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Detailed Chapter 2 वायुमंडल और जलवायु RBSE Solutions for Class 7 Social Science
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Class 7 Social Science Chapter 2 वायुमंडल और जलवायु RBSE Solutions PDF
2 वायुमंडल और जलवायु
पातुगत प्रश्न एवं उनके उत्तर
आओ करके देखें।
Question 1. वायुमंडल के प्रमुख गैसों के अनुपात के चित्र को देखकर प्रमुख गैसों एवं उनके प्रतिशत की सूची बनाइए। (पृष्ठ 12)
Answer: वायुमंडल में प्रमुख गैसें तथा उनकी प्रतिशत मात्रा इस प्रकार हैं:
| प्रमुख गैसें | मात्रा (प्रतिशत में) | |
|---|---|---|
| (i) | नाइट्रोजन | 78.08 |
| (ii) | ऑक्सीजन | 20.95 |
| (iii) | आर्गन | 0.93 |
| (iv) | कार्बन-डाई-ऑक्साइड | 0.03 |
| (v) | अन्य | 0.01 |
In simple words: वायुमंडल में अलग-अलग गैसें अलग-अलग मात्रा में मौजूद होती हैं. सबसे ज़्यादा नाइट्रोजन और ऑक्सीजन गैसें होती हैं, जो हवा का बड़ा हिस्सा बनाती हैं.
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में गैसों के नाम और उनकी प्रतिशत मात्रा को ठीक से याद रखना बहुत ज़रूरी है. चार्ट या टेबल बनाकर इन्हें याद करना आसान होता है.
Question 2. वायुमंडल में विद्यमान गैसों के मारे जीवन में महत्व पर एक लघु निबन्ध लिखिए।
Answer: वायुमंडल में कई महत्वपूर्ण गैसें मौजूद हैं, जैसे नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, आर्गन और कार्बन-डाई-ऑक्साइड. कुछ और गैसें भी होती हैं, जैसे हीलियम, ओजोन, हाइड्रोजन, नियॉन, जिनॉन, क्रिप्टोन और मीथेन. ऑक्सीजन एक बहुत ज़रूरी गैस है, क्योंकि सभी जीव-जंतु सांस लेने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं. पेड़-पौधे कार्बन-डाई-ऑक्साइड का उपयोग करके अपना भोजन बनाते हैं, जिससे वायुमंडल में गैसों का संतुलन बना रहता है. ओजोन गैस की परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को सोखकर हमारी पृथ्वी पर जीवन को बचाती है. वायुमंडल की सभी गैसें मिलकर जीवन को संभव बनाती हैं.
In simple words: वायुमंडल में ऑक्सीजन सांस लेने के लिए, कार्बन-डाई-ऑक्साइड पौधों के भोजन के लिए, और ओजोन हानिकारक धूप से बचाने के लिए ज़रूरी है. ये गैसें मिलकर धरती पर जीवन चलाती हैं.
🎯 Exam Tip: निबंध लिखते समय हर गैस के एक या दो मुख्य उपयोगों पर ध्यान दें और यह बताएं कि वे जीवन के लिए क्यों आवश्यक हैं. उदाहरणों से बात स्पष्ट होती है.
Question 4. वायुमंडल की परतों के नाम ऊँचाई तथा उनकी प्रमुख विशेषताएँ बताइए। (पृष्ठ 13)
Answer: वायुमंडल को ऊँचाई के आधार पर कई परतों में बांटा गया है. इनकी अपनी-अपनी विशेषताएँ हैं:
| मंडल | ऊँचाई | प्रमुख विशेषताएँ | |
|---|---|---|---|
| 2. | समताप मंडल | 13-50 कि.मी. | यह मौसमी घटनाओं से रहित क्षेत्र है. इसमें ओजोन गैस होती है जो सूर्य की पराबैंगनी किरणों को सोख लेती है. |
| 3. | मध्यमंडल | 50-80 कि.मी. | अंतरिक्ष से आने वाले उल्का पिंड इस परत में जल जाते हैं. |
| 4. | आयनमंडल | 80-400 कि.मी. | यह संचार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. पृथ्वी से प्रसारित होने वाली रेडियो तरंगें यहाँ से वापस लौटती हैं. |
| 5. | बहिर्मंडल | 400 कि.मी. से ऊपर | इसमें हीलियम और हाइड्रोजन गैसें ज़्यादा होती हैं. |
In simple words: वायुमंडल की कई परतें होती हैं. हर परत की अपनी ऊंचाई और खासियत होती है, जैसे ओजोन परत हमें सूरज की हानिकारक किरणों से बचाती है.
🎯 Exam Tip: परतों के नाम, उनकी औसत ऊँचाई और एक-दो मुख्य विशेषताओं को याद रखना महत्वपूर्ण है. डायग्राम बनाकर प्रैक्टिस करने से इसे याद रखना आसान होता है.
Question 5. स्थानीय समाचार-पत्र से एक सप्ताह के तापमान के आँकड़ों को एकत्रित कर उनमें आने वाले बदलाव का अध्ययन कीजिए। पता लगाइए कि तापमान में लगातार बदलाव क्यों होता है? (पृष्ठ 19)
Answer: यदि हम एक सप्ताह के तापमान के आंकड़े किसी स्थानीय समाचार-पत्र से इकट्ठा करते हैं, तो हम देखेंगे कि हर दिन तापमान बदलता रहता है. तापमान में यह लगातार बदलाव पृथ्वी की रोज़ाना की गति (दैनिक गति) और साल भर की गति (वार्षिक गति) के कारण होता है.
