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पातुगत प्रश्न एवं उनके उत्तर
गतिविधि
Question 1. सल्तनतकाल में निर्मित राजस्थान के किलों, मंदिरों व अन्य स्मारकों के चित्रों का संग्रह कीजिए। (पृष्ठ 138)
Answer: सल्तनत काल में राजस्थान में बने कुछ प्रमुख किले, मंदिर और स्मारक हैं:
1. अढ़ाई दिन का झोंपड़ा, अजमेर
2. कुम्भलगढ़ दुर्ग, राजसमंद
3. विजय स्तम्भ, चित्तौड़गढ़
4. मेहरानगढ़, जोधपुर
5. कुम्भ-श्याम मंदिर, चित्तौड़गढ़
ये सभी ऐतिहासिक स्थल उस समय की वास्तुकला और संस्कृति को दर्शाते हैं।
In simple words: आपको सल्तनत काल में राजस्थान में बनी कुछ खास इमारतें, जैसे किले और मंदिर, ढूंढनी हैं।
🎯 Exam Tip: जब भी किसी ऐतिहासिक काल के स्मारकों के बारे में पूछा जाए, तो उनके नाम के साथ शहर का नाम भी लिखना चाहिए, जिससे आपकी जानकारी सटीक लगे।
Question 2. दिल्ली में राजस्थान के राजवंशों के काल को तिथि वर्ष क्रमानुसार लिखो। (पृष्ठ 138)
Answer: दिल्ली में राजस्थान के राजवंशों का शासनकाल इस क्रम में रहा:
1. गुलाम वंश (1206 से 1290 ई.)
2. खिलजी वंश (1290 से 1320 ई.)
3. तुगलक वंश (1320 से 1414 ई.)
4. सैय्यद वंश (1414 से 1451 ई.)
5. लोदी वंश (1451 से 1526 ई.)
ये दिल्ली सल्तनत के विभिन्न वंश थे जिन्होंने राजस्थान के कुछ हिस्सों पर भी प्रभाव डाला।
In simple words: दिल्ली में राजस्थान के राजवंशों का शासन किस साल से किस साल तक रहा, उसे क्रम से लिखना है।
🎯 Exam Tip: जब भी आप किसी राजवंश के काल को लिखें, तो यह सुनिश्चित करें कि आप शुरुआत और अंत के वर्ष दोनों सही लिखें और उन्हें क्रम में रखें।
पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर
Question 1. स्तम्भ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित कीजिए।
स्तम्भ 'अ'
1. कान्हड़ देव
2. हम्मीर देव
3. महाराणा कुम्भा
4. पृथ्वीराज चौहान
स्तम्भ 'ब'
(a) अजमेर
(b) जालोर
(c) रणथम्भौर
(d) मेवाड़
Answer:
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| 1. कान्हड़ देव | (b) जालोर |
| 2. हम्मीर देव | (c) रणथम्भौर |
| 3. महाराणा कुम्भा | (d) मेवाड़ |
| 4. पृथ्वीराज चौहान | (a) अजमेर |
सही सुमेलन इस प्रकार है:
1. कान्हड़ देव - (b) जालोर
2. हम्मीर देव - (c) रणथम्भौर
3. महाराणा कुम्भा - (d) मेवाड़
4. पृथ्वीराज चौहान - (a) अजमेर
ये शासक अपने-अपने क्षेत्रों के लिए जाने जाते थे।
In simple words: 'अ' सूची में दिए गए राजाओं के नामों को 'ब' सूची में दिए गए उनके जगहों के नामों से मिलाना है।
🎯 Exam Tip: सुमेलन वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ियों को मिलाएं जिनके बारे में आप निश्चित हैं, फिर बाकी विकल्पों को देखकर सही उत्तर तक पहुंचें।
Question 2. तराइन के प्रथम युद्ध में कौन विजयी रहा।
Answer: तराइन के प्रथम युद्ध में पृथ्वीराज चौहान विजयी रहे। उन्होंने अपनी बहादुरी से मोहम्मद गौरी को हराया था, जो उनकी सैन्य शक्ति का प्रमाण था।
In simple words: तराइन की पहली लड़ाई में पृथ्वीराज चौहान जीत गए थे।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक युद्धों के बारे में लिखते समय, विजेता और हारने वाले दोनों का नाम स्पष्ट रूप से उल्लेख करना चाहिए।
Question 4. अलाउद्दीन खिलजी रणथम्भौर पर आक्रमण क्यों करना चाहता था?
