RBSE Solutions Class 9 Science Chapter 13 पर्यावरण

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Detailed Chapter 13 पर्यावरण RBSE Solutions for Class 9 Science

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Class 9 Science Chapter 13 पर्यावरण RBSE Solutions PDF

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. निम्न में से वायु प्रदूषक नहीं हैं
(अ) कच्छीय गैसें
(ब) \(SO_2\)
(स) \(CO_2\)
(द) DDT
Answer: (द) DDT
In simple words: DDT is a pesticide, not a gas found in the air that directly pollutes it like sulfur dioxide or carbon dioxide. While it can pollute, it's not considered a direct air pollutant in the same category.

🎯 Exam Tip: Distinguish between primary gaseous pollutants and other forms of pollution like pesticide residues. Common air pollutants are usually gases or fine particles.

 

Question 2. पारिस्थितिक तन्त्र शब्द की रचना किसने की ?
(अ) ओडम्
(ब) दैन्सले
(स) हीकल
(द) हैबर
Answer: (ब) दैन्सले
In simple words: The word "ecosystem" was first used by a scientist named Tansley. He helped us understand how living things and their environment are all connected.

🎯 Exam Tip: Remember the key scientists associated with ecological terms, as these are frequently asked in exams. A.G. Tansley coined 'ecosystem' in 1935.

 

Question 3. हरित गृह प्रभाव की प्रमुख गैस है
(अ) \(CO_2\)
(ब) \(SO_2\)
(स) \(NO_2\)
(द) CO.
Answer: (अ) \(CO_2\)
In simple words: Carbon dioxide, or \(CO_2\), is the main gas that causes the greenhouse effect, which traps heat on Earth and makes our planet warmer. It acts like a blanket, holding heat close to the Earth.

🎯 Exam Tip: Focus on the most significant greenhouse gas, carbon dioxide (\(CO_2\)), but also be aware of others like methane and water vapor.

 

Question 4. निम्न में कृत्रिम पारितन्त्र कौन-सा है ?
(अ) वन
(ब) घास के मैदान
(स) रेगिस्तान
(द) गेहूं का खेत
Answer: (द) गेहूं का खेत
In simple words: An artificial ecosystem is one made and controlled by humans. A wheat field is created and managed by people, unlike forests or deserts that occur naturally.

🎯 Exam Tip: Understand the difference between natural ecosystems (like forests, grasslands, deserts, oceans) and artificial ecosystems (like crop fields, gardens, aquariums).

 

Question 5. अधिशोषण, अवशोषण, संघनन आदि किस प्रदूषण प्रकार के नियन्त्रण में उपयोगी हैं ?
(अ) वायु
(य) जल
(स) तापीय
(द) मृदा।
Answer: (अ) वायु
In simple words: Adsorption, absorption, and condensation are methods used to clean air by removing pollutants. These techniques help control air pollution by capturing harmful gases and particles.

🎯 Exam Tip: Recognize these terms as physical processes used in pollution control. Adsorption involves sticking to a surface, absorption involves mixing, and condensation involves changing gas to liquid.

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 6. पारिस्थितिकी शब्द को परिभाषित करें।
Answer: पारिस्थितिकी विज्ञान की वह शाखा है जो जीवधारियों और उनके पर्यावरण के बीच के सम्बन्धों का अध्ययन करती है। यह विज्ञान यह समझने में मदद करता है कि सभी सजीव और निर्जीव घटक कैसे एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं। पारिस्थितिकी शब्द का सबसे पहले प्रयोग रेटर ने किया था।
In simple words: पारिस्थितिकी उस विज्ञान को कहते हैं जहाँ हम यह सीखते हैं कि जीव-जन्तु और पेड़-पौधे अपने आसपास के माहौल के साथ कैसे जुड़े होते हैं।

🎯 Exam Tip: परिभाषा में "जीवधारियों और पर्यावरण के सम्बन्धों के अध्ययन" जैसे मुख्य बिन्दुओं को शामिल करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 7. दो प्रमुख गैसीय प्रदूषकों के नाम लिखें।
Answer: दो प्रमुख गैसीय प्रदूषक हैं सल्फर डाइऑक्साइड \( (SO_2) \) और कार्बन मोनोऑक्साइड \( (CO) \)। ये गैसें वाहनों और उद्योगों से निकलती हैं और हवा की गुणवत्ता को खराब कर सकती हैं। ये दोनों गैसें मनुष्यों और पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं।
In simple words: सल्फर डाइऑक्साइड \( (SO_2) \) और कार्बन मोनोऑक्साइड \( (CO) \) दो मुख्य गंदी गैसें हैं जो हवा को प्रदूषित करती हैं।

🎯 Exam Tip: गैसीय प्रदूषकों के नाम के साथ उनके रासायनिक सूत्र लिखना अतिरिक्त अंक दिला सकता है।

 

Question 8. अपघटक क्या हैं ?
Answer: अपघटक सूक्ष्म जीव होते हैं, जैसे बैक्टीरिया और कवक, जो पेड़-पौधों और जीव-जन्तुओं के मृत शरीरों को तोड़कर ऊर्जा प्राप्त करते हैं। ये जीव मृत कार्बनिक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में बदलते हैं, जिससे पोषक तत्व वापस मिट्टी में मिल जाते हैं। इस प्रक्रिया से वे पदार्थों के चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और पर्यावरण को साफ रखने में मदद करते हैं।
In simple words: अपघटक छोटे जीव होते हैं जो मरे हुए पौधों और जानवरों को तोड़कर मिट्टी में मिला देते हैं, जिससे पोषक तत्व दोबारा इस्तेमाल हो सकें।

🎯 Exam Tip: अपघटकों के उदाहरण (जैसे जीवाणु और कवक) और उनके मुख्य कार्य (पदार्थों का चक्रण और पर्यावरण की सफाई) का उल्लेख करें।

 

Question 9. ध्वनि प्रदूषण को परिभाषित करें।
Answer: ध्वनि प्रदूषण तब होता है जब ध्वनि का स्तर इतना बढ़ जाता है कि वह मानव कान के लिए हानिकारक हो जाए। मनुष्य के सुनने की सामान्य सीमा 0 से 120 डेसीबल तक होती है, लेकिन 80 डेसीबल से अधिक ध्वनि को कानों के लिए खतरनाक माना जाता है। तेज ध्वनि से तनाव, सुनने में कमी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
In simple words: ध्वनि प्रदूषण का मतलब है जब आवाज इतनी तेज और ज्यादा हो जाए कि वह हमारे कानों और सेहत के लिए बुरी हो।

🎯 Exam Tip: ध्वनि प्रदूषण की परिभाषा के साथ डेसीबल स्तर और मानव स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों का उल्लेख करें।

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 11. पारिस्थितिकी तन्त्र के अजैविक घटकों के नाम व उदाहरण लिखें।
Answer: पारिस्थितिकी तंत्र के अजैविक घटक वे निर्जीव भाग होते हैं जो सजीवों को प्रभावित करते हैं। ये तीन प्रकार के होते हैं:

  • **अकार्बनिक (Inorganic) घटक:** इनमें पानी \( (H_2O) \), कार्बन डाइऑक्साइड \( (CO_2) \), नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, अमोनिया, पोटैशियम, मैग्नीशियम और विभिन्न प्रकार के लवण शामिल हैं। ये सभी पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक मूलभूत रसायन हैं।
  • **कार्बनिक (Organic) घटक:** इनमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा जैसे बड़े अणु शामिल होते हैं। ये सजीवों के शरीर के मुख्य निर्माण खंड होते हैं।
  • **भौतिक (Physical) कारक:** इसमें वायुमंडलीय कारक जैसे हवा, पानी, तापमान और प्रकाश शामिल हैं। ये सभी कारक सजीवों के जीवन और विकास को सीधे प्रभावित करते हैं।

In simple words: पारिस्थितिकी तंत्र के अजैविक घटक निर्जीव चीजें होती हैं, जैसे पानी, हवा, धूप, गर्मी, और मिट्टी के रसायन.

🎯 Exam Tip: अजैविक घटकों को तीन श्रेणियों (अकार्बनिक, कार्बनिक, भौतिक) में वर्गीकृत करके उनके उदाहरण देना उत्तर को अधिक व्यवस्थित बनाता है।

 

Question 12. वैश्विक ऊष्मीकरण क्या है ?
Answer: वैश्विक ऊष्मीकरण (Global Warming) पृथ्वी के औसत तापमान में लगातार वृद्धि को कहते हैं। यह मुख्य रूप से जीवाश्म ईंधन (जैसे कोयला और पेट्रोलियम) के जलने से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड \( (CO_2) \) और मेथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों के कारण होता है। ये गैसें पृथ्वी से परावर्तित होने वाली गर्मी को वायुमंडल में रोक लेती हैं, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ता है। इस प्रभाव को हरित गृह प्रभाव कहा जाता है। तापमान बढ़ने से मौसम में बड़े बदलाव आते हैं, ग्लेशियर तेजी से पिघलते हैं और समुद्र का जल स्तर बढ़ता है।
In simple words: वैश्विक ऊष्मीकरण का मतलब है पृथ्वी का गर्म होना, जो प्रदूषण वाली गैसों के कारण होता है। इससे बर्फ पिघलती है और मौसम बदलता है।

🎯 Exam Tip: वैश्विक ऊष्मीकरण की परिभाषा में ग्रीनहाउस गैसों (\(CO_2\), मेथेन), जीवाश्म ईंधन का जलना, और इसके प्रभावों (मौसम परिवर्तन, बर्फ का पिघलना, समुद्र स्तर में वृद्धि) को स्पष्ट करें।

 

