RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 10 सामाजिक न्याय

Get the most accurate RBSE Solutions for Class 8 Social Science Chapter 10 सामाजिक न्याय here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 8 Social Science. Our expert-created answers for Class 8 Social Science are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 10 सामाजिक न्याय RBSE Solutions for Class 8 Social Science

For Class 8 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 8 Social Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 10 सामाजिक न्याय solutions will improve your exam performance.

Class 8 Social Science Chapter 10 सामाजिक न्याय RBSE Solutions PDF

Chapter 10 सामाजिक न्याय

पाठगत प्रश्न

(पृष्ठ 81)

 

Question 1. क्या आपने कभी अपने सामाजिक परिवेश में पूर्वाग्रहपूर्ण व्यवहार देखे हैं? यदि हाँ तो उनकी सूची बताइए।
Answer: हाँ, हमने अपने आसपास ऐसे पूर्वाग्रहपूर्ण व्यवहार देखे हैं:
1. बीमार होने पर डॉक्टर को दिखाने के बजाय झाड़-फूँक करवाना। यह अंधविश्वास पर आधारित एक हानिकारक प्रथा है।
2. लड़कियों को पढ़ाई के काबिल नहीं समझना। इससे लड़कियों को शिक्षा के अवसर कम मिलते हैं।
3. महिलाओं को सिर्फ घर के कामों तक ही सीमित समझना। यह सोच उनके अधिकारों को सीमित करती है।
4. बेटी और बेटे में हमेशा बेटे को ज्यादा महत्व देना। यह लैंगिक असमानता को बढ़ावा देता है।
5. दलितों को सिर्फ कुछ खास और निचले कामों के लिए ही सही समझना। यह सामाजिक भेदभाव का एक रूप है।
6. किसी खास जाति या समुदाय के लोगों को बिना सबूत के अपराधी मानना। यह अन्यायपूर्ण धारणा है।
In simple words: हमने अपने समाज में ऐसे व्यवहार देखे हैं जहाँ लोग किसी के लिंग, जाति या बीमारी के आधार पर गलत धारणाएँ बना लेते हैं और उनके साथ भेदभाव करते हैं। यह व्यवहार पुराने ख्यालों और अंधविश्वासों पर आधारित होता है।

🎯 Exam Tip: जब सामाजिक पूर्वाग्रहों के उदाहरण पूछे जाएँ, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, लिंग और जाति से संबंधित भेदभावों के वास्तविक और सामान्य उदाहरण दें।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

 

Question 1. सही विकल्प
(A) समाज में आर्थिक असमानता का प्रमुख कारण है-
(अ) परिश्रम का अन्तर
(ब) योग्यता का अन्तर
(स) अवसरों की असमानता
(द) प्रयासों को अन्तर
Answer: (स) अवसरों की असमानता
In simple words: समाज में लोग अमीर-गरीब इसलिए होते हैं क्योंकि सभी को आगे बढ़ने के लिए बराबर मौके नहीं मिलते हैं। सबके लिए समान अवसर न होना ही इस असमानता का मुख्य कारण है।

🎯 Exam Tip: आर्थिक असमानता से जुड़े प्रश्नों में, 'अवसरों की असमानता' अक्सर सबसे व्यापक और सही कारण होती है, क्योंकि यह परिश्रम और योग्यता को भी प्रभावित करती है।

 

Question 1. (B) अवसरों की असमानता के पीछे प्रमुख कारण है
(अ) पूर्वाग्रह
(ब) रूढ़िबद्धता
(स) भेदभाव
(द) उपर्युक्त सभी
Answer: (द) उपर्युक्त सभी
In simple words: जब सभी लोगों को बराबर मौके नहीं मिलते, तो इसके कई कारण होते हैं। इसमें किसी के बारे में पहले से गलत राय बनाना (पूर्वाग्रह), पुरानी सोच पर अड़े रहना (रूढ़िबद्धता) और किसी के साथ गलत व्यवहार करना (भेदभाव) जैसे सभी कारण शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: सामाजिक न्याय से संबंधित प्रश्नों में, अक्सर कई नकारात्मक कारक एक साथ मिलकर समस्याओं को जन्म देते हैं, इसलिए 'उपर्युक्त सभी' विकल्प की संभावना बढ़ जाती है।

 

Question 2. स्तम्भ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित कीजिए।

स्तम्भ 'अ'स्तम्भ 'ब'
(i) वंचित वर्ग की जातियाँअनुसूचित जाति
(ii) आदिवासी जातियाँअनुसूचित जनजाति
(iii) सामाजिक, आर्थिक व शैक्षिक रूप से पिछड़ी अन्य जातियाँअन्य पिछड़ा वर्ग
(iv) जनसंख्या में धार्मिक व भाषायी रूप से छोटा समूह।अल्पसंख्यक
In simple words: इस तालिका में, हमने विभिन्न सामाजिक समूहों को उनके सही नामों के साथ मिलाया है। जैसे कि वंचित जातियों को अनुसूचित जाति कहा जाता है, आदिवासी जातियों को अनुसूचित जनजाति, और इसी तरह।

🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ियों को मिलाएँ जिनके बारे में आप सबसे ज़्यादा आश्वस्त हैं, फिर बाकी विकल्पों को देखकर सही जोड़ी ढूँढें।

 

Question 4. समाज में आर्थिक असमानता के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालिए।
Answer: समाज में आर्थिक असमानता के मुख्य कारण ये हैं:
1. धन-सम्पत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और ताकत जैसे जरूरी संसाधनों का समाज के अलग-अलग वर्गों में बराबर नहीं बँटना। यह संसाधनों के असमान वितरण से पैदा होती है।
2. समाज के कुछ वर्ग कई पीढ़ियों से गरीब और साधनहीन हैं, जबकि कुछ वर्ग हमेशा से अमीर और साधन-सम्पन्न रहे हैं। यह इतिहास से जुड़ी एक समस्या है।
3. समाज में लोगों को समान अवसर न मिलना। जब सभी को आगे बढ़ने के समान मौके नहीं मिलते, तो आर्थिक असमानता बढ़ती है।
In simple words: समाज में अमीर और गरीब लोग इसलिए होते हैं क्योंकि पैसे, शिक्षा और ताकत जैसी चीजें सबमें बराबर नहीं बँटी होती हैं। कुछ परिवार हमेशा से गरीब हैं और सबको आगे बढ़ने के एक जैसे मौके भी नहीं मिलते।

🎯 Exam Tip: आर्थिक असमानता के कारणों का वर्णन करते समय, संसाधनों के असमान वितरण, ऐतिहासिक गरीबी और अवसरों की कमी जैसे बिंदुओं पर जोर देना महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. सामाजिक बहिष्कार क्या है? इसके क्या प्रभाव होते हैं?
Answer: सामाजिक बहिष्कार का मतलब उन तरीकों से है जिनके ज़रिए किसी व्यक्ति या समूह को समाज में पूरी तरह से घुलने-मिलने से रोका जाता है। ये तरीके व्यक्ति या समूह को उन सभी अवसरों से दूर रखते हैं जो दूसरे लोगों को मिलते हैं। इस प्रकार, उस व्यक्ति या समूह को समाज के हाशिये पर धकेल दिया जाता है। यह एक गंभीर सामाजिक समस्या है।
सामाजिक बहिष्कार के प्रभाव: जब सामाजिक बहिष्कार होता है, तो उन व्यक्तियों को अपने व्यक्तित्व को विकसित करने के मौके नहीं मिल पाते हैं। साथ ही, समाज उनकी प्रतिभा और क्षमताओं का लाभ भी नहीं उठा पाता है, जिससे पूरे समाज का नुकसान होता है।
In simple words: सामाजिक बहिष्कार का मतलब है किसी व्यक्ति या समूह को समाज से अलग कर देना और उन्हें बराबर मौके न देना। इसका बुरा असर यह होता है कि ऐसे लोग अपनी पूरी क्षमता से विकास नहीं कर पाते और समाज को उनकी काबिलियत का फायदा नहीं मिलता।

🎯 Exam Tip: सामाजिक बहिष्कार की परिभाषा में 'अलग करना' और 'अवसरों से वंचित करना' मुख्य शब्द हैं। इसके प्रभावों में व्यक्तिगत विकास में बाधा और सामाजिक प्रतिभा का नुकसान शामिल करें।

 

Question 6. भारत में सामाजिक असमानता से ग्रस्त वर्गों की जानकारी दीजिए।
Answer: भारत में सामाजिक असमानता से प्रभावित मुख्य वर्ग निम्नलिखित हैं:
1. जातीय वर्ग: भारत में प्रचलित जाति प्रथा कुछ वर्गों के लिए अपमानजनक, बहिष्कारी और शोषणकारी रही है। छुआछूत इसका सबसे बुरा रूप है। जाति व्यवस्था पहले व्यक्तियों को उनके काम और सामाजिक स्थिति के आधार पर बाँटती थी, हालांकि अब काम बदलने पर यह बंधन थोड़ा ढीला हो गया है।
2. महिलाओं के प्रति हिंसा व भेदभाव: पुरुष-प्रधान समाज में महिलाएँ अवसरों की असमानता का शिकार रही हैं। इसी कारण वे अक्सर हिंसा और भेदभाव का शिकार बनती हैं, जिससे उनके सामाजिक विकास में बाधा आती है।
In simple words: भारत में सामाजिक असमानता मुख्य रूप से जाति व्यवस्था और महिलाओं पर होने वाले भेदभाव के कारण होती है। जातीय वर्ग और महिलाएँ अक्सर कमज़ोर स्थिति में होती हैं और उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता है।