Answer: अलाउद्दीन खिलजी रणथम्भौर पर दो मुख्य कारणों से हमला करना चाहता था:
(1) अलाउद्दीन दिल्ली के पास स्थित रणथम्भौर के मजबूत किले को जीतना चाहता था, क्योंकि यह जगह बहुत रणनीतिक थी। इस पर कब्जा करने से उसकी ताकत और बढ़ जाती।
(2) हम्मीर देव चौहान ने अलाउद्दीन खिलजी के कुछ दुश्मनों को अपने पास शरण दे रखी थी, जिससे अलाउद्दीन हम्मीर देव से बहुत गुस्सा था।
In simple words: अलाउद्दीन खिलजी रणथम्भौर पर हमला करना चाहता था क्योंकि यह एक मजबूत किला था और हम्मीर देव ने उसके दुश्मनों को अपने पास रखा था।
🎯 Exam Tip: किसी भी ऐतिहासिक घटना के कारणों को लिखते समय, हमेशा मुख्य और सहायक दोनों कारणों को स्पष्ट रूप से बिंदुवार बताना चाहिए।
Question 5. अलाउद्दीन के चित्तौड़ पर आक्रमण का संक्षिप्त विवरण लिखिए?
Answer: अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर हमला किया क्योंकि मेवाड़ का प्रभाव बढ़ रहा था, वह अपना साम्राज्य बढ़ाना चाहता था और चित्तौड़ का किला भी बहुत महत्वपूर्ण था। उसने चित्तौड़ को आठ महीने तक घेरे रखा, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर उसने धोखे का सहारा लिया और संधि वार्ता के बहाने रावल रतन सिंह को बंदी बना लिया। इस धोखे के कारण युद्ध होना तय था। इस भयंकर युद्ध में रावल रतन सिंह लड़ते हुए मारे गए, और अलाउद्दीन ने चित्तौड़ पर कब्जा कर लिया।
In simple words: अलाउद्दीन ने चित्तौड़ पर हमला किया, किले को घेरा और धोखे से रावल रतन सिंह को हराया, फिर चित्तौड़ पर कब्जा कर लिया।
🎯 Exam Tip: जब किसी युद्ध या अभियान का संक्षिप्त विवरण मांगा जाए, तो मुख्य घटनाएँ, प्रमुख पात्र, कारण और परिणाम को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें।
Question 6. जालोर पर वर्णन कीजिए।
Answer: 1308 ई. में, मुस्लिम सेना ने जालोर के प्रवेश द्वार सिवाणा पर हमला किया, लेकिन वे शुरू में सफल नहीं हुए। बाद में, विश्वासघात के कारण अलाउद्दीन खिलजी की सेना ने सिवाणा के किले पर कब्जा कर लिया। इसके बाद कान्हड़ देव ने सभी राजपूत नेताओं से मदद मांगी। परिणामस्वरूप, खिलजी सेना पर अलग-अलग जगहों पर हमले होने लगे। मेड़ता के पास मलकाना में, राजपूत सैनिकों ने सुल्तान की सेना पर हमला करके सेनापति शम्स खाँ और उसकी पत्नी को बंदी बना लिया। जब यह खबर अलाउद्दीन खिलजी तक