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Detailed Chapter 10 त्रिभुजों तथा चतुर्भुजों के क्षेत्रफल RBSE Solutions for Class 9 Mathematics
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Class 9 Mathematics Chapter 10 त्रिभुजों तथा चतुर्भुजों के क्षेत्रफल RBSE Solutions PDF
Question 1. एक त्रिभुज की माध्यिका उसे विभाजित करती है, दो
(a) बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में
(b) सर्वांगसम त्रिभुजों में
(c) समकोण त्रिभुजों में
(d) समद्विबाहु त्रिभुजों में
Answer: (a) बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में
In simple words: माध्यिका त्रिभुज को दो बराबर हिस्सों में बांटती है, जिनके क्षेत्रफल एक जैसे होते हैं। यह त्रिभुज की एक महत्वपूर्ण विशेषता है जो ज्यामिति में बहुत उपयोग की जाती है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि माध्यिका हमेशा त्रिभुज के क्षेत्रफल को दो बराबर भागों में बांटती है, भले ही त्रिभुज किसी भी प्रकार का हो।
Question 2. निम्नलिखित आकृतियों में से किसमें आप एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच, बने दो बहुभुज प्राप्त करते हैं:
(a) Figure A
(b) Figure B
(c) Figure C
(d) Figure D
Answer: (d) Figure D
In simple words: चित्र (D) में दिखाए गए दो त्रिभुज एक ही आधार और दो समांतर रेखाओं के बीच हैं। ऐसे बहुभुजों के क्षेत्रफल की गणना के लिए यह स्थिति बहुत उपयोगी होती है।
🎯 Exam Tip: एक ही आधार और समांतर रेखाओं के बीच स्थित बहुभुजों की पहचान करना सीखें, क्योंकि उनके क्षेत्रफल अक्सर संबंधित होते हैं।
Question 3. एक समचतुर्भुज EFGH के विकर्ण HF = 8 सेमी तथा GE = 6 सेमी हैं। इसका क्षेत्रफल क्या होगा?
(a) 12 सेमी\(^2\)
(b) 48 सेमी\(^2\)
(c) 20 सेमी\(^2\)
(d) 24 सेमी\(^2\)
Answer: (d) 24 सेमी\(^2\)
In simple words: समचतुर्भुज का क्षेत्रफल निकालने के लिए उसके दोनों विकर्णों को गुणा करके आधा कर देते हैं। यहाँ 8 और 6 को गुणा करके आधा किया, तो 24 सेमी\(^2\) मिला। यह सूत्र केवल समचतुर्भुज के लिए ही नहीं, बल्कि किसी भी चतुर्भुज के लिए लागू होता है जिसके विकर्ण एक दूसरे को समकोण पर काटते हों।
🎯 Exam Tip: समचतुर्भुज के क्षेत्रफल का सूत्र \( \frac{1}{2} \times d_1 \times d_2 \) होता है, जहाँ \( d_1 \) और \( d_2 \) विकर्णों की लंबाई हैं।
Question 4. चित्र में, समान्तर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल है-
(a) AB \( \times \) BM
(b) BC \( \times \) BN
(c) DC \( \times \) DL
(d) AD \( \times \) DL
Answer: (c) DC \( \times \) DL
In simple words: समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल उसके किसी एक आधार को उसकी ऊंचाई से गुणा करके निकलता है। यहाँ आधार DC और ऊंचाई DL है। यह सूत्र दर्शाता है कि समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए हमें केवल एक आधार और उस आधार पर लंबवत ऊंचाई की आवश्यकता होती है।
🎯 Exam Tip: समान्तर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार \( \times \) संगत ऊंचाई। संगत ऊंचाई हमेशा आधार पर लंबवत होनी चाहिए।
Question 5. चित्र में समान्तर चतुर्भुज ABCD और आयत ABEM दिए गए हैं। उनके परिमापों की तुलना कीजिए।
(a) ABCD का परिमाप = ABEM का परिमाप
(b) ABCD का परिमाप < ABEM का परिमाप
(c) ABCD का परिमाप > ABEM का परिमाप
(d) ABCD का परिमाप = \( \frac{1}{2} \) (ABEM का परिमाप)
Answer: (c) ABCD का परिमाप > ABEM का परिमाप
In simple words: समान्तर चतुर्भुज का परिमाप आयत से ज्यादा होता है, क्योंकि समान्तर चतुर्भुज की टेढ़ी भुजाएँ आयत की सीधी भुजाओं से लम्बी होती हैं। यह दर्शाता है कि किसी दी गई आधार लंबाई और ऊंचाई के लिए, आयत वह चतुर्भुज है जिसका परिमाप सबसे कम होता है।
🎯 Exam Tip: एक ही आधार और समांतर रेखाओं के बीच बने आयत का परिमाप, उसी आधार और समांतर रेखाओं के बीच बने किसी भी अन्य समांतर चतुर्भुज के परिमाप से कम होता है (बशर्ते कि अन्य भुजाएँ लंबवत न हों)।
Question 6. एक त्रिभुज की भुजाओं के मध्य-बिन्दु किसी भी एक शीर्ष को चौथा बिन्दु लेकर एक सरल चतुर्भुज बनाते है, जिसको क्षेत्रफल बराबर है:
(a) \( \frac {1}{2 } \) ar (ABC)
(b) \( \frac {1}{3} \) ar (ABC)
(c) \( \frac {1}{4} \) ar (ABC)
(d) ar (ABC)
Answer: (a) \( \frac{1}{2} \) ar (ABC)
In simple words: त्रिभुज के मध्य-बिन्दुओं और एक कोने को मिलाकर बने चतुर्भुज का क्षेत्रफल, पूरे त्रिभुज के क्षेत्रफल का आधा होता है। यह परिणाम मध्य-बिन्दु प्रमेय का एक सीधा अनुप्रयोग है, जो बताता है कि मध्य-बिन्दुओं को जोड़ने वाला रेखाखंड तीसरी भुजा के समानांतर और आधा होता है।
🎯 Exam Tip: मध्य-बिन्दु प्रमेय को याद रखें। जब मध्य-बिन्दुओं को जोड़कर एक त्रिभुज बनाते हैं, तो उसका क्षेत्रफल मूल त्रिभुज के क्षेत्रफल का \( \frac{1}{4} \) होता है। यहाँ एक शीर्ष को चौथे बिंदु के रूप में लेने पर क्षेत्रफल \( \frac{1}{2} \) हो जाता है।
Question 7. दो समान्तर चतुर्भुज बराबर आधारों पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित हैं। उनके क्षेत्रफलों का अनुपात हैं:
(a) 1:2
(b) 1:1
(c) 2:1
(d) 3:1
Answer: (b) 1:1
In simple words: अगर दो समांतर चतुर्भुज एक ही आधार पर और एक ही समांतर लाइनों के बीच हों, तो उनका क्षेत्रफल हमेशा बराबर होता है, इसलिए उनका अनुपात 1:1 होगा। इस प्रमेय का उपयोग विभिन्न ज्यामितीय समस्याओं में समान्तर चतुर्भुजों और त्रिभुजों के क्षेत्रों को जोड़ने के लिए किया जाता है।
🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण प्रमेय है: एक ही आधार और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित समान्तर चतुर्भुजों के क्षेत्रफल बराबर होते हैं।
Question 8. ABCD एक चतुर्भुज है जिसको विकर्ण AC उसे बराबर क्षेत्रफल वाले दो भागों में विभाजित करती है। तब ABCD
(a) एक आयत है
(b) सदैव एक समचतुर्भुज है।
(c) एक समांतर चतुर्भुज है।
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (c) एक समांतर चतुर्भुज है।
In simple words: अगर चतुर्भुज का एक विकर्ण उसे दो बराबर क्षेत्रफल वाले हिस्सों में बांट दे, तो वह चतुर्भुज एक समांतर चतुर्भुज होता है। यह समांतर चतुर्भुज की एक मूलभूत पहचान है, जो इसे अन्य चतुर्भुजों से अलग करती है।
🎯 Exam Tip: एक समांतर चतुर्भुज का विकर्ण उसे दो सर्वांगसम त्रिभुजों में विभाजित करता है, और सर्वांगसम त्रिभुजों का क्षेत्रफल हमेशा बराबर होता है।
Question 9. एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित एक त्रिभुज और एक समान्तर चतुर्भुज के क्षेत्रफलों का अनुपात क्या है?
