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Detailed Chapter 12 हमारा संविधान RBSE Solutions for Class 8 Social Science
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Class 8 Social Science Chapter 12 हमारा संविधान RBSE Solutions PDF
प्रश्न 1. (A) भारत गणराज्य है, क्योंकि
(अ) भारत में स्वतन्त्र न्यायपालिका है।
(ब) भारत धर्मनिरपेक्ष राज्य है।
(स) राष्ट्रपति वंशानुगत न होकर निर्वाचित है।
(द) प्रधानमन्त्री सर्वोच्च पदाधिकारी है।
Answer: (स) राष्ट्रपति वंशानुगत न होकर निर्वाचित है।
In simple words: भारत एक गणराज्य है क्योंकि यहाँ का सर्वोच्च नेता, राष्ट्रपति, चुनाव द्वारा चुना जाता है, न कि उसे परिवार से पद मिलता है। यह लोगों को अपने नेता चुनने का अधिकार देता है।
🎯 Exam Tip: गणराज्य का अर्थ है कि देश का प्रमुख वंशानुगत नहीं होता बल्कि निर्वाचित होता है। भारत इस परिभाषा को पूरा करता है, जहाँ राष्ट्रपति का चुनाव होता है।
प्रश्न 1. (B) भारत का संविधान लागू हुआ
(अ) 28 नवम्बर, 1949
(ब) 26 जनवरी, 1930
(स) 26 जनवरी, 1950
(द) 28 जुलाई, 1950
Answer: (स) 26 जनवरी, 1950
In simple words: भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को पूरी तरह से लागू हुआ, और इसी दिन से भारत एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया। यह तारीख भारत के लिए बहुत खास है।
🎯 Exam Tip: भारतीय संविधान को 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया। इन दोनों तारीखों के बीच का अंतर याद रखें।
प्रश्न 2. संविधान के प्रकार बताइये।
Answer: संविधान मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:
- लिखित संविधान
- अलिखित संविधान
In simple words: संविधान दो तरह के होते हैं: एक जिसमें सब कुछ लिखा होता है (लिखित संविधान), और दूसरा जिसमें नियम पुराने रीति-रिवाजों और परंपराओं से चलते हैं (अलिखित संविधान)।
🎯 Exam Tip: लिखित संविधान में सभी कानून एक ही दस्तावेज़ में होते हैं, जबकि अलिखित संविधान में कानून कई जगहों से आते हैं, जैसे परंपराएँ और संसदीय अधिनियम।
प्रश्न 3. प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
Answer: प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे। उन्होंने संविधान के मसौदे को तैयार करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
In simple words: संविधान का मसौदा बनाने वाली समिति के मुखिया डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे।
🎯 Exam Tip: डॉ. भीमराव अम्बेडकर को 'भारतीय संविधान का जनक' भी कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में संविधान के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाई थी।
प्रश्न 4. संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष कौन थे?
Answer: संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद थे। उन्हें संविधान सभा की पहली बैठक के बाद चुना गया था।
In simple words: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष थे।
🎯 Exam Tip: संविधान सभा के पहले अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा थे, और बाद में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को स्थायी अध्यक्ष चुना गया। यह एक सामान्य गलती है जिसे याद रखना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 6. भारत को पंथ निरपेक्ष राज्य क्यों कहा जाता है?
Answer: भारत को पंथ निरपेक्ष राज्य कहा जाता है क्योंकि भारतीय संविधान में यह आदर्श तय किया गया है। इसका मतलब है कि राज्य सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान करता है और किसी भी धर्म को अपना आधिकारिक धर्म नहीं मानता। भारत के नागरिक अपनी इच्छा के अनुसार किसी भी धर्म को मानने और उसका पालन करने के लिए स्वतंत्र हैं। यह सभी नागरिकों के लिए धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है।
In simple words: भारत एक पंथ निरपेक्ष देश है क्योंकि सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है और किसी एक धर्म को बढ़ावा नहीं देती। लोग अपनी पसंद का कोई भी धर्म मान सकते हैं।
🎯 Exam Tip: पंथ निरपेक्षता का अर्थ यह नहीं है कि भारत में धर्म नहीं है, बल्कि इसका अर्थ है कि राज्य किसी विशेष धर्म के प्रति पक्षपात नहीं करता और सभी धर्मों को समान मानता है।
प्रश्न 7. हमारे संविधान की निर्माण प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।
अथवा
