UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 11 Kedarnath Singh

Get the most accurate UP Board Solutions for Class 10 Hindi Chapter 11 केदारनाथ सिंह here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 10 Hindi. Our expert-created answers for Class 10 Hindi are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 11 केदारनाथ सिंह UP Board Solutions for Class 10 Hindi

For Class 10 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 10 Hindi solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 11 केदारनाथ सिंह solutions will improve your exam performance.

Class 10 Hindi Chapter 11 केदारनाथ सिंह UP Board Solutions PDF

कवि-परिचय

 

Question 1. केदारनाथ सिंह के जीवन-परिचय और काव्य-कृतियों (रचनाओं) पर प्रकाश डालिए। या केदारनाथ सिंह का जीवन-परिचय दीजिए एवं उनकी एक रचना का नाम लिखिए। [2013, 14, 15]
Answer: कवि केदारनाथ सिंह ने अपने समय के कवियों से कम कविताएँ लिखी हैं। लेकिन उनकी कविताएँ बहुत खास और अलग होती थीं। शहर में रहते हुए भी वे अपनी मिट्टी को कभी नहीं भूले, खासकर गंगा और घाघरा के बीच की धरती को। खुले मैदान, हरी-भरी फसलें और लंबी पगडंडियाँ उनके मन को खुशी से भर देती थीं। केदारनाथ सिंह एक ऐसे कवि थे जो अपनी साधारण बातों से भी गहरी बातें कहते थे।
जीवन-परिचय: केदारनाथ सिंह का जन्म 7 जुलाई, 1934 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के चकिया गाँव में हुआ था। उन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से 1956 में एम.ए. और 1964 में पी.एच.डी. की डिग्री ली। सन् 1978 में वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के भारतीय भाषा विभाग में हिंदी के प्रोफेसर बने। इससे पहले उन्होंने वाराणसी, गोरखपुर और पडरौना के कई कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाया था। 1999 में वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग से रिटायर हुए और उसके बाद मानद प्रोफेसर के रूप में जुड़े रहे।
केदारनाथ सिंह को कई बड़े सम्मान मिले। 1980 में उन्हें 'कुमारन असन' कविता-पुरस्कार मिला और 1989 में उनकी रचना 'अकाल में सारस' के लिए 'साहित्य अकादमी पुरस्कार' दिया गया। कुछ वजहों से उन्होंने हिंदी अकादमी, दिल्ली द्वारा दिए गए सर्वोच्च शलाका सम्मान को स्वीकार नहीं किया। लंबी बीमारी के कारण 19 मार्च, 2018 को उनका निधन हो गया।
रचनाएँ: केदारनाथ सिंह ने कविता और कहानी की कई किताबें लिखी हैं, जिनमें से मुख्य ये हैं:
(1) कविता-संग्रह: 'अभी बिलकुल अभी', 'जमीन पक रही है', 'यहाँ से देखो', 'अकाल में सारस', 'टॉल्सटॉय और साइकिल' और 'तीसरा सप्तक' में छपी कविताएँ। उनकी लंबी कविता 'बाघ' बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके अलावा उनकी मुख्य कविताओं में 'जीने के लिए कुछ शर्ते', 'प्रक्रिया', 'सूर्य', 'एक प्रेम-कविता को पढ़कर', 'आधी रात', 'बादल ओ', 'रात', 'अनागत', 'माँझी का पुल', 'फर्क नहीं पड़ता' आदि शामिल हैं।
(2) निबन्ध और कहानियाँ: 'मेरे समय के शब्द', 'कल्पना और छायावाद', 'हिन्दी कविता में बिम्ब-विधान', 'कब्रिस्तान में पंचायत' आदि।
(3) अन्य: 'ताना-बाना'।
साहित्य में स्थान: केदारनाथ सिंह की कविताओं को समझने के लिए 1960 के बाद की कविताओं को अलग देखना ज़रूरी है। वे अपनी कविताओं से भ्रष्टाचार, असमानता और बेकार की बातों पर सीधा प्रहार करते थे। वे प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़े थे और समकालीन हिंदी कविता और आधुनिक हिंदी कवियों में उनका स्थान बहुत ऊँचा है।
In simple words: केदारनाथ सिंह एक महत्वपूर्ण कवि थे जिन्होंने कम कविताएँ लिखीं, पर उनकी कविताओं में गहरा अर्थ होता था। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ था और उन्होंने हिंदी साहित्य में बहुत योगदान दिया। उन्हें कई पुरस्कार मिले, जिनमें साहित्य अकादमी पुरस्कार भी शामिल है। उन्होंने कई कविता संग्रह, निबंध और कहानियाँ लिखीं।

