UP Board Solutions Class 10 Sanskrit Chapter 7 Vayam Bharatiyah

Get the most accurate UP Board Solutions for Class 10 Sanskrit Chapter 7 वयम भारतीयः here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 10 Sanskrit. Our expert-created answers for Class 10 Sanskrit are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 7 वयम भारतीयः UP Board Solutions for Class 10 Sanskrit

For Class 10 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 10 Sanskrit solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 7 वयम भारतीयः solutions will improve your exam performance.

Class 10 Sanskrit Chapter 7 वयम भारतीयः UP Board Solutions PDF

परिचय

सभी धर्मों का मूल विचार मानवीय एकता में विश्वास करना है, और सभी धर्मों में एक ही लक्ष्य प्राप्त करना होता है। सत्य, दया, परोपकार और पवित्रता जैसी बातें सभी धर्मों में सिखाई जाती हैं। कोई भी धर्म अच्छे आचरण या नैतिकता के खिलाफ नहीं होता। जो लोग धर्म के असली मतलब को नहीं समझते, वही विरोध और नफरत पैदा करते हैं। भारत "वसुधैव कुटुम्बकम्" (पूरी दुनिया एक परिवार है) की भावना में विश्वास रखता है। हमें यह समझना चाहिए कि हम पहले भारतीय हैं, फिर हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई। यह नाटक "राष्ट्रीय एकता" का संदेश बहुत अच्छे तरीके से देता है, भेदभाव को मिटाकर सबको एक साथ रहने की प्रेरणा देता है। इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मों के पात्र हैं, जो शुरुआत में धार्मिक भेदभाव दिखाते हैं, लेकिन अंत में सब भाईचारे और सद्भाव से रहने का फैसला करते हैं।

पाठ-सारांश

अध्यापक का कक्षा में प्रवेश

नाटक की शुरुआत तब होती है जब अध्यापक कक्षा में आते हैं। अध्यापक के कक्षा में आने पर सभी छात्र उनके सम्मान में खड़े हो जाते हैं। फिर अध्यापक सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछने के लिए कहते हैं और आफताब से गौतम बुद्ध के बारे में पूछते हैं।

आफताब द्वारा उत्तर देना

आफताब जवाब देता है कि महात्मा बुद्ध बचपन से ही सोचने वाले और बहुत दयालु थे। वे हमेशा दुनिया के दुखों को दूर करने के बारे में सोचते थे। महात्मा बुद्ध ने लोगों को सत्य, अहिंसा, चोरी न करना, ब्रह्मचर्य और धन इकट्ठा न करने जैसे उपदेश दिए और समाज में फैली धार्मिक पाखंडों का खुले तौर पर विरोध किया।

अध्यापक का जसबिन्दर एवं दीपक से प्रश्न पूछना

इसके बाद अध्यापक जसबिन्दर से ईसा मसीह के उपदेशों के बारे में पूछते हैं। जसबिन्दर बताता है कि ईसाई धर्म के संस्थापक ईसा मसीह ने दुखियों के दुख दूर करने, गरीबों का भला करने और बीमारों की पीड़ा मिटाने के लिए दुनिया को उपदेश दिया। मानव-सेवा से ही ईश्वर को पाया जा सकता है, यही उनके उपदेशों का मुख्य सार है। फिर अध्यापक दीपक से गुरु गोविन्द सिंह के बारे में पूछते हैं।

दीपक सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविन्द सिंह के बारे में बताते हुए कहता है कि गुरु गोविन्द सिंह ने अपनी जन्मभूमि की रक्षा के लिए देश भक्ति की भावना से सब कुछ न्योछावर कर दिया था।

मध्यावकाश में सबका भोजन करना

इसके बाद लंच ब्रेक होता है और सभी छात्र एक जगह बैठकर खाना खाते हैं। दीपक कहीं चला जाता है और जसबिन्दर कहता है कि उसके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है। पीटर अपना खाना जसबिन्दर को दे देता है। कुछ दिनों बाद बातचीत के दौरान जब जसबिन्दर कहता है कि उसके पास परीक्षा फीस जमा करने के लिए पैसे नहीं हैं, तो पीटर उसकी परीक्षा शुल्क भी जमा कर देता है।

