Official RBSE Solutions for Class 8 Science: Chapter 11 विद्युत धारा के प्रभाव
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Chapter-wise Solutions for Science: Chapter 11 विद्युत धारा के प्रभाव
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प्रश्न 1. विद्युत प्रवाह के कारण ऊष्मा, ध्वनि इत्यादि कैसे उत्पन्न होती है?
Answer:
1. जब बिजली किसी अच्छे चालक तार से गुजरती है, तो वह तार गर्म हो जाता है। यह बिजली के ऊष्मीय प्रभाव के कारण होता है। इसी गर्मी से ऊष्मा पैदा होती है।
2. एक लोहे के कोर पर तांबे के तार के कई चक्कर लपेटे जाते हैं, जिससे एक कॉइल बनती है। इस कॉइल के पास एक लोहे की पत्ती लगी होती है जो एक स्क्रू से जुड़ी होती है। जब इस कॉइल से बिजली गुजरती है, तो यह बिजली के चुंबकीय प्रभाव के कारण एक विद्युत चुंबक बन जाती है। यह विद्युत चुंबक लोहे की पत्ती को अपनी ओर खींचता है, जिससे पत्ती घंटी से टकराकर आवाज पैदा करती है।
In simple words: बिजली जब तारों से गुजरती है तो उन्हें गर्म कर देती है, जिससे ऊष्मा बनती है। जब बिजली एक खास कॉइल से गुजरती है तो वह उसे चुंबक बना देती है, जिससे एक लोहे की पत्ती घंटी से टकराकर आवाज करती है।
🎯 Exam Tip: बिजली के दो मुख्य प्रभावों – ऊष्मीय और चुंबकीय – को उनके दैनिक जीवन के उदाहरणों के साथ याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये अक्सर पूछे जाते हैं।
प्रश्न 2. कुंजी में प्लग लगाने पर तार में विद्युत धारी प्रवाहित होती है। अब तार को स्पर्श कीजिए। तार गर्म क्यों हो जाता है?
Answer: जब किसी सुचालक तार से बिजली प्रवाहित की जाती है, तो बिजली के ऊष्मीय प्रभाव के कारण तार गर्म हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तार में इलेक्ट्रॉनों की गति से प्रतिरोध उत्पन्न होता है, जो ऊर्जा को गर्मी में बदल देता है।
In simple words: जब बिजली तार से गुजरती है, तो तार गर्म हो जाता है क्योंकि बिजली में गर्मी पैदा करने की शक्ति होती है।
🎯 Exam Tip: यह ऊष्मीय प्रभाव ही है जिसके कारण हीटर और गीजर जैसे उपकरण काम करते हैं, जहां बिजली का उपयोग गर्मी पैदा करने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 3. लघुपथन होने पर परिपथ में अत्यधिक विद्युत धारा बहने से घर के उपकरण गर्म होकर जल सकते हैं। या आग लग सकती है। अतः दुर्घटना से बचने के लिए या विद्युत उपकरण को नष्ट होने से बचाने के लिए हम क्या करते हैं?
Answer: ऐसी स्थिति में, बिजली के उपकरणों को खराब होने या आग लगने से बचाने के लिए, हम सर्किट में एक खास उपकरण लगाते हैं जिसे फ्यूज कहते हैं। यह फ्यूज ऐसी जगह लगाया जाता है कि अगर बिजली का बहाव सुरक्षा सीमा से ज्यादा हो जाए तो यह पिघल जाता है और बिजली का प्रवाह रोक देता है। इससे उपकरणों को नुकसान नहीं पहुंचता और आग लगने का खतरा भी कम हो जाता है।
In simple words: शॉर्ट सर्किट होने पर उपकरण जल सकते हैं, इससे बचने के लिए हम फ्यूज लगाते हैं। फ्यूज ज्यादा बिजली आने पर पिघलकर सर्किट को तोड़ देता है।
🎯 Exam Tip: फ्यूज एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण है; इसके काम करने का तरीका और इसे सर्किट में कैसे जोड़ा जाता है (हमेशा श्रेणीक्रम में) याद रखें।
प्रश्न 4. फ्यूज कैसे कार्य करता है?
Answer: फ्यूज एक सुरक्षा उपकरण है जिसमें एक खास तार लगा होता है। यह तार कम गलनांक वाली धातु से बना होता है, जिसका मतलब है कि यह आसानी से पिघल जाता है। जब सर्किट में बिजली का बहाव उसकी तय सीमा से ज्यादा हो जाता है (जैसे ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट के कारण), तो यह फ्यूज तार गर्म होकर पिघल जाता है। तार के पिघलने से सर्किट टूट जाता है और बिजली का प्रवाह बंद हो जाता है। इससे महंगे उपकरण जलने से बच जाते हैं और आग लगने का खतरा भी टल जाता है।
In simple words: फ्यूज एक खास तार से बना होता है जो ज्यादा बिजली आने पर पिघल जाता है। इससे बिजली का सर्किट टूट जाता है और उपकरण सुरक्षित रहते हैं।
🎯 Exam Tip: फ्यूज के काम करने का सिद्धांत बिजली के ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित है, क्योंकि अत्यधिक धारा से तार गर्म होकर पिघलता है।
प्रश्न 5. क्या विद्युत धारा से भी चुम्बकीय सुई को विक्षेपित किया जा सकता है?
Answer: हाँ, बिजली से भी चुंबकीय सुई को हिलाया जा सकता है। जब किसी चालक तार से बिजली गुजरती है, तो वह तार एक चुंबक की तरह काम करने लगता है। इसी को बिजली का चुंबकीय प्रभाव कहते हैं। इसी चुंबकीय प्रभाव के कारण पास रखी चुंबकीय सुई अपनी जगह से हिल जाती है। यह घटना ओर्स्टेड के प्रयोग से समझाई गई थी।
In simple words: हाँ, बिजली बहने पर तार चुंबक बन जाता है, जिससे पास की चुंबकीय सुई हिल जाती है।
🎯 Exam Tip: चुंबकीय सुई का विक्षेपण बिजली के चुंबकीय प्रभाव का एक सीधा प्रमाण है, जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिज्म की नींव है।
प्रश्न 6. क्या आसुत जल विद्युत का चालन करता है?
Answer: नहीं, आसुत जल (distilled water) बिजली का चालन नहीं करता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आसुत जल में कोई भी आयन या अशुद्धियाँ नहीं होती हैं जो बिजली को प्रवाहित कर सकें। इसकी प्रकृति उदासीन होती है, जिससे यह शुद्ध रूप से कुचालक की तरह व्यवहार करता है।
In simple words: आसुत जल बिजली नहीं चलाता क्योंकि इसमें कोई ऐसी चीजें नहीं होतीं जो बिजली ले जा सकें।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि सामान्य नल का पानी बिजली का चालन करता है क्योंकि उसमें कई तरह के लवण और अशुद्धियाँ घुली होती हैं।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
सही विकल्प का चयन कीजिए
प्रश्न 1. विद्युत धारा के किस प्रभाव पर आधारित है?
(अ) तापीय प्रभाव
(ब) चुम्बकीय प्रभाव
(स) रासायनिक प्रभाव
(द) जूल प्रभाव
Answer: (ब) चुम्बकीय प्रभाव
In simple words: बिजली के कई प्रभाव होते हैं, और चुंबकत्व उनमें से एक है। यह प्रभाव दिखाता है कि कैसे बिजली चुंबक बना सकती है।
🎯 Exam Tip: बिजली के सभी मुख्य प्रभावों (तापीय, चुंबकीय, रासायनिक) और उनसे जुड़े उपकरणों को समझें।
प्रश्न 2. कबाड़ से चुम्बकीय पदार्थों को पृथक् करने के लिए निम्न में से किसका उपयोग होता है?
(अ) विद्युत चुम्बक
(ब) विद्युत सेल
(स) फ्यूज
(द) निमज्जन छुड़
Answer: (अ) विद्युत चुम्बक
In simple words: कबाड़ से लोहे जैसी चुंबकीय चीजें अलग करने के लिए बिजली से बने चुंबक का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इसे अपनी मर्जी से चालू और बंद किया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत चुम्बक के उपयोगों को याद रखें, जैसे कि क्रेन में भारी चीजें उठाने के लिए या दरवाजों की घंटी में।
प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन विद्युत का चालन नहीं करता है?