🎯 Exam Tip: जीवन-परिचय लिखते समय जन्म-स्थान, शिक्षा, प्रमुख रचनाएँ और पुरस्कारों का क्रम में उल्लेख करें। यह उत्तर को व्यवस्थित और प्रभावशाली बनाता है।

पद्यांशों की ससन्दर्भ व्याख्या

नदी

 

Question 1. अगर धीरे चलो वह तुम्हें छू लेगी दौड़ो तो छूट जायेगी नदी अगर ले लो साथ वह चलती चली जायेगी कहीं भी यहाँ तक कि कबाड़ी की दुकान तक भी ।
Answer:
सन्दर्भ: ये पंक्तियाँ हमारी हिंदी किताब 'काव्य-खण्ड' की 'नदी' नाम की कविता से ली गई हैं। इस कविता को केदारनाथ सिंह जी ने लिखा है।
प्रसंग: कवि इन पंक्तियों में कहते हैं कि नदी हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। यह हर पल हमारे साथ रहती है। कवि यहाँ नदी के महत्व को इंसान के जीवन से जोड़कर बता रहे हैं, कि कैसे नदी हर परिस्थिति में हमारे साथ होती है।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि अगर हम नदी के बारे में, उसके गुणों और उसकी अहमियत के बारे में सोचते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे वह हमारे मन को छू रही है। नदी हमारा वैसे ही ध्यान रखती है जैसे एक माँ अपने बच्चे का रखती है। जैसे हम अपनी माँ से अलग नहीं हो सकते, वैसे ही हम नदी से भी अलग नहीं रह सकते। अगर हम जीवन में आराम से चलें, तो नदी हमें अपने पास महसूस होती है। लेकिन जब हम दुनियादारी की भाग-दौड़ में पड़ जाते हैं, तो नदी हमारा साथ छोड़ देती है। यदि हम नदी को अपने साथ लेकर चलें, तो वह हर मुश्किल में किसी न किसी रूप में हमारे साथ रहती है। नदी हमारे जीवन का एक बहुत खास हिस्सा है। न तो वह हमसे दूर हो सकती है और न हम उससे।
काव्यगत-सौन्दर्य:
1. कवि ने बताया है कि नदी हमारे जीवन के हर पल में किसी न किसी तरह हमारे साथ रहती है।
2. भाषा बहुत आसान और सीधी-सादी खड़ी बोली है।
3. यह शैली वर्णनात्मक (चीजों को बताने वाली) और प्रतीकात्मक (संकेतों का इस्तेमाल करने वाली) है।
4. छंद अतुकान्त (जिनमें तुकबंदी नहीं होती) और मुक्त (कोई नियम नहीं) है।
5. इसमें अनुप्रास अलंकार का सामान्य इस्तेमाल किया गया है, जो सुनने में अच्छा लगता है।
In simple words: कवि कहते हैं कि नदी हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा है। अगर हम धीरे चलें तो वह हमारे साथ रहती है, लेकिन भागने पर छूट जाती है। वह हमारी माँ की तरह हमारा ध्यान रखती है और हर जगह हमारे साथ जाती है। नदी कभी हमसे अलग नहीं हो सकती।

🎯 Exam Tip: पद्यांश की व्याख्या करते समय सबसे पहले सन्दर्भ (पाठ और कवि का नाम), फिर प्रसंग (पद्यांश का मुख्य भाव) और अंत में विस्तृत व्याख्या लिखें। काव्यगत सौन्दर्य में भाषा, शैली और अलंकार बताना न भूलें।

 

