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Detailed Chapter 5 वैदिक गणित RBSE Solutions for Class 8 Mathematics
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Class 8 Mathematics Chapter 5 वैदिक गणित RBSE Solutions PDF
गणित In Text Exercise
पृष्ठ 58
करो और सीखो
Question 1. ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र का उपयोग करते हुए गुणा कीजिए
(i) 15 x 12
(ii) 60 x 18
(iii) 71 x 8
(iv) 122 x 4
(v) 706 x 56
(vi) 497 x 173
Answer:
(i) 15 x 12
चरण 1:
15
12
चरण 2: समूह बनाना
गुणा करते समय समूहों की संख्या \( (2n - 1) \) से ज्ञात करते हैं, जहाँ \( n \) गुण्य और गुणक में अधिकतम अंकों की संख्या है।
यहाँ 15 और 12 में अधिकतम अंक \( n = 2 \) हैं।
इसलिए, \( (2 \times 2 - 1) = 3 \) समूह बनेंगे।
III II I
\( \uparrow \) 15 \( \uparrow \)
1 12 2
चरण 3: ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र का उपयोग
\( 1 \times 1 \, / \, 1 \times 2 + 5 \times 1 \, / \, 5 \times 2 \)
चरण 4: गुणनफल
\( 1 \, / \, 2 + 5 \, / \, 10 \)
\( 1 \, / \, 7 \, / \, 10 \)
चरण 5: उत्तर
\( 1 \) \( 7 \) \( 0 \)
(दाहिनी ओर से एक अंक छोड़ते हुए, हासिल जोड़ते हैं)
अतः, अभीष्ट गुणनफल \( 15 \times 12 = 180 \) प्राप्त होता है।
In simple words: हम ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम विधि से 15 और 12 को गुणा करते हैं। पहले अंकों को समूहों में बाँटते हैं, फिर क्रॉस-गुणा करके और सीधे गुणा करके जोड़ते हैं। दाहिनी ओर से हासिल को जोड़ते हुए अंतिम उत्तर 180 मिलता है।
🎯 Exam Tip: ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम विधि में, हमेशा सुनिश्चित करें कि आपने सभी समूहों को सही ढंग से बनाया है और हासिल को अगले चरण में सही जगह पर जोड़ा है.
Answer:
(ii) 60 x 18
चरण 1:
60
18
चरण 2: समूह बनाना
III II I
\( \uparrow \) 60 \( \uparrow \)
6 18 8
चरण 3: ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र का उपयोग
\( 6 \times 1 \, / \, 6 \times 8 + 0 \times 1 \, / \, 0 \times 8 \)
चरण 4: गुणनफल
\( 6 \, / \, 48 + 0 \, / \, 0 \)
\( 6 \, / \, 48 \, / \, 0 \)
चरण 5: अंकों को समायोजित करना
पंक्ति 1: 6 8 0
पंक्ति 2: 4 (हासिल)
चरण 6: अंतिम योग
10 8 0
अतः, अभीष्ट गुणनफल \( 60 \times 18 = 1080 \) प्राप्त होता है।
In simple words: हम 60 को 18 से गुणा करने के लिए ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम विधि का उपयोग करते हैं। हम अंकों को समूहों में बांटते हैं और फिर क्रॉस-गुणा और सीधे गुणा करते हैं। अंत में, हासिल को जोड़कर हमें 1080 का गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: दो अंकों की संख्याओं को गुणा करते समय, बीच वाले समूह में क्रॉस-गुणा के दोनों परिणामों को जोड़ना न भूलें.
Answer:
(iii) 71 x 8
चरण 1:
71
08 (क्योंकि 8 एक अंक की संख्या है, इसे 08 के रूप में लिखते हैं ताकि समान अंकों की संख्या हो)
चरण 2: समूह बनाना
III II I
\( \uparrow \) 71 \( \uparrow \)
7 08 8
चरण 3: ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र का उपयोग
\( 7 \times 0 \, / \, 7 \times 8 + 1 \times 0 \, / \, 1 \times 8 \)
चरण 4: गुणनफल
\( 0 \, / \, 56 + 0 \, / \, 8 \)
\( 0 \, / \, 56 \, / \, 8 \)
चरण 5: अंकों को समायोजित करना
पंक्ति 1: 0 6 8
पंक्ति 2: 5 (हासिल)
चरण 6: अंतिम योग
5 6 8
अतः, अभीष्ट गुणनफल \( 71 \times 8 = 568 \) प्राप्त होता है।
In simple words: 71 को 8 से गुणा करने के लिए, हम 8 को 08 के रूप में लिखते हैं। फिर ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र का उपयोग करके गुणा करते हैं और हासिल जोड़ते हैं। इससे हमें 568 का गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: जब एक संख्या में कम अंक हों, तो उसे दूसरी संख्या के बराबर अंकों वाली बनाने के लिए बाईं ओर शून्य जोड़ें, जैसे 8 को 08 लिखना.
Answer:
(iv) 122 x 4
चरण 1:
122
004 (4 को 004 के रूप में लिखते हैं)
चरण 2: ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र के समूह
\( 1 \times 0 \, / \, 1 \times 0 + 2 \times 0 \, / \, 1 \times 4 + 2 \times 0 \, / \, 2 \times 4 + 2 \times 0 \, / \, 2 \times 4 \)
चरण 3: गुणनफल के घटक
\( 0 \, / \, 0 + 0 \, / \, 4 + 0 + 0 \, / \, 8 + 0 \, / \, 8 \)
\( 0 \, / \, 0 \, / \, 4 \, / \, 8 \, / \, 8 \)
चरण 4: अंकों को समायोजित करना
पंक्ति 1: 0 4 8 8
पंक्ति 2: 0 0 (हासिल)
चरण 5: अंतिम योग
0 4 8 8
अतः, अभीष्ट गुणनफल \( 122 \times 4 = 488 \) प्राप्त होता है। यह विधि बड़ी संख्याओं के लिए भी काम करती है।
In simple words: 122 को 4 से गुणा करने के लिए, हम 4 को 004 मानते हैं। फिर हम ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम विधि का उपयोग करते हैं, जिसमें अंकों को गुणा करके और जोड़कर हासिल को समायोजित करते हैं। अंत में हमें 488 मिलता है।
🎯 Exam Tip: तीन या अधिक अंकों की संख्याओं के लिए ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम विधि का उपयोग करते समय, समूहों की संख्या \( (2n - 1) \) के अनुसार सभी क्रॉस-गुणा और सीधे गुणा के चरणों को ध्यान से करें.