(अ) कॉपर सल्फेट
(ब) सिल्वर नाइट्रेट
(स) आसुत जल
(द) नमक युक्त जल
Answer: (स) आसुत जल
In simple words: आसुत जल में कोई भी आयन नहीं होते हैं, इसलिए यह बिजली का अच्छा कंडक्टर नहीं है। बाकी सभी विकल्प बिजली के अच्छे कंडक्टर हैं क्योंकि वे आयनों को छोड़ते हैं।
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि किसी द्रव में बिजली का चालन मुक्त आयनों की उपस्थिति पर निर्भर करता है।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से विद्युत घण्ट्री का अवयव नहीं
(अ) लोहे की पत्ती
(ब) कुण्डली
(स) सम्पर्क पेच
(द) चुम्बकीय सुई
Answer: (द) चुम्बकीय सुई
In simple words: विद्युत घंटी में एक लोहे की पत्ती, एक कॉइल और एक संपर्क पेच होता है, लेकिन चुंबकीय सुई उसमें नहीं होती। चुंबकीय सुई का उपयोग कंपास में दिशा जानने के लिए किया जाता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत घंटी के सभी मुख्य भागों और उनकी भूमिकाओं को याद रखना आपको यह समझने में मदद करेगा कि वह कैसे काम करती है।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
प्रश्न 1. विद्युत सेल के प्रतीक में लम्बी रेखा ______ टर्मिनल को, छोटी रेखा ______ टर्मिनल को निरूपित करती है।
Answer: विद्युत सेल के प्रतीक में लम्बी रेखा धन (+) टर्मिनल को, छोटी रेखा ऋण (-) टर्मिनल को निरूपित करती है। यह एक मानक तरीका है जिससे सर्किट आरेख में बिजली के स्रोत को दिखाया जाता है।
In simple words: सेल के चित्र में लंबी लाइन प्लस (+) को और छोटी लाइन माइनस (-) को दिखाती है।
🎯 Exam Tip: सर्किट आरेख बनाते समय सेल के प्रतीक को सही ढंग से बनाना बहुत जरूरी है ताकि कनेक्शन सही हों।
प्रश्न 2. विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर आधारित सुरक्षा युक्ति को ______ कहते हैं।
Answer: विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर आधारित सुरक्षा युक्ति को फ्यूज कहते हैं। फ्यूज अत्यधिक गर्मी पैदा होने पर पिघलकर सर्किट को सुरक्षित रखता है।
In simple words: बिजली के गरम होने के असर पर काम करने वाली सुरक्षा चीज को फ्यूज कहते हैं।
🎯 Exam Tip: फ्यूज एक जरूरी सुरक्षा उपकरण है जो ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट से बचाता है।
प्रश्न 3. सेल के धन टर्मिनल से जुड़ी प्लेट को______ व ऋण टर्मिनल से जुड़ी प्लेट क______ कहते हैं।
Answer: सेल के धन टर्मिनल से जुड़ी प्लेट को एनोड व ऋण टर्मिनल से जुड़ी प्लेट क कैथोड कहते हैं। ये इलेक्ट्रोड विद्युत लेपन और रासायनिक प्रभावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: सेल के पॉजिटिव (+) हिस्से से जुड़ी प्लेट को एनोड कहते हैं, और नेगेटिव (-) हिस्से से जुड़ी प्लेट को कैथोड कहते हैं।
🎯 Exam Tip: एनोड और कैथोड की पहचान उनके आवेश और रासायनिक प्रतिक्रियाओं में उनकी भूमिका के आधार पर की जाती है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. फ्यूज क्या होता है?
Answer: फ्यूज एक ऐसा सुरक्षा उपकरण है जिसे बिजली के सर्किट में श्रेणीक्रम (series) में लगाया जाता है। इसका काम बिजली के उपकरणों को नुकसान से बचाना या आग लगने की दुर्घटना को रोकना है। इसमें एक पतला तार होता है जो सुरक्षा सीमा से ज्यादा बिजली का प्रवाह होने पर गर्म होकर पिघल जाता है। जैसे ही यह तार पिघलता है, सर्किट टूट जाता है और बिजली का बहाव बंद हो जाता है, जिससे आगे कोई नुकसान नहीं होता।
In simple words: फ्यूज एक सुरक्षा युक्ति है जो ज्यादा बिजली आने पर पिघलकर सर्किट को तोड़ देती है, जिससे उपकरण और घर सुरक्षित रहते हैं।
🎯 Exam Tip: फ्यूज के तार का गलनांक कम होना उसकी मुख्य विशेषता है ताकि वह आपातकालीन स्थिति में जल्दी से पिघल सके।
प्रश्न 2. विद्युत चुम्बक के कोई तीन उपयोग लिखिए।
Answer: बिजली के चुंबक (विद्युत चुम्बक) के तीन मुख्य उपयोग यहाँ दिए गए हैं:
1. **कबाड़ से चुंबकीय पदार्थों को अलग करना:** बड़े विद्युत चुंबक वाली क्रेन का उपयोग कबाड़ के ढेर से लोहे और स्टील जैसी चुंबकीय चीजों को उठाने और अलग करने के लिए किया जाता है।
2. **चिकित्सा में:** डॉक्टरों द्वारा कभी-कभी आँख में गलती से गिरे छोटे चुंबकीय टुकड़ों को सावधानी से बाहर निकालने के लिए छोटे विद्युत चुंबक का इस्तेमाल किया जाता है।
3. **भारी वस्तुओं को उठाना:** विद्युत चुम्बकीय क्रेन का उपयोग कारखानों और बंदरगाहों पर भारी लोहे की वस्तुओं को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए किया जाता है।
In simple words: विद्युत चुंबक का उपयोग कबाड़ से लोहा अलग करने, आँखों से छोटे धातु के कण निकालने और भारी सामान उठाने में किया जाता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत चुम्बक की विशेषता यह है कि इसकी चुंबकीय शक्ति को बदला जा सकता है और इसे अपनी जरूरत के हिसाब से चालू या बंद किया जा सकता है।
प्रश्न 3. विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव क्या है? इस प्रभाव पर आधारित किन्हीं चार उपकरणों के नाम लिखिए।
Answer: **विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव:** जब बिजली किसी सुचालक तार से गुजरती है, तो वह तार गर्म हो जाता है। बिजली के इसी गर्मी पैदा करने वाले असर को विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव कहते हैं। यह प्रभाव तब होता है जब बिजली के प्रवाह में प्रतिरोध आता है, जिससे विद्युत ऊर्जा गर्मी में बदल जाती है।
**ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित चार उपकरण:**
1. विद्युत ओवन (Electric Oven)
2. निमज्जन छड़ (Immersion Rod)
3. विद्युत प्रेस (Electric Iron)
4. विद्युत बल्ब (Electric Bulb)
In simple words: जब बिजली तार से गुजरती है तो तार गर्म हो जाता है, इसे ऊष्मीय प्रभाव कहते हैं। हीटर, प्रेस, ओवन और बल्ब इसी पर काम करते हैं।
🎯 Exam Tip: ऊष्मीय प्रभाव का उपयोग हीटिंग और लाइटिंग दोनों उद्देश्यों के लिए किया जाता है, उपकरणों के उदाहरणों के साथ इस सिद्धांत को याद रखें।
दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. विद्युत घण्टी की बनावट एवं कार्यप्रणाली समझाइए।
Answer: **विद्युत घंटी की बनावट:**
एक विद्युत घंटी में मुख्य रूप से एक कॉइल (कुण्डली) होती है जो एक लोहे के कोर पर तांबे के तार के कई चक्कर लपेटकर बनाई जाती है। इस कॉइल के पास एक लोहे की पत्ती लगी होती है, जिसके एक सिरे पर हथौड़ी जुड़ी होती है। यह लोहे की पत्ती पास के एक संपर्क पेच से सटी होती है। बैटरी और स्विच इस सर्किट से जुड़े होते हैं।
चित्र - विद्युत घण्टी
**कार्यप्रणाली:** जैसे ही आप घंटी का स्विच चालू करते हैं, कॉइल से बिजली गुजरती है। बिजली के चुंबकीय प्रभाव के कारण, कॉइल एक विद्युत चुंबक बन जाती है। यह विद्युत चुंबक लोहे की पत्ती को अपनी ओर खींचता है। लोहे की पत्ती पर लगी हथौड़ी फिर घंटी से टकराती है, जिससे आवाज पैदा होती है। जब विद्युत चुंबक लोहे की पत्ती को अपनी ओर खींचता है, तो पत्ती संपर्क पेच से अलग हो जाती है। इससे सर्किट टूट जाता है और कॉइल में बिजली का प्रवाह बंद हो जाता है, जिससे कॉइल अब चुंबक नहीं रहती। चुंबकीय शक्ति खत्म होने पर, लोहे की पत्ती अपनी पुरानी स्थिति में वापस आ जाती है और फिर से संपर्क पेच से जुड़ जाती है। इससे सर्किट फिर से पूरा हो जाता है और बिजली का प्रवाह शुरू हो जाता है, जिससे हथौड़ी फिर से घंटी से टकराती है। यह प्रक्रिया लगातार दोहराई जाती है और घंटी बार-बार बजती रहती है।
In simple words: घंटी का स्विच दबाने पर बिजली एक तार को चुंबक बनाती है। यह चुंबक एक लोहे की पत्ती को खींचता है, जिससे उस पर लगी हथौड़ी घंटी से टकराती है और आवाज होती है। जब पत्ती हटती है तो बिजली कट जाती है, चुंबक कमजोर होता है, पत्ती वापस आती है और यह प्रक्रिया बार-बार होती रहती है।
🎯 Exam Tip: विद्युत घंटी का कार्य सिद्धांत विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव पर आधारित है, और इसके सही संचालन के लिए 'सम्पर्क पेच' का महत्व बहुत जरूरी है।
प्रश्न 2. विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव किसे कहते हैं? विद्युत लेपन की प्रक्रिया को समझाइए।
Answer: **विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव:** जब किसी चालक घोल (जैसे किसी लवण का विलयन) से बिजली गुजारी जाती है, तो घोल अपने घटकों में टूट जाता है या उसमें रासायनिक बदलाव आते हैं। बिजली के इसी असर को विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव कहते हैं। यह प्रभाव इलेक्ट्रोलाइट्स में आयनों की गति के कारण होता है।
**विद्युत लेपन (Electroplating) की प्रक्रिया:**
विद्युत लेपन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बिजली का उपयोग करके किसी एक धातु की पतली परत को किसी दूसरी धातु की वस्तु पर चढ़ाया जाता है। यह अक्सर वस्तुओं को जंग लगने से बचाने, उन्हें सुंदर बनाने या उनकी सतह को मजबूत बनाने के लिए किया जाता है।
**प्रक्रिया के चरण:**
1. **तैयारी:** जिस वस्तु पर परत चढ़ानी है, उसे पहले रेगमाल से अच्छी तरह साफ किया जाता है और फिर पानी से धोकर सुखाया जाता है ताकि उस पर कोई गंदगी या तेल न रहे।
2. **सर्किट बनाना:** अब, दो प्लेटें (एक जिस धातु की परत चढ़ानी है, दूसरी जिस पर परत चढ़ानी है) ली जाती हैं। जिस धातु की परत चढ़ानी है (जैसे तांबा) उसे बैटरी के धन (+) टर्मिनल से जोड़ा जाता है (यह एनोड होता है)। जिस वस्तु पर परत चढ़ानी है (जैसे कोई लोहे की वस्तु) उसे बैटरी के ऋण (-) टर्मिनल से जोड़ा जाता है (यह कैथोड होता है)।
3. **इलेक्ट्रोलाइट घोल:** दोनों प्लेटों को एक ऐसे घोल में डुबोया जाता है जिसमें उस धातु के आयन हों जिसकी परत चढ़ानी है (जैसे कॉपर सल्फेट का घोल, यदि तांबे की परत चढ़ानी हो)।
4. **बिजली का प्रवाह:** जब सर्किट में लगभग 15 मिनट तक बिजली प्रवाहित की जाती है, तो एनोड (तांबे की प्लेट) से तांबे के आयन घोल में आते हैं। ये तांबे के धनायन (positive ions) बैटरी के ऋण (-) टर्मिनल से जुड़े कैथोड (लोहे की वस्तु) की ओर आकर्षित होते हैं और उस पर जमा होकर एक पतली परत बना लेते हैं। इसी दौरान, एनोड से जितना तांबा घुलता है, कैथोड पर उतनी ही परत जमा होती रहती है।
यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है जब तक कि वांछित मोटाई की परत न चढ़ जाए।
चित्र - विद्युत लेपन
In simple words: बिजली के रासायनिक प्रभाव का मतलब है कि बिजली से किसी घोल में चीजें टूट जाती हैं। विद्युत लेपन में, बिजली का उपयोग करके एक धातु की पतली परत को दूसरी वस्तु पर चढ़ाते हैं, जिससे वह वस्तु सुंदर या सुरक्षित हो जाती है।
🎯 Exam Tip: विद्युत लेपन में एनोड, कैथोड और इलेक्ट्रोलाइट घोल की सही पहचान और उनके कार्यों को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर धातु आयनों की गति को।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. निम्न में से विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित उपकरण हैं
(अ) विद्युत ओवन
(ब) विद्युत टोस्टर
(स) विद्युत प्रेस
(द) सभी
Answer: (द) सभी
In simple words: विद्युत ओवन, विद्युत टोस्टर और विद्युत प्रेस सभी बिजली की गर्मी पैदा करने वाली शक्ति का उपयोग करके काम करते हैं।
🎯 Exam Tip: ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित उपकरणों के कई उदाहरण होते हैं; उन सभी को याद रखने से आपको ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में मदद मिलेगी।
प्रश्न 2. (What is used for protection in electrical circuits?)