पहुंची, तो वह जालोर के लिए एक बड़ी सेना के साथ निकल पड़ा। वहां पहुंचकर सुल्तान ने किले को घेर लिया। कान्हड़ देव ने पूरी ताकत से दुश्मनों का सामना किया। लेकिन जब घेराबंदी लंबी खिंच गई, तो किले के अंदर भोजन और अन्य चीजें कम पड़ने लगीं। इससे राजपूत सेना कमजोर पड़ने लगी और सुल्तान की सेना मजबूत होती गई। इस मुश्किल हालात में, एक दहिया सरदार ने राज्य पाने के लालच में कान्हड़ देव के साथ धोखा किया और खिलजी सेना को एक गुप्त दरवाजे से किले में घुसने में मदद की। जब इस धोखे का पता चला, तो उस देशद्रोही पति को उसकी पत्नी ने तलवार से मार डाला।
In simple words: अलाउद्दीन खिलजी ने जालोर पर हमला किया। पहले उसे मुश्किल हुई, लेकिन धोखे से सिवाणा जीत लिया। कान्हड़ देव ने मुकाबला किया, लेकिन खाने की कमी और विश्वासघात के कारण जालोर पर भी अलाउद्दीन का कब्जा हो गया।
🎯 Exam Tip: बड़े ऐतिहासिक अभियानों का वर्णन करते समय, प्रमुख मोड़, जैसे विश्वासघात या संसाधनों की कमी, पर विशेष ध्यान दें क्योंकि ये परिणाम को प्रभावित करते हैं।
Question 8. महाराणा कुम्भा के शासन की उपलब्धियों का वर्णन कीजिए।
Answer: महाराणा कुम्भा 1433 ई. में मेवाड़ के शासक बने थे। उनके शासनकाल में साहित्य और कला का बहुत विकास हुआ क्योंकि कुम्भा खुद साहित्य और कला के बड़े संरक्षक थे। असल में, महाराणा कुम्भा का काल भारतीय कला के इतिहास में सुनहरा समय माना जाता है। मेवाड़ में कुल 84 किले हैं, जिनमें से 32 किले महाराणा कुम्भा ने बनवाए थे। इन किलों में कालगढ़ का किला बहुत खास है। इस किले को अजय दुर्ग भी कहते हैं। इस किले के चारों ओर एक बहुत बड़ी दीवार है, जिसे चीन की दीवार के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार माना जाता है। कुम्भा के समय में अनेक साहित्यिक रचनाएँ भी लिखी गईं, जिससे कला और ज्ञान का विकास हुआ।
In simple words: महाराणा कुम्भा के समय में साहित्य और कला बहुत विकसित हुई। उन्होंने 84 में से 32 किले बनवाए, जिनमें कालगढ़ दुर्ग सबसे खास था जिसकी दीवार चीन की दीवार के बाद दूसरी सबसे लंबी है।
🎯 Exam Tip: किसी भी शासक की उपलब्धियों का वर्णन करते समय, उनके शासनकाल की मुख्य विशेषताओं (जैसे कला, स्थापत्य, साहित्य) को स्पष्ट बिंदुओं में प्रस्तुत करें।
Question 9. राव शेखा के जीवन से क्या प्रेरणा मिलती है?