In simple words: हर दिन का तापमान बदलता रहता है क्योंकि धरती रोज़ घूमती है और सूरज के चारों ओर भी चक्कर लगाती है.
🎯 Exam Tip: तापमान में दैनिक और वार्षिक बदलाव के मुख्य कारणों को स्पष्ट रूप से बताएं. यह धरती की गति से जुड़ा हुआ है.
Question 6. अपने शिक्षक एवं परिवार के बड़े सदस्यों से पता लगाइए कि आपके क्षेत्र में सर्वाधिक वर्षा किस ऋतु में होती है और वह ऋतु किन महीनों में आती है? (पृष्ठ 19)
Answer: हमारे क्षेत्र में सबसे ज़्यादा वर्षा वर्षा ऋतु में होती है. यह ऋतु आमतौर पर जून महीने से शुरू होकर सितंबर तक मानी जाती है. इस समय बहुत अधिक बारिश होती है, जिससे खेतों में फसलें उगती हैं और पर्यावरण हरा-भरा रहता है.
In simple words: हमारे इलाके में सबसे ज़्यादा बारिश बरसात के मौसम में होती है, जो जून से सितंबर तक चलता है.
🎯 Exam Tip: अपने स्थानीय क्षेत्र के लिए सबसे अधिक वर्षा वाले मौसम और उसके महीनों का उल्लेख करें. यह एक सामान्य ज्ञान का प्रश्न है.
पाठ्य पुस्तक के प्रश्नोत्तर
Question 2. वायुयान किस परत में उड़ते हैं?
(क) समतापमंडल
(ख) क्षोभमंडल
(ग) आयन मंडल
(घ) बहिर्मडल
Answer: (क) समतापमंडल
In simple words: हवाई जहाज़ समतापमंडल में उड़ते हैं क्योंकि इस परत में मौसम साफ़ रहता है और हवा में ज़्यादा डिस्टर्बेंस नहीं होता.
🎯 Exam Tip: याद रखें कि समतापमंडल शांत और स्थिर होता है, जो विमानों के लिए उड़ने के लिए सबसे अच्छी जगह है.
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
(i) वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा नाइट्रोजन गैस है।
(ii) पवन की गति मापने का यन्त्र एनीमोमीटर कहलाता है।
(iii) वायुमंडल में रेडियो तरंगों आयन मंडल से होता है।
(iv) ग्रीष्मकाल में चलने वाली गर्म पवनों को राजस्थान में लू कहा जाता हैं।
Answer:
(i) नाइट्रोजन
(ii) एनीमोमीटर
(iii) आयन
(iv) लू
In simple words: वायुमंडल में नाइट्रोजन सबसे ज़्यादा है, पवन की गति को एनीमोमीटर से मापते हैं, रेडियो तरंगें आयनमंडल से वापस आती हैं, और राजस्थान में गर्म हवा को 'लू' कहते हैं.
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, सटीक शब्दों का उपयोग करें और सुनिश्चित करें कि वे वाक्य के अर्थ को पूरा करते हैं. वैज्ञानिक शब्दों को ठीक से याद रखें.
Question 3. मौसम एवं जलवायु में क्या अन्तर है?
Answer: मौसम किसी खास जगह की थोड़े समय की पर्यावरणीय स्थिति को कहते हैं. यह थोड़े-थोड़े समय में बदलता रहता है. वहीं, जलवायु किसी खास जगह की मौसमी स्थितियों के लंबे समय के औसत को कहते हैं. जलवायु में बदलाव बहुत धीरे-धीरे होता है, जिसे हम सीधे महसूस नहीं कर पाते हैं. जैसे, आज धूप है, यह मौसम है, लेकिन इस क्षेत्र में गर्मियाँ ज़्यादा होती हैं, यह जलवायु है.
In simple words: मौसम दिन-ब-दिन बदलता है, जबकि जलवायु किसी जगह का लंबे समय का औसत मौसम होता है, जिसमें बदलाव बहुत धीमा होता है.
🎯 Exam Tip: मौसम और जलवायु के बीच का मुख्य अंतर 'समय अवधि' है. मौसम 'अल्पकालीन' होता है, जबकि जलवायु 'दीर्घकालीन' औसत होता है.
Question 4. वर्षा कितने प्रकार की होती है? नाम बताइए।
Answer: वर्षा मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है:
1. संवहनीय वर्षा
2. पर्वतीय वर्षा
3. चक्रवातीय वर्षा
ये सभी प्रकार वातावरण की अलग-अलग परिस्थितियों के कारण होते हैं, जैसे हवा का ऊपर उठना, पहाड़ों से टकराना या चक्रवात का बनना.
In simple words: बारिश तीन तरह की होती है: संवहनीय, पर्वतीय और चक्रवातीय.
🎯 Exam Tip: वर्षा के तीनों प्रकारों को उनके नाम के साथ याद रखें. आप चाहें तो प्रत्येक प्रकार के बनने के तरीके को एक वाक्य में संक्षेप में समझा सकते हैं.
Question 5. पवन का अर्थ बताते हुए इसके प्रकार को समझाइए।
Answer: उच्च दाब वाले क्षेत्र से कम दाब वाले क्षेत्र की ओर हवा के चलने को पवन कहते हैं. पवनें मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती हैं:
1. स्थायी पवनें: वे पवनें जिनकी दिशा और क्षेत्र लगभग हमेशा निश्चित रहते हैं, जैसे व्यापारिक पवनें, पछुआ पवनें और ध्रुवीय पवनें. ये साल भर एक ही दिशा में बहती हैं.
