NCERT Solutions for Class 8 Science: Chapter 12 कृत्रिम उपग्रह
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Practice Class 8 Science Solutions: Chapter 12 कृत्रिम उपग्रह
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Question 1. उपग्रहों द्वारा हमारे टी.वी., मोबाइल, रेडियो आदि पर संकेत कैसे प्राप्त होते हैं?
Answer: भू-स्टेशनों से मिलने वाली सूक्ष्म रेडियो तरंगों या संकेतों को उपग्रह वापस पृथ्वी पर भेजते हैं। इन्हीं संकेतों की मदद से हमें अपने टी.वी., मोबाइल और रेडियो पर कार्यक्रम दिखाई और सुनाई देते हैं। ये उपग्रह पृथ्वी से मिले संकेतों को दूर-दूर तक फैला देते हैं।
In simple words: उपग्रह, धरती के स्टेशनों से सिग्नल लेकर, उन्हें फिर से धरती पर भेजते हैं। इससे हम अपने टी.वी., मोबाइल और रेडियो पर चीजें देख और सुन पाते हैं।
🎯 Exam Tip: जब भी संचार उपग्रहों के बारे में पूछा जाए, तो 'भू-स्टेशन', 'रेडियो तरंगें' और 'पुनः प्रसारण' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करना महत्वपूर्ण है।
Question 2. पाठ्यपुस्तक के चित्र 12.5 को देखकर बताइए कि किस प्रकार किसी कृत्रिम उपग्रह द्वारा संचार व्यवस्था होती है?
Answer: किसी कृत्रिम उपग्रह के ज़रिए संचार ऐसे काम करता है जैसे हम किसी खेल का टी.वी. पर सीधा प्रसारण देख रहे हों। इसकी व्यवस्था इस तरह होती है:
(i) सबसे पहले खेल की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती है।
(ii) फिर इस रिकॉर्डिंग को विद्युत चुम्बकीय संकेतों के रूप में भू-स्टेशन (जमीन पर बने स्टेशन) पर भेजा जाता है।
(iii) भू-स्टेशन से ये रेडियो तरंगें या संकेत कृत्रिम उपग्रह तक जाते हैं।
(iv) उपग्रह इन तरंगों या संकेतों को पकड़कर वापस डिश एंटेना तक भेजता है।
(v) डिश एंटेना से ये विद्युत चुम्बकीय संकेत टी.वी. तक पहुँचते हैं, जिससे हमें टी.वी. पर चित्र और ध्वनि दिखाई और सुनाई देती है। यह एक जटिल प्रक्रिया है जो पूरी दुनिया को जोड़ती है।
In simple words: खेल को रिकॉर्ड किया जाता है, फिर उसके सिग्नल ज़मीन के स्टेशन से उपग्रह को भेजे जाते हैं। उपग्रह उन सिग्नलों को वापस ज़मीन पर डिश एंटेना को भेजता है, जिससे हम टी.वी. पर मैच देख पाते हैं।
🎯 Exam Tip: संचार व्यवस्था को समझाते समय, 'प्रेषण', 'उपग्रह', 'पुनः प्रसारण' और 'रिसीवर' जैसे चरणों को क्रम से बताना चाहिए।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
सही विकल्प का चयन कीजिए
Question 1. यदि कोई वस्तु पृथ्वी से 11.2 किलोमीटर प्रति सेकण्ड से अधिक वेग से ऊपर की ओर प्रक्षेपित की जाती है, तो वह वस्तु
(अ) पुनः पृथ्वी पर आएगी।
(ब) अंतरिक्ष में चली जाएगी।
(स) पृथ्वी के वायुमंडल में ही रहेगी।
(द) पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाएगी।
Answer: (ब) अंतरिक्ष में चली जाएगी।
In simple words: अगर किसी चीज़ को धरती से 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड से ज़्यादा तेज़ फेंका जाए, तो वह हमेशा के लिए अंतरिक्ष में चली जाएगी और वापस नहीं आएगी।
🎯 Exam Tip: यह 'पलायन वेग' की परिभाषा है। इस संख्यात्मक मान और इसके अर्थ को याद रखें, क्योंकि यह अंतरिक्ष विज्ञान का एक बुनियादी सिद्धांत है।
Question 1. भारत द्वारा अंतरिक्ष में भेजे गए प्रथम कृत्रिम उपग्रह का नाम है
(अ) भास्कर-1
(ब) आर्यभट्ट
(स) कल्पना-1
(द) इनसेट-1
Answer: (ब) आर्यभट्ट
In simple words: भारत का पहला बनाया हुआ उपग्रह जो अंतरिक्ष में भेजा गया था, उसका नाम आर्यभट्ट था।
🎯 Exam Tip: भारत के पहले उपग्रह 'आर्यभट्ट' का नाम और प्रक्षेपण वर्ष (1975) अक्सर पूछा जाता है।
Question 3. संचार के लिए प्रयोग किया जाने वाला उपग्रह कहलाता है
(अ) ध्रुवीय उपग्रह
(ब) एस.एल.वी.
(स) भूस्थिर उपग्रह
(द) आई.आर.एस.-1
Answer: (स) भूस्थिर उपग्रह
In simple words: जिस उपग्रह का इस्तेमाल बातचीत (संचार) के लिए किया जाता है, उसे भूस्थिर उपग्रह कहते हैं।
🎯 Exam Tip: भूस्थिर उपग्रहों की मुख्य विशेषता उनका पृथ्वी के सापेक्ष स्थिर रहना है, जिससे वे संचार के लिए आदर्श होते हैं।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question 1. वह न्यूनतम वेग, जिससे किसी वस्तु को प्रक्षेपित करने पर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण को पार कर जाए______ कहलाती है।
Answer: पलायन वेग
In simple words: वह सबसे कम गति जिससे कोई चीज़ पृथ्वी के खिंचाव से बाहर निकल जाए, उसे पलायन वेग कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'पलायन वेग' की सटीक परिभाषा को याद रखना ज़रूरी है, खासकर 'न्यूनतम वेग' और 'गुरुत्वाकर्षण को पार कर जाए' शब्दों पर ध्यान दें।
Question 2. भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी के____ कक्ष में परिक्रमा करते हैं।
Answer: भूमध्य रेखीय
In simple words: भूस्थिर उपग्रह धरती के भूमध्य रेखा के ऊपर एक खास रास्ते पर घूमते हैं।
🎯 Exam Tip: भूस्थिर उपग्रहों की कक्षा 'भूमध्य रेखीय' होती है, जिससे वे पृथ्वी के एक ही स्थान के ऊपर स्थिर दिखते हैं।
Question 3. प्रथम भारतीय उपग्रह जिसे 19 अप्रैल, 1975 को प्रक्षेपित किया गया, का नाम_ है।
Answer: आर्यभट्ट।
In simple words: 19 अप्रैल, 1975 को छोड़े गए पहले भारतीय उपग्रह का नाम आर्यभट्ट है।
🎯 Exam Tip: भारत के अंतरिक्ष इतिहास में आर्यभट्ट का नाम और प्रक्षेपण की तारीख एक महत्वपूर्ण तथ्य है।
Question 2. पृथ्वी पर वस्तुएँ ऊपर की ओर फेंकने पर नीचे आती हैं, जबकि कृत्रिम उपग्रह नहीं, क्यों?