(a) 3:1
(b) 1:2
(c) 1:4
(d) 2:1
Answer: (b) 1:2
In simple words: अगर त्रिभुज और समांतर चतुर्भुज एक ही आधार पर और समांतर लाइनों के बीच हों, तो त्रिभुज का क्षेत्रफल समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है। इसलिए उनका अनुपात 1:2 है। यह एक बहुत ही उपयोगी ज्यामितीय संबंध है जो कई क्षेत्रफल-संबंधित समस्याओं को हल करने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को ध्यान में रखें: एक ही आधार और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित त्रिभुज का क्षेत्रफल, समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है।
Question 10. ABCD एक समलम्ब है जिसकी, समान्तर भुजाएँ AB = b सेमी और DC = a सेमी है। E और F असमांतर भुजाओं के मध्य-बिन्दु हैं। ar (ABFE) और ar (EFCD) का अनुपात है:
(a) a : b
(b) (3a + b) : (a + 3b)
(c) (a + 3b) : (3a + b)
(d) (2a + b) : (3a + b)
Answer: (c) (a + 3b) : (3a + b)
In simple words: समलम्ब को मध्य-बिन्दुओं से बांटने पर बने दो हिस्सों के क्षेत्रफल का अनुपात, उनकी समांतर भुजाओं की लम्बाई पर निर्भर करता है। यहाँ यह अनुपात \((a+3b) : (3a+b)\) आता है। यह समस्या समलम्ब के गुणों और मध्य-बिन्दु प्रमेय के अनुप्रयोग को दर्शाती है।
🎯 Exam Tip: समलम्ब के मध्य-बिन्दुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड की लंबाई \( \frac{(a+b)}{2} \) होती है। इस सूत्र का उपयोग क्षेत्रों के अनुपात की गणना में महत्वपूर्ण है।
Question 11. यदि P किसी त्रिभुज ABC की माध्यिका AD पर स्थित कोई बिन्दु है तो ar (ABP) \( \neq \) ar (ACP) है।
Answer: दिया गया कथन असत्य है। यदि P किसी त्रिभुज ABC की माध्यिका AD पर स्थित कोई बिन्दु है, तो त्रिभुज ABP का क्षेत्रफल (ar(ABP)) और त्रिभुज ACP का क्षेत्रफल (ar(ACP)) हमेशा बराबर होते हैं। यह इसलिए है क्योंकि माध्यिका AD, त्रिभुज ABC को दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों (ABD और ACD) में विभाजित करती है। जब P, AD पर एक बिन्दु होता है, तो PD त्रिभुज PBC की भी माध्यिका बन जाती है, और इसी प्रकार ar(PBD) = ar(PCD) होता है। इन संबंधों का उपयोग करके यह सिद्ध किया जा सकता है कि ar(ABP) = ar(ACP)।
In simple words: कथन गलत है। अगर P माध्यिका AD पर है, तो त्रिभुज ABP और ACP का क्षेत्रफल बराबर होता है। यह त्रिभुज की माध्यिका का एक महत्वपूर्ण गुण है, जिसे क्षेत्रफल के संदर्भ में समविभाजन गुण कहा जाता है।
🎯 Exam Tip: माध्यिका का एक महत्वपूर्ण गुण यह है कि यह त्रिभुज को दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है। इस गुण का उपयोग कई क्षेत्रफल-संबंधित समस्याओं में किया जाता है।
Question 12. यदि दिए गए चित्र में PQRS और EFRS दो समान्तर चतुर्भुज हैं, तो ar (MFR) = \( \frac {1}{2} \) ar (PQRS) है।
Answer: दिया गया कथन सत्य है। चूंकि समान्तर चतुर्भुज PQRS और EFRS एक ही आधार SR पर और एक ही समांतर रेखाओं SR और PF के बीच स्थित हैं, उनके क्षेत्रफल बराबर होंगे (ar(PQRS) = ar(EFRS))।
\( \implies \) इसके अतिरिक्त, त्रिभुज MFR और समान्तर चतुर्भुज EFRS एक ही आधार RF पर और एक ही समांतर रेखाओं RF और SE के बीच स्थित हैं, तो त्रिभुज MFR का क्षेत्रफल समान्तर चतुर्भुज EFRS के क्षेत्रफल का आधा होगा (ar(MFR) = \( \frac {1}{2} \) ar(EFRS))।
\( \implies \) इन दोनों कथनों को मिलाकर, हम सिद्ध कर सकते हैं कि ar(MFR) = \( \frac {1}{2} \) ar(PQRS) है। यह क्षेत्रफल प्रमेय का सीधा अनुप्रयोग है।
In simple words: यह कथन सही है। क्योंकि समांतर चतुर्भुज और त्रिभुज एक ही आधार पर और समांतर रेखाओं के बीच हैं, त्रिभुज का क्षेत्रफल समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है। यह प्रमेय ज्यामिति में क्षेत्रफल संबंधों को समझने के लिए एक मूलभूत आधार प्रदान करता है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि एक ही आधार पर और समांतर रेखाओं के बीच स्थित त्रिभुज का क्षेत्रफल समान्तर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है।
Question 13. दिए गए चित्र में, एक चतुर्भुज ODA पर है। PS पर बिन्दु Q और R इस प्रकार स्थित हैं कि PQ = QR = RS है तथा PA || QB || RC || SD है। सिद्ध कीजिए कि AB = BC = CD है।
Answer: हमें यह सिद्ध करना है कि AB = BC = CD है।
1. चूँकि PA || QB और PQ || AB, PABQ एक समान्तर चतुर्भुज है।
2. इसी प्रकार, BCRQ और CDSR भी समान्तर चतुर्भुज हैं क्योंकि RC || SD, QB || RC और QR || BC, RS || CD।
3. समान्तर चतुर्भुजों के गुणधर्मों के अनुसार, सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
\( \implies \) इसलिए, AB = PQ, BC = QR और CD = RS होगा।
4. प्रश्न में दिया गया है कि PQ = QR = RS है।
\( \implies \) इन सभी समानताओं को मिलाकर, हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि AB = BC = CD है। यह समांतर रेखाओं और समान्तर चतुर्भुजों के गुणों पर आधारित है।
In simple words: चित्र में दिए गए सभी छोटे चतुर्भुज समांतर चतुर्भुज हैं। चूंकि PQ, QR, RS बराबर हैं, तो उनके सामने वाली भुजाएँ AB, BC, CD भी बराबर होंगी। यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय प्रमाण है जो समान्तर चतुर्भुजों और समांतर रेखाओं के बीच के संबंधों को स्पष्ट करता है।
🎯 Exam Tip: समांतर रेखाओं और समान्तर चतुर्भुज के गुणों को पहचानना सीखें। विशेष रूप से, यदि एक चतुर्भुज में सम्मुख भुजाएँ समांतर और बराबर हों, तो वह एक समान्तर चतुर्भुज होता है।
Question 14. X और Y त्रिभुजे LMN की भुजा LN पर स्थित दो। बिन्दु इस प्रकार हैं। LX = XY = YN है। X से होकर जाती हुई एक रेखा LM के समान्तर खींची गई जो MN को Z पर मिलती है। सिद्ध कीजिए कि ar (ALZY) = ar (MZYX) है।
Answer: हमें सिद्ध करना है कि दो क्षेत्रों ALZY और MZYX का क्षेत्रफल बराबर है।
1. त्रिभुज LMN में, X और Y भुजा LN पर ऐसे बिन्दु हैं कि LX = XY = YN।
2. एक रेखा XZ, LM के समानांतर खींची गई है जो MN को Z पर मिलती है।
3. प्रमेय 10.2 का उपयोग करते हुए, हम पाते हैं कि त्रिभुज LXZ का क्षेत्रफल त्रिभुज MXZ के क्षेत्रफल के बराबर है (ar(LXZ) = ar(MXZ))।
\( \implies \) अब, यदि हम दोनों पक्षों में त्रिभुज XYZ का क्षेत्रफल जोड़ दें, तो हमें ar(LXZ) + ar(XYZ) = ar(MXZ) + ar(XYZ) मिलता है।
\( \implies \) इससे यह सिद्ध होता है कि चतुर्भुज LZYX (या ALZY) का क्षेत्रफल चतुर्भुज MZYX के क्षेत्रफल के बराबर है। यह समांतर रेखाओं के बीच बने त्रिभुजों के क्षेत्रफल के गुणों पर आधारित है।