2. सामयिक या मौसमी पवनें: ये वे पवनें हैं जो एक निश्चित समय या मौसम के बाद अपनी दिशा बदल देती हैं. उदाहरण के लिए, भारत में मानसूनी पवनें मौसम के हिसाब से अपनी दिशा बदलती रहती हैं. समुद्री तटों पर रात में चलने वाली स्थल समीर और दिन में चलने वाली समुद्री समीर भी इसके उदाहरण हैं.
3. स्थानीय पवनें: ये पवनें किसी छोटे क्षेत्र में या दिन के किसी खास समय में चलती हैं. इन पवनों में लू (राजस्थान), चिनूक (रॉकी पर्वत) और फोहन (यूरोप) जैसी पवनें प्रमुख हैं. ये पवनें अक्सर भौगोलिक स्थितियों से प्रभावित होती हैं.
In simple words: पवन का मतलब है हवा का तेज़ चलना, जो ज़्यादा दबाव वाले क्षेत्र से कम दबाव वाले क्षेत्र की ओर जाती है. यह तीन तरह की होती हैं: हमेशा चलने वाली, मौसम के हिसाब से बदलने वाली, और किसी खास जगह पर चलने वाली.
🎯 Exam Tip: पवन के प्रकारों को उनके मुख्य लक्षणों और उदाहरणों के साथ याद रखें. प्रत्येक प्रकार की पवन कैसे बनती है, इस पर भी ध्यान दें.
Question 6. चक्रवात एवं प्रतिचक्रवात में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: चक्रवात और प्रतिचक्रवात में कुछ मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:
1. चक्रवात के बीच में हवा का दबाव कम होता है और हवाएँ बाहर से केंद्र की ओर चलती हैं. इसके उलट, प्रतिचक्रवात के बीच में हवा का दबाव ज़्यादा होता है और हवाएँ केंद्र से बाहर की ओर चलती हैं.
2. चक्रवात ज़्यादातर समुद्र में बनते हैं और तटीय इलाकों में बारिश लाते हैं. प्रतिचक्रवात में हवाएँ बाहर की ओर फैलती हैं, इसलिए इनके क्षेत्र में मौसम साफ़ और सूखा रहता है.
3. चक्रवात अपने बनने की जगह के आधार पर दो प्रकार के होते हैं: उष्णकटिबंधीय चक्रवात और शीतोष्णकटिबंधीय चक्रवात. शीतोष्णकटिबंधीय चक्रवात धीरे चलते हैं और कम नुकसान करते हैं, जबकि उष्णकटिबंधीय चक्रवात तूफानी होने के कारण ज़्यादा नुकसान करते हैं. प्रतिचक्रवात पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से पश्चिम से पूर्व की ओर चलते हैं और उनमें मौसम साफ़ रहता है तथा बारिश नहीं होती है. चक्रवात और प्रतिचक्रवात दोनों ही मौसम को प्रभावित करते हैं.
In simple words: चक्रवात में बीच में कम दबाव होता है और बारिश आती है, जबकि प्रतिचक्रवात में बीच में ज़्यादा दबाव होता है और मौसम साफ़ रहता है.
🎯 Exam Tip: चक्रवात और प्रतिचक्रवात के बीच के मुख्य अंतरों को एक तुलनात्मक तालिका के रूप में याद रखना सबसे प्रभावी तरीका है, जिसमें हवा के दबाव, दिशा और मौसम के प्रभाव शामिल हों.
Question 7. वायुमंडल के संगठन को समझाइए।
Answer: वायुमंडल कई महत्वपूर्ण घटकों से मिलकर बना है, जिनमें मुख्य रूप से गैसें, जलवाष्प और धूलकण शामिल हैं. ये तीनों मिलकर वायुमंडल की संरचना बनाते हैं:
1. गैसें: वायुमंडल में नाइट्रोजन (लगभग 78%), ऑक्सीजन (लगभग 21%), आर्गन (0.93%), कार्बन-डाइऑक्साइड (0.03%) और कुछ अन्य गैसें जैसे हीलियम, ओजोन, हाइड्रोजन, नियॉन, जिनॉन, क्रिप्टोन और मीथेन पाई जाती हैं. नाइट्रोजन और ऑक्सीजन कुल गैसों का लगभग 90% हिस्सा बनाते हैं. ये गैसें जीवन के लिए बेहद ज़रूरी हैं.
2. जलवाष्प: वायुमंडल में जलवाष्प का बहुत महत्व है, जो केवल क्षोभमंडल में पाई जाती है. वर्षा, कोहरा, पाला और ओस जैसी सभी मौसमी घटनाएँ वायुमंडल में जलवाष्प की मौजूदगी के कारण ही होती हैं. जलवाष्प धरती पर पानी के चक्र को बनाए रखती है.
3. धूलकण: वायुमंडल का तीसरा महत्वपूर्ण तत्व विभिन्न प्रकार के धूलकण हैं. प्रकाश की किरणें इन कणों से टकराकर फैलती हैं, जिससे आकाश का नीला रंग, सूर्योदय और सूर्यास्त के समय की लालिमा और इंद्रधनुष दिखाई पड़ते हैं. ये धूलकण बादलों के बनने और वर्षा के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि ये संघनन के केंद्र के रूप में काम करते हैं.
In simple words: वायुमंडल गैसों, पानी की भाप (जलवाष्प) और धूल के कणों से बना है. ये सब मिलकर धरती के मौसम और जीवन को संभव बनाते हैं.