Answer: जब हम किसी वस्तु को पृथ्वी से ऊपर फेंकते हैं, तो वह वापस नीचे आ जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उस वस्तु की गति इतनी कम होती है कि वह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण (खिंचाव) क्षेत्र के बहुत करीब रहती है। इसलिए फेंकी गई वस्तु तुरंत नीचे गिर जाती है। इसके विपरीत, कृत्रिम उपग्रह को रॉकेट या प्रक्षेपण यान की मदद से अंतरिक्ष में भेजा जाता है। इन्हें पलायन वेग से कुछ कम गति से प्रक्षेपित किया जाता है। इससे वे पृथ्वी के चारों ओर एक निश्चित कक्षा में चक्कर लगाने लगते हैं और नीचे नहीं गिरते हैं। इसलिए कृत्रिम उपग्रह पृथ्वी पर वापस नहीं आते।
In simple words: चीज़ों को ऊपर फेंकने पर वे गुरुत्वाकर्षण के कारण वापस नीचे आती हैं, क्योंकि उनकी गति कम होती है। उपग्रहों को बहुत तेज़ गति से अंतरिक्ष में भेजा जाता है ताकि वे पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगा सकें और वापस न गिरें।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय 'गुरुत्वाकर्षण बल' और 'पलायन वेग' की अवधारणाओं को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।
Question 3. भूस्थिर उपग्रह तथा ध्रुवीय उपग्रह में उनके कक्ष में गति, पृथ्वी की सतह से दूरी तथा उपयोग के आधार पर अंतर स्पष्ट कीजिए।
Answer: भूस्थिर उपग्रह और ध्रुवीय उपग्रह में अंतर इस प्रकार हैं:
| क्र.सं. | भूस्थिर उपग्रह | ध्रुवीय उपग्रह |
|---|---|---|
| 1 | ये पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा लगाते हैं और पृथ्वी पर किसी स्थान से देखने पर स्थिर दिखाई देते हैं। इन्हें भूस्थिर उपग्रह कहते हैं। ये भूमध्य रेखीय कक्षा में चक्कर काटते हैं। | ये पृथ्वी पर ध्रुवीय कक्षा में परिक्रमण करते हैं, ध्रुवीय उपग्रह कहलाते हैं। |
| 2 | इनका परिक्रमण काल पृथ्वी के घूर्णन काल (24 घंटे) के बराबर होता है। | इनका परिक्रमण काल कम होता है, लगभग 90-100 मिनट। |
| 3 | ये पृथ्वी की सतह से लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊँचाई पर होते हैं। | ये पृथ्वी की सतह से लगभग 500-800 किलोमीटर की ऊँचाई पर होते हैं। |
| 4 | इनका उपयोग संचार, टेलीफोन, टेलीविजन और रेडियो के वैश्विक संचार के लिए होता है। | इनका उपयोग दूर संवेदन, मौसम विज्ञान, ओजोन परत का अध्ययन, बादलों के चित्र लेने के लिए होता है। |
In simple words: भूस्थिर उपग्रह धरती से बहुत ऊपर रहते हैं और एक जगह पर स्थिर दिखते हैं, इनका उपयोग संचार के लिए होता है। ध्रुवीय उपग्रह धरती के पास रहते हैं और ध्रुवों के ऊपर से घूमते हैं, इनका उपयोग मौसम और जासूसी के लिए होता है।
🎯 Exam Tip: अंतर वाले प्रश्नों में हमेशा एक तालिका का उपयोग करें। प्रत्येक बिंदु पर दोनों प्रकार के उपग्रहों की तुलना करें, जैसे कि ऊँचाई, कक्षा और उपयोग।
दीर्घउत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. कृत्रिम उपग्रह किसे कहते हैं? इसके विभिन्न उपयोग लिखिए।
Answer: कृत्रिम उपग्रह ऐसे मानव निर्मित पिंड होते हैं जो पृथ्वी और दूसरे ग्रहों के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। ये उपग्रह हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं और इनका इस्तेमाल कई क्षेत्रों में किया जाता है, जैसे:
1. दूरसंचार: ये पृथ्वी पर एक जगह से तरंगें प्राप्त करके उन्हें दूसरी जगहों पर भेजते हैं, जिससे हम फोन पर बात कर पाते हैं या इंटरनेट चला पाते हैं।
2. मौसम की जानकारी: ये मौसम और पृथ्वी के अंदर की जानकारी इकट्ठा करके बाढ़ और सूखे की चेतावनी देने में मदद करते हैं।
3. प्राकृतिक संसाधनों की खोज: ये ज़मीन के नीचे पानी और खनिज ढूंढने में सहायता करते हैं।
4. पर्यावरण संरक्षण: ये पर्यावरण को बचाने के प्रयासों में मदद करते हैं।
5. निगरानी: हवाई अड्डों, बंदरगाहों और सैनिक ठिकानों की निगरानी करते हैं।
6. अंतरिक्ष और वायुमंडल का अध्ययन: ये अंतरिक्ष और हमारे वायुमंडल में होने वाली घटनाओं के बारे में जानकारी देते हैं।
7. स्थिति का पता लगाना: ये हवाई जहाज़ों, जहाजों और व्यक्तियों का सही स्थान पता लगाने में मदद करते हैं। कृत्रिम उपग्रहों ने हमारे जीवन को कई तरह से आसान बनाया है।
In simple words: कृत्रिम उपग्रह इंसान द्वारा बनाए गए पिंड हैं जो पृथ्वी के चारों ओर घूमते हैं। ये हमें फोन, इंटरनेट, मौसम की जानकारी और जगहों का पता लगाने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: कृत्रिम उपग्रह की परिभाषा सरल रखें और इसके उपयोगों को बुलेट पॉइंट में स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें ताकि हर बिंदु अलग से नज़र आए।
Question 2. किन्हीं 5 प्रमुख भारतीय उपग्रहों के नाम, प्रक्षेपण वर्ष एवं उपयोग लिखिए।
Answer: भारत द्वारा प्रक्षेपित प्रमुख कृत्रिम उपग्रहों की सूची और उनके उपयोग इस प्रकार हैं:
| भारत द्वारा प्रक्षेपित कृत्रिम उपग्रह | प्रक्षेपण वर्ष | उपयोग |
|---|---|---|
| आर्यभट्ट | 1975 | पृथ्वी के वायुमंडल का अध्ययन |
| भास्कर-1 | 1979 | दूरसंवेदी प्रयोग |
| IRS | 1980 | भू-संसाधन प्रबंधन और मौसम भविष्यवाणी |
| INSAT | 1980 | मौसम की भविष्यवाणी तथा दूरसंचार |
| कल्पना-1 | 2002 | मौसम सम्बन्धी जानकारी |
| EDUSAT | 2004 | शिक्षा के क्षेत्र में |
In simple words: भारत ने कई उपग्रह बनाए हैं, जैसे आर्यभट्ट (पहला उपग्रह), भास्कर (रिमोट सेंसिंग के लिए), इनसैट (मौसम और संचार के लिए), कल्पना-1 (मौसम) और एड्यूसेट (शिक्षा के लिए)।
🎯 Exam Tip: प्रमुख भारतीय उपग्रहों के नाम, उनके प्रक्षेपण वर्ष और मुख्य उपयोगों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर पहले और सबसे प्रसिद्ध उपग्रहों को।
Question 3. कृत्रिम उपग्रह के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