Answer: राव शेखा आमेर शासक चन्द्रसेन शेखों के बड़े भाई थे। राव शेखा एक संवेदनशील, स्वाभिमानी और अपने राज्य की संप्रभुता का सम्मान करने वाले व्यक्ति थे। यही कारण था कि आमेर राज्य का सम्मान बनाए रखने के लिए वे उसे सालाना कर देते थे। राव शेखा ने एक शासक के रूप में धार्मिक सहिष्णुता भी दिखाई। उनके प्रयासों के कारण ही 'पानों' ने गाय के मांस का सेवन न करने का संकल्प लिया। राव शेखा महिलाओं के सम्मान के रक्षक भी थे। उन्होंने 1488 ई. में महिलाओं के सम्मान की रक्षा करते हुए अपना बलिदान दे दिया। राव शेखा के जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि जब हमें बहुत अधिक शक्ति मिल जाए तो हमें घमंड नहीं करना चाहिए। हमें हमेशा संवेदनशील रहना चाहिए और इंसानियत की रक्षा करनी चाहिए।
In simple words: राव शेखा के जीवन से हमें सीखना चाहिए कि हमें हमेशा संवेदनशील रहना चाहिए, महिलाओं का सम्मान करना चाहिए और घमंड नहीं करना चाहिए, भले ही हमारे पास कितनी भी ताकत हो।
🎯 Exam Tip: किसी व्यक्तित्व से मिलने वाली प्रेरणा को लिखते समय, उनके गुणों और उन गुणों के व्यावहारिक महत्व पर जोर दें।
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. महमूद गजनवी ने भारत पर आक्रमण किए
(अ) 15 बार
(ब) 16 बार
(स) 17 बार
(द) 18 बार
Answer: (स) 17 बार
In simple words: महमूद गजनवी ने भारत पर कुल 17 बार हमले किए थे।
🎯 Exam Tip: ऐसे तथ्यात्मक प्रश्नों में संख्यात्मक जानकारी को सही ढंग से याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 3. भारत में मुस्लिम साम्राज्य की स्थापना का बीजारोपण किया
(अ) महमूद गजनवी ने
(ब) मुहम्मद गौरी ने
(स) बाबर ने
(द) कुतुबुद्दीन ऐबक ने।
Answer: (ब) मुहम्मद गौरी ने
In simple words: मुहम्मद गौरी ने ही भारत में मुस्लिम शासन की शुरुआत की थी।
🎯 Exam Tip: शासकों और उनकी महत्वपूर्ण उपलब्धियों को याद रखें, जैसे कि किसी साम्राज्य की स्थापना।
Question 4. तराइन के दूसरे युद्ध में पृथ्वीराज चौहान को हराया
(अ) महमूद गजनवी ने
(ब) जलालुद्दीन खिलजी ने
(स) अलाउद्दीन खिलजी ने
(द) मुहम्मद गौरी ने
Answer: (द) मुहम्मद गौरी ने
In simple words: तराइन की दूसरी लड़ाई में मोहम्मद गौरी ने पृथ्वीराज चौहान को हरा दिया था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण युद्धों के विजेताओं और हारने वालों के नाम याद रखें, खासकर जब दो प्रमुख ऐतिहासिक व्यक्तित्व शामिल हों।
Question 5. भारत के इतिहास में निर्णायक युद्ध था
(अ) तराइन का पहला युद्ध
(ब) तराइन का दूसरा युद्ध
(स) मेवाड़ का युद्ध
(द) चित्तौड़ का युद्ध
Answer: (ब) तराइन का दूसरा युद्ध
In simple words: तराइन का दूसरा युद्ध भारत के इतिहास में एक बहुत खास लड़ाई थी जिसने आगे का रास्ता तय किया।
🎯 Exam Tip: कुछ युद्ध इतिहास में 'निर्णायक' माने जाते हैं क्योंकि उनके परिणामों ने भविष्य की घटनाओं को बहुत प्रभावित किया। ऐसे युद्धों को पहचानना महत्वपूर्ण है।
Question 6. भारत में प्रथम मुस्लिम शासन की स्थापना की
(अ) कुतुबुद्दीन ऐबक ने
Answer: (अ) कुतुबुद्दीन ऐबक ने
In simple words: भारत में पहला मुस्लिम शासन कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू किया था।
🎯 Exam Tip: किसी भी महत्वपूर्ण साम्राज्य या वंश के संस्थापक का नाम हमेशा याद रखें।
निम्नलिखित रिक्त वाक्यों में सही शब्द भरिए
Question 1. महाराणा कुम्भा ने महमूद को चित्तौड़ में ............ रखने के बाद मुक्त कर दिया।