🎯 Exam Tip: वायुमंडल के मुख्य तीन घटकों (गैसें, जलवाष्प, धूलकण) को उनके महत्व और प्रमुख भूमिकाओं के साथ याद रखें. प्रत्येक घटक के एक-दो मुख्य कार्यों पर ध्यान दें.
Question 8. वायुमंडल की परतों का चित्र बनाकर उनकी मुख्य विशेषताएँ बताइए?
Answer: तापमान के आधार पर वायुमंडल को मुख्य रूप से निम्न परतों में बांटा गया है:
1. क्षोभमंडल: यह वायुमंडल की सबसे निचली परत है. इसकी औसत ऊँचाई 13 कि.मी. तक होती है. ज़्यादातर भारी गैसें और जलवाष्प इसी मंडल में पाए जाते हैं. सभी मौसमी घटनाएँ, जैसे वर्षा, कोहरा, आँधी, तूफान, ओला और पाला, इसी मंडल में होते हैं. यह पृथ्वी के सबसे करीब की परत है.
2. समतापमंडल: यह क्षोभमंडल की सीमा से ऊपर 50 कि.मी. तक फैला है. इस परत में मौसम साफ़ रहता है, इसलिए हवाई जहाज़ इसी परत में उड़ते हैं. समतापमंडल के निचले हिस्से में ओजोन गैस पाई जाती है, जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों को सोखकर हमारी रक्षा करती है. यह जीवन के लिए महत्वपूर्ण है.
3. मध्यमंडल: समतापमंडल की सीमा से ऊपर 80 कि.मी. की ऊँचाई तक इसका विस्तार है. अंतरिक्ष से आने वाले उल्का पिंड इसी परत में प्रवेश करने पर जल जाते हैं और हमें उनसे बचाते हैं.
4. आयनमंडल: यह 80-400 कि.मी. तक फैला है. संचार के लिहाज़ से यह परत बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पृथ्वी से प्रसारित होने वाली रेडियो संचार तरंगें इसी परत से परावर्तित होकर वापस आती हैं.
5. बहिर्मंडल: यह वायुमंडल की सबसे बाहरी परत है, जो 400 कि.मी. से ऊपर है. इस परत में हीलियम और हाइड्रोजन जैसी हल्की गैसें ज़्यादा होती हैं. यह अंतरिक्ष के करीब की परत है जहाँ हवा बहुत पतली होती है.
In simple words: वायुमंडल की कई परतें हैं: क्षोभमंडल (जहाँ मौसम होता है), समतापमंडल (जहाँ जहाज़ उड़ते हैं और ओजोन होती है), मध्यमंडल (जहाँ उल्का जलते हैं), आयनमंडल (जहाँ रेडियो तरंगें लौटती हैं), और बहिर्मंडल (सबसे बाहरी परत).
🎯 Exam Tip: वायुमंडल की प्रत्येक परत का नाम, उसकी अनुमानित ऊँचाई और एक-दो मुख्य विशेषताओं को याद रखें. यह जानकारी चित्र के साथ समझाई गई है, जो इसे याद रखने में मदद करती है.
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. भूमंडलीय तपन (ग्लोबल वार्मिंग) का प्रमुख कारण कौन भी गैस है?
(क) नाइट्रोजन
(ख) आक्सीजन
(ग) कार्बन डाइऑक्साइड
(घ) आर्गन
Answer: (ग) कार्बन डाइऑक्साइड
In simple words: धरती के गर्म होने का मुख्य कारण कार्बन डाइऑक्साइड गैस का बढ़ना है.
🎯 Exam Tip: ग्लोबल वार्मिंग के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार गैस कार्बन डाइऑक्साइड है. यह याद रखें कि यह गैस वातावरण में गर्मी को रोकती है.
Question 2. जलवाष्य की अधिकांश मात्रा पाई जाती है
(क) क्षोभमंडल में
(ख) समताप मंडल में
(ग) मध्यमंडल में
(घ) आयनमंडल में
Answer: (क) क्षोभमंडल में
In simple words: ज़्यादातर पानी की भाप (जलवाष्प) वायुमंडल की सबसे निचली परत, क्षोभमंडल में पाई जाती है.
🎯 Exam Tip: क्षोभमंडल ही वह परत है जहाँ सभी मौसमी घटनाएँ होती हैं, और यह जलवाष्प की उपस्थिति के कारण ही संभव है.
Question 3. 'शांतमंड़ल कहते हैं
(क) क्षोभ सीमा को
(ख) समताप सीमा को
(ग) मध्य सीमा को
(घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (क) क्षोभ सीमा को
In simple words: क्षोभमंडल की ऊपरी सीमा, जहाँ से समतापमंडल शुरू होता है, उसे शांतमंडल कहते हैं क्योंकि वहाँ हवा का बहाव शांत होता है.
🎯 Exam Tip: क्षोभ सीमा एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ क्षोभमंडल का तापमान स्थिर हो जाता है, इसलिए इसे शांतमंडल कहते हैं.
Question 4. पराबैंगनी किरणों का अवशोषण होता है
(क) नाइट्रोजन द्वारा
Answer: (क) नाइट्रोजन द्वारा
In simple words: पराबैंगनी किरणों को ओजोन परत सोखती है, जो समतापमंडल में होती है. नाइट्रोजन सीधे इन्हें सोखने में प्राथमिक भूमिका नहीं निभाती है.
🎯 Exam Tip: ओजोन परत पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करने में मुख्य भूमिका निभाती है. यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षात्मक परत है.