🎯 Exam Tip: भारत में सामाजिक असमानता के मुख्य कारणों में जाति व्यवस्था (छुआछूत सहित) और लैंगिक भेदभाव (महिलाओं के खिलाफ हिंसा) को हमेशा शामिल करें।

 

Question 7. सामाजिक न्याय की स्थापना हेतु सरकार द्वारा किये गये प्रयासों का वर्णन कीजिए।
Answer: सामाजिक न्याय को स्थापित करने के लिए सरकार ने कई प्रयास किए हैं, जो इस प्रकार हैं:
1. तीन तरह की सूचियाँ: भारत सरकार ने देश में पिछड़े और वंचित समुदायों की पहचान करके तीन तरह की सूचियाँ बनाई हैं:
• अनुसूचित जाति
• अनुसूचित जनजाति
• अन्य पिछड़ा वर्ग
इन वर्गों को विशेष सुविधाएं देने के लिए योग्य माना गया है। यह उनकी सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
2. आरक्षण के प्रावधान: केंद्र और राज्य विधानमंडलों में अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए, तथा स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए कुछ सीटें आरक्षित की गई हैं। साथ ही, सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में भी उनके लिए स्थान आरक्षित किए गए हैं। इसी सिद्धांत को सरकार के अन्य विकास कार्यक्रमों और योजनाओं में भी लागू किया गया है।
3. कानून निर्माण: समाज में जातीय भेदभाव और अस्पृश्यता को खत्म करने और रोकने के लिए कानून बनाए गए हैं। स्त्रियों के खिलाफ घरेलू हिंसा और छेड़छाड़ को रोकने के लिए भी कानून बनाकर दंड के प्रावधान किए गए हैं। बाल श्रम को गैर-कानूनी घोषित किया गया है और प्रारंभिक शिक्षा को सभी के लिए अनिवार्य व मुफ्त कर दिया गया है।
4. अन्य प्रयास: विशेष योग्यजनों (दिव्यांगों) के लिए भी नौकरियों में जगह आरक्षित की गई है और उनके कल्याण के लिए कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। भाषाई और धार्मिक अल्पसंख्यकों को अपनी खास संस्कृति, भाषा और लिपि को बनाए रखने का संवैधानिक अधिकार दिया गया है।
In simple words: सरकार ने सामाजिक न्याय के लिए कई काम किए हैं। उन्होंने वंचित समूहों की पहचान की, उन्हें नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण दिया। साथ ही, भेदभाव रोकने के लिए कानून बनाए और महिलाओं, बच्चों व दिव्यांगों के लिए विशेष योजनाएँ भी चलाईं।

🎯 Exam Tip: सरकार के प्रयासों का वर्णन करते समय, आरक्षण, कानून निर्माण (भेदभाव और हिंसा के खिलाफ) और विशेष कार्यक्रमों (जैसे शिक्षा, दिव्यांगों के लिए) जैसे प्रमुख बिंदुओं को अवश्य शामिल करें।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

बहुविकल्पात्मक प्रश्न

 

Question 1. सामाजिक न्याय के विरुद्ध है-
(अ) हाशियाकरण
(ब) विशेष अवसर का सिद्धान्त
(स) आरक्षण की व्यवस्था
(द) लोककल्याणकारी राज्य
Answer: (अ) हाशियाकरण
In simple words: सामाजिक न्याय का मतलब है सभी को बराबर सम्मान और मौके मिलना। हाशियाकरण इसका उल्टा है, जहाँ कुछ लोगों को समाज से अलग कर दिया जाता है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक न्याय सभी को समानता और अवसर देने पर केंद्रित है, जबकि हाशियाकरण किसी समूह को समाज के किनारे धकेल देता है, जो इसके विपरीत है।

 

Question 2. समाज में गरीब अथवा वंचित इसलिए होते हैं क्योंकि (यह एक संख्यात्मक प्रश्न है जिसका उत्तर 80 प्रतिशत है)।
(अ) 20 प्रतिशत
(ब) 40 प्रतिशत
(स) 50 प्रतिशत
(द) 80 प्रतिशत
Answer: (द) 80 प्रतिशत
In simple words: यह संख्या दर्शाती है कि समाज में एक बड़ा हिस्सा (80%) गरीब या वंचित है, जिसका मुख्य कारण उन्हें मिलने वाले अवसरों में कमी है।

🎯 Exam Tip: संख्यात्मक प्रश्नों में, सही मान को सटीक रूप से याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये अक्सर सीधे तथ्य पर आधारित होते हैं।

