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Detailed Chapter 14 संघीय सरकार RBSE Solutions for Class 8 Social Science
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Class 8 Social Science Chapter 14 संघीय सरकार RBSE Solutions PDF
गतिविधि - पृष्ठ संख्या 100
Question 1. अपने शिक्षक की सहायता से केन्द्र और राज्यों के मध्य शक्ति विभाजन के अनुसार संघ सूची, राज्य सूची एवं समवर्ती सूची में शामिल प्रमुख विषयों को लिखिए।
Answer: शक्ति विभाजन के अनुसार, केंद्र और राज्यों के बीच प्रमुख विषयों को तीन सूचियों में बांटा गया है: संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची। संघ सूची में राष्ट्रीय महत्व के 97 विषय शामिल हैं, जैसे रेलवे, डाक-तार, संचार, रक्षा, विदेशी मामले, युद्ध और शांति, मुद्रा, बीमा, बैंक, अखिल भारतीय सेवाएँ, आयकर, सीमा शुल्क और खानेखनिज। राज्य सूची में 66 विषय हैं जो स्थानीय महत्व के हैं, जैसे स्थानीय स्वशासन, पुलिस, जेल, न्याय, सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई और सड़कें। समवर्ती सूची में 47 विषय हैं, जिनमें दीवानी और फौजदारी कानून, दण्ड विधि, विवाह, तलाक, श्रमिक संघ, कारखाने, विद्युत, सामाजिक सुरक्षा, मूल्य नियंत्रण, समाचार पत्र और परिवार नियोजन शामिल हैं। यह विभाजन शासन को व्यवस्थित और सुचारु बनाने में मदद करता है।
In simple words: केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों को तीन सूचियों में बांटा गया है: संघ, राज्य और समवर्ती। संघ सूची में देश के बड़े काम हैं जैसे रेलवे और रक्षा। राज्य सूची में स्थानीय काम हैं जैसे पुलिस और कृषि। समवर्ती सूची में दोनों के काम हैं जैसे कानून और शादी।
🎯 Exam Tip: जब भी शक्तियों के विभाजन पर प्रश्न आए, तो तीनों सूचियों (संघ, राज्य, समवर्ती) के कुछ प्रमुख उदाहरणों को स्पष्ट रूप से लिखना सुनिश्चित करें।
गतिविधि - पृष्ठ संख्या 102
Question 2. अपने शिक्षक की सहायता से निम्नलिखित सारणी की पूर्ति कीजिए।
Answer:
| क्रम सं. | लोकसभा | राज्यसभा |
|---|---|---|
| 1. अधिकतम सदस्य संख्या | 552 | 250 |
| 2. वर्तमान सदस्य संख्या | 545 | 250 |
| 3. सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु | 25 वर्ष | 30 वर्ष |
| 4. राजस्थान से सदस्यों की संख्या | 25 | 10 |
| 5. कार्यकाल | 5 वर्ष | 6 वर्ष |
| 6. वर्तमान अध्यक्ष/सभापति | श्रीमती सुमित्रा महाजन | श्री मो. हामिद अंसारी |
| 7. वर्तमान उपाध्यक्ष/उपसभापति | एम. थम्बिदुरई | पी.जे. कुरियन |
🎯 Exam Tip: इस तरह की तुलनात्मक तालिकाएँ याद करने में आसान होती हैं। हर बिंदु को अलग-अलग याद करने के बजाय एक साथ याद करें।
गतिविधि - पृष्ठ संख्या 105
Question 3. भारत के प्रथम राष्ट्रपति से वर्तमान तक के राष्ट्रपति के चित्रों का संग्रह करके उनके कार्यकाल सहित एक चार्ट पर चिपका कर कक्षा में प्रदर्शित करें।
Answer: भारत के राष्ट्रपतियों और उनके कार्यकाल की जानकारी नीचे दी गई है। विद्यार्थी इन राष्ट्रपतियों के चित्र इकट्ठा करके और उनके कार्यकाल को साथ में लिखकर एक चार्ट बना सकते हैं। इसे अपनी कक्षा में दिखाना चाहिए। भारत में हर राष्ट्रपति ने देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
| क्रम सं. | राष्ट्रपति का नाम | कार्यकाल |
|---|---|---|
| 1. डॉ. राजेंद्र प्रसाद | डॉ. राजेंद्र प्रसाद | 26 जनवरी 1950 - 13 मई 1962 |
| 2. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन | 13 मई 1962 - 13 मई 1967 |
| 3. डॉ. जाकिर हुसैन | डॉ. जाकिर हुसैन | 13 मई 1967 - 3 मई 1969 |
| 4. वी.वी. गिरि | वी.वी. गिरि | 3 मई 1969 - 20 जुलाई 1969 |
| 5. मु. हिदायतुल्लाह (कार्यवाहक) | मु. हिदायतुल्लाह (कार्यवाहक) | 20 जुलाई 1969 - 24 अगस्त 1969 |
| 6. वी.वी. गिरि (पुनः) | वी.वी. गिरि (पुनः) | 24 अगस्त 1969 - 24 अगस्त 1974 |
| 7. डॉ. फखरुद्दीन अली अहमद | डॉ. फखरुद्दीन अली अहमद | 24 अगस्त 1974 - 11 फरवरी 1977 |
| 8. बी.डी. जत्ती (कार्यवाहक) | बी.डी. जत्ती (कार्यवाहक) | 11 फरवरी 1977 - 25 जुलाई 1977 |
| 9. नीलम संजीव रेड्डी | नीलम संजीव रेड्डी | 25 जुलाई 1977 - 25 जुलाई 1982 |
| 10. ज्ञानी जैल सिंह | ज्ञानी जैल सिंह | 25 जुलाई 1982 - 25 जुलाई 1987 |
| 11. आर. वेंकटरमन | आर. वेंकटरमन | 25 जुलाई 1987 - 25 जुलाई 1992 |
| 12. डॉ. शंकरदयाल शर्मा | डॉ. शंकरदयाल शर्मा | 25 जुलाई 1992 - 25 जुलाई 1997 |
| 13. डॉ. के.आर. नारायणन | डॉ. के.आर. नारायणन | 25 जुलाई 1997 - 25 जुलाई 2002 |
| 14. डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम | डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम | 25 जुलाई 2002 - 25 जुलाई 2007 |
| 15. श्रीमती प्रतिभा पाटिल | श्रीमती प्रतिभा पाटिल | 25 जुलाई 2007 - 25 जुलाई 2012 |
| 16. श्री प्रणब मुखर्जी | श्री प्रणब मुखर्जी | 25 जुलाई 2012 से जुलाई 2017 |
| 17. श्री रामनाथ कोविंद | श्री रामनाथ कोविंद | 25 जुलाई 2017 से अब तक |
🎯 Exam Tip: राष्ट्रपति के कार्यकाल को याद करने के लिए, आप एक टाइमलाइन या क्रोनोलॉजिकल क्रम में एक चार्ट बना सकते हैं।
नोट – विद्यार्थी उक्त राष्ट्रपतियों के चित्रों का संग्रह कर उनके कार्यकाल सहित एक चार्ट में चिपकाकर कक्षा में प्रदर्शित करें।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
Question 1. सही विकल्प को चुनिए
(A) संघात्मक व्यवस्था की विशेषता है
(अ) शासन की शक्तियों का विभाजन
(ब) शासन की शक्तियों का केन्द्रीयकरण
(स) द्विस्तरीय शासन
(द) स्वतन्त्र व निष्पक्ष न्यायपालिका
Answer: (अ) शासन की शक्तियों का विभाजन
In simple words: संघात्मक व्यवस्था में सरकार की शक्तियाँ केंद्र और राज्यों के बीच बँटी होती हैं, ताकि कोई एक ही सारी शक्ति न रखे।
🎯 Exam Tip: संघात्मक व्यवस्था की मुख्य विशेषता है शक्तियों का बँटवारा, इसे हमेशा याद रखें।
Question 1. (B) संसद का अंग नहीं है
(अ) राज्यसभा
(ब) लोकसभा
(स) राष्ट्रपति
(द) राज्यपाल
Answer: (द) राज्यपाल
In simple words: संसद के तीन मुख्य हिस्से होते हैं - राज्यसभा, लोकसभा और राष्ट्रपति। राज्यपाल संसद का हिस्सा नहीं होता।
🎯 Exam Tip: संसद के तीनों अंगों को याद रखें - राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा। राज्यपाल राज्य सरकार का हिस्सा होता है।
Question 2. भारत संघ में कितने राज्य और केन्द्र-शासित प्रदेश हैं?
