UP Board Solutions Class 10 Sanskrit Chapter 1 Mahatmanah Sansmaranani

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Detailed Chapter 1 महात्मानः संसारनानी UP Board Solutions for Class 10 Sanskrit

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Class 10 Sanskrit Chapter 1 महात्मानः संसारनानी UP Board Solutions PDF

परिचय

भारत की पवित्र भूमि पर समय-समय पर ऐसे महान पुरुष जन्म लेते रहे हैं, जिन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन से न केवल भारत का भला किया, बल्कि पूरे विश्व को एक नई दिशा दिखाई। जब भारत गुलाम था, उसे आजाद कराने के लिए इस पवित्र भूमि पर लोकमान्य बालगंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुभाषचन्द्र बोस, महात्मा गांधी, पं० जवाहरलाल नेहरू जैसे कई स्वतंत्रता सेनानी और शहीदों की एक लंबी सूची है। देश को आजाद कराने की लड़ाई में महात्मा गांधी का नाम बहुत आदर से लिया जाता है। भारत को आजाद कराने का श्रेय इन्हीं गांधी जी को जाता है। उन्होंने सच और अहिंसा की ताकत से अंग्रेज शासकों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया।

यह पाठ मुख्य रूप से 'बापू' नामक किताब से लिया गया है। इसमें महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ यादें दी गई हैं। इनमें महात्मा गांधी की सच्चाई, अद्भुत दृढ़ता, असीमित साहस और अपने लक्ष्य को पाने के लिए हर अपमान को सहने की क्षमता जैसे खास गुण दिखाई देते हैं।

पाठ-सारांश

मोहनदास करमचन्द गांधी का जन्म पोरबंदर नाम के शहर में हुआ था। उनके पिता का नाम करमचन्द गांधी और माता का नाम पुतलीबाई था। मोहनदास पर अपने माता-पिता के सच्चाई और निडरता जैसे गुणों का प्रभाव पड़ा। शुरुआत से ही वह एक पढ़ाई करने वाले बच्चे थे।

सत्यवादिता: एक बार गांधी जी ने 'हरिश्चन्द्र' नाम का नाटक देखा। इस नाटक से उन्हें हरिश्चन्द्र की तरह सच्चे और अच्छे चरित्र वाले बनने की प्रेरणा मिली। एक बार स्कूल में छात्रों के भाषा-ज्ञान की जाँच करने के लिए 'गाइल्स' नाम का इंस्पेक्टर आया। गांधी जी पाँच शब्दों में से 'केटल' शब्द को सही नहीं लिख पाए।

शिक्षकों के कहने पर भी उन्होंने नकल नहीं की। इस कारण वे शिक्षकों की नाराजगी और छात्रों के मजाक का शिकार बने, फिर भी उन्होंने धोखा देकर सच को नहीं छिपाया। बाद में अपनी सच्चाई के कारण वे अपने शिक्षकों और सहपाठियों के प्यारे हो गए। सच बोलने वालों के लिए 'मौन' एक बहुत शक्तिशाली हथियार होता है। मौन ने उन्हें कई बार झूठ बोलने से बचाया।

अपमान सहने की क्षमता: सन् 1893 ईस्वी में गांधी जी बम्बई शहर से दक्षिण अफ्रीका के नेटाल शहर गए। वहाँ उन्होंने भारतीयों की उपेक्षा और अपमान देखा। पढ़े-लिखे भारतीय भी यूरोपीय लोगों से मिल नहीं सकते थे। वहाँ भारतीयों को 'कुली' कहा जाता था और गांधी जी 'कुलियों के वकील' नाम से जाने जाते थे।