(अ) एम.सी.बी.
(ब) चुम्बक
(स) युक्ति
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (अ) एम.सी.बी.
In simple words: बिजली के सर्किट में सुरक्षा के लिए एम.सी.बी. (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) का उपयोग किया जाता है। यह ज्यादा बिजली आने पर सर्किट को अपने आप बंद कर देता है।
🎯 Exam Tip: एम.सी.बी. आजकल फ्यूज का एक आधुनिक विकल्प है और यह ओवरलोड व शॉर्ट सर्किट से सुरक्षा प्रदान करता है।
प्रश्न 3. निम्न में से किसमें विद्युत चुम्बक प्रयुक्त होती
(अ) विद्युत घण्टी
(ब) विद्युत क्रेन
(स) टेलीफोन
(द) सभी
Answer: (द) सभी
In simple words: विद्युत चुंबक का इस्तेमाल विद्युत घंटी, विद्युत क्रेन और टेलीफोन तीनों में होता है। यह चुंबकीय शक्ति को चालू और बंद करने की क्षमता के कारण बहुत उपयोगी है।
🎯 Exam Tip: विद्युत चुंबक के कई व्यावहारिक उपयोग हैं; उनके विभिन्न अनुप्रयोगों को याद रखें।
प्रश्न 4. आसुत जल विद्युत का ______ होता है।
(अ) कुचालक
(ब) सुचालक
(स) अ व ब दोनों
(द) दोनों नहीं।
Answer: (अ) कुचालक
In simple words: आसुत जल बिजली को पास नहीं होने देता है, इसलिए यह कुचालक है क्योंकि इसमें बिजली ले जाने वाले कोई कण नहीं होते।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि बिजली के चालन के लिए मुक्त इलेक्ट्रॉन या आयनों का होना जरूरी है, जो आसुत जल में अनुपस्थित होते हैं।
प्रश्न 5. हमें हमेशा कौनसे मार्क के उचित फ्यूजों का प्रयोग करना चाहिए?
(अ) ISI
(ब) SI
(स) NET
(द) PERFCT
Answer: (अ) ISI
In simple words: हमें हमेशा ISI मार्क वाले फ्यूज का उपयोग करना चाहिए क्योंकि यह सुरक्षा और गुणवत्ता का एक मानक प्रतीक है।
🎯 Exam Tip: सुरक्षा मानकों और प्रमाणित उत्पादों का उपयोग करना बिजली से संबंधित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 7. विद्युत द्वारा किसी पदार्थ पर वांछित धातु की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को कहते हैं
(अ) विद्युत प्रवाह
(ब) विद्युत तापन
(स) विद्युत चालन
(द) विद्युत लेपन
Answer: (द) विद्युत लेपन
In simple words: जब बिजली का उपयोग करके किसी चीज पर किसी खास धातु की परत चढ़ाई जाती है, तो इस प्रक्रिया को विद्युत लेपन कहते हैं।
🎯 Exam Tip: विद्युत लेपन एक महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रक्रिया है जिसके कई उपयोग हैं, जैसे जंग से बचाव और सजावट।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
प्रश्न 1. फ्यूज तार के पिघल जाने से विद्युत परिपथ ______ जाता है। (जुड़/टूट)
Answer: फ्यूज तार के पिघल जाने से विद्युत परिपथ टूट जाता है। यह सुरक्षा तंत्र को सक्रिय करता है, जिससे बिजली का प्रवाह रुक जाता है।
In simple words: जब फ्यूज तार पिघलता है, तो बिजली का रास्ता टूट जाता है।
🎯 Exam Tip: फ्यूज का पिघलना सर्किट को खोलने का काम करता है, जो ओवरकरंट से होने वाले नुकसान को रोकता है।
प्रश्न 2. आजकल फ्यूज के स्थान पर प्रयोग______ करते हैं। (MCB/ISI)
Answer: आजकल फ्यूज के स्थान पर MCB का प्रयोग करते हैं। MCB (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) एक आधुनिक सुरक्षा उपकरण है जो फ्यूज की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होता है।
In simple words: आजकल फ्यूज की जगह MCB का इस्तेमाल करते हैं।
🎯 Exam Tip: MCB को फ्यूज की तरह बार-बार बदलने की जरूरत नहीं पड़ती, बस उसे रीसेट किया जा सकता है।
प्रश्न 3. लोहे की भारी वस्तुओं को उठाने के लिए ______ का उपयोग करते हैं। (विद्युत चुम्बकीय क्रेन/क्रेन)
Answer: लोहे की भारी वस्तुओं को उठाने के लिए विद्युत चुम्बकीय क्रेन का उपयोग करते हैं। विद्युत चुम्बकीय क्रेन अपनी मजबूत चुंबकीय शक्ति के कारण भारी लोहे के स्क्रैप और अन्य धातुओं को आसानी से उठा सकती है।
In simple words: भारी लोहे की चीजें उठाने के लिए विद्युत चुंबक वाली क्रेन का उपयोग करते हैं।
🎯 Exam Tip: विद्युत चुम्बकीय क्रेन विद्युत चुम्बक के सिद्धांत पर काम करती है, जहाँ विद्युत धारा प्रवाहित करके चुंबकीय शक्ति पैदा की जाती है।
प्रश्न 5. लोहे को ______ से बचाने के लिए जिंक की परत निक्षेपित की जाती है। (जंग/पॉलिश)
Answer: लोहे को जंग से बचाने के लिए जिंक की परत निक्षेपित की जाती है। इस प्रक्रिया को गैल्वनीकरण (Galvanization) कहते हैं, जो लोहे को ऑक्सीकरण से बचाती है।
In simple words: लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए उस पर जिंक की परत चढ़ाई जाती है।
🎯 Exam Tip: जिंक की परत एक सुरक्षा कवच का काम करती है और लोहे को हवा और नमी के संपर्क में आने से रोकती है, जिससे जंग नहीं लगती।
बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य
प्रश्न 6. निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य बताइए।
Answer:
1. हमें एक ही सॉकेट में कई युक्तियों को नहीं लगाना चाहिए। (सत्य) - ऐसा करने से ओवरलोड हो सकता है, जिससे आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
2. आजकल MCB के स्थान पर फ्यूज का उपयोग होता है। (असत्य) - आजकल फ्यूज के स्थान पर MCB का उपयोग ज्यादा होता है, न कि इसके उलट।
3. टेलीफोन में विद्युत चुम्बक का प्रयोग होता है। (सत्य) - पुराने टेलीफोन में ध्वनि संकेतों को विद्युत संकेतों में बदलने और वापस ध्वनि में बदलने के लिए विद्युत चुंबक का उपयोग होता था।
4. विद्युत ओवन विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव पर आधारित होता है। (असत्य) - विद्युत ओवन विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित होता है, न कि रासायनिक प्रभाव पर।
In simple words: एक सॉकेट में कई चीजें नहीं लगानी चाहिए (सही)। आजकल MCB की जगह फ्यूज इस्तेमाल नहीं होता (गलत)। टेलीफोन में विद्युत चुंबक होता है (सही)। विद्युत ओवन बिजली के गर्मी वाले प्रभाव पर काम करता है, रासायनिक पर नहीं (गलत)।
🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में प्रत्येक कथन के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत को समझें, खासकर बिजली के विभिन्न प्रभावों और सुरक्षा उपकरणों के बारे में।
सही मिलान कीजिए
प्रश्न 1. निम्नांकित कॉलम 'A' कॉलम 'B' का सही मिलान कीजिए।
| कॉलम 'A' | कॉलम 'B' |
|---|---|
| 1. लाल रंग का प्लास्टिक चढ़ा तार | (A) न्यूट्रल |
| 2. काले रंग का प्लास्टिक चढ़ा तार | (B) फेज |
| 3. हरे रंग का प्लास्टिक चढ़ा तार | (C) विद्युत लेपन |
| 4. फेज व न्यूट्रल का आपस में जुड़ना | (D) भूसंपर्कन |
| 5. वांछित वस्तु की परत चढ़ाना | (E) लघुपथन |
Answer:
1. लाल रंग का प्लास्टिक चढ़ा तार - (B) फेज
2. काले रंग का प्लास्टिक चढ़ा तार - (A) न्यूट्रल
3. हरे रंग का प्लास्टिक चढ़ा तार - (D) भूसंपर्कन
4. फेज व न्यूट्रल का आपस में जुड़ना - (E) लघुपथन
5. वांछित वस्तु की परत चढ़ाना - (C) विद्युत लेपन
In simple words: बिजली के तारों के रंग उनके काम बताते हैं - लाल फेज, काला न्यूट्रल, हरा अर्थिंग। दो खास तारों का जुड़ना शॉर्ट सर्किट कहलाता है, और बिजली से किसी चीज पर परत चढ़ाने को इलेक्ट्रोप्लेटिंग कहते हैं।
🎯 Exam Tip: बिजली के तारों के मानक रंगों और उनसे जुड़े सुरक्षा शब्दों को याद रखना घरेलू वायरिंग को समझने के लिए आवश्यक है।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. दैनिक जीवन में काम आने वाले विद्युत उपकरणों के नाम लिखिए।
Answer: दैनिक जीवन में काम आने वाले कुछ बिजली के उपकरण हैं: विद्युत इस्त्री (electric iron), विद्युत हीटर (electric heater), विद्युत ओवन (electric oven), विद्युत बल्ब (electric bulb), विद्युत घंटी (electric bell), और विद्युत टोस्टर (electric toaster)। ये सभी उपकरण हमारे रोजमर्रा के कामों को आसान बनाते हैं।
In simple words: हमारे घरों में बिजली से चलने वाले उपकरण जैसे इस्त्री, हीटर, ओवन, बल्ब, घंटी और टोस्टर हैं।
🎯 Exam Tip: बिजली के उपकरणों के नाम याद करते समय उनके काम करने के सिद्धांत (जैसे ऊष्मीय प्रभाव) को भी ध्यान में रखें।
प्रश्न 2. विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव किसे कहते हैं ?