भारतीय संविधान सभा की प्रमुख घटनाओं को बताते हुए एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer: हमारे संविधान का निर्माण एक संविधान सभा द्वारा किया गया था। ब्रिटिश मंत्रिमंडल का एक दल जिसे 'केबिनेट मिशन' कहा गया, भारत आया। केबिनेट मिशन ने अपनी रिपोर्ट में भारत में संविधान सभा के गठन की सिफारिश की। जुलाई, 1946 में ब्रिटिश भारत में संविधान सभा के लिए 296 प्रतिनिधियों का चुनाव हुआ, और 93 सदस्य देशी रियासतों के शासकों द्वारा मनोनीत किए गए। संविधान निर्माण से जुड़ी मुख्य घटनाएँ इस प्रकार हैं:
1. 9 दिसंबर, 1946 को संविधान सभा की पहली बैठक हुई। इस बैठक में सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष चुना गया। बाद में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष बने।
2. पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 13 दिसंबर, 1946 को 'उद्देश्य प्रस्ताव' रखा, जिसमें संविधान के लक्ष्यों को बताया गया था। यह प्रस्ताव 22 जनवरी, 1947 को सभी की सहमति से पारित हुआ।
3. संविधान सभा ने एक प्रारूप समिति बनाई जिसके अध्यक्ष डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे। इस समिति ने भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने का महत्वपूर्ण काम किया।
4. संविधान सभा को संविधान बनाने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे, जिसमें कुल 114 बैठकें हुईं। 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा ने संविधान के मसौदे को स्वीकार कर लिया।
5. 26 जनवरी, 1950 को संविधान पूरे देश में लागू कर दिया गया। इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
In simple words: भारत का संविधान बनाने के लिए एक संविधान सभा बनाई गई थी। इसने कई बैठकें कीं, उद्देश्य तय किए, और डॉ. अम्बेडकर की अध्यक्षता में एक समिति ने मसौदा तैयार किया। संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ।
🎯 Exam Tip: संविधान निर्माण की प्रक्रिया में प्रमुख व्यक्तियों के नाम और महत्वपूर्ण तारीखें याद रखना आवश्यक है, जैसे प्रारूप समिति के अध्यक्ष और संविधान को अपनाने व लागू करने की तिथियाँ।
प्रश्न 8. हमारे संविधान की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? संक्षेप में वर्णन कीजिए।
अथवा
भारतीय संविधान की विशेषताओं को दर्शाते हुए बताइये कि हम पंथ निरपेक्षता को किस प्रकार अपनाए हुए हैं?
Answer: भारतीय संविधान की कुछ प्रमुख विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
2. **प्रस्तावना:** हमारे संविधान में प्रस्तावना शामिल है, जो संविधान का सार बताती है और इसके लक्ष्यों को प्रस्तुत करती है।
3. **विभिन्न स्रोतों से प्रेरणा:** हमारे संविधान में दुनिया के कई देशों के संविधानों से अच्छी बातें ली गई हैं और भारतीय जरूरतों के अनुसार उनमें बदलाव किए गए हैं। जैसे, मौलिक अधिकार अमेरिका से और नीति निर्देशक तत्व आयरलैंड से प्रेरित हैं।
4. **पंथ निरपेक्षता:** संविधान में भारत को एक पंथ निरपेक्ष राज्य का आदर्श बताया गया है। इसका मतलब है कि राज्य सभी धर्मों की समान रूप से रक्षा करेगा और किसी भी धर्म को अपना राजधर्म नहीं मानेगा। सभी नागरिक अपनी इच्छा से किसी भी धर्म को मानने के लिए स्वतंत्र हैं।
5. **समाजवाद:** संविधान सभी भारतीय नागरिकों के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में समानता की बात करता है। इसमें पिछड़े लोगों को समान अवसर देने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं।
6. **लोकतांत्रिक गणराज्य:** भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहाँ सरकार का चुनाव जनता करती है और वह जनता के प्रति जवाबदेह रहती है। यहाँ का सर्वोच्च पदाधिकारी राष्ट्रपति निर्वाचित होता है।
7. **मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य:** हमारे संविधान में नागरिकों को छह मौलिक अधिकार और ग्यारह मौलिक कर्तव्य दिए गए हैं।
8. **नीति निर्देशक तत्व:** भारत में लोक कल्याणकारी राज्य बनाने के उद्देश्य से सरकार को कानून और नीतियां बनाते समय कुछ निर्देश दिए गए हैं।
9. **संघात्मक शासन व्यवस्था:** हमारा संविधान संघात्मक शासन व्यवस्था का पालन करता है। इसमें संघीय और प्रांतीय स्तर की सरकारें, शक्तियों का बंटवारा, लिखित संविधान और स्वतंत्र न्यायपालिका जैसी विशेषताएँ हैं।
10. **संसदीय शासन व्यवस्था:** देश में संसदीय शासन प्रणाली अपनाई गई है, जहाँ कार्यपालिका विधायिका के प्रति जवाबदेह होती है। राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख होते हैं और वास्तविक शक्तियां मंत्रिपरिषद के पास होती हैं।