Question 13. कृत्रिम पारिस्थितिकी तन्त्र क्या है ? उदाहरण दीजिए।
Answer: कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र ऐसे तंत्र होते हैं जिन्हें मनुष्य पूरी तरह से बनाता और नियंत्रित करता है। इन तंत्रों का उद्देश्य आमतौर पर मानव आवश्यकताओं को पूरा करना होता है। उदाहरण के लिए, शस्यभूमि (फसल के खेत) जिनमें गेहूँ, बाजरा और चावल जैसी फसलें उगाई जाती हैं, कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र हैं। इन खेतों में मनुष्य जैविक समुदाय और भौतिक रासायनिक कारकों को नियंत्रित करने का प्रयास करता है ताकि अधिकतम उपज प्राप्त हो सके।
In simple words: कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र वह जगह है जिसे इंसान बनाते और संभालते हैं, जैसे फसल के खेत जहाँ हम गेहूँ उगाते हैं।

🎯 Exam Tip: कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र की परिभाषा में "मानव द्वारा निर्मित और नियन्त्रित" जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करें और एक उपयुक्त उदाहरण (जैसे फसल का खेत या एक्वेरियम) दें।

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 14. वायु प्रदूषण के कारण व प्रभावों को समझायें।
Answer: वायु प्रदूषण तब होता है जब हानिकारक पदार्थ, जैसे गैसें और कण, हवा में छोड़े जाते हैं। यह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुँचाता है।

**वायु प्रदूषण के कारण:**
* **प्राकृतिक स्रोत:** ज्वालामुखी फटना, जंगल की आग, धूल भरी आंधियां, कच्छीय गैसें (जैसे मीथेन), और पौधों के परागकण भी हवा में प्रदूषक छोड़ते हैं।
* **मानव जनित गतिविधियाँ:** अधिकांश वायु प्रदूषण मानव गतिविधियों के कारण होता है, जिनमें शामिल हैं:
* **औद्योगिक उत्सर्जन:** कारखाने विभिन्न हानिकारक गैसें और कण हवा में छोड़ते हैं।
* **मोटर वाहन उत्सर्जन:** कार, ट्रक और अन्य वाहन ईंधन जलाते हैं और कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे प्रदूषक छोड़ते हैं।
* **जीवाश्म ईंधनों का जलना:** घरों और बिजली संयंत्रों में ऊर्जा के लिए कोयला, तेल और गैस का उपयोग बड़ी मात्रा में \(CO_2\) और अन्य गैसें बनाता है।
* **कृषि पद्धतियाँ:** कीटनाशकों का उपयोग और फसल अवशेषों को जलाने से भी हवा प्रदूषित हो सकती है।
* **विस्फोटक सामग्री:** विस्फोटकों से होने वाली रासायनिक प्रतिक्रियाएँ खतरनाक पदार्थ छोड़ती हैं।

**वायु प्रदूषण के प्रभाव:**
वायु प्रदूषक गैसें मानव और अन्य सजीवों के स्वास्थ्य को निम्न प्रकार प्रभावित करती हैं:
1. **सल्फर डाइऑक्साइड \( (SO_2) \):** इससे सीने में जकड़न, सिरदर्द और उल्टी हो सकती है। यह श्वसन तंत्र (फेफड़ों और श्वास नलियों) को बुरी तरह प्रभावित करता है।
2. **नाइट्रोजन के ऑक्साइड:** ये हमारे वायुमार्ग में मौजूद छोटे बालों (सिलिया) को काम करने से रोकते हैं। जब ये ऑक्साइड कालिख और धूल के कणों के साथ फेफड़ों में गहराई तक पहुँचते हैं, तो श्वसन संबंधी विकार उत्पन्न होते हैं।
3. **हाइड्रोजन सल्फाइड \( (H_2S) \):** यह आँखों और गले में जलन पैदा करता है, जिससे मितली आती है।
4. **कार्बन मोनोऑक्साइड \( (CO) \):** यह रक्त की ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता को कम करता है, जिससे लोग थका हुआ और कमजोर महसूस करते हैं। यह एक रंगहीन और गंधहीन गैस होने के कारण एक छिपा हुआ हत्यारा भी है।
5. **हाइड्रोजन सायनाइड \( (HCN) \):** यह तंत्रिका कोशिकाओं को प्रभावित करता है, जिससे गले का सूखना, धुंधली दृष्टि और सिरदर्द जैसे लक्षण होते हैं।
6. **अमोनिया \( (NH_3) \):** यह ऊपरी श्वसन मार्ग में सूजन पैदा करता है।
वायु प्रदूषण का पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ता है, जैसे अम्लीय वर्षा, ओजोन परत का क्षरण, और वैश्विक तापमान में वृद्धि।
In simple words: वायु प्रदूषण का मतलब है जब हवा में गंदी चीजें मिल जाती हैं। यह कारखानों, गाड़ियों और जंगल की आग जैसी चीजों से होता है। इससे लोगों को सिरदर्द, सांस लेने में तकलीफ और आँखों में जलन जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं, और पृथ्वी भी गर्म होती है।

🎯 Exam Tip: वायु प्रदूषण के कारणों और प्रभावों को अलग-अलग शीर्षकों में लिखें। प्रमुख प्रदूषक गैसों के नाम और उनके विशिष्ट प्रभावों पर ध्यान दें।

 

Question 15. नाइट्रोजन चक्र का आरेखीय वर्णन करें।
Answer: नाइट्रोजन चक्र वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा नाइट्रोजन हवा, मिट्टी और सजीवों के बीच घूमती रहती है। वायुमंडल में लगभग 78% नाइट्रोजन गैस होती है। यह जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रोटीन, डीएनए, आरएनए और विटामिन जैसे कई महत्वपूर्ण अणुओं का हिस्सा है। हालाँकि, सजीव वायुमंडलीय नाइट्रोजन गैस का सीधे उपयोग नहीं कर सकते हैं।

**नाइट्रोजन चक्र के चरण:**
1. **नाइट्रोजन स्थिरीकरण:** कुछ खास बैक्टीरिया, जो मिट्टी में अकेले या कुछ पौधों (जैसे फलियों) की जड़ों में रहते हैं, वायुमंडलीय नाइट्रोजन गैस को अमोनिया में बदलते हैं। बिजली चमकने से भी नाइट्रोजन, नाइट्रोजन ऑक्साइड में बदल जाती है, जो बारिश के साथ जमीन पर गिरकर सजीवों द्वारा उपयोग की जाती है।
2. **नाइट्रीफिकेशन:** अन्य बैक्टीरिया अमोनिया को नाइट्राइट और फिर नाइट्रेट में बदलते हैं। नाइट्रेट पौधों के लिए अवशोषित करना आसान होता है।
3. **आत्मसात्करण (Assimilation):** पौधे मिट्टी से इन नाइट्रेट्स और नाइट्राइट्स को अवशोषित करते हैं और उनसे प्रोटीन व अन्य नाइट्रोजन युक्त यौगिक बनाते हैं। जानवर इन पौधों को खाकर या अन्य जानवरों को खाकर नाइट्रोजन प्राप्त करते हैं।
4. **अमोनियाकरण (Ammonification):** जब पौधे और जानवर मर जाते हैं, या जानवर अपशिष्ट छोड़ते हैं, तो अपघटक (बैक्टीरिया और कवक) कार्बनिक नाइट्रोजन को वापस अमोनिया में तोड़ देते हैं।
5. **विनाइट्रीकरण (Denitrification):** अंत में, कुछ बैक्टीरिया नाइट्रेट्स को वापस नाइट्रोजन गैस में बदल देते हैं, जिसे वायुमंडल में छोड़ दिया जाता है, जिससे चक्र पूरा हो जाता है। यह चक्र पृथ्वी पर नाइट्रोजन के संतुलन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
चित्र-प्रकृति में नाइट्रोजन चक्र वायुमंडलीय नाइट्रोजन (N2) वायुमंडलीय और औद्योगिक स्थिरीकरण अमोनिया पौधे जंतु नाइट्राइट नाइट्रेट स्थिरीकरण नाइट्रीफिकेशन नाइट्रीफिकेशन अमोनियाकरण अवशोषण भक्षण अमोनियाकरण अमोनियाकरण विनाइट्रीकरण
In simple words: नाइट्रोजन चक्र दिखाता है कि नाइट्रोजन हवा, मिट्टी और पौधों-जानवरों के बीच कैसे घूमती है। बैक्टीरिया हवा से नाइट्रोजन को पौधों के लिए उपयोगी रूप में बदलते हैं। फिर जब सजीव मर जाते हैं, तो यह वापस हवा में चली जाती है।

🎯 Exam Tip: नाइट्रोजन चक्र के सभी मुख्य चरणों (स्थिरीकरण, नाइट्रीकरण, आत्मसात्करण, अमोनियाकरण और विनाइट्रीकरण) को सही ढंग से समझाएँ और आरेख बनाते समय स्पष्ट लेबल का प्रयोग करें।

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उनके उत्तर

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. पर्यावरण और जीवधारियों की परस्पर क्रियाओं के अध्ययन से सम्बन्धित विज्ञान को कहते हैं
(अ) पर्यावरण
(ब) पर्यावरणीय संकुल
(स) पारिस्थितिकी
(द) जल विज्ञान।
Answer: (स) पारिस्थितिकी
In simple words: पर्यावरण और सजीवों के बीच के संबंधों का अध्ययन करने वाले विज्ञान को पारिस्थितिकी कहते हैं। यह हमें सिखाता है कि सब कुछ एक दूसरे से कैसे जुड़ा है।

🎯 Exam Tip: पारिस्थितिकी की परिभाषा को सीधे और सटीक शब्दों में याद रखें, क्योंकि यह एक मूलभूत अवधारणा है।

 

Question 2. निम्न में से जैविक घटक नहीं है?
(अ) प्राणि
(ब) पादप
(स) मानव
(द) मृदा।
Answer: (द) मृदा।
In simple words: मिट्टी जीवित चीज़ नहीं है, यह एक अजैविक घटक है। जानवर, पौधे और इंसान जैविक घटक हैं क्योंकि वे जीवित हैं।