स्वाभिमानी: एक बार गांधी जी रेल से प्रिटोरिया शहर जाने के लिए फर्स्ट क्लास का टिकट लेकर फर्स्ट क्लास के डिब्बे में यात्रा कर रहे थे। उसी समय उस डिब्बे में एक यूरोपीय यात्री आया। उसने सांवले रंग के गांधी जी को देखकर पहले तो खुद ही बाहर जाने को कहा। जब गांधी जी ने ऐसा करने से मना कर दिया तो उसने रेल अधिकारियों से कहकर उन्हें डिब्बे से बाहर निकलवा दिया। गांधी जी ने ठंड में कांपते हुए पूरी रात प्रतीक्षालय में बिताई। उन्हें दक्षिण अफ्रीका में इसी तरह के कई बुरे अनुभव हुए। उन्होंने वहाँ के भारतीयों को एक साथ लाने के लिए एकजुट किया। उन्होंने नफरत की जगह प्यार, हिंसा की जगह आत्म-बलिदान और शारीरिक बल की जगह आत्मबल का उपयोग करने की सलाह दी। गांधी जी ने अपने जीवन के लगभग सभी सिद्धांतों की परीक्षा दक्षिण अफ्रीका में कर ली थी।

उग्रवाद का विरोध: गांधी जी के समय में पंजाब में उग्रवादियों की एक मुश्किल समस्या थी। लोगों के साथ अपमानजनक व्यवहार होता था और उन्हें कोड़ों से पीटा जाता था। गांधी जी ने उनका डटकर विरोध किया।

विदेशी वस्त्रों की होली: विदेशी कपड़े भारतीय कपड़ा उद्योग को कैसे नुकसान पहुँचा रहे हैं, यह दिखाने के लिए गांधी जी ने बम्बई में स्वदेशी आंदोलन की आग जलाई। इसके तहत गांधी जी ने एक बार बम्बई में विदेशी कपड़ों की होली जलाई। हजारों लोग उसे देखने आए। उन्होंने लोगों को अच्छी तरह समझाया कि विदेशी कपड़े पहनना पाप है। विदेशी कपड़ों को जलाकर हमने अपने पाप जला दिए हैं। गांधी जी के प्रेरणादायक नेतृत्व में कांग्रेस संस्था ने स्वतंत्रता का समर्थन किया और भारत के इतिहास की दिशा बदल दी।

सन् 1914 ई० में जब गांधी जी दक्षिण अफ्रीका से चले, तो हजारों भारतीय युवाओं ने उनकी शानदार विदाई की। ऐसी विदाई इस देश में पहले कभी नहीं हुई थी।

भारत आकर कई महीनों तक गांधी जी ने पूरे भारत का भ्रमण किया। इस भ्रमण में पुजारी, व्यापारी, भिखारी आदि सभी तरह के लोग शामिल हुए। गांधी जी गरीबों की मुश्किलों और कष्टों को समझने के लिए हमेशा तीसरी श्रेणी में यात्रा करते थे।

स्वर्गारोहण: अपनी मातृभूमि की स्वतंत्रता से प्रेम करने वाले यह महात्मा 30 जनवरी, सन् 1948 ई० की शाम को 'हे राम' का उच्चारण करते हुए स्वर्ग सिधार गए।

चरित्र-चित्रण

गाँधी जी [2006,09, 10, 11, 12, 14]

परिचय: "महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गांधी था। इनका जन्म गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर 2 अक्टूबर, सन् 1869 ई० को हुआ था। इनके पिता का नाम करमचन्द तथा माता का नाम पुतलीबाई था। इनकी माता एक धार्मिक महिला थीं, जिनका पर्याप्त प्रभाव गांधी जी के चरित्र पर पड़ा। गांधी जी के चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं

1. सत्यवादी: गांधी जी ने बचपन में 'हरिश्चन्द्र' नाटक देखा था। इस नाटक का इनके कोमल मन पर बहुत प्रभाव पड़ा, जिसके कारण इन्होंने जीवन भर सच बोलने का मजबूत निश्चय किया और उसका पालन भी किया। कठिन परिस्थितियों में भी इन्होंने सच का सहारा नहीं छोड़ा।

2. नैतिकतावादी: गांधी जी बहुत नैतिकतावादी थे। अनैतिक कामों में इनकी बिल्कुल रुचि नहीं होती थी। उनके गुण का पता इसी बात से चलता है कि जब स्कूल में आए इंस्पेक्टर ने कक्षा के बच्चों से 'केटल' शब्द लिखने को कहा, तब इन्होंने 'केटल' शब्द को अपनी कॉपी पर गलत ही लिखा। अध्यापक के कहने पर भी इन्होंने इस शब्द को नकल करके सही नहीं किया।