Answer: उपग्रहों को अंतरिक्ष में उनकी दूरी और उपयोग के आधार पर दो मुख्य प्रकारों में बांटा गया है:
1. भूस्थिर उपग्रह: ये उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन काल (24 घंटे) के बराबर समय में अपनी परिक्रमा पूरी करते हैं। इसलिए पृथ्वी से देखने पर ये एक ही जगह पर स्थिर दिखते हैं। ये पृथ्वी की सतह से लगभग 36,000 किलोमीटर ऊपर होते हैं और भूमध्य रेखीय कक्षा में घूमते हैं। इनका उपयोग सेटेलाइट टीवी, टेलीफोन, रेडियो और अन्य वैश्विक संचार के लिए होता है। इसीलिए इन्हें संचार उपग्रह भी कहते हैं।
2. ध्रुवीय उपग्रह: ये उपग्रह पृथ्वी पर ध्रुवीय कक्षा में चक्कर लगाते हैं। ये पृथ्वी की सतह से लगभग 500-800 किलोमीटर की ऊँचाई पर उड़ते हैं। ध्रुवीय उपग्रह बादलों के चित्र, वायुमंडल संबंधी जानकारी, ओजोन परत में छेद जैसी कई सूचनाएँ देते हैं। इनका उपयोग दूर संवेदन (पृथ्वी का अध्ययन दूर से करना), मौसम विज्ञान और पर्यावरण संबंधी अध्ययनों के लिए होता है। इन उपग्रहों की मदद से मौसम का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है।
In simple words: कृत्रिम उपग्रह दो तरह के होते हैं: भूस्थिर उपग्रह जो संचार के लिए होते हैं और एक जगह स्थिर दिखते हैं, और ध्रुवीय उपग्रह जो पृथ्वी के ध्रुवों के ऊपर घूमते हैं और मौसम या धरती की जानकारी इकट्ठा करते हैं।
🎯 Exam Tip: कृत्रिम उपग्रहों के प्रकारों का वर्णन करते समय, प्रत्येक प्रकार की ऊँचाई, परिक्रमण काल, कक्षा का प्रकार और मुख्य उपयोग को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।
Question 4. भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्र (इसरो) के योगदान पर लेख लिखिए।
Answer: भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। इसकी शुरुआत 1962 में होमी जहाँगीर भाभा के नेतृत्व में 'इंडियन कमेटी फॉर स्पेस रिसर्च' के रूप में हुई थी, जिसे 1969 में इसरो के रूप में फिर से बनाया गया। भारत में कृत्रिम उपग्रहों का निर्माण, विकास और प्रक्षेपण इसरो द्वारा ही किया जाता है। इसरो अंतरिक्ष आधारित प्रयोगों की मदद से अंतरिक्ष और ग्रहों से जुड़े अनुसंधान और विकास कार्य करता है। प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने भारतीय उपग्रह प्रक्षेपण यान बनाने में एक बड़ी भूमिका निभाई। इसरो ने अब तक 50 से ज़्यादा विदेशी उपग्रहों को भी अंतरिक्ष में भेजा है। इसरो लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और भारत को अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है।
In simple words: इसरो भारत का अंतरिक्ष संगठन है, जो 1969 में बना था। यह उपग्रह बनाता और भेजता है, जिससे भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में बहुत आगे बढ़ गया है। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसे वैज्ञानिकों ने इसमें बहुत योगदान दिया है।
🎯 Exam Tip: इसरो के योगदान पर लिखते समय, इसके गठन का वर्ष, उद्देश्य (उपग्रह निर्माण, प्रक्षेपण), और कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों (जैसे विदेशी उपग्रह प्रक्षेपण) का उल्लेख करना चाहिए।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. भारत में कई मिसाइल्स का निर्माण किया गया है, मिसाइल मैन के नाम से जाने जाते थे
(अ) कल्पना चावला
(ब) डॉ. विक्रम साराभाई
(स) डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
(द) आर्यभट्ट
Answer: (स) डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
In simple words: डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को भारत में बहुत सारी मिसाइलें बनाने के कारण 'मिसाइल मैन' कहा जाता है।
🎯 Exam Tip: भारत के महत्वपूर्ण वैज्ञानिकों और उनके योगदान को याद रखें। 'मिसाइल मैन' डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उपनाम है।
Question 2. भारत में कृत्रिम उपग्रहों का निर्माण, प्रक्षेपण आदि कहाँ किया जाता है?
(अ) इन्कोस्पार
(ब) इसरो
(स) दूरसंवेदी स्थल
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ब) इसरो
In simple words: भारत में उपग्रह बनाने और अंतरिक्ष में भेजने का काम इसरो (ISRO) नाम की संस्था करती है।
🎯 Exam Tip: इसरो भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है और अंतरिक्ष से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार है।
Question 3. विश्व का सबसे पहला कृत्रिम उपग्रह कब भेजा गया?
(अ) 4 अक्टूबर 1957
(ब) 19 अप्रेल 1975
(स) 5 सितम्बर 1979
(द) 31 अक्टूबर 1980
Answer: (अ) 4 अक्टूबर 1957
In simple words: दुनिया का सबसे पहला मानव निर्मित उपग्रह 4 अक्टूबर 1957 को अंतरिक्ष में भेजा गया था।
🎯 Exam Tip: पहले कृत्रिम उपग्रह (स्पुतनिक 1) के प्रक्षेपण की तारीख को याद रखना एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य है।
Question 4. भारत द्वारा प्रथम कृत्रिम उपग्रह किस वर्ष प्रक्षेपण किया गया
(अ) 4 अक्टूबर 1957
(ब) 19 अप्रेल 1975
(स) 5 सितम्बर 1979
(द) 31 अक्टूबर 1980
Answer: (ब) 19 अप्रेल 1975
In simple words: भारत ने अपना पहला उपग्रह, आर्यभट्ट, 19 अप्रैल 1975 को अंतरिक्ष में भेजा था।
🎯 Exam Tip: भारत के पहले उपग्रह 'आर्यभट्ट' के प्रक्षेपण की सटीक तारीख को याद रखना ज़रूरी है।
Question 5. केवल शिक्षा के लिए भारत द्वारा छोड़े गये कृत्रिम उपग्रह का क्या नाम है?
(अ) एड्यूसेट
(ब) कल्पना-1
(स) इनसेट
(द) भास्कर-1
Answer: (अ) एड्यूसेट
In simple words: भारत ने खास तौर पर शिक्षा के लिए जो उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा है, उसका नाम एड्यूसेट है।
🎯 Exam Tip: एड्यूसेट का विशिष्ट उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में काम करना है, इस तथ्य को हमेशा याद रखें।
Question 6. इसरो का प्रमुख प्रक्षेपण केन्द्र कहाँ पर स्थित है?
