Official RBSE Solutions for Class 8 Mathematics: Chapter 05 वैदिक गणित
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Chapter-wise Solutions for Mathematics: Chapter 05 वैदिक गणित
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Question 1. ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र का उपयोग कर गुणा कीजिए
(i) 101 x 105
(ii) 11 x 15
(iii) 18 x 81
(iv) 121 x 129
Answer:
(i) 101 x 105
चरण 1.
\[\begin{array}{l}\ 101 \\ \underline{105}\end{array}\]
चरण 2. यहाँ समूहों की संख्या \( = 3 \times 2 - 1 = 5 \)
| V | IV | III | II | I |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 10 | 101 | 01 | 1 |
| 1 | 10 | 105 | 05 | 5 |
चरण 3. \( 1 \times 1 / 1 \times 0 + 0 \times 1 / 1 \times 5 + 1 \times 1 + 0 \times 0 / 0 \times 5 + 1 \times 0 / 1 \times 5 \)
चरण 4. \( 1 / 0 / 6 / 0 / 5 \)
\( 10605 \)
इस प्रकार, 101 और 105 का आवश्यक गुणनफल 10605 प्राप्त होता है। यह विधि वैदिक गणित में बड़ी संख्याओं को गुणा करने का एक तेज़ तरीका है।
(ii) 11 x 15
चरण 1.
\[\begin{array}{l}\ 11 \\ \underline{15}\end{array}\]
चरण 2. यहाँ समूहों की संख्या \( = 3 \times 2 - 1 = 5 \)
| III | II | I |
|---|---|---|
| 1 | 11 | 1 |
| 1 | 15 | 5 |
चरण 3. \( 1 \times 1 / 1 \times 5 + 1 \times 1 / 1 \times 5 \)
चरण 4. \( 1 / 6 / 5 \)
\( 165 \)
इस प्रकार, 11 और 15 का आवश्यक गुणनफल 165 प्राप्त होता है।
(iii) 18 x 81
चरण 2.
| III | II | I |
|---|---|---|
| 1 | 18 | 8 |
| 8 | 81 | 1 |
चरण 3. \( 1 \times 8 / 1 \times 1 + 8 \times 8 / 8 \times 1 \)
चरण 4. \( 8 / 65 / 8 \)
\( 14 / 5 / 8 \)
\( 1458 \)
इस प्रकार, 18 और 81 का आवश्यक गुणनफल 1458 प्राप्त होता है। इस विधि में, हम अंकों को समूहों में विभाजित करते हैं और फिर क्रॉस-गुणा करते हैं।
(iv) 121 x 129
चरण 1.
\[\begin{array}{l}\ 121 \\ \underline{129}\end{array}\]
चरण 2.
| V | IV | III | II | I |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 12 | 121 | 21 | 1 |
| 1 | 12 | 129 | 29 | 9 |
चरण 3. \( 1 \times 1 / 1 \times 2 + 2 \times 1 / 1 \times 9 + 1 \times 1 + 2 \times 2 / 2 \times 9 + 1 \times 2 / 1 \times 9 \)
चरण 4. \( 1 / 4 / 14 / 20 / 9 \)
\( 1 / 5 / 6 / 0 / 9 \)
\( 15609 \)
इस प्रकार, 121 और 129 का आवश्यक गुणनफल 15609 प्राप्त होता है। यह ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र का उपयोग करके बड़े गुणनफल निकालने का एक सरल तरीका है।
In simple words: ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र का उपयोग करके संख्याओं को गुणा करने के लिए, हम अंकों के समूहों को गुणा करते हैं और फिर उन्हें एक विशेष पैटर्न में जोड़ते हैं। यह विधि बड़ी संख्याओं के गुणनफल को आसानी से निकालने में मदद करती है।
🎯 Exam Tip: ऊर्ध्वतिर्यग्भ्याम सूत्र में सही क्रॉस-गुणा पैटर्न को समझना सबसे महत्वपूर्ण है। प्रत्येक चरण के गुणनफलों को सही ढंग से जोड़ें और हासिल (कैरी-ओवर) को अगले खंड में ले जाना न भूलें।
Question 2. निखिलम् सूत्र का उपयोग कर गुणा कीजिए
(i) 48 x 51
(ii) 27 x 29
(iii) 36 x 34
(iv) 18 x 21
(v) 21 x 22 x 23
(vi) 31 x 28 x 27
(vii) 96 x 97 x 95
(viii) 18 x 18 x 18
Answer:
(i) 48 x 51
आधार = 10 (क्योंकि संख्याएँ 10 के गुणक के करीब हैं)
उपाधार अंक = \( 50 \div 10 = 5 \)
उपाधार से विचलन = \( 48 - 50 = -2 \); \( 51 - 50 = 1 \)
आधार 10 में एक शून्य है, इसलिए दाहिने पक्ष में एक अंक ही होगा।
चरण 1. संख्या विचलन
\[\begin{array}{r c} 48 & -2 \\ 51 & 1 \end{array}\]
चरण 2.