3. उपेक्षितों के नेता: महात्मा गांधी हमेशा ही उपेक्षितों के हितों के पक्ष में रहे। अपने इसी व्यवहार के कारण इन्हें कई बार गोरे लोगों द्वारा अपमानित होना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका में ये 'कुलियों के वकील' कहलाते थे। गांधी जी हमेशा उन लोगों के लिए खड़े रहे जिनकी कोई परवाह नहीं करता था।

4. प्रेम और एकता के अग्रदूत: प्रेम और अहिंसा गांधी जी के खास हथियार थे। इन्होंने इनके द्वारा बिखरे हुए भारतीयों को एकता के सूत्र में पिरो दिया। यही कारण था कि इनके पीछे सिर्फ भारत के करोड़ों नागरिक ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य देशों के भी करोड़ों नागरिक खड़े रहते थे; यानी इनका समर्थन करते थे। गांधी जी का मानना था कि प्यार और शांति से सबसे बड़ी समस्याओं को भी सुलझाया जा सकता है।

5. उग्रवाद के कट्टर विरोधी: उग्रवाद हमेशा लोगों के मन में नफरत पैदा करता है। इससे लोगों के घर-के-घर बर्बाद हो जाते हैं। गांधी जी ने जब स्वतंत्रता पाने के लिए कभी उग्रवाद का समर्थन नहीं किया, तो सामान्य जीवन में वे इसको कैसे स्वीकार कर सकते थे। उनके समय में भी पंजाब में उग्रवादियों की समस्या थी। लोगों के साथ बहुत क्रूरता का व्यवहार किया जाता था तथा उन्हें कोड़ों से बहुत बुरी तरह पीटा जाता था। गांधी जी ने इसका डटकर विरोध किया।

6. स्वदेशी के पक्षधर: स्वदेशी चीजों को अपनाकर ही हम अपने देश का विकास कर सकते हैं। अपनी इसी सोच के कारण गांधी जी ने बम्बई में विदेशी वस्त्रों की होली जलाई, जिसमें हजारों लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने भारतीयों को बताया कि विदेशी वस्त्र पहनना पाप है और विदेशी वस्त्रों को जलाकर हमने अपने पाप को जला दिया है। स्वदेशी आंदोलन आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देता है।

7. भेदभाव के विरोधी: गांधी जी व्यक्ति-व्यक्ति में कोई भेदभाव नहीं मानते थे, भले ही वह किसी भी जाति, रंग या लिंग का क्यों न हो। इन्होंने कई कष्ट उठाकर इस भेदभाव का कड़ा विरोध किया। दक्षिण अफ्रीका में इन्होंने रंगभेद के खिलाफ आंदोलन चलाया और वहाँ से विजयी होकर लौटे।

8. राम के परम भक्त: गांधी जी राम के परम भक्त थे। सन् 1948 की 30 जनवरी को इन्होंने "हे राम" कहकर ही अपने प्राण त्यागे थे। यह दर्शाता है कि उनके जीवन में धार्मिक आस्था कितनी गहरी थी।

निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि गांधी जी सत्यवादी, नैतिकतावादी, रंगभेद विरोधी इत्यादि अनेक चारित्रिक गुणों से युक्त, भारतमाता के सच्चे सपूत तथा मानवता के पुजारी थे। उनके स्थान की पूर्ति कभी संभव नहीं है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. महात्मनः किं नाम आसीत् ? [2011]
Answer: महात्मा गांधी का नाम मोहनदास था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गांधी था।
In simple words: उनका नाम मोहनदास था।

🎯 Exam Tip: जब किसी व्यक्ति के नाम के बारे में पूछा जाए, तो पूरा नाम बताने की कोशिश करें, अगर वह उपलब्ध हो।

 

Question 2. सः कुत्र जन्म लेभे ?
या
महात्मा कुत्र जन्म लेभे ? [2006,09,14]
या
गान्धीमहाशयस्य जन्म कुत्र बभूव (अभवत्)?