Answer: महाराणा कुम्भा ने महमूद को चित्तौड़ में 6 माह रखने के बाद मुक्त कर दिया। यह उनकी उदारता को दर्शाता है, क्योंकि उन्होंने एक महत्वपूर्ण शत्रु को छोड़ दिया।
In simple words: महाराणा कुम्भा ने महमूद को चित्तौड़ में 6 महीने तक रखा और फिर छोड़ दिया।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान वाले प्रश्नों में, केवल सही शब्द या वाक्यांश भरें और सुनिश्चित करें कि वह वाक्य के संदर्भ में फिट बैठता है।
Question 2. महाराव शेखा के प्रयासों से .............. ने .............. का मांस न खाने का संकल्प लिया
Answer: महाराव शेखा के प्रयासों से वन, गाय ने गाय का मांस न खाने का संकल्प लिया। यह उनके धार्मिक सहिष्णुता और लोगों के कल्याण के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
In simple words: महाराव शेखा की कोशिशों के बाद, लोगों ने गाय का मांस न खाने का वादा किया।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सुनिश्चित करें कि आप दोनों रिक्त स्थान सही भरें और अर्थ स्पष्ट रहे।
Question 3. मेवाड़ में स्थित ............ दुर्गों में से ............ दुर्ग महाराणा कुम्भा द्वारा बनवाए गए
Answer: मेवाड़ में स्थित 84 दुर्गों में से 32 दुर्ग महाराणा कुम्भा द्वारा बनवाए गए। यह उनकी वास्तुकला में रुचि और साम्राज्य को मजबूत करने की क्षमता को दर्शाता है।
In simple words: मेवाड़ के कुल 84 किलों में से 32 किले महाराणा कुम्भा ने बनवाए।
🎯 Exam Tip: संख्यात्मक तथ्यों को सटीक रूप से याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे किसी शासक की उपलब्धियों से संबंधित हों।
Question 4. ............ में रावल रतनसिंह मेवाड़ की राजधानी चित्तौड़ में राज सिंहासन पर बैठा।
Answer: 1302 ई. में रावल रतनसिंह मेवाड़ की राजधानी चित्तौड़ में राज सिंहासन पर बैठा। यह एक महत्वपूर्ण तिथि है जो उनके शासन की शुरुआत को चिह्नित करती है।
In simple words: 1302 ईस्वी में रावल रतनसिंह चित्तौड़ के राजा बने।
🎯 Exam Tip: किसी शासक के राज्याभिषेक की तिथि को याद रखना उसके शासनकाल को समझने में मदद करता है।
अति लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. किस शासक की दिग्विजय के पश्चात् रणथम्भौर के चौहानों की राजनीतिक प्रतिष्ठा बढ़ गई?
Answer: हम्मीर देव चौहान की दिग्विजय के पश्चात् रणथम्भौर के चौहानों की राजनीतिक प्रतिष्ठा बढ़ गई। उनकी विजयों ने उनके साम्राज्य को मजबूत किया और उन्हें एक शक्तिशाली शासक के रूप में स्थापित किया।
In simple words: हम्मीर देव चौहान की जीत के बाद रणथम्भौर के चौहानों का मान-सम्मान बढ़ गया।
🎯 Exam Tip: जब किसी शासक का नाम पूछा जाए, तो पूरा नाम लिखें और उस घटना का भी उल्लेख करें जिसके कारण उसकी प्रतिष्ठा बढ़ी।
Question 2. अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली का सुल्तान कब व कैसे बना?
Answer: अलाउद्दीन खिलजी 1296 ई. में दिल्ली का सुल्तान बना। वह अपने चाचा जलालुद्दीन खिलजी की हत्या करके इस पद पर बैठा, जो सत्ता हासिल करने का एक क्रूर तरीका था।
In simple words: अलाउद्दीन खिलजी 1296 ईस्वी में अपने चाचा जलालुद्दीन खिलजी को मारकर दिल्ली का सुल्तान बना।
🎯 Exam Tip: किसी शासक के सत्ता में आने की तिथि और तरीके को संक्षेप में स्पष्ट करें।
Question 3. हम्मीर देव चौहान ने कितने युद्ध लड़े, उनमें उसे कितने युद्धों में विजय प्राप्त हुई?
