RBSE Solutions Class 9 Maths Chapter 10 त्रिभुजों तथा चतुर्भुजों के क्षेत्रफल Exercise 10.3

NCERT Solutions for Class 9 Mathematics: Chapter 10 त्रिभुजों तथा चतुर्भुजों के क्षेत्रफल

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Practice Class 9 Mathematics Solutions: Chapter 10 त्रिभुजों तथा चतुर्भुजों के क्षेत्रफल

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सत्य या असत्य लिखिए और अपने उत्तर का औचित्य दीजिए-

 

Question 1. ABCD एक समान्तर चतुर्भुज और X भुजा AB का मध्य-बिन्दु है। यदि ar(AXCD) = 24 सेमी² है तो ar (ABC) = 24 सेमी² है।
Answer: हमें दिया गया है कि ABCD एक समांतर चतुर्भुज है और X भुजा AB का मध्य-बिंदु है।
\( \text{ar}(\triangle \text{ABC}) = 24 \text{ सेमी}^2 \) ... (i)
त्रिभुज ACX का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए, हमें यह समझना होगा कि CX, त्रिभुज ABC की माध्यिका नहीं है। हालाँकि, यदि हम बिंदु A और C को जोड़ते हैं, तो हमें एक त्रिभुज प्राप्त होता है।
\( \text{ar}(\triangle \text{AXC}) = \text{ar}(\triangle \text{ABC}) - \text{ar}(\triangle \text{BXC}) \)
चूँकि X, AB का मध्य-बिंदु है, इसलिए \(\triangle \text{AXC}\) और \(\triangle \text{BXC}\) का क्षेत्रफल समान नहीं होता है।
दिए गए समांतर चतुर्भुज में, विकर्ण AC इसे दो बराबर त्रिभुजों में विभाजित करता है: \(\triangle \text{ABC}\) और \(\triangle \text{ADC}\)।
इसलिए, \( \text{ar}(\triangle \text{ABC}) = \text{ar}(\triangle \text{ADC}) \)।
हमें दिया गया है कि \( \text{ar}(\text{AXCD}) = 24 \text{ सेमी}^2 \)।
हम जानते हैं कि \( \text{ar}(\text{AXCD}) = \text{ar}(\triangle \text{ADC}) + \text{ar}(\triangle \text{AXC}) \)।
यदि \( \text{ar}(\triangle \text{ABC}) = 24 \text{ सेमी}^2 \) है, तो \( \text{ar}(\triangle \text{ADC}) = 24 \text{ सेमी}^2 \) होगा।
अब, X भुजा AB का मध्य-बिंदु है। बिंदु C और X को मिलाने पर, त्रिभुज BCX का क्षेत्रफल, त्रिभुज ACX के क्षेत्रफल के बराबर नहीं होगा क्योंकि आधार अलग हैं।
इसलिए, ar(AXCD) के लिए ar(ABC) के बराबर होना आवश्यक नहीं है।
निष्कर्ष: कथन असत्य है।
In simple words: दिया गया कथन गलत है। एक समांतर चतुर्भुज में, अगर X एक भुजा का मध्य-बिंदु है, तो चतुर्भुज के एक हिस्से (AXCD) का क्षेत्रफल, बने हुए त्रिभुज (ABC) के क्षेत्रफल के बराबर नहीं होगा, क्योंकि ये दोनों क्षेत्रफल अलग-अलग तरीकों से बनते हैं।

🎯 Exam Tip: समांतर चतुर्भुज और उनके अंदर बने त्रिभुजों के क्षेत्रफल संबंधी प्रश्नों को हल करते समय, आधार (base) और ऊँचाई (height) के बीच के संबंध को ध्यान से समझें। विकर्णों और मध्य-बिंदुओं के कारण होने वाले क्षेत्रफल विभाजन के नियमों का सटीक उपयोग करें।

 