 

Question 3. समाज में गरीब अथवा वंचित इसलिए होते हैं क्योंकि
(अ) उनमें योग्यता नहीं होती
(ब) वे अपनी स्थिति को सुधारने के लिए परिश्रम नहीं करते
(स) उन्हें अवसरों की समानता नहीं मिलती
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (स) उन्हें अवसरों की समानता नहीं मिलती
In simple words: गरीब या वंचित लोग इसलिए उस स्थिति में होते हैं क्योंकि उन्हें आगे बढ़ने और अपनी जिंदगी बेहतर बनाने के लिए बराबर मौके नहीं मिलते, न कि इसलिए कि उनमें कोई कमी है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक असमानता के कारणों से संबंधित प्रश्नों में, अक्सर मुख्य कारण अवसरों की असमानता होती है, क्योंकि यह योग्यता और परिश्रम के प्रभावों को भी नियंत्रित करती है।

 

Question 4. आर्थिक न्याय का अभिप्राय है-
(अ) कानून की नजर में सभी समान हों
(ब) सभी के लिए अवसरों की समानता हो।
(स) सभी को सम्मानपूर्वक जीने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
Answer: (स) सभी को सम्मानपूर्वक जीने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों
In simple words: आर्थिक न्याय का मतलब है कि हर किसी के पास सम्मानजनक जीवन जीने के लिए जरूरी चीजें जैसे खाना, घर और शिक्षा होनी चाहिए। यह सिर्फ पैसों के बराबर होने से कहीं ज्यादा है।

🎯 Exam Tip: 'आर्थिक न्याय' की परिभाषा में, केवल 'समान अवसर' ही नहीं, बल्कि 'बुनियादी संसाधनों तक पहुँच' पर भी जोर देना चाहिए ताकि सभी एक गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।

 

Question 5. भारत में कुछ जातियों को जरायम पेशा जातियाँ घोषित कर दिया गया था।
(अ) मुगल शासन काल में
(ब) ब्रिटिश शासन काल में
(स) स्वतन्त्र भारत में
(द) प्राचीन भारत में
Answer: (ब) ब्रिटिश शासन काल में
In simple words: ब्रिटिश राज के समय में, कुछ खास जातियों को 'जरायम पेशा' कहकर अपराधी मान लिया गया था, जो उनके साथ बड़ा अन्याय था।

🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं से संबंधित प्रश्नों में, सही समयकाल या शासनकाल को याद रखना महत्वपूर्ण है, जैसे 'जरायम पेशा' कानूनों का संबंध ब्रिटिश काल से है।

 

Question 1. निम्नलिखित में सत्य/असत्य कथन छाँटिए
1. विशेष योग्य जनों के लिए भी नौकरियों में स्थान आरक्षित किए गये हैं।
2. समाज में गरीब अथवा वंचित इसलिए होते हैं कि उनमें योग्यता नहीं होती।
3. समाज में अवसरों की असमानता सामाजिक असमानता के लिए जिम्मेदार है।
4. पूर्वाग्रह एक परिवर्तनशील धारणा है।
5. सभी तबकों के आर्थिक रूप से पिछड़े लोग भी समाज में हाशिये पर होते हैं।
Answer:
1. सत्य (विशेष योग्यजनों को समाज में शामिल करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है।)
2. असत्य (योग्यता की कमी नहीं, बल्कि अवसरों की कमी गरीबी का मुख्य कारण है।)
3. सत्य (जब सभी को समान अवसर नहीं मिलते, तो सामाजिक असमानता बढ़ती है।)
4. असत्य (पूर्वाग्रह अक्सर कठोर और बदलने में मुश्किल होते हैं, भले ही नए तथ्य सामने आ जाएँ।)
5. सत्य (आर्थिक पिछड़ापन अक्सर सामाजिक हाशियाकरण की ओर ले जाता है।)
In simple words: यह समझना ज़रूरी है कि दिव्यांग लोगों को भी नौकरियां मिलती हैं, गरीबी योग्यता की कमी से नहीं आती बल्कि मौकों की कमी से आती है, पूर्वाग्रह आसानी से नहीं बदलते और आर्थिक रूप से कमजोर लोग अक्सर समाज के हाशिये पर होते हैं।

🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में, प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और उसकी तुलना सामाजिक न्याय और समानता के मूल सिद्धांतों से करें। ध्यान रखें कि पूर्वाग्रह अक्सर बदलने में मुश्किल होते हैं।

 