11. **स्वतंत्र न्यायपालिका:** देश में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका की व्यवस्था की गई है ताकि जनता को न्याय मिल सके और शासन संविधान के अनुसार चले।
12. **कठोर और लचीला:** हमारे संविधान में संशोधन न तो बहुत आसान है और न ही बहुत कठिन।
13. **इकहरी नागरिकता:** संघात्मक शासन व्यवस्था होने के बावजूद, संविधान में इकहरी नागरिकता ही प्रदान की गई है।
14. **सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार:** हमारे संविधान में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के वोट देने का अधिकार है।
In simple words: भारतीय संविधान की कई खूबियाँ हैं, जैसे यह एक लिखित संविधान है, सबको समान मानता है (समाजवादी), किसी एक धर्म का पक्ष नहीं लेता (पंथ निरपेक्ष), और लोगों को मौलिक अधिकार देता है। यह लोगों को वोट देने का भी अधिकार देता है।
🎯 Exam Tip: संविधान की विशेषताओं का वर्णन करते समय, प्रत्येक विशेषता को एक स्पष्ट बिंदु के रूप में लिखें और उसके मुख्य अर्थ को सरल शब्दों में समझाएं। पंथ निरपेक्षता जैसी विशेषताओं को उदाहरणों से समझाना उपयोगी हो सकता है।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुविकल्पात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. भारत का संविधान नहीं है-
(ब) अलिखित
Answer: (ब) अलिखित
In simple words: भारत का संविधान लिखित रूप में है, इसलिए यह अलिखित संविधान नहीं है।
🎯 Exam Tip: भारत का संविधान दुनिया के सबसे लंबे लिखित संविधानों में से एक है।
प्रश्न 2. भारतीय संविधान सभा में प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे-
(अ) जवाहरलाल नेहरू
(ब) डॉ. भीमराव अम्बेडकर
(स) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
(द) सच्चिदानंद सिन्हा
Answer: (ब) डॉ. भीमराव अम्बेडकर
In simple words: भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति के मुखिया डॉ. भीमराव अम्बेडकर थे।
🎯 Exam Tip: डॉ. भीमराव अम्बेडकर को भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार के रूप में जाना जाता है।
प्रश्न 3. भारत में वोट देने की न्यूनतम आयु क्या है?
(अ) 18 वर्ष
(ब) 21 वर्ष
(स) 25 वर्ष
(द) 35 वर्ष
Answer: (अ) 18 वर्ष
In simple words: भारत में 18 साल या उससे अधिक उम्र का कोई भी नागरिक वोट डाल सकता है।
🎯 Exam Tip: पहले वोट डालने की उम्र 21 साल थी, लेकिन 61वें संशोधन के बाद इसे घटाकर 18 साल कर दिया गया।
प्रश्न 4. भारतीय संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष थे-
(अ) डॉ. भीमराव अम्बेडकर
(ब) जवाहरलाल नेहरू
(स) सरदार पटेल
(द) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
Answer: (द) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
In simple words: डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को भारतीय संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया था।
🎯 Exam Tip: संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष और प्रारूप समिति के अध्यक्ष के बीच अंतर याद रखें।
प्रश्न 5. अलिखित संविधान का उदाहरण है-
(अ) भारतीय संविधान
(ब) अमेरिकी संविधान
(स) ब्रिटिश संविधान
Answer: (स) ब्रिटिश संविधान
In simple words: ब्रिटेन का संविधान पूरी तरह से लिखा हुआ नहीं है, बल्कि यह परंपराओं और विभिन्न कानूनों पर आधारित है।
🎯 Exam Tip: ब्रिटिश संविधान एक अलिखित संविधान का प्रमुख उदाहरण है, जबकि भारत और अमेरिका के संविधान लिखित हैं।
प्रश्न 1. वर्तमान (सन् 2016) में भारतीय संविधान में........अनुसूचियाँ हैं। (8/12)
Answer: वर्तमान (सन् 2016) में भारतीय संविधान में **12** अनुसूचियाँ हैं।
In simple words: साल 2016 तक, भारत के संविधान में 12 खास सूचियाँ थीं जिन्हें अनुसूचियाँ कहते हैं।
🎯 Exam Tip: मूल संविधान में 8 अनुसूचियाँ थीं, लेकिन बाद के संशोधनों से इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है।
प्रश्न 2. हमारे संविधान में........"नागरिकता प्रदान की गई है। (इकहरी/दोहरी)
Answer: हमारे संविधान में **इकहरी** नागरिकता प्रदान की गई है।
In simple words: भारतीय संविधान हमें सिर्फ एक तरह की नागरिकता देता है, मतलब आप सिर्फ भारत के नागरिक हैं, किसी राज्य के नहीं।
🎯 Exam Tip: इकहरी नागरिकता का मतलब है कि आप पूरे देश के नागरिक हैं, न कि किसी विशेष राज्य के। यह देश की एकता को बढ़ावा देता है।
प्रश्न 3. भारतीय संविधान में नागरिकों को.. मूल अधिकार प्रदान किये गये हैं। (छ:/सात)