In simple words: जब त्रिभुज में मध्य-बिन्दु लेकर समांतर रेखा खींची जाती है, तो बने हुए दो चतुर्भुजों ALZY और MZYX का क्षेत्रफल बराबर होता है। यह प्रमेय त्रिभुज के मध्य-बिन्दु और समांतर रेखाओं के बीच के संबंधों का उपयोग करके क्षेत्रों की समानता स्थापित करने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: जब दो त्रिभुज एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित होते हैं, तो उनके क्षेत्रफल बराबर होते हैं। यह गुण इस प्रकार के क्षेत्र-संबंधित प्रमाणों में बहुत उपयोगी है।
Question 15. समान्तर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल 90 सेमी\(^2\) है। निम्रलिखित क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
(i) ar (ABEF)
(ii) ar (ABD)
(iii) ar (BEF)
Answer: दिया गया है कि समान्तर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल 90 सेमी\(^2\) है।
(i) समान्तर चतुर्भुज ABEF का क्षेत्रफल: चूंकि समान्तर चतुर्भुज ABCD और समान्तर चतुर्भुज ABEF एक ही आधार AB पर और एक ही समांतर रेखाओं AB तथा CF के बीच स्थित हैं, प्रमेय 10.1 के अनुसार उनके क्षेत्रफल बराबर होंगे।
\( \implies \) इसलिए, ar(ABEF) = ar(ABCD) = 90 सेमी\(^2\)।
(ii) त्रिभुज ABD का क्षेत्रफल: त्रिभुज ABD और समान्तर चतुर्भुज ABEF एक ही आधार AB पर और एक ही समांतर रेखाओं AB तथा EF के बीच स्थित हैं। प्रमेय के अनुसार, त्रिभुज का क्षेत्रफल समान्तर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है।
\( \implies \) इसलिए, ar(ABD) = \( \frac{1}{2} \) ar(ABEF) = \( \frac{1}{2} \times 90 = 45 \) सेमी\(^2\)।
(iii) त्रिभुज BEF का क्षेत्रफल: त्रिभुज BEF और समान्तर चतुर्भुज ABEF एक ही आधार EF पर और एक ही समांतर रेखाओं EF और AB के बीच स्थित हैं।
\( \implies \) अतः ar(BEF) = \( \frac{1}{2} \) ar(ABEF) = \( \frac{1}{2} \times 90 = 45 \) सेमी\(^2\)। यह प्रमेय समान आधार और समांतर रेखाओं के बीच के क्षेत्रफल संबंधों का उपयोग करता है।
In simple words: समान्तर चतुर्भुज ABCD और ABEF का क्षेत्रफल बराबर (90 सेमी\(^2\)) है क्योंकि वे एक ही आधार और समांतर रेखाओं के बीच हैं। त्रिभुज ABD और BEF दोनों का क्षेत्रफल ABEF का आधा (45 सेमी\(^2\)) है क्योंकि वे भी समान आधार और समांतर रेखाओं के बीच हैं। यह दर्शाता है कि एक ही समांतर रेखाओं के बीच बने सभी ज्यामितीय आकृतियों के क्षेत्रफल के बीच एक निश्चित संबंध होता है।
🎯 Exam Tip: एक ही आधार और समांतर रेखाओं के बीच स्थित आकृतियों के क्षेत्रफल के प्रमेय को अच्छी तरह से समझें। यह कई क्षेत्रफल समस्याओं को हल करने की कुंजी है।
Question 16. △ABC में, D भुजा AB का मध्य-बिन्दु है तथा P भुजा BC पर स्थित कोई बिन्दु है। यदि रेखाखण्ड CQ || PD भुजा AB से Q पर मिलता है (चित्र से,) तो सिद्ध कीजिए कि ar (BPQ) = \( \frac {1}{2 } \) ar (ABC) है।
Answer: हमें सिद्ध करना है कि त्रिभुज BPQ का क्षेत्रफल त्रिभुज ABC के क्षेत्रफल का आधा है।
1. दिया गया है कि D भुजा AB का मध्य-बिन्दु है, इसलिए CD त्रिभुज ABC की माध्यिका है, और ar(ADC) = ar(BCD) = \( \frac{1}{2} \) ar(ABC)।
2. साथ ही, PD समांतर है CQ के। एक ही आधार PD पर और एक ही समांतर रेखाओं PD और CQ के बीच स्थित होने के कारण, त्रिभुज PDC और त्रिभुज PDQ का क्षेत्रफल बराबर होगा (ar(PDC) = ar(PDQ))।
3. अब, ar(BCD) = ar(BPD) + ar(PDC) और ar(BPQ) = ar(BPD) + ar(PDQ)।
\( \implies \) क्योंकि ar(PDC) = ar(PDQ), इसलिए ar(BCD) = ar(BPQ)।
\( \implies \) चूंकि ar(BCD) = \( \frac{1}{2} \) ar(ABC), अतः ar(BPQ) = \( \frac{1}{2} \) ar(ABC)। यह प्रमाण समांतर रेखाओं और माध्यिकाओं के क्षेत्रफल गुणों पर आधारित है।
In simple words: माध्यिका त्रिभुज को दो बराबर हिस्सों में बांटती है। समांतर रेखाओं के बीच बने त्रिभुजों का क्षेत्रफल भी बराबर होता है। इन गुणों का इस्तेमाल करके हम सिद्ध कर सकते हैं कि ar(BPQ) त्रिभुज ABC का आधा है। यह प्रमेय ज्यामिति में क्षेत्रफल संबंधों को सरल बनाने और विभिन्न आकृतियों के बीच संबंधों को स्थापित करने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है।
🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि एक ही आधार और एक ही समांतर रेखाओं के बीच के त्रिभुजों के क्षेत्रफल बराबर होते हैं। यह प्रमेय कई जटिल ज्यामितीय समस्याओं को हल करने में मदद करता है।
Question 17. चित्र में, ABCD एक वर्ग है तथा E और F क्रमशः भुजाओं BC और CD के मध्य-बिन्दु हैं। R, EF का मध्य-बिन्दु है। सिद्ध कीजिए कि ar (∆AER) = ar (∆AFR) है।
Answer: हमें यह सिद्ध करना है कि त्रिभुज AER और त्रिभुज AFR का क्षेत्रफल बराबर है।
1. चूँकि ABCD एक वर्ग है और E, F क्रमशः BC और CD के मध्य-बिन्दु हैं, इसलिए BE = EC = CF = DF।
2. अब, त्रिभुज AFD और त्रिभुज AEB को देखें। इनमें AD = AB (वर्ग की भुजाएँ), DF = BE (ऊपर सिद्ध किया गया), और \( \angle \text{D} = \angle \text{B} = 90^\circ \)।
\( \implies \) इसलिए, SAS सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle \text{AFD} \cong \triangle \text{AEB} \)।
\( \implies \) इसका अर्थ है कि AF = AE (CPCT द्वारा), और \( \angle \text{AFD} = \angle \text{AEB} \)।
3. अब, R, रेखाखण्ड EF का मध्य-बिन्दु है, इसलिए ER = FR।
4. त्रिभुज AER और त्रिभुज AFR को लें। इनमें AE = AF (ऊपर सिद्ध किया गया), ER = FR (R मध्य-बिन्दु है), और \( \angle \text{AER} = \angle \text{AFR} \) (यह पिछले सर्वांगसम त्रिभुजों के कोणों के आधार पर दिखाया जा सकता है)।
\( \implies \) इसलिए, SAS सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle \text{AER} \cong \triangle \text{AFR} \)।
\( \implies \) चूंकि सर्वांगसम त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है, अतः ar(∆AER) = ar(∆AFR) है। यह क्षेत्रफल की समानता सिद्ध करता है।
In simple words: पहले \( \triangle \text{AFD} \) और \( \triangle \text{AEB} \) को सर्वांगसम सिद्ध करते हैं जिससे AF = AE मिलता है। फिर R मध्य-बिन्दु होने से ER = FR। इस प्रकार, \( \triangle \text{AER} \) और \( \triangle \text{AFR} \) सर्वांगसम होते हैं, और इसलिए उनके क्षेत्रफल बराबर होते हैं। यह प्रमेय दिखाता है कि ज्यामिति में सर्वांगसमता का उपयोग क्षेत्रों की समानता स्थापित करने के लिए एक शक्तिशाली तरीका है।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसम त्रिभुजों का क्षेत्रफल हमेशा बराबर होता है। SAS सर्वांगसमता नियम को ध्यान से लागू करें, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोण दो भुजाओं के बीच का हो।
Question 18. O एक समान्तरे चतुर्भुज PQRS के विकर्ण PR पर स्थित कोई बिन्दु है। [ देखें दिए गए चित्र में] सिद्ध कीजिए कि ar (PSO) = ar (PQO) है।
Answer: हमें सिद्ध करना है कि त्रिभुज PSO का क्षेत्रफल त्रिभुज PQO के क्षेत्रफल के बराबर है।
1. समान्तर चतुर्भुज PQRS में, विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। मान लीजिए विकर्ण QS, विकर्ण PR को बिन्दु T पर काटता है।
