Official RBSE Solutions for Class 9 Mathematics: Chapter 06 सरल रेखीय आकृतियाँ
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Chapter-wise Solutions for Mathematics: Chapter 06 सरल रेखीय आकृतियाँ
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Rajasthan Board RBSE Class 9 Maths Chapter 6 सरल रेखीय आकृतियाँ Miscellaneous Exercise
विविध प्रश्नमाला
Question 1. यदि किसी त्रिभुज में दो कोण 90° एवं 30° माप के हो, तो तीसरा कोण है।
(A) 90°
(B) 30°
(C) 60°
(D) 120°
Answer: (C) 60°
In simple words: एक त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है। यदि दो कोण 90° और 30° हैं, तो इन दोनों को जोड़कर 180° में से घटाने पर तीसरा कोण 60° मिलेगा। यह एक महत्वपूर्ण त्रिभुज गुणधर्म है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि किसी भी त्रिभुज के आंतरिक कोणों का योग हमेशा 180° होता है। यह नियम सभी प्रकार के त्रिभुजों पर लागू होता है।
Question 2. एक त्रिभुज के तीनों कोणों के मापों का अनुपात 2 : 3 : 4 है, तो उसके सबसे बड़े कोण का माप है।
(A) 80°
(B) 60°
(C) 40°
(D) 180°
Answer: (A) 80°
In simple words: माना त्रिभुज के कोण \( 2x \), \( 3x \) और \( 4x \) हैं। इन सभी कोणों का योग 180° होता है, तो \( 2x + 3x + 4x = 180° \) होगा। इसे हल करने पर \( 9x = 180° \) मिलेगा, जिससे \( x = 20° \) आएगा। सबसे बड़ा कोण \( 4x \) है, जो \( 4 \times 20° = 80° \) होगा।
🎯 Exam Tip: जब कोणों का अनुपात दिया हो, तो उन्हें \( x \) के साथ लिखकर समीकरण बनाएं और कुल योग 180° के बराबर रखें। फिर \( x \) का मान निकालें और प्रत्येक कोण ज्ञात करें।
Question 4. एक चतुर्भुज के चारों कोणों की माप का अनुपात 1 : 2 : 3 : 4 है तो उसके सबसे छोटे कोण की माप है:
(A) 120°
(B) 36°
(C) 18°
(D) 10°
Answer: (B) 36°
In simple words: माना चतुर्भुज के कोण \( x \), \( 2x \), \( 3x \) और \( 4x \) हैं। एक चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° होता है। तो, \( x + 2x + 3x + 4x = 360° \) होगा। इसे हल करने पर \( 10x = 360° \), जिससे \( x = 36° \) मिलेगा। सबसे छोटा कोण \( x \) है, इसलिए वह 36° होगा।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि चतुर्भुज के आंतरिक कोणों का योग हमेशा 360° होता है। अनुपात वाले प्रश्नों में, सभी अनुपातिक भागों को जोड़कर कुल मान से भाग देने पर अज्ञात गुणनखंड प्राप्त होता है।
Question 5. चित्र में, △ABC की भुजा BC को बिन्दु D तक बढ़ाया गया है। यदि ∠A = 55° और ∠B = 60° हो तो ∠ACD की माप है:
(A) 120°
(B) 110°
(C) 115°
(D) 125°
Answer: (C) 115°
In simple words: एक त्रिभुज का बाहरी कोण (बहिष्कोण) उसके विपरीत आंतरिक कोणों के योग के बराबर होता है। यहाँ ∠ACD एक बहिष्कोण है और इसके विपरीत आंतरिक कोण ∠A और ∠B हैं। इसलिए, ∠ACD = ∠A + ∠B = 55° + 60° = 115°।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के बहिष्कोण प्रमेय को याद रखें: किसी त्रिभुज का बहिष्कोण उसके दोनों सम्मुख अंतःकोणों के योग के बराबर होता है।
Question 7. एक n भुजा वाले बहुभुज की भुजाओं को एक ही क्रम में बढ़ाने से बने बहिष्कोणों का योग है।
(A) n समकोण
(B) 2n समकोण
(C) (2n – 4) समकोण
(D) 4 समकोण
Answer: (D) 4 समकोण
In simple words: किसी भी बहुभुज की भुजाओं को एक ही दिशा में बढ़ाने से बनने वाले सभी बाहरी कोणों (बहिष्कोणों) का कुल योग हमेशा 360° होता है। 4 समकोण का मतलब भी \( 4 \times 90° = 360° \) होता है।
🎯 Exam Tip: यह एक मौलिक ज्यामितीय गुण है कि किसी भी उत्तल बहुभुज के सभी बहिष्कोणों का योग हमेशा 360° होता है, चाहे उसमें कितनी भी भुजाएँ हों।