(अ) जोधपुर
(ब) श्रीहरिकोटा
(स) अहमदाबाद
(द) त्रिपुरा
Answer: (ब) श्रीहरिकोटा
In simple words: इसरो का मुख्य रॉकेट और उपग्रह भेजने वाला केंद्र श्रीहरिकोटा में है।
🎯 Exam Tip: श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश में स्थित, भारत का प्रमुख अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र है।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question 1. प्रत्येक उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर ____ में चक्कर लगाता है। (निश्चित कक्ष/अनिश्चित कक्ष)
Answer: निश्चित कक्ष
In simple words: हर उपग्रह धरती के चारों ओर एक तय रास्ते या कक्षा में घूमता है।
🎯 Exam Tip: उपग्रह हमेशा एक निर्धारित और स्थायी कक्षा में ही गति करते हैं ताकि वे अपने उद्देश्य को पूरा कर सकें।
Question 2. भूस्थिर उपग्रह को ____ भी कहते हैं। (मौसमी उपग्रह/संचार उपग्रह)
Answer: संचार उपग्रह
In simple words: भूस्थिर उपग्रह को संचार उपग्रह भी कहा जाता है क्योंकि वे बातचीत और प्रसारण के लिए इस्तेमाल होते हैं।
🎯 Exam Tip: भूस्थिर उपग्रहों का मुख्य कार्य संचार है, इसलिए यह नाम उनके कार्य को दर्शाता है।
Question 3. सूक्ष्म/रेडियो तरंगें ____ के भी गमन कर सकती हैं। (बिना माध्यम/माध्यम)
Answer: बिना माध्यम
In simple words: रेडियो तरंगें ऐसी होती हैं कि उन्हें चलने के लिए हवा या किसी और चीज़ की ज़रूरत नहीं होती; वे खाली जगह (निर्वात) में भी चल सकती हैं।
🎯 Exam Tip: रेडियो तरंगें विद्युत चुम्बकीय तरंगें होती हैं, जो निर्वात में भी यात्रा कर सकती हैं, यह उनके मूल गुणों में से एक है।
Question 5. कृत्रिम उपग्रह विभिन्न ____ की सहायता से छोड़े जाते हैं। (स्पेस शटलों/स्पेश कारों)
Answer: स्पेस शटलों
In simple words: मानव निर्मित उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए स्पेस शटल या रॉकेट का उपयोग किया जाता है।
🎯 Exam Tip: 'स्पेस शटल' या 'रॉकेट' वे यान होते हैं जिनसे उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया जाता है।
बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य
Question 1. प्राकृतिक उपग्रहों से पृथ्वी पर सुदृढ़ संचार व्यवस्था सम्भव हुई हैं।
Answer: असत्य
In simple words: प्राकृतिक उपग्रहों, जैसे चाँद, का उपयोग करके धरती पर मज़बूत संचार व्यवस्था बनाना संभव नहीं है। यह काम कृत्रिम उपग्रह करते हैं।
🎯 Exam Tip: संचार व्यवस्था मुख्य रूप से कृत्रिम उपग्रहों पर निर्भर करती है, प्राकृतिक उपग्रहों पर नहीं।
Question 2. ध्रुवीय उपग्रह पृथ्वी की सतह से कम ऊँचाई पर चक्कर काटते हैं।
Answer: सत्य
In simple words: ध्रुवीय उपग्रह धरती की सतह से 500-800 किलोमीटर जैसी कम ऊँचाई पर घूमते हैं।
🎯 Exam Tip: ध्रुवीय उपग्रहों की कम ऊँचाई उन्हें विस्तृत अवलोकन और मैपिंग के लिए उपयोगी बनाती है।
Question 3. रेडियो तरंगें निर्वात में भी गमन कर सकती हैं।
Answer: सत्य
In simple words: रेडियो तरंगें खाली जगह (निर्वात) में भी चल सकती हैं, उन्हें चलने के लिए किसी चीज़ की ज़रूरत नहीं होती।
🎯 Exam Tip: विद्युत चुम्बकीय तरंगें, जैसे रेडियो तरंगें, प्रकाश तरंगें और एक्स-रे, सभी निर्वात में यात्रा कर सकती हैं।
Question 4. कृत्रिम उपग्रह द्वारा भूगर्भ में स्थित खनिज संसाधन का पता लगाया जा सकता है।
Answer: सत्य
In simple words: हाँ, कृत्रिम उपग्रह धरती के अंदर छुपे खनिजों को ढूंढने में मदद कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: दूरसंवेदी उपग्रहों का उपयोग भूगर्भ में स्थित संसाधनों की पहचान और मैपिंग के लिए किया जाता है।
Question 5. इसरो का प्रमुख प्रशिक्षण केन्द्र अहमदाबाद है।
Answer: असत्य
In simple words: इसरो का मुख्य प्रशिक्षण केंद्र अहमदाबाद नहीं है, बल्कि श्रीहरिकोटा में प्रक्षेपण केंद्र है।
🎯 Exam Tip: इसरो के विभिन्न केंद्रों के कार्यों और स्थानों को याद रखें, जैसे श्रीहरिकोटा (प्रक्षेपण), बेंगलुरु (मुख्यालय) और अहमदाबाद (अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र)।
Question 6. विक्रम साराभाई अन्तरिक्ष केन्द्र तिरुवनन्तपुरम में है।
Answer: सत्य
In simple words: विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, जो रॉकेट बनाने और अनुसंधान का काम करता है, तिरुवनन्तपुरम में है।
🎯 Exam Tip: विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) इसरो का एक प्रमुख केंद्र है, जिसका स्थान अक्सर पूछा जाता है।
सही मिलान कीजिए
Question 1. निम्नांकित का सही मिलान कीजिए
| कॉलम 'A' | कॉलम 'B' |
|---|---|
| 1. 11.2 किलोमीटर/सेकण्ड वेग | (A) मौसम विज्ञान सम्बन्धी |
| 2. कल्पना-1 उपग्रह | (B) पलायन वेग |
| 3. आई.आर.एस.-1ए | (C) 1969 |
| 4. एड्यूसेट | (D) दूरसंवेदी उपग्रह |
| 5. भूस्थिर उपग्रह | (E) शिक्षा के क्षेत्र में |
1. (B) पलायन वेग
2. (A) मौसम विज्ञान सम्बन्धी
3. (D) दूरसंवेदी उपग्रह
4. (E) शिक्षा के क्षेत्र में
5. (C) 1969
In simple words: 11.2 किमी/सेकंड पलायन वेग है। कल्पना-1 मौसम की जानकारी के लिए है। आई.आर.एस.-1ए दूरसंवेदी उपग्रह है। एड्यूसेट शिक्षा के लिए है। भूस्थिर उपग्रह 1969 में स्थापित हुआ।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ियों को पहचानें जिनके बारे में आप निश्चित हैं, फिर बाकी विकल्पों को खत्म करने की विधि का उपयोग करें।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. कृत्रिम उपग्रह का भूगर्भ में खनिज का पता लगाने में भी उपयोग किया जाता है। इनसैट श्रेणी के उपग्रहों के दो उपयोग लिखिए।
Answer: हाँ, कृत्रिम उपग्रहों का उपयोग धरती के अंदर खनिजों का पता लगाने में होता है। इनसैट श्रेणी के उपग्रहों के दो मुख्य उपयोग ये हैं:
1. दूरसंचार क्षेत्र में: ये उपग्रह फोन, इंटरनेट और टीवी प्रसारण जैसे संचार के साधनों को आसान बनाते हैं।
2. मौसम की भविष्यवाणी में: ये मौसम के बदलावों और तूफानों के बारे में जानकारी देते हैं, जिससे पहले से तैयारी की जा सकती है।
In simple words: इनसैट उपग्रह हमें फोन पर बात करने और टीवी देखने में मदद करते हैं, और मौसम के बारे में भी बताते हैं।
🎯 Exam Tip: इनसैट उपग्रहों के मुख्य कार्य 'संचार' और 'मौसम विज्ञान' हैं, जो इन्हें बहु-उपयोगी बनाते हैं।
Question 2. प्राकृतिक उपग्रह किसे कहते हैं ?