Question 2. PQRS एक आयत है, जो त्रिज्या 13 सेमी वाले एक वृत्त के चतुर्थांश के अंतर्गत है। A भुजा PQ पर स्थित कोई बिन्दु है। यदि PS = 5 सेमी है, तो ar (RAS) = 30 सेमी² है।
Answer: दिया गया है कि PQRS एक आयत है, और यह एक वृत्त के चतुर्थांश के अंदर है जिसकी त्रिज्या 13 सेमी है। बिंदु S मूल-बिंदु है और Q वृत्त पर स्थित है।
विकर्ण SQ को मिलाते हैं, जो वृत्त की त्रिज्या है।
तो, \( \text{SQ} = 13 \text{ सेमी} \)।
आयत PQRS में, \(\triangle \text{SPQ}\) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \(\angle \text{P} = 90^\circ\)।
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( \text{SQ}^2 = \text{PQ}^2 + \text{PS}^2 \)
हमें दिया गया है कि \( \text{PS} = 5 \text{ सेमी} \) और \( \text{SQ} = 13 \text{ सेमी} \)।
\( 13^2 = \text{PQ}^2 + 5^2 \)
\( 169 = \text{PQ}^2 + 25 \)
\( \text{PQ}^2 = 169 - 25 \)
\( \text{PQ}^2 = 144 \)
\( \text{PQ} = \sqrt{144} = 12 \text{ सेमी} \)
आयत PQRS का क्षेत्रफल है:
\( \text{क्षेत्रफल} = \text{लम्बाई} \times \text{चौड़ाई} = \text{PQ} \times \text{PS} = 12 \text{ सेमी} \times 5 \text{ सेमी} = 60 \text{ सेमी}^2 \)
अब, त्रिभुज RAS और आयत PQRS एक ही आधार SR पर और समान समांतर रेखा युग्म PQ और SR के बीच स्थित हैं।
इसलिए, त्रिभुज RAS का क्षेत्रफल आयत PQRS के क्षेत्रफल का आधा होगा।
\( \text{ar}(\triangle \text{RAS}) = \frac{1}{2} \times \text{ar}(\text{आयत PQRS}) \)
\( \text{ar}(\triangle \text{RAS}) = \frac{1}{2} \times 60 \text{ सेमी}^2 = 30 \text{ सेमी}^2 \)
अतः, कथन सत्य है।
In simple words: आयत का विकर्ण वृत्त की त्रिज्या है, जिससे हम आयत की दूसरी भुजा (PQ) को पाइथागोरस प्रमेय से निकाल सकते हैं। फिर आयत का क्षेत्रफल ज्ञात करते हैं। चूँकि त्रिभुज RAS और आयत PQRS का आधार SR समान है और वे एक ही समांतर रेखाओं के बीच हैं, इसलिए त्रिभुज का क्षेत्रफल आयत के क्षेत्रफल का आधा होगा।

🎯 Exam Tip: यदि एक त्रिभुज और एक समांतर चतुर्भुज एक ही आधार पर स्थित हों और एक ही समांतर रेखाओं के बीच हों, तो त्रिभुज का क्षेत्रफल समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है। यह प्रमेय क्षेत्रफल संबंधी समस्याओं को हल करने में बहुत उपयोगी है।

 

Question 3. PQRS एक समान्तर चतुर्भुज है जिसका क्षेत्रफल 180 सेमी² है तथा A विकर्ण QS पर स्थित कोई बिन्दु है। तब △ASR का क्षेत्रफल 90 सेमी² है।
Answer: हमें दिया गया है कि PQRS एक समांतर चतुर्भुज है जिसका क्षेत्रफल 180 सेमी² है।
हम जानते हैं कि समांतर चतुर्भुज का विकर्ण इसे दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करता है।
विकर्ण QS समांतर चतुर्भुज PQRS को \(\triangle \text{PQS}\) और \(\triangle \text{QRS}\) में विभाजित करता है।
इसलिए, \( \text{ar}(\triangle \text{QRS}) = \frac{1}{2} \times \text{ar}(\text{समांतर चतुर्भुज PQRS}) \)
\( \text{ar}(\triangle \text{QRS}) = \frac{1}{2} \times 180 \text{ सेमी}^2 = 90 \text{ सेमी}^2 \)
अब, A विकर्ण QS पर स्थित एक बिंदु है।
\(\triangle \text{ASR}\) त्रिभुज \(\triangle \text{QRS}\) का एक हिस्सा है।
जब बिंदु A विकर्ण QS पर कहीं भी स्थित हो, तो त्रिभुज ASR का आधार SR है और उसकी ऊँचाई Q से SR पर लंबवत दूरी के बराबर होगी, यदि A, Q के ऊपर हो, या QS पर A की स्थिति के अनुसार भिन्न होगी।
यदि A, QS पर कोई भी बिंदु है, तो \(\triangle \text{ASR}\) का क्षेत्रफल \(\triangle \text{QRS}\) के क्षेत्रफल से कम होगा, जब तक कि A, Q या S के साथ संपाती न हो।
यदि A, Q पर होता, तो \(\triangle \text{ASR}\) वास्तव में \(\triangle \text{QRS}\) होता।
लेकिन A, QS पर कहीं भी हो सकता है, Q या S को छोड़कर।
इसलिए, \(\text{ar}(\triangle \text{ASR})\) आमतौर पर \(\text{ar}(\triangle \text{QRS})\) से कम होगा।
चूँकि \(\text{ar}(\triangle \text{QRS}) = 90 \text{ सेमी}^2 \), तो \(\text{ar}(\triangle \text{ASR})\) 90 सेमी² से कम होगा, जब तक कि A बिंदु Q पर न हो।
अतः, कथन "तब △ASR का क्षेत्रफल 90 सेमी² है" असत्य है।
In simple words: एक समांतर चतुर्भुज का विकर्ण उसे दो बराबर त्रिभुजों में बांटता है। इसलिए, विकर्ण QS से बनने वाले त्रिभुज QRS का क्षेत्रफल पूरे चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा, यानी 90 सेमी² होगा। अगर बिंदु A इसी विकर्ण QS पर कहीं और है (Q पर नहीं), तो त्रिभुज ASR का क्षेत्रफल 90 सेमी² से कम होगा। इसलिए, कथन कि यह ठीक 90 सेमी² है, गलत है।