Answer: महात्मा गांधी का जन्म पोरबंदर नामक नगर में हुआ था। यह गुजरात राज्य में स्थित एक ऐतिहासिक शहर है।
In simple words: गांधी जी का जन्म पोरबंदर में हुआ था।

🎯 Exam Tip: जन्म स्थान जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों को हमेशा ठीक से याद रखें, क्योंकि ये अक्सर सीधे पूछे जाते हैं।

 

Question 3. तस्य (महात्मनः गान्धिनः) मातुः नाम किम् आसीत् ? [2007, 10, 12, 14]
या
महात्मागान्धिनः मातुर्नाम किम् आसीत्? [2013]

Answer: उनकी (महात्मा गांधी की) माता का नाम पुतलीबाई था। पुतलीबाई एक धार्मिक और सीधी-सादी महिला थीं।
In simple words: उनकी माँ का नाम पुतलीबाई था।

🎯 Exam Tip: महान व्यक्तियों के परिवार के सदस्यों के नाम भी महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए उन्हें याद रखना चाहिए।

 

Question 4. मोहनदासः मातुर्नाम किम् आसीत्? [2012]
उत्तर : तस्य (महात्मनः गान्धिनः) मातुः नाम 'पुतलीबाई' आसीत् ।

Answer: मोहनदास की माता का नाम पुतलीबाई था। वह एक धर्मपरायण स्त्री थीं और उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा था।
In simple words: मोहनदास की माता का नाम पुतलीबाई था।

🎯 Exam Tip: यह सवाल दोहराया गया है, इसका मतलब है कि यह जानकारी परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है; नाम को ठीक से याद करें।

 

Question 5. पुतलीबाई स्वभावेन कीदृशी आसीत् ? [2014]
Answer: पुतलीबाई स्वभाव से मधुर, धर्म में विश्वास रखने वाली और बहुत पवित्र थीं। उनके स्वभाव का गांधी जी के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा।
In simple words: पुतलीबाई शांत, धार्मिक और बहुत पवित्र स्वभाव की महिला थीं।

🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति के स्वभाव या चरित्र-चित्रण से जुड़े विशेषणों को याद रखें।

 

Question 6. केन नाटकेन तस्य (महात्मनः गान्धिनः ) हृदयं परिवर्तितम् जातम् ? [2006, 10]
या
केन नाटकेन महात्मनः गान्धिनः हृदयं परिवर्तितं अभवत् ? [2015]

Answer: 'हरिश्चन्द्र' नाम के नाटक से उनका (महात्मा गांधी का) हृदय बदल गया। इस नाटक ने उन्हें जीवनभर सच्चाई का पालन करने के लिए प्रेरित किया।
In simple words: 'हरिश्चन्द्र' नाटक ने गांधी जी के हृदय को बदल दिया।

🎯 Exam Tip: किसी घटना या पुस्तक के नाम को याद रखना महत्वपूर्ण है जो किसी के जीवन में बड़ा बदलाव लाई हो।

 

Question 7. विद्यालयनिरीक्षकः कः आसीत् ? [2007,08,09, 10, 11,14]
या
विद्यालयनिरीक्षकस्य किम् नाम आसीत् ? [2015]

Answer: विद्यालय के इंस्पेक्टर का नाम 'गाइल्स' था। वे छात्रों के भाषा-ज्ञान की जाँच करने आए थे।
In simple words: विद्यालय निरीक्षक का नाम 'गाइल्स' था।

🎯 Exam Tip: घटना से जुड़े व्यक्तियों के नाम और उनकी भूमिका को याद रखें।

 

Question 8. विद्यालयनिरीक्षकेन किं अकथयत् ?
Answer: विद्यालय निरीक्षक ने पाँच शब्दों की वर्तनी सही लिखने को कहा। इसमें 'केटल' शब्द भी शामिल था, जिसे गांधी जी ने गलत लिखा था।
In simple words: इंस्पेक्टर ने बच्चों से पाँच शब्दों की सही स्पेलिंग लिखने को कहा था।

🎯 Exam Tip: परीक्षा में पूछे गए निर्देशों को हमेशा ध्यान से पढ़ें, जैसा कि इंस्पेक्टर ने छात्रों से कहा था।