आफताब का दीपक को रक्त देना

कुछ दिनों बाद दीपक पर बम फेंका जाता है। घायल होने पर वह चिरंजीव अस्पताल में मौत से लड़ रहा होता है। उसे जीवन बचाने के लिए खून की जरूरत पड़ती है। दीपक के वर्ग का खून न तो अस्पताल में मिल पाता है और न ही उसके घर के किसी सदस्य से। ऐसी मुश्किल स्थिति में आफताब खुद अपना खून जांच करवाता है। उसका खून दीपक के खून से मिल जाता है और वह रक्तदान करके उसकी जान बचाता है।

सद्भाव का उदय

दीपक, जो पहले जातिगत भेदभाव में विश्वास करता था, इस घटना से उसकी आँखें खुल जाती हैं और वह सभी भेदभाव भुलाकर सबको भाई के समान मानने लगता है। सभी लोग ईद, होली जैसे त्योहार एक-दूसरे के साथ बहुत खुशी से मनाते हैं। दीपक के पिता के इस संदेश के साथ नाटक समाप्त हो जाता है कि अलग-अलग धर्मों के रास्ते भले ही अलग हों, लेकिन सबका लक्ष्य एक ही है। सबकी नसों में एक जैसा खून बहता है। ईश्वर सभी लोगों के दिलों में निवास करता है।

प्रमुख कथ्य

इस नाटक का मुख्य संदेश जात-पात के भेदभाव को खत्म करके मानवीय धर्म को स्थापित करना है। इसी उद्देश्य के लिए नाटक में दीपक को शुरुआत में जात-पात का समर्थक दिखाया गया है, लेकिन जब वह घायल होता है और आफताब रक्तदान करके उसकी जान बचाता है, तो दीपक की सोच बदल जाती है और वह सभी धर्मों को समान भाव से देखने लगता है।

चरित्र-चित्रण

आफताब

आफताब एक मुस्लिम छात्र है, लेकिन उसमें कोई धार्मिक कट्टरता नहीं है। उसकी सोच बहुत बड़ी है। वह सभी धर्मों को एक समान मानता है। उसकी मुख्य चारित्रिक विशेषताएँ इस प्रकार हैं-

1. **राष्ट्रीय एकता का पोषक** - आफताब में जाति-पात की भावना बिल्कुल नहीं है, उसके दिल में सभी धर्मों के प्रति सम्मान की पवित्र विचारधारा बहती है। उसे अपने धर्म के अलावा दूसरे धर्मों का भी अच्छा ज्ञान है। अध्यापक के पूछने पर वह महात्मा बुद्ध के मुख्य उपदेशों का जिक्र करता है। दूसरे धर्म का होते हुए भी वह दीपक को अपना खून देकर उसकी जान बचाता है और होली के मौके पर वह दीपक के घर जाता है।

2. **श्रेष्ठ मित्र** - आफताब एक सच्चा दोस्त है। उसकी सच्ची दोस्ती तब सामने आती है, जब उसे पता चलता है कि दीपक बम विस्फोट में घायल हो गया है। वह उसे देखने के लिए बेचैन हो जाता है और अस्पताल जाकर रक्तदान करके अपने दोस्त दीपक की जान बचाता है। उसका यह वाक्य कि "अब प्राणों का मोह नहीं करना चाहिए" उसकी निस्वार्थ दोस्ती की पवित्र धारा को दर्शाता है।

3. **उदारमना** - पूरे नाटक में आफताब को एक उदार छात्र के रूप में दिखाया गया है। सबसे पहले वह भूखे जसबिन्दर को सांत्वना देता है, फिर अस्पताल में दीपक के माता-पिता को हिम्मत बंधाता है और दीपक के जल्दी ठीक होने की कामना करता है। वह होली के मौके पर दीपक के घर जाकर होली की बधाई भी देता है। ये सभी काम उसकी उदारता को खुद ब खुद बताते हैं।