Answer: भारतीय संविधान में नागरिकों को **छह** मूल अधिकार प्रदान किये गये हैं।
In simple words: भारतीय संविधान में लोगों को 6 बुनियादी अधिकार दिए गए हैं ताकि वे स्वतंत्र और सम्मान से जी सकें।
🎯 Exam Tip: मूल संविधान में सात मौलिक अधिकार थे, लेकिन संपत्ति के अधिकार को हटाकर अब छह मौलिक अधिकार ही बचे हैं।
प्रश्न 4. 9 दिसम्बर, 1946 को संविधान सभा की प्रथम बैठक में...को संविधान सभा का अध्यक्ष चुना गया। (सच्चिदानन्द सिन्हा/डॉ. राजेन्द्र प्रसाद)
Answer: 9 दिसम्बर, 1946 को संविधान सभा की प्रथम बैठक में **सच्चिदानन्द सिन्हा** को संविधान सभा का अध्यक्ष चुना गया।
In simple words: संविधान सभा की पहली बैठक में सच्चिदानन्द सिन्हा को थोड़े समय के लिए अध्यक्ष बनाया गया था।
🎯 Exam Tip: सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष के रूप में चुना गया था क्योंकि वे सबसे उम्रदराज सदस्य थे, जैसा कि फ्रांसीसी परंपरा में होता है।
प्रश्न 5. भारतीय संविधान में राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व.......के संविधान से प्रेरित हैं। (ब्रिटेन/आयरलैंड)
Answer: भारतीय संविधान में राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व **आयरलैंड** के संविधान से प्रेरित हैं।
In simple words: भारत ने अपने संविधान में नीति निर्देशक तत्व आयरलैंड के संविधान से लिए हैं।
🎯 Exam Tip: नीति निर्देशक तत्व वे दिशा-निर्देश हैं जो सरकार को कानून बनाते समय ध्यान में रखने चाहिए ताकि एक कल्याणकारी राज्य की स्थापना हो सके।
निम्न में से सत्य/असत्य कथन छाँटिए :
प्रश्न 1. केबिनेट मिशन की सिफारिश के आधार पर भारतीय संविधान सभा का गठन किया गया।
Answer: **सत्य**
In simple words: भारतीय संविधान बनाने वाली सभा कैबिनेट मिशन की सलाह पर ही बनी थी।
🎯 Exam Tip: केबिनेट मिशन 1946 में भारत आया था और इसने ही संविधान सभा के गठन की योजना प्रस्तुत की थी।
प्रश्न 2. संविधान सभा में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने उद्देश्य प्रस्ताव रखा।
Answer: **असत्य**
In simple words: उद्देश्य प्रस्ताव डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने नहीं, बल्कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पेश किया था।
🎯 Exam Tip: उद्देश्य प्रस्ताव पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा 13 दिसंबर, 1946 को प्रस्तुत किया गया था, जो बाद में संविधान की प्रस्तावना बना।
प्रश्न 3. 26 जनवरी, 1950 को संविधान सभा ने संविधान के प्रारूप को पारित किया।
Answer: **असत्य**
In simple words: संविधान का मसौदा 26 जनवरी, 1950 को नहीं, बल्कि 26 नवंबर, 1949 को पारित किया गया था।
🎯 Exam Tip: संविधान को 26 नवंबर, 1949 को पारित किया गया था, लेकिन इसे 26 जनवरी, 1950 को पूरी तरह से लागू किया गया।
प्रश्न 4. हमारा संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है।
Answer: **सत्य**
In simple words: भारत का संविधान दुनिया के सभी देशों में सबसे लंबा और लिखा हुआ संविधान है।
🎯 Exam Tip: भारतीय संविधान की विशालता का मुख्य कारण इसकी व्यापकता, विविधता और केंद्र-राज्य संबंधों पर विस्तृत प्रावधान हैं।
प्रश्न 5. संविधान किसी राज्य में शासन, व्यक्ति और उनके आपसी सम्बन्धों को निर्देशित करने वाले सभी नियमों और कानूनों का संग्रह है।
Answer: **सत्य**
In simple words: संविधान एक किताब है जिसमें देश को चलाने, लोगों के अधिकारों और उनके बीच के रिश्तों के सभी नियम लिखे होते हैं।
🎯 Exam Tip: संविधान किसी भी देश की सर्वोच्च विधि होती है, जो शासन प्रणाली और नागरिकों के अधिकारों को परिभाषित करती है।
स्तम्भ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित करें।
Answer:
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| (i) संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष | सच्चिदानंद सिन्हा |
| (ii) संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष | डॉ. राजेन्द्र प्रसाद |
| (iii) उद्देश्य प्रस्ताव के प्रस्तुतकर्ता | जवाहरलाल नेहरू |
| (iv) प्रारूप समिति के अध्यक्ष | डॉ. भीमराव अम्बेडकर |
In simple words: संविधान बनाने में अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग खास काम किए, जैसे किसी ने मसौदा बनाया तो किसी ने बैठक की अध्यक्षता की।
🎯 Exam Tip: संविधान निर्माण से जुड़े प्रमुख पदों और व्यक्तियों के नामों को सही ढंग से याद रखना महत्वपूर्ण है।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. संविधान किसे कहते हैं?