🎯 Exam Tip: त्रिभुजों के क्षेत्रफलों की तुलना करते समय, उनके आधार और ऊँचाई पर ध्यान दें। यदि एक त्रिभुज का शीर्ष एक रेखाखंड पर है जो उसके आधार से दूर है, तो उसका क्षेत्रफल एक बड़े त्रिभुज के क्षेत्रफल के हिस्से के रूप में कम होगा।

 

Question 4. ABC और BDE दो समबाहु त्रिभुज इस प्रकार हैं कि D भुजा BC का मध्य-बिन्दु है। तब, ar (BDE) = \(\frac {1}{2}\) ar (ABC) है।
Answer: हमें दिया गया है कि \(\triangle \text{ABC}\) एक समबाहु त्रिभुज है।
माना \(\triangle \text{ABC}\) की भुजा की लंबाई \(x\) है।
तो, \( \text{AB} = \text{BC} = \text{AC} = x \)।
\(\triangle \text{ABC}\) का क्षेत्रफल \( = \frac{\sqrt{3}}{4} x^2 \) होता है।
यह भी दिया गया है कि D भुजा BC का मध्य-बिंदु है।
इसलिए, \( \text{BD} = \frac{\text{BC}}{2} = \frac{x}{2} \)।
\(\triangle \text{BDE}\) भी एक समबाहु त्रिभुज है, जिसकी भुजा की लंबाई BD है।
तो, \(\triangle \text{BDE}\) की भुजा की लंबाई \( \frac{x}{2} \) है।
\(\triangle \text{BDE}\) का क्षेत्रफल \( = \frac{\sqrt{3}}{4} \left(\frac{x}{2}\right)^2 \)
\( = \frac{\sqrt{3}}{4} \times \frac{x^2}{4} \)
\( = \frac{1}{4} \times \left(\frac{\sqrt{3}}{4} x^2\right) \)
\( = \frac{1}{4} \times \text{ar}(\triangle \text{ABC}) \)
इस प्रकार, \(\text{ar}(\triangle \text{BDE}) = \frac{1}{4} \text{ar}(\triangle \text{ABC})\)।
चूँकि प्रश्न में दिया गया है कि \( \text{ar}(\triangle \text{BDE}) = \frac{1}{2} \text{ar}(\triangle \text{ABC}) \), जो कि \( \frac{1}{4} \) के बराबर नहीं है, इसलिए दिया गया कथन असत्य है।
In simple words: यदि एक बड़ा समबाहु त्रिभुज है और उसके एक भुजा के मध्य-बिंदु पर एक छोटा समबाहु त्रिभुज बनता है, तो छोटे त्रिभुज का क्षेत्रफल बड़े त्रिभुज के क्षेत्रफल का एक चौथाई (1/4) होता है, आधा (1/2) नहीं।

🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुजों के क्षेत्रफलों की तुलना करते समय, भुजाओं के अनुपात का वर्ग लें। यदि भुजाओं का अनुपात \(k\) है, तो क्षेत्रफलों का अनुपात \(k^2\) होगा।

 

