NCERT Solutions for Class 7 Social Science: Chapter 03 जल
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Practice Class 7 Social Science Solutions: Chapter 03 जल
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Question 1. विश्व के प्राचीन सभ्यताओं के मानचित्र को देखकर प्रमुख सभ्यताओं की महाद्वीपों के अनुसार सूची बनाइए? (पृष्ठ 22)
Answer: प्राचीन सभ्यताओं का विकास जल के किनारों पर हुआ था। मानचित्र को देखने पर, प्रमुख सभ्यताएं और उनके महाद्वीप इस प्रकार हैं:
1. एशिया
(i) सिंधु घाटी सभ्यता
(ii) ह्वांग ह्रो घाटी सभ्यता
(iii) मेसोपोटामिया की सभ्यता
2. अफ्रीका-नील घाटी सभ्यता
3. उत्तरी अमेरिका-माया, एज्टेक सभ्यता
4. दक्षिणी अमेरिका-इन्का सभ्यता। इन सभ्यताओं ने अपने जीवन के लिए नदियों और जल स्रोतों का भरपूर उपयोग किया।
In simple words: पुराने समय की बड़ी सभ्यताएं जल स्रोतों के पास बसी थीं। एशिया में सिंधु और ह्वांग ह्रो सभ्यताएँ थीं, अफ्रीका में नील घाटी, उत्तरी अमेरिका में माया और एज्टेक, और दक्षिणी अमेरिका में इन्का सभ्यता।
🎯 Exam Tip: जब भी मानचित्र से संबंधित प्रश्न आएँ, मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ और स्थानों को सही महाद्वीपों से जोड़कर लिखें।
Question 2. विश्व में नदियों, झीलों एवं सागरों के तट पर स्थित अन्य नगरों की सूची बनाइए। (पृष्ठ 23)
Answer: विश्व में नदियों, झीलों और सागरों के किनारे बसे कुछ नगरों की सूची नीचे दी गई है। ये नगर जल स्रोतों के पास होने के कारण विकसित हुए हैं।
| नगर | नदी | देश |
|---|---|---|
| लखनऊ | गोमती | भारत |
| वाराणसी | गंगा | भारत |
| आगरा | यमुना | भारत |
| कोलकाता | हुगली | भारत |
| लंदन | थेम्स | इंग्लैण्ड |
| रोम | टाइबर | इटली |
| पेरिस | सीन | फ्रांस |
| नगर | महासागर | देश |
|---|---|---|
| मुम्बई | हिन्द | भारत |
| चेन्नई | हिन्द | भारत |
| विशाखापट्टनम् | हिन्द | भारत |
| कोच्चि | हिन्द | भारत |
| मंगलौर | हिन्द | भारत |
| कांडला | हिन्द | भारत |
| न्यूयॉर्क | अटलांटिक | यू.एस.ए. |
| बीजिंग | प्रशान्त | चीन |
| सिंगापुर | हिन्द | सिंगापुर |
| नगर | झील | देश |
|---|---|---|
| श्रीनगर | डल | भारत |
| पुष्कर | पुष्कर | भारत |
| शिकागो | मिशीगन | यू.एस.ए. |
| डुलुथ | सुपीरियर | यू.एस.ए. |
| बफैलो | इरी | यू.एस.ए. |
In simple words: कई शहर नदियों, झीलों और महासागरों के पास बसे हैं। भारत में वाराणसी गंगा पर, मुंबई हिन्द महासागर पर, और श्रीनगर डल झील पर है। दुनिया में लंदन थेम्स पर और न्यूयॉर्क अटलांटिक महासागर पर है।
🎯 Exam Tip: नगरों की भौगोलिक स्थिति को याद रखने के लिए उन्हें प्रमुख जल स्रोतों से जोड़कर पढ़ें, जैसे नदी या झील के नाम के साथ।
Question 3. पता लगाइए कि आपका गाँव/शहर किसे जल स्रोत के निकट स्थित है। अपने गाँव/शहर के आस-पास के अन्य जल स्रोतों की सूची बनाइए। (पृष्ठ 23)
Answer: मैं अजमेर शहर का रहने वाला हूँ। मेरे शहर में आना सागर झील स्थित है। इसके अलावा, अजमेर के आस-पास फॉय सागर, पुष्कर और नारायण सागर बाँध जैसे जल स्रोत भी हैं। ये सभी जल स्रोत स्थानीय लोगों की पानी की ज़रूरतों को पूरा करते हैं। ये प्राकृतिक और मानव निर्मित जल संरचनाएँ जीवन को सहारा देती हैं।
In simple words: मेरा शहर अजमेर है, जो आना सागर झील के पास है। आस-पास फॉय सागर, पुष्कर और नारायण सागर बाँध भी हैं, जो लोगों को पानी देते हैं।
🎯 Exam Tip: अपने स्थानीय क्षेत्र के जल स्रोतों का अध्ययन करें और उनके महत्व तथा संरक्षण के तरीकों को समझें।
Question 5. मानचित्र को देखकर सभी क्षेत्रों में प्रतिव्यक्ति स्वच्छ जल की उपलब्धि की स्थिति का पता लगाइए। (पृष्ठ 24)
Answer: विश्व मानचित्र में प्रतिव्यक्ति स्वच्छ जल की उपलब्धि की स्थिति को देखने पर पता चलता है कि यह विभिन्न क्षेत्रों में बहुत अलग है। कुछ क्षेत्रों में भरपूर जल उपलब्ध है, जबकि कुछ में गंभीर कमी है।
2. भारत, मध्य पश्चिमी एशिया के कुछ देश, मध्य यूरोप, सहारा मरुस्थल के दक्षिण मध्य अफ्रीकी देश, दक्षिण अफ्रीका आदि में 1000-1700 घन मीटर/व्यक्ति/वर्ष जल उपलब्ध है।