Answer:
(v) 706 x 56
चरण 1:
706
056 (56 को 056 के रूप में लिखते हैं)
चरण 2: समूह बनाना (Vedic Math)
V IV III II I
7 70 706 06 6
0 05 056 56 6
चरण 3: ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र का उपयोग
\( 7 \times 0 \, / \, 7 \times 5 + 0 \times 0 \, / \, 7 \times 6 + 0 \times 5 + 6 \times 0 \, / \, 0 \times 6 + 6 \times 5 \, / \, 6 \times 6 \)
चरण 4: गुणनफल के घटक
\( 0 \, / \, 35 + 0 \, / \, 42 + 0 + 0 \, / \, 0 + 30 \, / \, 36 \)
\( 0 \, / \, 35 \, / \, 42 \, / \, 30 \, / \, 36 \)
चरण 5: अंकों को समायोजित करना
पंक्ति 1: 0 5 2 0 6
पंक्ति 2: 3 4 3 3 (हासिल)
चरण 6: अंतिम योग
3 9 5 3 6
अतः, अभीष्ट गुणनफल \( 706 \times 56 = 39536 \) प्राप्त होता है। इस विधि से हम बड़ी संख्याओं का भी गुणा आसानी से कर सकते हैं।
In simple words: 706 को 56 से गुणा करने के लिए, हम 56 को 056 के रूप में लिखते हैं। फिर ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम विधि के सभी चरणों का पालन करते हैं। इसमें कई क्रॉस-गुणा और सीधे गुणा शामिल हैं। हासिल को ध्यान से जोड़ने के बाद, हमें 39536 का अंतिम गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: जटिल गुणा समस्याओं में, प्रत्येक समूह के लिए गणनाओं को अलग-अलग लिखें और हासिल को सावधानी से आगे बढ़ाएं ताकि गलती से बचा जा सके.
Answer:
(vi) 497 x 173
चरण 1:
497
173
चरण 2: ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र के समूह
\( 4 \times 1 \, / \, 4 \times 7 + 9 \times 1 \, / \, 4 \times 3 + 7 \times 1 + 9 \times 7 \, / \, 9 \times 3 + 7 \times 7 \, / \, 7 \times 3 \)
चरण 3: गुणनफल के घटक
\( 4 \, / \, 28 + 9 \, / \, 12 + 7 + 63 \, / \, 27 + 49 \, / \, 21 \)
\( 4 \, / \, 37 \, / \, 82 \, / \, 76 \, / \, 21 \)
चरण 4: अंकों को समायोजित करना
\( 4 \, / \, 37 \, / \, 82 \, / \, 76 \, / \, 21 \)
हासिल को जोड़ना:
\( 4 \, / \, 37 \, / \, 82 \, / \, 78 \, / \, 1 \)
\( 4 \, / \, 37 \, / \, 89 \, / \, 8 \, / \, 1 \)
\( 4 \, / \, 45 \, / \, 9 \, / \, 8 \, / \, 1 \)
\( 8 \, / \, 5 \, / \, 9 \, / \, 8 \, / \, 1 \)
अतः, अभीष्ट गुणनफल \( 497 \times 173 = 85981 \) प्राप्त होता है। यह वैदिक गणित की सुंदरता को दर्शाता है।
In simple words: हम 497 को 173 से गुणा करने के लिए ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम विधि का उपयोग करते हैं। सभी क्रॉस-गुणा और सीधे गुणा के बाद, हम हासिल को सही ढंग से जोड़ते हैं। अंतिम उत्तर 85981 है।
🎯 Exam Tip: बड़ी संख्याओं का गुणा करते समय, प्रत्येक समूह के योग को ध्यान से देखें और हासिल को चरण-दर-चरण अगले समूह में जोड़ें ताकि कोई गलती न हो.
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करो और सीखो
Question 2. निम्न का गुणनफल ज्ञात कीजिए
(i) 11 x 15
(ii) 12 x 18
(iii) 19 x 17
(iv) 28 x 22
(v) 51 x 49
(vi) 99 x 96
Answer:
(i) 11 x 15 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 10 \)
उपाधार \( = 1 \times 10 = 10 \)
उपाधार अंक \( = 10 \div 10 = 1 \)
विचलन:
\( 11 - 10 = +1 \)
\( 15 - 10 = +5 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
11 +1
15 +5
चरण 2: गुणनफल का दायाँ भाग
दोनों विचलनों का गुणनफल \( = (+1) \times (+5) = 5 \)
चरण 3: गुणनफल का बायाँ भाग
एक संख्या में दूसरे का विचलन जोड़ना या दूसरी संख्या में पहले का विचलन जोड़ना:
\( 11 + 5 = 16 \) या \( 15 + 1 = 16 \)
चरण 4: अंतिम गुणनफल
बायाँ भाग \( \times \) उपाधार अंक \( | \) दायाँ भाग
\( 16 \times 1 | 5 \)
\( 16 | 5 \)
अतः, \( 11 \times 15 = 165 \) होगा। इस विधि से गुणा करना बहुत सरल हो जाता है।
In simple words: 11 को 15 से गुणा करने के लिए निखिलम् सूत्र का प्रयोग करते हैं, जिसका आधार 10 है। हम दोनों संख्याओं के विचलन (+1 और +5) निकालते हैं। फिर, विचलनों को गुणा करते हैं (दायाँ भाग 5) और एक संख्या में दूसरे का विचलन जोड़ते हैं (बायाँ भाग 16)। उपाधार अंक से गुणा करके हमें 165 मिलता है।
🎯 Exam Tip: निखिलम् सूत्र में, आधार हमेशा 10, 100, 1000 जैसे 10 के गुणक होते हैं। सही आधार चुनना गणना को आसान बनाता है.