Question 8. एक समबहुभुज में भुजाओं की संख्या n है तो उसके प्रत्येक अन्तः कोण की माप हैः
(A) \( \frac {360}{n} \) अंश
(B) \( \frac {2n-4}{n} \) समकोण
(C) n समकोण
(D) 2n समकोण
Answer: (B) \( \frac {2n-4}{n} \) समकोण
In simple words: एक समबहुभुज के सभी आंतरिक कोणों का योग \( (n-2) \times 180° \) होता है। चूँकि इसमें n भुजाएँ और n कोण होते हैं, तो प्रत्येक आंतरिक कोण की माप \( \frac{(n-2) \times 180°}{n} \) होगी। \( 180° \) को \( 2 \) समकोण लिख सकते हैं, तो यह \( \frac{(n-2) \times 2 \text{ समकोण}}{n} = \frac{2n-4}{n} \) समकोण हो जाता है। यह सूत्र एक समान आंतरिक कोण वाले बहुभुज के लिए काम करता है।
🎯 Exam Tip: अंतःकोणों का योग \( (n-2) \times 180° \) होता है, और प्रत्येक अंतःकोण के लिए, इस योग को भुजाओं की संख्या \( n \) से विभाजित करें। यह भी याद रखें कि \( 1 \text{ समकोण} = 90° \)।
Question 9. यदि किसी त्रिभुज का एक कोण अन्य दो कोणों के योग के बराबर हो, तो वह त्रिभुज है एक:
(A) समद्विबाहु त्रिभुज
(B) अधिककोण त्रिभुज
(C) समबाहु त्रिभुज
(D) समकोण त्रिभुज
Answer: (D) समकोण त्रिभुज
In simple words: यदि एक त्रिभुज का एक कोण दूसरे दो कोणों के योग के बराबर है, तो वह कोण निश्चित रूप से 90° होगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है। अगर एक कोण (मान लीजिए ∠C) बाकी दो (∠A + ∠B) के बराबर है, तो \( (\angle A + \angle B) + \angle C = 180° \) बन जाता है \( \angle C + \angle C = 180° \), जिसका अर्थ है \( 2 \angle C = 180° \), तो \( \angle C = 90° \)। जिस त्रिभुज में एक कोण 90° होता है, उसे समकोण त्रिभुज कहते हैं।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोणों के योग का नियम (180°) ऐसे प्रश्नों को हल करने की कुंजी है। यदि एक कोण बाकी दो के योग के बराबर है, तो वह अनिवार्य रूप से 90° का होगा।
Question 10. एक त्रिभुज का एक बहिष्कोण 105° है तथा उसके दोनों अन्तराभिमुख कोण बराबर हैं। इनमें से प्रत्येक बराबर कोण है:
(A) \( 37\frac {1}{2} \)
(B) \( 52\frac {1}{2} \)
(C) \( 72\frac {1}{2} \)
(D) 75°
Answer: (B) \( 52\frac {1}{2} \)
In simple words: हमें पता है कि त्रिभुज का बाहरी कोण (बहिष्कोण) उसके अंदर के दो विपरीत कोणों के योग के बराबर होता है। यहाँ बहिष्कोण 105° है और दोनों विपरीत आंतरिक कोण बराबर हैं। माना ये कोण \( x \) हैं। तो \( x + x = 105° \) होगा। इससे \( 2x = 105° \) और \( x = \frac{105}{2} = 52.5° \) या \( 52\frac{1}{2}° \) मिलेगा।
🎯 Exam Tip: बहिष्कोण प्रमेय को हमेशा याद रखें। यदि सम्मुख आंतरिक कोण बराबर हों, तो बहिष्कोण को 2 से विभाजित करके प्रत्येक कोण का मान ज्ञात करें।
Question 11. किसी त्रिभुज के कोणों का अनुपात 5 : 3 : 7 है। वह त्रिभुज है एक:
(A) न्यूनकोण त्रिभुज
(B) अधिककोण त्रिभुज
(C) समकोण त्रिभुज
(D) समद्विबाहु त्रिभुज
Answer: (A) न्यूनकोण त्रिभुज
In simple words: माना त्रिभुज के कोण \( 5x, 3x \) तथा \( 7x \) हैं। त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है, इसलिए \( 5x + 3x + 7x = 180° \)। इससे \( 15x = 180° \) और \( x = 12° \) मिलेगा। तो कोण होंगे: \( 5 \times 12° = 60° \), \( 3 \times 12° = 36° \) और \( 7 \times 12° = 84° \)। चूँकि सभी कोण 90° से छोटे हैं, यह एक न्यूनकोण त्रिभुज है।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के प्रकार निर्धारित करने के लिए सबसे पहले सभी कोणों का मान ज्ञात करें। यदि सभी कोण 90° से कम हैं, तो वह न्यूनकोण त्रिभुज होता है। यदि कोई एक कोण 90° है, तो समकोण; और यदि कोई एक कोण 90° से अधिक है, तो अधिककोण त्रिभुज होता है।