3. चीन, जापान, उत्तरी एवं दक्षिणी कोरिया, वियतनाम, थाईलैंड, मध्य-पूर्वी अफ्रीका, दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, यूनान, भूमध्य सागर के उत्तर में स्थित यूरोपीय देश, मैक्सिको आदि में 1700-5000 घन मीटर/व्यक्ति/वर्ष जल उपलब्ध है।
4. मंगोलिया, पूर्वी द्वीप समूह, दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका, मध्य अफ्रीका के दक्षिण स्थित क्षेत्र, संयुक्त राज्य अमेरिका, अलास्का, मध्य एवं दक्षिण-पूर्वी दक्षिणी अमेरिका आदि में 5000-15,000 घन मीटर/व्यक्ति/वर्ष जल उपलब्ध है।
5. साइबेरिया, पूर्वी यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील एवं मध्य-पूर्वी दक्षिण अमेरिका के देश, मध्य अफ्रीका, मेडागास्कर आदि में 15000-50,000 घन मीटर/व्यक्ति/वर्ष जल उपलब्ध है।
6. फिनलैंड, मध्य अफ्रीका का पश्चिमी भाग, पश्चिमी दक्षिण अमेरिका का एण्डीज पर्वतीय क्षेत्र, कनाडा तथा इसके उत्तर में स्थित विभिन्न द्वीप में 50,000-60,000 घन मीटर/व्यक्ति/वर्ष जल उपलब्ध है। विभिन्न क्षेत्रों में जल संसाधनों का असमान वितरण वैश्विक चुनौती है।
In simple words: मानचित्र दिखाता है कि दुनिया में हर व्यक्ति को कितना साफ पानी मिलता है। कुछ जगहों पर बहुत कम पानी है, जैसे भारत और सहारा मरुस्थल। कुछ जगहों पर मध्यम पानी है, जैसे चीन और जापान। और कुछ जगहों पर बहुत सारा पानी है, जैसे फिनलैंड और कनाडा।
🎯 Exam Tip: विश्व में जल उपलब्धता के वितरण को ध्यान में रखें और उन क्षेत्रों को पहचानें जहाँ जल की कमी है और कहाँ अधिकता है।
Question 6. आपके विद्यालय तथा घर में उपयोग में लिए जाने वाले जल स्रोत का पता लगाइए। (पृष्ठ 25)
Answer: हमारे विद्यालय और घर में आमतौर पर भूमिगत जल का उपयोग किया जाता है। इस पानी को कुओं, हैंडपंपों और मशीनों के ज़रिए टंकियों में चढ़ाया जाता है, और फिर नलों के माध्यम से इस्तेमाल किया जाता है। भूमिगत जल एक महत्वपूर्ण संसाधन है जिसका सही उपयोग आवश्यक है।
In simple words: मेरे स्कूल और घर में पानी ज़मीन के नीचे से आता है। इसे कुओं या हैंडपंप से निकालकर नलों तक पहुँचाया जाता है।
🎯 Exam Tip: जल स्रोतों को पहचानें और उनका उपयोग कैसे किया जाता है, यह समझाते हुए अपनी भाषा में लिखें।
Question. जल संरक्षण के लिए राजस्थान, भारत एवं विश्व में किए जा रहे प्रयासों को बताइए। (पृष्ठ 28)
Answer: जल संरक्षण के लिए राजस्थान, भारत और पूरे विश्व में कई प्रयास किए जा रहे हैं। राजस्थान सरकार ने जनवरी 2016 में 'मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान' शुरू किया, जो देश की सबसे बड़ी जल संरक्षण परियोजनाओं में से एक है। इसी तरह, भारत सहित दुनिया भर में जल संरक्षण के लिए विशेष कोशिशें की जा रही हैं, क्योंकि पृथ्वी पर लगभग दो-तिहाई पानी होने के बावजूद पीने योग्य पानी बहुत कम मात्रा में उपलब्ध है। इसलिए, जल संरक्षण आज एक वैश्विक प्राथमिकता बन गया है।
In simple words: राजस्थान, भारत और दुनिया भर में पानी बचाने के लिए कई काम हो रहे हैं। राजस्थान में 2016 में 'मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान' शुरू हुआ। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि पृथ्वी पर पानी तो बहुत है, लेकिन पीने लायक साफ पानी बहुत कम है।
🎯 Exam Tip: जल संरक्षण के प्रयासों को लिखते समय, स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर किए जा रहे कार्यों को अलग-अलग बताएं।
Question 11. आप अपने गाँव/शहर में अथवा आस-पास के ऐसे जल स्रोतों की एक सूची बनाइए जो प्राचीन समय में उपयोगी रहे हैं? (पृष्ठ 28)
Answer: मेरे गाँव/शहर या उसके आस-पास के कुछ ऐसे जल स्रोत जो पुराने समय में बहुत काम आते थे, वे हैं:
1. कुएँ
2. बावड़ी
3. तालाब
4. नाड़ी आदि।
इन सभी का निर्माण पानी बचाने, ज़मीन के नीचे पानी का स्तर बढ़ाने, खेतों की सिंचाई करने और लोगों तक पानी पहुँचाने के लिए किया जाता था। ये पारंपरिक जल स्रोत आज भी महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: मेरे गाँव के आस-पास पुराने समय में पानी के लिए कुएँ, बावड़ियाँ, तालाब और नाड़ी जैसे स्रोत थे। ये पानी को बचाते थे, ज़मीन का पानी बढ़ाते थे, सिंचाई करते थे और लोगों को पानी देते थे।