🎯 Exam Tip: जैविक (जीवित) और अजैविक (निर्जीव) घटकों के बीच के अंतर को समझें, और उनके सामान्य उदाहरणों को जानें।

 

Question 3. वायुमण्डल में नाइट्रोजन गैस की मात्रा है
(अ) 78.09%
(ब) 20-95%
(स) 0.03%
(द) 90-099%.
Answer: (अ) 78.09%
In simple words: हमारी हवा का ज़्यादातर हिस्सा नाइट्रोजन गैस है, जो लगभग 78% है। यह पृथ्वी के वायुमंडल में सबसे अधिक पाई जाने वाली गैस है।

🎯 Exam Tip: वायुमंडल में विभिन्न गैसों के प्रतिशत को याद रखें, खासकर नाइट्रोजन और ऑक्सीजन के लिए, क्योंकि यह एक सामान्य ज्ञान का प्रश्न है।

 

Question 4. मानव जनित वायु प्रदूषक हैं
(अ) घरेलू उत्सर्ग
(ब) कृषि में उपयुक्त खाद
(स) मोटर वाहन उत्सर्ग
(द) उपरोक्त सभी।
Answer: (द) उपरोक्त सभी।
In simple words: घरों से निकलने वाला धुआँ, खेतों में इस्तेमाल होने वाले रसायन और गाड़ियों से निकलने वाला धुआँ - ये सभी इंसान द्वारा बनाए गए हवा प्रदूषक हैं।

🎯 Exam Tip: मानव जनित प्रदूषकों के उदाहरणों को याद रखें, जो हमारी रोजमर्रा की गतिविधियों से जुड़े होते हैं, जैसे घरेलू और औद्योगिक उत्सर्जन।

 

Question 5. तापीय प्रदूषण की भौतिक दशाएँ हैं ?
(अ) तापमान में वृद्धि
(ब) वाष्प दाब में वृद्धि
(स) घनत्व में कमी
(द) उपरोक्त सभी।
Answer: (द) उपरोक्त सभी।
In simple words: जब पानी बहुत गर्म हो जाता है, तो उसका तापमान बढ़ जाता है, उसमें से ज्यादा भाप बनती है (वाष्प दाब बढ़ जाता है), और वह कम घना (घनत्व में कमी) हो जाता है। ये सभी तापीय प्रदूषण के प्रभाव हैं।

🎯 Exam Tip: तापीय प्रदूषण के सीधे भौतिक प्रभावों पर ध्यान केंद्रित करें, विशेष रूप से पानी के गुणों में परिवर्तन पर।

 

Question 6. निम्न में से सर्वाहारी कौन है?
(अ) शाकाहारी
(ब) उत्पादक
(स) माँसाहारी
(द) सर्वाहारी।
Answer: (द) सर्वाहारी
In simple words: सर्वाहारी वह जीव होते हैं जो पौधों और जानवरों दोनों को खाते हैं। वे अपना भोजन दोनों स्रोतों से प्राप्त करते हैं।

🎯 Exam Tip: भोजन श्रृंखला में जीवों की विभिन्न श्रेणियों (शाकाहारी, मांसाहारी, सर्वाहारी) और उनके आहार के प्रकारों को स्पष्ट रूप से समझें।

 

Question 7. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक शहर के लिए ध्वनि का स्तर तय किया हैं?
(अ) 80 dB
(ब) 45 dB
(स) 100 dB
(द) 120 dB.
Answer: (ब) 45 dB
In simple words: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शहरों में ध्वनि के सुरक्षित स्तर को 45 डेसीबल तय किया है ताकि लोगों को शांति और सेहतमंद माहौल मिल सके।

🎯 Exam Tip: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अनुशंसित सुरक्षित ध्वनि स्तरों जैसे प्रमुख मानकों को याद रखें।

 

Question 8. पारिस्थितिकी "सजीवों को इनके जैविक एवं अजैविक पर्यावरण के साथ होने वाला पारस्परिक सम्बन्ध है।" यह बताया था
(अ) टैन्सले
(ब) हैंबर
(स) हैकल
(द) ओडम्।
Answer: (स) हैकल
In simple words: वैज्ञानिक हैकल ने बताया कि पारिस्थितिकी का मतलब है कि जीवित चीजें और उनके आसपास का माहौल कैसे एक दूसरे को प्रभावित करते हैं।

🎯 Exam Tip: पारिस्थितिकी से संबंधित महत्वपूर्ण वैज्ञानिकों और उनकी परिभाषाओं को याद रखना परीक्षा में मदद करेगा।

 

Question 9. CFC हैं
(अ) क्लोरीन फ्लोरीन युक्त कार्बनिक यौगिक
(च) क्लोरीन फ्लोरोन युक्त अकार्बनिक यौगिक
(स) कोबाल्ट फॉस्फोरस युक्त कार्बनिक यौगिक
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं।
Answer: (अ) क्लोरीन फ्लोरीन युक्त कार्बनिक यौगिक
In simple words: CFCs ऐसे रसायन हैं जिनमें क्लोरीन, फ्लोरीन और कार्बन मिला होता है। ये पहले बहुत से उत्पादों में इस्तेमाल होते थे।

🎯 Exam Tip: CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) के रासायनिक घटक और उनके वर्गीकरण को याद रखें।

 

Question 10. CFC's जैसी रसायन कौन सी परत के ह्रास का कारण बनती हैं?
(अ) ओजोन परत
(ब) क्षोभमंडल
(स) समताप मंडल
(द) मध्यमंडल।
Answer: (अ) ओजोन परत
In simple words: CFCs नाम के रसायन हमारी पृथ्वी की ओजोन परत को नुकसान पहुँचाते हैं। ओजोन परत हमें सूरज की हानिकारक किरणों से बचाती है।

🎯 Exam Tip: CFCs और ओजोन परत के बीच के संबंध को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पर्यावरण विज्ञान का एक प्रमुख बिंदु है।

 

Question 11. ओजोन संरक्षण दिवस मनाया जाता है
(अ) 16 फरवरी को
(ब) 16 अप्रैल को
(स) 16 सितम्बर को
(द) 16 दिसम्बर को।
Answer: (स) 16 सितम्बर को
In simple words: हर साल 16 सितंबर को ओजोन परत को बचाने के लिए एक खास दिन मनाया जाता है। यह हमें याद दिलाता है कि हमें अपनी पृथ्वी की रक्षा करनी है।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण पर्यावरणीय दिवसों की तिथियों को याद रखें, क्योंकि यह सामान्य ज्ञान और पर्यावरणीय जागरूकता से संबंधित प्रश्न है।

 

Question 12. पौधों को वर्गीकृत किया जाता है
(अ) अपघटको में
(ब) उत्पादकों में
(स) परपोषियों में
(द) सभी में।
Answer: (ब) उत्पादकों में
In simple words: पौधों को उत्पादक कहते हैं क्योंकि वे सूरज की रोशनी का इस्तेमाल करके अपना भोजन खुद बनाते हैं।

🎯 Exam Tip: खाद्य श्रृंखला में पौधों की भूमिका (उत्पादक) को समझें और उन्हें अन्य जीवों (उपभोक्ता, अपघटक) से अलग पहचानें।

 

Question 13. जैविक और अजैविक पदार्थों की क्रियात्मक इकाई
(अ) जीवमण्डल
(ब) बायोम
(स) जैविक समुदाय
(द) पारितंत्र।
Answer: (द) पारितंत्र।
In simple words: पारितंत्र वह जगह है जहाँ जीवित चीजें और निर्जीव चीजें एक साथ काम करती हैं। यह जैविक और अजैविक भागों का एक समूह है।

🎯 Exam Tip: पारिस्थितिकी तंत्र को जैविक और अजैविक घटकों की क्रियात्मक इकाई के रूप में परिभाषित करें।

 

Question 14. निम्नलिखित में कृत्रिम पारिस्थितिक तन्त्र है
(अ) वन
(ब) समुद्र
(स) गेहूं का खेत
(द) तालाब।
Answer: (स) गेहूं का खेत
In simple words: एक गेहूं का खेत इंसान द्वारा बनाया और संभाला जाता है, इसलिए यह एक कृत्रिम पारिस्थितिक तंत्र है, जबकि जंगल, समुद्र और तालाब प्राकृतिक हैं।

🎯 Exam Tip: कृत्रिम और प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों के उदाहरणों को जानें ताकि आप उनमें अंतर कर सकें।

 

Question 15. निम्न में से सर्वाहारी कौन है?
(अ) शाकाहारी
(ब) उत्पादक
(स) माँसाहारी
(द) सर्वाहारी।
Answer: (द) सर्वाहारी
In simple words: सर्वाहारी ऐसे जीव होते हैं जो पेड़-पौधे और मांस दोनों खाते हैं। इंसान इसका एक अच्छा उदाहरण है।

🎯 Exam Tip: यह एक सामान्य प्रश्न है जो आहार श्रृंखला और जीवों के वर्गीकरण से संबंधित है, इसलिए इन शब्दों को स्पष्ट रूप से समझें।

 

Question 16. पृथ्वी का वह समस्त भाग जिसमें जीवधारी पाये जाते हैं, कहलाता है
(अ) स्थलमण्डल
(ब) जलमण्डल
(स) जीवमण्डल
(द) वायुमण्डल।
Answer: (स) जीवमण्डल
In simple words: पृथ्वी का वह सारा हिस्सा जहाँ जीवन पाया जाता है, चाहे वह जमीन पर हो, पानी में हो या हवा में, उसे जीवमंडल कहते हैं। यह जीवन का क्षेत्र है।

🎯 Exam Tip: जीवमंडल की परिभाषा को पृथ्वी के उन सभी हिस्सों के रूप में समझें जहाँ जीवन मौजूद है, जिसमें जलमंडल, स्थलमंडल और वायुमंडल के कुछ हिस्से शामिल हैं।

 