Answer: संविधान किसी राज्य में शासन को चलाने, व्यक्तियों के अधिकारों और उनके आपसी संबंधों को नियंत्रित करने वाले सभी नियमों और कानूनों का एक संग्रह है। यह देश का सर्वोच्च कानून होता है।
In simple words: संविधान एक किताब है जिसमें देश को चलाने और लोगों के अधिकारों के सभी नियम लिखे होते हैं।
🎯 Exam Tip: संविधान किसी भी राष्ट्र की आधारशिला होता है, जो सरकार की शक्तियों और नागरिकों के कर्तव्यों व अधिकारों को परिभाषित करता है।
प्रश्न 2. लिखित संविधान किसे कहते हैं?
Answer: जिस संविधान के प्रावधान एक ही दस्तावेज़ में लिखित रूप में होते हैं, वे लिखित संविधान कहलाते हैं। इसमें सभी नियम और कानून स्पष्ट रूप से दर्ज होते हैं।
In simple words: लिखित संविधान वह होता है जिसके सारे नियम और कानून एक ही किताब में लिखे हुए होते हैं।
🎯 Exam Tip: भारत, अमेरिका और फ्रांस जैसे देशों के संविधान लिखित संविधान के उदाहरण हैं।
प्रश्न 3. लिखित संविधान वाले किन्हीं दो देशों के नाम लिखिये।
Answer: लिखित संविधान वाले दो देशों के नाम हैं:
- भारत
- संयुक्त राज्य अमेरिका
In simple words: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ऐसे देश हैं जिनका संविधान लिखित रूप में है।
🎯 Exam Tip: लिखित संविधान किसी भी देश की राजनीतिक स्थिरता और कानूनों की स्पष्टता के लिए महत्वपूर्ण होता है।
प्रश्न 5. अलिखित संविधान का कोई एक उदाहरण दीजिए।
Answer: अलिखित संविधान का एक उदाहरण **ब्रिटेन का संविधान** है। ब्रिटेन का संविधान परंपराओं, रीति-रिवाजों और विभिन्न कानूनों पर आधारित है, न कि किसी एक लिखित दस्तावेज़ पर।
In simple words: ब्रिटेन का संविधान एक ऐसा संविधान है जो लिखा हुआ नहीं है, बल्कि पुराने रिवाजों और अलग-अलग कानूनों से चलता है।
🎯 Exam Tip: अलिखित संविधान का मतलब यह नहीं है कि कोई कानून लिखा ही नहीं है, बल्कि इसका अर्थ है कि सभी कानून एक ही मुख्य दस्तावेज़ में संकलित नहीं हैं।
प्रश्न 6. वर्तमान (सन् 2016) में भारतीय संविधान में कितनी अनुसूचियाँ हैं?
Answer: वर्तमान (सन् 2016) में भारतीय संविधान में **12** अनुसूचियाँ हैं। इन अनुसूचियों में विभिन्न विषयों और प्रावधानों का विवरण दिया गया है।
In simple words: साल 2016 तक, भारत के संविधान में 12 अनुसूचियाँ थीं जो अलग-अलग जानकारी देती हैं।
🎯 Exam Tip: मूल संविधान में 8 अनुसूचियाँ थीं, लेकिन बाद में विभिन्न संशोधनों के माध्यम से 4 और अनुसूचियाँ जोड़ी गईं।
प्रश्न 7. भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार एवं स्वतन्त्र न्यायपालिका की अवधारणा किस देश के संविधान से प्रेरित है?
Answer: भारतीय संविधान में मौलिक अधिकार एवं स्वतंत्र न्यायपालिका की अवधारणा **संयुक्त राज्य अमेरिका** के संविधान से प्रेरित है। इन प्रावधानों ने भारतीय नागरिकों के अधिकारों और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को मजबूत किया है।
In simple words: भारत के संविधान में लोगों के खास अधिकार और न्यायपालिका की आजादी का विचार अमेरिका के संविधान से लिया गया है।
🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि भारतीय संविधान ने विभिन्न देशों से अच्छी विशेषताओं को अपनाया है, जिससे यह एक अद्वितीय दस्तावेज बन गया है।
प्रश्न 8. हमारा देश गणतन्त्र क्यों कहलाता है?