🎯 Exam Tip: प्राचीन जल स्रोतों को सूचीबद्ध करते समय, उनके निर्माण के उद्देश्यों को भी संक्षेप में समझाएँ।
Question 12. क्या आपके जिले में प्राचीनकाल में किसी जल ब्रोत का निर्माण किया गया है? यदि हाँ, तो उसके बारे में जानकारी एकत्र कीजिए। (पृष्ठ 28)
Answer: मैं अजमेर जिले का रहने वाला हूँ। मेरे जिले में पुराने समय में एक जल स्रोत बनाया गया था, जिसे आनासागर झील कहते हैं। इसका निर्माण 1137 ईस्वी में चौहान राजा अर्णोराज (आनाजी) ने करवाया था। इस झील के किनारे जहाँगीर ने दौलत बाग बनवाया था, जिसे अब सुभाष उद्यान कहा जाता है। यह झील आज भी अजमेर के लोगों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत है।
In simple words: हाँ, अजमेर जिले में आनासागर झील पुराने समय में बनाई गई थी। इसे राजा अर्णोराज ने 1137 ईस्वी में बनवाया था। इसके पास जहाँगीर ने एक बाग भी बनवाया था, जो अब सुभाष उद्यान कहलाता है।
🎯 Exam Tip: अपने जिले के ऐतिहासिक जल स्रोतों का उल्लेख करते समय, उनका नाम, निर्माणकर्ता और निर्माण वर्ष जैसी महत्वपूर्ण जानकारी ज़रूर दें।
क्या आप जानते हैं।
Question. अपने आस-पास नदियों पर स्थित शहरों अथवा गाँवों के नामों की सूची बनाइए।
Answer: मेरे आस-पास नदियों पर स्थित शहरों और गाँवों की सूची इस प्रकार है:
5. सुमेरपुर (पाली) - जवाई नदी
6. सवाई माधोपुर - बनास नदी
7. पाली - बांडी नदी
8. सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर) - घाघर नदी
9. जालोर - सूकड़ी नदी
10. आर्सीद (भीलवाड़ा) - खारी नदी। ये शहर और गाँव इन नदियों के किनारे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं।
In simple words: सुमेरपुर जवाई नदी पर, सवाई माधोपुर बनास नदी पर, पाली बांडी नदी पर, सूरतगढ़ घाघर नदी पर, जालोर सूकड़ी नदी पर और आर्सीद खारी नदी पर स्थित है।
🎯 Exam Tip: नदियों और उनके किनारों पर बसे स्थानों के नाम याद रखने से भौगोलिक ज्ञान बढ़ता है।
पाठ्य पुस्तक के प्रश्नोत्तर
Question 1. सही विकल्प को चुनिए
(i) जल दिवस कब मनाया जाता है।
(क) 25 मार्च
(ख) 22 मार्च
(ग) 15 मार्च
(घ) 10 मार्च
Answer: (ख) 22 मार्च
In simple words: जल दिवस हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है, ताकि लोग पानी के महत्व को समझें।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण दिवसों की तिथियां याद रखें, यह सामान्य ज्ञान के प्रश्नों के लिए उपयोगी है।
Question 1. सही विकल्प को चुनिए
(ii) वॉन झील किस देश में स्थित है?
(क) अमेरिका
(ख) ब्राजील
(ग) ईरान
(घ) तुर्की
Answer: (घ) तुर्की
In simple words: वॉन झील तुर्की देश में है।
🎯 Exam Tip: विश्व की प्रमुख झीलों और वे किस देश में स्थित हैं, इसकी जानकारी रखें।
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(i) प्रकृति प्रदत्त जल मानवीय गतिविधियों के कारण .............हो जाता है।
(ii) भारत के मेघालय राज्य में स्थित .............में विश्व की सर्वाधिक वर्षा होती है।
(iii) वर्षा का जल जब भूमि के अन्दर प्रवेश कर नीचे की। कठोर चट्टानों के ऊपर एकत्रित हो जाता है तो उसे .............कहते हैं।
(iv) खारे जल को .............जल भी कहा जाता है।
Answer:
(i) प्रकृति प्रदत्त जल मानवीय गतिविधियों के कारण प्रदूषित हो जाता है।
(ii) भारत के मेघालय राज्य में स्थित मासिनराम में विश्व की सर्वाधिक वर्षा होती है।
(iii) वर्षा का जल जब भूमि के अन्दर प्रवेश कर नीचे की कठोर चट्टानों के ऊपर एकत्रित हो जाता है तो उसे भूमिगत जल कहते हैं।
(iv) खारे जल को लवणीय जल भी कहा जाता है। ये शब्द खाली स्थानों को सही अर्थ देते हैं।
In simple words: इंसान के कामों से पानी गंदा हो जाता है। मेघालय के मासिनराम में सबसे ज़्यादा बारिश होती है। ज़मीन के नीचे जो पानी जमा होता है, उसे भूमिगत जल कहते हैं। खारे पानी को लवणीय जल भी कहते हैं।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और संदर्भ को ध्यान में रखते हुए सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करें।
Question 3. 'रूफ टॉप जल संरक्षण' किसे कहते हैं?