\( \implies \) इसलिए, T, QS का मध्य-बिन्दु है, जिससे PT त्रिभुज PQS की माध्यिका बन जाती है।
2. एक त्रिभुज की माध्यिका उसे दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है।
\( \implies \) इसलिए, ar(PTS) = ar(PTQ)।
3. चूंकि O, PR पर स्थित है, तो OT त्रिभुज OQS की माध्यिका है।
\( \implies \) इसलिए, ar(OTS) = ar(OTQ)।
4. अब, ar(PSO) = ar(PTS) + ar(OTS) और ar(PQO) = ar(PTQ) + ar(OTQ)।
\( \implies \) चूंकि ar(PTS) = ar(PTQ) और ar(OTS) = ar(OTQ), अतः ar(PSO) = ar(PQO) है। यह माध्यिका के क्षेत्रफल समविभाजन गुण का अनुप्रयोग है।
In simple words: समान्तर चतुर्भुज में विकर्ण एक-दूसरे को आधा करते हैं। अगर O विकर्ण PR पर एक बिन्दु है, तो माध्यिका के गुणों से \( \triangle \text{PSO} \) और \( \triangle \text{PQO} \) का क्षेत्रफल बराबर सिद्ध होता है। यह प्रमाण दर्शाता है कि एक ही आधार और एक ही समांतर रेखाओं के बीच बने त्रिभुजों के क्षेत्रफल बराबर होते हैं, भले ही उनका शीर्ष बिन्दु भिन्न हो।
🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण प्रमेय है कि त्रिभुज की माध्यिका उसे दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है। इसका उपयोग क्षेत्रफल से संबंधित प्रमाणों में अक्सर किया जाता है।
Question 19. ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है, जिसमें BC को E तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि CE = BC है। [चित्र देखे] AE भुजा CD को F पर प्रतिच्छेद करती है। यदि ar (DFB) = 3 सेमी\(^2\) है, तो समान्तर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें समान्तर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात करना है।
1. दिया गया है कि CE = BC। चूंकि ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है, AD || BC और AD = BC।
\( \implies \) इसलिए, AD = BC = CE।
2. त्रिभुज ADF और त्रिभुज ECF को देखें। इनमें AD = CE, \( \angle \text{DAF} = \angle \text{CEF} \) (एकान्तर कोण), और \( \angle \text{ADF} = \angle \text{ECF} \) (एकान्तर कोण)।
\( \implies \) इस प्रकार, ASA सर्वांगसमता नियम से, \( \triangle \text{ADF} \cong \triangle \text{ECF} \)।
\( \implies \) इसलिए, DF = CF (CPCT द्वारा), जिसका अर्थ है कि F, CD का मध्य-बिन्दु है।
3. अब, त्रिभुज DFB का क्षेत्रफल 3 सेमी\(^2\) दिया गया है। BF त्रिभुज BCD की माध्यिका है क्योंकि F, CD का मध्य-बिन्दु है।
\( \implies \) इसलिए, ar(BCF) = ar(DFB) = 3 सेमी\(^2\)।
\( \implies \) अतः, त्रिभुज BCD का क्षेत्रफल ar(BCD) = ar(BCF) + ar(DFB) = 3 + 3 = 6 सेमी\(^2\)।
4. चूंकि BD समान्तर चतुर्भुज ABCD का एक विकर्ण है, यह उसे दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करता है।
\( \implies \) इसलिए, ar(ABCD) = 2 \( \times \) ar(BCD) = 2 \( \times \) 6 = 12 सेमी\(^2\)।
\( \implies \) अतः, समान्तर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल 12 सेमी\(^2\) है। यह प्रमेय त्रिभुज माध्यिका और समान्तर चतुर्भुज के क्षेत्रफल के गुणों पर आधारित है।
In simple words: CE = BC और ABCD एक समांतर चतुर्भुज है, जिससे F, CD का मध्य-बिन्दु सिद्ध होता है। क्योंकि F मध्य-बिन्दु है, \( \triangle \text{DFB} \) और \( \triangle \text{BCF} \) का क्षेत्रफल बराबर (3 सेमी\(^2\)) होता है। तो \( \triangle \text{BCD} \) का क्षेत्रफल 6 सेमी\(^2\) हुआ। समांतर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल \( \triangle \text{BCD} \) का दुगना (12 सेमी\(^2\)) होगा। यह प्रमाण दर्शाता है कि ज्यामिति में छोटे-छोटे गुणों का उपयोग करके बड़ी आकृतियों के क्षेत्रफल की गणना कैसे की जा सकती है।
🎯 Exam Tip: समान्तर चतुर्भुज का विकर्ण उसे दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में बांटता है। साथ ही, त्रिभुज की माध्यिका उसे दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है। इन दोनों प्रमेयों को याद रखें।
Question 19. ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है, जिसमें BC को E तक इस प्रकार बढ़ाया गया है कि CE = BC है। [चित्र देखें] AE भुजा CD को F पर प्रतिच्छेद करती है। यदि ar (DFB) = 3 सेमी है, तो समान्तर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
दिया गया है कि BC को E तक इस तरह बढ़ाया गया है कि \(CE = BC\) है। AE भुजा CD को F पर प्रतिच्छेद करती है। यदि \(ar (DFB) = 3 \text{ सेमी}^2\) है।
हमें \(ar (ABCD)\) ज्ञात करना है।
सबसे पहले, BD और BF को मिलाएँ।
त्रिभुज \( \Delta A E B \) में, C भुजा BE का मध्य-बिंदु है क्योंकि \(CE = BC\)।
हमें दिया गया है कि ABCD एक समांतर चतुर्भुज है, इसलिए \(AB || CD\). इसका मतलब है \(AB || CF\).
चूँकि C, BE का मध्य-बिंदु है और \(CF || AB\), तो F, भुजा DC का भी मध्य-बिंदु होगा। यह मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम से पता चलता है।
अब, समांतर चतुर्भुज ABCD में, BD इसका एक विकर्ण है।
हम जानते हैं कि समांतर चतुर्भुज का विकर्ण उसे दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करता है।
इसलिए, \(ar (\Delta ABD) = ar (\Delta CBD)\)
\( \implies ar (ABCD) = 2 \times ar (\Delta ABD) \) या \( ar (ABCD) = 2 \times ar (\Delta CBD) \) ...(1)
BF, \(\Delta DBC\) की एक माध्यिका है, क्योंकि F भुजा DC का मध्य-बिंदु है।
एक माध्यिका त्रिभुज को दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है।
इसलिए, \(ar (\Delta DFB) = ar (\Delta CFB) = \frac{1}{2} ar (\Delta DBC)\)
हमें \(ar (\Delta DFB) = 3 \text{ सेमी}^2\) दिया गया है।
\( \implies 3 = \frac{1}{2} ar (\Delta DBC) \)
\( \implies ar (\Delta DBC) = 2 \times 3 = 6 \text{ सेमी}^2 \)
अब, समीकरण (1) में \(ar (\Delta DBC)\) का मान रखने पर:
\( ar (ABCD) = 2 \times ar (\Delta DBC) \)
\( \implies ar (ABCD) = 2 \times 6 \text{ सेमी}^2 \)
\( \implies ar (ABCD) = 12 \text{ सेमी}^2 \)
अतः, समांतर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल \(12 \text{ सेमी}^2\) है।
In simple words: हमने देखा कि C, BE का मध्य-बिंदु है और F, DC का मध्य-बिंदु है। त्रिभुज DFB का क्षेत्रफल 3 सेमी2 है। क्योंकि BF, त्रिभुज DBC की माध्यिका है, तो DBC का क्षेत्रफल 6 सेमी2 होगा। एक समांतर चतुर्भुज का विकर्ण उसे दो बराबर त्रिभुजों में बांटता है, इसलिए पूरे समांतर चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल 12 सेमी2 होगा।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों को हल करते समय, समांतर चतुर्भुज और त्रिभुज के क्षेत्रफल से संबंधित प्रमेय, जैसे कि माध्यिका द्वारा त्रिभुज को विभाजित करने का प्रमेय, का उपयोग करें। मध्य-बिंदु प्रमेय को भी ध्यान में रखें।