\[\begin{array}{r c} 48 & -2 \\ 51 & 1 \\ \hline 48+1 \text{ या } 51+(-2) & (-2)\times 1 \end{array}\]
चरण 3. \( 48 + 1 = 49 \) या \( 51 + (-2) = 49 \)
बायाँ पक्ष \( = \) उपाधार अंक \( \times \) (संख्या + विचलन)
\[ 5 \times 49 = 245 \]
दायाँ पक्ष \( = (-2) \times 1 = -2 \)
चरण 4.
\[\begin{array}{r c} 245 & / & -2 \\ 244 & / & 10-2 \\ 244 & / & 8 \end{array}\]
अतः, 48 x 51 का आवश्यक गुणनफल 2448 होगा। निखिलम् सूत्र आधार या उपाधार के पास की संख्याओं का गुणनफल निकालने के लिए बहुत उपयोगी है।
(ii) 27 x 29
आधार = 10
उपाधार = \( 2 \times 10 = 20 \)
उपाधार अंक = \( 20 \div 10 = 2 \)
उपाधार से विचलन = \( 27 - 20 = 7 \); \( 29 - 20 = 9 \)
चरण 3.
\[\begin{array}{r c} 27 & 7 \\ 29 & 9 \\ \hline 27+9 \text{ या } 29+7 & 7 \times 9 \end{array}\]
\( 27 + 9 = 36 \) या \( 29 + 7 = 36 \)
बायाँ पक्ष \( = \) उपाधार अंक \( \times \) (संख्या + विचलन)
\[ 2 \times 36 = 72 \]
दायाँ पक्ष \( = 7 \times 9 = 63 \)
चरण 4.
\[\begin{array}{r c} 72 & / & 63 \\ 72+6 & / & 3 \\ 78 & / & 3 \end{array}\]
अतः, 27 x 29 का आवश्यक गुणनफल 783 होगा।
(iii) 36 x 34
आधार = 10
उपाधार = \( 3 \times 10 = 30 \)
उपाधार अंक = \( 30 \div 10 = 3 \)
उपाधार से विचलन = \( 36 - 30 = 6 \); \( 34 - 30 = 4 \)
चरण 1. संख्या विचलन
\[\begin{array}{r c} 36 & 6 \\ 34 & 4 \end{array}\]
चरण 2.
\[\begin{array}{r c} 36 & 6 \\ 34 & 4 \\ \hline 36+4 \text{ या } 34+6 & 6 \times 4 \end{array}\]
चरण 3. \( 36 + 4 = 40 \) या \( 34 + 6 = 40 \)
बायाँ पक्ष \( = \) उपाधार अंक \( \times \) (संख्या + विचलन)
\[ 3 \times 40 = 120 \]
दायाँ पक्ष \( = 6 \times 4 = 24 \)
चरण 4.
\[\begin{array}{r c} 120 & / & 24 \\ 120+2 & / & 4 \\ 122 & / & 4 \end{array}\]
अतः, 36 x 34 का आवश्यक गुणनफल 1224 होगा।
(iv) 18 x 21
चरण 1. संख्या विचलन
\[\begin{array}{r c} 18 & -2 \\ 21 & 1 \end{array}\]
चरण 2.
\[\begin{array}{r c} 18 & -2 \\ 21 & 1 \\ \hline 18+1 \text{ या } 21+(-2) & (-2)\times 1 \end{array}\]
चरण 3. \( 18 + 1 = 19 \), \( 21 + (-2) = 19 \)
बायाँ पक्ष \( = \) उपाधार अंक (यहाँ 20 को आधार मानकर) \( \times \) (संख्या + विचलन)
(यह चरण पिछले उदाहरणों की तरह सीधे गुणा पर आधारित है। यहां, 2 को एक विशेष संख्या के रूप में उपयोग किया गया है।)
यहां, उपाधार अंक 2 है (क्योंकि 18 और 21 दोनों 20 के करीब हैं, जो 10 का 2 गुना है)।
बायाँ पक्ष \( = 2 \times 19 = 38 \)
दायाँ पक्ष \( = -2 \times 1 = -2 \)
चरण 4.