Answer: जब किसी सुचालक तार से बिजली प्रवाहित की जाती है, तो वह तार गर्म हो जाता है। बिजली के इसी गर्मी पैदा करने वाले असर को विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव कहते हैं। यह प्रभाव तब होता है जब बिजली के प्रवाह में मौजूद इलेक्ट्रॉन तार के परमाणुओं से टकराते हैं और ऊर्जा को गर्मी में बदल देते हैं।
In simple words: जब बिजली किसी तार से गुजरती है और उसे गर्म कर देती है, तो इसे बिजली का ऊष्मीय प्रभाव कहते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रभाव का उपयोग कई हीटिंग उपकरणों जैसे हीटर और टोस्टर में किया जाता है, जहाँ गर्मी की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 3. विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित कुछ उपकरणों के नाम बताओ।
Answer: बिजली के ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित कुछ उपकरण हैं: विद्युत ओवन (electric oven), विद्युत टोस्टर (electric toaster), निमज्जन छड़ (immersion rod), विद्युत प्रेस (electric iron), और विद्युत बल्ब (electric bulb)। ये सभी उपकरण बिजली की ऊर्जा को गर्मी या प्रकाश में बदलते हैं।
In simple words: ओवन, टोस्टर, पानी गर्म करने वाली रॉड, प्रेस और बल्ब जैसे उपकरण बिजली की गर्मी से चलते हैं।
🎯 Exam Tip: इन उपकरणों के उदाहरण याद रखना आपको बिजली के ऊष्मीय प्रभाव के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने में मदद करेगा।
प्रश्न 4. घर के सॉकेट के तीन छिद्रों में होने वाले तारों के नाम बताओ।
Answer: घर के सॉकेट के तीन छिद्रों में होने वाले तारों के नाम इस प्रकार हैं:
1. **विद्युन्मय तार या फेज (Live Wire or Phase)** - यह तार बिजली का मुख्य प्रवाह लाता है।
2. **उदासीन या न्यूट्रल (Neutral Wire)** - यह तार बिजली के प्रवाह को वापस ले जाता है।
3. **भूसम्पर्कन तार (Earthing Wire)** - यह तार सुरक्षा के लिए होता है, जो बिजली के लीकेज होने पर करंट को जमीन में भेजता है।
In simple words: घर के सॉकेट में तीन तार होते हैं: एक जो बिजली लाता है (फेज), एक जो बिजली वापस ले जाता है (न्यूट्रल), और एक जो सुरक्षा के लिए जमीन से जुड़ा होता है (अर्थिंग)।
🎯 Exam Tip: इन तारों के मानक रंगों को याद रखना भी महत्वपूर्ण है (फेज-लाल, न्यूट्रल-काला, भूसंपर्कन-हरा) सुरक्षा के लिए।
प्रश्न 5. न्यूट्रल तार पर वोल्टेज का मान कितना होता है?
Answer: न्यूट्रल तार पर वोल्टेज का मान आमतौर पर शून्य (zero) होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि न्यूट्रल तार को सीधे पृथ्वी (जमीन) से जोड़ा जाता है, जिससे उसका पोटेंशियल (विभव) शून्य हो जाता है। यह सुरक्षित विद्युत संचालन के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: न्यूट्रल तार में बिजली का वोल्टेज शून्य होता है, क्योंकि यह सीधे जमीन से जुड़ा होता है।
🎯 Exam Tip: फेज तार में उच्च वोल्टेज होता है जबकि न्यूट्रल तार का वोल्टेज शून्य होता है, जो सर्किट को पूरा करने में मदद करता है।
प्रश्न 7. अतिभारण किसे कहते हैं?
Answer: अतिभारण (overloading) तब होता है जब एक ही बिजली के सॉकेट से कई उपकरण एक साथ जोड़ दिए जाते हैं, जिससे सर्किट में सामान्य से बहुत ज्यादा बिजली प्रवाहित होने लगती है। यह स्थिति सर्किट के लिए खतरनाक होती है क्योंकि इससे तार गर्म हो सकते हैं और आग लग सकती है।
In simple words: जब एक ही सॉकेट पर बहुत सारे बिजली के उपकरण जोड़ दिए जाते हैं, जिससे ज्यादा बिजली खिंचती है, तो उसे अतिभारण कहते हैं।
🎯 Exam Tip: अतिभारण से बचने के लिए हमेशा यह सुनिश्चित करें कि आप एक सॉकेट से बहुत सारे उपकरण एक साथ न जोड़ें, और उच्च शक्ति वाले उपकरणों को अलग-अलग सॉकेट में लगाएं।
प्रश्न 8. फ्यूज किसे कहते हैं?
Answer: फ्यूज बिजली के सर्किट में लगा एक सुरक्षा उपकरण है। इसमें एक खास धातु का तार होता है जिसका गलनांक (melting point) कम होता है। जब किसी कारण से सर्किट में तय सीमा से ज्यादा बिजली प्रवाहित होती है, तो यह तार गर्म होकर पिघल जाता है। तार के पिघलने से बिजली का रास्ता टूट जाता है और सर्किट में बिजली का प्रवाह बंद हो जाता है, जिससे उपकरण और वायरिंग सुरक्षित रहती है।
In simple words: फ्यूज एक सुरक्षा तार है जो ज्यादा बिजली आने पर पिघल जाता है, जिससे सर्किट टूट जाता है और नुकसान नहीं होता।
🎯 Exam Tip: फ्यूज बिजली के ऊष्मीय प्रभाव पर काम करता है और घर में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं जैसे आग और उपकरण खराब होने से बचाता है।
प्रश्न 9. फ्यूज तार को किसमें रखते हैं ?
Answer: फ्यूज तार को आमतौर पर सिरेमिक या पोर्सिलेन जैसे बिजली के कुचालक पदार्थ के बने एक कारतूस (cartridge) में रखा जाता है। इस कारतूस के दोनों सिरों पर धातु के संपर्क बिंदु होते हैं। कुचालक पदार्थ का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि बिजली का करंट फ्यूज तार से ही गुजरे और आसपास के हिस्सों में न फैले।
In simple words: फ्यूज तार को बिजली से बचाने वाली सामग्री के खोल या कारतूस में रखा जाता है, जिसके दोनों सिरों पर धातु के संपर्क होते हैं।
🎯 Exam Tip: फ्यूज होल्डर या कारतूस का डिज़ाइन सुरक्षा सुनिश्चित करता है, जिससे पिघलने पर भी कोई बिजली का झटका न लगे।
प्रश्न 10. फ्यूज तार किसका बना होता है?
Answer: फ्यूज तार आमतौर पर तांबा, जस्ता (जिंक), टिन या इन धातुओं की मिश्र धातु (alloy) का बना होता है। इन धातुओं का गलनांक कम होता है, जिसका मतलब है कि वे कम तापमान पर आसानी से पिघल जाती हैं। यह विशेषता फ्यूज को ज्यादा बिजली आने पर जल्दी से पिघलकर सर्किट को तोड़ने में मदद करती है।
In simple words: फ्यूज तार तांबा, जस्ता, टिन या इनके मिश्रण से बना होता है क्योंकि ये धातुएं जल्दी पिघल जाती हैं।
🎯 Exam Tip: फ्यूज तार की सामग्री का चयन उसके कम गलनांक और उचित प्रतिरोध के आधार पर किया जाता है।
प्रश्न 11. विद्युत धारा को चुम्बकीय प्रभाव किसे कहते हैं?