Question 2. छोड़ दो तो वहीं अँधेरे में करोड़ों तारों की आँख बचाकर वह चुपके से रच लेगी एक समूची दुनिया एक छोटे-से घोंघे में संंचाई यह है कि तुम कहीं भी रहो । तुम्हें वर्ष के सबसे कठिन दिनों में भी प्यार करती है एक नदी
Answer:
प्रसंग: इन पंक्तियों में कवि कहते हैं कि नदी सिर्फ पृथ्वी पर ही नहीं, बल्कि आकाश में भी मौजूद रहती है। इसका मतलब है कि वह हर जगह हमारे साथ रहती है और अपना महत्व बनाए रखती है।
व्याख्या: कवि बताते हैं कि अगर हम हमेशा साथ रहने वाली नदी को किसी गलत जगह पर छोड़ दें, तो वह वहीं नहीं रुकेगी। बल्कि, बहुत सारे तारों की आँखों से बचते हुए, वह वहाँ भी अपनी एक नई दुनिया बना लेगी। यह ऐसे होगा जैसे एक छोटा-सा घोंघा अपने चारों ओर सीप बना लेता है। इसका मतलब यह है कि नदी की यह दुनिया बहुत छोटे रूप में भी हो सकती है। कवि कहते हैं कि हम कहीं भी रहें, साल के सबसे मुश्किल दिनों में भी यह नदी हमें अपने प्यार भरे पानी से सींचती है और बहुत प्यार देती है। यह दिखाता है कि नदी हर हाल में हमारा साथ निभाती है।
काव्यगत सौन्दर्य:
1. नदी हर जगह मौजूद है और वह मुश्किल हालात में भी अपनी दुनिया बना लेती है।
2. भाषा सीधी-सादी और आसान खड़ी बोली है।
3. शैली वर्णनात्मक (चीजों का वर्णन करने वाली) और प्रतीकात्मक (संकेतों का उपयोग करने वाली) है।
4. छंद में तुकबंदी नहीं है और यह मुक्त छंद है।
In simple words: कवि कहते हैं कि नदी हर जगह मौजूद है, चाहे हम उसे कहीं भी छोड़ दें। वह चुपचाप अपनी दुनिया बना लेती है, भले ही वह छोटी सी हो। नदी हमें साल के सबसे मुश्किल दिनों में भी प्यार देती है और हमारा साथ नहीं छोड़ती।

🎯 Exam Tip: प्रतीकात्मक कविताओं में शब्दों के गहरे अर्थ को समझने की कोशिश करें। यहाँ नदी जीवन की निरंतरता और सार्वभौमिकता का प्रतीक है।

 

Question 3. नदी जो इस समय नहीं है इस घर में पर होगी जरूर कहीं न कहीं किसी चटाई या फूलदान के नीचे चुपचाप बहती हुई
Answer:
प्रसंग: इन पंक्तियों में कवि नदी के हर जगह होने की बात करते हैं, जिसका मतलब है कि नदी हर जगह पाई जाती है। यह हमारी कल्पना में भी साथ रहती है।
व्याख्या: कवि नदी के हर जगह होने की बात करते हुए कहते हैं कि जो नदी अलग-अलग जगहों से लगातार बहती रहती है, वह किसी न किसी रूप में हमारे घरों में भी मौजूद रहती है। यह हमें सुख और खुशी का अनुभव कराती है। इसके बहने की आवाज़ हमें किसी चटाई के नीचे या फूलदान के पास भी सुनाई दे सकती है, और हम इसे अपने मन में भी महसूस कर सकते हैं। इसका मतलब यह है कि नदी और इंसान का रिश्ता बहुत पुराना और अटूट है, जो हमेशा रहेगा। नदी जीवन का आधार है और हर चीज़ में समाहित है।
काव्यगत सौन्दर्य:
1. कवि ने बताया है कि नदी से हमारा रिश्ता बहुत गहरा है। नदी घरों में भी शांति से बहती रहती है, यह दर्शाते हुए कि उसका अस्तित्व हर जगह है।
2. भाषा आसान और सरल खड़ी बोली है।
3. शैली प्रतीकात्मक (संकेतों का इस्तेमाल करने वाली) है।
4. छंद में कोई तुकबंदी नहीं है और यह मुक्त है।
In simple words: कवि कहते हैं कि भले ही नदी अभी हमारे घर में न दिख रही हो, पर वह कहीं न कहीं ज़रूर मौजूद है। वह चटाई या फूलदान के नीचे भी चुपचाप बहती हुई महसूस हो सकती है। नदी का हमसे रिश्ता कभी खत्म नहीं होता।

🎯 Exam Tip: व्याख्या करते समय कवि के मूल भाव को सरल शब्दों में व्यक्त करें। प्रतीकात्मक अर्थ को स्पष्ट करें कि नदी यहाँ सिर्फ जलधारा नहीं बल्कि जीवन के प्रवाह को दर्शाती है।

 