\[\begin{array}{r c} 38 & / & -2 \\ 37 & / & 10-2 \\ 37 & / & 8 \end{array}\]
अतः, 18 x 21 का आवश्यक गुणनफल 378 होगा। ऋणात्मक विचलन के साथ काम करते समय, दाएँ पक्ष को धनात्मक बनाने के लिए बाएँ पक्ष से एक हासिल (10 के बराबर) उधार लेना याद रखें।
(v) 21 x 22 x 23
यहाँ, संख्याएँ 20 के करीब हैं।
आधार = 10
उपाधार = 20
उपाधार अंक = 2
विचलन = \( 21 - 20 = 1 \), \( 22 - 20 = 2 \), \( 23 - 20 = 3 \)
चरण 3.
\[\begin{array}{r c c c} 21 & +1 \\ 22 & +2 \\ 23 & +3 \\ \hline \text{संख्याओं का योग} & \text{विचलन का गुणनफल} \end{array}\]
दायाँ पक्ष (अंतिम भाग) \( = 1 \times 2 \times 3 = 6 \)
चरण 4.
मध्य भाग (विचलन के युग्मों के गुणनफल का योग) \( = (1 \times 2) + (2 \times 3) + (1 \times 3) \)
\( = 2 + 6 + 3 = 11 \)
बायाँ पक्ष (संख्या + अन्य विचलन का योग)
\( 21 + 2 + 3 = 26 \)
\( 22 + 1 + 3 = 26 \)
\( 23 + 1 + 2 = 26 \)
हम 26 का उपयोग करेंगे।
चरण 5. हम यहाँ उपाधार अंक का उपयोग करते हैं। चूंकि यह 2 संख्याओं के लिए है, हमें \( \text{उपाधार अंक}^{2} \) का उपयोग करना होगा।
बायाँ पक्ष \( = 2^2 \times (21 + 2 + 3) = 4 \times 26 = 104 \)
मध्य भाग \( = 2 \times 11 = 22 \)
दायाँ पक्ष \( = 6 \)
इसलिए, गुणनफल है:
\[ 104 / 22 / 6 \]
\[ 106 / 2 / 6 \] (यहां 22 में से 20 (2x10) को 104 में जोड़ दिया गया है, शेष 2 है)
\[ 10626 \]
अतः, 21 x 22 x 23 का आवश्यक गुणनफल 10626 होगा। यह तीन संख्याओं के गुणनफल के लिए निखिलम् सूत्र का विस्तार है।
(vi) 31 x 28 x 27
यहाँ, संख्याएँ 30 के करीब हैं।
आधार = 10
उपाधार = 30
उपाधार अंक = 3
विचलन = \( 31 - 30 = 1 \), \( 28 - 30 = -2 \), \( 27 - 30 = -3 \)
चरण 3.
दायाँ पक्ष (अंतिम भाग) \( = 1 \times (-2) \times (-3) = 6 \)
चरण 4.
मध्य भाग (विचलन के युग्मों के गुणनफल का योग) \( = (1 \times -2) + (-2 \times -3) + (1 \times -3) \)
\( = -2 + 6 - 3 = 1 \)
बायाँ पक्ष (संख्या + अन्य विचलन का योग)
\( 31 + (-2) + (-3) = 26 \)
\( 28 + 1 + (-3) = 26 \)
\( 27 + 1 + (-2) = 26 \)
हम 26 का उपयोग करेंगे।
चरण 5.
बायाँ पक्ष \( = \text{उपाधार अंक}^{2} \times (31 - 2 - 3) = 3^2 \times 26 = 9 \times 26 = 234 \)
मध्य भाग \( = \text{उपाधार अंक} \times (\text{विचलन के युग्मों के गुणनफल का योग}) = 3 \times 1 = 3 \)
दायाँ पक्ष \( = \text{विचलन का गुणनफल} = 6 \)
इसलिए, गुणनफल है:
\[ 234 / 3 / 6 \]
\[ 23436 \]
अतः, 31 x 28 x 27 का आवश्यक गुणनफल 23436 होगा। इस विधि से, हम ऋणात्मक विचलनों का उपयोग करके भी गुणनफल आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
(vii) 96 x 97 x 95
यहाँ, संख्याएँ 100 के करीब हैं।
आधार = 100
विचलन = \( 96 - 100 = -4 \), \( 97 - 100 = -3 \), \( 95 - 100 = -5 \)
चरण 3.
दायाँ पक्ष (अंतिम भाग) \( = (-4) \times (-3) \times (-5) = -60 \)
चरण 4.