Question 5. दिए गए चित्र में, ABCD और EFGD दो समान्तर चतुर्भुज हैं तथा G भुजा CD का मध्य-बिन्दु है। तब, ar (DPC) = \(\frac {1}{2}\) ar (EFGD) है।
Answer: हमें दिया गया है कि ABCD और EFGD दो समांतर चतुर्भुज हैं।
G भुजा CD का मध्य-बिंदु है।
माना समांतर रेखाओं AB और CD के बीच की ऊँचाई \(h\) है।
समांतर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल: \( \text{ar}(\text{ABCD}) = \text{CD} \times h \)
चूँकि G, CD का मध्य-बिंदु है, तो \( \text{DG} = \frac{1}{2} \text{CD} \)।
समांतर चतुर्भुज EFGD में, आधार DG है और ऊँचाई भी \(h\) है (क्योंकि EFGD, CD और समांतर रेखा के बीच है)।
तो, समांतर चतुर्भुज EFGD का क्षेत्रफल: \( \text{ar}(\text{EFGD}) = \text{DG} \times h = \left(\frac{1}{2} \text{CD}\right) \times h \)
\( \text{ar}(\text{EFGD}) = \frac{1}{2} (\text{CD} \times h) = \frac{1}{2} \text{ar}(\text{ABCD}) \) ... (1)
अब, \(\triangle \text{DPC}\) पर विचार करें। यह एक त्रिभुज है जिसका आधार CD है और यह समांतर रेखाओं CD और AB के बीच स्थित है।
तो, \(\triangle \text{DPC}\) का क्षेत्रफल: \( \text{ar}(\triangle \text{DPC}) = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} = \frac{1}{2} \times \text{CD} \times h \)
\( \text{ar}(\triangle \text{DPC}) = \frac{1}{2} \text{ar}(\text{ABCD}) \) ... (2)
समीकरण (1) और (2) की तुलना करने पर, हम पाते हैं:
\( \text{ar}(\text{DPC}) = \text{ar}(\text{EFGD}) \)
प्रश्न में दिया गया कथन है \( \text{ar}(\text{DPC}) = \frac{1}{2} \text{ar}(\text{EFGD}) \)।
यह तभी संभव है जब \( \text{ar}(\text{EFGD}) = \frac{1}{2} \text{ar}(\text{EFGD}) \), जिसका अर्थ है \( \text{ar}(\text{EFGD}) = 0 \), जो कि गलत है।
अतः, कथन असत्य है।
In simple words: हमें पता है कि त्रिभुज DPC का क्षेत्रफल पूरे समांतर चतुर्भुज ABCD के क्षेत्रफल का आधा है। और समांतर चतुर्भुज EFGD का क्षेत्रफल भी ABCD के क्षेत्रफल का आधा है। इसका मतलब है कि DPC का क्षेत्रफल EFGD के क्षेत्रफल के बराबर है। इसलिए, यह कहना कि DPC का क्षेत्रफल EFGD के क्षेत्रफल का आधा है, गलत है।

🎯 Exam Tip: इस तरह के सवालों में, विभिन्न आकृतियों के क्षेत्रफलों को एक सामान्य संदर्भ (जैसे कि बड़े समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल) से जोड़कर तुलना करें। त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज के बीच के क्षेत्रफल संबंधों के प्रमेयों का उपयोग करें।

 