Answer: भारत संघ में 29 राज्य और 7 केन्द्रशासित प्रदेश हैं। भारत एक विशाल देश है जिसमें विभिन्न संस्कृतियों और भाषाओं को एकजुट करने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।
In simple words: भारत में 29 राज्य और 7 केंद्र-शासित प्रदेश हैं।
🎯 Exam Tip: राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की संख्या को सटीक रूप से याद करें क्योंकि यह अक्सर सीधे पूछा जाता है।
Question 3. राष्ट्रपति लोकसभा में कितने सदस्य मनोनीत करता है?
Answer: राष्ट्रपति लोकसभा में दो सदस्य मनोनीत करता है। ये सदस्य आंग्ल-भारतीय समुदाय से होते हैं, ताकि इस समुदाय को भी लोकसभा में प्रतिनिधित्व मिल सके।
In simple words: राष्ट्रपति लोकसभा में दो सदस्यों को मनोनीत करता है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि राष्ट्रपति लोकसभा में केवल दो सदस्यों को मनोनीत करते हैं, और वे आंग्ल-भारतीय समुदाय से होते हैं।
Question 4. संघीय मन्त्रिपरिषद किसके प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है?
Answer: संघीय मन्त्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। इसका मतलब है कि अगर कोई मंत्री या पूरी मंत्रिपरिषद लोकसभा का विश्वास खो देती है, तो उसे इस्तीफा देना पड़ता है।
In simple words: संघीय मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति जिम्मेदार होती है।
🎯 Exam Tip: "सामूहिक उत्तरदायित्व" का अर्थ है कि पूरी मंत्रिपरिषद एक टीम के रूप में काम करती है और लोकसभा के प्रति संयुक्त रूप से जिम्मेदार होती है।
Question 5. राष्ट्रपति का चुनाव कैसे होता है?
Answer: राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा किया जाता है। इस निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के चुने हुए सदस्य और राज्यों व केंद्र-शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के चुने हुए सदस्य शामिल होते हैं। राष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा गुप्त मतदान से होता है। यह एक जटिल प्रक्रिया है जो सभी राज्यों को समान महत्व देती है।
In simple words: राष्ट्रपति का चुनाव संसद और राज्यों की विधानसभाओं के चुने हुए सदस्यों द्वारा होता है। यह वोट गुप्त तरीके से दिए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रपति के चुनाव में केवल निर्वाचित सदस्य ही भाग लेते हैं, मनोनीत सदस्य नहीं। यह एक महत्वपूर्ण अंतर है।
Question 6. लोकसभा के गठन को स्पष्ट कीजिए।
Answer: लोकसभा का गठन निम्नलिखित प्रकार से होता है:
1. लोकसभा संसद का निचला सदन है और इसमें अधिकतम 552 सदस्य हो सकते हैं। वर्तमान में इसमें 545 सदस्य हैं। इनमें से 530 सदस्य राज्यों से, 13 सदस्य केंद्र-शासित प्रदेशों से और 2 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा आंग्ल-भारतीय समुदाय से मनोनीत किए जाते हैं।
2. लोकसभा का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, लेकिन राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर इसे समय से पहले भंग कर सकते हैं, इसलिए इसे 'अस्थायी सदन' भी कहा जाता है।
3. लोकसभा के सदस्य अपने में से एक सदस्य को अध्यक्ष (स्पीकर) और एक को उपाध्यक्ष चुनते हैं। अध्यक्ष लोकसभा की बैठकों का संचालन करता है। लोकसभा भारत के लोगों की इच्छा को दर्शाती है।
In simple words: लोकसभा में सबसे ज़्यादा 552 सदस्य हो सकते हैं, अभी 545 हैं। इसका कार्यकाल 5 साल का होता है और इसे पहले भी खत्म किया जा सकता है। सदस्य अपने में से एक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनते हैं।
🎯 Exam Tip: लोकसभा को 'निचला सदन' या 'लोगों का सदन' भी कहा जाता है, और इसका कार्यकाल निश्चित नहीं होता है क्योंकि इसे भंग किया जा सकता है।
Question 7. भारत में संसदीय प्रणाली अपनाने के दो कारण लिखिए।
अथवा
हमारे देश में संसदीय प्रणाली को क्यों अपनाया गया है?