4. **बुद्धिमान्** - आफताब एक बुद्धिमान छात्र है। महात्मा गौतम बुद्ध के बारे में अध्यापक द्वारा पूछे जाने पर वह संतोषजनक जवाब देता है। सच्ची दोस्ती के विषय में दीपक के पिता से कहे गए उसके शब्द और होली के अवसर पर ईद तथा होली के महत्व पर उसके द्वारा डाला गया प्रकाश उसकी बुद्धिमानी की पुष्टि करते हैं।

अंत में हम कह सकते हैं कि आफताब सभी मानवीय गुणों से भरा हुआ, राष्ट्रीय एकता का समर्थक, उदारवादी छात्र है। आज के समय में देश की तरक्की के लिए आफताब जैसे युवाओं की बहुत जरूरत है।

दीपक

दीपक एक हिंदू छात्र है। गुरु गोविन्द सिंह के गुणों से प्रभावित होने के बावजूद उसमें जातिवाद की भावना थी। उसकी मुख्य चारित्रिक विशेषताएँ इस प्रकार हैं-

1. **जातिवाद का पोषक** - हालांकि दीपक सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविन्द सिंह से बहुत प्रभावित है, फिर भी उसके दिल में गोविन्द सिंह के उपदेशों की मानवीय सेवा-भावना नहीं है। वह हिंदू और मुसलमान को अलग-अलग करके देखता है। लंच ब्रेक में वह आफताब के साथ बैठकर खाना न खाकर अपनी जातिगत भावना को सबके सामने जाहिर कर देता है।

2. **परिवर्तित विचारधारा वाला** - दीपक शुरुआत में संकीर्ण जातिगत भावना का समर्थक लगता है, लेकिन आफताब द्वारा उसकी जान बचाने के बाद उसकी सोच बदल जाती है और वह जातिवाद की संकीर्ण भावना से ऊपर उठकर सभी धर्मों को एक समान मानने लगता है। पहले वह आफताब के साथ बैठकर खाना नहीं खाना चाहता था, लेकिन बाद में वह उसे गले लगाता है, ईद के त्योहार पर उसके घर जाकर उसे ईद की बधाई देता है और होली के त्योहार पर आफताब को अपने घर बुलाकर उसका बहुत आदर-सत्कार करता है।

3. **शिष्टाचारी** - हालांकि दीपक में जाति-पात की भावना है, फिर भी वह असभ्य नहीं है। वह किसी के साथ बदतमीजी नहीं करता। घायल अवस्था में भी उठकर वह आफताब का स्वागत करता है। आफताब के रक्तदान द्वारा स्वस्थ होने पर आफताब की प्रशंसा करता है और उसे सच्चा दोस्त मानता है। होली के अवसर पर अपने घर पर वह आफताब का जोरदार स्वागत करता है।

4. **बुद्धिमान्** - दीपक एक बुद्धिमान छात्र है। उसे सभी धर्मों का अच्छा ज्ञान है। कक्षा में अध्यापक जी द्वारा पूछने पर वह गुरु गोविन्द सिंह के बलिदान पर प्रकाश डालता है और ईद के अवसर पर आफताब के यहाँ अपने दोस्तों के बीच ईद के महत्व को बताता हुआ भाईचारे का संदेश देता है।

इस नाटक में दीपक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उसके माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की गई है कि जातिवाद जैसी संकीर्ण सोच से न तो व्यक्ति का भला हो सकता है और न ही राष्ट्र का। हमें जातिगत भेदभाव भुलाकर प्रेम से रहना चाहिए, यह संदेश भी उसी के माध्यम से सभी लोगों तक पहुँचता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. रामः कस्य पुत्रः आसीत्? (2015)
Answer: राम राजा दशरथ के पुत्र थे। राम का जीवन त्याग और धर्म के प्रति निष्ठा का प्रतीक माना जाता है।
In simple words: राम राजा दशरथ के बेटे थे।

🎯 Exam Tip: जब कोई प्रश्न किसी व्यक्ति के पारिवारिक संबंध के बारे में पूछता है, तो सीधे तौर पर उसके माता-पिता का नाम बताएं।