Question 17. इकोसिस्टम शब्द सर्वप्रथम किसने दिया ?
(अ) ए. जी. टेन्सले
(ब) ओडम
(स) हैकल
(द) हैबर।
Answer: (अ) ए. जी. टेन्सले
In simple words: "इकोसिस्टम" शब्द पहली बार वैज्ञानिक ए. जी. टेन्सले ने इस्तेमाल किया था। उन्होंने यह नाम दिया ताकि जीवित चीजों और उनके पर्यावरण के संबंधों को समझाया जा सके।

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शब्दावली के आविष्कारकों के नाम याद रखें, जैसे ए.जी. टेन्सले और "इकोसिस्टम"।

 

Question 18. सोडियम की अधिकता वाली मृदा कहलाती है
(अ) लवणीय मृदा
(ब) क्रसर
(स) क्षारीय मृदा
(द) रेतीली
Answer: (स) क्षारीय मृदा
In simple words: जिस मिट्टी में सोडियम ज्यादा होता है उसे क्षारीय मृदा कहते हैं। यह मिट्टी आमतौर पर पौधों के लिए उतनी अच्छी नहीं होती।

🎯 Exam Tip: मृदा के विभिन्न प्रकारों और उनके रासायनिक गुणों (जैसे लवणता, क्षारीयता) को समझें, क्योंकि यह कृषि और पर्यावरण विज्ञान से संबंधित है।

 

Question 1. पर्यावरण क्या है?
Answer: पर्यावरण किसी भी जीवधारी के आसपास का वह आवरण है जो उसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है। इसमें सभी जैविक (जीवित) और अजैविक (निर्जीव) घटक शामिल होते हैं, जैसे वायु, जल, भूमि, अन्य जीव और जलवायु। ये सभी कारक एक जीव के जीवन और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: पर्यावरण वह सब कुछ है जो एक जीवित चीज़ के आसपास होता है, जैसे हवा, पानी, पेड़-पौधे और अन्य जीव, जो उसे प्रभावित करते हैं।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण की परिभाषा में जैविक और अजैविक दोनों घटकों को शामिल करना सुनिश्चित करें।

 

Question 2. प्राकृतिक पारितन्त्र के उदाहरण दीजिए।
Answer: प्राकृतिक पारितंत्र वे पारिस्थितिक तंत्र होते हैं जो प्रकृति द्वारा स्वयं बनते और संचालित होते हैं, जिनमें मानव का हस्तक्षेप कम होता है। इसके उदाहरण हैं: वन, तालाब और झील। ये तंत्र बिना मानव के बनाए या नियंत्रित किए हुए स्वाभाविक रूप से चलते हैं।
In simple words: प्राकृतिक पारितंत्र वे जगहें होती हैं जिन्हें प्रकृति ने खुद बनाया है, जैसे जंगल, तालाब और झील।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक पारितंत्रों के कम से कम दो से तीन स्पष्ट उदाहरणों को याद रखें।

 

Question 3. उपभोक्ता किसे कहते हैं ?
Answer: उपभोक्ता वे जीव होते हैं जो भोजन के लिए परोक्ष या अपरोक्ष रूप से उत्पादकों पर आश्रित रहते हैं। वे अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते, इसलिए उन्हें ऊर्जा के लिए अन्य जीवों या उनके उत्पादों को खाना पड़ता है। जैसे, शाकाहारी पौधे खाते हैं, मांसाहारी मांस खाते हैं, और सर्वाहारी दोनों खाते हैं।
In simple words: उपभोक्ता वे जीव होते हैं जो खाने के लिए पौधों या दूसरे जानवरों पर निर्भर करते हैं, क्योंकि वे अपना खाना खुद नहीं बना सकते।

🎯 Exam Tip: उपभोक्ता की परिभाषा में यह स्पष्ट करें कि वे "उत्पादकों पर आश्रित" होते हैं और "अपना भोजन स्वयं नहीं बनाते"।

 

Question 4. सूक्ष्मजीव अपमार्जक क्यों कहलाते हैं ?
Answer: सूक्ष्मजीवों को अपमार्जक इसलिए कहते हैं क्योंकि वे जटिल कार्बनिक पदार्थों (जैसे मृत पौधे और जानवरों के शरीर) को तोड़कर सरल अकार्बनिक पदार्थों में बदल देते हैं। ये सरल पदार्थ मिट्टी में मिल जाते हैं और फिर से पौधों द्वारा उपयोग किए जा सकते हैं। इस तरह, सूक्ष्मजीव पोषक तत्वों का चक्रण करते हैं और पर्यावरण को साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: सूक्ष्मजीव अपमार्जक कहलाते हैं क्योंकि वे मृत चीजों को छोटे टुकड़ों में तोड़कर मिट्टी में मिला देते हैं, जिससे पोषक तत्व दोबारा इस्तेमाल हो सकें।

🎯 Exam Tip: अपमार्जकों के कार्य (जटिल को सरल में बदलना, पोषक तत्वों का चक्रण) और उनके महत्व (पर्यावरण की सफाई) को शामिल करें।

 

Question 5. जीवमण्डल किसे कहते हैं ?
Answer: जीवमंडल पृथ्वी का वह समस्त भाग है जहाँ जीवन पाया जाता है। इसमें पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी प्राकृतिक क्षेत्र और उनमें रहने वाले सभी जीव-जंतु एक साथ मिलकर एक बड़ी इकाई बनाते हैं। यह पृथ्वी का वह क्षेत्र है जिसमें वायुमंडल का निचला भाग, जलमंडल और स्थलमंडल का ऊपरी भाग शामिल होता है।
In simple words: जीवमंडल पृथ्वी का वह सारा हिस्सा है जहाँ पौधे और जानवर रहते हैं। इसमें हवा, पानी और जमीन का वह भाग आता है जहाँ जीवन है।

🎯 Exam Tip: जीवमंडल की परिभाषा में पृथ्वी के उन सभी हिस्सों को शामिल करें जहाँ जीवन मौजूद है (जल, थल, वायु)।

 

Question 6. जीवमण्डल के प्रमुख घटक लिखिए।
Answer: जीवमंडल के दो प्रमुख घटक हैं: जैविक घटक और अजैविक घटक।
* **जैविक घटक:** इसमें सभी जीवित जीव शामिल हैं, जैसे पौधे, जानवर, सूक्ष्मजीव आदि।
* **अजैविक घटक:** इसमें निर्जीव भौतिक और रासायनिक कारक शामिल हैं, जैसे वायु, जल, मिट्टी, प्रकाश, तापमान आदि।
ये दोनों घटक एक-दूसरे के साथ लगातार बातचीत करते रहते हैं, जिससे जीवन संभव होता है।
In simple words: जीवमंडल के दो मुख्य भाग हैं: जीवित चीजें (जैसे पौधे और जानवर) और निर्जीव चीजें (जैसे हवा और पानी)।

🎯 Exam Tip: जीवमंडल के दो मुख्य घटकों (जैविक और अजैविक) का उल्लेख करें और उनके एक-एक उदाहरण दें।

 

Question 7. किसी पारिस्थितिक तन्त्र के घटक लिखिए।
Answer: किसी भी पारिस्थितिक तंत्र के मुख्य घटक जैविक (सजीव) और अजैविक (निर्जीव) कारक होते हैं।
* **जैविक घटक:** ये सभी जीवित जीव होते हैं, जिन्हें आगे तीन भागों में बांटा गया है:
* **उत्पादक:** वे जीव जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, जैसे हरे पौधे।
* **उपभोक्ता:** वे जीव जो भोजन के लिए अन्य जीवों को खाते हैं, जैसे शाकाहारी, मांसाहारी और सर्वाहारी।
* **अपघटक:** वे सूक्ष्म जीव जो मृत कार्बनिक पदार्थों को तोड़ते हैं, जैसे जीवाणु और कवक।
* **अजैविक घटक:** ये निर्जीव भौतिक और रासायनिक कारक होते हैं, जैसे सूर्य का प्रकाश, जल, वायु, मिट्टी और तापमान।
ये सभी घटक एक साथ काम करते हैं ताकि तंत्र ठीक से चल सके।
In simple words: पारिस्थितिक तंत्र के घटक जीवित चीजें (जैसे पौधे, जानवर, और अपघटक) और निर्जीव चीजें (जैसे सूरज की रोशनी, पानी और हवा) होती हैं।

🎯 Exam Tip: पारिस्थितिक तंत्र के घटकों को जैविक और अजैविक में विभाजित करें, और जैविक घटकों के उप-प्रकारों (उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक) का उल्लेख करें।

 

Question 9. जैव समुदाय तथा अजैव पर्यावरण के बीच के सम्बन्ध का वैज्ञानिक नाम क्या है ?
Answer: जैव समुदाय और अजैव पर्यावरण के बीच के सम्बन्ध का वैज्ञानिक नाम पारिस्थितिक तंत्र है। एक पारिस्थितिक तंत्र जीवित जीवों (जैव समुदाय) और उनके निर्जीव परिवेश (अजैविक पर्यावरण) के बीच बातचीत का अध्ययन करता है। यह दिखाता है कि कैसे ये घटक एक दूसरे को प्रभावित करते हैं और ऊर्जा और पदार्थ का आदान-प्रदान करते हैं।
In simple words: जीवित चीजों और उनके आसपास की निर्जीव दुनिया के संबंधों को वैज्ञानिक रूप से पारिस्थितिक तंत्र कहते हैं।

🎯 Exam Tip: यह एक सीधी परिभाषा है; सुनिश्चित करें कि आप "पारिस्थितिक तंत्र" शब्द को ठीक से पहचानें।

 

Question 10. सर्वभक्षी या सर्वाहारी किसे कहते हैं ?
Answer: सर्वभक्षी या सर्वाहारी वे जीव होते हैं जो भोजन के लिए पौधों और जानवरों दोनों का उपयोग करते हैं। वे अपने आहार में विविधता रखते हैं, जिससे उन्हें विभिन्न वातावरणों में जीवित रहने में मदद मिलती है। मानव इसका एक सामान्य उदाहरण है क्योंकि हम पौधों से प्राप्त भोजन (जैसे फल और सब्जियां) और जानवरों से प्राप्त भोजन (जैसे मांस) दोनों खाते हैं।
In simple words: सर्वाहारी वे जीव होते हैं जो पेड़-पौधे और मांस दोनों खाते हैं, जैसे इंसान।