Question 21. एक समान्तर चतुर्भुज ABCD के विकर्ण बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करते हैं। O से होकर एक रेखा खींची जाती है, जो AD को P और BC से Q पर मिलती है। दर्शाइए कि PQ इस समान्तर चतुर्भुज ABCD को बराबर क्षेत्रफल वाले दो भागों में विभाजित करता है।
Answer:
दिया गया है कि ABCD एक समांतर चतुर्भुज है और इसके विकर्ण O पर प्रतिच्छेद करते हैं। O से होकर एक रेखा PQ खींची जाती है, जो AD को P पर और BC को Q पर मिलती है। हमें सिद्ध करना है कि \(ar (ABQP) = ar (CQPD)\) है।
उपपत्ति:
हम जानते हैं कि समांतर चतुर्भुज का विकर्ण उसे दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करता है।
इसलिए, \(ar (\Delta ABC) = ar (\Delta ACD)\) ...(1)
अब, हम \(\Delta AOP\) और \(\Delta COQ\) पर विचार करते हैं।
चूँकि ABCD एक समांतर चतुर्भुज है, तो \(AD || BC\)।
इसलिए, \( \angle OAP = \angle OCQ \) (एकांतर कोण)
और \( \angle AOP = \angle COQ \) (शीर्षाभिमुख कोण)
हमें पता है कि समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
इसलिए, \(AO = OC\)।
ASA (कोण-भुजा-कोण) सर्वांगसमता नियम से, \( \Delta AOP \cong \Delta COQ \)
इसलिए, \(ar (\Delta AOP) = ar (\Delta COQ)\) ...(2)
अब, हम समीकरण (1) को इस प्रकार लिख सकते हैं:
\( ar (\Delta ABO) + ar (\Delta BOC) = ar (\Delta DOC) + ar (\Delta AOD) \)
या, \( ar (चतुर्भुज ABQO) + ar (\Delta QOC) = ar (चतुर्भुज DPOC) + ar (\Delta AOP) \)
समीकरण (2) का उपयोग करने पर, \(ar (\Delta QOC)\) को \(ar (\Delta AOP)\) से बदलें:
\( ar (चतुर्भुज ABQO) + ar (\Delta AOP) = ar (चतुर्भुज DPOC) + ar (\Delta AOP) \)
दोनों तरफ से \(ar (\Delta AOP)\) घटाने पर:
\( ar (चतुर्भुज ABQO) = ar (चतुर्भुज DPOC) \)
यह सिद्ध करता है कि रेखा PQ समांतर चतुर्भुज ABCD को दो बराबर क्षेत्रफल वाले भागों में विभाजित करती है।
In simple words: समांतर चतुर्भुज में, विकर्ण एक दूसरे को बीच में काटते हैं। हमने दिखाया कि O से जाने वाली रेखा PQ, त्रिभुज AOP और COQ को एक जैसा बनाती है। इससे साबित होता है कि PQ रेखा पूरे समांतर चतुर्भुज को दो बराबर क्षेत्रफल वाले हिस्सों में बाँट देती है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के सिद्ध करने वाले प्रश्नों में, पहले ज्ञात गुणों (जैसे समांतर चतुर्भुज के विकर्णों के गुण) का उपयोग करें, फिर सर्वांगसमता नियमों का प्रयोग करके त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध करें।
Question 22. एक त्रिभुज ABC की माध्यिकाएँ BE और CF परस्पर बिन्दु G पर प्रतिच्छेद करती है। सिद्ध कीजिए कि AGBC का क्षेत्रफल चतुर्भुज AFGE के क्षेत्रफल के बराबर है।
Answer:
दिया गया है कि \(\Delta ABC\) में, BE और CF माध्यिकाएँ हैं जो G पर प्रतिच्छेद करती हैं। हमें सिद्ध करना है कि \(ar (\Delta GBC) = ar (चतुर्भुज AFGE)\) है।
उपपत्ति:
F और E क्रमशः AB और AC के मध्य-बिंदु हैं।
मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार, यदि एक त्रिभुज की दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाया जाए, तो प्राप्त रेखा तीसरी भुजा के समांतर और उसकी आधी होती है।
इसलिए, EF || BC।
अब, \(\Delta BEF\) और \(\Delta CEF\) एक ही आधार EF पर स्थित हैं और एक ही समांतर रेखाओं EF और BC के बीच में हैं (क्योंकि EF || BC)।
हम जानते हैं कि एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है।
इसलिए, \(ar (\Delta BEF) = ar (\Delta CEF)\) ...(1)
दोनों तरफ से \(ar (\Delta GEF)\) घटाने पर:
\( ar (\Delta BEF) - ar (\Delta GEF) = ar (\Delta CEF) - ar (\Delta GEF) \)
\( \implies ar (\Delta BGF) = ar (\Delta CGE) \) ...(2)
माध्यिका BE, \(\Delta ABC\) को दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है।
इसलिए, \(ar (\Delta ABE) = ar (\Delta CBE)\)
\( \implies ar (\Delta AGF) + ar (\Delta BGF) + ar (\Delta GEF) = ar (\Delta CGE) + ar (\Delta BGE) \)
समीकरण (2) का उपयोग करने पर, \(ar (\Delta BGF)\) को \(ar (\Delta CGE)\) से बदलने पर:
\( ar (\Delta AGF) + ar (\Delta CGE) + ar (\Delta GEF) = ar (\Delta CGE) + ar (\Delta BGE) \)
दोनों तरफ से \(ar (\Delta CGE)\) घटाने पर:
\( ar (\Delta AGF) + ar (\Delta GEF) = ar (\Delta BGE) \)
\( \implies ar (चतुर्भुज AFGE) = ar (\Delta BGE) \) ...(3)
इसी प्रकार, माध्यिका CF, \(\Delta ABC\) को दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है।
इसलिए, \(ar (\Delta ACF) = ar (\Delta BCF)\)
\( \implies ar (\Delta AGE) + ar (\Delta CGE) = ar (\Delta BGF) + ar (\Delta BGE) \)
समीकरण (2) का उपयोग करके \(ar (\Delta BGF)\) को \(ar (\Delta CGE)\) से बदलने पर:
\( ar (\Delta AGE) + ar (\Delta CGE) = ar (\Delta CGE) + ar (\Delta BGE) \)
दोनों तरफ से \(ar (\Delta CGE)\) घटाने पर:
\( ar (\Delta AGE) = ar (\Delta BGE) \) ...(4)
समीकरण (3) और (4) से:
\( ar (चतुर्भुज AFGE) = ar (\Delta AGE) \)
यह समीकरण (4) का ही रूप है।
हमें सिद्ध करना है \(ar (\Delta GBC) = ar (चतुर्भुज AFGE)\).
हम जानते हैं कि माध्यिकाएँ त्रिभुज को तीन बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती हैं, जिनके शीर्ष माध्यिका का प्रतिच्छेदन बिंदु होता है (केंद्रक)।
यानी, \(ar (\Delta AGB) = ar (\Delta BGC) = ar (\Delta CGA)\).
हमने पहले ही सिद्ध किया है कि \(ar (चतुर्भुज AFGE) = ar (\Delta AGE)\). यह सही नहीं है।
माध्यिकाओं के गुण के अनुसार \(ar (\Delta AGF) = ar (\Delta BGF)\) और \(ar (\Delta AGE) = ar (\Delta CGE)\).
हम यह भी जानते हैं कि माध्यिकाएँ त्रिभुज को छह छोटे त्रिभुजों में विभाजित करती हैं, जिनमें से प्रत्येक का क्षेत्रफल पूरे त्रिभुज के क्षेत्रफल का \(1/6\) होता है।
यह एक अलग प्रमेय है। यहां हमें \(ar (GBC) = ar (AFGE)\) सिद्ध करना है।
हम जानते हैं कि \(ar (\Delta GBC) = ar (\Delta BGE) + ar (\Delta CGE)\).
समीकरण (2) के अनुसार \(ar (\Delta BGF) = ar (\Delta CGE)\).
\(ar (AFGE) = ar (\Delta AGF) + ar (\Delta AGE) + ar (\Delta GEF)\). यह बहुत जटिल हो रहा है।
आइए एक और सरल तरीके से देखें।
क्योंकि BE और CF माध्यिकाएँ हैं, F और E क्रमशः AB और AC के मध्य-बिंदु हैं।
इसलिए, \(FE || BC\) और \(FE = \frac{1}{2} BC\)।
अब, \(\Delta GBC\) और चतुर्भुज AFGE का क्षेत्रफल बराबर सिद्ध करना है।
चूँकि FE || BC, \(\Delta FBC\) और \(\Delta EBC\) एक ही आधार BC पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित हैं।
इसलिए, \(ar (\Delta FBC) = ar (\Delta EBC)\).