Answer: जब किसी चालक तार से बिजली प्रवाहित होती है, तो वह तार अपने आसपास एक चुंबक की तरह व्यवहार करने लगता है। बिजली के इस असर को विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव कहते हैं। इस प्रभाव का पता सबसे पहले वैज्ञानिक ओर्स्टेड ने लगाया था।
In simple words: जब बिजली किसी तार से गुजरती है तो वह तार चुंबक बन जाता है, इसे बिजली का चुंबकीय प्रभाव कहते हैं।
🎯 Exam Tip: चुंबकीय प्रभाव का उपयोग विद्युत चुंबक, मोटर और जनरेटर जैसे कई उपकरणों में होता है।
प्रश्न 12. विद्युत घण्टी के विभिन्न भागों के नाम लिखो।
Answer: विद्युत घंटी के छह मुख्य भाग निम्नलिखित हैं:
1. **कुण्डली (Coil)** - तार लपेटकर बनाई गई चुंबक।
2. **लोहे की पत्ती (Iron Strip)** - आर्मेचर, जिसे विद्युत चुंबक अपनी ओर खींचता है।
3. **सम्पर्क पेच (Contact Screw)** - पत्ती से जुड़कर सर्किट को पूरा करता है।
4. **हथौड़ी (Hammer)** - पत्ती से जुड़ा होता है और घंटी से टकराता है।
5. **घण्टी (Gong)** - धातु का कप जिस पर हथौड़ी टकराती है।
6. **बैटरी (Battery)** - बिजली का स्रोत।
In simple words: विद्युत घंटी के मुख्य भाग कॉइल, लोहे की पत्ती, संपर्क पेच, हथौड़ी, घंटी और बैटरी हैं।
🎯 Exam Tip: विद्युत घंटी के प्रत्येक भाग का कार्य उसकी समग्र कार्यप्रणाली को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 13. विद्युत लेपन किसे कहते हैं ?
Answer: विद्युत लेपन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बिजली का उपयोग करके किसी एक धातु की पतली परत को किसी दूसरी धातु की वस्तु पर चढ़ाया जाता है। यह आमतौर पर वस्तुओं को जंग से बचाने, उन्हें सुंदर बनाने या उनकी सतह को मजबूत बनाने के लिए किया जाता है। यह बिजली के रासायनिक प्रभाव का एक महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है।
In simple words: बिजली का इस्तेमाल करके एक धातु की पतली परत को दूसरी वस्तु पर चढ़ाने को विद्युत लेपन कहते हैं।
🎯 Exam Tip: विद्युत लेपन में हमेशा उस धातु के लवण का घोल इलेक्ट्रोलाइट के रूप में उपयोग किया जाता है जिसकी परत चढ़ानी होती है।
प्रश्न 14. विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव किसे कहते हैं?
Answer: जब किसी चालक घोल (जैसे किसी लवण का विलयन) से बिजली प्रवाहित की जाती है, तो वह घोल अपने घटकों में टूट जाता है या उसमें रासायनिक परिवर्तन होते हैं। बिजली के इसी असर को विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव कहते हैं। यह प्रभाव इलेक्ट्रोलाइट्स में आयनों की गति के कारण होता है।
In simple words: बिजली जब किसी घोल से गुजरती है और उसमें रासायनिक बदलाव करती है, तो इसे बिजली का रासायनिक प्रभाव कहते हैं।
🎯 Exam Tip: बिजली का रासायनिक प्रभाव विद्युत लेपन, धातुओं के निष्कर्षण और बैटरियों के काम करने के तरीके का आधार है।
प्रश्न 15. विद्युत लेपन युक्त कुछ वस्तुओं के नाम बताओ।
Answer: विद्युत लेपन वाली कुछ वस्तुएं निम्नलिखित हैं:
1. **गहनों पर सोने-चाँदी की परत:** सस्ते गहनों को आकर्षक बनाने के लिए उन पर सोने या चाँदी की पतली परत चढ़ाई जाती है।
2. **कार, मोटरसाइकिल के कुछ भाग, नल की टोंटी, पहियों के रिम आदि पर क्रोमियम की परत:** क्रोमियम की परत इन वस्तुओं को जंग से बचाती है और उन्हें चमकदार व सुंदर बनाती है।
3. **लोहे पर जिंक की परत:** लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए उस पर जिंक की परत चढ़ाई जाती है, जिसे गैल्वनीकरण कहते हैं।
In simple words: गहनों पर सोना-चांदी, गाड़ी के हिस्सों और नलों पर क्रोमियम, और लोहे पर जिंक की परत चढ़ाई जाती है, जो सभी विद्युत लेपन के उदाहरण हैं।
🎯 Exam Tip: विद्युत लेपन के विभिन्न उपयोगों को याद रखें, खासकर यह कि यह न केवल सौंदर्य बल्कि जंग से सुरक्षा भी प्रदान करता है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. विद्युत चुम्बक के उपयोग बताइए।
Answer: बिजली के चुंबक (विद्युत चुंबक) के मुख्य उपयोग इस प्रकार हैं:
1. **कबाड़ से चुंबकीय पदार्थों को अलग करना:** बड़ी औद्योगिक क्रेनें विद्युत चुंबक का उपयोग करके कबाड़ से लोहे और स्टील जैसी चुंबकीय सामग्री को अलग करती हैं।
2. **चिकित्सा में:** डॉक्टरों द्वारा दुर्घटना से आँख में गिरे छोटे चुंबकीय कणों को सावधानी से बाहर निकालने के लिए विशेष विद्युत चुंबक का उपयोग किया जाता है।
3. **भारी वस्तुओं को उठाना:** कारखानों और बंदरगाहों पर भारी लोहे की वस्तुओं जैसे लोहे के ब्लॉक या शिपिंग कंटेनरों को उठाने और ले जाने के लिए विद्युत चुम्बकीय क्रेनें कार्यरत होती हैं।
In simple words: विद्युत चुंबक का उपयोग कबाड़ से धातु अलग करने, आँखों से कण निकालने और भारी चीजें उठाने वाली क्रेनों में होता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत चुंबक की अस्थायी चुंबकीय प्रकृति इसे स्थायी चुंबक से अलग बनाती है, जिससे इसे नियंत्रित करना आसान हो जाता है।
प्रश्न 2. दर्शाइए कि आसुत जल (distilled water) को कैसे विद्युत का चालक बनाया जा सकता है।
Answer: आसुत जल अपने शुद्ध रूप में बिजली का कुचालक होता है क्योंकि इसमें कोई मुक्त आयन नहीं होते। इसे बिजली का चालक बनाने के लिए, हमें इसमें कुछ ऐसे पदार्थ मिलाने होंगे जो घुलने पर आयन उत्पन्न करें। उदाहरण के लिए, आसुत जल में थोड़ा सा नमक (सोडियम क्लोराइड) या नींबू का रस मिलाया जा सकता है। नमक पानी में घुलकर सोडियम (Na+) और क्लोराइड (Cl-) आयन पैदा करता है, जबकि नींबू का रस साइट्रिक एसिड छोड़ता है जो आयन बनाता है। ये मुक्त आयन घोल में बिजली के आवेश को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का काम करते हैं, जिससे आसुत जल बिजली का चालक बन जाता है। इस तरह, आसुत जल की चालकता उसमें आयनों की उपस्थिति पर निर्भर करती है।
चित्र - द्रव में विद्युत चालन
In simple words: आसुत जल बिजली नहीं चलाता। इसे चलाने वाला बनाने के लिए इसमें नमक या नींबू का रस जैसी चीजें मिलाई जा सकती हैं। ये चीजें पानी में आयन बनाती हैं, जिससे बिजली एक जगह से दूसरी जगह जा सकती है।
🎯 Exam Tip: किसी भी द्रव की चालकता उसमें घुले हुए आयनिक यौगिकों की सांद्रता पर निर्भर करती है; जितनी अधिक आयन होंगे, उतनी ही बेहतर चालकता होगी।
प्रश्न 3. विद्युत परिपथ में फ्यूज तार का उपयोग क्यों करते हैं?