Answer: हमारा देश गणतन्त्र इसलिए कहलाता है क्योंकि हमारे संविधान में शासन का सर्वोच्च पदाधिकारी, यानी राष्ट्रपति, वंशानुगत नहीं होता बल्कि निर्वाचित होता है। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि सरकार चलाते हैं।
In simple words: हमारा देश गणराज्य है क्योंकि हमारे देश का सबसे बड़ा नेता (राष्ट्रपति) लोगों द्वारा चुना जाता है, न कि उसे विरासत में पद मिलता है।
🎯 Exam Tip: गणराज्य की पहचान यह है कि देश का प्रमुख एक निश्चित अवधि के लिए चुना जाता है, न कि किसी शाही परिवार का सदस्य होता है।
प्रश्न 9. भारतीय संविधान की संघात्मक शासन व्यवस्था के चार लक्षण लिखिए।
Answer: भारतीय संविधान की संघात्मक शासन व्यवस्था के चार प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:
1. **संघीय एवं प्रांतीय स्तरों की सरकारें:** इसमें केंद्र और राज्यों दोनों स्तरों पर सरकारें होती हैं।
2. **शक्तियों का विभाजन:** केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का स्पष्ट बंटवारा होता है, जिससे दोनों अपने-अपने क्षेत्रों में काम करते हैं।
3. **लिखित संविधान:** देश का संविधान लिखित होता है, जिसमें शक्तियों के बंटवारे और सरकार के नियमों का स्पष्ट उल्लेख होता है।
4. **स्वतंत्र न्यायपालिका:** एक स्वतंत्र न्यायपालिका होती है जो कानूनों की व्याख्या करती है और केंद्र-राज्य के विवादों को सुलझाती है।
In simple words: भारत में दो तरह की सरकारें हैं (केंद्र और राज्य), उनकी शक्तियाँ बंटी हुई हैं, संविधान लिखा हुआ है, और न्यायपालिका स्वतंत्र है। ये सब मिलकर संघात्मक शासन बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: संघात्मक शासन में केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का स्पष्ट बंटवारा होता है ताकि दोनों स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकें और एक-दूसरे के कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप न हो।
प्रश्न 10. हमारा संविधान कठोर व लचीला क्यों कहा जाता है?
Answer: हमारा संविधान कठोर और लचीला दोनों इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें संशोधन की प्रक्रिया न तो बहुत आसान है और न ही बहुत कठिन। कुछ प्रावधानों को बदलने के लिए संसद में साधारण बहुमत की आवश्यकता होती है, जो इसे लचीला बनाता है। वहीं, कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों को बदलने के लिए संसद के दो-तिहाई बहुमत और आधे से अधिक राज्यों के अनुमोदन की आवश्यकता होती है, जो इसे कठोर बनाता है।
In simple words: भारतीय संविधान को बदलना कुछ मामलों में आसान है (लचीला) और कुछ मामलों में मुश्किल (कठोर)। यह इसलिए है ताकि जरूरत पड़ने पर बदलाव हो सकें, पर महत्वपूर्ण बातों को आसानी से न बदला जा सके।
🎯 Exam Tip: संविधान में संशोधन की यह विशेषता सुनिश्चित करती है कि देश की बदलती जरूरतों के अनुसार बदलाव किए जा सकें, साथ ही संविधान के मूल सिद्धांतों की रक्षा भी की जा सके।
प्रश्न 12. भारतीय संविधान सभा का गठन किस सन में किया गया?