Answer: भारत में संसदीय प्रणाली अपनाने के दो मुख्य कारण ये हैं:
1. संघीय शासन व्यवस्था में, संसदीय प्रणाली को बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें कार्यपालिका संसद के प्रति जिम्मेदार होती है। यह प्रणाली जवाबदेही सुनिश्चित करती है।
2. इस व्यवस्था में राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख होता है, लेकिन असली शक्तियाँ मंत्रिपरिषद द्वारा इस्तेमाल की जाती हैं। इससे कार्यपालिका और विधायिका के बीच अच्छा तालमेल बना रहता है। यह सरकार को स्थिर और प्रभावी बनाती है।
In simple words: भारत में संसदीय प्रणाली इसलिए अपनाई गई क्योंकि यह सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाती है और सरकार के अलग-अलग हिस्सों के बीच अच्छा तालमेल बिठाती है।
🎯 Exam Tip: संसदीय प्रणाली की दो मुख्य विशेषताओं पर ध्यान दें: कार्यपालिका की जवाबदेही और विधायिका के साथ समन्वय।
Question 8. राष्ट्रपति की शक्तियों का वर्णन कीजिए।
अथवा
भारत के राष्ट्रपति की शक्तियों का विश्लेषण कीजिए।
Answer: राष्ट्रपति की शक्तियों को मोटे तौर पर दो मुख्य भागों में बांटा जा सकता है:
1. **सामान्यकालीन शक्तियाँ:** ये वे शक्तियाँ हैं जिनका उपयोग राष्ट्रपति सामान्य परिस्थितियों में करते हैं।
| 1. संसद के सत्र को बुलाना और उसके पहले अधिवेशन को सम्बोधित करना। |
| 2. अध्यादेश जारी करना। |
| 3. प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, राज्यपालों सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियाँ करना। |
| 4. विभिन्न देशों के साथ समझौते या संधि करना। |
| 5. अपनी मंजूरी देकर बजट को संसद में प्रस्तुत कराना। |
| 6. अपराधियों की सजा को माफ, कम या स्थगित करना। मृत्यु-दण्ड के मामलों में क्षमादान करने का अधिकार केवल राष्ट्रपति को है। |
| 7. तीनों सेनाओं का प्रधान सेनापति होना। वह थल, जल एवं वायुसेना के प्रमुखों की नियुक्ति करता है तथा युद्ध व उसकी समाप्ति की घोषणा करता। |
2. **आपातकालीन शक्तियाँ:** ये वे शक्तियाँ हैं जिनका उपयोग राष्ट्रपति विशेष परिस्थितियों में करते हैं।
| 1. अनुच्छेद 352 के अनुसार युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह की स्थिति में आपातकाल लगाना। |
| 2. अनुच्छेद 360 के अंतर्गत वित्तीय संकट आने पर वित्तीय आपातकाल लगाना। |
In simple words: राष्ट्रपति के पास दो तरह की शक्तियाँ होती हैं: आम समय की और इमरजेंसी के समय की। आम समय में वह लोगों को नियुक्त करते हैं, कानून बनाते हैं और सेना के मुखिया होते हैं। इमरजेंसी में वह देश में आपातकाल लगा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रपति की शक्तियों को हमेशा दो मुख्य श्रेणियों (सामान्यकालीन और आपातकालीन) में विभाजित करके लिखें और प्रत्येक श्रेणी के तहत 2-3 प्रमुख उदाहरण दें।
Question 9. प्रधानमन्त्री की शक्तियों का वर्णन कीजिए।
अथवा
संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति केवल नाम मात्र का कार्यपालिका प्रमुख होता है तथा वास्तविक कार्यपालिका शक्तियाँ प्रधानमंत्री में निहित होती हैं ? इस कथन के आधार पर प्रधानमंत्री को प्राप्त किन्हीं चार शक्तियों को लिखिये।
Answer: संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति केवल नाम मात्र का कार्यपालिका प्रमुख होता है, जबकि वास्तविक कार्यपालिका शक्तियाँ प्रधानमंत्री में निहित होती हैं। प्रधानमंत्री की प्रमुख शक्तियाँ इस प्रकार हैं:
1. प्रधानमंत्री मंत्रियों की नियुक्ति के लिए राष्ट्रपति को सलाह देता है।
2. वह मंत्रियों को विभिन्न मंत्रालय आवंटित करता है और उनमें बदलाव भी कर सकता है।
3. प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद की बैठकों की अध्यक्षता करता है और सभी मंत्रियों के कार्यों को नियंत्रित, निर्देशित और उनमें समन्वय स्थापित करता है।
4. वह बहुमत दल का नेता होने के कारण सदन के नेता के रूप में काम करता है।
5. वह राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच संपर्क की मुख्य कड़ी के रूप में कार्य करता है।
6. वह समय-समय पर राष्ट्रपति को महत्वपूर्ण वैधानिक मामलों और कार्यपालिका के निर्णयों के बारे में जानकारी देता है। प्रधानमंत्री देश के शासन में एक केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।
In simple words: प्रधानमंत्री ही असली नेता होता है, राष्ट्रपति सिर्फ नाम का मुखिया होता है। प्रधानमंत्री मंत्रियों को चुनता है, मंत्रालय बांटता है, बैठकों की अध्यक्षता करता है और सरकार को चलाता है।
🎯 Exam Tip: प्रधानमंत्री की शक्तियों का वर्णन करते समय, 'वास्तविक कार्यपालिका' शब्द का उपयोग करें और कम से कम चार महत्वपूर्ण शक्तियों का उल्लेख करें।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
Question 1. सही विकल्प को चुनिए
(A) संघात्मक व्यवस्था की विशेषता है
(अ) शासन की शक्तियों का विभाजन
(ब) शासन की शक्तियों का केन्द्रीयकरण
(स) द्विस्तरीय शासन
(द) स्वतन्त्र व निष्पक्ष न्यायपालिका
Answer: (ब) शासन की शक्तियों का केन्द्रीयकरण
In simple words: संघात्मक व्यवस्था में सरकार की शक्तियों को एक ही केंद्र में रखा जाता है।
🎯 Exam Tip: संघात्मक व्यवस्था का अर्थ है शक्तियों का बंटवारा। इस सवाल में ऑप्शन (ब) 'केन्द्रीयकरण' है, जो इसका उल्टा है। यहां 'केन्द्रीयकरण' एकात्मक व्यवस्था की विशेषता है, जबकि 'विभाजन' संघात्मक व्यवस्था की। प्रश्न के उत्तर में शायद त्रुटि है, सही उत्तर 'शासन की शक्तियों का विभाजन' होना चाहिए।
Question 2. निम्न में से किस देश में एकात्मक शासन व्यवस्था है
(अ) भारत
(ब) संयुक्त राज्य अमेरिका
(स) ग्रेट ब्रिटेन
(द) स्विट्जरलैण्ड
Answer: (स) ग्रेट ब्रिटेन
In simple words: ग्रेट ब्रिटेन में एकात्मक शासन व्यवस्था है, जहाँ सारी शक्तियाँ एक ही केंद्र सरकार के पास होती हैं।
🎯 Exam Tip: एकात्मक शासन व्यवस्था में केंद्र सरकार सबसे शक्तिशाली होती है, जबकि संघात्मक व्यवस्था में शक्तियाँ केंद्र और राज्यों के बीच बँटी होती हैं।
Question 3. भारतीय संविधान में निम्न में से कौनसा लक्षण एकात्मक व्यवस्था का है-
(अ) संविधान की सर्वोच्चता
(ब) शक्तियों का विभाजन
(स) स्वतन्त्र सर्वोच्च न्यायालय
(द) इकहरी नागरिकता।
Answer: (द) इकहरी नागरिकता।
In simple words: भारत में सिर्फ एक ही नागरिकता होती है, जो पूरे देश के लिए है। यह एकात्मक व्यवस्था का एक हिस्सा है, क्योंकि राज्यों की अपनी अलग नागरिकता नहीं होती।
🎯 Exam Tip: संघात्मक व्यवस्था में दोहरी नागरिकता हो सकती है, लेकिन भारत जैसे देशों में इकहरी नागरिकता केंद्र को मजबूत बनाती है।
Question 4. भारत के राष्ट्रपति का निर्वाचक मण्डल है
(अ) भारत के समस्त वयस्क नागरिक
(ब) संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य तथा राज्यों व संघशासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
(स) संसद के दोनों सदनों के समस्त सदस्य
(द) राज्यों की विधानसभाओं के समस्त सदस्य
Answer: (ब) संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य तथा राज्यों व संघशासित प्रदेशों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य
In simple words: राष्ट्रपति को चुनने वाली टीम में संसद के दोनों सदनों और राज्यों की विधानसभाओं के सिर्फ चुने हुए सदस्य होते हैं।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में 'निर्वाचित' शब्द पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि मनोनीत सदस्य इसमें शामिल नहीं होते।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