Answer: बिजली के सर्किट में फ्यूज तार का उपयोग उपकरणों को और घर को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। जब शॉर्ट सर्किट या किसी और वजह से सर्किट में बहुत ज्यादा बिजली आ जाती है, तो घर के उपकरण गर्म होकर जल सकते हैं या आग लग सकती है। इस खतरे से बचने के लिए फ्यूज तार लगाया जाता है। यह तार ज्यादा बिजली आने पर गर्म होकर पिघल जाता है और बिजली का रास्ता तोड़ देता है, जिससे उपकरण और घर सुरक्षित रहते हैं।
In simple words: फ्यूज तार का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है ताकि ज्यादा बिजली आने पर वह पिघलकर सर्किट तोड़ दे और घर के उपकरण व वायरिंग जलने से बच जाएं।
🎯 Exam Tip: फ्यूज का उचित रेटिंग का होना बहुत जरूरी है, ताकि वह सही समय पर पिघलकर सुरक्षा प्रदान कर सके।
प्रश्न 4. लघुपथन (शॉर्ट सर्किट) के क्या-क्या कारण हो सकते हैं? कोई दो कारण लिखिए।
Answer: लघुपथन (शॉर्ट सर्किट) के दो मुख्य कारण यहाँ दिए गए हैं:
1. **तारों का आपस में जुड़ना:** जब सर्किट में बिजली का मान सुरक्षा सीमा से अधिक हो जाता है, तो तार गर्म होने लगते हैं। इससे तारों पर चढ़ा प्लास्टिक का इन्सुलेशन पिघल सकता है और फेज (लाइव) और न्यूट्रल तार आपस में सीधे जुड़ जाते हैं।
2. **पुराने तारों का इन्सुलेशन खराब होना:** अगर बिजली के तार बहुत पुराने हो गए हों, तो उन पर चढ़ा प्लास्टिक का सुरक्षा कवच कमजोर होकर टूट सकता है। इससे भी फेज और न्यूट्रल तार आपस में संपर्क में आ सकते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट हो जाता है।
In simple words: शॉर्ट सर्किट तब होता है जब तार गर्म होकर पिघल जाते हैं और लाइव और न्यूट्रल तार आपस में जुड़ जाते हैं, या फिर पुराने तारों का कवर टूट जाता है।
🎯 Exam Tip: शॉर्ट सर्किट एक गंभीर विद्युत दोष है जो अत्यधिक धारा और आग लगने का कारण बन सकता है, इसलिए अच्छी गुणवत्ता वाले तारों और नियमित जांच का महत्व समझें।
प्रश्न 5. विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित किन्हीं चार उपकरणों के नाम तथा उनके उपयोग लिखिए।
Answer: बिजली के ऊष्मीय प्रभाव पर आधारित चार उपकरण और उनके उपयोग निम्नलिखित हैं:
1. **विद्युत ओवन (Electric Oven):** इसका उपयोग रसोईघर में खाना पकाने और गर्म करने के लिए किया जाता है।
2. **विद्युत टोस्टर (Electric Toaster):** इसका उपयोग ब्रेड या डबल रोटी को सेंकने (toast) के लिए किया जाता है।
3. **निमज्जन छड़ (Immersion Rod):** इसका उपयोग पानी को गर्म करने के लिए किया जाता है, खासकर नहाने या अन्य जरूरतों के लिए।
4. **विद्युत प्रेस (Electric Iron):** इसका उपयोग कपड़ों को इस्तरी करके सीधा करने और सिलवटें हटाने के लिए किया जाता है।
In simple words: बिजली के गर्मी वाले प्रभाव पर ओवन खाना पकाने, टोस्टर ब्रेड सेंकने, रॉड पानी गर्म करने और प्रेस कपड़े इस्त्री करने के काम आते हैं।
🎯 Exam Tip: इन सभी उपकरणों में, बिजली के हीटिंग तत्व (जैसे नाइक्रोम तार) में उच्च प्रतिरोध होता है, जो बिजली को गर्मी में बदलता है।
प्रश्न 6. जब किसी संपरीक्षित्र (tester) के स्वतंत्र सिरोंको किसी विलयन में डुबोते हैं तो चुम्बकीय सुई विक्षेपित होती है। क्या आप ऐसा होने के कारण की व्याख्या कर सकते हैं?
Answer: हाँ, जब किसी संपरीक्षित्र (टेस्टर) के खुले सिरों को किसी घोल में डुबोया जाता है और चुंबकीय सुई हिलती है, तो इसका मतलब है कि घोल बिजली का चालन कर रहा है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि घोल में मुक्त आयन होते हैं जो बिजली को एक इलेक्ट्रोड से दूसरे इलेक्ट्रोड तक ले जाते हैं। जब बिजली घोल से होकर गुजरती है, तो यह तार में एक चुंबकीय क्षेत्र पैदा करती है। यह चुंबकीय क्षेत्र संपरीक्षित्र में लगी चुंबकीय सुई को प्रभावित करता है और उसे अपनी जगह से हिला देता है। इससे पता चलता है कि बिजली का चुंबकीय प्रभाव अभी भी काम कर रहा है, भले ही वह घोल से गुजर रही हो।
In simple words: चुंबकीय सुई हिलती है क्योंकि घोल बिजली चला रहा होता है। यह बिजली तार में एक छोटा चुंबक बनाती है जो सुई को खींचता है।
🎯 Exam Tip: चुंबकीय सुई का विक्षेपण एक बहुत ही संवेदनशील तरीका है यह पता लगाने का कि कोई द्रव बिजली का चालन कर रहा है या नहीं, भले ही धारा बहुत कम हो।
Question 8. भूसम्पर्कन एक सुरक्षा उपाय है, कैसे?
Answer: भूसंपर्कन एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है। यह सुनिश्चित करता है कि यदि बिजली के किसी उपकरण के धातु के बाहरी हिस्से से फेज का तार छू जाए, तो उस उपकरण का उपयोग करने वाले व्यक्ति को गंभीर बिजली का झटका नहीं लगेगा। यह प्रणाली अतिरिक्त धारा को जमीन में भेज देती है, जिससे खतरा टल जाता है।
In simple words: भूसंपर्कन बिजली के झटके से बचाता है। अगर किसी उपकरण में करंट आ जाए, तो यह करंट को जमीन में भेज देता है, जिससे हमें झटका नहीं लगता।
🎯 Exam Tip: जब भी सुरक्षा उपाय से संबंधित प्रश्न आए, तो उसका सीधा लाभ और वह कैसे जोखिम कम करता है, स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 9. विद्युत लेपन के उपयोग बतलाइए।
Answer: विद्युत द्वारा किसी वस्तु पर किसी खास धातु की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को विद्युत लेपन कहते हैं। इसका उपयोग उद्योगों में बहुत अधिक होता है। इसके कुछ मुख्य उपयोग इस प्रकार हैं:
1. गहनों पर सोने या चाँदी जैसी महंगी धातुओं की परत चढ़ाई जाती है ताकि वे सुंदर दिखें और जंग से बची रहें।
2. कार के कुछ हिस्सों, मोटरसाइकिल के भागों, नल की टोंटी, गैस बर्नर, साइकिल के हैंडल और पहियों के रिम पर क्रोमियम की परत चढ़ाई जाती है। क्रोमियम चमकदार होता है और जंग नहीं लगने देता।
3. लोहे को जंग लगने से बचाने के लिए उस पर जिंक की परत चढ़ाई जाती है। जिंक की परत लोहे को नमी और हवा से बचाकर जंग लगने से रोकती है।
In simple words: विद्युत लेपन का उपयोग गहनों को सुंदर बनाने, गाड़ियों के पुर्जों को चमकीला बनाने और धातुओं को जंग से बचाने के लिए किया जाता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत लेपन के अनुप्रयोगों को याद करते समय, अलग-अलग उद्योगों (गहने, ऑटोमोबाइल, निर्माण) में इसके उपयोग के उदाहरणों को समूहबद्ध करें।
Question 10. नीचे दिये गये पदार्थों में से विद्युत के सुचालक एवं अचालक बताइए
(i) आसुत जल
(ii) नींबू का रस
(iii) सिरका
(iv) टोंटी का पानी-सुचालक।
Answer:
(i) आसुत जल - अचालक
(ii) नींबू का रस - सुचालक
(iii) सिरका - सुचालक
(iv) टोंटी का पानी - सुचालक
In simple words: आसुत जल बिजली नहीं चलाता, पर नींबू का रस, सिरका और नल का पानी बिजली चला सकते हैं क्योंकि उनमें कुछ खनिज मिले होते हैं।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि शुद्ध जल (आसुत जल) एक अचालक होता है, लेकिन जब इसमें अशुद्धियाँ या लवण मिल जाते हैं, तो यह सुचालक बन जाता है।
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. विद्युत के ऊष्मीय प्रभाव को परिभाषित करते हुए सचित्र समझाइए। इस प्रभाव पर आधारित कोई एक विद्युत उपकरण का नाम लिखिए।
Answer: विद्युत का ऊष्मीय प्रभाव तब होता है जब किसी सुचालक तार से विद्युत धारा गुजरती है, तो वह तार गर्म हो जाता है। इसी प्रभाव को विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव कहते हैं। यह प्रभाव इसलिए होता है क्योंकि बिजली के कण जब तार से गुजरते हैं तो वे तार के परमाणुओं से टकराते हैं, जिससे ऊर्जा गर्मी में बदल जाती है।
गतिविधि के माध्यम से इसे समझा जा सकता है: एक नाइक्रोम तार को पेंसिल पर लपेटें। इस तार के एक सिरे को सेल के एक टर्मिनल से जोड़ें और दूसरे सिरे को कुंजी से जोड़कर विद्युत परिपथ पूरा करें। अब कुंजी में प्लग लगाकर तार में विद्युत धारा प्रवाहित करें। थोड़ी देर बाद नाइक्रोम के तार को छूकर देखें। आप महसूस करेंगे कि तार गर्म हो गया है, क्योंकि नाइक्रोम का तार विद्युत का सुचालक होता है और विद्युत धारा प्रवाहित होने पर यह गर्म हो जाता है।
उदाहरण: विद्युत हीटर, विद्युत प्रेस, विद्युत ओवन जैसे उपकरण इसी सिद्धांत पर काम करते हैं।
In simple words: जब बिजली किसी तार से गुजरती है, तो वह तार गरम हो जाता है। इसे ही बिजली का गरम करने वाला असर कहते हैं। बिजली का हीटर इसी सिद्धांत पर काम करता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव के लिए, परिभाषा, गतिविधि का वर्णन, और उपकरणों के उदाहरण सभी आवश्यक हैं। चित्र लेबल के साथ साफ-सुथरा होना चाहिए।
Question 2. विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव को परिभाषित करते हुए सचित्र समझाइए तथा इस प्रभाव पर आधारित कोई एक विद्युत उपकरण का नाम लिखिए।
अथवा
विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव को चित्र द्वारा समझाइए। इस प्रभाव पर कार्य करने वाले दो उपकरणों के नाम लिखिए।
Answer: जब किसी चालक तार से विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो वह तार चुम्बक की तरह व्यवहार करने लगता है। इसी प्रभाव को विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव कहते हैं। यह प्रभाव बताता है कि बिजली और चुंबकत्व आपस में जुड़े हुए हैं।