Question 5. तापमान मापने का यन्त्र है
(क) बैरोमीटर
(ख) धर्मामीटर
(ग) एनीमोमीटर
(घ) कम्पास
Answer: (ख) धर्मामीटर
In simple words: तापमान को मापने के लिए धर्मामीटर (थर्मामीटर) का उपयोग किया जाता है.
🎯 Exam Tip: विभिन्न मौसम उपकरणों के नाम और उनके उपयोग याद रखें, जैसे बैरोमीटर (वायुदाब), एनीमोमीटर (पवन गति) और कम्पास (दिशा).
Question 6. हिमपात के रूप में वर्षा होती है
(क) गर्म मरुस्थलों में
(ख) ध्रुवीय क्षेत्रों में
(ग) शीतोष्ण कटिबन्ध में
(घ) विषुवत रेखीय प्रदेशों में
Answer: (ख) ध्रुवीय क्षेत्रों में
In simple words: बर्फ़ के रूप में बारिश (हिमपात) ध्रुवीय क्षेत्रों में होती है, जहाँ तापमान बहुत कम होता है.
🎯 Exam Tip: याद रखें कि हिमपात के लिए बहुत कम तापमान की आवश्यकता होती है, जो ध्रुवीय क्षेत्रों की विशेषता है.
Question 7. उष्ण कटिबन्धीय चक्रवातों को चीन और जापान में कहते
(क) हरिकेन
(ख) विलीविलीज
(ग) टोरनेडो
(घ) टायफून
Answer: (घ) टायफून
In simple words: चीन और जापान जैसे देशों में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को टायफून कहते हैं.
🎯 Exam Tip: विभिन्न क्षेत्रों में उष्णकटिबंधीय तूफानों के स्थानीय नामों को याद रखें, जैसे अटलांटिक में हरिकेन, ऑस्ट्रेलिया में विली-विली और प्रशांत क्षेत्र में टायफून.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
(i) वायुमंडल अनेक गैसों एवं धूलकणों के मिश्रण से बना है।
(ii) धूलकणों के अभाव में संघनवन सम्भव नहीं हैं।
(iii) किसी स्थान विशेष की अल्पकालीन पर्यावरणीय | दशाओं को मौसम कहा जाता है।
(iv) सूर्य से दिन में पृथ्वी लघु तरंगों के रूप में ऊर्जा प्राप्त करती है।
अति लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. भूमंडलीय तपन (ग्लोबल वार्मिंग) का प्रमुख कारण क्या है?
Answer: वायुमंडल में कार्बन-डाइऑक्साइड गैस की मात्रा में लगातार वृद्धि होना ही भूमंडलीय तपन (ग्लोबल वार्मिंग) का मुख्य कारण है. यह गैस पृथ्वी के तापमान को बढ़ाती है, जिससे जलवायु में बदलाव आते हैं.
In simple words: धरती के तापमान के बढ़ने का मुख्य कारण वायुमंडल में कार्बन-डाइऑक्साइड गैस का ज़्यादा होना है.
🎯 Exam Tip: ग्लोबल वार्मिंग के मुख्य कारण के रूप में कार्बन-डाइऑक्साइड के बढ़ते स्तर पर ध्यान केंद्रित करें. यह एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दा है.
Question 2. वर्षा के वितरण को प्रभावित करने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए?
Answer: वर्षा के वितरण को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक ये हैं:
1. पर्वतों की दिशा: पहाड़ हवाओं को रोककर या उन्हें ऊपर उठाकर बारिश लाने में मदद करते हैं.
2. समुद्र से दूरी: समुद्र के करीब के इलाकों में ज़्यादा बारिश होती है क्योंकि वहाँ से नमी वाली हवाएँ आती हैं.
3. धरातल का स्वरूप: ज़मीन का ढलान और बनावट भी बारिश के पैटर्न को प्रभावित करती है.
4. पवनें: हवाएँ नमी को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती हैं, जिससे बारिश होती है.
ये सभी कारक मिलकर तय करते हैं कि किसी जगह पर कितनी और कब बारिश होगी.
In simple words: बारिश कहाँ और कितनी होगी, यह पहाड़ों की दिशा, समुद्र से दूरी, ज़मीन के आकार और हवाओं पर निर्भर करता है.
🎯 Exam Tip: वर्षा वितरण को प्रभावित करने वाले कारकों को बिंदुवार याद रखें. प्रत्येक कारक का एक संक्षिप्त विवरण देना उपयोगी होता है.
Question 3. वायु दिग्सूचक यंत्र तथा एनीमोमीटर क्या हैं?
Answer: वायु दिग्सूचक यंत्र वह उपकरण है जो हवा की दिशा बताता है, जैसे हवा उत्तर से आ रही है या दक्षिण से. वहीं, एनीमोमीटर वह उपकरण है जो हवा की गति को मापता है कि हवा कितनी तेज़ चल रही है. ये दोनों यंत्र मौसम का अध्ययन करने में बहुत उपयोगी होते हैं.
In simple words: वायु दिग्सूचक हवा की दिशा बताता है, और एनीमोमीटर हवा की तेज़ी (गति) मापता है.
🎯 Exam Tip: इन दोनों उपकरणों के नाम और उनके विशिष्ट उपयोगों को याद रखें. इन्हें अक्सर एक साथ जोड़ा जाता है क्योंकि ये दोनों हवा के गुणों को मापते हैं.
Question 4. विषुवत रेखीय भागों में अधिक तापमान एवं आर्द्रता का क्या कारण है?