Question 1. संसद का गठन राष्ट्रपति, लोकसभा और............. मिलकर होता है। (विधानसभा/राज्यसभा)
Answer: संसद का गठन राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा मिलकर होता है। यह भारतीय लोकतंत्र की महत्वपूर्ण संस्था है।
In simple words: संसद राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा से बनती है।
🎯 Exam Tip: संसद के तीनों घटकों (राष्ट्रपति, लोकसभा, राज्यसभा) को हमेशा याद रखें।
Question 2. ............ राष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् से मिलकर बनती है। (संघीय कार्यपालिका/प्रान्तीय कार्यपालिका)
Answer: संघीय कार्यपालिका राष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री तथा मन्त्रिपरिषद् से मिलकर बनती है। यह देश का शासन चलाती है।
In simple words: संघीय कार्यपालिका राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रियों से मिलकर बनती है।
🎯 Exam Tip: 'कार्यपालिका' शब्द को 'शासन चलाने वाले अंग' के रूप में समझें।
Question 3. भारत में राष्ट्रपति ............... अध्यक्ष होता है। (संवैधानिक/वास्तविक)
Answer: भारत में राष्ट्रपति संवैधानिक अध्यक्ष होता है। जबकि वास्तविक शक्तियां प्रधानमंत्री के पास होती हैं।
In simple words: भारत में राष्ट्रपति संविधान के अनुसार मुखिया होता है।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रपति 'संवैधानिक' या 'नाममात्र' का अध्यक्ष होता है, जबकि प्रधानमंत्री 'वास्तविक' अध्यक्ष होता है।
Question 4. भारत संघ मे............... राज्य और 7 केन्द्र-शासित प्रदेश हैं। (29/28)
Answer: भारत संघ मे 29 राज्य और 7 केन्द्र-शासित प्रदेश हैं। यह देश की भौगोलिक और राजनीतिक संरचना है।
In simple words: भारत में 29 राज्य और 7 केंद्र-शासित प्रदेश हैं।
🎯 Exam Tip: राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की संख्या को वर्तमान आंकड़ों के अनुसार याद रखें।
Question 5. संघीय मन्त्रिपरिषद् ................ के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। (लोकसभा/राज्यसभा)
Answer: संघीय मन्त्रिपरिषद् लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। इसका मतलब है कि उसे लोकसभा का विश्वास बनाए रखना होता है।
In simple words: संघीय मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति जिम्मेदार होती है।
🎯 Exam Tip: सामूहिक उत्तरदायित्व का सिद्धांत संसदीय प्रणाली की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।
निम्न कथनों के आगे (√) अथवा गलत (X) का चिह्न लगाएँ।
Question 1. भारतीय संघ में दोहरी नागरिकता को माना जाता है।
Answer: (X) भारत में इकहरी नागरिकता है, यानी सभी भारतीय केवल भारत के नागरिक हैं, राज्यों के नहीं। यह देश में एकता को बढ़ावा देता है।
In simple words: भारत में सिर्फ एक ही नागरिकता है, राज्यों की अलग से नहीं होती।
🎯 Exam Tip: भारत में इकहरी नागरिकता का प्रावधान है, दोहरी नागरिकता नहीं। यह पॉइंट महत्वपूर्ण है।
Question 2. लोकसभा एक स्थायी सदन है।
Answer: (X) लोकसभा एक अस्थायी सदन है जिसे प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा भंग किया जा सकता है। राज्यसभा एक स्थायी सदन है।
In simple words: लोकसभा स्थायी नहीं है, इसे भंग किया जा सकता है। राज्यसभा स्थायी होती है।
🎯 Exam Tip: 'स्थायी सदन' राज्यसभा के लिए उपयोग होता है, जबकि लोकसभा को 'अस्थायी सदन' कहा जाता है।
Question 3. राज्यसभा के सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष है।
Answer: (✓) राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। हर दो साल में एक तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं और उनकी जगह नए सदस्य चुने जाते हैं।
In simple words: राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है।
🎯 Exam Tip: राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है और वे हर दो साल में एक तिहाई संख्या में सेवानिवृत्त होते हैं।
Question 4. उपराष्ट्रपति को महाभियोग द्वारा हटाया जा सकता है।
Answer: (✓) उपराष्ट्रपति को हटाने की प्रक्रिया महाभियोग जैसी ही होती है, जिसमें राज्यसभा एक प्रस्ताव पारित करती है और लोकसभा उसे स्वीकार करती है। यह सुनिश्चित करता है कि उन्हें हटाने की प्रक्रिया उचित हो।
In simple words: उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए महाभियोग जैसी ही प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाता है।
🎯 Exam Tip: महाभियोग प्रक्रिया राष्ट्रपति और उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए होती है, जबकि उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए राज्यसभा में प्रस्ताव लाकर उसे लोकसभा में पास कराया जाता है।
Question 5. राष्ट्रपति लोकसभा में बहुमत दल के नेता को प्रधानमन्त्री नियुक्त करता है।
Answer: (✓) राष्ट्रपति उस व्यक्ति को प्रधानमंत्री नियुक्त करता है जो लोकसभा में बहुमत दल का नेता होता है। यह संसदीय लोकतंत्र का एक मुख्य सिद्धांत है।
In simple words: राष्ट्रपति, लोकसभा में जिस पार्टी को ज़्यादा वोट मिलते हैं, उसके नेता को प्रधानमंत्री बनाता है।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रपति की यह भूमिका संसदीय लोकतंत्र में सरकार के गठन के लिए महत्वपूर्ण है।
निम्नलिखित में स्तम्भ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित कीजिए।
Question 1. स्तम्भ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित कीजिए।
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| (i) 6 वर्ष का कार्यकाल | राज्यसभा का सदस्य |
| (ii) राज्यसभा का पदेन सभापति | उपराष्ट्रपति |
| (iii) 5 वर्ष का कार्यकाल | लोकसभा का सदस्य |
| (iv) लोकसभा में बहुमत दल का नेता | प्रधानमन्त्री |
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| (i) 6 वर्ष का कार्यकाल | राज्यसभा का सदस्य |
| (ii) राज्यसभा का पदेन सभापति | उपराष्ट्रपति |
| (iii) 5 वर्ष का कार्यकाल | लोकसभा का सदस्य |
| (iv) लोकसभा में बहुमत दल का नेता | प्रधानमन्त्री |
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ियों को मिलाएँ जिनके बारे में आप निश्चित हैं, फिर बाकी विकल्पों पर विचार करें।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. आपको लोकसभा चुनाव हेतु निम्नलिखित उम्मीदवारों के आवेदन प्राप्त हुए हैं
1. अमेरिकी नागरिक आयु 32 वर्ष
2. भारतीय नागरिक आयु 25 वर्ष
3. राजस्थानी नागरिक आयु 21 वर्ष
इनमें से किस उम्मीदवार का चयन करेंगे?
Answer: हम भारतीय नागरिक, जिसकी आयु 25 वर्ष है, उसी उम्मीदवार का चयन करेंगे। लोकसभा सदस्य बनने के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना और कम से कम 25 वर्ष की आयु का होना ज़रूरी है। अन्य उम्मीदवार इन शर्तों को पूरा नहीं करते।
In simple words: लोकसभा चुनाव के लिए हम सिर्फ उस उम्मीदवार को चुनेंगे जो भारतीय नागरिक हो और 25 साल का हो।
🎯 Exam Tip: लोकसभा सदस्य बनने के लिए 'भारतीय नागरिकता' और 'कम से कम 25 वर्ष की आयु' दो सबसे महत्वपूर्ण योग्यताएँ हैं।
Question 2. आपको राज्यसभा चुनाव हेतु निम्नलिखित उम्मीदवारों के आवेदन प्राप्त हुए हैं
1. ब्रिटिश नागरिक आयु 35 वर्ष
2. राजस्थानी नागरिक आयु 26 वर्ष
3. भारतीय नागरिक आयु 38 वर्ष
आप इनमें से किस उम्मीदवार का चयन करेंगे?