Question 13. चित्र में, ∠A की माप बताइए।
Answer:
यहाँ, ∠ABC एक सरल रेखा पर बाहरी कोण है।
\( \angle ABC = 180° - 112° = 68° \)
इसी प्रकार, ∠ACB भी एक सरल रेखा पर बाहरी कोण है।
\( \angle ACB = 180° - 120° = 60° \)
अब, त्रिभुज △ABC में, सभी आंतरिक कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle A + \angle ABC + \angle ACB = 180° \)
\( \implies \angle A + 68° + 60° = 180° \)
\( \implies \angle A + 128° = 180° \)
\( \implies \angle A = 180° - 128° \)
\( \implies \angle A = 52° \)
In simple words: पहले, सीधी रेखा पर बनने वाले कोणों के नियम का उपयोग करके त्रिभुज के अंदर के कोण ∠ABC और ∠ACB का मान ज्ञात करें। फिर त्रिभुज के तीनों कोणों का योग (180°) करके ∠A का मान निकालें।
🎯 Exam Tip: जब बाहरी कोण दिए हों, तो हमेशा रैखिक युग्म (linear pair) का उपयोग करके पहले संबंधित आंतरिक कोणों का पता लगाएं। फिर त्रिभुज के कोणों के योग गुणधर्म का प्रयोग करें।
Question 14. चित्र में, ∠B = 60° और ∠C = 40° है। ∠A का माप बताइए।
Answer:
त्रिभुज △ABC में, हमें पता है कि तीनों कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle A + \angle B + \angle C = 180° \)
दिए गए मानों को रखने पर:
\( \implies \angle A + 60° + 40° = 180° \)
पहले कोणों को जोड़ते हैं:
\( \implies \angle A + 100° = 180° \)
अब, ∠A का मान निकालने के लिए 100° को 180° में से घटाते हैं:
\( \implies \angle A = 180° - 100° \)
\( \implies \angle A = 80° \)
In simple words: एक त्रिभुज में, सभी आंतरिक कोणों को जोड़ने पर 180° आता है। यदि हमें दो कोण पता हैं, तो उन दोनों को जोड़कर 180° में से घटा दें। बचा हुआ मान तीसरे कोण का होगा।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोणों का योग 180° के नियम का सीधा उपयोग करें। यह सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुणधर्मों में से एक है।
Question 15. चित्र में m || QR, तो ∠QPR का माप बताइए।
Answer:
चित्र में, रेखा \( m \) रेखा \( QR \) के समानांतर है।
त्रिभुज △PQR में, हमें कोण ∠PQR = 50° और ∠PRQ = 45° दिए गए हैं।
हमें पता है कि त्रिभुज के तीनों आंतरिक कोणों का योग 180° होता है।
इसलिए,
\( \angle QPR + \angle PQR + \angle PRQ = 180° \)
दिए गए मानों को रखने पर:
\( \implies \angle QPR + 50° + 45° = 180° \)
\( \implies \angle QPR + 95° = 180° \)
\( \implies \angle QPR = 180° - 95° \)
\( \implies \angle QPR = 85° \)
In simple words: चूंकि रेखाएं समानांतर हैं, तो दिए गए कोण त्रिभुज के अंदर के दो कोणों ∠PQR और ∠PRQ का मान बताते हैं। त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है। तो, दिए गए दो कोणों को जोड़कर 180° में से घटाने पर तीसरा कोण ∠QPR मिल जाएगा।
🎯 Exam Tip: समानांतर रेखाओं और तिर्यक रेखा के गुणों का उपयोग करके आंतरिक कोणों को पहचानें। फिर त्रिभुज के कोणों के योग गुणधर्म (180°) का प्रयोग करके अज्ञात कोण ज्ञात करें।
Question 17. एक पंचभुज के चार अन्तः कोण 40°, 75°, 125° और 135° है तो पाँचवें कोण की माप बताइए।
Answer:
एक पंचभुज में भुजाओं की संख्या \( n=5 \) होती है।
एक बहुभुज के सभी आंतरिक कोणों का योग ज्ञात करने का सूत्र है \( (n-2) \times 180° \)।
इसलिए, एक पंचभुज के आंतरिक कोणों का योग:
\( = (5-2) \times 180° \)
\( = 3 \times 180° \)
\( = 540° \)
दिए गए चार आंतरिक कोण हैं: 40°, 75°, 125° और 135°।
माना पाँचवाँ कोण \( x \) है।
तो, सभी कोणों का योग \( x + 40° + 75° + 125° + 135° = 540° \)
इन चार कोणों का योग है:
\( 40° + 75° + 125° + 135° = 375° \)
इसलिए,
\( x + 375° = 540° \)
\( \implies x = 540° - 375° \)