Answer: सौरमंडल में ग्रहों के चारों ओर चक्कर लगाने वाले कुछ पिंड प्राकृतिक उपग्रह कहलाते हैं। ये प्रकृति द्वारा बनाए गए हैं और मानव निर्मित नहीं होते। ये पिंड अक्सर अपने ग्रह के साथ गुरुत्वाकर्षण बल से बंधे होते हैं।
In simple words: प्राकृतिक उपग्रह वे पिंड होते हैं जो ग्रहों के चारों ओर स्वाभाविक रूप से घूमते हैं, जैसे हमारी पृथ्वी का चाँद।
🎯 Exam Tip: प्राकृतिक उपग्रहों की परिभाषा देते समय 'ग्रहों के चारों ओर चक्कर लगाने वाले' और 'मानव निर्मित नहीं' शब्दों पर ज़ोर दें।
Question 3. पृथ्वी के प्राकृतिक उपग्रह का नाम बताओ।
Answer: पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह 'चन्द्रमा' है।
In simple words: धरती का अपना प्राकृतिक उपग्रह चाँद है।
🎯 Exam Tip: चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह है और यह एक बुनियादी भौगोलिक तथ्य है।
Question 4. कृत्रिम उपग्रह से आप क्या समझते हैं? ये कितने प्रकार के होते हैं? नाम लिखिए।
Answer: कृत्रिम उपग्रह ऐसे मानव निर्मित पिंड होते हैं जो पृथ्वी या दूसरे ग्रहों के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। इनका उपयोग कई वैज्ञानिक और संचार कार्यों के लिए होता है। ये मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
1. भूस्थिर उपग्रह: ये पृथ्वी के भूमध्य रेखीय कक्षा में लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊँचाई पर होते हैं और पृथ्वी के घूर्णन के साथ घूमते हैं, जिससे वे एक ही स्थान पर स्थिर दिखते हैं।
2. ध्रुवीय उपग्रह: ये पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्रों के ऊपर से, लगभग 500-800 किलोमीटर की कम ऊँचाई पर चक्कर लगाते हैं।
In simple words: कृत्रिम उपग्रह वो चीज़ें हैं जिन्हें इंसान बनाकर अंतरिक्ष में भेजता है ताकि वे धरती के चारों ओर घूम सकें। ये दो तरह के होते हैं: भूस्थिर उपग्रह (जो संचार के लिए होते हैं) और ध्रुवीय उपग्रह (जो मौसम और निगरानी के लिए होते हैं)।
🎯 Exam Tip: कृत्रिम उपग्रहों की परिभाषा और उनके दोनों मुख्य प्रकारों (भूस्थिर और ध्रुवीय) को उनके विशिष्ट गुणों और उपयोगों के साथ याद रखना चाहिए।
Question 6. कृत्रिम उपग्रहों के कुछ उपयोग बताइए।
Answer: कृत्रिम उपग्रहों के कुछ मुख्य उपयोग इस प्रकार हैं:
1. दूरसंचार के साधनों में उपयोग: टीवी, मोबाइल और इंटरनेट संचार में मदद करना।
2. मौसम की जानकारी: मौसम की सटीक भविष्यवाणी करना।
3. सूखा-बाढ़ की चेतावनी: प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व सूचना देना।
4. भूमिगत पानी की खोज: ज़मीन के नीचे पानी के स्रोतों का पता लगाना।
5. भूगर्भ में खनिजों का पता लगाना: धरती के अंदर छुपे खनिज संसाधनों की पहचान करना।
6. सैनिक एवं अन्य महत्त्वपूर्ण स्थानों की निगरानी: सुरक्षा और भू-राजनीतिक निगरानी में सहायक। इन उपग्रहों ने मानव जीवन को बहुत आसान और सुरक्षित बनाया है।
In simple words: कृत्रिम उपग्रह फ़ोन, मौसम, पानी और खनिज ढूंढने और सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होते हैं।
🎯 Exam Tip: कृत्रिम उपग्रहों के उपयोगों को बिंदुवार प्रस्तुत करें और हर बिंदु को स्पष्ट रूप से समझाएं।
Question 7. गुरुत्वाकर्षण बल किसे कहते हैं?
Answer: गुरुत्वाकर्षण बल वह शक्ति है जिससे पृथ्वी अपनी ओर सभी वस्तुओं को खींचती है। इसी बल के कारण कोई भी चीज़ ऊपर फेंकने पर वापस नीचे आती है। यह एक अदृश्य शक्ति है जो हर वस्तु पर काम करती है, जिससे वे पृथ्वी से चिपकी रहती हैं।
In simple words: गुरुत्वाकर्षण बल वह ताकत है जिससे धरती सभी चीज़ों को अपनी ओर खींचती है, जैसे सेब का पेड़ से नीचे गिरना।
🎯 Exam Tip: गुरुत्वाकर्षण बल की परिभाषा देते समय 'पृथ्वी का खिंचाव' और 'सभी वस्तुओं पर लगने वाला बल' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करें।
Question 8. पलायन वेग किसे कहते हैं ?
Answer: पलायन वेग वह सबसे कम गति है जिससे किसी वस्तु को ऊपर की ओर फेंकने पर वह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को हमेशा के लिए पार कर जाती है और कभी वापस नहीं आती। यह एक महत्वपूर्ण गति है जो अंतरिक्ष यात्रा में काम आती है।
In simple words: पलायन वेग वह कम से कम गति है जिससे कोई चीज़ इतनी तेज़ फेंकी जाए कि वह धरती के खिंचाव से बाहर निकल जाए और कभी वापस न आए।
🎯 Exam Tip: 'पलायन वेग' की परिभाषा में 'न्यूनतम वेग' और 'गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को पार कर जाए' शब्दों का सही उपयोग करें।
Question 9. पृथ्वी के लिए किसी वस्तु का पलायन वेग कितना होता है?
Answer: पृथ्वी के लिए किसी वस्तु का पलायन वेग 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड होता है। इसका मतलब है कि अगर कोई चीज़ इस गति या इससे ज़्यादा तेज़ गति से ऊपर फेंकी जाए, तो वह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकल जाएगी।
In simple words: धरती से किसी चीज़ को हमेशा के लिए अंतरिक्ष में भेजने के लिए, उसे कम से कम 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से फेंकना होगा।
🎯 Exam Tip: पलायन वेग के संख्यात्मक मान (11.2 किमी/सेकंड) को याद रखना ज़रूरी है, यह एक मानक मान है।
Question 10. भूस्थिर उपग्रह किसे कहते हैं ?
Answer: भूस्थिर उपग्रह एक ऐसा मानव निर्मित उपग्रह होता है जो पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा करते हुए, पृथ्वी पर किसी निश्चित स्थान से देखने पर स्थिर दिखाई देता है। इसका परिक्रमण काल पृथ्वी के घूर्णन काल के बराबर होता है। ये उपग्रह आमतौर पर संचार उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं।
In simple words: भूस्थिर उपग्रह वह उपग्रह है जो धरती के एक ही जगह के ऊपर हमेशा स्थिर दिखता है, जैसे वह हिल नहीं रहा हो।
🎯 Exam Tip: भूस्थिर उपग्रह की परिभाषा में 'पृथ्वी के सापेक्ष स्थिर' और 'घूर्णन काल के बराबर परिक्रमण काल' जैसे मुख्य बिंदु शामिल होने चाहिए।
Question 12. भूस्थिर उपग्रह का घूर्णन काल कितना होता है?
