(क) अल्प-विकसित यातायात
(ख) निम्नकोटि का औद्योगीकरण
(ग) अत्यधिक जनसंख्या
(घ) नारी की उन्नत दशा
Answer: (घ) नारी की उन्नत दशा
In simple words: विकासशील देशों में महिलाओं की स्थिति आम तौर पर उतनी उन्नत नहीं होती, जितनी विकसित देशों में.
🎯 Exam Tip: विकासशील देशों की पहचान करते समय, उनकी सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करें.
Question 3. विकासशील देशों का प्रधान व्यवसाय है
(क) कृषि
(ख) उद्योग
(ग) व्यापार
(घ) पशुपालन
Answer: (क) कृषि
In simple words: विकासशील देशों में ज़्यादातर लोग खेती-किसानी का काम करते हैं.
🎯 Exam Tip: विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में, कृषि अक्सर सबसे बड़ा रोजगार क्षेत्र होता है.
Question 4. विकासशील देशों में सबसे गम्भीर समस्या है।
(क) पूँजी का अभाव
(ख) तीव्र जनसंख्या-वृद्धि
(ग) कृषि की हीन दशा
(घ) निम्न स्तर का औद्योगीकरण
Answer: (ख) तीव्र जनसंख्या-वृद्धि
In simple words: विकासशील देशों में आबादी का तेजी से बढ़ना एक बहुत बड़ी परेशानी है.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि विकासशील देशों के संसाधनों और विकास पर सीधा दबाव डालती है, इसे मुख्य समस्या के रूप में पहचानें.
Question 5. विकासशील देशों में सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है
(क) भारत
(ख) जापान
(ग) चीन
(घ) इण्डोनेशिया
Answer: (ग) चीन
In simple words: दुनिया में सबसे ज़्यादा लोग चीन में रहते हैं.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या से जुड़े नवीनतम वैश्विक आँकड़ों से खुद को अपडेट रखें, खासकर चीन और भारत के संदर्भ में.
Question 6. कौन-सा देश विकासशील देशों की श्रेणी में नहीं आता है? [2011]
(क) भारत
(ख) चीन
(ग) जापान
(घ) ब्राजील
Answer: (ग) जापान
In simple words: जापान एक विकसित देश है, बाकी विकासशील हैं.
🎯 Exam Tip: विकसित और विकासशील देशों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें ताकि सही वर्गीकरण कर सकें.
Question 7. निम्नलिखित देशों में से कौन-सा देश विकासशील देश है? [2014]
(क) कनाडा
(ख) चिली
(ग) जर्मनी
(घ) जापान
Answer: (ख) चिली
In simple words: चिली एक विकासशील देश है, जबकि कनाडा, जर्मनी और जापान विकसित देश हैं.
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों के लिए विभिन्न देशों की आर्थिक स्थिति को जानना महत्वपूर्ण है.
Question 8. निम्नलिखित देशों में से कौन-सा विकसित देश है?
(क) भारत
(ख) ब्राजील
(ग) कनाडा
(घ) चीन
Answer: (ग) कनाडा
In simple words: कनाडा एक विकसित देश है, जबकि भारत, ब्राजील और चीन विकासशील हैं.
🎯 Exam Tip: विकसित देशों को उनकी उच्च प्रति व्यक्ति आय और औद्योगिक विकास के आधार पर पहचानें.
Question 9. निम्नलिखित में से विकसित देश की सबसे महत्त्वपूर्ण विशेषता कौन-सी है?
(क) मुख्य व्यवसाय कृषि
(ख) मुख्य व्यवसाय उद्योग-धन्धे
(ग) प्रति व्यक्ति आय अधिक
(घ) अत्यधिक जनसंख्या
Answer: (ख) मुख्य व्यवसाय उद्योग-धन्धे
In simple words: विकसित देशों में ज़्यादातर काम उद्योग-धंधों से जुड़ा होता है.
🎯 Exam Tip: औद्योगिक विकास विकसित देशों की एक महत्वपूर्ण पहचान है, क्योंकि यह उच्च आय और बेहतर जीवन स्तर से जुड़ा है.
Question 10. निम्नलिखित में से कौन-सा देश विकासशील देश है? [2016]
(क) सं०रा० अमेरिका
(ख) जापान
(ग) मिस्र
(घ) कनाडा
Answer: (ग) मिस्र
In simple words: मिस्र एक विकासशील देश है, जबकि अमेरिका, जापान और कनाडा विकसित हैं.
🎯 Exam Tip: विकसित और विकासशील देशों के बीच अंतर को समझने के लिए कुछ प्रमुख उदाहरणों को याद रखें.
