RBSE Solutions Class 9 Maths Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता एवं असमिकाएँ Exercise 7.1

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Class 9 Mathematics Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता एवं असमिकाएँ RBSE Solutions PDF

 

Question 1. त्रिभुजों ABC और PQR में \( \angle A = \angle Q \) और \( \angle B = \angle R \) है। त्रिभुज PQR की कौन सी भुजा त्रिभुज ABC की भुजा AB के बराबर होनी चाहिए कि दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हों? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
Answer: त्रिभुज PQR की भुजा QR, त्रिभुज ABC की भुजा AB के बराबर होनी चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि दो त्रिभुजों को सर्वांगसम होने के लिए, एक त्रिभुज के दो संगत कोणों और उनके बीच की भुजा दूसरे त्रिभुज के दो संगत कोणों और उनके बीच की संगत भुजा के बराबर होनी चाहिए। इस तरह, ASA (कोण-भुजा-कोण) सर्वांगसमता नियम लागू होता है।
In simple words: त्रिभुज PQR की भुजा QR को त्रिभुज ABC की भुजा AB के समान होना चाहिए। तभी दोनों त्रिभुज ASA नियम से सर्वांगसम कहलाएँगे, जहाँ भुजा दो कोणों के बीच में होती है।

🎯 Exam Tip: पूरे अंक प्राप्त करने के लिए, सर्वांगसमता के नियम (जैसे ASA) को स्पष्ट रूप से लिखें और यह बताएं कि कौन सी भुजाएँ संगत होनी चाहिएं ताकि नियम सही ढंग से लागू हो।

 

Question 2. त्रिभुजों ABC और PQR में \( \angle A = \angle Q \) और \( \angle B = \angle R \) है। त्रिभुज PQR की कौन-सी भुजा त्रिभुज ABC की भुजा BC के बराबर होनी चाहिए कि दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हों? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
Answer: त्रिभुज PQR में भुजा RP को त्रिभुज ABC की भुजा BC के बराबर होना चाहिए। दो त्रिभुजों को सर्वांगसम करने के लिए, उनके दो संगत कोण और एक संगत भुजा का बराबर होना आवश्यक होता है। यहाँ, संगत भुजा कोणों के बीच नहीं है, बल्कि एक कोण के बाद है, इसलिए AAS (कोण-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम का उपयोग किया जाएगा।
In simple words: त्रिभुज PQR की भुजा RP, त्रिभुज ABC की भुजा BC के बराबर होनी चाहिए। सर्वांगसमता के लिए संगत कोण और संगत भुजाएँ बराबर होनी चाहिएं, और यहाँ AAS नियम लागू होगा।

🎯 Exam Tip: ध्यान रखें कि सर्वांगसमता के लिए संगत भागों का सही चुनाव बहुत महत्वपूर्ण होता है। AAS नियम में भुजा दो कोणों के बाहर होती है, जबकि ASA में यह दो कोणों के बीच होती है।

 

Question 4. "यदि किसी त्रिभुज के दो कोण और एक भुजा दूसरे त्रिभुज के दो कोण और एक भुजा के बराबर हों, तो त्रिभुज अवश्य ही सर्वांगसम होने चाहिए।' क्या यह कथन सत्य है? क्यों?
Answer: नहीं, यह कथन सत्य नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि सर्वांगसमता के लिए भुजाएँ संगत होनी चाहिएं। यदि भुजा उन दो कोणों के बीच में नहीं है, या यदि उसकी स्थिति सही नहीं है, तो केवल दो कोणों और एक भुजा के बराबर होने से त्रिभुज सर्वांगसम नहीं भी हो सकते हैं।
In simple words: यह बात सही नहीं है। त्रिभुजों को सर्वांगसम होने के लिए, बराबर भुजाएँ भी सही जगह पर, यानी 'संगत' स्थिति में होनी चाहिएं, सिर्फ बराबर होने से काम नहीं चलता।

🎯 Exam Tip: सर्वांगसमता नियमों (जैसे ASA, AAS) को याद रखें। सिर्फ दो कोण और एक भुजा बराबर होने से ही त्रिभुज सर्वांगसम नहीं होते, भुजा की स्थिति भी मायने रखती है।