\( \implies x = 165° \)
अतः, पाँचवें कोण की माप 165° है। यह किसी भी बहुभुज के आंतरिक कोणों को समझने में मदद करता है।
In simple words: सबसे पहले, एक पंचभुज के सभी आंतरिक कोणों का कुल योग ज्ञात करें (सूत्र \( (n-2) \times 180° \) का उपयोग करके)। फिर दिए गए चार कोणों को जोड़कर इस कुल योग में से घटा दें। बचा हुआ मान पाँचवें कोण का होगा।
🎯 Exam Tip: किसी भी बहुभुज के आंतरिक कोणों का योग हमेशा \( (n-2) \times 180° \) होता है, जहाँ \( n \) भुजाओं की संख्या है। इस सूत्र को याद रखना ऐसे प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 18. एक समबहुभुज का प्रत्येक बहिष्कोण 45° है तो उसकी भुजाओं की संख्या बताइए।
Answer:
हमें पता है कि किसी भी बहुभुज के सभी बहिष्कोणों का कुल योग 360° होता है।
एक समबहुभुज में, सभी बहिष्कोण बराबर माप के होते हैं।
यदि प्रत्येक बहिष्कोण की माप 45° है, और भुजाओं की संख्या \( n \) है, तो:
\( \text{प्रत्येक बहिष्कोण} = \frac {360°}{n} \)
\( \implies 45° = \frac {360°}{n} \)
अब, \( n \) का मान निकालने के लिए समीकरण को हल करते हैं:
\( \implies n = \frac {360°}{45°} \)
\( \implies n = 8 \)
अतः, बहुभुज की भुजाओं की संख्या 8 है। यह एक अष्टभुज (octagon) है।
In simple words: सभी बहुभुजों के बाहरी कोणों का कुल योग हमेशा 360° होता है। यदि सभी बाहरी कोण बराबर हों (समबहुभुज), तो 360° को एक बाहरी कोण की माप से भाग देने पर हमें भुजाओं की संख्या मिल जाएगी।
🎯 Exam Tip: यह याद रखना आवश्यक है कि किसी भी बहुभुज के बहिष्कोणों का कुल योग हमेशा 360° होता है। समबहुभुज के लिए, प्रत्येक बहिष्कोण \( \frac{360°}{n} \) होता है।
Question 19. यदि भुजाओं की संख्या 12 है तो उसके प्रत्येक अन्तः कोण की माप बताइए।
Answer:
यहाँ, भुजाओं की संख्या \( n = 12 \) है।
एक बहुभुज के सभी आंतरिक कोणों का योग ज्ञात करने का सूत्र है \( (n-2) \times 180° \)।
इसलिए, 12 भुजाओं वाले बहुभुज के आंतरिक कोणों का योग:
\( = (12-2) \times 180° \)
\( = 10 \times 180° \)
\( = 1800° \)
एक समबहुभुज में सभी आंतरिक कोण बराबर होते हैं।
प्रत्येक आंतरिक कोण की माप \( = \frac{\text{आंतरिक कोणों का कुल योग}}{n} \)
\( = \frac{1800°}{12} \)
\( = 150° \)
अतः, प्रत्येक कोण 150° का है। यह एक द्वादशभुज है।
In simple words: सबसे पहले, भुजाओं की संख्या (12) का उपयोग करके बहुभुज के सभी अंदरूनी कोणों का कुल योग निकालें। फिर इस योग को भुजाओं की संख्या से भाग दें ताकि प्रत्येक कोण का मान मिल सके।
🎯 Exam Tip: किसी भी \( n \)-भुज के आंतरिक कोणों का योग \( (n-2) \times 180° \) होता है। समबहुभुज के लिए, प्रत्येक आंतरिक कोण \( \frac{(n-2) \times 180°}{n} \) होता है।
Question 20. एक बहुभुज के सभी अन्तः कोणों का योगफल 10 समकोण है तो भुजाओं की संख्या बताइए।
Answer:
दिए गए बहुभुज के सभी आंतरिक कोणों का योगफल \( 10 \) समकोण है।
चूँकि \( 1 \text{ समकोण} = 90° \), तो \( 10 \text{ समकोण} = 10 \times 90° = 900° \)।
एक बहुभुज के आंतरिक कोणों का योग ज्ञात करने का सूत्र है \( (n-2) \times 180° \), जहाँ \( n \) भुजाओं की संख्या है।
इसलिए,
\( (n-2) \times 180° = 900° \)
दोनों तरफ 180° से भाग देने पर:
\( \implies n-2 = \frac{900}{180} \)
\( \implies n-2 = 5 \)
अब, \( n \) का मान निकालने के लिए 2 को दूसरी तरफ ले जाते हैं:
\( \implies n = 5 + 2 \)
\( \implies n = 7 \)
अतः, बहुभुज की भुजाओं की संख्या 7 है। यह एक सप्तभुज है।
In simple words: सबसे पहले, 10 समकोण को डिग्री में बदलें (1 समकोण = 90°)। फिर, भुजाओं की संख्या (n) वाले बहुभुज के आंतरिक कोणों के योग के सूत्र \( (n-2) \times 180° \) का उपयोग करके इस योग को दिए गए मान के बराबर रखें और \( n \) के लिए हल करें।