दोनों तरफ से \(ar (\Delta GBC)\) घटाने पर (यदि GBC, FBC का हिस्सा है, जो कि है):
\( ar (\Delta FBC) - ar (\Delta GBC) = ar (\Delta EBC) - ar (\Delta GBC) \)
\( \implies ar (\Delta FBG) = ar (\Delta ECG) \) ...(A)
यह माध्यिकाओं का गुण भी है कि वे त्रिभुज को 6 बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में बांटती हैं।
इसलिए \(ar (\Delta FBG) = ar (\Delta BGD) = ar (\Delta DGC) = ar (\Delta CGE) = ar (\Delta EGA) = ar (\Delta AGF) \).
हमें सिद्ध करना है \(ar (\Delta GBC) = ar (चतुर्भुज AFGE)\).
\(ar (\Delta GBC) = ar (\Delta BGD) + ar (\Delta DGC)\).
\(ar (चतुर्भुज AFGE) = ar (\Delta AGF) + ar (\Delta FBG) + ar (\Delta BGE) - ar (\Delta BGF)\). यह गलत हो रहा है।
आइए इसे माध्यिकाओं के मानक गुण के आधार पर करें कि माध्यिकाएँ त्रिभुज को 6 बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में बांटती हैं।
माना \(ar (\Delta BGD) = k\). तो \(ar (\Delta GBC) = 2k\).
\(ar (\Delta AFG) = ar (\Delta FBG) = k\).
\(ar (\Delta AGE) = ar (\Delta CGE) = k\).
अब, \(ar (चतुर्भुज AFGE) = ar (\Delta AGF) + ar (\Delta AGE)\).
यह \(k + k = 2k\) है।
और \(ar (\Delta GBC) = ar (\Delta BGD) + ar (\Delta DGC)\).
यह भी \(k + k = 2k\) है।
इसलिए, \(ar (\Delta GBC) = ar (चतुर्भुज AFGE)\).
In simple words: माध्यिकाएँ त्रिभुज को 6 छोटे त्रिभुजों में बांटती हैं, जिनका क्षेत्रफल बराबर होता है। त्रिभुज GBC दो ऐसे छोटे त्रिभुजों से मिलकर बना है, इसलिए इसका क्षेत्रफल \(2k\) होगा। चतुर्भुज AFGE भी दो ऐसे छोटे त्रिभुजों (AFG और AGE) से मिलकर बना है, इसलिए इसका क्षेत्रफल भी \(2k\) होगा। इस तरह, दोनों का क्षेत्रफल बराबर है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि त्रिभुज की माध्यिकाएँ उसे 6 बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती हैं, जहाँ प्रतिच्छेदन बिंदु (केंद्रक) शीर्षों और मध्य-बिंदुओं से बने इन छोटे त्रिभुजों का उभयनिष्ठ शीर्ष होता है।
Question 23. दिए गए चित्र में, CD || AE और CY || BA है। सिद्ध कीजिए कि ar (CBX) = ar (AXY) है।
Answer:
दिया गया है कि \(CD || AE\) और \(CY || BA\)। हमें सिद्ध करना है कि \(ar (\Delta CBX) = ar (\Delta AXY)\) है।
उपपत्ति:
त्रिभुज CBY और त्रिभुज CAY एक ही आधार CY पर स्थित हैं और एक ही समांतर रेखाओं CY और BA के बीच हैं (क्योंकि \(CY || BA\))।
इसलिए, \(ar (\Delta CBY) = ar (\Delta CAY)\) (एक ही आधार और समांतर रेखाओं के बीच स्थित त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है)।
दोनों तरफ से \(ar (\Delta CXY)\) घटाने पर:
\( ar (\Delta CBY) - ar (\Delta CXY) = ar (\Delta CAY) - ar (\Delta CXY) \)
\( \implies ar (\Delta CBX) = ar (\Delta AXY) \)
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है।
In simple words: हमने देखा कि त्रिभुज CBY और CAY एक ही आधार CY पर हैं और एक ही दिशा में जा रही दो सीधी लाइनों के बीच हैं। इसका मतलब है कि उनके क्षेत्रफल बराबर हैं। अगर हम दोनों में से बीच वाले हिस्से (त्रिभुज CXY) को हटा दें, तो जो बचे हुए हिस्से (त्रिभुज CBX और त्रिभुज AXY) हैं, उनका क्षेत्रफल भी बराबर होगा।
🎯 Exam Tip: यह प्रमेय कि 'एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है' ज्यामिति के क्षेत्रफल संबंधी प्रश्नों में बहुत उपयोगी है। इसे ध्यान से लागू करें।
Question 24. ABCD एक समलम्ब है, जिसमें AB || DC, DC = 30 सेमी और AB = 50 सेमी है। यदि X और Y क्रमश: AD और BC के मध्य-बिन्दु हैं, तो सिद्ध कीजिए कि ar (DCYX) = \(\frac {7}{9}\) ar (XYBA) है।
Answer:
दिया गया है कि ABCD एक समलंब चतुर्भुज है जिसमें \(AB || DC\)। \(DC = 30\) सेमी और \(AB = 50\) सेमी है। X और Y क्रमशः AD और BC के मध्य-बिंदु हैं। हमें सिद्ध करना है कि \(ar (DCYX) = \frac{7}{9} ar (XYBA)\) है।
रचना:
DY को मिलाएँ और इसे आगे बढ़ाएँ जो AB को आगे बढ़ाने पर O पर मिलती है।
उपपत्ति:
\(\Delta DCY\) और \(\Delta OBY\) में:
\( \angle DCY = \angle OBY \) (एकांतर कोण, क्योंकि \(DC || AB\))
\( CY = BY \) (क्योंकि Y, BC का मध्य-बिंदु है)
\( \angle CYD = \angle BYO \) (शीर्षाभिमुख कोण)
इसलिए, ASA (कोण-भुजा-कोण) सर्वांगसमता नियम से, \( \Delta DCY \cong \Delta OBY \)
यह दर्शाता है कि \(DC = OB\) (CPCT) और \(DY = OY\) (CPCT)।
चूँकि Y, DO का मध्य-बिंदु है और X, AD का मध्य-बिंदु है।
\(\Delta AOD\) में, X और Y क्रमशः AD और OD के मध्य-बिंदु हैं।
मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार, \(XY || AO\) और \(XY = \frac{1}{2} AO\)।
\( AO = AB + BO \)
\( \implies XY = \frac{1}{2} (AB + BO) \)
चूँकि \(BO = DC\) (जैसा कि ऊपर सिद्ध हुआ है):
\( XY = \frac{1}{2} (AB + DC) \)
दिए गए मानों को रखने पर:
\( XY = \frac{1}{2} (50 + 30) = \frac{1}{2} (80) = 40 \) सेमी।
अब, हमें पता है कि \(AB || XY\) और \(XY || CD\)।
इसलिए, AB || XY || CD।
XY, समलंब ABBA और DCYX को अलग करता है। X और Y क्रमशः AD और BC के मध्य-बिंदु हैं।
माना समलंब चतुर्भुज की ऊंचाई \(h\) है।
तो, समलंब XYBA का क्षेत्रफल \(ar (XYBA) = \frac{1}{2} (AB + XY) \times h\)
\( ar (XYBA) = \frac{1}{2} (50 + 40) \times h = \frac{1}{2} (90) \times h = 45h \) ...(1)
और समलंब DCYX का क्षेत्रफल \(ar (DCYX) = \frac{1}{2} (DC + XY) \times h\)
\( ar (DCYX) = \frac{1}{2} (30 + 40) \times h = \frac{1}{2} (70) \times h = 35h \) ...(2)
अब, समीकरण (2) को समीकरण (1) से भाग देने पर:
\( \frac{ar (DCYX)}{ar (XYBA)} = \frac{35h}{45h} = \frac{35}{45} = \frac{7}{9} \)
\( \implies ar (DCYX) = \frac{7}{9} ar (XYBA) \)
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है।
In simple words: हमने DY को आगे बढ़ाया और AB को O पर मिलाया। त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध करके, हमने दिखाया कि \(XY\) रेखा की लंबाई \((\text{AB} + \text{DC})/2\) है, जो 40 सेमी है। फिर, हमने दोनों छोटे समलंबों, DCYX और XYBA, के क्षेत्रफल के सूत्र का उपयोग करके उनके अनुपात को \(7:9\) सिद्ध किया।
🎯 Exam Tip: समलंब के प्रश्नों में, मध्य-बिंदु प्रमेय और त्रिभुजों की सर्वांगसमता का उपयोग अक्सर सहायक होता है। क्षेत्रफल की गणना के लिए समलंब के क्षेत्रफल सूत्र को याद रखें।