 

Question 5. \( \triangle ABC = \triangle RPQ \) दिया हुआ है। क्या यह कहना सत्य है कि BC = QR है? क्यों?
Answer: नहीं, यह कथन सत्य नहीं है। जब \( \triangle ABC = \triangle RPQ \) दिया हो, तो सर्वांगसमता के क्रम के अनुसार, भुजा BC, भुजा PQ के संगत होती है, QR के नहीं। संगत भुजाएँ समान क्रम में होती हैं।
In simple words: नहीं, BC और QR बराबर नहीं होंगे। क्योंकि जब दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, तो उनके नाम के अक्षरों का क्रम बताता है कि कौन सी भुजा किसके संगत है, और इस क्रम में BC, PQ के बराबर है।

🎯 Exam Tip: सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भागों (CPCTC) को हमेशा ध्यान से देखें। क्रम महत्वपूर्ण होता है (जैसे A पहले, B दूसरा, C तीसरा, तो R पहला, P दूसरा, Q तीसरा)।

 

Question 6. यदि \( \triangle PQR = \triangle EDF \) है, तो क्या यह कहना, सत्य है कि PR = EF है? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
Answer: हाँ, यह कथन सत्य है। यदि \( \triangle PQR \) सर्वांगसम है \( \triangle EDF \) के, तो संगत भागों के नियम के अनुसार, भुजा PR भुजा EF के संगत भाग है। सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग हमेशा बराबर होते हैं।
In simple words: हाँ, PR और EF बराबर हैं। क्योंकि अगर त्रिभुज PQR और EDF सर्वांगसम हैं, तो उनके सभी संगत हिस्से बराबर होते हैं, जिसमें भुजाएँ भी शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: दो त्रिभुजों की सर्वांगसमता का मतलब है कि उनके सभी संगत कोण और संगत भुजाएँ बराबर होंगी। अक्षरों का क्रम संगतता को दर्शाता है और हमें सही संगत भागों की पहचान करने में मदद करता है।

 

Question 7. चतुर्भुज ABCD में, AC कोण A और कोण C को समद्विभाजित करता है। सिद्ध कीजिए कि AB = AD तथा CB = CD है।
Answer: हमें दिया गया है कि चतुर्भुज ABCD में, रेखा AC कोण A और कोण C दोनों को दो बराबर भागों में बांटती है। इसका मतलब है कि \( \angle BAC = \angle DAC \) और \( \angle BCA = \angle DCA \) होता है। अब, त्रिभुज ABC और त्रिभुज ADC को देखते हैं। इन दोनों त्रिभुजों में, हमें पता है कि \( \angle BAC = \angle DAC \) (क्योंकि AC कोण A को समद्विभाजित करता है) और \( \angle BCA = \angle DCA \) (क्योंकि AC कोण C को समद्विभाजित करता है)। साथ ही, भुजा AC दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ (समान) है। इसलिए, ASA (कोण-भुजा-कोण) सर्वांगसमता नियम के अनुसार, त्रिभुज ABC और त्रिभुज ADC सर्वांगसम हैं। जब दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, तो उनके संगत भाग भी बराबर होते हैं। इस प्रकार, AB = AD और CB = CD सिद्ध होता है।
In simple words: जब एक रेखा किसी कोण को दो बराबर भागों में बाँटती है, तो हम दो त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध कर सकते हैं। फिर, सर्वांगसम त्रिभुजों की संगत भुजाएँ बराबर होती हैं।

🎯 Exam Tip: सिद्ध करने वाले प्रश्नों में, सबसे पहले 'दिया है' और 'सिद्ध करना है' को स्पष्ट रूप से लिखें। फिर, संगत त्रिभुजों की पहचान करके उचित सर्वांगसमता नियम लगाएं और CPCTC का उपयोग करें।

 