 

Question 9. महात्मागान्धी नेटालनगरे कदा आगच्छत् ?
Answer: महात्मा गांधी अप्रैल 1893 में नेटाल नगर आए थे। वे कानूनी काम के सिलसिले में दक्षिण अफ्रीका गए थे।
In simple words: महात्मा गांधी अप्रैल 1893 में नेटाल आए थे।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण तिथियाँ और स्थान परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं, इसलिए उन्हें सटीक रूप से याद करें।

 

Question 10. गान्धिमहोदयः दक्षिण अफ्रीका देशं कदा व्यसृजत्?
Answer: गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका देश को 1914 में छोड़ा था। इसके बाद वे भारत वापस आ गए और स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हो गए।
In simple words: गांधी जी ने 1914 में दक्षिण अफ्रीका छोड़ दिया था।

🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति के जीवन की प्रमुख घटनाओं की शुरुआत और समाप्ति की तारीखों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 11. गान्धिमहोदयः केन यानेन कुत्र गतः?
या
धूमयानेन गान्धी कुत्र गतः?

Answer: गांधी जी रेलगाड़ी से प्रिटोरिया नगर गए थे। यह यात्रा उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण घटना थी, जहाँ उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ा।
In simple words: गांधी जी रेलगाड़ी से प्रिटोरिया गए थे।

🎯 Exam Tip: किसी घटना से जुड़े माध्यम (जैसे वाहन) और गंतव्य स्थान को याद रखना कहानी को समझने में मदद करता है।

 

Question 12. गान्धिमहोदयः विद्वेषस्य स्थाने कम् उपादिशत्?
Answer: गांधी जी ने नफरत की जगह प्यार और सदाचार का उपदेश दिया। उनका मानना था कि प्रेम और अहिंसा से ही किसी भी समस्या का समाधान हो सकता है।
In simple words: गांधी जी ने नफरत की जगह प्यार और सदाचार सिखाया।

🎯 Exam Tip: महात्मा गांधी के मूलभूत सिद्धांतों, जैसे प्रेम और अहिंसा, को हमेशा याद रखें।

 

Question 13. गान्धि महोदयः कतमे ख्रिष्टाब्दे स्वर्गं गतः?
Answer: गांधी जी 30 जनवरी, 1948 की शाम को स्वर्ग सिधार गए। उन्होंने अंतिम समय में 'हे राम' का उच्चारण किया था।
In simple words: गांधी जी 30 जनवरी, 1948 को चल बसे।

🎯 Exam Tip: मृत्यु की तारीख और उससे जुड़ी अंतिम बातों को याद रखना परीक्षा में सहायक होता है।

 

Question 14. महात्मा गान्धी किं वाक्यम् उच्चारयन् स्वर्गं जगाम? [2007]
Answer: महात्मा गांधी 'हे राम' वाक्य का उच्चारण करते हुए स्वर्ग सिधार गए। यह उनके गहरे विश्वास और आध्यात्मिक जुड़ाव को दर्शाता है।
In simple words: महात्मा गांधी 'हे राम' कहते हुए स्वर्ग गए।

🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति के अंतिम शब्दों या महत्वपूर्ण वाक्यांशों को याद रखना उनके विचारों और मूल्यों को दर्शाता है।

 

Question 15. महात्मनः पितुः किं नाम आसीत्? [2012, 13]
या
महात्मागान्धिनः पिता कः आसीत्? [2015]
या महात्मनः पितुर्नाम किम् आसीत्?