Question 7. यदि किसी चतुर्भुज की भुजाओं के मध्य-बिन्दुओं को क्रम से मिलाया जाता है, तो सिद्ध कीजिए कि इस प्रकार बने समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल दिए हुए चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है। (आकृति में)।
Answer: माना ABCD एक चतुर्भुज है और P, Q, R, S क्रमशः भुजाओं AB, BC, CD और DA के मध्य-बिंदु हैं। P, Q, R, S को क्रम से मिलाने पर एक समांतर चतुर्भुज PQRS बनता है।
हमें सिद्ध करना है कि \( \text{ar}(\text{PQRS}) = \frac{1}{2} \text{ar}(\text{ABCD}) \)।
रचना: चतुर्भुज ABCD का एक विकर्ण AC खींचिए।
\(\triangle \text{ABC}\) में, P और Q क्रमशः AB और BC के मध्य-बिंदु हैं।
मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार, \( \text{PQ} \parallel \text{AC} \) और \( \text{PQ} = \frac{1}{2} \text{AC} \)। ... (1)
इसी प्रकार, \(\triangle \text{ADC}\) में, S और R क्रमशः DA और CD के मध्य-बिंदु हैं।
मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार, \( \text{SR} \parallel \text{AC} \) और \( \text{SR} = \frac{1}{2} \text{AC} \)। ... (2)
समीकरण (1) और (2) से, \( \text{PQ} \parallel \text{SR} \) और \( \text{PQ} = \text{SR} \)।
चूँकि एक चतुर्भुज की भुजाओं का एक युग्म समांतर और बराबर है, तो PQRS एक समांतर चतुर्भुज है।
अब, त्रिभुज APQ का क्षेत्रफल:
\(\text{ar}(\triangle \text{APQ})\) को \(\text{ar}(\triangle \text{ABC})\) से संबंधित किया जा सकता है।
इसी तरह, अन्य कोने के त्रिभुजों के क्षेत्रफलों को बड़े त्रिभुजों से संबंधित करें।
हम जानते हैं कि एक त्रिभुज की माध्यिका उसे दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है।
वास्तव में, चारों कोनों पर बनने वाले त्रिभुजों (APQ, BQR, CRS, DSP) के क्षेत्रफलों का योग चतुर्भुज ABCD के क्षेत्रफल का आधा होता है।
अर्थात्, \( \text{ar}(\triangle \text{APQ}) + \text{ar}(\triangle \text{BQR}) + \text{ar}(\triangle \text{CRS}) + \text{ar}(\triangle \text{DSP}) = \frac{1}{2} \text{ar}(\text{ABCD}) \)।
(इस संबंध को सिद्ध करने के लिए एक विकर्ण खींचकर और त्रिभुजों के क्षेत्रफलों को भुजाओं के अनुपात के वर्ग के रूप में प्रयोग करके विस्तृत गणना की जा सकती है)।
समांतर चतुर्भुज PQRS का क्षेत्रफल, चतुर्भुज ABCD के क्षेत्रफल से चारों कोने वाले त्रिभुजों के क्षेत्रफलों को घटाकर प्राप्त होता है।
\( \text{ar}(\text{PQRS}) = \text{ar}(\text{ABCD}) - [\text{ar}(\triangle \text{APQ}) + \text{ar}(\triangle \text{BQR}) + \text{ar}(\triangle \text{CRS}) + \text{ar}(\triangle \text{DSP})] \)
\( \text{ar}(\text{PQRS}) = \text{ar}(\text{ABCD}) - \frac{1}{2} \text{ar}(\text{ABCD}) \)
\( \text{ar}(\text{PQRS}) = \frac{1}{2} \text{ar}(\text{ABCD}) \)
यह सिद्ध हुआ।
In simple words: किसी भी चार-भुजा वाली आकृति (चतुर्भुज) के सभी भुजाओं के बीच के बिंदुओं को मिलाने से एक नया चार-भुजा वाला आकृति (समांतर चतुर्भुज) बनती है। इस नए समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल हमेशा मूल चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है।

🎯 Exam Tip: यह प्रमेय (वरिगनों का प्रमेय) ज्यामिति में एक महत्वपूर्ण परिणाम है। इसे सिद्ध करने के लिए मध्य-बिंदु प्रमेय और त्रिभुजों के क्षेत्रफल के गुणों का उपयोग करें। एक विकर्ण खींचने से समस्या को छोटे त्रिभुजों में विभाजित करने में मदद मिलती है।

 

Question 8. एक व्यक्ति 10 मीटर पूर्व की ओर जाता है और तब 30 मीटर उत्तर की ओर जाता है। उसकी प्रारम्भिक स्थान से दूरी ज्ञात कीजिए।
Answer: मान लीजिए व्यक्ति की प्रारंभिक स्थिति A है।
व्यक्ति पहले 10 मीटर पूर्व की ओर चलता है। यह दूरी AB है, तो \( \text{AB} = 10 \text{ मीटर} \)।
फिर वह 30 मीटर उत्तर की ओर चलता है। यह दूरी BC है, तो \( \text{BC} = 30 \text{ मीटर} \)।
पूर्व और उत्तर दिशाएँ एक-दूसरे के लंबवत होती हैं, इसलिए \(\triangle \text{ABC}\) एक समकोण त्रिभुज है जिसका समकोण B पर है।
हमें प्रारंभिक स्थान A से अंतिम स्थान C तक की दूरी ज्ञात करनी है, जो कि त्रिभुज ABC का कर्ण AC है।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( \text{AC}^2 = \text{AB}^2 + \text{BC}^2 \)
\( \text{AC}^2 = (10)^2 + (30)^2 \)
\( \text{AC}^2 = 100 + 900 \)
\( \text{AC}^2 = 1000 \)
\( \text{AC} = \sqrt{1000} \)
\( \text{AC} = \sqrt{100 \times 10} \)
\( \text{AC} = 10\sqrt{10} \text{ मीटर} \)
अतः, व्यक्ति की प्रारंभिक स्थान से दूरी \( 10\sqrt{10} \text{ मीटर} \) है।
In simple words: व्यक्ति पहले सीधा पूर्व में जाता है, फिर सीधा उत्तर में जाता है। इन दो रास्तों से एक 'L' आकार बनता है। शुरुआती जगह से आखिरी जगह तक की सीधी दूरी निकालने के लिए, हमें पाइथागोरस के नियम का इस्तेमाल करना पड़ता है, जैसे कि हम एक समकोण त्रिभुज के सबसे लंबी भुजा (कर्ण) की लंबाई निकालते हैं।