Answer: 'रूफ टॉप जल संरक्षण' एक ऐसी विधि है जिसमें बारिश के पानी को घर की छत से एक पाइप के ज़रिए नीचे बनी पानी की टंकी या हॉज में इकट्ठा कर लिया जाता है। बाद में ज़रूरत पड़ने पर इस पानी का उपयोग किया जाता है। यह तरीका उन इलाकों के लिए ज़्यादा उपयोगी है जहाँ बारिश कम होती है और पानी की कमी रहती है। इस विधि से पानी को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है।
In simple words: 'रूफ टॉप जल संरक्षण' का मतलब है छत पर गिरने वाले बारिश के पानी को इकट्ठा करना। इस पानी को टंकी में जमा करके बाद में इस्तेमाल किया जाता है, खासकर उन जगहों पर जहाँ पानी की कमी होती है।
🎯 Exam Tip: रूफ टॉप जल संरक्षण की परिभाषा में पानी इकट्ठा करने की विधि और इसके मुख्य लाभों को स्पष्ट करें।
Question 4. जल के विभिन्न स्रोतों के नाम लिखिए?
Answer: ज़मीन पर पानी के कई मुख्य स्रोत हैं। इनमें नदियाँ, झीलें, बाँध, तालाब, कुएँ, एनिकट और भूमिगत जल शामिल हैं। ये सभी स्रोत मानव और अन्य जीवों के लिए पानी उपलब्ध कराते हैं।
In simple words: पानी के मुख्य स्रोत नदियाँ, झीलें, बाँध, तालाब, कुएँ, एनिकट और ज़मीन के नीचे का पानी हैं।
🎯 Exam Tip: जल के प्राकृतिक और मानव निर्मित स्रोतों को अलग-अलग करके याद रखें।
Question 5. विश्व की प्रमुख प्राचीन सभ्यताएँ जल के किनारे क्यों विकसित हुई?
Answer: विश्व की प्रमुख प्राचीन सभ्यताएँ जल स्रोतों के पास इसलिए विकसित हुईं, क्योंकि इन सभ्यताओं को जल से केवल पीने का पानी ही नहीं मिलता था। बल्कि, जल से कृषि, व्यापार, परिवहन और सुरक्षा जैसे कई अन्य लाभ भी मिलते थे। इसी वजह से विश्व के कई बड़े नगर और कस्बे नदियों, झीलों और सागरों के किनारों पर विकसित हुए, क्योंकि जल जीवन के लिए आधारभूत है।
In simple words: पुरानी सभ्यताएं पानी के पास बनीं क्योंकि पानी सिर्फ पीने के लिए ही नहीं, बल्कि खेती, व्यापार, आने-जाने और सुरक्षा के लिए भी ज़रूरी था।
🎯 Exam Tip: प्राचीन सभ्यताओं के विकास में जल की बहुआयामी भूमिका को समझाएँ, केवल पीने के पानी तक सीमित न रहें।
Question 6. भूमिगत जल के विवेकहीन उपयोग से हमें किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है?
Answer: स्वच्छ और मीठा पानी का मुख्य स्रोत भूमिगत जल ही है। यह कुओं और नलकूपों के ज़रिए ज़मीन के नीचे से निकाला जाता है। यदि हम भूमिगत जल का लापरवाही से उपयोग करेंगे, तो हमें कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है:
1. भूमिगत जल का स्तर लगातार नीचे जा रहा है।
2. ज़्यादा दोहन से इसकी उपलब्धता में कमी आ सकती है।
3. भूमिगत जल ही ज़मीन के ऊपर की गतिविधियों का आधार है। यदि इसका लापरवाही से उपयोग हुआ, तो खेती, उद्योग, वनस्पति, जीव-जन्तु और यहाँ तक कि खुद इंसान भी खतरे में पड़ सकते हैं। पानी की कमी से मिट्टी की नमी कम हो जाएगी और वह खेती के लायक नहीं बचेगी।
In simple words: अगर हम ज़मीन के नीचे के पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर नहीं करेंगे, तो पानी का स्तर घट जाएगा और उसकी कमी हो जाएगी। इससे खेती, उद्योग और सभी जीवों के लिए खतरा पैदा हो सकता है, और ज़मीन भी खराब हो जाएगी।
🎯 Exam Tip: भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन के परिणामों को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें, जिसमें पर्यावरणीय और मानवीय प्रभाव दोनों शामिल हों।
Question 7. खरे व मीठे जल में क्या अन्तर है?
Answer: खारा जल वह होता है जिसमें नमक या अन्य खनिज पदार्थ घुले होते हैं, जिससे यह पीने योग्य नहीं होता। यह मुख्य रूप से समुद्रों और महासागरों में पाया जाता है। मीठा जल वह होता है जिसमें नमक और खनिजों की मात्रा बहुत कम होती है, जो इसे पीने और कृषि के लिए उपयुक्त बनाता है। यह नदियों, झीलों, तालाबों और भूमिगत जल के रूप में उपलब्ध होता है। पृथ्वी पर अधिकांश पानी खारा है, और मीठा पानी एक सीमित संसाधन है।
In simple words: खारा जल समुद्र में मिलता है और उसमें नमक ज़्यादा होता है, उसे पी नहीं सकते। मीठा जल नदियों और झीलों में होता है, उसमें नमक कम होता है और उसे पी सकते हैं।