इस प्रभाव को एक गतिविधि से समझा जा सकता है: एक कार्डबोर्ड का टुकड़ा लें और उसमें कुछ दूरी पर दो छेद करके तार लगाएं। अब एक चुम्बकीय सुई या कम्पास को चित्र के अनुसार रखें। कार्डबोर्ड को घुमाकर कम्पास को इस तरह रखें कि सुई तार के ठीक नीचे आ जाए। अब तार के खुले सिरों को सेल से जोड़ें और विद्युत धारा प्रवाहित करें। आप देखेंगे कि चालक तार चुम्बक की तरह काम करने लगता है और चुम्बकीय सुई विक्षेपित हो जाती है। यह विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव है।
इस प्रभाव पर आधारित उपकरणों में विद्युत क्रेन, विद्युत घण्टी, टेलीफोन और टेलीग्राफ शामिल हैं।
**कार्यप्रणाली (विद्युत घण्टी):** जब परिपथ का स्विच चालू किया जाता है, तो कुण्डली में विद्युत धारा प्रवाहित होती है। विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव के कारण कुण्डली एक विद्युत चुम्बक बन जाती है। यह विद्युत चुम्बक लोहे की पत्ती को अपनी ओर आकर्षित करता है, जिससे पत्ती से जुड़ा हथौड़ा घंटी से टकराकर ध्वनि उत्पन्न करता है। जब विद्युत चुम्बक लोहे की पत्ती को अपनी ओर खींचता है, तो यह पत्ती पेंच के संपर्क से हट जाती है, जिससे परिपथ टूट जाता है और कुण्डली में विद्युत धारा का प्रवाह रुक जाता है। इस स्थिति में कुण्डली विद्युत चुम्बक नहीं रहती। तब लोहे की पत्ती पर कुण्डली का आकर्षण खत्म होने से पत्ती वापस अपनी पुरानी जगह पर आ जाती है, और कुण्डली में फिर से धारा प्रवाहित होने लगती है। यह प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाती है, जिससे हथौड़ा बार-बार घंटी से टकराकर ध्वनि उत्पन्न करता रहता है।
In simple words: जब किसी तार से बिजली गुजरती है, तो वह चुम्बक की तरह काम करने लगता है। इसी को बिजली का चुम्बकीय असर कहते हैं। विद्युत घण्टी और क्रेन इसी सिद्धांत पर काम करते हैं।
🎯 Exam Tip: विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव को समझाते समय, यह बताएं कि कैसे एक धारा प्रवाहित तार एक चुंबक के समान कार्य करता है, और विद्युत घंटी जैसे उपकरणों में इसके व्यावहारिक उपयोग को स्पष्ट करें।
Question 3. फ्यूज की परिपथ में जांच करने में क्या-क्या सावधानी रखनी चाहिए? लघु परिपथ विच्छेदक (MCB) क्या होती है? इसका चित्र भी बनाइए।
Answer: फ्यूज की परिपथ में जांच करते समय निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:
1. मुख्य परिपथ से जुड़े विद्युत फ्यूज की जांच करने का प्रयास स्वयं नहीं करना चाहिए। यह खतरनाक हो सकता है। इसके लिए बिजली मिस्त्री से संपर्क करना चाहिए।
2. फ्यूज तार बदलने के लिए हमेशा ISI मार्क वाले सही फ्यूज का उपयोग करना चाहिए। किसी भी सामान्य तार या धातु की पत्ती का उपयोग नहीं करना चाहिए।
**लघु परिपथ विच्छेदक (MCB):** MCB का मतलब "मिनिएचर सर्किट ब्रेकर" होता है। यह एक सुरक्षा उपकरण है जिसे विद्युत परिपथ में लगाया जाता है। जब परिपथ में बहुत ज्यादा बिजली (ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट के कारण) आती है, तो MCB अपने आप बंद हो जाती है। इससे बिजली का प्रवाह रुक जाता है और घर के उपकरण खराब होने या आग लगने से बच जाते हैं। फ्यूज की तुलना में, MCB को खराब होने पर बदला नहीं पड़ता, बस उसे फिर से चालू किया जा सकता है।
In simple words: फ्यूज की जांच करते समय सावधान रहें और हमेशा प्रशिक्षित व्यक्ति से ही करवाएं। MCB एक स्विच है जो ज्यादा बिजली होने पर अपने आप बंद हो जाता है, जिससे हमारे उपकरण सुरक्षित रहते हैं।
🎯 Exam Tip: MCB और फ्यूज दोनों सुरक्षा उपकरण हैं, लेकिन MCB को रीसेट किया जा सकता है जबकि फ्यूज को बदलना पड़ता है। सुरक्षा सावधानियों पर जोर देना महत्वपूर्ण है।
Question 4. विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव का उपयोग करके कोई संपरीक्षित्र किस प्रकार बनाया जाता है ? इसका चित्र भी बनाइए। द्रव में विद्युत चालन किस प्रकार होता है?
Answer: **संपरीक्षित्र (टेस्टर) बनाना:**
एक माचिस की खाली डिब्बी से ट्रे निकालें। ट्रे पर विद्युत तार के कुछ फेरे लपेटें। ट्रे के अंदर एक छोटी चुम्बकीय सुई रखें। अब तार के एक सिरे को बैटरी के एक टर्मिनल से जोड़ें। तार के दूसरे सिरे को खुला छोड़ दें। अब तार का एक और टुकड़ा लें और उसे बैटरी के दूसरे टर्मिनल से जोड़ें। इस तार के दूसरे सिरे को भी खुला छोड़ दें। दोनों खुले तारों के सिरों को क्षण भर के लिए एक-दूसरे से छुएं। आप देखेंगे कि चुम्बकीय सुई में विक्षेप होता है। इस प्रकार, दो स्वतंत्र सिरों वाला संपरीक्षित्र तैयार हो जाता है।
**द्रव में विद्युत चालन:**
द्रव में विद्युत चालन आमतौर पर आयनों (चार्ज वाले कणों) की गति के कारण होता है। जब किसी द्रव में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो द्रव के अंदर मौजूद आयन विपरीत चार्ज वाले इलेक्ट्रोड की ओर बढ़ने लगते हैं। यह आयनों की गति ही विद्युत धारा को प्रवाहन करती है। उदाहरण के लिए, नींबू के रस या नमक के घोल जैसे द्रवों में मुक्त आयन होते हैं, जो बिजली के सुचालक होते हैं। आसुत जल, जिसमें कोई आयन नहीं होते, बिजली का अचालक होता है।
In simple words: हम एक आसान टेस्टर बना सकते हैं जो चुम्बकीय सुई को हिलाकर बिजली की मौजूदगी बताएगा। तरल पदार्थ में बिजली तब चलती है जब उसमें छोटे-छोटे चार्ज वाले कण (आयन) होते हैं जो एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं।
🎯 Exam Tip: संपरीक्षित्र के निर्माण को चरण-दर-चरण समझाएं और चुम्बकीय सुई के विक्षेपण को विद्युत धारा के प्रभाव के रूप में जोड़ें। द्रव में चालन के लिए, आयनों की भूमिका पर जोर दें।
Question. फ्यूज क्या होता है? इसका क्या कार्य है ? यह कैसे कार्य करता है? सचित्र इसकी विशेषताएँ बताइए।
Answer: **फ्यूज:** फ्यूज एक सुरक्षा उपकरण है जिसे विद्युत परिपथ में श्रेणीक्रम में लगाया जाता है। यह एक ऐसी युक्ति होती है जिसका तार विद्युत धारा के मान सुरक्षा सीमा से अधिक होने पर पिघल जाता है, जिससे परिपथ में धारा का प्रवाह बंद हो जाता है। यह बिजली के उपकरणों को खराब होने या आग लगने से बचाता है। आजकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में भी खास तरह के फ्यूज लगाए जाते हैं।
**कार्य:**
1. फ्यूज घर के बिजली के उपकरणों को नुकसान से बचाता है।
2. यह परिपथ में आग लगने से बचाता है।
**फ्यूज कैसे कार्य करता है:** फ्यूज परिपथ में लगा होता है। यदि परिपथ में किसी निर्धारित मान से अधिक बिजली प्रवाहित होती है, तो फ्यूज तार का तापमान बढ़ जाता है। तापमान बढ़ने से फ्यूज तार पिघल जाता है और परिपथ टूट जाता है। इस प्रकार, यह बिजली के प्रवाह को रोककर उपकरणों और घर को सुरक्षित रखता है।
**फ्यूज की विशेषताएँ:**
1. फ्यूज तार आमतौर पर धातु के सिरे वाले पोर्सिलीन या इसी तरह के बिजली के कुचालक पदार्थ के कारतूस में रखा जाता है।
2. फ्यूज ताँबा, जस्ता, टिन आदि की मिश्र धातु से बना तार होता है।
3. इसका गलनांक (पिघलने का तापमान) परिपथ/उपकरणों में उपयोग किए गए सामान्य तारों के गलनांक से कम होता है।
4. कम गलनांक होने के कारण, परिपथ में अधिक धारा प्रवाहित होने पर यह पिघलकर परिपथ में धारा प्रवाह को तुरंत बंद कर देता है।
In simple words: फ्यूज एक सुरक्षा तार है जो ज्यादा बिजली आने पर पिघलकर सर्किट तोड़ देता है, जिससे उपकरण और घर आग से बच जाते हैं।
🎯 Exam Tip: फ्यूज के बारे में बताते समय, उसकी परिभाषा, कार्यप्रणाली और मुख्य विशेषताओं को स्पष्ट रूप से समझाना महत्वपूर्ण है, साथ ही यह भी बताएं कि यह कैसे सुरक्षा प्रदान करता है।
Question 6. लघुपथन (Short Circuit) किसे कहते हैं? इसके कारण एवं हानियाँ बताइए। इसका बचाव क्या
Answer: **लघुपथन (Short Circuit):** जब किसी कारण से फेज (लाइव) तार और न्यूट्रल तार आपस में सीधे जुड़ जाते हैं, तो इसे परिपथ का लघुपथन कहते हैं। इस स्थिति में, प्रतिरोध बहुत कम हो जाता है और परिपथ में अचानक अत्यधिक विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है।
**लघुपथन के कारण:**
1. परिपथ में बहुत अधिक विद्युत धारा प्रवाहित होने पर तार गर्म हो जाते हैं, जिससे उन पर चढ़ा प्लास्टिक का आवरण पिघल जाता है। इसके कारण फेज और न्यूट्रल तार आपस में जुड़ जाते हैं, और लघुपथन हो जाता है।
2. जब परिपथ के पुराने तारों पर चढ़ा प्लास्टिक आवरण कमजोर होकर टूट जाता है, तो तार आपस में छू सकते हैं और लघुपथन हो सकता है।
**लघुपथन से हानियाँ:**
लघुपथन होने पर परिपथ में बहुत अधिक विद्युत धारा बहती है। इससे घर के बिजली के उपकरण बहुत गर्म होकर जल सकते हैं। इसके कारण घर में आग लगने की दुर्घटना भी हो सकती है, जो बहुत खतरनाक होता है।
**बचाव:** लघुपथन से बचने के लिए, परिपथ में श्रेणीक्रम में फ्यूज या MCB (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) लगाना चाहिए। यह उपकरण अत्यधिक धारा के प्रवाह को रोककर परिपथ को सुरक्षित रखते हैं।
In simple words: लघुपथन तब होता है जब बिजली के तार गलती से सीधे जुड़ जाते हैं, जिससे बहुत ज्यादा करंट बहता है। इससे उपकरण जल सकते हैं या आग लग सकती है। इससे बचने के लिए फ्यूज या MCB का इस्तेमाल करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: लघुपथन को परिभाषित करते समय, फेज और न्यूट्रल तारों के सीधे संपर्क पर जोर दें। इसके कारणों, हानियों और बचाव के उपायों को क्रमबद्ध तरीके से बताएं।
Question 7. विद्युत चुम्बक कैसे बनाते हैं ? सचित्र बताइए। आपके विचार में विद्युत चुम्बक के क्या उपयोग हैं?