Answer: विषुवत रेखीय भागों में साल भर ज़्यादा तापमान और नमी रहने के कई कारण हैं. सबसे पहला कारण यह है कि सूर्य की किरणें इन क्षेत्रों पर साल भर सीधी पड़ती हैं, जिससे यहाँ लगातार गर्मी रहती है. दूसरा कारण यह है कि यहाँ प्रतिदिन दोपहर के बाद संवहनीय वर्षा होती है, जिससे वातावरण में नमी (आर्द्रता) बढ़ जाती है. ये दोनों कारक मिलकर विषुवत रेखा पर गर्म और नम जलवायु बनाते हैं.
In simple words: विषुवत रेखा पर सूरज की सीधी किरणें और रोज़ होने वाली दोपहर की बारिश के कारण हमेशा ज़्यादा गर्मी और नमी रहती है.
🎯 Exam Tip: विषुवत रेखीय क्षेत्रों की उच्च तापमान और आर्द्रता के दो मुख्य कारण हैं: सूर्य की सीधी किरणें और संवहनीय वर्षा. इन्हें स्पष्ट रूप से बताएं.
Question 5. विश्व में सर्वाधिक वर्षा वाले भारत के प्रमुख क्षेत्र कौन-कौन से हैं?
Answer: विश्व में सर्वाधिक वर्षा वाले भारत के प्रमुख क्षेत्र मेघालय राज्य की खासी पहाड़ियों में स्थित मासिनराम और चेरापूँजी हैं. इन जगहों पर इतनी ज़्यादा बारिश होती है कि ये दुनिया में सबसे ज़्यादा वर्षा वाले स्थानों में गिने जाते हैं.
In simple words: भारत में सबसे ज़्यादा बारिश मेघालय के मासिनराम और चेरापूँजी में होती है.
🎯 Exam Tip: भारत में सर्वाधिक वर्षा वाले स्थानों के नाम याद रखना एक महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य है. मासिनराम और चेरापूँजी के नाम हमेशा ध्यान में रखें.
Question 6. कभी कभी आकाश में दिखाई देने वाले सफेद पथ चिह्न क्या हैं?
Answer: क्षोभमंडल में, जब हम धरती से ऊपर की ओर जाते हैं, तो हर 165 मीटर की ऊँचाई पर तापमान लगभग 1° सेन्टीग्रेड कम हो जाता है. यह सफेद पथ चिह्न दरअसल संघनित जलवाष्प के बादल होते हैं, जो विमानों के इंजन से निकलने वाली गर्म हवा और ठंडी वायुमंडल की हवा के मिलने से बनते हैं. ये विमानों के रास्ते को दिखाते हुए कुछ समय तक आकाश में बने रहते हैं.
In simple words: आकाश में कभी-कभी दिखने वाले सफेद निशान हवाई जहाज़ों के पीछे बने पानी की भाप के बादल होते हैं.
🎯 Exam Tip: इन सफेद पथ चिह्नों को 'कंडेंसेशन ट्रेल्स' या 'विमान पथ' कहते हैं. यह विमानों से निकलने वाली गर्म गैसों के ठंडी हवा में संघनित होने का परिणाम है.
Question 8. चक्रवात कितने प्रकार के होते हैं?
Answer: चक्रवात को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है:
1. उष्णकटिबंधीय चक्रवात
2. शीतोष्णकटिबंधीय चक्रवात
ये दोनों प्रकार अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों और मौसमी परिस्थितियों में बनते हैं, और इनके प्रभाव भी अलग-अलग होते हैं. उष्णकटिबंधीय चक्रवात ज़्यादा तीव्र होते हैं, जबकि शीतोष्णकटिबंधीय चक्रवात कम तीव्र होते हैं.
In simple words: चक्रवात दो तरह के होते हैं: गरम जगहों पर बनने वाले और ठंडी जगहों पर बनने वाले.
🎯 Exam Tip: चक्रवात के मुख्य दो प्रकारों के नाम याद रखना ज़रूरी है. आप चाहें तो प्रत्येक प्रकार की एक-दो मुख्य विशेषताओं को भी संक्षेप में बता सकते हैं.
Question 9. वर्षा होने के कोई तीन लाभ बताइए?
Answer: वर्षा होने के तीन मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
1. वर्षा ही भूमिगत जल का मुख्य स्रोत है. यह धरती में रिसकर भूजल स्तर को बढ़ाती है, जिसका उपयोग पीने और सिंचाई के लिए होता है.
2. वर्षा से धरती की सतह को साफ़ पानी मिलता है. यह धूल और गंदगी को धोकर पर्यावरण को स्वच्छ करती है.
3. वर्षा पौधों और जीव-जंतुओं के जीवित रहने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. यह फसलों को पानी देती है और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखती है.
In simple words: बारिश से हमें पीने का पानी मिलता है, ज़मीन साफ़ होती है, और पौधों व जानवरों को जीवन मिलता है.
🎯 Exam Tip: वर्षा के लाभों को बताते समय, जल स्रोत, स्वच्छता और जीवन समर्थन जैसे मुख्य बिंदुओं पर ध्यान दें. कम से कम तीन बिंदु अवश्य लिखें.
Question 10. अनियमित वर्षा का क्या दुष्परिणाम है?