Answer:
(ii) 12 x 18 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 10 \)
उपाधार \( = 1 \times 10 = 10 \)
उपाधार अंक \( = 10 \div 10 = 1 \)
विचलन:
\( 12 - 10 = +2 \)
\( 18 - 10 = +8 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
12 +2
18 +8
चरण 2: गुणनफल का दायाँ भाग
दोनों विचलनों का गुणनफल \( = (+2) \times (+8) = 16 \)
चरण 3: गुणनफल का बायाँ भाग
\( 12 + 8 = 20 \) या \( 18 + 2 = 20 \)
चरण 4: अंतिम गुणनफल
बायाँ भाग \( \times \) उपाधार अंक \( | \) दायाँ भाग
\( 20 \times 1 | 16 \)
\( 20 | 16 \)
दाएँ भाग में केवल एक अंक रख सकते हैं क्योंकि आधार 10 में एक शून्य है। इसलिए, 1 को बाईं ओर हासिल के रूप में जोड़ते हैं।
\( (20 + 1) | 6 \)
\( 21 | 6 \)
अतः, \( 12 \times 18 = 216 \) होगा। यह विधि तेजी से उत्तर देती है।
In simple words: 12 और 18 को गुणा करने के लिए, हम आधार 10 के साथ निखिलम् सूत्र का उपयोग करते हैं। विचलन +2 और +8 हैं। विचलनों को गुणा करने पर 16 मिलता है। एक संख्या में दूसरे का विचलन जोड़ने पर 20 मिलता है। हासिल को समायोजित करने के बाद, हमें 216 का गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: निखिलम् सूत्र में जब दाएँ भाग में आधार के शून्य की संख्या से अधिक अंक हों, तो अतिरिक्त अंकों को बाएँ भाग में हासिल के रूप में जोड़ना महत्वपूर्ण है.
Answer:
(iii) 19 x 17 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 10 \)
उपाधार \( = 1 \times 10 = 10 \)
उपाधार अंक \( = 10 \div 10 = 1 \)
विचलन:
\( 19 - 10 = +9 \)
\( 17 - 10 = +7 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
19 +9
17 +7
चरण 2: गुणनफल का दायाँ भाग
दोनों विचलनों का गुणनफल \( = (+9) \times (+7) = 63 \)
चरण 3: गुणनफल का बायाँ भाग
\( 19 + 7 = 26 \) या \( 17 + 9 = 26 \)
चरण 4: अंतिम गुणनफल
बायाँ भाग \( \times \) उपाधार अंक \( | \) दायाँ भाग
\( 26 \times 1 | 63 \)
\( 26 | 63 \)
दाएँ भाग में 63 है और आधार में एक शून्य है, इसलिए 6 को बाईं ओर हासिल के रूप में जोड़ते हैं।
\( (26 + 6) | 3 \)
\( 32 | 3 \)
अतः, \( 19 \times 17 = 323 \) होगा। यह वैदिक विधि बहुत प्रभावी है।
In simple words: 19 और 17 को गुणा करने के लिए निखिलम् सूत्र का उपयोग करते हैं। विचलन +9 और +7 हैं। विचलनों को गुणा करने पर 63 मिलता है और संख्याओं को विचलन के साथ जोड़ने पर 26 मिलता है। हासिल 6 को 26 में जोड़ने पर हमें 323 का गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: हासिल को जोड़ने के बाद, यह सुनिश्चित करें कि दाएँ भाग में अंकों की संख्या आधार के शून्य की संख्या के बराबर ही रहे.
Answer:
(iv) 28 x 22 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 10 \)
उपाधार \( = 2 \times 10 = 20 \)
उपाधार अंक \( = 20 \div 10 = 2 \)
विचलन:
\( 28 - 20 = +8 \)
\( 22 - 20 = +2 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
28 +8
22 +2
चरण 2: गुणनफल का दायाँ भाग
दोनों विचलनों का गुणनफल \( = (+8) \times (+2) = 16 \)
चरण 3: गुणनफल का बायाँ भाग
\( 28 + 2 = 30 \) या \( 22 + 8 = 30 \)
चरण 4: अंतिम गुणनफल
बायाँ भाग \( \times \) उपाधार अंक \( | \) दायाँ भाग
\( 30 \times 2 | 16 \)
\( 60 | 16 \)
दाएँ भाग में 16 है, आधार में एक शून्य है, इसलिए 1 को बाईं ओर हासिल के रूप में जोड़ते हैं।
\( (60 + 1) | 6 \)
\( 61 | 6 \)
अतः, \( 28 \times 22 = 616 \) होगा। उपाधार विधि से यह सरल हो जाता है।
In simple words: 28 और 22 को गुणा करने के लिए, हम आधार 10 और उपाधार 20 का उपयोग करते हैं। विचलन +8 और +2 हैं। विचलनों को गुणा करने पर 16 मिलता है। एक संख्या में दूसरे का विचलन जोड़ने पर 30 मिलता है, जिसे उपाधार अंक 2 से गुणा किया जाता है (60)। हासिल को समायोजित करने के बाद, हमें 616 का गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: उपाधार विधि में, बाएँ भाग को उपाधार अंक से गुणा करना न भूलें; यह एक सामान्य गलती है जिसे टाला जाना चाहिए.
Answer:
(v) 51 x 49 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 10 \)
उपाधार \( = 5 \times 10 = 50 \)
उपाधार अंक \( = 50 \div 10 = 5 \)
विचलन:
\( 51 - 50 = +1 \)
\( 49 - 50 = -1 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
51 +1
49 -1
चरण 2: गुणनफल का दायाँ भाग
दोनों विचलनों का गुणनफल \( = (+1) \times (-1) = -1 \)
चरण 3: गुणनफल का बायाँ भाग
\( 51 + (-1) = 50 \) या \( 49 + 1 = 50 \)
चरण 4: अंतिम गुणनफल
बायाँ भाग \( \times \) उपाधार अंक \( | \) दायाँ भाग
\( 50 \times 5 | -1 \)
\( 250 | -1 \)
दाएँ भाग में ऋणात्मक संख्या होने पर, बाएँ भाग से एक उधार लेते हैं (आधार के बराबर)।
\( (250 - 1) | (10 - 1) \)
\( 249 | 9 \)
अतः, \( 51 \times 49 = 2499 \) होगा। ऋणात्मक विचलन के साथ भी यह विधि काम करती है।
In simple words: 51 और 49 को गुणा करने के लिए, हम उपाधार 50 का उपयोग करते हैं। विचलन +1 और -1 हैं। विचलनों को गुणा करने पर -1 मिलता है। एक संख्या में विचलन जोड़ने पर 50 मिलता है, जिसे उपाधार अंक 5 से गुणा करने पर 250 आता है। दाएँ भाग में -1 होने के कारण, हम बाएँ भाग से 10 उधार लेते हैं, जिससे हमें 2499 का गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: जब विचलन ऋणात्मक हो, तो दाएँ भाग में नकारात्मक मान को सकारात्मक बनाने के लिए बाएँ भाग से आधार के बराबर मान उधार लेना याद रखें.