Answer: महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचन्द गांधी था। उनके पिता भी एक प्रभावशाली व्यक्ति थे।
In simple words: महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचन्द गांधी था।

🎯 Exam Tip: बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें और उनके सभी विकल्पों को याद रखें।

 

Question 16. महात्मनः पूर्ण नाम किम् आसीत् [2011, 15]
Answer: महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गांधी था। उन्हें प्यार से बापू भी कहा जाता था।
In simple words: महात्मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गांधी था।

🎯 Exam Tip: किसी भी प्रसिद्ध व्यक्ति का पूरा नाम याद रखना उनके परिचय के लिए महत्वपूर्ण होता है।

 

Question 17. गाइल्सः कः आसीत्? [2011,12]
Answer: गाइल्स एक विद्यालय निरीक्षक था। वह छात्रों की परीक्षा लेने और उनके भाषा-ज्ञान की जांच करने आया था।
In simple words: गाइल्स एक स्कूल इंस्पेक्टर था।

🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य पात्रों और उनके पद या भूमिका को याद रखना घटनाओं को समझने में मदद करता है।

 

Question 18. महात्मनः गान्धिनः पिता कीदृशः आसीत्? [2008]
Answer: महात्मा गांधी के पिता सद्गुणी थे। वे एक सम्मानित और ईमानदार व्यक्ति थे।
In simple words: महात्मा गांधी के पिता बहुत अच्छे गुणों वाले व्यक्ति थे।

🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति के पारिवारिक पृष्ठभूमि और गुणों को जानना उनके चरित्र को समझने में मदद करता है।

बहुविकल्पीय प्रश्न

अधोलिखित प्रश्नों में प्रत्येक प्रश्न के उत्तर-रूप में चार विकल्प दिये गये हैं। इनमें से एक विकल्प शुद्ध है। शुद्ध विकल्प का चयन कर अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए – [संकेत – काले अक्षरों में छपे शब्द शुद्ध विकल्प हैं ।]

 

Question 1. 'महात्मनः संस्मरणानि' शीर्षक पाठ का नायक कौन है?
(क) जनक
(ख) महात्मा गाँधी
(ग) जीमूतवाहने
(घ) परशुराम
Answer: (ख) महात्मा गाँधी
In simple words: इस पाठ में महात्मा गांधी के जीवन और उनकी यादों के बारे में बताया गया है, इसलिए वही इसके मुख्य पात्र हैं।

🎯 Exam Tip: किसी भी कहानी या पाठ के नायक (मुख्य पात्र) को हमेशा सबसे पहले पहचानें।

 

Question 2. 'महात्मनः संस्मरणानि' पाठ की कथा का स्रोत क्या है?
(क) 'राष्ट्रपिता' नामक पुस्तक
(ख) 'महात्मा गाँधी' नामक पुस्तक
(ग) 'बापू' नामक पुस्तक
(घ) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ग) 'बापू' नामक पुस्तक
In simple words: यह पाठ 'बापू' नामक किताब से लिया गया है।

🎯 Exam Tip: पाठ के स्रोत या लेखक का नाम याद रखना भी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

 

Question 3. विद्यालय-निरीक्षक गाइल्स क्यों आया था ?
(क) अध्यापकों की उपस्थिति देखने
(ख) छात्रों की उपस्थिति देखने
(ग) छात्रों का वर्णविन्यास जानने
(घ) छात्रों को पुरस्कार बाँटने
Answer: (ग) छात्रों का वर्णविन्यास जानने
In simple words: इंस्पेक्टर गाइल्स बच्चों की स्पेलिंग (शब्दों को सही लिखना) की जांच करने आया था।

🎯 Exam Tip: कहानी में किसी पात्र के आने के पीछे का मुख्य कारण हमेशा याद रखें।

 

Question 4. गाँधी जी हमेशा क्या बोलते थे ?
(क) राम नाम
(ख) सत्य
(ग) मधुर वचन
(घ) जयहिन्द
Answer: (ख) सत्य
In simple words: गांधी जी ने हमेशा सच बोलने को महत्व दिया और उसका पालन किया।

🎯 Exam Tip: महात्मा गांधी के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत 'सत्य' को कभी न भूलें।

 

Question 5. महात्मा गाँधी को अपने शिक्षकों का कोपभाजन क्यों बनना पड़ा?
(क) विद्यालय निरीक्षक से झूठ बोलने के कारण
(ख) वर्णविन्यास की नकल करने के कारण
(ग) वर्णविन्यास की नकल न करके उसे गलत लिखने के कारण
(घ) शब्दों का अनुचित वर्णविन्यास लिखने के कारण
Answer: (ग) वर्णविन्यास की नकल न करके उसे गलत लिखने के कारण
In simple words: उन्होंने नकल नहीं की और 'केटल' शब्द को गलत लिख दिया, इसलिए शिक्षक उनसे नाराज हुए।