 

Question 2. जनाः दशरथपुत्रं रामं कस्य प्रतीकं मन्यन्ते? (2015)
Answer: लोग राजा दशरथ के पुत्र राम को धर्म की मर्यादा और त्याग का प्रतीक मानते हैं। राम ने अपने जीवन में हमेशा सत्य और कर्तव्य का पालन किया।
In simple words: लोग दशरथ के बेटे राम को धर्म और त्याग का प्रतीक समझते हैं।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, केवल प्रतीक के नाम ही नहीं, बल्कि उस प्रतीक का महत्व भी समझाएं।

 

Question 3. विजयादशमी महोत्सवः किं शिक्षयति?
Answer: विजयादशमी का त्योहार हमें यह सिखाता है कि हमेशा धर्म की जीत होती है और अधर्म की हार होती है। यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
In simple words: विजयादशमी हमें सिखाती है कि हमेशा धर्म जीतता है और बुराई हारती है।

🎯 Exam Tip: त्योहारों से संबंधित प्रश्नों में, त्योहार के मुख्य संदेश या शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करें।

 

Question 4. गुरुगोविन्दसिंहः किमर्थं पूज्यः? [2009, 11, 14]
Answer: गुरुगोविन्दसिंह अपनी जन्मभूमि की रक्षा के लिए और देशभक्ति की भावना के कारण पूजनीय हैं। उन्होंने अपने देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर दिया था।
In simple words: गुरुगोविन्दसिंह अपनी मातृभूमि और देश के लिए किए गए बलिदान के लिए पूजे जाते हैं।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में उत्तर देते समय, उनके सबसे महत्वपूर्ण योगदान या गुण को बताएं।

 

Question 5. ईसामसीहः मानवान् किमुपादिशत्?
Answer: ईसामसीह ने लोगों को दुखियों के कष्ट दूर करने, गरीबों का कल्याण करने और बीमारों को बचाने का उपदेश दिया था। उन्होंने हमेशा मानव सेवा का महत्व सिखाया।
In simple words: ईसामसीह ने लोगों को दुखियों की मदद करने, गरीबों का भला करने और बीमारों को बचाने की शिक्षा दी।

🎯 Exam Tip: धार्मिक गुरुओं के उपदेशों को संक्षेप में और स्पष्ट शब्दों में प्रस्तुत करें।

 

Question 6. ईदमहोत्सवे जनाः परस्परं किं कुर्वन्ति? [2006]
Answer: ईद के त्योहार पर लोग एक-दूसरे से नफरत को भूलकर गले मिलते हैं। यह त्योहार भाईचारे और प्रेम का संदेश देता है।
In simple words: ईद पर लोग नफरत भूलकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं।

🎯 Exam Tip: त्योहारों के संदर्भ में पूछे गए सामाजिक व्यवहार को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 7. सन्मित्रलक्षणं किमस्ति? [2008,09, 10, 15]
Answer: एक अच्छे दोस्त की निशानी यह है कि वह मुश्किल समय में साथ नहीं छोड़ता और जरूरत पड़ने पर मदद करता है। सच्चा दोस्त हमेशा अपने मित्र का साथ देता है।
In simple words: अच्छे दोस्त की निशानी है कि वह मुश्किल में साथ देता है और मदद करता है।

🎯 Exam Tip: 'सन्मित्र' या 'अच्छा मित्र' की परिभाषा में उसके मुख्य गुणों पर जोर दें।

 

Question 8. आफताबः दीपकस्य जीवनरक्षार्थ किमकरोत्?
Answer: आफताब ने दीपक की जान बचाने के लिए रक्तदान किया था। दीपक के घायल होने पर आफताब ने बिना सोचे-समझे उसकी मदद की।
In simple words: आफताब ने दीपक की जान बचाने के लिए अपना खून दिया।

🎯 Exam Tip: विशिष्ट क्रिया के बारे में पूछे गए प्रश्न का उत्तर सीधे क्रिया के रूप में दें।

 