Answer:
(vi) 99 x 96 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 100 \)
उपाधार \( = 1 \times 100 = 100 \)
उपाधार अंक \( = 100 \div 100 = 1 \)
विचलन:
\( 99 - 100 = -1 \)
\( 96 - 100 = -4 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
99 -1
96 -4
चरण 2: गुणनफल का दायाँ भाग
दोनों विचलनों का गुणनफल \( = (-1) \times (-4) = 4 \)
आधार 100 में दो शून्य हैं, इसलिए दाएँ भाग को 04 के रूप में लिखते हैं।
चरण 3: गुणनफल का बायाँ भाग
\( 99 + (-4) = 95 \) या \( 96 + (-1) = 95 \)
चरण 4: अंतिम गुणनफल
बायाँ भाग \( \times \) उपाधार अंक \( | \) दायाँ भाग
\( 95 \times 1 | 04 \)
\( 95 | 04 \)
अतः, \( 99 \times 96 = 9504 \) होगा। यह विधि 100 के पास की संख्याओं के लिए बहुत उपयोगी है।
In simple words: 99 और 96 को गुणा करने के लिए, आधार 100 और निखिलम् सूत्र का उपयोग करते हैं। विचलन -1 और -4 हैं। विचलनों को गुणा करने पर 4 मिलता है (जिसे 04 लिखते हैं)। एक संख्या में दूसरे का विचलन जोड़ने पर 95 मिलता है। इससे हमें 9504 का गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: जब आधार 100 हो, तो दाएँ भाग में हमेशा दो अंक होने चाहिए; यदि केवल एक अंक है, तो बाईं ओर शून्य जोड़कर उसे दो अंकों का बनाएं.
पृष्ठ 63
करो और सीखो
Question 3. तीन संख्याओं का गुण सूत्र निखिलम् द्वारा ज्ञात कीजिए
(i) 11 x 12 x 13
(ii) 8 x 9 x 10
(iii) 6 x 7 x 8
(iv) 27 x 28 x 29
(v) 98 x 99 x 99
(vi) 51 x 52 x 53
Answer:
(i) 11 x 12 x 13 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 10 \)
विचलन:
\( 11 - 10 = +1 \)
\( 12 - 10 = +2 \)
\( 13 - 10 = +3 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
11 +1
12 +2
13 +3
चरण 2: गुणनफल के तीन भाग
\[\text{बायाँ भाग} \quad | \quad \text{मध्य भाग} \quad | \quad \text{दायाँ भाग}\]
दायाँ भाग (विचलनों का गुणनफल) \( = (+1) \times (+2) \times (+3) = 6 \)
मध्य भाग (दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग) \( = (1 \times 2) + (2 \times 3) + (1 \times 3) = 2 + 6 + 3 = 11 \)
बायाँ भाग (किसी एक संख्या में अन्य दो विचलनों का योग)
\( 11 + 2 + 3 = 16 \)
या \( 12 + 1 + 3 = 16 \)
या \( 13 + 1 + 2 = 16 \)
चरण 3: भागों को जोड़ना और हासिल समायोजित करना
परिणाम: \( 16 | 11 | 6 \)
दाएँ भाग में 6 है (आधार में एक शून्य है, इसलिए यह ठीक है)।
मध्य भाग में 11 है, आधार में एक शून्य है, इसलिए 1 को बाएँ भाग में हासिल के रूप में जोड़ते हैं।
\( (16 + 1) | 1 | 6 \)
\( 17 | 1 | 6 \)
अतः, \( 11 \times 12 \times 13 = 1716 \) होगा। यह विधि तीन संख्याओं के लिए भी कारगर है।
In simple words: 11, 12 और 13 को गुणा करने के लिए, हम निखिलम् सूत्र का उपयोग करते हैं, आधार 10 लेते हुए। हम प्रत्येक संख्या से विचलन (+1, +2, +3) निकालते हैं। फिर, तीन भाग बनाते हैं: विचलनों का गुणनफल (6), दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग (11), और एक संख्या में बाकी दो विचलन का योग (16)। हासिल को समायोजित करने के बाद, हमें 1716 मिलता है।
🎯 Exam Tip: तीन संख्याओं के गुणनफल के लिए निखिलम् सूत्र में, मध्य भाग की गणना (दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग) करते समय कोई भी संयोजन छोड़ना नहीं चाहिए.
Answer:
(ii) 8 x 9 x 10 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 10 \)
विचलन:
\( 8 - 10 = -2 \)
\( 9 - 10 = -1 \)
\( 10 - 10 = 0 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
8 -2
9 -1
10 0
चरण 2: गुणनफल के तीन भाग
दायाँ भाग (विचलनों का गुणनफल) \( = (-2) \times (-1) \times (0) = 0 \)
मध्य भाग (दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग) \( = (-2 \times -1) + (-1 \times 0) + (-2 \times 0) = 2 + 0 + 0 = 2 \)
बायाँ भाग (किसी एक संख्या में अन्य दो विचलनों का योग)
\( 8 + (-1) + 0 = 7 \)
या \( 9 + (-2) + 0 = 7 \)
या \( 10 + (-2) + (-1) = 7 \)
चरण 3: भागों को जोड़ना और हासिल समायोजित करना
परिणाम: \( 7 | 2 | 0 \)
आधार 10 में एक शून्य है, इसलिए सभी भाग सही अंकों की संख्या में हैं।
अतः, \( 8 \times 9 \times 10 = 720 \) होगा। यह विधि शून्य विचलन के साथ भी काम करती है।
In simple words: 8, 9 और 10 को गुणा करने के लिए, निखिलम् सूत्र और आधार 10 का उपयोग करते हैं। विचलन -2, -1 और 0 हैं। विचलनों को गुणा करने पर 0 मिलता है, दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग 2 मिलता है, और एक संख्या में विचलन जोड़ने पर 7 मिलता है। सभी भागों को एक साथ रखने पर हमें 720 मिलता है।
🎯 Exam Tip: जब कोई विचलन शून्य हो, तो यह गुणनफल के दाएँ भाग को शून्य बना देगा और मध्य भाग की गणना को सरल बना देगा, लेकिन सभी पदों की जाँच करना अभी भी महत्वपूर्ण है.