मध्य भाग (विचलन के युग्मों के गुणनफल का योग) \( = (-4 \times -3) + (-3 \times -5) + (-4 \times -5) \)
\( = 12 + 15 + 20 = 47 \)
बायाँ पक्ष (संख्या + अन्य विचलन का योग)
\( 96 + (-3) + (-5) = 88 \)
\( 97 + (-4) + (-5) = 88 \)
\( 95 + (-4) + (-3) = 88 \)
हम 88 का उपयोग करेंगे।
चरण 5.
चूंकि आधार 100 है, इसलिए उपाधार अंक 1 होगा। इसलिए, \( \text{उपाधार अंक}^{2} \) और \( \text{उपाधार अंक} \) का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बायाँ पक्ष \( = 88 \)
मध्य भाग \( = 47 \)
दायाँ पक्ष \( = -60 \)
इसलिए, गुणनफल है:
\[ 88 / 47 / -60 \]
दाएँ पक्ष को धनात्मक बनाने के लिए: मध्य भाग से 1 (जो 100 के बराबर है) उधार लेंगे।
\[ 88 / 46 / (100 - 60) \]
\[ 88 / 46 / 40 \]
अतः, 96 x 97 x 95 का आवश्यक गुणनफल 884640 होगा। यह विधि आधार के करीब की संख्याओं को गुणा करने में विशेष रूप से सहायक है।
(viii) 18 x 18 x 18
यहाँ, संख्याएँ 20 के करीब हैं।
आधार = 10
उपाधार = 20
उपाधार अंक = 2
विचलन = \( 18 - 20 = -2 \)
चरण 3.
दायाँ पक्ष (अंतिम भाग) \( = (-2) \times (-2) \times (-2) = -8 \)
चरण 4.
मध्य भाग (विचलन के युग्मों के गुणनफल का योग) \( = ((-2) \times (-2)) + ((-2) \times (-2)) + ((-2) \times (-2)) \)
\( = 4 + 4 + 4 = 12 \)
बायाँ पक्ष (संख्या + अन्य विचलन का योग)
\( 18 + (-2) + (-2) = 14 \)
चरण 5.
बायाँ पक्ष \( = \text{उपाधार अंक}^{2} \times (\text{संख्या} + \text{अन्य विचलन का योग}) = 2^2 \times 14 = 4 \times 14 = 56 \)
मध्य भाग \( = \text{उपाधार अंक} \times (\text{विचलन के युग्मों के गुणनफल का योग}) = 2 \times 12 = 24 \)
दायाँ पक्ष \( = \text{विचलन का गुणनफल} = -8 \)
इसलिए, गुणनफल है:
\[ 56 / 24 / -8 \]
दाएँ पक्ष को धनात्मक बनाने के लिए: मध्य भाग से 1 (जो 10 के बराबर है, क्योंकि आधार 10 है) उधार लेंगे।
\[ 56 / 23 / (10 - 8) \]
\[ 56 / 23 / 2 \]
चूंकि मध्य भाग में 23 है और आधार 10 है, तो 2 को बाएँ पक्ष में ले जाया जाएगा और 3 मध्य भाग में रहेगा।
\[ 56+2 / 3 / 2 \]
\[ 58 / 3 / 2 \]
\[ 5832 \]
अतः, 18 x 18 x 18 का आवश्यक गुणनफल 5832 होगा। निखिलम् सूत्र हमें घन (क्यूब) जैसी गणनाओं को भी आसानी से करने में मदद करता है।
In simple words: निखिलम् सूत्र से गुणा करने के लिए, हम संख्याओं को आधार (जैसे 10 या 100) या उपाधार (जैसे 20, 30, 50) के करीब मानते हैं। फिर हम प्रत्येक संख्या का आधार से विचलन निकालते हैं और विशेष नियमों का उपयोग करके गुणा करते हैं। यह तरीका बड़ी और जटिल गुणाओं को सरल बना देता है।
🎯 Exam Tip: निखिलम् सूत्र में, आधार और उपाधार का सही चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। साथ ही, विचलनों को सही ढंग से निकालना और ऋणात्मक विचलनों के साथ गणना करते समय हासिल (कैरी-ओवर) को ध्यान में रखना आवश्यक है।
Question 3. ध्वजांक सूत्र का उपयोग कर भाग कीजिए
Answer:
(i) 39 ÷ 2 (यह उदाहरण सूत्र को समझाने के लिए है)
मुख्यांक 2
भागफल = 142, शेषफल = 11 (यह एक उदाहरण है जो ध्वजांक विधि के उपयोग को दर्शाता है।)
संकेत –