Answer: हम्मीर देव चौहान ने कुल 17 युद्ध लड़े थे। इनमें से उन्हें 16 युद्धों में विजय प्राप्त हुई थी, जिससे वह एक बहुत ही पराक्रमी और सफल शासक साबित हुए।
In simple words: हम्मीर देव चौहान ने 17 युद्ध लड़े और उनमें से 16 युद्धों में जीत हासिल की।
🎯 Exam Tip: संख्यात्मक तथ्यों को याद रखना और उन्हें सटीक रूप से प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण है।
Question 4. महमूद खिलजी की भागती सेना का महाराणा कुम्भा ने कहाँ तक पीछा किया?
Answer: महाराणा कुम्भा ने महमूद खिलजी की भागती सेना का पीछा माण्डू तक किया। यह उनकी वीरता और शत्रु को पूरी तरह हराने की इच्छा को दर्शाता है।
In simple words: महाराणा कुम्भा ने महमूद खिलजी की भागती हुई सेना का पीछा माण्डू तक किया था।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, स्थान का नाम स्पष्ट रूप से उल्लेख करें जहां तक पीछा किया गया था।
Question 6. मेवाड़ के किस दुर्ग को 'अजय दुर्ग' के नाम से जाना जाता है।
Answer: कुम्भलगढ़ दुर्ग को 'अजय दुर्ग' के नाम से जाना जाता है। यह किला इतना मजबूत था कि इसे जीतना बहुत मुश्किल था, इसलिए इसे यह नाम मिला।
In simple words: कुम्भलगढ़ किले को 'अजय दुर्ग' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक नामों और उनके उपनामों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. महमूद गजनवी ने भारत पर कितनी बार आक्रमण किया? उसके आक्रमण का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा?
Answer: महमूद गजनवी ने भारत पर 17 बार आक्रमण किए थे। इन हमलों में महमूद ने मंदिरों को तोड़ा और भारत से बहुत सारी धन-संपत्ति लूट ली। 1025 ई. में उसने गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और उसे तोड़कर खूब धन लूटा। महमूद गजनवी के हमलों से भारत की संस्कृति के कई प्रतीक मंदिर और स्मारक नष्ट हो गए। इससे भारतीय समाज में गहरा प्रभाव पड़ा और धार्मिक स्थलों को काफी नुकसान हुआ।
In simple words: महमूद गजनवी ने भारत पर 17 बार हमला किया। उसने मंदिरों को तोड़ा और बहुत सारा धन लूट लिया, जिससे भारत की संस्कृति को बहुत नुकसान हुआ।
🎯 Exam Tip: जब किसी आक्रमणकारी के हमलों की संख्या और उनके प्रभावों के बारे में पूछा जाए, तो संख्यात्मक जानकारी के साथ-साथ मुख्य परिणामों को भी विस्तार से बताएं।
Question 2. तुर्कों को भारत में शासन सत्ता प्राप्त करने का अवसर कैसे मिला?
Answer: महमूद गजनवी के बाद, गौर प्रदेश के शासक मुहम्मद गौरी ने भारत पर हमला किया और भारत में मुस्लिम साम्राज्य की शुरुआत की। गौरी ने भारत में कई युद्ध लड़े, लेकिन अजमेर के शासक पृथ्वीराज चौहान के साथ लड़े गए तराइन के युद्ध बहुत महत्वपूर्ण रहे। तराइन के पहले युद्ध में गौरी बुरी तरह हार गया और भाग गया। लेकिन तराइन के दूसरे युद्ध में पृथ्वीराज चौहान हार गए। यह युद्ध भारत के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ था। इस जीत के बाद विदेशी आक्रमणकारी तुर्कों को भारत में शासन करने का मौका मिल गया, जिससे दिल्ली सल्तनत की नींव पड़ी।
In simple words: मुहम्मद गौरी के तराइन के दूसरे युद्ध में पृथ्वीराज चौहान को हराने के बाद तुर्कों को भारत में शासन करने का मौका मिला।
🎯 Exam Tip: एक महत्वपूर्ण घटना, जैसे कि तराइन का दूसरा युद्ध, अक्सर किसी बड़े बदलाव का कारण बनती है। ऐसे परिवर्तनों को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।
Question 3. भारत में प्रथम मुस्लिम शासन की स्थापना कैसे हुई? दिल्ली सल्तनत की स्थापना एवं इसके प्रमुख वंशों का नाम लिखिए?