Question 9. स्वस्थे सति दीपकः आफताब किम अकथयत्? (2015)
Answer: ठीक होने के बाद दीपक ने आफताब के व्यवहार की प्रशंसा की, उसे शाबाशी दी और उसे अपना सच्चा दोस्त माना। दीपक ने आफताब का बहुत धन्यवाद किया।
In simple words: ठीक होने पर दीपक ने आफताब की तारीफ की और उसे अपना सच्चा दोस्त बताया।

🎯 Exam Tip: जब कोई प्रश्न किसी घटना के बाद के संवाद या प्रतिक्रिया के बारे में पूछता है, तो उस प्रतिक्रिया के मुख्य बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 10. गुरुः गोविन्दसिंहः कः आसीत्
Answer: गुरु गोविन्दसिंह सिखों के दसवें गुरु थे। उन्होंने सिख धर्म और उसके मूल्यों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
In simple words: गुरु गोविन्दसिंह सिखों के दसवें गुरु थे।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक पद या उपाधि वाले व्यक्ति के बारे में पूछे गए प्रश्न में, उस पद या उपाधि को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 11. जसविन्दरः किं कथयित्वा रोदिति?
Answer: जसबिन्दर यह कहकर रोने लगता है कि "मेरे पास खाने के लिए कुछ भी नहीं है। मैं गरीब और भूखा हूँ।" उसकी यह बात सुनकर पीटर उसकी मदद करता है।
In simple words: जसबिन्दर यह कहकर रोता है कि उसके पास खाने के लिए कुछ नहीं है और वह भूखा है।

🎯 Exam Tip: प्रत्यक्ष उद्धरणों वाले प्रश्नों में, उद्धरण को सटीक रूप से प्रस्तुत करें और उसके पीछे की भावना को भी बताएं।

 

Question 12. दीपकाय स्वरक्तं कः दत्तवान्?
Answer: दीपक को अपना खून आफताब ने दिया था। आफताब ने बिना किसी हिचकिचाहट के दीपक की जान बचाने के लिए रक्तदान किया।
In simple words: दीपक को अपना खून आफताब ने दिया।

🎯 Exam Tip: जब किसी कार्य के कर्ता के बारे में पूछा जाए, तो सीधे उस व्यक्ति का नाम बताएं।

 

Question 13. कस्य गृहे ईदमहोत्सवः आसीत्?
Answer: ईद का त्योहार आफताब के घर में था। वहां सभी दोस्तों ने मिलकर खुशी मनाई।
In simple words: ईद का त्योहार आफताब के घर पर था।

🎯 Exam Tip: स्थान से संबंधित प्रश्नों में, सटीक स्थान या व्यक्ति के घर का उल्लेख करें।

 

Question 14. आफताबः होलिकायाः साधुवादं दातुं कस्य गृहं गच्छति?
Answer: आफताब होली की बधाई देने के लिए दीपक के घर जाता है। यह उनके बीच बढ़ी हुई दोस्ती को दिखाता है।
In simple words: आफताब होली की बधाई देने दीपक के घर जाता है।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, व्यक्ति का उद्देश्य और गंतव्य दोनों स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 15. ईश्वरः कुत्र तिष्ठति?
Answer: ईश्वर सभी प्राणियों के हृदय में निवास करते हैं। यह दर्शाता है कि भगवान हर जीव में मौजूद हैं।
In simple words: ईश्वर सभी प्राणियों के दिल में रहते हैं।

🎯 Exam Tip: धार्मिक या दार्शनिक अवधारणाओं के प्रश्नों में, उसका मुख्य अर्थ सरल शब्दों में बताएं।

 

Question 16. ईदमहोत्सवं जनेषु किं वर्धयति? [2014]
Answer: ईद का त्योहार लोगों में भाईचारे की भावना बढ़ाता है। यह एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सद्भाव को मजबूत करता है।
In simple words: ईद का त्योहार लोगों में भाईचारा बढ़ाता है।

🎯 Exam Tip: त्योहारों के सामाजिक प्रभावों से संबंधित प्रश्नों में, मुख्य सकारात्मक प्रभाव को हाइलाइट करें।

 