(i) 39 को 2 से भाग देने पर, भागफल का पहला अंक 1 होगा और शेषफल 1 बचेगा।
(ii) नया भाज्य (डिविडेंड) 19 है। संशोधित भाज्य \( = 19 - (1 \times 8) = 11 \) (यहां 8 ध्वजांक का भाग है, जैसा कि उदाहरण में दिखाया गया है)।
(iii) 11 को 2 से भाग देने पर, भागफल का दूसरा अंक 5 आता है, परन्तु इससे संशोधित भाज्य ऋणात्मक आता है। इसलिए, भागफल का दूसरा अंक 4 होगा, और शेषफल 3 बचेगा।
(iv) नया भाज्य 38 है। संशोधित भाज्य \( = 38 - (4 \times 8) = 38 - 32 = 6 \)।
(v) 62 में, भागफल का तीसरा अंक 3 होगा, परन्तु इससे संशोधित भाज्य ऋणात्मक आएगा। इसलिए, भागफल का तीसरा अंक 2 होगा, और शेषफल 2 बचेगा।
(vi) नया भाज्य 2 है।
(vii) संशोधित भाज्य \( = \) अंतिम शेषफल \( = 27 - (2 \times 8) = 27 - 16 = 11 \)।
यह एक विस्तृत उदाहरण है कि कैसे ध्वजांक विधि का उपयोग करके भाग किया जाता है, जिसमें संशोधन और समायोजन शामिल हैं।
(ii) 5786 ÷ 78
यहां, भाजक 78 है। ध्वजांक (झंडा अंक) 8 है और मुख्यांक (मुख्य अंक) 7 है।
भागफल = 74, शेषफल = 14
संकेत –
(i) 57 को 7 से भाग देने पर, भागफल का पहला अंक 8 आता है, परन्तु इससे संशोधित भाज्य ऋणात्मक आता है। इसलिए, भागफल का पहला अंक 7 होगा और शेषफल 8 बचेगा।
(ii) नया भाज्य 88 है। संशोधित भाज्य \( = 88 - (7 \times 8) = 88 - 56 = 32 \)।
(iii) 32 को 7 से भाग देने पर, भागफल का दूसरा अंक 4 होगा और शेषफल 4 बचेगा।
(iv) नया भाज्य 46 है। संशोधित भाज्य \( = 46 - (4 \times 8) = 46 - 32 = 14 \)। यह अंतिम शेषफल है।
इस प्रकार, 5786 को 78 से भाग देने पर भागफल 74 और शेषफल 14 प्राप्त होता है। यह विधि बड़ी संख्याओं को विभाजित करने के लिए एक कुशल वैदिक गणित तकनीक है।
(iii) 7396 ÷ 82
यहां, भाजक 82 है। ध्वजांक 2 है और मुख्यांक 8 है।
संकेत –
(i) 73 को 8 से भाग देने पर, भागफल का पहला अंक 9 आता है, परन्तु इससे संशोधित भाज्य ऋणात्मक आता है। इसलिए, भागफल का पहला अंक 8 होगा और शेषफल 9 बचेगा।
(ii) नया भाज्य 99 है। संशोधित भाज्य \( = 99 - (8 \times 2) = 99 - 16 = 83 \)।
(iii) 83 को 8 से भाग देने पर, भागफल का दूसरा अंक 10 आता है, परन्तु इससे संशोधित भाज्य ऋणात्मक आता है। इसलिए, भागफल का दूसरा अंक 9 होगा और शेषफल 11 बचेगा।
(iv) नया भाज्य 116 है। संशोधित भाज्य \( = 116 - (9 \times 2) = 116 - 18 = 98 \)। यह अंतिम शेषफल है।
इस प्रकार, 7396 को 82 से भाग देने पर भागफल 89 और शेषफल 98 प्राप्त होता है। ध्वजांक विधि भाग को चरणों में तोड़कर गणना को सरल बनाती है।
In simple words: ध्वजांक सूत्र से भाग करने के लिए, हम भाजक के एक अंक को ध्वजांक और बाकी को मुख्यांक मानते हैं। फिर हम भाज्य के अंकों को मुख्यांक से भाग करते हैं और ध्वजांक का उपयोग करके भागफल और शेषफल को संशोधित करते रहते हैं। यह विधि बड़ी संख्याओं के भाग को व्यवस्थित तरीके से हल करने में मदद करती है।
🎯 Exam Tip: ध्वजांक सूत्र में ध्वजांक और मुख्यांक का सही चुनाव करें। संशोधित भाज्य की गणना करते समय बहुत सावधान रहें, क्योंकि इसमें एक छोटी सी गलती पूरे भागफल और शेषफल को गलत कर सकती है।
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