Answer: मुहम्मद गौरी की कोई संतान नहीं थी। उनकी अचानक मौत के बाद उनके सेनापतियों और सूबेदारों में सत्ता के लिए झगड़ा शुरू हो गया। इस लड़ाई में गौरी का गुलाम और सूबेदार कुतुबुद्दीन ऐबक जीत गया। इसी के साथ भारत में पहला मुस्लिम शासन स्थापित हुआ। दिल्ली सल्तनत की स्थापना 1206 ई. में हुई और यह 1526 ई. में पानीपत के पहले युद्ध में इब्राहिम लोदी की हार तक चलता रहा। इस दौरान दिल्ली पर कई राजवंशों ने शासन किया, जिनमें दास वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश और लोदी वंश प्रमुख थे। दिल्ली सल्तनत भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण दौर था।
In simple words: मुहम्मद गौरी की मौत के बाद, उसके गुलाम कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 ईस्वी में दिल्ली सल्तनत की स्थापना करके भारत में पहला मुस्लिम शासन शुरू किया। इसके मुख्य वंश थे: दास, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी।
🎯 Exam Tip: जब किसी साम्राज्य की स्थापना और उसके वंशों के बारे में पूछा जाए, तो स्थापना का वर्ष, संस्थापक का नाम और शासन करने वाले प्रमुख वंशों को क्रम से सूचीबद्ध करें।
Question 4. हम्मीर देव चौहान के व्यक्तित्व की विशेषताएँ बताइए।
Answer: हम्मीर देव चौहान एक वीर, स्वाभिमानी और वचनबद्ध शासक थे। उनकी वीरता ने उन्हें 17 में से 16 युद्धों में विजय दिलाई। वे अपनी प्रतिज्ञाओं के लिए जाने जाते थे और किसी भी कीमत पर उनका पालन करते थे। हम्मीर देव ने अपने दुश्मनों को शरण देने के लिए भी साहस दिखाया, भले ही इससे उन्हें अलाउद्दीन खिलजी जैसे शक्तिशाली शासक से लड़ना पड़ा। यह उनकी निडरता और धर्मपरायणता को दर्शाता है, जिससे उनका व्यक्तित्व और भी महान बन जाता है।
In simple words: हम्मीर देव चौहान एक बहादुर, आत्मविश्वासी और अपने वचन पर अटल रहने वाले राजा थे।
🎯 Exam Tip: किसी ऐतिहासिक व्यक्तित्व की विशेषताओं का वर्णन करते समय, उनके मुख्य गुणों को उदाहरणों के साथ प्रस्तुत करें।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Question 1. रानी पदमिनी के नेतृत्व में चित्तौड़ के किले के अन्दर विशाल संख्या में स्त्रियों ने जौहर क्यों किया? विस्तारपूर्वक समझाइए।
Answer: 1303 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया था। आठ महीने की घेराबंदी के बाद भी अलाउद्दीन को कोई सफलता नहीं मिली, तो उसने धोखे का सहारा लिया। उसने संधि वार्ता के लिए पहल की और इस दौरान रावल रतन सिंह को बातचीत के बहाने अपने ठहरने की जगह तक ले गया और उन्हें कैद कर लिया। बाद में, अपने सेनापति गौरा और बादल के प्रयासों से रतन सिंह अलाउद्दीन की कैद से मुक्त होकर किले में वापस आ गए। अब युद्ध निश्चित था। दोनों पक्षों के बीच भयंकर युद्ध हुआ। किले के अंदर भोजन सामग्री भी खत्म हो गई थी और राजपूत सेना के लिए किले के अंदर से निकलकर शत्रु सेना पर हमला करना