Question 25. त्रिभुज ABC में यदि L और M क्रमशः AB और AC भुजाओं पर इस प्रकार स्थित बिन्दु हैं कि LM || BC है। सिद्ध कीजिए कि ar (LOB) = ar (MOC) है।
Answer:
दिया गया है कि \(\Delta ABC\) में, L और M क्रमशः AB और AC भुजाओं पर ऐसे बिंदु हैं कि \(LM || BC\)। हमें सिद्ध करना है कि \(ar (\Delta LOB) = ar (\Delta MOC)\) है।
रचना:
LC को मिलाएँ और BM को मिलाएँ। मान लीजिए कि ये बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं।
उपपत्ति:
त्रिभुज LBC और त्रिभुज MBC एक ही आधार BC पर स्थित हैं और एक ही समांतर रेखाओं BC और LM के मध्य स्थित हैं (क्योंकि \(LM || BC\))।
हम जानते हैं कि एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है।
इसलिए, \(ar (\Delta LBC) = ar (\Delta MBC)\)
दोनों तरफ से \(ar (\Delta OBC)\) घटाने पर:
\( ar (\Delta LBC) - ar (\Delta OBC) = ar (\Delta MBC) - ar (\Delta OBC) \)
\( \implies ar (\Delta LOB) = ar (\Delta MOC) \)
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है।
In simple words: क्योंकि LM और BC समांतर रेखाएँ हैं, तो त्रिभुज LBC और MBC का आधार BC है और वे इन समांतर रेखाओं के बीच हैं, इसलिए उनका क्षेत्रफल बराबर होगा। जब हम दोनों त्रिभुजों से बीच वाला हिस्सा (त्रिभुज OBC) हटा देते हैं, तो बचे हुए त्रिभुज LOB और MOC का क्षेत्रफल भी बराबर ही रहता है।
🎯 Exam Tip: यह प्रश्न 'एक ही आधार पर और एक ही समांतर रेखाओं के बीच स्थित त्रिभुजों के क्षेत्रफल' पर आधारित है। इस प्रमेय को याद रखना ऐसे प्रश्नों को हल करने की कुंजी है।
Question 27. यदि एक त्रिभुज ABC की माध्यिकाएँ G पर मिलती हैं, तो सिद्ध कीजिए कि ar (AGB) = ar (AGC) = ar (BGC) = \(\frac{1}{3}\) ar (ABC) है।
Answer:
दिया गया है कि \(\Delta ABC\) में, माध्यिकाएँ AD, BE और CF बिंदु G पर प्रतिच्छेद करती हैं। हमें सिद्ध करना है कि \(ar (\Delta AGB) = ar (\Delta AGC) = ar (\Delta BGC) = \frac{1}{3} ar (\Delta ABC)\) है।
उपपत्ति:
हम जानते हैं कि त्रिभुज की माध्यिका उसे दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है।
\(\Delta ABC\) में, AD माध्यिका है।
इसलिए, \(ar (\Delta ABD) = ar (\Delta ACD)\) ...(1)
\(\Delta GBC\) में, GD माध्यिका है। (क्योंकि G केंद्रक है और D BC का मध्य-बिंदु है)।
इसलिए, \(ar (\Delta GBD) = ar (\Delta GCD)\) ...(2)
समीकरण (1) में से समीकरण (2) घटाने पर:
\( ar (\Delta ABD) - ar (\Delta GBD) = ar (\Delta ACD) - ar (\Delta GCD) \)
\( \implies ar (\Delta AGB) = ar (\Delta AGC) \) ...(3)
इसी प्रकार, BE माध्यिका है।
तो, \(ar (\Delta ABE) = ar (\Delta CBE)\).
और GE, \(\Delta AGC\) की माध्यिका है। (यह गलत है, GE, \(\Delta GBC\) या \(\Delta GAC\) की माध्यिका नहीं है। BE, \(\Delta ABC\) की माध्यिका है, और G केंद्रक है।)
सही तरीका यह है:
चूँकि AD माध्यिका है, \(ar (\Delta ABD) = ar (\Delta ACD)\)।
चूँकि BE माध्यिका है, \(ar (\Delta ABE) = ar (\Delta CBE)\)।
चूँकि CF माध्यिका है, \(ar (\Delta ACF) = ar (\Delta BCF)\)।
केंद्रक G माध्यिका को 2:1 के अनुपात में विभाजित करता है।
यह भी एक महत्वपूर्ण गुण है कि त्रिभुज की माध्यिकाएँ त्रिभुज को छह छोटे त्रिभुजों में विभाजित करती हैं, जिनमें से प्रत्येक का क्षेत्रफल पूरे त्रिभुज के क्षेत्रफल का \(\frac{1}{6}\) होता है।
अर्थात्, \(ar (\Delta AGF) = ar (\Delta BGF) = ar (\Delta BGD) = ar (\Delta CGD) = ar (\Delta CGE) = ar (\Delta AGE)\).
मान लीजिए इन प्रत्येक छोटे त्रिभुज का क्षेत्रफल \(k\) है।
तब, \(ar (\Delta AGB) = ar (\Delta AGF) + ar (\Delta BGF) = k + k = 2k\).
\(ar (\Delta BGC) = ar (\Delta BGD) + ar (\Delta CGD) = k + k = 2k\).
\(ar (\Delta AGC) = ar (\Delta CGE) + ar (\Delta AGE) = k + k = 2k\).
तो, \(ar (\Delta AGB) = ar (\Delta BGC) = ar (\Delta AGC)\) सिद्ध हो गया।
अब, पूरे \(\Delta ABC\) का क्षेत्रफल:
\( ar (\Delta ABC) = ar (\Delta AGF) + ar (\Delta BGF) + ar (\Delta BGD) + ar (\Delta CGD) + ar (\Delta CGE) + ar (\Delta AGE) \)
\( ar (\Delta ABC) = k + k + k + k + k + k = 6k \)
हम जानते हैं कि \(ar (\Delta AGB) = 2k\)।
तो, \(2k = \frac{1}{3} (6k) = \frac{1}{3} ar (\Delta ABC)\).
इसलिए, \(ar (\Delta AGB) = ar (\Delta AGC) = ar (\Delta BGC) = \frac{1}{3} ar (\Delta ABC)\).
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है।
In simple words: एक त्रिभुज की माध्यिकाएँ (जो G पर मिलती हैं) त्रिभुज को छह छोटे, बराबर क्षेत्रफल वाले हिस्सों में बांट देती हैं। त्रिभुज AGB, BGC, और AGC में से प्रत्येक दो ऐसे छोटे हिस्सों से बना है। इसलिए, इन तीनों त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है, और वे पूरे त्रिभुज ABC के क्षेत्रफल का एक तिहाई होते हैं।
🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण प्रमेय है। याद रखें कि केंद्रक त्रिभुज को तीन बराबर क्षेत्रफल वाले भागों में विभाजित करता है, और प्रत्येक माध्यिका त्रिभुज को दो बराबर क्षेत्रफल वाले भागों में विभाजित करती है। केंद्रक के द्वारा बने छह छोटे त्रिभुजों का क्षेत्रफल भी समान होता है।
Question 28. दिए गए चित्र में, X और Y क्रमशः AC और AB के मध्य-बिन्दु हैं, QP || BC और CYO और BXP सरल रेखाएँ हैं। सिद्ध कीजिए कि ar (ABP) = ar (ACQ) है।
Answer:
दिया गया है कि चित्र में X और Y क्रमशः AC और AB के मध्य-बिंदु हैं। \(QP || BC\) और CYO तथा BXP सरल रेखाएँ हैं। हमें सिद्ध करना है कि \(ar (\Delta ABP) = ar (\Delta ACQ)\) है।
उपपत्ति:
चूँकि X और Y क्रमशः AC और AB के मध्य-बिंदु हैं, मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार, \(XY || BC\)।
हमें \(QP || BC\) भी दिया गया है।
इसलिए, \(XY || BC || QP\)।
अब, हम \(\Delta APX\) और \(\Delta CBX\) पर विचार करते हैं।
\( \angle AXP = \angle CXB \) (शीर्षाभिमुख कोण)
\( AX = CX \) (क्योंकि X, AC का मध्य-बिंदु है)
\( \angle PAX = \angle BCX \) (एकांतर कोण, क्योंकि \(PQ || BC\))
ASA (कोण-भुजा-कोण) सर्वांगसमता नियम से, \( \Delta APX \cong \Delta CBX \)
इसलिए, \(ar (\Delta APX) = ar (\Delta CBX)\) ...(1)
इसी प्रकार, \(\Delta AYQ\) और \(\Delta CBQ\) में:
\( \angle AYQ = \angle BYC \) (शीर्षाभिमुख कोण)
\( AY = BY \) (क्योंकि Y, AB का मध्य-बिंदु है)
\( \angle AQY = \angle BCY \) (एकांतर कोण, क्योंकि \(QP || BC\))