🎯 Exam Tip: सर्वाहारी की परिभाषा के साथ एक स्पष्ट उदाहरण (जैसे मानव) अवश्य दें।

 

Question 11. क्लोरो-फ्लोरोकार्बन का प्रमुख प्रयोग कर्तुं किया जाता है ?
Answer: क्लोरो-फ्लोरोकार्बन (CFCs) का प्रमुख उपयोग शीतलन (रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर में) और अग्निशमन (आग बुझाने वाले यंत्रों में) में किया जाता था। हालाँकि, ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने के कारण अब इनका उपयोग काफी कम हो गया है। ये रसायन पहले बहुत उपयोगी माने जाते थे।
In simple words: CFCs का मुख्य उपयोग चीजों को ठंडा रखने (जैसे फ्रिज में) और आग बुझाने के लिए किया जाता था।

🎯 Exam Tip: CFCs के मुख्य उपयोगों को याद रखें, विशेष रूप से उनके ऐतिहासिक उपयोगों को।

 

Question 12. बड़े-बड़े उद्योगों की स्थापना से स्थानीय जलवायु पर होने वाले कोई दो प्रभाव बताइए।
Answer: बड़े-बड़े उद्योगों की स्थापना से स्थानीय जलवायु पर कई प्रभाव पड़ सकते हैं। कोई दो प्रमुख प्रभाव इस प्रकार हैं:
* **वायु प्रदूषण:** उद्योग विभिन्न हानिकारक गैसें और कण हवा में छोड़ते हैं, जिससे स्थानीय वायु प्रदूषण बढ़ता है। यह हवा की गुणवत्ता को खराब करता है और श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है।
* **आस-पास के वायुमंडल के ताप में वृद्धि:** औद्योगिक गतिविधियाँ अक्सर गर्मी छोड़ती हैं, जिससे आसपास के वायुमंडल का तापमान बढ़ जाता है। इस प्रभाव को "हीट आइलैंड" प्रभाव भी कहा जाता है, जो शहरी क्षेत्रों में अक्सर देखा जाता है।
In simple words: बड़ी फैक्टरियों से हवा गंदी होती है और उनके आसपास की जगह गर्म हो जाती है।

🎯 Exam Tip: उद्योगों के पर्यावरणीय प्रभावों को याद रखें, विशेषकर वायु प्रदूषण और स्थानीय तापमान में वृद्धि।

 

Question 13. जल प्रदूषण के दो कारण लिखिए।
Answer: जल प्रदूषण के दो मुख्य कारण हैं:
* **उर्वरक तथा कीटनाशकों का फसलों पर छिड़काव:** खेतों में उपयोग किए जाने वाले रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक बारिश के पानी के साथ बहकर नदियों और झीलों में मिल जाते हैं, जिससे जल प्रदूषित होता है। ये रसायन जलीय जीवन के लिए बहुत हानिकारक होते हैं।
* **कारखानों द्वारा अपशिष्ट पदार्थों का नदियों में विसर्जन:** कारखाने अक्सर अपने अनुपचारित कचरे और रासायनिक अपशिष्ट पदार्थों को सीधे नदियों या अन्य जल निकायों में छोड़ देते हैं। इससे पानी में जहरीले तत्व मिल जाते हैं, जिससे जल प्रदूषण होता है।
In simple words: पानी गंदा होने के दो मुख्य कारण हैं खेतों से बहकर आने वाले रसायन और फैक्टरियों से नदियों में फेंका गया कचरा।

🎯 Exam Tip: जल प्रदूषण के मुख्य मानव-जनित कारणों पर ध्यान दें, विशेषकर कृषि और औद्योगिक गतिविधियों से संबंधित।

 

Question 14. कोलीफॉर्म क्या है ?
Answer: कोलीफॉर्म एक प्रकार के बैक्टीरिया हैं जो आमतौर पर गर्म रक्त वाले जानवरों, जैसे मनुष्य, की आंतों में और पर्यावरण में पाए जाते हैं। पानी में इनकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि पानी में मल पदार्थ से प्रदूषण हो सकता है। यदि पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिलते हैं, तो यह एक संकेत होता है कि पानी में अन्य हानिकारक रोगाणु भी हो सकते हैं, इसलिए इन्हें पानी की गुणवत्ता के लिए सूचक जीव के रूप में उपयोग किया जाता है।
In simple words: कोलीफॉर्म एक तरह के बैक्टीरिया होते हैं जो गंदे पानी में मिलते हैं, यह दिखाते हैं कि पानी में जानवरों या इंसानों का कचरा हो सकता है।

🎯 Exam Tip: कोलीफॉर्म को पानी की गुणवत्ता के लिए "सूचक जीव" के रूप में परिभाषित करें और उनके महत्व को स्पष्ट करें।

 

Question 15. जनसंख्या क्या है?
Answer: जनसंख्या किसी भी प्रजाति की कुल संख्या को कहते हैं जो एक निश्चित स्थान पर एक समय में पाई जाती है। यह पारिस्थितिकी में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है क्योंकि यह किसी विशेष क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों और जीवों के बीच के संबंधों को समझने में मदद करती है।
In simple words: जनसंख्या का मतलब है किसी एक जगह पर एक ही तरह के सभी जीवों की कुल गिनती।

🎯 Exam Tip: जनसंख्या की परिभाषा को "एक ही प्रजाति के व्यक्तियों की कुल संख्या एक विशिष्ट क्षेत्र में" के रूप में याद रखें।

 

Question 16. प्राकृतिक संसाधन क्या हैं ?
Answer: प्राकृतिक संसाधन वे सभी पदार्थ हैं जो पर्यावरण में स्वाभाविक रूप से मौजूद होते हैं और सजीवों के जीवन निर्वाह के लिए आवश्यक होते हैं। इनमें हवा, पानी, मिट्टी, खनिज, वन, वन्यजीव, और जीवाश्म ईंधन जैसे संसाधन शामिल हैं। मनुष्य इनका उपयोग अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करता है।
In simple words: प्राकृतिक संसाधन वे चीजें हैं जो हमें प्रकृति से मिलती हैं और जीने के लिए जरूरी होती हैं, जैसे हवा, पानी और जंगल।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक संसाधनों की परिभाषा में उनके "पर्यावरण में स्वाभाविक रूप से मौजूद" होने और "जीवन निर्वाह के लिए आवश्यक" होने पर जोर दें।

 

Question 17. शुद्ध जलीय तन्त्र कितने प्रकार के होते हैं ?
Answer: शुद्ध जलीय तंत्र मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं:
* **सरित (Lotic):** इनमें बहते हुए पानी के तंत्र शामिल होते हैं, जैसे नदियाँ और झरने। यहाँ पानी लगातार गति में रहता है।
* **स्थिर जलीय (Lentic):** इनमें रुके हुए पानी के तंत्र शामिल होते हैं, जैसे तालाब, झीलें और दलदल। यहाँ पानी की गति बहुत कम या न के बराबर होती है।
* **भूमिगत (Groundwater):** यह पृथ्वी की सतह के नीचे पाई जाने वाली जल प्रणाली है, जो कुओं और झरनों के माध्यम से उपलब्ध होती है।
ये सभी तंत्र अपने-आप में अलग-अलग जीवन रूपों का समर्थन करते हैं।
In simple words: साफ पानी के तंत्र तीन तरह के होते हैं: बहता पानी (नदियाँ), ठहरा पानी (तालाब), और जमीन के नीचे का पानी।

🎯 Exam Tip: शुद्ध जलीय तंत्रों के तीन मुख्य प्रकारों (सरित, स्थिर जलीय, भूमिगत) को उनके उदाहरणों के साथ याद रखें।

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. पर्यावरण के विषय में प्राचीन वर्णन कहाँ मिलता
Answer: पर्यावरण के बारे में प्राचीन वर्णन भारतीय पुराणों, वेदों और उपनिषदों जैसे ग्रंथों में मिलता है। इन शास्त्रों में बताया गया है कि मनुष्य की उत्पत्ति पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु (पंच तत्व) से हुई है, जो पर्यावरण के मूल घटक हैं। विष्णु पुराण, वृहत् संहिता, चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में भी पर्यावरण का विस्तार से वर्णन है। रामायण और महाभारत जैसे महाकाव्यों में कई स्थानों पर पर्यावरणीय चेतना और प्रकृति के प्रति सम्मान के उदाहरण मिलते हैं।
In simple words: पर्यावरण के बारे में पुरानी बातें हमें पुराणों, वेदों और उपनिषदों जैसे पुराने भारतीय ग्रंथों में मिलती हैं। उनमें बताया गया है कि हम कैसे प्रकृति से जुड़े हुए हैं।

🎯 Exam Tip: पर्यावरण संबंधी ज्ञान के प्राचीन भारतीय स्रोतों (वेद, पुराण, उपनिषद, संहिताएँ, महाकाव्य) का उल्लेख करें।

 

Question 2. गाँधीजी के प्रदूषण से सम्बन्धित क्या विचार थे ?
Answer: महात्मा गाँधी का मानना था कि पृथ्वी मानव की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, लेकिन उसकी लालच को पूरा करने के लिए नहीं। उनके अनुसार, प्रकृति के शोषण और प्रदूषण के संकट का मूल कारण मानव की अत्यधिक लालच और अज्ञानता है। गाँधीजी ने प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने और अनावश्यक उपभोग से बचने की वकालत की। उनका दर्शन आज भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रासंगिक है।
In simple words: गाँधीजी सोचते थे कि पृथ्वी पर हर किसी की जरूरतें पूरी करने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन किसी के लालच के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि इंसान का लालच और अज्ञान ही प्रदूषण का असली कारण है।