Answer: अनियमित और कम वर्षा होने से पानी की कमी, सूखा और अकाल पड़ जाता है, जिससे खेती और पीने के पानी की समस्या खड़ी हो जाती है. वहीं, अगर बहुत ज़्यादा बारिश होती है, तो मैदानी इलाकों में बाढ़ आ जाती है, जिससे जान-माल का नुकसान होता है. दोनों ही स्थितियाँ पर्यावरण और जनजीवन के लिए हानिकारक होती हैं. यह फसलों को नष्ट कर सकता है और आर्थिक नुकसान भी पहुंचा सकता है.
In simple words: कम बारिश से सूखा और पानी की कमी होती है, और ज़्यादा बारिश से बाढ़ आती है, दोनों ही खराब हैं.
🎯 Exam Tip: अनियमित वर्षा के दुष्परिणामों को बताते समय सूखे और बाढ़ दोनों के प्रभावों को शामिल करें. ये दोनों स्थितियाँ पर्यावरण और मानवीय जीवन के लिए गंभीर चुनौतियाँ हैं.
लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. वायुमंड़ल में मूलकणों का क्या महत्व है।
Answer: वायुमंडल में मौजूद धूलकणों का बहुत महत्व है. ये धूलकण सूर्य की किरणों को बिखेरते हैं, जिससे आकाश का रंग नीला दिखाई देता है. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय दिखने वाली लालिमा और इंद्रधनुष भी इन्हीं धूलकणों के कारण बनते हैं. इसके अलावा, धूलकणों के चारों ओर पानी की छोटी-छोटी बूंदें इकट्ठा होकर बादलों का निर्माण करती हैं. इस तरह, संघनन की क्रिया इन्हीं धूलकणों की उपस्थिति के कारण ही संभव हो पाती है. ये जलवायु और मौसम को प्रभावित करते हैं.
In simple words: वायुमंडल में धूलकण सूरज की रोशनी को फैलाते हैं, जिससे आकाश नीला दिखता है, और ये बादल बनाने में भी मदद करते हैं.
🎯 Exam Tip: धूलकणों के महत्व को बताते समय प्रकाश के प्रकीर्णन (नीला आकाश, लालिमा) और संघनन (बादल निर्माण) की उनकी भूमिका पर विशेष ज़ोर दें.
Question 3. प्रति चक्रवात की आकृति एवं ममें वायु दिशा किस प्रकार की होती है?
Answer: प्रतिचक्रवात के बीच में हवा का दबाव ज़्यादा होता है, और बाहर की तरफ़ यह दबाव कम होता जाता है. इसकी आकृति गोलाकार, अंडाकार या लहरदार हो सकती है. प्रतिचक्रवात में हवाएँ केंद्र से बाहर की ओर चलती हैं. उत्तरी गोलार्द्ध में ये हवाएँ घड़ी की सुई की दिशा में (दक्षिणावर्त) चलती हैं, जबकि दक्षिणी गोलार्द्ध में ये घड़ी की सुई के विपरीत दिशा में (वामावर्त) चलती हैं. प्रतिचक्रवात आमतौर पर साफ़ और शुष्क मौसम लाते हैं. हवाएँ हमेशा उच्च दाब से निम्न दाब की ओर चलती हैं.
In simple words: प्रतिचक्रवात के बीच में हवा का दबाव ज़्यादा होता है, और हवाएँ केंद्र से बाहर की ओर चलती हैं; उत्तरी गोलार्द्ध में ये घड़ी की दिशा में घूमती हैं.
🎯 Exam Tip: प्रतिचक्रवात की आकृति, हवा के दबाव की स्थिति और हवा की दिशा (उत्तरी व दक्षिणी गोलार्द्ध के संदर्भ में) को स्पष्ट रूप से समझाएं.
Question 4. विकिरण के क्या नियम हैं?
Answer: विकिरण के कुछ महत्वपूर्ण नियम हैं. हर वस्तु जो गर्म होती है, वह विकिरण करती है. नियम यह है कि कोई वस्तु जितनी ज़्यादा गर्म होती है, उससे निकलने वाली विकिरण तरंगें उतनी ही छोटी होती हैं. वहीं, जो वस्तु कम गर्म होती है, उससे निकलने वाली विकिरण तरंगें लंबी होती हैं. इसी कारण सूर्य से निकलने वाली विकिरण लघुतरंगों (छोटी तरंगों) के रूप में होती है, क्योंकि सूर्य बहुत गर्म है, और पृथ्वी से निकलने वाली विकिरण दीर्घ तरंगों (लंबी तरंगों) के रूप में होती है, क्योंकि पृथ्वी सूर्य की तुलना में कम गर्म है. यह ऊर्जा के स्थानांतरण का एक तरीका है.
In simple words: गर्म चीज़ें कम तरंगों वाली रोशनी छोड़ती हैं, और कम गर्म चीज़ें लंबी तरंगों वाली रोशनी छोड़ती हैं; सूरज से छोटी तरंगें और पृथ्वी से लंबी तरंगें निकलती हैं.
🎯 Exam Tip: विकिरण के मुख्य नियम को याद रखें: वस्तु जितनी ज़्यादा गर्म होती है, उसकी विकिरण तरंगें उतनी ही छोटी होती हैं. सूर्य और पृथ्वी के विकिरण के उदाहरण से इसे स्पष्ट करें.
Question 5. पवनों का नामकरण किस आधार पर करते हैं।
Answer: पवनों का नामकरण उनकी चलने वाली दिशा के आधार पर किया जाता है. जिस दिशा से पवन आती है, उसी नाम से उसे जाना जाता है. उदाहरण के लिए, अगर पवन पूर्व से आती है, तो उसे पूर्वी पवन कहते हैं, और अगर पश्चिम से आती है, तो उसे पश्चिमी पवन कहते हैं. इसी तरह, पहाड़ों से आने वाली पवन को पर्वत समीर और घाटी से आने वाली पवन को घाटी समीर कहते हैं. यह एक आसान तरीका है हवा की पहचान करने का.