🎯 Exam Tip: खारे और मीठे जल के बीच अंतर को स्पष्ट करते हुए उनकी उपलब्धता और उपयोगिता के बारे में भी बताएं।
Question. जल प्रदूषण किसे कहते हैं? जल प्रदूषण रोकने के उपाय बताइए।
Answer: प्रकृति से मिलने वाला पानी शुद्ध होता है। जब इस पानी में कुछ ऐसे अवांछित तत्व मिल जाते हैं जो इसे इंसानों के उपयोग के लायक नहीं रहने देते, तो इसे जल प्रदूषण कहते हैं। पानी में ये अवांछित तत्व इंसानी गतिविधियों के कारण मिलते हैं। प्रदूषित जल मानव के साथ-साथ जलीय जीवों और पौधों के लिए भी हानिकारक होता है। जल प्रदूषण तभी रुक सकता है जब इसे रोकने के लिए सरकारी स्तर पर और व्यक्तिगत स्तर पर दोनों तरफ से प्रयास किए जाएँ। व्यक्तिगत जागरूकता सबसे ज़्यादा ज़रूरी है।
**व्यक्तिगत प्रयास-**
1. लोगों को जागरूक करना और जल प्रदूषण रोकने के तरीकों के बारे में जानकारी देना।
2. सार्वजनिक जल स्रोतों में पशुओं को नहलाना, स्नान करना और कपड़े धोना मना करना चाहिए।
3. रासायनिक खादों का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए।
**प्रशासनिक पाय**
1. शहरों के गंदे पानी को जल स्रोतों में मिलने से पहले साफ करके फिर से उपयोग लायक बनाना चाहिए।
2. शहरी ठोस कचरे को पानी के स्रोतों में न डालकर बंजर या अनुपयोगी ज़मीन पर फेंकना चाहिए।
3. जल प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों और लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनाने चाहिए।
4. टीवी, रेडियो और अखबारों के माध्यम से जल प्रदूषण और संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता फैलानी ज़रूरी है। जल प्रदूषण को रोकने के लिए भारत में 1974 में जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण कानून और 1986 में पर्यावरण संरक्षण कानून बनाए गए हैं। भारत में गंगा और यमुना नदियाँ सबसे ज़्यादा प्रदूषित मानी जाती हैं। गंगा नदी की सफाई के लिए भारत सरकार 'गंगा एक्शन प्लान' और 'नमामि गंगे' जैसी योजनाएँ चला रही है। जल की गुणवत्ता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
In simple words: जल प्रदूषण तब होता है जब साफ पानी में गंदी चीज़ें मिल जाती हैं और वह बेकार हो जाता है। इसे रोकने के लिए लोगों को जागरूक होना चाहिए, गंदा पानी नदियों में न डालें, कम खाद का उपयोग करें, और सरकार को सख्त कानून बनाने चाहिए।
🎯 Exam Tip: जल प्रदूषण की परिभाषा, उसके कारणों और रोकथाम के उपायों को व्यक्तिगत और प्रशासनिक प्रयासों में बाँटकर लिखें ताकि उत्तर व्यापक और व्यवस्थित लगे।
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. नीलघाटी सभ्यता का सम्बन्ध किस महाद्वीप से है?।
(क) एशिया ।
(ख) ऑस्ट्रेलिया
(ग) अफ्रीका
Answer: (ग) अफ्रीका
In simple words: नीलघाटी सभ्यता अफ्रीका महाद्वीप में थी।
🎯 Exam Tip: विश्व की प्रमुख सभ्यताओं और उनके भौगोलिक स्थान को याद रखें।
Question 3. जल संरक्षण का अर्थ है
(क) जल का समुचित उपयोग
(ख) भविष्य में उपयोग को दृष्टि में रखना
(ग) जल के दुरुपयोग को रोकना
(घ) उपर्युक्त सभी।
Answer: (घ) उपर्युक्त सभी।
In simple words: जल संरक्षण का मतलब है पानी का सही इस्तेमाल करना, उसे भविष्य के लिए बचाना और उसका गलत उपयोग रोकना।
🎯 Exam Tip: जब 'उपर्युक्त सभी' विकल्प हो, तो सुनिश्चित करें कि सभी दिए गए विकल्प वास्तव में सही हैं।
Question 4. जल संसाधनों की कमी का प्रमुख कारण है
(क) जल के उपयोग में वृद्धि
(ख) जल संरक्षण का अभाव
(ग) वन विनाश
(घ) उपर्युक्त सभी।
Answer: (घ) उपर्युक्त सभी।
In simple words: पानी की कमी इसलिए हो रही है क्योंकि हम ज़्यादा पानी इस्तेमाल कर रहे हैं, पानी बचा नहीं रहे हैं और जंगल कट रहे हैं।
🎯 Exam Tip: जल संसाधनों की कमी के कारणों को पहचानते समय, मानवीय गतिविधियों और पर्यावरणीय कारकों दोनों पर विचार करें।
Question 5. भविष्य का 'नीला सोना' किसे कहते हैं?
(क) कोयले को
(ख) लोहे को
(ग) साफ पानी को
(घ) सोने को।
Answer: (ग) साफ पानी को
In simple words: साफ पानी को 'नीला सोना' कहा जाता है, क्योंकि यह भविष्य में बहुत कीमती होगा।
🎯 Exam Tip: इस तरह के लाक्षणिक नामों को याद रखें और समझें कि वे किस संसाधन के महत्व को दर्शाते हैं।
Question 7. शिकागो किस झील के तट पर स्थित है?