🎯 Exam Tip: गाँधीजी के विचारों को "आवश्यकताएँ बनाम लालच" और "अज्ञानता" के संदर्भ में प्रस्तुत करें।

 

Question 3. पारिस्थितिक तन्त्र को एक फ्लो चार्ट द्वारा बताए।
Answer: पारिस्थितिक तंत्रों को उनके वातावरण के आधार पर मोटे तौर पर वर्गीकृत किया जा सकता है। यहाँ एक फ्लो चार्ट दिया गया है जो इसके प्रकारों को समझाता है:

पारिस्थितिक तन्त्र (Ecosystem)
  |
  |--- स्थलीय (Terrestrial)
  |      |
  |      |--- वन (Forest)
  |      |--- घास के मैदान (Grasslands)
  |
  |--- जलीय (Aquatic)
         |
         |--- शुद्ध जल (Freshwater)
         |      |
         |      |--- सरित जल (Lotic water: River, Stream)
         |      |--- स्थिर जल (Lentic water: Pond, Lake)
         |
         |--- समुद्री जल (Marine water)

यह संरचना उन विभिन्न आवासों को समझने में मदद करती है जहाँ सजीव अपने परिवेश के साथ बातचीत करते हैं।
In simple words: पारिस्थितिक तंत्र को दो मुख्य प्रकारों में बांटा जा सकता है: जमीन पर रहने वाले (जैसे जंगल और घास के मैदान) और पानी में रहने वाले (जैसे नदियाँ, तालाब और समुद्र)।

🎯 Exam Tip: फ्लो चार्ट बनाते समय स्पष्ट और संक्षिप्त लेबल का उपयोग करें। मुख्य वर्गीकरण (स्थलीय, जलीय) और उनके उप-प्रकारों को सही ढंग से दर्शाएं।

 

Question 4. प्रकृति में ऑक्सीजन चक्र का रेखीय चित्रण कीजिए।
Answer: ऑक्सीजन चक्र वह प्रक्रिया है जो ऑक्सीजन को वायुमंडल, सजीवों और पृथ्वी की पपड़ी के बीच घूमते हुए दर्शाती है। यह पृथ्वी पर जीवन के लिए बहुत जरूरी है। प्रकाशसंश्लेषण और श्वसन जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से ऑक्सीजन का आदान-प्रदान होता है, जिससे इसकी उपलब्धता सुनिश्चित होती है। यहाँ एक आरेख दिया गया है जो मुख्य प्रक्रियाओं को दर्शाता है:
वायुमंडलीय ऑक्सीजन O2 कार्बनिक अणु CnH2nOn CO2 H2O प्रकाशसंश्लेषण श्वसन प्रकाशसंश्लेषण श्वसन चित्र-प्रकृति में ऑक्सीजन चक्र
In simple words: ऑक्सीजन चक्र बताता है कि ऑक्सीजन प्रकृति में कैसे घूमती है। पौधे ऑक्सीजन बनाते हैं, और जानवर उसे सांस लेने में उपयोग करते हैं। जानवर कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं, जिसे पौधे फिर से उपयोग करते हैं।

🎯 Exam Tip: ऑक्सीजन चक्र के आरेख में प्रकाशसंश्लेषण और श्वसन की प्रक्रियाओं को स्पष्ट रूप से दर्शाएं और यह दिखाएं कि ऑक्सीजन \( (O_2) \) और कार्बन डाइऑक्साइड \( (CO_2) \) कैसे आदान-प्रदान होते हैं।

 

Question 5. ऑक्सीजन चक्र क्या है ?
Answer: ऑक्सीजन चक्र वह प्रक्रिया है जो वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा को संतुलित बनाए रखती है। इस चक्र में ऑक्सीजन का उपयोग और पुनःपूर्ति कई प्रक्रियाओं के माध्यम से होती है। वायुमंडल में ऑक्सीजन का उपयोग मुख्य रूप से तीन प्रक्रियाओं में होता है: श्वसन (सजीवों द्वारा), दहन (जलने की प्रक्रिया), और नाइट्रोजन के ऑक्साइड के निर्माण में। यह चक्र पृथ्वी पर जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करता है।
In simple words: ऑक्सीजन चक्र बताता है कि कैसे हवा में ऑक्सीजन की मात्रा हमेशा बराबर रहती है। इसे जीव सांस लेने, चीजें जलाने और कुछ रसायन बनाने में इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: ऑक्सीजन चक्र की परिभाषा के साथ उसके उपयोगों (श्वसन, दहन, नाइट्रोजन ऑक्साइड निर्माण) को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 7. ओजोन परत क्या है तथा यह किसी पारितन्त्र को किस प्रकार प्रभावित करती है?
Answer: ओजोन एक खास गैस है, जिसका सूत्र \( \text{O}_3 \) होता है। यह ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से मिलकर बनती है। ओजोन परत पृथ्वी के वायुमंडल की ऊपरी सतह (समताप मंडल) में पाई जाती है। यह परत सूरज से आने वाली खतरनाक पराबैंगनी किरणों को रोकती है। ये पराबैंगनी किरणें ही वायुमंडल की ऑक्सीजन को छोटे-छोटे ऑक्सीजन परमाणुओं में तोड़ देती हैं, और फिर यही परमाणु मिलकर ओजोन बनाते हैं।
\( \text{O}_2 \xrightarrow{\text{UV}} \text{O} + \text{O} \)
\( \text{O} + \text{O}_2 \xrightarrow{\text{UV}} \text{O}_3 \) यह परत पृथ्वी पर जीवन को हानिकारक विकिरण से बचाती है। यदि ओजोन परत न हो, तो ये हानिकारक किरणें सीधे धरती पर पहुँचेंगी, जिससे इंसानों और सभी जीवों में त्वचा संबंधी बीमारियाँ और अन्य समस्याएँ हो सकती हैं।
In simple words: ओजोन एक ऐसी गैस है जिसमें ऑक्सीजन के तीन हिस्से होते हैं। यह हमारी धरती के चारों ओर एक सुरक्षा कवच बनाती है। यह कवच सूरज की बहुत खराब किरणों को धरती पर आने से रोकता है। अगर यह कवच न हो, तो ये खराब किरणें हम सब को बीमार कर सकती हैं।

🎯 Exam Tip: ओजोन परत के महत्व को समझाने के लिए हमेशा पराबैंगनी किरणों और उनके हानिकारक प्रभावों का उल्लेख करें। रासायनिक अभिक्रियाएँ (यदि संभव हो) भी लिखें।

 

Question 8. जैव निम्नीकरणीय तथा अजैव निम्नीकरणीय प्रदूषकों में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer:

जैव निम्नीकरणीय प्रदूषकअजैव निम्नीकरणीय प्रदूषक
1. ये ऐसे प्रदूषक हैं जिन्हें छोटे जीव (जैसे बैक्टीरिया) समय के साथ तोड़कर खत्म कर सकते हैं।1. ये ऐसे प्रदूषक हैं जिन्हें छोटे जीव तोड़कर खत्म नहीं कर पाते हैं।
2. इनका प्रकृति में दोबारा उपयोग हो सकता है, यानी इनका चक्रण संभव है।2. ये प्रकृति में लंबे समय तक बने रहते हैं, इसलिए इनका चक्रण संभव नहीं है।
जैव निम्नीकरणीय प्रदूषक प्रकृति के लिए कम हानिकारक होते हैं जबकि अजैव निम्नीकरणीय प्रदूषक पर्यावरण में जमा होते रहते हैं।
In simple words: जैव निम्नीकरणीय चीज़ें वो हैं जो अपने आप मिट्टी में मिल जाती हैं, जैसे खाना। अजैव निम्नीकरणीय चीज़ें वो हैं जो मिट्टी में नहीं मिलतीं और लंबे समय तक पड़ी रहती हैं, जैसे प्लास्टिक।

🎯 Exam Tip: अंतर स्पष्ट करते समय प्रत्येक बिंदु के लिए सरल और स्पष्ट भाषा का उपयोग करें और उदाहरण अवश्य दें।

 

Question 9. पारिस्थितिक तन्त्र के विभिन्न घटकों के उदाहरण दीजिए।
Answer: किसी भी पारिस्थितिक तंत्र में मुख्य रूप से दो तरह के घटक होते हैं। ये घटक एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं। 1. **अजैविक घटक:** इनमें वे सभी निर्जीव चीजें आती हैं जो पर्यावरण में मौजूद होती हैं, जैसे पानी, हवा, रोशनी, तापमान और मिट्टी। 2. **जैविक घटक:** इनमें सभी जीवित प्राणी शामिल होते हैं, जिन्हें आगे तीन भागों में बांटा जा सकता है: * **उत्पादक:** ये सभी हरे पौधे होते हैं जो अपना भोजन खुद बनाते हैं। * **उपभोक्ता:** ये ऐसे जीव होते हैं जो भोजन के लिए दूसरों पर निर्भर करते हैं, जैसे शाकाहारी (प्राथमिक), मांसाहारी (द्वितीयक), और सर्वाहारी (तृतीयक)। * **अपघटक:** ये छोटे जीव होते हैं, जैसे बैक्टीरिया और कवक, जो मृत जीवों को तोड़कर मिट्टी में मिला देते हैं।
In simple words: पारिस्थितिक तंत्र में दो मुख्य भाग होते हैं: जीवित चीजें (जैसे पौधे और जानवर) और निर्जीव चीजें (जैसे पानी, हवा, मिट्टी, सूरज की रोशनी)। जीवित चीजों में पौधे खाना बनाते हैं, जानवर उन्हें खाते हैं, और छोटे जीव मरे हुए हिस्सों को मिट्टी में मिला देते हैं।

🎯 Exam Tip: पारिस्थितिक तंत्र के घटकों को स्पष्ट रूप से जैविक और अजैविक में विभाजित करें और प्रत्येक के लिए सही उदाहरण दें।