Question 1. स्तम्भ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित कीजिए।

स्तम्भ 'अ'स्तम्भ 'ब'
(i) सामाजिक न्यायसमाज का समतामूलक संगठन
(ii) राजनीतिक न्यायराजनीतिक प्रक्रिया में सहभागिता के समान अवसर
(iii) आर्थिक न्यायसंसाधनों के वितरण में हकदारी
(iv) हाशियाकरणसमाज के किसी समूह विशेष की उपेक्षा
In simple words: यहाँ हमने न्याय के अलग-अलग प्रकारों और उनके मतलब को मिलाया है। जैसे सामाजिक न्याय का मतलब है एक ऐसा समाज जहाँ सब बराबर हों, और हाशियाकरण का मतलब है किसी समूह को किनारे कर देना।

🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के न्याय (सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक) की परिभाषाओं और उनसे संबंधित अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझें ताकि मिलान करते समय गलती न हो।

 

Question 2. स्तम्भ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित कीजिए।

स्तम्भ 'अ'स्तम्भ 'ब'
(i) अस्पृश्यताछुआछूत
(ii) हाशियामुख्यधारा से अलग-थलग
(iii) अल्पसंख्यकजनसंख्या में धार्मिक व भाषायी रूप से छोटा समूह
(iv) पूर्वाग्रहतथ्यों को बिना जाँचे-परखे बनाई गई धारणा
In simple words: यह तालिका कुछ महत्वपूर्ण सामाजिक शब्दों और उनके अर्थों को मिलाती है, जैसे अस्पृश्यता का मतलब छुआछूत है और पूर्वाग्रह का मतलब बिना तथ्यों के कोई राय बनाना।

🎯 Exam Tip: सामाजिक अवधारणाओं और उनके पर्याय या परिभाषाओं को याद रखना मिलान वाले प्रश्नों में बहुत सहायक होता है।

 

Question 2. हाशियायी समूह से क्या तात्पर्य है?
Answer: हाशियायी समूह समाज का वह हिस्सा होता है जो समाज की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़ जाता है। ऐसे समूह सत्ता और जरूरी संसाधनों तक पहुँच से भी दूर होते हैं। वे समाज के किनारे पर धकेले हुए महसूस करते हैं।
In simple words: हाशियायी समूह वे लोग होते हैं जिन्हें समाज के बाकी लोगों से अलग कर दिया जाता है और उन्हें ताकत या जरूरी चीजों तक पहुँच नहीं मिल पाती।

🎯 Exam Tip: हाशियायी समूह की परिभाषा में 'मुख्यधारा से अलग-थलग' और 'सत्ता व संसाधनों से दूर' जैसे मुख्य शब्दों का उपयोग करें।

 

Question 3. आर्थिक न्याय से क्या अभिप्राय है?
Answer: आर्थिक न्याय का मतलब है कि समाज में संसाधनों के बँटवारे में कोई असमानता न हो। इसका अर्थ है कि हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए पर्याप्त अवसर और संसाधन मिलने चाहिए।
In simple words: आर्थिक न्याय का मतलब है कि समाज में सभी को पैसा और चीजों के बंटवारे में बराबरी मिले, ताकि कोई भी गरीब न रहे।

🎯 Exam Tip: आर्थिक न्याय की परिभाषा में 'संसाधनों के समान वितरण' और 'असमानता का अभाव' जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करें।

 

Question 4. सामाजिक असमानता सामाजिक क्यों है?
Answer: सामाजिक असमानता को सामाजिक इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह समाज के लोगों द्वारा ही बनाई और उत्पन्न की जाती है। यह किसी प्राकृतिक कारण से नहीं, बल्कि इंसानों की सोच, व्यवहार और बनाई गई व्यवस्थाओं के कारण पैदा होती है। समाज में पूर्वाग्रह, भेदभाव और सत्ता का असमान वितरण इसे बढ़ावा देते हैं।
In simple words: सामाजिक असमानता इंसानों द्वारा बनाई जाती है, यह कोई प्राकृतिक चीज नहीं है। हमारे समाज की सोच और नियम इसे जन्म देते हैं, जिससे कुछ लोग दूसरों से कमज़ोर रह जाते हैं।

🎯 Exam Tip: सामाजिक असमानता को 'सामाजिक' सिद्ध करने के लिए, इस बात पर ज़ोर दें कि यह मानव-निर्मित है और इसमें प्राकृतिक या व्यक्तिगत कारणों का हाथ नहीं होता।

 

Question 5. सामाजिक बहिष्कार से क्या आशय है?
Answer: सामाजिक बहिष्कार उन तरीकों को कहते हैं जिनके ज़रिए किसी व्यक्ति या समूह को समाज में पूरी तरह से घुलने-मिलने से रोका जाता है। ऐसे लोगों को समाज के हाशिये पर रखा जाता है, जिससे उन्हें सामान्य अवसरों से वंचित कर दिया जाता है।
In simple words: सामाजिक बहिष्कार का मतलब है किसी को समाज से अलग कर देना और उसे वे मौके न देना जो दूसरों को मिलते हैं, जिससे वह व्यक्ति या समूह हाशिये पर चला जाता है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक बहिष्कार की परिभाषा में 'घुलने-मिलने से रोकना' और 'हाशिये पर रखना' प्रमुख क्रियाएँ हैं।