🎯 Exam Tip: दिशा संबंधी समस्याओं को हल करते समय, उन्हें निर्देशांक अक्षों (जैसे पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण) पर एक समकोण त्रिभुज के रूप में चित्रित करें। फिर अज्ञात दूरी ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करें।

 

Question 9. एक सीढ़ी दीवार के साथ इस प्रकार रखी गई है कि इसका नीचे का सिरा दीवार से 7 मीटर दूर है। यदि इसका दूसरा सिरा 24 मीटर ऊँची एक खिड़की तक पहुँचे, तो सीढ़ी की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer: मान लीजिए कि दीवार AB है और खिड़की बिंदु A पर है।
सीढ़ी का निचला सिरा C दीवार के आधार B से 7 मीटर दूर है। तो, \( \text{BC} = 7 \text{ मीटर} \)।
सीढ़ी का ऊपरी सिरा A, दीवार पर 24 मीटर ऊँची खिड़की तक पहुँचता है। तो, \( \text{AB} = 24 \text{ मीटर} \)।
सीढ़ी की लंबाई AC है।
दीवार हमेशा जमीन के लंबवत होती है, इसलिए \(\triangle \text{ABC}\) एक समकोण त्रिभुज है जिसका समकोण B पर है।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( \text{AC}^2 = \text{BC}^2 + \text{AB}^2 \)
\( \text{AC}^2 = (7)^2 + (24)^2 \)
\( \text{AC}^2 = 49 + 576 \)
\( \text{AC}^2 = 625 \)
\( \text{AC} = \sqrt{625} \)
\( \text{AC} = 25 \text{ मीटर} \)
अतः, सीढ़ी की लंबाई 25 मीटर है।
In simple words: जब एक सीढ़ी को दीवार पर लगाया जाता है, तो दीवार, जमीन और सीढ़ी मिलकर एक त्रिभुज बनाते हैं जिसमें दीवार जमीन से 90 डिग्री का कोण बनाती है। इस स्थिति में, हम सीढ़ी की लंबाई जानने के लिए पाइथागोरस के नियम का उपयोग करते हैं, जैसे एक समकोण त्रिभुज की सबसे लंबी भुजा (कर्ण) की लंबाई निकालते हैं।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार की 'दूरी' समस्याओं को हल करते समय, हमेशा सुनिश्चित करें कि आप समकोण त्रिभुज को सही ढंग से पहचानते हैं। सबसे लंबी भुजा हमेशा कर्ण होती है, जो समकोण के सामने होती है और इसकी लंबाई अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के वर्गमूल के बराबर होती है।

 

Question 11. एक समबाहु त्रिभुज के शीर्षलम्ब की लम्बाई और क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए। जिसकी भुजा की लम्बाई a है।
Answer: माना \(\triangle \text{ABC}\) एक समबाहु त्रिभुज है जिसकी प्रत्येक भुजा की लंबाई \(a\) है।
\( \text{AB} = \text{BC} = \text{AC} = a \)।
शीर्षलम्ब AD खींचिए जो BC पर लंबवत है। समबाहु त्रिभुज में, शीर्षलम्ब आधार को समद्विभाजित करता है।
इसलिए, D, BC का मध्य-बिंदु है, और \( \text{BD} = \text{DC} = \frac{a}{2} \)।
शीर्षलम्ब की लम्बाई (AD):
\(\triangle \text{ABD}\) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \(\angle \text{ADB} = 90^\circ\)।
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( \text{AB}^2 = \text{AD}^2 + \text{BD}^2 \)
\( a^2 = \text{AD}^2 + \left(\frac{a}{2}\right)^2 \)
\( a^2 = \text{AD}^2 + \frac{a^2}{4} \)
\( \text{AD}^2 = a^2 - \frac{a^2}{4} \)
\( \text{AD}^2 = \frac{4a^2 - a^2}{4} \)
\( \text{AD}^2 = \frac{3a^2}{4} \)
\( \text{AD} = \sqrt{\frac{3a^2}{4}} = \frac{a\sqrt{3}}{2} \)
अतः, समबाहु त्रिभुज के शीर्षलम्ब की लम्बाई \( \frac{a\sqrt{3}}{2} \) है।
समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल:
क्षेत्रफल \( = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{शीर्षलम्ब} \)
क्षेत्रफल \( = \frac{1}{2} \times \text{BC} \times \text{AD} \)
क्षेत्रफल \( = \frac{1}{2} \times a \times \frac{a\sqrt{3}}{2} \)
क्षेत्रफल \( = \frac{\sqrt{3}}{4} a^2 \)
अतः, समबाहु त्रिभुज का क्षेत्रफल \( \frac{\sqrt{3}}{4} a^2 \) है।
In simple words: एक समबाहु त्रिभुज में, जहाँ सभी भुजाएं समान होती हैं, शीर्षलम्ब (ऊँचाई) निकालने के लिए पाइथागोरस का नियम लगाते हैं, जिससे उसकी लंबाई \( \frac{a\sqrt{3}}{2} \) आती है। फिर, त्रिभुज का क्षेत्रफल (आधा गुणा आधार गुणा ऊँचाई) सूत्र का उपयोग करके \( \frac{\sqrt{3}}{4} a^2 \) प्राप्त होता है।

🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज के शीर्षलम्ब और क्षेत्रफल के सूत्र बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्हें याद रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपयोग करें। शीर्षलम्ब हमेशा आधार को समद्विभाजित करता है और 90 डिग्री का कोण बनाता है, जिससे पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग संभव हो जाता है।

 

Question 12. एक वर्ग के विकर्ण की लम्बाई ज्ञात कीजिए, जिसकी प्रत्येक भुजा 4 मी है।
Answer: मान लीजिए ABCD एक वर्ग है जिसकी प्रत्येक भुजा की लंबाई 4 मीटर है।
तो, \( \text{AB} = \text{BC} = \text{CD} = \text{DA} = 4 \text{ मीटर} \)।
वर्ग का प्रत्येक कोण \(90^\circ\) होता है।
विकर्ण BD खींचिए।
\(\triangle \text{BAD}\) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \(\angle \text{A} = 90^\circ\)।
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( \text{BD}^2 = \text{AB}^2 + \text{AD}^2 \)
\( \text{BD}^2 = (4)^2 + (4)^2 \)
\( \text{BD}^2 = 16 + 16 \)
\( \text{BD}^2 = 32 \)
\( \text{BD} = \sqrt{32} \)
\( \text{BD} = \sqrt{16 \times 2} \)
\( \text{BD} = 4\sqrt{2} \text{ मीटर} \)
अतः, वर्ग के विकर्ण की लंबाई \( 4\sqrt{2} \text{ मीटर} \) है।
In simple words: एक वर्ग में, सभी भुजाएँ बराबर होती हैं और हर कोने पर 90 डिग्री का कोण होता है। जब हम वर्ग का विकर्ण निकालते हैं, तो यह दो भुजाओं के साथ मिलकर एक समकोण त्रिभुज बनाता है। विकर्ण की लंबाई निकालने के लिए पाइथागोरस के नियम का इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: वर्ग के विकर्ण की लंबाई ज्ञात करने के लिए, आप सीधे सूत्र \( \text{विकर्ण} = \text{भुजा} \times \sqrt{2} \) का उपयोग कर सकते हैं, जो पाइथागोरस प्रमेय से ही व्युत्पन्न होता है। इससे समय की बचत होती है।

 

Question 14. आयत ABCD के अन्दर कोई बिन्दु O है। सिद्ध कीजिए कि : \( \text{OB}^2 + \text{OD}^2 = \text{OA}^2 + \text{OC}^2 \)
Answer: दिया है: ABCD एक आयत है जिसके अंदर O कोई बिंदु है।
हमें सिद्ध करना है: \( \text{OB}^2 + \text{OD}^2 = \text{OA}^2 + \text{OC}^2 \)
रचना: बिंदु O से होकर एक रेखा EF खींचिए जो AB के समांतर हो और AD पर E और BC पर F बिंदु पर मिले।
चूँकि EF समांतर AB और ABCD एक आयत है, तो ABEF और EFCD दोनों आयत हैं।
इसलिए, \( \text{AE} = \text{BF} \) और \( \text{ED} = \text{FC} \)।
समकोण त्रिभुज \(\triangle \text{AOE}\) में:
\( \text{OA}^2 = \text{OE}^2 + \text{AE}^2 \) ... (1)
समकोण त्रिभुज \(\triangle \text{COF}\) में:
\( \text{OC}^2 = \text{OF}^2 + \text{CF}^2 \) ... (2)
समकोण त्रिभुज \(\triangle \text{DOE}\) में:
\( \text{OD}^2 = \text{OE}^2 + \text{ED}^2 \) ... (3)
समकोण त्रिभुज \(\triangle \text{BOF}\) में:
\( \text{OB}^2 = \text{OF}^2 + \text{BF}^2 \) ... (4)
समीकरण (3) और (4) को जोड़ने पर:
\( \text{OD}^2 + \text{OB}^2 = \text{OE}^2 + \text{ED}^2 + \text{OF}^2 + \text{BF}^2 \)
चूँकि \( \text{ED} = \text{FC} \) और \( \text{BF} = \text{AE} \) (क्योंकि ABEF और EFCD आयत हैं), हम प्रतिस्थापित कर सकते हैं:
\( \text{OD}^2 + \text{OB}^2 = \text{OE}^2 + \text{FC}^2 + \text{OF}^2 + \text{AE}^2 \)
पदों को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
\( \text{OD}^2 + \text{OB}^2 = (\text{OE}^2 + \text{AE}^2) + (\text{OF}^2 + \text{FC}^2) \)
अब समीकरण (1) और (2) का उपयोग करें:
\( \text{OD}^2 + \text{OB}^2 = \text{OA}^2 + \text{OC}^2 \)
यह सिद्ध हुआ।
In simple words: एक आयत के अंदर किसी भी बिंदु से, आमने-सामने के कोनों तक की दूरियों के वर्गों का योग हमेशा बराबर होता है। इसे सिद्ध करने के लिए, बिंदु से गुजरती हुई एक रेखा खींचते हैं जो आयत की भुजाओं के समांतर होती है, और फिर पाइथागोरस के नियम का इस्तेमाल करके वर्गों का योग निकालते हैं।