 

Question 10. उत्पादक तथा उपभोक्ता में अन्तर लिखिए।
Answer:

उत्पादक (Producers)उपभोक्ता (Consumers)
1. ये सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में क्लोरोफिल द्वारा अपना भोजन खुद बनाते हैं।1. ये अपना भोजन खुद नहीं बना सकते हैं।
2. ये सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलते हैं।2. ये पौधों से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग करते हैं।
3. ये एक ही प्रकार के होते हैं।3. ये प्राथमिक, द्वितीयक अथवा तृतीयक उपभोक्ता हो सकते हैं।
**उदाहरण:** सभी हरे पौधे।**उदाहरण:** सभी जन्तु एवं अपघटक।
उत्पादक किसी भी खाद्य श्रृंखला का आधार होते हैं, जबकि उपभोक्ता उन पर निर्भर करते हैं।
In simple words: उत्पादक वो हैं जो सूरज की रोशनी से अपना खाना खुद बनाते हैं, जैसे हरे पौधे। उपभोक्ता वो हैं जो खाने के लिए पौधों या दूसरे जानवरों पर निर्भर रहते हैं।

🎯 Exam Tip: अंतर लिखते समय, प्रत्येक बिंदु पर सीधे तुलना करें और दोनों के लिए उपयुक्त उदाहरण शामिल करें।

 

Question 11. स्वपोषी तथा परपोषी में अन्तर लिखिए।
Answer:**स्वपोषी (Autotrophs):** 1. ये जीव अपना भोजन खुद बना सकते हैं। 2. ये आमतौर पर प्रकाश संश्लेषण (सूर्य की रोशनी से) या रसायन संश्लेषण (रासायनिक ऊर्जा से) का उपयोग करके अपना खाना बनाते हैं। 3. उदाहरण: सभी हरे पौधे, कुछ बैक्टीरिया। **परपोषी (Heterotrophs):1. ये जीव अपना भोजन खुद नहीं बना सकते। 2. ये भोजन के लिए दूसरे जीवों पर निर्भर रहते हैं, उन्हें खाकर ऊर्जा प्राप्त करते हैं। 3. उदाहरण: मनुष्य, जानवर, कवक (फंगी) और अधिकतर बैक्टीरिया। स्वपोषी पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं क्योंकि वे ऊर्जा को जैविक रूप में बदलते हैं।
In simple words: स्वपोषी वो जीव होते हैं जो अपना खाना खुद बनाते हैं, जैसे पौधे। परपोषी वो जीव होते हैं जो खाने के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हैं, जैसे इंसान और जानवर।

🎯 Exam Tip: अंतर बताते समय, स्पष्ट करें कि स्वपोषी ऊर्जा कैसे प्राप्त करते हैं और परपोषी ऊर्जा के लिए किस पर निर्भर करते हैं।

 

Question 12. जीवाणु एवं कवक अपघटक क्यों कहलाते हैं? पर्यावरण के लिए अपघटकों का महत्व लिखिए।
Answer: जीवाणु (बैक्टीरिया) और कवक (फंगी) को अपघटक कहा जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये मृत पेड़-पौधों और जानवरों के शरीरों में मौजूद जटिल कार्बनिक पदार्थों को तोड़कर सरल पदार्थों में बदल देते हैं। ये सरल पदार्थ मिट्टी में मिल जाते हैं। पर्यावरण के लिए अपघटकों का बहुत महत्व है, जो इस प्रकार है: * **पदार्थों का चक्रण:** अपघटक पदार्थों को प्रकृति में फिर से उपयोग करने लायक बनाते हैं। * **पर्यावरण की सफाई:** ये मृत और सड़ी-गली चीजों को हटाकर पर्यावरण को साफ रखते हैं। अपघटक प्रकृति के सफाईकर्मी होते हैं, जो पोषक तत्वों को वापस मिट्टी में मिलाते हैं।
In simple words: बैक्टीरिया और कवक को अपघटक कहते हैं क्योंकि वे मरे हुए पेड़-पौधों और जानवरों को तोड़कर मिट्टी में मिला देते हैं। इससे पर्यावरण साफ रहता है और मिट्टी को नए पोषक तत्व मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: अपघटकों के महत्व को बताते समय, पदार्थ चक्रण और पर्यावरण की सफाई पर विशेष जोर दें।

 

Question 13. पर्यावरणीय प्रदूषण क्या है? तीन अजैव निम्नीकरणीय प्रदूषकों के नाम लिखिए जो मानव के लिए हानिकारक हैं।
Answer: जब पानी, हवा और मिट्टी जैसी चीजों के भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणों में ऐसे बदलाव आते हैं जो उन्हें उपयोग करने लायक नहीं रहने देते, तो इसे पर्यावरणीय प्रदूषण कहते हैं। ये बदलाव प्रकृति और जीवों के लिए हानिकारक होते हैं। तीन अजैव निम्नीकरणीय प्रदूषक जो मनुष्यों के लिए बहुत हानिकारक हैं, वे हैं: 1. **डी.डी.टी.** (एक कीटनाशक) 2. **सीसा** (लेड) 3. **प्लास्टिक** ये प्रदूषक प्रकृति में टूटते नहीं हैं और लंबे समय तक पर्यावरण में बने रहते हैं।
In simple words: पर्यावरणीय प्रदूषण तब होता है जब हवा, पानी या मिट्टी गंदी हो जाती है और हमारे काम की नहीं रहती। डी.डी.टी., सीसा और प्लास्टिक ऐसी चीजें हैं जो प्रदूषण फैलाती हैं और इंसानों के लिए बहुत खतरनाक होती हैं।

🎯 Exam Tip: प्रदूषण की परिभाषा देते समय, उसके 'अवांछनीय परिवर्तन' और 'उपयोग हेतु अयोग्यता' वाले पहलुओं पर ध्यान दें।

 

Question 14. वायुमण्डल में उपस्थित विविध प्रकार के प्रदूषकों का विवरण दीजिए।
Answer: वायुमंडल में कई तरह के प्रदूषक होते हैं जो हवा को गंदा करते हैं। कुछ मुख्य प्रदूषक इस प्रकार हैं: * **जीवाश्म ईंधन:** कोयला और पेट्रोलियम जैसे ईंधनों को जलाने से, और जंगलों के कटने से हवा में मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैसें बढ़ जाती हैं। इससे ग्लोबल वार्मिंग (हरित गृह प्रभाव) होता है। * **ज्वालामुखी राख:** ज्वालामुखी फटने से निकलने वाली राख भी हवा को प्रदूषित करती है। * **परागकण:** हवा में उड़ने वाले परागकण (पौधों के छोटे दाने) भी प्रदूषण का कारण बनते हैं। * **मानव गतिविधियाँ:** इंसानों की कई गतिविधियाँ भी वायु प्रदूषण करती हैं। जैसे, ईंधन जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), कारखानों से सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), नाइट्रोजन के ऑक्साइड, और गाड़ियों से निकलने वाला लेड ऑक्साइड। ये प्रदूषक हमारी सांस लेने वाली हवा को खराब करते हैं।
In simple words: हवा में गंदगी फैलाने वाली बहुत सी चीजें हैं। जैसे, कोयला जलाने से निकलने वाला धुआँ, ज्वालामुखी से निकली राख, पेड़ों के परागकण और फैक्ट्रियों तथा गाड़ियों से निकलने वाली जहरीली गैसें।

🎯 Exam Tip: प्रदूषकों के विभिन्न स्रोतों को स्पष्ट रूप से वर्गीकृत करें (जैसे प्राकृतिक, मानवीय) और प्रत्येक के उदाहरण दें।

 

Question 1. वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
Answer: वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं: 1. **अधिशोषण (Adsorption):** यह एक भौतिक तरीका है जहाँ कुछ पदार्थ अपनी सतह पर तरल या गैस के कणों को सोख लेते हैं। इसमें सक्रिय चारकोल (जैसे एक्टिवेटेड चारकोल), सिलिका जेल और रेजिन जैसे अधिशोषक का इस्तेमाल होता है। यह एक सस्ता तरीका है क्योंकि अधिशोषक को कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है। 2. **अवशोषण (Absorption):** यह भी एक भौतिक तरीका है जिसमें गैस को किसी तरल में घोला जाता है। पानी आमतौर पर सबसे अच्छा घोलक होता है। 3. **संघनन (Condensation):** इस तरीके से गैसीय वाष्पों को नियंत्रित किया जाता है। यह कम वाष्प दाब वाले हाइड्रोकार्बन और अन्य कार्बनिक पदार्थों को हटाने के लिए बहुत उपयोगी है। पानी या हवा से ठंडे किए गए कंडेंसर का उपयोग करके वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। 4. **रासायनिक अभिक्रियाएँ (Chemical Reactions):** रासायनिक प्रतिक्रियाओं का उपयोग करके भी वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें प्रदूषकों को कम हानिकारक पदार्थों में बदला जाता है। इन विधियों से हवा को साफ रखने में मदद मिलती है।
In simple words: वायु प्रदूषण को रोकने के कई तरीके हैं। इनमें से एक है अधिशोषण, जहाँ चीज़ें गंदगी को अपनी सतह पर सोख लेती हैं। दूसरा है अवशोषण, जहाँ गैसों को पानी में घोला जाता है। तीसरा है संघनन, जहाँ हवा की नमी को ठंडा करके इकट्ठा किया जाता है। चौथा तरीका है रासायनिक क्रियाएँ, जिससे गंदगी को कम खतरनाक बनाया जाता है।

🎯 Exam Tip: वायु प्रदूषण नियंत्रण विधियों का वर्णन करते समय, प्रत्येक विधि के पीछे के सिद्धांत और उसके उपयोग के उदाहरणों को समझाएं।

 