Answer: भूस्थिर उपग्रह का घूर्णन काल पृथ्वी के घूर्णन काल (24 घंटे) के बराबर होता है। इसी कारण से वे पृथ्वी पर किसी एक स्थान से देखने पर हमेशा एक ही जगह पर दिखाई देते हैं।
In simple words: भूस्थिर उपग्रह को धरती का एक चक्कर लगाने में 24 घंटे लगते हैं, ठीक उतना ही समय जितना धरती को अपनी धुरी पर घूमने में लगता है।
🎯 Exam Tip: भूस्थिर उपग्रह का 24 घंटे का परिक्रमण काल ही उसकी 'स्थिर' दिखने की विशेषता का कारण है।
Question 13. ध्रुवीय उपग्रह कौनसे कक्ष में परिक्रमण करते हैं?
Answer: ध्रुवीय उपग्रह पृथ्वी की ध्रुवीय कक्ष में परिक्रमण करते हैं। इसका मतलब है कि वे उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के ऊपर से गुजरते हुए, पृथ्वी के चारों ओर घूमते हैं। यह कक्षा उन्हें पृथ्वी की पूरी सतह का अवलोकन करने में मदद करती है।
In simple words: ध्रुवीय उपग्रह धरती के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों के ऊपर से एक खास रास्ते पर घूमते हैं।
🎯 Exam Tip: ध्रुवीय उपग्रहों की कक्षा ध्रुवों के ऊपर से गुजरती है, जो उन्हें पृथ्वी के विभिन्न हिस्सों की तस्वीरें लेने में मदद करती है।
Question 14. भारत के दूरसंवेदी उपग्रहों के नाम बताओ।
Answer: भारत के प्रमुख दूरसंवेदी उपग्रहों के नाम IRS-1A, IRS2B, IRS-3C आदि हैं। इन उपग्रहों का उपयोग पृथ्वी के संसाधनों का अध्ययन करने और विभिन्न डेटा इकट्ठा करने के लिए किया जाता है।
In simple words: भारत के दूरसंवेदी उपग्रहों के कुछ नाम हैं: आई.आर.एस.-1ए, आई.आर.एस.-2बी, और आई.आर.एस.-3सी।
🎯 Exam Tip: 'IRS' (इंडियन रिमोट सेंसिंग) श्रृंखला भारत के दूरसंवेदी उपग्रहों के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान है।
Question 15. विश्व में पहला कृत्रिम उपग्रह किस देश ने कब छोड़ा?
Answer: विश्व में पहला कृत्रिम उपग्रह रूस (सोवियत संघ) द्वारा 4 अक्टूबर, 1957 को प्रक्षेपित किया गया था। इस उपग्रह का नाम 'स्पुतनिक 1' था, जिसने अंतरिक्ष युग की शुरुआत की।
In simple words: दुनिया का पहला मानव निर्मित उपग्रह रूस ने 4 अक्टूबर, 1957 को अंतरिक्ष में भेजा था।
🎯 Exam Tip: पहले कृत्रिम उपग्रह के देश और तारीख को याद रखना एक बुनियादी ऐतिहासिक तथ्य है।
Question 16. भारत में इसरो की सहायता से अंतरिक्ष में कौन-कौनसे मुख्य उपग्रह प्रक्षेपित किये हैं ?
Answer: भारत ने इसरो की मदद से अंतरिक्ष में कई मुख्य उपग्रह भेजे हैं, जिनमें आर्यभट्ट, भास्कर-1, इनसेट श्रेणी के उपग्रह, दूरसंवेदी उपग्रह, कल्पना-1 और एजुसेट आदि शामिल हैं। इन उपग्रहों ने भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में एक अग्रणी देश बना दिया है।
In simple words: भारत ने इसरो की मदद से आर्यभट्ट, भास्कर, इनसैट, दूरसंवेदी उपग्रह, कल्पना-1 और एजुसेट जैसे कई ज़रूरी उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे हैं।
🎯 Exam Tip: भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रमुख उपग्रहों की सूची को उनके उद्देश्य (जैसे संचार, दूरसंवेदन, शिक्षा) के साथ याद रखें।
Question 17. भारत द्वारा केवल शिक्षा कार्य क्षेत्र हेतु छोड़े गये कृत्रिम उपग्रह का नाम बताओ।
Answer: शिक्षा कार्य क्षेत्र हेतु एजुसेट उपग्रह सन् 2004 में प्रक्षेपित किया गया था। यह भारत का पहला ऐसा उपग्रह था जिसे विशेष रूप से शिक्षा के लिए डिज़ाइन किया गया था, ताकि दूर-दराज़ के क्षेत्रों तक शिक्षा पहुँचाई जा सके।
In simple words: भारत ने शिक्षा के लिए खास तौर पर जो उपग्रह भेजा, उसका नाम एजुसेट है, जिसे 2004 में भेजा गया था।
🎯 Exam Tip: एजुसेट का नाम उसके मुख्य उद्देश्य 'शिक्षा' को दर्शाता है, इसे याद रखना आसान है।
Question 18. भारत द्वारा केवल मौसम सम्बन्धी जानकारी हेतु छोड़े गये कृत्रिम उपग्रह का नाम बताओ।
Answer: भारत द्वारा मौसम सम्बन्धी जानकारी हेतु छोड़े गए कृत्रिम उपग्रह का नाम इनसैट (INSAT) है। इनसैट श्रृंखला के उपग्रहों का उपयोग मौसम की भविष्यवाणी, चक्रवात की निगरानी और अन्य मौसम संबंधी डेटा इकट्ठा करने के लिए किया जाता है।
In simple words: मौसम की जानकारी के लिए भारत ने 'इनसैट' नाम के उपग्रह छोड़े हैं।
🎯 Exam Tip: 'इनसैट' उपग्रहों का प्राथमिक कार्य 'मौसम की भविष्यवाणी' और 'संचार' है।
Question 20. राजस्थान के किस शहर में दूरसंवेदी केन्द्र स्थित है? इसका क्या काम है?
Answer: राजस्थान के जोधपुर शहर में दूरसंवेदी केंद्र स्थित है। इस केंद्र का मुख्य काम कृत्रिम उपग्रहों से मिली तस्वीरों, सूचनाओं और आंकड़ों का अध्ययन करना है। यह केंद्र प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, पर्यावरण निगरानी और शहरी विकास योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
In simple words: राजस्थान का दूरसंवेदी केंद्र जोधपुर में है। यह उपग्रहों से मिली जानकारी को देखकर उसका अध्ययन करता है।
🎯 Exam Tip: दूरसंवेदी केंद्रों का मुख्य उद्देश्य उपग्रह डेटा का विश्लेषण करके पृथ्वी के संसाधनों का प्रबंधन और पर्यावरण की निगरानी करना है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. भारत के पहले कृत्रिम उपग्रह पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer: भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह 'आर्यभट्ट' था। इसे 19 अप्रैल, 1975 को सोवियत संघ के अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। यह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक बहुत बड़ा कदम था। आर्यभट्ट का मुख्य काम पृथ्वी के वायुमंडल का अध्ययन करना था और इसने भारतीय वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण अनुभव दिया। यह उपग्रह भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी कौशल का प्रतीक है।
In simple words: भारत का पहला उपग्रह आर्यभट्ट 1975 में लॉन्च किया गया था। इसका काम धरती के वायुमंडल का अध्ययन करना था।
🎯 Exam Tip: आर्यभट्ट पर टिप्पणी लिखते समय, उसका नाम, लॉन्च की तारीख, लॉन्चिंग देश (सोवियत संघ की सहायता से), और मुख्य उद्देश्य (वायुमंडल का अध्ययन) को शामिल करें।
Question 2. कृत्रिम उपग्रह अन्तरिक्ष में किस प्रकार भेजे जाते हैं?