In simple words: पवनों का नाम उस दिशा के नाम पर रखा जाता है जहाँ से वे आती हैं, जैसे पूर्व से आने वाली हवा 'पूर्वी पवन' कहलाती है.
🎯 Exam Tip: पवन के नामकरण का सिद्धांत सरल है: 'जिस दिशा से पवन आती है, वही उसका नाम होता है'. इस नियम को उदाहरणों से समझाएं.
Question 6. भारत में 20 सेमी. से अधिक और 50 सेमी, से कम वर्षा वाले क्षेत्रों का नामोल्लेख कीजिए?
Answer: भारत में 20 सेमी. से अधिक वर्षा वाले क्षेत्र पश्चिमी घाट का कोंकण और मालाबार तट, हिमालय की दक्षिणी तलहटी में बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा आदि हैं. इन क्षेत्रों में आमतौर पर अच्छी बारिश होती है. वहीं, भारत में 50 सेमी. से कम वर्षा वाले क्षेत्र पश्चिमी हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान, तमिलनाडु की रायल सीमा और लद्दाख आदि हैं. इन जगहों पर कम बारिश के कारण पानी की कमी अक्सर देखी जाती है.
In simple words: भारत में पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर राज्य 20 सेमी से ज़्यादा बारिश वाले क्षेत्र हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान और लद्दाख 50 सेमी से कम बारिश वाले क्षेत्र हैं.
🎯 Exam Tip: भारत के अलग-अलग वर्षा वितरण वाले क्षेत्रों के नामों को याद रखना महत्वपूर्ण है. ज़्यादा और कम वर्षा वाले क्षेत्रों के मुख्य उदाहरणों पर ध्यान दें.
Question 7. समदों व जंगलों का जलवायु पर क्या प्रभाव पड़ता
Answer: समुद्र और जंगल दोनों का जलवायु पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है. समुद्र अपनी विशाल जलराशि के कारण तापमान को नियंत्रित करता है, जिससे तटीय क्षेत्रों में ज़्यादा गर्मियाँ या ज़्यादा सर्दियाँ नहीं पड़तीं, और वहाँ की जलवायु उष्ण व शुष्क होती है. जंगल, पेड़-पौधों के माध्यम से वाष्पीकरण करते हैं और बारिश लाने में मदद करते हैं. वे हवा को ठंडा रखते हैं, कार्बन डाइऑक्साइड को सोखते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे स्थानीय और वैश्विक जलवायु दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. जंगल मिट्टी को भी कटाव से बचाते हैं.
In simple words: समुद्र तापमान को नियंत्रित करते हैं और तटीय जलवायु को नम रखते हैं, जबकि जंगल बारिश लाते हैं, हवा को ठंडा करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड कम करते हैं.
🎯 Exam Tip: समुद्र और जंगल दोनों जलवायु को कैसे प्रभावित करते हैं, यह समझाने के लिए उनके मुख्य कार्यों (तापमान नियंत्रण, वर्षा, कार्बन अवशोषण) पर ध्यान केंद्रित करें.
दीर्य उत्तरीय प्रश्न
Question. वायुदाब क्या है? वायुदाब पर किन कारकों को प्रभाव पड़ता है ?
Answer: धरातल पर एक निश्चित क्षेत्र पर वायुमंडल की सभी परतों द्वारा डाले गए दबाव को वायुदाब कहते हैं. धरती पर प्रति वर्ग सेंटीमीटर क्षेत्र पर लगभग एक किलोग्राम का भार पड़ता है. वायुदाब को मिलीबार में मापा जाता है, और इसे मापने के लिए बैरोमीटर नामक यंत्र का उपयोग किया जाता है. समुद्र तल पर वायुदाब सबसे ज़्यादा होता है.
जैसे-जैसे ऊँचाई पर जाते हैं, वायुदाब कम होता चला जाता है. भूमंडल पर जिन भागों में तापमान ज़्यादा होता है, वहाँ की हवाएँ गर्म होकर ऊपर उठती हैं, जिससे उन क्षेत्रों में कम वायुदाब बनता है. इसके उलट, ठंडी और भारी हवाएँ नीचे बैठी रहती हैं, जिससे वहाँ ज़्यादा वायुदाब बन जाता है. वायुदाब का सीधा असर हवा की दिशा पर पड़ता है; हवाएँ हमेशा ज़्यादा वायुदाब वाले क्षेत्र से कम वायुदाब वाले क्षेत्र की ओर चलती हैं. इस तरह, तापमान और ऊँचाई वायुदाब को मुख्य रूप से प्रभावित करते हैं.
In simple words: वायुदाब का मतलब है हवा का धरती पर दबाव. यह दबाव ऊँचाई और तापमान पर निर्भर करता है; जहाँ गर्मी ज़्यादा होती है वहाँ दबाव कम होता है, और हवा ज़्यादा दबाव से कम दबाव की ओर चलती है.
🎯 Exam Tip: वायुदाब की परिभाषा, उसे मापने का उपकरण, और उस पर तापमान व ऊँचाई के प्रभावों को स्पष्ट रूप से समझाएं. हवा की गति पर इसके प्रभाव को भी बताएं.
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RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 2 वायुमंडल और जलवायु
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