Answer:
(iii) 6 x 7 x 8 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 10 \)
विचलन:
\( 6 - 10 = -4 \)
\( 7 - 10 = -3 \)
\( 8 - 10 = -2 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
6 -4
7 -3
8 -2
चरण 2: गुणनफल के तीन भाग
दायाँ भाग (विचलनों का गुणनफल) \( = (-4) \times (-3) \times (-2) = -24 \)
मध्य भाग (दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग) \( = (-4 \times -3) + (-3 \times -2) + (-4 \times -2) = 12 + 6 + 8 = 26 \)
बायाँ भाग (किसी एक संख्या में अन्य दो विचलनों का योग)
\( 6 + (-3) + (-2) = 1 \)
या \( 7 + (-4) + (-2) = 1 \)
या \( 8 + (-4) + (-3) = 1 \)
चरण 3: भागों को जोड़ना और हासिल समायोजित करना
परिणाम: \( 1 | 26 | -24 \)
दायाँ भाग ऋणात्मक है। बाएँ भाग से उधार लेते हैं। आधार 10 है, इसलिए 10 के गुणक उधार लेंगे।
हमें 24 को धनात्मक बनाने के लिए 3 (10 के गुणक) की आवश्यकता होगी।
\( (1 - 3) | (26 - (3 \times 10 / 10)) | (-24 + 3 \times 10) \)
\( (1 - 3) | (26 - 3) | (-24 + 30) \)
\( -2 | 23 | 6 \)
यहाँ बायाँ भाग ऋणात्मक हो रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है। इसका मतलब है कि हमें 30 नहीं, बल्कि 300 के आसपास कुछ उधार लेना होगा या मध्य भाग से अधिक लेना होगा।
चूंकि दाएँ भाग में -24 है और आधार 10 है, हमें इसे धनात्मक बनाने के लिए बाएँ भाग से 3 हासिल लेना होगा। जब हम बाएँ भाग से 3 उधार लेते हैं, तो वह मध्य भाग में 30 (क्योंकि यह तीसरा भाग है) के रूप में जुड़ता है।
सही तरीका यह है:
\( 1 | 26 | -24 \)
दाएँ भाग से -24 को समायोजित करते हैं:
मध्य भाग से 3 उधार लेते हैं (जो 30 के बराबर है) और इसे दाएँ भाग में जोड़ते हैं:
\( 1 | (26 - 3) | (-24 + 30) \)
\( 1 | 23 | 6 \)
अब मध्य भाग में 23 है, आधार 10 में एक शून्य है, इसलिए 2 को बाएँ भाग में हासिल के रूप में जोड़ते हैं:
\( (1 + 2) | 3 | 6 \)
\( 3 | 3 | 6 \)
अतः, \( 6 \times 7 \times 8 = 336 \) होगा। ऋणात्मक विचलनों को ध्यान से समायोजित करना महत्वपूर्ण है।
In simple words: 6, 7 और 8 को गुणा करने के लिए, हम आधार 10 के साथ निखिलम् सूत्र का उपयोग करते हैं। विचलन -4, -3 और -2 हैं। विचलनों का गुणनफल -24 है, दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग 26 है, और एक संख्या में विचलन जोड़ने पर 1 मिलता है। दाएँ भाग में -24 को धनात्मक बनाने के लिए, हम मध्य भाग से 30 उधार लेते हैं। हासिल जोड़ने के बाद, हमें 336 का गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: जब दायाँ भाग ऋणात्मक हो, तो उसे धनात्मक बनाने के लिए हमेशा मध्य भाग से आवश्यक मात्रा में उधार लें, जो आधार के गुणक में हो.
Answer:
(iv) 27 x 28 x 29 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 10 \)
उपाधार \( = 3 \times 10 = 30 \)
उपाधार अंक \( = 30 \div 10 = 3 \)
विचलन:
\( 27 - 30 = -3 \)
\( 28 - 30 = -2 \)
\( 29 - 30 = -1 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
27 -3
28 -2
29 -1
चरण 2: गुणनफल के तीन भाग
दायाँ भाग (विचलनों का गुणनफल) \( = (-3) \times (-2) \times (-1) = -6 \)
मध्य भाग (दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग) \( = (-3 \times -2) + (-2 \times -1) + (-3 \times -1) = 6 + 2 + 3 = 11 \)
बायाँ भाग (किसी एक संख्या में अन्य दो विचलनों का योग) \( \times \) उपाधार अंक का वर्ग
\( (27 + (-2) + (-1)) \times (3)^2 = (27 - 3) \times 9 = 24 \times 9 = 216 \)
या \( (28 + (-3) + (-1)) \times 9 = (28 - 4) \times 9 = 24 \times 9 = 216 \)
या \( (29 + (-3) + (-2)) \times 9 = (29 - 5) \times 9 = 24 \times 9 = 216 \)
चरण 3: भागों को जोड़ना और हासिल समायोजित करना
परिणाम: \( 216 | 11 | -6 \)
दाएँ भाग में -6 है, इसे धनात्मक बनाने के लिए मध्य भाग से 10 उधार लेते हैं। (10 आधार है)
\( 216 | (11 - 1) | (-6 + 10) \)
\( 216 | 10 | 4 \)
मध्य भाग में 10 है, आधार में एक शून्य है, इसलिए 1 को बाएँ भाग में हासिल के रूप में जोड़ते हैं। (यहाँ मध्य भाग को उपाधार अंक से गुणा नहीं किया जाता, क्योंकि यह पहले ही हो चुका है जब विचलन का योग निकाला गया था।)
\( (216 + 1) | 0 | 4 \)
\( 217 | 0 | 4 \)
अतः, \( 27 \times 28 \times 29 = 21924 \) होगा। उपाधार और ऋणात्मक विचलनों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।
In simple words: 27, 28 और 29 को गुणा करने के लिए हम उपाधार 30 और निखिलम् सूत्र का उपयोग करते हैं। विचलन -3, -2 और -1 हैं। विचलनों का गुणनफल -6 है, दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग 11 है, और बाएँ भाग के लिए एक संख्या में बाकी दो विचलन का योग करके उपाधार अंक के वर्ग से गुणा करते हैं, जो 216 आता है। दाएँ भाग में -6 को धनात्मक बनाने और हासिल को समायोजित करने के बाद, हमें 21924 का गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: तीन संख्याओं के गुणनफल में उपाधार विधि का उपयोग करते समय, बाएँ भाग की गणना करते समय उपाधार अंक के वर्ग से गुणा करना याद रखें.