🎯 Exam Tip: "समकोण" शब्द पर ध्यान दें और इसे डिग्री में सही ढंग से परिवर्तित करें। फिर, बहुभुज के आंतरिक कोणों के योग के सूत्र का सही ढंग से प्रयोग करें।
Question 21. क्या 110° माप के प्रत्येक अन्त: कोण का कोई एक बहुभुज हो सकता है? जाँच कीजिए।
Answer:
यदि एक बहुभुज का प्रत्येक आंतरिक कोण 110° है, तो हम प्रत्येक बाहरी कोण (बहिष्कोण) का मान ज्ञात कर सकते हैं।
प्रत्येक आंतरिक कोण और उसके संगत बाहरी कोण का योग 180° होता है (रैखिक युग्म)।
प्रत्येक बहिष्कोण \( = 180° - \text{प्रत्येक आंतरिक कोण} \)
\( = 180° - 110° \)
\( = 70° \)
अब, हमें पता है कि किसी भी बहुभुज के सभी बहिष्कोणों का कुल योग 360° होता है।
यदि भुजाओं की संख्या \( n \) है, तो \( n \times \text{प्रत्येक बहिष्कोण} = 360° \)।
\( \implies n \times 70° = 360° \)
\( \implies n = \frac{360}{70} \)
\( \implies n \approx 5.14 \)
चूंकि भुजाओं की संख्या \( n \) एक पूर्णांक (whole number) होनी चाहिए, और 5.14 एक पूर्णांक नहीं है, इसलिए ऐसा कोई बहुभुज संभव नहीं है जिसका प्रत्येक आंतरिक कोण 110° हो।
In simple words: पहले, अगर प्रत्येक अंदरूनी कोण 110° है, तो प्रत्येक बाहरी कोण (180° - 110°) 70° होगा। सभी बाहरी कोणों का योग 360° होता है। अगर 360 को 70 से भाग दें और उत्तर पूरा अंक नहीं आता, तो ऐसा बहुभुज नहीं बन सकता।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, आंतरिक कोण के बजाय बहिष्कोण का उपयोग करना अक्सर आसान होता है, क्योंकि सभी बहिष्कोणों का योग हमेशा 360° होता है। भुजाओं की संख्या हमेशा एक धनात्मक पूर्णांक होनी चाहिए।
Question 22. यदि एक △ABC में ∠A + ∠B = ∠C हो, तो △ABC का सबसे बड़ा कोण ज्ञात कीजिए।
Answer:
त्रिभुज △ABC के लिए, हमें पता है कि तीनों आंतरिक कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle A + \angle B + \angle C = 180° \) ...(1)
प्रश्न में दिया गया है कि \( \angle A + \angle B = \angle C \)।
समीकरण (1) में \( (\angle A + \angle B) \) के स्थान पर \( \angle C \) रखने पर:
\( \implies \angle C + \angle C = 180° \)
\( \implies 2 \angle C = 180° \)
\( \implies \angle C = \frac{180°}{2} \)
\( \implies \angle C = 90° \)
चूँकि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है, और एक कोण 90° है, तो बाकी दो कोणों का योग भी 90° होगा। इसका अर्थ है कि कोई भी अन्य कोण 90° से बड़ा नहीं हो सकता। इसलिए, सबसे बड़ा कोण 90° है। यह एक समकोण त्रिभुज है।
In simple words: एक त्रिभुज के सभी कोणों का योग 180° होता है। यदि दो कोणों का योग तीसरे कोण के बराबर हो, तो इसका मतलब है कि वह तीसरा कोण 90° का है। 90° किसी भी त्रिभुज में सबसे बड़ा कोण हो सकता है, जब तक कि वह अधिककोण त्रिभुज न हो।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के कोणों के योग के नियम का उपयोग करें। यदि एक कोण शेष दो कोणों के योग के बराबर है, तो वह अनिवार्य रूप से 90° का होगा और वह त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज होगा।
Question 24. एक समदशभुज के प्रत्येक अन्त: कोण की माप ज्ञात कीजिए।
Answer:
एक समदशभुज में भुजाओं की संख्या \( n = 10 \) होती है।
एक समबहुभुज के प्रत्येक आंतरिक कोण की माप ज्ञात करने का सूत्र है \( \frac{(n-2) \times 180°}{n} \)।
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
प्रत्येक आंतरिक कोण \( = \frac{(10-2) \times 180°}{10} \)
\( = \frac{8 \times 180°}{10} \)
\( = \frac{1440°}{10} \)
\( = 144° \)