ASA सर्वांगसमता नियम से, \( \Delta AYQ \cong \Delta BYC \)
इसलिए, \(ar (\Delta AYQ) = ar (\Delta BYC)\) ...(2)
अब, \(\Delta XYB\) और \(\Delta XYC\) एक ही आधार XY पर स्थित हैं और एक ही समांतर रेखाओं XY और BC के बीच में स्थित हैं (क्योंकि \(XY || BC\))।
इसलिए, \(ar (\Delta XYB) = ar (\Delta XYC)\) (एक ही आधार और समांतर रेखाओं के बीच स्थित त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है)।
दोनों तरफ से \(ar (\Delta XY O)\) घटाने पर (यदि O रेखा CY और BX का प्रतिच्छेदन बिंदु है):
\( ar (\Delta XYB) - ar (\Delta XY O) = ar (\Delta XYC) - ar (\Delta XY O) \)
\( \implies ar (\Delta XOB) = ar (\Delta YOC) \) ...(3)
यह हमें सीधे आवश्यक परिणाम नहीं देता।
आइए समीकरण (1) और (2) का उपयोग करें:
\( ar (\Delta APX) = ar (\Delta CBX) \)
\( ar (\Delta AYQ) = ar (\Delta BYC) \)
हमें \(ar (\Delta ABP) = ar (\Delta ACQ)\) सिद्ध करना है।
\( ar (\Delta ABP) = ar (\Delta ABY) + ar (\Delta AYP) \)
\( ar (\Delta ACQ) = ar (\Delta ACX) + ar (\Delta XQ C) \)
चूँकि X और Y मध्य-बिंदु हैं, XY || BC।
\(\Delta XPB\) और \(\Delta XBC\) एक ही आधार XB पर नहीं हैं।
आइए हम \(ar (\Delta ABP)\) और \(ar (\Delta ACQ)\) को अलग-अलग लिखें:
\( ar (\Delta ABP) = ar (\Delta ABX) + ar (\Delta AXP) \)
और \( ar (\Delta ACQ) = ar (\Delta ACY) + ar (\Delta AYQ) \)
समीकरण (1) से, \(ar (\Delta AXP) = ar (\Delta CBX)\)
समीकरण (2) से, \(ar (\Delta AYQ) = ar (\Delta BYC)\)
प्रतिस्थापित करने पर:
\( ar (\Delta ABP) = ar (\Delta ABX) + ar (\Delta CBX) \)
\( ar (\Delta ACQ) = ar (\Delta ACY) + ar (\Delta BYC) \)
चूँकि Y, AB का मध्य-बिंदु है, CY माध्यिका है। इसलिए \(ar (\Delta ACY) = ar (\Delta BCY)\).
चूँकि X, AC का मध्य-बिंदु है, BX माध्यिका है। इसलिए \(ar (\Delta ABX) = ar (\Delta CBX)\).
अतः, \( ar (\Delta ABP) = ar (\Delta ABX) + ar (\Delta CBX) = ar (\Delta ABX) + ar (\Delta ABX) = 2 \times ar (\Delta ABX) \)
और \( ar (\Delta ACQ) = ar (\Delta ACY) + ar (\Delta BYC) = ar (\Delta ACY) + ar (\Delta ACY) = 2 \times ar (\Delta ACY) \)
यह दर्शाता है कि \(ar (\Delta ABP) = ar (\Delta ACQ)\) केवल तभी होगा जब \(ar (\Delta ABX) = ar (\Delta ACY)\) हो।
\(\Delta ABX\) और \(\Delta ACY\) का क्षेत्रफल बराबर है क्योंकि Y, AB का मध्य-बिंदु है और X, AC का मध्य-बिंदु है।
माध्यिका AX, \(\Delta ABC\) को दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है, इसलिए \(ar (\Delta ABX) = \frac{1}{2} ar (\Delta ABC)\).
माध्यिका CY, \(\Delta ABC\) को दो बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुजों में विभाजित करती है, इसलिए \(ar (\Delta ACY) = \frac{1}{2} ar (\Delta ABC)\).
इसलिए, \(ar (\Delta ABX) = ar (\Delta ACY)\)।
अतः, \(ar (\Delta ABP) = ar (\Delta ACQ)\)।
In simple words: हमने दो त्रिभुजों (APX और CBX, तथा AYQ और BYC) को सर्वांगसम सिद्ध किया, जिसका मतलब है उनके क्षेत्रफल बराबर हैं। चूंकि AX और CY माध्यिकाएँ हैं, वे त्रिभुज ABC को बराबर हिस्सों में बांटती हैं। इन सब गुणों को मिलाकर, हम सिद्ध कर सकते हैं कि ABP और ACQ त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में सर्वांगसमता, मध्य-बिंदु प्रमेय, और माध्यिका के क्षेत्रफल संबंधी गुणों का मिश्रण है। हर कदम को ध्यान से लिखें और हर त्रिभुज के लिए आधार और समांतर रेखाओं को स्पष्ट करें।
Question 29. चित्र में, ABCD और AEFD दो समान्तर चतुर्भुज हैं। सिद्ध कीजिए। कि ar (PEA) = ar (QFD) है। [संकेत : PD को मिलाइए]
Answer:
दिया गया है कि ABCD और AEFD दो समांतर चतुर्भुज हैं। हमें सिद्ध करना है कि \(ar (\Delta PEA) = ar (\Delta QFD)\) है।
संकेत के अनुसार, PD को मिलाएँ।
उपपत्ति:
ABCD एक समांतर चतुर्भुज है।
इसलिए, \(AB || CD\) और \(AB = CD\)।
AEFD भी एक समांतर चतुर्भुज है।
इसलिए, \(AD || EF\) और \(AD = EF\)।
चूँकि P और Q क्रमशः AD और EF पर बिंदु हैं, और \(CD || AB\), तो \(AP || QD\)।
साथ ही, \(AD || PQ\)।
इसलिए, चतुर्भुज APQD एक समांतर चतुर्भुज है।
इससे यह भी पता चलता है कि \(AP = QD\) (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ)।
अब, \(\Delta PEA\) और \(\Delta QFD\) पर विचार करते हैं।
\( \angle APE = \angle DQF \) (यह एकांतर कोण नहीं है, बल्कि यह समांतर रेखाओं \(PQ || EF\) और \(AD || EF\) के कारण संबंधित कोणों के गुण से हो सकता है)।
चूँकि AEFD एक समांतर चतुर्भुज है, \(AE || DF\)।
इसलिए, \( \angle PAE = \angle QDF \) (एकांतर कोण, क्योंकि \(AE || DF\) और AP एक तिर्यक रेखा है, P, AD पर है, AFE में)।
यहां हमें \(EP = FQ\) की भी आवश्यकता होगी।
\(APQD\) एक समांतर चतुर्भुज है, इसलिए \(AP = QD\)।
साथ ही, \(AEFD\) एक समांतर चतुर्भुज है, इसलिए \(AD = EF\)।
\(AD || EF\), तो \(PQ || EF\)।
\(\Delta PEA\) और \(\Delta QFD\) में,
\( \angle PAE = \angle QDF \) (जैसा कि ऊपर बताया गया, एकांतर कोण)
\( AP = QD \) (समांतर चतुर्भुज APQD की सम्मुख भुजाएँ)
अब हमें एक और शर्त चाहिए, जैसे \(AE = DF\), या \(PE = QF\)।
चूँकि AEFD एक समांतर चतुर्भुज है, \(AE = DF\)।
SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से, \( \Delta PEA \cong \Delta QFD \)
इसलिए, \(ar (\Delta PEA) = ar (\Delta QFD)\) (सर्वांगसम त्रिभुजों के क्षेत्रफल बराबर होते हैं)।
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है।
In simple words: हमें दो समांतर चतुर्भुज दिए गए हैं। हमने सिद्ध किया कि APQD भी एक समांतर चतुर्भुज है, जिससे AP और QD बराबर हो जाते हैं। क्योंकि AEFD भी एक समांतर चतुर्भुज है, AE और DF भी बराबर हैं। अब, त्रिभुज PEA और QFD में, उनके दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण बराबर है, जिससे वे सर्वांगसम हो जाते हैं। सर्वांगसम त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है, इसलिए \(ar (\Delta PEA) = ar (\Delta QFD)\) है।
🎯 Exam Tip: समांतर चतुर्भुज के गुणों को अच्छी तरह से समझें, खासकर उनकी सम्मुख भुजाओं और कोणों के बारे में। सर्वांगसमता के नियमों (जैसे SAS) का उपयोग करके त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध करना क्षेत्रफल से संबंधित प्रश्नों में बहुत आम है।
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