Answer:
(v) 98 x 99 x 99 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 100 \)
विचलन:
\( 98 - 100 = -2 \)
\( 99 - 100 = -1 \)
\( 99 - 100 = -1 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
98 -2
99 -1
99 -1
चरण 2: गुणनफल के तीन भाग
दायाँ भाग (विचलनों का गुणनफल) \( = (-2) \times (-1) \times (-1) = -2 \)
मध्य भाग (दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग) \( = (-2 \times -1) + (-1 \times -1) + (-2 \times -1) = 2 + 1 + 2 = 5 \)
बायाँ भाग (किसी एक संख्या में अन्य दो विचलनों का योग)
\( 98 + (-1) + (-1) = 96 \)
या \( 99 + (-2) + (-1) = 96 \)
या \( 99 + (-2) + (-1) = 96 \)
चरण 3: भागों को जोड़ना और हासिल समायोजित करना
परिणाम: \( 96 | 5 | -2 \)
दाएँ भाग में -2 है, इसे धनात्मक बनाने के लिए मध्य भाग से 100 उधार लेते हैं। (100 आधार है)
\( 96 | (5 - 1) | (-2 + 100) \)
\( 96 | 4 | 98 \)
मध्य भाग में 4 है, आधार 100 में दो शून्य हैं, इसलिए इसे 04 लिखते हैं।
अतः, \( 98 \times 99 \times 99 = 960498 \) होगा। यह 100 के पास की संख्याओं के लिए बहुत शक्तिशाली है।
In simple words: 98, 99 और 99 को गुणा करने के लिए, हम आधार 100 के साथ निखिलम् सूत्र का उपयोग करते हैं। विचलन -2, -1 और -1 हैं। विचलनों का गुणनफल -2 है, दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग 5 है, और एक संख्या में विचलन जोड़ने पर 96 मिलता है। दाएँ भाग में -2 को धनात्मक बनाने के लिए हम मध्य भाग से 100 उधार लेते हैं। हासिल समायोजित करने के बाद, हमें 960498 का गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: जब आधार 100 हो और दाएँ या मध्य भाग में केवल एक अंक हो, तो उसे दो अंकों का बनाने के लिए हमेशा बाईं ओर एक शून्य जोड़ें (जैसे 5 को 05 लिखें).
Answer:
(vi) 51 x 52 x 53 (निखिलम् सूत्र)
आधार \( = 10 \)
उपाधार \( = 5 \times 10 = 50 \)
उपाधार अंक \( = 50 \div 10 = 5 \)
विचलन:
\( 51 - 50 = +1 \)
\( 52 - 50 = +2 \)
\( 53 - 50 = +3 \)
चरण 1: संख्या और विचलन लिखना
संख्या विचलन
51 +1
52 +2
53 +3
चरण 2: गुणनफल के तीन भाग
दायाँ भाग (विचलनों का गुणनफल) \( = (+1) \times (+2) \times (+3) = 6 \)
मध्य भाग (दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग) \( = (1 \times 2) + (2 \times 3) + (1 \times 3) = 2 + 6 + 3 = 11 \)
बायाँ भाग (किसी एक संख्या में अन्य दो विचलनों का योग) \( \times \) उपाधार अंक का वर्ग
\( (51 + 2 + 3) \times (5)^2 = (56) \times 25 = 1400 \)
चरण 3: भागों को जोड़ना और हासिल समायोजित करना
परिणाम: \( 1400 | 11 | 6 \)
दाएँ भाग में 6 है (ठीक है, क्योंकि आधार 10 में एक शून्य है)।
मध्य भाग में 11 है (आधार 10 में एक शून्य है, इसलिए 1 हासिल जाएगा)।
\( 1400 | (11 \text{ (1 को हासिल)} ) | 6 \)
\( (1400 + 1) | 1 | 6 \)
\( 1401 | 1 | 6 \)
अतः, \( 51 \times 52 \times 53 = 140556 \) होगा। यह वैदिक गणित की दक्षता का उदाहरण है।
In simple words: 51, 52 और 53 को गुणा करने के लिए, हम उपाधार 50 और निखिलम् सूत्र का उपयोग करते हैं। विचलन +1, +2 और +3 हैं। विचलनों का गुणनफल 6 है, दो-दो विचलनों के गुणनफलों का योग 11 है, और बाएँ भाग के लिए एक संख्या में बाकी दो विचलन का योग करके उपाधार अंक के वर्ग से गुणा करने पर 1400 आता है। हासिल को समायोजित करने के बाद, हमें 140556 का गुणनफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: तीन संख्याओं के गुणनफल के लिए उपाधार विधि में, बाएँ भाग की गणना करते समय संख्या और विचलनों के योग को उपाधार अंक के वर्ग से गुणा करना याद रखें.
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करो और सीखो।
Question 4. ध्वजांक विधि से भाग संक्रिया कीजिए
(1) 1737 \( \div \) 21
(2) 37941 \( \div \) 47
(3) 23754 \( \div \) 74
(4) 3257 \( \div \) 74
(5) 7453 \( \div \) 79
(6) 59241 \( \div \) 82
Answer:
(1) 1737 \( \div \) 21
ध्वजांक विधि का उपयोग करके,
भागफल \( = 82 \)
शेषफल \( = 15 \)
In simple words: 1737 को 21 से भाग देने पर, ध्वजांक विधि से हमें 82 का भागफल और 15 का शेषफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में, भाजक के अंतिम अंक को ध्वजांक और शेष अंकों को मुख्यांक के रूप में पहचानना पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है.
Answer:
(2) 37941 \( \div \) 47
| मुख्यांक 4 | 3 | 7 | 9 | 4 | ध्वजांक 7 | 1 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 5 | 3 | 6 | ||||
| 8 | 0 | 7 | 12 |
भागफल \( = 807 \)
शेषफल \( = 12 \)
In simple words: 37941 को 47 से भाग देने के लिए, हम 4 को मुख्यांक और 7 को ध्वजांक मानते हैं। भागफल 807 आता है, और अंत में 12 शेषफल बचता है।
🎯 Exam Tip: भागफल के प्रत्येक अंक की गणना करते समय, हमेशा नए भाज्य से ध्वजांक और पिछले भागफल के अंक के गुणनफल को घटाना याद रखें.