(क) सुपीरियर
(ख) इरी
(ग) मिशीगन
(घ) ओण्टारियो।
Answer: (ग) मिशीगन
In simple words: शिकागो शहर मिशीगन झील के किनारे बसा हुआ है।
🎯 Exam Tip: प्रमुख शहरों और उनके पास स्थित जल निकायों के बारे में जानकारी रखें।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(i) जीवन का मुख्य आधार ............. है।
(ii) पृथ्वी ग्रह पर जल की उपलब्धता के कारण ही सम्भ व ............. है।
(iii) पवन को सागरों से जलवाष्य प्राप्त होती है जिसे हम ............. कहते हैं।
(iv) फ्लोराइड युक्त जल पीने से लोगों को ............. सम्बन्धी बीमारियों का सामना करना पड़ता है।
Answer:
(i) जीवन का मुख्य आधार जल है।
(ii) पृथ्वी ग्रह पर जल की उपलब्धता के कारण ही सम्भव जीवन है।
(iii) पवन को सागरों से जलवाष्य प्राप्त होती है जिसे हम आर्द्रता कहते हैं।
(iv) फ्लोराइड युक्त जल पीने से लोगों को हड्डियों सम्बन्धी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। जल जीवन का आधार है और इसके विभिन्न पहलू महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: जल जीवन का मुख्य आधार है। पृथ्वी पर पानी से ही जीवन संभव है। हवा सागर से जो पानी लेती है, उसे आर्द्रता कहते हैं। फ्लोराइड वाला पानी पीने से हड्डियों की बीमारियां होती हैं।
🎯 Exam Tip: वैज्ञानिक और पर्यावरणीय तथ्यों पर आधारित रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, सटीक शब्दावली का प्रयोग करें।
अति लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. जल की आवश्यकता को संक्षेप में बताइए।
Answer: जल की आवश्यकता अनेक कार्यों के लिए होती है, जैसे पीने, नहाने-धोने, सिंचाई, औद्योगिक विकास और पृथ्वी पर तापमान का संतुलन बनाए रखने के लिए। यह सभी जीवित प्राणियों और पर्यावरण के लिए अनिवार्य है।
In simple words: हमें पानी पीने, नहाने, खेती करने, उद्योग चलाने और धरती का तापमान ठीक रखने के लिए चाहिए।
🎯 Exam Tip: जल के उपयोगों को सूचीबद्ध करते समय, मानव और पर्यावरणीय दोनों आवश्यकताओं को शामिल करें।
Question 2. हम कैसे कह सकते हैं कि जल का महत्व बहुआयामी है।
Answer: जल का महत्व बहुआयामी है क्योंकि यह केवल पीने तक ही सीमित नहीं है। जल जीवमंडल की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि जीवमंडल से जल को अलग कर दिया जाए, तो जीवमंडल का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। जल है तो वनस्पति है, जल है तो वन्यजीव हैं, जल है तो मानव सभ्यता है, जल है तो समुद्र, नदियाँ, झरने, तालाब, कुएँ और वायुमंडल हैं। इसलिए, यह निसंकोच कहा जा सकता है कि जल ही जीवन का आधार है। जल का यह व्यापक प्रभाव ही इसके बहुआयामी महत्व को दर्शाता है।
In simple words: जल का महत्व बहुत ज़्यादा है क्योंकि यह सिर्फ पीने के लिए ही नहीं है। अगर पानी न हो तो कोई भी जीव, पेड़-पौधे या इंसान जीवित नहीं रह सकते। समुद्र, नदियाँ, तालाब और हवा में भी पानी होता है, इसलिए पानी ही जीवन का आधार है।
🎯 Exam Tip: जल के बहुआयामी महत्व को समझाते समय, इसके विभिन्न पहलुओं जैसे जीवन, वनस्पति, वन्यजीव, मानव सभ्यता और प्राकृतिक जल निकायों पर पड़ने वाले प्रभावों का उल्लेख करें।
Question. जल के खारेपन का प्रमुख कारण उसमें मिला हुआ है।
Answer: जल के खारेपन का प्रमुख कारण उसमें घुले हुए सोडियम क्लोराइड, कैल्शियम, मैग्नीशियम और अन्य लवण (नमक) हैं। ये खनिज पदार्थ चट्टानों से रिसकर या समुद्री जल के मिश्रण से पानी में मिल जाते हैं, जिससे पानी खारा हो जाता है।
In simple words: पानी के खारे होने का मुख्य कारण उसमें घुला हुआ नमक और दूसरे खनिज जैसे सोडियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम हैं।
🎯 Exam Tip: जल के खारेपन के लिए जिम्मेदार मुख्य खनिज पदार्थों का उल्लेख करें, खासकर सोडियम क्लोराइड।
Question 4. फ्लोराइड युक्त जल कहाँ मिलता है? इससे क्या हानि है?
Answer: फ्लोराइड युक्त जल राजस्थान के शेखावटी और दक्षिणी राजस्थान जैसे क्षेत्रों में मिलता है। इस जल का उपयोग पीने के पानी के रूप में करने से लोगों को हड्डियों संबंधी बीमारियाँ हो सकती हैं, जैसे फ्लोरोसिस, जिससे हड्डियाँ कमज़ोर हो जाती हैं या उनमें विकृति आ सकती है।
In simple words: फ्लोराइड वाला पानी राजस्थान के शेखावटी और दक्षिणी हिस्सों में मिलता है। इसे पीने से लोगों की हड्डियों को नुकसान होता है।
🎯 Exam Tip: फ्लोराइड युक्त जल के भौगोलिक वितरण और इससे होने वाले स्वास्थ्य प्रभावों को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 5. वर्तमान में भूमिगत जल की कमी के क्या कारण हैं?