Answer: हम भारतीय नागरिक, जिसकी आयु 38 वर्ष है, उस उम्मीदवार का चयन करेंगे। राज्यसभा सदस्य बनने के लिए उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना और कम से कम 30 वर्ष की आयु का होना आवश्यक है। ब्रिटिश नागरिक और 26 वर्ष के राजस्थानी नागरिक इन शर्तों को पूरा नहीं करते। भारतीय नागरिक, 38 वर्ष की आयु वाला, इन सभी शर्तों को पूरा करता है।
In simple words: राज्यसभा चुनाव के लिए हम उस उम्मीदवार को चुनेंगे जो भारतीय नागरिक हो और 30 साल से ज़्यादा का हो।
🎯 Exam Tip: राज्यसभा सदस्य बनने के लिए 'भारतीय नागरिकता' और 'कम से कम 30 वर्ष की आयु' प्रमुख योग्यताएँ हैं।
Question 4. संघीय शासन व्यवस्था में राष्ट्रीय सरकार को किन नामों से जाना जाता है?
Answer: संघीय शासन व्यवस्था में राष्ट्रीय सरकार को संघ सरकार या केन्द्रीय सरकार के नाम से जाना जाता है। यह नाम देश के केंद्रीय स्तर पर काम करने वाली सरकार को दर्शाते हैं।
In simple words: संघीय शासन में देश की मुख्य सरकार को संघ सरकार या केंद्रीय सरकार कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'संघ सरकार' और 'केन्द्रीय सरकार' दोनों ही शब्द संघीय व्यवस्था में राष्ट्रीय सरकार के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
Question 5. भारतीय संविधान में संघात्मक व्यवस्था के कोई दो लक्षण लिखिए।
Answer: भारतीय संविधान में संघात्मक व्यवस्था के दो लक्षण निम्नलिखित हैं:
• संविधान की सर्वोच्चता: संविधान देश का सबसे बड़ा कानून है और सभी को इसका पालन करना होता है।
• शक्तियों का केन्द्र और राज्यों के बीच स्पष्ट विभाजन: सरकार की शक्तियाँ केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच बंटी हुई हैं।
ये लक्षण भारत को एक मजबूत संघीय ढाँचा देते हैं।
In simple words: भारतीय संविधान में दो खास बातें हैं जो इसे संघात्मक बनाती हैं: संविधान सबसे ऊपर है, और केंद्र व राज्यों के बीच शक्तियाँ बंटी हुई हैं।
🎯 Exam Tip: संघात्मक व्यवस्था के लक्षणों को उदाहरण के साथ याद रखें, जैसे 'संविधान की सर्वोच्चता' और 'शक्तियों का विभाजन'।
Question 6. भारतीय संविधान में एकात्मक व्यवस्था के कोई दो लक्षण लिखिए।
Answer: भारतीय संविधान में एकात्मक व्यवस्था के दो लक्षण निम्नलिखित हैं:
• इकहरी नागरिकता: देश के सभी नागरिकों के पास केवल एक ही भारतीय नागरिकता होती है, राज्यों की अलग से कोई नागरिकता नहीं होती।
• संघीय सरकार को राज्य सरकारों से अधिक अधिकार: कुछ मामलों में केंद्र सरकार राज्य सरकारों से अधिक शक्तिशाली होती है।
ये लक्षण भारत के संघीय ढांचे में एकात्मकता का तत्व जोड़ते हैं।
In simple words: भारतीय संविधान की दो एकात्मक विशेषताएं हैं: हम सभी के पास केवल एक भारतीय नागरिकता है, और केंद्र सरकार के पास राज्य सरकारों से ज़्यादा शक्तियाँ हैं।
🎯 Exam Tip: एकात्मक व्यवस्था के लक्षणों को हमेशा स्पष्ट रूप से याद रखें, खासकर 'इकहरी नागरिकता' और 'केंद्र की प्रबलता'।
Question 7. भारत में संघीय व्यवस्थापिका से क्या आशय है?
Answer: भारत में संघीय व्यवस्थापिका से आशय संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) और राष्ट्रपति से है। ये तीनों मिलकर देश के लिए कानून बनाते हैं।
In simple words: भारत में संघीय व्यवस्थापिका का मतलब संसद के दोनों सदन (लोकसभा और राज्यसभा) और राष्ट्रपति हैं, जो मिलकर कानून बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: संघीय व्यवस्थापिका के तीन प्रमुख घटक हैं: लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति। इन्हें संयुक्त रूप से 'संसद' भी कहा जाता है।
Question 8. राजस्थान राज्य से लोकसभा के लिए कितने सांसद निर्वाचित होते हैं?
Answer: राजस्थान राज्य से लोकसभा के लिए 25 सांसद निर्वाचित होते हैं। ये सांसद राजस्थान के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
In simple words: राजस्थान से लोकसभा के लिए 25 सांसद चुने जाते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक राज्य से लोकसभा सांसदों की संख्या याद रखें, क्योंकि यह उनकी जनसंख्या पर आधारित होती है।
Question 10. राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल कितना है?
Answer: राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष है। यह एक स्थायी सदन है, और इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में सेवानिवृत्त होते हैं।
In simple words: राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 साल का होता है।
🎯 Exam Tip: लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों के कार्यकाल की अवधि में अंतर को हमेशा याद रखें।
Question 11. राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए किसी व्यक्ति को कम-से-कम कितने वर्ष का होना आवश्यक है?
Answer: राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए किसी व्यक्ति को कम-से-कम 30 वर्ष का होना आवश्यक है। यह उम्र सीमा सुनिश्चित करती है कि सदस्य के पास पर्याप्त अनुभव हो।
In simple words: राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए कम से कम 30 साल का होना ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: लोकसभा के लिए 25 वर्ष और राज्यसभा के लिए 30 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा को याद रखें।
Question 12. भारत में राज्यसभा का पदेन सभापति कौन होता है?
Answer: भारत में उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है। इसका मतलब है कि जो भी व्यक्ति उपराष्ट्रपति का पद संभालता है, वह अपने आप ही राज्यसभा का सभापति बन जाता है।
In simple words: भारत का उपराष्ट्रपति ही राज्यसभा का सभापति होता है।
🎯 Exam Tip: 'पदेन सभापति' का अर्थ है कि पद ग्रहण करते ही व्यक्ति को दूसरा पद अपने आप मिल जाता है।
Question 13. महाभियोग से क्या आशय है?
Answer: महाभियोग संसद द्वारा राष्ट्रपति तथा सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को उनके पद से हटाने की एक विधि है। यह एक गंभीर प्रक्रिया है जो संविधान के उल्लंघन या दुर्व्यवहार के मामलों में उपयोग की जाती है।
In simple words: महाभियोग एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे संसद राष्ट्रपति और बड़े जजों को उनके पद से हटा सकती है।
🎯 Exam Tip: महाभियोग एक संवैधानिक प्रक्रिया है जिसका उपयोग केवल उच्च पदाधिकारियों को हटाने के लिए किया जाता है, जैसे राष्ट्रपति और न्यायाधीश।
Question 14. मन्त्रिपरिषद् किसे कहते हैं?
Answer: कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप-मंत्री को मिलाकर सम्मिलित रूप से मंत्रिपरिषद कहा जाता है। यह एक बड़ी संस्था होती है जिसमें सरकार के सभी मंत्री शामिल होते हैं।
In simple words: मंत्रिपरिषद में कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप-मंत्री सभी शामिल होते हैं।
🎯 Exam Tip: मंत्रिपरिषद में सभी प्रकार के मंत्री शामिल होते हैं, जबकि मंत्रिमंडल (कैबिनेट) में केवल महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ मंत्री होते हैं।
Question 15. भारत में राष्ट्रपति का कार्यकाल कितने वर्षों का होता है?