जरूरी हो गया। राजपूत सरदारों ने केसरिया कपड़े पहने और किले के दरवाजे खोल दिए। रावल रतन सिंह और उनके सेनापति गौरा व बादल बहादुरी से लड़ते हुए शहीद हो गए। ऐसी स्थिति में, आत्मसम्मान की रक्षा के लिए 1303 ई. में रानी पदमिनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्त्रियों ने किले के अंदर जौहर किया। यह चित्तौड़ का पहला जौहर था, जिसमें महिलाओं ने अपनी पवित्रता और सम्मान को बचाने के लिए खुद को आग में समर्पित कर दिया। इसके बाद चित्तौड़ पर अलाउद्दीन का कब्जा हो गया।
In simple words: अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़ पर हमला करने और राजा रतन सिंह के शहीद होने के बाद, रानी पदमिनी के नेतृत्व में बहुत सारी स्त्रियों ने अपना सम्मान बचाने के लिए आग में कूदकर जौहर किया।
🎯 Exam Tip: जौहर जैसी गंभीर ऐतिहासिक घटनाओं का वर्णन करते समय, इसके कारणों, प्रमुख पात्रों और परिणामों को विस्तार से बताएं, साथ ही घटना की तिथि का भी उल्लेख करें।
Question 2. भारत में मुस्लिम साम्राज्य की स्थापना कैसे हुई? विस्तार से लिखिए।
Answer: तुर्की आक्रमणकारियों, खासकर महमूद गजनवी के बाद, गौर प्रदेश के शासक मुहम्मद गौरी ने भारत पर निर्णायक आक्रमण किए और भारत में मुस्लिम साम्राज्य की स्थापना की शुरुआत की। हालांकि गौरी ने भारत में कई युद्ध लड़े, लेकिन अजमेर के शासक पृथ्वीराज चौहान के साथ लड़े गए तराइन के युद्ध बहुत महत्वपूर्ण थे। तराइन के पहले युद्ध में गौरी बुरी तरह हार गया। लेकिन तराइन के दूसरे युद्ध में, गौरी ने पृथ्वीराज चौहान को हरा दिया, जिसने भारत में मुस्लिम शासन की नींव रखी। मुहम्मद गौरी की कोई संतान नहीं थी, और उसकी अचानक मृत्यु के बाद, उसके सेनापतियों और सूबेदारों में सत्ता हासिल करने के लिए संघर्ष शुरू हो गया। इस संघर्ष में गौरी का गुलाम और सूबेदार कुतुबुद्दीन ऐबक विजयी हुआ। इसी के साथ भारत में पहला मुस्लिम शासन स्थापित हुआ। दिल्ली सल्तनत की स्थापना 1206 ई. में हुई और यह 1526 ई. में पानीपत के पहले युद्ध में इब्राहिम लोदी की हार तक चलता रहा। इस दौरान दिल्ली पर कई राजवंशों ने शासन किया, जिनमें दास वंश, खिलजी वंश, तुगलक वंश, सैयद वंश और लोदी वंश प्रमुख रहे। इस तरह, धीरे-धीरे भारत में मुस्लिम साम्राज्य स्थापित हुआ और फैला।
In simple words: मुहम्मद गौरी ने पृथ्वीराज चौहान को तराइन के दूसरे युद्ध में हराया, जिससे भारत में मुस्लिम शासन की नींव पड़ी। बाद में, गौरी के गुलाम कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 ईस्वी में दिल्ली सल्तनत की स्थापना की, जिसमें दास, खिलजी, तुगलक, सैयद और लोदी वंशों ने शासन किया।
🎯 Exam Tip: किसी साम्राज्य की स्थापना की प्रक्रिया को समझाते समय, मुख्य घटनाओं, प्रमुख व्यक्तित्वों और क्रमिक विकास को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।
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