अतः, एक समदशभुज का प्रत्येक आंतरिक कोण 144° का होता है। यह एक नियमित बहुभुज होता है जिसके सभी कोण और भुजाएँ समान होती हैं।
In simple words: एक दशभुज में 10 भुजाएँ होती हैं। किसी भी बहुभुज के सभी अंदरूनी कोणों का योग निकालने का सूत्र \( (n-2) \times 180° \) है। इस योग को भुजाओं की संख्या से भाग देने पर प्रत्येक कोण का मान मिल जाएगा।
🎯 Exam Tip: नियमित बहुभुजों के लिए प्रत्येक आंतरिक कोण का सूत्र याद रखें: \( \frac{(n-2) \times 180°}{n} \)। \( n \) का सही मान पहचानना पहला कदम है।
Question 25. एक त्रिभुज की भुजाओं को एक ही क्रम में बढ़ाने से प्राप्त बहिष्कोण क्रमशः 110°, 130° एवं x° है, तो x° का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
हमें पता है कि किसी भी बहुभुज के सभी बहिष्कोणों का कुल योग हमेशा 360° होता है।
यहाँ, एक त्रिभुज के बहिष्कोण क्रमशः 110°, 130° और \( x° \) दिए गए हैं।
इन सभी बहिष्कोणों का योग 360° के बराबर होगा:
\( 110° + 130° + x° = 360° \)
पहले दिए गए कोणों को जोड़ते हैं:
\( 240° + x° = 360° \)
अब, \( x° \) का मान निकालने के लिए 240° को 360° में से घटाते हैं:
\( \implies x° = 360° - 240° \)
\( \implies x° = 120° \)
अतः, \( x° \) का मान 120° है। यह नियम सभी उत्तल बहुभुजों के लिए लागू होता है।
In simple words: किसी भी त्रिभुज या बहुभुज के बाहर के सभी कोणों (बहिष्कोणों) को जोड़ने पर हमेशा 360° आता है। अगर आपको दो बाहरी कोण दिए गए हैं, तो उन्हें जोड़कर 360° में से घटा दें। बचा हुआ मान तीसरा बाहरी कोण होगा।
🎯 Exam Tip: यह एक मौलिक नियम है कि किसी भी उत्तल बहुभुज के सभी बहिष्कोणों का योग हमेशा 360° होता है। इस नियम को सीधे लागू करके अज्ञात बहिष्कोण को ज्ञात किया जा सकता है।
Question 26. एक षट्भुज का एक अन्त:कोण 165° है और शेष प्रत्येक अन्त: कोण का माप x° है, तो शेष कोण का माप बताइए।
Answer:
एक षट्भुज में भुजाओं की संख्या \( n = 6 \) होती है।
एक बहुभुज के सभी आंतरिक कोणों का योग ज्ञात करने का सूत्र है \( (n-2) \times 180° \)।
इसलिए, एक षट्भुज के आंतरिक कोणों का योग:
\( = (6-2) \times 180° \)
\( = 4 \times 180° \)
\( = 720° \)
प्रश्न में दिया गया है कि एक आंतरिक कोण 165° है और शेष \( (6-1) = 5 \) कोणों में से प्रत्येक का माप \( x° \) है।
तो, सभी आंतरिक कोणों का योग इस प्रकार लिखा जा सकता है:
\( 165° + 5x° = 720° \)
अब \( 5x° \) का मान निकालने के लिए 165° को 720° में से घटाते हैं:
\( \implies 5x° = 720° - 165° \)
\( \implies 5x° = 555° \)
\( \implies x° = \frac{555°}{5} \)
\( \implies x° = 111° \)
अतः, शेष प्रत्येक कोण 111° का है। यह दिखाता है कि एक विषम कोण वाले बहुभुज में भी कोणों का योग निश्चित रहता है।
In simple words: पहले, एक षट्भुज के सभी अंदरूनी कोणों का कुल योग पता करें। फिर, दिए गए एक कोण को कुल योग में से घटा दें। बचा हुआ मान शेष 5 कोणों का कुल योग होगा, जिसे 5 से भाग देने पर प्रत्येक शेष कोण का मान मिल जाएगा।
🎯 Exam Tip: बहुभुज के आंतरिक कोणों के योग के सूत्र \( (n-2) \times 180° \) का प्रयोग करें। सुनिश्चित करें कि आप कुल कोणों में से दिए गए कोण को घटाने के बाद बचे हुए कोणों की संख्या से सही ढंग से विभाजित करें।
Question 28. दिए गए चित्र से, ∠x तथा ∠y के माप ज्ञात कीजिए जहाँ ∠x – ∠y = 10° है।
Answer:
त्रिभुज PQR में, बाहरी कोण (बहिष्कोण) 120° है।
हमें पता है कि एक त्रिभुज का बहिष्कोण उसके विपरीत आंतरिक कोणों के योग के बराबर होता है।
इसलिए,
\( \angle P + \angle Q = 120° \)
चित्र से, \( \angle P = x \) और \( \angle Q = y \)।
तो, हमें मिलता है: \( x + y = 120° \) ...(ii)
प्रश्न में एक और शर्त दी गई है: \( x - y = 10° \) ...(i)