Answer: भारतीय संविधान सभा का गठन **सन् 1946** में किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के लिए एक नया संविधान बनाना था।
In simple words: भारत का संविधान बनाने वाली सभा 1946 में बनाई गई थी।
🎯 Exam Tip: संविधान सभा का गठन केबिनेट मिशन योजना के तहत किया गया था।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. संघात्मक शासन व्यवस्था से आप क्या समझते हैं? समझाइये।
Answer: संघात्मक शासन व्यवस्था वह प्रणाली है जहाँ शासन की शक्तियाँ केंद्र सरकार और राज्यों या क्षेत्रीय सरकारों के बीच स्पष्ट रूप से बंटी होती हैं। हमारा संविधान संघात्मक शासन की व्यवस्था करता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं: संघीय और प्रांतीय स्तरों की सरकारें, शक्तियों का विभाजन (केंद्र और राज्यों के बीच), लिखित संविधान और एक स्वतंत्र न्यायपालिका। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि सभी स्तरों पर सरकारें प्रभावी ढंग से काम कर सकें।
In simple words: संघात्मक शासन में देश को चलाने की शक्तियाँ केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच बंटी होती हैं। इसमें एक लिखा हुआ संविधान और एक स्वतंत्र अदालत होती है।
🎯 Exam Tip: संघात्मक शासन प्रणाली विविधता वाले बड़े देशों के लिए उपयुक्त होती है क्योंकि यह स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता को भी बनाए रखती है।
प्रश्न 2. भारतीय संविधान की किन्हीं चार विशेषताओं का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
Answer: भारतीय संविधान की चार प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
1. **सबसे लंबा एवं लिखित संविधान:** हमारा संविधान विश्व का सबसे लंबा और विस्तृत लिखित संविधान है। इसमें मूल रूप से एक प्रस्तावना, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं, जो वर्तमान (2016) में 12 अनुसूचियों तक बढ़ गई हैं। यह भारत की विविधता को दर्शाता है।
2. **प्रस्तावना:** हमारे संविधान में एक प्रस्तावना शामिल है, जो संविधान का सार प्रस्तुत करती है। यह संविधान के उद्देश्यों, जैसे न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व, को व्यक्त करती है।
3. **पंथ निरपेक्षता:** संविधान में भारत को एक पंथ निरपेक्ष राज्य के रूप में दर्शाया गया है। इसका मतलब है कि राज्य सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान करेगा और किसी भी धर्म को अपना आधिकारिक धर्म नहीं मानेगा। सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है।
4. **समाजवाद:** संविधान सभी भारतीय नागरिकों के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्रों में समानता की बात करता है। इसके लिए कई संरक्षणात्मक प्रावधान किए गए हैं ताकि सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को समान और विशेष अवसर मिल सकें।
In simple words: भारत का संविधान बहुत बड़ा और लिखा हुआ है, इसमें एक प्रस्तावना है, यह किसी भी धर्म का पक्ष नहीं लेता (पंथ निरपेक्ष है), और सबको समान मानता है (समाजवादी)।
🎯 Exam Tip: भारतीय संविधान की ये विशेषताएँ इसकी आत्मा हैं। इन्हें याद करते समय, प्रत्येक बिंदु को सरल भाषा में परिभाषित करें और भारत के संदर्भ में उसके महत्व को समझाएं।
प्रश्न 3. भारत को लोकतान्त्रिक गणतंत्र देश कहा जाता है।” कारण सहित स्पष्ट कीजिए।
अथवा
Answer: भारत को लोकतांत्रिक गणराज्य देश कहा जाता है क्योंकि यह दोनों सिद्धांतों को अपनाता है:
**लोकतांत्रिक:** भारत एक लोकतांत्रिक देश है क्योंकि यहाँ सरकार जनता द्वारा चुनी जाती है। वयस्क मताधिकार के तहत, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के वोट देने और अपने प्रतिनिधियों को चुनने का अधिकार है। ये चुने हुए प्रतिनिधि जनता के प्रति उत्तरदायी होते हैं और उनके हित में काम करते हैं।
**गणराज्य:** भारत एक गणराज्य है क्योंकि देश का सर्वोच्च पदाधिकारी, यानी राष्ट्रपति, वंशानुगत नहीं होता बल्कि एक निश्चित अवधि के लिए चुना जाता है। राष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से जनता के प्रतिनिधियों द्वारा होता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि देश का प्रमुख किसी राजशाही परिवार से नहीं आता, बल्कि जनता की इच्छा से चुना जाता है।
In simple words: भारत को लोकतांत्रिक गणराज्य कहते हैं क्योंकि यहाँ की सरकार लोग खुद चुनते हैं (लोकतांत्रिक), और देश का सबसे बड़ा मुखिया (राष्ट्रपति) भी चुनाव से आता है, न कि उसे विरासत में पद मिलता है (गणराज्य)।
🎯 Exam Tip: लोकतांत्रिक और गणराज्य दोनों शब्दों के अर्थ को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें और बताएं कि भारतीय प्रणाली इन दोनों सिद्धांतों को कैसे दर्शाती है।
प्रश्न 4. संसदीय शासन प्रणाली से क्या आशय है?