Answer: कृत्रिम उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए विशेष तकनीकों का उपयोग किया जाता है। यदि किसी पिंड को पलायन वेग (लगभग 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड) से कुछ कम वेग से प्रक्षेपित किया जाए, तो वह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर नहीं जाएगा। इसके बजाय, वह पृथ्वी के चारों ओर एक निश्चित कक्षा में चक्कर लगाने लगेगा। कृत्रिम उपग्रह इसी सिद्धांत पर अंतरिक्ष में भेजे जाते हैं। इन्हें रॉकेट या उपग्रह प्रक्षेपण यान की मदद से अंतरिक्ष में छोड़ा जाता है, जो उन्हें आवश्यक गति और दिशा प्रदान करते हैं ताकि वे पृथ्वी की कक्षा में स्थिर रह सकें। रॉकेट उन्हें पृथ्वी के वातावरण से बाहर निकालकर सही कक्षा में स्थापित करते हैं।
In simple words: उपग्रहों को रॉकेट से अंतरिक्ष में भेजा जाता है। उन्हें इतनी तेज़ गति से छोड़ा जाता है कि वे धरती के खिंचाव से बाहर निकलकर, धरती के चारों ओर घूमते रहें, न कि नीचे गिरें।
🎯 Exam Tip: उपग्रह प्रक्षेपण की प्रक्रिया को समझाते समय, 'पलायन वेग', 'गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र' और 'रॉकेट/प्रक्षेपण यान' जैसे शब्दों का उपयोग करें।
Question 3. पृथ्वी से ऊपर की तरफ फेंकी जाने वाली वस्तुएँ वापस नीचे क्यों आ जाती हैं?
Answer: पृथ्वी से ऊपर की तरफ फेंकी जाने वाली वस्तुएँ वापस नीचे आ जाती हैं क्योंकि उनका वेग पलायन वेग (11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड) से बहुत कम होता है। इसलिए, पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल उन वस्तुओं को अपनी ओर खींचता रहता है, और अंततः वे वापस नीचे गिर जाती हैं। गुरुत्वाकर्षण बल एक ऐसी शक्ति है जो सभी वस्तुओं को पृथ्वी के केंद्र की ओर खींचती है, और जब तक कोई वस्तु इस बल को पार करने के लिए पर्याप्त गति प्राप्त नहीं कर लेती, वह हमेशा वापस नीचे आएगी।
In simple words: हम जो चीज़ें ऊपर फेंकते हैं, वे गुरुत्वाकर्षण बल के कारण वापस नीचे आ जाती हैं क्योंकि उन्हें इतनी तेज़ गति नहीं मिल पाती कि वे धरती के खिंचाव से बाहर निकल सकें।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न के उत्तर में 'गुरुत्वाकर्षण बल' और 'पलायन वेग' के बीच के संबंध को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।
Question 4. पलायन वेग से क्या अभिप्राय है? पृथ्वी के लिए किसी वस्तु का पलायन वेग कितना होता है?
Answer: पलायन वेग वह न्यूनतम गति है जिससे किसी वस्तु को ऊपर की ओर (प्रक्षेपित करने पर) फेंका जाए ताकि वह पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को हमेशा के लिए पार कर जाए और कभी वापस न लौटे। यह गति वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करती, बल्कि ग्रह के द्रव्यमान और त्रिज्या पर निर्भर करती है। पृथ्वी के लिए किसी वस्तु का पलायन वेग लगभग 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड होता है। यदि कोई वस्तु इस गति से कम वेग पर प्रक्षेपित की जाती है, तो वह अंततः पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के कारण वापस लौट आएगी।
In simple words: पलायन वेग वह सबसे कम गति है जिससे किसी चीज़ को इतनी तेज़ फेंका जाए कि वह धरती के खिंचाव से बाहर निकल जाए। धरती के लिए यह गति 11.2 किलोमीटर प्रति सेकंड है।
🎯 Exam Tip: पलायन वेग की परिभाषा के साथ उसका संख्यात्मक मान (11.2 किमी/सेकंड) और इसका अर्थ (गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलना) याद रखना चाहिए।
Question 6. भूस्थिर उपग्रह को संचार उपग्रह क्यों कहते हैं?
Answer: भूस्थिर उपग्रह को संचार उपग्रह इसलिए कहते हैं क्योंकि ये सेटेलाइट, टेलीफोन, टेलीविज़न, रेडियो और अन्य प्रकार के वैश्विक संचार के लिए उपयोग किए जाते हैं। ये उपग्रह पृथ्वी के घूर्णन काल के बराबर गति से घूमते हैं, जिससे वे पृथ्वी के एक ही स्थान के ऊपर स्थिर दिखाई देते हैं। इस स्थिरता के कारण, ज़मीन पर स्थित एंटेना को बार-बार दिशा बदलने की ज़रूरत नहीं पड़ती, जिससे लगातार संचार संभव हो पाता है। यह स्थिर स्थिति उन्हें बड़े क्षेत्रों को कवर करने और निरंतर संकेत भेजने और प्राप्त करने की अनुमति देती है।
In simple words: भूस्थिर उपग्रह को संचार उपग्रह कहते हैं क्योंकि वे धरती के एक ही जगह के ऊपर स्थिर रहते हैं, जिससे फ़ोन, टीवी और इंटरनेट के सिग्नल लगातार एक जगह से दूसरी जगह भेजे जा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: भूस्थिर उपग्रहों को संचार उपग्रह क्यों कहा जाता है, इसका मुख्य कारण उनकी पृथ्वी के सापेक्ष 'स्थिरता' और 'निरंतर कवरेज' क्षमता है।
Question 7. इसरो के बारे में संक्षिप्त में बताइए।
Answer: इसरो (ISRO) का पूरा नाम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन है, जिसकी स्थापना सन् 1969 में हुई थी। यह भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है जो कृत्रिम उपग्रहों के निर्माण, विकास और प्रक्षेपण का काम करती है। इसरो अंतरिक्ष आधारित प्रयोगों के माध्यम से अंतरिक्ष और ग्रहों संबंधी अनुसंधान एवं विकास कार्य करता है। इसने भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और 50 से अधिक विदेशी उपग्रहों को भी सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया है। इसरो के प्रमुख प्रक्षेपण केंद्र श्रीहरिकोटा (चेन्नई) में स्थित हैं। इसरो अपने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए विश्वभर में जाना जाता है।
In simple words: इसरो भारत की अंतरिक्ष एजेंसी है, जो 1969 में बनी थी। यह उपग्रह बनाता और अंतरिक्ष में भेजता है, जिससे भारत विज्ञान और तकनीक में बहुत आगे बढ़ गया है।
🎯 Exam Tip: इसरो के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते समय, उसके गठन का वर्ष, पूरा नाम, मुख्य कार्य (उपग्रह निर्माण/प्रक्षेपण) और कुछ प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करें।
Question 8. कल्पना-1 कृत्रिम उपग्रह के बारे में बताइए।
Answer: कल्पना-1 भारत का एक मौसम संबंधी उपग्रह था, जिसे 2002 में प्रक्षेपित किया गया था। यह उपग्रह विशेष रूप से मौसम संबंधी जानकारी इकट्ठा करने और वायुमंडल का अध्ययन करने के लिए बनाया गया था। कल्पना-1 भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के नाम पर रखा गया था, जो 2003 में कोलंबिया अंतरिक्ष यान दुर्घटना में शहीद हो गई थीं। इस उपग्रह ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग को बहुत सटीक मौसम पूर्वानुमान देने में मदद की।