अब, इन दोनों समीकरणों को एक साथ हल करने पर:
समीकरण (i) और (ii) को जोड़ने पर:
\( (x - y) + (x + y) = 10° + 120° \)
\( \implies 2x = 130° \)
\( \implies x = \frac{130°}{2} \)
\( \implies x = 65° \)
अब, \( x \) का मान समीकरण (ii) में रखने पर:
\( 65° + y = 120° \)
\( \implies y = 120° - 65° \)
\( \implies y = 55° \)
अतः, \( \angle x = 65° \) और \( \angle y = 55° \)।
In simple words: त्रिभुज के बाहरी कोण का नियम बताता है कि \( x \) और \( y \) का योग 120° है। एक और समीकरण दिया है कि \( x \) और \( y \) का अंतर 10° है। इन दोनों समीकरणों को हल करके आप \( x \) और \( y \) के मान ज्ञात कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के बहिष्कोण प्रमेय को याद रखें। दो चरों वाले समीकरणों को हल करने के लिए विलोपन या प्रतिस्थापन विधि का उपयोग करें।
Question 30. दिए गए चित्र से, सिद् कीजिए कि ∠x + ∠y = ∠A + ∠C
Answer:
चतुर्भुज ABCD में, आंतरिक कोण ∠ABC और बाहरी कोण \( \angle x \) एक रैखिक युग्म बनाते हैं।
\( \angle ABC + \angle x = 180° \) (रैखिक युग्म)
\( \implies \angle ABC = 180° - \angle x \) ...(i)
इसी प्रकार, आंतरिक कोण ∠CDA और बाहरी कोण \( \angle y \) एक रैखिक युग्म बनाते हैं।
\( \angle CDA + \angle y = 180° \) (रैखिक युग्म)
\( \implies \angle CDA = 180° - \angle y \) ...(ii)
हमें पता है कि चतुर्भुज के चारों आंतरिक कोणों का योग 360° होता है।
\( \angle A + \angle B + \angle C + \angle D = 360° \)
\( \implies \angle A + \angle ABC + \angle C + \angle CDA = 360° \)
अब, समीकरण (i) और (ii) से ∠ABC और ∠CDA के मान रखने पर:
\( \implies \angle A + (180° - \angle x) + \angle C + (180° - \angle y) = 360° \)
\( \implies \angle A + \angle C + 180° + 180° - \angle x - \angle y = 360° \)
\( \implies \angle A + \angle C + 360° - (\angle x + \angle y) = 360° \)
दोनों तरफ से 360° घटाने पर:
\( \implies \angle A + \angle C - (\angle x + \angle y) = 0 \)
\( \implies \angle A + \angle C = \angle x + \angle y \)
इति सिद्धम। इस प्रकार हमने यह ज्यामितीय संबंध सिद्ध किया।
In simple words: हमें पता है कि सीधी रेखा पर बने कोणों का योग 180° होता है, तो हम आंतरिक कोणों ∠ABC और ∠CDA को बाहरी कोणों \( \angle x \) और \( \angle y \) के रूप में लिख सकते हैं। फिर, चतुर्भुज के चारों आंतरिक कोणों का योग 360° होता है। इन मानों को समीकरण में रखने और सरल करने पर, हमें अभीष्ट परिणाम मिलेगा।
🎯 Exam Tip: रैखिक युग्म के नियम और चतुर्भुज के आंतरिक कोणों के योग के नियम का सही ढंग से उपयोग करें। बीजगणितीय चरणों को सावधानीपूर्वक हल करें ताकि अंतिम परिणाम सही हो।
Question 31. दिए गए चित्र से, ∠x ज्ञात कीजिए यहाँ रेखाएँ BO एवं CO क्रमश: ∠B एवं ∠C के समद्विभाजक हैं।
Answer:
त्रिभुज △ABC के लिए, हमें पता है कि तीनों आंतरिक कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle A + \angle ABC + \angle ACB = 180° \)
इस समीकरण को 2 से भाग देने पर:
\( \frac{1}{2}\angle A + \frac{1}{2}\angle ABC + \frac{1}{2}\angle ACB = \frac{180°}{2} \)
\( \implies \frac{1}{2}\angle A + \angle OBC + \angle OCB = 90° \) ...(i) (क्योंकि BO और CO, ∠B और ∠C के समद्विभाजक हैं, तो \( \angle OBC = \frac{1}{2}\angle ABC \) और \( \angle OCB = \frac{1}{2}\angle ACB \))
अब, त्रिभुज △OBC में, तीनों आंतरिक कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle BOC + \angle OBC + \angle OCB = 180° \) ...(ii)
समीकरण (ii) में से समीकरण (i) घटाने पर:
\( (\angle BOC + \angle OBC + \angle OCB) - (\frac{1}{2}\angle A + \angle OBC + \angle OCB) = 180° - 90° \)
\( \implies \angle BOC - \frac{1}{2}\angle A = 90° \)
\( \implies \angle BOC = 90° + \frac{1}{2}\angle A \)
यहाँ \( \angle x = \angle BOC \)।
यदि हम मान लें कि \( \angle A = 80° \) (जो अक्सर ऐसे प्रश्नों में एक सामान्य अनुमान होता है यदि मान नहीं दिया गया हो, ताकि उत्तर एक पूर्णांक हो), तो:
\( \angle x = 90° + \frac{1}{2} \times 80° \)
\( \implies \angle x = 90° + 40° \)
\( \implies \angle x = 130° \)
In simple words: इस प्रश्न में, हमें कोण समद्विभाजक के गुण का उपयोग करना होगा। त्रिभुज के अंदर, कोण समद्विभाजकों के बीच का कोण (यहाँ ∠x) हमेशा \( 90° + \frac{1}{2}\angle A \) के बराबर होता है। यदि ∠A का मान दिया गया हो, तो इस सूत्र का उपयोग करके सीधे ∠x का मान निकाल सकते हैं।
🎯 Exam Tip: त्रिभुज के आंतरिक कोण समद्विभाजकों के प्रतिच्छेदन से बनने वाले कोण का सूत्र याद रखें: \( \angle BOC = 90° + \frac{1}{2}\angle A \)। यह एक बहुत ही उपयोगी प्रमेय है जो समय बचाता है।
Question 32. चित्र में, ∠Q > ∠R, PA कोण QPR का समद्विभाजक है तथा PM ⊥ QR है। सिद्ध कीजिए। ∠APM = \( \frac {1}{2}(\angle Q – \angle R) \)
Answer:
दिया है कि △PQR में, PA कोण QPR का समद्विभाजक है, और PM ⊥ QR है।
तो, \( \angle QPA = \angle RPA = \frac{1}{2}\angle P \) ...(1)
त्रिभुज △PQM में, \( \angle Q + \angle QPM + \angle PMQ = 180° \)
चूँकि PM ⊥ QR, इसलिए \( \angle PMQ = 90° \)।
\( \angle Q + \angle QPM + 90° = 180° \)
\( \implies \angle QPM = 90° - \angle Q \) ...(2)
इसी प्रकार, त्रिभुज △PRM में, \( \angle R + \angle RPM + \angle PMR = 180° \)
\( \angle R + \angle RPM + 90° = 180° \)
\( \implies \angle RPM = 90° - \angle R \) ...(3)
हमें ∠APM ज्ञात करना है। हम इसे \( \angle APM = \angle APQ - \angle MPQ \) या \( \angle APM = \angle MPR - \angle APR \) के रूप में लिख सकते हैं।
मान लीजिए \( \angle QPR = \angle P \)।
\( \angle APM = \angle APQ - \angle MPQ \)
\( \angle APM = \frac{1}{2}\angle P - (90° - \angle Q) \) (समीकरण 1 और 2 से)
\( \angle APM = \frac{1}{2}\angle P - 90° + \angle Q \) ...(4)
त्रिभुज के कोणों के योग से: \( \angle P + \angle Q + \angle R = 180° \)
\( \implies \frac{1}{2}\angle P = \frac{1}{2}(180° - \angle Q - \angle R) = 90° - \frac{1}{2}\angle Q - \frac{1}{2}\angle R \)
इस मान को समीकरण (4) में रखने पर:
\( \angle APM = (90° - \frac{1}{2}\angle Q - \frac{1}{2}\angle R) - 90° + \angle Q \)
\( \implies \angle APM = -\frac{1}{2}\angle Q - \frac{1}{2}\angle R + \angle Q \)
\( \implies \angle APM = \angle Q - \frac{1}{2}\angle Q - \frac{1}{2}\angle R \)
\( \implies \angle APM = \frac{1}{2}\angle Q - \frac{1}{2}\angle R \)
\( \implies \angle APM = \frac{1}{2}(\angle Q - \angle R) \)
इति सिद्धम्। इस प्रमेय को कोण समद्विभाजक और शीर्षलम्ब के बीच का कोण भी कहते हैं।
In simple words: इस प्रमाण के लिए, पहले त्रिभुज PQM और PRM में कोणों का उपयोग करके ∠QPM और ∠RPM का मान ज्ञात करें। फिर, कोण समद्विभाजक के गुण का उपयोग करके ∠APM को ∠Q और ∠R के पदों में व्यक्त करें। समीकरणों को सरल करने पर हमें वांछित परिणाम मिल जाएगा।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को याद रखना एक अच्छा अभ्यास है, क्योंकि यह एक सामान्य ज्यामितीय प्रमेय है। इसे सिद्ध करने के लिए त्रिभुज के कोण योग गुणधर्म और लंबवत रेखाओं के गुण का उपयोग करें।
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