Question 17. होलिकोत्सवः जनेषु किं किं जनयति? [2014]
Answer: होली का त्योहार लोगों में प्रेम और सद्भाव पैदा करता है। यह रंगों का त्योहार है जो सभी को एकजुट करता है।
In simple words: होली का त्योहार लोगों में प्यार और सद्भाव लाता है।

🎯 Exam Tip: किसी त्योहार के द्वारा उत्पन्न होने वाले विभिन्न भावनाओं या परिणामों को सूचीबद्ध करें।

बहुविकल्पीय प्रश्न

नीचे दिए गए प्रश्नों में से प्रत्येक के उत्तर के रूप में चार विकल्प दिए गए हैं। इनमें से एक विकल्प सही है। सही विकल्प का चुनाव कर अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखें –

 

Question 1. 'वयं भारतीयः' नामक पाठ की मूल भावना कौन-सी नहीं है?
(क) राष्ट्रीय एकता
(ख) सम्प्रदायवाद
(ग) धार्मिक एकता ।
(घ) सर्वधर्म समन्वय
Answer: (ख) सम्प्रदायवाद
In simple words: "हम भारतीय हैं" पाठ का मुख्य संदेश एकता है, इसलिए धार्मिक भेदभाव (सम्प्रदायवाद) इसकी मूल भावना नहीं है।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, पाठ के मुख्य विषयवस्तु को ध्यान में रखें और उस विकल्प का चयन करें जो उस विषयवस्तु के विपरीत हो।

 

Question 2. पंचशील सिद्धान्त का उपदेश किसने दिया?
(क) गौतम बुद्धने
(ख) श्रीराम ने
(ग) ईसा मसीह ने
(घ) गुरु गोविन्द सिंह ने
Answer: (क) गौतम बुद्धने
In simple words: पंचशील के नियम महात्मा गौतम बुद्ध ने सिखाए थे, जो सही जीवन जीने का तरीका बताते हैं।

🎯 Exam Tip: सिद्धांतों या शिक्षाओं के प्रवर्तक के बारे में प्रश्न अक्सर सीधे उनके नाम से संबंधित होते हैं।

 

Question 3. पंचशील सिद्धान्त में क्या सम्मिलित नहीं किया गया है?
(क) अपरिग्रह
(ख) ब्रह्मचर्य
(ग) अहिंसा
(घ) सर्वधर्म समभाव
Answer: (घ) सर्वधर्म समभाव
In simple words: पंचशील के सिद्धांत में सर्वधर्म समभाव शामिल नहीं है, क्योंकि यह नैतिकता और व्यक्तिगत आचरण से संबंधित है।

🎯 Exam Tip: पंचशील सिद्धांत के मुख्य पांच तत्वों को याद रखें ताकि आप पहचान सकें कि कौन सा विकल्प उनमें शामिल नहीं है।

 

Question 4. "विरोधो विरोधं जनयति । "वाक्यस्य वक्ताः कः अस्ति?
(क) पीटरः
(ख) आफताबः
(ग) जसविन्दरः
(घ) दीपकः
Answer: (क) पीटरः
In simple words: यह बात पीटर ने कही थी कि विरोध करने से और विरोध पैदा होता है।

🎯 Exam Tip: उद्धरण वाले प्रश्नों में, संवाद को ध्यान से पढ़ें और उस व्यक्ति की पहचान करें जिसने उसे कहा था।

 

Question 5. देशभक्ति की भावना से किसने आत्मोत्सर्ग किया?
(क) मुहम्मद साहब ने
(ख) गुरु गोविन्दसिंह ने
(ग) बुद्ध ने
(घ) ईसा मसीह ने
Answer: (ख) गुरु गोविन्दसिंह ने
In simple words: गुरु गोविन्दसिंह ने देश के लिए अपनी जान दी और देशभक्ति का बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया।

🎯 Exam Tip: विशिष्ट ऐतिहासिक योगदान के लिए जाने जाने वाले व्यक्तियों पर ध्यान दें।

 