Answer:
(3) 23754 \( \div \) 74
| मुख्यांक 7 | 2 | 3 | 7 | 5 | ध्वजांक 4 | 4 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 4 | 1 | |||||
| 4 | 4 | 1 |
भागफल \( = 44 \)
शेषफल \( = 1 \)
In simple words: 23754 को 74 से ध्वजांक विधि से भाग देने पर, मुख्यांक 7 और ध्वजांक 4 का उपयोग करते हैं। गणना के बाद, हमें 44 का भागफल और 1 का शेषफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में, प्रत्येक चरण में संशोधित भाज्य को सही ढंग से निर्धारित करना महत्वपूर्ण है, खासकर जब ऋण करना पड़े.
Answer:
(4) 3257 \( \div \) 74
| मुख्यांक 7 | 3 | 2 | 5 | ध्वजांक 4 | 7 | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 2 | 1 | 0 | ||||
| 3 | 2 | 1 | 0 |
भागफल \( = 321 \)
शेषफल \( = 0 \)
In simple words: 3257 को 74 से ध्वजांक विधि से भाग देने पर, हमें 321 का भागफल और 0 का शेषफल मिलता है। इसका मतलब है कि 3257, 74 से पूरी तरह विभाज्य है।
🎯 Exam Tip: यदि अंतिम संशोधित शेषफल शून्य है, तो इसका अर्थ है कि भाज्य भाजक से पूर्णतः विभाज्य है और कोई शेषफल नहीं बचता है.
Answer:
(5) 7453 \( \div \) 79
| मुख्यांक 7 | 7 | 4 | 5 | ध्वजांक 9 | 3 |
|---|---|---|---|---|---|
| 11 | 6 | ||||
| 9 | 4 | 27 |
भागफल \( = 94 \)
शेषफल \( = 27 \)
In simple words: 7453 को 79 से भाग देने के लिए, हम 7 को मुख्यांक और 9 को ध्वजांक मानते हैं। चरणों का पालन करने के बाद, हमें 94 का भागफल और 27 का शेषफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: यदि संशोधित भाज्य ऋणात्मक हो जाता है, तो पिछले भागफल अंक को कम करें और गणना को पुनः दोहराएं.
Answer:
(6) 59241 \( \div \) 82
ध्वजांक विधि का उपयोग करके,
भागफल \( = 722 \)
शेषफल \( = 37 \)
In simple words: 59241 को 82 से भाग देने पर, ध्वजांक विधि से हमें 722 का भागफल और 37 का शेषफल मिलता है।
🎯 Exam Tip: शेषफल हमेशा भाजक से कम होना चाहिए; यदि यह अधिक है, तो इसका मतलब है कि गणना में गलती हुई है और उसे फिर से जाँचने की आवश्यकता है.
Question. (2) 37941 ÷ 47
Answer: ध्वजांक विधि से 37941 को 47 से भाग देने के लिए, हम 4 को मुख्यांक (मुख्य अंक) और 7 को ध्वजांक (झंडा अंक) मानते हैं। संख्या 37941 को तीन खंडों में व्यवस्थित करते हैं। ध्वजांक में एक अंक होने के कारण भाज्य का अंतिम अंक (1) तीसरे खंड में रखा जाता है।
**चरण 1:** 37 को मुख्यांक 4 से भाग दें।
भागफल \( = 8 \), शेषफल \( = 5 \)।
भागफल 8 को भाज्य के नीचे लिखें और शेषफल 5 को अगले अंक (9) के बाईं ओर लिखें। नया भाज्य \( = 59 \)।
**चरण 2:** संशोधित भाज्य की गणना करें।
संशोधित भाज्य \( = 59 - (\text{नया भागफल अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 59 - (8 \times 7) = 59 - 56 = 3 \)।
चूंकि संशोधित भाज्य (3) मुख्यांक (4) से छोटा है, यह अगले चरण के लिए शेषफल बन जाता है।
3 को अगले अंक (4) के बाईं ओर लिखें। नया भाज्य \( = 34 \)।
**चरण 3:** संशोधित भाज्य की गणना करें।
संशोधित भाज्य \( = 34 - (\text{नया भागफल अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 34 - (0 \times 7) = 34 \)।
34 को मुख्यांक 4 से भाग दें।
भागफल \( = 7 \), शेषफल \( = 6 \)।
भागफल 7 को भाज्य के नीचे लिखें और शेषफल 6 को अंतिम अंक (1) के बाईं ओर लिखें। नया भाज्य \( = 61 \)।
**चरण 4:** अंतिम शेषफल की गणना करें।
अंतिम शेषफल \( = 61 - (\text{नया भागफल अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 61 - (7 \times 7) = 61 - 49 = 12 \)।
यह शेषफल मुख्यांक (47) से कम है।
इसलिए, भागफल \( = 807 \) और शेषफल \( = 12 \)।
In simple words: 37941 को 47 से भाग देने के लिए ध्वजांक विधि का उपयोग करें। मुख्य भागफल 807 मिलता है और 12 शेष बचता है। यह विधि बड़ी संख्याओं के भाग को छोटे चरणों में तोड़कर आसान बनाती है।
🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में, यदि संशोधित भाज्य ऋणात्मक हो जाता है या मुख्यांक से छोटा हो, तो आपको पिछले भागफल अंक को कम करके प्रक्रिया को दोहराना होगा।
Question. (3) 23754 ÷ 74
Answer: ध्वजांक विधि से 23754 को 74 से भाग देने के लिए, हम 7 को मुख्यांक (मुख्य अंक) और 4 को ध्वजांक (झंडा अंक) मानते हैं। संख्या 23754 को तीन खंडों में व्यवस्थित करें। ध्वजांक में एक अंक होने के कारण भाज्य का अंतिम अंक (4) तीसरे खंड में रखा जाता है।
**चरण 1:** 23 को मुख्यांक 7 से भाग दें।
भागफल \( = 3 \), शेषफल \( = 2 \)।
भागफल 3 को भाज्य के नीचे लिखें और शेषफल 2 को अगले अंक (7) के बाईं ओर लिखें। नया भाज्य \( = 27 \)।
**चरण 2:** संशोधित भाज्य की गणना करें।
संशोधित भाज्य \( = 27 - (\text{नया भागफल अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 27 - (3 \times 4) = 27 - 12 = 15 \)।
15 को मुख्यांक 7 से भाग दें।
भागफल \( = 2 \), शेषफल \( = 1 \)।
भागफल 2 को भाज्य के नीचे लिखें और शेषफल 1 को अगले अंक (5) के बाईं ओर लिखें। नया भाज्य \( = 15 \)।
**चरण 3:** संशोधित भाज्य की गणना करें।
संशोधित भाज्य \( = 15 - (\text{नया भागफल अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 15 - (2 \times 4) = 15 - 8 = 7 \)।