Question 11. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता विकसित देशों की नहीं है? [2013]
(क) प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम एवं कुशलतम उपयोग
(ख) प्रति व्यक्ति उच्च आय
(ग) जनसंख्या की अधिकता
(घ) उच्च प्राविधिकी का प्रयोग
Answer: (ग) जनसंख्या की अधिकता
In simple words: विकसित देशों में जनसंख्या बहुत ज़्यादा नहीं होती, बल्कि नियंत्रित होती है.
🎯 Exam Tip: विकसित देशों में आमतौर पर जनसंख्या वृद्धि दर कम या स्थिर होती है, जो संसाधनों पर दबाव कम करती है.
Question 12. निम्नलिखित में से कौन विकासशील देश है? [2013]
(क) फ्रांस
(ख) कनाडा
(ग) बांग्लादेश
(घ) जापान
Answer: (ग) बांग्लादेश
In simple words: बांग्लादेश एक विकासशील देश है, जबकि फ्रांस, कनाडा और जापान विकसित देश हैं.
🎯 Exam Tip: विकासशील देशों के उदाहरणों में अक्सर एशिया और अफ्रीका के देश शामिल होते हैं.
Question 13. निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता विकासशील देशों की नहीं है? [2013]
(क) उच्च प्रौद्योगिकी का प्रयोग
(ख) प्रति व्यक्ति आय का निम्न स्तर
(ग) निम्न कृषि उत्पादकता स्तर
(घ) जनाधिक्य
Answer: (क) उच्च प्रौद्योगिकी का प्रयोग
In simple words: विकासशील देश आमतौर पर उन्नत तकनीक का ज्यादा उपयोग नहीं करते हैं.
🎯 Exam Tip: उच्च प्रौद्योगिकी का उपयोग विकसित देशों की प्रमुख विशेषता है, जबकि विकासशील देश इसमें पीछे रहते हैं.
Question 14. निम्नलिखित में से कौन विकसित देश नहीं है? [2013]
(क) जापान
(ख) सं० रा० अमेरिका
(ग) भारत
(घ) फ्रांस
Answer: (ग) भारत
In simple words: भारत एक विकासशील देश है, जबकि जापान, अमेरिका और फ्रांस विकसित देश हैं.
🎯 Exam Tip: देशों को उनकी आर्थिक स्थिति और विकास के चरण के आधार पर पहचानना सीखें.
Question 15. निम्न में से कौन विकासशील देश है? [2014]
(क) दक्षिणी कोरिया
(ख) जापान
(ग) जर्मनी
(घ) सं० रा० अमेरिका
Answer: (क) दक्षिणी कोरिया
In simple words: दक्षिणी कोरिया एक विकासशील देश है, जबकि जापान, जर्मनी और अमेरिका विकसित देश हैं.
🎯 Exam Tip: कुछ देशों की आर्थिक स्थिति बदलती रहती है; हमेशा नवीनतम वर्गीकरण पर ध्यान दें.
Question 16. निम्नलिखित में से कौन-सा देश विकसित देश है? [2016]
(क) चीन
(ख) श्रीलंका
(ग) फ्रांस
(घ) मिस्र
Answer: (ग) फ्रांस
In simple words: फ्रांस एक विकसित देश है, जबकि चीन, श्रीलंका और मिस्र विकासशील हैं.
🎯 Exam Tip: यूरोप के प्रमुख देशों को आमतौर पर विकसित श्रेणी में रखा जाता है.
Question 17. निम्नलिखित में से कौन एक विकसित देश नहीं है? [2018]
(क) नार्वे
(ख) ब्राजील
(ग) कनाडा
(घ) फ्रांस
Answer: (ख) ब्राजील
In simple words: ब्राजील एक विकासशील देश है, जबकि नार्वे, कनाडा और फ्रांस विकसित देश हैं.
🎯 Exam Tip: दक्षिण अमेरिकी देशों में ब्राजील एक महत्वपूर्ण विकासशील अर्थव्यवस्था है.
Question 18. निम्न देशों में से कौन विकसित देश है? [2018]
(क) जायरे
(ख) भारत
(ग) चीन
(घ) जापान
Answer: (घ) जापान
In simple words: जापान एक विकसित देश है, जबकि जायरे, भारत और चीन विकासशील हैं.
🎯 Exam Tip: जापान का उदाहरण अक्सर तेजी से औद्योगिक विकास और तकनीकी प्रगति को दर्शाता है.
Question 19. विकसित देश नहीं है
(क) जापान
(ख) चीन
(ग) संयुक्त राज्य अमेरिका
(घ) कनाडा
Answer: (ख) चीन
In simple words: चीन एक विकासशील देश है, जापान, अमेरिका और कनाडा विकसित देश हैं.
🎯 Exam Tip: चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, लेकिन वह अभी भी कुछ मानकों के आधार पर विकासशील देशों की श्रेणी में आता है.
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