Question 2. जल में घुलकर उसका प्रदूषण करने वाले विभिन्न पदार्थों के नाम बताइए। उत्सर्ग जल के उपचार की विभिन्न तकनीकों का वर्णन कीजिए।
Answer: पानी में घुलकर उसे प्रदूषित करने वाले कई तरह के पदार्थ होते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख प्रदूषक हैं: * **रासायनिक पदार्थ:** अम्ल (एसिड), क्षार (बेस), और रंजक (रंग) जैसे रसायन। * **ठोस पदार्थ:** कोयला। * **घरेलू और औद्योगिक कचरा:** वसा, साबुन, मोम, तेल, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, और गैसीय प्रदूषक। * **कृषि संबंधी:** उर्वरक (खाद) और फार्म से निकलने वाला कचरा। * **हानिकारक पदार्थ:** रेडियोधर्मी पदार्थ। ये सभी पानी की गुणवत्ता को खराब करते हैं, जिससे वह पीने या इस्तेमाल करने लायक नहीं रहता। उत्सर्जित जल को साफ करने के लिए कई मुख्य तकनीकें इस्तेमाल की जा सकती हैं: * **इलेक्ट्रोलाइटिक विधि:** इस विधि से पानी में मौजूद अशुद्धियों को हटाने के लिए बिजली का इस्तेमाल होता है। * **आयन विनिमय:** आयन विनिमय रेजिन का उपयोग करके पानी से भारी धातुओं को अलग किया जाता है। * **जलकुम्भी का उपयोग:** जलकुम्भी जैसे पौधे पानी से प्रदूषकों को सोखकर उसे साफ करने में मदद करते हैं। * **रूट जोन उपचार:** यह एक प्राकृतिक तरीका है जिसमें पौधों की जड़ों का उपयोग करके प्रदूषित पानी को साफ किया जाता है। ये तकनीकें पानी को दोबारा इस्तेमाल लायक बनाने में मदद करती हैं।
In simple words: पानी को गंदा करने वाली चीजें हैं जैसे एसिड, साबुन, तेल, उर्वरक और रेडियोधर्मी पदार्थ। इन्हें साफ करने के लिए बिजली, खास तरह के रेजिन, जलकुम्भी पौधे और जड़ों से सफाई जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होता है।

🎯 Exam Tip: जल प्रदूषकों के नामकरण के साथ-साथ जल उपचार तकनीकों का भी उल्लेख करें और बताएं कि वे कैसे काम करती हैं।

 

Question 3. मृदा प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों का विस्तृत वर्णन कीजिए।
Answer: मिट्टी के प्रदूषण के मुख्य स्रोत कई हैं, जिनमें शामिल हैं: 1. **औद्योगिक कचरा:** कारखानों से निकलने वाला ठोस और तरल कचरा, जैसे राख, रसायन और जहरीले पदार्थ, बिना साफ किए सीधे मिट्टी में डाल दिए जाते हैं। इससे मिट्टी खराब होती है और उसकी उपजाऊ शक्ति कम हो जाती है। 2. **शहरी कचरा:** शहरों से निकलने वाले ठोस कचरे में कागज, कांच, प्लास्टिक, रबर, पेंट और खाने का बचा हुआ सामान होता है, जो मिट्टी को बुरी तरह प्रदूषित करता है। तरल कचरे में रासायनिक पदार्थ, तेल, और जहरीले तत्व होते हैं जो मिट्टी में फैलकर उसे दूषित करते हैं। इसमें बीमारी फैलाने वाले कीटाणु भी होते हैं। 3. **खेती के काम:** खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का बहुत ज्यादा इस्तेमाल, और जरूरत से ज्यादा सिंचाई भी मिट्टी को नुकसान पहुँचाती है। इससे मिट्टी के पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं और उसकी उपजाऊ शक्ति घट जाती है। इन सभी कारणों से हमारी मिट्टी धीरे-धीरे बंजर हो रही है।
In simple words: मिट्टी गंदी होने के कई कारण हैं। फैक्ट्रियों का कचरा, शहरों का कूड़ा (जैसे प्लास्टिक, कागज) और खेतों में बहुत ज्यादा खाद व कीटनाशक डालना मिट्टी को खराब कर देता है।

🎯 Exam Tip: मृदा प्रदूषण के स्रोतों का वर्णन करते समय, प्रत्येक स्रोत के कारण और उसके मिट्टी पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 4. जलीय चक्र क्या है? चित्र द्वारा समझाइए।
Answer: जलीय चक्र (जल चक्र) वह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है जिसके द्वारा पृथ्वी पर पानी अपनी अवस्था बदलता रहता है – कभी द्रव, कभी गैस, और कभी ठोस। इसमें पानी भाप बनकर ऊपर उठता है, बादल बनाता है, फिर बारिश या बर्फ के रूप में वापस जमीन पर गिरता है। इसके बाद यह नदियों से होते हुए समुद्र में मिल जाता है और यह चक्र फिर से शुरू होता है। इस प्रक्रिया से पृथ्वी पर जल की मात्रा हमेशा संतुलित रहती है। भूमि सतही जल भूजल बादल वाष्पीकरण वर्षा बहाव
In simple words: जल चक्र का मतलब है कि पानी कैसे भाप बनकर ऊपर जाता है, बादल बनता है, बारिश के रूप में वापस आता है और फिर नदियों से समुद्र में चला जाता है। यह एक चक्कर है जो हमेशा चलता रहता है।

🎯 Exam Tip: जल चक्र का वर्णन करते समय, प्रत्येक चरण (वाष्पीकरण, संघनन, वर्षा, बहाव) को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें और आरेख में इन सभी प्रक्रियाओं को सही ढंग से दर्शाएं।

 

Question 5. ग्रीन हाउस प्रभाव क्या है? समझाइए।
Answer: ग्रीनहाउस प्रभाव एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे पृथ्वी का वायुमंडल गर्म होता है। यह तब होता है जब सूरज से आने वाली गर्मी (विकिरण) पृथ्वी तक पहुँचती है और फिर यहाँ से टकराकर वापस ऊपर जाती है। वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और कुछ अन्य गैसें इस वापस जाती गर्मी को रोक लेती हैं या सोख लेती हैं। इन गैसों द्वारा गर्मी सोखने से वायुमंडल का तापमान बढ़ जाता है। वायुमंडलीय गैसों द्वारा इस गर्मी को रोकने की वजह से ही वायुमंडल का गर्म होना 'ग्रीनहाउस प्रभाव' कहलाता है। कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) एक मुख्य ग्रीनहाउस गैस है, और इसकी बढ़ती मात्रा वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) का कारण बन रही है। यदि यह गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो पहाड़ों और ध्रुवों पर जमी बर्फ पिघलने लगेगी। इससे समुद्र का जल स्तर बढ़ जाएगा और तटीय इलाकों में बाढ़ आ सकती है। यह प्रभाव पृथ्वी पर जीवन के लिए गंभीर खतरा है।
In simple words: ग्रीनहाउस प्रभाव वह प्रक्रिया है जिससे धरती का तापमान बढ़ता है। सूरज की गर्मी धरती पर आती है, फिर कुछ गैसें उसे वापस जाने से रोक लेती हैं, जिससे धरती गर्म हो जाती है। कार्बन डाइऑक्साइड ऐसी ही एक गैस है। अगर गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ी, तो बर्फ पिघल जाएगी और बाढ़ आ सकती है।

🎯 Exam Tip: ग्रीनहाउस प्रभाव की व्याख्या करते समय, प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों (जैसे CO2) और वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) से इसके संबंध पर ध्यान दें।

 

Question 6. प्रकृति में कार्बन चक्र को चित्र सहित समझाइए।
Answer: कार्बन पृथ्वी पर कई रूपों में पाया जाता है। यह शुद्ध रूप में हीरा और ग्रेफाइट में मिल सकता है। यौगिकों के रूप में, यह हवा में कार्बन डाइऑक्साइड के तौर पर, और कई खनिजों में कार्बोनेट या हाइड्रोजन कार्बोनेट के रूप में होता है। सभी जीवित चीजें, जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, न्यूक्लिक एसिड और विटामिन, कार्बन से बनी होती हैं। जानवरों के बाहरी और अंदरूनी कंकाल भी कार्बोनेट लवणों से बनते हैं। प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में, हरे पौधे सूरज की रोशनी का उपयोग करके हवा या पानी में घुली कार्बन डाइऑक्साइड को ग्लूकोज में बदलते हैं। यह ग्लूकोज जीवों को ऊर्जा देता है या दूसरे जरूरी कार्बन-आधारित पदार्थ बनाने में मदद करता है। जीवित प्राणी ग्लूकोज का उपयोग ऊर्जा पाने के लिए करते हैं। श्वसन की प्रक्रिया में, ग्लूकोज को ऑक्सीजन का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) में बदला जाता है, जो वापस वायुमंडल में चली जाती है। इस तरह, कार्बन लगातार पृथ्वी और वायुमंडल के बीच घूमता रहता है, जो जीवन के लिए जरूरी है। वायुमंडलीय CO2 कार्बनिक यौगिक (जीवित जीव) कोयला/पेट्रोलियम अकार्बनिक कार्बोनेट (शैल, चूना पत्थर) प्रकाश संश्लेषण श्वसन मृत/दहन दहन घुलाव वाष्पीकरण
In simple words: कार्बन धरती पर कई रूपों में मिलता है, जैसे हवा में गैस के रूप में, पौधों और जानवरों में, और चट्टानों में भी। पौधे सूरज की रोशनी से हवा की कार्बन डाइऑक्साइड को खाने में बदलते हैं। जानवर इसे खाते हैं। जब जीव मरते हैं, तो कार्बन मिट्टी में मिल जाता है या हवा में वापस चला जाता है।

🎯 Exam Tip: कार्बन चक्र को समझाने के लिए, प्रकाश संश्लेषण, श्वसन और अपघटन जैसी प्रक्रियाओं को शामिल करें, और दर्शाएं कि कार्बन विभिन्न रूपों में कैसे घूमता है।

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