Question 8. चित्र में चतुर्भुज DBC के \( \angle ABC = \angle ABD \) एवं BC = BD हो, तो सिद्ध कीजिए कि \( \triangle ABC = \triangle ABD \)।
Answer: त्रिभुज ABC और त्रिभुज ABD में, हमें दिया गया है कि कोण \( \angle ABC \), कोण \( \angle ABD \) के बराबर है। साथ ही, भुजा BC भुजा BD के बराबर है। भुजा AB दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ है (दोनों में समान है)। इस जानकारी से, हम SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण बराबर हैं।
In simple words: जब दो त्रिभुजों में दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण बराबर हों, तो वे सर्वांगसम होते हैं। यहाँ AB भुजा दोनों त्रिभुजों में समान है और अन्य जानकारी भी दी गई है।

🎯 Exam Tip: सर्वांगसमता सिद्ध करते समय, ध्यान दें कि कौन सा नियम (SSS, SAS, ASA, AAS, RHS) लागू होता है। प्रत्येक नियम के लिए सही क्रम में जानकारी होना महत्वपूर्ण है।

 

Question 9. चित्र के अनुसार, AB || DC एवं AD || BC हों, तो सिद्ध कीजिए \( \triangle ADB = \triangle CBD \)।
Answer: हमें दिया गया है कि चतुर्भुज ABCD में AB, DC के समानांतर है और AD, BC के समानांतर है। इसका मतलब है कि ABCD एक समांतर चतुर्भुज है। समांतर चतुर्भुज में, आमने-सामने की भुजाएँ बराबर होती हैं, इसलिए AB = CD और BC = AD होगा। अब, त्रिभुज ADB और त्रिभुज CBD को देखते हैं। इनमें, AB = CD (जैसा कि ऊपर बताया गया है), AD = BC (यह भी ऊपर बताया गया है), और भुजा BD दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ (समान) है। इस प्रकार, SSS (भुजा-भुजा-भुजा) सर्वांगसमता नियम के अनुसार, त्रिभुज ADB और त्रिभुज CBD सर्वांगसम सिद्ध होते हैं।
In simple words: अगर किसी चित्र में आमने-सामने की भुजाएँ समानांतर हों, तो वह एक समांतर चतुर्भुज होता है। समांतर चतुर्भुज की आमने-सामने की भुजाएँ बराबर होती हैं। जब तीनों भुजाएँ समान हों, तो SSS नियम से त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।

🎯 Exam Tip: समांतर चतुर्भुज के गुणों को याद रखें, जैसे कि विपरीत भुजाएँ बराबर और समानांतर होती हैं। SSS सर्वांगसमता के लिए सभी तीन संगत भुजाओं का बराबर होना आवश्यक है।

 

Question 10. चित्र में, यदि AB || DC एवं E भुजा AC का मध्य बिन्दु हो, तो सिद्ध कीजिए कि E, भुजा BD का मध्य बिन्दु होगा।
Answer: त्रिभुज ABE और त्रिभुज CDE में, हमें दिया गया है कि AB, DC के समानांतर है। इसलिए, कोण \( \angle BAE \), कोण \( \angle DCE \) के बराबर होगा (ये एकांतर कोण हैं)। साथ ही, कोण \( \angle AEB \) और कोण \( \angle CED \) बराबर हैं (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं)। और हमें दिया गया है कि E, भुजा AC का मध्य बिंदु है, जिसका अर्थ है कि AE = CE। इस प्रकार, ASA (कोण-भुजा-कोण) सर्वांगसमता नियम के अनुसार, त्रिभुज ABE और त्रिभुज CDE सर्वांगसम हैं। जब त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, तो उनके संगत भाग बराबर होते हैं, इसलिए BE = DE, जिसका अर्थ है कि E भुजा BD का मध्यबिंदु है।
In simple words: जब दो समानांतर रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है, तो एकांतर कोण बराबर होते हैं। अगर बीच का बिंदु दो भुजाओं को बराबर हिस्सों में बांटे और कोण भी बराबर हों, तो त्रिभुज सर्वांगसम हो जाते हैं।

🎯 Exam Tip: दो त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध करने के लिए एकांतर कोण और शीर्षाभिमुख कोण जैसे ज्यामितीय गुणों का उपयोग करें। मध्यबिंदु की अवधारणा को हमेशा याद रखें कि यह एक रेखाखंड को दो बराबर भागों में बांटता है।

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RBSE Solutions Class 9 Mathematics Chapter 7 त्रिभुजों की सर्वांगसमता एवं असमिकाएँ

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