Answer: भारत में राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है। वह इस अवधि के लिए पद धारण करते हैं, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में उनका कार्यकाल इससे पहले भी समाप्त हो सकता है।
In simple words: भारत के राष्ट्रपति 5 साल के लिए अपने पद पर रहते हैं।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल जैसे महत्वपूर्ण पदों के कार्यकाल की अवधि को सटीक रूप से याद करें।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. भारत के राष्ट्रपति संसद और कार्यपालिका दोनों के भाग हैं, स्पष्ट कीजिये।
Answer: भारत के राष्ट्रपति संसद और कार्यपालिका दोनों का हिस्सा हैं। संसद कोई भी विधेयक पारित करती है, तो वह राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही कानून बनता है। यह दिखाता है कि राष्ट्रपति विधायिका (संसद) का एक अभिन्न अंग हैं।
इसके अलावा, संविधान ने राष्ट्रपति पद को ही कार्यपालिका की शक्तियाँ सौंपी हैं। राष्ट्रपति ही संसद की बैठक बुलाते हैं और पहली बैठक को संबोधित भी करते हैं। इस प्रकार, राष्ट्रपति व्यवस्थापिका और कार्यपालिका दोनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। राष्ट्रपति की स्वीकृति के बिना कोई भी कानून लागू नहीं हो सकता।
In simple words: राष्ट्रपति संसद और सरकार दोनों का हिस्सा होते हैं। कोई भी कानून तभी बनता है जब राष्ट्रपति उस पर दस्तखत करते हैं। राष्ट्रपति ही संसद की बैठकें बुलाते हैं और शुरू करते हैं।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रपति की दोहरी भूमिका को समझने के लिए, याद रखें कि वह कानून बनाने (विधायिका) और शासन चलाने (कार्यपालिका) दोनों में महत्वपूर्ण होते हैं।
Question 2. लोकसभा के सदस्य की अर्हताएँ क्या हैं?
Answer: लोकसभा का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति में निम्नलिखित योग्यताएँ होनी आवश्यक हैं:
• वह भारत का नागरिक हो।
• वह कम-से-कम 25 वर्ष की आयु का हो।
• वह किसी लाभ के पद पर कार्यरत न हो (यानी सरकारी नौकरी में न हो जिससे उसे फायदा मिल रहा हो)।
• वह विकृत मस्तिष्क का या दिवालिया न हो (यानी मानसिक रूप से स्वस्थ हो और उस पर कोई बड़ा कर्ज न हो जिसे वह चुका न पाए)।
इन योग्यताओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के लिए सही और जिम्मेदार प्रतिनिधि चुने जाएं।
In simple words: लोकसभा का सदस्य बनने के लिए ज़रूरी है कि वह भारतीय नागरिक हो, 25 साल का हो, सरकारी फायदे वाली नौकरी में न हो, और दिमागी तौर पर ठीक हो या दिवालिया न हो।
🎯 Exam Tip: योग्यताएँ याद करते समय, 'भारत का नागरिक', 'आयु सीमा', 'लाभ का पद' और 'मानसिक/वित्तीय स्थिति' जैसे मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 3. क्या आप जानते हैं कि राजस्थान राज्य से कितने सदस्य लोकसभा व राज्यसभा के लिए भेजे जाते हैं?
Answer: राजस्थान राज्य से लोकसभा के लिए 25 सांसद निर्वाचित होते हैं और राज्यसभा के लिए 10 सांसद निर्वाचित होते हैं। ये सांसद राजस्थान के लोगों और राज्य का प्रतिनिधित्व संसद में करते हैं।
In simple words: राजस्थान से लोकसभा में 25 और राज्यसभा में 10 सांसद चुने जाते हैं।
🎯 Exam Tip: लोकसभा और राज्यसभा के लिए प्रत्येक राज्य से भेजे जाने वाले सदस्यों की संख्या को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह राज्य के प्रतिनिधित्व को दर्शाता है।
Question 4. राष्ट्रपति पद की योग्यताएँ लिखिए।
अथवा
राष्ट्रपति बनने के लिए क्या-क्या योग्यताएँ आवश्यक हैं?
Answer: संविधान के अनुसार देश का राष्ट्रपति बनने के लिए व्यक्ति को निम्नलिखित अर्हताएँ या योग्यताएँ पूरी करनी आवश्यक हैं:
• वह भारत का नागरिक हो।
• वह कम-से-कम 35 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो।
• वह लोकसभा का सदस्य चुने जाने की योग्यता रखता हो।
• वह किसी लाभ के पद पर कार्यरत न हो।
ये योग्यताएँ सुनिश्चित करती हैं कि राष्ट्रपति पद पर एक योग्य और जिम्मेदार व्यक्ति आसीन हो।
In simple words: राष्ट्रपति बनने के लिए व्यक्ति को भारतीय नागरिक होना चाहिए, 35 साल का होना चाहिए, लोकसभा सदस्य बनने लायक होना चाहिए, और सरकारी फायदे वाली नौकरी में नहीं होना चाहिए।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रपति पद की योग्यताओं को लोकसभा सदस्य की योग्यताओं से अलग करके याद रखें, खासकर आयु सीमा में अंतर पर ध्यान दें।
Question 5. मन्त्रिपरिषद् और मन्त्रिमण्डल में क्या अन्तर है?
Answer: मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल में मुख्य अंतर यह है कि मंत्रिपरिषद में सभी प्रकार के मंत्री शामिल होते हैं, जैसे कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप-मंत्री। वहीं, मंत्रिमंडल में केवल महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ मंत्री (यानी कैबिनेट स्तर के मंत्री) ही होते हैं। इसलिए, मंत्रिमंडल मंत्रिपरिषद का ही एक छोटा और अधिक शक्तिशाली हिस्सा है। मंत्रिपरिषद एक बड़ा समूह है, जबकि मंत्रिमंडल उसका एक केंद्रीय भाग है जो मुख्य निर्णय लेता है।
In simple words: मंत्रिपरिषद में सभी मंत्री होते हैं, छोटे और बड़े। मंत्रिमंडल सिर्फ खास मंत्रियों का छोटा समूह होता है जो बड़े फैसले लेते हैं।
🎯 Exam Tip: मंत्रिपरिषद एक बड़ा समूह है जिसमें सभी मंत्री शामिल होते हैं, जबकि मंत्रिमंडल (कैबिनेट) मंत्रियों का एक छोटा, अधिक शक्तिशाली और निर्णय लेने वाला समूह है।
Question 6. मन्त्रिपरिषद् का गठन किस प्रकार रोता है?
Answer: मंत्रिपरिषद का गठन आम चुनावों के बाद होता है। लोकसभा में जिस दल या दलों के गठबंधन के सदस्यों द्वारा एक नेता चुना जाता है, उसी बहुमत दल के नेता को राष्ट्रपति प्रधानमंत्री के पद पर नियुक्त करते हैं। प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद के मंत्रियों को नियुक्त करते हैं। जब तक लोकसभा में मंत्रिपरिषद को बहुमत प्राप्त रहता है, तब तक वह अपने पद पर बनी रहती है। यह प्रक्रिया सरकार के गठन में लोकतंत्र के सिद्धांत को बनाए रखती है।
In simple words: चुनाव के बाद, जिस पार्टी को ज़्यादा वोट मिलते हैं, राष्ट्रपति उसके नेता को प्रधानमंत्री बनाते हैं। प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति बाकी मंत्रियों को चुनते हैं। जब तक बहुमत रहता है, मंत्री काम करते रहते हैं।
🎯 Exam Tip: मंत्रिपरिषद के गठन की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री की नियुक्ति और फिर प्रधानमंत्री की सलाह पर अन्य मंत्रियों की नियुक्ति शामिल होती है।
Question 7. भारत के उपराष्ट्रपति के पद के लिए क्या योग्यताएँ होनी चाहिए?