Answer: वर्तमान समय में भूमिगत जल की कमी के कई प्रमुख कारण हैं:
1. वर्षा का कम होना।
2. अधिक सिंचाई की आवश्यकता, जिससे ज़मीन से ज़्यादा पानी निकाला जाता है।
3. उद्योगों में जल की बढ़ती माँग।
4. जनसंख्या वृद्धि के कारण जल का अधिक दोहन आदि। इन सभी कारणों से भूमिगत जल का स्तर लगातार गिर रहा है।
In simple words: आजकल ज़मीन के नीचे पानी कम हो रहा है क्योंकि बारिश कम होती है, खेती और उद्योगों में ज़्यादा पानी लगता है, और लोग भी ज़्यादा हो गए हैं।
🎯 Exam Tip: भूमिगत जल की कमी के कारणों को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें, जिसमें प्राकृतिक और मानवीय दोनों कारक शामिल हों।
Question 6. वर्षा कराने में वन किस प्रकार सहायक हैं।
Answer: वन वर्षा कराने में बहुत सहायक होते हैं। पेड़ों से वाष्पोत्सर्जन (transpiration) होता है, जिसमें पेड़ अपने पत्तों से पानी को भाप बनाकर हवा में छोड़ते हैं। यह भाप ऊपर जाकर बादल बनाती है और फिर वर्षा होती है। इसीलिए जिन क्षेत्रों में जंगल ज़्यादा होते हैं, वहाँ बारिश भी ज़्यादा होती है। वन पर्यावरण में नमी बनाए रखने में भी मदद करते हैं।
In simple words: पेड़-पौधे पानी को भाप बनाकर हवा में छोड़ते हैं। यह भाप बादल बनती है और बारिश होती है। इसलिए जहाँ ज़्यादा पेड़ होते हैं, वहाँ ज़्यादा बारिश होती है।
🎯 Exam Tip: वनों और वर्षा के बीच के संबंध को वैज्ञानिक प्रक्रिया (वाष्पोत्सर्जन) के साथ समझाएं।
Question 7. वर्तमान समय में जन-संरक्षण के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।
Answer: वर्तमान समय में जल संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख हैं:
1. बाँध एवं नहरों का निर्माण, जिससे पानी को रोका और वितरित किया जा सके।
2. एनिकटों का निर्माण, जो छोटे जल-संग्रहण ढाँचे होते हैं।
3. दूषित जल को साफ करके फिर से उपयोग में लाना, जिसे जल पुनर्चक्रण कहते हैं।
4. जन-जागरूकता फैलाना, ताकि लोग पानी के महत्व को समझें और उसे बचाएं। ये सभी प्रयास पानी की बढ़ती कमी को दूर करने में सहायक हैं।
In simple words: आज पानी बचाने के लिए बाँध और नहरें बनाई जा रही हैं, छोटे एनिकट बन रहे हैं, गंदे पानी को साफ करके दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
🎯 Exam Tip: जल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को सूचीबद्ध करते समय, विभिन्न प्रकार की तकनीकों और जागरूकता अभियानों का उल्लेख करें।
लघूत्तरीय प्रश्न
Question 2. जल संरक्षण से आप क्या समझते हैं? स्पष्ट कीजिए।
Answer: जल संरक्षण का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि पानी का उपयोग न किया जाए और उसे बचाकर रखा जाए। बल्कि, जल संरक्षण का मतलब है पानी का सही तरीके से उपयोग करना, पानी के गलत इस्तेमाल को रोकना, बिना वजह पानी को बर्बाद होने से बचाना और भविष्य के लिए उसे सुरक्षित रखना। आजकल दुनिया के ज़्यादातर देश पानी की कमी और प्रदूषण से जूझ रहे हैं। इसका मुख्य कारण पानी का बढ़ता उपयोग और संरक्षण की कमी है। जल का विवेकपूर्ण प्रबंधन ही भविष्य के लिए पानी सुनिश्चित कर सकता है।
In simple words: जल संरक्षण का मतलब है पानी को सही ढंग से इस्तेमाल करना, उसे बर्बाद होने से रोकना और भविष्य के लिए बचाना। दुनिया में पानी की कमी और प्रदूषण बढ़ रहा है, इसलिए इसे बचाना बहुत ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: जल संरक्षण की परिभाषा को स्पष्ट करें और उसके महत्व को वर्तमान वैश्विक जल संकट के संदर्भ में समझाएँ।
Question 3. परम्परागत जल संरक्षण विधि पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: प्राचीन काल से ही पानी की कमी की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, हमारे पूर्वजों ने पानी बचाने के कई तरीके अपनाए थे। राज्य और जनता के सहयोग से झीलें, तालाब, कुएँ और बावड़ियाँ बनाई जाती थीं। पुराने समय में राजस्थान के राजा-महाराजाओं ने भी जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे समय-समय पर अलग-अलग झीलें बनवाते थे, उनकी मरम्मत करवाते थे, नदियों के रास्ते बदलते थे और झीलों को आपस में जोड़कर पानी इकट्ठा करने की कोशिश करते थे। ये पारंपरिक तरीके स्थानीय जलवायु और जरूरतों के हिसाब से बनाए गए थे।
In simple words: पुराने समय में लोग पानी बचाने के लिए झीलें, तालाब, कुएँ और बावड़ियाँ बनवाते थे। राजा-महाराजा भी इसमें मदद करते थे। वे पानी इकट्ठा करने और उसे सही जगह पहुँचाने के लिए नदियां मोड़ते थे।
🎯 Exam Tip: पारंपरिक जल संरक्षण विधियों का उल्लेख करते समय, उनके प्रकार, निर्माण के उद्देश्य और उनके ऐतिहासिक महत्व को समझाएँ।
Question 4. पश्चिमी राजस्थान में जल संरक्षण की शिक्षा लोगों को कैसे मिली?