🎯 Exam Tip: कहानी में किसी घटना के पीछे के विशिष्ट कारण को पहचानना महत्वपूर्ण है।

 

Question 6. अप्रैल, 1893 ई० में गाँधी जी कहाँ पहुँचे थे ?
(क) प्रिटोरिया
(ख) पोरबन्दर
(ग) नेटालनगर
(घ) बम्बई (अब मुम्बई)
Answer: (ग) नेटालनगर
In simple words: गांधी जी अप्रैल 1893 में नेटालनगर पहुँचे थे।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण यात्राओं की तारीखों और गंतव्य स्थानों को याद रखें।

 

Question 7. गाँधी जी प्रिटोरिया नगर जाते समय कौन-सा टिकट लेकर रेल में बैठे थे ?
(क) सामान्य श्रेणी का
(ख) प्रथम श्रेणी का
(ग) द्वितीय श्रेणी का
(घ) तृतीय श्रेणी को
Answer: (ख) प्रथम श्रेणी का
In simple words: गांधी जी फर्स्ट क्लास का टिकट लेकर यात्रा कर रहे थे।

🎯 Exam Tip: कहानी के विवरणों पर ध्यान दें, क्योंकि वे अक्सर महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़े होते हैं।

 

Question 8. दक्षिण अफ्रीका से महात्मा गाँधी किस सन् में स्वदेश लौटे ?
(क) 1948 ई० में
(ख) 1893 ई० में
(ग) 1914 ई० में
(घ) 1869 ई० में
Answer: (ग) 1914 ई० में
In simple words: महात्मा गांधी 1914 में दक्षिण अफ्रीका से वापस भारत आए थे।

🎯 Exam Tip: किसी महत्वपूर्ण वापसी या प्रस्थान की तारीख को याद रखें।

 

Question 9. दक्षिण अफ्रीका से लौटकर महात्मा गाँधी कई महीनों तक क्या करते रहे ?
(क) भारत-भ्रमण
(ख) असहयोग आन्दोलन
(ग) स्वदेशी आन्दोलन
(घ) अहिंसा का प्रचार
Answer: (क) भारत-भ्रमण
In simple words: दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद गांधी जी ने कई महीनों तक पूरे भारत का दौरा किया।

🎯 Exam Tip: किसी बड़ी घटना के बाद के कार्यों को याद रखना उनके प्रभाव को समझने में मदद करता है।

 

Question 10. “पञ्चनदप्रान्ते उग्रवादिनां समस्यासीत् ।” वाक्य में 'पञ्चनद' प्रान्त किसे कहा गया है?
(क) उत्तर प्रदेश को
(ख) बिहार को
(ग) बंगाल को
(घ) पंजाब को ।
Answer: (घ) पंजाब को ।
In simple words: 'पञ्चनद' का अर्थ पंजाब प्रांत है, जहाँ उग्रवादियों की समस्या थी।

🎯 Exam Tip: संस्कृत शब्दों के हिंदी अर्थों को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे किसी स्थान या विशेषण का वर्णन करें।

 

Question 11. "अद्यतन इवे गान्धिकालेऽपि ........................................"प्रान्ते उग्रवादिनां समस्यासीत् ।” में वाक्य-पूर्ति होगी
(क) 'महाराष्ट्र' से
(ख) 'पञ्चनद' से ।
(ग) “कश्मीर' से ।
(घ) असम से
Answer: (ख) 'पञ्चनद' से ।
In simple words: वाक्य को पूरा करने के लिए 'पञ्चनद' सही शब्द है, जिसका अर्थ पंजाब प्रांत है।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान की पूर्ति करते समय, वाक्य के अर्थ और संदर्भ के अनुसार सबसे उपयुक्त शब्द चुनें।

 