Answer: संसदीय शासन प्रणाली वह व्यवस्था है जिसमें कार्यपालिका (मंत्रिपरिषद) विधायिका (संसद) के प्रति उत्तरदायी होती है। इस प्रणाली में राज्य का प्रमुख (राष्ट्रपति) संवैधानिक अध्यक्ष होता है, जबकि शासन की वास्तविक शक्तियाँ मंत्रिपरिषद में निहित होती हैं। मंत्रिपरिषद अपने कार्यों और नीतियों के लिए संसद के निचले सदन (लोकसभा) के प्रति जवाबदेह होती है। इसका मतलब है कि सरकार को संसद में बहुमत का विश्वास बनाए रखना होता है।
In simple words: संसदीय शासन प्रणाली में सरकार (मंत्री) संसद के प्रति जवाबदेह होती है। देश का मुखिया राष्ट्रपति होता है, पर असली ताकत मंत्रियों के हाथ में होती है।
🎯 Exam Tip: संसदीय प्रणाली में कार्यपालिका और विधायिका के बीच घनिष्ठ संबंध होता है, जिसमें सरकार के सदस्य अक्सर विधायिका के भी सदस्य होते हैं।
प्रश्न 5. सरकार किन्हीं निश्चित नियमों के अनुसार कार्य क्यों करती है? समझाइये।
Answer: सरकार निश्चित नियमों और कानूनों के अनुसार कार्य करती है ताकि शासन व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। यदि शासन-कार्य के लिए कोई निश्चित नियम या कानून नहीं होंगे तो:
1. पूरे देश में अव्यवस्था और अराजकता फैल जाएगी, जिससे कानून और व्यवस्था बिगड़ जाएगी।
2. समाज में अशांति और अराजकता का माहौल बन जाएगा, जिससे लोग सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे।
3. सरकारों को जनता के प्रति उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकेगा, क्योंकि जवाबदेही के लिए स्पष्ट नियम आवश्यक हैं।
4. न ही सरकार और व्यक्तियों के बीच, और न ही व्यक्तियों के आपस में संबंधों का निर्धारण हो सकेगा। इससे भ्रम और संघर्ष की स्थिति बनेगी।
नियम और कानून देश में न्याय, समानता और सुशासन सुनिश्चित करते हैं।
In simple words: सरकार कुछ खास नियमों और कानूनों पर चलती है ताकि देश में कोई गड़बड़ी न हो। अगर नियम नहीं होंगे, तो सब कुछ बिखर जाएगा, लोगों में शांति नहीं रहेगी और सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग सकती है।
🎯 Exam Tip: नियम और कानून सरकार की शक्तियों पर भी अंकुश लगाते हैं, जिससे वह मनमाने ढंग से काम नहीं कर सकती और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा होती है।
प्रश्न 6. भारतीय संविधान में भारत को 'राज्यों के संघ' के रूप में बताया गया है।' इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
Answer: भारतीय संविधान में भारत को 'राज्यों के संघ' के रूप में बताया गया है, जिसका अर्थ यह है कि:
- भारतीय संविधान संघात्मक शासन व्यवस्था की स्थापना करता है, जिसमें संघात्मक शासन व्यवस्था की सभी प्रमुख विशेषताएँ शामिल हैं। इसका मतलब है कि यहाँ केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर सरकारें होती हैं और उनकी शक्तियाँ बंटी हुई होती हैं।
- भारतीय संघ राज्यों के आपसी समझौते का परिणाम नहीं है। इसका मतलब है कि किसी भी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार नहीं है। भारत अविनाशी राज्यों का अविनाशी संघ है।
In simple words: भारत 'राज्यों का संघ' है क्योंकि यहाँ एक मजबूत केंद्र सरकार है और राज्य इससे अलग नहीं हो सकते। यह एक ऐसी व्यवस्था है जहाँ केंद्र और राज्य दोनों मिलकर काम करते हैं।
🎯 Exam Tip: 'राज्यों का संघ' शब्दावली यह दर्शाती है कि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और किसी भी राज्य को इससे अलग होने का अधिकार नहीं है, जो इसकी दृढ़ता को दर्शाता है।
निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. भारतीय संविधान सभा का गठन किस प्रकार हुआ?
Answer: भारतीय संविधान सभा का गठन केबिनेट मिशन योजना की सिफारिशों के आधार पर सन् 1946 में हुआ था। इसकी प्रक्रिया निम्नलिखित चरणों में संपन्न हुई:
1. ब्रिटिश सरकार ने संविधान सभा की मांग को स्वीकार किया और केबिनेट मिशन की सिफारिशों के अनुसार 1946 में भारतीय संविधान सभा का गठन किया गया। इस मिशन का उद्देश्य भारत में संवैधानिक सुधारों पर काम करना था।
2. जुलाई, 1946 में संविधान सभा के लिए 296 प्रतिनिधियों का चुनाव हुआ। ये सदस्य ब्रिटिश भारत के प्रांतों से चुने गए थे।
3. 93 सदस्य भारतीय रियासतों के प्रतिनिधियों के रूप में वहां के शासकों द्वारा मनोनीत किए गए थे। राजस्थान से भी संविधान सभा में 14 सदस्य शामिल थे।
इस प्रकार संविधान सभा में कुल 389 सदस्य थे, जिन्होंने मिलकर भारत के संविधान का निर्माण किया।
In simple words: भारत का संविधान बनाने के लिए 1946 में 'संविधान सभा' बनाई गई थी। इसे केबिनेट मिशन की सलाह पर बनाया गया था। इसमें कुछ सदस्य चुने गए और कुछ राजाओं द्वारा भेजे गए थे।
🎯 Exam Tip: संविधान सभा के गठन की प्रक्रिया में चुनाव और मनोनयन दोनों शामिल थे, जो तत्कालीन भारत की राजनीतिक स्थिति को दर्शाता है। संविधान निर्माण एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया थी।
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