Answer: पश्चिमी राजस्थान में लोगों ने पानी की एक-एक बूंद को सहेजने की शिक्षा मधुमक्खियों से सीखी है। वे इस बात को एक लोकगीत के माध्यम से व्यक्त करते हैं, जिसमें कहा गया है: "मौमाख्याँ (मधुमक्खियाँ) फूला स्य रस से एक-एक कण चुग र शहद से ढेर लगा सके हैं, तो के हे माणस बादला ३ बरसते रस नै न सहेज सकी।" इसका अर्थ है कि अगर मधुमक्खियाँ फूलों से रस का एक-एक कण इकट्ठा करके शहद का ढेर लगा सकती हैं, तो हम इंसान बादलों से बरसते पानी को क्यों नहीं सहेज सकते? इस लोकगीत के ज़रिए लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
In simple words: पश्चिमी राजस्थान के लोगों ने मधुमक्खियों से पानी बचाना सीखा। एक लोकगीत बताता है कि जैसे मधुमक्खियाँ थोड़ा-थोड़ा करके शहद इकट्ठा करती हैं, वैसे ही हमें बारिश के पानी को भी बचाना चाहिए।
🎯 Exam Tip: लोक संस्कृति और ज्ञान परंपराओं को दर्शाने वाले उदाहरणों को उत्तर में शामिल करें, खासकर जब यह जल संरक्षण जैसे विषयों से संबंधित हो।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Question 1. जल-चक्र का सचित्र वर्णन कीजिए।
Answer: जल-चक्र एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें पृथ्वी पर जल विभिन्न रूपों में घूमता रहता है। इसमें जल स्रोतों जैसे समुद्र, नदियाँ और झीलों से पानी का वाष्पीकरण होता है। अधिक तापमान के कारण यह पानी हवा में भाप बनकर ऊपर उठता है। फिर यह भाप संघनित होकर बादल बनाती है। जब ये बादल ठंडे होते हैं, तो पानी बारिश, बर्फ या ओले के रूप में ज़मीन पर वापस आता है। यह पानी फिर नदियों, झीलों या भूमिगत जल के रूप में इकट्ठा होता है और वापस समुद्र में मिल जाता है। इस पूरी प्रक्रिया को जल चक्र कहते हैं, जो पृथ्वी पर पानी की उपलब्धता बनाए रखता है।
In simple words: जल-चक्र वह प्रक्रिया है जिसमें पानी धरती पर लगातार घूमता रहता है। पहले सूरज की गर्मी से पानी भाप बनकर ऊपर जाता है, फिर बादल बनता है। बादल ठंडे होकर बारिश करते हैं, और पानी वापस ज़मीन पर या समुद्र में आ जाता है।
🎯 Exam Tip: जल-चक्र के सभी मुख्य चरणों (वाष्पीकरण, संघनन, वर्षा और संग्रह) को स्पष्ट रूप से समझाएँ, भले ही चित्र उपलब्ध न हो।
प्रश्न 2. वर्तमान परिस्थितियाँ भविष्य में भारी जल संकट की ओर संकेत कर रही हैं। स्पष्ट कीजिए।।
Answer: वर्तमान समय में बढ़ती जनसंख्या और तकनीकी विकास के कारण जल प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। आज दुनिया में हर 6 में से एक व्यक्ति को साफ पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। अनुमान है कि 2050 तक दुनिया की आबादी 9 अरब हो जाएगी, और तब लगभग आधे से अधिक लोगों को जल संकट का सामना करना होगा। 2020 तक आधी शहरी आबादी को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना एक बड़ी चुनौती है। जल की मांग बढ़ रही है, लेकिन साफ पानी कम होता जा रहा है। इसलिए, जल का संरक्षण करना और विवेकपूर्ण उपयोग करना बहुत जरूरी है। इसके मुख्य कारण हैं:
1. बढ़ती जनसंख्या
2. भूमिगत जल का बहुत अधिक उपयोग
3. ग्लोबल वार्मिंग (वैश्विक तापन)
4. वनों का विनाश और कम वर्षा
5. व्यापारिक खेती में पानी की अधिक जरूरत
6. बढ़ता औद्योगीकरण और शहरीकरण
7. आधुनिक जीवन जीने का तरीका
In simple words: बढ़ती आबादी और प्रदूषण के कारण भविष्य में पानी की भारी कमी होने वाली है। साफ पानी की मांग बहुत बढ़ गई है, लेकिन उसकी उपलब्धता लगातार घट रही है।
🎯 Exam Tip: जल संकट के कारणों को स्पष्ट करते समय बढ़ती जनसंख्या, प्रदूषण, और जलवायु परिवर्तन जैसे प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान दें।
प्रश्न 3. परम्परागत जल स्रोतों की उपयोगिता एवं उन पर संकट' विषय पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: परम्परागत जल स्रोतों का निर्माण प्रकृति और संस्कृति के हिसाब से किया गया था। इनमें कुएँ, बावड़ियाँ, नाड़ियाँ, तालाब और झीलें शामिल हैं। इनका मुख्य काम पानी को बचाना, भूजल स्तर बढ़ाना, सिंचाई करना और लोगों को पानी देना था। ये स्रोत स्थानीय पर्यावरण के साथ मिलकर काम करते थे और सदियों तक लोगों की जरूरतों को पूरा करते रहे। आज जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे इन पारंपरिक जल स्रोतों पर खतरा बढ़ गया है। कई जगहों पर लोगों ने इन पर कब्जा कर लिया है, जबकि कई जगह इन्हें रखरखाव न मिलने के कारण ये खराब हो गए हैं। ये जल स्रोत आज भी जल संकट को दूर करने का एक महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं। इसलिए, पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणालियाँ हमारी विरासत का हिस्सा हैं और इन्हें बचाना बहुत जरूरी है। इन विधियों का उपयोग आज भी बहुत प्रभावी हो सकता है।
In simple words: पुराने जल स्रोत जैसे कुएँ और तालाब पानी बचाने और लोगों को देने के लिए बनाए गए थे, लेकिन अब बढ़ती आबादी और उपेक्षा के कारण ये खतरे में हैं। फिर भी, ये आज भी पानी की समस्या सुलझाने में मदद कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: पारंपरिक जल स्रोतों की उपयोगिता बताते हुए उनके संरक्षण की आवश्यकता और उन पर मंडरा रहे खतरों को भी स्पष्ट करें।
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