Question 6. “अहं तव परीक्षाशुल्कं दास्यामि ।” में 'तव' शब्द किसके लिए प्रयुक्त है?
(क) पीटर' के लिए।
(ख) “आफताब' के लिए
(ग) 'दीपक' के लिए
(घ) 'जसबिन्दर' के लिए
Answer: (घ) 'जसबिन्दर' के लिए
In simple words: पीटर ने जसबिन्दर से कहा था कि वह उसकी परीक्षा फीस देगा, इसलिए 'तव' शब्द जसबिन्दर के लिए इस्तेमाल किया गया है।

🎯 Exam Tip: सर्वनामों से संबंधित प्रश्नों में, वाक्य के संदर्भ को समझें और पहचानें कि सर्वनाम किस व्यक्ति या वस्तु को संदर्भित करता है।

 

Question 7. “धैर्यं न त्याज्यं विधुरेऽपि काले।” वाक्यस्य वक्ता कः अस्ति?
(क) आफताबः
(ख) जसविन्दरः
(ग) पीटरः
(घ) अध्यापकः
Answer: (क) आफताबः
In simple words: आफताब ने कहा था कि मुश्किल समय में भी धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए।

🎯 Exam Tip: संवाद के संदर्भ को याद रखें और पात्रों की भूमिकाओं पर विचार करें।

 

Question 8. “त्वं वस्तुतः मम सन्मित्रमसि ।” कथन में 'मम' से संकेतित व्यक्ति कौन है?
(क) आफताब
(ख) दीपक
(ग) पीटर
(घ) जसविन्दर
Answer: (ख) दीपक
In simple words: दीपक ने आफताब से कहा था कि वह उसका सच्चा दोस्त है, इसलिए 'मम' शब्द दीपक को दर्शाता है।

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, वाक्य को कहने वाले व्यक्ति की पहचान करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 9. “ईश्वर सभी प्राणियों के हृदय में रहता है।" यह उपदेश किस ग्रन्थ से उधृत है?
(क) 'रामायण' से
(ख) ऋग्वेद' से
(ग) 'गीता' से
(घ) 'महाभारत'
Answer: (ग) 'गीता' से
In simple words: यह बात भगवद गीता में लिखी है कि भगवान हर जीव के दिल में होते हैं।

🎯 Exam Tip: धार्मिक ग्रंथों के प्रसिद्ध उद्धरणों को याद रखना इस प्रकार के प्रश्नों में सहायक होता है।

 

Question 10. सेईदमहोत्सवे जनाः .............. ।” वाक्य में रिक्त-स्थान की पूर्ति होगी [2005,08,09]
(क) न्यूनं खादन्ति' से
(ख) 'शोभनभावनया परस्परमालिङ्गन्ति' से
(ग) “कोलाहलं कुर्वन्ति' से
(घ) मौनं भवन्ति' से
Answer: (ख) 'शोभनभावनया परस्परमालिङ्गन्ति' से
In simple words: ईद के त्योहार पर लोग अच्छी भावनाओं के साथ एक-दूसरे को गले लगाते हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए, वाक्य के संदर्भ और त्योहार के सामाजिक महत्व पर ध्यान दें।

 

Question 11. “परीक्षाशुल्कप्रदानाय मम पाश्र्वे .............. नास्ति ।” वाक्य में रिक्त-स्थान की पूर्ति होगी –
(क) फलं' से
(ख) 'अनं' से
(ग) “पुस्तकं' से
(घ) “भोजनं' से
Answer: (घ) “भोजनं' से
In simple words: जसबिन्दर के पास परीक्षा फीस देने के लिए पैसे नहीं थे, जैसे उसके पास भोजन नहीं था।

🎯 Exam Tip: वाक्य के संदर्भ को समझें और सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करें जो वाक्य को पूरा करता हो।

 

Question 12. .............. ब्राल्यादेवअतिचिन्तनशीलः, परमकारुणिकश्चासीद्?” कथन किससे सम्बन्धित है?
(क) महात्मा बुद्धः
(ख) महाराणा प्रतापः
(ग) गुरुगोविन्दसिंहः
(घ) ईसामसीहः
Answer: (क) महात्मा बुद्धः
In simple words: यह कथन महात्मा बुद्ध से जुड़ा है, जो बचपन से ही बहुत सोचते और दयालु थे।