 

Question 6. सामाजिक असमानता से समाज की क्या हानि है?
Answer: सामाजिक असमानता से समाज को यह हानि होती है कि वह ऐसे प्रतिभाशाली लोगों के लाभ से वंचित रह जाता है। जब समाज के कुछ वर्गों को समान अवसर नहीं मिलते, तो उनकी क्षमताएँ और कौशल बर्बाद हो जाते हैं, जिससे पूरे समाज का विकास रुक जाता है।
In simple words: सामाजिक असमानता से समाज को नुकसान होता है क्योंकि यह काबिल लोगों की पहचान नहीं कर पाता और उनकी मदद नहीं ले पाता, जिससे पूरे समाज की तरक्की रुक जाती है।

🎯 Exam Tip: सामाजिक असमानता के नुकसानों में, 'प्रतिभा का सदुपयोग न होना' और 'समाज के समग्र विकास में बाधा' जैसे बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 8. सामाजिक न्याय को समझाइये।
Answer: सामाजिक न्याय का अर्थ है कि समाज में जो सुविधाएँ और अवसर हम अपने लिए चाहते हैं, वही सुविधाएँ और अवसर दूसरों को भी बिना किसी भेदभाव के दें। इसका मतलब है कि सभी लोगों को जाति, धर्म, लिंग, या आर्थिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव किए बिना सम्मान और समान अधिकार मिलने चाहिए। यह एक ऐसे समाज की कल्पना है जहाँ कोई भी व्यक्ति अपनी बुनियादी जरूरतों से वंचित न हो।
In simple words: सामाजिक न्याय का मतलब है कि समाज में सभी लोगों को बराबर मौके और सुविधाएँ मिलें, जैसा हम अपने लिए चाहते हैं, बिना किसी भेदभाव के।

🎯 Exam Tip: सामाजिक न्याय की परिभाषा में 'समान सुविधाएँ', 'समान अवसर' और 'भेदभाव रहित व्यवहार' जैसे मुख्य बिंदुओं पर जोर देना महत्वपूर्ण है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. समाज में अमीरी और गरीबी क्यों होती है?
Answer: दुनिया के सभी समाजों में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके पास धन-सम्पत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और शक्ति जैसे महत्वपूर्ण संसाधन अन्य लोगों की तुलना में बहुत अधिक होते हैं। ये संसाधन समाज के अलग-अलग वर्गों में असमान तरीके से बँटे होते हैं। इसी असमान वितरण के कारण समाज में अमीरी और गरीबी पैदा होती है। यह अक्सर सामाजिक और ऐतिहासिक कारकों का परिणाम होता है।
In simple words: समाज में अमीरी और गरीबी इसलिए होती है क्योंकि पैसे, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरी चीजें सबमें बराबर नहीं बँटी होती हैं, कुछ लोगों के पास ज्यादा होती हैं और कुछ के पास कम।

🎯 Exam Tip: अमीरी-गरीबी के कारणों में 'संसाधनों के असमान वितरण' और 'अवसरों की कमी' को मुख्य बिंदु के रूप में समझाएँ।

 

Question 2. किस विचारधारा के अन्तर्गत गरीबों को ही उनकी 'गरीबी के लिए दोषी ठहराया जाता है?
Answer: कुछ लोग ऐसी विचारधारा रखते हैं कि समाज में गरीब या वंचित व्यक्ति इसलिए गरीब हैं क्योंकि उनमें या तो योग्यता की कमी है या वे अपनी स्थिति सुधारने के लिए मेहनत नहीं करते। इसी सोच के कारण उन्हें गरीब मान लिया जाता है। कुछ भाग्यवादी लोग तो यह भी मानते हैं कि यह उनकी पिछली जिंदगी के कर्मों का फल है। यह विचारधारा गरीबी के सामाजिक और आर्थिक कारणों को नज़रअंदाज़ करती है।
In simple words: कुछ लोग मानते हैं कि गरीब अपनी गरीबी के लिए खुद जिम्मेदार हैं क्योंकि उनमें योग्यता नहीं है या वे मेहनत नहीं करते, या यह उनके भाग्य का नतीजा है।

🎯 Exam Tip: इस तरह की विचारधारा को स्पष्ट करते समय 'योग्यता की कमी', 'परिश्रम न करना' या 'भाग्यवादी सोच' जैसे बिंदुओं को उजागर करें, और यह भी बताएँ कि यह अक्सर गलत धारणा होती है।