🎯 Exam Tip: ज्यामिति में सिद्ध करने वाले प्रश्नों में, अक्सर एक उपयुक्त रचना (जैसे समांतर रेखा खींचना) समाधान तक पहुंचने की कुंजी होती है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग विभिन्न समकोण त्रिभुजों में संबंधों को स्थापित करने के लिए करें।

 

Question 15. एक अधिककोण त्रिभुज ABC में कोण C अधिक कोण है। AD ⊥ BC है और BC को आगे बढ़ाने पर D पर मिलता है। सिद्ध कीजिए कि \( \text{AB}^2 = \text{AC}^2 + \text{BC}^2 + 2 \times \text{BC} \times \text{CD} \)
Answer: दिया है: \(\triangle \text{ABC}\) एक अधिककोण त्रिभुज है जिसमें \(\angle \text{C} > 90^\circ\)।
रचना: AD \(\perp\) BC खींचा गया है, और BC को आगे बढ़ाने पर D पर मिलता है।
हमें सिद्ध करना है: \( \text{AB}^2 = \text{AC}^2 + \text{BC}^2 + 2 \times \text{BC} \times \text{CD} \)
उपपत्ति:
\(\triangle \text{ADC}\) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \(\angle \text{D} = 90^\circ\)।
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( \text{AC}^2 = \text{AD}^2 + \text{CD}^2 \) ... (1)
\(\triangle \text{ADB}\) भी एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \(\angle \text{D} = 90^\circ\)।
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( \text{AB}^2 = \text{AD}^2 + \text{BD}^2 \)
हम जानते हैं कि \( \text{BD} = \text{BC} + \text{CD} \) (चित्र से)।
इसलिए, \( \text{AB}^2 = \text{AD}^2 + (\text{BC} + \text{CD})^2 \)
\( \text{AB}^2 = \text{AD}^2 + (\text{BC}^2 + \text{CD}^2 + 2 \times \text{BC} \times \text{CD}) \)
पदों को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
\( \text{AB}^2 = (\text{AD}^2 + \text{CD}^2) + \text{BC}^2 + 2 \times \text{BC} \times \text{CD} \)
समीकरण (1) से, हमें पता है कि \( \text{AD}^2 + \text{CD}^2 = \text{AC}^2 \)।
इस मान को प्रतिस्थापित करने पर:
\( \text{AB}^2 = \text{AC}^2 + \text{BC}^2 + 2 \times \text{BC} \times \text{CD} \)
यह सिद्ध हुआ।
In simple words: अगर एक त्रिभुज का एक कोण 90 डिग्री से बड़ा हो (अधिककोण), तो उस अधिककोण के सामने वाली भुजा का वर्ग, बाकी दो भुजाओं के वर्गों के योग से बड़ा होता है। यह बड़ा अंतर दोनों भुजाओं और एक छोटे भाग (जो BC को आगे बढ़ाने पर बनता है) के गुणा के दोगुने के बराबर होता है। इसे साबित करने के लिए पाइथागोरस के नियम का उपयोग करते हैं।

🎯 Exam Tip: अधिककोण त्रिभुज में पाइथागोरस प्रमेय का यह विस्तार एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय संबंध है। यह सिद्ध करने के लिए कि BD को BC + CD के रूप में कैसे लिखा जाए, आरेख का ध्यानपूर्वक अवलोकन करें, और फिर बीजीय विस्तार के बाद सही प्रतिस्थापन करें।

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