🎯 Exam Tip: दिए गए विवरणों को पात्रों की ज्ञात विशेषताओं से मिलाएं।

 

Question 13. “सिखधर्मस्य दशमो गुरुः .............. आसीत् ।” वाक्य में रिक्त-स्थान की पूर्ति होगी
(क) “गुरुनानकः' से
(ख) “गुरुरामदासः' से
(ग) “गुरुतेगबहादुरः' से
(घ) “गुरुगोविन्दसिंहः' से
Answer: (घ) “गुरुगोविन्दसिंहः' से
In simple words: सिख धर्म के दसवें गुरु गुरु गोविन्दसिंह थे।

🎯 Exam Tip: सिख गुरुओं के क्रम और उनके नामों को याद रखें।

 

Question 14. "किमिदम् । हन्त दीपकोपरि बम्बप्रक्षेपः ।” वाक्यस्य वक्ता कः अस्ति?
(क) अध्यापकः
(ख) पीटरः
(ग) जसबिन्दरः
(घ) आफताबः
Answer: (ख) पीटरः
In simple words: पीटर ने यह वाक्य कहा था जब दीपक पर बम फेंका गया था।

🎯 Exam Tip: नाटक के प्रमुख संवादों को याद रखें और उन्हें संबंधित पात्रों से जोड़ें।

 

Question 15. “आफताबः होलिकायाः साधुवादं दातुं : गृहं गच्छति ।” में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उचित पद है -
(क) जसबिन्दरस्य
(ख) अध्यापकस्य
(ग) दीपकस्य
(घ) पीटरस्य ।
Answer: (ग) दीपकस्य
In simple words: आफताब होली की बधाई देने दीपक के घर जाता है।

🎯 Exam Tip: वाक्य के अर्थ और घटनाओं के क्रम के अनुसार उचित व्यक्तिवाचक संज्ञा का चयन करें।

 

Question 16. "संसारस्य सर्वेऽपि मानवाः समानाः ।” वाक्यस्य वक्ताः कस्य पिता अस्ति –
(क) आफताबस्य
(ख) दीपकस्य
(ग) जसबिन्दरस्य
(घ) पीटरस्य
Answer: (ख) दीपकस्य
In simple words: यह बात दीपक के पिता ने कही थी कि दुनिया के सभी इंसान समान हैं।

🎯 Exam Tip: यह कथन कहानी के अंत में एक महत्वपूर्ण संदेश है, इसलिए वक्ता की पहचान करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 17. दीपकस्य जीवनरक्षा ............... अकरोत् । [2009,10]
(क) जसविन्दरः
(ख) दीपकस्य पिता
(ग) आफताबः
(घ) रमेन्द्रः
Answer: (ग) आफताबः
In simple words: आफताब ने दीपक की जान बचाई थी।

🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य घटनाक्रम को याद रखें और पहचानें कि किसने दीपक की जान बचाई।

UP Board Solutions Class 10 Sanskrit Chapter 7 वयम भारतीयः

Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 7 वयम भारतीयः prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 10 Sanskrit textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 7 वयम भारतीयः

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 10 Sanskrit chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 10 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Sanskrit Class 10 Solved Papers

Using our Sanskrit solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 10 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 7 वयम भारतीयः to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 10 Sanskrit Chapter 7 वयम भारतीयः for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 10 Sanskrit Chapter 7 वयम भारतीयः is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Sanskrit are as per latest UP Board curriculum.

Are the Sanskrit UP Board solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 10 Sanskrit Chapter 7 वयम भारतीयः as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Sanskrit concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 10 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 10 Sanskrit Chapter 7 वयम भारतीयः will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 10 Sanskrit Chapter 7 वयम भारतीयः in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Sanskrit. You can access UP Board Solutions Class 10 Sanskrit Chapter 7 वयम भारतीयः in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Sanskrit UP Board solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 10 Sanskrit Chapter 7 वयम भारतीयः in printable PDF format for offline study on any device.