Question 4. कभी सुनना जब सारा शहर सो जाय तो किवाड़ों पर कान लगा धीरे-धीरे सुनना कहीं आसपास एक मादा घड़ियाल की कराह की तरह सुनाई देगी नदी ।
Answer:
प्रसंग: इन पंक्तियों में कवि बताते हैं कि नदी हमेशा हमारे आसपास मौजूद रहती है, भले ही हम उसे देख न पाएं।
व्याख्या: कवि कहते हैं कि अगर आपको यकीन नहीं होता कि नदी हमेशा हमारे आसपास मौजूद रहती है, तो अपनी संतुष्टि के लिए; जब सभी इंसान के काम बंद हो जाएँ और पूरी प्रकृति शांत हो जाए; यानी जब सारा शहर गहरी नींद में सो रहा हो; तब आप अपने घर के दरवाजों पर कान लगाकर, ध्यान से नदी की आवाज़ सुनने की कोशिश करें। आपको ऐसा लगेगा जैसे नदी के बहने की मीठी आवाज़ किसी मादा मगरमच्छ के दर्द भरी आवाज़ जैसी सुनाई दे रही हो। यह साफ है कि नदी किसी न किसी रूप में हमेशा हमारे साथ रहती है और जीवन में अपनी उपस्थिति बनाए रखती है।
काव्यगत सौन्दर्य:
1. कवि ने नदी के लगातार होने का बहुत ही सजीव वर्णन किया है।
2. भाषा आसान और सरल खड़ी बोली है।
3. शैली प्रतीकात्मक (संकेतों का इस्तेमाल करने वाली) है।
4. छंद में कोई तुकबंदी नहीं है और यह मुक्त छंद है।
5. इसमें पुनरुक्तिप्रकाश (शब्दों के दोहराव) और अनुप्रास (एक ही अक्षर की बार-बार आवृत्ति) अलंकार का इस्तेमाल हुआ है।
In simple words: कवि कहते हैं कि जब पूरा शहर सो जाए, तो दरवाज़ों पर कान लगाकर नदी की आवाज़ सुनो। तुम्हें ऐसा लगेगा जैसे वह किसी मादा घड़ियाल के रोने जैसी आवाज़ दे रही है। यह बताता है कि नदी हमेशा हमारे साथ रहती है।

🎯 Exam Tip: कविताओं में तुलना (जैसे घड़ियाल की कराह) को ध्यान से समझें और अपनी व्याख्या में इसे स्पष्ट करें। यह कवि के भाव को बेहतर ढंग से समझाता है।

काव्य-सौदर्य एवं व्याकरण-बोध

 

Question 1. निम्नलिखित पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
(क) अगर ले लो साथ वह चलती चली जाएगी कहीं भी, यहाँ तक कि कबाड़ी की दुकान तक भी ।
(ख) वह चुपके से रच लेगी। एक समूची दुनिया एक छोटे से घोंघे में

Answer:
(क) इन पंक्तियों में 'ल', 'च' और 'क' अक्षर बार-बार आए हैं। इस कारण इसमें अनुप्रास अलंकार है।
(ख) इन पंक्तियों में 'ए', 'क' और 'च' अक्षर बार-बार आए हैं। इस कारण इसमें भी अनुप्रास अलंकार है। अनुप्रास अलंकार तब होता है जब एक ही अक्षर या ध्वनि बार-बार आती है जिससे कविता में सुन्दरता आती है।
In simple words: (क) और (ख) दोनों पंक्तियों में एक ही अक्षर बार-बार आया है, इसलिए इन दोनों में अनुप्रास अलंकार है।

🎯 Exam Tip: अनुप्रास अलंकार को पहचानने के लिए शब्दों के पहले अक्षर की आवृत्ति पर ध्यान दें। यह सबसे सामान्य अलंकारों में से एक है।

UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 11 केदारनाथ सिंह

Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 11 केदारनाथ सिंह prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 10 Hindi textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 11 केदारनाथ सिंह

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 10 Hindi chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 10 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Hindi Class 10 Solved Papers

Using our Hindi solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 10 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 11 केदारनाथ सिंह to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 11 केदारनाथ सिंह for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 11 केदारनाथ सिंह is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Hindi are as per latest UP Board curriculum.

Are the Hindi UP Board solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 11 केदारनाथ सिंह as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 10 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 11 केदारनाथ सिंह will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 11 केदारनाथ सिंह in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Hindi. You can access UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 11 केदारनाथ सिंह in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi UP Board solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 11 केदारनाथ सिंह in printable PDF format for offline study on any device.