Answer: **विद्युत चुम्बक बनाना:**
लगभग 10 से 15 सेंटीमीटर लंबी लोहे की एक कील लें। साथ ही, लगभग 50 सेंटीमीटर लंबा तांबे का पतला विद्युतरोधी तार लें। तांबे के तार के दोनों सिरों से विद्युतरोधी पदार्थ हटा दें। इस तार को लोहे की कील पर कसकर लपेटें। अब तार के दोनों खुले सिरों को एक कुंजी और एक सेल से जोड़कर पूरा परिपथ तैयार करें। जब कील पर लपेटे हुए तार में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो कील चुम्बक की तरह काम करने लगती है।
अब कील के पास आलपिन ले जाने पर वे कील से चिपक जाएंगी। यह विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव है। इस प्रकार बने चुम्बक को विद्युत चुम्बक कहते हैं।
**विद्युत चुम्बक के उपयोग:**
विद्युत चुम्बक के कई महत्वपूर्ण उपयोग हैं:
1. **कबाड़ से चुंबकीय पदार्थों को अलग करना:** बड़े उद्योगों में, विद्युत चुम्बकीय क्रेन का उपयोग कबाड़ के ढेर से लोहे जैसी चुंबकीय चीजों को उठाने और अलग करने के लिए किया जाता है।
2. **डॉक्टर द्वारा उपयोग:** दुर्घटनावश आंख में गिरे छोटे चुंबकीय कणों को बाहर निकालने के लिए डॉक्टर विद्युत चुम्बकों का उपयोग करते हैं।
3. **भारी वस्तुओं को उठाना:** विद्युत चुम्बकीय क्रेन का उपयोग कार के इंजन या अन्य भारी लोहे की वस्तुओं को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए किया जाता है।
4. **विद्युत घण्टी और टेलीफोन:** विद्युत चुम्बकों का उपयोग विद्युत घण्टी, टेलीफोन और टेलीग्राफ जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में होता है।
**घरेलू विद्युत आपूर्ति:**
हमारे घरों में बिजली की आपूर्ति में तीन प्रकार के तार होते हैं। घर के सॉकेट में तीन छेद होते हैं।
1. **विद्युन्मय तार (फेज):** जिस सिरे में टेस्टर लगाने पर चमक आती है, वह विद्युन्मय तार या फेज तार होता है। यह आमतौर पर लाल रंग के प्लास्टिक से ढका होता है।
2. **उदासीन तार (न्यूट्रल):** जिस सिरे में टेस्टर लगाने पर चमक नहीं आती, वह उदासीन या न्यूट्रल सिरा होता है। न्यूट्रल तार पर वोल्टेज का मान शून्य होता है। यह आमतौर पर काले रंग के प्लास्टिक से ढका होता है। फेज और न्यूट्रल तारों के बीच 220 वोल्ट की बिजली आती है।
3. **भूसम्पर्कन तार (अर्थिंग):** तीसरा तार भूसम्पर्कन तार होता है, जिस पर हरे रंग का प्लास्टिक चढ़ा होता है। भूसम्पर्कन तार भूमि में गहराई पर दबी तांबे की प्लेट से जुड़ा होता है, जो बिजली के झटके से सुरक्षा प्रदान करता है।
In simple words: बिजली के चुम्बक को एक कील पर तार लपेट कर और उसे बैटरी से जोड़ कर बनाया जाता है। इसका उपयोग कबाड़ उठाने, डॉक्टरों और घण्टी में होता है। घरों में तीन तरह के तार होते हैं - फेज (लाल), न्यूट्रल (काला), और अर्थिंग (हरा), जो सुरक्षा के लिए होता है।
🎯 Exam Tip: विद्युत चुम्बक के निर्माण में, तार के फेरे, कील का प्रकार और धारा की दिशा पर ध्यान दें। उपयोगों को याद करते समय, औद्योगिक और घरेलू अनुप्रयोगों में अंतर स्पष्ट करें। घरेलू तारों के रंग कोड और उनके कार्यों को सटीक रूप से याद रखें।
Question 9. विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव क्या होता है ? इसे एक प्रयोग द्वारा सचित्र समझाइए। इसका उपयोग कहाँ किया जाता है?
अथवा
विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव को चित्र बनाकर समझाइये। इस प्रभाव के दो उपयोग लिखिए। विद्युत लेपन विधि का नामांकित चित्र बनाकर समझाइए।
Answer: **विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव:**
जब किसी चालक विलयन (जैसे पानी में घुला हुआ नमक) में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो वह विलयन अपने घटकों में टूट जाता है या उसमें रासायनिक परिवर्तन होते हैं। इसे विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव कहते हैं। यह प्रभाव तब होता है जब आयन इलेक्ट्रोड की ओर बढ़कर रासायनिक क्रियाएं करते हैं।
**प्रयोग द्वारा स्पष्टीकरण:**
एक बीकर में नींबू का रस (या कोई अन्य चालक विलयन) लें। दो कार्बन की छड़ें (जो बैटरी के अंदर से मिल सकती हैं) लें और उन्हें रेत के पेपर से साफ करके पानी से धो लें और सुखा लें। अब इन छड़ों को बैटरी के टर्मिनलों से जोड़कर नींबू के रस में डुबो दें। परिपथ को चालू करें। 3-4 मिनट बाद इलेक्ट्रोड को ध्यान से देखें। आपको इलेक्ट्रोड पर छोटे-छोटे बुलबुले दिखाई देंगे। ये बुलबुले दर्शाते हैं कि विलयन में रासायनिक अभिक्रियाएं हो रही हैं। इलेक्ट्रोड पर धातु का जमाव भी दिख सकता है और विलयन का रंग भी बदल सकता है। ये सभी विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव के कारण होते हैं।
**उपयोग:**
विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव का उपयोग कई औद्योगिक प्रक्रियाओं और उपकरणों में होता है, जिनमें से दो प्रमुख उपयोग विद्युत लेपन (इलेक्ट्रोप्लेटिंग) और विद्युत अपघटन (इलेक्ट्रोलाइसिस) हैं।
1. **विद्युत लेपन (Electroplating):** इसका उपयोग गहनों पर सोने या चांदी की परत चढ़ाने के लिए किया जाता है ताकि वे सुंदर दिखें और संक्षारण से बचें। स्नानघरों की टोंटी, गैस बर्नर, पहियों के रिम आदि पर क्रोमियम की परत चढ़ाई जाती है ताकि वे चमकदार और जंग-प्रतिरोधी बनें।
2. **धातुओं का शुद्धिकरण:** विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव से अशुद्ध धातुओं को शुद्ध किया जाता है।
3. **रासायनिक यौगिकों का उत्पादन:** कई रासायनिक पदार्थ विद्युत अपघटन प्रक्रिया द्वारा बनाए जाते हैं।
**विद्युत लेपन विधि का नामांकित चित्र:**
In simple words: जब बिजली किसी खास घोल से गुजरती है, तो उसमें रासायनिक बदलाव आते हैं। जैसे, एक लोहे की चम्मच पर चांदी की परत चढ़ाना। यह प्रक्रिया धातुओं को सुंदर और टिकाऊ बनाने में मदद करती है।
🎯 Exam Tip: विद्युत धारा के रासायनिक प्रभाव को परिभाषित करते समय, रासायनिक परिवर्तनों पर जोर दें। प्रयोग का वर्णन स्पष्ट और सटीक होना चाहिए, और विद्युत लेपन के उपयोगों को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ बताएं।
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