Answer: भारत के उपराष्ट्रपति के पद के लिए निम्नलिखित योग्यताएँ होनी चाहिए:
• वह भारत का नागरिक हो।
• वह 35 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो।
• वह राज्यसभा सदस्य बनने के लिए योग्य हो।
ये योग्यताएँ यह सुनिश्चित करती हैं कि उपराष्ट्रपति पद पर एक योग्य और अनुभवी व्यक्ति आसीन हो।
In simple words: उपराष्ट्रपति बनने के लिए व्यक्ति को भारतीय नागरिक होना चाहिए, 35 साल का होना चाहिए, और राज्यसभा सदस्य बनने लायक होना चाहिए।
🎯 Exam Tip: उपराष्ट्रपति की योग्यताओं में राज्यसभा सदस्य बनने की योग्यता एक महत्वपूर्ण बिंदु है।
Question 8. भारत के उपराष्ट्रपति की निर्वाचन विधि को समझाइये।
Answer: उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों के निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। राष्ट्रपति के निर्वाचन की तरह, उपराष्ट्रपति का निर्वाचन भी एकल संक्रमणीय मत प्रणाली और आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के द्वारा गुप्त मतदान से होता है। इस प्रक्रिया में राज्य विधानसभाओं के सदस्य शामिल नहीं होते।
In simple words: उपराष्ट्रपति को चुनने के लिए संसद के दोनों सदनों के सदस्य गुप्त वोट डालते हैं। यह वोट एकल संक्रमणीय प्रणाली से होता है।
🎯 Exam Tip: उपराष्ट्रपति के चुनाव में केवल संसद के सदस्य ही भाग लेते हैं, राज्य विधानसभाओं के सदस्य नहीं।
Question 9. 'कानून बनाने के मामले में भारतीय संसद को राज्य विधायिका से अधिक शक्ति प्राप्त है।' इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
Answer: कानून बनाने के मामले में भारतीय संसद को राज्य विधायिका से अधिक शक्ति प्राप्त है क्योंकि देश में संघ सूची और समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बनाने का अधिकार संसद को है। यद्यपि समवर्ती सूची के विषयों पर राज्य विधायिका भी कानून बना सकती है, लेकिन यदि किसी विषय पर संसद द्वारा बनाया गया कानून और राज्य विधायिका द्वारा बनाया गया कानून आपस में टकराते हैं, तो संसद द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है। यह व्यवस्था केंद्र को राष्ट्रीय महत्व के मामलों में अंतिम निर्णय लेने की शक्ति देती है।
In simple words: भारतीय संसद को राज्य विधानसभाओं से ज़्यादा ताकत है कानून बनाने में। अगर संसद और राज्य दोनों एक ही विषय पर कानून बनाते हैं और दोनों में मतभेद हो, तो संसद का कानून ही माना जाता है।
🎯 Exam Tip: शक्तियों के विभाजन में संघ सूची और समवर्ती सूची में संसद की प्रबलता को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 1. भारतीय संविधान में संसदीय प्रणाली को अपनाया गया है। इसकी विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।
Answer: भारतीय संविधान ने संसदीय प्रणाली को अपनाया है। इसकी मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- **कार्यपालिका और व्यवस्थापिका में समन्वय:** संसदीय शासन में कार्यपालिका (मंत्रिपरिषद) और व्यवस्थापिका (संसद) के बीच अच्छा तालमेल होता है। यह तालमेल सरकार को अधिक प्रभावी बनाता है।
- **सामूहिक उत्तरदायित्व:** प्रधानमन्त्री और उनकी मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से जवाबदेह होते हैं। इसका मतलब है कि यदि एक मंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होता है, तो पूरी सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है।
- **व्यवस्थापिका के सदस्य:** मंत्रिपरिषद के सदस्य भी व्यवस्थापिका (संसद) के सदस्य होते हैं। वे तब तक अपने पद पर रहते हैं जब तक व्यवस्थापिका का उनमें विश्वास बना रहता है।
- **निश्चित कार्यकाल:** व्यवस्थापिका एक तय समय के लिए चुनी जाती है।
- **संवैधानिक प्रमुख:** राष्ट्रपति शासन के संवैधानिक प्रमुख होते हैं, लेकिन उनकी शक्तियों का उपयोग वास्तव में मंत्रिपरिषद द्वारा किया जाता है।
In simple words: भारत में संसदीय शासन व्यवस्था है जहाँ सरकार के काम करने के कुछ खास तरीके हैं। इसमें सरकार के अंग मिलकर काम करते हैं और लोग अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के जरिए सरकार पर नजर रखते हैं।
🎯 Exam Tip: संसदीय प्रणाली की विशेषताओं का वर्णन करते समय समन्वय, सामूहिक उत्तरदायित्व और संवैधानिक प्रमुख जैसे प्रमुख बिन्दुओं को स्पष्ट रूप से समझाएँ।
Question 2. भारत में संघीय व्यवस्थापिका से क्या आशय है? राज्यसभा के गठन को स्पष्ट कीजिए।
Answer: भारत में संघीय व्यवस्थापिका का मतलब संसद के दोनों सदन (लोकसभा और राज्यसभा) और राष्ट्रपति से है। राज्यसभा संसद का दूसरा सदन है, जिसे राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाला उच्च सदन भी कहा जाता है। इसके गठन को नीचे दिए गए बिन्दुओं से समझा जा सकता है:
- **सदस्य संख्या:** राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं। इनमें से 238 सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है और 12 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया जाता है। मनोनीत सदस्य कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्रों के विशेषज्ञ होते हैं।
- **स्थायी सदन:** राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जिसका अर्थ है कि इसे लोकसभा की तरह भंग नहीं किया जा सकता। हर दो साल में इसके एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं, और उनकी जगह नए सदस्य चुने जाते हैं।
- **सदस्यों का कार्यकाल:** राज्यसभा के सदस्यों (सांसदों) का कार्यकाल 6 वर्ष होता है।
- **सदस्यों की अर्हताएँ:** राज्यसभा का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना, कम-से-कम 30 वर्ष की आयु का होना, किसी लाभ के सरकारी पद पर न होना, और विकृत मस्तिष्क या दिवालिया न होना आवश्यक है।
- **अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष:** भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। राज्यसभा अपने सदस्यों में से किसी एक को उपसभापति चुनती है।
In simple words: भारत की संसद में राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा शामिल हैं। राज्यसभा कभी भंग नहीं होती और यह राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है। इसके सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है और वे 6 साल तक पद पर रहते हैं।
🎯 Exam Tip: राज्यसभा के गठन की प्रक्रिया को स्पष्ट करते समय उसके स्थायी स्वरूप और सदस्यों की योग्यता पर विशेष ध्यान दें।
Question 3. संसद के कार्य और शक्तियों का विश्लेषण कीजिए।
Answer: संसद भारत की सर्वोच्च विधायी संस्था है और इसके कई महत्वपूर्ण कार्य तथा शक्तियाँ हैं। ये निम्नलिखित हैं:
- **कानून का निर्माण:** संसद संघ सूची और समवर्ती सूची में दिए गए विषयों पर कानून बनाती है। विशेष परिस्थितियों में यह राज्य सूची के विषयों पर भी कानून बना सकती है। कानूनों को लागू करने के लिए गहन विचार-विमर्श और बहसों से गुजरना पड़ता है।
- **सरकार पर नियन्त्रण:** संसद अपने सत्रों के दौरान प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, काम रोको प्रस्ताव, और अविश्वास प्रस्ताव जैसे तरीकों से सरकार पर नियंत्रण रखती है। यह सुनिश्चित करता है कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह बनी रहे।
- **वित्त पर नियन्त्रण:** संसद देश के वित्त पर पूरा नियंत्रण रखती है। यह बजट पारित करती है और सरकार को कर लगाने तथा धन एकत्र करने की अनुमति देती है। बिना संसद की मंजूरी के कोई कर नहीं लगाया जा सकता।
- **संविधान संशोधन:** संसद को संविधान में संशोधन करने की शक्ति प्राप्त है। यह शक्ति संविधान को समय के साथ बदलने और उसे प्रासंगिक बनाए रखने में मदद करती है।
- **चुनावी कार्य:** संसद, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और अपने पदाधिकारियों के चुनाव संबंधी कार्य भी करती है। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- **न्यायिक कार्य (महाभियोग):** संसद महाभियोग की प्रक्रिया के माध्यम से राष्ट्रपति, उच्चतम व उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के विरुद्ध कार्यवाही कर सकती है। यह न्यायिक स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
In simple words: संसद का मुख्य काम कानून बनाना, सरकार को नियंत्रित करना और देश के पैसे का हिसाब रखना है। यह संविधान में बदलाव भी कर सकती है और बड़े पदों पर बैठे लोगों को हटाने की शक्ति भी रखती है।
🎯 Exam Tip: संसद की शक्तियों का विश्लेषण करते समय विधायी, वित्तीय, नियंत्रण और संशोधन संबंधी कार्यों को विस्तार से समझाएँ।
Question 4. आपकी दृष्टि में संविधान निर्माताओं ने भारत के राष्ट्रपति के अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित होने की व्यवस्था क्यों की होगी?