7 को मुख्यांक 7 से भाग दें।
भागफल \( = 1 \), शेषफल \( = 0 \)।
भागफल 1 को भाज्य के नीचे लिखें और शेषफल 0 को अंतिम अंक (4) के बाईं ओर लिखें। नया भाज्य \( = 04 \)।
**चरण 4:** अंतिम शेषफल की गणना करें।
अंतिम शेषफल \( = 04 - (\text{नया भागफल अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 4 - (1 \times 4) = 4 - 4 = 0 \)।
यह शेषफल मुख्यांक (74) से कम है।
इसलिए, भागफल \( = 321 \) और शेषफल \( = 0 \)।
In simple words: 23754 को 74 से भाग देने के लिए ध्वजांक विधि का प्रयोग करें। हमें 321 का भागफल और 0 का शेषफल मिलता है, जिसका अर्थ है कि यह संख्या पूरी तरह से विभाजित हो जाती है।
🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में अंकों की सही स्थिति बहुत महत्वपूर्ण है; शेषफल को अगले अंक के बाईं ओर सावधानी से रखें ताकि संशोधित भाज्य सही बने।
Question. (4) 3257 ÷ 74
Answer: ध्वजांक विधि से 3257 को 74 से भाग देने के लिए, हम 7 को मुख्यांक (मुख्य अंक) और 4 को ध्वजांक (झंडा अंक) मानते हैं। संख्या 3257 को तीन खंडों में व्यवस्थित करें। ध्वजांक में एक अंक होने के कारण भाज्य का अंतिम अंक (7) तीसरे खंड में रखा जाता है।
**चरण 1:** 32 को मुख्यांक 7 से भाग दें।
भागफल \( = 4 \), शेषफल \( = 4 \)।
भागफल 4 को भाज्य के नीचे लिखें और शेषफल 4 को अगले अंक (5) के बाईं ओर लिखें। नया भाज्य \( = 45 \)।
**चरण 2:** संशोधित भाज्य की गणना करें।
संशोधित भाज्य \( = 45 - (\text{नया भागफल अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 45 - (4 \times 4) = 45 - 16 = 29 \)।
29 को मुख्यांक 7 से भाग दें।
भागफल \( = 4 \), शेषफल \( = 1 \)।
भागफल 4 को भाज्य के नीचे लिखें और शेषफल 1 को अंतिम अंक (7) के बाईं ओर लिखें। नया भाज्य \( = 17 \)।
**चरण 3:** अंतिम शेषफल की गणना करें।
अंतिम शेषफल \( = 17 - (\text{नया भागफल अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 17 - (4 \times 4) = 17 - 16 = 1 \)।
यह शेषफल मुख्यांक (74) से कम है।
इसलिए, भागफल \( = 44 \) और शेषफल \( = 1 \)।
In simple words: 3257 को 74 से भाग देने के लिए ध्वजांक विधि का प्रयोग करें। हमें 44 का भागफल और 1 का शेषफल मिलता है। यह दर्शाता है कि 3257 को 74 से पूरी तरह विभाजित करने पर एक शेषफल बचता है।
🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि का अभ्यास करते समय, सुनिश्चित करें कि प्रत्येक चरण में संशोधित भाज्य धनात्मक रहे और मुख्यांक से बड़ा हो ताकि सही भागफल अंक चुना जा सके।
Question. (5) 7453 ÷ 79
Answer: ध्वजांक विधि से 7453 को 79 से भाग देने के लिए, हम 7 को मुख्यांक (मुख्य अंक) और 9 को ध्वजांक (झंडा अंक) मानते हैं। संख्या 7453 को तीन खंडों में व्यवस्थित करें। ध्वजांक में एक अंक होने के कारण भाज्य का अंतिम अंक (3) तीसरे खंड में रखा जाता है।
**चरण 1:** 74 को मुख्यांक 7 से भाग दें।
भागफल \( = 10 \), शेषफल \( = 4 \)। लेकिन भागफल अंक एक ही अंक का होना चाहिए।
इसलिए, भागफल को 9 पर समायोजित करें।
भागफल \( = 9 \), शेषफल \( = 11 \)।
भागफल 9 को भाज्य के नीचे लिखें और शेषफल 11 को अगले अंक (5) के बाईं ओर लिखें। नया भाज्य \( = 115 \)।
**चरण 2:** संशोधित भाज्य की गणना करें।
संशोधित भाज्य \( = 115 - (\text{नया भागफल अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 115 - (9 \times 9) = 115 - 81 = 34 \)।
34 को मुख्यांक 7 से भाग दें।
भागफल \( = 4 \), शेषफल \( = 6 \)।
भागफल 4 को भाज्य के नीचे लिखें और शेषफल 6 को अंतिम अंक (3) के बाईं ओर लिखें। नया भाज्य \( = 63 \)।
**चरण 3:** अंतिम शेषफल की गणना करें।
अंतिम शेषफल \( = 63 - (\text{नया भागफल अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 63 - (4 \times 9) = 63 - 36 = 27 \)।
यह शेषफल मुख्यांक (79) से कम है।
इसलिए, भागफल \( = 94 \) और शेषफल \( = 27 \)।
In simple words: 7453 को 79 से भाग करने के लिए ध्वजांक विधि का प्रयोग करें। हमें 94 का भागफल मिलता है और 27 शेष बचता है। यदि संशोधित भाज्य ऋणात्मक हो तो भागफल अंक को समायोजित करना याद रखें।
🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में भागफल अंक का चयन करते समय, यह सुनिश्चित करें कि यह एक अंक की संख्या हो और उसके बाद संशोधित भाज्य ऋणात्मक न बने।
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RBSE Solutions Class 8 Mathematics Chapter 5 वैदिक गणित
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Detailed Explanations for Chapter 5 वैदिक गणित
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Benefits of using Mathematics Class 8 Solved Papers
Using our Mathematics solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 8 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 5 वैदिक गणित to get a complete preparation experience.
FAQs
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Yes, we provide bilingual support for Class 8 Mathematics. You can access RBSE Solutions Class 8 Maths Chapter 5 वैदिक गणित More Ques in both English and Hindi medium.
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