 

Question 3. पूर्वाग्रह से क्या आशय है ? समझाइये।
Answer: पूर्वाग्रह एक ऐसी धारणा है जो किसी विषय या व्यक्ति के बारे में बिना सही जानकारी जुटाए, बिना तथ्यों की जाँच-पड़ताल किए, सिर्फ सुनी-सुनाई बातों के आधार पर बना ली जाती है। पूर्वाग्रह से ग्रस्त व्यक्ति नई जानकारी मिलने के बाद भी अपनी पहले से बनी हुई राय को बदलने से मना कर देते हैं। यह अक्सर नकारात्मक होता है और भेदभाव को जन्म देता है।
In simple words: पूर्वाग्रह का मतलब है किसी के बारे में बिना सोचे-समझे या बिना सही जानकारी के कोई राय बना लेना, और फिर उस राय को बदलना नहीं।

🎯 Exam Tip: पूर्वाग्रह की परिभाषा में 'बिना तथ्यों के', 'सुनी-सुनाई बातों पर आधारित', और 'बदलने से इंकार' जैसे मुख्य शब्दों का उपयोग करें।

 

Question 4. व्यक्तिगत प्रयास एवं योग्यता सम्बन्धी अभावों को सामाजिक असमानता के लिए कब जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?
Answer: व्यक्तिगत प्रयास और योग्यता से जुड़ी कमियों को तभी गरीबी और अमीरी जैसी असमानता के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जब अन्य सभी कारक बराबर हों, यानी समाज में सभी को समान अवसर मिल रहे हों। लेकिन अक्सर समाज में अवसरों की असमानता होती है, जो हाशिये पर रह रहे व्यक्तियों के परिश्रम और योग्यता को बेकार कर देती है, क्योंकि उन्हें आगे बढ़ने के मौके ही नहीं मिलते।
In simple words: लोगों की मेहनत या काबिलियत की कमी को सामाजिक असमानता का कारण तभी कह सकते हैं जब समाज में सभी को बराबर मौके मिलें। पर अक्सर ऐसा होता नहीं है, इसलिए मेहनत करने वाले भी आगे नहीं बढ़ पाते।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय, 'समान अवसर' की शर्त पर विशेष जोर दें। यह समझाना महत्वपूर्ण है कि अवसरों की कमी अक्सर व्यक्तिगत प्रयासों और योग्यता को निरर्थक बना देती है।

 

Question 6. भेदभाव क्या है?
Answer: भेदभाव का मतलब है किसी दूसरे समूह या व्यक्ति के प्रति ऐसा व्यवहार करना जिसके तहत एक समूह के सदस्यों को उन अवसरों के लिए अयोग्य मान लिया जाता है जो दूसरों के लिए खुले होते हैं। यह अक्सर पूर्वाग्रहों और रूढ़ियों पर आधारित होता है और लोगों को उनके मूल अधिकारों से वंचित करता है।
In simple words: भेदभाव वह व्यवहार है जिसमें किसी खास समूह या व्यक्ति के साथ इसलिए बुरा व्यवहार किया जाता है ताकि उन्हें वे मौके न मिलें जो दूसरों को आसानी से मिल जाते हैं।

🎯 Exam Tip: भेदभाव की परिभाषा में 'अनुचित व्यवहार' और 'अवसरों से वंचित करना' मुख्य बिंदु हैं। यह अक्सर किसी समूह की पहचान पर आधारित होता है।

निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. सामाजिक असमानता सामाजिक है, न कि आर्थिक या व्यक्तिगत प्रयास एवं योग्यता का अभाव। इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
Answer:
1. सामाजिक असमानता व्यक्तिगत प्रयास एवं योग्यता का अभाव नहीं है: व्यक्तिगत प्रयासों की कमी और योग्यता की कमी तभी सामाजिक असमानता का कारण बन सकती है, जब समाज में सभी को समान अवसर मिलें। लेकिन समाज में जो अवसरों की असमानता है, वह हाशिये पर मौजूद व्यक्तियों के परिश्रम और योग्यता को बेकार कर देती है। इसलिए यह मुख्य रूप से व्यक्तिगत कमी नहीं है।
2. सामाजिक असमानता आर्थिक नहीं है: हालांकि आर्थिक और सामाजिक असमानताओं का आपस में गहरा संबंध होता है, फिर भी सामाजिक असमानता पूरी तरह से आर्थिक नहीं है। समाज में हाशिये पर रहने वाले व्यक्ति अक्सर सबसे गरीब होते हैं, लेकिन उनका हाशियाकरण केवल आर्थिक कारणों से नहीं होता, बल्कि सामाजिक भेदभाव और पूर्वाग्रहों से भी होता है।
3. सामाजिक असमानता सामाजिक है: सामाजिक असमानता दरअसल सामाजिक बहिष्कार है, जिसके द्वारा किसी व्यक्ति या समूह को समाज में पूरी तरह से शामिल होने से रोका जाता है। उन्हें समाज के हाशिये पर रखा जाता है। ये तरीके व्यक्ति या समूह को उन अवसरों से वंचित करते हैं जो दूसरों को मिलते हैं। इस प्रकार, उस व्यक्ति या समूह को समाज में किनारे धकेल दिया जाता है। लंबे समय तक इस स्थिति में रहने पर वे अपनी नियति मान लेते हैं और मुख्यधारा में शामिल होने का प्रयास छोड़ देते हैं। सामाजिक बहिष्कार, सामाजिक पूर्वाग्रह, रूढ़िबद्धता और सामाजिक भेदभाव मिलकर सामाजिक असमानता को स्थायी बना देते हैं।
In simple words: सामाजिक असमानता किसी व्यक्ति की कमी या सिर्फ पैसे की कमी से नहीं होती। यह समाज द्वारा बनाई गई है, जहाँ लोगों को अलग करके और उन्हें बराबर मौके न देकर हाशिये पर धकेल दिया जाता है।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय, व्यक्तिगत योग्यता और आर्थिक कारकों से परे जाकर 'सामाजिक संरचनाओं', 'भेदभाव' और 'अवसरों की असमानता' पर जोर देना चाहिए ताकि सामाजिक असमानता की सामाजिक प्रकृति को स्पष्ट किया जा सके।

 

Question 2. 'कठिन परिश्रम करने के बावजूद वंचित लोग अपनी स्थिति क्यों सुधार नहीं पाते हैं?' स्पष्ट कीजिए।
Answer: वंचित लोग कठिन परिश्रम करने के बावजूद अपनी स्थिति इसलिए नहीं सुधार पाते हैं क्योंकि:
1. विश्व के सभी समाजों में कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके पास धन-सम्पत्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और शक्ति जैसे संसाधन समाज के अन्य लोगों की तुलना में बहुत कम होते हैं। ये लोग गरीब या वंचित होते हैं। वे योग्यता में कमजोर नहीं होते और न ही परिश्रम में कमी करते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी उन्हें पीछे रखती है।
2. समाज में अधिकार सम्पन्न लोग दूसरों को अयोग्य घोषित कर देते हैं और उन्हें अवसरों से वंचित करते हैं। इस प्रकार, समाज द्वारा बनाई गई सामाजिक असमानता पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रहती है। यह सामाजिक बहिष्कार उन्हें समाज के हाशिये पर रखता है और उनके प्रयासों को व्यर्थ कर देता है।
3. समाज के पूर्वाग्रह, रूढ़िबद्धता और सामाजिक भेदभाव मिलकर किसी समूह के सदस्यों को उन अवसरों के लिए अयोग्य ठहरा देते हैं जो दूसरों के लिए खुले होते हैं। यही कारण है कि सही अवसरों की कमी के कारण, कड़ी मेहनत करने के बावजूद हाशिये पर रहने वाले वंचित लोग अपनी स्थिति में सुधार नहीं कर पाते हैं। उन्हें आगे बढ़ने के लिए जरूरी समर्थन और सुविधाएं नहीं मिल पातीं।
In simple words: वंचित लोग मेहनत करने के बाद भी आगे नहीं बढ़ पाते क्योंकि उनके पास जरूरी चीजें (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य) कम होती हैं, समाज उन्हें मौके नहीं देता और भेदभाव के कारण उन्हें हमेशा पीछे रखा जाता है।

🎯 Exam Tip: वंचित लोगों की स्थिति न सुधरने के कारणों में 'संसाधनों की कमी', 'अवसरों का अभाव', 'सामाजिक बहिष्कार' और 'भेदभाव' जैसे कारकों पर ध्यान केंद्रित करें, न कि उनकी योग्यता या परिश्रम पर।

Free study material for Social Science

RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 10 सामाजिक न्याय

Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 10 सामाजिक न्याय prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 8 Social Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 10 सामाजिक न्याय

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 8 Social Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 8 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Social Science Class 8 Solved Papers

Using our Social Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 8 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 10 सामाजिक न्याय to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 10 सामाजिक न्याय for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 10 सामाजिक न्याय is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 8 Social Science are as per latest RBSE curriculum.

Are the Social Science RBSE solutions for Class 8 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 10 सामाजिक न्याय as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Social Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 8 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 10 सामाजिक न्याय will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 10 सामाजिक न्याय in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 8 Social Science. You can access RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 10 सामाजिक न्याय in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Social Science RBSE solutions for Class 8 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 10 सामाजिक न्याय in printable PDF format for offline study on any device.