Answer: संविधान निर्माताओं ने भारत के राष्ट्रपति को अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित करने की व्यवस्था कई कारणों से की होगी:
- **लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना:** संविधान निर्माता भारत को एक लोकतांत्रिक गणराज्य बनाना चाहते थे। एक लोकतांत्रिक गणराज्य के लिए यह आवश्यक था कि राष्ट्र का प्रमुख (राष्ट्रपति) सीधे जनता द्वारा निर्वाचित व्यक्ति हो, न कि मनोनीत या वंशानुगत। यह व्यवस्था राष्ट्रपति के पद को जनसाधारण के बीच स्वीकार्यता प्रदान करती है।
- **संसदात्मक शासन व्यवस्था में संतुलन:** भारतीय संविधान निर्माताओं ने संसदात्मक शासन व्यवस्था अपनाई थी, जहाँ कार्यपालिका के दो प्रमुख होते हैं – एक वास्तविक अध्यक्ष (प्रधानमंत्री) और एक नाममात्र का अध्यक्ष (राष्ट्रपति)। यदि राष्ट्रपति का चुनाव सीधे जनता द्वारा होता, तो वह नाम-मात्र का अध्यक्ष बनकर नहीं रह पाता और इससे प्रधानमंत्री के साथ शक्ति संघर्ष हो सकता था।
- **लोकतांत्रिक गणराज्य और संसदात्मक शासन व्यवस्था में संतुलन स्थापित करना:** राष्ट्रपति के अप्रत्यक्ष निर्वाचन की व्यवस्था लोकतांत्रिक गणराज्य के सिद्धांत और संसदात्मक शासन व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने के लिए की गई थी। यह व्यवस्था राष्ट्रपति को गरिमा और अधिकार प्रदान करती है, साथ ही सरकार के वास्तविक प्रमुख (प्रधानमंत्री) को सीधे जनता के प्रति जवाबदेह रखती है।
In simple words: संविधान बनाने वाले चाहते थे कि राष्ट्रपति का पद महत्वपूर्ण हो लेकिन वह सीधे प्रधानमंत्री से मुकाबला न करे। इसलिए, उन्होंने तय किया कि राष्ट्रपति का चुनाव लोग सीधे नहीं, बल्कि अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के जरिए करें, ताकि सरकार के काम में संतुलन बना रहे।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रपति के अप्रत्यक्ष चुनाव के कारणों को समझाते समय लोकतांत्रिक गणराज्य, संसदात्मक प्रणाली और शक्ति संतुलन के बिंदुओं पर जोर दें।
Question 6. भारतीय संघीय शासन व्यवस्था की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
Answer: भारत एक विशाल देश है, जहाँ संघीय शासन व्यवस्था अपनाई गई है। भारतीय संघीय शासन व्यवस्था की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- **संविधान की सर्वोच्चता:** भारत का संविधान देश का सर्वोच्च कानून है। संसद और विधानमंडल दोनों अपनी शक्तियाँ संविधान से प्राप्त करते हैं। जो कानून संविधान के अनुरूप नहीं होते, उन्हें सर्वोच्च न्यायालय अवैध घोषित कर सकता है। संविधान की यह सर्वोच्चता देश की एकता और स्थिरता बनाए रखती है।
- **द्विसदनात्मक व्यवस्थापिका:** संघीय शासन व्यवस्था में देश की व्यवस्थापिका के दो सदन होते हैं। भारत में भी संसद के दो सदन हैं – लोकसभा (जनता का प्रतिनिधित्व) और राज्यसभा (राज्यों का प्रतिनिधित्व)। यह व्यवस्था निर्णय लेने की प्रक्रिया में विभिन्न हितों को शामिल करती है।
- **लिखित संविधान:** भारत का संविधान लिखित रूप में है और यह काफी बड़ा भी है। इसमें संघ व राज्यों के क्षेत्राधिकार स्पष्ट रूप से निश्चित किए गए हैं। यह स्पष्टता सरकार के विभिन्न स्तरों के बीच विवादों को कम करती है।
- **शासन की शक्तियों का विभाजन:** भारत के संविधान द्वारा शक्तियों का विभाजन तीन सूचियों (संघ सूची, राज्य सूची, और समवर्ती सूची) के माध्यम से किया गया है। यह केंद्र और राज्यों के बीच कार्यों का स्पष्ट बँटवारा सुनिश्चित करता है।
- **स्वतन्त्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका:** भारत के संविधान में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष उच्चतम न्यायालय की व्यवस्था की गई है। सर्वोच्च न्यायालय संविधान की व्याख्या करता है, कानूनों की संवैधानिकता की जाँच करता है और संविधान की रक्षा करता है।
- **इकहरी नागरिकता:** भारत में संघीय शासन व्यवस्था होने के बावजूद इकहरी नागरिकता का प्रावधान है। इसका मतलब है कि संघ और राज्यों की अलग-अलग नागरिकता नहीं है। यह व्यवस्था राज्यों की तुलना में केंद्र को अधिक शक्तिशाली बनाती है और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देती है।
In simple words: भारतीय संघीय व्यवस्था में देश का संविधान सबसे ऊपर है, दो तरह की सरकारें हैं (केंद्र और राज्य), और उनके काम बँटे हुए हैं। यहाँ एक ही नागरिकता है और न्यायपालिका स्वतंत्र है।
🎯 Exam Tip: भारतीय संघीय व्यवस्था की विशेषताओं को बताते समय संविधान की सर्वोच्चता, शक्तियों का विभाजन और इकहरी नागरिकता जैसे बिन्दुओं को मुख्य रूप से उजागर करें।
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