In simple words: कल्पना-1 एक भारतीय उपग्रह है जो 2002 में मौसम की जानकारी के लिए भेजा गया था, और यह कल्पना चावला के नाम पर रखा गया है।
🎯 Exam Tip: कल्पना-1 उपग्रह का नाम, प्रक्षेपण वर्ष और उसका मुख्य उद्देश्य (मौसम संबंधी जानकारी) याद रखें।
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. किसी कृत्रिम उपग्रह द्वारा संचार व्यवस्था किस प्रकार होती है? इसे चित्र द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
Answer: कृत्रिम उपग्रह के माध्यम से संचार व्यवस्था निम्नलिखित चरणों में होती है:
चरण 1: क्रिकेट जैसे खेल की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती है।
चरण 2: इस खेल की वीडियो रिकॉर्डिंग को विद्युत चुम्बकीय संकेतों के रूप में भू-स्टेशन पर भेजा जाता है।
चरण 3: भू-स्टेशन से इन वीडियो रिकॉर्डिंग की रेडियो तरंगों या संकेतों को उपग्रह तक भेजा जाता है। सूक्ष्म और रेडियो तरंगें खाली जगह (निर्वात) में भी जा सकती हैं।
चरण 4: उपग्रह इन रेडियो तरंगों या संकेतों को वापस डिश एंटीना तक भेजता है।
चरण 5: डिश एंटीना से ये विद्युत चुम्बकीय संकेत घर के अंदर टेलीविजन पर चित्र और ध्वनि के रूप में दिखाई देते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में, सिग्नल को पृथ्वी से उपग्रह और फिर वापस पृथ्वी पर भेजा जाता है, जिससे लंबी दूरी का संचार संभव होता है।
In simple words: सबसे पहले, किसी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती है। फिर, इस रिकॉर्डिंग को धरती पर एक स्टेशन से उपग्रह तक भेजा जाता है। उपग्रह इन सिग्नलों को वापस धरती पर अलग-अलग जगहों पर भेजता है, जहाँ डिश एंटीना उन्हें पकड़कर टीवी पर दिखाते हैं।
🎯 Exam Tip: संचार व्यवस्था को समझाते समय, हमेशा संकेतों के स्रोत से लेकर अंतिम प्राप्तकर्ता तक के प्रवाह को चरणबद्ध तरीके से बताएं और प्रत्येक चरण का उद्देश्य स्पष्ट करें।
Question 2. भारत में कृत्रिम उपग्रह प्रक्षेपण कार्यक्रम पर एक लेख लिखिए। अथवा भारत द्वारा इसरो (ISRO) की सहायता से अंतरिक्ष में भेजे गये प्रमुख उपग्रहों की जानकारी दीजिए।
Answer: भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की सहायता से चलाया जाता है। इसरो ने अंतरिक्ष में कई प्रमुख उपग्रह भेजे हैं, जिनमें शामिल हैं:
1. आर्यभट्ट: यह भारत का पहला कृत्रिम उपग्रह था, जिसका नाम महान भारतीय गणितज्ञ के नाम पर रखा गया था। इसे 19 अप्रैल, 1975 को सोवियत संघ के बेकानूर अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य काम पृथ्वी के वायुमंडल का अध्ययन करना था।
2. भास्कर-1: इसे 1979 में लॉन्च किया गया, और यह भारत का पहला प्रायोगिक दूरसंवेदी उपग्रह था। यह उपग्रह पृथ्वी के संसाधनों की निगरानी और डेटा इकट्ठा करने में मदद करता है।
3. भारतीय दूरसंवेदी उपग्रह (IRS): भारत ने 1980 के अंत में ध्रुवीय उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजना शुरू किया। इन्हें भारतीय दूरसंवेदी उपग्रह कहा गया। ये उपग्रह पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, सर्वेक्षण और मौसम की भविष्यवाणी जैसे कामों में मदद करते हैं।
इसरो ने भारत को अंतरिक्ष विज्ञान में एक मजबूत देश बनाया है और 50 से अधिक विदेशी उपग्रह भी लॉन्च किए हैं।
In simple words: इसरो (ISRO) भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम चलाता है। उन्होंने आर्यभट्ट (पहला उपग्रह), भास्कर-1 (पहला प्रायोगिक दूरसंवेदी उपग्रह) और IRS जैसे कई महत्वपूर्ण उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे हैं। ये उपग्रह मौसम की जानकारी, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और संचार जैसे कामों में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: भारत के प्रमुख कृत्रिम उपग्रहों के नाम, उनके प्रक्षेपण वर्ष और मुख्य उपयोगों को याद रखें। इसरो के योगदान को बताते समय क्रमबद्ध जानकारी दें।
Question 3. निम्न वैज्ञानिकों के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्रदान कीजिए
(i) कल्पना चावला
(ii) डॉ. विक्रम साराभाई
(iii) डॉ. ए.पी.जे. कलाम।
Answer:
(i) कल्पना चावला: यह भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री थीं। 17 मार्च, 1962 को जन्मी कल्पना चावला की मृत्यु 1 फरवरी, 2003 को तब हुई जब स्पेस शटल कोलंबिया पृथ्वी पर वापस लौट रहा था। उन्होंने अंतरिक्ष में भारत का नाम रोशन किया।
(ii) डॉ. विक्रम साराभाई: इनका जन्म 12 अगस्त, 1919 को अहमदाबाद में हुआ था। ये भारत के प्रमुख वैज्ञानिक थे। भारत सरकार ने उन्हें 1966 में विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में 'पद्मभूषण' से सम्मानित किया। इन्होंने अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए 'विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुवनंतपुरम' और 'स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, अहमदाबाद' जैसे 40 से अधिक संस्थान स्थापित किए। इन्हें मरणोपरांत 'पद्मविभूषण' भी मिला।
(iii) डॉ. ए.पी.जे. कलाम: इनका जन्म 15 अक्टूबर, 1931 को हुआ था। डॉ. कलाम एक वैज्ञानिक और इंजीनियर के रूप में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और इसरो (ISRO) की कई बड़ी परियोजनाओं पर काम किया। इसरो में काम करते हुए उन्होंने भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान SLV-III के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जुलाई 1980 में रोहिणी उपग्रह को सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया। इन्हें 'मिसाइल मैन' भी कहा जाता है और ये भारत के ग्यारहवें राष्ट्रपति भी रहे। उन्हें पद्मविभूषण, पद्मभूषण और भारतरत्न सहित कई बड़े पुरस्कार मिले। 27 जुलाई, 2015 को शिलांग (मेघालय) में इनकी मृत्यु हो गई।
In simple words: कल्पना चावला भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री थीं। डॉ. विक्रम साराभाई भारत के जाने-माने वैज्ञानिक थे जिन्होंने अंतरिक्ष संस्थान बनाए। डॉ. ए.पी.जे. कलाम भारत के 'मिसाइल मैन' और पूर्व राष्ट्रपति थे, जिन्होंने कई अंतरिक्ष परियोजनाओं में काम किया।
🎯 Exam Tip: प्रमुख वैज्ञानिकों के योगदान और उनके जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं, जैसे जन्म तिथि, उपलब्धियां और सम्मान को बिंदुवार याद रखें।
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