Question 12. "........................................"संस्था प्रत्येकजातेः पुरुषवर्गं नारीनिचयं चाकृष्टवती।” में रिक्त स्थान में आएगा –
(क) राष्ट्रीय क्रान्ति
(ख) राष्ट्रीय महासभा
(ग) कांग्रेस
(घ) स्वराज्य
Answer: (ग) कांग्रेस
In simple words: वाक्य में 'कांग्रेस' संस्था का उल्लेख है, जिसने सभी वर्गों के लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक संदर्भों में सही संस्था या संगठन के नाम को पहचानना महत्वपूर्ण है।

 

Question 13. मोहनदासः कस्य शब्दस्य वर्णविन्यासं कर्तुं नाशक्नोत् ?
(क) टैकल' शब्दस्य
(ख) टेबल' शब्दस्य ।
(ग) “गाइल्स' शब्दस्य।
(घ) 'केटल' शब्दस्य
Answer: (घ) 'केटल' शब्दस्य
In simple words: मोहनदास 'केटल' शब्द की स्पेलिंग सही नहीं लिख पाए थे।

🎯 Exam Tip: कहानी के विशिष्ट विवरणों पर ध्यान दें, जैसे गांधी जी के साथ हुई 'केटल' शब्द की घटना।

 

Question 14. “नाटकेनानेन अयं हरिश्चन्द्रः इव सत्यसन्धः “च भवितुमांचकाङ्क्ष।” में रिक्त स्थान में आएगा -
(क) दानवीरः
(ख) सच्चरित्रः
(ग) अहिंसकः
(घ) वीरः
Answer: (ख) सच्चरित्रः
In simple words: इस नाटक से गांधी जी हरिश्चंद्र की तरह एक सच्चे और अच्छे चरित्र वाले व्यक्ति बनना चाहते थे।

🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति के चरित्र से संबंधित सही विशेषण का चयन करें जो कहानी के संदर्भ में फिट बैठता हो।

 

Question 15. महात्मा गान्धी ........................................ नगरे जन्म लेभे । [2010, 15]
(क) पुणे
(ख) वर्धा
(ग) बम्बई (अब मुम्बई)
(घ) पोरबन्दर
Answer: (घ) पोरबन्दर
In simple words: महात्मा गांधी का जन्म पोरबंदर शहर में हुआ था।

🎯 Exam Tip: महान व्यक्तियों के जन्म स्थान को सटीक रूप से याद करें।

 

Question 16. मोहनदासः ........................................ सत्यप्रियः निर्भयोजातः । [2006]
(क) मातेव
(ख) भ्रातेव ।
(ग) पितेव
(घ) गुरुजनेव
Answer: (क) मातेव
In simple words: मोहनदास अपनी माता के समान सत्य बोलने वाले और निडर थे।

🎯 Exam Tip: किसी के गुणों को व्यक्त करने के लिए सही तुलनात्मक शब्द का चयन करें।

 

Question 17. पुतली गान्धिन ........................................ आसीत् । [2007]
(क) पत्नी
(ख) माता
(ग) पुत्री
(घ) शिष्या
Answer: (ख) माता
In simple words: पुतली गांधी की माता थीं।

🎯 Exam Tip: परिवार के रिश्तों से जुड़े शब्दों को याद रखें।

 

Question 18. महात्मनः पितुर्नाम ........................................ आसीत्। [2006,12,13]
(क) करमचन्दः
(ख) धरमचन्द्रः
(ग) कृष्णचन्दः
(घ) रामचन्द्रः
Answer: (क) करमचन्दः
In simple words: महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचन्द था।

🎯 Exam Tip: नाम और पदनाम से जुड़े प्रश्नों में सटीक विकल्प का चयन करें।

 

Question 19. विद्यालयनिरीक्षकः ........................................ आसीत्। [2010,11]
(क) स्टालिनः
(ख) गाइल्सः
(ग) पीटर:
(घ) गजेन्द्रः
Answer: (ख) गाइल्सः
In simple words: विद्यालय निरीक्षक का नाम गाइल्स था।

🎯 Exam Tip: कहानी के विशिष्ट पात्रों के नाम को याद रखना महत्वपूर्ण है।

UP Board Solutions Class 10 Sanskrit Chapter 1 महात्मानः संसारनानी

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